Category: Local News

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  • बम्बई में अब 10 रुपये में होगा MRI और CT Scan

    बम्बई में अब 10 रुपये में होगा MRI और CT Scan

    बम्बई में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से गुरु नानक खालसा कॉलेज माटुंगा में शुक्रवार को जरूरत मंद लोगो के लिए मात्र 10 रुपये में MRI, CT Scan, एक्स-रे सेंटर का उद्घाटन किया गया। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

    न्यूज़ डेस्क
    बम्बई
    – माटुंगा गुरू नानक खालसा कॉलेज में शुक्रवार को चार साहिबजादे MRI और CT Scan Center का उद्घाटन किया गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधन में कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सिख समुदाय की प्रतिनिधि करने वाली संस्था शिरोमणि कमेटी जन कल्याण में बेहतरीन सेवाऐं प्रदान कर रही है। इसी सिलसिले में आज श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार पुत्रों को समर्पित एक एमआरआई और सीटी स्कैन केंद्र शुरू किया गया है। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

    क्या क्या मिलेगी सुविधा ?

    उन्होंने कहा कि इस केंद्र पर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे आदि चीजों की जांच सेवा मात्र 10 रुपये में की जायेगी। इसके अलावा गुरु नानक मिशन 1313 के नाम से संचालित फार्मेसी से बाजार दर से 25 प्रतिशत कम दर पर दवाइयां उपलब्ध कराई जायेंगी और मेडिकल रक्त परीक्षण भी 50 प्रतिशत सस्ती दरों पर किया जायेगा। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

    सम्मान बढ़ेगा

    एडवोकेट धामी ने घोषणा करते हुए कहा कि ये सुविधायें मुंबई और इसके आसपास के इलाकों के गुरुद्वारा साहिबों के ग्रंथी सिंहों और अन्य कर्मचारियों को भी केवल 10 रुपये में प्रदान की जायेंगी। उन्होंने कहा कि इन कार्यों में महाराष्ट्र से शिरोमणि कमेटी के सदस्य मो. गुरिंदर सिंह बावा द्वारा विशेष एवं सराहनीय प्रयास किये गये हैं, जिससे सिख संगठन का सम्मान और बढ़ेगा। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

    इस मौके पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, एडवोकेट धामी, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी सुल्तान सिंह, तख्त श्री हरिमंदर जी पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी बलदेव सिंह, शिरोमणि कमेटी के सदस्य गुरिंदर सिंह बावा, अध्यक्ष, तख्त श्री पटना साहिब प्रबंधन समिति जगजोत सिंह, शिरोमणि कमेटी के ओएसडी सतबीर सिंह धामी, जसबीर सिंह धाम और अन्य हस्तियां मौजूद रहीं। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

  • Mumbai AC Local Train : मुंबई को जल्द मिलेंगी 238 Ac वाली लोकल ट्रेने।

    Mumbai AC Local Train : मुंबई को जल्द मिलेंगी 238 Ac वाली लोकल ट्रेने।

    Mumbai Ac Local Train Update : केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को इसका ऐलान कर दिया है। हालांकि 2023 की निविदा में खरीददारी पर रोक लग गया था। शनिवार को केंद्रीय मंत्री ने इसको लेकर हरी झंडी दिखा दी।

    न्यूज़ डेस्क
    Mumbai AC Local Train :
    मुंबईकरों के लिए एक अच्छी खबर है। मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के तहत मुंबई को 238 नई एसी लोकल ट्रेनें (New Ac local train) मिलेंगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि एसी लोकल खरीदने का प्रस्ताव पटरी पर आ गया है। शनिवार (18 जनवरी) को अश्विनी वैष्णव ने रेल से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर टिप्पणी की। फिर उन्होंने एसी लोकल खरीददारी के बारे में जानकारी दी। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के चरण 3 और 3ए के तहत जल्द ही मुंबई में 238 एसी लोकल ट्रेनें चलेंगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, मुंबई रेलवे डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MRVC) ने जून 2023 में एसी लोकल ट्रेनों के लिए विशेष निविदाएं जारी की थीं। खरीददारी रुकने के कारण यह पहल स्थगित कर दी गई थी। अब 18 महीनों बाद एसी लोकल ट्रेन की खरीदी पर जोर दिया जा रहा है। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    MMRDA की फायनेंस शाखा है MUTP

    मुंबई शहरी परिवहन (MUTP) परियोजना की मूल योजना के अनुसार, चरण 3 में 47 एसी लोकल ट्रेनें खरीदी जानी हैं। इस पर करीब 3,491 करोड़ रुपये की लागत आ सकता है। जबकि फेज 3ए में 191 एसी लोकल ट्रेनें खरीदी जाने वाली हैं। इस पर करीब 15,802 करोड़ रुपये की लागत लगने वाला है। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    एसी लोकल खरीदने संबंधी फैसले से मुंबईकरों को राहत मिलेगी। इससे गर्मियों के दौरान यात्रियों को एसी लोकल से यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा कहा जा रहा है कि इसका असर स्थानीय निकायों के चुनाव पर भी पड़ सकता है। हालांकि, यात्रियों की नजर इस बात पर है कि 238 एसी वाली यह ट्रेन मुंबई में कब से चलेगी। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    मुंबई शहरी परिवहन परियोजना क्या है ?

    यह परियोजना मुंबई महानगर क्षेत्र में यातायात और परिवहन की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए बनाई गई थी। इसे मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने विश्व बैंक की मदद से तैयार किया था। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    एमयूटीपी से जुड़ी कुछ खास बातें:

    • एमयूटीपी की शुरुआत साल 2002 में हुई।
    • इसमें बड़े पैमाने पर शहरी पुनर्वास भी किया गया।
    • एमयूटीपी के तहत कई तरह की परियोजनाएं चलाई गईं, जैसे कि एमयूटीपी 3ए और एमयूटीपी-II।
    • एमयूटीपी 3ए में एमएमआर क्षेत्र में रेल आधारित परियोजनाओं को शामिल किया गया ।
    • एमयूटीपी-II में यातायात और परिवहन की स्थिति में सुधार लाने के लिए कई तरह के उपाय किए गए।

    शहरी परिवहन से जुड़ी कुछ चुनौतियां: 

    • सड़कें और पुल जैसे बुनियादी ढांचे अपर्याप्त होते हैं।
    • यात्रा में देरी होती है और दुर्घटनाएं बढ़ती हैं।
    • सार्वजनिक परिवहन प्रणाली दिव्यांग व्यक्तियों के लिए पूरी तरह से सुलभ नहीं होती।
  • BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    बम्बई के सरकारी अस्पतालों में दवाओं को लेकर संकट गहरा रहा है। 120 करोड़ रूपये का बकाया नही मिलने के कारण दवाई आपूर्ति करने वाले कंपनियों ने सप्लाई पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    बम्बई शहर और आस-पास के गरीब तबके के लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं पर इलाज के लिए एक मात्र सरकारी अस्पताल इन दिनों दवाई संकट से जूझ रहा है। जबकि यहां बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा संचालित अस्पतालों की दवाइयां हमेशा से ही लोगों के इलाज में सटीक साबित हुई। प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले सरकारी अस्पताल के एक ही डोज से मरीज ठिक हो जाया करता है। लेकिन इन सरकारी अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध नही होने के कारण शहर भर के लोगों पर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा मंडराने लगा है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    क्या है पूरा मामला?

    मुंबई के बीएमसी द्वारा संचालित अस्पतालों को दवा आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने 120 करोड़ रुपये के बकाया नही मिलने के कारण डिलीवरी को निलंबित (Suspended) करने की धमकी दी है। यह कृष्णा डायग्नोस्टिक्स द्वारा आपली चिकित्सा योजना के तहत अपनी पैथोलॉजी सेवाओं को बंद करने के कुछ समय बाद हुआ है, जिसमें बकाया भुगतान नही किए जाने का का हवाला दिया गया था। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    सोमवार से नही होगी दवाई की सप्लाई

    बीएमसी अस्पतालों में दवाई सप्लाई करने वाली 150 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ऑल फूड एंड ड्रग्स लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन (AFDLH Fondation) ने सोमवार 13 जनवरी यानी कल से दवाइयों की सप्लाई रोकने की घोषणा की है। कहा, कि यदि उनके चार महीने से लंबित 120 करोड़ रूपये का भुगतान नहीं किया जाता है। तो कोई भी कंपनी सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की सप्लाई नही करेगा। इस निर्णय के कारण बम्बई के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह से बाधित कर सकता है। इसमें बम्बई ही नही बम्बई और आस-पास को लोग भी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करवा रहे हैं। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    AFDLH Fondation के अध्यक्ष अभय पांडे ने आपूर्तिकर्ताओं के सामने मौजूद गंभीर वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे सदस्य वित्तीय बर्बादी के कगार पर हैं।” पश्चिमी उपनगरों के एक विक्रेता ने स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “भुगतान में देरी असहनीय हो गई है। बीएमसी अस्पतालों को आपूर्ति करना एक निरंतर संघर्ष बन गया है, बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    BMC ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी को लिखे एक औपचारिक पत्र में संस्था ने वित्तीय तनाव की रूपरेखा प्रस्तुत की। पत्र में कहा गया है, कि “बकाया राशि के कारण हमारे सदस्य भारी दबाव में हैं। बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। भुगतान पूरा होने तक आपूर्ति स्थगित करने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।” इस बीच, बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त संजय कुर्हाड़े ने आश्वासन दिया, कि “इस मुद्दे को सुलझाने और संकट को हल करने के लिए प्रयास जारी हैं।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

  • मालाड़ से दहिसर के बीच होगा काया कल्प- पीयूष गोयल

    मालाड़ से दहिसर के बीच होगा काया कल्प- पीयूष गोयल

    मालाड़, कांदीवली, बोरीवली और दहिसर के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित किया। उन्होंने इस मौके पर रेलवे स्टेशनों से लेकर सरकारी अस्पतालों और कोली समाज के लोगों के लिए वर्क शॉप और उसके साथ एलआईसी प्रशिक्षण पर जोर दिया।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के बीजेपी सांसद पीयूष गोयल ने शनिवार को बीएमसी हेड क्वाटर में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के जरिए उत्तर मुंबई के सार्वजनिक निर्माण कार्यों जानकारी दी। मौके पर पीयूष गोयल ने कहा कि मुंबईकरों की सेवा के लिए डबल इंजन सरकार तो पहले से ही काम कर रही है, लेकिन अब नए साल से नई ट्रिपल इंजन की सरकार काम करे, इसके लिए हम प्रयासरत हैं। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    उत्तर मुंबई से सांसद पीयूष गोयल ने आगे कहा, हम चाहते हैं कि काम तीन गुना ज्यादा तेजी और मेहनत से हो, जिससे तीन गुना ज्यादा परिणाम आ सके और तीन गुना लोगों के जीवन पर इसका अच्छा प्रभाव पड़े। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    नवी मुंबई से बोरीवली तक का सफर

    पीयूष गोयल ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र मालाड़, कांदीवली, बोरीवली और दहिसर सहित सभी चार रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत काम शुरू हो जाएगा। इस पहल का उद्देश्य दीर्घकालिक दृष्टि से स्टेशन का निरंतर विकास करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने पिछले साल बोरीवली तक हार्बर लाइन विस्तार की घोषणा की थी। इससे नवी मुंबई से उत्तरी मुंबई के बीच यात्रा करने वाले रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    60 हजार करोड़ का खर्च

    केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हमने संकल्प लिया था कि उत्तर मुंबई को उत्तम मुंबई बनाकर रहेंगे, जो पीएम मोदी के सपने का एक हिस्सा है। प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान इसी दिशा में लंबी चर्चा हुई। उन्होंने कहा, इस चर्चा की यह तीसरी बैठक है। 60 हजार करोड़ का खर्चा मुंबई को बेहतर बनाने के लिए होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोस्टल रोड जल्दी ही पूरा होने जा रहा है इसके लिए काम तेजी से चल रहा है। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    झुग्गी बस्तियों का होगा काया कल्प

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उनके लोकसभा क्षेत्र के शहरी परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदलने के लिए इस साल कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम किया जाएगा। गोयल ने पिछले साल उत्तर मुंबई से अपना पहला लोकसभा चुनाव जीता है। उन्होंने कहा, इस साल हमारे पास अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए कई बड़ी योजनाएं हैं। हम देख रहे हैं कि हम कितनी जल्दी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को उसी स्थान पर पक्के मकान उपलब्ध करा सकते हैं। यह एक ऐसी परियोजना है जिस पर काम जारी है। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    पर्यटन को बढ़ावा, स्किल यूनिवर्सिटी का निर्माण

    गोयल ने कहा कि वह इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। क्योंकि एक तरफ यहां संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान है और दूसरी तरफ खूबसूरत समुंदर फैला हुआ है। पीयूष गोयल ने कहा कि मगाठाणे का रोड तैयार है, बस थोड़ा काम बाकी है। साथ ही भगवती, भंसाली, और शताब्दी इन तीनों सरकारी अस्पतालों को और बेहतर बनाने का काम होने वाला है। उन्होंने कहा कि मैंने मालाड के लोगों से चुनाव के समय वादा किया था, कि एक बड़ा स्किल डेवलेपमेंट सेंटर बनाएंगे। इसके लिए वहां अब हम एक स्किल यूनिवर्सिटी बनाने जा रहे हैं। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    एलआईसी के साथ ट्रेनिंग प्रोग्राम

    उन्होंने कहा कि मालाड रेलवे स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की जाएगी। साथ ही बीमा सखी योजना को अब एक सेंटर तक सीमित नही रखकर, 40 स्थानों पर एलआईसी के साथ ट्रेनिंग प्रोग्राम कराया जाएगा। पीयूष गोयल ने कहा, दहिसर, बोरिवली, मालाड के कोली समाज के लोगों के लिए भी वर्कशॉप कराया जाएगा, ताकि उनकी भी आमदनी बढ़े। वहीं बीएमसी चुनाव पर गोयल ने कहा कि यह चुनाव हम भारी बहुमत से जीत कर आएंगे और लोगों की सेवा करेंगे।(There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

  • सरकारी अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला 2 महिने का पगार, बोनस से भी किया वंचित

    सरकारी अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला 2 महिने का पगार, बोनस से भी किया वंचित

    मुंबई के सरकारी अस्पताल में भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश मे आ रहा है। यहां कांदीवली के शताब्दी अस्पताल में काम करने वाले सफाई कर्मचारी पिछले 2 महिनों के पगार को लेकर अनशन पर बैठ गए हैं। बताया की सालाना बोनस भत्ते से वंचित रखा गया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    कांदीवली पश्चिम के सरकारी अस्पताल में पिछले 4 दिनों से साफ सफाई का काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को पिछले 2 महिनों से पगार ही नहीं मिली है। साथ ही पिछले 2 सालों से बोनस भत्ता के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। इसको लेकर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का साथ मिलने के बाद आश्वासन दिया गया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    कौन है ठेकेदार?

    बता दें, कि “कल्पतरु हॉस्पिलिटी” नामक कंपनी शताब्दी अस्पताल में ठेका चला रहा है। इसी के अधीन सफाई कर्मचारी सरकारी अस्पताल में काम कर रहे हैं। लेकिन कर्मचारियों को ना तो पीएफ सुविधा दिया जा रहा है और ना ही सरकारी नियमानुसार वेतन ही दिया जा रहा है। यहां तक की साप्ताहिक अवकाश का पैसा भी काट लिया जाता है। पिछले 2 सालों से मिलने वाले सालाना बोनस फंड से इन्हें वंचित रखा गया है।  इस तरह के मनमानी कारोबार के खिलाफ सफाई कर्मचारियों ने अनशन पर बैठने का फैसला लिया। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    मुलभुत सुविधाओं से वंचित

    इसी कड़ी में कर्मचारियों ने ठेकेदार के मनमानी कारोबार के खिलाफ महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मदद की गुहार लगाई। बता दें कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा संचालित शताब्दी अस्पताल में पिछले 12 सालों से सफाई कामगार ठेका पद्धति पर काम कर रहे हैं। जबकि यहां कितने ही ठेका कंपनी बदल चुके है। लेकिन इन कर्मचारियों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।  (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    शिवसेना शिंदे गुट ने किया मुलाकात

    Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also
    सफाई कर्मचारियों के साथ शिवसेना शिंदे गुट के पदाधिकारियों की तस्वीर

    इसकी शिकायत को लेकर शिवसेना व्यापारी सेना सचिव तथा गृहसंकुल सह समन्वयक संदीप शिंदे साहब और शिवसेना पदाधिकारी एंटोनी डिसूजा, गणेश टोने, महेंद्र शेंडगे, गणेश माने, राजू सिंह, अमित भारखड़ा सफाई कर्मचारियों से मुलाकात की और इनकी मांगों को लेकर ठेकेदार के मैनेजर आतिश जाधव से मिले और उनसे सवाल पूछा गया तो ठेकेदार की ओर से कर्मचारियों के पगार के पैसों के साथ बोनस फंड जल्द ही देने का कहा है। इसके अलावा ठेका कंपनी ने जल्द ही सफाई कर्मचारियों की बाकी समस्याओं का निपटारा करने का आश्वासन दिया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

  • MHADA: किराया मांगने गये तो पुलिस की कर दी पिटाई, म्हाडा कार्यालय में हंगामा

    MHADA: किराया मांगने गये तो पुलिस की कर दी पिटाई, म्हाडा कार्यालय में हंगामा

    रिडेवलपमेंट के तहत निर्माण किए जा रहे म्हाडा के प्रोजेक्ट में मकान मालिक को किराये का पैसा देने की जगह म्हाडा के अधिकारी द्वारा मार पीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जबकि पीड़ित एक पूर्व पुलिस अधिकारी है। ऐसे में आम नागरिकों के साथ कैसा सलुक किया जाता होगा? इसपर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    खेरवाड़ी पुलिस ने म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल और 12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक पूर्व पुलिस अधिकारी (शिकायतकर्ता) पर शारीरिक हमला करने और गैरकानूनी तरीके से लोगों को इकट्ठा करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। कथित तौर पर जायसवाल ने म्हाडा कार्यालय में शिकायतकर्ता को थप्पड़ मारा, जिसके बाद सुरक्षा कर्मचारियों और अधिकारियों ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ मारपीट की। इसके साथ ही जायसवाल ने कथित तौर पर उसे जान से मारने की धमकी दी। मामला 26 दिसंबर को दर्ज हुआ। लेकिन, पुलिस ने अभी तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। (Mumbai news When he went to ask for fare, he beat up the police, commotion in MHADA office)

    क्या है मामला?

    खेरवाड़ी पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता, 60 वर्षीय विजय चालके, अंधेरी पश्चिम में रहने वाले एक सेवानिवृत्त सहायक पुलिस अधिकारी हैं। जो पहले डीएन नगर में स्थित म्हाडा (महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण) के तहत मंगलमूर्ति सोसाइटी नामक एक इमारत में रहते थे। इमारत का म्हाडा द्वारा पुनर्विकास किया जा रहा है। 2016 से चालके और 12 अन्य परिवारों को म्हाडा से उनका किराया नहीं मिला है। चालके ने इसको लेकर म्हाडा में शिकायत दर्ज कराई थी।

    शिकायत करने का नतीजा

    26 दिसंबर को चालके और बाकी परिवार के अन्य सदस्य पिछला किराया के बारे में पूछताछ करने म्हाडा कार्यालय गए हुए थे। विजिटिंग रूम में प्रतीक्षा करते समय, जायसवाल शाम करीब 5 बजे पहुंचे और चालके से कहा, कि वह फिर से कार्यालय नहीं आएंगे और अन्य लोगों से बाद में आने के लिए कहा। जब चालके ने इस पर सवाल उठाया, तो कथित तौर पर जायसवाल नाराज हो गए और उन्हें थप्पड़ मार दिया। इसके तुरंत बाद, लगभग 10 से 12 सुरक्षा कर्मचारी और अन्य कर्मचारी विजिटिंग रूम में पहुंचे। वे चालके को दूसरे कमरे (कमरा नंबर 520) में ले गए और अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। कथित तौर पर कुछ सुरक्षा गार्डों ने चालके के हाथ और पैर पकड़ लिए, जबकि जायसवाल और अन्य ने उन्हें मुक्कों और लात-घूंसों से पीटा। (Mumbai news When he went to ask for fare, he beat up the police, commotion in MHADA office)

    पुलिस ने लिया जायज़ा

    जायसवाल ने चालके को कथित तौर पर धमकाया और कहा कि वह पुलिस आयुक्त को सूचित करेंगे, उन्हें मुठभेड़ में मार देंगे और उनकी पेंशन बंद कर देंगे। कथित तौर पर आरोपियों ने चालके की सोने की चेन और ईयरफोन भी तोड़ दिए। पुलिस जल्द ही घटनास्थल पर पहुंची और चालके को इलाज के लिए सांताक्रूज ईस्ट के वी.एन. देसाई अस्पताल ले गई। इसके बाद चालके ने जायसवाल और 12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। (Mumbai news When he went to ask for fare, he beat up the police, commotion in MHADA office)

  • Mumbai: सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लिगल नोटिस

    Mumbai: सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लिगल नोटिस

    मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी द्वारा इकोकार्डियोग्राम (ECG) किए जाने के सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था। इसी सिलसिले में अस्पताल को लिगल नोटिस दिया गया है। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    सरकारी अस्पताल में गड़बड़ी और लापरवाही की खबर तो हमेशा आती रहती है। लेकिन एक सफाई कर्मचारी डाक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने का सनसनीखेज मामला पहली बार सामने आया है। मुंबई के गोवंडी स्थित शताब्दी अस्पताल को एक कानूनी नोटिस मिला है। जिसमें अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी ने कथित तौर पर इकोकार्डियोग्राम (ईसीजी) किया है। पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    कैसे मिली जानकारी?

    इस घटना की जानकारी तब प्रकाश में आई जब शहर के वकील आबिद अब्बास सैय्यद ने मुख्यमंत्री और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न राज्य अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा। खबर के मुताबिक, एडवोकेट सैय्यद ने इस घटना को मेडिकल प्रोटोकॉल और मरीज सुरक्षा का घोर उल्लंघन बताया है। हालांकि अस्पताल ने इस घटना से इनकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने कर्मचारी की हरकत का बचाव करते हुए कहा, कि सफाई कर्मचारी “प्रक्रिया करने के लिए पर्याप्त शिक्षित और योग्य था।” (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    बताया गलतफहमी

    अस्पताल प्रशासन के एक सदस्य ने कहा, “ईसीजी मशीनें सिर्फ़ एक बटन दबाने से काम करती हैं। कर्मचारियों ने सिर्फ़ ईसीजी किया था और उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पेशेवर डॉक्टरों ने रिपोर्ट ली थी।” पहले इसी सदस्य ने इस घटना को “गलतफ़हमी” भी बताया। अस्पताल ने आगे कहा कि मरीज़ नियमित जांच के लिए अस्पताल आया था और उसकी हालत गंभीर नहीं थी। हालांकि, अपने नोटिस में अधिवक्ता सैय्यद ने कहा कि इस घटना ने अस्पताल द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मरीज़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रशासन की ज़िम्मेदारी पर भी सवाल उठाया है। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार

    एड्वोकेट सैय्यद ने अधिकारियों से घटना की जांच करने का आग्रह किया है और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग की है। सैय्यद ने अपने नोटिस में कहा, “मरीजों को उम्मीद है कि उन्हें योग्य स्वास्थ्य सेवा पेशेवर डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जाएगा। लेकिन इस तरह की घटनाएं लापरवाही की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करती हैं।” (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि खबरों से पता चला है कि शताब्दी अस्पताल और अन्य सरकारी सुविधाओं के कुछ डॉक्टर निजी क्लीनिक चला रहे हैं, जो उन नियमों का उल्लंघन है, जो उन्हें निजी प्रैक्टिस करने से रोकते हैं। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

  • Mumbai- 650 बेकरियों को मिली BMC की नोटिस, बंद होने के कगार पर है बेकरी का कारोबार

    Mumbai- 650 बेकरियों को मिली BMC की नोटिस, बंद होने के कगार पर है बेकरी का कारोबार

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने शहर भर के 650 बेकरियों को प्रदूषण से निपटने के लिए नोटिस जारी किया है। नोटिस में साल भर का समय दिया गया है। एक साल के भीतर प्रदूषण से निपटने के लिए स्वच्छ ईंधन के तरीके अपनाने में विफल रहे तो उन्हें बंद किए जाने की चेतावनी दी गई है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
     बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने प्रदूषण फैलाने वाली 650 बेकरियों को नोटिस जारी किया है। बताया जाता है कि मानसून के बाद शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के अलावा शहर भर की बेकरियों में लकड़ी के ईंधन का उपयोग करने को जांच के दायरे में लाया गया है. साथ ही वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    इसी क्रम में बीएमसी ने लगभग 650 बेकरियों को नोटिस जारी कर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लकड़ी जलाने के स्थान पर बिजली या सीएनजी जैसे वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने का निर्देश दिया है। बीएमसी के अनुसार, शहर भर में बेकरी की भट्टियां वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में से एक बन गई हैं। साथ ही पाया गया है कि मुंबई में लगभग 47 प्रतिशत बेकरियां अपने भट्टों के लिए ईंधन के रूप में लकड़ी का उपयोग करती है। वहीं इन भट्टियों से निकलने वाला धुआं नागरिकों के लिए हानिकारक है। साथ ही इन भट्टियों को चलाने के लिए मुख्य रूप से निर्माण स्थलों और फर्नीचर स्टोर से निकलने वाले स्क्रैप का उपयोग किया जाता है। इस कारण भारी मात्रा में प्रदूषण हवा में फैल जाता है, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

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    इतना ही नहीं छोटी बेकरियों में ईंधन के रूप में प्रतिदिन लगभग 50 से 100 किलो लकड़ी का उपयोग होता है। जबकि बड़ी बेकरियों में ईंधन के रूप में प्रतिदिन लगभग 250 से 300 किलो लकड़ी की खपत होती है। वहीं 20 किलो आटे की ब्रेड बनाने के लिए लगभग पांच किलो लकड़ी की जरूरत होती है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    अस्थमा और सांस संबंधीत बिमारियों का कारण

    जब लकड़ी के टुकड़ों को ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है, तो मीथेन, कार्बनडाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी हानिकारक गैस और वाष्पशील कार्बनिक यौगिक गैस उत्पन्न होता है, जो सांस संबंधीत बीमारियों और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके अलावा कुछ सूक्ष्म कण धुएं के साथ मिलकर फेफड़ों में प्रवेश कर जाते हैं और इससे कैंसर या रक्तवाहिनी संबंधी बीमारियां भी हो सकती है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    महंगे हो सकते है बेकरी के सामान

    नाम नहीं बताने की शर्त पर एक बेकरी मालिक ने बताया कि अन्य सामग्रियों की तुलना में लकड़ी सस्ता होता है। कहा, कि आज ईंधन के लिए लकड़ी की कीमत 15 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि स्क्रैप लकड़ी की कीमत केवल 5 रुपये प्रति किलोग्राम है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने नोटिस निकालकर बेकरी वालों को गैस सिलेंडर और सीएनजी का उपयोग करने का विकल्प दिया है। लेकिन, अगर आप कमर्शियल सिलेंडर का प्रयोग करते हैं, तो इसकी कीमत 92.05 रुपये प्रति किलोग्राम हो जाती है और अगर आप सीएनजी का इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी कीमत 58.78 रुपये प्रति किलोग्राम होगी। अब, अगर हम इलेक्ट्रिक भट्टियों का इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी कीमत 12 रुपये प्रति यूनिट है। इसकी तुलना में, स्क्रैप लकड़ी बहुत सस्ती है। ऐसे में बेकरी में बनने वाले खाने की चीजें बहोत ज्यादा महंगी हो जाएगी। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    BMC ने दी चेतावनी

    बीएमसी के एक अधिकारी के अनुसार, मुंबई में करीब 1,200 बेकरियां हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा अनधिकृत हैं. उन्होंने बताया, कि “2007 से अब तक 560 बेकरियों को इस शर्त पर संचालन की अनुमति दी गई है कि वे इलेक्ट्रिक और सीएनजी ओवन का उपयोग करेंगे।” उन्होंने कहा, कि इसके बावजूद, आधे से अधिक बेकरी ईंधन के रूप में लकड़ी के कबाड़ का प्रयोग करती है। उन्होंने कहा, “इसलिए, बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने अब 650 बेकरी मालिकों को नोटिस भेजकर चेतावनी दी है कि अगर वे एक साल के भीतर इलेक्ट्रिक या सीएनजी का इस्तेमाल ईंधन के रूप में नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” बीएमसी ने बेकरी संचालकों को चेतावनी दी है कि यदि वे एक साल के भीतर प्रदूषण से निपटने के लिए स्वच्छ ईंधन के तरीके अपनाने में विफल रहे तो उन्हें बंद कर दिया जाएगा। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

  • Mumbai लोकल ट्रेन हुआ अपग्रेड, समय में बदलाव, 12 की जगह हुए 15 डिब्बे

    Mumbai लोकल ट्रेन हुआ अपग्रेड, समय में बदलाव, 12 की जगह हुए 15 डिब्बे

    Mumbai Local Train अब अपग्रेड किया जा रहा है। अब 12 डिब्बों की जगह अतिरिक्त 3 डिब्बे बढ़ा कर 15 कर दिया गया है। कुछ खास ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है। भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे (वेस्टर्न रेलवे) नए बदलाव कर रही है। Western Railway (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – पश्चिम रेलवे (Western Railway) ने कुछ लोकल ट्रेनों के समय और स्टॉपेज में कुछ अस्थायी बदलाव किए हैं। अंधेरी-विरार लोकल भायंदर में खत्म हो जाएगी और नालासोपारा लोकल भायंदर से चलेगी। दोनों ट्रेनों को 15 कोचों में अपग्रेड किया गया है और ये चर्चगेट से मुंबई सेंट्रल तक तेज गति से चलेंगी। मुंबई लोकल ट्रेन का समय भाईंदर के यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    पश्चिम रेलवे ने चुनिंदा लोकल सेवाओं के समय और स्टॉपेज में बदलाव किया है। सोमवार से ये बदलाव अस्थायी कर दिए गए हैं। वेस्टर्न रेलवे के मुताबिक, लोकल ट्रेन नंबर 92019 अंधेरी-विरार (सुबह 6:49 बजे) को भाईंदर में ही छोटा कर दिया गया हे। इसी तरह ट्रेन संख्या 90648 नालासोपारा (16:08 बजे) के बजाय 16:24 बजे भायंदर स्टेशन से रवाना होगी। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    12 डिब्बों की जगह 15 डिब्बों में अपग्रेड

    ट्रेन नंबर 90208 भायंदर-चर्चगेट (सुबह 8 बजे) और 90249 चर्चगेट-नालासोपारा (9:30 बजे) में अब 12 कोच की जगह 15 कोच हो गए हैं। ये सभी ट्रेनें अब चर्चगेट से मुंबई सेंट्रल के बीच तेज गति से चलेंगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, कि हाल ही में एक और एसी लोकल ट्रेन सेवा का विस्तार किया गया है। जिसके चलते 12 सामान्य सेवाओं को हटाना पड़ रहा है। रेलवे के इस फैसले का भाईंदर में विरोध हुआ और यात्री पिछले कई दिनों से हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं। कहा जा रहा है, कि रेलवे ने ये बदलाव भाईंदर पर फोकस करते हुए नाराज यात्रियों को मनाने के लिए परीक्षण के तौर पर किया है। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    भायंदर में यात्रियों का विरोध

    सोमवार, 16 दिसंबर को प्रभावी हुए परिवर्तनों के कारण, स्टेशनों पर संकेतक पूरे दिन अस्पष्ट रहे। चर्नी रोड स्टेशन पर एक यात्री ने कहा कि प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर संकेतक सुबह 11:57 बजे गोरेगांव लोकल दिखाता है, जबकि 12:22 बजे बोरीवली लोकल दिखाता है। इंडिकेटर में आई इन गड़बड़ियों के कारण यात्रियों को दिनभर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दादर स्टेशन पर एक यात्री पूर्वेश शाह ने कहा कि उन्होंने इंडिकेटर देखकर एसी लोकल का टिकट खरीदा, लेकिन बाद में पता चला कि ट्रेन पहले ही निकल चुकी है। रेलवे इन टिकटों का कोई मुआवजा भी नहीं दे रहा है, ऐसे में एसी लोकल के यात्रियों को कैसे प्रोत्साहन मिलेगा, वे टिकट क्यों खरीदेंगे। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    गौरतलब है कि एसी लोकल ट्रेन सेवाओं की संख्या बढ़कर 109 हो गयी है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने कहा, कि “एसी लोकल ट्रेनों में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के अनुसार एसी सेवा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में चल रही नॉन-एसी लोकल ट्रेनों को एसी में बदल दिया गया है। चर्चगेट से विरार तक इस समय नई एसी लोकल ट्रेनें 7 और विरार से चर्चगेट तक 6 एसी की लोकल ट्रेनें बढ़ा दी गई हैं। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

  • Mumbai: BMC में डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतों की बाढ़ आ गई

    Mumbai: BMC में डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतों की बाढ़ आ गई

    आधुनिक तकनीक BMC प्रशासन के लिए मुसीबत बनती जा रही है। डिजिटल इंडिया के मद्देनजर बीएमसी ऑनलाइन शिकायतों पर निपटारे का दावा तो करती है। लेकिन सिर्फ 60 प्रतिशत निवारण में भी सिर्फ कागजाती कार्यवाही देखी जा रही है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    डिजिटल इंडिया के साथ बढ़ती हुई तकनीक, आम लोगों को सार्वजनिक शिकायतों के लिए भी ऑनलाइन पद्धति प्रभावित कर रही है। नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुंबई में, बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों को व्हाट्सएप चैटबॉट, एमसीजीएम वेबसाइट, मायबीएमसी मोबाइल ऐप और 1916 हेल्पलाइन जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म प्रदान किए हैं। हालाँकि बीएमसी के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना काफी आसान है, लेकिन शिकायत का संतोषजनक समाधान बीएमसी प्रशासन के लिए काफी कठिन है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    साल 2024 में मिली शिकायतें..

    इस साल 2024 में 1 जनवरी से 11 दिसंबर के बीच, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को 53,454 ऑनलाइन शिकायतें मिलीं, जिनमें से केवल 60% का निवारण हुआ। हालाँकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ज़्यादातर शिकायतें सिर्फ़ कागज़ों पर ही बंद कर दी जाती हैं, जबकि व्यक्तिगत रूप से समस्या ज्यौं की त्यों रह जाती है, कोई दीर्घकालिक समाधान नहीं होता है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    Bmc आईटी विभाग क्या कहता है?

    बीएमसी के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल 53,454 ऑनलाइन शिकायतों में से सबसे अधिक 40,288 शिकायतें एमसीजीएम पोर्टल (MCGM) के माध्यम से प्राप्त हुई हैं, इसके बाद 5,727 माईबीएमसी (Mybmc) मोबाइल ऐप, 2,736 ‘व्हाट्सएप चैटबॉट’ और 4,703 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (कचरा) और स्टॉर्म वाटर ड्रेन (नाला, बाढ़) विभागों के हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    शिकायत दर्ज करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म दिन-प्रतिदिन अधिक लोकप्रिय होता जा रहा है। नागरिक व्यक्तिगत रूप से मनपा वार्ड कार्यालयों में जाने के बजाय किसी भी स्थान से शिकायत करने के लिए मोबाइल का उपयोग करना पसंद करते हैं। मिलेनियल्स और जेन जेड व्हाट्सएप चैटबॉट और माईबीएमसी ऐप जैसे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग ज्यादातर करते हुए देखे जा रहे हैं, जबकि वृद्ध 1916 हेल्पलाइन और एमसीजीएम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करना पसंद करते हैं। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)