Category: Maharashtra

Read the latest Maharashtra news, live updates and top stories from Mumbai, Pune, Nagpur, Nashik, Thane and across the state. Stay informed with coverage on politics, crime, government schemes, business, education, weather, infrastructure and major events, only on Indian FastTrack.

  • Malvani Miraroad MD Drug Racket का बड़ा खुलासा, 13 गिरफ्तार

    Malvani Miraroad MD Drug Racket का बड़ा खुलासा, 13 गिरफ्तार

    Malvani Miraroad MD Drug Racket का भंडाफोड़। 13 आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों का ड्रग्स, केमिकल और लैब सामग्री जब्त।

    Malvani Miraroad MD Drug Racket का बड़ा खुलासा

    मुंबई के मालाड पश्चिम स्थित मालवनी और ठाणे के मिरारोड इलाके से जुड़े एक बड़े MD ड्रग रैकेट का क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच यूनिट-4 की टीम ने कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में MD ड्रग, केमिकल और ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाली लैब सामग्री जब्त की है। इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मालाड़ पश्चिम के मालवनी, मिरारोड और गोराई इलाके में व्यावसायिक स्तर पर MD ड्रग तैयार करने का नेटवर्क चला रहे थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह पूरा सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क मुंबई और उसके आसपास के इलाकों तक फैला हुआ हो सकता है।

    मिरारोड से शुरू हुई जांच, फिर पहुंची मालवनी तक

    इसे भी पढ़े:- Disha Salian Case: Bombay HC ने Mumbai Police को लगाई फटकार, 5 साल बाद भी Final Report नहीं!

    महिला के फ्लैट से मिला करोड़ों का MD ड्रग

    Malvani Miraroad MD Drug Racket

    इस पूरे मामले की शुरुआत 4 अप्रैल 2026 को हुई। जब मिरारोड पूर्व के नयानगर इलाके में स्थित आदर्श बिल्डिंग के एक फ्लैट पर छापा मारकर पुलिस ने 1 किलो 324 ग्राम MD ड्रग बरामद किया।

    पुलिस के मुताबिक बैंक रोड स्थित रूम नंबर 202 में रहने वाली फिरदोस अरबाज कुरेशी के घर से यह ड्रग बरामद किया गया। जांच में सामने आया कि यह ड्रग उसके पति अरबाज वकील कुरेशी का था।

    बरामद MD ड्रग की कीमत करीब 2 करोड़ 66 लाख 17 हजार 280 रुपये बताई गई। इसके बाद नयानगर पुलिस स्टेशन में NDPS Act 1985 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच क्राइम ब्रांच यूनिट-4 को सौंप दी गई।

    Malvani Miraroad MD Drug Racket में 13 आरोपी गिरफ्तार

    Malvani Miraroad MD Drug Racket

    क्राइम ब्रांच की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इस नेटवर्क के कई ठिकानों का खुलासा होता गया। अब तक 2 महिला और 11 पुरुष आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    पुलिस के अनुसार इस पूरे रैकेट से अब तक कुल 6 किलो 773 ग्राम MD ड्रग बरामद किया गया है। वहीं जब्त किए गए माल की कुल कीमत करीब 13 करोड़ 65 लाख 45 हजार 95 रुपये तक पहुंच चुकी है।

    मालवनी बस डेपो के पास चल रही थी ड्रग लैब की तैयारी

    इसे भी पढ़े:- Kandivali Garbage Crisis: कचरे के ढेर से सड़क जाम, लोगों को रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी

    सामना नगर और आजमी नगर में छापेमारी

    जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि MD ड्रग तैयार करने के लिए मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में केमिकल और लैब सेटअप तैयार किया गया था।

    Malvani Miraroad MD Drug Racket

    इसके बाद क्राइम ब्रांच ने मालवनी बस डेपो के पास सामना नगर के पीछे स्थित मैदान, आजमी नगर मालवनी और मनोरी-गोराई इलाके में छापेमारी की। यहां से बड़ी मात्रा में केमिकल और ड्रग बनाने की सामग्री बरामद की गई।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी अलग-अलग जगहों पर केमिकल स्टोर कर ड्रग लैब तैयार करने की कोशिश कर रहे थे ताकि बड़े स्तर पर सिंथेटिक ड्रग तैयार किया जा सके।

    इसे भी पढ़े:- Kandivali ESIS Hospital में Blackmail: महिला कर्मचारी पर सहकर्मी से पैसे मांगने और झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप

    कौन-कौन से खतरनाक केमिकल और उपकरण मिले?

    जांच में पुलिस ने कई खतरनाक रसायन बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल MD ड्रग बनाने में किया जाता है। इनमें शामिल हैं:

    • Sodium Hydroxide Pellets
    • Hydrochloric Acid
    • Acetone
    • Dichloromethane
    • Methylamine
    • Chloroform

    इसके अलावा पुलिस ने लैब में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए हैं:

    • Heating Dryer
    • Separation Flask
    • Heating Mantle Recovery Flask
    • Four Finger Clamp
    • Addition Pot
    • Buchner Funnel

    जांच एजेंसियों के मुताबिक यह पूरा सेटअप व्यावसायिक स्तर पर सिंथेटिक ड्रग तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

    मालवनी और गोराई इलाके में बढ़ाई गई निगरानी

    इस कार्रवाई के बाद मालवनी, गोराई और मिरारोड इलाके में पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है। क्राइम ब्रांच अब इस नेटवर्क के सप्लाई चैन, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और अन्य राज्यों से जुड़े कनेक्शन की जांच कर रही है।

    पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में MD ड्रग सप्लाई के लिए किया जा रहा था। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है।

    इसे भी पढ़े:- Malad West Bridge Project पर सवाल: ₹1,666 करोड़ के BMC Tender में ROFR Clause से उठा विवाद

    किन अधिकारियों और पुलिस टीम ने की कार्रवाई?

    यह पूरी कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त दत्तात्रय शिंदे, पुलिस उपायुक्त संदीप डोईफोडे और सहायक पुलिस आयुक्त मदन बल्लाळ के मार्गदर्शन में की गई।

    क्राइम ब्रांच यूनिट-4 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रमोद बड़ख, सहायक पुलिस निरीक्षक प्रशांत गांगुर्डे, दत्तात्रय सरक, सफी मनोहर तावरे, संतोष मदने, दिपाली जाधव, पुलिस हवलदार शिवाजी पाटील, रविंद्र भालेराव, विजय गायकवाड, प्रविणराज पवार, धनंजय चौधरी, हनुमंत सुर्यवंशी, समीर यादव, अश्विन पाटील, रविंद्र कांबळे, संदीप शेरमाळे, विकास राजपूत, सनी सुर्यवंशी और सचिन चौधरी ने इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई।

    इसके अलावा साइबर सेल की टीम ने भी तकनीकी जांच और नेटवर्क ट्रैकिंग में महत्वपूर्ण मदद की।

    इसे भी पढ़े:- Mumbai BMC Ward 31 Controversy: गटर ओवरफ्लो पर भड़के लोग, नगरसेविका Manisha Yadav और इंजीनियर पर भ्रष्टाचार के आरोप

    NDPS Act के तहत दर्ज किया गया मामला

    इस मामले में आरोपियों पर NDPS Act 1985 की धारा 8(c), 21(c), 22(c) और 29 के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं मादक पदार्थों के निर्माण, तस्करी और आपराधिक साजिश से जुड़ी मानी जाती हैं।

    संबंधित आधिकारिक वेबसाइट लिंक

    FAQ

    मालवनी-मिरारोड MD ड्रग रैकेट में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?

    अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 2 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं।

    पुलिस ने कितनी मात्रा में MD ड्रग बरामद किया?

    पुलिस ने अब तक कुल 6 किलो 773 ग्राम MD ड्रग जब्त किया है।

    कार्रवाई किन इलाकों में हुई?

    मिरारोड, मालवनी, आजमी नगर, सामना नगर, मनोरी और गोराई इलाके में कार्रवाई की गई।

    कौन-कौन से केमिकल जब्त किए गए?

    Sodium Hydroxide, Hydrochloric Acid, Acetone, Methylamine और Chloroform समेत कई रसायन जब्त किए गए।

    मामले की जांच कौन कर रहा है?

    मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-4 इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

    Conclusion

    मुंबई के मालवनी और मिरारोड से जुड़े इस MD ड्रग रैकेट के खुलासे ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जिस तरह से अलग-अलग इलाकों में ड्रग बनाने की तैयारी चल रही थी, उससे साफ है कि आरोपी बड़े स्तर पर सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश में थे। फिलहाल क्राइम ब्रांच पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

  • Goregaon Mulund Link Road: मई आखिर तक खुलेगा फ्लाईओवर

    Goregaon Mulund Link Road: मई आखिर तक खुलेगा फ्लाईओवर

    Goregaon Mulund Link Road का 1.2 किमी फ्लाईओवर मई आखिर तक खुलेगा। जानें GMLR टनल, ट्रैफिक राहत और ताजा अपडेट।

    गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड का बड़ा अपडेट, मॉनसून से पहले खुलेगा फ्लाईओवर

    मुंबई के लाखों वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से चर्चा में चल रहे गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (Goregaon Mulund Link Road) प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा अब लगभग तैयार हो चुका है। दिंडोशी कोर्ट से फिल्म सिटी तक बनने वाला 1.2 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर मई के आखिर तक ट्रैफिक के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है। मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने मॉनसून शुरू होने से पहले इस प्रोजेक्ट के पहले चरण को शुरू करने का लक्ष्य रखा है।

    मुंबई के पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों को जोड़ने वाला यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आने वाले समय में ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकता है। खासकर वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर रोज लगने वाले भारी जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    क्या है Goregaon Mulund Link Road प्रोजेक्ट?

    गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड यानी GMLR करीब 12.2 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर प्रोजेक्ट है। इसे मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच सीधा और तेज कनेक्शन देने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट में फ्लाईओवर, ट्विन टनल, इंटरचेंज और अंडरपास शामिल हैं।

    इसे भी पढ़े:- Mumbai School Row: बालों की लंबाई पर परीक्षा से रोके गए छात्र, Video Viral

    यह प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद गोरेगांव, मुलुंड, नाहुर, फिल्म सिटी और पूर्वी उपनगरों के बीच सफर पहले के मुकाबले काफी आसान और तेज हो जाएगा। फिलहाल मुंबई में पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी के लिए मुख्य रूप से सांताक्रूज-चेंबूर लिंक रोड (SCLR), अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड (AGLR) और जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (JVLR) पर ही दबाव रहता है। इसी बढ़ते ट्रैफिक को कम करने के लिए GMLR को विकसित किया जा रहा है।

    दिंडोशी कोर्ट से फिल्म सिटी तक फ्लाईओवर तैयार

    Goregaon Mulund Link Road
    Goregaon Mulund Link Road project file photo

    प्रोजेक्ट के पहले चरण में गोरेगांव की तरफ बनने वाला फ्लाईओवर लगभग पूरा हो चुका है। यह फ्लाईओवर दिंडोशी कोर्ट के पास से शुरू होकर फिल्म सिटी तक जाएगा। इसकी लंबाई करीब 1.2 से 1.3 किलोमीटर बताई जा रही है।

    इसे भी पढ़े:- Godman Culture पर शिवसेना (UBT) का हमला, ‘Maharashtra की Progressive Identity खतरे में’

    फिलहाल यहां डामर बिछाने, रोड मार्किंग, ट्रैफिक सिग्नल लगाने, पेंटिंग और साइनबोर्ड लगाने का काम तेजी से जारी है। बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक अगर मौसम ने साथ दिया तो मई के आखिर तक या जून के पहले सप्ताह में इसे ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा।

    इस फ्लाईओवर में कुल छह लेन बनाई गई हैं ताकि भारी ट्रैफिक को आसानी से संभाला जा सके। इसके अलावा दोनों तरफ डेक स्लैब और पैदल यात्रियों के लिए अलग रास्ते भी तैयार किए जा रहे हैं।

    संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे बन रही ट्विन टनल

    Goregaon Mulund Link Road प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा और चुनौतीपूर्ण हिस्सा संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे बनने वाली ट्विन टनल है। इस टनल का निर्माण कार्य अभी जारी है और इसके 2027 तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

    इसे भी पढ़े:- BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026: 672 पदों पर भर्ती, ₹29,200 सैलरी — 2 अप्रैल तक करें ऑनलाइन आवेदन

    टनल पूरी होने के बाद वाहन चालक सीधे फ्लाईओवर से टनल में प्रवेश कर सकेंगे। इससे पूर्वी और पश्चिमी मुंबई के बीच सफर का समय काफी कम हो जाएगा। साथ ही ट्रैफिक सिग्नल और जाम से भी राहत मिलेगी।

    चार चरणों में तैयार हो रहा पूरा GMLR प्रोजेक्ट

    पहला चरण

    पहले चरण में दो बड़े फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। गोरेगांव की तरफ दिंडोशी कोर्ट से फिल्म सिटी तक फ्लाईओवर तैयार हो रहा है। वहीं मुलुंड की तरफ तांसा पाइपलाइन से नाहुर तक करीब 1.9 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जा रहा है।

    दूसरा चरण

    दूसरे चरण में संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे से गुजरने वाली ट्विन टनल का निर्माण किया जा रहा है। यह हिस्सा पूरे प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण भाग माना जा रहा है।

    तीसरा चरण

    तीसरे चरण में कुछ हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है ताकि भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को संभाला जा सके।

    चौथा चरण

    आखिरी चरण में मुलुंड के पास क्लोवरलीफ इंटरचेंज बनाया जाएगा। इसे ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ा जाएगा। साथ ही ऐरोली की तरफ जाने वाले मार्ग पर केबल-स्टेड ब्रिज भी तैयार किया जाएगा। गोरेगांव की तरफ वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर अंडरपास भी बनाया जाएगा ताकि यात्रा पूरी तरह सिग्नल-फ्री हो सके।

    इसे भी पढ़े:- Mumbai Scam: वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाले में 55 करोड़ की ठगी, कोल्हापुर का डेवलपर गिरफ्तार

    मुंबई ट्रैफिक पर कितना असर पड़ेगा?

    मुंबई में रोजाना लाखों लोग पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों के बीच यात्रा करते हैं। ऐसे में JVLR, WEH और अन्य लिंक रोड्स पर भारी ट्रैफिक दबाव देखने को मिलता है। लेकिन Goregaon Mulund Link Road शुरू होने के बाद ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा इस नए कॉरिडोर पर शिफ्ट होने की उम्मीद है।

    विशेषज्ञों के अनुसार इससे गोरेगांव, मुलुंड, कांदिवली, अंधेरी और घाटकोपर जैसे इलाकों में ट्रैफिक जाम कम हो सकता है। खासकर ऑफिस टाइम में यात्रा समय में बड़ी कमी आने की संभावना जताई जा रही है।

    कितनी लागत से बन रहा है यह प्रोजेक्ट?

    मुंबई के इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर करीब 14 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें पहले चरण के फ्लाईओवर पर ही लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत आई है।

    इसे भी पढ़े:- Malad Deep Sea Fire: मछली पकड़ने वाली ‘Sea Princess’ नाव में आग, एक खलाशी गंभीर रूप से जख्मी
    https://indian-fasttrack.com/malad-deep-sea-fire-fishing-boat-sea-princess/

    बीएमसी का लक्ष्य है कि पूरा Goregaon Mulund Link Road प्रोजेक्ट वर्ष 2028 तक तैयार कर लिया जाए।

    आधिकारिक और संबंधित वेबसाइट लिंक

    FAQ

    Goregaon Mulund Link Road कब शुरू होगा?

    दिंडोशी कोर्ट से फिल्म सिटी तक बनने वाला पहला फ्लाईओवर मई 2026 के आखिर तक शुरू होने की उम्मीद है।

    GMLR की कुल लंबाई कितनी है?

    यह पूरा प्रोजेक्ट करीब 12.2 किलोमीटर लंबा है।

    GMLR टनल कब तक पूरी होगी?

    संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे बनने वाली ट्विन टनल 2027 तक पूरी होने की संभावना है।

    इस प्रोजेक्ट से किसे फायदा होगा?

    गोरेगांव, मुलुंड, नाहुर, अंधेरी और पूर्वी-पश्चिमी उपनगरों के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों को फायदा मिलेगा।

    इस प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?

    पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 14,000 करोड़ रुपये बताई गई है।

    Conclusion

    गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड मुंबई के सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। दिंडोशी कोर्ट से फिल्म सिटी तक बनने वाला फ्लाईओवर शुरू होने के बाद मुंबई के ट्रैफिक नेटवर्क को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। आने वाले वर्षों में ट्विन टनल और बाकी हिस्सों के पूरा होने के बाद यह कॉरिडोर पूर्वी और पश्चिमी मुंबई के बीच सफर को पूरी तरह बदल सकता है।

  • Charkop Online Cricket Betting Racket का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार

    Charkop Online Cricket Betting Racket का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार

    Charkop Online Cricket Betting Racket मामले में मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कांदिवली वेस्ट से 3 आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल जब्त।

    Charkop Online Cricket Betting

    मुंबई के कांदिवली वेस्ट इलाके में सामने आए Charkop Online Cricket Betting Racket मामले ने एक बार फिर ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चारकोप पुलिस ने शेयर मार्केट ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट की आड़ में चल रहे कथित क्रिकेट बेटिंग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ गैंबलिंग एक्ट, 1887 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस डिजिटल सबूतों, लॉगिन आईडी और पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है।

    Charkop Online Cricket Betting Racket पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    इसे भी पढ़े:- Goregaon Concert Drug Case: MDMA का जाल गहराया, एक और हिरासत में — Mumbai में ड्रग नेटवर्क का बड़ा खुलासा!

    गुप्त सूचना मिलने के बाद चारकोप पुलिस ने मारा छापा

    Charkop Online Cricket Betting
    Charkop police Station

    पुलिस के अनुसार, Charkop Online Cricket Betting Racket को लेकर सूचना मिली थी कि कांदिवली वेस्ट के गणेश चौक इलाके में, स्टार नाइट बार के सामने कुछ लोग मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चला रहे हैं।

    इसके बाद चारकोप पुलिस ने इलाके में जाल बिछाया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। जैसे ही आरोपियों की गतिविधियां सामने आईं, पुलिस ने मौके पर छापा मारकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    Cricket Betting मामले में कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?

    इसे भी पढ़े:- कांदिवली में चली गोली 45 वर्षीय व्यक्ति की हुई मौके पर मौत

    कांदिवली वेस्ट और मीरा रोड से जुड़े आरोपी पकड़े गए

    Charkop Online Cricket Betting Racket मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धैर्य दीपक छेड़ा (29), विनीत किशोर दोशी (24) और अनुभव देवदत्त नाईक (30) के रूप में हुई है।

    धैर्य और विनीत कांदिवली वेस्ट के निवासी बताए जा रहे हैं, जबकि अनुभव मीरा रोड ईस्ट में रहता है और शेयर मार्केटिंग से जुड़ा काम करता है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट के जरिए लोगों को ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ रहे थे।

    Online Cricket Betting में जब्त हुए मोबाइल

    इसे भी पढ़े:- दहिसर में ऑर्केस्ट्रा बार से उगाही, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

    फॉरेंसिक जांच में खुल सकते हैं बड़े राज

    चारकोप पुलिस ने Charkop Online Cricket Betting Racket की कार्रवाई के दौरान चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन मोबाइल डिवाइसेज को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

    इसके अलावा पुलिस लॉगिन आईडी, बैंक ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन पेमेंट हिस्ट्री और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।

    Online Cricket Betting और फर्जी ट्रेडिंग ऐप का बढ़ता नेटवर्क

    इसे भी पढ़े:- मालाड में एक्टिवा चोर गिरफ्तार, 5 स्कूटर बरामद; 4 चोरी के मामले सुलझे

    क्रिकेट सीजन में तेजी से सक्रिय होते हैं ऑनलाइन सट्टेबाज

    मुंबई में आईपीएल और बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट्स के दौरान Charkop Online Cricket Betting Racket जैसे नेटवर्क तेजी से सक्रिय हो जाते हैं। कई बार आरोपी शेयर मार्केट ट्रेडिंग, गेमिंग या इन्वेस्टमेंट ऐप का इस्तेमाल करके लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।

    जांच एजेंसियों के मुताबिक, ऐसे मामलों में डिजिटल पेमेंट और फर्जी ऑनलाइन अकाउंट्स का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि अब साइबर सेल और लोकल पुलिस तकनीकी जांच पर ज्यादा फोकस कर रही है।

    Online Cricket Betting में किस कानून के तहत केस दर्ज हुआ?

    चारकोप पुलिस ने Charkop Online Cricket Betting Racket मामले में आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ गैंबलिंग एक्ट, 1887 के तहत मामला दर्ज किया है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी कब से इस नेटवर्क को चला रहे थे और इसमें कितने लोगों का पैसा लगा हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

    ऑनलाइन बेटिंग शिकायत के लिए जरूरी वेबसाइट

    FAQ

    Charkop Online Cricket Betting Racket क्या है?

    यह मुंबई के कांदिवली वेस्ट में सामने आया ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी का मामला है, जिसमें ट्रेडिंग ऐप की आड़ में बेटिंग चलाने का आरोप है।

    Charkop Online Cricket Betting Racket में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?

    इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    पुलिस ने क्या-क्या जब्त किया?

    पुलिस ने चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।

    मामला किस इलाके का है?

    यह मामला कांदिवली वेस्ट के गणेश चौक इलाके का है।

    Charkop Online Cricket Betting Racket मामले में कौन सा कानून लगाया गया?

    आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ गैंबलिंग एक्ट, 1887 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    Conclusion

    मुंबई में सामने आया Charkop Online Cricket Betting Racket मामला दिखाता है कि अब ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क नए तरीकों से लोगों तक पहुंच रहे हैं। ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट की आड़ में चल रहे ऐसे नेटवर्क पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। फिलहाल चारकोप पुलिस डिजिटल सबूतों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

  • Marine Drive Hit-and-Run: आरोपी फरार, पुलिस अलर्ट

    Marine Drive Hit-and-Run: आरोपी फरार, पुलिस अलर्ट

    मुंबई के Marine Drive हिट-एंड-रन केस में 55 वर्षीय कारोबारी की मौत, CCTV से आरोपी की पहचान, लेकिन मलाड निवासी आरोपी अब भी फरार।

    Marine Drive Hit-and-Run: CCTV से आरोपी की पहचान, लेकिन अब भी फरार

    मुंबई के Marine Drive इलाके में रविवार सुबह हुए दर्दनाक हिट-एंड-रन मामले में पुलिस ने आरोपी की पहचान तो कर ली है, लेकिन वह अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। इस हादसे में 55 वर्षीय टेक्सटाइल कारोबारी अश्विनी जैन की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी मलाड इलाके का रहने वाला है और उसकी तलाश लगातार जारी है।

    Marine Drive पर मॉर्निंग जॉगिंग के दौरान हुआ हादसा

    इसे भी पढ़े:- मुंबई हेल्थ बूस्ट! कांदिवली में 325 बेड का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल तेज रफ्तार से तैयार—30 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

    रोज की तरह जॉगिंग करने पहुंचे थे अश्विनी जैन

    अश्विनी जैन रविवार सुबह रोज की तरह Marine Drive पर जॉगिंग के लिए पहुंचे थे। परिवार के मुताबिक वह फिटनेस को लेकर काफी जागरूक थे और रोज सुबह वहां वॉक और जॉगिंग करने जाते थे।

    पुलिस जांच में सामने आया कि हादसे के समय Marine Drive पर चार से पांच कारें तेज रफ्तार में दौड़ रही थीं। इसी दौरान जब अश्विनी जैन ने बी डी सोमानी चौक के पास अपनी बाइक पार्क कर सड़क पार करने की कोशिश की, तभी तेज रफ्तार लाल रंग की कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

    CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस

    इसे भी पढ़े:- Breaking Mumbai: “Public Playground पर Wedding Hall! Andheri में 5 साल से चल रहा ‘Private Events’ का खेल, BMC पर सवाल”

    मलाड का रहने वाला बताया जा रहा आरोपी

    मुंबई पुलिस ने हादसे के बाद इलाके और आसपास के रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले। लगातार जांच के बाद मंगलवार सुबह पुलिस को आरोपी की कार का नंबर मिला। इसके आधार पर पुलिस आरोपी के मलाड स्थित घर तक पहुंची।

    हालांकि, जब पुलिस वहां पहुंची तो आरोपी घर पर मौजूद नहीं था। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारी मान रहे हैं कि आरोपी फरार हो चुका है।

    मौके पर मौजूद थे DCP शिवदीप लांडे

    Marine drive
    डी बी सोमानी चौक (घटना स्थल की तस्वीर)

    इसे भी पढ़े:- Mumbai Watermelon Case Update: “तरबूज नहीं, कुछ और था ज़हर?” — FDA रिपोर्ट ने पलटा केस, अब Poison Angle पर फोकस!

    घायल को टैक्सी से अस्पताल भेजने की कोशिश

    हादसे के समय वहां मौजूद लोगों ने बताया कि एक मजबूत कद-काठी वाला व्यक्ति तुरंत घायल की मदद के लिए आगे आया। उसने टैक्सी रोककर घायल अश्विनी जैन को अस्पताल भेजने की कोशिश की।

    बाद में उस व्यक्ति की पहचान शिवदीप लांडे के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि वह रविवार सुबह जॉगिंग के लिए निकले थे। तभी जोरदार आवाज सुनकर घटनास्थल की ओर दौड़े।

    उन्होंने कहा कि जब वह मौके पर पहुंचे, तब अश्विनी जैन काफी खून बहने के कारण गंभीर हालत में थे। इसी दौरान मरीन ड्राइव पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तुरंत जीटी अस्पताल ले जाया गया।

    GT Hospital में हुई मौत

    इसे भी पढ़े:- Mumbai Fake Baba Exposed: ‘Monty Baba’ का काला सच आया सामने, शराब-मांस और तंत्र से महिलाओं को बनाता था शिकार!

    ज्यादा खून बहने से नहीं बच सकी जान

    अश्विनी जैन को तुरंत GT Hospital ले जाया गया। लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक हादसे में गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौत हो गई।

    उनके बेटे मीरुल जैन ने बताया कि रविवार सुबह करीब 7 बजे परिवार को पुलिस का फोन आया। परिवार को पहले हादसे की जानकारी नहीं थी। अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें पूरी घटना का पता चला।

    परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

    इसे भी पढ़े:- Malad East में Gujarati Signboard पर बवाल! “Marathi क्यों नहीं?” Video Viral होते ही BMC और Police पर उठे सवाल

    “रेसिंग कर रही थीं कई गाड़ियां”

    परिवार के रिश्तेदार दिलीप जैन ने बताया कि पुलिस ने उन्हें शुरुआती जांच में बताया था कि कुछ लोग तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ियां चला रहे थे।

    उनके मुताबिक लाल रंग की कार काफी स्पीड में थी और टक्कर मारने के बाद मौके से भाग गई। हादसे के बाद अश्विनी जैन सड़क पर गंभीर हालत में पड़े रहे।

    Marine Drive पर फिर उठा सड़क सुरक्षा का मुद्दा

    इसे भी पढ़े:- सरकारी नौकरी का मौका! WBBPE में 13,000 से ज्यादा प्राइमरी टीचर पदों पर भर्ती शुरू

    तेज रफ्तार गाड़ियों पर सवाल

    Marine Drive मुंबई का सबसे व्यस्त और चर्चित इलाका माना जाता है। सुबह के समय यहां बड़ी संख्या में लोग जॉगिंग और वॉक के लिए आते हैं। इसके बावजूद तेज रफ्तार और रेसिंग जैसी घटनाओं की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

    इस हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा, स्पीड मॉनिटरिंग और मॉर्निंग पेट्रोलिंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    पुलिस जांच में क्या-क्या सामने आया?

    इसे भी पढ़े:- मुंबई मेट्रो लाइन-3: सांताक्रूज़ स्टेशन पर अंडरग्राउंड ट्रेन में टेक्निकल गड़बड़ी, यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

    CCTV और तकनीकी जांच बनी अहम कड़ी

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक:

    CCTV फुटेज से कार नंबर ट्रेस किया गया

    घटनास्थल और आसपास लगे कैमरों से आरोपी वाहन की पहचान हुई।

    आरोपी की लोकेशन मलाड में मिली

    कार के रजिस्ट्रेशन डिटेल के आधार पर पुलिस आरोपी के घर तक पहुंची।

    आरोपी फिलहाल फरार

    पुलिस को आशंका है कि आरोपी शहर छोड़ सकता है। इसलिए कई टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।

    सड़क हादसों पर मुंबई पुलिस की कार्रवाई

    इसे भी पढ़े:- मुंबई SRA बढ़ा कॉर्पस फंड: अब डेवलपर्स को प्रति फ्लैट देना होगा ₹1 से ₹3 लाख तक

    हिट-एंड-रन मामलों में सख्ती बढ़ी

    हाल के वर्षों में मुंबई में हिट-एंड-रन मामलों को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ाई है। कई मामलों में CCTV और तकनीकी सबूतों के जरिए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    मुंबई ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।
    Mumbai Traffic Police Official Website

    मुंबई पुलिस की आधिकारिक जानकारी यहां उपलब्ध है।
    Mumbai Police Official Website

    FAQ

    Marine Drive hit-and-run केस में किसकी मौत हुई?

    55 वर्षीय टेक्सटाइल कारोबारी अश्विनी जैन की इस हादसे में मौत हुई।

    आरोपी कहां का रहने वाला है?

    पुलिस के अनुसार आरोपी मुंबई के मलाड इलाके का निवासी है।

    आरोपी की पहचान कैसे हुई?

    पुलिस ने CCTV फुटेज और वाहन नंबर के जरिए आरोपी की पहचान की।

    हादसे के समय मौके पर कौन मौजूद था?

    मुंबई पुलिस के डीसीपी शिवदीप लांडे मौके पर मौजूद थे और उन्होंने घायल की मदद की।

    हादसा कहां हुआ था?

    यह हादसा Marine Drive के बी डी सोमानी चौक के पास हुआ।

    Conclusion

    मरीन ड्राइव हिट-एंड-रन मामला मुंबई में सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। एक फिटनेस प्रेमी कारोबारी की सुबह की जॉगिंग मौत में बदल गई, जबकि आरोपी अब भी फरार है। CCTV के जरिए आरोपी की पहचान हो चुकी है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी अब मुंबई पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। इस घटना ने तेज रफ्तार और सड़क पर लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग फिर तेज कर दी है।

  • मुंबई में सार्वजनिक शौचालय में BJP कार्यालय? बड़ा विवाद

    मुंबई में सार्वजनिक शौचालय में BJP कार्यालय? बड़ा विवाद

    मुंबई के बोरीवली में सार्वजनिक शौचालय की जगह BJP कार्यालय बनाने के आरोप पर उद्धव गुट ने उठाए सवाल, BMC जांच की मांग तेज।

    मुंबई के सार्वजनिक शौचालय में भाजपा कार्यालय का आरोप, बोरीवली से उठा बड़ा विवाद

    मुंबई: बोरीवली इलाके से एक चौंकाने वाला राजनीतिक और नागरिक सुविधा से जुड़ा मामला सामने आया है। उद्धव ठाकरे गुट के नेता अखिल चित्रे ने आरोप लगाया है कि नागरिकों के लिए बनाए गए सार्वजनिक शौचालय की जगह को भाजपा कार्यालय और चुनाव प्रचार सामग्री के गोदाम में बदल दिया गया है। इस मुद्दे को लेकर मुंबई की राजनीति फिर गर्म हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस आरोप ने बीएमसी प्रशासन और सत्ताधारी भाजपा दोनों को सवालों के घेरे में ला दिया है।

    बोरीवली के एक्सर गांव से उठा विवाद

    मुंबई में सार्वजनिक शौचालय में BJP कार्यालय? बड़ा विवाद
    उद्धव ठाकरे के साथ अखिल चित्रे की फाइल तस्वीर

    इसे भी पढ़े:- Mumbai Shocker: पुलिस कॉन्स्टेबल ने की आत्महत्या, रेलवे ब्रिज के नीचे मिला शव – जांच जारी

    सार्वजनिक शौचालय की जगह बना BJP कार्यालय?

    उद्धव ठाकरे गुट के नेता अखिल चित्रे ने दावा किया कि बोरीवली के एक्सर गांव इलाके में नागरिकों के लिए प्रस्तावित सार्वजनिक शौचालयों की जगह भाजपा का सुसज्जित कार्यालय बनाया गया है। इसके साथ ही वहां चुनाव प्रचार सामग्री का स्टोरेज भी किया जा रहा है।

    चित्रे ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि बीएमसी द्वारा योजनाबद्ध 18 सार्वजनिक शौचालयों में से 10 गायब हैं। जहां आम लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं, वहां राजनीतिक उपयोग किया जा रहा है।

    स्वच्छ भारत अभियान पर भी उठे सवाल

    इसे भी पढ़े:- Mumbai Crime Breaking: Kandivali में ₹10 लाख की चोरी का बड़ा खुलासा, Gujarat से पकड़े गए आरोपी – CCTV के 175 कैमरों से खुली पोल!

    “एक तरफ स्वच्छ भारत, दूसरी तरफ कब्जा”

    अखिल चित्रे ने भाजपा और प्रशासन पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि एक तरफ ‘स्वच्छ भारत’ अभियान के बड़े-बड़े विज्ञापन लगाए जाते हैं और दूसरी तरफ सार्वजनिक शौचालयों की जगह पर राजनीतिक कार्यालय बनाए जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि मुंबईवासियों का अपमान है। खासकर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय रहवासियों को रोजमर्रा की जिंदगी में सार्वजनिक शौचालयों की भारी कमी झेलनी पड़ रही है।

    बीएमसी और भाजपा को किया टैग

    इसे भी पढ़े:- क्या 1946 में मुसलमानों ने पाकिस्तान के लिए वोट दिया था? पूरा सच जो अब तक आपसे छुपाया गया!

    तत्काल जांच की मांग तेज

    अखिल चित्रे ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बृहन्मुंबई महानगरपालिका, भारतीय जनता पार्टी और भाजपा नेता और बीएमसी महापौर रीतु तावड़े को टैग करते हुए इस मामले की तत्काल जांच की मांग की।

    उन्होंने कहा कि अगर सार्वजनिक सुविधाओं पर राजनीतिक कब्जा साबित होता है, तो यह बेहद गंभीर मामला माना जाएगा। फिलहाल इस मामले पर भाजपा या बीएमसी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    मुंबई में नागरिक सुविधाओं पर फिर राजनीति

    इसे भी पढ़े:- Mumbai Blast & Fire Alert: Kandivali में गैस लीक से भयानक आग, 7 झुलसे — Palghar के केमिकल फैक्ट्री ब्लास्ट में 1 की मौत!

    शौचालय, सड़क और पानी जैसे मुद्दे फिर चर्चा में

    मुंबई में लंबे समय से सार्वजनिक शौचालयों की कमी बड़ा मुद्दा रहा है। खासकर उपनगरों की झोपड़पट्टियों और घनी आबादी वाले इलाकों में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

    ऐसे में अगर नागरिक सुविधा के लिए आरक्षित जगह का उपयोग राजनीतिक कार्यालय के तौर पर किया जा रहा है, तो यह मुद्दा आने वाले बीएमसी चुनावों में बड़ा चुनावी हथियार बन सकता है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला

    इसे भी पढ़े:- Goregaon Fire News: Motilal Nagar में डेकोरेशन शॉप में लगी आग, फायर ब्रिगेड की तेजी से बड़ा हादसा टला!

    मुंबईकरों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

    यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे राजनीतिक आरोप बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स ने सार्वजनिक सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई।

    मुंबई के स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में साफ-सफाई और सार्वजनिक शौचालय की उपलब्धता पहले से ही बड़ी समस्या है। ऐसे में इस तरह के आरोप जनता के गुस्से को और बढ़ा सकते हैं।

    मछुआरों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

    इसे भी पढ़े:- Mumbai Hospital Horror: चूहों ने काटे मरीज, मुआवजा तक नहीं दिया! RTI में खुला BMC का बड़ा सच

    मछली काटने-बेचने के कथित प्रतिबंध का विरोध

    इससे पहले भी अखिल चित्रे ने मछुआरा समुदाय से जुड़े मुद्दे पर भाजपा-शिंदे सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मछली बाजारों में मछली काटकर बेचने पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है।

    चित्रे ने कहा कि मुंबई के असली निवासी मछुआरों की रोजी-रोटी पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि मछुआरे पहले की तरह ही मुंबई में मछली बेचते रहेंगे।

    क्या कहता है प्रशासनिक नियम?

    इसे भी पढ़े:- Ambedkar Jayanti पर Malad में बवाल! Poster फाड़ने पर Law Student पकड़ा गया, जनता के दबाव में माफी

    सार्वजनिक सुविधा की जमीन का उपयोग बदलना आसान नहीं

    नगर नियोजन और बीएमसी नियमों के अनुसार सार्वजनिक सुविधाओं के लिए आरक्षित जमीन का उपयोग बदलने के लिए प्रशासनिक अनुमति जरूरी होती है। यदि किसी सार्वजनिक शौचालय की जगह का व्यावसायिक या राजनीतिक उपयोग किया गया है, तो उसकी जांच की जा सकती है।

    मुंबई महानगरपालिका की आधिकारिक वेबसाइट पर नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध रहती है।
    BMC Official Website

    FAQ

    क्या बोरीवली में सार्वजनिक शौचालय की जगह भाजपा कार्यालय बनाया गया है?

    उद्धव ठाकरे गुट के नेता अखिल चित्रे ने ऐसा आरोप लगाया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    यह मामला किस इलाके का है?

    यह मामला मुंबई के बोरीवली स्थित अक्सर गांव इलाके से जुड़ा बताया जा रहा है।

    बीएमसी ने क्या प्रतिक्रिया दी है?

    अब तक बीएमसी या भाजपा की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    सोशल मीडिया पर यह मुद्दा क्यों वायरल हो रहा है?

    सार्वजनिक सुविधा की जगह राजनीतिक उपयोग के आरोप और ‘स्वच्छ भारत’ अभियान से जुड़े विरोधाभास के कारण यह मामला चर्चा में है।

    Conclusion

    मुंबई में सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर राजनीति नई नहीं है, लेकिन सार्वजनिक शौचालय की जगह भाजपा कार्यालय बनाए जाने का आरोप गंभीर बहस का विषय बन गया है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला सिर्फ राजनीतिक विवाद नहीं बल्कि नागरिक अधिकारों और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन सकता है। फिलहाल मुंबईकरों की नजर बीएमसी और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

  • Mumbai Burglary Case: समर वेकेशन में घरों को निशाना बनाने वाले चोर गिरफ्तार

    Mumbai Burglary Case: समर वेकेशन में घरों को निशाना बनाने वाले चोर गिरफ्तार

    Mumbai Burglary Case: मुंबई के बोरिवली में समर वेकेशन के दौरान बंद घरों में चोरी करने वाले दो आरोपी गुजरात से गिरफ्तार। पुलिस ने CCTV से किया ट्रेस।

    मुंबई: समर वेकेशन के दौरान बंद घरों को निशाना बनाने वाले दो कथित चोरों को आखिरकार गुजरात से गिरफ्तार कर लिया गया है। Mumbai Burglary Case में कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने तकनीकी निगरानी और CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों को नवसारी, गुजरात से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक आरोपी बोरिवली ईस्ट समेत कई इलाकों में बंद घरों की रेकी करते थे और रात में खिड़की की ग्रिल काटकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी चोरी के पैसों से अलग-अलग राज्यों में घूम रहे थे।

    बोरिवली ईस्ट में बंद घर बना चोरों का निशाना

    Mumbai Burglary Case का यह मामला तब सामने आया जब बोरिवली ईस्ट स्थित शिवाशिव बिल्डिंग के एक निवासी ने चोरी की शिकायत दर्ज कराई।

    इसे भी पढ़े:- Dhule Murder Case: कबूतरों के विवाद में दोस्त की हत्या, न्यायालय के सामने मामू को पीटा

    खिड़की की ग्रिल काटकर घर में घुसे आरोपी

    शिकायत के मुताबिक 21 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच अज्ञात लोगों ने घर की खिड़की की ग्रिल काटकर अंदर प्रवेश किया। आरोपियों ने घर से करीब ₹1 लाख नकद और चांदी के कीमती सामान चोरी कर लिए।

    घटना के समय परिवार घर से बाहर गया हुआ था। पुलिस का कहना है कि आरोपी खास तौर पर उन्हीं घरों को निशाना बनाते थे जो कई दिनों से बंद रहते थे।

    Mumbai Burglary दिन में रेकी, रात में चोरी

    पुलिस जांच में आरोपियों के काम करने का तरीका भी सामने आया है।

    इसे भी पढ़े:- टीवी सीरियल एक्टर चोरी के आरोप में गिरफ्तार

    पहले इलाके की निगरानी करते थे आरोपी

    जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी दिन के समय रिहायशी इलाकों में घूमकर यह पता लगाते थे कि कौन से घर बंद हैं। इसके बाद वे रात में वापस लौटते थे और चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।

    पुलिस के अनुसार आरोपी:

    • बंद घरों की पहचान करते थे
    • दिन में रेकी करते थे
    • रात में ग्रिल काटकर अंदर घुसते थे
    • चोरी के बाद दूसरे राज्यों में निकल जाते थे

    CCTV फुटेज से मिला बड़ा सुराग

    शिकायत मिलने के बाद कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।

    इसे भी पढ़े:- Borivali: बिल्डर-बाप बेटे पर करोड़ों की ठगी, कई FIR दर्ज

    तकनीकी निगरानी से गुजरात तक पहुंची पुलिस

    PSI धीरज वैकोस की अगुवाई में पुलिस टीम ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले। इसके बाद संदिग्धों की पहचान की गई।

    तकनीकी विश्लेषण में पता चला कि आरोपी गुजरात के नवसारी इलाके में छिपे हुए हैं। इसके बाद मुंबई पुलिस की टीम गुजरात पहुंची और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    यह कार्रवाई Zone XII के DCP महेश चिमटे और कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई।

    चोरी के पैसों से अलग-अलग राज्यों में घूमते रहे आरोपी

    पुलिस का दावा है कि आरोपी चोरी के पैसों और कीमती सामान का इस्तेमाल अलग-अलग राज्यों में घूमने के लिए कर रहे थे।

    इसे भी पढ़े:- FDA को मिला फुल-टाइम आयुक्त, डूबे-पाटील से कड़े एक्शन की उम्मीद

    गुजरात, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में गए

    जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी चोरी करने के बाद गुजरात, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में घूमते रहे। बाद में वे फिर गुजरात लौटे, जहां पुलिस ने उन्हें ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस अब चोरी का सामान और बेची गई कीमती वस्तुओं को बरामद करने की कोशिश कर रही है।

    कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

    पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

    इसे भी पढ़े:- Tatkal Booking New Rules 2026: अब Tatkal टिकट मिलना हुआ आसान, IRCTC ने बदले बड़े नियम

    Mumbai Burglary
    राहुल सुरेंद्र सिंह उर्फ अमर

    राहुल सुरेंद्र सिंह उर्फ अमर

    उम्र: 34 वर्ष
    निवासी: विले पार्ले वेस्ट, मुंबई

    राहुल उर्फ अमर पर पहले से दर्ज मामले

    • अंधेरी रेलवे पुलिस स्टेशन — CR No. 755/24
    • विले पार्ले पुलिस स्टेशन — Case No. 426/23
    • वर्सोवा पुलिस स्टेशन — CR No. 269/21

    इन मामलों में चोरी और घरफोड़ियों से जुड़ी धाराएं दर्ज हैं।

    दूसरे आरोपी का भी आपराधिक रिकॉर्ड

    इसे भी पढ़े:- अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या, मालाड केस में आरोपी को उम्रकैद

    Mumbai Burglary
    सुशांत निरंजन मिरिधा

    सुशांत निरंजन मिरिधा

    उम्र: 32 वर्ष
    निवासी: बैतूल-इटारसी गांव क्षेत्र, मध्य प्रदेश

    पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ 2017 में सूरत रेलवे पुलिस स्टेशन में प्रतिबंधित शराब से जुड़ा मामला दर्ज हुआ था।

    मुंबई और गुजरात के बीच शराब तस्करी का आरोप

    जांच अधिकारियों का कहना है कि मिरिधा कथित तौर पर मुंबई और गुजरात के बीच शराब तस्करी में भी शामिल रहा है।

    गर्मी की छुट्टियों में पुलिस ने जारी की चेतावनी

    मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि समर वेकेशन, शादी या छुट्टियों के दौरान घर खाली छोड़ते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।

    इसे भी पढ़े:- BMC ने मतदाता सूचियों की 10,668 आपत्तियों पर फैसला दिया

    पुलिस ने क्या सलाह दी?

    • घर लंबे समय तक खाली न छोड़ें
    • पड़ोसियों को जानकारी दें
    • CCTV कैमरे एक्टिव रखें
    • दरवाजे और खिड़कियां मजबूत रखें
    • सोशल मीडिया पर ट्रैवल अपडेट शेयर करने से बचें

    मुंबई में बढ़ रही घरफोड़ियों पर चिंता

    गर्मी की छुट्टियों में मुंबई के कई इलाकों में बंद घरों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

    इसे भी पढ़े:- मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम का प्रस्ताव

    पुलिस Surveillance बढ़ाने की तैयारी में

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए रात की गश्त और तकनीकी निगरानी बढ़ाई जा रही है।

    संबंधित जानकारी यहां पढ़ सकते हैं:


    FAQ

    मुंबई में चोरी का यह मामला कहां का है?

    यह मामला बोरिवली ईस्ट के कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन क्षेत्र का है।

    आरोपी कहां से गिरफ्तार हुए?

    दोनों आरोपी गुजरात के नवसारी इलाके से गिरफ्तार किए गए।

    आरोपियों ने चोरी कैसे की?

    पुलिस के अनुसार आरोपी खिड़की की ग्रिल काटकर बंद घरों में घुसते थे।

    चोरी में क्या-क्या सामान गया?

    करीब ₹1 लाख नकद और चांदी के कीमती सामान चोरी हुए।

    पुलिस लोगों को क्या सावधानी बरतने की सलाह दे रही है?

    पुलिस ने खाली घरों की सुरक्षा बढ़ाने और सोशल मीडिया पर यात्रा की जानकारी शेयर न करने की सलाह दी है।

    Conclusion

    मुंबई में समर वेकेशन के दौरान बंद घरों को निशाना बनाने वाले इस गिरोह की गिरफ्तारी ने एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने तकनीकी जांच और CCTV की मदद से आरोपियों को गुजरात से पकड़ लिया, लेकिन यह मामला लोगों के लिए भी चेतावनी है कि छुट्टियों में घर खाली छोड़ते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है। आने वाले दिनों में पुलिस ऐसे मामलों पर और सख्ती से निगरानी रखने की तैयारी में है।

  • Govandi School Horror: 6 साल की बच्ची से स्कूल में दरिंदगी

    Govandi School Horror: 6 साल की बच्ची से स्कूल में दरिंदगी

    मुंबई के Govandi School के चपरासी ने 6 साल की बच्ची का एक साल तक यौन शोषण किया। आरोपी गिरफ्तार, पुलिस CCTV और स्कूल सुरक्षा की जांच में जुटी।

    मुंबई: गोवंडी इलाके से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक स्कूल में पढ़ने वाली 6 साल की मासूम बच्ची के साथ स्कूल के ही चपरासी ने कथित तौर पर पिछले एक साल से यौन शोषण किया। आरोपी बच्ची को डरा-धमकाकर स्कूल के खाली कमरे में ले जाता था और वहां उसके साथ घिनौनी हरकत करता था। घटना का खुलासा तब हुआ जब बच्ची ने रोते हुए अपने माता-पिता को पूरी आपबीती सुनाई। शिकायत मिलते ही गोवंडी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    स्कूल में भरोसे का फायदा उठाकर करता रहा दरिंदगी

    पुलिस के मुताबिक आरोपी की उम्र करीब 45 साल है और वह स्कूल में चपरासी के तौर पर काम करता था। स्कूल में उसे एक भरोसेमंद कर्मचारी माना जाता था। इसी वजह से किसी को उस पर शक नहीं हुआ।

    इसे भी पढ़े:- Amravati Gang Rape Case: 5 दरिंदों का खुलासा, दोस्त को बांधकर युवती संग दरिंदगी से कांपा महाराष्ट्र

    बच्ची को सुनसान कमरे में ले जाता था आरोपी

    जांच में सामने आया है कि आरोपी बच्ची को अक्सर कक्षा से दूर किसी खाली कमरे में ले जाता था। वह बच्ची को डराता और धमकाता था ताकि वह किसी को कुछ न बता सके।

    डर और मानसिक दबाव की वजह से मासूम बच्ची लंबे समय तक चुप रही। पुलिस के अनुसार यह सिलसिला करीब एक साल से चल रहा था।

    बच्ची ने हिम्मत दिखाई तो खुला मामला

    परिवार के मुताबिक बच्ची पिछले कुछ समय से डरी-सहमी रहने लगी थी। उसके व्यवहार में बदलाव भी देखने को मिल रहा था।

    इसे भी पढ़े:- Kala Ghoda में शर्मनाक हरकत! CCTV से पकड़ा गया 24 साल का युवक

    रोते हुए माता-पिता को बताई पूरी सच्चाई

    एक दिन बच्ची ने रोते हुए अपने माता-पिता को बताया कि स्कूल का चपरासी उसके साथ गलत हरकत करता है। यह सुनकर परिवार के होश उड़ गए।

    इसके बाद माता-पिता तुरंत गोवंडी पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत के बाद तुरंत हरकत में आई पुलिस

    मामले की गंभीरता को देखते हुए गोवंडी पुलिस ने बिना देरी किए कार्रवाई शुरू की।

    इसे भी पढ़े:- महाराष्ट्र में LPG Crisis: गैस के लिए जंजीरें, रातभर पहरा, कालाबाज़ारी का बड़ा खेल

    आरोपी चपरासी गिरफ्तार

    Govandi School

    पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने स्कूल के अन्य बच्चों को भी निशाना बनाया था या नहीं।

    स्कूल के CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    घटना सामने आने के बाद पुलिस स्कूल परिसर के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है।

    इसे भी पढ़े:- Sanju Baba की बेटी 38 की, अब भी सिंगल! Acting छोड़ बनी Psychotherapist — ‘कमर मटकाने से बेहतर…’

    Govandi School स्कूल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के घेरे में

    पुलिस अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि स्कूल प्रशासन की तरफ से सुरक्षा में कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई थी।

    अगर जांच में स्कूल प्रबंधन की गलती सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।

    बदलापुर घटना के बाद भी नहीं सुधरे हालात?

    महाराष्ट्र में बदलापुर स्कूल केस के बाद सरकार ने स्कूल सुरक्षा को लेकर कई सख्त निर्देश जारी किए थे। स्कूलों में CCTV निगरानी, स्टाफ वेरिफिकेशन और बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष गाइडलाइन लागू करने की बात कही गई थी।

    इसे भी पढ़े:- Malad लिंक रोड पर बड़ा हादसा: टायर फटने से Fortuner पलटी, Infinity Mall के पास मचा हड़कंप

    लेकिन गोवंडी की इस घटना ने एक बार फिर स्कूल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    Background Verification पर उठे सवाल

    स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में गैर-शिक्षण कर्मचारियों का Police Verification और Background Check सख्ती से होना चाहिए।

    विशेषज्ञों का कहना है कि:

    स्कूल स्टाफ का नियमित सत्यापन जरूरी है
    बच्चों को Safe Touch और Unsafe Touch के बारे में जागरूक करना चाहिए
    स्कूलों में Child Safety Committee सक्रिय रहनी चाहिए
    CCTV निगरानी मजबूत होनी चाहिए

    इसे भी पढ़े:- Gas Crisis के बीच बड़ा फैसला: अब घरों के लिए Kerosene मिलेगा, मोदी सरकार का ऐलान

    क्या दूसरे बच्चे भी आरोपी के निशाने पर थे?

    गोवंडी पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अन्य बच्चों के साथ भी ऐसी हरकत की थी या नहीं।

    अन्य छात्रों और अभिभावकों से पूछताछ

    पुलिस स्कूल के दूसरे छात्रों और उनके परिवारों से भी जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।

    POCSO कानून के तहत होगी कार्रवाई

    बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में POCSO Act के तहत सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

    बच्चों की सुरक्षा के लिए बना विशेष कानून

    POCSO कानून बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है। दोषी पाए जाने पर आरोपी को कड़ी सजा हो सकती है।

    इसे भी पढ़े:- Gas Cylinder चोरी: डिलीवरी गाड़ी से 3 भरे सिलेंडर गायब, पुलिस जांच में जुटी

    संबंधित जानकारी यहां पढ़ सकते हैं:

    इलाके में गुस्सा, कड़ी सजा की मांग

    घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

    फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग

    स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए जल्द सुनवाई होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को जल्दी न्याय मिल सके।

    FAQ

    Govandi School मामला क्या है?

    यह मामला मुंबई के गोवंडी इलाके के एक स्कूल का है जहां चपरासी पर 6 साल की बच्ची के यौन शोषण का आरोप लगा है।

    आरोपी कौन है?

    आरोपी स्कूल का 45 वर्षीय चपरासी बताया जा रहा है।

    पुलिस क्या जांच कर रही है?

    पुलिस CCTV फुटेज, स्कूल सुरक्षा और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में जांच कर रही है।

    POCSO Act क्या है?

    यह बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने वाला विशेष कानून है।

    Conclusion

    गोवंडी स्कूल की यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि पूरे समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है। जिस जगह बच्चों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, वहीं अगर वे डर और हिंसा का शिकार बनें तो यह बेहद चिंताजनक है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।

  • Malad Firing Case: 16 साल बाद मुंबई कोर्ट से दो कारोबारियों को राहत

    Malad Firing Case: 16 साल बाद मुंबई कोर्ट से दो कारोबारियों को राहत

    मुंबई के 16 साल पुराने Malad Firing Case में बोरीवली कोर्ट ने दो कारोबारियों को सबूतों के अभाव में बरी किया। Arms Act केस में बड़ा फैसला।

    मुंबई: चर्चित 16 साल पुराने मालाड फायरिंग केस में आखिरकार बड़ा फैसला सामने आया है। बोरीवली की स्थानीय अदालत ने दक्षिण मुंबई के दो कारोबारियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने शराब के नशे में मालाड वेस्ट के एक बार के बाहर लाइसेंसी पिस्टल से हवा में फायरिंग की थी। हालांकि अदालत ने कहा कि पुलिस ठोस वैज्ञानिक और तकनीकी सबूत पेश नहीं कर पाई। इसी वजह से दोनों आरोपियों को राहत मिल गई।

    यह मामला एक बार फिर मुंबई पुलिस की जांच प्रक्रिया, Arms Act मामलों में सबूतों की अहमियत और लंबी कानूनी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है।

    क्या था पूरा मालाड फायरिंग केस?

    इसे भी पढ़े:- Kandivali में 27 LPG सिलेंडर चोरी, पुलिस जांच तेज

    22 सितंबर 2010 की रात का मामला

    यह मामला 22 सितंबर 2010 का है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक दिलीप कन्हैयालाल बॉम्बेवाला, प्रतीक रसिकलाल गोराडिया और उनका एक दोस्त मालाड वेस्ट के लिंक रोड स्थित Garden View Bar गए थे।

    Malad firing case

    पुलिस के अनुसार तीनों ने शराब पी रखी थी। इसी दौरान कथित तौर पर दिलीप बॉम्बेवाला ने अपनी पिस्टल निकाली और हवा में फायरिंग की। बाद में प्रतीक गोराडिया ने भी वही हथियार लेकर हवा में गोली चलाई।

    उस वक्त इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। इसके बाद मालाड पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की।

    पुलिस ने किन धाराओं में किया था केस दर्ज?

    इसे भी पढ़े:- BIG BREAKING: Ashok Kharat Case में सियासी भूचाल! Rupali Chakankar का इस्तीफा, Mamta Kulkarni के बयान से मचा हंगामा

    Arms Act और जान जोखिम में डालने का आरोप

    मालाड पुलिस ने दोनों कारोबारियों के खिलाफ Arms Act और मानव जीवन को खतरे में डालने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया था।

    पुलिस का दावा था कि:

    • बॉम्बेवाला के पास से एक पिस्टल और छह गोलियां बरामद हुईं
    • गोराडिया के पास से दूसरी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस मिला
    • दोनों ने शराब के नशे में सार्वजनिक जगह पर फायरिंग की

    इसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया था।

    अदालत में बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?

    इसे भी पढ़े:- मालाड में पत्नी के प्रेमी ने कर दी कारपेंटर की हत्या, टुकड़े कर शव जुहू बीच पर फेंका

    “कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं मिला”

    बचाव पक्ष के वकील Sunil Pandey ने अदालत में कहा कि पुलिस ने बिना पर्याप्त सबूतों के उनके मुवक्किलों को फंसाया।

    उन्होंने कहा:

    • कोई GSR Test नहीं हुआ
    • कोई Ballistic Report पेश नहीं की गई
    • CCTV फुटेज नहीं था
    • कोई वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं थी
    • बरामद गोलियों का हथियार से मिलान नहीं हुआ

    वकील ने अदालत से कहा कि सिर्फ लाइसेंसी हथियार रखने से Arms Act के तहत अपराध साबित नहीं होता।

    तीसरे व्यक्ति को छोड़ने पर भी उठे सवाल

    इसे भी पढ़े:- मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को ठगने वाला सीरियल ठग को Andheri Police इगतपुरी स्टेशन से दबोचा

    पुलिस जांच पर अदालत में हुई बहस malad firing case

    डिफेंस ने यह भी सवाल उठाया कि घटना के वक्त तीन लोग मौजूद थे, लेकिन पुलिस ने सिर्फ दो लोगों को गिरफ्तार किया जबकि तीसरे व्यक्ति को छोड़ दिया गया।

    इस दलील ने पुलिस जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए।

    वकील सुनील पांडे ने अदालत में कहा कि:

    “मेरे मुवक्किलों ने हवा में फायरिंग नहीं की। पुलिस ने उचित जांच नहीं की।”

    कोर्ट ने किन आधारों पर दिया फैसला?

    इसे भी पढ़े:- मालाड वेस्ट स्कूल यौन शोषण मामला: 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    सबूतों की कमी बनी सबसे बड़ा कारण

    बोरीवली कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक और प्रत्यक्ष सबूत पेश नहीं कर सका।

    अदालत ने माना कि:

    • हथियार लाइसेंसी थे
    • फायरिंग साबित करने के लिए तकनीकी रिपोर्ट नहीं थी
    • पुलिस जांच में कई कमियां थीं

    इन्हीं आधारों पर दोनों कारोबारियों को बरी कर दिया गया।

    लाइसेंसी हथियार रखने के कानून क्या कहते हैं?

    भारत में वैध Arms Licence रखने वाले व्यक्ति को कानूनी रूप से हथियार रखने की अनुमति होती है। हालांकि सार्वजनिक स्थान पर हथियार का गलत इस्तेमाल कानूनन अपराध माना जाता है।

    Arms Act से जुड़ी जानकारी यहां देख सकते हैं:

    16 साल बाद malad firing case ने क्या सवाल खड़े किए?

    इसे भी पढ़े:- मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    लंबी कानूनी प्रक्रिया पर चर्चा

    यह मामला करीब 16 साल तक अदालत में चलता रहा। ऐसे मामलों में देरी को लेकर अक्सर न्याय व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि:

    • पुराने मामलों में सबूत कमजोर हो जाते हैं
    • गवाहों की याददाश्त प्रभावित होती है
    • तकनीकी जांच का अभाव केस कमजोर करता है

    मुंबई जैसे महानगर में Arms Act और पब्लिक सेफ्टी से जुड़े मामलों में फॉरेंसिक सबूत बेहद अहम माने जाते हैं।


    FAQ

    मालाड फायरिंग केस क्या है?

    यह 2010 का मामला है जिसमें दो कारोबारियों पर मालाड के एक बार के बाहर हवा में फायरिंग करने का आरोप था।

    कोर्ट ने आरोपियों को क्यों बरी किया?

    अदालत ने कहा कि पुलिस पर्याप्त वैज्ञानिक और तकनीकी सबूत पेश नहीं कर पाई।

    क्या आरोपियों के पास लाइसेंसी हथियार थे?

    हाँ, बचाव पक्ष के अनुसार कम से कम एक आरोपी के पास वैध Arms Licence था।

    पुलिस ने क्या बरामद किया था?

    पुलिस ने पिस्टल, गोलियां और जिंदा कारतूस बरामद करने का दावा किया था।

    केस कितने साल चला?

    यह मामला करीब 16 साल तक अदालत में चला।


    Conclusion

    मुंबई के 16 साल पुराने मालाड फायरिंग केस में आया यह फैसला सिर्फ दो कारोबारियों की राहत तक सीमित नहीं है। यह मामला पुलिस जांच, वैज्ञानिक सबूतों की अहमियत और लंबी कानूनी प्रक्रिया पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। अदालत ने साफ कर दिया कि किसी भी आपराधिक मामले में सिर्फ आरोप काफी नहीं होते, बल्कि ठोस सबूत होना भी जरूरी है। आने वाले समय में ऐसे मामलों में फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की भूमिका और ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है।

  • Mumbai Walla Dating App Scam: Friend Turned Robber

    Mumbai Walla Dating App Scam: Friend Turned Robber

    Mumbai Walla Dating App के जरिए युवक को फंसाकर मारपीट और ₹18 हजार की उगाही का मामला सामने आया। पुलिस ने 3 घंटे में आरोपी पकड़े।

    मुंबई: Mumbai Walla Dating App के जरिए बढ़ते अपराधों के बीच एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बांद्रा के रहने वाले 20 वर्षीय युवक को डेटिंग ऐप “Walla” पर हुई दोस्ती भारी पड़ गई। आरोपी पहले युवक से दोस्ती करते रहे, फिर मिलने के बहाने बुलाकर पूरे मुंबई में घुमाया और आखिर में मारपीट कर उससे ₹18 हजार ट्रांसफर करवा लिए। हालांकि, बांद्रा पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज तीन घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म्स की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    Mumbai Walla Dating App पर हुई दोस्ती कैसे बनी जाल?

    मुंबई पुलिस के मुताबिक पीड़ित युवक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। वह बांद्रा इलाके का रहने वाला है और कुछ दिनों पहले उसकी पहचान “Walla” नाम की डेटिंग ऐप पर एक युवक से हुई थी। आरोपी ने खुद को दोस्ताना और भरोसेमंद दिखाया। दोनों कई दिनों तक ऑनलाइन चैट करते रहे।

    mumbai-Walla-dating-app

    इसके बाद 5 मई की शाम करीब 6 बजे दोनों ने पहली बार मिलने का प्लान बनाया। मुलाकात का स्थान बांद्रा तालाब के पास तय किया गया। पीड़ित को अंदाजा भी नहीं था कि वह एक सुनियोजित लूट और उगाही के जाल में फंसने जा रहा है।

    बांद्रा तालाब से शुरू हुआ डरावना सफर

    इसे भी पढ़े:- IB Recruitment 2025: इंटेलिजेंस ब्यूरो में सिक्योरिटी असिस्टेंट (Motor Transport) के 455 पदों पर भर्ती, देखें सैलरी, योग्यता और आवेदन की पूरी डिटेल

    आरोपी काले रंग की Burgman स्कूटर पर पहुंचा

    पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मोहम्मद रिजवान मोहम्मद इमरान शेख काले रंग की Suzuki Burgman स्कूटर पर बांद्रा तालाब पहुंचा था। युवक उसके साथ स्कूटर पर बैठ गया।

    शुरुआत में माहौल सामान्य था। दोनों ने बातचीत की और बांद्रा इलाके में घूमना शुरू किया। आरोपी उसे SV Road, खार और फिर Carter Road की तरफ लेकर गया।

    रास्ते में दूसरा आरोपी भी हुआ शामिल

    जांच अधिकारियों के अनुसार जरी मरी माता मंदिर के पास दूसरा आरोपी मोहम्मद अली मोहम्मद शफीक कुरैशी भी उनके साथ जुड़ गया। इसके बाद तीनों बांद्रा Bandstand और Carter Road के आसपास घूमते रहे।

    यहीं से पीड़ित को माहौल बदलता महसूस हुआ। आरोपियों का व्यवहार अचानक आक्रामक होने लगा। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने जानबूझकर युवक को अलग-अलग इलाकों में घुमाया ताकि वह मानसिक रूप से डर जाए और विरोध न कर सके।

    Carter Road Dog Park के पास शुरू हुई मारपीट

    इसे भी पढ़े:- दादर में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया – राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस को 24 घंटे में आरोपी पकड़ने का निर्देश

    मोबाइल छीना और PhonePe का पासवर्ड मांगा

    पुलिस के मुताबिक Carter Road स्थित Dog Park के पास आरोपियों ने युवक के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया।

    आरोपियों ने युवक से उसका PhonePe अकाउंट खोलने और पासवर्ड बताने को कहा। जब युवक ने विरोध किया, तब उसके साथ मारपीट की गई।

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि युवक को डराकर उससे जबरन डिजिटल पेमेंट करवाने की कोशिश की गई।

    Dockyard Road ले जाकर करवाई गई उगाही

    जांच में सामने आया कि आरोपी युवक को बाद में Dockyard Road इलाके में ले गए। वहां एक मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान पर QR Code स्कैन करवाकर ₹18,000 ट्रांसफर करवाए गए।

    पुलिस के अनुसार आरोपियों ने युवक को लगातार धमकाया और दोबारा मारपीट भी की। पैसे ट्रांसफर होने के बाद आरोपियों ने उसका मोबाइल वापस किया और मौके से फरार हो गए।

    स्कूटर नंबर बना पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग

    इसे भी पढ़े:- 🧬 मुंबई के वैज्ञानिकों की बड़ी खोज: एक और जीन मिला पुरुषों में दुर्लभ इंफर्टिलिटी की वजह

    युवक की सूझबूझ से 3 घंटे में पकड़े गए आरोपी

    घटना के बाद पीड़ित बेहद डरा हुआ था। लेकिन उसने आरोपी की स्कूटर का नंबर MH-02-GM-1363 याद रखा। यही नंबर पुलिस जांच में सबसे अहम सुराग साबित हुआ।

    बांद्रा पुलिस ने तुरंत CCTV फुटेज, तकनीकी निगरानी और वाहन रजिस्ट्रेशन डिटेल्स खंगालनी शुरू की। इसके बाद दोनों आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई।

    पुलिस ने FIR दर्ज होने के करीब तीन घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को जुहू बीच इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

    कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

    पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

    • मोहम्मद रिजवान मोहम्मद इमरान शेख (19) — निवासी डोंगरी
    • मोहम्मद अली मोहम्मद शफीक कुरैशी (22) — निवासी बेहरामपाड़ा, बांद्रा पूर्व

    फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या दोनों आरोपी पहले भी डेटिंग ऐप्स के जरिए इसी तरह लोगों को निशाना बना चुके हैं।

    पुलिस ऑपरेशन में किन अधिकारियों की रही भूमिका?

    इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र सालुंखे और डीसीपी दीक्षित गेडाम ने की।

    इसे भी पढ़े:- भरतनाट्यम में इशान्वी इनामदार का जलवा, उद्धव सेना ने किया सम्मान

    जांच टीम में शामिल अधिकारी:

    • PI अजय लिंगनूरकर
    • API विजय आचरेकर
    • PSI सूरज इरकाटे
    • कॉन्स्टेबल अतिश पाटिल
    • निखिलेश साबले
    • रवि गायकवाड़
    • राहुल पवार
    • स्वप्निल काकडे

    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तेज तकनीकी विश्लेषण और टीमवर्क की वजह से आरोपी जल्दी पकड़े जा सके।

    मुंबई में बढ़ रहे Dating App Crimes पर बढ़ी चिंता

    मुंबई में पिछले कुछ महीनों में डेटिंग ऐप्स के जरिए धोखाधड़ी, ब्लैकमेल और लूट के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई अपराधी नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।

    विशेषज्ञों के मुताबिक:

    • पहली मुलाकात हमेशा पब्लिक प्लेस पर करें
    • अपनी लोकेशन परिवार या दोस्तों के साथ शेयर करें
    • किसी भी अनजान व्यक्ति को UPI PIN या Password न बताएं
    • देर रात सुनसान जगहों पर जाने से बचें
    • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को जानकारी दें

    ऑनलाइन सुरक्षा के लिए सरकारी और गैर सरकारी मदद

    इसे भी पढ़े:- Lodha ने मुंबई-Palava में 24 एकड़ जमीन STT Global Data Centres को बेची ₹500 करोड़ में

    ऑनलाइन फ्रॉड या साइबर अपराध की शिकायत यहां दर्ज कर सकते हैं:


    FAQ

    Mumbai Walla Dating App Scam क्या है?

    यह मामला डेटिंग ऐप “Walla” के जरिए दोस्ती कर युवक से मारपीट और ₹18 हजार की उगाही से जुड़ा है।

    आरोपी कितने समय में गिरफ्तार हुए?

    बांद्रा पुलिस ने FIR दर्ज होने के करीब 3 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    युवक से कितने पैसे लूटे गए?

    पीड़ित युवक से QR Code के जरिए ₹18,000 ट्रांसफर करवाए गए।

    आरोपी कहां से गिरफ्तार हुए?

    दोनों आरोपी जुहू बीच इलाके से गिरफ्तार किए गए।

    डेटिंग ऐप इस्तेमाल करते समय क्या सावधानी रखें?

    पहली मुलाकात सार्वजनिक जगह पर करें, OTP/UPI PIN शेयर न करें और अपनी लोकेशन किसी भरोसेमंद व्यक्ति को जरूर बताएं।

    Conclusion

    Mumbai Walla Dating App Scam मामला सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं बल्कि डिजिटल दौर की बड़ी चेतावनी भी है। सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स पर बढ़ती दोस्ती कई बार खतरनाक जाल साबित हो सकती है। इस केस में युवक की समझदारी और पुलिस की तेज कार्रवाई से आरोपी जल्दी पकड़े गए, लेकिन हर किसी को ऐसी सतर्कता बरतनी जरूरी है। ऑनलाइन दुनिया में भरोसा करने से पहले सुरक्षा को प्राथमिकता देना अब बेहद जरूरी हो गया है।

  • Borivali में ‘भूत’ चला रहे थे ऑटो? RTO ने किया ज़ब्त

    Borivali में ‘भूत’ चला रहे थे ऑटो? RTO ने किया ज़ब्त

    Borivali RTO में मृत मालिकों के नाम पर ऑटो Permit Renewal का आरोप। Ghost Auto Scam में प्रशासन ने वाहन ज़ब्त कर जांच शुरू की।

    मुंबई: Borivali में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को चौंका दिया है। यहां कथित तौर पर “भूत” ऑटोरिक्शा चला रहे थे। दरअसल मामला उन ऑटो रिक्शाओं का है जिनके मालिकों की मौत हो चुकी थी, लेकिन उनके नाम पर Permit Renewal और Vehicle Passing जैसी प्रक्रियाएं जारी थीं। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कुछ ऑटो रिक्शा ज़ब्त कर लिए हैं और अब पूरे मामले की जांच शुरू हो चुकी है।

    यह मामला सिर्फ फर्जी Permit Renewal तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे Borivali RTO की कार्यप्रणाली और कथित Agent-Official Nexus पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    मृत लोगों के नाम पर चल रहे थे ऑटो?

    मुंबई में Auto Permit System काफी सख्त माना जाता है। इसके बावजूद आरोप है कि कुछ ऑटो रिक्शाओं के Permit उन लोगों के नाम पर Renew किए गए जिनकी मौत हो चुकी थी।

    इसे भी पढ़े:- मुंबई में CNG संकट: GAIL पाइपलाइन नुकसान से सप्लाई ठप

    यही वजह है कि अब लोग इस पूरे मामले को “Ghost Permit Scam” कह रहे हैं।

    शिकायतकर्ता और RTO Agent भूपेश मिश्रा का दावा है कि कई मामलों में:

    • मालिक की मौजूदगी नहीं थी
    • Legal Transfer नहीं हुआ था
    • फिर भी Permit Renew हो गया
    • Vehicle Passing भी पूरी कर दी गई

    कैसे खुला Borivali RTO का कथित Ghost Permit खेल?

    इसे भी पढ़े:- मालाड में विकास कार्य बना सिरदर्द, लोगों की बढ़ी मुश्किलें

    Permit Renewal ने बढ़ाया शक

    भूपेश मिश्रा के अनुसार, मामला तब सामने आया जब MH47AW0307 नंबर के ऑटो रिक्शा का Permit Renew हो गया।

    यह वाहन जितेंद्र साव के नाम पर था, जो कथित तौर पर मुंबई छोड़कर कोलकाता में रह रहा था। Loan Default के बाद बैंक ने वाहन जब्त कर लिया था।

    मिश्रा ने दावा किया कि Permit Renewal के लिए मालिक का मुंबई आना जरूरी था। लेकिन जब उन्होंने मालिक से फोन पर बात की तो उसने कहा कि वह मुंबई आया ही नहीं।

    यहीं से पूरे मामले पर शक गहरा गया।

    तीन साल पहले मर चुके मालिक के नाम पर Permit Renewal?

    इसे भी पढ़े:- Mumbai: ओशिवारा पुलिस स्टेशन में हंगामा — 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 5 पर जांच शुरू

    Case 1 – MH47AJ0334

    borivali-ghost-auto-permit-scam-mumbai

    इस मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप MH47AJ0334 नंबर के ऑटो से जुड़ा है।

    इस वाहन के मालिक राकेश कुमार अवधनारायण गौड़ की कथित तौर पर 27 मार्च 2023 को मौत हो चुकी थी। शिकायत के मुताबिक, मौत के बाद Finance Company ने वाहन जब्त किया और बाद में यह ऑटो दीनानाथ यादव नामक ड्राइवर तक पहुंचा।

    ड्राइवर ने वाहन की मरम्मत पर लगभग 60 हजार रुपए खर्च किए। लेकिन Permit Expire हो चुका था।

    आरोप है कि एक एजेंट ने करीब 15 हजार रुपए लेकर मृत मालिक के नाम पर ही Permit Renew करवा दिया।

    अब यह वाहन प्रशासन ने ज़ब्त कर लिया है।

    मौत के बाद भी हुआ Vehicle Passing?

    इसे भी पढ़े:- दहिसर टोल हटाओ या मैं खुद तोड़ दूंगा – परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की सख्त चेतावनी

    Case 2 – MH47X4570

    दूसरा मामला MH47X4570 नंबर के ऑटो रिक्शा से जुड़ा है।

    वाहन मालिक राकेश पाल की कथित तौर पर 4 मार्च 2024 को मृत्यु हो चुकी थी। उनकी पत्नी शिव देवी पाल वाहन को किराए पर चलवा रही थीं और भविष्य में Permit Transfer की योजना बना रही थीं।

    लेकिन आरोप है कि वाहन चालक ने अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर बिना किसी Legal Transfer के Vehicle Passing पूरा करा लिया।

    इस घटना ने RTO Verification Process पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    एक महिला के नाम पर दो Auto Permit?

    इसे भी पढ़े:- कांदिवली में मनपा अभियंता अभय जगताप पर सवाल — अवैध निर्माण पर कार्रवाई से क्यों कर रहे हैं इंकार?

    Borivali और Thane दोनों जगह Permit का आरोप

    जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया।

    शोभा हुलमुख नाम की महिला पर आरोप है कि उनके नाम पर दो अलग-अलग RTO Jurisdiction में Auto Permit मौजूद थे।

    borivali-ghost-auto-permit-scam
    borivali-ghost-auto-permit-scam-mumbai-thane

    Vehicles:

    • MH47D4629 – Borivali RTO
    • MH04HJ5056 – Thane RTO

    बताया जा रहा है कि बाद में Thane RTO Portal पर एक रिकॉर्ड लॉक कर दिया गया। उसमें Remark लिखा गया:
    “Single person having two permits.”

    हालांकि महिला ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

    Agent और Officials की मिलीभगत का आरोप

    इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर Verification कैसे पास हुई?

    शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ एजेंट RTO अधिकारियों की कथित मिलीभगत से:

    • Permit Renewal
    • Vehicle Passing
    • Fitness Approval
      जैसी प्रक्रियाएं करा रहे थे।

    यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मुंबई Transport System का बड़ा Corruption Case बन सकता है।

    Important Government Links

    इसे भी पढ़े:- ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल से सफर होगा आसान, डेढ़ घंटे की दूरी अब सिर्फ 15 मिनट में!

    Former Corporator Sheetal Mhatre ने मांगी जांच

    Sheetal-mhatre
    पूर्व नगरसेविका शितल म्हात्रे की फाइल फोटो

    पूर्व नगरसेवक Sheetal Mhatre ने RTO Commissioner को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की है।

    उन्होंने कहा कि:

    “सरकारी दफ्तर नागरिकों की सुरक्षा के लिए होते हैं, न कि मृत लोगों के नाम पर Renewal करने के लिए।”

    उन्होंने मांग की:

    • पिछले 3 साल के Permit Transactions का Audit
    • दोषियों पर Departmental Action
    • Agent Nexus की जांच
    • Public Report जारी हो

    इसे भी पढ़े:- मालाड में 22वीं मंज़िल से कूदने जा रहे बुज़ुर्ग को पुलिस और फायर ब्रिगेड ने बचाया, तलाक के बाद तनाव में था शख्स

    RTO प्रशासन ने क्या कहा?

    Assistant Transport Officer श्याम कासर के मुताबिक:

    “मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।”

    फिलहाल Borivali RTO और Thane RTO दोनों इस मामले की जांच में जुटे हैं।

    मुंबई में क्यों बड़ा मुद्दा बन गया यह मामला?

    मुंबई में Auto Rickshaw Permit Limited Category में आते हैं। Permit Transfer और Renewal के लिए सख्त Verification जरूरी होती है।

    ऐसे में मृत लोगों के नाम पर Renewal होना आम लोगों के बीच बड़ा सवाल बन गया है।

    अब मांग उठ रही है कि:

    • Aadhaar Based Verification लागू हो
    • Biometric Authentication अनिवार्य बने
    • Agent System पर सख्ती हो

    इसे भी पढ़े:- मुंबई में खाने के झगड़े ने ली जान: दोस्तों ने टैक्सी ड्राइवर की कर दी हत्या


    FAQ

    Q1. Borivali Ghost Permit Scam क्या है?

    मृत ऑटो मालिकों के नाम पर Permit Renewal और Vehicle Passing के आरोपों को Ghost Permit Scam कहा जा रहा है।

    Q2. कितने वाहन ज़ब्त हुए?

    फिलहाल दो वाहनों को जांच के लिए ज़ब्त किया गया है।

    Q3. क्या इसमें RTO अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है?

    शिकायतकर्ता ने Agent-Official Nexus का आरोप लगाया है। जांच जारी है।

    Q4. क्या एक व्यक्ति दो Auto Permit रख सकता है?

    Transport Rules के अनुसार यह नियमों के खिलाफ माना जाता है।

    Conclusion

    Borivali RTO Ghost Permit Scam ने मुंबई Transport System की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मृत लोगों के नाम पर Permit Renewal और Vehicle Passing के आरोपों ने आम नागरिकों का भरोसा हिला दिया है।

    अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और क्या प्रशासन दोषियों पर सख्त कार्रवाई करता है या नहीं।