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  • मुंबई DRT-III लोक अदालत में 122 केस सुलझे, ₹34.69 करोड़ की रिकवरी

    मुंबई DRT-III लोक अदालत में 122 केस सुलझे, ₹34.69 करोड़ की रिकवरी

    मुंबई DRT-III में नेशनल लोक अदालत के दौरान 122 मामले निपटाए गए और ₹34.69 करोड़ की रिकवरी हुई। इस प्रक्रिया में बैंक अफसरों, वकीलों और स्टाफ ने अहम भूमिका निभाई।

    मुंबई: डेब्ट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल-III (DRT-III) में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। इस लोक अदालत में कुल 122 मामलों का निपटारा किया गया और बैंकों को करीब ₹34.69 करोड़ की रिकवरी हासिल हुई।

    ये लोक अदालत स्रीकला सुरेश, इंचार्ज प्रेसीडिंग ऑफिसर के मार्गदर्शन में हुई। कार्यक्रम का संचालन पूरी तरह से सौहार्दपूर्ण माहौल में किया गया।

    पैनल और मेंबर्स की अहम भूमिका

    कार्यवाही की अध्यक्षता पूर्व प्रेसीडिंग ऑफिसर वी.एन. लोथे पाटिल ने की। उनके साथ पैनल में सुधांशु एस. साहू (डिप्टी जनरल मैनेजर, केनरा बैंक) और एडवोकेट सुनील हम्ब्रे मौजूद थे।

    इनके सहयोग से कई जटिल मामले आसानी से सुलझे, जिससे बैंक और उधारकर्ताओं दोनों को राहत मिली।

    122 मामले निपटाए गए, ₹34.69 करोड़ की रिकवरी

    इस लोक अदालत में बैंकों के लंबे समय से पेंडिंग पड़े केसों का समाधान हुआ। इसमें अधिकतर मामले लोन रिकवरी और सेटलमेंट से जुड़े थे।

    122 मामलों के समाधान के बाद ₹34.69 करोड़ की राशि रिकवर हुई। इसे बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

    रजिस्ट्रार का आभार व्यक्त

    DRT-III मुंबई के रजिस्ट्रार संजय जायसवाल ने सभी अफसरों, स्टाफ और लिटिगेंट्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने में पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की।

    उन्होंने खासतौर से स्टाफ मेंबर्स का नाम लेकर आभार जताया –

    • स्नेहल तलाशीळकर (असिस्टेंट रजिस्ट्रार)
    • परवेश शर्मा, मिलिंद खाटू, सतीश बोराडे, राजन कांबले, नरेंद्र महामुंकर, पवन मीणा, प्रवीन लबडे, किशोर इंदुलकर, अमरेन्द्र और प्रियांका गुरव

    लोक अदालत का महत्व

    लोक अदालत को लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये एक ऐसा मंच है, जहां लंबे समय से पेंडिंग केस जल्दी और आपसी सहमति से सुलझाए जाते हैं। इससे अदालतों पर केसों का बोझ कम होता है और आम लोगों व बैंकों दोनों को राहत मिलती है।

    मुंबई जैसे बड़े शहर में जहां बैंकिंग ट्रांजैक्शन और लोन से जुड़े विवाद बहुत आम हैं, वहां इस तरह की पहल बेहद कारगर साबित होती है।

    मुंबई DRT-III की इस लोक अदालत ने दिखा दिया कि अगर सही माहौल और सहयोग मिले तो जटिल से जटिल केस भी आसानी से सुलझ सकते हैं। इस बार का नतीजा ₹34.69 करोड़ की रिकवरी के साथ काफी सकारात्मक रहा। उम्मीद है कि आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे और बैंकिंग सेक्टर में पेंडिंग केसों का बोझ कम होगा।

  • Mumbai BMC: झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर फिर से मांगे प्रस्ताव

    Mumbai BMC: झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर फिर से मांगे प्रस्ताव

    बीएमसी ने मुंबई के एम/ईस्ट वार्ड में झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर दोबारा एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है। डेडलाइन 30 सितंबर तय।

    मुंबई: शहर के झोपड़पट्टियों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एम/ईस्ट वार्ड (मानखुर्द, देवनार और गोवंडी) इलाके में 26 स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए फिर से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है।

    mumbai-bmc-slum-redevelopment-projects-meast-ward-26-eoi-govandi

    🔹 पिछली बार क्यों अटका था मामला?

    बीएमसी ने 10 मई को पहली बार 64 नगर पालिका प्लॉट्स पर पुनर्विकास का प्रस्ताव मांगा था। लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते 17 प्लॉट होल्ड पर रखे गए। बचे हुए 47 प्लॉट्स पर सिर्फ 29 प्रोजेक्ट्स को ही 100 ऑफर मिले।
    सबसे बड़ी समस्या ये रही कि 8 प्लॉट्स के लिए केवल 1-1 डेवलपर ने ही बोली लगाई थी।

    🔹 अब नया फोकस एम/ईस्ट वार्ड पर

    इस बार बीएमसी ने खास तौर पर मानखुर्द, देवनार और गोवंडी जैसे इलाकों पर फोकस किया है। ये इलाका कम आय वर्ग और भारी अतिक्रमण के लिए जाना जाता है।
    नई योजना के तहत करीब 8.37 लाख वर्गमीटर जमीन और लगभग 49,000 झोपड़ी संरचनाओं को रीडेवलपमेंट में शामिल किया जाएगा।

    🔹 डेडलाइन और प्रक्रिया

    • EOI डॉक्यूमेंट उपलब्ध होगा: 15 सितंबर से
    • अंतिम तारीख: 30 सितंबर
    • जिम्मेदारी ठेकेदारों की:
    • झोपड़ी सर्वे
    • प्लानिंग
    • परमिट्स
    • टेनेमेंट निर्माण
    • मेंटेनेंस

    सभी प्रोजेक्ट्स को DCPR-2034 की रेगुलेशन 33(10) के तहत लागू किया जाएगा।

    🔹 पश्चिमी उपनगर बनाम पूर्वी उपनगर

    पहले आए ऑफर्स ज्यादातर अंधेरी, बोरीवली और वर्ली जैसे पश्चिमी इलाकों के लिए थे। जबकि पूर्वी उपनगर जैसे मुलुंड और एम/ईस्ट वार्ड के लिए डेवलपर्स की दिलचस्पी बेहद कम रही। इसीलिए बीएमसी ने अब फिर से खास तौर पर इन इलाकों पर जोर दिया है।

  • पालघर में पुलिस ने डकैती की साजिश नाकाम की, 11 आरोपी हथियारों के साथ गिरफ्तार

    पालघर में पुलिस ने डकैती की साजिश नाकाम की, 11 आरोपी हथियारों के साथ गिरफ्तार

    पालघर पुलिस ने वसई के राम रहीम नगर में होने वाली डकैती की साजिश नाकाम कर दी। 11 आरोपी हथियारों के साथ पकड़े गए, जिनमें कई पर हत्या और लूट के गंभीर मामले दर्ज हैं।

    पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक डकैती की साजिश नाकाम कर दी। जानकारी के मुताबिक, करीब 10 बदमाश वसई के राम रहीम नगर (एवरशाइन सिटी) में एक बंगले को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे।

    पुलिस ने समय रहते छापा मारकर 11 आरोपियों को हथियारों समेत गिरफ्तार कर लिया।

    👮‍♂️ अपराधियों का लंबा रिकॉर्ड

    पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, पकड़े गए कई आरोपी हत्याकांड, हत्या की कोशिश, लूट, डकैती और नशे से जुड़े मामलों में पहले से वांछित हैं। ये मामले मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों में दर्ज हैं।

    पुलिस ने आरोपियों से जब्त किया:

    • एक देसी रिवॉल्वर
    • 4 जिंदा कारतूस
    • चॉपर
    • चाकू, कैंची और हथौड़ा
    • मिर्च पाउडर

    🚓 पुलिस का जाल और गिरफ्तारी

    यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच सेल-2, वसई और वालिव, माणिकपुर और अचोले पुलिस की टीम ने मिलकर की। पुलिस ने सूचना के आधार पर फैब्रिकेशन शॉप के पास ट्रैप बिछाया और सभी आरोपियों को दबोच लिया।

    🏧 लातूर में एटीएम गैंग पकड़ा गया

    इसी दौरान लातूर जिले में पुलिस ने एटीएम लूट करने वाले इंटरस्टेट गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया।

    • आरोपियों ने उदगीर इलाके में गैस कटर से एटीएम तोड़कर कैश चुराया था।
    • पुलिस ने गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, नकली नंबर प्लेट, एक लाख रुपये नकद और हथियार जब्त किए।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान, हरियाणा और भोपाल के रहने वाले अपराधियों के रूप में हुई है। पुलिस को शक है कि यह गैंग कई राज्यों में वारदात कर चुका है।

    🔫 मुंबई में हफ्ता वसूली का आरोपी पकड़ा गया

    मुंबई के बांद्रा इलाके में पुलिस ने 25 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर को रिवॉल्वर और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं।

    लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से साफ है कि महाराष्ट्र पुलिस अपराधियों को किसी भी कीमत पर ढील देने के मूड में नहीं है। पालघर, लातूर और मुंबई में हुई गिरफ्तारियां पुलिस की तत्परता को दिखाती हैं।

  • बोरीवली-वसई होते हुए पनवेल तक नई लोकल लाइन को मंजूरी, मुंबईकरों को बड़ी राहत

    बोरीवली-वसई होते हुए पनवेल तक नई लोकल लाइन को मंजूरी, मुंबईकरों को बड़ी राहत

    MUTP-III B के तहत बोरीवली-वसई से पनवेल तक 69 किमी लंबा नया लोकल कॉरिडोर बनेगा। 12710.82 करोड़ की लागत से बनने वाली यह लाइन मुंबईकरों की भीड़भाड़ कम करने में मदद करेगी।

    मुंबई: मुंबईकरों के लिए यहां की लोकल ट्रेन जिंदगी की लाइफ़लाइन हैं। लेकिन बढ़ती आबादी के साथ लोकल की संख्या उतनी नहीं बढ़ी, जिससे रोजाना यात्रियों को भारी भीड़ का सामना करना पड़ता है। खासकर वसई-विरार और कर्जत-खोपोली जैसे रूट पर हालात और ज्यादा खराब हैं।

    अब लंबे इंतजार के बाद मुंबईकरों के लिए खुशखबरी आई है। पनवेल-बोरीवली-वसई उपनगरीय कॉरिडोर को आखिरकार हरी झंडी मिल गई है।

    🚆 12710.82 करोड़ का प्रोजेक्ट

    यह नया लोकल कॉरिडोर मुंबई शहरी परिवहन परियोजना (MUTP-III B) के तहत बनाया जाएगा।

    • कुल लागत: ₹12710.82 करोड़
    • लंबाई: 69.23 किलोमीटर
    • लाइन: दो-तरफ़ा (डबल लाइन)

    इस रूट से नवी मुंबई, बोरीवली और वसई को सीधे पनवेल से जोड़ा जाएगा।

    भीड़ कम करने में मिलेगी मदद

    अभी तक ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी की कमी के कारण यात्री अलग-अलग रूट से चक्कर लगाकर सफर करते हैं। नया कॉरिडोर बनने के बाद:

    • लोकल ट्रेनों की भीड़ कम होगी।
    • नवी मुंबई से वसई/बोरीवली तक का सफर आसान हो जाएगा।
    • यात्रियों का समय भी बचेगा।

    🚉 MUTP-III B के तहत और भी काम

    इस प्रोजेक्ट के साथ-साथ रेलवे अन्य रूट पर भी विस्तार कर रहा है:

    • बदलापुर-कर्जत के बीच तीसरी लाइन
    • आसनगांव-कसारा के बीच चौथी लाइन
      इन सब पर मिलाकर लगभग ₹14907.47 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

    यात्रियों और इंडस्ट्री दोनों को फायदा

    पश्चिम रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य राजीव सिंघल के मुताबिक, यह नया कॉरिडोर सिर्फ लोकल यात्रियों ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए भी बड़ा फायदा देगा।

    • पनवेल से गोवा और पुणे जाने वाले यात्रियों को आसानी होगी।
    • भिवंडी के पावरलूम उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
    • लंबी दूरी के यात्री और कार्गो भी इस रूट से लाभान्वित होंगे।

    यह प्रोजेक्ट मुंबई लोकल नेटवर्क में एक नया अध्याय साबित होगा। बोरीवली-वसई से पनवेल तक लोकल कनेक्टिविटी मिलने से लाखों मुंबईकरों की रोज़ाना की यात्रा आसान और आरामदायक होगी

  • Nepal Protests: महाराष्ट्र के पर्यटकों को सुरक्षित वापसी का अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    Nepal Protests: महाराष्ट्र के पर्यटकों को सुरक्षित वापसी का अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    नेपाल में जारी जनरेशन Z विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के 100 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि सभी की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: नेपाल में जारी Gen Z विरोध प्रदर्शन ने हालात बेहद तनावपूर्ण कर दिए हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसी बीच, महाराष्ट्र के ठाणे, पुणे, मुंबई, लातूर और कोल्हापुर जिलों के 100 से ज्यादा पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं।

    इनमें से अधिकतर लोग धार्मिक यात्रा, खासकर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, जबकि कुछ बिजनेस और पर्यटन के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे।

    Nepal-Protests-Ajit-Pawar-assures-safe-return-of-tourists-from-Maharashtra

    अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    बुधवार को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:

    “हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि हर एक पर्यटक को सुरक्षित घर लाया जाए और उनके परिवारों को राहत पहुंचाई जाए।”

    भारत सरकार और दूतावास से संपर्क

    महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निरंतर संपर्क में है।

    • दूतावास की टीम ने बुधवार सुबह एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों की मदद की।
    • उन्हें अस्थायी रूप से शहर के होटलों में शिफ्ट किया गया।
    • बीड़ जिले के कुछ यात्री निजी वाहनों से भारत लौट रहे हैं और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंच चुके हैं।

    हवाई सेवाएं बाधित, यात्री 18 घंटे तक फंसे

    नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। काठमांडू एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री, जिनमें मुंबई और ठाणे के लोग भी शामिल थे, 18 घंटे से ज्यादा समय तक बिना सहायता फंसे रहे।

    • पानी और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी देर से उपलब्ध कराई गईं।
    • बुधवार दोपहर नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (NCAA) ने सुरक्षा जांच के बाद चरणबद्ध तरीके से उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया।

    विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी: नेपाल जाने से बचें

    भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई एडवाइजरी जारी की।

    • भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि हालात सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टालें।
    • जो लोग नेपाल में हैं, उन्हें घरों या सुरक्षित स्थानों में रहने को कहा गया है।
    • अनावश्यक रूप से सड़कों पर न निकलने और भारतीय दूतावास व स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की हिदायत दी गई है।

    स्थानीय स्तर पर हालात

    जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा पर्यटक ठाणे जिले के मुरबाड क्षेत्र से हैं। वहीं, लातूर और कोल्हापुर के लोग भी समूह में यात्रा कर रहे थे।
    नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद से स्थिति और अधिक अस्थिर हो गई है।

    महाराष्ट्र सरकार ने साफ किया है कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
    अब राज्य व केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से जल्द ही सभी यात्रियों की सुरक्षित वापसी होने की उम्मीद है।

  • सेंट्रल रेलवे ने पकड़े 7 लाख बिना टिकट यात्री, वसूले 30 करोड़ का जुर्माना

    सेंट्रल रेलवे ने पकड़े 7 लाख बिना टिकट यात्री, वसूले 30 करोड़ का जुर्माना

    मुंबई डिवीजन में सेंट्रल रेलवे ने 7 लाख से ज्यादा बिना टिकट यात्रियों से ₹30 करोड़ वसूले हैं। अप्रैल-अगस्त 2025 में रेलवे ने कुल ₹100 करोड़ से अधिक जुर्माना वसूला।

    मुंबई: सेंट्रल रेलवे ने बिना टिकट और अवैध रूप से यात्रा करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। रेलवे की टिकट चेकिंग टीमों ने वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल से अगस्त 2025) के बीच 17.19 लाख यात्रियों को पकड़ा और उनसे रिकॉर्ड ₹100.50 करोड़ का जुर्माना वसूला।

    केवल मुंबई डिवीजन की बात करें तो, यहां 7.03 लाख यात्रियों को पकड़कर करीब ₹29.17 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।

    अगस्त 2025 में दिखा सख्ती का असर

    अगस्त 2025 में रेलवे की चेकिंग टीमों ने अकेले महीने भर में 2.76 लाख यात्रियों को पकड़ा, जबकि अगस्त 2024 में यह संख्या 2.34 लाख थी। यानी इसमें 18% की बढ़ोतरी हुई है।

    इस दौरान अगस्त 2025 में कुल ₹13.78 करोड़ का जुर्माना वसूला गया, जो अगस्त 2024 के ₹8.85 करोड़ से 55% ज्यादा है।

    Mumbai-Central-Railway-caught-7-lakh-ticketless-passengers-collected-a-fine-of-Rs-30-crore

    डिवीजनवार आंकड़े (अप्रैल-अगस्त 2025)

    रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सभी डिवीजनों में कार्रवाई की। इसमें वसूली का आंकड़ा इस प्रकार है:

    • भुसावल डिवीजन : ₹36.93 करोड़ (4.34 लाख केस)
    • मुंबई डिवीजन : ₹29.17 करोड़ (7.03 लाख केस)
    • नागपुर डिवीजन : ₹11.44 करोड़ (1.85 लाख केस)
    • पुणे डिवीजन : ₹10.41 करोड़ (1.89 लाख केस)
    • सोलापुर डिवीजन : ₹5.01 करोड़ (1.04 लाख केस)
    • हेडक्वार्टर्स : ₹7.54 करोड़ (1.04 लाख केस)

    रेलवे की सख्त रणनीति

    सेंट्रल रेलवे ने बताया कि बिना टिकट यात्रियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनाई जाती हैं। इसमें शामिल हैं:

    • स्टेशन चेक
    • एम्बुश चेक
    • फोर्ट्रेस चेक
    • इंटेंसिव चेक
    • मेगा टिकट चेकिंग ड्राइव

    ये अभियान मेल/एक्सप्रेस, पैसेंजर, स्पेशल ट्रेनों के साथ-साथ मुंबई और पुणे लोकल ट्रेनों में भी चलाए जाते हैं।

    टिकट फ्रॉड पर रोक: QR कोड बुकिंग बंद

    रेलवे ने यह भी कदम उठाया कि UTS मोबाइल ऐप के जरिए स्टैटिक QR कोड से टिकट बुकिंग को बंद कर दिया गया है। वजह यह थी कि कई यात्री इस सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा था।

    अब इस फैसले से पेपरलेस टिकटिंग सिस्टम के दुरुपयोग पर रोक लग गई है।

    रेलवे की अपील

    सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट खरीदकर ही यात्रा करें। बिना टिकट यात्रा करने पर न केवल जुर्माना लगता है बल्कि बार-बार पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

    रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यह ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी जारी रहेगी।

  • पनवेल गैंगवार: कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर गोल्डन मैन का हमला, 14 पर केस

    पनवेल गैंगवार: कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर गोल्डन मैन का हमला, 14 पर केस

    पनवेल में खूनी गैंगवार, कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर गोल्डन मैन और उसके साथियों का तलवार-दरांती से हमला। पुलिस ने 14 पर केस दर्ज किया, दहशत का माहौल।

    पनवेल (नवी मुंबई), 10 सितंबर 2025 – मुंबई से लगे पनवेल शहर में गैंगवार और खूनी संघर्ष की घटनाओं ने पुलिस और नागरिकों को चिंता में डाल दिया है। शनिवार को हुई एक सनसनीखेज वारदात में इलाके के कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में गोल्डन मैन के नाम से कुख्यात अनिकेत म्हात्रे और उसके साथियों ने तलवार, कोयता, हॉकी स्टिक और बंदूक का इस्तेमाल किया। घटना में राजकुमार म्हात्रे गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पनवेल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    गैंगवार की गूंज: पनवेल में पुणे जैसी वारदात

    पनवेल को मुंबई का प्रवेश द्वार कहा जाता है, लेकिन अब यह शहर गैंगवार और क्रिमिनल लड़ाई का अड्डा बनता दिख रहा है। पिछले हफ्ते पुणे में जिस तरह दो गिरोहों के बीच खून-खराबा हुआ था, ठीक वैसा ही घटनाक्रम पनवेल में दोहराया गया।

    शनिवार को पनवेल के खुटारी गांव में कुख्यात राजकुमार म्हात्रे पर हमला हुआ। इसके अगले ही दिन, यानी रविवार को, कोपरखैराने सेक्टर-19 में दो गुटों के बीच सशस्त्र झड़प हुई। पुलिस ने इस झगड़े के बाद तत्काल कार्रवाई की और संदिग्धों को हिरासत में लिया।

    Panvel-mumbai-gang-war-Golden-Man-attacks-notorious-gangster-Rajkumar-Mhatre

    दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, पनवेल में क्रिमिनल दो गुट – राजेश जेजुरकर और गोरख म्हात्रे – के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। शनिवार को यह विवाद हिंसा में बदल गया।

    • दोनों गुटों के गुंडों ने लाठियों, तलवारों और अन्य धारदार हथियारों से एक-दूसरे पर हमला किया।
    • झगड़े में राजेश जेजुरकर और आकाश नवघाने गंभीर रूप से घायल हो गए।
    • दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    राजकुमार म्हात्रे पर हमला: गोल्डन मैन की एंट्री

    इसी बीच सबसे बड़ा धमाका हुआ – जब कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर हमला हुआ। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक:

    • अनिकेत म्हात्रे उर्फ़ गोल्डन मैन ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजकुमार पर हमला किया।
    • तलवार, कोयता, बंदूक और हॉकी स्टिक जैसे खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
    • हमला इतना जबरदस्त था कि राजकुमार को गंभीर चोटें आईं।
    • हमला करने के बाद गोल्डन मैन ने हवा में फायरिंग भी की, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

    राजकुमार को खून से लथपथ हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

    14 आरोपियों पर केस दर्ज, गोल्डन मैन फरार

    पनवेल पुलिस ने इस घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए अनिकेत म्हात्रे उर्फ़ गोल्डन मैन समेत 14 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस को अब तक गोल्डन मैन और उसके कुछ साथियों की गिरफ्तारी नहीं मिली है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और आरोपियों की तलाश के लिए स्पेशल टीमें बनाई गई हैं।

    इलाके में दहशत का माहौल

    हमले और गैंगवार की इन घटनाओं से पनवेल इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार बढ़ते गैंगवॉर से सड़क पर निकलना भी असुरक्षित महसूस हो रहा है।

    एक निवासी ने कहा – “यहां हर सप्ताह कोई न कोई गैंगवार हो रही है। पुलिस कार्रवाई करती है, लेकिन कुछ दिनों बाद वही लोग फिर से हथियार लेकर सड़कों पर दिखाई देते हैं।”

    पुलिस की चुनौती: संगठित अपराध का सफाया

    पनवेल, नवी मुंबई और ठाणे बेल्ट लंबे समय से गुंडागर्दी और क्रिमिनल्स गिरोह के लिए कुख्यात रहे हैं। अब जबकि गोल्डन मैन और राजकुमार म्हात्रे जैसे नाम सामने आ रहे हैं, पुलिस के लिए संगठित अपराध का सफाया करना बड़ी चुनौती बन गया है।

    पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।

  • मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी: अग्निवीर और उसका भाई तेलंगाना से गिरफ्तार

    मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी: अग्निवीर और उसका भाई तेलंगाना से गिरफ्तार

    मुंबई के नेवी नगर से INSAS राइफल और 40 कारतूस चोरी करने वाले अग्निवीर और उसके भाई को तेलंगाना से पकड़ा गया। पुलिस ने हथियार बरामद कर जांच शुरू की।

    मुंबई, 10 सितंबर 2025 – मुंबई के हाई सिक्योरिटी ज़ोन नेवी नगर से राइफल और 40 कारतूस चोरी करने के आरोप में पुलिस ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। उनमें से एक भारतीय नौसेना का अग्निवीर है।

    क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने मंगलवार देर रात तेलंगाना के आसिफाबाद ज़िले से दोनों भाइयों को पकड़कर हिरासत में लिया है। आरोपियों की पहचान राकेश रमेश दुब्बुला (22) और उसके बड़े भाई उमेश रमेश दुब्बुला (25) के रूप में हुई है।

    कैसे हुई चोरी?

    • यह वारदात शनिवार रात (6 सितंबर) को हुई।
    • आरोपी राकेश दुब्बुला नौसेना की वर्दी पहनकर नेवी नगर के एक रिहायशी इलाके में तैनात जवान के पास पहुँचा और खुद को ड्यूटी पर आया हुआ बताया।
    • गफलत में जवान ने अपनी INSAS राइफल और दो मैगज़ीन (20-20 कारतूस वाली) उसे सौंप दीं।
    • राकेश ने हथियार और कारतूस एक बैग में रखे और दीवार के उस पार फेंक दिया, जहाँ उसका भाई उमेश इंतज़ार कर रहा था।
    • इसके बाद दोनों भाई भागकर मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पहुँचे और ट्रेन से सीधे तेलंगाना चले गए।

    पुलिस ने कैसे पकड़ा?

    • पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और उनकी पहचान की।
    • इसके बाद CIU की टीम ने आसिफाबाद जिले में छापा मारकर दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया।
    • तलाशी में चोरी की गई राइफल, 40 जिंदा कारतूस, और एक खाली मैगज़ीन बरामद हुई।

    आरोपी का बैकग्राउंड

    • राकेश दुब्बुला – 12वीं पास, वर्तमान में नौसेना में अग्निवीर (सीमैन) के रूप में तैनात।
    • उमेश दुब्बुला – पढ़ाई बीच में छोड़ी, बेरोजगार।
    • पुलिस जांच में सामने आया कि राकेश को नेवी क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की अच्छी जानकारी थी, इसलिए उसने इस घटना को अंजाम दिया।

    जांच और आगे की कार्रवाई

    मुंबई पुलिस दोनों आरोपियों को अब मुंबई ला रही है, जहाँ उनसे आगे की पूछताछ होगी।
    अभी तक चोरी की मंशा (मोटिव) साफ नहीं हुई है। पुलिस को शक है कि मामला किसी निजी लालच या हथियार बेचने की कोशिश से जुड़ा हो सकता है।

  • दहिसर टोलनाका वर्सोवा की ओर शिफ्ट – दिवाली से पहले राहत की उम्मीद

    दहिसर टोलनाका वर्सोवा की ओर शिफ्ट – दिवाली से पहले राहत की उम्मीद

    परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषणा की कि दहिसर टोलनाका वर्सोवा पुल के सामने नर्सरी के पास दिवाली से पहले स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे मीरा-भाईंदर और मुंबई के बीच यात्रा सरल होगी और पर्यावरण व समय की बचत होगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: शहर के उत्तरी दिशा में मीरा-भाईंदर की सीमा पर स्थित दहिसर टोलनाका, जो अभी टोल प्लाजा के कारण प्रतिदिन लाखों नागरिकों के लिए यातायात भयावह बना हुआ है, उसे वर्सोवा पुल के सामने नर्सरी के पास स्थानांतरित किया जाएगा। यह निर्णय अघोषित नहीं, बल्कि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने लिया है, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस पर कार्यवाही के निर्देश जारी कर मंजूरी दी है।

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    नेताओं की सहमति और तकनीकी प्रक्रियाएँ

    • इस बैठक में मागाठाणे के विधायक प्रकाश सुर्वे, महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडळ के सह–व्यवस्थापकीय संचालक मनोज जिंदल, राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के सुहास चिटणीस, वसई-विरार कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, IRB के ठेकेदार विरेंद्र म्हैसकर, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
    • मीरा-भाईंदर के इस हालात से लगभग 15 लाख स्थानीय नागरिक और मुंबई की ओर रुख करने वाले वाहनचालक प्रतिदिन जूझ रहे हैं – समय, ईंधन और प्रदूषण की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

    क्यों ये कदम आवश्यक था?

    मुख्यत: तीन प्रमुख कारणों से यह स्थानांतरण अत्यंत आवश्यक था:

    1. ज्यादा समय और ईंधन की बर्बादी – टोलनाका की वर्तमान स्थिति के कारण नागरिकों को आधा से एक घंटा अतिरिक्त यात्रा में लग जाता है। अनावश्यक फिजूल खर्च का बोझ बनता है।
    2. पर्यावरणीय प्रभाव – लंबी जामिंग और रुकावटें हवा में प्रदूषण फैलाती हैं, और यह शहरवासियों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
    3. स्थानीयता में बाधा – टोलनाका का मीरा-भाईंदर सीमा के भीतर होना, विस्तारित शहर यातायात का कारण बन रहा है।

    स्थानांतरण की योजना और कार्यवाही

    • उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बैठक के तुरंत बाद महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडळ को आदेश दिए हैं कि प्रस्ताव को राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के पास भेजें, ताकि यह प्रस्ताव केंद्रीय वाहतुक मंत्रालय से स्वीकृत हो सके।
    • एक बार मंजूरी मिलते ही, एक से डेढ़ महीने के भीतर टोलनाका को वर्सोवा नर्सरी समीप स्थापित कर दिया जाएगा – यानी दिवाली से पहले यह कार्य पूरा हो सकता है।
    • मंत्री सरनाईक ने आश्वस्त किया कि इससे मीरा-भाईंदर क्षेत्र के नागरिकों को शिवसेना की ओर से टोलमुक्त यात्रा की सुविधा मिलेगी, और साथ ही मुंबई की ओर आवाजाही में वाहतुकी का दबाव कम होगा

    लाभ: प्रतिष्ठान से लेकर वापसी तक सबका फायदा

    • समय की बचत – प्रति यात्रा में 30–60 मिनट की कटौती।
    • ईंधन की बचत – हर दिन लाखों लीटर बच सके हैं।
    • प्रदूषण में कमी – कम जामिंग, कम इंजन आइडलिंग, बेहतर वायु गुणवत्ता।
    • सामाजिक लाभ – मीरा-भाईंदर के कामकाजी लोगों को मुंबई में समय पर पहुंचना सुविधाजनक।
    • राजनीतिक सकारात्मकता – शिवसेना की ओर से क्षेत्रीय नागरिकों के हित में कदम उठाना।

    दहिसर टोलनाका की वर्सोवा नर्सरी के पास स्थानांतरण की यह पहल सिर्फ अव्यवस्था को नहीं सुधार रही, बल्कि एक व्यापक व्यवस्थित और दीर्घकालिक सुविधा की ओर संकेत कर रही है। समय, पैसा, ऊर्जा और पर्यावरण बचाने के साथ-साथ यह कदम शिवसेना और राज्य सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत करेगा। दिवाली से पहले होने वाला यह शिफ्ट यूरोपी रोड की तरह मुंबई-मीरा रोड मार्ग पर एक नए युग की शुरुआत माना जा सकता है।

  • Mumbai: रिक्शा चालक के घर को लगा दी आग

    Mumbai: रिक्शा चालक के घर को लगा दी आग

    मुंबई के विक्रोली में बैनर विरोध करने वाले रिक्शा चालक के घर अज्ञात लोगों ने आग लगाई। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस जांच में जुटी।

    मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई के विक्रोली इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार तड़के कुछ अज्ञात लोगों ने एक रिक्शा चालक के घर को आग लगा दी। वजह बनी इलाके में अनधिकृत रूप से लगाए गए बैनरों का विरोध। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और परिवार ने समय रहते आग पर काबू पा लिया।

    घटना कहाँ और कब हुई?

    यह घटना मंगलवार सुबह करीब 4 बजे विक्रोली के पार्कसाइट इलाके के वर्षानगर में हुई। इलाके में स्थित एक चौराहे पर एक महापुरुष के सम्मान में लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन हाल के दिनों में कुछ लोगों ने इस बोर्ड पर बिना अनुमति के त्योहारी बैनर लगाना शुरू कर दिया।

    रिक्शा चालक ने जताया विरोध

    स्थानीय रिक्शा चालक ने जब अवैध रूप से लगाए गए बैनरों को देखा, तो उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी और इन्हें हटाने की मांग की। इसी बीच, कुछ युवकों ने उसके साथ बहस शुरू कर दी। पुलिस के हस्तक्षेप से विवाद उस समय शांत हो गया।

    लेकिन विवाद खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद रिक्शा चालक के घर पर हमला हो गया।

    आगजनी की घटना

    सुबह लगभग चार बजे अज्ञात लोगों ने रिक्शा चालक के घर में आग लगाने की कोशिश की। घर में मौजूद परिवार के सदस्यों ने किसी तरह आग बुझाई और बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।

    पुलिस में शिकायत दर्ज

    रिक्शा चालक ने तुरंत पार्कसाइट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों की मदद से पूरे मामले की जांच कर रही है।

    बैनर विवाद की पृष्ठभूमि

    कुछ साल पहले इस इलाके में एक चौराहे का नाम एक महापुरुष के नाम पर रखा गया था। सम्मान के तौर पर वहाँ लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन धीरे-धीरे यह बोर्ड त्योहारों और आयोजनों के लिए बैनर लगाने का स्थान बन गया।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध बैनरों से जगह की सुंदरता बिगड़ती है और कई बार यह सड़क पर बाधा भी बनते हैं। इसी के खिलाफ रिक्शा चालक ने आवाज उठाई थी।

    नागरिकों की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद इलाके के लोगों में गुस्सा और नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में अवैध बैनरबाजी एक गंभीर समस्या है। यदि कोई नागरिक इसके खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ता है।

    एक निवासी ने कहा – “यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है। बैनरबाजी पूरे शहर की समस्या है। प्रशासन को कड़ा कदम उठाना चाहिए।”

    पुलिस की कार्रवाई

    पार्कसाइट पुलिस स्टेशन ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू हो चुकी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

    मुंबई में अवैध बैनरबाजी की समस्या

    मुंबई में हर त्यौहार, राजनीतिक कार्यक्रम या सामाजिक आयोजन के दौरान अवैध बैनर और पोस्टर लगाए जाते हैं। नगर निगम और पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कड़ी सजा का प्रावधान नहीं होगा, तब तक अवैध बैनरबाजी और इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है।

    विक्रोली में हुई यह घटना सिर्फ एक आगजनी का मामला नहीं है, बल्कि यह नागरिक अधिकारों और कानून व्यवस्था से जुड़ा सवाल भी है। सवाल यह है कि आखिर कोई व्यक्ति शहर में अवैध कामों के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे सुरक्षा कौन देगा?

    फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।