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  • Mumbai Fire: अंधेरी के ओशिवारा झुग्गी इलाके में भीषण आग, SV Road पर धुएं से घिरा पूरा इलाका

    Mumbai Fire: अंधेरी के ओशिवारा झुग्गी इलाके में भीषण आग, SV Road पर धुएं से घिरा पूरा इलाका

    Mumbai Fire News – Andheri के Oshiwara slum में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी। SV Road के पास उठे काले धुएं के गुबार। इससे पहले Ambernath MIDC में chemical factory में धमाकों के साथ लगी थी आग।

    मुंबई: मुंबई के Andheri West इलाके में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब Oshiwara Business District के पास स्थित एक झुग्गी बस्ती में अचानक भीषण आग लग गई। यह आग SV Road के पास बने झोपड़ियों के एक बड़े क्लस्टर में भड़की। देखते ही देखते आग से उठने वाला घना काला धुआं पूरे इलाके में फैल गया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आग का वीडियो

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    घटना का एक वीडियो Instagram पेज “Andherilocal” पर शेयर किया गया, जिसके बाद यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि झुग्गी बस्ती की कई झोपड़ियों से तेज लपटें उठ रही हैं और आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार फैल रहा है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि कई मिनटों के भीतर ही बस्ती के कई हिस्से उसकी चपेट में आ गए। चूंकि यह इलाका काफी densely populated slum settlement है, इसलिए आग के फैलने का खतरा और भी ज्यादा था।

    SV Road और आसपास के इलाके में फैली चिंता

    आग लगने के बाद SV Road और Oshiwara commercial area में मौजूद दुकानदार और स्थानीय निवासी काफी घबरा गए। धुएं के बड़े गुबार की वजह से आसपास के इलाकों में कुछ देर के लिए visibility भी कम हो गई।

    लोगों ने तुरंत अपने घरों और दुकानों से बाहर निकलकर सुरक्षित जगहों की ओर जाना शुरू कर दिया। कई लोगों ने मोबाइल से इस घटना के वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए।

    आग लगने की वजह अभी तक साफ नहीं

    फिलहाल fire department और स्थानीय प्रशासन की ओर से आग लगने के कारण को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितनी झोपड़ियां आग की चपेट में आईं, कितना नुकसान हुआ और क्या इस घटना में कोई घायल हुआ है या नहीं। अधिकारी मौके की स्थिति का आकलन कर रहे हैं और पूरी जांच के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।

    एक दिन पहले Ambernath में भी हुआ था बड़ा अग्निकांड

    गौर करने वाली बात यह है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में एक दिन पहले ही एक बड़ा आग का हादसा हुआ था।

    सोमवार को Ambernath के Anandnagar MIDC industrial area में स्थित एक chemical manufacturing unit में भीषण आग लग गई थी। इस आग के साथ कई जोरदार धमाके भी हुए, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।

    Ganesh Chemical Company में लगी थी आग

    शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक यह आग Ganesh Chemical Company नाम की फैक्ट्री में लगी थी, जो Anandnagar MIDC industrial belt में स्थित है।

    फैक्ट्री के अंदर बड़ी मात्रा में flammable chemicals रखे हुए थे। जैसे ही इन केमिकल्स ने आग पकड़ी, एक के बाद एक कई जोरदार विस्फोट (explosions) होने लगे।

    धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के फैक्ट्री कर्मचारी और स्थानीय निवासी तुरंत इमारतों से बाहर निकल आए।

    केमिकल्स की वजह से और खतरनाक हुआ हादसा

    बताया जा रहा है कि फैक्ट्री परिसर में रखे ज्वलनशील केमिकल्स के कारण आग कुछ ही मिनटों में पूरे यूनिट में फैल गई। बार-बार हो रहे धमाकों की वजह से firefighting operations भी काफी मुश्किल हो गए थे।

    घटनास्थल से उठता हुआ घना काला धुआं आसमान में कई मीटर ऊपर तक दिखाई दे रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह धुआं करीब दो किलोमीटर दूर से भी नजर आ रहा था, जिससे आसपास के औद्योगिक और रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग घबरा गए।

    लगातार आग की घटनाओं से बढ़ी चिंता

    लगातार दो दिनों में MMR region में हुए इन बड़े आग हादसों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि slum settlements और industrial zones दोनों जगहों पर आग से बचाव के बेहतर इंतजाम होना बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां घनी आबादी और ज्वलनशील सामग्री होने की वजह से हादसे ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. ओशिवारा में आग कहां लगी?

    अंधेरी के Oshiwara Business District में SV Road के पास स्थित झुग्गी बस्ती में आग लगी।

    2. क्या किसी के घायल होने की खबर है?

    फिलहाल अधिकारियों ने चोट या नुकसान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।

    3. आग लगने की वजह क्या थी?

    आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। जांच जारी है।

    4. Ambernath में किस फैक्ट्री में आग लगी थी?

    प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक Ganesh Chemical Company में आग लगी थी।

    5. क्या इस घटना में विस्फोट भी हुए थे?

    हाँ, फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील केमिकल्स के कारण कई जोरदार धमाके हुए थे।

  • Malad Extortion Case: Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ की फिरौती मांगने वाला दिल्ली का व्यापारी गिरफ्तार

    Malad Extortion Case: Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ की फिरौती मांगने वाला दिल्ली का व्यापारी गिरफ्तार

    मुंबई के Malad में शेयर बाजार के एक व्यापारी से Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में Delhi के businessman Kailash Agarwal को Malad Police ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल किया था।

    मुंबई: Malad इलाके में Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Malad Police ने इस मामले में दिल्ली के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कुख्यात Bishnoi Gang का सदस्य बताकर एक शेयर बाजार के कारोबारी को लगातार धमकियां दे रहा था।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान Kailash Agarwal के रूप में हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पीड़ित का रिश्तेदार ही है और उसने business losses की वजह से यह साजिश रची थी।

    बार-बार कॉल कर मांगे 5 करोड़ रुपये

    पुलिस के अनुसार आरोपी कई दिनों से Malad में रहने वाले share market businessman को फोन कर रहा था। वह खुद को Bishnoi Gang से जुड़ा हुआ बताकर कारोबारी को धमकी देता था कि अगर ₹5 करोड़ की फिरौती नहीं दी गई तो उसे जान से मार दिया जाएगा।

    लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़ित कारोबारी ने आखिरकार Malad Police Station में शिकायत दर्ज कराई।

    लोकेशन छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बहुत चालाकी से काम कर रहा था। वह हर बार फोन कॉल और मैसेज भेजते समय VPN system का इस्तेमाल करता था ताकि उसकी असली लोकेशन छिपी रहे।

    लेकिन पुलिस की technical investigation के जरिए आखिरकार उस VPN नेटवर्क को ट्रेस कर लिया गया।

    दिल्ली से किया गया आरोपी को गिरफ्तार

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी दिल्ली में मौजूद है। इसके बाद Malad Police Station के PSI Bachav और उनकी टीम तुरंत दिल्ली रवाना हुई।

    करीब एक हफ्ते की लगातार जांच और तकनीकी ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने आरोपी Kailash Agarwal को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।

    आरोपी खुद भी बड़ा व्यापारी निकला

    पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। DCP Zone 11, Mumbai Police Sandeep Jadhav के अनुसार आरोपी खुद भी दिल्ली का एक बड़ा व्यापारी है और पीड़ित व्यक्ति का रिश्तेदार भी है।

    पुलिस के मुताबिक कारोबार में भारी आर्थिक नुकसान होने के कारण उसने यह पूरी साजिश रची थी।

    Bishnoi Gang के नाम से फैलाया डर

    पुलिस का कहना है कि आरोपी ने जानबूझकर Bishnoi Gang का नाम लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिश की ताकि पीड़ित व्यक्ति जल्दी पैसे दे दे।

    उसने ₹5 करोड़ की बड़ी रकम वसूलने के लिए तकनीक और गैंगस्टर के डर का इस्तेमाल किया।

    पुलिस कर रही है आगे की जांच

    अब Malad Police यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का वास्तव में Bishnoi Gang से कोई संबंध है या नहीं।

    इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।

    पुलिस का कहना है कि अगर पीड़ित ने समय पर शिकायत नहीं की होती, तो आरोपी बड़ी रकम वसूलने में सफल हो सकता था।


    FAQ

    1. Malad में क्या मामला सामने आया है?

    Malad में एक व्यक्ति ने खुद को Bishnoi Gang का सदस्य बताकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की कोशिश की।

    2. आरोपी कौन है?

    आरोपी का नाम Kailash Agarwal है और वह दिल्ली का रहने वाला व्यापारी है।

    3. आरोपी ने अपनी लोकेशन कैसे छिपाई?

    आरोपी ने फोन कॉल और मैसेज करते समय VPN system का इस्तेमाल किया था।

    4. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?

    पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया।

    5. आरोपी ने यह अपराध क्यों किया?

    पुलिस के अनुसार business losses और आर्थिक परेशानी के कारण उसने यह साजिश रची।

  • Goregaon में BMC की बड़ी कार्रवाई, 13 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

    Goregaon में BMC की बड़ी कार्रवाई, 13 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

    मुंबई के Goregaon West में BMC ने Encroachment Removal Drive के तहत 13 अवैध दुकानों को तोड़ दिया। SV Road और 5D Road पर फुटपाथ और सार्वजनिक जगह घेरकर बनाए गए ढांचे हटाए गए।

    मुंबई: Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Goregaon West में 13 अवैध दुकानों को तोड़ दिया। यह कार्रवाई 10 मार्च को की गई, जिसे नगर निगम के P South Ward ने अपने Encroachment Removal Drive के तहत अंजाम दिया।

    नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इन दुकानों ने सड़क और सार्वजनिक जगह पर कब्जा कर रखा था, जिससे पैदल चलने वालों को काफी परेशानी हो रही थी।

    SV Road और 5D Road पर कार्रवाई

    कार्रवाई के दौरान Swami Vivekanand Road (SV Road) पर बनी 3 अवैध दुकानों को पूरी तरह तोड़ दिया गया।

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    इसके अलावा Goregaon West के 5D Road पर बनी 10 दुकानों के अवैध बढ़े हुए हिस्सों को हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन दुकानों ने फुटपाथ और सार्वजनिक जगह घेर रखी थी, जिससे लोगों के आने-जाने में दिक्कत हो रही थी।

    अवैध फेरीवालों पर भी हुई कार्रवाई

    नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि दुकानों के अलावा आसपास illegal hawkers के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

    इन फेरीवालों की वजह से सड़क और फुटपाथ पर भीड़ बढ़ रही थी और यातायात तथा पैदल चलने वालों के लिए रास्ता बाधित हो रहा था।

    कई विभागों ने मिलकर चलाया अभियान

    यह कार्रवाई Deputy Municipal Commissioner (Zone 4) Bhagyashree Kapse के मार्गदर्शन में की गई। वहीं अभियान का नेतृत्व P South Ward के Assistant Commissioner Aniruddha Kulkarni ने किया।

    इस कार्रवाई में Maintenance Department, Encroachment Removal Department और Licensing Department के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।

    मशीनरी और पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था

    इस अभियान में नगर निगम के 5 अधिकारी और 25 कर्मचारी शामिल थे।

    कार्रवाई के दौरान 1 JCB मशीन, 1 ट्रक, 1 मालवाहक वाहन और गैस कटर का इस्तेमाल किया गया।

    अभियान के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए Bangur Nagar Police Station की ओर से पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी तैनात की गई थी।

    अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

    नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि illegal construction और encroachment के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    नगर निगम का कहना है कि सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

    मुलुंड में भी हाल ही में हुई थी बड़ी कार्रवाई

    इससे पहले फरवरी महीने में Mulund West के Sardar Vallabhbhai Patel Road पर भी नगर निगम ने बड़ा अभियान चलाया था।

    उस दौरान 61 अवैध निर्माणों को तोड़ा गया और रेलवे स्टेशन के पास लगभग 1100 वर्ग मीटर अतिक्रमित जमीन खाली कराई गई।

    इस कार्रवाई में 4 JCB मशीनें, 7 डंपर और अन्य उपकरण इस्तेमाल किए गए थे। करीब 70 नगर निगम अधिकारी और कर्मचारी तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद था।


    FAQ

    1. BMC ने Goregaon में कितनी दुकानों पर कार्रवाई की?

    BMC ने 13 अवैध दुकानों पर कार्रवाई की है।

    2. यह कार्रवाई कहां की गई?

    यह कार्रवाई Goregaon West के SV Road और 5D Road इलाके में की गई।

    3. इस अभियान का नेतृत्व किसने किया?

    अभियान का नेतृत्व Assistant Commissioner Aniruddha Kulkarni ने किया।

    4. कार्रवाई में कितने कर्मचारी शामिल थे?

    इस अभियान में 5 अधिकारी और 25 कर्मचारी शामिल थे।

    5. क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?

    नगर निगम के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

  • Goregaon: सौतेली मां पर जिम वेट से हमला, 25 साल का युवक गिरफ्तार

    Goregaon: सौतेली मां पर जिम वेट से हमला, 25 साल का युवक गिरफ्तार

    मुंबई के Goregaon इलाके में 25 साल के युवक ने सौतेली मां पर जिम के वेट प्लेट से हमला कर दिया। Bangur Nagar Police ने आरोपी Abdul Rehman Sabir Ansari को गिरफ्तार कर लिया है। महिला को गंभीर चोटों के बाद अस्पताल में इलाज दिया गया।

    मुंबई: Goregaon West इलाके में पारिवारिक विवाद के चलते एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 25 साल के युवक ने अपनी सौतेली मां पर जिम के भारी वेट प्लेट से हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, लेकिन Bangur Nagar Police की विशेष टीम ने उसे कुछ दिनों की तलाश के बाद गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस के अनुसार आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस हिरासत (Police Custody) में भेज दिया गया है।

    आरोपी और घायल महिला की पहचान

    पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान Abdul Rehman Sabir Ansari (25) के रूप में हुई है। वहीं घायल महिला का नाम Fatima Mohammad Sakir Ansari (32) बताया गया है।

    फातिमा अपने पति Mohammad Sakir और चार बच्चों के साथ Goregaon के Anwar Chawl में रहती हैं। उन्होंने करीब चार साल पहले मोहम्मद साकिर से शादी की थी।

    पिता की दूसरी शादी से नाराज था आरोपी

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी Abdul Rehman अपने पिता की दूसरी शादी से काफी नाराज था। वह फातिमा को अपनी सौतेली मां के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रहा था।

    पुलिस के अनुसार पिछले कई महीनों से दोनों के बीच इस बात को लेकर लगातार झगड़े और बहस हो रही थी।

    27 फरवरी को भी हुआ था बड़ा विवाद

    पुलिस ने बताया कि 27 फरवरी 2026 को भी आरोपी और फातिमा के बीच बड़ा झगड़ा हुआ था। उस समय परिवार के अन्य रिश्तेदारों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया था।

    लेकिन इसके बावजूद दोनों के बीच तनाव बना हुआ था।

    3 मार्च की सुबह हुआ हमला

    पुलिस के अनुसार यह घटना 3 मार्च को सुबह करीब 11:15 बजे हुई। उस समय फातिमा घर पर बीमार थीं और उनके दो बच्चे भी घर में मौजूद थे।

    वहीं उनके पति Mohammad Sakir काम पर गए हुए थे।

    इसी दौरान आरोपी अब्दुल रहमान घर पहुंचा और पुराने विवाद को लेकर फातिमा से बहस शुरू कर दी।

    गाली-गलौज के बाद जिम वेट से हमला

    पुलिस के मुताबिक बहस के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी। इस पर फातिमा ने उसे ऐसा करने से मना किया और पूछा कि वह उनके घर क्यों आया है।

    इस बात से गुस्से में आकर आरोपी ने जिम की भारी वेट प्लेट से उनके सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    हमला करने के बाद आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गया।

    पड़ोसियों ने अस्पताल पहुंचाया

    घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत घायल फातिमा को Kandivali के Shatabdi Hospital पहुंचाया। वहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।

    इलाज के बाद फातिमा ने पुलिस को पूरी घटना बताई और अपने सौतेले बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन

    शिकायत मिलने के बाद Bangur Nagar Police ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। कई दिनों तक जांच और तलाश के बाद पुलिस की विशेष टीम ने 7 मार्च को Goregaon से Abdul Rehman को गिरफ्तार कर लिया।

    अदालत ने भेजा पुलिस हिरासत में

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस अब मामले की आगे जांच कर रही है।


    FAQ

    1. यह घटना मुंबई के किस इलाके में हुई?

    यह घटना मुंबई के Goregaon West के Anwar Chawl इलाके में हुई।

    2. आरोपी कौन है?

    आरोपी का नाम Abdul Rehman Sabir Ansari (25) है।

    3. घायल महिला कौन है?

    घायल महिला का नाम Fatima Mohammad Sakir Ansari (32) है।

    4. हमला किस वजह से हुआ?

    पुलिस के अनुसार आरोपी अपने पिता की दूसरी शादी से नाराज था और इसी विवाद के चलते हमला हुआ।

    5. आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?

    पुलिस ने आरोपी को 7 मार्च को Goregaon से गिरफ्तार किया।

  • Kandivali में अवैध E-Cigarette रैकेट का भंडाफोड़, नाबालिग छात्रों को सप्लाई; दो आरोपी गिरफ्तार

    Kandivali में अवैध E-Cigarette रैकेट का भंडाफोड़, नाबालिग छात्रों को सप्लाई; दो आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के Kandivali West में पुलिस ने अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का खुलासा किया। Class 11 के छात्रों को vaping devices देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 1.16 लाख रुपये के प्रतिबंधित सामान जब्त किए गए।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। Kandivali Police ने नाबालिग छात्रों को banned electronic cigarettes बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में करीब 1.16 लाख रुपये के प्रतिबंधित vaping products जब्त किए हैं। यह कार्रवाई Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत की गई है, जिसके तहत भारत में e-cigarette की बिक्री और वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित है।

    पुलिस को गश्त के दौरान मिला सुराग

    पुलिस के अनुसार 2 मार्च को Sub-Inspector श्रीकांत मगर (Shrikant Magar) की टीम कांदिवली वेस्ट के इरानीवाड़ी इलाके में नियमित गश्त कर रही थी। उसी दौरान पुलिस ने कुछ Class 11 के छात्रों को e-cigarette पीते हुए (vaping) देखा।

    भारत में electronic cigarettes पर प्रतिबंध होने के कारण पुलिस ने तुरंत छात्रों से पूछताछ की।

    छात्रों ने बताया दोस्त से मिला था vaping device

    पूछताछ के दौरान छात्रों ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह vaping device उनके दोस्त “मंथन” से मिला था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे जांच शुरू की और सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश की।

    जांच के दौरान पुलिस ने एक अन्य संदिग्ध की पहचान रोहित सभाजीत उपाध्याय (Rohit Sabhajit Upadhyay) के रूप में की, जो कांदिवली वेस्ट का रहने वाला है।

    आरोपी के घर से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामान बरामद

    पुलिस ने रोहित उपाध्याय के घर पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान वहां से 131 प्रतिबंधित e-cigarettes और अलग-अलग कंपनियों के refill e-liquid bottles बरामद किए गए।

    जब्त किए गए इन सामानों की कीमत लगभग 78,500 रुपये बताई जा रही है।

    कुल 292 प्रतिबंधित सामान जब्त

    पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कुल 292 प्रतिबंधित items जब्त किए। इनमें e-cigarettes, e-liquids और विदेशी सिगरेट शामिल हैं। इन सभी की कुल कीमत लगभग 1.16 लाख रुपये बताई गई है।

    पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क खास तौर पर नाबालिग छात्रों को target कर रहा था, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।

    Electronic Cigarettes Act के तहत कार्रवाई

    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत मामला दर्ज किया है। इस कानून के अनुसार भारत में e-cigarette की बिक्री, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और विज्ञापन पूरी तरह गैरकानूनी है।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि यह अवैध सप्लाई नेटवर्क और किन-किन इलाकों में सक्रिय था।

    नाबालिगों में बढ़ती vaping की समस्या

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में स्कूल और कॉलेज के छात्रों में vaping का चलन बढ़ता दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि पुलिस अब ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रख रही है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक e-cigarette का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है और कम उम्र के बच्चों पर इसका असर और ज्यादा गंभीर हो सकता है।


    FAQ

    1. कांदिवली में क्या मामला सामने आया है?

    कांदिवली में पुलिस ने अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

    2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?

    इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    3. पुलिस ने कितने सामान जब्त किए?

    पुलिस ने कुल 292 प्रतिबंधित items जब्त किए हैं।

    4. जब्त सामान की कीमत कितनी है?

    जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 1.16 लाख रुपये बताई गई है।

    5. भारत में e-cigarette क्यों बैन है?

    भारत में Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत e-cigarette की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध है।

  • महाराष्ट्र विधान परिषद में बड़ा फैसला: NCP-SP नेता सूर्यकांत मोरे के खिलाफ 30 दिन की जेल की सिफारिश

    महाराष्ट्र विधान परिषद में बड़ा फैसला: NCP-SP नेता सूर्यकांत मोरे के खिलाफ 30 दिन की जेल की सिफारिश

    महाराष्ट्र विधान परिषद की Privilege Committee ने NCP-SP नेता Suryakant More के खिलाफ 30 दिन की civil imprisonment की सिफारिश की है। उन पर Legislative Council Chairman Ram Shinde के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

    मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। महाराष्ट्र विधान परिषद (Maharashtra Legislative Council) की Privilege Committee ने NCP-SP नेता सूर्यकांत मोरे (Suryakant More) के खिलाफ 30 दिन की सिविल जेल (Civil Imprisonment) की सिफारिश की है। यह कार्रवाई उस बयान को लेकर की गई है जिसमें मोरे ने कथित तौर पर विधान परिषद के सभापति राम शिंदे (Ram Shinde) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

    मंगलवार को समिति ने अपनी रिपोर्ट परिषद में पेश की, जिसके बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है।

    Privilege Committee ने पेश की रिपोर्ट

    महाराष्ट्र विधान परिषद की Privilege Committee के चेयरमैन और भाजपा MLC प्रसाद लाड (Prasad Lad) ने मंगलवार को परिषद में अपनी रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में सिफारिश की गई कि NCP-SP नेता सूर्यकांत मोरे को 30 दिनों की सिविल कैद दी जाए।

    Major-decision-Maharashtra-Legislative-Council-30-days-jail-NCP-SP-leader-Suryakant-More-news

    उस समय परिषद की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने घोषणा की कि समिति की रिपोर्ट परिषद को सौंप दी गई है।

    Winter Session में लाया गया था Privilege Motion

    यह मामला तब शुरू हुआ जब भाजपा MLC प्रवीण दरेकर (Praveen Darekar) ने Winter Session के दौरान सूर्यकांत मोरे के खिलाफ Breach of Privilege Motion पेश किया था।

    दरेकर ने आरोप लगाया था कि मोरे ने अपने भाषण में विधान परिषद और उसके सभापति के पद का अपमान करने वाली टिप्पणी की है, जो विधानसभा की गरिमा के खिलाफ है।

    उपसभापति ने जांच के आदेश दिए

    इस मामले को गंभीर मानते हुए विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोऱ्हे (Neelam Gorhe) ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था।

    उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की पूरी जांच की जाए और सूर्यकांत मोरे के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए।

    चुनावी रैली में दिया था विवादित बयान

    जानकारी के अनुसार यह विवादित बयान 23 नवंबर 2025 को अहमदनगर जिले के जामखेड़ (Jamkhed) नगर परिषद चुनाव के प्रचार के दौरान दिया गया था।

    रैली में बोलते हुए सूर्यकांत मोरे ने कथित तौर पर कहा था कि:

    • “लाल रंग के बैज की किसी को परवाह नहीं है…”
    • “विधान परिषद के सभापति के पास पंचायत समिति के अध्यक्ष जितनी भी ताकत नहीं है…”
    • “स्पीकर का काम सिर्फ वोट गिनने तक सीमित है…”
    • “विधान परिषद का लाल रंग सूखे का प्रतीक है…”

    इन टिप्पणियों को विधान परिषद की गरिमा के खिलाफ माना गया।

    रोहित पवार के करीबी माने जाते हैं मोरे

    सूर्यकांत मोरे NCP-SP के सक्रिय नेता हैं और उन्हें स्थानीय विधायक रोहित पवार (Rohit Pawar) का करीबी सहयोगी माना जाता है।

    इस वजह से यह मामला राजनीतिक रूप से भी काफी चर्चा में आ गया है और आने वाले दिनों में इस पर और बहस होने की संभावना है।

    महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल

    Privilege Committee की यह सिफारिश आने के बाद Maharashtra politics में हलचल बढ़ गई है। अब यह देखना होगा कि विधान परिषद इस रिपोर्ट पर क्या अंतिम फैसला लेती है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि परिषद समिति की सिफारिश को स्वीकार करती है, तो यह राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।


    FAQ

    1. सूर्यकांत मोरे कौन हैं?

    सूर्यकांत मोरे NCP-SP के नेता हैं और अहमदनगर जिले की राजनीति में सक्रिय हैं।

    2. उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों हो रही है?

    उन पर विधान परिषद के सभापति राम शिंदे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

    3. Privilege Committee ने क्या सिफारिश की है?

    समिति ने 30 दिन की सिविल जेल की सिफारिश की है।

    4. यह बयान कब दिया गया था?

    यह बयान 23 नवंबर 2025 को जामखेड़ नगर परिषद चुनाव की रैली में दिया गया था।

    5. मामला किसने उठाया था?

    भाजपा MLC प्रवीण दरेकर ने Winter Session में Privilege Motion लाकर यह मामला उठाया था।

  • LPG Cylinder को लेकर अफवाहों से बचें: देश में गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह सामान्य

    LPG Cylinder को लेकर अफवाहों से बचें: देश में गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह सामान्य

    सोशल मीडिया पर LPG Cylinder shortage को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि देश में घरेलू गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता है। नागरिकों से अफवाहों से बचने और गैस का सुरक्षित उपयोग करने की अपील की गई है।

    मुंबई: हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर LPG Cylinder shortage, गैस सप्लाई रुकने और सिलेंडर की कमी को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। इन खबरों के बाद कई शहरों में लोगों ने एक साथ गैस बुकिंग शुरू कर दी। हालांकि सरकारी तेल कंपनियों ने साफ किया है कि देश में LPG cylinder supply पूरी तरह सामान्य है और नागरिकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

    सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही थीं अफवाहें

    WhatsApp, Facebook और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ मैसेज वायरल हो रहे थे, जिनमें दावा किया जा रहा था कि आने वाले दिनों में domestic LPG cylinder की भारी कमी हो सकती है। इन संदेशों के कारण कई परिवारों ने जरूरत से पहले ही गैस सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया।

    ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मैसेज अक्सर फर्जी या अधूरी जानकारी पर आधारित होते हैं और लोगों को इन्हें बिना जांचे शेयर नहीं करना चाहिए।

    देश में LPG Cylinder का पर्याप्त स्टॉक

    सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार भारत में LPG distribution network बहुत मजबूत है। देशभर में लाखों गैस एजेंसियों और डिलीवरी नेटवर्क के जरिए हर दिन करोड़ों घरों तक सिलेंडर पहुंचाए जाते हैं।

    कंपनियों का कहना है कि domestic LPG stock और supply chain पूरी तरह स्थिर है। इसलिए लोगों को किसी भी तरह की कमी की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

    समय पर मिल रही है गैस की होम डिलीवरी

    मुंबई सहित देश के कई बड़े शहरों में गैस एजेंसियां नियमित रूप से home delivery of LPG cylinder कर रही हैं। सामान्य परिस्थितियों में गैस बुकिंग के कुछ ही दिनों के भीतर सिलेंडर घर तक पहुंचाया जा रहा है।

    गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार यदि अचानक बड़ी संख्या में लोग एक साथ बुकिंग करते हैं तो कुछ जगहों पर डिलीवरी में हल्की देरी हो सकती है, लेकिन यह वास्तविक shortage नहीं होती।

    गैस सिलेंडर का समझदारी से इस्तेमाल जरूरी

    तेल कंपनियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे LPG cylinder का जिम्मेदारी से उपयोग करें। जरूरत से ज्यादा गैस बुक करना या स्टॉक जमा करना सही नहीं है।

    विशेषज्ञों के अनुसार गैस का सही उपयोग करने से न सिर्फ खर्च कम होता है बल्कि देश की energy resources का भी बेहतर उपयोग होता है।

    गैस सिलेंडर इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां

    घरेलू गैस का इस्तेमाल करते समय कुछ जरूरी सावधानियां भी रखना जरूरी है:

    • गैस सिलेंडर हमेशा सीधा और हवादार जगह पर रखें
    • रेगुलेटर और पाइप की समय-समय पर जांच करें
    • गैस की गंध आए तो तुरंत regulator बंद करें
    • चूल्हा जलाते समय पहले माचिस या लाइटर जलाएं, फिर गैस खोलें
    • समय-समय पर LPG safety inspection करवाते रहें

    इन छोटी-छोटी सावधानियों से गैस से जुड़े हादसों से बचा जा सकता है।

    अफवाहों से बचने की अपील

    ऊर्जा कंपनियों और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे LPG shortage जैसी अफवाहों पर भरोसा न करें। किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट, गैस एजेंसी या सरकारी सूचना पर ही भरोसा करें।

    विशेषज्ञों का कहना है कि गलत खबरें फैलने से लोगों में अनावश्यक घबराहट पैदा होती है और सप्लाई सिस्टम पर भी दबाव बढ़ता है।


    FAQ

    1. क्या देश में LPG cylinder shortage है?

    नहीं, तेल कंपनियों के अनुसार देश में LPG cylinder supply पूरी तरह सामान्य है।

    2. सोशल मीडिया पर गैस की कमी की खबरें क्यों फैल रही हैं?

    अधिकतर खबरें अफवाह या अधूरी जानकारी पर आधारित होती हैं।

    3. गैस सिलेंडर की डिलीवरी में देरी क्यों होती है?

    कभी-कभी ज्यादा बुकिंग होने से delivery delay हो सकता है, लेकिन यह shortage नहीं होती।

    4. गैस सिलेंडर इस्तेमाल करते समय सबसे जरूरी सावधानी क्या है?

    सिलेंडर को हमेशा हवादार जगह पर सीधा रखे और पाइप-रेगुलेटर की नियमित जांच करें।

    5. सही जानकारी कहां से लें?

    गैस एजेंसी, सरकारी तेल कंपनियों की वेबसाइट या official announcement से ही जानकारी लें।

  • Kandivali Vendor Action: BMC कमिश्नर भूषण गगराणी सख्त, अवैध फेरीवालों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई के आदेश

    Kandivali Vendor Action: BMC कमिश्नर भूषण गगराणी सख्त, अवैध फेरीवालों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई के आदेश

    Kandivali Lokhandwala Circle में BMC की कार्रवाई के दौरान भीड़ ने अधिकारियों पर हमला किया। इसके बाद BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और illegal vendors पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में illegal hawkers और footpath encroachment को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) की टीम जब Kandivali के Vishwakarmanye Chowk (Lokhandwala Circle) इलाके में अवैध फेरीवालों को हटाने की कार्रवाई कर रही थी, उसी दौरान भीड़ ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने 8 मार्च 2026 को खुद मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की और सख्त निर्देश जारी किए।

    कमिश्नर भूषण गगराणी ने किया घटनास्थल का दौरा

    घटना की गंभीरता को देखते हुए BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने रविवार (8 मार्च 2026) को Kandivali Lokhandwala Circle पहुंचकर पूरे इलाके का निरीक्षण किया। उन्होंने उस जगह का जायजा लिया जहां नगर निगम की टीम पर हमला हुआ था।

    Kandivali-Vendor-Action-BMC-Commissioner-Bhushan-Gagrani-illegal-hawkers-news

    इस दौरान उन्होंने कार्रवाई में शामिल BMC officers और staff से भी मुलाकात की और उनसे पूरी घटना की जानकारी ली।

    अधिकारी और कर्मचारियों से की बातचीत

    कमिश्नर गगराणी ने उस टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी मुलाकात की जिन्हें कार्रवाई के दौरान भीड़ के हमले का सामना करना पड़ा था। उन्होंने उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली और उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।

    अवैध फेरीवालों और अतिक्रमण पर तुरंत कार्रवाई के आदेश

    निरीक्षण के दौरान BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने साफ निर्देश दिया कि इलाके में मौजूद सभी illegal hawkers, footpath encroachment और रास्ते में बाधा पैदा करने वाले दुकानदारों के खिलाफ immediate और strict action लिया जाए।

    उन्होंने कहा कि फुटपाथ और सड़कों पर इस तरह का अतिक्रमण होने से traffic congestion और pedestrian movement दोनों पर असर पड़ता है।

    7 मार्च को हुई थी BMC की निष्कासन कार्रवाई

    दरअसल 7 मार्च 2026 को BMC के R South Ward की टीम ने Kandivali के Vishwakarmanye Chowk (Lokhandwala Circle) इलाके में अवैध फेरीवालों के खिलाफ encroachment removal drive चलाई थी।

    कार्रवाई के दौरान अचानक भीड़ ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इतना ही नहीं, भीड़ ने BMC के वाहन और मशीनरी में भी तोड़फोड़ की।

    सड़क और फुटपाथ से हटवाए गए अवरोध

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    निरीक्षण के दौरान कमिश्नर गगराणी ने मौके पर खड़े होकर सड़क और फुटपाथ पर खड़ी गाड़ियों और अन्य अवरोधों को हटाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने खास तौर पर देखा कि फुटपाथ पर खड़ी गाड़ियों और अन्य सामान से पैदल चलने वालों को परेशानी हो रही थी।

    पिज्जा दुकान को तुरंत बंद करने का आदेश

    निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि एक pizza shop के बाहर delivery bikes खड़ी होने की वजह से सड़क पर ट्रैफिक बाधित हो रहा था।

    इस पर BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने तुरंत उस pizza shop को बंद करने का आदेश दे दिया।

    हमले में कॉलेज छात्रों की भी भूमिका

    कमिश्नर गगराणी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि illegal vendors के साथ कुछ local college students भी इस हमले में शामिल थे।

    इसको देखते हुए संबंधित कॉलेजों को सूचना भेजकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    BMC की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

    गगराणी ने साफ कहा कि illegal hawkers, footpath encroachment और unauthorized construction के खिलाफ BMC anti-encroachment drive आगे भी लगातार जारी रहेगी।

    उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला करना पूरी तरह निंदनीय और अस्वीकार्य है।


    FAQ

    1. कांदिवली में BMC की कार्रवाई कब हुई?

    BMC ने 7 मार्च 2026 को Kandivali Lokhandwala Circle इलाके में अवैध फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

    2. BMC कमिश्नर कब मौके पर पहुंचे?

    8 मार्च 2026 को BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने घटनास्थल का दौरा किया।

    3. कार्रवाई के दौरान क्या हुआ था?

    कार्रवाई के दौरान भीड़ ने BMC अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला किया और वाहन व मशीनरी में तोड़फोड़ की।

    4. कमिश्नर ने क्या निर्देश दिए?

    उन्होंने illegal hawkers, footpath encroachment और रास्ते में बाधा पैदा करने वाले दुकानदारों पर तुरंत सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया।

    5. क्या इस घटना में छात्र भी शामिल थे?

    प्रारंभिक जांच में पता चला कि कुछ स्थानीय कॉलेज के छात्र भी भीड़ के साथ शामिल थे।

  • Malad Deep Sea Fire: मछली पकड़ने वाली ‘Sea Princess’ नाव में आग, एक खलाशी गंभीर रूप से जख्मी

    Malad Deep Sea Fire: मछली पकड़ने वाली ‘Sea Princess’ नाव में आग, एक खलाशी गंभीर रूप से जख्मी

    Malad Bhati Koliwada की Fishing Boat Sea Princess में deep sea fishing के दौरान stove या gas blast से भीषण आग लग गई। हादसे में एक खलाशी घायल हुआ और करीब 40 लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।

    मुंबई: मालाड इलाके से एक बड़ी खबर सामने आई है। भाटी कोळीवाड़ा के मछुआरों की Bhati Machhimar Sarvodaya Sahakari Society की महिला सदस्य Reshma Mozes Dhake की Sea Princess नाम की Fishing Boat में उस समय आग लग गई जब नाव गहरे समुद्र में Deep Sea Fishing कर रही थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नाव में मौजूद stove या gas blast होने से अचानक आग भड़क गई।

    गैस या स्टोव ब्लास्ट से लगी आग

    प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक नाव पर खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले stove या gas cylinder से अचानक भड़का उठने के बाद आग तेजी से फैल गई। समुद्र के बीचों-बीच आग लगने से नाव पर मौजूद मछुआरों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि बाकी खलाशी किसी तरह सुरक्षित रहे।

    एक खलाशी घायल, शताब्दी अस्पताल में भर्ती

    इस हादसे में नाव पर काम कर रहे एक खलाशी के दोनों पैरों और एक हाथ में चोट आई है। उसे तुरंत किनारे लाकर Kandivali के Shatabdi Hospital में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।

    Coast Guard और पुलिस को दी गई सूचना

    जैसे ही घटना की जानकारी मिली, तुरंत Indian Coast Guard, Fisheries Department और Yellow Gate Police को इसकी सूचना दी गई। समुद्र में आग लगने जैसी घटनाओं को देखते हुए संबंधित एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    नाव मालिक को करीब 40 लाख रुपये का नुकसान

    इस आग में नाव मालिक Reshma Dhake को लगभग 40 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। मछली पकड़ने के उपकरण और नाव का बड़ा हिस्सा आग में जलकर खराब हो गया।

    मुख्यमंत्री सहायता निधि से मदद की मांग

    हादसे के बाद Maharashtra Machhimar Kruti Samiti ने राज्य सरकार से मांग की है कि नाव मालिक Reshma Dhake को हुए भारी आर्थिक नुकसान को देखते हुए Chief Minister Relief Fund (CM Relief Fund) से आर्थिक मदद दी जाए।


    FAQ

    1. मालाड में Fishing Boat Fire कहां हुई?

    यह हादसा मुंबई के Malad के Bhati Koliwada इलाके से समुद्र में मछली पकड़ने गई नाव पर हुआ।

    2. किस नाव में आग लगी?

    Sea Princess नाम की Fishing Boat में आग लगी, जो Reshma Mozes Dhake की है।

    3. आग लगने की वजह क्या बताई जा रही है?

    शुरुआती जानकारी के अनुसार stove या gas blast की वजह से आग लगी।

    4. हादसे में कितने लोग घायल हुए?

    इस हादसे में एक खलाशी घायल हुआ है, जिसके दोनों पैरों और एक हाथ में चोट आई है।

    5. घायल खलाशी का इलाज कहां चल रहा है?

    उसे Kandivali के Shatabdi Hospital में भर्ती कराया गया है।

  • Malad West Bridge Project पर सवाल: ₹1,666 करोड़ के BMC Tender में ROFR Clause से उठा विवाद

    Malad West Bridge Project पर सवाल: ₹1,666 करोड़ के BMC Tender में ROFR Clause से उठा विवाद

    Mumbai News: Malad West में बनने वाले bridge और elevated road project के ₹1,666 करोड़ के BMC tender पर विवाद खड़ा हो गया है। ROFR clause के जरिए J Kumar-RPS को कॉन्ट्रैक्ट मिलने पर fairness और competitive bidding पर सवाल उठे हैं। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: Malad West bridge project और elevated road project को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। करीब ₹1,666 करोड़ के BMC tender पर अब पारदर्शिता और competitive bidding को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह कॉन्ट्रैक्ट J Kumar–RPS joint venture को मिलने जा रहा है, जिसने Right of First Refusal (ROFR) clause का इस्तेमाल कर सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी की कीमत को मैच कर दिया।

    Malad West Bridge Project पर क्यों उठे सवाल

    मुंबई के Malad West infrastructure project के लिए Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने जो tender जारी किया था, अब उसकी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि bidding process पूरी तरह से fair और transparent नहीं रही।

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    यह project bridge और elevated road के निर्माण से जुड़ा है, जिसकी कुल लागत ₹1,666 करोड़ बताई जा रही है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य इलाके में traffic congestion कम करना और connectivity बेहतर बनाना है।

    ROFR Clause से J Kumar-RPS को मिला फायदा

    जब financial bids खोले गए तो Larsen & Toubro (L&T) सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी निकली। उसने ₹1,666 करोड़ की बोली लगाई, जो BMC के अनुमान से करीब 1.8% ज्यादा थी।

    लेकिन tender में मौजूद Right of First Refusal (ROFR) clause के कारण J Kumar-RPS joint venture को प्राथमिकता दी गई। इस clause के तहत कंपनी को मौका दिया गया कि वह किसी तीसरी कंपनी की सबसे कम बोली को match कर सके।

    J Kumar-RPS ने L&T की कीमत को match कर दिया और इसी वजह से अब contract उन्हें दिए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

    2024 का पहला Tender क्यों रद्द हुआ

    इस project के लिए BMC ने पहली बार October 2024 में ₹1,928 करोड़ का tender जारी किया था।

    लेकिन July 2025 में यह tender bids खोले जाने से पहले ही रद्द कर दिया गया। उस समय MLA Aslam Shaikh ने एक पत्र लिखकर tender में cartelisation और bid rigging का आरोप लगाया था।

    Malad-West-Bridge-Project-Controversy-ROFR-clause-BMC-tender-news-1

    इसी वजह से BMC ने पूरा tender process रोक दिया और नया tender जारी करने का फैसला किया।

    नया Tender और बढ़ा Project Scope

    इसके बाद September 2025 में नया tender जारी किया गया, जिसमें project का scope बढ़ा दिया गया।

    • Revised estimated cost: ₹2,250 करोड़
    • Model: Design and Build
    • Special clause: J Kumar-RPS के पक्ष में ROFR clause

    यह बदलाव भी विवाद की वजह बन गया, क्योंकि इससे bidding process में preferential advantage मिलने का आरोप लगा।

    BMC ने ROFR देने की वजह बताई

    BMC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ROFR clause देने का कारण एक पुराना financial claim था।

    दरअसल, J Kumar कंपनी ने ₹350 करोड़ का claim किया था, जो उन्होंने एक दूसरे project के लिए mobilization और preliminary work में खर्च होने का दावा किया था।

    यह project था Eastern Freeway (Orange Gate) से Grant Road elevated road project, जिसे पहले J Kumar को दिया गया था लेकिन बाद में BMC ने इसे रद्द कर दिया।

    अधिकारी के मुताबिक अगर ROFR नहीं दिया जाता तो मामला arbitration में चला जाता और BMC को बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती।


    Claim Verification पर भी उठे सवाल

    कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि J Kumar के ₹350 करोड़ के claim की ठीक से verification नहीं की गई।

    आलोचकों का कहना है कि बिना सही जांच के ROFR देना competitive bidding process को प्रभावित कर सकता है।


    Cost Estimate पर भी बनी बहस

    दिलचस्प बात यह है कि project का revised estimate ₹2,250 करोड़ था, लेकिन सबसे कम बोली ₹1,666 करोड़ ही आई।

    इससे यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या project cost estimate ज्यादा रखा गया था।

    MLA Aslam Shaikh के पत्र के अनुसार, पहले tender में भी सबसे कम बोली अनुमानित लागत से 13.6% कम थी।


    Engineering Contracts में कम बोली कैसे संभव

    BMC अधिकारियों का कहना है कि Engineering, Procurement and Construction (EPC) contracts में कम बोली आना सामान्य बात है।

    इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे:

    • बेहतर design planning
    • economies of scale
    • contractor की internal cost efficiency

    इसी वजह से कई बार contractors अनुमानित लागत से कम कीमत में भी project पूरा करने की पेशकश कर देते हैं।


    Tender Cancel होने पर भी उठे सवाल

    एक private company के अधिकारी, जो BMC के साथ काम करती है, ने कहा कि पहला tender बिना स्पष्ट कारण बताए रद्द कर दिया गया था।

    हालांकि BMC अधिकारियों ने सफाई दी कि tender administrative reasons से रद्द किया गया था, जिसमें project scope बढ़ाने की जरूरत भी शामिल थी।


    दूसरी Tender प्रक्रिया में कौन-कौन कंपनियां थीं

    दूसरे tender में चार कंपनियां technical bid round तक पहुंची थीं

    • Larsen & Toubro (L&T)
    • J Kumar-RPS
    • Ashoka Buildcon
    • NCC Ltd

    लेकिन L&T को छोड़कर बाकी सभी कंपनियों की बोली BMC के अनुमान से ज्यादा थी।


    FAQ

    1. Malad West bridge project की लागत कितनी है?

    इस project की सबसे कम बोली ₹1,666 करोड़ की आई है, जो L&T ने लगाई थी।

    2. ROFR Clause क्या होता है?

    Right of First Refusal (ROFR) एक clause होता है जिसमें किसी कंपनी को यह अधिकार मिलता है कि वह किसी अन्य bidder की सबसे कम कीमत को match करके contract हासिल कर सकती है।

    3. पहला BMC tender क्यों रद्द हुआ था?

    MLA Aslam Shaikh ने tender में cartelisation और bid rigging के आरोप लगाए थे, जिसके बाद BMC ने tender रद्द कर दिया।

    4. J Kumar कंपनी को ROFR क्यों दिया गया?

    BMC के अनुसार कंपनी ने ₹350 करोड़ का claim किया था, जो पहले रद्द हुए elevated road project से जुड़ा था। arbitration से बचने के लिए ROFR दिया गया।

    5. दूसरे tender में किन कंपनियों ने भाग लिया था?

    L&T, J Kumar-RPS, Ashoka Buildcon और NCC Ltd technical round में qualified हुई थीं।