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  • Gold Theft Case: ₹5 करोड़ सोना लेकर फरार गार्ड्स

    Gold Theft Case: ₹5 करोड़ सोना लेकर फरार गार्ड्स

    Gold Theft Case में मुंबई के कांदिवली से 3 चौकीदार ₹5.28 करोड़ का सोना लेकर फरार। WhatsApp मैसेज के बाद खुला बड़ा राज।

    मुंबई: Kandivali इलाके से एक चौंकाने वाला गोल्ड चोरी मामला सामने आया है। कांदिवली इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थित एक ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से तीन चौकीदार कथित तौर पर ₹5.28 करोड़ के सोने के गहने लेकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और Mumbai Police की चारकोप पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

    सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि चोरी से ठीक पहले एक आरोपी ने मालिक को WhatsApp पर मैसेज भेजकर नौकरी छोड़ने की बात कही थी। जब मालिक ने संपर्क करने की कोशिश की तो फोन बंद मिला। इसके बाद पूरा मामला खुलकर सामने आया।

    कैसे हुआ ₹5 करोड़ गोल्ड चोरी का खुलासा?

    पुलिस के अनुसार 63 वर्षीय अशोक वाया की कांदिवली इंडस्ट्रियल एस्टेट, हिंदुस्तान नाका, चारकोप में Shreeji Manufacturers नाम से ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है।

    यूनिट में करीब 30 से 32 कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें तीनों आरोपी चौकीदार भी शामिल थे।

    गुरुवार रात आरोपी मोहम्मद सफीर उर्फ मोहम्मद अहमद ने कथित तौर पर मालिक अशोक वाया को WhatsApp पर मैसेज भेजा कि उसे वेतन नहीं मिला, इसलिए वह नौकरी छोड़ रहा है।

    इसके बाद जब मालिक ने फोन किया तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला।

    स्थिति संदिग्ध लगने पर मालिक ने अपने मैनेजर महेंद्र सत्यम को यूनिट चेक करने भेजा। वहां पहुंचने पर पता चला कि तीनों चौकीदार गायब हैं। बाद में मालिक खुद फैक्ट्री पहुंचे तो लॉजिस्टिक्स बॉक्स में रखा सोना भी गायब मिला।

    कितना सोना चोरी हुआ?

    पुलिस के मुताबिक चोरी हुए गहनों में:

    • लगभग 3,176 ग्राम 22 कैरेट सोने के कंगन
    • कुल अनुमानित कीमत: ₹5.28 करोड़

    यह सोना फैक्ट्री के लॉजिस्टिक्स बॉक्स में रखा गया था।

    कौन हैं आरोपी?

    पुलिस ने जिन तीन आरोपियों की पहचान की है, उनमें शामिल हैं:

    • मोहम्मद सफीर उर्फ मोहम्मद अहमद
    • विकास
    • शहबाज गुर्जर

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोहम्मद सफीर जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है। बाकी दो आरोपियों की पूरी जानकारी पुलिस सत्यापित कर रही है।

    Charkop Police की जांच में क्या सामने आया?

    Charkop Gold Theft Case

    Charkop Police Station ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा ऐसे मामलों में लगती है जहां कर्मचारी या सेवक अपने मालिक के खिलाफ चोरी करता है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार:

    • आरोपियों की तलाश में कई टीमें बनाई गई हैं
    • मुंबई के बाहर भी लोकेशन ट्रेस की जा रही है
    • CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड की जांच चल रही है
    • फैक्ट्री स्टाफ से पूछताछ जारी है

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी घटना के बाद बेहद तेजी से गायब हुए, जिससे लगता है कि चोरी की योजना पहले से तैयार थी।

    कांदिवली इंडस्ट्रियल एरिया में सुरक्षा पर उठे सवाल

    इस घटना के बाद कांदिवली और चारकोप इंडस्ट्रियल बेल्ट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि:

    • कई यूनिट्स में अब भी पुराने सिक्योरिटी सिस्टम हैं
    • गोल्ड और डायमंड यूनिट्स में हाई-वैल्यू स्टॉक रखा जाता है
    • रात की सुरक्षा अक्सर कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ के भरोसे रहती है

    मुंबई की ज्वेलरी इंडस्ट्री में इस तरह की अंदरूनी चोरी की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन इतनी बड़ी रकम का मामला हाल के महीनों में कम देखने को मिला है।

    Gold Theft Case में कौन से सवाल सबसे बड़े हैं?

    क्या चोरी पहले से प्लान थी?

    WhatsApp मैसेज और फोन बंद होने के तरीके को देखकर पुलिस को शक है कि यह अचानक लिया गया फैसला नहीं था।

    क्या किसी अंदरूनी व्यक्ति ने मदद की?

    पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या यूनिट के अंदर से किसी ने आरोपियों को स्टॉक मूवमेंट की जानकारी दी थी।

    क्या सोना मुंबई से बाहर ले जाया गया?

    जांच एजेंसियां रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और इंटर-स्टेट रूट्स पर भी नजर रख रही हैं।

    मुंबई में बढ़ रहे हाई-वैल्यू Theft Cases

    पिछले कुछ महीनों में मुंबई और MMR क्षेत्र में:

    • गोल्ड चोरी
    • ऑनलाइन फ्रॉड
    • ऑफिस अंदरूनी चोरी
    • लॉजिस्टिक स्कैम

    जैसे मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आर्थिक दबाव और सिक्योरिटी लूपहोल्स इसके बड़े कारण बन रहे हैं।

    FAQ Section

    कांदिवली में कितना सोना चोरी हुआ?

    करीब ₹5.28 करोड़ कीमत के 3,176 ग्राम 22 कैरेट सोने के कंगन चोरी हुए।

    आरोपियों की पहचान क्या है?

    मोहम्मद सफीर उर्फ मोहम्मद अहमद, विकास और शहबाज गुर्जर।

    घटना कहां हुई?

    कांदिवली इंडस्ट्रियल एस्टेट, हिंदुस्तान नाका, चारकोप स्थित ज्वेलरी यूनिट में।

    पुलिस ने कौन सी धारा लगाई है?

    भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 के तहत केस दर्ज हुआ है।

    क्या आरोपी पकड़े गए?

    फिलहाल तीनों आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

    Conclusion

    मुंबई के कांदिवली में सामने आया यह Gold Theft Case सिर्फ एक बड़ी चोरी नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी सिस्टम पर बड़ा सवाल भी है। करोड़ों रुपये के गोल्ड स्टॉक के बावजूद अगर अंदरूनी कर्मचारी आसानी से फरार हो सकते हैं, तो यह ज्वेलरी इंडस्ट्री के लिए गंभीर चेतावनी है।

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस आरोपियों तक जल्दी पहुंच पाएगी और चोरी हुआ सोना बरामद होगा या नहीं। मुंबई पुलिस की अगली कार्रवाई पर पूरे मामले की दिशा निर्भर करेगी।

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  • कांदिवली में पत्नी पर मिक्सर जार से हमला, पति गिरफ्तार

    कांदिवली में पत्नी पर मिक्सर जार से हमला, पति गिरफ्तार

    Mumbai के कांदिवली में मामूली विवाद के बाद पति ने पत्नी पर मिक्सर जार से हमला किया। चारकोप पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: कांदिवली इलाके से घरेलू हिंसा का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चारकोप पुलिस ने 52 वर्षीय एक व्यक्ति को अपनी पत्नी की हत्या की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि मामूली घरेलू विवाद के बाद आरोपी ने पत्नी पर लात-घूंसे बरसाए और फिर मिक्सर के जार से सिर पर हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसके सिर पर आठ टांके लगाने पड़े।

    Mumbai पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान विकास चतुरसेन पाहवा के रूप में हुई है। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे कई दिनों की तलाश के बाद कांदिवली इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

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    कांदिवली के चारकोप इलाके में कैसे हुआ हमला?

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    पुलिस के मुताबिक, यह घटना 30 अप्रैल की सुबह करीब 9 बजे कांदिवली पश्चिम के चारकोप सेक्टर 9 स्थित साई बाबा सोसायटी में हुई। पीड़िता पायल विकास पाहवा अपने पति विकास, बेटे युगम और सास-ससुर के साथ फ्लैट नंबर B/903 में रहती हैं।

    बताया गया है कि पायल एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं और अंधेरी स्थित ऑफिस में काम करती हैं।

    किचन में रखे बैग को लेकर शुरू हुआ विवाद

    पुलिस जांच के अनुसार, घटना वाले दिन किचन के पास एक बैग रखा हुआ था। पायल ने अपने पति से वह बैग हटाने के लिए कहा। इसी बात पर आरोपी विकास कथित रूप से गुस्से में आ गया।

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    इसके बाद उसने पत्नी के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया।

    आरोपी ने लात-घूंसे और मिक्सर जार से किया हमला

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पहले पत्नी को लात और घूंसे मारना शुरू किया। जब महिला ने खुद को बचाने की कोशिश की, तब भी आरोपी नहीं रुका।

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    आरोप है कि गुस्से में आरोपी ने किचन से मिक्सर का जार उठाया और महिला के सिर पर हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

    सास-ससुर ने रोकने की कोशिश की, फिर भी नहीं रुका आरोपी

    पुलिस के अनुसार, हमले के दौरान पीड़िता के सास-ससुर ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। हालांकि आरोपी ने उनकी बात भी नहीं सुनी और हमला जारी रखा।

    घटना से डरी हुई पायल किसी तरह खुद को बचाते हुए कमरे में भागीं और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

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    महिला के सिर पर लगे आठ टांके

    हमले के बाद परिवार के लोगों ने घायल महिला को इलाज के लिए शताब्दी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने महिला के सिर पर आठ टांके लगाए।

    इस घटना के बाद इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    Mumbai चारकोप पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई शिकायत

    इलाज के बाद पीड़िता अपने रिश्तेदारों के साथ चारकोप पुलिस स्टेशन पहुंचीं और आरोपी पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

    महिला के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या की कोशिश यानी Attempt to Murder का मामला दर्ज किया।

    मुंबई पुलिस की आधिकारिक जानकारी यहां उपलब्ध है:
    [Mumbai Police Official Website]

    महिला सुरक्षा से जुड़ी सरकारी जानकारी:
    [National Commission for Women]

    कई दिनों तक फरार रहने के बाद आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी कई दिनों तक फरार था। आखिरकार 6 मई को उसे कांदिवली इलाके से ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया गया।

    इसके बाद आरोपी को बोरीवली लोकल कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया।

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    मामूली विवाद में बढ़ती घरेलू हिंसा चिंता का विषय

    मुंबई में घरेलू हिंसा के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई मामलों में छोटी-छोटी बातों को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ जाता है कि मामला गंभीर अपराध तक पहुंच जाता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि गुस्से पर नियंत्रण और मानसिक संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। घरेलू विवादों को हिंसा में बदलना पूरे परिवार के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

    सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराज़गी

    यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने नाराज़गी जताई। कई यूजर्स ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

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    कुछ लोगों ने यह भी कहा कि घरेलू हिंसा के मामलों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानूनों को और प्रभावी तरीके से लागू करने की जरूरत है।


    FAQ

    यह घटना मुंबई के किस इलाके में हुई?

    यह घटना कांदिवली पश्चिम के चारकोप सेक्टर 9 इलाके में हुई।

    आरोपी का नाम क्या है?

    पुलिस के अनुसार आरोपी का नाम विकास चतुरसेन पाहवा है।

    महिला को कितनी चोटें आईं?

    हमले में महिला के सिर पर गंभीर चोट लगी और आठ टांके लगाने पड़े।

    आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?

    पुलिस ने आरोपी को 6 मई को कांदिवली इलाके से गिरफ्तार किया।

    Conclusion

    कांदिवली के चारकोप इलाके में सामने आया यह मामला घरेलू हिंसा की बढ़ती घटनाओं की गंभीर तस्वीर पेश करता है। मामूली विवाद के बाद पत्नी पर इस तरह का जानलेवा हमला समाज के लिए चिंता का विषय है।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घरेलू विवादों को हिंसा में बदलने से रोकने के लिए समाज और कानून दोनों स्तर पर और मजबूत कदम उठाने की जरूरत है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

  • 🚨 Mumbai Viral Video: Kandivali में ‘Marathi Language Row’ पर बवाल! Raj Thackeray को गाली देने पर शख्स की पिटाई? सच क्या है?

    🚨 Mumbai Viral Video: Kandivali में ‘Marathi Language Row’ पर बवाल! Raj Thackeray को गाली देने पर शख्स की पिटाई? सच क्या है?

    Kandivali Mumbai viral video में Raj Thackeray को लेकर गाली देने पर MNS workers द्वारा शख्स की पिटाई का दावा। Marathi language row फिर गरमाया। जानें पूरा मामला, सरकार की नई policy और सच्चाई।

    मुंबई: कांदिवली इलाके से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स को कथित तौर पर Raj Thackeray को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद पीटते हुए दिखाया गया है। हालांकि, इस वीडियो की सच्चाई की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    🎥 क्या है पूरा वायरल वीडियो मामला?

    वायरल क्लिप में एक व्यक्ति से पूछा जाता है कि क्या वह मराठी भाषा बोल सकता है। पहले वह “हाँ” कहता है, लेकिन बाद में बातचीत के दौरान वह खुद कहता है कि उसे मराठी नहीं आती।

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    इसी दौरान उससे यह सवाल किया जाता है कि अगर Raj Thackeray उसके गैरेज पर आएं तो वह मराठी में क्या बोलेगा। जवाब में वह कथित तौर पर गाली देता है (वीडियो में beep किया गया है)।

    इसके बाद वीडियो में दिखता है कि कुछ लोग उसे पकड़कर मारते-पीटते हैं और गालियां देते हैं।

    ⚠️ वीडियो की Authenticity पर बड़ा सवाल

    इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि अभी तक:

    • शख्स की पहचान सामने नहीं आई है
    • वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है
    • पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट बयान जारी नहीं हुआ

    कई मीडिया रिपोर्ट्स में भी साफ कहा गया है कि इस वायरल वीडियो की authenticity verify नहीं की गई है।

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    🔥 Marathi Language Row फिर क्यों गरमाया?

    मुंबई और महाराष्ट्र में एक बार फिर “Marathi Language Row” चर्चा में है। हाल ही में राज्य सरकार ने लोकल ट्रांसपोर्ट सेक्टर में मराठी भाषा को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की है।

    🏛️ सरकार का बड़ा फैसला – Drivers को Marathi सिखाने की मुहिम

    Maharashtra Transport Department ने 1 मई से एक statewide अभियान शुरू किया है।

    इस अभियान के तहत:

    • Auto-rickshaw और taxi drivers को basic Marathi सिखाई जाएगी
    • Motor Vehicle rules को सख्ती से लागू किया जाएगा
    • 100 दिन (15 अगस्त तक) awareness campaign चलेगा

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    Transport Minister Pratap Sarnaik ने साफ किया है कि:
    👉 Marathi न आने पर सीधे सजा नहीं दी जाएगी
    👉 पहले awareness और training पर फोकस रहेगा

    🗣️ MNS और Marathi Identity का पुराना कनेक्शन

    Maharashtra Navnirman Sena (MNS) लंबे समय से मुंबई में Marathi identity और language को लेकर आक्रामक रुख अपनाती रही है।

    ऐसे में इस तरह के वायरल वीडियो माहौल को और ज्यादा संवेदनशील बना सकते हैं।

    🌐 सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है?

    यह वीडियो X (Twitter), Instagram और WhatsApp पर तेजी से शेयर हो रहा है। कुछ लोग इसे “language pride” से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे “mob violence” बता रहे हैं।

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    ❓ FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. क्या Kandivali viral video असली है?

    अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    Q2. वीडियो में क्या दिख रहा है?

    एक व्यक्ति को Raj Thackeray पर गाली देने के बाद कुछ लोग पीटते हुए दिख रहे हैं।

    Q3. सरकार ने Marathi language पर क्या फैसला लिया है?

    Auto और taxi drivers को basic Marathi सिखाने के लिए awareness campaign शुरू किया गया है।

    Q4. क्या Marathi न आने पर सजा मिलेगी?

    नहीं, फिलहाल केवल training और awareness पर ध्यान है।

    🏁 Conclusion

    कांदिवली का यह वायरल वीडियो मुंबई के संवेदनशील “Marathi Language Row” को फिर से सुर्खियों में ले आया है। हालांकि, बिना पुष्टि के ऐसे वीडियो पर विश्वास करना सही नहीं है। वहीं, सरकार की नई policy साफ दिखाती है कि भाषा को लेकर सख्ती के बजाय जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है।

  • 🚨 Kandivali Accident News: तेज रफ्तार बाइक ने ली महिला की जान, Raghuleela Mall के पास दर्दनाक हादसा!

    🚨 Kandivali Accident News: तेज रफ्तार बाइक ने ली महिला की जान, Raghuleela Mall के पास दर्दनाक हादसा!

    Kandivali Mumbai Accident News: कांदिवली वेस्ट में तेज रफ्तार KTM बाइक की टक्कर से 49 वर्षीय महिला की मौत। Poisar Gymkhana के पास हुआ हादसा, पुलिस ने केस दर्ज किया।

    मुंबई: कांदिवली वेस्ट इलाके में Kandivali Accident News के तहत एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां तेज रफ्तार बाइक ने एक महिला की जान ले ली। यह घटना शहर में बढ़ते road accident in Mumbai और लापरवाह ड्राइविंग पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

    🧾 क्या हुआ? (What Happened in Kandivali Accident)

    14 अप्रैल की शाम करीब 8 बजे, 49 वर्षीय रश्मि दिलीप चालके, जो एक प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में काम करती थीं, रोज की तरह ऑफिस से घर लौट रही थीं।

    जैसे ही वह सड़क पार कर रही थीं, तभी एक तेज रफ्तार KTM Duke बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें इलाज से पहले ही मृत घोषित कर दिया।

    📍 कहाँ हुआ? (Location of Mumbai Road Accident)

    यह हादसा मुंबई के कांदिवली (पश्चिम) में हुआ:

    • 📌 Raghuleela Mall के पास
    • 📌 Poisar Gymkhana के नजदीक
    • 📌 बोरीसापाडा रोड, महावीर नगर क्षेत्र

    यह इलाका काफी व्यस्त रहता है और यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं।

    😢 लोगों पर असर (Impact on Family & Society)

    रश्मि चालके पिछले 30 सालों से उसी इलाके में काम कर रही थीं और अपने परिवार की जिम्मेदारी निभा रही थीं।

    उनके पति दिलीप चालके, जो पहले नगर निगम के जल विभाग में कार्यरत थे और अब रियल एस्टेट में काम करते हैं, इस हादसे से पूरी तरह टूट गए हैं।

    परिवार घर पर उनका इंतजार कर रहा था, लेकिन जो खबर आई उसने सब कुछ बदल दिया। स्थानीय लोगों में भी गुस्सा है और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    ⚖️ सरकारी अपडेट (Police Action & Case Details)

    कांदिवली पुलिस ने इस मामले में बाइक चालक गौरव वसंत पाटिल (26) के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    आरोपी बोरीवली का रहने वाला है और हादसे के वक्त उसके साथ एक महिला मित्र भी मौजूद थी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक:

    • बाइक बहुत तेज रफ्तार में थी
    • लापरवाही से चलाई जा रही थी

    पुलिस ने निम्न धाराओं में मामला दर्ज किया है:

    • Causing death due to negligence
    • Violation of traffic rules

    👉 अधिक जानकारी के लिए:

    🚨 आगे क्या होगा? (What Happens Next)

    फिलहाल आरोपी भी घायल है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

    जैसे ही उसकी हालत स्थिर होगी, पुलिस उससे पूछताछ करेगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    साथ ही, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर केस को मजबूत करने में जुटी है।


    ❓ FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. हादसा कब हुआ?
    👉 14 अप्रैल 2026, शाम करीब 8 बजे

    Q2. मृत महिला कौन थीं?
    👉 रश्मि दिलीप चालके (49 वर्ष), अकाउंटेंट

    Q3. आरोपी कौन है?
    👉 गौरव वसंत पाटिल (26), बोरीवली निवासी

    Q4. बाइक कौन सी थी?
    👉 KTM Duke

    Q5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    👉 लापरवाही से मौत और ट्रैफिक नियम उल्लंघन का केस दर्ज

    🧾 Conclusion

    कांदिवली का यह हादसा एक बार फिर यह दिखाता है कि speeding और negligent driving कितनी खतरनाक हो सकती है।

    मुंबई जैसे शहर में जहां हर दिन लाखों लोग सड़कों पर निकलते हैं, वहां ट्रैफिक नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

    अगर समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे हादसे और बढ़ सकते हैं।

  • Mumbai Job Scam: “सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 1.54 करोड़ की ठगी!” — Kandivali में Fake Appointment Letter गैंग का पर्दाफाश

    Mumbai Job Scam: “सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 1.54 करोड़ की ठगी!” — Kandivali में Fake Appointment Letter गैंग का पर्दाफाश

    Mumbai Kandivali Fake Job Scam — 13 आरोपी, ₹1.54 crore fraud, fake government job offer letters exposed. Police investigation underway, job seekers alert!

    मुंबई: मायानगरी में नौकरी के नाम पर ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। Kandivali के चारकोप इलाके में सरकारी नौकरी का झांसा देकर 10 लोगों से करीब ₹1 करोड़ 54 लाख 50 हजार की ठगी की गई। इस मामले में Mumbai Police ने 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    ⚠️ कैसे चला Fake Job Scam? (Mumbai Job Fraud Case)

    पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चलाए जा रहे संगठित रैकेट का है।

    मुख्य आरोपी सतीश वानखेडे ने खुद को बड़े सरकारी अधिकारियों से जुड़ा हुआ बताया और दावा किया कि वह बिना परीक्षा दिए सीधे नौकरी दिलवा सकता है।

    उसने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि उसकी पहुंच मंत्रालय और विभागों तक है, जिससे नौकरी “पक्की” हो जाएगी।

    💰 10 लोगों से वसूले ₹1.54 करोड़ (Huge Financial Fraud)

    धीरे-धीरे आरोपी ने न सिर्फ शिकायतकर्ता बल्कि उसके परिचितों को भी अपने जाल में फंसा लिया।

    • कुल पीड़ित: 10 लोग
    • कुल ठगी रकम: ₹1,54,50,000
    • तरीका: नौकरी का लालच + फर्जी वादे

    इस तरह यह पूरा नेटवर्क chain referral scam की तरह फैलता गया।

    🧾 Fake Appointment Letters से किया भरोसा (Bogus Documents Scam)

    आरोपियों ने पीड़ितों को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र (Fake Appointment Letters) भी दिए।

    इनमें सरकारी विभागों के नाम शामिल थे:

    • विधानभवन
    • महानगरपालिका (BMC)
    • Public Health Department
    • State Excise
    • Income Tax Department
    • Postal Department

    लेकिन बाद में जांच में सामने आया कि ये सभी दस्तावेज पूरी तरह से नकली (forged) थे।

    सालों तक नहीं मिली नौकरी, तब खुला राज

    पीड़ितों ने 2019 से लेकर कई साल तक इंतजार किया, लेकिन:

    • नौकरी नहीं मिली
    • आरोपी टालमटोल करते रहे

    जब शक बढ़ा, तब पीड़ितों ने Charkop Police Station में शिकायत दर्ज करवाई।

    🚔 13 आरोपियों पर FIR दर्ज, जांच जारी

    पुलिस ने इस मामले में 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:
    सतीश वानखेडे, शरद राजगुरु, बाळासाहेब कांबळे, डॉ. मंगेश पाटील, धवल पाटील, प्रमोद सोलापुरे, विनोद माळी, रविंद्र कांबळे, जितेंद्र चौधरी, अभय पाटील, कमलेश गांधलिकर, दिनेश निकाळे और यतीन मोरे।

    इन सभी पर cheating, forgery और criminal conspiracy के तहत कार्रवाई की जा रही है।

    पुलिस ने बताया कि जांच अभी जारी है और और भी खुलासे हो सकते हैं

    🔎 मुंबई में पहले भी सामने आ चुके हैं Job Scams

    मुंबई और आसपास के इलाकों में पहले भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां:

    • BMC नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी हुई
    • Income Tax और Railway job के नाम पर fake letters दिए गए

    इससे साफ है कि Job Scam Mumbai एक बड़ा नेटवर्क बनता जा रहा है।

    🛑 कैसे बचें ऐसे Fake Job Scam से? (Safety Tips)

    अगर आप नौकरी ढूंढ रहे हैं, तो ध्यान रखें:

    • ❌ कोई भी असली सरकारी नौकरी पैसे लेकर नहीं मिलती
    • ❌ Offer letter के लिए upfront payment = 100% scam
    • ✔️ Official website से ही apply करें
    • ✔️ Government jobs के लिए exams mandatory होते हैं

    🔗 Useful Official Links


    FAQ (लोग क्या सर्च कर रहे हैं?)

    1. Kandivali Job Scam क्या है?

    सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 13 लोगों ने 10 लोगों से ₹1.54 करोड़ की ठगी की।

    2. क्या फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए थे?

    हाँ, आरोपियों ने fake government appointment letters दिए।

    3. कितने लोगों पर केस दर्ज हुआ?

    कुल 13 आरोपियों पर FIR दर्ज हुई है।

    4. पुलिस कौन जांच कर रही है?

    Mumbai Police (Charkop Police Station) इस केस की जांच कर रही है।

    5. ऐसे scam से कैसे बचें?

    कभी भी नौकरी के लिए पैसे न दें और सिर्फ official websites पर भरोसा करें।

  • Kandivali: बेटे को फ्लैट खाली करने का आदेश, 5000 रुपये महीना देना होगा

    Kandivali: बेटे को फ्लैट खाली करने का आदेश, 5000 रुपये महीना देना होगा

    Mumbai Kandivali West में senior citizen के हक में बड़ा फैसला। Tribunal ने बेटे को फ्लैट खाली करने और ₹5000 monthly maintenance देने का आदेश दिया। जानिए पूरा मामला और Senior Citizens Act 2007 के नियम।

    मुंबई: Kandivali West इलाके से एक अहम मामला सामने आया है, जहां 69 साल के बुजुर्ग पिता को उनके ही बेटे से लड़ कर कोर्ट से न्याय की गुहार लगानी पड़ी। ट्रिब्यूनल कोर्ट ने बेटे को पिता का फ्लैट खाली करने और हर महीने ₹5000 maintenance देने का आदेश दिया है।

    ⚖️ ट्रिब्यूनल ने दिया सख्त आदेश

    यह फैसला Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act 2007 के तहत दिया गया। केस की सुनवाई बांद्रा (पूर्व) के सब-डिविजनल ऑफिसर और पेरेंट्स एंड सीनियर सिटिजन्स मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल कोर्ट में हुई।

    🏠 बेटे पर फ्लैट कब्जा करने और परेशान करने का आरोप

    69 वर्षीय बुजुर्ग ने शिकायत में बताया कि उनके बेटे ने उनके खुद के फ्लैट पर जबरन कब्जा कर लिया था और उन्हें वहां से बाहर कर दिया था।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बेटे के कारण उन्हें मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानी और मेडिकल खर्च उठाने में दिक्कत हो रही थी।

    🚓 पुलिस में शिकायत और कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

    पीड़ित ने पहले पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और बाद में ट्रिब्यूनल कोर्ट में अपील की।
    जनवरी में कोर्ट ने आदेश दिया था कि फ्लैट वापस बुजुर्ग को सौंपा जाए, लेकिन बेटे ने आदेश नहीं माना।

    🚨 पुलिस को हस्तक्षेप के आदेश

    बेटे द्वारा आदेश का पालन नहीं करने पर ट्रिब्यूनल कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह हस्तक्षेप कर फ्लैट खाली करवाए और बुजुर्ग को कब्जा दिलाए।

    Mumbai Police की मदद से आखिरकार पिछले महीने फ्लैट का कब्जा बुजुर्ग को वापस दिला दिया गया।

    🧾 बेटे की दलील भी कोर्ट ने सुनी

    सुनवाई के दौरान बेटे ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि उसने पिता को रहने से नहीं रोका और संपत्ति पर उसका भी अधिकार है।

    उसने पारिवारिक विवाद और harassment के काउंटर आरोप भी लगाए, लेकिन कोर्ट ने सभी दस्तावेज और सबूतों के आधार पर फैसला सुनाया।

    📊 ट्रिब्यूनल का अहम ऑब्जर्वेशन

    कोर्ट ने माना कि फ्लैट का मालिकाना हक बुजुर्ग के पास है और बेटे के व्यवहार से उनका “peaceful living” प्रभावित हुआ है।

    ट्रिब्यूनल ने कहा कि बच्चों की जिम्मेदारी सिर्फ खाना-पीना नहीं बल्कि माता-पिता को सम्मान और सुरक्षित जीवन देना भी है।

    📌 ट्रिब्यूनल के मुख्य आदेश (Key Directions)

    • बेटे को 30 दिनों के अंदर फ्लैट खाली करना होगा
    • बुजुर्ग को शांतिपूर्ण कब्जा देना अनिवार्य
    • हर महीने ₹5000 maintenance देना होगा
    • जरूरत पड़ने पर पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित करेगी

    🔗 सरकारी कानून और जानकारी


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या माता-पिता अपने बच्चे को घर से निकाल सकते हैं?
    हाँ, अगर घर उनके नाम पर है और बच्चा परेशान कर रहा है, तो कानून इसके लिए अनुमति देता है।

    Q2. Senior Citizens Act 2007 क्या कहता है?
    यह कानून बच्चों को अपने माता-पिता की देखभाल और maintenance देने के लिए बाध्य करता है।

    Q3. Maintenance कितनी तय होती है?
    यह कोर्ट केस के आधार पर तय करता है, जैसे इस मामले में ₹5000 महीना तय किया गया।

    Q4. अगर बेटा आदेश नहीं माने तो क्या होगा?
    पुलिस हस्तक्षेप कर सकती है और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

  • Midnight Bike Noise से परेशान Kandivali Residents, Traffic Police ने कसी लगाम

    Midnight Bike Noise से परेशान Kandivali Residents, Traffic Police ने कसी लगाम

    Mumbai के Kandivali और Malad इलाके में Midnight Bike Noise और Modified Silencer Bikers से Residents परेशान। Traffic Police ने शुरू की कार्रवाई, जानें पूरी खबर, Rules और Complaint Links।

    मुंबई: Mumbai के Kandivali और Malad के रिहायशी इलाकों में देर रात तेज आवाज वाली बाइक रेसिंग से लोगों की नींद हराम हो गई है। खासकर Lokhandwala से Pathanwadi को जोड़ने वाली सड़क पर Midnight Bike Noise एक बड़ी समस्या बन चुकी है। लगातार शिकायतों के बाद Traffic Police ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

    🔊 Midnight Bike Noise बना Residents के लिए सिरदर्द

    Lokhandwala से Pathanwadi तक का रोड काफी खुला, बिना ट्रैफिक और बिना स्पीड ब्रेकर वाला है। यही वजह है कि Modified Silencer वाली बाइक्स यहां देर रात तेज रफ्तार में दौड़ती हैं।

    Residents का कहना है कि यह रोड अब Night Racing Zone बन गया है, जहां बाइकर्स जानबूझकर Loud Exhaust Sound के साथ स्टंट करते हैं।

    😴 नींद उड़ने से Health पर असर

    Godrej Nest में रहने वाले 38 वर्षीय Subroojit S C बताते हैं कि
    “यहां शांति की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन हर रात Loud Bike Noise से नींद टूट जाती है।”

    वहीं Sapphire Heights की 55 वर्षीय Neetu Khathuria कहती हैं:
    “11th फ्लोर पर रहने के बावजूद आवाज इतनी तेज आती है कि नींद पूरी नहीं होती।”

    ❤️ Heart Patient Families में बढ़ी चिंता

    एक Resident ने बताया कि उनके घर में Heart Patient हैं, और अचानक आने वाली तेज आवाज उनकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है।
    इस तरह का Noise Pollution अब सिर्फ परेशानी नहीं बल्कि Health Risk बन गया है।

    👥 Citizens Group ने उठाई आवाज

    “We All Connect (WAC)” नाम के Citizens Group ने इस मुद्दे को Traffic Police तक पहुंचाया।
    Group के Founder Santy Shetty के अनुसार, हाल के महीनों में Complaints में काफी बढ़ोतरी हुई है।

    🚓 Traffic Police Action: 6 Illegal Silencers हटाए

    Samta Nagar Traffic Division ने कार्रवाई करते हुए:

    • पिछले 1 महीने में 6 Modified Silencers हटाए
    • ₹1000 Fine लगाया
    • Offenders की पहचान के लिए Residents से Bike Numbers नोट करने को कहा

    एक Senior Officer ने बताया:
    “ऐसे Vehicles मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाती है।”

    ⚠️ Residents की मांग: Regular Patrolling जरूरी

    Residents का कहना है कि:

    • सिर्फ Sporadic Action से काम नहीं चलेगा
    • Night Patrolling बढ़ानी होगी
    • Speed Breakers लगाने की जरूरत है

    तभी इलाके में शांति वापस आ सकती है।


    🔗 Online Complaint Links (Government)


    FAQ Section

    Q1. Modified Silencer पर कितना Fine लगता है?
    👉 ₹1000 का जुर्माना और Silencer जब्त किया जाता है।

    Q2. Complaint कैसे करें?
    👉 Mumbai Traffic Police की Official Website या Helpline पर शिकायत कर सकते हैं।

    Q3. Night Racing Illegal है क्या?
    👉 हां, यह Motor Vehicles Act के तहत Illegal है।

    Q4. Police क्या Action लेती है?
    👉 Fine, Vehicle Seizure और Silencer Removal।

  • Kandivali में अवैध E-Cigarette रैकेट का भंडाफोड़, नाबालिग छात्रों को सप्लाई; दो आरोपी गिरफ्तार

    Kandivali में अवैध E-Cigarette रैकेट का भंडाफोड़, नाबालिग छात्रों को सप्लाई; दो आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के Kandivali West में पुलिस ने अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का खुलासा किया। Class 11 के छात्रों को vaping devices देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 1.16 लाख रुपये के प्रतिबंधित सामान जब्त किए गए।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। Kandivali Police ने नाबालिग छात्रों को banned electronic cigarettes बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में करीब 1.16 लाख रुपये के प्रतिबंधित vaping products जब्त किए हैं। यह कार्रवाई Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत की गई है, जिसके तहत भारत में e-cigarette की बिक्री और वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित है।

    पुलिस को गश्त के दौरान मिला सुराग

    पुलिस के अनुसार 2 मार्च को Sub-Inspector श्रीकांत मगर (Shrikant Magar) की टीम कांदिवली वेस्ट के इरानीवाड़ी इलाके में नियमित गश्त कर रही थी। उसी दौरान पुलिस ने कुछ Class 11 के छात्रों को e-cigarette पीते हुए (vaping) देखा।

    भारत में electronic cigarettes पर प्रतिबंध होने के कारण पुलिस ने तुरंत छात्रों से पूछताछ की।

    छात्रों ने बताया दोस्त से मिला था vaping device

    पूछताछ के दौरान छात्रों ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह vaping device उनके दोस्त “मंथन” से मिला था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे जांच शुरू की और सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश की।

    जांच के दौरान पुलिस ने एक अन्य संदिग्ध की पहचान रोहित सभाजीत उपाध्याय (Rohit Sabhajit Upadhyay) के रूप में की, जो कांदिवली वेस्ट का रहने वाला है।

    आरोपी के घर से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामान बरामद

    पुलिस ने रोहित उपाध्याय के घर पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान वहां से 131 प्रतिबंधित e-cigarettes और अलग-अलग कंपनियों के refill e-liquid bottles बरामद किए गए।

    जब्त किए गए इन सामानों की कीमत लगभग 78,500 रुपये बताई जा रही है।

    कुल 292 प्रतिबंधित सामान जब्त

    पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कुल 292 प्रतिबंधित items जब्त किए। इनमें e-cigarettes, e-liquids और विदेशी सिगरेट शामिल हैं। इन सभी की कुल कीमत लगभग 1.16 लाख रुपये बताई गई है।

    पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क खास तौर पर नाबालिग छात्रों को target कर रहा था, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।

    Electronic Cigarettes Act के तहत कार्रवाई

    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत मामला दर्ज किया है। इस कानून के अनुसार भारत में e-cigarette की बिक्री, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और विज्ञापन पूरी तरह गैरकानूनी है।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि यह अवैध सप्लाई नेटवर्क और किन-किन इलाकों में सक्रिय था।

    नाबालिगों में बढ़ती vaping की समस्या

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में स्कूल और कॉलेज के छात्रों में vaping का चलन बढ़ता दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि पुलिस अब ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रख रही है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक e-cigarette का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है और कम उम्र के बच्चों पर इसका असर और ज्यादा गंभीर हो सकता है।


    FAQ

    1. कांदिवली में क्या मामला सामने आया है?

    कांदिवली में पुलिस ने अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

    2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?

    इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    3. पुलिस ने कितने सामान जब्त किए?

    पुलिस ने कुल 292 प्रतिबंधित items जब्त किए हैं।

    4. जब्त सामान की कीमत कितनी है?

    जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 1.16 लाख रुपये बताई गई है।

    5. भारत में e-cigarette क्यों बैन है?

    भारत में Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत e-cigarette की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध है।

  • Kandivali Vendor Action: BMC कमिश्नर भूषण गगराणी सख्त, अवैध फेरीवालों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई के आदेश

    Kandivali Vendor Action: BMC कमिश्नर भूषण गगराणी सख्त, अवैध फेरीवालों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई के आदेश

    Kandivali Lokhandwala Circle में BMC की कार्रवाई के दौरान भीड़ ने अधिकारियों पर हमला किया। इसके बाद BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और illegal vendors पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में illegal hawkers और footpath encroachment को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) की टीम जब Kandivali के Vishwakarmanye Chowk (Lokhandwala Circle) इलाके में अवैध फेरीवालों को हटाने की कार्रवाई कर रही थी, उसी दौरान भीड़ ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने 8 मार्च 2026 को खुद मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की और सख्त निर्देश जारी किए।

    कमिश्नर भूषण गगराणी ने किया घटनास्थल का दौरा

    घटना की गंभीरता को देखते हुए BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने रविवार (8 मार्च 2026) को Kandivali Lokhandwala Circle पहुंचकर पूरे इलाके का निरीक्षण किया। उन्होंने उस जगह का जायजा लिया जहां नगर निगम की टीम पर हमला हुआ था।

    Kandivali-Vendor-Action-BMC-Commissioner-Bhushan-Gagrani-illegal-hawkers-news

    इस दौरान उन्होंने कार्रवाई में शामिल BMC officers और staff से भी मुलाकात की और उनसे पूरी घटना की जानकारी ली।

    अधिकारी और कर्मचारियों से की बातचीत

    कमिश्नर गगराणी ने उस टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी मुलाकात की जिन्हें कार्रवाई के दौरान भीड़ के हमले का सामना करना पड़ा था। उन्होंने उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली और उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।

    अवैध फेरीवालों और अतिक्रमण पर तुरंत कार्रवाई के आदेश

    निरीक्षण के दौरान BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने साफ निर्देश दिया कि इलाके में मौजूद सभी illegal hawkers, footpath encroachment और रास्ते में बाधा पैदा करने वाले दुकानदारों के खिलाफ immediate और strict action लिया जाए।

    उन्होंने कहा कि फुटपाथ और सड़कों पर इस तरह का अतिक्रमण होने से traffic congestion और pedestrian movement दोनों पर असर पड़ता है।

    7 मार्च को हुई थी BMC की निष्कासन कार्रवाई

    दरअसल 7 मार्च 2026 को BMC के R South Ward की टीम ने Kandivali के Vishwakarmanye Chowk (Lokhandwala Circle) इलाके में अवैध फेरीवालों के खिलाफ encroachment removal drive चलाई थी।

    कार्रवाई के दौरान अचानक भीड़ ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इतना ही नहीं, भीड़ ने BMC के वाहन और मशीनरी में भी तोड़फोड़ की।

    सड़क और फुटपाथ से हटवाए गए अवरोध

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    निरीक्षण के दौरान कमिश्नर गगराणी ने मौके पर खड़े होकर सड़क और फुटपाथ पर खड़ी गाड़ियों और अन्य अवरोधों को हटाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने खास तौर पर देखा कि फुटपाथ पर खड़ी गाड़ियों और अन्य सामान से पैदल चलने वालों को परेशानी हो रही थी।

    पिज्जा दुकान को तुरंत बंद करने का आदेश

    निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि एक pizza shop के बाहर delivery bikes खड़ी होने की वजह से सड़क पर ट्रैफिक बाधित हो रहा था।

    इस पर BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने तुरंत उस pizza shop को बंद करने का आदेश दे दिया।

    हमले में कॉलेज छात्रों की भी भूमिका

    कमिश्नर गगराणी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि illegal vendors के साथ कुछ local college students भी इस हमले में शामिल थे।

    इसको देखते हुए संबंधित कॉलेजों को सूचना भेजकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    BMC की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

    गगराणी ने साफ कहा कि illegal hawkers, footpath encroachment और unauthorized construction के खिलाफ BMC anti-encroachment drive आगे भी लगातार जारी रहेगी।

    उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला करना पूरी तरह निंदनीय और अस्वीकार्य है।


    FAQ

    1. कांदिवली में BMC की कार्रवाई कब हुई?

    BMC ने 7 मार्च 2026 को Kandivali Lokhandwala Circle इलाके में अवैध फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

    2. BMC कमिश्नर कब मौके पर पहुंचे?

    8 मार्च 2026 को BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने घटनास्थल का दौरा किया।

    3. कार्रवाई के दौरान क्या हुआ था?

    कार्रवाई के दौरान भीड़ ने BMC अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला किया और वाहन व मशीनरी में तोड़फोड़ की।

    4. कमिश्नर ने क्या निर्देश दिए?

    उन्होंने illegal hawkers, footpath encroachment और रास्ते में बाधा पैदा करने वाले दुकानदारों पर तुरंत सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया।

    5. क्या इस घटना में छात्र भी शामिल थे?

    प्रारंभिक जांच में पता चला कि कुछ स्थानीय कॉलेज के छात्र भी भीड़ के साथ शामिल थे