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  • Nepal Protests: महाराष्ट्र के पर्यटकों को सुरक्षित वापसी का अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    Nepal Protests: महाराष्ट्र के पर्यटकों को सुरक्षित वापसी का अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    नेपाल में जारी जनरेशन Z विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के 100 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि सभी की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: नेपाल में जारी Gen Z विरोध प्रदर्शन ने हालात बेहद तनावपूर्ण कर दिए हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसी बीच, महाराष्ट्र के ठाणे, पुणे, मुंबई, लातूर और कोल्हापुर जिलों के 100 से ज्यादा पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं।

    इनमें से अधिकतर लोग धार्मिक यात्रा, खासकर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, जबकि कुछ बिजनेस और पर्यटन के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे।

    Nepal-Protests-Ajit-Pawar-assures-safe-return-of-tourists-from-Maharashtra

    अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    बुधवार को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:

    “हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि हर एक पर्यटक को सुरक्षित घर लाया जाए और उनके परिवारों को राहत पहुंचाई जाए।”

    भारत सरकार और दूतावास से संपर्क

    महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निरंतर संपर्क में है।

    • दूतावास की टीम ने बुधवार सुबह एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों की मदद की।
    • उन्हें अस्थायी रूप से शहर के होटलों में शिफ्ट किया गया।
    • बीड़ जिले के कुछ यात्री निजी वाहनों से भारत लौट रहे हैं और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंच चुके हैं।

    हवाई सेवाएं बाधित, यात्री 18 घंटे तक फंसे

    नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। काठमांडू एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री, जिनमें मुंबई और ठाणे के लोग भी शामिल थे, 18 घंटे से ज्यादा समय तक बिना सहायता फंसे रहे।

    • पानी और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी देर से उपलब्ध कराई गईं।
    • बुधवार दोपहर नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (NCAA) ने सुरक्षा जांच के बाद चरणबद्ध तरीके से उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया।

    विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी: नेपाल जाने से बचें

    भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई एडवाइजरी जारी की।

    • भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि हालात सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टालें।
    • जो लोग नेपाल में हैं, उन्हें घरों या सुरक्षित स्थानों में रहने को कहा गया है।
    • अनावश्यक रूप से सड़कों पर न निकलने और भारतीय दूतावास व स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की हिदायत दी गई है।

    स्थानीय स्तर पर हालात

    जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा पर्यटक ठाणे जिले के मुरबाड क्षेत्र से हैं। वहीं, लातूर और कोल्हापुर के लोग भी समूह में यात्रा कर रहे थे।
    नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद से स्थिति और अधिक अस्थिर हो गई है।

    महाराष्ट्र सरकार ने साफ किया है कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
    अब राज्य व केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से जल्द ही सभी यात्रियों की सुरक्षित वापसी होने की उम्मीद है।

  • सेंट्रल रेलवे ने पकड़े 7 लाख बिना टिकट यात्री, वसूले 30 करोड़ का जुर्माना

    सेंट्रल रेलवे ने पकड़े 7 लाख बिना टिकट यात्री, वसूले 30 करोड़ का जुर्माना

    मुंबई डिवीजन में सेंट्रल रेलवे ने 7 लाख से ज्यादा बिना टिकट यात्रियों से ₹30 करोड़ वसूले हैं। अप्रैल-अगस्त 2025 में रेलवे ने कुल ₹100 करोड़ से अधिक जुर्माना वसूला।

    मुंबई: सेंट्रल रेलवे ने बिना टिकट और अवैध रूप से यात्रा करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। रेलवे की टिकट चेकिंग टीमों ने वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल से अगस्त 2025) के बीच 17.19 लाख यात्रियों को पकड़ा और उनसे रिकॉर्ड ₹100.50 करोड़ का जुर्माना वसूला।

    केवल मुंबई डिवीजन की बात करें तो, यहां 7.03 लाख यात्रियों को पकड़कर करीब ₹29.17 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।

    अगस्त 2025 में दिखा सख्ती का असर

    अगस्त 2025 में रेलवे की चेकिंग टीमों ने अकेले महीने भर में 2.76 लाख यात्रियों को पकड़ा, जबकि अगस्त 2024 में यह संख्या 2.34 लाख थी। यानी इसमें 18% की बढ़ोतरी हुई है।

    इस दौरान अगस्त 2025 में कुल ₹13.78 करोड़ का जुर्माना वसूला गया, जो अगस्त 2024 के ₹8.85 करोड़ से 55% ज्यादा है।

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    डिवीजनवार आंकड़े (अप्रैल-अगस्त 2025)

    रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सभी डिवीजनों में कार्रवाई की। इसमें वसूली का आंकड़ा इस प्रकार है:

    • भुसावल डिवीजन : ₹36.93 करोड़ (4.34 लाख केस)
    • मुंबई डिवीजन : ₹29.17 करोड़ (7.03 लाख केस)
    • नागपुर डिवीजन : ₹11.44 करोड़ (1.85 लाख केस)
    • पुणे डिवीजन : ₹10.41 करोड़ (1.89 लाख केस)
    • सोलापुर डिवीजन : ₹5.01 करोड़ (1.04 लाख केस)
    • हेडक्वार्टर्स : ₹7.54 करोड़ (1.04 लाख केस)

    रेलवे की सख्त रणनीति

    सेंट्रल रेलवे ने बताया कि बिना टिकट यात्रियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनाई जाती हैं। इसमें शामिल हैं:

    • स्टेशन चेक
    • एम्बुश चेक
    • फोर्ट्रेस चेक
    • इंटेंसिव चेक
    • मेगा टिकट चेकिंग ड्राइव

    ये अभियान मेल/एक्सप्रेस, पैसेंजर, स्पेशल ट्रेनों के साथ-साथ मुंबई और पुणे लोकल ट्रेनों में भी चलाए जाते हैं।

    टिकट फ्रॉड पर रोक: QR कोड बुकिंग बंद

    रेलवे ने यह भी कदम उठाया कि UTS मोबाइल ऐप के जरिए स्टैटिक QR कोड से टिकट बुकिंग को बंद कर दिया गया है। वजह यह थी कि कई यात्री इस सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा था।

    अब इस फैसले से पेपरलेस टिकटिंग सिस्टम के दुरुपयोग पर रोक लग गई है।

    रेलवे की अपील

    सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट खरीदकर ही यात्रा करें। बिना टिकट यात्रा करने पर न केवल जुर्माना लगता है बल्कि बार-बार पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

    रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यह ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी जारी रहेगी।

  • समृद्धि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां पंक्चर, MSRDC ने दिया असली कारण

    समृद्धि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां पंक्चर, MSRDC ने दिया असली कारण

    समृद्धि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों के टायर फटने से हड़कंप। वायरल वीडियो में “कील” दिखी, पर MSRDC ने बताया- ये नोज़ल थे, न कि कील।

    मुंबई: नागपुर और मुंबई को जोड़ने वाली हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे समृद्धि महामार्ग पर मंगलवार देर रात अचानक कई गाड़ियों के टायर फट गए। जैसे ही वीडियो वायरल हुए, यह खबर आग की तरह फैल गई कि किसी ने सड़क पर कीलें गाड़ दी हैं और यह सब डकैती की योजना का हिस्सा है।

    वीडियो में यात्रियों ने दावा किया कि 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही 3-4 गाड़ियों के टायर अचानक फट गए। इससे लोगों में डर फैल गया और सोशल मीडिया पर “डकैती की आशंका” की चर्चाएं तेज हो गईं।

    MSRDC ने दी सफाई – “ये कील नहीं, नोज़ल थे”

    महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवेलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) ने बुधवार को आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली वस्तुएं “कील” नहीं, बल्कि एल्युमिनियम के नोज़ल थे।

    दरअसल, मंगलवार रात दौलताबाद (छत्रपती संभाजीनगर जिला) के पास एक्सप्रेसवे की मुंबई आने वाली लेन पर मेंटेनेंस वर्क चल रहा था। सड़क में हल्की दरारों को एपॉक्सी ग्राउटिंग से भरने का काम हो रहा था। इसके लिए 15 मीटर हिस्से पर एल्युमिनियम नोज़ल लगाए गए थे।

    काम पूरा होने के बाद ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया था, लेकिन रात करीब 11:30 बजे कुछ वाहन सीधे उस हिस्से से गुजर गए। नोज़ल हटाए जाने से पहले उन गाड़ियों के टायर फट गए।

    ठेकेदार पर गिरी गाज

    MSRDC ने माना कि ठेकेदार ने सुरक्षा को लेकर लापरवाही की। पर्याप्त बैरिकेडिंग और अलर्ट न होने से गाड़ियां मरम्मत वाले हिस्से में घुस गईं। इस लापरवाही के लिए ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया है।

    पुलिस के अनुसार, जहां काम हो रहा था वहां बैरिकेडिंग मौजूद थी, लेकिन एक गाड़ी ने उसे तोड़कर सीधे काम वाली जगह से गुज़रने की कोशिश की। इसी वजह से अन्य वाहन भी उसी हिस्से में फंस गए और पंक्चर हुए।

    यात्रियों की दिक्कत – घंटों फंसे रहे लोग

    घटना में कोई हादसा या गंभीर चोट की खबर नहीं है। लेकिन यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

    एक यात्री ने बताया कि उनकी कार के सभी टायर पंक्चर हो गए। उन्होंने हेल्पलाइन पर कॉल भी किया लेकिन मदद देर से पहुंची। मजबूरन उन्हें अपने परिवार (जिसमें छोटे बच्चे भी थे) को दूसरे वाहन से भेजना पड़ा।

    सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स में सड़क पर नुकीली चीजें साफ दिख रही थीं, जिससे आम लोगों का गुस्सा और डर दोनों बढ़ गया।

    5 बजे तक हटाए गए नोज़ल

    MSRDC के अधिकारियों ने बताया कि रातभर काम जारी रहा और सुबह 5 बजे तक सभी नोज़ल हटा दिए गए। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह सामान्य है।

    क्या सचमुच लुटेरों की साजिश थी?

    पुलिस ने साफ किया कि यह किसी भी प्रकार की डकैती या साजिश का मामला नहीं था। यह सिर्फ मेंटेनेंस वर्क में लापरवाही की वजह से हुआ।

    हालांकि, वायरल वीडियो और अफवाहों ने लोगों को डरा दिया। यही कारण है कि यह घटना महाराष्ट्र में बड़ी खबर बन गई।

    🗓️ समृद्धि एक्सप्रेसवे घटना की टाइमलाइन

    📍 9 सितंबर 2025, रात

    • दौलताबाद, छत्रपती संभाजीनगर जिले के पास कई गाड़ियों के टायर पंक्चर हुए।
    • यात्रियों ने दावा किया कि सड़क पर “कीलें” गाड़ी गई हैं।
    • सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, डकैती की अफवाहें फैलीं।

    📍 9 सितंबर, रात 11:30 बजे

    • MSRDC की टीम ने बताया कि उस हिस्से पर मेंटेनेंस वर्क चल रहा था।
    • दरारों को भरने के लिए एपॉक्सी ग्राउटिंग का काम हो रहा था।
    • 15 मीटर सड़क पर एल्युमिनियम नोज़ल लगे थे।

    📍 10 सितंबर, सुबह 5 बजे तक

    • सभी नोज़ल हटाए गए।
    • ट्रैफिक सामान्य हो गया।
    • कोई बड़ा हादसा या जनहानि की खबर नहीं।

    📍 बाद में

    • MSRDC ने माना कि ठेकेदार ने पर्याप्त सुरक्षा नहीं रखी।
    • जिम्मेदार ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने का फैसला
    • पुलिस ने कहा कि बैरिकेडिंग तोड़कर एक वाहन मेंटेनेंस ज़ोन में घुसा था।

    समृद्धि महामार्ग पर बार-बार उठ रहे सवाल

    यह पहली बार नहीं है जब समृद्धि एक्सप्रेसवे सुर्खियों में आया हो। कभी दुर्घटनाओं की वजह से तो कभी प्रबंधन पर सवाल उठते रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सुरक्षा इंतज़ाम और भी सख्त होने चाहिए। बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड और रीयल-टाइम अलर्ट सिस्टम को और मजबूत करने की ज़रूरत है।

  • मुंबई CSMT के नीचे मिला 200 साल पुराना ब्रिटिश काल का सीक्रेट कैश वॉल्ट

    मुंबई CSMT के नीचे मिला 200 साल पुराना ब्रिटिश काल का सीक्रेट कैश वॉल्ट

    CSMT स्टेशन के नीचे ब्रिटिश काल का गुप्त कैश वॉल्ट मिला। यह वॉल्ट 2002 तक रेलवे की नकदी रखने के लिए इस्तेमाल होता था।

    मुंबई: एशिया के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के नीचे एक ऐसा रहस्य छिपा था, जिसे अब जाकर उजागर किया गया है। स्टेशन की भूमिगत सुरंग से जुड़ा यह गुप्त कैश वॉल्ट करीब 25 से 30 फीट गहराई पर बना है।

    यह वॉल्ट ब्रिटिश दौर में बना था और इसे रेलवे की नकदी रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। खास बात यह है कि इस कमरे का इस्तेमाल साल 2002 तक किया जाता रहा

    2002 तक यहां रखा जाता था रेलवे का पैसा

    यह गुप्त वॉल्ट ब्रिटिश आर्किटेक्ट फ्रेडरिक विलियम स्टीवंस की मूल डिज़ाइन का हिस्सा था, जिन्होंने 1888 में विक्टोरिया टर्मिनस (आज का CSMT) बनाया।

    करीब एक सदी तक यह कमरा रेलवे का सबसे बड़ा फाइनेंशियल स्ट्रॉन्ग रूम रहा। यहां रोज़ाना रेलवे से जुड़ी नकदी सुरक्षित रखी जाती थी और बाद में उसे रिज़र्व बैंक में जमा कराया जाता था। इस वॉल्ट में दो बड़े सेफ रखे गए थे, जिनमें करोड़ों की रकम सुरक्षित रहती थी।

    इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग और डिजिटल फाइनेंशियल सिस्टम आने के बाद इस वॉल्ट का इस्तेमाल धीरे-धीरे बंद हो गया और 2002 के बाद यह पूरी तरह से भुला दिया गया।

    मुंबई की भूमिगत कहानियां: रहस्यमयी खोजों की लिस्ट

    यह पहली बार नहीं है जब मुंबई की ज़मीन के नीचे ऐसे रहस्य सामने आए हैं। इससे पहले भी कई बार ब्रिटिश काल की छिपी हुई संरचनाएं सामने आ चुकी हैं:

    • 2010 : मुंबई के जनरल पोस्ट ऑफिस (GPO) के नीचे 200 साल पुरानी पत्थर की सुरंग मिली थी। माना जाता है कि इसे फ्रेंच आक्रमण की आशंका से बचने के लिए बनाया गया था।
    • 2016 : महाराष्ट्र राजभवन में प्री-World War I का 15,000 स्क्वायर फीट का विशाल बंकर मिला। इसमें 13 कमरे थे, जिनमें हथियार और जरूरी सामान रखा जाता था। 2019 में इसे म्यूज़ियम में बदल दिया गया।
    • 2018 : JJ हॉस्पिटल में 132 साल पुराना भूमिगत कक्ष मिला, जिसने शोधकर्ताओं को चौंका दिया।

    क्या मुंबई है ‘चैंबर ऑफ सीक्रेट्स’?

    इतिहासकार मानते हैं कि ब्रिटिश राज के दौरान मुंबई को सुरक्षा, व्यापार और सैन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भूमिगत नेटवर्क से जोड़ा गया था।

    आज जब बार-बार ऐसी खोजें हो रही हैं—CSMT का वॉल्ट, राजभवन का बंकर, JJ हॉस्पिटल का चैंबर—तो सवाल उठता है कि शायद मुंबई आज भी रहस्यों का शहर है, जिसकी असली तस्वीर अभी सामने आना बाकी है।

    विरासत और पर्यटन की संभावनाएं

    इतिहासकारों का कहना है कि अगर इन जगहों को सही तरीके से संरक्षित कर हेरिटेज टूरिज्म का हिस्सा बनाया जाए, तो मुंबई न सिर्फ इतिहास प्रेमियों के लिए, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी और ज्यादा आकर्षक बन सकती है।

    CSMT, जो पहले से ही यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है, अगर इस वॉल्ट को म्यूज़ियम के तौर पर जनता के लिए खोला जाए तो यह स्टेशन की शान को और बढ़ा सकता है।

  • पनवेल गैंगवार: कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर गोल्डन मैन का हमला, 14 पर केस

    पनवेल गैंगवार: कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर गोल्डन मैन का हमला, 14 पर केस

    पनवेल में खूनी गैंगवार, कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर गोल्डन मैन और उसके साथियों का तलवार-दरांती से हमला। पुलिस ने 14 पर केस दर्ज किया, दहशत का माहौल।

    पनवेल (नवी मुंबई), 10 सितंबर 2025 – मुंबई से लगे पनवेल शहर में गैंगवार और खूनी संघर्ष की घटनाओं ने पुलिस और नागरिकों को चिंता में डाल दिया है। शनिवार को हुई एक सनसनीखेज वारदात में इलाके के कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में गोल्डन मैन के नाम से कुख्यात अनिकेत म्हात्रे और उसके साथियों ने तलवार, कोयता, हॉकी स्टिक और बंदूक का इस्तेमाल किया। घटना में राजकुमार म्हात्रे गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पनवेल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    गैंगवार की गूंज: पनवेल में पुणे जैसी वारदात

    पनवेल को मुंबई का प्रवेश द्वार कहा जाता है, लेकिन अब यह शहर गैंगवार और क्रिमिनल लड़ाई का अड्डा बनता दिख रहा है। पिछले हफ्ते पुणे में जिस तरह दो गिरोहों के बीच खून-खराबा हुआ था, ठीक वैसा ही घटनाक्रम पनवेल में दोहराया गया।

    शनिवार को पनवेल के खुटारी गांव में कुख्यात राजकुमार म्हात्रे पर हमला हुआ। इसके अगले ही दिन, यानी रविवार को, कोपरखैराने सेक्टर-19 में दो गुटों के बीच सशस्त्र झड़प हुई। पुलिस ने इस झगड़े के बाद तत्काल कार्रवाई की और संदिग्धों को हिरासत में लिया।

    Panvel-mumbai-gang-war-Golden-Man-attacks-notorious-gangster-Rajkumar-Mhatre

    दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, पनवेल में क्रिमिनल दो गुट – राजेश जेजुरकर और गोरख म्हात्रे – के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। शनिवार को यह विवाद हिंसा में बदल गया।

    • दोनों गुटों के गुंडों ने लाठियों, तलवारों और अन्य धारदार हथियारों से एक-दूसरे पर हमला किया।
    • झगड़े में राजेश जेजुरकर और आकाश नवघाने गंभीर रूप से घायल हो गए।
    • दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    राजकुमार म्हात्रे पर हमला: गोल्डन मैन की एंट्री

    इसी बीच सबसे बड़ा धमाका हुआ – जब कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर हमला हुआ। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक:

    • अनिकेत म्हात्रे उर्फ़ गोल्डन मैन ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजकुमार पर हमला किया।
    • तलवार, कोयता, बंदूक और हॉकी स्टिक जैसे खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
    • हमला इतना जबरदस्त था कि राजकुमार को गंभीर चोटें आईं।
    • हमला करने के बाद गोल्डन मैन ने हवा में फायरिंग भी की, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

    राजकुमार को खून से लथपथ हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

    14 आरोपियों पर केस दर्ज, गोल्डन मैन फरार

    पनवेल पुलिस ने इस घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए अनिकेत म्हात्रे उर्फ़ गोल्डन मैन समेत 14 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस को अब तक गोल्डन मैन और उसके कुछ साथियों की गिरफ्तारी नहीं मिली है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और आरोपियों की तलाश के लिए स्पेशल टीमें बनाई गई हैं।

    इलाके में दहशत का माहौल

    हमले और गैंगवार की इन घटनाओं से पनवेल इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार बढ़ते गैंगवॉर से सड़क पर निकलना भी असुरक्षित महसूस हो रहा है।

    एक निवासी ने कहा – “यहां हर सप्ताह कोई न कोई गैंगवार हो रही है। पुलिस कार्रवाई करती है, लेकिन कुछ दिनों बाद वही लोग फिर से हथियार लेकर सड़कों पर दिखाई देते हैं।”

    पुलिस की चुनौती: संगठित अपराध का सफाया

    पनवेल, नवी मुंबई और ठाणे बेल्ट लंबे समय से गुंडागर्दी और क्रिमिनल्स गिरोह के लिए कुख्यात रहे हैं। अब जबकि गोल्डन मैन और राजकुमार म्हात्रे जैसे नाम सामने आ रहे हैं, पुलिस के लिए संगठित अपराध का सफाया करना बड़ी चुनौती बन गया है।

    पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।

  • मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी: अग्निवीर और उसका भाई तेलंगाना से गिरफ्तार

    मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी: अग्निवीर और उसका भाई तेलंगाना से गिरफ्तार

    मुंबई के नेवी नगर से INSAS राइफल और 40 कारतूस चोरी करने वाले अग्निवीर और उसके भाई को तेलंगाना से पकड़ा गया। पुलिस ने हथियार बरामद कर जांच शुरू की।

    मुंबई, 10 सितंबर 2025 – मुंबई के हाई सिक्योरिटी ज़ोन नेवी नगर से राइफल और 40 कारतूस चोरी करने के आरोप में पुलिस ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। उनमें से एक भारतीय नौसेना का अग्निवीर है।

    क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने मंगलवार देर रात तेलंगाना के आसिफाबाद ज़िले से दोनों भाइयों को पकड़कर हिरासत में लिया है। आरोपियों की पहचान राकेश रमेश दुब्बुला (22) और उसके बड़े भाई उमेश रमेश दुब्बुला (25) के रूप में हुई है।

    कैसे हुई चोरी?

    • यह वारदात शनिवार रात (6 सितंबर) को हुई।
    • आरोपी राकेश दुब्बुला नौसेना की वर्दी पहनकर नेवी नगर के एक रिहायशी इलाके में तैनात जवान के पास पहुँचा और खुद को ड्यूटी पर आया हुआ बताया।
    • गफलत में जवान ने अपनी INSAS राइफल और दो मैगज़ीन (20-20 कारतूस वाली) उसे सौंप दीं।
    • राकेश ने हथियार और कारतूस एक बैग में रखे और दीवार के उस पार फेंक दिया, जहाँ उसका भाई उमेश इंतज़ार कर रहा था।
    • इसके बाद दोनों भाई भागकर मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पहुँचे और ट्रेन से सीधे तेलंगाना चले गए।

    पुलिस ने कैसे पकड़ा?

    • पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और उनकी पहचान की।
    • इसके बाद CIU की टीम ने आसिफाबाद जिले में छापा मारकर दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया।
    • तलाशी में चोरी की गई राइफल, 40 जिंदा कारतूस, और एक खाली मैगज़ीन बरामद हुई।

    आरोपी का बैकग्राउंड

    • राकेश दुब्बुला – 12वीं पास, वर्तमान में नौसेना में अग्निवीर (सीमैन) के रूप में तैनात।
    • उमेश दुब्बुला – पढ़ाई बीच में छोड़ी, बेरोजगार।
    • पुलिस जांच में सामने आया कि राकेश को नेवी क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की अच्छी जानकारी थी, इसलिए उसने इस घटना को अंजाम दिया।

    जांच और आगे की कार्रवाई

    मुंबई पुलिस दोनों आरोपियों को अब मुंबई ला रही है, जहाँ उनसे आगे की पूछताछ होगी।
    अभी तक चोरी की मंशा (मोटिव) साफ नहीं हुई है। पुलिस को शक है कि मामला किसी निजी लालच या हथियार बेचने की कोशिश से जुड़ा हो सकता है।

  • दहिसर टोलनाका वर्सोवा की ओर शिफ्ट – दिवाली से पहले राहत की उम्मीद

    दहिसर टोलनाका वर्सोवा की ओर शिफ्ट – दिवाली से पहले राहत की उम्मीद

    परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषणा की कि दहिसर टोलनाका वर्सोवा पुल के सामने नर्सरी के पास दिवाली से पहले स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे मीरा-भाईंदर और मुंबई के बीच यात्रा सरल होगी और पर्यावरण व समय की बचत होगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: शहर के उत्तरी दिशा में मीरा-भाईंदर की सीमा पर स्थित दहिसर टोलनाका, जो अभी टोल प्लाजा के कारण प्रतिदिन लाखों नागरिकों के लिए यातायात भयावह बना हुआ है, उसे वर्सोवा पुल के सामने नर्सरी के पास स्थानांतरित किया जाएगा। यह निर्णय अघोषित नहीं, बल्कि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने लिया है, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस पर कार्यवाही के निर्देश जारी कर मंजूरी दी है।

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    नेताओं की सहमति और तकनीकी प्रक्रियाएँ

    • इस बैठक में मागाठाणे के विधायक प्रकाश सुर्वे, महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडळ के सह–व्यवस्थापकीय संचालक मनोज जिंदल, राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के सुहास चिटणीस, वसई-विरार कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, IRB के ठेकेदार विरेंद्र म्हैसकर, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
    • मीरा-भाईंदर के इस हालात से लगभग 15 लाख स्थानीय नागरिक और मुंबई की ओर रुख करने वाले वाहनचालक प्रतिदिन जूझ रहे हैं – समय, ईंधन और प्रदूषण की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

    क्यों ये कदम आवश्यक था?

    मुख्यत: तीन प्रमुख कारणों से यह स्थानांतरण अत्यंत आवश्यक था:

    1. ज्यादा समय और ईंधन की बर्बादी – टोलनाका की वर्तमान स्थिति के कारण नागरिकों को आधा से एक घंटा अतिरिक्त यात्रा में लग जाता है। अनावश्यक फिजूल खर्च का बोझ बनता है।
    2. पर्यावरणीय प्रभाव – लंबी जामिंग और रुकावटें हवा में प्रदूषण फैलाती हैं, और यह शहरवासियों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
    3. स्थानीयता में बाधा – टोलनाका का मीरा-भाईंदर सीमा के भीतर होना, विस्तारित शहर यातायात का कारण बन रहा है।

    स्थानांतरण की योजना और कार्यवाही

    • उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बैठक के तुरंत बाद महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडळ को आदेश दिए हैं कि प्रस्ताव को राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के पास भेजें, ताकि यह प्रस्ताव केंद्रीय वाहतुक मंत्रालय से स्वीकृत हो सके।
    • एक बार मंजूरी मिलते ही, एक से डेढ़ महीने के भीतर टोलनाका को वर्सोवा नर्सरी समीप स्थापित कर दिया जाएगा – यानी दिवाली से पहले यह कार्य पूरा हो सकता है।
    • मंत्री सरनाईक ने आश्वस्त किया कि इससे मीरा-भाईंदर क्षेत्र के नागरिकों को शिवसेना की ओर से टोलमुक्त यात्रा की सुविधा मिलेगी, और साथ ही मुंबई की ओर आवाजाही में वाहतुकी का दबाव कम होगा

    लाभ: प्रतिष्ठान से लेकर वापसी तक सबका फायदा

    • समय की बचत – प्रति यात्रा में 30–60 मिनट की कटौती।
    • ईंधन की बचत – हर दिन लाखों लीटर बच सके हैं।
    • प्रदूषण में कमी – कम जामिंग, कम इंजन आइडलिंग, बेहतर वायु गुणवत्ता।
    • सामाजिक लाभ – मीरा-भाईंदर के कामकाजी लोगों को मुंबई में समय पर पहुंचना सुविधाजनक।
    • राजनीतिक सकारात्मकता – शिवसेना की ओर से क्षेत्रीय नागरिकों के हित में कदम उठाना।

    दहिसर टोलनाका की वर्सोवा नर्सरी के पास स्थानांतरण की यह पहल सिर्फ अव्यवस्था को नहीं सुधार रही, बल्कि एक व्यापक व्यवस्थित और दीर्घकालिक सुविधा की ओर संकेत कर रही है। समय, पैसा, ऊर्जा और पर्यावरण बचाने के साथ-साथ यह कदम शिवसेना और राज्य सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत करेगा। दिवाली से पहले होने वाला यह शिफ्ट यूरोपी रोड की तरह मुंबई-मीरा रोड मार्ग पर एक नए युग की शुरुआत माना जा सकता है।

  • DMart शॉपिंग: इन वस्तुओं को खरीदने से पहले रहें सावधान

    DMart शॉपिंग: इन वस्तुओं को खरीदने से पहले रहें सावधान

    DMart में डिस्काउंट देखकर खरीदारी करने से पहले सावधान रहें। एक्सपायरी डेट, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स पर ध्यान न देने से नुकसान हो सकता है।

    डीमार्ट (DMart) आज मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए खरीदारी का सबसे लोकप्रिय सुपरमार्केट बन चुका है। यहां किराना, कपड़े, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, दवाइयाँ, घर सजावट का सामान से लेकर छोटे-बड़े इलेक्ट्रॉनिक आइटम तक सब कुछ एक ही जगह पर मिल जाता है।

    ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए यहां पूरे साल डिस्काउंट ऑफर चलते रहते हैं। लेकिन क्या वाकई ये डिस्काउंट हमेशा फायदे का सौदा होते हैं? अगर आप भी DMart में खरीदारी करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद ज़रूरी है।

    डिस्काउंट ऑफर में छिपा रिस्क

    मध्यमवर्गीय परिवार अक्सर डिस्काउंट देखकर खरीदारी करते हैं। लेकिन कई बार ये डिस्काउंट ऑफर पुराने स्टॉक या एक्सपायरी डेट के करीब पहुँच चुके सामान पर चलते हैं। ऐसे में अगर आपने बिना देखे सामान खरीदा तो बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।

    👉 खासकर खाद्य पदार्थ और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदते समय उनकी एक्सपायरी डेट ज़रूर चेक करें।

    कपड़े खरीदने से पहले तुलना ज़रूरी

    डीमार्ट में कपड़ों पर बड़ी छूट दी जाती है। लेकिन कई बार वही कपड़े आपको लोकल मार्केट या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर और भी कम कीमत में मिल सकते हैं।

    👉 इसलिए कपड़े खरीदने से पहले अन्य दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे अमेज़न, मिंत्रा या फ्लिपकार्ट की कीमत ज़रूर चेक करें।

    इलेक्ट्रॉनिक सामान पर न करें जल्दबाज़ी

    डीमार्ट में इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स भी उपलब्ध होते हैं। लेकिन इनकी कीमत हमेशा कम हो ऐसा ज़रूरी नहीं।
    अक्सर त्योहारों के समय अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर बेहतर डील मिल जाती है।

    👉 इसलिए फ्रिज, मिक्सर, मोबाइल एक्सेसरीज़ या छोटे गैजेट्स खरीदने से पहले उनकी ऑनलाइन कीमत ज़रूर जांचें।

    त्योहारों के समय बचत का सही तरीका

    दसरा और दिवाली जैसे त्योहारों में डीमार्ट ग्राहकों से खचाखच भरा रहता है। इस दौरान बड़े-बड़े ऑफर दिए जाते हैं।
    लेकिन याद रखें, त्योहारों पर सिर्फ डीमार्ट ही नहीं बल्कि अन्य स्टोर्स और ई-कॉमर्स साइट्स पर भी डिस्काउंट चलते हैं।

    👉 समझदारी इसी में है कि खरीदारी करने से पहले अलग-अलग जगह की कीमतें और ऑफर तुलना करके फिर फैसला लिया जाए।

    आर्थिक नुकसान से कैसे बचें?

    • हमेशा एक्सपायरी डेट देखकर ही खाद्य और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदें।
    • कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने से पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमत की तुलना करें।
    • त्योहारों के सीजन में धैर्य रखें और ऑफर्स की जांच-पड़ताल करें।
    • सिर्फ डिस्काउंट देखकर सामान न खरीदें, ज़रूरत और क्वालिटी को प्राथमिकता दें।

    डीमार्ट में शॉपिंग करना वाकई सस्ता और सुविधाजनक है, लेकिन अगर आप सावधानी नहीं बरतेंगे तो डिस्काउंट के चक्कर में आपका आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए अगली बार जब भी डीमार्ट जाएं, तो सावधानी से खरीदारी करें और तुलना करना न भूलें।

  • जोगेश्वरी में टैंकर की टक्कर से 63 वर्षीय महिला की मौत

    जोगेश्वरी में टैंकर की टक्कर से 63 वर्षीय महिला की मौत

    मुंबई के जोगेश्वरी में पानी के टैंकर की टक्कर से 63 वर्षीय महिला की मौत, भतीजा घायल। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

    मुंबई; शहर में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार दोपहर जोगेश्वरी (पूर्व) इलाके में एक दर्दनाक दुर्घटना हुई, जिसमें पानी के टैंकर ने स्कूटर को टक्कर मार दी। इस हादसे में 63 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उसका भतीजा मामूली रूप से घायल हो गया।

    हादसा कैसे हुआ?

    यह घटना सोमवार दोपहर करीब 1 बजे जोगेश्वरी (पूर्व) के एक स्कूल गेट के पास हुई। स्कूटर चला रहा आदित्य जाधव (19) अपनी बुआ आशा दत्ताराम जाधव (63) को घर छोड़ने जा रहा था। तभी अचानक पीछे से आ रहे पानी के टैंकर ने स्कूटर को बाईं ओर से टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि आशा जाधव सड़क पर गिर गईं। हादसे में टैंकर का अगला पहिया उनके हाथ पर चढ़ गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं।

    मृतका कहां की रहने वाली थीं?

    पुलिस के अनुसार, मृतका आशा जाधव अपने बेटे सूरज (21) के साथ यशवंत नगर, जोगेश्वरी (पूर्व) में रहती थीं। सोमवार को वे अपने भतीजे आदित्य के घर एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। कार्यक्रम खत्म होने के बाद आदित्य उन्हें स्कूटर से घर छोड़ने जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया।

    टैंकर चालक पर लापरवाही का आरोप

    पीड़ित आदित्य जाधव ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि टैंकर चालक फोन पर बात कर रहा था और सड़क पर ध्यान नहीं दे रहा था। इसी लापरवाही की वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ।

    आशा जाधव को तुरंत पास के ट्रॉमा हॉस्पिटल, जोगेश्वरी ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस की कार्रवाई

    हादसे की जानकारी मिलते ही जोगेश्वरी पुलिस मौके पर पहुंची। टैंकर चालक अंगद कुमार को हिरासत में लिया गया और उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया।

    सीनियर इंस्पेक्टर इकबाल शिकलगर ने बताया कि “चालक को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद थाने से रिहा कर दिया गया है।”

    स्थानीय लोगों की नाराज़गी

    घटना के बाद इलाके के लोगों ने आक्रोश जताया। उनका कहना है कि जोगेश्वरी इलाके में पानी के टैंकर अक्सर तेज रफ्तार और लापरवाही से चलते हैं। कई बार शिकायतें करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा।

    सड़क सुरक्षा पर सवाल

    यह हादसा एक बार फिर मुंबई में सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है।

    • क्या भारी वाहन चालकों पर सख्त निगरानी हो रही है?
    • क्या मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है?

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन और सीसीटीवी मॉनिटरिंग ज़रूरी है।

    जोगेश्वरी हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। 63 वर्षीय आशा जाधव की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। वहीं, पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

  • Mumbai: रिक्शा चालक के घर को लगा दी आग

    Mumbai: रिक्शा चालक के घर को लगा दी आग

    मुंबई के विक्रोली में बैनर विरोध करने वाले रिक्शा चालक के घर अज्ञात लोगों ने आग लगाई। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस जांच में जुटी।

    मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई के विक्रोली इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार तड़के कुछ अज्ञात लोगों ने एक रिक्शा चालक के घर को आग लगा दी। वजह बनी इलाके में अनधिकृत रूप से लगाए गए बैनरों का विरोध। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और परिवार ने समय रहते आग पर काबू पा लिया।

    घटना कहाँ और कब हुई?

    यह घटना मंगलवार सुबह करीब 4 बजे विक्रोली के पार्कसाइट इलाके के वर्षानगर में हुई। इलाके में स्थित एक चौराहे पर एक महापुरुष के सम्मान में लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन हाल के दिनों में कुछ लोगों ने इस बोर्ड पर बिना अनुमति के त्योहारी बैनर लगाना शुरू कर दिया।

    रिक्शा चालक ने जताया विरोध

    स्थानीय रिक्शा चालक ने जब अवैध रूप से लगाए गए बैनरों को देखा, तो उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी और इन्हें हटाने की मांग की। इसी बीच, कुछ युवकों ने उसके साथ बहस शुरू कर दी। पुलिस के हस्तक्षेप से विवाद उस समय शांत हो गया।

    लेकिन विवाद खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद रिक्शा चालक के घर पर हमला हो गया।

    आगजनी की घटना

    सुबह लगभग चार बजे अज्ञात लोगों ने रिक्शा चालक के घर में आग लगाने की कोशिश की। घर में मौजूद परिवार के सदस्यों ने किसी तरह आग बुझाई और बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।

    पुलिस में शिकायत दर्ज

    रिक्शा चालक ने तुरंत पार्कसाइट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों की मदद से पूरे मामले की जांच कर रही है।

    बैनर विवाद की पृष्ठभूमि

    कुछ साल पहले इस इलाके में एक चौराहे का नाम एक महापुरुष के नाम पर रखा गया था। सम्मान के तौर पर वहाँ लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन धीरे-धीरे यह बोर्ड त्योहारों और आयोजनों के लिए बैनर लगाने का स्थान बन गया।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध बैनरों से जगह की सुंदरता बिगड़ती है और कई बार यह सड़क पर बाधा भी बनते हैं। इसी के खिलाफ रिक्शा चालक ने आवाज उठाई थी।

    नागरिकों की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद इलाके के लोगों में गुस्सा और नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में अवैध बैनरबाजी एक गंभीर समस्या है। यदि कोई नागरिक इसके खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ता है।

    एक निवासी ने कहा – “यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है। बैनरबाजी पूरे शहर की समस्या है। प्रशासन को कड़ा कदम उठाना चाहिए।”

    पुलिस की कार्रवाई

    पार्कसाइट पुलिस स्टेशन ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू हो चुकी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

    मुंबई में अवैध बैनरबाजी की समस्या

    मुंबई में हर त्यौहार, राजनीतिक कार्यक्रम या सामाजिक आयोजन के दौरान अवैध बैनर और पोस्टर लगाए जाते हैं। नगर निगम और पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कड़ी सजा का प्रावधान नहीं होगा, तब तक अवैध बैनरबाजी और इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है।

    विक्रोली में हुई यह घटना सिर्फ एक आगजनी का मामला नहीं है, बल्कि यह नागरिक अधिकारों और कानून व्यवस्था से जुड़ा सवाल भी है। सवाल यह है कि आखिर कोई व्यक्ति शहर में अवैध कामों के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे सुरक्षा कौन देगा?

    फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।