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  • Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की आमदनी तो बढ़ा दी गई। लेकिन अब भी ये लोग गरीबी रेखा का हवाला देकर लाभ कमा रहे हैं। इसके खिलाफ सख्त होते हुए बीएमसी ने एक सर्कुलर जारी कर दिया है। Mumbai: BMC government employees received warning

    मुबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने स्थायी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके तहत, जिन भी कर्मचारियों या अधिकारियों के पास केसरी राशन कार्ड हैं, उन्हें अब उसे बदलकर सफेद राशन कार्ड बनवाना होगा। ऐसा नही करने पर उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    क्यों की जा रही है सख्ती?

    बीएमसी प्रशासन द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को अपने पास मौजूद राशन कार्ड के रंग की जानकारी अपने विभाग प्रमुख के पास जमा करनी होगी। यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केसरी राशन कार्ड आर्थिक रूप से कमजोर (EOW) तबके के परिवारों को जारी किया जाता है। इस कार्ड पर लाभार्थियों को गेहं, चावल, चीनी जैसे आवश्यक खाद्यान्न रियायती दरों पर मिलते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी इन्हीं कार्ड धारकों को मिलता है। गौरतलब हैं कि पीले कार्ड गरीब परिवारों के लिए होते हैं, जबकि सफेद कार्ड उच्च आय वर्ग के लिए जारी किए जाते हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    सर्कुलर मे क्या कहा?

    सर्कुलर के अनुसार, राष्ट्रय खाद्य सूरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत सरकार केवल उन्हीं लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। जिनकी वार्षिक आय 59.000 रुपये या उससे कम है। महाराष्टू राज्य में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद, बीएमसी के ग्रुप ‘सी’ और ग्रूप ‘डी’ श्रेणी के कर्मचारियों का न्यूनतम मासिक वेतन क्रमशः 18.000 रुपये और 15.000 रुपये है। इस आय-सीमा को देखते हुए, बीएमसी के ये कर्मचारी केसरी राशन कार्ड के लाभ के पात्र नहीं हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    म्यूनिसिपल मजदूर यूनियन के संयुक्त सचिव प्रदीप नारकर ने बीएमसी द्वारा सर्कुलर जारी होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सर्कुलर में साफ लिखा है कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी केसरी राशन कार्ड नही बदलवाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नारकर ने यह भी कहा कि सभी कर्मचारी इस सर्कुलर का पालना करंगे। Mumbai: BMC government employees received warning

  • Mumbai: गोरेगांव फिल्मसिटी Anupamaa के सेट पर लगी आग, करोड़ों का सामान जलकर हुआ खाक

    Mumbai: गोरेगांव फिल्मसिटी Anupamaa के सेट पर लगी आग, करोड़ों का सामान जलकर हुआ खाक

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    मुंबई के गोरेगांव फिल्मसिटी में सोमवार तडके आग लगने से अफरा तफरी मच गई है। यहां अचानक आग लगने से टीवी सीरियल के फेमस शो अनुपमा का पूरा सेट जलकर खाक हो गया है। किसी के हताहत होने की जानकारी नही .. Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के फिल्मसिटी में टीवी के फेमस शो ‘अनुपमा’ (Anupamaa) के सेट पर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया है। सेट पर अचानक आग लगने से करोड़ों रुपये का सामान जलकर राख हो गया है। घटना सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है। सेट पर मौजूद लोगों ने धुआं उठते देखकर सीधे फायर ब्रिगेड को बुला लिया था। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    बड़ी दुर्घटना टली

    अधिकारियों ने बताया कि सुबह 6.10 बजे गोरेगांव (पूर्व) इलाके में स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी) में मराठी बिग बॉस के सेट के पीछे बने अनुपमा के सेट पर आग लगी। आग की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की लगभग चार गाड़ियां और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान युद्धस्तर पर शुरू किया। सुबह होने की वजह से सेट पर शूटिंग नहीं चल रही थी, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMc) गोरेगांव पी दक्षिण विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मौके पर एक सहायक संभागीय अग्निशमन अधिकारी और तीन स्टेशन अधिकारियों के अलावा स्थानीय पुलिस और बीएमसी की टीमें मौजूद हैं। ये सभी आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    राहत की खबर क्या है?

    ‘अनुपमा’ (Anupamaa) के सेट पर हुए इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है। सेट पर मौजूद सभी कलाकार और क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया है। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    आग कैसे लगी?

    बता दें कि प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर आग लगने के कारण का पता लगा रही है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि शायद शॉर्ट सर्किट की वजह से सेट में आग लगी है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही इसकी पुष्टी हो पाएगी। वहीं, इस घटना को लेकर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने भी जानकारी दी। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    वर्कर्स एसोसिएशन ने क्या कहा?

    इस घटना को लेकर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन अपने एक आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया, कि “मुंबई की फिल्म सिटी में आज सुबह 5 बजे ‘अनुपमा’ शो के सेट पर भयंकर आग लग गई। सुबह 7 बजे शूटिंग शुरू होनी थी। लेकिन उससे ठीक दो घंटे पहले ही आग ने पूरा सेट तबाह कर दिया। उस वक्त शूटिंग की तैयारियां चल रही थीं। कई कर्मचारी और क्रू मेंबर उस समय सेट पर मौजूद थे।” Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

  • Mumbai Lake: महाराष्ट्र में बारिश से मिली राहत! मुंबई की सातों झीलों का जल स्तर 9.78 फीसदी बढ़ा

    Mumbai Lake: महाराष्ट्र में बारिश से मिली राहत! मुंबई की सातों झीलों का जल स्तर 9.78 फीसदी बढ़ा

    महाराष्ट्र में 15 जून से ही तेज बरसात हो रही है। इस बरसात के पानी से यहां के सभी झीलें लबालब भर चुके हैं। मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों का जल स्तर 9.78 प्रतिशत तक बढ़ा।

    Mumbai Lake Water Level:  देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित महाराष्ट्र में 15 जून से बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। मुंबई और आसपास के इलाकों में हो रही बारिश की वजह से शहरवासियों के लिए खुशी की खबर है। मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों का जल स्तर 9.78 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

    नहीं होगी पानी की कटौती!

    महाराष्ट्र में बारिश की रफ्तार अगर इसी तरह होती रही, तो मुंबई की इन सातों झीलों में जल्द ही जल स्तर और भी ज्यादा बढ़ सकता है। इससे मुंबई में पानी की किल्लत से निपटने में मदद मिलेगी। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने पहले ही स्पष्ट कर  दिया है कि उसके पास पानी का पर्याप्त भंडार है, जिससे मुंबई में पानी की कमी नहीं होगी।

    मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलें कौन सी हैं ?

    मुंबई को पानी की आपूर्ति सात झीलों से होती है। जिसमें अपर वैतरणा, मॉडक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी से शहर वासियों को पानी की सप्लाई की जाती है।

    मुंबई के लिए कितना पानी लगता है?

    मुंबई को प्रतिदिन लगभग 4,000 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता होती है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) शहर को लगभग 3,850 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करती है, लेकिन शहर की कुल आवश्यकता लगभग 4,200 मिलियन लीटर है।

  • Mumbai: बिना उद्घाटन के खुल गया विक्रोली फ्लाईओवर ब्रिज, यात्रियों को होगी समय की बचत

    Mumbai: बिना उद्घाटन के खुल गया विक्रोली फ्लाईओवर ब्रिज, यात्रियों को होगी समय की बचत

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने कहा, कि चल रहे मानसून को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर ब्रिज को शाम 4 बजे से बिना किसी औपचारिक उद्घाटन के चालू कर दिया गया है। लोगों को इससे मदद मिलेगी और यहां होने वाली ट्रैफिक की समस्या भी खत्म। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

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    नवनिर्मित विक्रोली फ्लाईओवर की तस्वीर

    मुंबई: विक्रोली ईस्ट और वेस्ट को जोड़ने वाले नवनिर्मित रोड फ्लाई ओवरब्रिज (ROB) को शनिवार दोपहर बिना किसी औपचारिक उद्घाटन या समारोह के यात्रियों के लिए खोल दिया गया है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एक बयान में इसकी जानकारी देते हुए कहा, कि चल रहे मानसून को ध्यान में रखते हुए और यात्रियों को होने वाली असुविधा को रोकने के लिए फ्लाईओवर ब्रिज को शाम 4 बजे चालू कर दिया गया है। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    मुख्यमंत्री का था आदेश

    बीएमसी बयान के मुताबिक, “फ्लाईओवर का काम 31 मई की निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो गया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिया था कि पुल को किसी औपचारिक उद्घाटन की प्रतीक्षा किए बिना खोल दिया जाए।” इसके साथ ही शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुल को यात्रियों के लिए खोलने की घोषणा की थी। फडणवीस ने सोशल मीडिया पर पुल के ढांचे का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा था, कि मानसून के दौरान यात्रियों को इस क्षेत्र में ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है, और इसलिए, सरकार ने आदेश दिया है कि आधिकारिक समारोह की प्रतीक्षा किए बिना फ्लाईओवर को जनता के लिए खोल दिया जाए। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    कहां पर बना विक्रोली फ्लाईओवर ब्रिज

    यह फ्लाईओवर विक्रोली स्टेशन के पश्चिमी किनारे पर स्थित लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड को पटरियों के पूर्वी किनारे पर स्थित ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़कर बढ़ते उपनगर में एक महत्वपूर्ण सड़क संपर्क प्रदान करता है। इस पुल के शुरू होने से विक्रोली और आसपास के इलाकों में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को सफर में करीब 30 मिनट तक का समय बचेगा। खासकर दफ्तर आने-जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। अब तक विक्रोली में रेलवे रूट के आसपास लगने वाले जाम के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन इस फ्लाईओवर ब्रिज के शुरू होते ही न केवल ट्रैफिक की समस्या खत्म होगी, बल्कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    ब्रिज की खासियत

    खबर के मुताबिक, बीएमसी ने कहा कि फ्लाईओवर 12 मीटर चौड़ा और 615 मीटर लंबा है। परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया गया, जिसमें स्पैन के 18 गर्डरों को रखा गया है। कुल 19 खंभे लगाए गए हैं, जिनमें से 12 पूर्वी तरफ और सात पश्चिमी तरफ स्थित हैं। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    मुख्यमंत्री का प्रयास

    मुख्यमंत्री फडणवीस ने शुक्रवार को कहा, कि “मैंने 2018 में मुख्यमंत्री रहते हुए इस काम का आदेश दिया था। इस पर 104.77 करोड़ रुपये खर्च हुए। आगामी बारिश के मद्देनजर मुंबईकरों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए, हमने बृहन्मुंबई महानगर पालिका आयुक्त और पुलिस को शनिवार, 14 जून, 2025 से इस पुल को यातायात के लिए खोलने का निर्देश दिया है।” Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

  • BMC: मालाड़ के एक रिसॉर्ट सहित 4 अवैध निर्माण ध्वस्त

    BMC: मालाड़ के एक रिसॉर्ट सहित 4 अवैध निर्माण ध्वस्त

    मालाड़ पी उत्तर विभाग अंतर्गत जाली दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए 4 अवैध निर्माणों को मनपा प्रशासन ने भारी पुलिस बंदोबस्त के ध्वस्त कर दिया है। जिसमें एक रिसॉर्ट भी शामिल है। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished

    मुंबई: जाली दस्तावेजों के आधार पर बने अवैध इमारतों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) लगातार तोड़क कार्रवाई कर निस्तो नाबूद कर रही है। इसी कड़ी में मालाड़ पी उत्तर विभाग के अंतर्गत मनोरी गांव में बने चार अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है। जिसमें ‘जिनेवा’ नामक एक रिसॉर्ट भी शामिल है। यह कार्रवाई मनपा परिमंडल-4 की मनपा उपायुक्त डॉ. भाग्यश्री कापसे और पी उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वाल्वी के नेतृत्व में एक अहम अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished

    44 अवैध निर्माणों पर हुई कार्रवाई

    मनपा सूत्रो एवं अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले साल मढ़ क्षेत्र में कई अवैध निर्माणों को खड़ा करने के लिए फर्जी बिल्डिंग प्लान का इस्तेमाल किया गया था। इसके जवाब में, बीएमसी नियमित रूप से तोड़फोड़ अभियान चला रही है, जिसमें पिछले महीने ही 44 ऐसे अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया है। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished

    भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच हुई कार्रवाई

    3 से 5 जून के बीच की गई इस नवीनतम कार्रवाई में चार संरचनाओं को ध्वस्त किया गया। जिसमें एक 6,900 वर्ग फीट, दूसरा 2,300 वर्ग फीट और 150 वर्ग फीट के दो छोटे निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है। सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच तोड़क कार्रवाई की प्रक्रिया में दो जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। इस तोड़क कार्रवाई से बीएमसी ने साफ कर दिया, कि शहर भर में अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished

  • मिथुन चक्रवर्ती को BMC ने जारी किया कानूनी नोटिस, मढ़ आईलैंड में बनाया अवैध बंगला

    मिथुन चक्रवर्ती को BMC ने जारी किया कानूनी नोटिस, मढ़ आईलैंड में बनाया अवैध बंगला

    Mithun chakrabarti bungalow in malad west mudh marve
    मिथुन चक्रवर्ती के दोनों बंगलों की अलग-अलग तस्वीर

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम 1888 की धारा 351 (1) (ए) के तहत मालाड़ बीएमसी ने बॉलीवुड सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती के नाम नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि कथित निर्माण को क्यों न हटा दिया जाय, उसमें बदलाव क्यों न किया जाय या फिर उस जगह का इस्तेमाल पर क्यों न रोक लगा दी जाए। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island

    मुंबई: मालाड़ (पश्चिम), आक्सा चौपाटी के नजदीक मढ़ आईलैंड इलाके में अवैध इमारतों को हटाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) गंभीर हो गई है। अब इस सूची में मिथुन चक्रवर्ती का नाम भी शामिल हो गया है। दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता को मालाड पश्चिम के एरंगल गांव में एक भूखंड पर कथित रूप से अवैध निर्माण कराने के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया है। मालाड़ पी/ उत्तर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मिथुन को अब यह बताना होगा कि निर्माण को क्यों नहीं गिराया जाना चाहिए। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island

    बीएमसी कर देगी बंगले को ध्वस्त

    अगर वह जवाब नहीं देते या इसका औचित्य साबित करने में विफल रहते हैं, तो बीएमसी का कहना है कि वे इसे ध्वस्त कर देंगे। अभिनेता को संभावित कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह कोई एक मामला नहीं है। बीएमसी ने मढ़ इलाके में 100 से ज्यादा अवैध निर्माणों को निशाना बनाया है, जिनमें कुछ बंगले भी शामिल हैं जो कथित तौर पर फर्जी लेआउट प्लान का इस्तेमाल करके बनाए गए थे। मनपा पी उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी का कहना है कि वे मई के अंत तक ऐसी सभी अवैध इमारतों को हटाने की योजना बना रहे हैं। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island

    बिना अनुमति बंगले में अवैध निर्माण

    बीएमसी सूत्रों के मुताबिक, ‘एरंगल गांव में हीरा देवी मंदिर के पास निरीक्षण के दौरान एक से अधिक दो मेग्जनाइन मंजिला इमारतें, एक ग्राउंड फ्लोर स्ट्रक्चर और ईंट, लकड़ी, कांच और एसी शीट से बनी तीन अस्थायी निर्माण पाए गए। ये संरचनाएं सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लिए बिना बनाई गई हैं, जिसके लिए अभिनेता मि​थुन चक्रवर्ती को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मालाड़ बीएमसी ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिनियम 1888 की धारा 351 (1) (ए) के तहत मिथुन चक्रवर्ती को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island

    मिथुन चक्रवर्ती के नाम कारण बताओ नोटिस

    बंगले के मालिक बॉलीवुड सुपरस्टार एवं भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती से यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है, कि कथित निर्माण को क्यों न हटा दिया जाए, उसमें बदलाव क्यों न किया जाए या फिर उस जगह का इस्तेमाल क्यों न बंद किया जाए। अगर वह समय पर जवाब देने में विफल रहते हैं, तो मालाड़ बीएमसी संरचना के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। सहायक आयुक्त कुंदन वळवी ने बताया कि इस तरह के उल्लंघन बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम 1888 की धारा 475 ए के अंतर्गत आते हैं, जिसके लिए जुर्माना और यहां तक ​​कि जेल भी हो सकती है। इस बीच मिथुन चक्रवर्ती ने बीएमसी नोटिस पर जानकारी देते हुए कहा, कि ‘मैंने कोई अवैध निर्माण नहीं कराया है और मेरे पास कोई अनधिकृत संरचना नहीं है। कई लोगों को नोटिस भेजे गए हैं और हम अपना जवाब भेज रहे हैं।’ BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island

    एसआईटी कर रही है जांच

    आप को बता दें कि महाराष्ट्र के सदन में अवैध निर्माण को लेकर आवाज उठाई गई थी। जिसके बाद सरकार ने एक एसआईटी की टीम गठित कर जांच का जिम्मा सौंपा था। सदन में बताया गया था कि सरकारी विभागों को गुमराह कर कागजातों में हेराफेरी की गई है। इसमें यह भी कहा गया था, कि सरकारी विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने भी इसमें अवैध निर्माणकर्ताओं का साथ दिया है जिसकी जांच होना जरूरी है। फिलहाल एसआईटी की टीम मालाड़ पश्चिम के मढ़ आईलैंड इलाके में संरचनाओं और उनके पेपरों की जांच कर रही है। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Islan

  • Mumbai: बोरीवली में बुलडोजर ऐक्शन, BMC ने तोड़ा अवैध शादी का हॉल

    Mumbai: बोरीवली में बुलडोजर ऐक्शन, BMC ने तोड़ा अवैध शादी का हॉल

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    बोरीवली पश्चिम के एक्सर गांव में मैंग्रोव की झाडियों को नष्ट करके बनाए गए अवैध शादी हॉल (wedding hall) पर BMC ने कार्रवाई करते हुए पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। क्षेत्र के आरटीआइ कार्यकर्ता, समाजसेवक और शिकायतकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    मुंबई: बोरीवली (पश्चिम) से एक बड़ी खबर सामने आई है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आर-मध्य और आर-दक्षिण विभाग ने बोरीवली पश्चिम के एक्सर गांव में बड़ी कार्रवाई की है। मनपा ने सीआरजेड क्षेत्र में बने अवैध वेडिंग बैंक्वेट हॉल को तोड़ दिया है। ये हॉल, मैंग्रोव (mangrove) की झाडियों को नुकसान पहुंचाकर बनाया गया था। इस तोड़क कार्यवाही के बाद क्षेत्र के समाजसेवक एवं आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्यवाही का स्वागत किया है। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    पिछले दो सालों से क्या हो रहा था ?

    आप को बता दें कि पिछले दो सालों से इन अवैध निर्माणों को हटाने की मांग हो रही थी। मनपा द्वारा नोटिस जारी करने के बाद इस अवैध निर्माण के मालिकों ने कोर्ट से स्टे ले लिया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान स्टे हटते ही नए ज़ोनल डीएमसी संजय कुरहाडे के निगरानी में अवैध बैंक्वेट हॉल पर बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया गया। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    मैंग्रोवस पर कानूनी सुरक्षा

    एक वन अधिकारी ने बताया कि एक्सर गांव के मैंग्रोव ‘नोटिफाइड’ नहीं हैं। इसका मतलब है कि उन्हें कानूनी सुरक्षा नहीं मिली हुई थी। इसलिए उन्हें अवैध निर्माणकर्ताओं द्वारा आसानी से नष्ट कर दिया गया और उन पर कब्जा कर लिया गया। तोड़फोड़ के समय पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मौजूद थी। वहीं समाजसेवकों और आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने नए ज़ोनल डीएमसी संजय कुरहाडे को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने राजनेताओं के समर्थन वाली विरोधी लॉबी के दबाव के बावजूद तोड़क कार्यवाही सुनिश्चित की और कानून व्यवस्था को बरकरार रखा। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

  • Mumbai BMC: मनपा बजट में खतरे की घंटी!

    Mumbai BMC: मनपा बजट में खतरे की घंटी!

    एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की मांग भी कर रही है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासक ने 3 फरवरी 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मनपा का वार्षिक बजट जारी किया। 744.27 बिलियन रुपए का यह बजट 2024-25 के बजट की तुलना में 20 प्रतिशत ज़्यादा रहा। इस बजट में बुनियादी ढांचे के कोई नए या मुख़्य काम को शुरू करने का उल्लेख नहीं है। हालांकि पहले से ही मंजूर बड़ी परियोजनाएं या फिर चल रही परियोजनाओं को जारी रखने के लिए भारी मात्रा में पैसा ख़र्च करना पड़ेगा। जिसपर मनपा प्रशासन ने संसाधनों का और अधिक बंटवारा करने के बजाय उनका विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए पुराने कार्य को ही पूरा करने पर जोर देते हुए समझदारी का परिचय दिया है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    Bmc चुनाव की संभावना

    इस बजट में किसी नए कर की घोषणा नहीं की गई है। ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि BMC के चुनाव इसी वर्ष होंगे। परंपरागत रूप से यह देखा गया है कि सरकारें कर वृद्धि की पृष्ठभूमि में चुनाव नहीं लड़ा करती हैं या चुनाव लड़ना पसंद नहीं करती हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    Bmc बजट पर काबू

    बीएमसी के बजट में पूंजीगत निवेश के लिए 431.62 बिलियन रुपए या कुल बजट के 58 प्रतिशत राशि का प्रावधान दिखाई देता है। इसका उपयोग मुख़्यतः शहर में नई संपत्तियों के निर्माण पर किया जाना है। दूसरी ओर राजस्व ख़र्च में वेतन, पेंशन समेत अन्य संस्थागत ख़र्च भी शामिल हैं। इसके लिए 312.04 बिलियन रुपए या कुल बजट की 41.52 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है। BMC का राजस्व बजट हमेशा से ही काफ़ी बढ़ा हुआ था और अब इसे काबू में लाने की कोशिश होती देखकर अच्छा लग रहा है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    खर्च पर ध्यान देना जरूरी

    लेकिन साल जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा वैसे-वैसे राजस्व ख़र्च के बर्ताव पर पहनी नज़र रखनी ज़रूरी होगी। यहां बुनियादी ढांचे के रखरखाव का उल्लेख किया जाना भी आवश्यक है। परंपरागत रूप से म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर मैनुएल्स में मेंटेनेंस शेड्यूल दिया जाता है, जिस पर पूर्व निर्धारित समयावधि के हिसाब से अमल करना होता है। लेकिन नगरपालिका कर्मियों की ओर से होने वाली चूक की वजह से पूर्व में बुनियादी ढांचे की विफ़लता के अनेक मामले देखे गए हैं, जिसमें जनहानि भी हुई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है, कि राजस्व बजट में बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया होगा। कुछ बुनियादी सुविधाओं को नियमित रखरखाव की ज़रूरत होती है जबकि कुछ को उनकी उम्र बढ़ने के बाद भारी या बड़े रखरखाव की आवश्यकता होती है। बुनियादी ढांचे के वार्षिक निरीक्षण और उन्हें बेहतर स्थिति में रखने के लिए राशि का प्रावधान उतना ही आवश्यक है जितना आवश्यक नई बुनियादी सुविधाओं संबंधी संपत्तियों के निर्माण पर पैसा ख़र्च करना होता है।

    दुर्भाग्यवश देश की अर्बन लोकल बॉडीज (ULB ) यानी शहरी स्थानीय निकाय, संसाधनों को लेकर काफ़ी संघर्ष करती हैं। यह बात GST की ओर से इन संस्थाओं के राजस्व संबंधी सभी रास्तों पर कब्ज़ा करने के बाद और भी सटीकता से लागू होती है। BMC की स्थिति और भी गंभीर है। इसका कारण यह है कि BMC पर अनेक विशाल परियोजनाओं का काम डाल दिया गया है, जो BMC की पूर्व में मजबूत रही वित्तीय स्थिति पर दबाव में डालने का काम कर रही है।

    BMC का कमिटेड फंड

    बजट में पहले से चल रही परियोजनाओं पर होने वाले कुल बिल यानी ख़र्च के रूप में 2.32 ट्रिलियन रुपए दर्शाए गए हैं। इस राशि को कमिटेड लायबिलिटी अर्थात प्रतिबद्ध देय राशि के रूप में दिखाया गया है। इस राशि में से 882.51 बिलियन रुपए केवल सड़क और पुलों के लिए ही रखे गए हैं। चूंकि वार्षिक बजटीय प्रावधान से यह बोझ नहीं उठाया जा सकता। इसलिए BMC को अपने भारी भरकम रिजर्व यानी जमा राशि को हाथ लगाना होगा। 817.74 बिलियन रुपए की इस जमा राशि के एक बड़े हिस्से को कमिटेड लायबिलिटी और वर्तमान में जारी निर्माण कार्य पर ही ख़र्च करने की नौबत आ गई है।

    BMC के खजाने पर बोझ

    ऐसे में यह साफ़ है कि महानगरपालिका के पास मौजूद जमा निधि का खजाना तेजी से खाली होता जा रहा है और यह भविष्य में बहुत ज़्यादा सहायता करने की स्थिति में नहीं होगा। चूंकि हम अनिश्चितता के दौर में रह रहे हैं, जहां अचानक आने वाला संकट शहर के सुचारू संचालन में व्यवधान डालता है। ऐसी स्थिति में स्थानीय निकाय के पास जमा निधि ही ऐसे संकट को पार करने में उसकी सहायता करती है। लेकिन भविष्य में उसे जमा निधि से सहायता मिलने की संभावना कम ही दिखाई देती है।

    राजस्व वृद्धि हासिल करना और सोच-समझकर ख़र्च करना।

    बड़ी परियोजनाओं के इस अत्यधिक बोझ को लेकर पड़ने वाला दबाव नगर पालिका के बजट में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसी वजह से बजट का पहला स्टेटेड ऑब्जेक्टिव यानी लिखित उद्देश्य फिस्कल डिसिप्लिन अर्थात वित्तीय अनुशासन और सस्टेनेबिलिटी यानी वहनीयता है। इसके तहत दो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। पहला है रेवेन्यू ऑग्मेंटेशन यानी राजस्व वृद्धि हासिल करना और एक्सपेंडिचर रेशनलाइजेशन यानी व्यय युक्तिकरण अर्थात सोच-समझकर ख़र्च करना। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC ने की सरकार से गुजारिश

    निश्चित रूप से महापालिका प्रशासन चिंतित है और वह सिविक मशीनरी यानी नगरीय व्यवस्था को अपनी कमर कसने के लिए तैयार होने को कह रहा है। राजस्व वृद्धि करने के लिए नगरपालिका प्रशासन आय अर्जित करने या संसाधन जुटाने के नए स्रोत ख़ोज रहा है। इसकी शुरुआत करते हुए BMC ने राज्य सरकार को गुजारिश की है, कि वह महापालिका की ओर से एकत्रित किए गए प्रीमियम में राज्य सरकार की हिस्सेदारी के प्रतिशत को कम करें, ताकि स्थानीय निकाय को प्रीमियम में ज़्यादा हिस्सेदारी मिल सके। यदि राज्य सरकार ने उसकी यह गुजारिश मान ली तो 2025- 26 के दौरान ही उसे 3 बिलियन रुपए की अतिरिक्त आय होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    अधिनियम में संशोधन पर विचार

    BMC ने वेकेंट लैंड टेनेंसी (VLT) यानी खाली जमीन किरायेदारी नीति भी जारी की है। इसके तहत वह उसके पास उपलब्ध खाली जमीन को दीर्घावधि की लीज पर दे सकेगा। इसके चलते BMC को 20 बिलियन रुपए मिलने की उम्मीद है। BMC इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या वह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) यूजर चार्ज लगा सकता है? ऐसा करने के लिए वह 2006 के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सैनिटेशन बायलॉज यानी अधिनियम में संशोधन करना चाहता है। उसका मानना है कि ऐसा हुआ तो वेस्ट मैनेजमेंट को इंडिपेंडेंट सस्टेनेबल यानी स्वतंत्रता के साथ वहनीय किया जा सकेगा। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC का प्लान

    BMC ने कहा, कि वह स्लम्स यानी झोपड़पट्टी में आने वाले 50,000 के आसपास कमर्शियल यूनिट्स पर संपत्ति कर लगाना चाहता है। यह एक साहसिक नवाचार है और इसके चलते ULB को 3.5 बिलियन रुपए मिल सकेंगे। इसके अलावा वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जुड़े दहिसर ‘चेक नाके’ पर एक ट्रांसपोर्टेशन और कमर्शियल हब बनाने का प्रस्ताव है। इससे भी अतिरिक्त आय हासिल हो सकेगी। इसके अलावा BMC की वरली और क्रॉफोर्ड मार्केट जैसे इलाकों में अंडर यूटिलाइज्ड प्लॉट्स यानी कम उपयोग में आने वाले प्लॉट्स की नीलामी करने की भी योजना है। BMC की मनोरंजन कर वसूलने में तेजी लाने, अपनी विज्ञापन नीति को अंतिम रूप देने तथा ट्रेड लाइसेंस फ़ीस में वृद्धि करने की भी योजना है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    संसाधनों को बढ़ाना भी आय अर्जित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा बेहतर दिनों में शुरू किए गए गैर ज़रूरी ख़र्च में कटौती करके भी पैसा अर्जित किया जा सकता है। BMC अब इस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। ऐसा करने के लिए वह ख़र्च में युक्तिकरण की नीति लागू करने की इच्छुक है। इस नीति के तहत वह आस्थापना ख़र्च को न्यूनतम करने, कार्यबल की कुशलता बढ़ाने, 10 प्रतिशत ऊर्जा संरक्षण और प्वाइंट ऑफ यूटिलिटी यानी उपयोगिता के हिसाब से कार्य का चयन करना चाहती है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC की सेवाएं

    BMC देश में सबसे ज़्यादा संख्या में सेवाएं मुहैया करवाती है। इसमें शिक्षा एवं स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण सामाजिक बुनियादी ढांचा भी शामिल है। यह BMC की सेवाओं में सबसे अहम क्षेत्र है। इनके लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। BMC को कुछ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने की आवश्यकता है। इसमें शहर की हवा, सॉलिड वेस्ट एंड सैनिटेशन मैनेजमेंट, ओपन स्पेसेस्‌ और बगीचे, बाढ़ शमन एवं आपदा मुस्तैदी विशेषत: बाढ़ प्रबंधन का समावेश है। इन सभी के लिए संसाधन उपलब्ध करवाए गए हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    यह बात विशेष रूप से संशोधित BRIMSTOWAD (बृहन्मुंबई स्टॉर्म वॉटर डिस्पोजल सिस्टम) मास्टर प्लान के तहत स्टॉर्म वॉटर ड्रेंस यानी बरसाती पानी निकास नाली में की गई वृद्धि से साबित होती है। BRIMSTOWAD मास्टर प्लान में नई नालियों का निर्माण, पुरानी नालियों का विस्तार, होल्डिंग पॉन्ड्स यानी पानी को जमा करने के तालाब और नालों की संख्या में विस्तार के साथ मीठी नदी का समावेश है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC का Water Sistema

    BMC सबसे पुरानी बस सेवा BEST का भी संचालन करती है। इस अंडरटेकिंग यानी उपक्रम के लिए 10 बिलियन रुपए दिए गए हैं। इस राशि से वह बसों के अपने काफिले में नई बसों को जोड़ने के साथ ही 2,000 इलेक्ट्रिक बस भी शामिल कर रहा है। मुंबई के पास दशकों से एक मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था है। वह इसे इसी तरह मजबूत बनाए रखना चाहता है। इसी वजह से शहर के जलापूर्ति एवं सीवरेज विभाग को उन्नतिकरण के लिए 134.23 बिलियन रुपए की एक भारी-भरकम राशि दी गई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    आश्चर्यजनक

    आश्चर्यजनक रूप से शहर के डेवलपमेंट प्लान यानी विकास योजना (DP 2034) को लागू करने के लिए अलग से राशि का प्रावधान नहीं किया गया है। शहर में क्वॉलिटी ऑफ लाइफ यानी जिंदगी की गुणवत्ता मुख़्यत: विकास योजना के अमल पर ही निर्भर है। इस बात की संभावना है, कि व्यक्तिगत तौर पर विभागों के लिए किए गए प्रावधान के तहत विकास योजना पर होने वाला ख़र्च शामिल किया गया होगा। लेकिन बजट में DP के लिए अलग से हेड अर्थात मद बनाने को लेकर की गई सिफ़ारिश की उपेक्षा की गई है। DP में यह सिफ़ारिश की गई थी कि DP के लिए अलग से मद बनाकर उसके लिए किए गए प्रावधान को इसमें दर्शाया जाए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    निष्कर्ष

    कुल मिलाकर मौजूदा स्थितियों को देखते हुए बजट में बेहतर करने का एक ईमानदार प्रयास किया गया है। लेकिन यह भी साफ़ है कि जिस ULB को देश की सबसे धनाढ्य यानी संपन्न महापालिका के रूप में पहचाना जाता था। वह अब अपने सामर्थ्य से अधिक काम लेने की वजह से मुश्किल में दिखाई दे रही है। एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की भी मांग कर रही है। यह ऐसे वक़्त में हुआ है जब निर्वाचित स्थानीय निकाय अस्तित्व में नहीं है और महापालिका पर इस वक़्त सीधे राज्य सरकार का ही नियंत्रण है। वर्तमान स्थिति में सावधानी बरतना आवश्यक है। इस स्थिति में बेकार के ख़र्च से बचने की कोशिश होनी चाहिए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    निश्चित रूप से देश की अग्रणी ULB पर 2024 में हुए राष्ट्रीय और उसके बाद नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव का असर पड़ा है। इसी तरह वह अपने आसन्न चुनावों का दबाव भी झेल रही है। इन सारे दबावों के बावजूद मौजूदा स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को आकर्षित करने वाले बुनियादी कार्यों की घोषणा करने की होड़ के कारण शहर के वित्तीय स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम न पड़े। ऐसा हुआ तो एक वक़्त आएगा जब BMC के वित्तीय संसाधनों पर इतना बोझ बढ़ेगा कि वह टूटने की कगार पर पहुंच जाएगी। ऐसा हुआ तो यह घोर त्रासदी होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

  • Mumbai: पानी संकट से निपटने के लिए BMC ने लागू किया आपदा प्रबंधन अधिनियम

    Mumbai: पानी संकट से निपटने के लिए BMC ने लागू किया आपदा प्रबंधन अधिनियम

    Mumbai water tanker association news
    प्रतिक्रियात्मक फाइल तस्वीर

    मुंबई में पानी सप्लाई करने वाले टैंकरों के हड़ताल से शहर में हाहाकार मच गया है। 10 अप्रैल गुरुवार से शुरू हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल ने शहर में पानी की किल्लत होने लगी है। अब बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इस समस्या से निपटने के लिए मुंबई में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू कर दिया है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act

    मुम्बई- देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर में 10 अप्रैल गुरुवार से पानी सप्लाई करने वाले टेंकर संचालकों द्वारा घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल से पानी का संकट मंडरा रहा है। शहर के रैस्टोरेंट, हॉटेल और कंस्ट्रक्शन साइट्स बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। इस समस्या से निपटने के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने शहर में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू कर दिया है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act

    क्या है मामला ?

    टैंकरों को जलापूर्ति करने वाले निजी कुओं के मालिकों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा जारी नोटिस के विरोध में गुरुवार 10 अप्रैल से मुंबई पानी टैंकर एसोसिएशन (Mumbai Water Tanker Association) ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। एसोसिएशन के प्रवक्ता अंकुर शर्मा ने बताया कि एसोसिएशन के पास करीब 1,800 पंजीकृत टैंकर हैं, जो शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब 350 एमएलडी पानी की आपूर्ति करते हैं। सभी टैंकरों को अनिश्चिकाल के लिए रोक दिया गया। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act

    व्यापार किया बंद

    उन्होंने कहा कि प्राधिकारियों ने 200 वर्ग मीटर जमीन, कुएं के पट्टे या प्रॉपर्टी कार्ड, डिजिटल जल प्रवाह मीटर की स्थापना, बीआईएस मानक का पालन, दैनिक जलग्रहण का सटीक माप और कुछ अन्य चीजों एवं नियमों को अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (Central Ground Water Authority) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी लेना अनिवार्य कर दिया है। मुंबई जैसे शहर में इन सभी नियमों को लागू करना मुश्किल है। जब तक सरकार इन शर्तों में कुछ ढील नहीं देती, टैंकर सेवाएं फिर से शुरू नहीं होंगी। ऐसी जानकारी देते हुए एसोसिएशन के प्रवक्ता अंकुर शर्मा ने बताया कि “हमने अपना व्यापार ही बंद कर दिया है।” Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act

    शहर में पानी की सप्लाई बंद होने से सीधे तौर पर यहां का ज्यादातर कारोबार बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। शहर में हॉटेल, रैस्टोरेंट और इमारतों के कंस्ट्रक्शन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। इसको देखते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने शहर में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू करने का ऐलान कर दिया है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act

    क्या है आपदा प्रबंधन अधिनियम ?

    आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 का उद्देश्य आपदाओं से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय तंत्र स्थापित करना है। यह अधिनियम राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (SDA) की स्थापना करता है। यह आपदा प्रबंधन योजनाओं को लागू करने, वित्तीय सहायता प्रदान करने और आपदाओं के दौरान और बाद में आवश्यक सहायता प्रदान करने का प्रावधान करता है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act

    राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDA): प्रत्येक राज्य में एक SDA होता है जो राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाओं को लागू करता है।

    आपदा प्रबंधन योजनाएं: राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाएं बनाई जाती हैं। इन योजनाओं में आपदा की रोकथाम, तैयारी, प्रतिक्रिया और पुनर्वास शामिल हैं।

    वित्तीय सहायता: अधिनियम में आपदा राहत और पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान है।

    अधिनियम का उल्लंघन: अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान है।

    आपदा प्रबंधन का क्षेत्र: अधिनियम प्राकृतिक आपदाओं, मानव निर्मित आपदाओं और गंभीर दुर्घटनाओं को शामिल करता है।

    राज्य आपदा प्रबंधन योजनाएं (SDMP): राज्य आपदा प्रबंधन योजनाएं राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन के लिए दृष्टिकोण प्रदान करती हैं।

    अधिनियम के उद्देश्य

    • प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से निपटने के लिए एक तंत्र स्थापित करना।
    • आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करना।
    • आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत और सहायता प्रदान करना।
    • आपदा प्रबंधन के लिए क्षमता निर्माण करना।
    • आपदा प्रबंधन के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करना।