महाराष्ट्र में 15 जून से ही तेज बरसात हो रही है। इस बरसात के पानी से यहां के सभी झीलें लबालब भर चुके हैं। मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों का जल स्तर 9.78 प्रतिशत तक बढ़ा।
Mumbai Lake Water Level: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित महाराष्ट्र में 15 जून से बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। मुंबई और आसपास के इलाकों में हो रही बारिश की वजह से शहरवासियों के लिए खुशी की खबर है। मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों का जल स्तर 9.78 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
नहीं होगी पानी की कटौती!
महाराष्ट्र में बारिश की रफ्तार अगर इसी तरह होती रही, तो मुंबई की इन सातों झीलों में जल्द ही जल स्तर और भी ज्यादा बढ़ सकता है। इससे मुंबई में पानी की किल्लत से निपटने में मदद मिलेगी। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उसके पास पानी का पर्याप्त भंडार है, जिससे मुंबई में पानी की कमी नहीं होगी।
मुंबई को पानी की आपूर्ति सात झीलों से होती है। जिसमें अपर वैतरणा, मॉडक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी से शहर वासियों को पानी की सप्लाई की जाती है।
मुंबई के लिए कितना पानी लगता है?
मुंबई को प्रतिदिन लगभग 4,000 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता होती है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) शहर को लगभग 3,850 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करती है, लेकिन शहर की कुल आवश्यकता लगभग 4,200 मिलियन लीटर है।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने कहा, कि चल रहे मानसून को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर ब्रिज को शाम 4 बजे से बिना किसी औपचारिक उद्घाटन के चालू कर दिया गया है। लोगों को इससे मदद मिलेगी और यहां होने वाली ट्रैफिक की समस्या भी खत्म।
नवनिर्मित विक्रोली फ्लाईओवर की तस्वीर
मुंबई: विक्रोली ईस्ट और वेस्ट को जोड़ने वाले नवनिर्मित रोड फ्लाई ओवरब्रिज (ROB) को शनिवार दोपहर बिना किसी औपचारिक उद्घाटन या समारोह के यात्रियों के लिए खोल दिया गया है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एक बयान में इसकी जानकारी देते हुए कहा, कि चल रहे मानसून को ध्यान में रखते हुए और यात्रियों को होने वाली असुविधा को रोकने के लिए फ्लाईओवर ब्रिज को शाम 4 बजे चालू कर दिया गया है। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time
मुख्यमंत्री का था आदेश
बीएमसी बयान के मुताबिक, “फ्लाईओवर का काम 31 मई की निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो गया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिया था कि पुल को किसी औपचारिक उद्घाटन की प्रतीक्षा किए बिना खोल दिया जाए।” इसके साथ ही शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुल को यात्रियों के लिए खोलने की घोषणा की थी। फडणवीस ने सोशल मीडिया पर पुल के ढांचे का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा था, कि मानसून के दौरान यात्रियों को इस क्षेत्र में ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है, और इसलिए, सरकार ने आदेश दिया है कि आधिकारिक समारोह की प्रतीक्षा किए बिना फ्लाईओवर को जनता के लिए खोल दिया जाए।
यह फ्लाईओवर विक्रोली स्टेशन के पश्चिमी किनारे पर स्थित लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड को पटरियों के पूर्वी किनारे पर स्थित ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़कर बढ़ते उपनगर में एक महत्वपूर्ण सड़क संपर्क प्रदान करता है। इस पुल के शुरू होने से विक्रोली और आसपास के इलाकों में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को सफर में करीब 30 मिनट तक का समय बचेगा। खासकर दफ्तर आने-जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। अब तक विक्रोली में रेलवे रूट के आसपास लगने वाले जाम के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन इस फ्लाईओवर ब्रिज के शुरू होते ही न केवल ट्रैफिक की समस्या खत्म होगी, बल्कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time
मुख्यमंत्री फडणवीस ने शुक्रवार को कहा, कि “मैंने 2018 में मुख्यमंत्री रहते हुए इस काम का आदेश दिया था। इस पर 104.77 करोड़ रुपये खर्च हुए। आगामी बारिश के मद्देनजर मुंबईकरों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए, हमने बृहन्मुंबई महानगर पालिका आयुक्त और पुलिस को शनिवार, 14 जून, 2025 से इस पुल को यातायात के लिए खोलने का निर्देश दिया है।” Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time
BMC में हर निर्वाचन वॉर्ड की औसतन आबादी करीब 55,000 होती है। विभाजन के समय इलाके की भौगोलिक स्थिति, सामाजिक संरचना और सुविधा के अनुसार सीमाएं तय की जाती हैं। राज्य में वार्डो को बढ़ाने और घटाने को लेकर कोर्ट मे केस चला। लेकिन चुनाव मे देरी के चलते फैसला कर दिया गया।
BMC की स्थापना साल 1873 में हुई। शुरुआत में यह सिर्फ दक्षिण मुंबई तक ही सीमित थी। उस समय मुंबई एक छोटा-सा इलाका हुआ करता था और बहुत सीमित जनता इसके तहत आती थी। लेकिन जैसे-जैसे शहर का विस्तार हुआ, वैसे-वैसे BMC की सीमाएं भी बढ़ती गईं। 1950 के दशक में मुंबई के उपनगरों को भी BMC के अंतर्गत शामिल किया गया। पहले सायन से लेकर अंधेरी और फिर 1956 में दहिसर और मुलुंड जैसे उपनगर भी इसके दायरे में ले लिया गया।
प्रशासनिक वार्ड का मतलब क्या है?
पूरे मुंबई शहर को प्रशासनिक रूप से 24 वॉर्डों में बांटा गया है। इन्हें अंग्रेजी अक्षरों के नाम पर A से T के बीच सांकेतिक नाम दिए गए हैं। हर वॉर्ड में BMC का एक कार्यालय स्थापित किया गया है जिसे “वॉर्ड ऑफिस” कहा जाता है। हर एक वार्ड में एक सहायक आयुक्त की नियुक्ति की गई है। जिसके अधीन इलाके में पानी, सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य नागरिक सुविधाओं की जवाबदेही होती है। इन 24 वॉर्डों को 7 बड़े ज़ोन में बांटा गया है, जैसे दक्षिण मुंबई, मध्य मुंबई, पूर्व उपनगर, पश्चिम उपनगर आदि के रूप में बांटकर इनमें मनपा उपायुक्त की नियुक्ति की गई है। Complete information of BMC wards along with constituencies and population of Brihanmumbai Municipal Corporation.
प्रशासनिक वॉर्ड को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँटा गया है जिसे चुनावी भाषा में “निर्वाचन वॉर्ड” कहा जाता है। इनमें चुनावी मतदान के जरिए जनप्रतिनिधि चूने जाते हैं जो नगरसेवक के रुप में अपने सरकारी फंड का इस्तेमाल कर जनता के मुलभुत जरुरतों पर खर्च करते हैं और प्रशासनिक तौर पर अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। शुरुआत में इनकी संख्या 170 हुआ करती थी। लेकिन 1991 की जनगणना के बाद बढ़ती आबादी को देखते हुए इनकी संख्या 221 कर दी गई। फिर 2002 में इसे बढ़ाकर 227 कर दी गई। यानि, मुंबई में 227 चुनावी निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनसे 227 नगरसेवक चुने जाते हैं।
वॉर्डों की संख्या में सरकारी हस्तक्षेप
साल 2022 में महाराष्ट्र की तत्कालीन महा विकास आघाड़ी सरकार ने BMC के वॉर्डों की संख्या बढ़ाकर 236 कर दी थी। इसके पीछे कारण था, बढ़ती आबादी को बेहतर प्रतिनिधित्व देना। इसलिए शहर, पूर्व उपनगर और पश्चिम उपनगर में तीन-तीन नए वॉर्ड जोड़े गए थे। लेकिन, वर्तमान महायुति सरकार ने यह फैसला पलट दिया और वॉर्डों की संख्या फिर से 227 कर दी।
कोर्ट ने कर दिया फैसला
इस मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। लेकिन कोर्ट ने वर्तमान सरकार के फैसले को सही ठहराया और 236 वॉर्ड का प्रस्ताव खारिज कर दिया। अब इस साल होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 227 निर्वाचन वॉर्ड के हिसाब से ही होने जा रहे हैं।
BMC के वॉर्ड में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए सरकारी मापदंडों का भी पूरा खयाल किया जाता है। इसमें आरक्षण की भी व्यवस्था होती है। कुल सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाती हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी समुदायों के लिए भी आरक्षण तय किया जाता है। हर चुनाव से पहले यह आरक्षण घुमाव पद्धति से तय होता है।
इनमें A वॉर्ड में कोलाबा और फोर्ट जैसे इलाके आते हैं।
B वॉर्ड में मांडवी और मस्जिद बंदर
C वॉर्ड में मरीन लाइन्स और चंदनवाडी
D वॉर्ड में गिरगांव और ग्रांट रोड
E वॉर्ड में भायखळा और नागपाडा शामिल हैं।
F वॉर्ड (उत्तर और दक्षिण) में माटुंगा, सायन, परेल और शिवड़ी जैसे इलाके आते हैं।
G वॉर्ड (उत्तर और दक्षिण) में दादर, वरळी, महिम, प्रभादेवी
H वॉर्ड में सांताक्रूज, खार,
K वॉर्ड में अंधेरी, वर्सोवा
L वॉर्ड में कुर्ला और चेंबूर,
M वॉर्ड में गोवंडी और टिळक नगर
N वॉर्ड में घाटकोपर
P वॉर्ड में (उत्तर और दक्षिण) मलाड, गोरेगांव
R वॉर्ड में (दक्षिण और मध्य) बोरिवली, कांदिवली
S वॉर्ड में भांडुप
T वॉर्ड में विक्रोली और आसपास के इलाके आते हैं।
मुंबई एक विशाल महानगर है और इसे सुचारु रूप से चलाने के लिए BMC का वॉर्ड सिस्टम बेहद ज़रूरी है। हर वॉर्ड में एक निर्वाचित नगरसेवक होता है जो जनता की समस्याएं उठाता है और स्थानीय विकास कार्यों को सुनिश्चित करता है। समय के साथ जैसे शहर की आबादी और सीमाएं बढ़ीं, वैसे ही वॉर्डों की संख्या और संरचना में भी बदलाव आया। इसलिए एक जागरूक नागरिक के रूप में यह जानना ज़रूरी है, कि आपका वॉर्ड कौन-सा है? वहां के नगरसेवक कौन हैं? और कैसे वॉर्ड की सीमाएं तय की जाती हैं?
मालाड़ पी उत्तर विभाग अंतर्गत जाली दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए 4 अवैध निर्माणों को मनपा प्रशासन ने भारी पुलिस बंदोबस्त के ध्वस्त कर दिया है। जिसमें एक रिसॉर्ट भी शामिल है।
मुंबई: जाली दस्तावेजों के आधार पर बने अवैध इमारतों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) लगातार तोड़क कार्रवाई कर निस्तो नाबूद कर रही है। इसी कड़ी में मालाड़ पी उत्तर विभाग के अंतर्गत मनोरी गांव में बने चार अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है। जिसमें ‘जिनेवा’ नामक एक रिसॉर्ट भी शामिल है। यह कार्रवाई मनपा परिमंडल-4 की मनपा उपायुक्त डॉ. भाग्यश्री कापसे और पी उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वाल्वी के नेतृत्व में एक अहम अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished
44 अवैध निर्माणों पर हुई कार्रवाई
मनपा सूत्रो एवं अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले साल मढ़ क्षेत्र में कई अवैध निर्माणों को खड़ा करने के लिए फर्जी बिल्डिंग प्लान का इस्तेमाल किया गया था। इसके जवाब में, बीएमसी नियमित रूप से तोड़फोड़ अभियान चला रही है, जिसमें पिछले महीने ही 44 ऐसे अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया है। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished
3 से 5 जून के बीच की गई इस नवीनतम कार्रवाई में चार संरचनाओं को ध्वस्त किया गया। जिसमें एक 6,900 वर्ग फीट, दूसरा 2,300 वर्ग फीट और 150 वर्ग फीट के दो छोटे निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है। सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच तोड़क कार्रवाई की प्रक्रिया में दो जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। इस तोड़क कार्रवाई से बीएमसी ने साफ कर दिया, कि शहर भर में अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished
बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम 1888 की धारा 351 (1) (ए) के तहत मालाड़ बीएमसी ने बॉलीवुड सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती के नाम नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि कथित निर्माण को क्यों न हटा दिया जाय, उसमें बदलाव क्यों न किया जाय या फिर उस जगह का इस्तेमाल पर क्यों न रोक लगा दी जाए।
मुंबई: मालाड़ (पश्चिम), आक्सा चौपाटी के नजदीक मढ़ आईलैंड इलाके में अवैध इमारतों को हटाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) गंभीर हो गई है। अब इस सूची में मिथुन चक्रवर्ती का नाम भी शामिल हो गया है। दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता को मालाड पश्चिम के एरंगल गांव में एक भूखंड पर कथित रूप से अवैध निर्माण कराने के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया है। मालाड़ पी/ उत्तर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मिथुन को अब यह बताना होगा कि निर्माण को क्यों नहीं गिराया जाना चाहिए। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island
बीएमसी कर देगी बंगले को ध्वस्त
अगर वह जवाब नहीं देते या इसका औचित्य साबित करने में विफल रहते हैं, तो बीएमसी का कहना है कि वे इसे ध्वस्त कर देंगे। अभिनेता को संभावित कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह कोई एक मामला नहीं है। बीएमसी ने मढ़ इलाके में 100 से ज्यादा अवैध निर्माणों को निशाना बनाया है, जिनमें कुछ बंगले भी शामिल हैं जो कथित तौर पर फर्जी लेआउट प्लान का इस्तेमाल करके बनाए गए थे। मनपा पी उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी का कहना है कि वे मई के अंत तक ऐसी सभी अवैध इमारतों को हटाने की योजना बना रहे हैं।
बीएमसी सूत्रों के मुताबिक, ‘एरंगल गांव में हीरा देवी मंदिर के पास निरीक्षण के दौरान एक से अधिक दो मेग्जनाइन मंजिला इमारतें, एक ग्राउंड फ्लोर स्ट्रक्चर और ईंट, लकड़ी, कांच और एसी शीट से बनी तीन अस्थायी निर्माण पाए गए। ये संरचनाएं सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लिए बिना बनाई गई हैं, जिसके लिए अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मालाड़ बीएमसी ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिनियम 1888 की धारा 351 (1) (ए) के तहत मिथुन चक्रवर्ती को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island
मिथुन चक्रवर्ती के नाम कारण बताओ नोटिस
बंगले के मालिक बॉलीवुड सुपरस्टार एवं भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती से यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है, कि कथित निर्माण को क्यों न हटा दिया जाए, उसमें बदलाव क्यों न किया जाए या फिर उस जगह का इस्तेमाल क्यों न बंद किया जाए। अगर वह समय पर जवाब देने में विफल रहते हैं, तो मालाड़ बीएमसी संरचना के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। सहायक आयुक्त कुंदन वळवी ने बताया कि इस तरह के उल्लंघन बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम 1888 की धारा 475 ए के अंतर्गत आते हैं, जिसके लिए जुर्माना और यहां तक कि जेल भी हो सकती है। इस बीच मिथुन चक्रवर्ती ने बीएमसी नोटिस पर जानकारी देते हुए कहा, कि ‘मैंने कोई अवैध निर्माण नहीं कराया है और मेरे पास कोई अनधिकृत संरचना नहीं है। कई लोगों को नोटिस भेजे गए हैं और हम अपना जवाब भेज रहे हैं।’
आप को बता दें कि महाराष्ट्र के सदन में अवैध निर्माण को लेकर आवाज उठाई गई थी। जिसके बाद सरकार ने एक एसआईटी की टीम गठित कर जांच का जिम्मा सौंपा था। सदन में बताया गया था कि सरकारी विभागों को गुमराह कर कागजातों में हेराफेरी की गई है। इसमें यह भी कहा गया था, कि सरकारी विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने भी इसमें अवैध निर्माणकर्ताओं का साथ दिया है जिसकी जांच होना जरूरी है। फिलहाल एसआईटी की टीम मालाड़ पश्चिम के मढ़ आईलैंड इलाके में संरचनाओं और उनके पेपरों की जांच कर रही है। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Islan
बोरीवली पश्चिम के एक्सर गांव में मैंग्रोव की झाडियों को नष्ट करके बनाए गए अवैध शादी हॉल (wedding hall) पर BMC ने कार्रवाई करते हुए पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। क्षेत्र के आरटीआइ कार्यकर्ता, समाजसेवक और शिकायतकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)
मुंबई: बोरीवली (पश्चिम) से एक बड़ी खबर सामने आई है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आर-मध्य और आर-दक्षिण विभाग ने बोरीवली पश्चिम के एक्सर गांव में बड़ी कार्रवाई की है। मनपा ने सीआरजेड क्षेत्र में बने अवैध वेडिंग बैंक्वेट हॉल को तोड़ दिया है। ये हॉल, मैंग्रोव (mangrove) की झाडियों को नुकसान पहुंचाकर बनाया गया था। इस तोड़क कार्यवाही के बाद क्षेत्र के समाजसेवक एवं आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्यवाही का स्वागत किया है। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)
पिछले दो सालों से क्या हो रहा था ?
आप को बता दें कि पिछले दो सालों से इन अवैध निर्माणों को हटाने की मांग हो रही थी। मनपा द्वारा नोटिस जारी करने के बाद इस अवैध निर्माण के मालिकों ने कोर्ट से स्टे ले लिया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान स्टे हटते ही नए ज़ोनल डीएमसी संजय कुरहाडे के निगरानी में अवैध बैंक्वेट हॉल पर बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया गया। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)
एक वन अधिकारी ने बताया कि एक्सर गांव के मैंग्रोव ‘नोटिफाइड’ नहीं हैं। इसका मतलब है कि उन्हें कानूनी सुरक्षा नहीं मिली हुई थी। इसलिए उन्हें अवैध निर्माणकर्ताओं द्वारा आसानी से नष्ट कर दिया गया और उन पर कब्जा कर लिया गया। तोड़फोड़ के समय पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मौजूद थी। वहीं समाजसेवकों और आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने नए ज़ोनल डीएमसी संजय कुरहाडे को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने राजनेताओं के समर्थन वाली विरोधी लॉबी के दबाव के बावजूद तोड़क कार्यवाही सुनिश्चित की और कानून व्यवस्था को बरकरार रखा। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका शहर में मानसून से पहले नाला सफाई अभियान की निगरानी करने के लिए वॉर रूम बनाने जा रहा है। साल 2016 में मुंबई नाला सफाई घोटाला के प्रकाश में आने के बाद ठेकेदारों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने नालों में गंदगी निकालने के काम की निगरानी करने के लिए एक समर्पित वॉर रूम स्थापित करने का निर्णय लिया है। जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल से हुई थी। इस पहल का उद्देश्य मानसून से पहले पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना है। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल कीटाणुशोधन कार्य का लगभग 12 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बीएमसी ने शहर के नालों और मीठी नदी से 9.34 लाख मीट्रिक टन गंदगी हटाने का लक्ष्य रखा है। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)
BMC का वॉर रूम कैसा होगा?
अब तक 1.11 लाख मीट्रिक टन गंदगी हटाई जा चुकी है। स्टॉर्मवॉटर ड्रेन विभाग के एक सिविल अधिकारी ने बताया कि वॉर रूम में तीन अधिकारी और 11 सहायक कर्मचारी होंगे। ये कर्मचारी दो शिफ्टों में काम करेंगे। वे सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक और दोपहर 3 बजे से रात 11 बजे तक काम करेंगे।
एक अधिकारी ने बताया, “वॉर रूम नाले से गंदगी ले जाने वाले वाहनों की गतिविधियों पर नज़र रखेगा। यह ठेकेदारों द्वारा भेजे गए पहले और बाद के वीडियो की तुलना करके किए गए काम की पुष्टि भी करेगा। यह सेटअप सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि गंदगी को निर्धारित स्थान पर ही डाला जा रहा है और ठेकेदारों पर कड़ी नज़र रखी जा सकेगी।”
उन्होंने कहा, “गंदगी हटाने के लिए एक दैनिक योजना पहले ही तैयार कर ली गई है, जिससे प्रगति पर नजर रखना आसान हो जाएगा।” बीएमसी नालों और मीठी नदी से गंदगी हटाने के लिए दो साल में 550 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। बीएमसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मानसून के मौसम की शुरुआत से पहले 75 प्रतिशत नालों से गंदगी हटा दी जानी चाहिए और मानसून के मौसम के दौरान 15 प्रतिशत गंदगी हटा दी जानी चाहिए।
हो चुका है घोटाला
मुंबई में 215 किलोमीटर लंबे बड़े नाले, 156 किलोमीटर लंबे छोटे नाले और 22.25 किलोमीटर लंबी मीठी नदी है। 2016 में प्रकाश में आ चुके ‘मुंबई नाला सफाई घोटाले’ में 2005 से लेकर अब तक 1100 करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आई थीं। इस मामले की जांच फिलहाल आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की जा रही है।
घोटाले से पहले बृहन्मुंबई महानगर पालिका दो साल के कार्यकाल के लिए ठेकेदारों की नियुक्ति करती थी। वर्ष 2016 के बाद जवाबदेही में सुधार के लिए प्रतिवर्ष अनुबंध प्रदान किये जा रहे हैं और सिर्फ एक साल के लिए कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त किया जा रहा है। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)
मुंबई में पानी सप्लाई करने वाले टैंकरों के हड़ताल से शहर में हाहाकार मच गया है। 10 अप्रैल गुरुवार से शुरू हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल ने शहर में पानी की किल्लत होने लगी है। अब बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इस समस्या से निपटने के लिए मुंबई में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू कर दिया है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act
मुम्बई- देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर में 10 अप्रैल गुरुवार से पानी सप्लाई करने वाले टेंकर संचालकों द्वारा घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल से पानी का संकट मंडरा रहा है। शहर के रैस्टोरेंट, हॉटेल और कंस्ट्रक्शन साइट्स बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। इस समस्या से निपटने के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने शहर में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू कर दिया है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act
क्या है मामला ?
टैंकरों को जलापूर्ति करने वाले निजी कुओं के मालिकों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा जारी नोटिस के विरोध में गुरुवार 10 अप्रैल से मुंबई पानी टैंकर एसोसिएशन (Mumbai Water Tanker Association) ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। एसोसिएशन के प्रवक्ता अंकुर शर्मा ने बताया कि एसोसिएशन के पास करीब 1,800 पंजीकृत टैंकर हैं, जो शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब 350 एमएलडी पानी की आपूर्ति करते हैं। सभी टैंकरों को अनिश्चिकाल के लिए रोक दिया गया। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act
व्यापार किया बंद
उन्होंने कहा कि प्राधिकारियों ने 200 वर्ग मीटर जमीन, कुएं के पट्टे या प्रॉपर्टी कार्ड, डिजिटल जल प्रवाह मीटर की स्थापना, बीआईएस मानक का पालन, दैनिक जलग्रहण का सटीक माप और कुछ अन्य चीजों एवं नियमों को अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (Central Ground Water Authority) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी लेना अनिवार्य कर दिया है। मुंबई जैसे शहर में इन सभी नियमों को लागू करना मुश्किल है। जब तक सरकार इन शर्तों में कुछ ढील नहीं देती, टैंकर सेवाएं फिर से शुरू नहीं होंगी। ऐसी जानकारी देते हुए एसोसिएशन के प्रवक्ता अंकुर शर्मा ने बताया कि “हमने अपना व्यापार ही बंद कर दिया है।” Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act
शहर में पानी की सप्लाई बंद होने से सीधे तौर पर यहां का ज्यादातर कारोबार बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। शहर में हॉटेल, रैस्टोरेंट और इमारतों के कंस्ट्रक्शन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। इसको देखते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने शहर में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू करने का ऐलान कर दिया है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act
क्या है आपदा प्रबंधन अधिनियम ?
आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 का उद्देश्य आपदाओं से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय तंत्र स्थापित करना है। यह अधिनियम राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (SDA) की स्थापना करता है। यह आपदा प्रबंधन योजनाओं को लागू करने, वित्तीय सहायता प्रदान करने और आपदाओं के दौरान और बाद में आवश्यक सहायता प्रदान करने का प्रावधान करता है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDA): प्रत्येक राज्य में एक SDA होता है जो राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाओं को लागू करता है।
आपदा प्रबंधन योजनाएं: राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाएं बनाई जाती हैं। इन योजनाओं में आपदा की रोकथाम, तैयारी, प्रतिक्रिया और पुनर्वास शामिल हैं।
वित्तीय सहायता: अधिनियम में आपदा राहत और पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान है।
अधिनियम का उल्लंघन: अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान है।
आपदा प्रबंधन का क्षेत्र: अधिनियम प्राकृतिक आपदाओं, मानव निर्मित आपदाओं और गंभीर दुर्घटनाओं को शामिल करता है।
राज्य आपदा प्रबंधन योजनाएं (SDMP): राज्य आपदा प्रबंधन योजनाएं राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन के लिए दृष्टिकोण प्रदान करती हैं।
अधिनियम के उद्देश्य
प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से निपटने के लिए एक तंत्र स्थापित करना।
आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करना।
आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत और सहायता प्रदान करना।
आपदा प्रबंधन के लिए क्षमता निर्माण करना।
आपदा प्रबंधन के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करना।
खबर के मुताबिक यह मुद्दा तब गरमाया जब मुम्बई के विधायकों ने शहर भर में अवैध निर्माणों पर चिंता जताई। इन विधायकों ने भू-माफियाओं द्वारा सरकारी और निजी दोनों भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि इन अतिक्रमणों के पीछे सरकारी कर्मचारियों का भी पूरा साथ मिला है। जबकि इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही का न होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)
कई विपक्षी एमएलसी ने उन विशिष्ट क्षेत्रों पर चिंता जताई जहां अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। इसमें बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कुछ खास वार्डो को चिन्हित किया गया है। जिनमें मनपा का डी वार्ड, ई वार्ड, जी-साउथ, एच-वेस्ट, के-वेस्ट, पी-नॉर्थ, पी-साउथ और एल वार्ड शामिल हैं। यहां के क्षेत्रों में सरकारी और निजी संपत्ति दोनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि बीएमसी ने आगे की कार्रवाई किए बिना इन अवैध संरचनाओं के खिलाफ केवल नोटिस जारी किए हैं। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)
किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नही
राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने स्वीकार किया कि अब तक शामिल किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सामंत ने खुलासा किया कि वर्तमान में मुम्बई के आठ वार्डों में 7,951 अनधिकृत निर्माण हुए हैं। उन्होंने परिषद को सूचित किया, कि “इनमें से 1,211 अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है और 2,015 निर्माणों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)
मुम्बई के सायन रेलवे स्टेशन के नजदीक ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और एलबीएस मार्ग को जोड़ने वाला लगभग 110 साल पुराना ब्रिज तुटने जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका इसकी जगह पुन:निर्माण के साथ पुल को चौडा भी करेगी। इस निर्माण कार्य मे होने वाली रोकावट को सुलझा लिया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)
मुम्बई: सायन के एलबीएस मार्ग को ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे जोड़ने वाला ब्रिज काफ़ी पुराना हो गया है। रेलवे ट्रैक के उपर से गुजने वाले इस ब्रिज के गिरने से कभी भी दुर्घटना हो सकती है। इस कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके पुन:निर्माण का फैसला किया है। जबकि इस निर्माण कार्य मे एक सार्वजनिक शौचालय और कई पेड़ बांधा बन रही थी। हालांकि इन बाधाओं का निपटारा हो गया है। अब जल्द ही पुल को गिराने का काम शुरू हो जाएगा। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)
मुम्बई के सायन ब्रिज को गिराने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है, क्योंकि सार्वजनिक शौचालय, जो बाधा बना हुआ था, शुक्रवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसे हटा दिया है। पुल के जमीनी स्लैब को हटाने का काम भी शुरू हो गया है, जिससे पुल को गिराने की प्रक्रिया में तेजी आ गई है। बाधा डालने वाले पेड़ों की छंटाई की अनुमति भी पहले से मिली हुई है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)
आप को बता दें कि अगस्त 2024 में सायन ब्रिज को बंद करने के छह महीने बाद, चार पेड़ और एक शौचालय का स्ट्रक्चर तोडफोड प्रक्रिया में बाधा बन रहे थे। सूत्रों ने बताया कि अतिक्रमणकारी शौचालय के ऊपर रहकर समस्या पैदा कर रहे थे, लेकिन अब सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया है और शौचालय के स्ट्रक्चर से बिजली कनेक्शन को भी हटा कर शौचालय के स्ट्रक्चर को गिरा दिया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)
50 करोड़ की लागत
एक अधिकारी ने बताया, कि नीचे रेल यातायात को बाधित किए बिना स्ट्रक्चर को दो भागों में गिराया जा रहा है। ब्रिज को हटाने से पहले, रेलवे ट्रैक के दोनों ओर एक रिटेनिंग स्ट्रक्चर के साथ मजबूती से बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि ट्रैक पर कोई उल्लंघन न हो। तोडफोड का काम पूरा होने के 30 महीने बाद नया पुल बनकर तैयार हो जाएगा। रि-डेवलपमेंट के साथ-साथ एप्रोच रोड की अनुमानित लागत लगभग 50 करोड़ रुपये है, जिसे बीएमसी और रेलवे के बीच साझा किया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)
110 साल पुराना यह पुल ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड और धारावी रोड से जोड़ता है, जिसे कुछ साल पहले खतरनाक घोषित किया गया था। सायन रोड ब्रिज की आईआईटी ब्रिज ऑडिट रिपोर्ट में 2020 की शुरुआत में ही पुल की जर्जर स्थिति के बारे में चेतावनी दी थी, जिसमें कहा गया था, कि इसे चलती रेल लाइनों के ऊपर लटकाए रखना बेहद खतरनाक है क्योंकि इसकी आयु समाप्त हो चुकी है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)
अतिरिक्त रेलवे लाइन का निर्माण
सेंट्रल रेलवे (CR) और बीएमसी संयुक्त रूप से पुल का पुन:र्निर्माण करेंगी और रेलवे क्षेत्र के नीचे कोई स्पैन नहीं होने से दो और रेल लाइनों के लिए जगह बनाई जाएगी, जो पांचवीं और छठी लाइनों का हिस्सा होने वाली है। रेलवे के हिस्से पर पुल की लंबाई 40 से बढ़ाकर 51 मीटर की जाएगी। इसके साथ ही नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किये जा रहे हैं। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)
बनेगा आइलैंड प्लेटफॉर्म
नई लाइनें बिछाने के लिए, मौजूदा सायन रेलवे स्टेशन को नई रेल लाइनों और प्लेटफार्मों को मिलाने के लिए थोड़ा पश्चिम की ओर स्थानांतरित किया जा रहा है। एलबीएस रोड के ठीक बगल में एक नया रेल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जबकि मौजूदा प्लेटफॉर्म जिस पर पुरानी हेरिटेज झोपड़ी खड़ी है, उसे एक आइलैंड प्लेटफॉर्म में बदल दिया जाएगा, जिसके दोनों तरफ ट्रेनें चलेंगी। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)
फुट ओवरब्रिज का होगा निर्माण
सेंट्रल रेलवे (CR) के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अगले कुछ दिनों में बिजली के तारों को हटा दिया जाएगा और स्थानीय लोगों के लिए फुट ओवरब्रिज बनाने के लिए कुछ जमीन की आवश्यकता होगी। बीएमसी ने जमीन को पट्टे (किराए) पर दे दिया है और इस मुद्दे को सुलझाया जा रहा है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)