Category: West India

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  • अंधेरी इर्ला रोड पर BMC की सख्त कार्रवाई, 200 अवैध फेरीवाले हटाए

    अंधेरी इर्ला रोड पर BMC की सख्त कार्रवाई, 200 अवैध फेरीवाले हटाए

    मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित राम गणेश गडकरी मार्ग पर BMC ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 200 अवैध फेरीवालों और फुटपाथों पर बने अनधिकृत निर्माण हटाए। कूपर अस्पताल जाने वाले रास्ते को किया गया साफ।

    मुंबई: फुटपाथ, अतिक्रमण और अवैध फेरीवालों के खिलाफ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने सख्त रुख अपनाया है। अंधेरी (पश्चिम) के राम गणेश गडकरी मार्ग (इर्ला रोड) इलाके में बीएमसी के के पश्चिम वार्ड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 200 अवैध फेरीवालों और फुटपाथों पर बने अनधिकृत निर्माणों को हटाया है। यह कार्रवाई 29 जनवरी 2026 को की गई।

    कूपर अस्पताल जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण बना था मुसीबत

    राम गणेश गडकरी मार्ग, जो स्वामी विवेकानंद रोड और गुलमोहर रोड को जोड़ता है, साथ ही डॉ. आर. एन. कूपर अस्पताल के प्रवेश मार्ग से जुड़ा हुआ है।
    इस सड़क और फुटपाथों पर लंबे समय से अवैध फेरीवालों और बढ़े हुए निर्माणों के कारण:

    • एम्बुलेंस की आवाजाही में दिक्कत
    • मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी
    • पैदल चलने वालों को भारी परेशानी

    जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही थीं।

    आयुक्त के निर्देश पर हुई कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर की गई।
    उप आयुक्त (परिमंडल-4) भाग्यश्री कापसे के मार्गदर्शन में और
    सहायक आयुक्त (के पश्चिम) चक्रपाणी अल्ले के नेतृत्व में निष्कासन अभियान चलाया गया।

    200 से ज्यादा अवैध फेरीवाले हटाए गए

    अभियान के दौरान:

    • करीब 200 अनधिकृत फेरीवालों को हटाया गया
    • फुटपाथों पर बने अवैध बढ़ी हुई दुकानों और ढांचों को तोड़ा गया
    • सड़क और फुटपाथों को पैदल चलने लायक बनाया गया

    इससे पूरे इलाके में यातायात और पैदल आवाजाही काफी हद तक सुचारु हो गई है।

    BMC-takes-strict-action-on-Andheri-Irla-Road-removes-200-illegal-hawkers-news

    भारी मशीनरी और पुलिस बंदोबस्त तैनात

    कार्रवाई को सफल बनाने के लिए बीएमसी ने:

    • 4 अतिक्रमण हटाने वाले वाहन
    • 3 जेसीबी मशीनें
    • अन्य आवश्यक उपकरण

    तैनात किए थे।
    इसके अलावा करीब 100 बीएमसी अधिकारी-कर्मचारी और पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद था, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

    स्थानीय नागरिकों ने जताया संतोष

    इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस इलाके में अव्यवस्था थी, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही थी।

    बीएमसी प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में भी अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कार्रवाई कहां हुई?
    अंधेरी पश्चिम के राम गणेश गडकरी मार्ग (इर्ला रोड) पर।

    Q2. कितने फेरीवाले हटाए गए?
    करीब 200 अवैध फेरीवाले।

    Q3. कार्रवाई क्यों की गई?
    एम्बुलेंस और पैदल यात्रियों को हो रही परेशानी के कारण।

    Q4. कौन सा विभाग शामिल था?
    बीएमसी का के पश्चिम वार्ड।

    Q5. क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
    हां, बीएमसी ने नियमित कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

  • Mumbai: आर्थर रोड जेल में कैदी का उत्पात, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला

    Mumbai: आर्थर रोड जेल में कैदी का उत्पात, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला

    Mumbai के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले आर्थर रोड जेल में एक कैदी ने पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया। घटना के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

    मुंबई: आर्थर रोड कारागृह, जिसे देश की सबसे सुरक्षित जेलों में गिना जाता है, वहां से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जेल के अंदर ही एक कैदी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद पूरे जेल परिसर में हड़कंप मच गया है और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    कैदी ने दी गालियां, रोकने पर किया हमला

    जानकारी के मुताबिक, लोकेंद्र उदयसिंह रावत नाम का कैदी इस वक्त आर्थर रोड जेल में सजा काट रहा है। जेल के मुख्य गेट के पास खुली जगह में कुछ पुलिसकर्मी तैनात थे। इसी दौरान रावत वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को गालियां देने लगा

    स्थिति को संभालने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस सिपाही वाघ ने उसे समझाने और रोकने की कोशिश की, लेकिन बात उलटी पड़ गई। रावत ने अचानक वाघ पर हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह पीट दिया।

    बीच-बचाव करने आए पुलिसकर्मियों पर भी हमला

    जब पुलिस सिपाही वाघ के साथ मारपीट हो रही थी, तब अन्य पुलिसकर्मी बीच-बचाव के लिए दौड़े। लेकिन रावत इतना आक्रामक हो चुका था कि उसने अन्य पुलिसकर्मियों पर भी हमला करने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आखिरकार उसे काबू में किया गया।

    इस अचानक हुई घटना से पूरे आर्थर रोड जेल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    घायल पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती

    हमले में गंभीर रूप से घायल हुए पुलिस सिपाही वाघ को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें कई जगह चोटें आई हैं, हालांकि उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

    कैदी के खिलाफ नया मामला दर्ज

    इस मामले में जेल प्रशासन की शिकायत पर लोकेंद्र रावत के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि

    • कैदी इतना आक्रामक क्यों हुआ
    • जेल के भीतर सुरक्षा में कोई चूक तो नहीं हुई
    • क्या पहले से किसी तरह की शिकायत या चेतावनी मौजूद थी

    Mumbai के सबसे सुरक्षित जेल में सुरक्षा पर सवाल

    आर्थर रोड जेल को हाई-सिक्योरिटी जेल माना जाता है। 26/11 हमले का आतंकी अजमल कसाब भी इसी जेल में बंद था। ऐसे में इस तरह की घटना ने जेल प्रशासन और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इससे पहले भी जेल के अंदर कैदियों के बीच झगड़े हो चुके हैं, लेकिन सीधे पुलिसकर्मी पर हमला होना बेहद गंभीर मामला है।

    अनुशासन और सख्ती की जरूरत

    पूर्व अधिकारियों का मानना है कि जेल के अंदर अनुशासन और सख्ती बेहद जरूरी है। अगर कैदी खुलेआम पुलिस पर हमला करने लगें, तो यह न सिर्फ जेल स्टाफ बल्कि पूरे सिस्टम की सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है।

    अब देखना होगा कि इस घटना के बाद

    • जेल प्रशासन क्या कदम उठाता है
    • सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाते हैं
    • दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई है?
    मुंबई की आर्थर रोड कारागृह में।

    Q2. हमलावर कौन है?
    लोकेंद्र उदयसिंह रावत नाम का कैदी।

    Q3. घायल पुलिसकर्मी की हालत कैसी है?
    उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, हालत स्थिर है।

    Q4. क्या कैदी के खिलाफ नया केस दर्ज हुआ है?
    हां, सरकारी काम में बाधा और पुलिस पर हमले का मामला दर्ज किया गया है।

    Q5. क्या जेल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं?
    हां, इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

  • Vidyavihar Flyover Update: 25 जून 2026 तक पूरा होगा विद्याविहार उड्डाणपुल

    Vidyavihar Flyover Update: 25 जून 2026 तक पूरा होगा विद्याविहार उड्डाणपुल

    BMC ने विद्याविहार फ्लाईओवर का काम 25 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने मौके पर निरीक्षण कर मानसून से पहले सभी जरूरी काम पूरे करने के निर्देश दिए।

    मुंबई: विद्याविहार में पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित विद्याविहार रेलवे स्टेशन फ्लाईओवर अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने इस परियोजना को 25 जून 2026 तक पूरा कर ट्रैफिक के लिए खोलने का लक्ष्य तय किया है। इस संबंध में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रकल्प) अभिजीत बांगर ने गुरुवार को स्थल निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों को साफ निर्देश दिए कि मानसून से पहले सभी जरूरी काम पूरे किए जाएं।

    Vidyavihar Flyover क्यों है इतना अहम?

    विद्याविहार और घाटकोपर इलाके में रहने वाले लोगों के लिए यह फ्लाईओवर किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
    यह उड्डाणपुल—

    • पूर्व में रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग
    • पश्चिम में लालबहादुर शास्त्री मार्ग (LBS रोड)

    को सीधे जोड़ता है।
    अभी रेलवे फाटक और वैकल्पिक रास्तों के कारण लोगों को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। फ्लाईओवर शुरू होने के बाद पूर्व-पश्चिम यात्रा आसान और तेज हो जाएगी।

    कब तक पूरा होगा काम? BMC का स्पष्ट टाइमलाइन

    BMC की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार—

    • पूर्वी हिस्से का सारा काम: 28 फरवरी 2026 तक
    • मानसून से पहले जरूरी काम: 31 मई 2026 तक
    • पूरे फ्लाईओवर का उद्घाटन: 25 जून 2026 तक

    अभिजीत बांगर ने कहा कि मानसून को देखते हुए स्ट्रक्चरल और जरूरी काम पहले पूरे किए जाएं और बाद में फिनिशिंग की जाए।

    फ्लाईओवर की पूरी डिटेल: लंबाई से लेकर लेन तक

    यह फ्लाईओवर कुल 650 मीटर लंबा है और इसमें—

    • रेलवे लाइनों पर बना 100 मीटर का मुख्य पुल
    • पूर्व दिशा में 220 मीटर का अप्रोच रोड
    • पश्चिम दिशा में 330 मीटर का अप्रोच रोड

    शामिल है।
    यह दो लेन का फ्लाईओवर होगा, जिससे ट्रैफिक स्मूद तरीके से चल सकेगा।

    रेलवे स्टेशन से सीधा कनेक्शन भी मिलेगा

    इस परियोजना की एक खास बात यह है कि—

    • फ्लाईओवर से विद्याविहार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक पैदल पहुंच
    • दोनों ओर नए टिकट काउंटर,
    • स्टेशन मास्टर ऑफिस
    • और नई सीढ़ियों (सीढ़ी मार्ग) का निर्माण

    भी किया गया है। इससे यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी।

    पश्चिमी हिस्से में काम बना चुनौती

    BMC अधिकारियों के मुताबिक, फ्लाईओवर के पश्चिमी हिस्से में—

    • अब तक 6 पिलर तैयार हो चुके हैं
    • अभी 4 पिलर, स्पैन और अप्रोच रोड का काम बाकी है

    यहां सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक डाइवर्जन और
    प्रभावित रिहायशी व व्यावसायिक निर्माणों को हटाना है।

    अभिजीत बांगर ने निर्देश दिए कि पहले सड़क चौड़ीकरण और रियलाइन्मेंट पूरा किया जाए, ताकि काम में तेजी लाई जा सके।

    मानसून से पहले क्यों है इतनी जल्दी?

    मुंबई में बारिश के दौरान—

    • कंस्ट्रक्शन स्लो हो जाता है
    • सेफ्टी रिस्क बढ़ जाता है
    • ट्रैफिक और ज्यादा बिगड़ता है

    इसी वजह से BMC चाहती है कि 31 मई 2026 तक सभी प्रमुख काम पूरे कर लिए जाएं, ताकि मानसून में परेशानी न हो।

    अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

    निरीक्षण के दौरान अभिजीत बांगर ने साफ कहा—

    “किसी भी हालत में 25 जून 2026 तक फ्लाईओवर पूरा कर ट्रैफिक के लिए खोला जाए।”

    इस मौके पर मुख्य अभियंता (पुल) उत्तम श्रोते सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    विद्याविहार फ्लाईओवर मुंबई के पूर्व-पश्चिम ट्रैफिक के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। अगर तय समयसीमा में काम पूरा होता है, तो घाटकोपर-विद्याविहार इलाके में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।


    FAQ – Vidyavihar Flyover

    Q1. विद्याविहार फ्लाईओवर कब तक पूरा होगा?
    ➡️ BMC के अनुसार 25 जून 2026 तक।

    Q2. फ्लाईओवर की कुल लंबाई कितनी है?
    ➡️ लगभग 650 मीटर।

    Q3. यह फ्लाईओवर किन सड़कों को जोड़ता है?
    ➡️ रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग और LBS रोड।

    Q4. मानसून से पहले क्या काम पूरे होंगे?
    ➡️ सभी जरूरी स्ट्रक्चरल काम 31 मई 2026 तक।

  • बारामती विमान हादसे के बाद महाराष्ट्र में तीन दिन का अवकाश, मुंबई हुई सूनसान

    बारामती विमान हादसे के बाद महाराष्ट्र में तीन दिन का अवकाश, मुंबई हुई सूनसान

    28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए भीषण विमान हादसे के बाद महाराष्ट्र सरकार ने 29 से 31 जनवरी तक तीन दिनों का सरकारी अवकाश घोषित किया। अवकाश का असर मुंबई में साफ नजर आ रहा है, जहां सड़कें खाली और रोजमर्रा का कारोबार ठप पड़ा है।

    मुंबई: बुधवार 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे के बाद पूरे राज्य में शोक का माहौल है। इस हादसे में राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और प्लेन में सवार 5 लोगों की मौत बाद राज्य सरकार ने गुरुवार 29 जनवरी से शनिवार 31 जनवरी तक तीन दिनों का सरकारी अवकाश घोषित कर दिया है। रविवार पहले से ही सरकारी छुट्टी का दिन है, ऐसे में सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार चार दिनों की छुट्टी मिल गई है। इस अवकाश का सबसे ज्यादा असर मुंबई शहर में देखने को मिल रहा है, जहां आम दिनों में हमेशा चहल-पहल से भरी रहने वाली सड़कें आज सूनसान नजर आ रही हैं।

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    कैसे हुआ बारामती विमान हादसा?

    28 जनवरी की सुबह बारामती के पास एक निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि विमान में सवार राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ सभी 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। आग लगने के कारण विमान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। जिसके बाद पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई।

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    हादसे की खबर मिलते ही प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को सील कर दिया गया और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।

    शोक में डूबी महाराष्ट्र सरकार, तीन दिन का अवकाश घोषित

    इस दुखद घटना के बाद राज्य सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तीन दिनों का सरकारी अवकाश घोषित किया। सरकार का कहना है कि यह अवकाश शोक प्रकट करने और दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से रखा गया है।

    सरकारी आदेश के अनुसार—

    • सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे
    • सरकारी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी रहेगी
    • गैर-जरूरी सरकारी कामकाज स्थगित रहेगा

    हालांकि आवश्यक सेवाएं जैसे अस्पताल, पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी।

    मुंबई में दिखा अवकाश का सीधा असर

    मुंबई, जिसे कभी न सोने वाला शहर कहा जाता है, इन दिनों बिल्कुल बदला-बदला नजर आ रहा है।
    जहां आम दिनों में लोकल ट्रेन, बस स्टैंड और सड़कें लोगों से भरी रहती हैं, वहीं अब—

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    • प्रमुख सड़कें खाली दिख रही हैं
    • सरकारी इलाकों में सन्नाटा पसरा है
    • ट्रैफिक जाम न के बराबर है
    • दफ्तरों के बाहर ताले लटके हैं

    ऐसा नज़ारा आमतौर पर गर्मियों की छुट्टियों या लंबे त्योहारों में ही देखने को मिलता है।

    रोजमर्रा का कारोबार ठप

    अवकाश का असर सिर्फ सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं रहा।
    मुंबई में रोजमर्रा के कारोबार पर भी इसका साफ असर पड़ा है—

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    • छोटे दुकानदारों की बिक्री घटी
    • बाजारों में ग्राहक कम
    • ऑटो-टैक्सी चालकों को सवारी नहीं
    • कई निजी दफ्तरों में भी छुट्टी जैसा माहौल

    कई व्यापारी संगठनों का कहना है कि लगातार चार दिन की सुस्ती से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ा है।

    सरकारी कर्मचारियों के लिए गांव और सैर-सपाटे का मौका

    सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए यह अवकाश किसी राहत से कम नहीं है।
    कई कर्मचारियों ने—

    • अपने गांव जाने की योजना बनाई
    • परिवार के साथ समय बिताने का फैसला किया
    • कुछ लोग सैर-सपाटे के लिए बाहर निकल गए

    रेलवे स्टेशन और बस टर्मिनलों पर शहर से बाहर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी हुई नजर आई, हालांकि मुंबई के अंदरूनी इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा।

    शोक और सन्नाटे का मिला-जुला माहौल

    जहां एक तरफ लोगों को छुट्टी का मौका मिला, वहीं दूसरी ओर पूरे राज्य में शोक का माहौल भी बना हुआ है।
    सरकारी इमारतों पर झंडे आधे झुके हुए नजर आए और कई जगहों पर श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं।

    राज्य सरकार ने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए सहायता और सहयोग का भरोसा भी दिलाया है।

    बारामती विमान हादसा महाराष्ट्र के लिए एक गहरा सदमा साबित हुआ। सरकार द्वारा घोषित अवकाश ने जहां शोक व्यक्त करने का अवसर दिया, वहीं मुंबई जैसे महानगर की रफ्तार भी कुछ दिनों के लिए थम गई। सूनसान सड़कें, बंद दफ्तर और ठप कारोबार इस बात की गवाही दे रहे हैं कि यह हादसा राज्य के जनजीवन पर कितना गहरा असर डाल गया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कितने दिनों का सरकारी अवकाश घोषित किया गया है?
    तीन दिन का अवकाश (29 से 31 जनवरी), रविवार पहले से छुट्टी है।

    Q2. क्या सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे?
    हां, गैर-जरूरी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे, जरूरी सेवाएं चालू रहेंगी।

    Q3. मुंबई में सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ा?
    ट्रैफिक, बाजार और रोजमर्रा के कारोबार पर।

    Q4. यह लेख किस आधार पर लिखा गया है?
    यह लेख एक काल्पनिक/फिक्शनल समाचार परिदृश्य पर आधारित है।

  • Borivali East Traffic Update: भारी वाहन और पानी के टैंकरों पर दिन में बैन

    Borivali East Traffic Update: भारी वाहन और पानी के टैंकरों पर दिन में बैन

    Borivali East Traffic Update के तहत मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने 8 बजे सुबह से 9 बजे रात तक भारी वाहनों और पानी के टैंकरों की एंट्री पर रोक लगाई है। ट्रैफिक जाम और हादसों को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।

    मुंबई: बोरीवली ईस्ट में रोज़ लगने वाले ट्रैफिक जाम और लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। अब बोरीवली ईस्ट (Borivali East) की कई संकीर्ण (नैरो) सड़कों पर भारी वाहनों और पानी के टैंकरों की एंट्री पर सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक रोक लगा दी गई है। यह आदेश ट्रायल बेसिस पर तीन महीने के लिए लागू किया गया है, जो 28 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा।

    क्यों लिया गया यह फैसला?

    ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, बोरीवली ईस्ट के माणे कंपाउंड और काजूपाड़ा इलाके में पानी भरने के लिए बड़ी संख्या में प्राइवेट वॉटर टैंकर आते हैं।
    इन टैंकरों और भारी वाहनों की वजह से—

    • सड़कों पर जबरदस्त ट्रैफिक जाम
    • पैदल चलने वालों को परेशानी
    • गंभीर सड़क हादसे

    जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इन हालात को देखते हुए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने एहतियातन यह रोक लगाने का फैसला किया।

    कहां-कहां लागू रहेगा ट्रैफिक बैन?

    ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, बोरीवली ईस्ट की इन सड़कों पर भारी वाहनों और पानी के टैंकरों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी:

    • निर्मल बिल्डिंग से पोस्ट ऑफिस रोड नंबर 12
    • पोस्ट ऑफिस सिद्धिविनायक बिल्डिंग से काजूपाड़ा चौकी रोड नंबर 15
    • निर्मल बिल्डिंग के पीछे से श्रीकृष्ण नगर रोड नंबर 13
    • श्रीकृष्ण नगर रोड नंबर 14
    • काजूपाड़ा चौकी से सावरपाड़ा रोड
    • काजूपाड़ा चौक से मच्छी मार्केट रोड
    • मेन मार्केट से झागड़देव कंपाउंड, काजूपाड़ा, माणे कंपाउंड

    ये सभी सड़कें काफी संकरी हैं, जहां भारी वाहनों की आवाजाही से ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो जाता है।

    किन वाहनों को मिलेगी छूट? (Exemptions)

    ट्रैफिक पुलिस ने साफ किया है कि जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।

    छूट मिलने वाले वाहन:

    • सब्ज़ी, दूध, ब्रेड और बेकरी सामान की डिलीवरी
    • गैस और फ्यूल टैंकर
    • एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड
    • बीएमसी के आवश्यक सेवा वाहन
    • पुलिस वाहन

    इन वाहनों को किसी भी समय आने-जाने की अनुमति होगी।

    टाइमिंग और कानूनी चेतावनी

    प्रतिबंध का समय:
    ➡️ रोज़ाना सुबह 8:00 बजे से रात 9:00 बजे तक

    ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे वैकल्पिक रास्तों (Alternative Routes) का इस्तेमाल करें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें।

    🚨 आदेश का उल्लंघन करने वालों पर
    Motor Vehicles Act, 1988 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    Dindoshi में भी 3 महीने का ट्रैफिक प्रतिबंध

    बोरीवली के साथ-साथ गोरेगांव पूर्व के दिंडोशी इलाके में भी ट्रैफिक पर असर पड़ेगा।
    पद्मावती रोड, जो कि आरे जंक्शन, दूध सागर और जनरल अरुण कुमार वैद्य मार्ग को जोड़ती है, वहां रोड कंक्रीटीकरण का काम चल रहा है।

    क्या है स्थिति?

    • भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री की आवाजाही
    • लंबा ट्रैफिक जाम
    • यात्रियों को भारी देरी

    इसी वजह से ट्रैफिक पुलिस ने यहां भी 3 महीने का ट्रैफिक रेस्ट्रिक्शन लागू किया है।

    निष्कर्ष (Conclusion)

    बोरीवली ईस्ट और दिंडोशी में लगाए गए ये ट्रैफिक प्रतिबंध आम नागरिकों की सुरक्षा और ट्रैफिक सुधार के लिए जरूरी माने जा रहे हैं।
    हालांकि इससे कुछ समय के लिए लोगों को असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह कदम हादसे कम करने और ट्रैफिक को बेहतर बनाने में मददगार साबित होगा।

    Disclaimer (अस्वीकरण):

    यह खबर जनहित और सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। ट्रैफिक नियम, रूट डायवर्जन और समयसीमा मुंबई ट्रैफिक पुलिस द्वारा समय-समय पर बदली जा सकती है। यात्रा से पहले आधिकारिक ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें।


    FAQ – Borivali East Traffic Ban

    Q1. बोरीवली ईस्ट में ट्रैफिक बैन कब तक रहेगा?
    यह आदेश ट्रायल बेसिस पर 28 अप्रैल तक लागू रहेगा।

    Q2. किस समय भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी?
    सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक।

    Q3. क्या एंबुलेंस और बीएमसी वाहन जा सकते हैं?
    हाँ, सभी जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है।

    Q4. नियम तोड़ने पर क्या होगा?
    Motor Vehicles Act के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • अजीत पवार का विमान बारामती में क्रैश, सभी सवारियों की मौत की खबरें; जांच जारी

    अजीत पवार का विमान बारामती में क्रैश, सभी सवारियों की मौत की खबरें; जांच जारी

    महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NCP नेता अजीत पवार के विमान के बारामती में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें सामने आई हैं। हादसे में कई लोगों के मारे जाने और गंभीर स्तर पर जांच जारी है।

    मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का विमान बुधवार सुबह बारामती (पुणे ज़िला) में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार विमान में मौजूद सभी लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं और कुछ समाचार एजेंसियों ने अजीत पवार समेत 5–6 लोगों के निधन की भी सूचना दी है। प्रशासन और बचाव दल मौके पर सक्रिय हैं और हादसे की पूरी जांच जारी है।

    🗺️ दुर्घटना कहाँ और कैसे हुई?

    बारामती, पुणे ज़िले में छोटा एयरफील्ड है जिसका इस्तेमाल निजी विमान लैंडिंग के लिए होता है। बुधवार सुबह जब अजीत पवार का विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के प्रयास में था, तो उसने रनवे के नज़दीक ही नियंत्रण खो दिया और क्रैश कर गया। प्रारंभिक विवरण के अनुसार विमान लैंडिंग के दौरान पटरी से उतर गया और गंभीर नुकसान हुआ।

    🧑‍✈️ कौन-कौन सवार थे और क्या हुआ?

    • विमान में अजीत पवार शामिल थे।
    • निजी सुरक्षा और पायलट/क्रू मेंबर भी सवार थे।
    • कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि विमान में सवार सभी 5–6 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें अजीत पवार भी शामिल हैं।
    • कुछ शुरुआती अपडेट के अनुसार घायल और अस्पताल में इलाज की बात भी सामने आई है, लेकिन अभी आधिकारिक पुष्टि का अभाव है।

    🏥 अजीत पवार का स्वास्थ्य (लेटेस्ट जानकारी)

    अब तक सरकारी स्तर पर कोई आधिकारिक मेडिकल अपडेट जारी नहीं किया गया है। हालांकि मल्टीपल मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि हादसे में अजीत पवार गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं और बचाव दल तथा अस्पताल कर्मी उन्हें इलाज के लिए ले जा रहे हैं। लेकिन कुछ समाचारों में उनके निधन की भी खबरें हैं और स्थिति को लेकर कन्फ्यूज़न बनी हुई है।

    📍 अजीत पवार बारामती क्यों जा रहे थे?

    वह बारामती ज़िला परिषद चुनाव के लिए कई बैठकों और प्रचार कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए जा रहे थे। बारामती उनका गृह क्षेत्र भी है, जहां उनके कई सम्बंधित आयोजन निर्धारित थे।

    📌 अजीत पवार कौन हैं?

    अजीत पवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता हैं। वे पार्टी के संस्थापक शरद पवार के भतीजे भी हैं और राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में लंबे समय से सक्रिय हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. अजीत पवार की मौत की पुष्टि हो चुकी है क्या?
    A1. अभी तक सरकारी स्तर पर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कई समाचार एजेंसियों और शुरुआती रिपोर्ट्स ने उनके मृत्यु की बात कही है

    Q2. दुर्घटना का कारण क्या है?
    A2. प्रारंभिक रिपोर्टों में यह कहा गया है कि लैंडिंग के समय विमान ने नियंत्रण खो दिया, लेकिन अधिकारिक कारण जांच के बाद ही बताया जाएगा

    Q3. विमान में कितने लोग सवार थे?
    A3. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विमान में कुल 5–6 लोग सवार थे, जिसमें पायलट, क्रू और अन्य व्यक्ति शामिल थे।

    Q4. स्थानीय प्रशासन क्या कर रहा है?
    A4. बचाव दल, पुलिस, आपात सेवाएँ और अधिकारी मौके पर सक्रिय हैं, और शवों/घायलों के लिए अस्पतालों में इंतजाम किया जा रहा है।

  • मालवनी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट, 7 घायल—आधार और केयर अस्पताल में भर्ती

    मालवनी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट, 7 घायल—आधार और केयर अस्पताल में भर्ती

    मालाड (पश्चिम) के मालवनी गेट नंबर 8 स्थित चॉल में गैस लीकेज से सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। हादसे में 7 लोग घायल हुए, जिन्हें आधार और केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। दमकल ने 17 मिनट में आग बुझाई।

    मुंबई: मालाड (पश्चिम) इलाके के मालवनी में मंगलवार सुबह गैस लीकेज के चलते सिलेंडर ब्लास्ट होने से हड़कंप मच गया। इस हादसे में कुल 7 लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए आधार अस्पताल और केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही बीएमसी की फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और महज 17 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया।

    कब और कहां हुआ हादसा?

    यह हादसा 27 जनवरी 2026 को सुबह 9:25 बजे के आसपास हुआ।
    घटना स्थल है—

    • मालवनी गेट नंबर 8
    • ए.सी. मस्जिद के पास
    • भारत माता स्कूल के बगल में
    • मालाड (पश्चिम), मुंबई

    इलाका घनी आबादी वाला होने के कारण आग लगते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

    गैस लीकेज से हुआ सिलेंडर ब्लास्ट

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार, चॉल में स्थित ग्राउंड प्लस दो मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर एक कमरे में गैस लीकेज हुआ।
    लीकेज के कारण एलपीजी सिलेंडर के मेन वाल्व में आग लग गई, जिससे ब्लास्ट हो गया और कमरे में आग फैल गई।

    किन-किन चीज़ों को हुआ नुकसान?

    दमकल विभाग के मुताबिक, आग सीमित दायरे में ही रही, लेकिन कमरे में मौजूद कई घरेलू सामान जलकर खाक हो गए—

    • एलपीजी सिलेंडर और गैस स्टोव
    • सिलेंडर का मेन वाल्व
    • एसी शीट्स
    • घरेलू उपयोग का सामान
    • खाने-पीने की वस्तुएं
    • गद्दे और अन्य सामान

    समय पर आग बुझने से बड़ा हादसा टल गया।

    17 मिनट में आग पर पाया गया काबू

    बीएमसी की मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने तेजी से कार्रवाई करते हुए
    सुबह 9:42 बजे आग को पूरी तरह बुझा दिया।

    दमकल कर्मियों की तत्परता से आग आसपास के अन्य कमरों और झोपड़ियों तक नहीं फैल पाई।

    7 घायल, इन अस्पतालों में कराया गया भर्ती

    इस हादसे में कुल 7 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।

    • 4 घायलों को आधार अस्पताल भेजा गया
    • 3 घायलों को केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया

    शुरुआत में 6 घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया था, बाद में एक और घायल की जानकारी सामने आई।
    सभी घायलों का इलाज जारी है, उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

    मौके पर पहुंची एजेंसियां

    घटना की सूचना मिलते ही कई विभागों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य संभाला—

    • बीएमसी की मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB)
    • स्थानीय पुलिस
    • बिजली वितरण कंपनी का स्टाफ
    • 108 एंबुलेंस सेवा
    • बीएमसी का वार्ड स्टाफ

    प्रशासन की नागरिकों से अपील

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि—

    • गैस सिलेंडर और पाइप की नियमित जांच करें
    • गैस की गंध आने पर तुरंत मेन वाल्व बंद करें
    • माचिस, लाइटर या बिजली के स्विच का इस्तेमाल न करें
    • तुरंत दमकल और गैस एजेंसी को सूचना दें

    थोड़ी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. गैस सिलेंडर ब्लास्ट कहां हुआ?
    👉 मालवनी गेट नंबर 8, मालाड (पश्चिम) में।

    Q2. हादसे में कितने लोग घायल हुए?
    👉 कुल 7 लोग घायल हुए हैं।

    Q3. घायल लोगों को कहां भर्ती कराया गया है?
    👉 4 को आधार अस्पताल और 3 को केयर अस्पताल में।

    Q4. आग कितनी देर में बुझाई गई?
    👉 लगभग 17 मिनट में।

    Q5. हादसे की वजह क्या थी?
    👉 गैस लीकेज के कारण सिलेंडर के मेन वाल्व में आग लगना।

  • कांदीवली के वडार पाड़ा में भव्य आरोग्य शिविर, सैकड़ों लोगों को मिली मुफ्त स्वास्थ्य जांच

    कांदीवली के वडार पाड़ा में भव्य आरोग्य शिविर, सैकड़ों लोगों को मिली मुफ्त स्वास्थ्य जांच

    कांदिवली (पूर्व) के वडार पाड़ा में 26 जनवरी को सागर सेवा फाउंडेशन की ओर से भव्य आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया, जहां रक्तदान, आंखों की जांच, डायबिटीज, ईसीजी सहित कई मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं।

    मुंबई: कांदिवली (पूर्व) स्थित वडार पाड़ा में 26 जनवरी, स्थापना दिवस और गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर एक भव्य आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जय बजरंगबली गोविंदा पथक (रजि.) सागर सेवा फाउंडेशन की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों मरीजों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। शिविर का आयोजन गणेश कृपा को.ऑप.हौ.सो. लि., हनुमान नगर, वडार पाड़ा रोड नंबर-2 के परिसर में किया गया।

    स्थापना दिवस पर समाजसेवा की मिसाल

    26 जनवरी को सागर सेवा फाउंडेशन के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस आरोग्य शिविर का मुख्य उद्देश्य कांदिवली (पूर्व) और आसपास के इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों तक जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग शिविर स्थल पर पहुंचे और मुफ्त जांच एवं इलाज का लाभ लिया।

    इन स्वास्थ्य सुविधाओं का मिला मुफ्त लाभ

    इस भव्य आरोग्य शिविर में मरीजों को कई तरह की निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिनमें प्रमुख रूप से:

    • रक्तदान शिविर
    • आंखों की मुफ्त जांच
    • जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मा वितरण
    • सीवीसी खून की जांच (सफेद और लाल रक्त कणिकाएं)
    • डायबिटीज जांच
    • ब्लड प्रेशर (BP) चेकअप
    • ईसीजी टेस्ट
    • फ्री जनरल हेल्थ चेकअप

    एक ही जगह पर इतनी सारी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से स्थानीय नागरिकों में काफी उत्साह देखा गया।

    आयोजन में आयोजक और डॉक्टर्स की अहम भूमिका

    इस शिविर का सफल आयोजन श्री समीर शंकर उत्तेकर के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम को जीवन ज्योति होम हेल्थ केयर सर्विसेस एंड डायग्नोस्टिक तथा डॉ. राहुल एस. विश्वकर्मा के सौजन्य से सफल बनाया गया। मेडिकल टीम ने पूरे दिन मरीजों की जांच कर उन्हें जरूरी सलाह और मार्गदर्शन दिया।

    कांदीवली के स्थानीय नागरिकों की जबरदस्त भागीदारी

    आरोग्य शिविर में वडार पाड़ा, हनुमान नगर और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई लोगों ने कहा कि इस तरह के शिविर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, क्योंकि निजी अस्पतालों में जांच कराना हर किसी के बस की बात नहीं होती।

    आगे भी ऐसे आयोजनों की उम्मीद

    सागर सेवा फाउंडेशन और जय बजरंगबली गोविंदा पथक द्वारा किए गए इस आयोजन की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही है। लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में भी इसी तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कांदिवली और अन्य इलाकों में किया जाएगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोग्य शिविर कहां आयोजित किया गया था?
    👉 गणेश कृपा को.ऑप.हौ.सो. लि., हनुमान नगर, वडार पाड़ा रोड नंबर-2, कांदिवली (पूर्व)।

    Q2. शिविर का आयोजन किस संस्था ने किया?
    👉 जय बजरंगबली गोविंदा पथक (रजि.) सागर सेवा फाउंडेशन।

    Q3. कौन-कौन सी जांच मुफ्त की गई?
    👉 आंखों की जांच, खून की जांच, डायबिटीज, बीपी, ईसीजी और जनरल हेल्थ चेकअप।

    Q4. शिविर कब आयोजित हुआ?
    👉 26 जनवरी, स्थापना दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर।

    Q5. क्या भविष्य में ऐसे शिविर फिर लगेंगे?
    👉 आयोजकों के अनुसार आगे भी समाजहित में ऐसे कार्यक्रम किए जाएंगे।

  • मुंबई की शान लौटी: 1937 की ऐतिहासिक फायर ब्रिगेड ‘टर्न टेबल शिडी’ को नई ज़िंदगी

    मुंबई की शान लौटी: 1937 की ऐतिहासिक फायर ब्रिगेड ‘टर्न टेबल शिडी’ को नई ज़िंदगी

    मुंबई फायर ब्रिगेड की 1937 में बनी ऐतिहासिक ‘टर्न टेबल शिडी’ वाहन का पुनर्जतन पूरा। गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करेंगे अनावरण, BMC और उद्योग जगत की अनूठी पहल।

    मुंबई के इतिहास की एक गौरवशाली धरोहर एक बार फिर जीवंत हो उठी है। 1937 में इंग्लैंड में निर्मित और 1944 के मुंबई डॉक अग्निकांड में अहम भूमिका निभाने वाली ऐतिहासिक ‘टर्न टेबल शिडी’ फायर ब्रिगेड गाड़ी का बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई अग्निशमन दल ने सफलतापूर्वक पुनर्जतन किया है। इस ऐतिहासिक वाहन का गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों BMC मुख्यालय में भव्य अनावरण किया जाएगा।

    1937 में बनी, 1944 में इतिहास रचने वाली गाड़ी

    यह ऐतिहासिक अग्निशमन वाहन 1937 में इंग्लैंड की लेलैंड (Leyland) कंपनी द्वारा तैयार किया गया था और 24 सितंबर 1941 को मुंबई फायर ब्रिगेड के बेड़े में शामिल हुआ। उस दौर में ऊंची इमारतों, गोदामों और बंदरगाह क्षेत्र तक पहुंचने के लिए यह ‘टर्न टेबल शिडी’ तकनीक बेहद आधुनिक मानी जाती थी।
    पूरी तरह लोहे से बनी यह शिडी हाथ से चलने वाली यांत्रिक प्रणाली पर आधारित थी।

    1944 का मुंबई डॉक अग्निकांड और वीरता की मिसाल

    14 अप्रैल 1944 को मुंबई डॉक में खड़े एस.एस. फोर्ट स्टिकिन जहाज में भीषण आग लगी थी। जहाज में विस्फोटक, गोला-बारूद और ईंधन भरा होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था।
    इसी दौरान इस ‘टर्न टेबल शिडी’ वाहन की मदद से फायर ब्रिगेड के जवानों ने ऊंचे गोदामों तक पहुंचकर आग बुझाई, फंसे लोगों को बचाया और घायलों को सुरक्षित नीचे उतारा।
    हालांकि इस हादसे में कई लोगों की जान गई, लेकिन मुंबई फायर ब्रिगेड की तत्परता से सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकीं।

    स्मृति से सड़क तक: पुनर्जतन की कहानी

    समय के साथ यह ऐतिहासिक वाहन खराब हो गया और इसे भायखला फायर ब्रिगेड मुख्यालय में स्मृति स्वरूप सुरक्षित रखा गया था।
    इसके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए BMC आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी ने इसे दोबारा सड़क पर उतारने की संकल्पना पेश की।
    इस मिशन में प्रसिद्ध उद्योगपति गौतम सिंघानिया ने सहयोग किया और जे.के. इन्वेस्टर्स बॉम्बे लिमिटेड के माध्यम से सुपर कार क्लब गैरेज में इसका पुनर्जतन कार्य शुरू हुआ।

    दशकों पुरानी मशीन, आधुनिक तकनीक से नई जान

    इस वाहन का पुनर्जतन आसान नहीं था।

    • दशकों से बंद इंजन
    • घिस चुकी यांत्रिक प्रणाली
    • ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स का पूरी तरह अनुपलब्ध होना

    इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुराने तकनीकी दस्तावेज, नक्शे और रिकॉर्ड खोजे गए। फिर आधुनिक तकनीक की मदद से मूल डिजाइन के अनुसार नए पार्ट्स तैयार किए गए
    आज यह वाहन फिर से पूरी तरह चालू हालत में है और सड़कों पर शान से दौड़ने को तैयार है।

    गणतंत्र दिवस पर भव्य अनावरण

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि का अनावरण 26 जनवरी 2026, सुबह 10:30 बजे, BMC मुख्यालय में किया जाएगा।
    इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ

    • BMC आयुक्त भूषण गगराणी
    • अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी
    • मुंबई फायर ब्रिगेड प्रमुख रविंद्र आंबुलगेकर
    • उद्योगपति गौतम सिंघानिया
      सहित कई गणमान्य मौजूद रहेंगे।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. ‘टर्न टेबल शिडी’ क्या है?
    ➡️ यह एक विशेष प्रकार की फायर ब्रिगेड सीढ़ी है, जिससे ऊंची इमारतों तक पहुंच बनाई जाती है।

    Q2. यह गाड़ी कब बनाई गई थी?
    ➡️ वर्ष 1937 में इंग्लैंड में।

    Q3. इसका पुनर्जतन किसने कराया?
    ➡️ BMC आयुक्त भूषण गगराणी की संकल्पना और गौतम सिंघानिया के सहयोग से।

    Q4. अनावरण कब और कहां होगा?
    ➡️ 26 जनवरी 2026 को BMC मुख्यालय, मुंबई में।

  • मालाड में अवैध निर्माण का खेल, BMC की नाक के नीचे चल रहा धंधा

    मालाड में अवैध निर्माण का खेल, BMC की नाक के नीचे चल रहा धंधा

    मालाड पश्चिम के मास्टरजी कंपाउंड और मार्वे रोड इलाके में BMC की अनुमति बिना अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है। ठेकेदारों की मनमानी और अधिकारियों की चुप्पी ने भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मुंबई के मालाड (पश्चिम) इलाके में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की नाक के नीचे खुलेआम अवैध निर्माण चल रहा है। मास्टरजी कंपाउंड, मार्वे रोड और आसपास के इलाकों में बिना किसी मंजूरी, नक्शा या अनुमति के G+1 निर्माण और कमर्शियल गाला बनाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना, बीएमसी के कामकाज और संभावित भ्रष्टाचार पर बड़े सवाल खड़े करता है।

    कहां-कहां हो रहा है अवैध निर्माण

    प्राप्त जानकारी के अनुसार,

    • वार्ड नंबर 32, CTS नंबर 2108
    • अनिश्का बंगले के पास, मास्टरजी कंपाउंड रोड नंबर 3
    • मालवणी चर्च के नजदीक, मार्वे रोड, मालाड (पश्चिम)

    इन इलाकों में खुले प्लॉट पर बिना किसी वैध अनुमति के निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है।

    2000 स्क्वायर फीट का G+1 निर्माण

    स्थानीय सूत्रों के मुताबिक,
    ठेकेदार मुरुगन द्वारा करीब 2000 वर्ग फीट में G+1 अवैध निर्माण किया जा रहा है। इस निर्माण के लिए MCGM से कोई स्वीकृत प्लान या अनुमति नहीं ली गई है। इसके बावजूद काम बेरोकटोक जारी है।

    5 कमर्शियल गालों का अवैध निर्माण

    इतना ही नहीं,
    ठेकेदार अलगु तिवारी द्वारा उसी इलाके में करीब 500-500 वर्ग फीट के 5 कमर्शियल गाले बनाए जा रहे हैं। यह निर्माण सीधे तौर पर मुंबई महानगरपालिका अधिनियम और निर्माण नियमों का उल्लंघन है।

    Illegal-construction-in-Malad-business-going-on-under-the-nose-of-BMC-2
    Illegal-construction-in-Malad-business-going-on-under-the-nose-of-BMC-1
    Illegal-construction-in-Malad-business-going-on-under-the-nose-of-BMC-3

    BMC अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल

    सबसे गंभीर सवाल यह है कि

    • अवैध निर्माण इतने बड़े पैमाने पर हो रहा है
    • मशीनें, मजदूर, मटेरियल खुलेआम मौजूद हैं
    • फिर भी P/North Ward के संबंधित अधिकारी अब तक मूकदर्शक बने हुए हैं

    स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जब तक “सेटिंग” रहती है, तब तक कार्रवाई नहीं होती

    नागरिकों की मांग – तुरंत कार्रवाई हो

    इलाके के रहवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि

    • तत्काल साइट इंस्पेक्शन हो
    • अवैध निर्माण पर स्टॉप वर्क नोटिस जारी किया जाए
    • संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
    • अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त किया जाए

    क्यों खतरनाक है यह अवैध निर्माण

    • भविष्य में इमारत गिरने का खतरा
    • फायर सेफ्टी और ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह नजरअंदाज
    • ट्रैफिक, पानी और बिजली पर अतिरिक्त दबाव
    • कानून मानने वाले नागरिकों के साथ अन्याय

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. अवैध निर्माण कहां हो रहा है?
    ➡️ मालाड (पश्चिम) के मास्टरजी कंपाउंड, मार्वे रोड और आसपास के इलाकों में।

    Q2. कौन-कौन से निर्माण अवैध हैं?
    ➡️ 2000 स्क्वायर फीट का G+1 निर्माण और 5 कमर्शियल गाले।

    Q3. क्या BMC ने कोई कार्रवाई की है?
    ➡️ अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

    Q4. नागरिक क्या कर सकते हैं?
    ➡️ लिखित शिकायत, RTI, मीडिया और उच्च अधिकारियों से शिकायत।