BMC ने शहर की सुरक्षा के मद्देनजर स्टेनलेस-स्टील ग्रिल लगाने का फैसला किया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद ज़ारी हुए निर्देश।
इस्माईल शेख
मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने स्टेनलेस स्टील ग्रिल का एक प्रोटोटाइप ढांचा (ब्रैकेट) तैयार किया है। इस ब्रैकेट को चरणबद्ध तरीके से 74 हजार से भी अधिक मैनहोल पर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा इस सुरक्षा जाल को शहर भर में लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
BMC को बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश
बरसाती मौके पर पानी का जल जमाव, इसकी निकासी के लिए खोलेजाने वाले गटर के ढक्कन कभी-कभी लोगों के लिए जान का खतरा बन जाता है। हर साल रोड़ के बीचो-बीच बने ऐसे मैनहोल के कारण छोटे बच्चे तो क्या अच्छे- खासे आदमी भी मौत के घाट उतर जाते हैं। इसको लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक आदेश जारी किया था।

मनपा (BMC) से मिली जानकारी के मुताबिक, यह विकास खुले मैनहोलों को ढकने के लिए ‘सरल और अस्थायी’ उपायों के साथ किया जाने वाला है। बीएमसी के एक अधिकारी ने कहा, कि “इस प्रोटोटाइप को मैनहोल कवर के नीचे स्थापित किया जाएगा। पहले, सुरक्षात्मक ग्रिल में लचीली धातु का उपयोग किया जाता था लेकिन अब, नया प्रोटोटाइप स्टेनलेस स्टील का उपयोग करके बनाया जा रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा, कि “स्टेनलेस-स्टील सामग्री के कारण लोहे की ग्रिल का जीवन लंबा होगा।” उन्होंने और अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारी वर्तमान में ग्रिल्स की लागत तय कर रहे हैं जो 74,000 से अधिक मैनहोल को कवर किया जाएगा।

