Category: Local News

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  • बिना किसी शिकायत के 54000 गड्ढे भर देने का मुंबई मनपा का दावा

    बिना किसी शिकायत के 54000 गड्ढे भर देने का मुंबई मनपा का दावा

    • अधिकारियों ने किया मुंबईकरों पर बहुत बड़ा एहसान।
    • किसी अजूबे से कम नहीं बृहन्मुंबई महानगर पालिका..

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    कमाल की बात है। 15 दिनों में 54000 गड्ढे भरना। किसी अजूबे से कम नहीं है। मुंबई  महानगर पालिका का दावा है, कि उसने मात्र 15 दिनों में ही महानगर के तीन एक्सप्रेस हाईवे सहित कुल 54000 गड्ढे भर दिए। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने दावे किए थे कि मानसून के पूर्व ही उसने पहले ही छः हजार गड्ढे भर दिए थे।

    ऐसे में बृहन्मुंबई महानगर पालिका का दावा है, कि इससे अब कम गड्ढे पड़ेंगे लेकिन 54 हजार छोटे बड़े गड्ढे उभरना सारे दावे की पोल खोल देते हैं। मनपा यह भी दावा करती है, कि इस बार उसने जनता की शिकायतों का इंतजार नहीं किया। यानी वह कहना चाहती है, कि “अब मुंबईकरों को शिकायत कर जगाने की जरूरत ही नहीं है।” यानी बृहन्मुंबई महानगर पालिका बिना मुंबईकरों के जगाए जागती नहीं थी। सोई रहती थी। इस बार नींद से अपने आप जाग गई। सौ बार शिकायतें करने के बाद भी सोई रहने वाली बृहन्मुंबई महानगर पालिका प्रशासन अब जगाए जाने का इंतजार नहीं की। खुद जग गई और रिकार्ड समय में 54000 हजार गड्ढे भर कर मुंबईकरों पर एहसान कर दिया।

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    रास्तों की मरम्मत करते मनपा अधिकारी की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    क्या है सवाल..? बृहन्मुंबई महानगर पालिका

    इतनी जल्दी और भारी मात्रा में गड्ढे भरने के दावे पर भी सवाल उठेंगे ही। जैसा कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका बहाना करती है, कि भारी वर्षा और ट्रैफिक के कारण गड्ढे भारी मात्रा में पड़ते हैं। तो सवाल यह है कि आरसीसी (RCC) की सड़कों में भी गड्ढे क्यों पड़ते हैं? साधारण सी बात है डांबर का शत्रु है पानी और जल भराव से गड्ढे पड़ेंगे ही, लेकिन सड़क बनाने की विधि में प्लास्टिक के उपयोग तक विज्ञान पहुंच गया है। लेकिन मनपा अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग क्यों नहीं करती। हर बार वही गिट्टी डालकर कोरम पूर्ति करना क्या उचित है? चलो इस बार शायद चुनावी वर्ष में बृहन्मुंबई महानगर पालिका अपने आप जागी।मुंबईकरों को जगाना नहीं पड़ा। इसके लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका बधाई की पात्र है।

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  • बोगस लाॅटरी माफिया व कुछ भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा प्रतिमाह करोड़ों का राजस्व घोटाला

    बोगस लाॅटरी माफिया व कुछ भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा प्रतिमाह करोड़ों का राजस्व घोटाला

    • महाराष्ट्र पुलिस का ढुलमुल रवैया, कई घर उध्वस्त की कगार पर
    • लोटस, यूनिक व इलेवन डॉट, खेलो इंडिया खेलो लाॅटरी से महाराष्ट्र राज्य और केंद्र के जीएसटी की खुली लूट..

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    भारत में डिजिटल क्रांति का दौर विकसित होता जा रहा है और हम तेजी से इस तकनीक का उपयोग जीवन के हर क्षेत्र में कर रहे हैं तथा यह तकनीक सर्वसामान्य जनों के लिए वरदान साबित हो रही है। किंतु इसी तकनीक का उपयोग असामाजिक तत्व धड़ल्ले से कर न सिर्फ आम जनता को ठग रहे हैं, बल्कि सरकार को भी हर महीने करोड़ों के राजस्व का आर्थिक नुकसान भी पहुंचा रहे हैं।

    सूत्रों से प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार लोटस, यूनिक व इलेवन डॉट, खेलो इंडिया खेलो लाॅटरी द्वारा राजस्व की खुलेआम लूट का गोरखधन्धा मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में भी चल रहा है। जहां धड़ल्ले से लाटरी माफिया प्रतिबंधित राजश्री लॉटरी के नाम पर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाते आ रहे हैं। लेकिन सरकारी नियमों को ताख़ पर रखकर कुछ भ्रष्ट नौकरशाह कतिपय भ्रष्ट लोगों के सहारे लाटरी माफिया, सायबर उपकरणों का उपयोग कर कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

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    राजस्व, जीएसटी,
    अवैध लॉटरी कारोबार की ताजा तस्वीर

    राजस्व की लूट, गलता समाज पैसे बटोरते कारोबारी

    बतादें कि महाराष्ट्र राज्य में राजश्री लाटरी पर प्रतिबंध है, लेकिन बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से सरकारी खजाने पर डाका डाला जा रहा है। लाटरी माफिया सरकार को करोड़ों का चूना रोज लगा रहे हैं। क्योंकि एक तो यह प्रतिबंधित है और दूसरा फर्जी ऐप का उपयोग कर धड़ल्ले से इसे चलाया जा रहा है। लाटरी व्यवसायी और लॉटरी माफिया सरकार को कोई भी जीएसटी या टैक्स नहीं भरते हैं, जिसकी वजह से सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। सबसे बड़ी बात यह है की इस पूरे खेल मे लॉटरी माफियाओं के साथ कहीं न कहीं सरकारी महकमे के कुछ भ्रष्ट अधिकारी भी शामिल हैं। इसलिये कोई कार्रवाई नहीं होती है। अवैध लॉटरी का गैरकानूनी व्यवसाय जोरों से फल-फूल रहा है।उपलब्ध विवरणों के अनुसार अवैध लाटरी का यह व्यवसाय वैसे तो मुंबई सिटी और महाराष्ट्र के हर प्रमुख शहर में शुरू है लेकिन हमने, जब जांच पड़ताल की तो देखा कि लॉटरी माफिया मुंबई के झुग्गी बस्तियों को टारगेट कर अपने काले साम्राज्य की नींव खड़ी कर अपने गैरकानूनी कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। मलाड पश्चिम के मालवानी इलाके में लगभग 20 से अधिक लॉटरी सेंटर चलाए जा रहे हैं। ठीक वैसे ही कांदिवली पूर्व समता नगर पुलिस थाने के अंतर्गत लगभग 40 से 45 लॉटरी सेंटर चलाए जा रहे हैं। चारकोप पुलिस थाना अंतर्गत कुछ दिनों पहले मुंबई पुलिस की समाज सेवा शाखा ने प्रतिबंधित लॉटरी के कारोबार पर कार्यवाही की थी अब कुछ दिनों बाद यहां पर फिर से चोरी चुपके लॉटरी का गोरख धंधा चालू कर दिया गया है।

    जबकि कांदिवली पुलिस थाने अंतर्गत लगभग 10 से 12 लॉटरी सेंटर चलाए जा रहे हैं। गोरेगांव पूर्व एसवी रोड पर तो खुले आम लॉटरी का धंधा चलाया जा रहा है यहां सबसे ज्यादा लॉटरी सेंटर चलाने का मामला सामने आया है। मुंबई के अंधेरी से लेकर दहिसर तक के बीच कुकुरमुत्ते की तरह अवैध लॉटरी का सेंटर खोलकर सरकार को हर 15 मिनट के भीतर करोड़ों का चुना लगाया जा रहा है। मुलुंड परिसर में जब पता करने की कोशिश की तो वहां बाहर राजश्री लॉटरी का बोर्ड लगा मिला और अंदर लकी कूपन लॉटरी का साफ्टवेयर लगाया गया है, जो राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त राजश्री लॉटरी की नकल है। ऐसा देखने को मिला है कि 2016 में जीएसटी लागू होने के बाद कई लॉटरी कंपनियों में ताले लग गए थे। राजश्री लॉटरी भी उन्ही में शामिल रही है।

    मुंबई के उपनगरों में विशेष कर अंधेरी से दहिसर तक के सभी उपनगरों में बोगस ऑनलाइन लॉटरी जो राज्य द्वारा संचालित लॉटरी की नकल कर के अन्य नामों से चलाई जा रही है। सरकारी नियमों के अनुसार ऑनलाइन लॉटरी पर 28% जीएसटी का भुगतान करना पड़ता है। किंतु इस अवैध कारोबार पर ना तो जीएसटी का भुगतान किया जाता है और ना ही सरकारी अनुमति ली जाती हैं। सरकारी खजाने में सेंध लगाने का काम ऑनलाइन लॉटरी से हो रहा है। अवैध ऑनलाइन लॉटरी पर एक सॉफ्टवेयर का निर्माण किया जाता है। ऑपरेटिंग के लिए इंजीनियर को हर महीने तनख्वाह दी जाती है। अवैध सॉफ्टवेयर के हर शख्स को फ्रेंचाइजी दी जाती है। यह पूरा मामला टैक्स चोरी का है। ऐसे अवैध सॉफ्टवेयर पर ना तो साइबर की नजर पड़ती है ना ही जीएसटी अधिकारियों को कोई पता चल पाता है।यह भी बताया जाता है कि लॉटरी को रोजाना हजारों लोग खेलते हैं। यही कारण है, कि इसमें लगने वाला पैसा भी लाखों में होता है। इसी बात का फायदा उठाकर फर्जी लॉटरी एप्लीकेशन के माध्यम से गरीब जनता को अमीर बनने का झांसा देकर लाखों रुपए की हेराफेरी की जाती है। इस लॉटरी में 15 मिनट के भीतर विजेता के नाम की घोषणा हो जाती है और राज्य या केंद्र सरकार को कोई कर अदा नहीं किया जाता है। इस गैर कानूनी तरीके से चल रहे इस पूरे व्यवसाय में पैसे का जो लेनदेन कैश में किया जाता है। जिससे काली कमाई का हिसाब सरकार को नहीं देना पड़ता है।ध्यान देने योग्य है, कि साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि राजश्री कंपनी महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी से अपना लॉटरी बेचने का काम कर रही थी। वह फिलहाल बंद है। राजश्री लॉटरी बंद होने के बाद उसके डिस्ट्रीब्यूटरों ने मिलकर अपने कई ऐसी दुकानों की शुरुआत की है। सभी ने एक सॉफ्टवेयर का निर्माण किया है जिसके द्वारा लाॅटरी माफिया कुछ भी धोखाधड़ी कर सकते हैं।

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    लोगों का कहना है, कि ऐसे मामले पर पुलिस ही नहीं बल्कि जीएसटी के इंटेलिजेंस विंग को भी जांच करनी चाहिए।। जहां-जहां ऐसे सॉफ्टवेयर के नाम का यूज कर लॉटरी का कारोबार किया जा रहा है ऐसे जगहों पर उन्हें काफी सारा डाटा मिल सकता है। उनके सर्वर पर कितने टिकट का लेनदेन हुआ है और कितने का उन्होंने अब तक व्यापार किया है।इसकी पूरी जानकारी इनके साफ्टवेयर पर उपलब्ध होगी। गैंबलिंग एक्ट, फोर्जरी, 420, और जीएसटी के विभिन्न धाराओं के तहत हो सकती है कार्रवाई। किंतु राज्य सरकार इन लाॅटरी माफियाओं के विरुद्ध कोई कार्रवाई क्यों नही कर पा रही है? इसकी चर्चा पूरे मुंबई में चर्चा का विषय बनी हुई है ।

  • उड़ रही है आपके आदेश की धज्जियां…..हो रहें हैं धड़ल्ले से अवैध निर्माण। रोकिये।

    उड़ रही है आपके आदेश की धज्जियां…..हो रहें हैं धड़ल्ले से अवैध निर्माण। रोकिये।

    • आर/दक्षिण विभाग के सक्षम अधिकारी है भ्रष्टाचार में लिप्त।
    • कर रहें हैं मोटी कमाई…
    • अवैध निर्माण को दे रहें हैं संरक्षण..
    • उड़ रही मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां..

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार के मुखिया ने आदेश दिया है, कि मुंबई में अब और अवैध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाए। झोपड़ों की भरमार से जीवनोपयोगी सुविधाओं से मुंबईकर वंचित होते हैं। किंतु कौन सुनता – मानता है मुख्यमंत्री का आदेश?
    भ्रष्ट मनपा अधिकारी दौलत कमाने के लिए अवैध निर्माण को संरक्षण दे रहे है और उसके बदले हो रही लाखों रुपयों की वसूली। जी हां!आइए चन्द गैरकानूनी बांधकाम का जायजा लेते हैं।

    हम कांदिवली (पूर्व) आकुर्ली रोड़ स्थित गोविंद सेठ चाल, जूना खदान, अटल बिहारी वाजपेई हॉल के पास, वडार पाड़ा रोड क्रमांक -१, वार्ड क्रमांक २९, में विगत कई वर्षों से रिक्त पड़े भूखंड (open plot) पर ४ रूम का अवैध बांधकाम हो रहा है। बताया जा रहा है, कि उक्त अवैध बांधकाम को दो बार तोड़ा जा चुका है। किसी तरह की घाही नहीं दिख पड़ती आश्वस्त से लग रहें मजदूर मिस्त्री और भूमाफिया। उसने बताया कि लाखों रुपए गैरकानूनी बांधकाम करने की एवज में आर/दक्षिण वार्ड को वे दे चुके हैं।

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    भ्रष्ट अधिकारियों की फाइल तस्वीर

    दुसरा है कांदिवली (पश्चिम) देवबाई चाल, कांदिवली गांवठान, कांदिवली गांवठन रोड स्थित रिक्त भूखंड (open plot) पर ५ मकान के आवासीय परिसर का गैरकानूनी निर्माण कार्य बिना किसी वैध अनुमति के इमारत विभाग के अभियंताओं की मिलीभगत से किया जा रहा है। स्थानीय जनता की माने तो सहाय्यक अभियंता प्रमोद ब्राम्हणकर स्वंय इस गैरकानूनी बांधकाम को पहले होने दिया। अब ऐसे में ५ (पांच) मकान के आवासीय परिसर का जमीनी सतह से पूर्ण हो चुके बांधकाम को दिनांक: 24/05/2023 को 354(A) की नोटिस जारी कर अभियंता ने स्वयं भ्रष्टाचार में लिप्त होने का अपना परिचय दिया है।

    नोटिस देकर तीन महीने हो गए हैं, लेकिन कार्रवाई जीरो! जरा रुको गैरकानूनी बांधकाम का सिलसिला अभी थमा नहीं है। 354(A) की नोटिस के तुरंत बाद ही ठीक उसी बांधकाम को ग्राउंड +1 (दो मंजिला) के शक्ल में गैरकानूनी निर्माण कार्य को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। ताकि नोटिस धारक उक्त नोटिस के आधार पर बकायदा कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखने में सफल हो सके और वह बड़ी आसानी से कोर्ट का स्टे ऑर्डर ला सके। यहां भी वही कहानी दोहराई गई।

    तीसरा है कांदिवली (पश्चिम) ईरानी वाड़ी,रोड नंबर – ४, नियर शिवशंभु मंदिर स्थित रामनारायण पांडे चाल में रिक्त भूखंड (open plot) पर 200 वर्गफिट के अंतर्गत एक व्यापारिक गाले का गैर कानूनी तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस गैरकानूनी बांधकाम का ठेकेदार है अजय पांडे। जिसके चेहरे पर जंग जीतने की खुशी झलक रही है।
    सहाय्यक अभियंता ने बताया कि परिमंडल -७ की उपायुक्त, भाग्यश्री कापसे बेहद प्रभावशाली महिला अधिकारी है। जिनका संबंध राज्य के नेताओं से है। उनका संरक्षण भी। यह भी ज्ञात हुआ कि अपने पद और पॉवर का नाजायज फायदा उठाते हुए मैडम ने सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर, डीओ अभय जगताप पर दबाव बनाकर गैरकानूनी बांधकाम कराती और संरक्षण देती हैं। लाखों में खेलती है।

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    मुख्यमंत्री,
    कांदिवली के अवैध निर्माण की तस्वीर

    राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से अपील ..

    इस काले कारोबार में सहाय्यक आयुक्त और डीओ लिप्त है। ये दोनो भी भ्रष्टाचार के माध्यम से खुद भी मालामाल हो रहे हैं।
    अब ऐसे में ठेकेदार और अवैध निर्माण कर्ता, भूमाफिया मूंछों पर ताव देते हुए कहता है, कि यहां का वार्ड और नेता उसके साथ है कोई कितनी भी कंप्लेंन करें! मेरा कुछ भी नही उखड़ेगा।
    वाह मानना होगा गैरकानूनी बांधकाम करने वाले ठेकेदार और भूमाफिया की हेकड़ी को जिसके सामने आर/दक्षिण, वार्ड के जिम्मेदार अधिकारी या तो विवश है या उनकी जेबें गर्म हो चुकी हैं।
    राज्य के मुखिया से हमारी मांग है कि निष्पक्ष पारदर्शी जांच पूरे मुंबई शहर में कराएं। अवैध बांधकाम की सूची बनवाएं। अवैध निर्माण तोड़ने, उसका वीडियो बनवाकर शिकायत कर्ताओं को भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें। साथ ही भूमाफियाओं और ठेकेदारों को कानूनी ढंग से दंडित करने की पहल करें।

  • बिना पैसा दिए करार रद्द कराने के लिए ग्लोबल म्यूजिक प्रा. लि. के सीईओ राजकुमार सिंह का अपहरण

    बिना पैसा दिए करार रद्द कराने के लिए ग्लोबल म्यूजिक प्रा. लि. के सीईओ राजकुमार सिंह का अपहरण

    • शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी ..
    • स्टैंप पेपर पर दस्तखत कराकर जानलेवा धमकी देकर छोड़ा विधायक प्रकाश सुर्वे के बेटे राज सुर्वे ने।
    • ली थी मनोज मिश्रा से अपहरण की सुपारी।

    इस्माइल शेख
    मुंबई-
    नेता हो या अभिनेता, सबको आवश्यक है। किंतु यदि वे अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को निभाते हुए, अपनी संतानों को अच्छे संस्कार नहीं देते हैं तो उनकी संताने शॉर्ट कट का रास्ता अपनाकर असामाजिक व अनैतिक कार्य करने लगती है। ऐसा ही एक मामला विधायक प्रकाश सुर्वे के साथ भी घटित हुआ है, जहां उनके बेटे राज सुर्वे, उसके साथी विक्की शेट्टी सुपारी देने वाले मनोज मिश्रा व उनके 10,12 अज्ञात गुंडे टाइप साथियों के विरुद्ध म्यूजिक कंपनी के मालिक राजकुमार सिंह ने वनराई पुलिस थाने में प्राथमिकी नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)

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    पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार गोरेगांव (पूर्व) में चिंतामणि क्लासिक बिल्डिंग इको हाउस के पास, विश्वेश्वर नगर रोड़ के फ्लैट नंबर 302, 303, 403 तीसरा व चौथे मजले पर’ ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन प्रा. लि. नाम की कंपनी का कार्यालय है। वहीं आरोपी मनोज मिश्रा (30) वर्ष वाय – 503, एग्जीबिशन रोड़, गन अपार्टमेंट चौक के समीप ही पटना, बिहार की भी आदिशक्ति प्रा. लि. नाम की म्यूजिक कंपनी है। मनोज मिश्रा ने उसके 1.5 करोड़ फॉलोअर्स बताया है। उसे पैसे की आवश्यकता थी अपनी आदिशक्ति कंपनी को बढ़ाने के लिए, इसलिए उसने ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन के सीईओ राजकुमार सिंह से अपनी कंपनी ‘ आदिशक्ति प्रा. लि. डिजिटल लाइसेंस पर वर्ष 2019 में ओटीटी प्लेटफार्म के संबंध में आवश्यक करार पत्र लेकर राजकुमार सिंह ने एक वर्ष का ही करार किया था।

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    अपहरण, सुपारी, शिवसेना,
    विधायक प्रकाश सुर्वे की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ फाइल तस्वीर

    अपहरण की सुपारी ..

    किंतु कंपनी का व्यवहार अच्छा रहा। इसी कारण वर्ष – 2021 में मनोज मिश्रा ने यूट्यूब चैनल के लिए 8 करोड़ रुपए एडवांस में लिया और 5 वर्ष का करारनामा लिखा, जिसका लॉकिंग पीरियड 3 वर्ष का था। यह करारनामा वर्ष – 2026 में अपने पांच वर्ष पूर्ण करता। चैनल डेवलपमेंट के लिए मनोज मिश्रा ने कंटेंट न बनाकर उक्त पैसे को अन्यत्र खर्च किया, जिससे राजकुमार सिंह को मिलने वाले नियमित लाभ में कमी आने लगी। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)

    शिकायत के मुताबिक यूट्यूब चैनल का कंटेंट बनाने के लिए मनोज मिश्रा ने और पैसे की मांग की, जिसे राजकुमार सिंह ने इनकार कर दिया। किंतु मनोज मिश्रा ने वर्ष -2022 से करारनामा रद्द करने के लिए राजकुमार सिंह पर दबाव डालने लगा। राजकुमार सिंह ने समझौते के लिए उससे कहा कि वह उसे जून व जुलाई 2023, में एक करोड़ रुपए उसकी कंपनी के बैंक खाते में दे चुका है। वह उसका पैसा वापस करके करार रद्द कर सकता है।किंतु मनोज मिश्रा ने ऐसा न करते हुए, पद्माकर, राज सुर्वे को करार रद्द कराने की सुपारी दे दी। दिनांक – 09/08/2023 को 10 – 15 लोग राजकुमार सिंह के कार्यालय में आए और उसे विधायक प्रकाश सुर्वे के कार्यालय में ले गए, फिर कुछ दूर स्थित एक अन्य बिल्डिंग में ले गए, जहां उसके मोबाइल पर वनराई पुलिस का फोन आया, किंतु अपहरण कर्ताओं के दबाव के कारण राजकुमार सिंह ने पुलिस को जवाब नहीं दे पाया। फिर अपहरण कर्ताओं ने राजकुमार सिंह को दहिसर स्थित एक कार्यालय में लाया गया। जहां पद्माकर, राज सुर्वे पहले से ही मौजूद था। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)

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    उसने जानलेवा धमकियां दी। उसके साथी विकी शेट्टी ने मनोज मिश्रा द्वारा लाए गए 100 / – के स्टैंप पेपर पर राजकुमार सिंह से जबरन करारनामा रद्द करने के लिए दस्तखत कराया और राजकुमार सिंह को जानलेवा धमकियां देते हुए, पुलिस में न जाने की ताकीद कर छोड़ दिया। फिर राजकुमार सिंह ने वनराई पुलिस स्टेशन जाकर मनोज मिश्रा, पद्माकर, राज सुर्वे, विकी शेट्टी व 10,12 अज्ञात लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुंबई एयरपोर्ट से फरार होने की कोशिश कर रहे मनोज मिश्रा व उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब देखना यह है कि पुलिस विधायक प्रकाश सुर्वे के बेटे राज सुर्वे को भी गिरफ्तार करती है या नहीं? (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)

  • निरीक्षक ए के पांडेय को मिली टिटवाला में नियुक्ति

    निरीक्षक ए के पांडेय को मिली टिटवाला में नियुक्ति

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    मध्यरेल के टिटवाला स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल के निरीक्षक अरुण कुमार पांडेय ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया कई वर्षों से पांडेय जी ट्रेनिंग सेंटर नाशिक और इसके पूर्व विजिलेंस विभाग में अपना सिक्का जमा रखा था। अपने अच्छे कार्यो के कारण विजिलेंस विभाग में बड़े बड़े दलालो को दबोचा है। इसके अलावा आरपीएफ के कई थानों पर कार्य किया है। (Indian Railway)

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    Indian Railway..

    व्यक्तित्व के धनी व्यवहार कुशल और कफ़न में दबंग है। इसके पूर्व टिटवाला थाने पर नियुक्त निरीक्षक श्रीमती ए बाबर ने बड़े बड़े अपराधियो और तस्करों के नाक में नकेल डाल दिया था। बाबर के डर से तस्करों के पसीने छूट जाते थे। इसी को देखते हुए प्रशासन ने श्रीमती बाबर को पनवेल का चार्ज सौप दिया है। बाबर के चार्ज लेते ही पनवेल के पूरे आरपीएफ स्टाफ में खलबली मच गई है। पनवेल में हॉकरों दलालो और तस्करों मे पनवेल से भागने की तैयारी धुर हो गयी है। (Indian Railway)

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  • Mumbai: कांदिवली में 4 लाख 65 हज़ार का ड्रग्स और 5 लाख 75 हजार रुपये नगद के साथ तीन महिला गिरफ्तार

    Mumbai: कांदिवली में 4 लाख 65 हज़ार का ड्रग्स और 5 लाख 75 हजार रुपये नगद के साथ तीन महिला गिरफ्तार

    कांदिवली पूर्व के पोईसर, बिहारी टेकड़ी इलाके से 3 महिलाओं को पुलिस ने ड्रग्स और लाखों रुपए के साथ गिरफ्तार किया। (Mumbai Drugs Case)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    कांदिवली पूर्व के पोइसर इलाके के बिहारी टेकड़ी से मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 की टीम ने 3 महिलाओं को लगभग 4 लाख 65 हज़ार रुपए के एमडी (MD) नामक ड्रग्स और 5 लाख 75 हजार 140 रुपये कैश के साथ गिरफ्तार किया है। मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक विलास भोसले ने इसकी जानकारी दी। (Mumbai Drugs Case)

    Mumbai: में महिलाओं ने जमा लिया ड्रग्स का कारोबार

    आए दिन ड्रग्स के मामलों में महिलाओं का सम्मिलित होना मुंबई के लिए अब आम हो गया है। जबकि ड्रग्स एक ऐसा जहर है जो समाज को धीरे धीरे खत्म करता जा रहा है। पहले तो इसका शिकार सिर्फ मर्द हुआ करते थे लेकिन अब महिलाएं भी कानून की गिरफ्त से नहीं डर रहे हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक विलास भोसले ने जानकारी देते हुए बताया, कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस उपनिरीक्षक शेख गुरुवार की शाम समता नगर पुलिस की हद में गश्त कर रहे थे। उसी दौरान पोईसर के बिहारी टेकरी इलाके में मातेश्वरी किराना जनरल स्टोर के पास वाली गली में एक महिला शक के दायरे में देखी गई। शेख जब उनके पास जाने लगे तो वह महिला भागने का प्रयत्न कर रही थी। उसे रोककर छानबीन की गई तो उसके पास से 11 ग्राम ‘मेफेड्रोन’ (MD) प्राप्त हुआ। (Mumbai Drugs Case)

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    Mumbai,
    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    लोगों से पता चला कि यह महिला वहीं पास में रहती है। सरकारी पंचों के साथ जब उसकी घर की पड़ताल करने टीम पहुंची तो वहां और 2 महिला उपस्थित मिली। जो हिरासत मे ली हुई महिला की एक बेटी थी तो दूसरे उसकी बहू थी। जब महिला पुलिस ने लड़की की तलाश ली तो उसके पास से 10 ग्राम एमडी और भी बरामद हुआ और पूरे रूम की तलाशी में कुल मिलाकर 31 ग्राम एमडी और 5 लाख 75 हजार 140 रुपये कैश बरामद किया गया। (Mumbai Drugs Case)

    मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक विलास भोसले मैं जानकारी देते हुए बताया, कि मामले की और अधिक तहकीकात के लिए समता नगर पुलिस के हवाले कर दिया गया है जिसमें गु.र.क्र. 517/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 8(क), 22(ब), 29 एनडीपीएस (NDPS Act.) 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया है। मामले की और अधिक तहकीकात समता नगर पुलिस कर रही है। (Mumbai Drugs Case)

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  • अवैध निर्माण में संलिप्त मनपा का पी/नॉर्थ, वार्ड

    अवैध निर्माण में संलिप्त मनपा का पी/नॉर्थ, वार्ड

    • उपायुक्त विश्वास शंकरवार की लापरवाही से मिल रहा अवैध निर्माणों को अभयदान।
    • डीओ. राजन प्रभु, वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ने आपस में बांट लिया। Malad BMC

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    मालाड, पी/नॉर्थ वार्ड को सर्वाधिक भ्रष्टाचारी होने का तमगा दिया जाए तो अतिशयोक्ति न होगी। इस वार्ड के सभी आला अफसर भ्रष्टाचार के पंक में पूरी तरह डूबे हैं। इन्हे किसी भी तरह का भय नही। चाहे जितनी न्यूज प्रकाशित की जाए। इनकी कानों में जूं नहीं रेंगती। खुद ही बांधकाम
    कराते है। तोड़ने की नोटिस भेजते हैं और फिर नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण कर्ता से लाखों रुपए वसूलकर उसे स्टे आर्डर लेने की सलाह देते हैं और कोर्ट में बीएमसी विधि विभाग के अधिकारी वकील मौन साध लेता है। स्टे के खिलाफ नही बोलता, जिससे तुरंत ही गैरकानूनी बांधकाम करने वाले को कोर्ट से स्टे मिल जाता है। (BMC, अभयदान)

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    अभयदान, BMC,
    अवैध निर्माण को दिया गया नोटिस और डिओ. राजन प्रभु के साथ मालाड पी/उत्तर विभाग सहायक आयुक्त किरण दिघावकर की तस्वीर

    अवैध निर्माणों को अभयदान.. BMC.

    ताजा मामला मालाड (पश्चिम) गेट नंबर -३, रूम नंबर – ५२४, अब्दुल हमीद रोड, मुंबई -९५ का है। जहां गैरकानूनी ढंग से २००० चौरस फूट के ग्राउंड+२ (तीन मंजिला) के व्यापारिक गालों का निर्माण बना लिया, जिसकी एवज में कथित रुप से लाखों की रिश्वत दी गई। जिसे डीओ. राजन प्रभु, वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ने आपस में बांट लिया है। इस तरह की बयानबाजी मनपा गलियारों से आ रही है। जिसकी वजह से उक्त अवैध निर्माण पर किसी प्रकार की कार्यवाही का न होना ही इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। (BMC, अभयदान)

    मलाड BMC पी/उत्तर विभाग का और एक कारनामा

    वहीं देखा जाय तो परिमंडल – ४ के उपायुक्त विश्वास शंकरवार को मिली शिकायतों पर बरती जा रही लापरवाही भी अवैध निर्माणों के लिए अभयदान साबित हो रही है। दिखाने के लिए ३५४(ए) की नोटिस भेज दिया। जिसके नोटिस की संदर्भ संख्या १७०७१२ है। फिर गैरकानूनी निर्माण करने वाले को बुलाकर कोर्ट से स्टे लेने को कहा।
    बात बढ़े नही, भ्रष्टाचार का खुलासा न हो, इसके लिए अभियंता को जबरन छुट्टी पर भेज दिया। (BMC, अभयदान)

    बता दें, कि मनपा अधिनियम १८८८ के तहत ३५४(ए) की नोटिस देने के २४ घंटे के भीतर तोड़क कार्रवाई करने का जरूरी प्रावधान है लेकिन अवैध व्यापारिक गालों का बांधकाम ग्राउंड+२(तीन मंजिला) कुल २००० चौरस फूट का निर्माण कराने वाले अवैध निर्माण कर्ता को तुरंत कोर्ट से स्टे लेने की मौखिक सलाह दी, ताकि तोड़क कार्रवाई न करनी पड़े। “सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे” यानी तोड़क कार्रवाई न होने से गैरकानूनी निर्माण बच जाए। (BMC, अभयदान)

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    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आयुक्त (Commissioner) इकबाल सिंह चहल से हमारी मांग है, कि पी/नॉर्थ, वार्ड (P/North, ward) के सभी आला अधिकारियों का तुरंत ट्रांसफर कर इनके भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक कार्रवाई कराए अन्यथा आपकी साख पर भी बट्टा लगेगा। (BMC, अभयदान)

  • Mumbai: ज़ब्त चोरी के सामानों को पुलिस ने किया वापस।

    Mumbai: ज़ब्त चोरी के सामानों को पुलिस ने किया वापस।

    बोरीवली के एमएचबी पुलिस ने मुंबई पुलिस उपायुक्त के हाथों लगभग 4 लाख 22 हजार रुपये का सोना, पीड़ितों को वापस किया।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बोरीवली (Borivali) पश्चिम के एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने चोरों की धरपकड़ मैं हस्तगत सामानों को उनके मालिकों के हवाले किया। शुक्रवार को इसकी जानकारी मुंबई पुलिस उपायुक्त परिमंडल 11 अजय कुमार बंसल ने दी। उन्होंने बताया, कि चार अलग-अलग मामलों में चोरों के पास से सोने के आभूषण बरामद किए गए थे। जिसे जांच पड़ताल के बाद उनके मालिकों के हवाले कर दिया गया।

    MHB पुलिस की कार्रवाई..

    एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाना के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडालकर ने बताया, कि गु.र.क्र. 52/22 में भारतीय दंड संहिता की धारा 392, 34 के तहत गिरफ्तार आरोपी के पास से लगभग 72 हजार रुपये के सोने का मंगलसूत्र बरामद किया गया था। जिसे माननीय उपायुक्त के हाथों शिकायतकर्ता नीलिमा पारकर को दे दिया गया है। ऐसे ही 1003/22 में लगभग 60 हजार रुपये के सोने का मंगलसूत्र फरियादी के भाई अमर जनार्दन पिंपळे को दिया गया।

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    ऐसे ही लगभग 30 हजार रुपये का मंगलसूत्र फरियादी सुनीता सुनिल तांबे को दे दिया गया है। जिसे गु.र.क्र. 843/22 में गिरफ्तार चोरों के पास है बरामद किया गया था। उन्होंने यह भी बताया, कि चौथा मामला एक दुकान में काम करने वाले नौकर ने अंजाम दिया था। जिसे पुलिस ने गु.र.क्र. 86/23 में भारतीय दंड संहिता की धारा 381 के तहत गिरफ्तार कर उसके पास से हस्तगत सोने की 2 छड़ें लगभग 2 लाख 60 हजार 95 रुपये का सोना फरियादी के मामा संदिप अजय आदत को सोंप दिया है।

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  • रेल अधिकारी यात्रियों को गुमराह कर रहे है।

    रेल अधिकारी यात्रियों को गुमराह कर रहे है।

    रेल अधिकारियों का भ्रष्टाचार यात्रियों को परेशान करता दिखाई दे रहा है और यह लो जवाब देने को तैयार नहीं है। Indian Railway

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    मध्यरेल के जनसंपर्क विभाग के कर्मचारी यात्रियों को पूरी तरह गुमराह करते है। आज मुंबई और थाने में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। सभी लोकल गाड़िया करीब एक घन्टे देरी से चल रही है। क्योंकि कल्याण स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर 1, 2 और 3 के ट्रैक पर पानी भर गया। जिसके कारण सभी धीमी लोकल गाड़िया 1 घन्टा देरी से चल रही है। Indian Railway

    अगर ऐसे ही बारिश होती रही तो गाड़िया बंद भी हो सकती है। ये रेल प्रशासन की पूरी लापरवाही है। ये पानी इसलिए भरता है, क्योंकि नालो की सफाई नही होती है। शहरों की नगर निगम यानी मनपा, टीएमसी, केडीएमसी ने करोड़ो रूपये सफाई के लिए रेल प्रशासन को दिए है। फिर भी सफाई नही किया गया। इसकी जबाबदारी कौन लेगा? Indian Railway

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/19/mumbai-11-arrested-including-hospital-staff-for-referring-patients-to-private-labs
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    मौसम विभाग की जानकारी

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    ये बारिश के मौसम के पूर्व साफ-सफाई के बड़ी-बड़ी मीटिंगे होती है। ऐसी मीटिंग का क्या फायदा जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेल कर्मी रात दिन काम करते है, ये कौन सा कार्य करते है? सभी परेशान रहते है। अभी कल्याण के आसपास काफी भारी बारिश हो रही है। मध्यरेल के उप मुख्य जनसंपर्क अधिकारी तो किसी काम के नही है। जिसको कोई जानकारी रहती ही नही है। Indian Railway

    ये कहावत सत्य बैठती है। उप मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनिल जैन फूल पगारी फोकटिया अधिकारी। ऐसे लोगो को रेलवे किस आधार पर रखती है? ये तो ऊपर वाला ही जाने। आज सभी नागरिक अपने घर पर अच्छे से पहुँच जाए और रेलवे सुचारू रूप से चले सभी लोग सुरक्षित रहे। यही अभिलाषा हम रखते हैं। Indian Railway

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  • पी/नॉर्थ, वार्ड के डीओ राजन प्रभु की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते राज्य सरकार की छवि धूमिल…

    पी/नॉर्थ, वार्ड के डीओ राजन प्रभु की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते राज्य सरकार की छवि धूमिल…

    • मलाड BMC का भ्रष्टाचार।
    • भ्रटाचार की नींव पर हो रहा है पांच मंजिला इमारतों का अवैध निर्माण।
    • बिना नक्शा पास कराए मनपा नियमों को ताक पर रख बनाई जा रही पांच मंजिला इमारतें।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    यूं तो सम्पूर्ण बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) भ्रष्टाचार के मामले में स्पर्धा करती रहती है। हर वार्ड के जिम्मेदार डी ओ, वार्ड ऑफिसर, अभियंताओं में भ्रष्टाचार की कमाई वाला माल बनाने की मानों होड़ सी लगी दिखती है। यदि अवैध बांधकाम कराने, उन्हें संरक्षण देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को कोई पुरस्कार देने की योजना बनाई जाए तो पी/नॉर्थ, वार्ड टॉप पर होगा। अधिकारियों की बात करें तो पी/नॉर्थ, वार्ड के डीओ राजन प्रभु ही बाजी मारकर टॉप पुरस्कार प्राप्त करने में सफल होंगे। (मलाड BMC का भ्रष्टाचार)

    पांच मंजिला भ्रष्टाचार…

    बताया जा रहा है, कि पी/नॉर्थ वार्ड के चीकू वाड़ी, रोड नंबर -१, मालवणी चर्च, बस स्टॉप नियर एनथोनी स्कूल, मार्वे रोड, मालाड (पश्चिम) में ग्राउंड+४ (पांच मंजिला) के आर सी सी (RCC) का अवैध बांधकाम कराने और संरक्षण देने का कार्य डीओ राजन प्रभु द्वारा किया गया है। जबकी उक्त पांच मंजिला इमारत के निर्माण  कार्य को गैरकानूनी तरीके से कराया जा रहा है। आरोपित डीओ राजन प्रभु की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते राज्य सरकार की छवि धूमिल करने के साथ ही भ्रष्टाचार को खूब बढ़ावा मिल रहा है।

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    मालाड़, BMC, भ्रष्टाचार,
    चीकू वाड़ी,रोड नंबर-१,, मालवणी चर्च,बस स्टॉप नियर एंथोनी स्कूल,मार्वे रोड़, मालाड (पश्चिम), स्थित ग्राउंड+४(पांच मंजिला)इमारत के आरसीसी का अवैध निर्माण की तस्वीर

    मलाड BMC का भ्रष्टाचार…

    इसी तर्ज पर दुर्गा निवास, बाजार गली, भंडारवाड़ा रोड़, बस स्टॉप, मार्वे रोड़, मालाड (पश्चिम) में खाली भूखंड  (open plot) पर ग्राउंड+४ (पांच मंजिला) के ४० रूम का गैरकानूनी निर्माण कार्य बिना नक्शा पास कराए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के नियमों को ताक पर रख कर उक्त दोनो पांच मंजिला इमारतों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है और संरक्षण दिया जा रहा है और लाखों की काली कमाई की जा रही है। जिस पर तोड़क कार्रवाई नहीं करना क्या मतलब है? क्या बिना लेन-देन किए ऐसा संभव है?

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    आला अधिकारियों का दुधारू गाय…

    झोपड़ी रिपेयर करते समय नोटिस पर नोटिस देने वाले अधिकारी जब गैरकानूनी निर्माण नहीं तोड़े तो! क्या यह भ्रष्टाचार नहीं है? लगता है बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारी कोमा में हैं। जो भ्रष्ट अधिकारियों के भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। चर्चा है आम, कि इन अवैध निर्माणों में डीओ राजन प्रभु का पैसा लगा है। जो काली कमाई खपाने का उत्तम माध्यम है। सूत्र बताते हैं, कि इसके पीछे की मुख्य वजह भ्रष्ट डीओ राजन प्रभु को आला अधिकारियों का दुधारू गाय होना मान रहे हैं।