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  • स्मार्ट कैमरे चालान काट सकते हैं, तो गड्ढे क्यों नहीं दिखते?

    स्मार्ट कैमरे चालान काट सकते हैं, तो गड्ढे क्यों नहीं दिखते?

    मुंबई की सड़कों पर स्मार्ट कैमरे चालान काटने में तेज हैं, लेकिन गड्ढों और टूटी सड़कों की हकीकत नहीं पकड़ते। असली सुरक्षा सड़क मरम्मत में है। If smart cameras can issue challans, then why can’t they see the potholes?

    मुंबई शहर में ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए स्मार्ट कैमरे अब हर जगह लगाए गए हैं। ये कैमरे हेलमेट न पहनने वाले बाइक सवारों से लेकर सिग्नल तोड़ने वाली गाड़ियों तक, हर गलती को रिकॉर्ड करते हैं और तुरंत चालान जेनरेट कर देते हैं। लेकिन हैरानी की बात ये है कि यही कैमरे शहर की सड़कों पर मौजूद गड्ढों और खतरनाक हालात को बिल्कुल नहीं पकड़ते। सवाल उठता है – क्या सड़क सुरक्षा सिर्फ चालान काटने तक सीमित है, या फिर उन गड्ढों को भरना भी उतना ही जरूरी है जिनसे रोज़ाना हजारों लोग हादसों का शिकार हो जाते हैं?

    Challan-System-Mumbai

    🚦 चालान में तेजी, मरम्मत में देरी

    मुंबई में रोज़ाना हजारों गाड़ियों पर चालान काटे जाते हैं। सरकार और ट्रैफिक पुलिस दावा करती है कि इससे सड़क पर अनुशासन और सुरक्षा बनी रहती है। लेकिन दूसरी तरफ हकीकत ये है कि सड़कों पर मौजूद गहरे गड्ढे और टूटी सड़कों के कारण दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। गड्ढों से गिरकर बाइक सवारों की मौत की खबरें आए दिन अखबारों में छपती हैं। If smart cameras can issue challans, then why can’t they see the potholes?

    🛑 गड्ढों का खतरा चालान से बड़ा

    अगर देखा जाए तो बिना हेलमेट बाइक चलाना या लालबत्ती पार करना खतरनाक है, लेकिन उससे भी ज्यादा खतरनाक है सड़क पर मौजूद गड्ढे। बरसात में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं और गाड़ी चलाते वक्त बिल्कुल भी नजर नहीं आते। नतीजा – हादसा। कई बार तो चालान भरकर घर लौटते वक्त ही लोग इन गड्ढों की वजह से अस्पताल पहुंच जाते हैं। If smart cameras can issue challans, then why can’t they see the potholes?

    🤔 स्मार्ट कैमरे क्यों नहीं पकड़ते गड्ढे?

    तकनीक इतनी विकसित है कि नंबर प्लेट पहचानने से लेकर ओवरस्पीड पकड़ने तक सबकुछ संभव है। तो फिर गड्ढों और टूटी सड़कों को पहचानने की टेक्नोलॉजी क्यों इस्तेमाल नहीं होती? अगर कैमरे इन गड्ढों का डेटा कलेक्ट करके BMC या संबंधित विभाग तक पहुंचा सकें तो सड़क मरम्मत जल्दी हो सकती है। If smart cameras can issue challans, then why can’t they see the potholes?

    📉 सिर्फ चालान से नहीं बढ़ेगी सुरक्षा

    ट्रैफिक नियमों का पालन करना जरूरी है, लेकिन असली सुरक्षा तभी मिलेगी जब सड़कें भी सुरक्षित होंगी। सिर्फ चालान काटने से जनता की सुरक्षा नहीं होगी। जरूरी है कि सरकार और नगर निगम मिलकर कैमरों को सड़क सर्वे के लिए भी इस्तेमाल करें। If smart cameras can issue challans, then why can’t they see the potholes?

    💡 समाधान क्या है?

    • स्मार्ट कैमरों को AI सिस्टम से जोड़कर गड्ढों की पहचान करना।
    • चालान के साथ-साथ गड्ढों की रिपोर्टिंग का सिस्टम बनाना।
    • सड़क मरम्मत के लिए समयबद्ध प्लान बनाना।
    • ट्रैफिक सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को बराबर महत्व देना।
  • मुंबई के कांदीवली शताब्दी अस्पताल में दिव्यांग प्रमाणपत्र केंद्र

    मुंबई के कांदीवली शताब्दी अस्पताल में दिव्यांग प्रमाणपत्र केंद्र

    मुंबई महानगरपालिका ने कांदीवली शताब्दी अस्पताल में दिव्यांग प्रमाणपत्र केंद्र शुरू किया। अब पश्चिमी उपनगरों के दिव्यांगों को बड़ी राहत मिलेगी। Disability Certification Centre at Shatabdi Hospital, Kandivali, Mumbai

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से कांदीवली पश्चिम स्थित भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जनरल हॉस्पिटल (शताब्दी) में नया दिव्यांग परीक्षण, मूल्यांकन और प्रमाणपत्र वितरण केंद्र शुरू किया गया है। इस पहल से पश्चिमी उपनगरों के दिव्यांग नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें पहले दस्तावेज़ और प्रमाणपत्र बनाने के लिए जेजे या कूपर अस्पताल तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। Disability Certification Centre at Shatabdi Hospital, Kandivali, Mumbai

    किस तरह के प्रमाणपत्र मिलेंगे?

    इस नए केंद्र पर चार श्रेणियों में दिव्यांग प्रमाणपत्र उपलब्ध होंगे:

    1. हड्डी से जुड़ी विकलांगता (Orthopaedic disabilities)
    2. कान से जुड़ी विकलांगता (Ear-related conditions)
    3. आंखों की विकलांगता (Eye impairments)
    4. कुष्ठ रोग से संबंधित विकलांगता (Leprosy-related deformities)

    किन क्षेत्रों के लोगों को मिलेगी राहत?

    अब जोगेश्वरी से दहिसर और मीरा रोड से विरार तक के दिव्यांग नागरिकों को दस्तावेज़ीकरण के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सुविधा सीधे कांदीवली पश्चिम के शताब्दी अस्पताल में उपलब्ध होगी। Disability Certification Centre at Shatabdi Hospital, Kandivali, Mumbai

    प्रक्रिया और पंजीकरण

    • दिव्यांग नागरिकों को पहले Unique Disability ID (UDID) के लिए सरकारी वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा।
    • पंजीकरण के बाद योग्य उम्मीदवारों को हर बुधवार मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया जाएगा।
    • अस्पताल में एक विशेष अटेंडेंट भी तैनात रहेगा जो मरीजों को सभी विभागों तक लेकर जाएगा, रिपोर्ट जमा कराने में मदद करेगा और उनकी प्रक्रिया को आसान बनाएगा।

    अस्पताल प्रबंधन की भूमिका

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका अस्पतालों के मुख्य अधीक्षक डॉ. चंद्रकांत पवार ने बताया कि यह कदम न सिर्फ स्थानीय मरीजों को फायदा देगा बल्कि कूपर अस्पताल पर बोझ भी कम करेगा। Disability Certification Centre at Shatabdi Hospital, Kandivali, Mumbai

    शुरुआत में यह केंद्र प्रति सप्ताह केवल 3–4 मरीजों को प्रमाणपत्र जारी करेगा क्योंकि कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि फर्जी दावों को रोका जा सके। अनुभव और प्रशिक्षण बढ़ने के साथ प्रमाणपत्र वितरण की गति भी बढ़ाई जाएगी। Disability Certification Centre at Shatabdi Hospital, Kandivali, Mumbai

    मुंबई महानगरपालिका की यह पहल दिव्यांग नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल समय और यात्रा की परेशानी कम होगी बल्कि दिव्यांगों को एक सम्मानजनक और सुविधाजनक व्यवस्था भी मिलेगी। Disability Certification Centre at Shatabdi Hospital, Kandivali, Mumbai

  • Mumbai: दही हांडी उत्सव के दौरान एक की मौत 30 घायल, 15 अस्पताल में भर्ती

    Mumbai: दही हांडी उत्सव के दौरान एक की मौत 30 घायल, 15 अस्पताल में भर्ती

    मुंबई शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर दही हांडी उत्सव के दौरान कई जगहों पर गोविदा पथक हादसों के शिकार हो गए हैं। इनमें से एक की मौत और 30 घायलों की जानकारी मिल रही है। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    मुंबई: शनिवार 16 अगस्त, कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुंबई में एक की मौत 30 घायल और 15 गोविदा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, मानखुर्द में दही हांडी बांधते समय एक 32 वर्षीय व्यक्ति की गिरकर मौत हो गई है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में दही हंडी फोड़ने के चक्कर में 30 गोविंदा घायल हो गए, जिनमें से से 15 लोगों को अस्पताल भर्ती कराया गया है। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    Mumbai बीएमसी के अधिकारियों क्या कहा?

    मुंबई के उपनगर मानखुर्द में शनिवार दोपहर एक 32 वर्षीय ‘गोविंदा’ की दही हांडी बांधते समय गिरने से मौत हो गई। जबकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में मानव पिरामिड बनाते समय 30 अन्य गोविंदा घायल हो गए। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों ने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर इसकी जानकारी दी। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    पहली मंजिल से गिर कर मौत

    मानखुर्द के महाराष्ट्र नगर मे मृत व्यक्ति की पहचान जगमोहन शिवकिरण चौधरी के रूप में हुई है। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि जगमोहन अपने घर की पहली मंजिल की खिड़की की ग्रिल से एक रस्सी पर दही हांडी यानी दही से भरी हुई मिट्टी की मटकी बांध रहा था। इसी दौरान वह अचानक नीचे गिर पड़ा। चौधरी को तुरंत नगरपालिका द्वारा संचालित शताब्दी गोवंडी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    कहां-कहां हुई घटना?

    मुंबई, ठाणे और आस-पास के इलाकों में भारी बारिश के बीच मनाए गए इस वर्ष के दही हांडी उत्सव में 30 गोविंदा घायल हुए हैं। इनमें से 15 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी घायलों का इलाज कर छुट्टी दे दी गई। अधिकारियों के अनुसार, इन 30 घायलों में 18 दक्षिण मुंबई से हैं, जबकि 6-6 लोग शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों से हैं। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    आस्था और भक्ति भाव

    दही हांडी का त्योहार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूरे महाराष्ट्र में मनाया जाता है। इसमें ‘गोविंदाओं’ की टीमें इंसानी पिरामिड बनाकर मटकी तक पहुंचने और उसे फोड़ने की कोशिश करते हैं। इसी दौरान कई हादसे होते रहते हैं लेकिन आस्था और भक्ति भाव में गोविंदा पथक इस प्रथा को बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाते आ रहे हैं। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

  • सार्वजनिक शौचालय पर परिवार का कब्जा: प्रशासन भी बना ख़ामोश

    सार्वजनिक शौचालय पर परिवार का कब्जा: प्रशासन भी बना ख़ामोश

    हिंदी फिल्मों के सुपरस्टार सलमान खान ने 2017 में जिस सार्वजनिक शौचालय का उद्घाटन किया था उसे एक परिवार ने कब्जा कर लिया है। घटना मुंबई के गोरेगांव (पूर्व) आरे मिल्क कॉलोनी की है। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    मुंबई: गोरेगांव (पूर्व) के आरे मिल्क कॉलोनी के यूनिट क्रमांक 30 का सार्वजनिक शौचालय कब्जा हो चुका है। साल 2017 में बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने यहां दो सार्वजानिक शौचालयों का उद्घाटन किया था। जिसमें से एक जो फिल्म सिटी के पिछले गेट के पास यूनिट क्रमांक 30 में स्थित है उसकी हालत खस्ता हो गई है। इस सार्वजनिक शौचालय के एक हिस्से पर एक परिवार ने अतिक्रमण कर लिया है, जिसका दावा है कि उसे शौचालय की देखभाल के लिए नियुक्त किया गया था। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    जमीनी हकीकत

    जब पत्रकार ने घटनास्थल का दौरा किया, तो ललिता राणे नामक एक महिला यहां कपड़े धोती हुई दिखाई दीं, जबकि उनकी एक और रिश्तेदार जानकी नामक वृद्ध महिला शौचालय के महिला खंड में सो रही थीं, जिसे रहने के लिए जगह और सामान रखने के लिए स्टोरेज रुम में बदल दिया गया है। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    कब्ज़ेदारों ने क्या कहा?

    ललिता ने पत्रकार से बात करते हुए बताया, कि “मेरा जन्म यहीं आरे मिल्क कॉलोनी में हुआ है, और मेरी सास, कमलदेवी राणे, जो पहले शौचालय का रखरखाव संभालती थीं, वह भी इसी इलाके में जन्मी और पली-बढ़ी थीं। दो साल पहले उनका निधन हो गया। बीएमसी ने सालों पहले इस शौचालय का निर्माण कराया था, उसे तोड़ दिया और फिर से बनवाया। सलमान खान भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे। अब सालों से बीएमसी ने इसका रखरखाव नहीं किया है। इसलिए इसकी हालत खस्ता हो गई है। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    रखरखाव की समस्या

    उसने ये भी कहा, कि इसमें पानी का कनेक्शन नहीं है और इसे चालू रखने के लिए कोई धनराशि भी नहीं दी गई है। इस इलाके में अक्सर नशेड़ी देखे जाते हैं, जो हमारी जान के लिए खतरा बने रहते हैं। हमने पास में ही एक छोटा सा कुआँ खोदा है, जिसका इस्तेमाल हम नहाने और बर्तन धोने के लिए करते हैं। अगर बीएमसी पानी और रखरखाव के लिए धनराशि उपलब्ध करा दे, तो यह शौचालय फिर से लोगों की सेवा के लिए चालू किया जा सकता है।”

    टूट गये हैं सभी दरवाजे

    उनकी मौसी ने आगे कहा, “हम शौचालय के इस हिस्से का इस्तेमाल सोने और सामान रखने के लिए करते हैं। यहाँ बिजली या पानी का कनेक्शन नहीं है। महिलाओं का सेक्शन असुरक्षित है – सभी दरवाजे टूटे हुए हैं, इसलिए हमें इसे हमेशा के लिए बंद करना पड़ा। हम बीएमसी और सलमान खान से अनुरोध करते हैं कि वे इस मामले को देखें और हमारी मदद करें।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    मिडिया लेंस

    शौचालय ब्लॉक का वह हिस्सा, जिस पर अतिक्रमण नहीं हुआ था, बेहद खराब हालत में था, जहाँ बुनियादी स्वच्छता, पानी की आपूर्ति और यहाँ तक कि दरवाज़े भी नहीं थे। परिसर में गुटखे के पैकेट, शराब की बोतलें और सिगरेट के टुकड़ों से भरा पड़ा था। इसके अलावा, उद्घाटन और उसमें शामिल लोगों का विवरण देने वाली स्मारक टाइल भी गायब था। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    प्रशासन से मरम्मत की मांग

    आरे मिल्क कॉलोनी के शिवसेना (यूबीटी) शाखा प्रमुख संदीप गढ़वे ने कहा, “सलमान खान ने छह रूमों वाले दो सार्वजनिक शौचालयों का उद्घाटन किया था – एक मद्रासपाड़ा में और दूसरा यूनिट 30 में। दुर्भाग्य से, अधिकारियों की उपेक्षा के कारण यूनिट 30 की हालत बेहद खराब हो गई है। एक तरफ एक परिवार ने अतिक्रमण कर उसे घर बना लिया है। पानी, दरवाज़ों और रखरखाव की कमी के कारण दूसरा आधा हिस्सा अनुपयोगी है, जिससे लोगों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। आरे के सीईओ और बीएमसी को तत्काल इस शौचालय की मरम्मत करानी चाहिए।”

    रहिवासियों ने क्या कहा ?

    एक निवासी ने कहा, “रात में, फिल्म सिटी गेट के पास के इलाके में नशेड़ी और असामाजिक तत्व अक्सर आते हैं। कोई भी वहाँ जाना नहीं चाहता। एक परिवार ने शौचालय के एक हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया है। लेकिन बीएमसी, आरे के सीईओ और पुलिस इसपर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं करती।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    एक स्थानीय निवासी विनोद एकनाथ कांबले ने कहा, “शौचालय की सुविधा न होने के कारण हमें सड़क पर या जंगल में पेशाब करने को मजबूर होना पड़ता है। नशेड़ी रात में घूमते रहते हैं। यह हमारे परिवारों के लिए जोखिम भरा है, लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। हम लाचार हैं और अपने घरों से दूर स्थित शौचालयों का उपयोग करने को मजबूर हैं।”

    बीएमसी अधिकारी ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) उपआयुक्त किरण दिघावकर ने कहा, “आरे मिल्क कॉलोनी और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) के अंतर्गत आते हैं और इसका प्रशासन आरे के सीईओ द्वारा किया जाता है। मरम्मत या रखरखाव के लिए, सीईओ कार्यालय और ईएसजेड निगरानी समिति से अनुमति लेना आवश्यक होता है। 2017 में जब हमने सार्वजनिक उपयोग के लिए शौचालय ब्लॉक का विकास किया था, तब हमने आरे मिल्क कॉलोनी के सीईओ से अनुमति ली थी। सीईओ की स्वीकृति मिलने के बाद हम सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत और रखरखाव कर पाएंगे।”

    शौचालय के बाहर ट्यूबवेल की व्यवस्था

    इस बीच, आई लव मुंबई फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के सदस्य राहुल कनाल ने कहा, “हमें उम्मीद है कि अधिकारी इस मुद्दे पर ध्यान देंगे और जल्द से जल्द इसका समाधान करेंगे। आरे सीईओ कार्यालय और वन विभाग से अनुमति संबंधी समस्याओं के कारण, बीएमसी पानी का कनेक्शन नहीं दे पा रही है। इस पर हमने सार्वजनिक शौचालय के बाहर एक ट्यूबवेल की व्यवस्था की थी।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent

  • मुंबई में फिर खुलेंगे कबूतरखाने! CM फडणवीस ने दिए निर्देश

    मुंबई में फिर खुलेंगे कबूतरखाने! CM फडणवीस ने दिए निर्देश

    मुंबई के पक्षी प्रेमियों को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहत की खबर सुनाईं है। कबूतरों को दाना डालने के खिलाफ हो रही कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। मुख्यमंत्री के इस पहल से कबूतरों के संरक्षण की मांग कर रहे कबूतरप्रेमियों को बड़ी राहत मिली है। Pigeon houses will open again in Mumbai! CM Fadnavis gave instructions

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    शहर में कबूतरखानों को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहा विवाद अब थमता हुआ नजर आ रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद कबूतरखानों के खिलाफ मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा शुरू की गई कार्रवाई अब थम सकती है। दरअसल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बैठक की और उन्होंने शहर में कबूतरखानों को अचानक बंद करने के कदम को उचित नहीं माना।

    मंत्रालय में हुए उच्चस्तरीय बैठक

    मंत्रालय में मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीएम फडणवीस ने कहा, कि “कबूतर-खानों यानी पक्षियों को दाना डालने की जगह को अचानक बंद करना कोई समस्या का समाधान नहीं है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया, कि यदि कबूतरों के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो रही हैं, तो उन पर वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है, न कि सीधे प्रतिबंध लगा देना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया, कि “कबूतरों को दाना डालने के लिए एक निर्धारित समय तय किया जा सकता है।”

    मुख्यमंत्री ने दिया सुझाव

    सीएम फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, वन मंत्री गणेश नाइक, मंत्री गिरीश महाजन और मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान फडणवीस ने कहा कि कबूतरों की विष्ठा से होने वाली गंदगी की सफाई के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। कबूतरखानों से नागरिकों को कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। Pigeon houses will open again in Mumbai! CM Fadnavis gave instructions

    सरकार करेगी अदालत में अपील

    सीएम फडणवीस ने राज्य सरकार और बीएमसी को निर्देश दिए हैं कि हाईकोर्ट में कबूतरखानों के पक्ष में मजबूत ढंग से अपनी बात रखा जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि ‘नियंत्रित फीडिंग’ जैसी व्यवस्था लागू की जा सकती है, और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी सरकार जाएगी। Pigeon houses will open again in Mumbai! CM Fadnavis gave instructions

    विशेष मशीन का होगा उपयोग

    बीजेपी विधायक एवं मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, कि सरकार कबूतरखानों को अचानक बंद करने के पक्ष में नहीं है और बॉम्बे हाईकोर्ट में सरकार पक्ष रखेगी। जो कबूतरखाने प्लास्टिक शीट से ढंककर बंद किए गए है, उन्हें जल्द ही फिर से खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि कबूतरों को अब नियंत्रित ढंग से ही दाना दिया जाएगा, जिससे नागरिकों को कोई असुविधा न हो। कबूतरों की विष्ठा की सफाई के लिए ‘टाटा’ कंपनी द्वारा निर्मित एक विशेष मशीन का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया जाएगा।

    FIR दर्ज करने का दिया था आदेश

    मुंबई शहर में 51 ‘कबूतर खाने’ यानी पक्षियों को दाना डालने की जगह हैं। कुछ दिन पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने कबूतरों के झुंड को दाना डालने को ‘सार्वजनिक उपद्रव’ करार देते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था। बीएमसी ने दादर का मशहूर ‘कबूतर खाना’ बंद कर दिया और उसे प्लास्टिक के तिरपाल से ढक दिया। इसके बाद शहर के कुछ हिस्सों में पक्षी प्रेमियों और जैन समुदाय के लोगों ने नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन भी किए। हालांकि अब सीएम फडणवीस की इस पहल से कबूतरप्रेमियों को बड़ी राहत मिली है।

  • Mumbai BMC: अब शमशान और दफन भूमि की होगी ऑनलाइन बुकिंग

    Mumbai BMC: अब शमशान और दफन भूमि की होगी ऑनलाइन बुकिंग

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने दाह संस्कार और कब्रिस्तान में दफनाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। Mumbai BMC: Now crematorium and burial ground will be booked online

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने नागरिक सेवाओं में आधुनिकीकरण करते हुए, लोगों के शोकाकुल माहौल के दौरान होने वाली दिक्कतों और तनाव को कम करने के लिए एक ठोस कदम बढ़ा दिया है। इसके लिए बीएमसी ने एक नया ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, श्मशान प्रबंधन प्रणाली, लॉन्च कर दिया है। इस ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए अब नागरिक दाह संस्कार या दफ़नाने के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। शनिवार, 19 जुलाई से इसे आम नागरिकों के लिए लाइव कर दिया गया है। इसे बीएमसी की आधिकारिक वेबसाइट के ‘अप्लाई’ सेक्शन में जाकर इस्तेमाल किया जाएगा।

    कैसे होगी ऑनलाइन बुकिंग ?

    नागरिक बुकिंग के लिए (https://portal.mcgm.gov.in) पोर्टल पर जा सकते हैं। बीएमसी ने निवासियों से, विशेष रूप से आपात स्थिति में, इस नई प्रणाली का उपयोग करने का आग्रह किया है ताकि देरी से बचा जा सके और नगरपालिका के श्मशान घाट और कब्रिस्तानों में सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बीएमसी के एक उच्च अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया, कि श्मशान प्रबंधन प्रणाली का मुख्य उद्देश्य परिवारों के लिए भावनात्मक रूप से कठिन समय के दौरान भ्रम, प्रतीक्षा समय और गलत संचार को कम करना है। जनता और श्मशान कर्मचारियों के बीच पारदर्शिता और समन्वय स्थापित करके, बीएमसी शहर में अंतिम संस्कार सेवाओं की समग्र दक्षता में सुधार की उम्मीद करती है। Mumbai BMC: Now crematorium and burial ground will be booked online

  • मालाड़ में सड़क निर्माण का रास्ता हुआ साफ, प्रभावितों को मिला पीटीसी का साथ

    मालाड़ में सड़क निर्माण का रास्ता हुआ साफ, प्रभावितों को मिला पीटीसी का साथ

    यह पहली बार है कि प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों (पीएपी) को उनके पुनर्वास के लिए जगह की कमी को देखते हुए पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया है। फरवरी में, 110 निवासियों के पहले समूह को उसी इमारत में पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया था। The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC

    मुंबई: मालाड़ में शंकर लेन के 64 झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को वहीं नजदीक के साईराज गुडियापाड़ा बिल्डिंग में झोपडपट्टी पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) के परमानेंट ट्रांजिट कैंप (PTC) में अपने नए घरों की चाबियाँ मिलीं। यह कैंप उनके मूल पते से 10 मिनट की दूरी पर स्थित है। इस परिवर्तन से शंकर लेन को वलनई कॉलोनी के गौतम बुद्ध मार्ग तक विस्तारित करने के पहले दो चरणों का मार्ग प्रशस्त होगा, जो न्यू लिंक रोड की ओर जाता है। यह खंड 150 मीटर लंबा है। The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC

    पहली बार मिला SRA में घर

    यह पहली बार है कि रोड़ निर्माण प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों (पीएपी) को उनके पुनर्वास के लिए जगह की कमी को देखते हुए पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया है। फरवरी में, 110 निवासियों के पहले समूह को उसी इमारत में पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया था। उसके बाद दूसरी मर्तबा 64 लोगों को स्थानांतरित कर दिया गया है।

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    वलनई गौतम बुद्ध मार्ग की तरफ बढ़ता हुआ प्रोजेक्ट

    सरकार का प्रस्ताव

    स्थानांतरण के इस तरीके का विचार अगस्त 2024 में महाराष्ट्र सरकार के एक प्रस्ताव (जीआर) के माध्यम से आया था, जिसमें 50% पीटीसी घरों को स्थायी आवास के लिए पीएपी घरों में परिवर्तित करने की अनुमति दी गई थी, जिसका उद्देश्य उन निवासियों को आवास प्रदान करना था जिनके घर एसआरए योजनाओं के तहत किराए पर हैं।

    एसआरए ने क्या कहा?

    एसआरए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, कि “पीटीसी घरों की ज़रूरत बहुत ज़्यादा नहीं है, जबकि पीएपी के लिए घरों की कमी है। मालाड़ पहला स्थान है जहाँ इस तरह का रूपांतरण किया गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि अन्य क्षेत्रों में भी ऐसा किए जाने पर विचार किया जा रहा है। The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC

    सांसद ने किया था अनुरोध

    जी.आर. प्रकाशित होने के एक महीने बाद, केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के सांसद पीयूष गोयल, जिन्होंने निवासियों को चाबियाँ सौंपी। उन्होंने एस.आर.ए. को पत्र लिखकर मालाड़ में 266 पी.टी.सी. घरों को शीघ्र परिवर्तित करने की मांग की थी, ताकि सड़क का काम तेजी से किया जा सके।

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के जोन-4 की डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर भाग्यश्री कापसे ने कहा, “शंकर लेन से न्यू लिंक रोड तक विस्तार में 550 मीटर का लिंक गायब है, जिसके बन जाने पर मालवणी, जनकल्याण नगर, लालजी पाड़ा से पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे (WEH) तक अतिरिक्त पहुंच उपलब्ध होगी।” उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि भविष्य में इससे मार्वे रोड और मालाड़ सबवे पर यातायात को आसान बनाने में मदद मिलेगी।” उन्होंने आगे बताया, कि “दूसरे चरण के स्थानांतरण के साथ, सड़क की निकासी के लिए चरण 2 पूरा हो गया है। हम जल्द ही चरण 3 शुरू करेंगे।” The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC

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    शंकरगली पर प्रभावित स्ट्रक्चर ध्वस्त किए जाने के बाद की तस्वीर

    और भी 183 को मिलेगा मकान

    लापता लिंक में कुल प्रभावित स्ट्रक्चर 357 थीं, जिनमें से 293 रेसिडेंटल और 53 कमर्शियल हैं। पहले चरण के 110 स्ट्रक्चर को पहले ही ध्वस्त करने के बाद अब, 64 स्ट्रक्चर जिनके निवासियों ने अपने नए घरों की चाबियाँ हासिल कर ली हैं, उसे भी दूसरे चरण में ध्वस्त कर दिया गया। अब चरण 3 शुरू करने के लिए 183 स्ट्रक्चरों के निवासियों का पुनर्वास किया जाना बाकी है।

    मालाड़ बीएमसी से मिली जानकारी

    मालाड़ बीएमसी के पी-नॉर्थ वार्ड के एक अधिकारी ने बताया कि वार्ड के लगभग 181 पीटीसी घरों को पीएपी घरों में परिवर्तित कर दिया गया है, और निवासियों को फिर से आवास देने की प्रक्रिया छह महीने से चल रही है।

    पी-नॉर्थ वार्ड के एक अधिकारी ने बताया, “चरण 3 में अब कुछ महीने लगेंगे, क्योंकि न्यू लिंक रोड पर वलनई मेट्रो स्टेशन से कुछ मीटर की दूरी पर सड़क के संरेखण को ठीक करना होगा। उसके बाद निवासियों का पुनर्वास शुरू होगा।” The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC

  • कांदीवली और मालाड़ के 7 पुलों की हालत हुई खस्ता। बीएमसी करेगी पुन: निर्माण

    कांदीवली और मालाड़ के 7 पुलों की हालत हुई खस्ता। बीएमसी करेगी पुन: निर्माण

    मालाड़ और कांदीवली में जर्जर हो चुके 7 पुलों को बीएमसी तोड़ने जा रही है। यहां फिर से नए पुलों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए बीएमसी ने लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है। जबकि प्रोजेक्ट लगभग दो वर्षों में पूरा किए जाने का अनुमान लगाया है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने पश्चिमी उपनगर के कांदिवली और मालाड़ इलाके में सात जर्जर पुलों को गिराकर उनकी जगह पुन: र्निर्माण की योजना बनाई है, जिनमें तीन गाडिय़ों के लिए पुल और चार पैदल पुल शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बीएमसी ने लगाई है और इसे अगले दो वर्षों में पूरा किया जाना है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

    कहां-कहां का पुल तोड़ा जाएगा?

    बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, सभी पुल कांदीवली के आर/दक्षिण वार्ड और मालाड़ पी/उत्तर वार्ड में स्थित हैं। जिसमें प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित सात पुलों में से दो आरसीसी स्ट्रक्चर हैं, जिनमें मालाड़ पूर्व के अप्पा पाड़ा क्षेत्र के पास 21 मीटर लंबा वाहन पुल और साईनगर कांदिवली पूर्व के पास सुरभि कॉम्प्लेक्स पर एक और वाहन पुल शामिल है। पुनर्विकास के लिए प्रस्तावित पैदल पुलों में कांदिवली पूर्व में रामनगर चॉल के पास 30 मीटर लंबा पैदल पुल, नरवणे ट्रांजिट कैंप के पास पैदल पुल और गावदेवी रोड और हनुमान नगर के महालक्ष्मी डेयरी फार्म पर बने पैदल पुल शामिल हैं। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

    पुल स्ट्रक्चर की ऑडिट रिपोर्ट

    अधिकारियों ने बताया कि पुल वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, कम से कम दो पैदल पुल पहले ही बंद कर दिए गए हैं, जबकि अन्य पुल आंशिक रूप से बंद हैं। यह प्रोजेक्ट सलाहकारों द्वारा प्रस्तुत स्ट्रक्चर ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तावित की गई है, जिन्हें पश्चिमी उपनगरों में पुलों का सर्वेक्षण करने के लिए बीएमसी के पुल विभाग द्वारा नियुक्त किया गया था।

    दो एजंसियों ने दिया रिपोर्ट

    अधिकारियों के अनुसार, विभाग ने एससीजी कंसल्टिंग सर्विसेज़ की सेवाएँ ली थीं, जिनके विश्लेषण में पाया गया कि पश्चिमी उपनगरों में सात पुलों को ध्वस्त करके उनका पुन: र्निर्माण करना आवश्यक है। इसके बाद, बीएमसी ने 2023 में पुलों के पुन: र्मूल्यांकन के लिए एक और एजेंसी, स्ट्रक्चरोनिक्स कंसल्टिंग इंजीनियर्स, को नियुक्त किया था।

    रोडमैप की तैयारी

    दोनों सलाहकारों द्वारा अंतिम रिपोर्ट देने के बाद, जिसमें यह निष्कर्ष निकाला गया कि सात पुलों को ध्वस्त करना आवश्यक होगा, बीएमसी ने एक तकनीकी सलाहकार – फेमस्ट्रक्ट कंसल्टिंग इंजीनियर्स – को एक रोडमैप तैयार करने के लिए नियुक्त किया, जिसमें संकल्पनात्मक चित्र, डिज़ाइन, बजट और निविदा प्रारूप शामिल थे। प्रस्तावों के अनुसार, पूरा प्रोजेक्ट 24 महीनों के भीतर पूरी की जाएगी।

    बजट हुआ आवंटन

    सलाहकारों की दरों सहित सातों पुलों के पुन: र्निर्माण की लागत 32.64 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह प्रोजेक्ट बीएमसी सेतु विभाग के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-2026 के बजट में 8238.73 करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया गया है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

  • केंद्रीय मंत्री एवं सांसद पीयूष गोयल के हाथों घरों का आवंटन

    केंद्रीय मंत्री एवं सांसद पीयूष गोयल के हाथों घरों का आवंटन

    मलाड़ पश्चिम के शंकर गली में सड़क निर्माण से प्रभावित 68 झोपड़ा धारकों को केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के सांसद पीयुष गोयल के हाथों घरों को आवंटित किया गया। मौका था लोककल्याण कार्यालय में जनता दरबार का, कार्यक्रम देर शाम तक चला। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पी/ उत्तर विभाग अंतर्गत मलाड़ पश्चिम के शंकर गली में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित झोपड़ा धारकों के पुनर्वास की कड़ी में 68 पात्र परिवारों को नए घरों की आवंटन प्रकृया सोमवार को कांदीवली पश्चिम एसवी रोड़ के लोककल्याण कार्यालय में आयोजित किया गया। जिसमें मनपा परिमंडल-4 की उपायुक्त भाग्यश्री कापसे एवं मलाड़ बीएमसी के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी की निगरानी में सांसद पीयुष गोयल के हाथों फ्लैटों की चावीयां आवंटित की गई। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal

    नागरिकों का अधिकार

    मौके पर केंद्रीय मंत्री पीयुष गोयल ने कहा कि, “हमारा प्रयास है, उत्तर मुंबई के हर नागरिक को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी जीवनयापन का अधिकार मिले। विकास कार्यों से प्रभावित परिवारों को समय पर पुनर्वास देना हमारी प्राथमिकता है, ताकि वे आत्मसम्मान और विश्वास के साथ जीवन जी सकें।” केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ मनपा उपायुक्त भाग्यश्री कापसे और बीएमसी पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी ने मंच साझा किया और सोमवार के इस कार्यक्रम में भाजपा के उत्तर मुंबई अध्यक्ष दीपक बाळा तावड़े के साथ पूर्व के कई नगरसेवक और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal

    जनता दरबार का आयोजन

    इसी दौरान लोककल्याण कार्यालय में जनता दरबार आयोजन किया गया था। इसमें केंद्रीय मंत्री ने लगभग 300 से ज्यादा लोगों की समस्याएं सुनी और समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आदेश दिए। नागरिकों ने अपने घरों के पुनर्विकास, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के भूखंड, कानूनी विवाद में फंसे घर, बिजली पानी जैसी समस्या पर मनपा, वनविभाग, राज्य सरकार जैसे सभी विषयों पर अपने प्रश्न प्रस्तुत किए। सरकारी विभागीय अधिकारियों के साथ यह कार्यक्रम देर शाम तक चलता रहा। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal

  • रानीबाग में आ गए हैं नए मेहमान, अब बढ़ेगा मुंबई चिड़ियाघर का राजस्व

    रानीबाग में आ गए हैं नए मेहमान, अब बढ़ेगा मुंबई चिड़ियाघर का राजस्व

    मुंबई के भायखला स्थित रानीबाग चिड़ियाघर मे झारखंड से घड़ियाल लाए गए हैं। इसको देखने को मिल बच्चों और पर्यटकों की भीड़ लग रही है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने अनुमान लगाया है, कि इससे राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase

    मुबई: भायखला सिथित प्रसिद्ध वीरमाता जीजावाई भोसले बॉटनिकल गार्डन और जू (रानीबाग) में हालही में नए मेहमानों की एंट्री हुई है, जिससे बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। रांची के भगवान बरसा मुंडा प्राणी संग्रहालय से चार घड़ियाल यहां प्रशासन द्वारा लाए गए हैं, जो पैंग्विन के साथ मिलकर पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बन गए हैं। ये सभी घड़ियाल 6 से 8 साल के हैं। इनके आगमन से रानीबाग में पर्यटकों में खासकर बच्चों की भीड़ बढ़ने की संभावना है, क्योंकि ये लुप्त हो रही प्रजातियों के प्राणी लोगों को रोमांचक झलक देखने का मौका देंगी। ऐसी जानकारी मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase

    पक्षियों के बदले मिले घड़ियाल

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    इन घड़ियाल के बदले, रांची चिडियाधर को एक सफेद कॉकटेल और चार ग्रे कॉकटेल पक्षी दिए गए हैं। इन घड़ियालों को देखने के लिए देश में पहली बार ग्लास प्रदर्शनी लगाई गई है। इस खास व्यवस्था के तहत, पर्यटक कांच के माध्यम से मगरमच्छों की पानी के अंदर की गतिविधियों को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं, जो उन्हें एक अनोखा अनुभव प्रदान करेगा। यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले भायखला चिड़ियाघर में मगरमचछों और घड़ियालों के लिए समर्पित आवास की कमी थी। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase

    पर्यटकों में होगी वृद्धि

    मई 2023 में चिडियाघर ने अपनी तरह का पहला अंडरवाटर यूइंग डेक पेश किया था, जो अब इन नए मेहमानों के साथ और भी आकर्षक हो गया है। इस कदम से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि वन्य जीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। ऐसी जानकारी मनपा अधिकारियों से प्राप्त हो रही है। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase