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    Kandivali Anti-Hawker Drive: BMC अधिकारियों पर हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai के Kandivali इलाके में Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। Lokhandwala Circle के पास हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। Samta Nagar Police मामले की जांच कर रही है।

    मुंबई: शहर में Illegal Hawkers के खिलाफ चलाए जा रहे Anti-Encroachment Drive के दौरान बड़ा बवाल हो गया। Kandivali इलाके में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया।

    इस मामले में Mumbai Police ने कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से Viral Video के रूप में फैल रहा है।

    Lokhandwala Circle के पास चल रहा था Anti-Hawker Drive

    जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात Kandivali के Lokhandwala Circle इलाके में BMC की टीम अवैध फेरीवालों के खिलाफ Anti-Hawker Drive चला रही थी।

    इस दौरान अधिकारियों की टीम Illegal Street Vendors को हटाने और Encroachment हटाने की कार्रवाई कर रही थी।

    भीड़ ने अधिकारियों का पीछा कर किया हमला

    पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों का एक समूह अचानक भड़क गया और उन्होंने BMC अधिकारियों का पीछा करते हुए उन पर हमला कर दिया

    इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अधिकारियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से हटना पड़ा।

    Earthmover के ड्राइवर के साथ भी मारपीट

    पुलिस ने बताया कि Anti-Encroachment Operation में इस्तेमाल किए जा रहे Earthmover Machine के ड्राइवर को भी भीड़ ने नहीं छोड़ा

    आरोप है कि भीड़ ने ड्राइवर के साथ भी मारपीट की, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई।

    Samta Nagar Police Station में केस दर्ज

    घटना के बाद मामले की शिकायत Samta Nagar Police Station में दर्ज की गई।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    5 आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

    • Kuldeep Singh (27)
    • Mahendra Singh Chudavat (31)
    • Shaurya Shailesh Charla (29)
    • Jas Hitesh Charla (25)
    • Aslam Imtiaz Shaikh (27)

    पुलिस के अनुसार मामले की Further Investigation अभी जारी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो सामने आने के बाद शहर में Illegal Hawkers, Encroachment Drive और Civic Safety को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. घटना कहां हुई?

    यह घटना Mumbai के Kandivali इलाके के Lokhandwala Circle के पास हुई।

    2. हमला किस पर हुआ?

    Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों और Earthmover के ड्राइवर पर हमला किया गया।

    3. कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?

    इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    4. केस कहां दर्ज हुआ?

    मामला Samta Nagar Police Station में दर्ज किया गया है।

    5. पुलिस किन धाराओं में जांच कर रही है?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

  • Iran-Israel War: ओमान की खाड़ी में Drone Attack, Kandivali के 25 वर्षीय युवक की मौत

    Iran-Israel War: ओमान की खाड़ी में Drone Attack, Kandivali के 25 वर्षीय युवक की मौत

    Iran-Israel conflict के बीच Gulf of Oman में ऑयल टैंकर ‘MKD Vyom’ पर Drone Attack में Mumbai के Kandivali निवासी Dixit Solanki (25) की मौत। Engine room में धमाका और आग से गई जान। उधर UAE में फंसे 164 Maharashtra tourists सुरक्षित लौटे।

    मुंबई: West Asia में चल रहे Iran-Israel-US conflict की आंच अब मुंबई तक पहुंच गई है। ओमान के मस्कट तट के पास Gulf of Oman में एक मालवाहक ऑयल टैंकर पर हुए भीषण Drone Attack में मुंबई के कांदिवली निवासी 25 वर्षीय दीक्षित सोलंकी की मौत हो गई। वह ‘MKD Vyom’ नामक जहाज पर crew member के तौर पर ड्यूटी पर तैनात थे, जब यह हमला हुआ।

    🚢 52 Nautical Mile दूर हमला, Engine Room में धमाका

    सूत्रों के मुताबिक, यह हमला ओमान के मस्कट तट से करीब 52 nautical miles दूर हुआ। जहाज पर विस्फोटकों से लदी एक unmanned drone boat ने टक्कर मारी। धमाका इतना तेज था कि जहाज के engine room में भीषण आग लग गई।

    दीक्षित सोलंकी उस समय इंजन सेक्शन में ड्यूटी कर रहे थे और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। जहाज Marshall Islands flag के तहत संचालित ऑयल टैंकर था।

    यह हमला मौजूदा Iran-Israel War escalation से जुड़ा माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक जांच अभी जारी है।

    🧑‍✈️ कौन थे दीक्षित सोलंकी?

    दीक्षित सोलंकी (25) मूल रूप से Diu (गुजरात) के रहने वाले थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से मुंबई के Kandivali इलाके में रह रहे थे।

    उनके पिता अमृतलाल सोलंकी दीव में मछली पकड़ने का व्यवसाय करते हैं। दीक्षित परिवार का सबसे छोटा बेटा था और मर्चेंट नेवी में काम कर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहा था।

    💔 एक महीने पहले मां का निधन, अब बेटे की मौत

    परिवार के लिए यह खबर किसी पहाड़ से कम नहीं है। एक महीने पहले ही दीक्षित की मां का निधन हुआ था। मां के अंतिम संस्कार के बाद वह दोबारा जहाज पर ड्यूटी जॉइन करने गया था।

    परिजनों का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि West Asia में बढ़ते tension का असर सीधे उनके घर तक पहुंचेगा।

    🌊 Gulf of Oman क्यों बना Conflict Zone?

    Gulf of Oman पिछले कुछ वर्षों से geopolitical tension का केंद्र बना हुआ है। Iran-Israel hostility और US naval presence के चलते यहां कई बार merchant vessels को निशाना बनाए जाने की खबरें आती रही हैं।

    Shipping industry के लिए यह route बेहद अहम है क्योंकि यहीं से global oil supply गुजरती है।

    ✈️ UAE में फंसे 164 महाराष्ट्र के पर्यटक सुरक्षित लौटे

    इस बीच West Asia conflict के कारण UAE में फंसे भारतीय पर्यटकों को लेकर राहत की खबर आई है।

    Shiv Sena (एकनाथ शिंदे गुट) की पहल पर महाराष्ट्र के 164 पर्यटक सुरक्षित स्वदेश लौट आए हैं।

    शिवसेना पदाधिकारी के मुताबिक, Eknath Shinde के निर्देश पर UAE के Fujairah Airport से दो विशेष उड़ानों की व्यवस्था की गई।

    🛬 दो Flights से Mumbai Arrival

    दोनों फ्लाइट्स मंगलवार रात मुंबई उतरीं।

    • पहली फ्लाइट – 76 यात्री
    • दूसरी फ्लाइट – 88 यात्री

    इनमें पुणे स्थित Indira School of Business Studies के 84 MBA छात्र और स्टाफ भी शामिल थे।

    यह राहत अभियान Maharashtra government के लिए एक बड़ी diplomatic और humanitarian सफलता माना जा रहा है।

    ⚠️ India पर क्या असर?

    Experts का कहना है कि अगर Iran-Israel conflict और बढ़ता है तो Indian merchant navy sailors और Middle East में काम कर रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा बड़ी चिंता बन सकती है।

    सरकार की ओर से advisory जारी की जा सकती है, खासकर high-risk maritime routes के लिए।


    ❓ FAQ Section

    Q1. हमला कहां हुआ?

    Gulf of Oman में, Muscat coast से करीब 52 nautical miles दूर।

    Q2. किस जहाज पर हमला हुआ?

    ‘MKD Vyom’ नामक oil tanker पर।

    Q3. मृतक कौन थे?

    Kandivali निवासी 25 वर्षीय Dixit Solanki, जो मूल रूप से Diu के थे।

    Q4. UAE में कितने पर्यटक लौटे?

    कुल 164 Maharashtra tourists दो फ्लाइट्स से मुंबई लौटे।

    Q5. क्या हमला Iran-Israel conflict से जुड़ा है?

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इसे उसी conflict escalation से जोड़ा जा रहा है, जांच जारी है।

  • मुंबई में कॉलेज के नाम को लेकर बवाल! गुजराती बोर्ड को लेकर ठाकरे गुट की चेतावनी

    मुंबई में कॉलेज के नाम को लेकर बवाल! गुजराती बोर्ड को लेकर ठाकरे गुट की चेतावनी

    कांदिवली के बालभारती कॉलेज के गुजराती साइनबोर्ड पर बवाल। मराठी अनिवार्य नियम की अनदेखी का आरोप, युवा सेना ने प्रशासन को दी सीधी चेतावनी। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में एक कॉलेज के नाम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांदिवली (पश्चिम) स्थित बालभारती कॉलेज ऑफ कॉमर्स का नामफलक पूरी तरह गुजराती भाषा में होने का मामला सामने आते ही राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में हलचल मच गई है। मराठी भाषा अनिवार्य होने के बावजूद कॉलेज ने अब तक मराठी में साइनबोर्ड नहीं लगाया, जिस पर ठाकरे गुट की युवा सेना ने आक्रामक रुख अपनाया है।

    क्या है पूरा साइनबोर्ड विवाद?

    राज्य सरकार के नियम के अनुसार महाराष्ट्र में सभी शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों को सबसे पहले मराठी भाषा में नामफलक लगाना अनिवार्य है।

    इसके बावजूद कांदिवली (पश्चिम) के इस कॉलेज का बोर्ड पूरी तरह गुजराती में लिखा हुआ है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह मराठी भाषा कानून (Marathi Language Law Maharashtra) का सीधा उल्लंघन है।

    मुंबई विश्वविद्यालय के आदेश का हवाला

    ठाकरे गुट की युवा सेना का कहना है कि मुंबई विद्यापीठ के परिपत्र क्र. संलग्नता/आय सी सी/(2021-22)/2022 के अनुसार महाविद्यालयों के नाम मराठी में होना अनिवार्य है।

    सवाल यह उठ रहा है कि जब विश्वविद्यालय का स्पष्ट आदेश है, तो फिर कॉलेज प्रशासन ने अब तक मराठी नामफलक क्यों नहीं लगाया?

    युवा सेना की आक्रामक एंट्री

    मामले ने तूल पकड़ा तो युवा सेना के पदाधिकारी सीधे कॉलेज पहुंच गए।

    युवा सेना के सिनेेट सदस्य प्रदीप सावंत, शशिकांत झोरे, पूर्व सिनेेट सदस्य राजन कोळंबेकर और कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक शिर्के ने कॉलेज के प्राचार्य से मुलाकात की और तुरंत मराठी में साइनबोर्ड लगाने की मांग की।

    उनका कहना था कि “राज्य में मराठी भाषा को प्राथमिकता देना कानूनन अनिवार्य है। संस्थान का यह रवैया अस्वीकार्य है।”

    Mumbai-college-name-row-Thackeray-faction-issues-warning-regarding-Gujarati-board-news

    विश्वविद्यालय प्रशासन से भी मुलाकात

    युवा सेना के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. अजय भामरे (प्र-कुलगुरु) और डॉ. प्रसाद कारंडे (कुलसचिव) से भी मुलाकात की।

    उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि संबंधित कॉलेज को तत्काल मराठी नामफलक लगाने का निर्देश दिया जाए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।

    स्थानीय नागरिकों में नाराज़गी

    कांदिवली इलाके के कई स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब राज्य सरकार ने स्पष्ट कानून बनाया है, तो उसका पालन हर संस्था को करना चाहिए।

    सिर्फ गुजराती भाषा में बोर्ड रखना कानून का खुला उल्लंघन बताया जा रहा है।

    कॉलेज प्रशासन का क्या कहना है?

    सूत्रों के मुताबिक कॉलेज प्रशासन ने जल्द ही मराठी में नामफलक लगाने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। हालांकि, अभी तक जमीनी स्तर पर कोई बदलाव दिखाई नहीं दिया है।

    युवा सेना ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत मराठी साइनबोर्ड नहीं लगाया गया, तो तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

    मराठी भाषा कानून क्या कहता है?

    महाराष्ट्र शासन के नियमों के अनुसार:

    • सभी स्कूल, कॉलेज और संस्थानों को सबसे पहले मराठी भाषा में नामफलक लगाना अनिवार्य है।
    • मराठी को प्राथमिकता देना कानूनी रूप से बाध्यकारी है।
    • उल्लंघन की स्थिति में प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।

    इसी आधार पर इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. विवाद किस कॉलेज को लेकर है?
    कांदिवली (पश्चिम) स्थित बालभारती कॉलेज ऑफ कॉमर्स।

    Q2. विवाद की वजह क्या है?
    कॉलेज का नामफलक पूरी तरह गुजराती भाषा में है, जबकि मराठी अनिवार्य है।

    Q3. किस संगठन ने विरोध किया?
    ठाकरे गुट की युवा सेना ने विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की।

    Q4. विश्वविद्यालय का क्या आदेश है?
    मुंबई विश्वविद्यालय के परिपत्र के अनुसार कॉलेज का नाम मराठी में होना चाहिए।

    Q5. आगे क्या हो सकता है?
    अगर मराठी नामफलक नहीं लगाया गया तो आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

  • Kandivali में भूकंप के झटकों के बाद Coastal Road Piling रोकी गई

    Kandivali में भूकंप के झटकों के बाद Coastal Road Piling रोकी गई

    कांदीवली पश्चिम के चारकोप में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road की पाइलिंग का काम रोका गया। IIT और VJTI के एक्सपर्ट करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट, सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही काम शुरू होगा।

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road प्रोजेक्ट का पाइलिंग वर्क फिलहाल रोक दिया गया है। स्थानीय लोगों की शिकायत और विधायक Sanjay Upadhyay के हस्तक्षेप के बाद बीएमसी ने तुरंत काम बंद करने का आदेश दिया। अब आसपास की इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा।

    Coastal-Road-Piling-Stopped-After-Tremors-in-Kandivali-news

    📍चारकोप में दहशत, 11 फरवरी को महसूस हुए झटके

    चारकोप सेक्टर 8, कांदिवली वेस्ट में 11 फरवरी को कई इमारतों में कंपन महसूस हुआ। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह झटके Coastal Road के पाइलिंग वर्क की वजह से आए। इसके बाद इलाके में डर का माहौल बन गया और लोगों ने काम रुकवाने की मांग की।

    🏗️ IIT और VJTI करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट

    सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अब इमारतों की जांच के लिए

    • Indian Institute of Technology Bombay
    • Veermata Jijabai Technological Institute

    के एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है।

    बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, VJTI की टीम साइट का निरीक्षण करेगी और उनकी ग्रीन सिग्नल के बाद ही काम दोबारा शुरू होगा।

    🏛️ हाई-लेवल मीटिंग में क्या हुआ फैसला?

    मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त Bhushan Gagrani की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई। बैठक में विधायक Sanjay Upadhyay और वरिष्ठ बीएमसी अधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक में तय किया गया कि:

    • सभी नजदीकी इमारतों की तकनीकी जांच होगी
    • काम तय समय सीमा और घंटों में ही होगा
    • हर घटना का लिखित रिकॉर्ड रखा जाएगा
    • साइट पर जिम्मेदार अधिकारी तैनात होगा
    • पब्लिक सेफ्टी के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे

    🌊 20,000 करोड़ का Coastal Road प्रोजेक्ट

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    मुंबई का 20 किलोमीटर लंबा Coastal Road प्रोजेक्ट करीब ₹20,000 करोड़ की लागत से बन रहा है।

    • फेज I: मरीन ड्राइव से वर्ली एंड तक (पहले से चालू)
    • फेज II: वर्सोवा से दहिसर तक कनेक्टिविटी

    यह प्रोजेक्ट वेस्टर्न सबर्ब्स और आइलैंड सिटी के बीच ट्रैफिक कम करने के लिए अहम माना जा रहा है। पहले भी हजारों पेड़ों पर असर को लेकर विवाद हो चुका है।

    🛑 सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही शुरू होगा काम

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) Abhijeet Bangar ने कहा कि काम शुरू करने से पहले इलाके का निरीक्षण किया गया था, लेकिन अब स्वतंत्र जांच की मांग को देखते हुए VJTI के विशेषज्ञ साइट पर जाकर प्रभाव का आकलन करेंगे।

    उन्होंने बताया:

    • 15 फीट ऊंची प्रोटेक्टिव शीट लगाई जाएगी
    • धूल नियंत्रण के लिए विशेष उपाय
    • जिम्मेदार अधिकारी निगरानी करेगा
    • सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होंगे

    जब तक एक्सपर्ट टीम क्लियरेंस नहीं देती, तब तक पाइलिंग वर्क शुरू नहीं होगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. पाइलिंग वर्क क्यों रोका गया?
    👉 इमारतों में झटके महसूस होने की शिकायत के बाद काम रोका गया।

    Q2. कौन करेगा इमारतों की जांच?
    👉 IIT और VJTI के विशेषज्ञ स्ट्रक्चरल ऑडिट करेंगे।

    Q3. Coastal Road प्रोजेक्ट कितना लंबा है?
    👉 लगभग 20 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट है।

    Q4. काम कब दोबारा शुरू होगा?
    👉 VJTI से सेफ्टी क्लियरेंस मिलने के बाद।

  • कांदिवली में अवैध ऑटो पार्किंग बनी खतरा, फायर ब्रिगेड 15 मिनट तक फंसी

    कांदिवली में अवैध ऑटो पार्किंग बनी खतरा, फायर ब्रिगेड 15 मिनट तक फंसी

    कांदिवली ईस्ट के लोकखंडवाला टाउनशिप में अवैध ऑटो रिक्शा पार्किंग के कारण फायर ब्रिगेड को एंट्री में 15 मिनट की देरी हुई। समय पर आग बुझाने में बड़ी मुश्किल, रहवासियों ने खुद संभाला मोर्चा।

    मुंबई: कांदिवली ईस्ट स्थित लोकखंडवाला टाउनशिप में बुधवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। हाईलैंड सोसाइटी की एक इमारत में रसोई से आग लगने की सूचना मिलने के सिर्फ 7 मिनट में फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन अवैध रूप से खड़े सैकड़ों ऑटो रिक्शाओं की वजह से दमकल गाड़ियों को सोसाइटी में घुसने में करीब 15 मिनट लग गए। इस देरी के दौरान रहवासियों ने खुद ही आग पर काबू पाया। रहवासियों का कहना है कि अगर आग फैल जाती, तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे।

    🔥 कांदिवली में कहां और कैसे लगी आग?

    बुधवार रात करीब 11 बजे, हाईलैंड बिल्डिंग नंबर 5 की पहली मंज़िल पर स्थित एक फ्लैट की किचन में आग लग गई। आग मामूली थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो वह पास के फ्लैट्स और इलेक्ट्रिक वायरिंग तक फैल सकती थी।

    🚒 फायर ब्रिगेड पहुंची, लेकिन रास्ता बंद

    दमकल विभाग की गाड़ियां 7 मिनट में इलाके तक पहुंच गईं, लेकिन

    • सोसाइटी के बाहर
    • अप्रोच रोड के दोनों तरफ
    • सैकड़ों ऑटो रिक्शा अवैध रूप से खड़े थे

    जिसके कारण फायर टेंडर करीब 15 मिनट तक एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पाए

    “वो 15 मिनट बहुत डरावने थे। फायर ब्रिगेड सामने थी, लेकिन बेबस,”
    — प्रत्यक्षदर्शी रहवासी

    🏘️ 20,000 फ्लैट्स, एक ही समस्या

    लोकखंडवाला टाउनशिप में लगभग 20 हजार फ्लैट्स हैं। यह इलाका वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से एक 1.5 किमी लंबी और कागज़ों में 90 फीट चौड़ी सड़क से जुड़ा है, लेकिन हकीकत में:

    • सड़क किनारे दुकानें
    • भारी पैदल भीड़
    • दोनों तरफ अवैध ऑटो पार्किंग
    • और एक बड़ा कचरा डंप

    सड़क को इतना संकरा बना देते हैं कि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड तक फंस जाती हैं।

    ⚠️ रहवासियों का आरोप – 10 साल से शिकायत, कोई स्थायी हल नहीं

    रहवासियों का कहना है कि वे पिछले 10 सालों से BMC और ट्रैफिक पुलिस को लगातार शिकायत कर रहे हैं।

    “हर बार हादसे के बाद थोड़ी कार्रवाई होती है, फिर सब पहले जैसा,”
    — संतोष शेट्टी, रहवासी

    उनका आरोप है कि:

    • ज़्यादातर ऑटो चालक धानुकरवाड़ी जैसे बाहरी इलाकों से आते हैं
    • रात में सड़क को फ्री पार्किंग ज़ोन बना देते हैं

    👮 पुलिस और प्रशासन का क्या कहना है?

    समता नगर ट्रैफिक डिवीजन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जगदीश भोपाली ने माना कि:

    • रोज़ करीब 150 ऑटो चालकों पर कार्रवाई होती है
    • लेकिन सिर्फ चालान से समस्या हल नहीं हो रही

    वायरल वीडियो के बाद अब विभाग ने मामले पर गंभीरता से ध्यान देने का भरोसा दिया है।

    🏛️ नवनिर्वाचित नगरसेविका का आश्वासन

    नगरसेविका नीलम गुरव ने खुद मौके का निरीक्षण किया और माना कि:

    • शाम 6 बजे एक लेन में पार्किंग होती है
    • आधी रात तक तीन लेन पूरी तरह जाम हो जाती हैं

    उन्होंने कहा:

    “यह गंभीर सुरक्षा मुद्दा है। आज से ही कार्रवाई शुरू होगी और मैं खुद औचक निरीक्षण करूंगी।”

    🔥 फायर ब्रिगेड की चेतावनी

    दहिसर फायर ब्रिगेड के मुख्य अग्निशमन अधिकारी रवींद्र अंबुलगेकर ने कहा:

    “हैपहेज़र्ड पार्किंग से फायर ऑपरेशन में बड़ी दिक्कत आती है। छोटी आग भी बड़ी त्रासदी बन सकती है।”

    📌 रहवासियों की प्रमुख मांगें

    • ऑटो पार्किंग को सिर्फ एक लेन तक सीमित किया जाए
    • केवल लोकल रहवासियों के ऑटो को अनुमति
    • बाहरी इलाकों के ऑटो पर रात में प्रतिबंध
    • सड़क से कचरा डंप हटाया जाए

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आग कहां लगी थी?
    ➡️ कांदिवली ईस्ट के लोकखंडवाला टाउनशिप में हाईलैंड बिल्डिंग नंबर 5 की पहली मंज़िल पर।

    Q2. फायर ब्रिगेड को देरी क्यों हुई?
    ➡️ अप्रोच रोड पर दोनों तरफ अवैध रूप से खड़े ऑटो रिक्शाओं की वजह से।

    Q3. कितनी देर की देरी हुई?
    ➡️ लगभग 15 मिनट।

    Q4. क्या कोई हताहत हुआ?
    ➡️ नहीं, आग मामूली थी और रहवासियों ने खुद बुझा ली।

    Q5. प्रशासन ने क्या कदम उठाने का आश्वासन दिया है?
    ➡️ रोज़ाना सख्त कार्रवाई और नियमित निरीक्षण।

  • कांदिवली में मोबाइल छीनकर UPI से ₹76,269 उड़ाए

    कांदिवली में मोबाइल छीनकर UPI से ₹76,269 उड़ाए

    मुंबई के कांदिवली वेस्ट में मोबाइल स्नैचिंग के बाद साइबर फ्रॉड का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां चोरी हुए फोन से युवक के बैंक खाते से ₹76,269 UPI ट्रांजैक्शन कर निकाल लिए गए। पुलिस जांच में जुटी है।

    मुंबई: मोबाइल स्नैचिंग के बाद डिजिटल ठगी का नया और खतरनाक ट्रेंड सामने आ रहा है। कांदिवली वेस्ट में एक युवक का मोबाइल फोन छीने जाने के बाद उसी फोन का UPI इस्तेमाल कर आरोपियों ने उसके बैंक खाते से ₹76,269 निकाल लिए। इतना ही नहीं, चोरों ने व्हाट्सऐप पर खुद को पीड़ित बताकर रिश्तेदार से भी पैसे मंगवा लिए। कांदिवली पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग और साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई में बढ़ती मोबाइल स्नैचिंग और UPI द्वारा डिजिटल फ्रॉड की वारदातें

    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अब सड़क पर मोबाइल छीनना ही अपराधियों का मकसद नहीं रह गया है। मोबाइल हाथ लगते ही वे सीधे डिजिटल बैंकिंग और UPI के जरिए खातों पर हाथ साफ कर रहे हैं। कांदिवली की यह घटना इसी बढ़ते साइबर क्राइम पैटर्न की एक बड़ी मिसाल है, जिसने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

    पीड़ित कौन है और क्या करता है?

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता का नाम अंकितकुमार वैकुंठ तिवारी (24) है। वह टीवी सीरियल इंडस्ट्री में लाइट मैन के तौर पर काम करता है।
    12 जनवरी 2026 की रात कांदिवली वेस्ट के भूत बंगला, गार्डन रिट्रीट कॉम्प्लेक्स में एक सीरियल का प्रोमो शूट चल रहा था, जो 13 जनवरी तड़के करीब 3 बजे खत्म हुआ।

    सुबह-सुबह हुआ मोबाइल स्नैचिंग का शिकार

    शूट खत्म होने के बाद अंकितकुमार अपने पॉइंसुर इलाके स्थित घर की ओर पैदल जा रहा था।
    करीब सुबह 4:05 बजे, शताब्दी अस्पताल के पास अचानक बाइक पर सवार दो अज्ञात युवकों ने उसके हाथ से मोबाइल फोन झपट लिया और तेज़ रफ्तार में फरार हो गए।
    अंधेरा और बाइक की रफ्तार इतनी तेज़ थी कि वह वाहन का नंबर तक नोट नहीं कर पाया।

    ATM पहुंचा तो खुला खाते से पैसे उड़ने का राज

    घटना के अगले दिन जब अंकितकुमार ATM गया, तो उसे मैसेज मिला कि उसका ATM PIN गलत है।
    इसके बाद 15 जनवरी को वह बैंक शाखा पहुंचा, जहां अकाउंट स्टेटमेंट देखने पर उसके होश उड़ गए।
    13 से 15 जनवरी के बीच UPI ट्रांजैक्शन के ज़रिए ₹69,269 उसके खाते से निकाले जा चुके थे।

    व्हाट्सऐप पर भावुक मैसेज भेजकर रिश्तेदार से भी पैसे ठगे

    आरोपियों की चालाकी यहीं नहीं रुकी।
    चोरी किए गए मोबाइल से उन्होंने अंकितकुमार बनकर उसके बहनोई पवन मिश्रा को व्हाट्सऐप पर भावुक मैसेज भेजे और पैसों की मदद मांगी।
    मैसेज असली समझकर पवन मिश्रा ने ₹8,000 ट्रांसफर कर दिए, जिसे भी आरोपियों ने तुरंत निकाल लिया।
    इस तरह कुल रकम ₹76,269 हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा

    कांदिवली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ

    • मोबाइल स्नैचिंग
    • साइबर फ्रॉड
      की धाराओं में केस दर्ज किया है।

    पुलिस आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही है और मोबाइल के IMEI नंबर के ज़रिए फोन की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस की अपील: ऐसे रखें खुद को सुरक्षित

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुंबई में मोबाइल छीने जाने के बाद डिजिटल ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
    लोगों से अपील की गई है कि:

    • मोबाइल में मजबूत लॉक/बायोमेट्रिक जरूर रखें
    • बैंकिंग और UPI ऐप्स में अतिरिक्त सिक्योरिटी ऑन रखें
    • किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें
    • मोबाइल चोरी होते ही बैंक और पुलिस को सूचना दें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह घटना कहां हुई?
    👉 मुंबई के कांदिवली वेस्ट इलाके में, शताब्दी अस्पताल के पास।

    Q2: कुल कितने पैसे निकाले गए?
    👉 कुल ₹76,269।

    Q3: पैसे किस तरह निकाले गए?
    👉 UPI ट्रांजैक्शन और व्हाट्सऐप ठगी के ज़रिए।

    Q4: पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
    👉 CCTV फुटेज की जांच और IMEI नंबर से मोबाइल ट्रेस किया जा रहा है।

    Q5: मोबाइल चोरी होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं और बैंक/UPI सेवाएं ब्लॉक करवाएं।

  • कंदिवली ईस्ट में भारत कोऑपरेटिव बैंक ATM तोड़ने की कोशिश नाकाम

    कंदिवली ईस्ट में भारत कोऑपरेटिव बैंक ATM तोड़ने की कोशिश नाकाम

    मुंबई के कंदिवली पूर्व में भारत कोऑपरेटिव बैंक के ATM पर लूट की कोशिश नाकाम रही। अज्ञात आरोपी बाहरी दरवाजा तोड़ने में सफल रहे लेकिन अंदर के सुरक्षा गेट को पार नहीं कर पाए। पुलिस जांच जारी है।

    मुंबई: कंदिवली पूर्व, अशोकनगर इलाके में भारत कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के ATM पर चोरी की एक असफल कोशिश सामने आई है। दो अज्ञात बदमाशों ने रात के समय ATM का बाहरी दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन मजबूत पिन सिस्टम और सुरक्षा इंतजामों के चलते वे ATM तक नहीं पहुंच सके। घटना के बाद समता नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।

    क्या है पूरा मामला

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत कोऑपरेटिव बैंक की अशोकनगर शाखा और उससे सटे ATM की सुरक्षा एक निजी सुरक्षा एजेंसी के जिम्मे है।
    9 जनवरी की रात करीब 10.40 बजे सीसीटीवी निगरानी कंपनी के कर्मचारी प्रवीण कोलापते ने ATM पर संदिग्ध गतिविधि देखी और तुरंत इसकी सूचना बैंक प्रशासन को दी।

    सूचना मिलते ही बैंक के शाखा प्रबंधक शशांक जगन्नाथ पुजारी (उम्र 31) मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज की जांच की।

    ATM के सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात

    सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई देता है कि रात करीब 10.08 बजे दो युवक ATM के पास पहुंचे।

    • एक युवक ने टोपी पहन रखी थी
    • दूसरे ने हेलमेट लगाया हुआ था

    ताकि उनकी पहचान न हो सके। दोनों ने मिलकर ATM का बाहरी दरवाजा जबरदस्ती तोड़ दिया। हालांकि, अंदर लगे पिन सिस्टम वाले सुरक्षा दरवाजे को वे तोड़ नहीं पाए।

    सुरक्षा सिस्टम बना चोरों के लिए दीवार

    ATM के अंदर लगे मजबूत सुरक्षा गेट और पिन सिस्टम की वजह से आरोपी मशीन तक नहीं पहुंच सके। काफी कोशिशों के बाद जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो दोनों बिना कोई नकदी या सामान चुराए वहां से फरार हो गए।

    बैंक प्रशासन की ओर से ATM का पूरा निरीक्षण किया गया, जिसमें यह साफ हुआ कि कोई भी कैश या अन्य सामग्री चोरी नहीं हुई है।

    पुलिस ने दर्ज किया चोरी के प्रयास का मामला

    घटना को गंभीर मानते हुए बैंक प्रशासन ने समता नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
    पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

    इलाके में बढ़ाई गई पुलिस गश्त

    घटना के बाद से अशोकनगर और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    स्थानीय लोगों में चिंता, सुरक्षा पर सवाल

    इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में एटीएम सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि देर रात एटीएम के आसपास निगरानी और लाइटिंग और मजबूत की जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    👉 कंदिवली पूर्व के अशोकनगर इलाके में भारत कोऑपरेटिव बैंक के एटीएम पर।

    Q2. क्या एटीएम से पैसे चोरी हुए?
    👉 नहीं, कोई नकदी चोरी नहीं हुई।

    Q3. आरोपियों की पहचान हुई है?
    👉 फिलहाल नहीं, पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है।

    Q4. किस पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है?
    👉 समता नगर पुलिस स्टेशन में।

  • कांदिवली में फ्लैट कब्ज़े को लेकर हंगामा, डेवलपर के दफ्तर के बाहर खरीदारों का प्रदर्शन

    कांदिवली में फ्लैट कब्ज़े को लेकर हंगामा, डेवलपर के दफ्तर के बाहर खरीदारों का प्रदर्शन

    मुंबई के कांदिवली में एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) द्वारा तीन साल बाद भी फ्लैट का कब्ज़ा न देने से नाराज़ खरीदार सड़कों पर उतरे। बैंक EMI और किराए के बोझ से परेशान नागरिकों ने RERA से हस्तक्षेप की मांग की।

    मुंबई: घर का सपना लेकर लाखों रुपये चुकाने वाले कांदिवली के फ्लैट खरीदार आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। शनिवार को कांदिवली स्थित एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) के कार्यालय के बाहर दर्जनों नाराज़ नागरिकों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। आरोप है कि फ्लैट का रजिस्ट्रेशन हुए तीन साल से ज़्यादा वक्त बीत चुका है, लेकिन अब तक घर का कब्ज़ा नहीं दिया गया। इस दौरान खरीदारों को बैंक की भारी EMI के साथ किराए का दोहरा बोझ उठाना पड़ रहा है।

    बुकिंग के समय लिए लाखों, कब्ज़ा आज तक नहीं

    कांदिवली पूर्व के समता नगर, ठाकुर विलेज इलाके में एस.डी. कॉर्पोरेशन द्वारा ‘सियाना’ नामक टॉवर प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि बुकिंग के वक्त डेवलपर ने तय समय में फ्लैट सौंपने का वादा किया था और इसके बदले लाखों रुपये एडवांस के रूप में लिए गए।
    लेकिन तीन साल से ज्यादा वक्त गुजरने के बावजूद निर्माण अधूरा है और कब्ज़े की कोई ठोस तारीख नहीं बताई जा रही।

    EMI और किराया, दोनों का बोझ

    फ्लैट न मिलने से खरीदारों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।

    • एक ओर बैंक की EMI हर महीने समय पर चुकानी पड़ रही है
    • दूसरी ओर रहने के लिए अलग से किराए का खर्च उठाना पड़ रहा है

    कई खरीदारों का कहना है कि उनकी आर्थिक हालत पूरी तरह बिगड़ चुकी है, फिर भी डेवलपर की ओर से सिर्फ टालमटोल की जा रही है।

    कांदिवली के निवासियों के आरोप: अभद्र जवाब और अनदेखी

    प्रदर्शन कर रहे नागरिकों का आरोप है कि जब वे निर्माण में देरी को लेकर सवाल पूछते हैं, तो उन्हें अभद्र और गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिए जाते हैं।
    यही वजह है कि मजबूर होकर खरीदारों को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

    250 फ्लैट्स का प्रोजेक्ट, लेकिन कई खामियां

    निवासियों के मुताबिक,

    • सियाना प्रोजेक्ट में कुल 250 फ्लैट्स हैं
    • इसमें 22 मंज़िला 5 इमारतें और 50 मंज़िला एक इमारत शामिल है

    आरोप है कि निर्माण दिखाए गए प्लान के मुताबिक नहीं किया गया।
    कई फ्लैट्स में पानी का रिसाव है,
    एंट्री गेट बेहद संकरा है
    और बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी है।

    RERA में शिकायत, फिर भी राहत नहीं

    नागरिकों ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) में भी शिकायत दर्ज कराई है।
    आरोप है कि RERA में होने वाली बैठकों में भी कई बार शिकायतकर्ताओं को शामिल होने से रोका जाता है, जिससे खरीदारों में और नाराज़गी बढ़ गई है।

    पीड़ित खरीदार की आपबीती

    स्वाति गावडे, निवासी ने बताया,
    “मैंने 2022 में 1.5 BHK फ्लैट बुक किया था। बुकिंग के समय कहा गया था कि 2023 में कब्ज़ा मिल जाएगा। मैंने 3 लाख रुपये दिए। आज 2025 खत्म हो गया है, लेकिन घर अब तक नहीं मिला। मैं किराए के मकान में रह रही हूं, हर महीने 40 हजार रुपये किराया और 75 हजार रुपये EMI दे रही हूं। ये बहुत मानसिक तनाव देने वाला है।”

    नागरिकों की मांग

    प्रदर्शन कर रहे खरीदारों की साफ मांग है कि—

    • डेवलपर तुरंत कब्ज़े की स्पष्ट तारीख घोषित करे
    • निर्माण की गुणवत्ता की जांच हो
    • RERA और संबंधित सरकारी विभाग इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करें

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मामला किस इलाके का है?
    👉 मुंबई के कांदिवली पूर्व, समता नगर-ठाकुर गांव इलाके का।

    Q2. किस डेवलपर के खिलाफ प्रदर्शन हुआ?
    👉 एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) के खिलाफ।

    Q3. कितने समय से खरीदार इंतज़ार कर रहे हैं?
    👉 करीब तीन साल से अधिक समय से।

    Q4. खरीदारों की मुख्य परेशानी क्या है?
    👉 फ्लैट कब्ज़ा न मिलना, EMI और किराए का दोहरा बोझ।

    Q5. खरीदारों ने किससे मदद मांगी है?
    👉 RERA प्रशासन और संबंधित सरकारी विभागों से।

  • कांदिवली में घर का सपना बना धोखा, ओला-उबर चालक से 9 लाख की ठगी

    कांदिवली में घर का सपना बना धोखा, ओला-उबर चालक से 9 लाख की ठगी

    Mumbai Kandivali News: एमएमआरडीए फ्लैट दिलाने के नाम पर कांदिवली में ओला-उबर चालक से 9 लाख रुपये की ठगी, 6 साल बाद सामने आया पूरा मामला, पुलिस ने दर्ज किया केस।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में घर पाने का सपना देख रहे एक ओला-उबर चालक के साथ बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। एमएमआरडीए का फ्लैट दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों ने उससे करीब 9 लाख रुपये ऐंठ लिए। छह साल तक इंतज़ार के बाद जब न घर मिला और न ही पैसे लौटे, तब जाकर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। अब कांदिवली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🏙️ कांदिवली में ठगी का चौंकाने वाला मामला

    मुंबई जैसे महानगर में अपने घर का सपना हर आम आदमी देखता है। इसी सपने का फायदा उठाकर कांदिवली में एक ओला-उबर चालक से लाखों की ठगी की गई। यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।

    🚖 कौन है पीड़ित?

    पीड़ित 38 वर्षीय युवक वांद्रे इलाके में रहता है और ओला-उबर में ड्राइवर के तौर पर काम करता है। सीमित आमदनी के बावजूद उसने भविष्य सुरक्षित करने के लिए घर खरीदने का फैसला किया था।

    🏢 एमएमआरडीए फ्लैट का झांसा

    कुछ साल पहले पीड़ित की पहचान नवीनसिंग मानसिंग गोरखा नामक व्यक्ति से हुई। उसने मालाड के कुरार विलेज स्थित अप्पापाडा इलाके में एमएमआरडीए का फ्लैट दिलाने का दावा किया।
    आरोपी ने बताया कि फ्लैट की असली कीमत 18 लाख रुपये है, लेकिन वह इसे सिर्फ 14 लाख में दिला देगा।

    💰 तीन-चार महीने में घर मिलने का भरोसा

    नवीनसिंग ने भरोसा दिलाया कि तीन से चार महीनों के भीतर फ्लैट का कब्ज़ा मिल जाएगा। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में करीब 9 लाख रुपये दे दिए।

    🤝 दो और आरोपी भी थे शामिल

    इस पूरे सौदे में रवी सरवदे और मोहसीन अख्तर भी शामिल थे। पीड़ित को बताया गया कि ये दोनों लोग नवीनसिंग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और फ्लैट दिलाने की प्रक्रिया में मदद करेंगे।

    6 साल बीते, न घर मिला न पैसे

    तय समय बीतने के बाद भी जब फ्लैट नहीं मिला तो पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क किया। शुरुआत में वे टालमटोल करते रहे। धीरे-धीरे बातचीत भी बंद हो गई।
    करीब छह साल गुजर जाने के बाद भी न तो घर मिला और न ही एक रुपये की वापसी हुई।

    🚨 पुलिस में दर्ज हुई शिकायत

    आखिरकार खुद को ठगा हुआ समझकर पीड़ित कांदिवली पुलिस स्टेशन पहुंचा और शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने नवीनसिंग गोरखा, रवी सरवदे और मोहसीन अख्तर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. ठगी कितने रुपये की हुई है?
    ➡️ करीब 9 लाख रुपये की ठगी हुई है।

    Q2. ठगी किस इलाके में हुई?
    ➡️ मुंबई के कांदिवली और मालाड इलाके से जुड़ा मामला है।

    Q3. आरोपी कितने हैं?
    ➡️ कुल तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

    Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    ➡️ कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • कांदिवली मंदिर में चोरी का खुलासा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

    कांदिवली मंदिर में चोरी का खुलासा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

    कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में दानपेटी चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। CCTV फुटेज से सुराग मिला, तीसरे आरोपी की तलाश जारी।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में दानपेटी तोड़कर करीब 50 हजार रुपये की चोरी करने वाले गिरोह का मुंबई पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। कांदिवली पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी मंदिरों की दानपेटियों को ही निशाना बनाते थे और इससे पहले भी कई जगह ऐसी वारदात कर चुके हैं।

    कांदीवली में कहां और कैसे हुई चोरी

    यह चोरी 22 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम स्थित एस.वी. रोड पर मौजूद शंकर मंदिर में हुई। यह मंदिर जलई लोहाणा मित्र मंडल ट्रस्ट द्वारा संचालित है।
    आरोपियों ने देर रात मंदिर की दानपेटी तोड़ी और उसमें रखे करीब 50 हजार रुपये लेकर फरार हो गए।

    इस मामले में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विपुल जतानीय (57) ने कांदिवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।

    गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

    पुलिस ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है, उनके नाम हैं –

    • प्रशांत पांडुरंग चोराट (30)
    • अलीराज उर्फ अली सईनुर खान (38)

    अलीराज खान को मीरा रोड इलाके से गिरफ्तार किया गया, जबकि प्रशांत चोराट को महाराष्ट्र के सतारा जिले से पकड़ा गया। इस चोरी में शामिल तीसरा आरोपी गणेश उर्फ गन्या फिलहाल फरार है।

    क्या है आरोपियों का तरीका (Modus Operandi)

    पुलिस के मुताबिक,

    • अलीराज खान पेशे से ऑटो रिक्शा चालक है और पोलियो की वजह से उसका एक पैर कमजोर है।
    • वहीं प्रशांत चोराट आदतन अपराधी है और मंदिरों की दानपेटी चोरी करने में माहिर बताया जा रहा है।

    जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने मिलकर कांदिवली मंदिर की चोरी की थी। चोरी के पैसों में से अलीराज खान को 15 हजार रुपये का हिस्सा मिला था।

    CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग

    डीसीपी संदीप जाधव (जोन 11) और सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर करण सोनकावड़े के मार्गदर्शन में एपीआई हेमंत गीते और उनकी टीम ने जांच शुरू की।
    आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक ऑटो रिक्शा चोरी के समय संदिग्ध रूप से नजर आया।

    ऑटो की जानकारी जुटाते हुए पुलिस मीरा रोड के पेनकरपाड़ा इलाके तक पहुंची। वहां से अलीराज खान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने चोरी कबूल कर ली और अपने साथियों के नाम बताए।

    सतारा से हुई मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

    अलीराज की जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि प्रशांत उर्फ पक्या चोराट सतारा जिले में छिपा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर पुलिस टीम सतारा गई और वाई तालुका के कोंडावली खुर्द गांव से उसे गिरफ्तार किया।

    तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 13 हजार रुपये से ज्यादा नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया, जो चोरी के पैसों से खरीदा गया बताया जा रहा है।

    और भी मंदिर चोरी में शामिल होने का शक

    पूछताछ में प्रशांत चोराट ने कबूल किया कि कांदिवली की घटना के कुछ दिन बाद उसने कुरार इलाके में भी एक मंदिर में चोरी की थी।
    पुलिस का कहना है कि आरोपी पेशेवर चोर है और खासतौर पर मंदिरों को ही निशाना बनाता है।

    पुलिस कस्टडी और आगे की कार्रवाई

    दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
    फिलहाल पुलिस फरार आरोपी गणेश उर्फ गन्या की तलाश में जुटी हुई है और अन्य चोरी की घटनाओं की भी जांच की जा रही है।


    FAQ

    Q1. कांदिवली मंदिर चोरी कब हुई थी?
    यह चोरी 22 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में हुई थी।

    Q2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।

    Q3. चोरी में कितनी रकम गई थी?
    करीब 50 हजार रुपये की चोरी हुई थी।

    Q4. क्या आरोपी पहले भी चोरी कर चुके हैं?
    हां, मुख्य आरोपी ने कुरार इलाके में मंदिर चोरी की बात भी कबूल की है।