Category: Maharashtra

  • महावीर नगर फेरीवाला संगठन ने मनाया स्थापना दिवस

    महावीर नगर फेरीवाला संगठन ने मनाया स्थापना दिवस

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई:
    कांदिवली (पश्चिम) स्थित महावीर नगर फेरीवाला संगठन के सभासदों और सदस्यों ने मिलकर संगठन स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया। महावीर नगर परिसर के सभी पथ विक्रेता इसमें शामिल हुए। यह संगठन, नेशनल हॉकर्स फेडरेशन और महाराष्ट्र हॉकर्स फेडरेशन के नेतृत्व में बोर्ड अनावरण का उद्घाटन किया।

    इसे भी पढ़े:- महाराष्ट्र की सरकार क्या करप्शन को खत्म करने के लिए काम कर रही है? भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी कैसे मिला मंत्री पद

    मौके पर संगठन के मार्ग दर्शक रहे अखिलेश गौड़ ने बोर्ड यानि फलक का अनावरण किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के विधानसभा संघठक संतोष राणे, उप विभाग प्रमुख श्याम मोरे, स्थानीय कार्यकर्ता सुरेश रसाल, महेश गुप्ता और उप शाखा प्रमुख हरेश्याम गौड, राधेश्याम गौड़, विनय लिंबाचिया और अन्य ढेर सारे लोग उपस्थित रहे।

  • बॉम्बे हाईकोर्ट: संविधान झुग्गीवासियों का रक्षक, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का अधिकार

    बॉम्बे हाईकोर्ट: संविधान झुग्गीवासियों का रक्षक, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का अधिकार

    सरकार झुग्गी-झोपड़ियों पर जबरन तोड़क कार्रवाई नहीं कर सकती। बॉम्बे हाईकोर्ट में हुए ऐतिहासिक फैसले में न्यायाधीशों ने स्पष्ट कह दिया, कि संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि भारत का संविधान एक ‘जीवंत ढांचा’ है, साथ ही कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों या अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोगों को संविधान के तहत संरक्षण दिया जाता है। हाईकोर्ट ने विकास नियंत्रण और संवर्धन विनियमन (DCPR) 2034 के विनियमन 17(3)(डी)(2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा, जो DCPR 2034 के तहत ‘खुले स्थान’ के रूप में आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण किए गए झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के पुनर्वास का प्रावधान करता है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    वास्तविकताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते

    जस्टिस अमित बोरकर और ज‌स्टिस सोमशेखर सुंदरसन की खंडपीठ ने इस तर्क को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कहा, कि मुंबई में खुले स्थानों को बनाए रखने का एकमात्र समाधान कानूनों को सख्ती से लागू करना और अतिक्रमण करने वालों – झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को बेदखल करना है। जजों ने आदेश में कहा, “निश्चित रूप से, जनसंख्या दबाव, आर्थिक असमानता और शहरी गरीबी से मुक्त एक आदर्श दुनिया में, इस दृष्टिकोण को मजबूत संवैधानिक समर्थन मिल सकता है। लेकिन यह न्यायालय मुंबई में शहरी जीवन की वास्तविकताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकता। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    परिस्थितियों को समझना होगा

    संविधान केवल एक सैद्धांतिक दस्तावेज नहीं है; यह एक जीवंत ढांचा है, और यह जिन अधिकारों की गारंटी देता है, खासकर अनुच्छेद 21 के तहत, उन्हें वास्तविक, रोजमर्रा की परिस्थितियों के प्रकाश में समझा जाना चाहिए। यह सच है कि स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा है। लेकिन यह भी उतना ही सच है, और सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है कि आश्रय और पर्याप्त आवास का अधिकार भी अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित मानव सम्मान और व्यक्तिगत सुरक्षा का एक हिस्सा है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    हालांकि वह वैध नहीं है पर निंदा नहीं की जानी चाहिए

    अपने 191-पृष्ठ के फैसले में, न्यायाधीशों ने कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों या अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोग संविधान के संरक्षण से बाहर नहीं हैं। जस्टिस बोरकर की ओर से लिखे गए आदेश में कहा गया है, “उनके पास भूमि का कानूनी स्वामित्व नहीं हो सकता है, लेकिन उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। जब वे अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि तत्काल आवश्यकता और मजबूरी के कारण भूमि पर कब्जा करते हैं, तो उनके कृत्य की, हालांकि वह वैध नहीं है, निंदा नहीं की जानी चाहिए, बल्कि उसे सहानुभूति के साथ देखा जाना चाहिए। संविधान अपने मौलिक अधिकारों और नीति निर्देशक सिद्धांतों के माध्यम से यह मानता है कि गरीबी और असमानता संरचनात्मक समस्याएं हैं, और राज्य से उन्हें कम करने के लिए सकारात्मक कदम उठाने के लिए कहता है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार

    जजों ने कहा कि पर्यावरण अधिकारों और आवास अधिकारों को एक दूसरे के विरोधी के रूप में मानने का याचिकाकर्ताओं का तर्क एक गलती होगी। पीठ ने कहा, “दोनों अनुच्छेद 21 का हिस्सा हैं और दोनों ही गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार की रक्षा करते हैं। जिस तरह प्रदूषित हवा और पानी मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, उसी तरह असुरक्षित, भीड़भाड़ वाले और अस्वास्थ्यकर रहने की स्थिति भी नुकसान पहुंचाती है। हरे-भरे स्थानों की इस तरह से रक्षा करना कानूनन गलत और सिद्धांत रूप में अनुचित होगा, जिससे हजारों परिवार बेघर हो जाएं और उन्हें उचित कानूनी प्रक्रिया या विकल्प न मिलें। इस तरह की कार्रवाई अनुच्छेद 21 की रक्षा करने के बजाय उसका उल्लंघन कर सकती है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    पुनर्वास की अनुमति

    ये टिप्पणियां विकास नियंत्रण एवं संवर्धन विनियमन (DCPR) 2034 के विनियमन 17(3)(डी)(2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए की गईं, जो झुग्गी-झोपड़ियों द्वारा अतिक्रमण की गई मूल रूप से आरक्षित खुली भूमि का उपयोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के पुनर्वास के लिए करने की अनुमति देता है। विनियमन ऐसी भूमि के केवल 65 प्रतिशत के उपयोग की अनुमति देता है, यदि उक्त भूमि 500 ​​वर्ग मीटर से अधिक है और यह अनिवार्य करता है कि उक्त भूमि का 35 प्रतिशत हिस्सा खुली जगह, पार्क, उद्यान और/या मनोरंजन के मैदान आदि के लिए आरक्षित रखा जाना चाहिए। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है

    हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि उनके निर्णय को शहर में खुली जगहों को कम करने के लिए राज्य को खुली छूट देने के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने स्पष्ट कर दिया, कि संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

  • महाराष्ट्र की सरकार क्या करप्शन को खत्म करने के लिए काम कर रही है? भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी कैसे मिला मंत्री पद

    महाराष्ट्र की सरकार क्या करप्शन को खत्म करने के लिए काम कर रही है? भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी कैसे मिला मंत्री पद

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दुसरी बार जब से मुख्यमंत्री का पद भार संभाला है तब से ही भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर सख्त हो गए हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि फडणवीस ने अतीत में जिनपर करप्‍शन के आरोप लगाए थे, अब वे नेता उनकी कैबिनेट में मंत्री बने हुए हैं। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्‍ट्र में इस बार का विधानसभा मुख्‍य रूप से दो खेमों के बीच लड़ा गया था। एक तरफ भाजपा की अगुआई वाली महायुति और दूसरी ओर कांग्रेस के नेतृत्‍व में महाविकास अघाड़ी मैदान में थी। महायुति ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्‍ता में वापसी की और देवेंद्र फडणवीस को फिर से प्रदेश का मुख्‍यमंत्री बनने का मौका मिला। महाराष्‍ट्र में भ्रष्‍टाचार पर सीएम फडणवीस ने बड़ी बात कही है. उन्‍होंने कहा कि वे इस बात की गारंटी देते हैं कि उनके शासनकाल में करप्‍शन पर लगाम लगाने की कोशिश किया जाएगा और उस दिशा में काम भी महायुति की सरकार करेगी। जबकि महाराष्‍ट्र में करप्‍शन हमेशा से ही बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    खुद ने लगाया था भ्रष्टाचार के आरोप

    दरअसल, महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूछा गया था कि अतीत में उन्‍होंने जिनपर भ्रष्‍टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया था। जैसे अजित पवार और छगन भुजबल जैसे और भी नेता अब महायुति गठबंधन की सरकार में कैबिनेट मंत्री कैसे बन गए हैं। ऐसे में भ्रष्‍टाचार पर लगाम कैसे लगाई जा सकता है? इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने अपनी तरफ से गारंटी देते हुए जोर दिया कि पहले जो हुआ वो हो गया लेकिन हमारी सरकार में भ्रष्टाचारी के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए काम करेगी।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    महाविकास अघाडी मे थे मंत्री

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, कि वे इस बात की गारंटी देते हैं कि उनकी सरकार भ्रष्‍टाचार को रोकने के लिए काम करेगी। बता दें कि अजित पवार और छगन भुजबल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। महाविकास अघाड़ी की सरकार के दौरान मंत्री रहे अजित पवार पर अनियमितता के आरोप लगे थे। अब अजित पवार महाराष्‍ट्र महायुति गठबंधन की मौजूदा सरकार में राज्य के उपमुख्यमंत्री का पदभार संभाल रहे हैं। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    उद्धव ठाकरे ने दिया धोखा

    भ्रष्‍टाचार पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, कि “राजनीति की यही सच्चाई है। राजनीति में आप इन चीजों से मुंह मोड़कर आगे नहीं बढ़ सकते। साल 2019 में पूर्ण बहुमत मिलने के बाद और जब ये घोषणा हुई कि मैं मुख्यमंत्री बनूंगा, तो मेरे रास्ते में रोड़े अटकाए गए। घोषणा के बाद भी उद्धव ठाकरे ने हमें धोखा दिया। उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने हमें धोखा दिया।” उन्होंने कहा, राजनीति मे आपको टीके रहने के लिए रास्ता खोजना पड़ता है, तो हमने रास्ता निकाला। एक सही रास्ता था, लेकिन हमारे साथी उस रास्ते से भटक गए, तो हमने जिन्हें साथ ले सकते थे, उन्हें साथ लिया और आगे बढ़े।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    समझौता करना पड़ा

    उन्होंने यह भी कहा कि “मैंने राजनैतिक सिद्धांत का हमेशा से पालन किया है और हमेशा इसे कायम रखा है। इसलिए मैंने हमेशा अपनी राजनीति को पकड़े रखा। लेकिन जब आप राजनीति में काम करते हैं, तो कभी-कभी आपको समझौता करना पड़ता है। लेकिन, अगर मैं मुख्यमंत्री हूं, तो मैं अपने मंत्रिमंडल में किसी को भी गलत काम नहीं करने दूंगा। मैं आपको गारंटी देता हूं कि यह सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए काम करेगी।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    राजनीतिक अवसरवाद पर क्‍या बोले?

    मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से राजनीतिक अवसरवादिता पर भी सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि क्या राजनीतिक अवसरवादिता तब से बदल गई है, जब आपने शुरुआत की थी? या यह हमेशा से ऐसा ही रहा है? सीएम फडणवीस ने कहा, “यह हमेशा से ऐसा ही था। इसे इस तरह के चक्र के रूप में देखें। जैसे 1978 में महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव हुआ था। उस वक्त शरद पवार ने ठीक इसी तरह सरकार बनाई, फिर अगर आप 1992 को देखें, तो शरद पवार की सरकार के पास बहुमत नहीं था और उन्होंने शिवसेना को तोड़कर सरकार बनाई।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    राजनीति में गिरावट स्वीकार करना होगा

    फडणवीस ने जानकारी देते हुए बताया, कि “उस समय छगन भुजबल उनके साथ गए और शिवसेना को तोड़कर उन्होंने अपनी सरकार बनाई। मुझे लगता है कि राजनीतिक अवसरवादिता कोई नई बात नहीं है। यह हमेशा से होता आया है। मुझे लगता है कि राजनीतिक मूल्य में गिरावट आई है। हमें इसे स्वीकार करना होगा और हमें इसके बारे में सोचना भी होगा।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

  • 21 साल की लड़की ने कॉलेज की बिल्डिंग से कुद कर जान दे दी।

    21 साल की लड़की ने कॉलेज की बिल्डिंग से कुद कर जान दे दी।

    मुंबई में एक कॉलेज स्टूडेंट ने विलेपार्ले के सत्या कॉलेज की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। 21 वर्षीय संध्या पाठक को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित किया गया। A 21 year old girl committed suicide by jumping from a college building.

    मुंबई: नालासोपारा, पालघर जिले की रहने वाली एक कॉलेज स्टूडेंट ने गुरुवार को विलेपार्ले के सत्या कॉलेज की इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारियों इसकी जानकारी देते हुए बताया, कि विलेपार्ले सत्या कॉलेज की यह घटना गुरुवार सवेरे की है। पुलिस को घटना स्थल से किसी भी तरह का सूसाइड नोट बरामद नही हुआ है। A 21 year old girl committed suicide by jumping from a college building.

    पुलिस ने क्या कहा?

    विलेपार्ले पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गबाजी चिमाटे ने जानकारी देते हुए बताया, कि मृतक 21 वर्षीय संध्या पाठक सत्या कॉलेज की थर्ड ईयर स्टूडेंट थी। उसने गुरुवार सवेरे कॉलेज केम्पस की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल लड़की को अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। A 21 year old girl committed suicide by jumping from a college building.

    आत्महत्या का कारण

    पुलिस ने बताया, कि मृतक रेग्युलर पालघर जिले के नालासोपारा से यहां कॉलेज आया करती थी। उसने आत्महत्या क्यों की इसकी अभी तक कोई जानकारी प्राप्त नही हुई है। मौके से कोई सूसाइड नोट भी बरामद नही हुआ है। मामले की जांच में उसके सहपाठीयों से पूछताछ की जा रही है और कॉलेज प्रशासन जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। A 21 year old girl committed suicide by jumping from a college building.

  • 22 वर्षीय कॉलेज छात्रा को प्यार मे फंसाने की कोशिश, पुलिस ने किया 2 घंटे में गिरफ्तार

    22 वर्षीय कॉलेज छात्रा को प्यार मे फंसाने की कोशिश, पुलिस ने किया 2 घंटे में गिरफ्तार

    Mumbai-rak-marge-police-station

    मुंबई की रफी अहमद किडवाई मार्ग पुलिस ने एक संवेदनशील मामले को महज 2 घंटों के भीतर सुलझा दिया। आरोपी के गिरफ्तारी के साथ ही उसके मोबाइल फोन की सारी आपत्तिजनक स्टोरेज साफ कर दिया।

    मुंबई: पश्चिम वडाला से शिवडी के बीच रहने वाली 22 वर्षीय कॉलेज छात्रा को 24 वर्षीय अब्दुल कलाम सोशस मीडिया के जरिए ब्लैकमेल और धमका रहा था। उसने छात्रा को चेतावनी दी कि अगर उसने उसके प्यार को स्वीकार नहीं किया तो वह उसकी फेसबुक में अपलोड तस्वीरों को फर्जी तरिके से एडिट कर उसका अश्ली वीडियो बनाकर ऑनलाइन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करते हुए वायरल कर देगा। Tried to trap a 22 year old college student in love, police arrested him within 2 hours

    पिता को लड़की ने बताया

    लड़की तो पहले, कुछ दिनों तक घबराई हुई हालत में अपने परिवार वालों से भी दूरी बनाने लगी। इसपर पिता परेशान होने लगे और समझा बुझाकर जब पूछा, तो पीड़ित लड़की ने अपने पिता कुरैशी को इसकी जानकारी दी। पिता ने तुरंत मुंबई पुलिस परिमंडल-4 की पुलिस उपायुक्त सुश्री रागसुधा आर से संपर्क किया और अपनी बेटी के साथ पूरी स्थिति बताते हुए एक आवेदन प्रस्तुत किया। Tried to trap a 22 year old college student in love, police arrested him within 2 hours

    डीसीपी ने दिए निर्देश

    डीसीपी रागसुधा आर ने आरएके मार्ग पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप रणदिवे को त्वरित निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन में, एपीआई कांबले, एपीआई मोहिते, पीएसआई टाकुर और पुलिस टीम ने आरोपी के मोबाइल फोन को ट्रेस करना शुरू कर दिया। हालाँकि आरोपी हर 30 मिनट में अपना स्थान बदलता रहा, फिर भी पुलिस ने सिर्फ़ 2 घंटे के भीतर धारावी से अब्दुल कलाम का पता लगाने और उसे हिरासत में लेने में कामयाबी हासिल की। हिरासत में लेने के बाद पहले तो पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की जांच की और उसके फोन से लडकी की आपत्तिजनक सामग्री निकालने के बाद फोन से डिलीट कर दी। Tried to trap a 22 year old college student in love, police arrested him within 2 hours

    पुलिस की हुई सराहना

    लड़की और उसके परिवार ने डीसीपी रागसुधा आर और आएके मार्ग पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय कुमार संदीप रणदिवे, एपीआई कांबले, एपीआई मोहिते, पीएसआई ठाकुर और पूरी आरएके मार्ग पुलिस टीम को उनकी तेज और कुशल कार्रवाई के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। क्षेत्र के लोगों ने भी ऐसे संवेदनशील मामले में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और समर्थन के लिए उनकी सराहना की। Tried to trap a 22 year old college student in love, police arrested him within 2 hours

  • बीन अनुभवी अब सुप्रीम कोर्ट में करेंगे वकालत, मोदी के आशीर्वाद से मंत्री की बेटियां बन गई सरकारी वकील

    बीन अनुभवी अब सुप्रीम कोर्ट में करेंगे वकालत, मोदी के आशीर्वाद से मंत्री की बेटियां बन गई सरकारी वकील

    Narendra-modi-nitish-kumar-sanjay-jha
    • वकालत का मौका बहुत ही कम मिलता है सुप्रीम कोर्ट में..!
    • गठबंधन करने वाले दल को ही खत्म कर देना बीजेपी की खासियत
    • नितीश कुमार की पार्टी को खत्म करने की चाल..
    • मोदी और शाह के अत्यंत करीबी संजय झा की दोनो बेटियों को सुप्रीम कोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति
    • झा ने स्वयं सोशल मिडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए किया पोस्ट
    • सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन

    मुंबई: सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट बनने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वकालत का अनुभव या किसी सीनियर के अंडर में वर्षों तपस्या करने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में वकालत का मौका बहुत कम ही मिलता है लेकिन मोदी सरकार जिस पर मेहरबां हो जाए। जिस पर कृपा दृष्टि पड़ जाए तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता।
    जेडीयू के सांसद ही नहीं कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं संजय झा और मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री भी।

    कौन है संजय झा?

    Narendra-modi-sanjay-jha

    मोदी शाह के अत्यंत विश्वसनीय भी हैं, इसलिए उन पर विशेष कृपा दृष्टि बरस रही है क्यों कि संजय झा और अन्य मंत्री जो जेडीयू के हैं मोदी को तीसरी बार बहुमत नहीं मिलने के बावजूद जेडीयू का समर्थन मिला, लेकिन मंत्रियों को तोड़ने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी को ही खत्म करने की चाल चली गई है। सबको अपने कर्म का फल भोग मिलना निश्चित है।

    सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति

    नीतीश कुमार की पार्टी के सांसद बगावत पर उतर कर बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं।बीजेपी की यही खासियत है। जिस दल के साथ गठबंधन करती है, उसे ही खत्म कर देती है। अकाली दल और शिवसेना का हश्र सभी को याद होगा। अब बारी नीतीश कुमार के जेडीयू पार्टी की है। इसीलिए सारी मान मर्यादा तोड़कर संजय झा की दो बेटियों जिनमें से एक ने 2023 में और दूसरी ने 2025 में एलएमएम किया है। जिन्हें वकालत का अनुभव भी नहीं है इनको सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति मिल चुकी है।

    इसे भी पढ़े:- मुंबई में लोकल ट्रेन से गिरे 5 यात्रियों की मौत, भीड़ की वजह से हुआ हादसा

    संविधान की मर्यादा ही नही

    जिसका जिक्र स्वयं झा ने सोशल मीडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए पोस्ट किया है। सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन है यह। इसी मुद्दे पर जेडीएस नेता ने पूछा है, कि कितने ओबीसी और अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को सुप्रीमकोर्ट में सरकार की सेवा का अवसर दिया गया है? इसके पहले भी आरएसएस विचारधारा के लोगों को बिना आई ए एस परीक्षा उत्तीर्ण हुए ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष नियुक्त कर मोदी सरकार ने जता दिया था कि उसे संविधान की मर्यादा या कोर्ट और कानून व्यवस्था की कोई चिन्ता नहीं है।

  • Mumbai: पाकिस्तानी जासूस के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी

    Mumbai: पाकिस्तानी जासूस के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी

    साइबर जालसाजों ने एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हुए मुंबई की एक 64 वर्षीय महिला पर “पाकिस्तानी जासूस” होने का झूठा आरोप लगाकर 22.4 लाख रुपये की उगाही की है। इस सिलसिले में मुंबई पुलिस की सायबर सेल ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।

    मुंबई: साइबर जालसाजों ने एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हुए दक्षिण मुंबई की एक 64 वर्षीय महिला पर “पाकिस्तानी जासूस” होने का झूठा आरोप लगाकर 22.4 लाख रुपये की उगाही की है। जालसाजों ने वरिष्ठ नागरिक को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इसके लिए अपराधियों ने विडियो कॉल का भी इस्तेमाल किया और फर्जी दस्तावेजों की फोटो कॉपी दिखाई।

    कैसे किया मजबूर?

    जब महिला ने वीडियो कॉल मे सायबर जालसाजों को सरकारी वर्दी पहने हुए देखा तो वह घबरा गई और पहले तो वो उन्हें विश्वास दिलाने की कोशिश करती रही कि शायद उनसे कोई चूक हुई है। लेकिन जालसाज उनके कनेक्शन पाकिस्तान से बताने के नकली प्रमाणित दस्तावेज दिखाकर धमकाने लगे और सीधे-सीधे केस से बचने के लिए उन्हें 22.4 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।

    इसे भी पढ़े:- मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया। With DIRECT DOWNLOAD LINK

    फर्जी जासूसी घोटाला

    आखिरकार घबराहट के मारे पीड़ित महिला ने उनके कहे अनुसार पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर किए और राहत की सांस ली। घटना के बारे में पता चलने पर, दक्षिण साइबर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारी इस व्यापक फर्जी जासूसी घोटाले में शामिल जालसाजों का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं।

  • गोरेगांव फिल्मसिटी में भ्रष्टाचार के आरोप, सांस्कृतिक कार्य मंत्री ने किया था स्टूडियो का उद्घाटन

    गोरेगांव फिल्मसिटी में भ्रष्टाचार के आरोप, सांस्कृतिक कार्य मंत्री ने किया था स्टूडियो का उद्घाटन

    सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने हालही में मराठी भाषा दिवस पर बड़ी धूमधाम से जिस स्टूडियो का उद्घाटन किया वह पहली बारिश मे गलने लगा है। इस भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए आरपीआई ने जांच की मांग की है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    गोरेगांव स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी स्टूडियो, जिसका उद्घाटन सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने मराठी भाषा दिवस पर बड़े धमाके के साथ किया था, भारी बारिश के दौरान टपकने लगा है। इसके कारण यहां की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

    फिल्मसिटी पर निकलेगा मोर्चा

    स्टूडियो के निर्माण और नवीनीकरण कार्य में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के मुंबई महासचिव विशाल नावकर ने कार्य की जांच की मांग की है। यहां 2 जुलाई फिल्मसिटी पर मोर्चा निकालने का भी नावकर ने इशारा दिया है।

    कौन है जिम्मेदार ?

    विजय बापट, डिप्टी इंजीनियर (सिविल इंजीनियरिंग), गोरेगांव दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी में स्टूडियो नंबर 8,9,10,11 और 12 के रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण के कामों को ठेकेदार कंपनी से करवाने के लिए जिम्मेदार थे। लेकिन उन्होंने अपनी पसंद की ठेकेदार कंपनी को मरम्मत का काम दे दिया और उसी से काम कराया है। इसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नावकर ने कहा, कि “यह काम सरकारी मानकों के अनुसार नहीं किया गया है और प्राक्कलन पत्र के प्रावधानों की भी इसमें अनदेखी की गई है।”

    इसे भी पढ़े:- बच्चू कडू के आंदोलन में प्रहार कार्यकर्ता ने पी लिया ज़हर, महाराष्ट्र में हडकंप

    स्टूडियो में भरा पानी

    रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के मुंबई महासचिव विशाल नावकर ने मीडिया को बताया, कि इसी वजह से इस काम में गलती हुई और कुछ ही महीनों में पहली बारिश का पानी छत से रिसाव होने लग गया। आलम ऐसा है कि पूरे स्टूडियो में पानी भर गया। उन्होंने मंगलवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए, मामले की गहन जांच की भी मांग की।

    नई टाइलों की जगह पूरानी लगी

    हालांकि अनुमान पत्र में स्टूडियो की छत पर नई टाइलें लगाने का प्रावधान शामिल था, लेकिन नई टाइलें लगाने के बजाय पुरानी टाइलें हटा कर वापस से उन्हीं पुरानी टाइलों को फिर से लगा दी गया। इससे साफ जाहिर होता है कि पैसों की लेनदेन के खातिर जिम्मेदार डिप्टी इंजीनियर ने अपनी जवाबदेही का गलत इस्तेमाल किया है।

  • Mumbai Lake: महाराष्ट्र में बारिश से मिली राहत! मुंबई की सातों झीलों का जल स्तर 9.78 फीसदी बढ़ा

    Mumbai Lake: महाराष्ट्र में बारिश से मिली राहत! मुंबई की सातों झीलों का जल स्तर 9.78 फीसदी बढ़ा

    महाराष्ट्र में 15 जून से ही तेज बरसात हो रही है। इस बरसात के पानी से यहां के सभी झीलें लबालब भर चुके हैं। मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों का जल स्तर 9.78 प्रतिशत तक बढ़ा।

    Mumbai Lake Water Level:  देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित महाराष्ट्र में 15 जून से बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। मुंबई और आसपास के इलाकों में हो रही बारिश की वजह से शहरवासियों के लिए खुशी की खबर है। मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों का जल स्तर 9.78 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

    नहीं होगी पानी की कटौती!

    महाराष्ट्र में बारिश की रफ्तार अगर इसी तरह होती रही, तो मुंबई की इन सातों झीलों में जल्द ही जल स्तर और भी ज्यादा बढ़ सकता है। इससे मुंबई में पानी की किल्लत से निपटने में मदद मिलेगी। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने पहले ही स्पष्ट कर  दिया है कि उसके पास पानी का पर्याप्त भंडार है, जिससे मुंबई में पानी की कमी नहीं होगी।

    मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलें कौन सी हैं ?

    मुंबई को पानी की आपूर्ति सात झीलों से होती है। जिसमें अपर वैतरणा, मॉडक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी से शहर वासियों को पानी की सप्लाई की जाती है।

    मुंबई के लिए कितना पानी लगता है?

    मुंबई को प्रतिदिन लगभग 4,000 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता होती है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) शहर को लगभग 3,850 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करती है, लेकिन शहर की कुल आवश्यकता लगभग 4,200 मिलियन लीटर है।

  • महिलाओं और लड़कियों को सोशल मीडिया पर टार्गेट करने वाला शुभम गिरफ्तार

    महिलाओं और लड़कियों को सोशल मीडिया पर टार्गेट करने वाला शुभम गिरफ्तार

    Shubham-arrested-for-targeting-women-and-girls-on-social-media

    सोशस मीडिया पर महिलाओं के नाम पर अश्ली फोटो और विडियो का राज आखिरकार मुंबई पुलिस की सायबर सेल ने खोल कर रख दी है। आए दिन बदनामी के डर से होने वाली महिलाओं और लडकियों की मौत के पीछे सायबर जालसाज देखो क्या कर रहे हैं।

    मुंबई: सोशल मीडिया पर लड़कियों का अश्ली डाटा प्रसारित करने वाला 25 वर्षीय शुभम मनोजप्रसाद सिंह को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुंबई के दहिसर सायबर सेल ने बिहार के बागलपुर निवासी शुभम कुमार मनोजप्रसाद सिंह को कर्नाटक के सांदुर, जिला बेल्लारी से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि कर्नाटक में यह सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। इसके मोबाइल से पुलिस को मिली जानकारी में कहा गया कि आरोपी ने 100 से अधिक महिलाओं के नाम से ईमेल आईडी बनाई हुई थी और इंस्टाग्राम पर 11 अलग-अलग महिलाओं की आईडी बना रखी थी। आरोपी ने 2015-16 में दिल्ली के रेहान आय.टी. सेंटर से सॉफ्ट स्किल कंप्यूटर ट्रेनिंग प्रोग्राम डिप्लोमा हासिल किया है। इसके मोबाइल फोन मे अलग-अलग महिलाओं और लडकियों के 13500 फोटो स्क्रीन शॉट निकाल कर इकट्ठा किया हुआ था।

    कॉलेज की लड़की को बनाया शिकार

    दहिसर पूर्व, परिमंडल 12 के पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे ने बताया, कि जनवरी के अंत में एक शिकायत मिली थी। कॉलेज मे पडने वाली एक लड़की को आरोपी ने ब्लैकमेल किया हुआ था और उसके नाम से इंस्टाग्राम पर अश्ली फोटो और पोस्ट किए जा रहे थे। जिसके कारण उस लड़की की काफी बदनामी हो रही थी और वह मानसिक रुप से प्रताड़ित हो रही थी। दहिसर पुलिस की सायबर सेल ने उसे अच्छे से पहले समझाया और सांत्वना दी। इसके बाद गु.र.क्र. 95/2005 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 78, 79 के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 (सी), 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस कहा कि ऐसे मामलों से किसी भी महिला को घबराने की जरूरत नही है। हमेशा पुलिस की मदद लें।

    वायरल पोस्ट

    दहिसर डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त किशोर खैरनार ने बताया, कि आरोपी पहले महिलाओं और लडकियों को सोशल मीडिया पर फोलो कर मेसेज भेजता था और जबरदस्ती अश्ली विडियो बनाने के लिए जोर देता था इसमे अश्ली भाषा का भी उपयोग करता था। ऐसा नही करने पर उसका नाम और फोटो का इस्तेमाल कर इंटरनेट पर अश्ली पोस्ट और स्टोरीज़ वायरल करता था। पुलिस ने पहले उस अकाउंट का पता लगाया जिस अकाउंट से उसने लड़की को मेसेज भेजा था। इसके बाद सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म और गुगल से उसका पता लगाया गया। तब जाकर सायबर सेल को पता चला कि आरोपी कर्नाटक से ऑपरेटर कर रहा है।

    कोर्ट ने क्या कहा?

    दहिसर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक होनमाने ने बताया, कि जैसे ही जानकारी मिली की आरोपी कर्नाटक के सांदुर, जिला बेल्लारी से ऑपरेटर कर रहा है। सायबर सेल के सहायक पुलिस निरीक्षक अंकुश दांडगे और उनकी टीम को रवाना किया गया। आरोपी वहां सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। 6 जुन को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां बोरीवली कोर्ट ने उसे 16 जुन तक की पुलिस कस्टडी में जांच के निर्देश दिए।

    जांच अधिकारी ने क्या कहा?

    मामले की जांच कर रहे पुलिस निरीक्षक एएस. देसाई और सहायक पुलिस निरीक्षक अंकुश दांडगे ने बताया, कि आरोपी के मोबाइल फोन में लगभग 100 से भी ज्यादा अलग-अलग महिलाओं के बनावटी ईमेल आईडी प्राप्त हुए हैं और 11 इंस्टाग्राम आईडी जो महिलाओं के नाम से नकली बनाकर कई अश्ली पोस्ट किए गए है उन सभी की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी ने अपने मोबाइल फोन मे अलग-अलग महिलाओं और लडकियों के 13500 फोटो स्क्रीन शॉट निकाल कर इकट्ठा किया हुआ था। पुलिस ने इसके खिलाफ और भी शिकायतें मिलने की गुंजाइश जता रही है।