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Malad Bhati Koliwada की Fishing Boat Sea Princess में deep sea fishing के दौरान stove या gas blast से भीषण आग लग गई। हादसे में एक खलाशी घायल हुआ और करीब 40 लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।
मुंबई: मालाड इलाके से एक बड़ी खबर सामने आई है। भाटी कोळीवाड़ा के मछुआरों की Bhati Machhimar Sarvodaya Sahakari Society की महिला सदस्य Reshma Mozes Dhake की Sea Princess नाम की Fishing Boat में उस समय आग लग गई जब नाव गहरे समुद्र में Deep Sea Fishing कर रही थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नाव में मौजूद stove या gas blast होने से अचानक आग भड़क गई।
गैस या स्टोव ब्लास्ट से लगी आग
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक नाव पर खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले stove या gas cylinder से अचानक भड़का उठने के बाद आग तेजी से फैल गई। समुद्र के बीचों-बीच आग लगने से नाव पर मौजूद मछुआरों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि बाकी खलाशी किसी तरह सुरक्षित रहे।
एक खलाशी घायल, शताब्दी अस्पताल में भर्ती
इस हादसे में नाव पर काम कर रहे एक खलाशी के दोनों पैरों और एक हाथ में चोट आई है। उसे तुरंत किनारे लाकर Kandivali के Shatabdi Hospital में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
इस आग में नाव मालिक Reshma Dhake को लगभग 40 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। मछली पकड़ने के उपकरण और नाव का बड़ा हिस्सा आग में जलकर खराब हो गया।
मुख्यमंत्री सहायता निधि से मदद की मांग
हादसे के बाद Maharashtra Machhimar Kruti Samiti ने राज्य सरकार से मांग की है कि नाव मालिक Reshma Dhake को हुए भारी आर्थिक नुकसान को देखते हुए Chief Minister Relief Fund (CM Relief Fund) से आर्थिक मदद दी जाए।
FAQ
1. मालाड में Fishing Boat Fire कहां हुई?
यह हादसा मुंबई के Malad के Bhati Koliwada इलाके से समुद्र में मछली पकड़ने गई नाव पर हुआ।
2. किस नाव में आग लगी?
Sea Princess नाम की Fishing Boat में आग लगी, जो Reshma Mozes Dhake की है।
3. आग लगने की वजह क्या बताई जा रही है?
शुरुआती जानकारी के अनुसार stove या gas blast की वजह से आग लगी।
4. हादसे में कितने लोग घायल हुए?
इस हादसे में एक खलाशी घायल हुआ है, जिसके दोनों पैरों और एक हाथ में चोट आई है।
5. घायल खलाशी का इलाज कहां चल रहा है?
उसे Kandivali के Shatabdi Hospital में भर्ती कराया गया है।
Mumbai News: Malad West में बनने वाले bridge और elevated road project के ₹1,666 करोड़ के BMC tender पर विवाद खड़ा हो गया है। ROFR clause के जरिए J Kumar-RPS को कॉन्ट्रैक्ट मिलने पर fairness और competitive bidding पर सवाल उठे हैं। जानिए पूरा मामला।
मुंबई:Malad West bridge project और elevated road project को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। करीब ₹1,666 करोड़ के BMC tender पर अब पारदर्शिता और competitive bidding को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह कॉन्ट्रैक्ट J Kumar–RPS joint venture को मिलने जा रहा है, जिसने Right of First Refusal (ROFR) clause का इस्तेमाल कर सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी की कीमत को मैच कर दिया।
Malad West Bridge Project पर क्यों उठे सवाल
मुंबई के Malad West infrastructure project के लिए Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने जो tender जारी किया था, अब उसकी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि bidding process पूरी तरह से fair और transparent नहीं रही।
यह project bridge और elevated road के निर्माण से जुड़ा है, जिसकी कुल लागत ₹1,666 करोड़ बताई जा रही है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य इलाके में traffic congestion कम करना और connectivity बेहतर बनाना है।
ROFR Clause से J Kumar-RPS को मिला फायदा
जब financial bids खोले गए तो Larsen & Toubro (L&T) सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी निकली। उसने ₹1,666 करोड़ की बोली लगाई, जो BMC के अनुमान से करीब 1.8% ज्यादा थी।
लेकिन tender में मौजूद Right of First Refusal (ROFR) clause के कारण J Kumar-RPS joint venture को प्राथमिकता दी गई। इस clause के तहत कंपनी को मौका दिया गया कि वह किसी तीसरी कंपनी की सबसे कम बोली को match कर सके।
J Kumar-RPS ने L&T की कीमत को match कर दिया और इसी वजह से अब contract उन्हें दिए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
2024 का पहला Tender क्यों रद्द हुआ
इस project के लिए BMC ने पहली बार October 2024 में ₹1,928 करोड़ का tender जारी किया था।
लेकिन July 2025 में यह tender bids खोले जाने से पहले ही रद्द कर दिया गया। उस समय MLA Aslam Shaikh ने एक पत्र लिखकर tender में cartelisation और bid rigging का आरोप लगाया था।
इसी वजह से BMC ने पूरा tender process रोक दिया और नया tender जारी करने का फैसला किया।
नया Tender और बढ़ा Project Scope
इसके बाद September 2025 में नया tender जारी किया गया, जिसमें project का scope बढ़ा दिया गया।
Revised estimated cost: ₹2,250 करोड़
Model: Design and Build
Special clause: J Kumar-RPS के पक्ष में ROFR clause
यह बदलाव भी विवाद की वजह बन गया, क्योंकि इससे bidding process में preferential advantage मिलने का आरोप लगा।
BMC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ROFR clause देने का कारण एक पुराना financial claim था।
दरअसल, J Kumar कंपनी ने ₹350 करोड़ का claim किया था, जो उन्होंने एक दूसरे project के लिए mobilization और preliminary work में खर्च होने का दावा किया था।
यह project था Eastern Freeway (Orange Gate) से Grant Road elevated road project, जिसे पहले J Kumar को दिया गया था लेकिन बाद में BMC ने इसे रद्द कर दिया।
अधिकारी के मुताबिक अगर ROFR नहीं दिया जाता तो मामला arbitration में चला जाता और BMC को बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती।
Claim Verification पर भी उठे सवाल
कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि J Kumar के ₹350 करोड़ के claim की ठीक से verification नहीं की गई।
आलोचकों का कहना है कि बिना सही जांच के ROFR देना competitive bidding process को प्रभावित कर सकता है।
Cost Estimate पर भी बनी बहस
दिलचस्प बात यह है कि project का revised estimate ₹2,250 करोड़ था, लेकिन सबसे कम बोली ₹1,666 करोड़ ही आई।
इससे यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या project cost estimate ज्यादा रखा गया था।
MLA Aslam Shaikh के पत्र के अनुसार, पहले tender में भी सबसे कम बोली अनुमानित लागत से 13.6% कम थी।
Engineering Contracts में कम बोली कैसे संभव
BMC अधिकारियों का कहना है कि Engineering, Procurement and Construction (EPC) contracts में कम बोली आना सामान्य बात है।
इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे:
बेहतर design planning
economies of scale
contractor की internal cost efficiency
इसी वजह से कई बार contractors अनुमानित लागत से कम कीमत में भी project पूरा करने की पेशकश कर देते हैं।
Tender Cancel होने पर भी उठे सवाल
एक private company के अधिकारी, जो BMC के साथ काम करती है, ने कहा कि पहला tender बिना स्पष्ट कारण बताए रद्द कर दिया गया था।
हालांकि BMC अधिकारियों ने सफाई दी कि tender administrative reasons से रद्द किया गया था, जिसमें project scope बढ़ाने की जरूरत भी शामिल थी।
दूसरी Tender प्रक्रिया में कौन-कौन कंपनियां थीं
दूसरे tender में चार कंपनियां technical bid round तक पहुंची थीं
Larsen & Toubro (L&T)
J Kumar-RPS
Ashoka Buildcon
NCC Ltd
लेकिन L&T को छोड़कर बाकी सभी कंपनियों की बोली BMC के अनुमान से ज्यादा थी।
FAQ
1. Malad West bridge project की लागत कितनी है?
इस project की सबसे कम बोली ₹1,666 करोड़ की आई है, जो L&T ने लगाई थी।
2. ROFR Clause क्या होता है?
Right of First Refusal (ROFR) एक clause होता है जिसमें किसी कंपनी को यह अधिकार मिलता है कि वह किसी अन्य bidder की सबसे कम कीमत को match करके contract हासिल कर सकती है।
3. पहला BMC tender क्यों रद्द हुआ था?
MLA Aslam Shaikh ने tender में cartelisation और bid rigging के आरोप लगाए थे, जिसके बाद BMC ने tender रद्द कर दिया।
4. J Kumar कंपनी को ROFR क्यों दिया गया?
BMC के अनुसार कंपनी ने ₹350 करोड़ का claim किया था, जो पहले रद्द हुए elevated road project से जुड़ा था। arbitration से बचने के लिए ROFR दिया गया।
5. दूसरे tender में किन कंपनियों ने भाग लिया था?
L&T, J Kumar-RPS, Ashoka Buildcon और NCC Ltd technical round में qualified हुई थीं।
Mumbai में प्रस्तावित Versova–Bhayander Coastal Road Project के खिलाफ Kandivali के Turzon Point पर नागरिकों ने ‘March for Mangroves’ निकाला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से करीब 45,000 mangroves नष्ट हो सकते हैं, जो शहर को बाढ़ से बचाने वाली प्राकृतिक ढाल हैं।
मुंबई:महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तावित Versova–Bhayander Coastal Road Project को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। Kandivali के Charkop इलाके में शुक्रवार (6 मार्च 2026) को बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक Turzon Point पर जुटे और “March for Mangroves” नाम से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस हाई-स्पीड कोस्टल कॉरिडोर के निर्माण से करीब 45,000 mangroves नष्ट हो सकते हैं, जो मुंबई के लिए Natural Flood Protection System की तरह काम करते हैं।
BMC का 26 किमी हाई-स्पीड कॉरिडोर प्लान
इस प्रोजेक्ट को Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) विकसित करना चाहती है। योजना के मुताबिक Versova से Bhayander तक 26 किलोमीटर लंबा Coastal Road Corridor बनाया जाएगा।
BMC का दावा है कि इस हाई-स्पीड सड़क से Versova-Bhayander का सफर 120 मिनट से घटकर सिर्फ 18 मिनट रह जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे Traffic Congestion कम होगा और Fuel Consumption भी घटेगा।
45,000 Mangroves कटने की आशंका
लेकिन पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट की कीमत 45,000 mangroves के विनाश के रूप में चुकानी पड़ेगी।
Mangroves को Mumbai की Natural Coastal Defence माना जाता है, जो समुद्री लहरों और बाढ़ के असर को कम करने में मदद करते हैं।
“यह सड़क कुछ अमीर कार मालिकों के लिए”
प्रदर्शन में शामिल Gaurang Vora ने कहा कि यह प्रोजेक्ट आम लोगों के हित में नहीं है।
उनका कहना था: “Mangroves are life. आखिर यह coastal road क्यों बनाई जा रही है? यह सिर्फ कुछ कार मालिकों के लिए है, जबकि इसका नुकसान लाखों लोगों को झेलना पड़ेगा।”
सरकार ने इस प्रोजेक्ट के बदले Compensatory Afforestation यानी दूसरे इलाकों में पेड़ लगाने की योजना पेश की है।
बताया गया है कि 1.3 लाख से ज्यादा पौधे Palghar और Chandrapur जैसे दूरदराज क्षेत्रों में लगाए जाएंगे।
लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि Inland Forest कभी भी Coastal Mangroves का विकल्प नहीं हो सकता।
गौरंग वोरा ने कहा: “आप यहां mangroves काटकर कहीं और पेड़ नहीं लगा सकते। Inland forest कभी भी Coastal Shield नहीं बन सकता।”
Mumbai में पहले ही घट चुके हैं Mangroves
विशेषज्ञों के मुताबिक 1970 से 2000 के शुरुआती वर्षों के बीच Mumbai अपने 40% से ज्यादा mangroves खो चुका है।
हालांकि Bombay High Court ने 2000 के दशक में कई आदेश देकर mangroves के संरक्षण को बढ़ावा दिया, लेकिन नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण फिर से इन जंगलों पर खतरा मंडराने लगा है।
Sea Level Rise और Flooding की चिंता
प्रदर्शन में शामिल पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कहा कि Mumbai में हर साल लगभग 4.5 mm Sea Level Rise दर्ज किया जा रहा है।
ऐसे में अगर mangroves खत्म होते हैं, तो शहर को भविष्य में और ज्यादा गंभीर Flooding का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने महसूस किए ‘Tremors’
प्रदर्शन में मौजूद Chandrakant Suvarna ने एक और गंभीर चिंता जताई।
उन्होंने बताया कि mangrove क्षेत्रों के पास रहने वाले लोगों को इमारतों में हल्के झटके (Tremors) महसूस हो रहे हैं।
उनका आरोप है कि यह Land Filling और Construction Activity के कारण हो सकता है, जिससे जमीन की स्थिरता प्रभावित हो रही है।
‘Builder Nexus’ के आरोप
चंद्रकांत सुवर्णा ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में Builder-Nexus काम कर रहा है।
उनका कहना था कि “अधिकारियों को लोगों की चिंता नहीं है। उन्हें सिर्फ पैसा और प्रोजेक्ट दिखाई देता है।”
Turzon Point पर बनी मानव श्रृंखला
शाम ढलते-ढलते Turzon Point पर नागरिकों ने Human Chain बनाकर mangroves को बचाने का संदेश दिया।
यह विरोध सिर्फ पेड़ों के लिए नहीं, बल्कि मुंबई के भविष्य, सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन के लिए था।
लड़ाई अभी खत्म नहीं
“March for Mangroves” खत्म हो गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि Mangroves Protection Movement अभी शुरू हुआ है।
उनका सवाल है कि कुछ लोगों के 18 मिनट के सफर के लिए क्या लाखों लोगों की सुरक्षा से समझौता किया जा सकता है?
Mumbai के Kandivali East स्थित Lokhandwala Complex में Anti-Hawker Drive के दौरान BMC कर्मचारियों पर हमला हुआ। Samta Nagar Police ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी और जातिवाद की राजनीति को लेकर विवाद बढ़ गया है।
मुंबई:Kandivali East स्थित Lokhandwala Complex Kandivali इलाके में फेरीवालों के अवैध कब्जे को हटाने पहुंचे Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के कर्मचारियों पर हमला होने के बाद मामला अब सियासी रंग लेता जा रहा है।
घटना के बाद Mumbai Police की Samta Nagar Police Station टीम ने कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद जहां एक तरफ अवैध फेरीवालों पर कार्रवाई की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक बयानबाजी और जातिवाद की राजनीति को लेकर विवाद बढ़ गया है।
Anti-Hawker Drive के दौरान हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक कांदिवली (पूर्व) के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स इलाके में BMC के R/South विभाग की टीम अवैध फेरीवालों को हटाने के लिए Anti-Hawker Drive चला रही थी।
इसी दौरान कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ लोगों का एक समूह अचानक भड़क गया और उन्होंने BMC अधिकारियों का पीछा करते हुए उन पर हमला कर दिया।
इस घटना के बाद स्थानीय विधायक Atul Bhatkhalkar ने अपने बयान में कहा कि हमला करने वाले फेरीवाले बांग्लादेशी मुस्लिम हो सकते हैं और उनकी पहचान कर उन्हें मुंबई से बाहर निकाला जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ हमलावर अन्य क्षेत्रों से बुलाए गए थे, जिनकी जांच कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी निकले भारतीय नागरिक
हालांकि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सामने आने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि गिरफ्तार किए गए फेरीवाले हिंदू हैं और भारतीय नागरिक हैं।
इसके बाद सवाल उठने लगे कि बांग्लादेशी और मुस्लिम का मुद्दा क्यों उठाया गया।
Mumbai के Kandivali इलाके में Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। Lokhandwala Circle के पास हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। Samta Nagar Police मामले की जांच कर रही है।
मुंबई: शहर में Illegal Hawkers के खिलाफ चलाए जा रहे Anti-Encroachment Drive के दौरान बड़ा बवाल हो गया। Kandivali इलाके में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया।
इस मामले में Mumbai Policeने कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से Viral Video के रूप में फैल रहा है।
Lokhandwala Circle के पास चल रहा था Anti-Hawker Drive
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात Kandivali के Lokhandwala Circle इलाके में BMC की टीम अवैध फेरीवालों के खिलाफ Anti-Hawker Drive चला रही थी।
इस दौरान अधिकारियों की टीम Illegal Street Vendors को हटाने और Encroachment हटाने की कार्रवाई कर रही थी।
भीड़ ने अधिकारियों का पीछा कर किया हमला
पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों का एक समूह अचानक भड़क गया और उन्होंने BMC अधिकारियों का पीछा करते हुए उन पर हमला कर दिया।
इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अधिकारियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से हटना पड़ा।
Earthmover के ड्राइवर के साथ भी मारपीट
पुलिस ने बताया कि Anti-Encroachment Operation में इस्तेमाल किए जा रहे Earthmover Machine के ड्राइवर को भी भीड़ ने नहीं छोड़ा।
आरोप है कि भीड़ ने ड्राइवर के साथ भी मारपीट की, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई।
Mumbai के Borivali स्थित HCG Hospital पर मृत मरीज का शव देने से इनकार करने का आरोप लगा है। परिवार का दावा है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने करीब 6 घंटे तक शव रोके रखा, जबकि ₹5 लाख का Mediclaim पहले ही मंजूर था।
मुंबई: बोरीवली पश्चिम के एक Hospital Billing Controversy ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। HCG Hospital पर आरोप लगा है कि उसने मृत मरीज का शव परिवार को देने से इनकार कर दिया, क्योंकि अस्पताल का कुछ बिल बाकी था।
यह घटना I.C. Colony, Borivali स्थित अस्पताल में बताई जा रही है। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति Mumbai Police से मदद की अपील करता नजर आ रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बताया जा रहा है कि यह वीडियो Vinod Pal नाम के सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया है।
वीडियो में एक व्यक्ति दावा करता दिखाई दे रहा है कि अस्पताल ने बकाया मेडिकल बिल के कारण मृत मरीज का शव करीब 6 घंटे तक रोके रखा और परिवार को तुरंत भुगतान करने के लिए कहा।
₹5 लाख Mediclaim के बावजूद मांगे गए अतिरिक्त पैसे
वीडियो में व्यक्ति का आरोप है कि मरीज के इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था।
लेकिन मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मौत की वजह बताने की बजाय बकाया भुगतान के बारे में पूछना शुरू कर दिया।
परिवार का दावा है कि अस्पताल ने लगभग ₹1 से ₹2 लाख की अतिरिक्त रकम की मांग की और जब परिवार तुरंत भुगतान नहीं कर पाया तो शव देने से इनकार कर दिया।
“Dead Body Held Hostage” का आरोप
वीडियो में व्यक्ति ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने मृत शरीर को ‘Hostage’ की तरह रोककर रखा है।
परिवार का कहना है कि यह व्यवहार अमानवीय (Inhuman) है और अस्पताल को ऐसे संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
परिवार के मुताबिक जब अस्पताल ने शव देने से इनकार किया तो पुलिस को बुलाया गया।
हालांकि परिवार का आरोप है कि पुलिस ने भी पहले बकाया बिल चुकाने की सलाह दी।
लिखित गारंटी देने की भी पेशकश
परिवार ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन से कहा कि वे लिखित में गारंटी देने को तैयार हैं कि बाकी रकम बाद में चुका दी जाएगी।
उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि मृतक की मां को अंतिम संस्कार के लिए शव सौंप दिया जाए, लेकिन कथित तौर पर इस पर भी तुरंत सहमति नहीं बनी।
“कानून व्यवस्था का मामला नहीं” – पुलिस का जवाब
परिवार का दावा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि जब तक मामला कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बनता, वे हस्तक्षेप नहीं कर सकते।
व्यक्ति ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को अप्रत्यक्ष रूप से ज्यादा विवाद न करने की चेतावनी भी दी।
“अगर कार्रवाई नहीं हुई तो शव नहीं लेंगे”
वीडियो में व्यक्ति ने कहा कि अगर अधिकारियों ने एक घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की, तो परिवार शव लेने से ही इनकार कर देगा।
Mumbai Police ने मामले को आगे बढ़ाया
इस मामले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए Mumbai Police ने कहा कि शिकायत को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्पक्ष जांच की मांग
वीडियो पोस्ट करने वाले Vinod Pal ने पुलिस के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बकाया अस्पताल बिल के कारण मृत शरीर को रोकना बेहद गंभीर और अमानवीय मुद्दा है, इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार का सदस्य है या नहीं।
पुलिस मामले की तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है।
FAQ (People Also Ask)
1. मामला किस अस्पताल का है?
यह मामला Borivali के HCG Hospital से जुड़ा बताया जा रहा है।
2. परिवार का आरोप क्या है?
परिवार का आरोप है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने मृत मरीज का शव देने से इनकार कर दिया।
3. क्या Mediclaim पहले से मंजूर था?
हाँ, इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था।
4. पुलिस ने क्या कहा?
Mumbai Police ने बताया कि मामले को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है।
5. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कौन है?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार से जुड़ा है या नहीं।
Mumbai के Borivali में बड़ा Investment Scam सामने आया है। Goa के रहने वाले S Naik ने Abu Dhabi में Passenger Boat Contract के नाम पर Shipping Businessman से ₹1.48 करोड़ की ठगी की। Borivali Police ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।
मुंबई:Investment Fraud और Business Scam का एक बड़ा मामला सामने आया है। Borivali इलाके में रहने वाले एक Shipping Businessman को Passenger Boat Investment के नाम पर करीब ₹1.48 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया।
इस मामले में Mumbai Policeकी Borivali Police Station ने Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
Shipping Businessman को दिया गया Boat Investment का लालच
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता Tariq Pathan (40) Borivali में रहते हैं और Shipping Business से जुड़े हुए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि S Naik और Tariq Pathan एक-दूसरे को कई सालों से जानते थे, इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने यह ठगी की।
पुलिस के मुताबिक अक्टूबर 2025 में आरोपी S Naik ने Pathan के सामने एक बिजनेस प्रपोजल रखा।
उसने दावा किया कि वह Abu Dhabi में एक कंपनी के साथ Passenger Crew Boat Contract लेने वाला है और अगर इस प्रोजेक्ट में निवेश किया जाए तो भारी मुनाफा (High Return Investment) मिल सकता है।
भरोसा जीतकर पहले लिए ₹20 लाख
Naik की बातों पर भरोसा करते हुए Tariq Pathan ने शुरुआत में ₹20 लाख रुपये निवेश के तौर पर दिए।
पुलिस के अनुसार यह रकम एक कॉमन दोस्त की मौजूदगी में आरोपी को दी गई थी।
इसके बाद आरोपी ने Pathan से कहा कि Abu Dhabi की कंपनी के साथ Contract Secure करने और Capital बढ़ाने के लिए और पैसों की जरूरत है।
इस पर Pathan ने अतिरिक्त ₹3 लाख रुपये और दे दिए।
Pathan ने खुद भी दिलाया Contract
एफआईआर के मुताबिक Tariq Pathan ने अपने संपर्कों के जरिए Abu Dhabi की कंपनी से Contract भी हासिल कर लिया, क्योंकि उन्हें Naik की बातों पर भरोसा था कि जल्द ही Passenger Boat खरीदी जाएगी।
Boat नहीं खरीदी, उल्टा देना पड़ा 1.50 लाख डॉलर का जुर्माना
लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि Passenger Boat कभी खरीदी ही नहीं गई।
इस वजह से Contract पूरा नहीं हो सका और Abu Dhabi की कंपनी को Pathan को 1,50,000 US Dollar (लगभग करोड़ों रुपये) का Penalty देना पड़ा, ताकि उनकी कंपनी को Blacklist होने से बचाया जा सके।
अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 तक चलता रहा धोखा
पुलिस के अनुसार अक्टूबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच आरोपी Naik ने Pathan का भरोसा जीतकर Passenger Boat खरीदने के नाम पर कुल ₹23 लाख रुपये लिए।
लेकिन इस पूरे मामले में देरी, नुकसान और पेनल्टी सहित Pathan को लगभग ₹1.25 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ, जबकि कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ तक पहुंच गया।
पैसे वापस न मिलने पर पुलिस में शिकायत
जब Pathan ने आरोपी से कई बार पैसे वापस मांगे, तब भी Naik ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद Pathan ने Borivali Police Station में पिछले महीने शिकायत दर्ज कराई।
Borivali Police ने किया आरोपी को गिरफ्तार
पुलिस ने शिकायत की जांच और तथ्यों की पुष्टि के बाद Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है और मामले की Further Investigation जारी है।
FAQ
1. Boat Investment Scam क्या है?
इस मामले में आरोपी ने Passenger Boat Investment और Abu Dhabi Contract का झांसा देकर पैसे लिए और ठगी कर ली।
2. कुल कितने रुपये की ठगी हुई?
इस मामले में कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ रुपये तक बताया जा रहा है।
3. आरोपी कौन है?
आरोपी की पहचान Goa निवासी S Naik के रूप में हुई है।
4. शिकायत किसने दर्ज कराई?
Borivali के Shipping Businessman Tariq Pathan ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
5. केस की जांच कौन कर रहा है?
मामले की जांच Borivali Police Station की टीम कर रही है।
Mumbai के BMC R/South Ward 31 के Ekta Nagar इलाके में बिना बारिश के ही नाले और गटर ओवरफ्लो होने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने Corporator Manisha Yadav, Executive Engineer Amol Gavit और ठेकेदार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुंबई:Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के R South Ward के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर 31 में गटर और नालों की खराब हालत को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। Ekta Nagar इलाके में बिना बारिश के ही चेंबर टाइप गटर और नाले गंदे पानी और कीचड़ से भरकर ओवरफ्लो होने लगे हैं, जिससे इलाके में बदबू और गंदगी फैल रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह स्थिति स्थानीय नगरसेविका Manisha Yadav की अनदेखी और BMC अधिकारियों की लापरवाही के कारण पैदा हुई है।
बिना बारिश के ही गटर और नाले लबालब
एकता नगर के निवासियों के अनुसार इलाके में बिना बरसात के ही गटर और नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं।
चेंबर टाइप गटरों में कीचड़ मिला गंदा पानी ऊपर तक भर गया है, जिसके कारण सड़कों पर गंदगी फैल रही है और आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि अगर अभी यह हालत है, तो मॉनसून (Monsoon Season) में हालात और भी खराब हो सकते हैं।
“जुम्मा-जुम्मा 8 दिन में ही दिखा असली रंग” – स्थानीय लोग
इलाके में चर्चा है कि स्थानीय नगरसेविका Manisha Yadav को पद संभाले अभी सिर्फ कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन लोगों का आरोप है कि उन्होंने अभी से “तेरा-मेरा” की राजनीति शुरू कर दी है।
कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब वे समस्या लेकर उनके पास पहुंचे तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “आप लोगों ने मुझे वोट नहीं दिया, फिर मेरे पास शिकायत क्यों लेकर आते हैं?”
लोगों का कहना है कि इस तरह का रवैया लोकतांत्रिक भावना (Democratic Values) के बिल्कुल खिलाफ है।
Maintenance Department की जिम्मेदारी
जानकारी के मुताबिक वार्ड नंबर 31 के Ekta Nagar क्षेत्र की देखरेख की जिम्मेदारी BMC के Maintenance Department के पास है।
इस क्षेत्र की तकनीकी जवाबदेही Assistant Engineer Amol Gavit के पास बताई जाती है, जिन्हें Executive Engineer का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है।
लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि Amol Gavit अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में असफल साबित हो रहे हैं या फिर जानबूझकर लापरवाही कर रहे हैं।
इलाके में यह भी चर्चा है कि Executive Engineer Amol Gavit का ध्यान सिर्फ ठेकेदारों से मिलने वाले कमीशन पर है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार, इंजीनियर और नगरसेविका की मिलीभगत के कारण क्षेत्र की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि काम के नाम पर पैसा तो मिल रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं दिख रहा।
भ्रष्टाचार चरम पर होने का आरोप
एकता नगर में रहने वाले लोगों के बीच यह चर्चा तेज है कि Executive Engineer Amol Gavit, ठेकेदार और स्थानीय नगरसेविका Manisha Yadav की तिकड़ी का भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है।
लोगों का कहना है कि तीनों की आपसी सेटिंग के कारण इलाके की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
BMC के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की तैयारी
स्थानीय निवासियों ने अब इस मामले को लेकर BMC के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी शुरू कर दी है।
लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही गटर और नालों की सफाई नहीं हुई, तो वे इस मामले को उच्च स्तर तक उठाएंगे और कार्रवाई की मांग करेंगे।
FAQ (People Also Ask)
1. मामला किस इलाके का है?
यह मामला मुंबई के BMC R South Ward 31 के Ekta Nagar इलाके का बताया जा रहा है।
2. लोगों की मुख्य शिकायत क्या है?
स्थानीय लोगों के अनुसार बिना बारिश के ही गटर और नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं और इलाके में गंदगी फैल रही है।
3. आरोप किन पर लगाए गए हैं?
लोगों ने Corporator Manisha Yadav, Executive Engineer Amol Gavit और ठेकेदार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
4. BMC का कौन सा विभाग जिम्मेदार है?
इस क्षेत्र की देखरेख BMC Maintenance Department के पास बताई जा रही है।
5. अब आगे क्या होगा?
स्थानीय लोग BMC के उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Mumbai के Borivali में Fake KYC Update Scam का बड़ा मामला सामने आया है। Tata Power के नाम पर आए फोन कॉल और WhatsApp लिंक के जरिए 69 वर्षीय Senior Citizen के बैंक खाते से ₹9.75 लाख उड़ा लिए गए। Borivali Police और Cyber Cell मामले की जांच में जुटी है।
मुंबई:Online Fraud और KYC Scam का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Borivali इलाके में रहने वाले 69 वर्षीय Senior Citizen को Fake KYC Update के नाम पर ठग लिया गया। ठग ने खुद को Tata Power का अधिकारी बताकर पीड़ित को एक फर्जी लिंक भेजा और KYC अपडेट करने के बहाने उनके बैंक खाते से ₹9,75,955 निकाल लिए।
इस मामले में Mumbai Police के Borivali Police Station में केस दर्ज कर लिया गया है और Cyber Cell आरोपी की तलाश में जुट गई है।
फोन कॉल से शुरू हुआ पूरा Online Fraud
पुलिस के मुताबिक पीड़ित बुजुर्ग Borivali इलाके में अपने परिवार के साथ रहते हैं।
24 फरवरी को जब वह घर पर थे, तभी उन्हें एक अनजान नंबर से फोन कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को Tata Power Electricity का अधिकारी बताया और कहा कि उनका KYC Update Pending है, जिसे तुरंत पूरा करना जरूरी है।
WhatsApp पर भेजा गया Fake KYC Link
फोन कॉल के बाद आरोपी ने पीड़ित को WhatsApp पर एक लिंक भेजा और कहा कि उसी लिंक पर जाकर KYC Update Process पूरा करें।
क्योंकि बुजुर्ग को इस प्रक्रिया की ज्यादा जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने कॉलर के बताए अनुसार लिंक ओपन किया और अपनी Personal Details भर दीं।
₹10 UPI ट्रांजेक्शन के बहाने शुरू हुई ठगी
फर्जी वेबसाइट पर फॉर्म भरने के बाद पीड़ित से कहा गया कि KYC Verification के लिए ₹10 का UPI Payment करना होगा।
बुजुर्ग ने निर्देशों का पालन करते हुए ₹10 ट्रांसफर कर दिए। इसके कुछ ही समय बाद कॉलर ने फोन काट दिया।
दोस्त की चेतावनी के बाद डिलीट किया चैट
बाद में जब पीड़ित ने इस घटना के बारे में अपने एक दोस्त को बताया तो उसने उन्हें चेतावनी दी कि ऐसे लिंक अक्सर Cyber Fraud के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
इस बात से घबराकर पीड़ित ने WhatsApp चैट और लिंक दोनों डिलीट कर दिए।
Mumbai के Western Express Highway पर e-challan के विरोध में बसें खड़ी कर Traffic Block करने वाले 46 Bus Drivers और Cleaners को Vile Parle Police ने गिरफ्तार किया। इस Protest की वजह से Malad तक लंबा Traffic Jam लग गया।
मुंबई:Western Express Highway Traffic Jam को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। e-challan system और commercial vehicles पर लगने वाले टैक्स-टोल के विरोध में बस ड्राइवरों और क्लीनरों ने हाईवे पर गाड़ियां खड़ी कर दीं। इस वजह से Vile Parle से लेकर Malad तक भारी Traffic Jam लग गया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 Bus Drivers और Cleaners को गिरफ्तार कर लिया है।
WEH पर बसें खड़ी कर किया गया Protest
घटना Western Express Highway के Vile Parle East इलाके की है।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे लोगों ने Southbound Carriageway पर अपनी बसें और अन्य भारी वाहन खड़े कर दिए थे।
इस वजह से Andheri–Bandra stretch पर ट्रैफिक पूरी तरह रुक गया और कुछ ही देर में गाड़ियों की लंबी कतार Malad तक पहुंच गई।
बिना अनुमति के हाईवे पर प्रदर्शन
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी पूर्व अनुमति के हाईवे पर यह विरोध प्रदर्शन किया।
बसों को सड़क पर खड़ा कर दिया गया और कई ड्राइवर सड़क पर जमा होकर e-challan fines माफ करने और commercial vehicle taxes और toll charges कम करने की मांग करने लगे।
सुबह 9 बजे हुआ पूरा घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार यह घटना सुबह करीब 9 बजे हुई।
उस समय पुलिस अधिकारी मुंबई में होने वाली एक अहम यात्रा की तैयारी कर रहे थे। दरअसल, Prime Minister of Finland के शुक्रवार को मुंबई दौरे के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए पुलिस rehearsal arrangements और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर रही थी।
इसी दौरान Police Control Room को सूचना मिली कि लगभग 25 से 30 ड्राइवरों ने हाईवे पर बसें खड़ी कर दी हैं और रास्ता ब्लॉक कर दिया है।