Category: Maharashtra

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  • Borivali East Traffic Update: भारी वाहन और पानी के टैंकरों पर दिन में बैन

    Borivali East Traffic Update: भारी वाहन और पानी के टैंकरों पर दिन में बैन

    Borivali East Traffic Update के तहत मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने 8 बजे सुबह से 9 बजे रात तक भारी वाहनों और पानी के टैंकरों की एंट्री पर रोक लगाई है। ट्रैफिक जाम और हादसों को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।

    मुंबई: बोरीवली ईस्ट में रोज़ लगने वाले ट्रैफिक जाम और लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। अब बोरीवली ईस्ट (Borivali East) की कई संकीर्ण (नैरो) सड़कों पर भारी वाहनों और पानी के टैंकरों की एंट्री पर सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक रोक लगा दी गई है। यह आदेश ट्रायल बेसिस पर तीन महीने के लिए लागू किया गया है, जो 28 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा।

    क्यों लिया गया यह फैसला?

    ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, बोरीवली ईस्ट के माणे कंपाउंड और काजूपाड़ा इलाके में पानी भरने के लिए बड़ी संख्या में प्राइवेट वॉटर टैंकर आते हैं।
    इन टैंकरों और भारी वाहनों की वजह से—

    • सड़कों पर जबरदस्त ट्रैफिक जाम
    • पैदल चलने वालों को परेशानी
    • गंभीर सड़क हादसे

    जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इन हालात को देखते हुए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने एहतियातन यह रोक लगाने का फैसला किया।

    कहां-कहां लागू रहेगा ट्रैफिक बैन?

    ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, बोरीवली ईस्ट की इन सड़कों पर भारी वाहनों और पानी के टैंकरों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी:

    • निर्मल बिल्डिंग से पोस्ट ऑफिस रोड नंबर 12
    • पोस्ट ऑफिस सिद्धिविनायक बिल्डिंग से काजूपाड़ा चौकी रोड नंबर 15
    • निर्मल बिल्डिंग के पीछे से श्रीकृष्ण नगर रोड नंबर 13
    • श्रीकृष्ण नगर रोड नंबर 14
    • काजूपाड़ा चौकी से सावरपाड़ा रोड
    • काजूपाड़ा चौक से मच्छी मार्केट रोड
    • मेन मार्केट से झागड़देव कंपाउंड, काजूपाड़ा, माणे कंपाउंड

    ये सभी सड़कें काफी संकरी हैं, जहां भारी वाहनों की आवाजाही से ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो जाता है।

    किन वाहनों को मिलेगी छूट? (Exemptions)

    ट्रैफिक पुलिस ने साफ किया है कि जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।

    छूट मिलने वाले वाहन:

    • सब्ज़ी, दूध, ब्रेड और बेकरी सामान की डिलीवरी
    • गैस और फ्यूल टैंकर
    • एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड
    • बीएमसी के आवश्यक सेवा वाहन
    • पुलिस वाहन

    इन वाहनों को किसी भी समय आने-जाने की अनुमति होगी।

    टाइमिंग और कानूनी चेतावनी

    ⏰ प्रतिबंध का समय:
    ➡️ रोज़ाना सुबह 8:00 बजे से रात 9:00 बजे तक

    ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे वैकल्पिक रास्तों (Alternative Routes) का इस्तेमाल करें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें।

    🚨 आदेश का उल्लंघन करने वालों पर
    Motor Vehicles Act, 1988 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    Dindoshi में भी 3 महीने का ट्रैफिक प्रतिबंध

    बोरीवली के साथ-साथ गोरेगांव पूर्व के दिंडोशी इलाके में भी ट्रैफिक पर असर पड़ेगा।
    पद्मावती रोड, जो कि आरे जंक्शन, दूध सागर और जनरल अरुण कुमार वैद्य मार्ग को जोड़ती है, वहां रोड कंक्रीटीकरण का काम चल रहा है।

    क्या है स्थिति?

    • भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री की आवाजाही
    • लंबा ट्रैफिक जाम
    • यात्रियों को भारी देरी

    इसी वजह से ट्रैफिक पुलिस ने यहां भी 3 महीने का ट्रैफिक रेस्ट्रिक्शन लागू किया है।

    निष्कर्ष (Conclusion)

    बोरीवली ईस्ट और दिंडोशी में लगाए गए ये ट्रैफिक प्रतिबंध आम नागरिकों की सुरक्षा और ट्रैफिक सुधार के लिए जरूरी माने जा रहे हैं।
    हालांकि इससे कुछ समय के लिए लोगों को असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह कदम हादसे कम करने और ट्रैफिक को बेहतर बनाने में मददगार साबित होगा।

    Disclaimer (अस्वीकरण):

    यह खबर जनहित और सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। ट्रैफिक नियम, रूट डायवर्जन और समयसीमा मुंबई ट्रैफिक पुलिस द्वारा समय-समय पर बदली जा सकती है। यात्रा से पहले आधिकारिक ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें।


    FAQ – Borivali East Traffic Ban

    Q1. बोरीवली ईस्ट में ट्रैफिक बैन कब तक रहेगा?
    यह आदेश ट्रायल बेसिस पर 28 अप्रैल तक लागू रहेगा।

    Q2. किस समय भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी?
    सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक।

    Q3. क्या एंबुलेंस और बीएमसी वाहन जा सकते हैं?
    हाँ, सभी जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है।

    Q4. नियम तोड़ने पर क्या होगा?
    Motor Vehicles Act के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • अजीत पवार का विमान बारामती में क्रैश, सभी सवारियों की मौत की खबरें; जांच जारी

    अजीत पवार का विमान बारामती में क्रैश, सभी सवारियों की मौत की खबरें; जांच जारी

    महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NCP नेता अजीत पवार के विमान के बारामती में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें सामने आई हैं। हादसे में कई लोगों के मारे जाने और गंभीर स्तर पर जांच जारी है।

    मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का विमान बुधवार सुबह बारामती (पुणे ज़िला) में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार विमान में मौजूद सभी लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं और कुछ समाचार एजेंसियों ने अजीत पवार समेत 5–6 लोगों के निधन की भी सूचना दी है। प्रशासन और बचाव दल मौके पर सक्रिय हैं और हादसे की पूरी जांच जारी है।

    🗺️ दुर्घटना कहाँ और कैसे हुई?

    बारामती, पुणे ज़िले में छोटा एयरफील्ड है जिसका इस्तेमाल निजी विमान लैंडिंग के लिए होता है। बुधवार सुबह जब अजीत पवार का विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के प्रयास में था, तो उसने रनवे के नज़दीक ही नियंत्रण खो दिया और क्रैश कर गया। प्रारंभिक विवरण के अनुसार विमान लैंडिंग के दौरान पटरी से उतर गया और गंभीर नुकसान हुआ।

    🧑‍✈️ कौन-कौन सवार थे और क्या हुआ?

    • विमान में अजीत पवार शामिल थे।
    • निजी सुरक्षा और पायलट/क्रू मेंबर भी सवार थे।
    • कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि विमान में सवार सभी 5–6 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें अजीत पवार भी शामिल हैं।
    • कुछ शुरुआती अपडेट के अनुसार घायल और अस्पताल में इलाज की बात भी सामने आई है, लेकिन अभी आधिकारिक पुष्टि का अभाव है।

    🏥 अजीत पवार का स्वास्थ्य (लेटेस्ट जानकारी)

    अब तक सरकारी स्तर पर कोई आधिकारिक मेडिकल अपडेट जारी नहीं किया गया है। हालांकि मल्टीपल मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि हादसे में अजीत पवार गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं और बचाव दल तथा अस्पताल कर्मी उन्हें इलाज के लिए ले जा रहे हैं। लेकिन कुछ समाचारों में उनके निधन की भी खबरें हैं और स्थिति को लेकर कन्फ्यूज़न बनी हुई है।

    📍 अजीत पवार बारामती क्यों जा रहे थे?

    वह बारामती ज़िला परिषद चुनाव के लिए कई बैठकों और प्रचार कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए जा रहे थे। बारामती उनका गृह क्षेत्र भी है, जहां उनके कई सम्बंधित आयोजन निर्धारित थे।

    📌 अजीत पवार कौन हैं?

    अजीत पवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता हैं। वे पार्टी के संस्थापक शरद पवार के भतीजे भी हैं और राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में लंबे समय से सक्रिय हैं।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. अजीत पवार की मौत की पुष्टि हो चुकी है क्या?
    A1. अभी तक सरकारी स्तर पर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कई समाचार एजेंसियों और शुरुआती रिपोर्ट्स ने उनके मृत्यु की बात कही है।

    Q2. दुर्घटना का कारण क्या है?
    A2. प्रारंभिक रिपोर्टों में यह कहा गया है कि लैंडिंग के समय विमान ने नियंत्रण खो दिया, लेकिन अधिकारिक कारण जांच के बाद ही बताया जाएगा।

    Q3. विमान में कितने लोग सवार थे?
    A3. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विमान में कुल 5–6 लोग सवार थे, जिसमें पायलट, क्रू और अन्य व्यक्ति शामिल थे।

    Q4. स्थानीय प्रशासन क्या कर रहा है?
    A4. बचाव दल, पुलिस, आपात सेवाएँ और अधिकारी मौके पर सक्रिय हैं, और शवों/घायलों के लिए अस्पतालों में इंतजाम किया जा रहा है।

  • मालवनी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट, 7 घायल—आधार और केयर अस्पताल में भर्ती

    मालवनी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट, 7 घायल—आधार और केयर अस्पताल में भर्ती

    मालाड (पश्चिम) के मालवनी गेट नंबर 8 स्थित चॉल में गैस लीकेज से सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। हादसे में 7 लोग घायल हुए, जिन्हें आधार और केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। दमकल ने 17 मिनट में आग बुझाई।

    मुंबई: मालाड (पश्चिम) इलाके के मालवनी में मंगलवार सुबह गैस लीकेज के चलते सिलेंडर ब्लास्ट होने से हड़कंप मच गया। इस हादसे में कुल 7 लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए आधार अस्पताल और केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही बीएमसी की फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और महज 17 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया।

    कब और कहां हुआ हादसा?

    यह हादसा 27 जनवरी 2026 को सुबह 9:25 बजे के आसपास हुआ।
    घटना स्थल है—

    • मालवनी गेट नंबर 8
    • ए.सी. मस्जिद के पास
    • भारत माता स्कूल के बगल में
    • मालाड (पश्चिम), मुंबई

    इलाका घनी आबादी वाला होने के कारण आग लगते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

    गैस लीकेज से हुआ सिलेंडर ब्लास्ट

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार, चॉल में स्थित ग्राउंड प्लस दो मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर एक कमरे में गैस लीकेज हुआ।
    लीकेज के कारण एलपीजी सिलेंडर के मेन वाल्व में आग लग गई, जिससे ब्लास्ट हो गया और कमरे में आग फैल गई।

    किन-किन चीज़ों को हुआ नुकसान?

    दमकल विभाग के मुताबिक, आग सीमित दायरे में ही रही, लेकिन कमरे में मौजूद कई घरेलू सामान जलकर खाक हो गए—

    • एलपीजी सिलेंडर और गैस स्टोव
    • सिलेंडर का मेन वाल्व
    • एसी शीट्स
    • घरेलू उपयोग का सामान
    • खाने-पीने की वस्तुएं
    • गद्दे और अन्य सामान

    समय पर आग बुझने से बड़ा हादसा टल गया।

    17 मिनट में आग पर पाया गया काबू

    बीएमसी की मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने तेजी से कार्रवाई करते हुए
    ➡ सुबह 9:42 बजे आग को पूरी तरह बुझा दिया।

    दमकल कर्मियों की तत्परता से आग आसपास के अन्य कमरों और झोपड़ियों तक नहीं फैल पाई।

    7 घायल, इन अस्पतालों में कराया गया भर्ती

    इस हादसे में कुल 7 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।

    • 4 घायलों को आधार अस्पताल भेजा गया
    • 3 घायलों को केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया

    शुरुआत में 6 घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया था, बाद में एक और घायल की जानकारी सामने आई।
    सभी घायलों का इलाज जारी है, उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

    मुंबईकरों के भरोसे पर खरा उतरेंगे, BMC में उठाएंगे जनता की आवाज़ – वर्षा गायकवाड

    मौके पर पहुंची एजेंसियां

    घटना की सूचना मिलते ही कई विभागों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य संभाला—

    • बीएमसी की मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB)
    • स्थानीय पुलिस
    • बिजली वितरण कंपनी का स्टाफ
    • 108 एंबुलेंस सेवा
    • बीएमसी का वार्ड स्टाफ

    प्रशासन की नागरिकों से अपील

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि—

    • गैस सिलेंडर और पाइप की नियमित जांच करें
    • गैस की गंध आने पर तुरंत मेन वाल्व बंद करें
    • माचिस, लाइटर या बिजली के स्विच का इस्तेमाल न करें
    • तुरंत दमकल और गैस एजेंसी को सूचना दें

    थोड़ी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है।


    FAQ

    Q1. गैस सिलेंडर ब्लास्ट कहां हुआ?
    मालवनी गेट नंबर 8, मालाड (पश्चिम) में।

    Q2. हादसे में कितने लोग घायल हुए?
    कुल 7 लोग घायल हुए हैं।

    Q3. घायल लोगों को कहां भर्ती कराया गया है?
    4 को आधार अस्पताल और 3 को केयर अस्पताल में।

    Q4. आग कितनी देर में बुझाई गई?
    लगभग 17 मिनट में।

    Q5. हादसे की वजह क्या थी?
    गैस लीकेज के कारण सिलेंडर के मेन वाल्व में आग लगना।

  • कांदीवली के वडार पाड़ा में भव्य आरोग्य शिविर, सैकड़ों लोगों को मिली मुफ्त स्वास्थ्य जांच

    कांदीवली के वडार पाड़ा में भव्य आरोग्य शिविर, सैकड़ों लोगों को मिली मुफ्त स्वास्थ्य जांच

    कांदिवली (पूर्व) के वडार पाड़ा में 26 जनवरी को सागर सेवा फाउंडेशन की ओर से भव्य आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया, जहां रक्तदान, आंखों की जांच, डायबिटीज, ईसीजी सहित कई मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं।

    मुंबई: कांदिवली (पूर्व) स्थित वडार पाड़ा में 26 जनवरी, स्थापना दिवस और गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर एक भव्य आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जय बजरंगबली गोविंदा पथक (रजि.) सागर सेवा फाउंडेशन की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों मरीजों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। शिविर का आयोजन गणेश कृपा को.ऑप.हौ.सो. लि., हनुमान नगर, वडार पाड़ा रोड नंबर-2 के परिसर में किया गया।

    स्थापना दिवस पर समाजसेवा की मिसाल

    26 जनवरी को सागर सेवा फाउंडेशन के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस आरोग्य शिविर का मुख्य उद्देश्य कांदिवली (पूर्व) और आसपास के इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों तक जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग शिविर स्थल पर पहुंचे और मुफ्त जांच एवं इलाज का लाभ लिया।

    इन स्वास्थ्य सुविधाओं का मिला मुफ्त लाभ

    इस भव्य आरोग्य शिविर में मरीजों को कई तरह की निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिनमें प्रमुख रूप से:

    • रक्तदान शिविर
    • आंखों की मुफ्त जांच
    • जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मा वितरण
    • सीवीसी खून की जांच (सफेद और लाल रक्त कणिकाएं)
    • डायबिटीज जांच
    • ब्लड प्रेशर (BP) चेकअप
    • ईसीजी टेस्ट
    • फ्री जनरल हेल्थ चेकअप

    एक ही जगह पर इतनी सारी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से स्थानीय नागरिकों में काफी उत्साह देखा गया।

    आयोजन में आयोजक और डॉक्टर्स की अहम भूमिका

    इस शिविर का सफल आयोजन श्री समीर शंकर उत्तेकर के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम को जीवन ज्योति होम हेल्थ केयर सर्विसेस एंड डायग्नोस्टिक तथा डॉ. राहुल एस. विश्वकर्मा के सौजन्य से सफल बनाया गया। मेडिकल टीम ने पूरे दिन मरीजों की जांच कर उन्हें जरूरी सलाह और मार्गदर्शन दिया।

    कांदीवली के स्थानीय नागरिकों की जबरदस्त भागीदारी

    आरोग्य शिविर में वडार पाड़ा, हनुमान नगर और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई लोगों ने कहा कि इस तरह के शिविर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, क्योंकि निजी अस्पतालों में जांच कराना हर किसी के बस की बात नहीं होती।

    आगे भी ऐसे आयोजनों की उम्मीद

    सागर सेवा फाउंडेशन और जय बजरंगबली गोविंदा पथक द्वारा किए गए इस आयोजन की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही है। लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में भी इसी तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कांदिवली और अन्य इलाकों में किया जाएगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोग्य शिविर कहां आयोजित किया गया था?
    👉 गणेश कृपा को.ऑप.हौ.सो. लि., हनुमान नगर, वडार पाड़ा रोड नंबर-2, कांदिवली (पूर्व)।

    Q2. शिविर का आयोजन किस संस्था ने किया?
    👉 जय बजरंगबली गोविंदा पथक (रजि.) सागर सेवा फाउंडेशन।

    Q3. कौन-कौन सी जांच मुफ्त की गई?
    👉 आंखों की जांच, खून की जांच, डायबिटीज, बीपी, ईसीजी और जनरल हेल्थ चेकअप।

    Q4. शिविर कब आयोजित हुआ?
    👉 26 जनवरी, स्थापना दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर।

    Q5. क्या भविष्य में ऐसे शिविर फिर लगेंगे?
    👉 आयोजकों के अनुसार आगे भी समाजहित में ऐसे कार्यक्रम किए जाएंगे।

  • मुंबई की शान लौटी: 1937 की ऐतिहासिक फायर ब्रिगेड ‘टर्न टेबल शिडी’ को नई ज़िंदगी

    मुंबई की शान लौटी: 1937 की ऐतिहासिक फायर ब्रिगेड ‘टर्न टेबल शिडी’ को नई ज़िंदगी

    मुंबई फायर ब्रिगेड की 1937 में बनी ऐतिहासिक ‘टर्न टेबल शिडी’ वाहन का पुनर्जतन पूरा। गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करेंगे अनावरण, BMC और उद्योग जगत की अनूठी पहल।

    मुंबई के इतिहास की एक गौरवशाली धरोहर एक बार फिर जीवंत हो उठी है। 1937 में इंग्लैंड में निर्मित और 1944 के मुंबई डॉक अग्निकांड में अहम भूमिका निभाने वाली ऐतिहासिक ‘टर्न टेबल शिडी’ फायर ब्रिगेड गाड़ी का बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई अग्निशमन दल ने सफलतापूर्वक पुनर्जतन किया है। इस ऐतिहासिक वाहन का गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों BMC मुख्यालय में भव्य अनावरण किया जाएगा।

    1937 में बनी, 1944 में इतिहास रचने वाली गाड़ी

    यह ऐतिहासिक अग्निशमन वाहन 1937 में इंग्लैंड की लेलैंड (Leyland) कंपनी द्वारा तैयार किया गया था और 24 सितंबर 1941 को मुंबई फायर ब्रिगेड के बेड़े में शामिल हुआ। उस दौर में ऊंची इमारतों, गोदामों और बंदरगाह क्षेत्र तक पहुंचने के लिए यह ‘टर्न टेबल शिडी’ तकनीक बेहद आधुनिक मानी जाती थी।
    पूरी तरह लोहे से बनी यह शिडी हाथ से चलने वाली यांत्रिक प्रणाली पर आधारित थी।

    1944 का मुंबई डॉक अग्निकांड और वीरता की मिसाल

    14 अप्रैल 1944 को मुंबई डॉक में खड़े एस.एस. फोर्ट स्टिकिन जहाज में भीषण आग लगी थी। जहाज में विस्फोटक, गोला-बारूद और ईंधन भरा होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था।
    इसी दौरान इस ‘टर्न टेबल शिडी’ वाहन की मदद से फायर ब्रिगेड के जवानों ने ऊंचे गोदामों तक पहुंचकर आग बुझाई, फंसे लोगों को बचाया और घायलों को सुरक्षित नीचे उतारा।
    हालांकि इस हादसे में कई लोगों की जान गई, लेकिन मुंबई फायर ब्रिगेड की तत्परता से सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकीं।

    स्मृति से सड़क तक: पुनर्जतन की कहानी

    समय के साथ यह ऐतिहासिक वाहन खराब हो गया और इसे भायखला फायर ब्रिगेड मुख्यालय में स्मृति स्वरूप सुरक्षित रखा गया था।
    इसके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए BMC आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी ने इसे दोबारा सड़क पर उतारने की संकल्पना पेश की।
    इस मिशन में प्रसिद्ध उद्योगपति गौतम सिंघानिया ने सहयोग किया और जे.के. इन्वेस्टर्स बॉम्बे लिमिटेड के माध्यम से सुपर कार क्लब गैरेज में इसका पुनर्जतन कार्य शुरू हुआ।

    दशकों पुरानी मशीन, आधुनिक तकनीक से नई जान

    इस वाहन का पुनर्जतन आसान नहीं था।

    • दशकों से बंद इंजन
    • घिस चुकी यांत्रिक प्रणाली
    • ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स का पूरी तरह अनुपलब्ध होना

    इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुराने तकनीकी दस्तावेज, नक्शे और रिकॉर्ड खोजे गए। फिर आधुनिक तकनीक की मदद से मूल डिजाइन के अनुसार नए पार्ट्स तैयार किए गए।
    आज यह वाहन फिर से पूरी तरह चालू हालत में है और सड़कों पर शान से दौड़ने को तैयार है।

    गणतंत्र दिवस पर भव्य अनावरण

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि का अनावरण 26 जनवरी 2026, सुबह 10:30 बजे, BMC मुख्यालय में किया जाएगा।
    इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ

    • BMC आयुक्त भूषण गगराणी
    • अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी
    • मुंबई फायर ब्रिगेड प्रमुख रविंद्र आंबुलगेकर
    • उद्योगपति गौतम सिंघानिया
      सहित कई गणमान्य मौजूद रहेंगे।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. ‘टर्न टेबल शिडी’ क्या है?
    ➡️ यह एक विशेष प्रकार की फायर ब्रिगेड सीढ़ी है, जिससे ऊंची इमारतों तक पहुंच बनाई जाती है।

    Q2. यह गाड़ी कब बनाई गई थी?
    ➡️ वर्ष 1937 में इंग्लैंड में।

    Q3. इसका पुनर्जतन किसने कराया?
    ➡️ BMC आयुक्त भूषण गगराणी की संकल्पना और गौतम सिंघानिया के सहयोग से।

    Q4. अनावरण कब और कहां होगा?
    ➡️ 26 जनवरी 2026 को BMC मुख्यालय, मुंबई में।

  • मालाड में अवैध निर्माण का खेल, BMC की नाक के नीचे चल रहा धंधा

    मालाड में अवैध निर्माण का खेल, BMC की नाक के नीचे चल रहा धंधा

    मालाड पश्चिम के मास्टरजी कंपाउंड और मार्वे रोड इलाके में BMC की अनुमति बिना अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है। ठेकेदारों की मनमानी और अधिकारियों की चुप्पी ने भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मुंबई के मालाड (पश्चिम) इलाके में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की नाक के नीचे खुलेआम अवैध निर्माण चल रहा है। मास्टरजी कंपाउंड, मार्वे रोड और आसपास के इलाकों में बिना किसी मंजूरी, नक्शा या अनुमति के G+1 निर्माण और कमर्शियल गाला बनाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना, बीएमसी के कामकाज और संभावित भ्रष्टाचार पर बड़े सवाल खड़े करता है।

    कहां-कहां हो रहा है अवैध निर्माण

    प्राप्त जानकारी के अनुसार,

    • वार्ड नंबर 32, CTS नंबर 2108
    • अनिश्का बंगले के पास, मास्टरजी कंपाउंड रोड नंबर 3
    • मालवणी चर्च के नजदीक, मार्वे रोड, मालाड (पश्चिम)

    इन इलाकों में खुले प्लॉट पर बिना किसी वैध अनुमति के निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है।

    2000 स्क्वायर फीट का G+1 निर्माण

    स्थानीय सूत्रों के मुताबिक,
    ठेकेदार मुरुगन द्वारा करीब 2000 वर्ग फीट में G+1 अवैध निर्माण किया जा रहा है। इस निर्माण के लिए MCGM से कोई स्वीकृत प्लान या अनुमति नहीं ली गई है। इसके बावजूद काम बेरोकटोक जारी है।

    5 कमर्शियल गालों का अवैध निर्माण

    इतना ही नहीं,
    ठेकेदार अलगु तिवारी द्वारा उसी इलाके में करीब 500-500 वर्ग फीट के 5 कमर्शियल गाले बनाए जा रहे हैं। यह निर्माण सीधे तौर पर मुंबई महानगरपालिका अधिनियम और निर्माण नियमों का उल्लंघन है।

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    BMC अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल

    सबसे गंभीर सवाल यह है कि

    • अवैध निर्माण इतने बड़े पैमाने पर हो रहा है
    • मशीनें, मजदूर, मटेरियल खुलेआम मौजूद हैं
    • फिर भी P/North Ward के संबंधित अधिकारी अब तक मूकदर्शक बने हुए हैं

    स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जब तक “सेटिंग” रहती है, तब तक कार्रवाई नहीं होती।

    नागरिकों की मांग – तुरंत कार्रवाई हो

    इलाके के रहवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि

    • तत्काल साइट इंस्पेक्शन हो
    • अवैध निर्माण पर स्टॉप वर्क नोटिस जारी किया जाए
    • संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
    • अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त किया जाए

    क्यों खतरनाक है यह अवैध निर्माण

    • भविष्य में इमारत गिरने का खतरा
    • फायर सेफ्टी और ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह नजरअंदाज
    • ट्रैफिक, पानी और बिजली पर अतिरिक्त दबाव
    • कानून मानने वाले नागरिकों के साथ अन्याय

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. अवैध निर्माण कहां हो रहा है?
    ➡️ मालाड (पश्चिम) के मास्टरजी कंपाउंड, मार्वे रोड और आसपास के इलाकों में।

    Q2. कौन-कौन से निर्माण अवैध हैं?
    ➡️ 2000 स्क्वायर फीट का G+1 निर्माण और 5 कमर्शियल गाले।

    Q3. क्या BMC ने कोई कार्रवाई की है?
    ➡️ अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

    Q4. नागरिक क्या कर सकते हैं?
    ➡️ लिखित शिकायत, RTI, मीडिया और उच्च अधिकारियों से शिकायत।

  • मालाड स्टेशन पर चाकूबाजी: 31 वर्षीय प्रोफेसर की हत्या, आरोपी फरार

    मालाड स्टेशन पर चाकूबाजी: 31 वर्षीय प्रोफेसर की हत्या, आरोपी फरार

    मुंबई के मालाड रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेन से उतरते समय हुए झगड़े में 31 वर्षीय गणित के प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। GRP ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, आरोपी अब भी फरार।

    मुंबई: मालाड रेलवे स्टेशन पर शनिवार शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां लोकल ट्रेन से उतरते समय हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। 31 वर्षीय आलोक कुमार सिंह, जो विले पार्ले के एक कॉलेज में गणित के प्रोफेसर थे। उनपर एक अज्ञात व्यक्ति ने चाकू से पेट पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल आलोक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।

    ट्रेन से उतरते वक्त हुआ विवाद, बना हत्या की वजह

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना शाम करीब 6 बजे की है। आलोक कुमार सिंह लोकल ट्रेन से उतर रहे थे, उसी दौरान प्लेटफॉर्म पर किसी अज्ञात व्यक्ति से उनका विवाद हो गया। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने अचानक तेज धारदार हथियार से आलोक के पेट में वार कर दिया।

    चाकू लगते ही आलोक लहूलुहान होकर प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े। आसपास मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, आरोपी मौके से फरार हो गया।

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    मृतक 31 वर्षीय प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह की तस्वीर

    मृतक की पहचान और पारिवारिक जानकारी

    मृतक की पहचान आलोक कुमार सिंह (उम्र 31 वर्ष) के रूप में हुई है। वह कांदिवली के रहने वाले थे और विले पार्ले स्थित एक कॉलेज में गणित के प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत थे। आलोक की असमय मौत से परिवार, दोस्तों और कॉलेज के सहकर्मियों में शोक की लहर फैल गई है।

    GRP ने दर्ज किया हत्या का मामला

    घटना की पुष्टि करते हुए बोरीवली GRP के वरिष्ठ निरीक्षक दत्ता खुपेकर ने बताया कि इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
    उन्होंने कहा,

    “आरोपी की पहचान के लिए स्टेशन के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई है।”

    फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है।

    रेलवे स्टेशन की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर मुंबई लोकल रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म पर दिनदहाड़े हत्या जैसी वारदात ने यात्रियों में डर का माहौल पैदा कर दिया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड स्टेशन पर हत्या कब हुई?
    👉 शनिवार शाम करीब 6 बजे।

    Q2. मृतक कौन था?
    👉 31 वर्षीय आलोक कुमार सिंह, जो विले पार्ले कॉलेज में गणित के प्रोफेसर थे।

    Q3. हत्या कैसे हुई?
    👉 लोकल ट्रेन से उतरते समय विवाद के बाद आरोपी ने पेट में चाकू मारा।

    Q4. क्या आरोपी पकड़ा गया है?
    👉 नहीं, आरोपी फिलहाल फरार है।

    Q5. मामले की जांच कौन कर रहा है?
    👉 बोरीवली Government Railway Police (GRP)।

  • 27 जनवरी से मुंबई में 10% पानी कटौती, जानिए किन इलाकों पर पड़ेगा असर

    27 जनवरी से मुंबई में 10% पानी कटौती, जानिए किन इलाकों पर पड़ेगा असर

    मुंबई में 27 जनवरी से 7 फरवरी 2026 तक 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू रहेगी। पिसे न्यूमॅटिक गेट सिस्टम के वार्षिक रखरखाव के चलते शहर और पूर्व उपनगरों के कई इलाके प्रभावित होंगे। पूरी जानकारी पढ़ें।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शहरवासियों को पहले से सतर्क करते हुए जानकारी दी है कि 27 जनवरी 2026 से 7 फरवरी 2026 तक मुंबई के कई हिस्सों में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू रहेगी। यह कटौती पिसे स्थित ‘न्यूमॅटिक गेट सिस्टम’ के वार्षिक परिरक्षण (मेंटेनेंस) कार्य के चलते की जा रही है।
    इस दौरान शहर विभाग, पूर्व उपनगरों के साथ-साथ ठाणे और भिवंडी महानगरपालिका के कुछ हिस्सों में भी पानी की सप्लाई प्रभावित होगी।

    🔧 क्यों की जा रही है पानी कटौती?

    बीएमसी को पानी सप्लाई करने वाले पिसे इलाके में स्थित न्यूमॅटिक गेट सिस्टम मुंबई की जल आपूर्ति का अहम हिस्सा है।
    इस सिस्टम के सालाना मेंटेनेंस और तकनीकी जांच के लिए यह काम जरूरी बताया गया है।
    बीएमसी के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, यह कार्य मंगलवार 27 जनवरी से शनिवार 7 फरवरी 2026 तक चलेगा।

    💧 कितनी रहेगी पानी की कटौती?

    • कुल 10 प्रतिशत पानी कटौती
    • कटौती पूरे दिन लागू रहेगी
    • घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ता सभी प्रभावित होंगे

    बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि इस अवधि में पानी का उपयोग बेहद सोच-समझकर और जरूरत के मुताबिक ही करें।

    🏙 मुंबई के शहरी विभाग में प्रभावित इलाके

    शहर के कई पुराने और घनी आबादी वाले इलाके इस कटौती की जद में रहेंगे:

    • A Ward: नेवल डॉकयार्ड क्षेत्र
    • B Ward: पूरा विभाग
    • C Ward: भेंडी बाजार, बोहरी मोहल्ला, घोगरी मोहल्ला
    • E Ward: पूरा विभाग
    • F South Ward: पूरा विभाग
    • F North Ward: पूरा विभाग

    🌆 पूर्व उपनगरों में कहां पड़ेगा असर?

    पूर्वी उपनगरों के बड़े हिस्से में पानी सप्लाई कम रहेगी:

    • T Ward: मुलुंड (पूर्व और पश्चिम)
    • S Ward: भांडुप, नाहूर, कांजूरमार्ग, विक्रोळी (पूर्व)
    • N Ward: विक्रोळी, घाटकोपर (पूर्व)
    • L Ward: कुर्ला (पूर्व)
    • M East Ward: पूरा विभाग
    • M West Ward: पूरा विभाग

    🚰 ठाणे और भिवंडी में भी असर

    बीएमसी द्वारा जिन इलाकों में ठाणे और भिवंडी महानगरपालिका को पानी सप्लाई किया जाता है, वहां भी 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू रहेगी।
    इससे सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों को भी पानी बचत पर ध्यान देना होगा।

    📢 बीएमसी की नागरिकों से अपील

    महानगरपालिका ने साफ तौर पर कहा है कि—

    • पानी का काटकसरी से इस्तेमाल करें
    • अनावश्यक पानी बहाने से बचें
    • स्टोरेज टैंक भरकर रखें
    • प्रशासन को सहयोग करें

    ❓ FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मुंबई में पानी कटौती कब से कब तक रहेगी?
    👉 27 जनवरी 2026 से 7 फरवरी 2026 तक।

    Q2. कितने प्रतिशत पानी कटौती होगी?
    👉 10 प्रतिशत।

    Q3. किन इलाकों में पानी कम मिलेगा?
    👉 शहर विभाग, पूर्व उपनगर, ठाणे और भिवंडी के कुछ इलाके।

    Q4. पानी कटौती की वजह क्या है?
    👉 पिसे न्यूमॅटिक गेट सिस्टम का वार्षिक मेंटेनेंस।

    Q5. क्या पूरा पानी बंद रहेगा?
    👉 नहीं, सिर्फ सप्लाई में 10 प्रतिशत की कमी रहेगी।

  • गोरेगांव लिफ्ट हादसा: एक युवक घर लौटा तो दूसरे की हालत गंभीर

    गोरेगांव लिफ्ट हादसा: एक युवक घर लौटा तो दूसरे की हालत गंभीर

    गोरेगांव लिफ्ट हादसे में घायल दो युवकों में से एक विग्नेश की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, जबकि दूसरा युवक रुद्र घर पर रिकवरी कर रहा है। परिवार FIR पर सवाल उठा रहा है और सोसायटी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।

    मुंबई: गोरेगांव में हुए लिफ्ट हादसे ने दो परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक विग्नेश अभी भी अंधेरी के कोकिलाबेन अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है, जबकि दूसरा युवक रुद्र सुसविरकर अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पर इलाज करवा रहा है। इस बीच विग्नेश के परिवार ने FIR को लेकर नाराजगी जताते हुए सोसायटी के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।

    विग्नेश की हालत अब भी चिंताजनक

    सूत्रों के अनुसार, हादसे में गंभीर रूप से घायल विग्नेश की हालत में फिलहाल कोई खास सुधार नहीं हुआ है। वह अंधेरी स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में इलाजरत है।
    हालांकि डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर से हटा दिया है, लेकिन अब तक उसकी न्यूरोलॉजिकल स्थिति में कोई सकारात्मक बदलाव देखने को नहीं मिला है।

    परिजनों की चिंता: आंखें खुलती हैं, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं

    विग्नेश के मामा योगेश महात्रे ने बताया,
    “वेंटिलेटर हट गया है, लेकिन शरीर में कोई मूवमेंट नहीं है। वह कभी-कभी आंखें खोलता है, लेकिन आवाज देने पर या सामने खड़े परिजनों को पहचानने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता।”

    डॉक्टरों का कहना है कि विग्नेश के ठीक होने की संभावना है, लेकिन यह प्रक्रिया लंबी और बेहद खर्चीली हो सकती है।

    इलाज का खर्च 13 लाख के पार, परिवार आर्थिक संकट में

    भावनात्मक दर्द के साथ-साथ परिवार पर भारी आर्थिक बोझ भी बढ़ता जा रहा है।
    अब तक इलाज पर ₹13 लाख से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। रिश्तेदारों और दोस्तों की मदद से करीब ₹3.5 लाख जुटाए गए हैं, लेकिन आगे का खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

    परिजन अब

    • ट्रस्ट
    • एनजीओ
    • राजनीतिक प्रतिनिधियों
      से मदद की गुहार लगा रहे हैं। साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष में भी आवेदन किया गया है।

    FIR पर सवाल, सोसायटी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

    विग्नेश के परिवार ने दर्ज FIR पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि इस हादसे की जिम्मेदारी सिर्फ लिफ्ट ठेकेदार की नहीं, बल्कि सोसायटी के पदाधिकारियों की भी बनती है।

    योगेश महात्रे का आरोप है कि

    • लिफ्ट की सर्विस के बाद जरूरी निरीक्षण नहीं किया गया
    • बिना जांच के सर्विस डॉक्यूमेंट्स पर हस्ताक्षर कर दिए गए

    उन्होंने कहा,
    “अगर सोसायटी के जिम्मेदार लोगों ने ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाई होती, तो यह हादसा टल सकता था।”

    परिवार ने संकेत दिए हैं कि वे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे, ताकि सोसायटी पदाधिकारियों को भी FIR में आरोपी बनाया जाए।

    रुद्र की हालत में सुधार, घर पर जारी इलाज

    इस हादसे में घायल दूसरे युवक रुद्र सुसविरकर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वह अब घर पर रिकवरी कर रहा है।

    उसके पिता अनिल सुसविरकर ने बताया,
    “हमने घर पर अस्पताल जैसा बेड किराए पर लिया है। उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।”

    डॉक्टरों ने रुद्र की टूटी हड्डियों को स्क्रू लगाकर फिक्स किया है। हड्डियां ठीक होने के बाद एक और सर्जरी कर स्क्रू निकाले जाएंगे।

    लिफ्ट सेफ्टी पर फिर उठे सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर मुंबई की हाउसिंग सोसायटियों में

    • लिफ्ट मेंटेनेंस
    • नियमित जांच
    • जवाबदेही
      जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: गोरेगांव लिफ्ट हादसे में कितने युवक घायल हुए थे?
    👉 दो युवक घायल हुए थे।

    Q2: विग्नेश की वर्तमान हालत कैसी है?
    👉 हालत गंभीर है, न्यूरोलॉजिकल रिस्पॉन्स नहीं है।

    Q3: इलाज का खर्च कितना हो चुका है?
    👉 ₹13 लाख से अधिक।

    Q4: परिवार किस पर कार्रवाई की मांग कर रहा है?
    👉 लिफ्ट ठेकेदार के साथ-साथ सोसायटी पदाधिकारियों पर।

    Q5: रुद्र की हालत कैसी है?
    👉 हालत में सुधार है, घर पर इलाज चल रहा है।

  • BMC: मानखुर्द चीताकैंप में गंदगी का कहर, सड़क किनारे पड़ा गीला कचरा बना मुसीबत

    BMC: मानखुर्द चीताकैंप में गंदगी का कहर, सड़क किनारे पड़ा गीला कचरा बना मुसीबत

    BMC की लापरवाही के कारण मानखुर्द के चीताकैंप इलाके में नाले से निकाला गया गीला कचरा हफ्तों से सड़क किनारे पड़ा है। बारिश के कारण बदबू, मच्छर और बीमारी का खतरा बढ़ गया है, जबकि बीएमसी की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।

    मुंबई: मानखुर्द स्थित चीताकैंप इलाके में सड़क किनारे पड़े गीले कचरे के ढेर ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा नाले की सफाई के दौरान निकाला गया कचरा तीन हफ्ते से ज्यादा समय बीतने के बावजूद नहीं हटाया गया, जिससे बदबू, मच्छरों और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने बीएमसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    नाले की सफाई हुई, लेकिन कचरा वहीं पड़ा

    बीएमसी ने मानखुर्द के चीताकैंप इलाके में 28 जून से 2 जुलाई के बीच नाले की सफाई करवाई थी। इस दौरान पुल के नीचे और आसपास से बड़ी मात्रा में गाद और कचरा निकाला गया।
    हालांकि, सफाई के बाद यह कचरा नाले के किनारे ही छोड़ दिया गया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया था कि एक हफ्ते के भीतर कचरा हटा दिया जाएगा, लेकिन तीन हफ्ते बीतने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।

    बारिश ने बढ़ाई परेशानी, बदबू से सांस लेना मुश्किल

    स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल की बारिश के चलते पानी कचरे में घुस गया है, जिससे इलाके में तेज गंध फैल गई है।
    एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा,
    “यहां से गुजरते वक्त सांस रोकनी पड़ती है। बदबू इतनी तेज है कि बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है।”

    मच्छरों और बीमारियों का बढ़ता खतरा

    स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता आसिफ सैयद, जो एनवायरनमेंट लाइफ फाउंडेशन के धर्मेश बारई के साथ सफाई अभियानों से जुड़े हैं, ने कहा,
    “यह कचरे का ढेर मच्छरों और बीमारियों की फैक्ट्री बन चुका है। हम लगातार बीएमसी से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। आखिर लोग ऐसे हालात में कैसे रहें?”

    कचरा बढ़ता ही जा रहा है

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों से नाले की सफाई के दौरान निकाला गया कचरा उसी जगह पर बार-बार डाला जा रहा है, जिससे कचरे का ढेर और बड़ा होता जा रहा है।
    जब पिछले हफ्ते तेज बारिश हुई, तो पुल के नीचे जमा कचरा बहने लगा। लोगों को डर है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही, तो यह गंदगी सीधे समुद्र में जाकर प्रदूषण फैलाएगी।

    जिम्मेदारी से बचते विभाग, आरोपों की राजनीति

    धर्मेश बारई का आरोप है कि जब उन्होंने बीएमसी से कचरा हटाने की मांग की, तो अलग-अलग विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे।
    उन्होंने कहा,
    “कोई भी विभाग यह मानने को तैयार नहीं कि कचरा हटाना उसकी जिम्मेदारी है। बस फाइलें इधर-उधर घूम रही हैं।”

    BMC का पक्ष: नोटिस जारी, जल्द सफाई का दावा

    बीएमसी के कनिष्ठ अभियंता योगेश मोगल ने बताया कि संबंधित ठेकेदार को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है।
    उनके अनुसार,

    • कुछ कचरा नाले से नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों द्वारा फेंका गया है
    • नाले से निकली गाद को शहर के बाहर डंप करना पड़ता है
    • मंगलवार तक गाद हटाई जाएगी, और बाकी ठोस कचरा अगले दो दिनों में साफ किया जाएगा

    उन्होंने बारिश को भी देरी की एक बड़ी वजह बताया।

    अपर आयुक्त ने लिया संज्ञान

    स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स के प्रभारी अतिरिक्त नगर आयुक्त अभिजीत बांगर ने कहा,
    “आमतौर पर एक महीने तक कचरा पड़े रहने की शिकायत नहीं आती। मैं खुद मामले की जांच करूंगा और लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: चीताह कैंप में कचरा कब से पड़ा है?
    👉 करीब तीन हफ्तों से ज्यादा समय से।

    Q2: कचरा कहां से आया है?
    👉 नाले की सफाई के दौरान निकाला गया कचरा और कुछ स्थानीय कचरा।

    Q3: लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी किस बात से है?
    👉 बदबू, मच्छर और बीमारी के खतरे से।

    Q4: बीएमसी ने क्या आश्वासन दिया है?
    👉 गाद मंगलवार तक और बाकी कचरा अगले दो दिनों में हटाने का दावा।

    Q5: क्या ठेकेदार पर कार्रवाई होगी?
    👉 बीएमसी के अनुसार, लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।