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मुख्यमंत्री ने कहा कि सहायता कोष योजना में एआई तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए, तालुकावार रोगी मित्रों की नियुक्ति की जानी चाहिए, पैनल में अधिक अस्पतालों को शामिल किया जाना चाहिए, जियो-टैगिंग के माध्यम से रोगियों को नजदीकी अस्पतालों की जानकारी प्रदान की जानी चाहिए और एक टोल-फ्री नंबर शुरू किया जाना चाहिए। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)
केंद्रीय मंत्री पीयुष गोयल ने कहा कि भगवती अस्पताल को आम लोगों की सेवा के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) या धर्मार्थ आधार पर चलाया जाएगा।
मुंबई- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मुंबई के बोरीवली इलाके में पुन: र्निर्मित भगवती अस्पताल में मरीजों को सस्ती चिकित्सा सेवा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भगवती अस्पताल को आम लोगों की सेवा के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) या धर्मार्थ आधार पर चलाया जाएगा। उत्तर मुंबई निर्वाचन क्षेत्र के सांसद पीयूष गोयल ने शनिवार को बोरीवली के स्थानीय मनपा कार्यालय में क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान बृहन्मुंबई महानगर पालिका कमिश्नर भूषण गगरानी और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
सस्ती चिकित्सा का लाभ
गोयल ने कहा, “भगवती अस्पताल को बिना लाभ और बिना नुकसान के आधार पर चलाया जाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि आम लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत सस्ती चिकित्सा मिले।” बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने 500 करोड़ रुपये की लागत से इस अस्पताल का रि डेवलपमेंट कार्य पूरा किया है। बीएमसी के प्रस्ताव के अनुसार, 148 बिस्तरों का उपयोग बीएमसी चिकित्सा उपचार दरों के अनुसार किया जाएगा, जबकि शेष 480 बिस्तरों का उपयोग निजी बिस्तरों के रूप में किया जाएगा। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
राजनीतिक दलों का विरोध
बीएमसी ने पुनर्विकसित नागरिक संचालित भगवती अस्पताल को सार्वजनिक और निजी भागीदारी के तहत चलाने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं और इस निर्णय का नागरिकों और राजनीतिक दलों ने विरोध किया जा रहा है। गोयल ने बोरीवली में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में एक ट्वॉय ट्रेन शुरू करने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के लिए ट्वॉय ट्रेन के बारे में चर्चा की है। इस ट्वॉय ट्रेन का काम दो साल में पूरा हो जाएगा।” इसके अलावा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल ने मालाड के मालवनी क्षेत्र में मैंग्रोव पर अतिक्रमण को लेकर एक पुलिस चौकी स्थापित करने और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का सुझाव दिया। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
उन्होंने उत्तरी मुंबई में तालाबों और रेलवे स्टेशनों के पुनरुद्धार का भी उल्लेख किया। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) की मदद से उत्तर मुंबई में लगभग 11 तालाबों को सुंदर बनाने की योजना बनाएंगे। पीयूष गोयल ने कहा, “दहिसर, बोरीवली, मालाड और कांदिवली रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत योजना में शामिल किया गया है।” उन्होंने कहा कि उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ चर्चा की है और जनप्रतिनिधियों के परामर्श से जल्द ही स्टेशन विकास योजना तैयार किया जाएगा। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका शहर में मानसून से पहले नाला सफाई अभियान की निगरानी करने के लिए वॉर रूम बनाने जा रहा है। साल 2016 में मुंबई नाला सफाई घोटाला के प्रकाश में आने के बाद ठेकेदारों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने नालों में गंदगी निकालने के काम की निगरानी करने के लिए एक समर्पित वॉर रूम स्थापित करने का निर्णय लिया है। जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल से हुई थी। इस पहल का उद्देश्य मानसून से पहले पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना है। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल कीटाणुशोधन कार्य का लगभग 12 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बीएमसी ने शहर के नालों और मीठी नदी से 9.34 लाख मीट्रिक टन गंदगी हटाने का लक्ष्य रखा है। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)
BMC का वॉर रूम कैसा होगा?
अब तक 1.11 लाख मीट्रिक टन गंदगी हटाई जा चुकी है। स्टॉर्मवॉटर ड्रेन विभाग के एक सिविल अधिकारी ने बताया कि वॉर रूम में तीन अधिकारी और 11 सहायक कर्मचारी होंगे। ये कर्मचारी दो शिफ्टों में काम करेंगे। वे सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक और दोपहर 3 बजे से रात 11 बजे तक काम करेंगे।
एक अधिकारी ने बताया, “वॉर रूम नाले से गंदगी ले जाने वाले वाहनों की गतिविधियों पर नज़र रखेगा। यह ठेकेदारों द्वारा भेजे गए पहले और बाद के वीडियो की तुलना करके किए गए काम की पुष्टि भी करेगा। यह सेटअप सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि गंदगी को निर्धारित स्थान पर ही डाला जा रहा है और ठेकेदारों पर कड़ी नज़र रखी जा सकेगी।”
उन्होंने कहा, “गंदगी हटाने के लिए एक दैनिक योजना पहले ही तैयार कर ली गई है, जिससे प्रगति पर नजर रखना आसान हो जाएगा।” बीएमसी नालों और मीठी नदी से गंदगी हटाने के लिए दो साल में 550 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। बीएमसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मानसून के मौसम की शुरुआत से पहले 75 प्रतिशत नालों से गंदगी हटा दी जानी चाहिए और मानसून के मौसम के दौरान 15 प्रतिशत गंदगी हटा दी जानी चाहिए।
हो चुका है घोटाला
मुंबई में 215 किलोमीटर लंबे बड़े नाले, 156 किलोमीटर लंबे छोटे नाले और 22.25 किलोमीटर लंबी मीठी नदी है। 2016 में प्रकाश में आ चुके ‘मुंबई नाला सफाई घोटाले’ में 2005 से लेकर अब तक 1100 करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आई थीं। इस मामले की जांच फिलहाल आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की जा रही है।
घोटाले से पहले बृहन्मुंबई महानगर पालिका दो साल के कार्यकाल के लिए ठेकेदारों की नियुक्ति करती थी। वर्ष 2016 के बाद जवाबदेही में सुधार के लिए प्रतिवर्ष अनुबंध प्रदान किये जा रहे हैं और सिर्फ एक साल के लिए कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त किया जा रहा है। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)
एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की मांग भी कर रही है।
मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासक ने 3 फरवरी 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मनपा का वार्षिक बजट जारी किया। 744.27 बिलियन रुपए का यह बजट 2024-25 के बजट की तुलना में 20 प्रतिशत ज़्यादा रहा। इस बजट में बुनियादी ढांचे के कोई नए या मुख़्य काम को शुरू करने का उल्लेख नहीं है। हालांकि पहले से ही मंजूर बड़ी परियोजनाएं या फिर चल रही परियोजनाओं को जारी रखने के लिए भारी मात्रा में पैसा ख़र्च करना पड़ेगा। जिसपर मनपा प्रशासन ने संसाधनों का और अधिक बंटवारा करने के बजाय उनका विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए पुराने कार्य को ही पूरा करने पर जोर देते हुए समझदारी का परिचय दिया है।
Bmc चुनाव की संभावना
इस बजट में किसी नए कर की घोषणा नहीं की गई है। ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि BMC के चुनाव इसी वर्ष होंगे। परंपरागत रूप से यह देखा गया है कि सरकारें कर वृद्धि की पृष्ठभूमि में चुनाव नहीं लड़ा करती हैं या चुनाव लड़ना पसंद नहीं करती हैं।
Bmc बजट पर काबू
बीएमसी के बजट में पूंजीगत निवेश के लिए 431.62 बिलियन रुपए या कुल बजट के 58 प्रतिशत राशि का प्रावधान दिखाई देता है। इसका उपयोग मुख़्यतः शहर में नई संपत्तियों के निर्माण पर किया जाना है। दूसरी ओर राजस्व ख़र्च में वेतन, पेंशन समेत अन्य संस्थागत ख़र्च भी शामिल हैं। इसके लिए 312.04 बिलियन रुपए या कुल बजट की 41.52 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है। BMC का राजस्व बजट हमेशा से ही काफ़ी बढ़ा हुआ था और अब इसे काबू में लाने की कोशिश होती देखकर अच्छा लग रहा है।
खर्च पर ध्यान देना जरूरी
लेकिन साल जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा वैसे-वैसे राजस्व ख़र्च के बर्ताव पर पहनी नज़र रखनी ज़रूरी होगी। यहां बुनियादी ढांचे के रखरखाव का उल्लेख किया जाना भी आवश्यक है। परंपरागत रूप से म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर मैनुएल्स में मेंटेनेंस शेड्यूल दिया जाता है, जिस पर पूर्व निर्धारित समयावधि के हिसाब से अमल करना होता है। लेकिन नगरपालिका कर्मियों की ओर से होने वाली चूक की वजह से पूर्व में बुनियादी ढांचे की विफ़लता के अनेक मामले देखे गए हैं, जिसमें जनहानि भी हुई है।
ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है, कि राजस्व बजट में बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया होगा। कुछ बुनियादी सुविधाओं को नियमित रखरखाव की ज़रूरत होती है जबकि कुछ को उनकी उम्र बढ़ने के बाद भारी या बड़े रखरखाव की आवश्यकता होती है। बुनियादी ढांचे के वार्षिक निरीक्षण और उन्हें बेहतर स्थिति में रखने के लिए राशि का प्रावधान उतना ही आवश्यक है जितना आवश्यक नई बुनियादी सुविधाओं संबंधी संपत्तियों के निर्माण पर पैसा ख़र्च करना होता है।
दुर्भाग्यवश देश की अर्बन लोकल बॉडीज (ULB ) यानी शहरी स्थानीय निकाय, संसाधनों को लेकर काफ़ी संघर्ष करती हैं। यह बात GST की ओर से इन संस्थाओं के राजस्व संबंधी सभी रास्तों पर कब्ज़ा करने के बाद और भी सटीकता से लागू होती है। BMC की स्थिति और भी गंभीर है। इसका कारण यह है कि BMC पर अनेक विशाल परियोजनाओं का काम डाल दिया गया है, जो BMC की पूर्व में मजबूत रही वित्तीय स्थिति पर दबाव में डालने का काम कर रही है।
BMC का कमिटेड फंड
बजट में पहले से चल रही परियोजनाओं पर होने वाले कुल बिल यानी ख़र्च के रूप में 2.32 ट्रिलियन रुपए दर्शाए गए हैं। इस राशि को कमिटेड लायबिलिटी अर्थात प्रतिबद्ध देय राशि के रूप में दिखाया गया है। इस राशि में से 882.51 बिलियन रुपए केवल सड़क और पुलों के लिए ही रखे गए हैं। चूंकि वार्षिक बजटीय प्रावधान से यह बोझ नहीं उठाया जा सकता। इसलिए BMC को अपने भारी भरकम रिजर्व यानी जमा राशि को हाथ लगाना होगा। 817.74 बिलियन रुपए की इस जमा राशि के एक बड़े हिस्से को कमिटेड लायबिलिटी और वर्तमान में जारी निर्माण कार्य पर ही ख़र्च करने की नौबत आ गई है।
BMC के खजाने पर बोझ
ऐसे में यह साफ़ है कि महानगरपालिका के पास मौजूद जमा निधि का खजाना तेजी से खाली होता जा रहा है और यह भविष्य में बहुत ज़्यादा सहायता करने की स्थिति में नहीं होगा। चूंकि हम अनिश्चितता के दौर में रह रहे हैं, जहां अचानक आने वाला संकट शहर के सुचारू संचालन में व्यवधान डालता है। ऐसी स्थिति में स्थानीय निकाय के पास जमा निधि ही ऐसे संकट को पार करने में उसकी सहायता करती है। लेकिन भविष्य में उसे जमा निधि से सहायता मिलने की संभावना कम ही दिखाई देती है।
बड़ी परियोजनाओं के इस अत्यधिक बोझ को लेकर पड़ने वाला दबाव नगर पालिका के बजट में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसी वजह से बजट का पहला स्टेटेड ऑब्जेक्टिव यानी लिखित उद्देश्य फिस्कल डिसिप्लिन अर्थात वित्तीय अनुशासन और सस्टेनेबिलिटी यानी वहनीयता है। इसके तहत दो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। पहला है रेवेन्यू ऑग्मेंटेशन यानी राजस्व वृद्धि हासिल करना और एक्सपेंडिचर रेशनलाइजेशन यानी व्यय युक्तिकरण अर्थात सोच-समझकर ख़र्च करना।
BMC ने की सरकार से गुजारिश
निश्चित रूप से महापालिका प्रशासन चिंतित है और वह सिविक मशीनरी यानी नगरीय व्यवस्था को अपनी कमर कसने के लिए तैयार होने को कह रहा है। राजस्व वृद्धि करने के लिए नगरपालिका प्रशासन आय अर्जित करने या संसाधन जुटाने के नए स्रोत ख़ोज रहा है। इसकी शुरुआत करते हुए BMC ने राज्य सरकार को गुजारिश की है, कि वह महापालिका की ओर से एकत्रित किए गए प्रीमियम में राज्य सरकार की हिस्सेदारी के प्रतिशत को कम करें, ताकि स्थानीय निकाय को प्रीमियम में ज़्यादा हिस्सेदारी मिल सके। यदि राज्य सरकार ने उसकी यह गुजारिश मान ली तो 2025- 26 के दौरान ही उसे 3 बिलियन रुपए की अतिरिक्त आय होगी।
अधिनियम में संशोधन पर विचार
BMC ने वेकेंट लैंड टेनेंसी (VLT) यानी खाली जमीन किरायेदारी नीति भी जारी की है। इसके तहत वह उसके पास उपलब्ध खाली जमीन को दीर्घावधि की लीज पर दे सकेगा। इसके चलते BMC को 20 बिलियन रुपए मिलने की उम्मीद है। BMC इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या वह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) यूजर चार्ज लगा सकता है? ऐसा करने के लिए वह 2006 के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सैनिटेशन बायलॉज यानी अधिनियम में संशोधन करना चाहता है। उसका मानना है कि ऐसा हुआ तो वेस्ट मैनेजमेंट को इंडिपेंडेंट सस्टेनेबल यानी स्वतंत्रता के साथ वहनीय किया जा सकेगा।
BMC का प्लान
BMC ने कहा, कि वह स्लम्स यानी झोपड़पट्टी में आने वाले 50,000 के आसपास कमर्शियल यूनिट्स पर संपत्ति कर लगाना चाहता है। यह एक साहसिक नवाचार है और इसके चलते ULB को 3.5 बिलियन रुपए मिल सकेंगे। इसके अलावा वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जुड़े दहिसर ‘चेक नाके’ पर एक ट्रांसपोर्टेशन और कमर्शियल हब बनाने का प्रस्ताव है। इससे भी अतिरिक्त आय हासिल हो सकेगी। इसके अलावा BMC की वरली और क्रॉफोर्ड मार्केट जैसे इलाकों में अंडर यूटिलाइज्ड प्लॉट्स यानी कम उपयोग में आने वाले प्लॉट्स की नीलामी करने की भी योजना है। BMC की मनोरंजन कर वसूलने में तेजी लाने, अपनी विज्ञापन नीति को अंतिम रूप देने तथा ट्रेड लाइसेंस फ़ीस में वृद्धि करने की भी योजना है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
संसाधनों को बढ़ाना भी आय अर्जित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा बेहतर दिनों में शुरू किए गए गैर ज़रूरी ख़र्च में कटौती करके भी पैसा अर्जित किया जा सकता है। BMC अब इस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। ऐसा करने के लिए वह ख़र्च में युक्तिकरण की नीति लागू करने की इच्छुक है। इस नीति के तहत वह आस्थापना ख़र्च को न्यूनतम करने, कार्यबल की कुशलता बढ़ाने, 10 प्रतिशत ऊर्जा संरक्षण और प्वाइंट ऑफ यूटिलिटी यानी उपयोगिता के हिसाब से कार्य का चयन करना चाहती है।
BMC की सेवाएं
BMC देश में सबसे ज़्यादा संख्या में सेवाएं मुहैया करवाती है। इसमें शिक्षा एवं स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण सामाजिक बुनियादी ढांचा भी शामिल है। यह BMC की सेवाओं में सबसे अहम क्षेत्र है। इनके लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। BMC को कुछ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने की आवश्यकता है। इसमें शहर की हवा, सॉलिड वेस्ट एंड सैनिटेशन मैनेजमेंट, ओपन स्पेसेस् और बगीचे, बाढ़ शमन एवं आपदा मुस्तैदी विशेषत: बाढ़ प्रबंधन का समावेश है। इन सभी के लिए संसाधन उपलब्ध करवाए गए हैं।
यह बात विशेष रूप से संशोधित BRIMSTOWAD (बृहन्मुंबई स्टॉर्म वॉटर डिस्पोजल सिस्टम) मास्टर प्लान के तहत स्टॉर्म वॉटर ड्रेंस यानी बरसाती पानी निकास नाली में की गई वृद्धि से साबित होती है। BRIMSTOWAD मास्टर प्लान में नई नालियों का निर्माण, पुरानी नालियों का विस्तार, होल्डिंग पॉन्ड्स यानी पानी को जमा करने के तालाब और नालों की संख्या में विस्तार के साथ मीठी नदी का समावेश है।
BMC का Water Sistema
BMC सबसे पुरानी बस सेवा BEST का भी संचालन करती है। इस अंडरटेकिंग यानी उपक्रम के लिए 10 बिलियन रुपए दिए गए हैं। इस राशि से वह बसों के अपने काफिले में नई बसों को जोड़ने के साथ ही 2,000 इलेक्ट्रिक बस भी शामिल कर रहा है। मुंबई के पास दशकों से एक मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था है। वह इसे इसी तरह मजबूत बनाए रखना चाहता है। इसी वजह से शहर के जलापूर्ति एवं सीवरेज विभाग को उन्नतिकरण के लिए 134.23 बिलियन रुपए की एक भारी-भरकम राशि दी गई है।
आश्चर्यजनक
आश्चर्यजनक रूप से शहर के डेवलपमेंट प्लान यानी विकास योजना (DP 2034) को लागू करने के लिए अलग से राशि का प्रावधान नहीं किया गया है। शहर में क्वॉलिटी ऑफ लाइफ यानी जिंदगी की गुणवत्ता मुख़्यत: विकास योजना के अमल पर ही निर्भर है। इस बात की संभावना है, कि व्यक्तिगत तौर पर विभागों के लिए किए गए प्रावधान के तहत विकास योजना पर होने वाला ख़र्च शामिल किया गया होगा। लेकिन बजट में DP के लिए अलग से हेड अर्थात मद बनाने को लेकर की गई सिफ़ारिश की उपेक्षा की गई है। DP में यह सिफ़ारिश की गई थी कि DP के लिए अलग से मद बनाकर उसके लिए किए गए प्रावधान को इसमें दर्शाया जाए।
कुल मिलाकर मौजूदा स्थितियों को देखते हुए बजट में बेहतर करने का एक ईमानदार प्रयास किया गया है। लेकिन यह भी साफ़ है कि जिस ULB को देश की सबसे धनाढ्य यानी संपन्न महापालिका के रूप में पहचाना जाता था। वह अब अपने सामर्थ्य से अधिक काम लेने की वजह से मुश्किल में दिखाई दे रही है। एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की भी मांग कर रही है। यह ऐसे वक़्त में हुआ है जब निर्वाचित स्थानीय निकाय अस्तित्व में नहीं है और महापालिका पर इस वक़्त सीधे राज्य सरकार का ही नियंत्रण है। वर्तमान स्थिति में सावधानी बरतना आवश्यक है। इस स्थिति में बेकार के ख़र्च से बचने की कोशिश होनी चाहिए।
निश्चित रूप से देश की अग्रणी ULB पर 2024 में हुए राष्ट्रीय और उसके बाद नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव का असर पड़ा है। इसी तरह वह अपने आसन्न चुनावों का दबाव भी झेल रही है। इन सारे दबावों के बावजूद मौजूदा स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को आकर्षित करने वाले बुनियादी कार्यों की घोषणा करने की होड़ के कारण शहर के वित्तीय स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम न पड़े। ऐसा हुआ तो एक वक़्त आएगा जब BMC के वित्तीय संसाधनों पर इतना बोझ बढ़ेगा कि वह टूटने की कगार पर पहुंच जाएगी। ऐसा हुआ तो यह घोर त्रासदी होगी।
मुम्बई में यात्रियों के लिए जल्द ही एक ऐसा स्मार्ट कार्ड लॉन्च होने जा रहा है, जिसके इस्तेमाल से शहर में किसी भी परिवहन सेवा का लाभ उठाया जा सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेलमंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर इसकी घोषणा की।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुम्बई- देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी कही जाने वाली बम्बई वासियों के लिए राहत की खबर है। अब बम्बई में सफर करने के लिए सरकार एक ऐसा डिजिटल स्मार्ट कार्ड लॉन्च करने जा रही है, जिसका इस्तेमाल, कोई भी यात्री अपने सफर के लिए मुंबई की लोकल ट्रेन, मुम्बई मेट्रो, बीइएसटी (BEST) बस और मोनो रेल के लिए कर सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर मुंबई-1 डिजिटल स्मार्ट कार्ड को जल्द ही लॉन्च करने की घोषणा की।
क्या थीं मुसीबतें ?
बम्बई में सफर के लिए मेट्रो का स्मार्ट कार्ड, ट्रेन का रेलवे पास या बस के लिए अलग पास लेकर चलने की जरूरत यात्रियों को नहीं होगी। किसी भी पास या स्मार्ट कार्ड के खो जाने का डर नहीं भी नही सताएगा। और तो और किसी कारणवश एक कार्ड भी छूट गया तो फिर टिकट की लंबी लाइन में अतिरिक्त रुपए खर्च करने की चिंता भी अब मुंबई के यात्रियों को नहीं होगी। इस नए स्मार्ट कार्ड के लॉन्च होने से लोगों के समय में भी बचत होगी।
खबरों के मुताबिक, मुम्बई में सार्वजनिक परिवहन के लिए एक ही स्मार्ट कार्ड ‘मुंबई 1’ को जल्द लॉन्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया, कि इस कार्ड का इस्तेमाल करते हुए, मुंबईकर मेट्रो, लोकल ट्रेन, मोनो रेल से लेकर बीइएसटी (BEST) बसों तक का सफर कर सकेंगे। बताया जाता है कि इस कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है।
इस कार्ड के लॉन्च होने से मुंबईकरों को अलग-अलग सवारियों के लिए टिकट खरीदने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि जो लोग सार्वजनिक परिवहन संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं, खास उनके लिए मुंबई-1 स्मार्ट कार्ड को लॉन्च किया जाने वाला है। साथ ही मुंबई के बाहर से आने वाले लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
इस कार्ड के लॉन्च होने से लोगों का समय तो बचेगा ही, यात्रा करना भी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। इसके साथ ही बम्बई घूमने के लिए आने वाले लोगों को भी सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र और मुम्बई के निवासियों के लिए यहां का सफर काफी सुविधाजनक होने वाला है।
कब मिलेगा स्मार्ट कार्ड
बताया जाता है, कि इस डिजिटल स्मार्ट कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है, जिसे पूरा होने में लगभग 1 महीने का समय लग सकता है। इसकी डिजाइनिंग का काम पूरा होते ही इसे आम जनता के इस्तेमाल के लिए लॉन्च करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई- राज्य का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग पिछले काफी समय से मिलावटी दूध के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों पर छापेमारी कर रहा है। राज्य के अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है और वह कई जगहों पर मिलावटी दूध को लेकर छापेमारी कर चुके हैं। एफडीए विभाग के सूत्रों के मुताबिक मिलावटी खाद्य पदार्थों पर छापेमारी करने के लिए जा रही टीमों की जानकारी लीक हो जाती है, जिसकी वजह से दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थों के माफिया सतर्क हो जाते हैं और पकड़ में नहीं आते। अब इसी से निपटने के लिए अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल अपने विभाग के एक निजी फ्लाइंग स्क्वाड बनाने पर काम कर रहे हैं। जिसको लेकर वह जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
फ्लाइंग स्क्वाड की जरूरत क्यों पड़ी?
सूत्रों के मुताबिक कुछ दिनों पहले विभाग को पश्चिमी मुंबई उपनगर के एक क्षेत्र में मिलावटी दूध की जानकारी मिली थी। जैसे ही विभाग के अधिकारी मिली जानकारी के मुताबिक जगह पर पहुंचे तो दूध माफिया के लोग दूध समेत वहां से रफू चक्कर हो गए। एफडीए के अधिकारियों ने इसकी जानकारी मंत्री जिरवाल को दी। इसके बाद फैसला लिया गया कि विभाग में ही या पुलिस स्टेशन में कुछ ऐसे अधिकारी हैं जो छापेमारी करने से पहले ही माफिया के लोगों को जानकारी उपलब्ध करा देते हैं। इसकी वजह से उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। इससे निजात पाने के लिए जिरवाल ने विभागीय स्तर पर एक अपना फ्लाइंग स्क्वाड बनाने का काम शुरू किया है, जिसमें एफडीए के अधिकारियों के अलावा कुछ तेज तर्रार पुलिस अधिकारियों को भी शामिल किया जाने वाला है। ताकि छापेमारी के दौरान जानकारी लीक होने से बचा जा सके। मंत्री जिरवाल बहुत जल्द इसको लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं। इसको लेकर रूपरेखा बनाई जा रही है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
मंत्री खुद कर चुके हैं कई बार छापेमारी
मंत्री नरहरि जिरवाल ने बीते मंगलवार को देर रात दहिसर इलाके में दूध के टैंकरों को रोककर छापेमारी की थी और उनके सैंपल लिए थे। जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया। जिरवाल ने कहा, कि उन्हें पिछले काफी समय से जानकारी मिल रही थी कि मुंबई में बाहर से आ रहे दूध के टैंकरों में मिलावट का दूध हो सकता है। इसी कारण, उन्होंने दूध की जांच स्वयं करने का फैसला किया। उन्होंने इसकी जानकारी एफडीए के किसी भी अधिकारी को नहीं दी थी। छापेमारी के बाद ही उन्होंने अधिकारियों को मौके पर बुलाया और इकट्ठा किए गए सैम्पलों को जांच के लिए भेज दिया। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को खेती की जमीन पर कब्जे का विवाद आपस में निपटाने के लिए शुरू सलोखा योजना की अवधि दो साल के लिए और बढ़ा दिया है। अब सलोखा योजना 1 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा। इससे खेत जमीन धारकों के विवाद निपटाने की स्थिति में मुद्रांक शुल्क नाम मात्र एक हजार रुपए और पंजीयन फीस भी एक हजार रुपए वसूला जाएगा। सोमवार को राज्य के राजस्व विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। इसके मुताबिक राज्य में 1 जनवरी 2023 से लागू सलोखा योजना की अवधि 2 जनवरी 2025 तक थी। अब सरकार ने दो साल यानी 2 जनवरी 2025 से 1 जनवरी 2027 तक की अवधि को बढ़ा दिया है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
राज्य में फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क 5 रुपए बढ़ा
महाराष्ट्र सरकार ने फ्रैंकिंग मशीन के जरिए दस्तावेज पर मुहर लगाने के लिए सेवा शुल्क की राशि को 10 रुपए से बढ़ाकर 15 रुपए कर दिया है। इससे अब फ्रैंकिंग के लिए प्रति दस्तावेज 5 रुपए अतिरिक्त राशि देनी होगी। सोमवार को राज्य के राजस्व विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। सरकार ने फ्रैंकिंग के लिए मौजूदा राशि की मर्यादा 5 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दी गई है। यानी फ्रैंकिंग के लिए अधिकृत बैंक और वित्तीय संस्थाएं अब 10 हजार रुपए तक की फ्रैंकिंग कर सकेंगी। महाराष्ट्र मुद्रांक शुल्क अधिनियम के तहत फ्रैंकिंग के जरिए मुद्रांक शुल्क भरने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक, शेडयुल बैंक, सहकारी बैंक, पोस्ट ऑफिस और वित्तीय संस्थाओं को अधिकृत किया गया है। सरकार का कहना है कि मुंबई के अतिरिक्त मुद्रांक नियंत्रक की अध्यक्षता में 28 जून 2024 को समिति का गठन किया गया था। इस समिति की सिफारिशों के अनुसार सरकार ने फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क और फ्रैंकिंग की न्यूनतम राशि की सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
पश्चिम रेलवे के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अंधेरी रेलवे स्टेशन का फुट ओवर ब्रिज सोमवार 7 अप्रैल से बंद कर दिया जाएगा। यहां मरम्मत कार्य के चलते ब्रिज को बंद किया जा रहा है जो 6 जून 2025 के बाद फिर से खोल दिया जाएगा। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
मुम्बई: गुरुवार को अंधेरी रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज को लेकर पश्चिमी रेलवे (Western Railway) ने एक घोषणा कर दी है। अंधेरी रेलवे स्टेशन पर एक फुट ओवर ब्रिज (FOB) लगभग 3 महीने तक मरम्मत कार्यों के कारण जनता के लिए बंद रहेगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुंबई के अंधेरी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 के बीच फुट ओवर ब्रिज की दक्षिण की ओर की सीढ़ी के प्रतिस्थापन कार्य के संबंध में, सीढ़ी 7 अप्रैल से 6 जून 2025 तक बंद रहेगी।(Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
पश्चिमी रेलवे ने एक बयान में कहा, “यात्रियों से अनुरोध किया जाता है कि वे अपनी सुविधा के लिए स्टेशन पर उपलब्ध वैकल्पिक सीढ़ियों और फुट ओवर ब्रिज का उपयोग करें।” इस फुट ओवर ब्रिज का मरम्मत कार्य लगभग 3 महिनों तक चलने वाला है। पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की असुविधा के लिए खेद भी प्रकट किया। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
सफलतापूर्वक उद्घाटन
इस बीच, पश्चिमी रेलवे ने वानखेड़े स्टेडियम एफओबी का सफलतापूर्वक पुनर्निर्माण और उद्घाटन किया, जिससे प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 मैचों से पहले क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा सुनिश्चित हुई, एक आधिकारिक बयान में पहले कहा गया था, कि मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) से आवश्यक धन प्राप्त करने के बाद एफओबी का पुनर्निर्माण केवल आठ महीनों में पूरा हुुआ। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
अधिकारी ने क्या कहा?
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि नवनिर्मित एफओबी अब दो सीढ़ियों के साथ चालू है – एक पूर्व की ओर और दूसरी पश्चिम की ओर, दोनों उत्तर दिशा की ओर हैं। उन्होंने कहा, “इससे पैदल यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी, खासकर आगामी आईपीएल मैचों के दौरान। 48 मीटर लंबाई और 6.30 मीटर चौड़ाई वाले एफओबी का 6.50 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण किया गया है। पूर्व और पश्चिम की ओर की दो अन्य दक्षिण की ओर सीढ़ियाँ 7 अप्रैल, 2025 तक एमसीए को सौंप दी जाएँगी। सुरक्षा और दृश्यता बढ़ाने के लिए एमसीए द्वारा लाइट और निगरानी कैमरे लगाए गए हैं।” (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
एफओबी का लाभ
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे द्वारा किए गए सुरक्षा ऑडिट के बाद मूल एफओबी को जून 2020 में बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “इस महत्वपूर्ण पैदल यात्री संपर्क मार्ग को बहाल करने की आवश्यकता को समझते हुए, पश्चिम रेलवे ने इसे पूरा करने के लिए समर्पित प्रयासों के साथ पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू की। पश्चिम रेलवे समय पर बुनियादी ढांचे में सुधार के माध्यम से यात्री सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस एफओबी के फिर से खुलने से क्रिकेट प्रेमियों और यात्रियों को समान रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।” (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और चालान कटने से नाराज एक ट्रक ड्राइवर ने पुलिस का विडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। पोस्ट में लिखा था कांदीवली ट्रैफिक पुलिस चोर है।
Mumbai: मुंबई के कांदीवली में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाए जाने से नाराज एक ट्रक ड्राइवर ने कथित तौर पर ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल को चोर कहा और इस घटना को ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर दिया। ट्रैफिक पुलिसकर्मी की शिकायत के बाद कांदिवली पूर्व की समता नगर पुलिस ने ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। (Mumbai News Case filed against truck driver for calling traffic policeman a thief)
कांदिवली ट्रैफिक पुलिस को “चोर” कहा
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी की पहचान यशवंत बंदगर के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 24 मार्च को ट्रैफिक कांस्टेबल विकास पोल ने ट्रक को रोका, जो बिना क्लीनर के ड्राइवर गाडी चला रहा था। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन पा कर कांस्टेबल पोल ने जुर्माने के रूप में ड्राइवर का चालान काटा, जिसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हुई। जुर्माने से नाराज यशवंत ने अपने मोबाइल फोन पर इस झगड़े का वीडियो रिकॉर्ड किया और फेसबुक पर वीडियो पोस्ट करते हुए कांदिवली ट्रैफिक पुलिस को “चोर” कहा।
इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने के साथ वह लोगों से वीडियो को शेयर करने और इसे वायरल करने का भी आग्रह किया। सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पता चलने पर कांस्टेबल पोल ने समता नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने यशवंत बंदगर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। (Mumbai News Case filed against truck driver for calling traffic policeman a thief)
आजकल इसका ट्रेंड चलने लगा है कि लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सरकारी कर्मचारियों को डराने और धमकाने के लिए करने लगे हैं। जिन्हें नियम कानून के बारे में पता भी नहीं वो लोग भी ऐसी सामग्री देखकर उत्साहित हो जाते हैं। ऐसा ही चलता रहा तो पुलिस सुरक्षा और कानून की गरिमा ही खत्म हो जाएगी। जिसपर सख्त कार्यवाही होना बहुत जरूरी है। समता नगर पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच जारी है और निष्कर्षों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। (Mumbai News Case filed against truck driver for calling traffic policeman a thief)
Mumbai Local Train: मुंबई में लोकल ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। मध्य रेलवे (Central Railway) ने यात्रियों के लिए ‘लकी यात्री योजना’ (Lucky Yatri Yojana) शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत यात्रियों को वैध टिकट या पास होने पर हर दिन 10,000 रुपये और हर हफ्ते 50,000 रुपये तक जीतने का मौका मिल सकता है। लेकिन इस योजना के शुरू होने से पहले ही कालाबाजारी को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)
किसको और कैसे मिलेगा इनाम?
मध्य रेल की घोषणा के मुताबिक, हर दिन एक भाग्यशाली यात्री को 10,000 रुपये मिलेंगे। इसके अलावा हर एक हफ्ते में एक बंपर इनाम की घोषणा की जाएगी जिसमें जीतने वाले विजेता यात्री को 50,000 रुपये का बंपर इनाम दिया जाएगा। मध्य रेल लाइन के हर रेलवे स्टेशनों पर टिकट चैकिंग के दौरान रैंडम तरिके से विजेताओं का चयन किया जाएगा। टिकट चैकिंग के दौरान चुने गए यात्री को अपना वैध टिकट या पास दिखाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही खास बात यह है कि यह योजना सभी तरह के टिकट और पास पर यात्रा कर रहे सभी यात्रियों के लिए लागू होगा। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)
Lucky Yatri Yojana
मध्य रेलवे के रेल यात्रियों के आंकड़ों के मुताबिक, लोकल ट्रेन से हर दिन 40 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं, जिनमें से लगभग 20 प्रतिशत यात्री बिना टिकट यात्रा करते हैं और रोजाना लगभग 4,000 से 5,000 यात्री बिना टिकट पकड़े जाते हैं। ऐसे यात्रियों को वैध टिकट खरीदने को लेकर प्रोत्साहित करने के लिए रेलवे ने ‘लकी यात्री योजना’ की शुरूआत कर रही है। मध्य रेल प्रशासन का मानना है कि इससे लोग आकर्षित होंगे और ज्यादा से ज्यादा टिकट की बिक्री होगी। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्नील नीला ने बताया कि “लकी यात्री योजना यात्रियों को टिकट खरीदने के लिए प्रेरित करने और नियमित यात्रियों को इनाम देने के लिए बनाई गई है। हर दिन एक यात्री को 10,000 रुपये और हर हफ्ते एक यात्री को 50,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।” लेकिन इस योजना के तहत काफ़ी गड़बड़ी होने की भी संभावना जताई जा रही है। एक यात्री ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस योजना का लोग गलत फायदा भी उठा सकते हैं। रेलवे स्टेशन पर विजेता का चयन करने वाले भी इसका भरपूर फायदा उठा सकते हैं। फिलहाल मुंबईकरों को ऐसी योजना की जरूरत नही है। हां लेकिन सरकारी भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मुनाफा कमाने का रास्ता खुल सकता है। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)
कब से लागू होगी योजना?
लकी यात्री योजना अगले हफ्ते से शुरू होने की उम्मीद है। विजेता का चयन स्टेशनों पर टिकट चेकर द्वारा रैंडम तरीके से किया जाएगा। भाग्यशाली यात्री से वैध टिकट या सीजन पास दिखाने के लिए कहा जाएगा। सत्यापन के बाद नकद पुरस्कार तुरंत विजेता यात्री को दे दिया जाएगा। अगले सप्ताह से शुरू होने वाली यह योजना आठ सप्ताह तक चलेगी। एफसीबी इंटरफ़ेस कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रायोजित इस योजना के लिए यात्रियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)
Mumbai Crime News: मुम्बई पुलिस ने चार फर्जी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने फिल्म ‘स्पेशल 26’ के एक सीन जैसी डकैती की। आश्चर्य की बात यह है कि इन चार फर्जी लोगों में से दो वकील हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने सोने के कारोबारी से 11 लाख 50 हजार रुपए ठग लिए।
मुम्बई: चार नकली आईबी के अधिकारियों ने भायखला में एक सोने के कारोबारी की शॉप पर छापा मारा। खुफिया इकाई का अधिकारी होने का दावा करते हुए उन्होंने शॉप पर सोना तस्करी का आरोप लगाया। उनमें से एक ने लैपटॉप पर कुछ नोट किया और फिर व्यवसायी के खिलाफ मामला दर्ज कराने की धमकी देने लगा। उन्होंने 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी और 11 लाख 50 हजार रुपए जबरन वसूल लिये। मुंबई पुलिस ने चार नकली बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने फिल्म ‘स्पेशल 26’ के एक दृश्य जैसी डकैती की थी। आश्चर्य की बात यह है कि इन चार फर्जी लोगों में से दो पेशे से वकील हैं। (Mumbai Crime Special 26 of lawyers duped a Mumbai businessman of Rs 11.5 lakh, 4 arrested)
स्पेशल 26 की रेड
भायखला में रहने वाले एक व्यापारी की बालाजी गोल्ड नामक सोने चांदी के गहनों की दुकान है। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे व्यापारी अपने दो कर्मचारियों के साथ बैठा था। तभी चार लोग शॉप में घुस गए। चारों ने अपने पहचान पत्र दिखाते हुए बताया कि वे खुफिया ब्यूरो के अधिकारी हैं। चारों ने दुकान और वर्कशॉप की तलाशी ली और किसी को भी वहां से बाहर न जाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि वे नकदी के बदले सोना बेच रहे हैं और सोने की तस्करी कर रहे हैं। चारों में से एक ने अपने बैग से लैपटॉप निकाला और स्टोर में मौजूद सामान को रिकॉर्ड करने लगा।
उन्होंने व्यापारी को अपने साथ ले लिया और कहा कि तुम्हें हमारे साथ चलना होगा। केस दर्ज कराने की धमकी देकर 25 लाख रुपए की फिरौती मांगी। जब व्यापारी ने कहा कि उसके पास इतने पैसे नहीं हैं तो समझौता होने के बाद 11.5 लाख रुपए देना तय हुआ। वे चारों व्यापारी के साथ गिरगांव पहुंचे। व्यापारी ने अपने कर्मचारी से यह रकम लाने को कहा। कर्मचारी की ओर से पैसे देने के बाद चारों ने व्यापारी को विनय होटल के सामने टैक्सी से उतार दिया और फरार हो गये। (Mumbai Crime Special 26 of lawyers duped a Mumbai businessman of Rs 11.5 lakh, 4 arrested)
व्यापारी सीधा-साधा कारोबार करता है। उसे पता था कि अधिकारी झूठे उसको फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। खुद के साथ कोई अप्रिय घटना न हो जाए इसके लिए व्यापारी ने मौके पर पैसे देकर अपना छुटकारा कर लिया। बाद में इसकी शिकायत उसने वीपी रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तांत्रिक विश्लेषण के जरिए आरोपियों का पता लगाकर सबसे पहले आजाद मैदान इलाके से किशन शेलार को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर पवन चौधरी, सूर्यकांत शिंदे और श्रीजीत गायकवाड़ को गिरफ्तार किया गया। (Mumbai Crime Special 26 of lawyers duped a Mumbai businessman of Rs 11.5 lakh, 4 arrested)
आरोपियों में से दो निकले वकिल
पुलिस ने बताया कि सूर्यकांत और श्रीजीत दोनों पेशे से वकील हैं। फर्जी अधिकारी बनकर अपराध दर्ज कराने की धमकी देकर व्यवसायी से 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी। समझौता होने के बाद 11 लाख 50 हजार रुपए देना तय हुआ। तदनुसार, यह राशि प्राप्त करने पर आरोपी भाग निकले और व्यापारी को छोड़ दिया। (Mumbai Crime Special 26 of lawyers duped a Mumbai businessman of Rs 11.5 lakh, 4 arrested)