Category: Mumbai News

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  • मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 होगा ध्वस्त, नवी मुंबई एयरपोर्ट से मिलेगा विकल्प – यात्रियों पर दबाव बढ़ने की आशंका

    मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 होगा ध्वस्त, नवी मुंबई एयरपोर्ट से मिलेगा विकल्प – यात्रियों पर दबाव बढ़ने की आशंका

    मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 जल्द ध्वस्त किया जाएगा। फिलहाल इसे टाला गया है ताकि यात्रियों को दिक्कत न हो। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद ही यह कदम उठाया जाएगा। हर साल 1 करोड़ से ज्यादा यात्री टर्मिनल-1 से सफर करते हैं।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी का छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) यात्रियों की बढ़ती संख्या से जूझ रहा है। इसी बीच प्रशासन ने जानकारी दी है कि मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 (T1) ध्वस्त किया जाएगा। हालांकि यह प्रक्रिया फिलहाल तुरंत नहीं होगी, बल्कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) का टर्मिनल-2 चालू होने के बाद इसे लागू किया जाएगा। Mumbai Airport’s Terminal-1 will be demolished, Navi Mumbai Airport will provide an alternative – There is a possibility of increased pressure on passengers

    क्यों होगा टर्मिनल-1 का ध्वस्तीकरण?

    यह फैसला CSMIA के बड़े रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

    • हर साल टर्मिनल-1 से ही 1 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर करते हैं।
    • सुरक्षा और मैनेजमेंट कारणों से टर्मिनल-1 के कुछ हिस्से पहले ही बंद किए जा चुके हैं।
    • प्रशासन का कहना है कि अगर T1 को अभी बंद किया गया, तो बाकी सिस्टम पर भारी दबाव पड़ेगा।

    एडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के सीईओ अरुण बंसल ने कहा –
    “हमने सुरक्षा कारणों से टर्मिनल-1 के कुछ हिस्से पहले ही अस्थायी रूप से बंद किए हैं। लेकिन पूरी तरह से डिमोलिशन तभी होगा जब नवी मुंबई एयरपोर्ट पर नई सुविधा उपलब्ध होगी।”

    नवी मुंबई एयरपोर्ट से मिलेगी राहत

    मुंबई एयरपोर्ट के मौजूदा ढांचे में अतिरिक्त यात्रियों को संभालने की क्षमता नहीं है। ऐसे में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने के बाद ही यह फैसला लागू किया जाएगा।

    • नवी मुंबई एयरपोर्ट से यात्री भार का दबाव कम होगा।
    • इसके बाद टर्मिनल-1 को हटाकर आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और नई बिल्डिंग तैयार की जाएगी।
    • प्रोजेक्ट मैनेजर्स के मुताबिक, नई इमारत बनने में कई साल लग सकते हैं।

    यात्रियों पर असर

    फिलहाल मुंबई एयरपोर्ट पर रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं।

    • टर्मिनल-1 मुख्य रूप से डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए इस्तेमाल होता है।
    • अगर इसे बिना विकल्प बंद किया गया, तो यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
    • प्रशासन का अनुमान है कि यह कदम पूरे एयरपोर्ट सिस्टम पर दबाव डाल सकता है।

    मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 ध्वस्त करना भविष्य की जरूरत है ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर मिल सके। लेकिन फिलहाल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसे टाल दिया है। नवी मुंबई एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यह बड़ा बदलाव लागू किया जाएगा। Mumbai Airport’s Terminal-1 will be demolished, Navi Mumbai Airport will provide an alternative – There is a possibility of increased pressure on passengers

  • मुंबई स्लम रीडेवलपमेंट: सुप्रीम कोर्ट ने जमीन मालिक के अधिकार को माना, सरकारी अधिग्रहण नोटिस रद्द

    मुंबई स्लम रीडेवलपमेंट: सुप्रीम कोर्ट ने जमीन मालिक के अधिकार को माना, सरकारी अधिग्रहण नोटिस रद्द

    सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के कुर्ला इलाके की जमीन पर बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि स्लम रीडेवलपमेंट में जमीन मालिक का पहला अधिकार है। कोर्ट ने 2018 के बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और महाराष्ट्र सरकार का भूमि अधिग्रहण रद्द कर दिया।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के कुर्ला इलाके में स्लम रीडेवलपमेंट से जुड़ा अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में जमीन मालिक का पहला अधिकार होता है, न कि सिर्फ झोपड़पट्टीवासियों या स्लम अथॉरिटी (SRA) का।
    22 अगस्त को दिए गए इस फैसले में कोर्ट ने 2018 में बॉम्बे हाई कोर्ट के उस निर्णय को बरकरार रखा, जिसमें महाराष्ट्र सरकार के अधिग्रहण आदेश को रद्द किया गया था। Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice

    पृष्ठभूमि – 1979 से शुरू हुआ विवाद

    विवादित जमीन पर साल 1979 में झोपड़पट्टीवासियों ने कब्जा कर लिया था। इसके बाद लगभग 3,045 वर्ग मीटर जमीन को स्लम एरिया घोषित किया गया। समय के साथ बस्ती बढ़ती गई और 2002 में वहां के निवासियों ने तराबाई नगर को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी (Tarabai Society) का गठन किया।
    2006 से 2008 के बीच सोसाइटी ने बार-बार स्लम सर्वे और अधिग्रहण की मांग की। अंततः 2011 में पूरी जमीन को SRA एरिया घोषित कर दिया गया। Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice

    जमीन मालिक का हक बनाम झोपड़पट्टीवासियों का अधिकार

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमीन मालिक को महाराष्ट्र स्लम एरिया (इम्प्रूवमेंट, क्लियरेंस और रीडेवलपमेंट) एक्ट, 1971 के तहत अधिकार तो हैं ही, लेकिन उससे भी बढ़कर संवैधानिक और संपत्ति से जुड़े मौलिक अधिकार हैं।
    जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन के सिंह की बेंच ने कहा –
    “Ordinarily, a landowner is entitled to all the incidental benefits derived from the ownership of such immovable property. Ownership rights are also constitutionally protected and can only be interfered with as a result of the operation of law.”

    “Unholy Nexus” की चेतावनी

    कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर SRA और प्राइवेट डेवलपर्स को मनमानी छूट मिल गई तो यह “Unholy Nexus” (गठजोड़) को जन्म देगा, जिससे सबसे ज्यादा नुकसान स्लमवासियों को होगा।
    सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि –

    • जमीन मालिक को पहले मौका देना जरूरी है।
    • अगर जमीन मालिक रीडेवलपमेंट का प्रस्ताव समय पर नहीं लाता, तो स्लमवासी डेवलपर के साथ खुद प्रस्ताव ला सकते हैं।
    • बिना जमीन मालिक को सूचना दिए उसे अधिग्रहण का जिम्मेदार ठहराना अनुचित है।

    सरकार का नोटिफिकेशन रद्द

    2016 में महाराष्ट्र सरकार ने जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी रूप से गलत थी।
    कोर्ट ने दो टूक कहा कि –
    “सिर्फ एरिया को SR एरिया घोषित करने से यह नहीं माना जा सकता कि मालिक को स्वचालित रूप से रीडेवलपमेंट स्कीम लाना ही होगा।”

    नतीजा

    यह फैसला न सिर्फ जमीन मालिकों के लिए बल्कि मुंबई के स्लम रीडेवलपमेंट मॉडल के लिए भी ऐतिहासिक है। सुप्रीम कोर्ट ने जमीन मालिकों को प्राथमिक अधिकार देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि स्लमवासियों का पुनर्विकास न्यायसंगत और पारदर्शी प्रक्रिया से ही होना चाहिए। Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice

  • मुंबई की स्टार्टअप कंपनी में अनोखी नौकरी – ‘Doom-Scroller’

    मुंबई की स्टार्टअप कंपनी में अनोखी नौकरी – ‘Doom-Scroller’

    Monk Entertainment के CEO विराज शेट ने अनोखी नौकरी निकाली है। कंपनी को चाहिए Doom-Scoller, जो दिनभर सोशल मीडिया पर ट्रेंड्स और क्रिएटर कल्चर पर नजर रखे। जानें क्या है योग्यता और सैलरी। Mumbai company will give jobs to ‘Doom-Scrollers’, their only work will be Insta-scrolling all day long.

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    क्या आपने कभी सोचा है कि सोशल मीडिया पर घंटों तक इंस्टाग्राम और रील्स स्क्रॉल करना भी नौकरी बन सकता है? जी हां, मुंबई की मशहूर क्रिएटर मैनेजमेंट कंपनी Monk Entertainment (Monk-E) के को-फाउंडर और CEO विराज शेट ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर बताया कि कंपनी को चाहिए फुल-टाइम Doom-ScrollerMumbai company will give jobs to ‘Doom-Scrollers’, their only work will be Insta-scrolling all day long.

    कौन है Doom-Scroller?

    ‘Doom-Scroller’ दरअसल वह होता है जो लगातार घंटों तक सोशल मीडिया पर ट्रेंड्स, वायरल कंटेंट और क्रिएटर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट्स पर नजर रखता है।
    Monk-E ने इस जॉब के लिए साफ शर्त रखी है कि उम्मीदवार को कम से कम 6 घंटे रोज़ Instagram पर स्क्रॉलिंग करनी होगी। Mumbai company will give jobs to ‘Doom-Scrollers’, their only work will be Insta-scrolling all day long.

    नौकरी के लिए योग्यता और स्किल्स

    कंपनी ने इस रोल के लिए कुछ जरूरी स्किल्स भी बताए हैं –

    • हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में फ्लुएंसी होना जरूरी।
    • सोशल मीडिया का डीप नॉलेज और क्रिएटर कल्चर के प्रति जुनून।
    • Reddit के InstaCelebsGossip जैसे ऑनलाइन कम्युनिटी में रुचि।
    • ह्यूमर और पर्सनैलिटी के साथ मेल भेजने की क्षमता (सीधा कॉपी-पेस्ट नहीं, खुद की क्रिएटिविटी दिखानी होगी)।

    विराज शेट ने अपने पोस्ट में लिखा –
    “Hiring Doom-Scollers at Monk-E. Write to careers@monk-e.in with ‘doomscroller’ as the title. Please show some personality/humour in the email body. Do not use ChatGPT for it.”

    सैलरी और जॉब लोकेशन

    यह नौकरी मुंबई में फुल-टाइम होगी और कंपनी ने इसे प्रतिस्पर्धी सैलरी पैकेज के साथ ऑफर किया है। हालांकि, कितनी सैलरी मिलेगी यह अभी तक डिस्क्लोज़ नहीं किया गया है।

    सोशल मीडिया पर यूजर्स की मजेदार प्रतिक्रिया

    इस पोस्ट ने इंटरनेट पर धूम मचा दी। कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा –

    • “अब मम्मी को बोलूंगा कि मेरा Doom-Scrolling टाइम बर्बादी नहीं बल्कि नौकरी है।”
    • “19 घंटे स्क्रॉल करता हूं, क्या मैं ओवरक्वालिफाइड हूं?”
    • “बुरा एडिक्शन नहीं, अब ये पैसों वाली स्किल है।”

    कई यूजर्स ने इसे मजाक समझा, जबकि बहुतों ने सच में “I am interested” लिखकर कॉमेंट कर दिया।

  • मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे पाटिल का मुंबई कूच, 29 अगस्त से आज़ाद मैदान में आखिरी लड़ाई

    मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे पाटिल का मुंबई कूच, 29 अगस्त से आज़ाद मैदान में आखिरी लड़ाई

    मराठा आरक्षण के लिए मनोज जरांगे पाटिल ने मुंबई कूच का ऐलान किया है। 27 अगस्त से जालना से यात्रा शुरू होगी और 29 अगस्त से मुंबई के आज़ाद मैदान में शांतिपूर्ण आंदोलन होगा। जानिए पूरी खबर।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    महाराष्ट्र में एक बार फिर से मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाने लगा है। मराठा समाज के प्रमुख कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने साफ कर दिया है कि अब आरक्षण की लड़ाई सीधी मुंबई की सड़कों पर लड़ी जाएगी।
    उन्होंने रविवार 24 अगस्त को मराठा समाज से अपील करते हुए कहा कि 27 अगस्त को ‘चलो मुंबई’ मार्च में शामिल हों और 29 अगस्त से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के आज़ाद मैदान में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    “अब मुकाबला मुंबई में होगा” – जरांगे

    बीड जिले के मंजरसुम्बा गांव में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए जरांगे ने कहा कि अगर गांव-गांव में जुटी भीड़ से सरकार को फर्क नहीं पड़ा तो असली दबाव मुंबई पहुंचने के बाद ही महसूस होगा।
    जरांगे ने कहा, “अब मुकाबला मुंबई में होगा। यह हमारी आखिरी लड़ाई है और हम मराठा आरक्षण लिए बिना पीछे नहीं हटेंगे।” Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    मराठा आरक्षण: ओबीसी कोटे में शामिल करने की मांग

    जरांगे और उनके समर्थकों की मुख्य मांग है कि मराठा समाज को ओबीसी आरक्षण में शामिल किया जाए, ताकि समाज के युवाओं को सरकारी नौकरी और शिक्षा में समान अवसर मिल सके।
    जरांगे 27 अगस्त को अपने पैतृक स्थान अंतरवाली सरती (जालना जिला) से मुंबई कूच करेंगे और हजारों समर्थकों के साथ आज़ाद मैदान तक पहुंचेंगे। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    सीएम फडणवीस पर गंभीर आरोप

    जरांगे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाया कि वे छोटी-छोटी अड़चनें खड़ी करके मराठा समाज को उकसाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा –
    “सीएम फडणवीस हमें पुलिस के जरिए परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे। पुलिस को हमें परेशान करने की बजाय बीड के महादेव मुंडे के हत्यारों को पकड़ना चाहिए।” Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने की अपील

    जरांगे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने मराठा समाज से अपील की कि अगर कोई आंदोलन को भटकाने की कोशिश करे तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाए।
    उन्होंने यह भी कहा कि “अगर कोई पत्थर फेंकेगा तो वह हमारा आदमी नहीं होगा, बल्कि यह सरकार की साज़िश भी हो सकती है।” Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    सरकार के लिए बड़ी चुनौती

    जरांगे का यह आंदोलन महाराष्ट्र सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। मराठा आरक्षण की मांग लंबे समय से चल रही है और हर बार यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गरमा जाता है। जरांगे का यह ऐलान साफ संकेत देता है कि मुंबई में मराठा आरक्षण की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ी जाएगी। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

  • मुंबई BEST क्रेडिट सोसायटी चुनाव: ठाकरे पैनल को झटका, बीजेपी समर्थित पैनल की जीत

    मुंबई BEST क्रेडिट सोसायटी चुनाव: ठाकरे पैनल को झटका, बीजेपी समर्थित पैनल की जीत

    मुंबई BEST क्रेडिट सोसायटी चुनाव में ठाकरे गठबंधन को बड़ा झटका। शशांक राव पैनल ने 14 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी नेताओं का पैनल 7 सीटों पर विजयी रहा।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: मुंबई BEST क्रेडिट सोसायटी चुनाव में ठाकरे गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। नौ साल बाद हुए इस चुनाव में शशांक राव पैनल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 21 में से 14 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, बीजेपी नेताओं प्रसाद लाड और प्रवीण डेरेकर के नेतृत्व वाला ‘सहकार समृद्धि’ पैनल 7 सीटों पर विजयी रहा। चौंकाने वाली बात यह रही कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के ‘उत्कर्ष पैनल’ को एक भी सीट नहीं मिली। Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

    ठाकरे ब्रांड को झटका, विपक्ष के तंज

    इस हार पर विपक्षी नेताओं ने ठाकरे परिवार पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “लोगों ने ठाकरे ब्रांड को नकार दिया है। जिन्होंने EVM पर सवाल उठाए थे, उन्हें जनता ने करारा जवाब दिया है।” वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तंज कसते हुए कहा कि “जो काम करते हैं उन्हें मौका मिलेगा, और जो घर पर बैठते हैं उन्हें जनता घर पर ही बैठा देगी।”

    शिवसेना (UBT) और MNS के आरोप

    शिवसेना (UBT) नेता सुहास सामंत और मनसे नेता संदीप देशपांडे ने आरोप लगाया कि इस चुनाव में पैसे का खेल हुआ। उनका कहना था कि ठाकरे पैनल पैसे की ताकत के आगे टिक नहीं सका। Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

    शशांक राव का बयान

    चुनाव जीतने के बाद शशांक राव ने कहा कि यह जीत BEST कर्मचारियों की आवाज है। उन्होंने शिवसेना (UBT) पर आरोप लगाते हुए कहा कि “ठाकरे पैनल ने कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, प्राइवेटाइजेशन की नीति अपनाई और ग्रेच्युटी फंड का गलत इस्तेमाल किया। कर्मचारियों की भर्तियां सालों से लंबित थीं और सातवें वेतन आयोग का लाभ भी नहीं मिला। यही वजह रही कि इस बार कर्मचारियों ने बदलाव का मन बनाया।”

    चुनाव का राजनीतिक महत्व

    करीब 17,000 सदस्यों वाली इस क्रेडिट सोसायटी के चुनाव को आगामी बीएमसी चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। चुनाव में कुल 15,093 मतदाता दर्ज थे और हर विजयी उम्मीदवार को औसतन 4000 से ज्यादा वोट मिले। Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

  • मुंबई का ‘बीयर मैन’: सीरियल किलर जिसने खून और बीयर के साथ रचे 15 मर्डर

    मुंबई का ‘बीयर मैन’: सीरियल किलर जिसने खून और बीयर के साथ रचे 15 मर्डर

    मुंबई का कुख्यात सीरियल किलर “बीयर मैन” 2006-07 में 15 हत्याओं के लिए बदनाम हुआ। हर लाश के पास बीयर की बोतल मिलती थी, जानिए पूरी कहानी।

    मुंबई: साल 2006 में शहर की सड़कों पर एक सनकी सीरियल किलर का खौफ फैल गया था। लोग उसे मुंबई बीयर मैन सीरियल किलर कहते थे, क्योंकि वह हर हत्या के बाद लाश के पास एक बीयर की बोतल छोड़ जाता था। यह पैटर्न मुंबई पुलिस के लिए सबसे बड़ी पहेली बन गया था। Mumbai’s ‘Beer Man’: The serial killer who committed 15 murders with blood and beer

    पहला मर्डर और बीयर की बोतल

    अक्टूबर 2006 में मरीन लाइन स्टेशन पर टैक्सी ड्राइवर विजय की लाश मिली। लाश के पास पड़ी बीयर की खाली बोतल ने पुलिस को चौंका दिया। इसके दो महीने बाद दिसंबर में चर्चगेट स्टेशन पर एक और शव मिला। फिर जनवरी 2007 तक कुल 7 हत्याएं सामने आ चुकी थीं। हर बार लाश के पास बीयर की बोतल मिलती थी।

    पुलिस जांच और SIT

    लगातार हत्याओं के बाद मुंबई पुलिस ने SIT बनाई। मगर सबूत के नाम पर सिर्फ खाली बीयर की बोतलें थीं। फिर 22 जनवरी 2007 को धोबी तालाब इलाके से रविंद्र कांतरोल नामक संदिग्ध पकड़ा गया। उसके पास खून के छींटों वाले कपड़े और खंजर मिला। Mumbai’s ‘Beer Man’: The serial killer who committed 15 murders with blood and beer

    कबूलनामे ने हिला दी पुलिस

    नार्को टेस्ट के दौरान रविंद्र ने 15 हत्याओं की कबूलियत की। उसने बताया कि वह नशे का आदी था। पहले लोगों को बीयर पिलाता, फिर उन्हें पीट-पीटकर मार देता। वजह पूछे जाने पर उसने कहा—“मुझे खून से प्यार है।” Mumbai’s ‘Beer Man’: The serial killer who committed 15 murders with blood and beer

    अदालत का फैसला

    तीन मामलों में सबूत मिलने के बाद 2009 में अदालत ने रविंद्र कांतरोल को उम्रकैद की सज़ा सुनाई। हालांकि मुंबईवासी आज भी इस बीयर मैन हत्याकांड को याद कर कांप उठते हैं। Mumbai’s ‘Beer Man’: The serial killer who committed 15 murders with blood and beer

  • मुंबई बिजनेसमैन कंगाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में 12 करोड़ गंवाए, परिवार और कारोबार तबाह

    मुंबई बिजनेसमैन कंगाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में 12 करोड़ गंवाए, परिवार और कारोबार तबाह

    मुंबई के एक बिजनेसमैन ने ऑनलाइन सट्टेबाजी गेमिंग ऐप में 12 करोड़ रुपये गंवाए। लॉकडाउन में शुरू हुई लत ने कारोबार और परिवार दोनों बर्बाद कर दिए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    लॉकडाउन में शुरू हुई ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत ने एक बिजनेसमैन की जिंदगी तबाह कर दी। चार साल में उसने करीब 12 करोड़ रुपये एक गेमिंग ऐप पर गँवा दिए। परिवार और कारोबार दोनों बर्बाद हो गए और अब वह चाहता है कि सरकार ऐसे फर्जी गेमिंग ऐप्स पर कड़ा एक्शन ले। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    लॉकडाउन में मिली बर्बादी की शुरुआत

    2020 के कोविड लॉकडाउन में बिजनेसमैन ने एक सेलेब्रिटी द्वारा प्रमोट किए गए गेमिंग ऐप पर छोटे दांव लगाना शुरू किया। शुरुआत में लाखों की जीत ने उन्हें लुभाया, लेकिन धीरे-धीरे हार का सिलसिला बढ़ता गया। लत इतनी गहरी हो गई कि सालों की मेहनत से कमाया हुआ पैसा कुछ ही सालों में डूब गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    परिवार और कारोबार पर असर

    ऑनलाइन सट्टेबाजी की वजह से उनके माता-पिता को गंभीर स्वास्थ्य झटके लगे और कारोबार में भी नुकसान हुआ। जो बिजनेस पहले विदेश यात्राएं और मुनाफा देता था, वह अब घाटे में चला गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    “गेमिंग की लत नशे जैसी” – मनोचिकित्सक

    मनोचिकित्सक डॉ. अविनाश देसूसा का कहना है कि ऑनलाइन जुआ लत उतनी ही खतरनाक है जितनी ड्रग्स की। जीत का लालच खिलाड़ियों को बार-बार पैसे लगाने पर मजबूर करता है और बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    पुलिस शिकायत और विदेशी ऐप का जाल

    2024 में पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि जिस गेमिंग ऐप ठगी में उन्होंने करोड़ों गंवाए, उसका भारत में कोई ठिकाना नहीं। यह अवैध रूप से चलाया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह ऐप ब्लॉक है, लेकिन भारत में अब तक कार्रवाई नहीं हुई। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    जीत के लालच से हुआ धोखा

    शुरुआत में उन्होंने लाखों जीते, लेकिन रकम निकालने पर KYC का बहाना बनाया गया। बाद में अलग-अलग बैंक खातों और UPI आईडी में पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। इसी तरह उन्होंने करोड़ों रुपये फर्जी खातों में भेज दिए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    बैंक और संदिग्ध कॉल्स का खेल

    जब उन्होंने एक खाते में डाले गए 25 लाख रुपये को लेकर बैंक से सवाल किया, तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें फर्जी कॉल आने लगे। एक शख्स ने गृह मंत्रालय का कर्मचारी बनकर 10 लाख रुपये के बदले पैसे वापस दिलाने का झांसा भी दिया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    “डिजिटल गिरफ्तारी” से सबक

    आखिरकार कारोबारी को एहसास हुआ कि वह डिजिटल गिरफ्तारी जैसी स्थिति में फँस चुका था। अब वह चाहता है कि सरकार सख्ती दिखाए और इन अवैध ऐप्स पर पूरी तरह बैन लगाया जाए ताकि कोई और उसकी तरह जिंदगी और कमाई दोनों न गंवाए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

  • ‘साइकिल बैंक’ से लड़कियों की पढ़ाई को मिलेगी रफ्तार, पुणे जिला परिषद की अनोखी पहल

    ‘साइकिल बैंक’ से लड़कियों की पढ़ाई को मिलेगी रफ्तार, पुणे जिला परिषद की अनोखी पहल

    महाराष्ट्र में पुणे जिला परिषद ने एक अनोखी पहल की है। इसमें साइकिल बैंक के उपयोग से ग्रामीण भाग की लड़कियों की शिक्षा को नई गती मिलेगी और उनकी मुश्किलें कम होंगी। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    पुणे: ग्रामीण इलाकों में पढ़ने वाली छात्राओं को अब स्कूल आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। पुणे जिला परिषद ने इसके लिए ‘साइकिल बैंक’ नाम का अनोखा उपक्रम शुरू किया है। इस पहल को समाज से भी जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है और अब तक प्रशासन को 1,430 साइकिलें दान में मिल चुकी हैं। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    कैसे काम करेगी ‘साइकिल बैंक’?

    यह योजना फिलहाल पांचवीं से आठवीं तक पढ़ने वाली छात्राओं के लिए है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कई गांवों में साइकिलें बच्चियों को दी गईं।
    नियम यह है कि आठवीं तक पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्राओं को साइकिल वापस ‘साइकिल बैंक’ में जमा करनी होगी, ताकि वही साइकिल दूसरी ज़रूरतमंद बच्ची को मिल सके। इस तरह एक साइकिल से कई छात्राओं को फायदा मिलेगा। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    उद्देश्य क्या है?

    ग्रामीण छात्राओं को अक्सर स्कूल जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। कई बार पैदल दूरी ज्यादा होने की वजह से लड़कियां स्कूल छोड़ भी देती हैं। इस समस्या को हल करने और नियमित हाज़िरी बढ़ाने के मकसद से जिला परिषद ने यह पहल शुरू की है।
    मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील ने बताया – “इस उपक्रम से ग्रामीण भाग की लड़कियों की शिक्षा को नई गती मिलेगी और उनकी मुश्किलें कम होंगी।” Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    अब तक कितनी साइकिलें मिलीं?

    अब तक पुणे जिले के अलग-अलग तालुकों से 1,430 साइकिलें जमा हुई हैं। इनमें सबसे ज्यादा साइकिलें शिरूर (331) और खेड (250) से आई हैं। इसके अलावा मुळशी (125), जुन्नर (112), मावळ (112), बारामती (110), पुरंदर (108), इंदापूर (101), आंबेगाव (60), दौंड (51), हवेली (30), भोर (15) और राजगड/वेल्हे (25) तालुकों से भी योगदान मिला है। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    खास बातें

    • यह योजना इसी शैक्षणिक वर्ष से शुरू हुई है।
    • जिले में पांचवीं से आठवीं तक करीब 32 से 35 हजार छात्राएं हैं।
    • साइकिलें ज्यादातर CSR फंड से खरीदी जाएंगी, जरूरत पड़ने पर जिला निधि से भी खरीदी होगी।
    • इन साइकिलों का लाभ सिर्फ जरूरतमंद और ग़रीब परिवार की बच्चियों को मिलेगा।
  • भाभा अस्पताल में रामशरीक सोनार की रहस्यमय मौत, डॉक्टर-पुलिस पर सवाल

    भाभा अस्पताल में रामशरीक सोनार की रहस्यमय मौत, डॉक्टर-पुलिस पर सवाल

    मुंबई कुर्ला भाभा अस्पताल में रामशरीक सोनार की संदिग्ध मौत ने डॉक्टरों और पुलिस की मिलीभगत पर सवाल खड़े किए। पोस्टमार्टम और जांच पर विवाद। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    वी बी माणिक
    मुंबई:
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कुर्ला पश्चिम स्थित भाभा अस्पताल में 4 अगस्त को हुई रामशरीक सोनार की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से इस मामले को दबाने की कोशिश की गई। मृत अवस्था में लाए गए रामशरीक को डॉक्टरों ने भर्ती दिखाया, आईसीयू में सीपीआर देने का नाटक किया और फिर बिना पोस्टमार्टम शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवा दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम से परिजनों और आम जनता में आक्रोश फैल गया है। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    अस्पताल पर उठे सवाल

    रामशरीक सोनार को 4 अगस्त दोपहर करीब 3:45 बजे मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। सवाल यह है कि जब मरीज पहले से मृत था, तो उसे किस नियम के तहत भर्ती किया गया? अस्पताल की सुपरिटेंडेंट डॉ. पद्मश्री अहिरे ने तत्काल आईसीयू में भर्ती कर सीपीआर देने का आदेश क्यों दिया? मृतक का डेथ सर्टिफिकेट किसी प्राइवेट डॉक्टर से बनवाया गया, जो गंभीर शंका पैदा करता है। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    पुलिस पर उठे सवाल

    अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाने के साथ-साथ पुलिस की कार्यवाही भी संदिग्ध नजर आती है। पुलिस उपनिरीक्षक विकास माली ने पोस्टमार्टम क्यों नहीं करवाया? क्यों पूरी रात शव अस्पताल में रखा गया और 5 अगस्त की सुबह आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया गया? इससे यह अंदेशा और गहरा हो गया है कि मामले को दबाने के लिए सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से किया गया। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    मौत का रहस्य

    मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में गरीब मरीजों के साथ लगातार दुर्व्यवहार होता है, उनसे बाहर से दवाइयाँ मंगाई जाती हैं और भ्रष्टाचार खुलेआम चलता है। वहीं, रामशरीक की बीमारी और उनके पहले इलाज की जानकारी भी स्पष्ट नहीं है, जिससे उनकी मौत का रहस्य और गहरा हो गया है। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    जांच की मांग

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर रामशरीक की रहस्यमय मौत के पीछे कौन जिम्मेदार है? क्या डॉक्टर और पुलिस की मिलीभगत से यह खेल खेला गया? इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

  • मुंबई के दहिसर में मिलावटखोरी के खिलाफ फूड एंड ड्रग्स की कार्रवाई

    मुंबई के दहिसर में मिलावटखोरी के खिलाफ फूड एंड ड्रग्स की कार्रवाई

    मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने दहिसर पूर्व इलाके में फूड एंड ड्रग्स ऑफिसर की मदद से छापामारी कर 39,917 रुपये के माल जब्त किया है। गिरफ्तार 38 वर्षीय आरोपी अमूल, गोकुल और नंदिनी दूध में मिलावटखोरी कर बिक्री कर रहा था।

    मुंबई: दहिसर (पूर्व), रूम नं. 07, मनुभाई चाळ, एस.पी.रोड, घरटनपाडा, नितीन इंडस्ट्रीज के कमरे में तडके सुबह के लगभग 5 बजे जब मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने छापेमारी की तो वहां 38 वर्षीय सैदुल नरसिम्हा कावेरी नामक व्यक्ति अमूल, गोकुल और नंदिनी ब्रांड के दूध के पैकेट में अस्वच्छ पानी मिला कर पैकिंग करता हुआ पकड़ा गया। इसकी गुप्त सूचना पहले से मिली थी इसलिए पुलिस ने मुंबई शहर की अन्न सुरक्षा अधिकारी श्रीमती अर्चना रामभाऊ वानरे को भी साथ ले गई थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दहिसर पश्चिम के आईसी कॉलोनी झोपडपट्टी इलाके और चाय की टपरी चलाने वालों को यह मिलावटी दूध का पैकेट वितरित करता था। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

    दूध में मिलावटखोरी

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    दूध हमारे जीवन का इतना महत्वपूर्ण आहार है। जिसे हमारे शारिरीक पोषक तत्व के लिए इस्तेमाल करते है। खासकर हम अपने बच्चों को एक भरोसे के आधार पर कंपनी के ब्रांड को देखते हुए खरीद कर पिला देते हैं। ऐसे में मिलावट खोरी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कितना महंगा पड़ सकता है। इस बारे में सोचना भी कोई नही चाहेगा। लेकिन कुछ लोग मुनाफे के चक्कर में मिलावटी दूध बेचकर हमारे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे ही एक सूचना पर मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने सतर्कता दिखाई और सीधे फूड एंड ड्रग्स ऑफिसर को साथ लेकर छापामारी कर दी।

    पुलिस ने क्या कहा?

    दहिसर (पूर्व) क्राईम ब्रांच युनिट 12 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन गवस ने बताया कि युनिट की महिला पुलिस हवलदार पडवळ को इसकी गुप्त सूचना मिली थी। उन्होंने बताया, कि हमने अन्न व औषध प्रशासन से संपर्क किया और मुंबई शहर अन्न सुरक्षा अधिकारी के साथ सहायक पुलिस निरीक्षक रासकर, पुलिस हवलदार बिचकर, गोमे, गोरूले, महिला पुलिस हवलदार पडवळ, पुलिस सिपाही के साथ एक टीम बनाकर घटना स्थल पर छापामारी की जहां से आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया। घटना स्थल से (1) अमुल, गोकुळ व नंदिनी नामांकीत कंपनी के 29,917/- रू किमत के कुल 488 लिटर दुध, (2) अमुल ताजा, अमुल गोल्ड व अमुल बफेलो के 1350 बनावट खाली प्लास्टिक की थैलियां (3) दूध में मिलावटखोरी के लिए आवश्यक साधन सामुग्री (4) मोबाईल फोन तकरिबन 10,000/- रू कुल मिलाकर लगभग 39,917/- रुपये का माल जब्त किया गया।

    पहले भी यही करता था और हुआ था गिरफ्तार

    पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दहिसर पुलिस थाने में पहले से इसी तरह का अपराध दर्ज है। दहिसर पुलिस ठाणे गुरक्र. 175/2021 भारतीय दंड संहिता की धारा  272, 482, 486, 420, 468, 34 एवं अन्न सुरक्षा व मानदे अधिनियम 2006 व नियमन 2011 की धारा 26, 27, 31 में भी इसी तरह के अपराध में इसकी गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस ने बताया कि फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आरोपी को दहिसर पुलिस थाने के हवाले कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 274, 345(3), 347(1), 318(4), 336(3), 3(5) के साथ-साथ  26, 27, 31, शिक्षा कलम 59 व 63 अन्न सुरक्षा व मानदे कायदा 2006 नियम व नियमन 2011 के तहत गिरफ्तार किया गया है। मामले की और अधिक तहकीकात दहिसर पुलिस कर रही है। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai