Category: Local News

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  • मुम्बई का सायन ब्रिज 110 साल बाद गिरने के लिए है तैयार

    मुम्बई का सायन ब्रिज 110 साल बाद गिरने के लिए है तैयार

    मुम्बई के सायन रेलवे स्टेशन के नजदीक ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और एलबीएस मार्ग को जोड़ने वाला लगभग 110 साल पुराना ब्रिज तुटने जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका इसकी जगह पुन:निर्माण के साथ पुल को चौडा भी करेगी। इस निर्माण कार्य मे होने वाली रोकावट को सुलझा लिया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    मुम्बई: सायन के एलबीएस मार्ग को ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे जोड़ने वाला ब्रिज काफ़ी पुराना हो गया है। रेलवे ट्रैक के उपर से गुजने वाले इस ब्रिज के गिरने से कभी भी दुर्घटना हो सकती है। इस कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके पुन:निर्माण का फैसला किया है। जबकि इस निर्माण कार्य मे एक सार्वजनिक शौचालय और कई पेड़ बांधा बन रही थी। हालांकि इन बाधाओं का निपटारा हो गया है। अब जल्द ही पुल को गिराने का काम शुरू हो जाएगा। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    मुम्बई के सायन ब्रिज को गिराने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है, क्योंकि सार्वजनिक शौचालय, जो बाधा बना हुआ था, शुक्रवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसे हटा दिया है। पुल के जमीनी स्लैब को हटाने का काम भी शुरू हो गया है, जिससे पुल को गिराने की प्रक्रिया में तेजी आ गई है। बाधा डालने वाले पेड़ों की छंटाई की अनुमति भी पहले से मिली हुई है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    आप को बता दें कि अगस्त 2024 में सायन ब्रिज को बंद करने के छह महीने बाद, चार पेड़ और एक शौचालय का स्ट्रक्चर तोडफोड प्रक्रिया में बाधा बन रहे थे। सूत्रों ने बताया कि अतिक्रमणकारी शौचालय के ऊपर रहकर समस्या पैदा कर रहे थे, लेकिन अब सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया है और शौचालय के स्ट्रक्चर से बिजली कनेक्शन को भी हटा कर शौचालय के स्ट्रक्चर को गिरा दिया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    50 करोड़ की लागत

    एक अधिकारी ने बताया, कि नीचे रेल यातायात को बाधित किए बिना स्ट्रक्चर को दो भागों में गिराया जा रहा है। ब्रिज को हटाने से पहले, रेलवे ट्रैक के दोनों ओर एक रिटेनिंग स्ट्रक्चर के साथ मजबूती से बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि ट्रैक पर कोई उल्लंघन न हो। तोडफोड का काम पूरा होने के 30 महीने बाद नया पुल बनकर तैयार हो जाएगा। रि-डेवलपमेंट के साथ-साथ एप्रोच रोड की अनुमानित लागत लगभग 50 करोड़ रुपये है, जिसे बीएमसी और रेलवे के बीच साझा किया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    कितना पुराना है ये ब्रिज?

    110 साल पुराना यह पुल ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड और धारावी रोड से जोड़ता है, जिसे कुछ साल पहले खतरनाक घोषित किया गया था। सायन रोड ब्रिज की आईआईटी ब्रिज ऑडिट रिपोर्ट में  2020 की शुरुआत में ही पुल की जर्जर स्थिति के बारे में चेतावनी दी थी, जिसमें कहा गया था, कि इसे चलती रेल लाइनों के ऊपर लटकाए रखना बेहद खतरनाक है क्योंकि इसकी आयु समाप्त हो चुकी है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    अतिरिक्त रेलवे लाइन का निर्माण

    सेंट्रल रेलवे (CR) और बीएमसी संयुक्त रूप से पुल का पुन:र्निर्माण करेंगी और रेलवे क्षेत्र के नीचे कोई स्पैन नहीं होने से दो और रेल लाइनों के लिए जगह बनाई जाएगी, जो पांचवीं और छठी लाइनों का हिस्सा होने वाली है। रेलवे के हिस्से पर पुल की लंबाई 40 से बढ़ाकर 51 मीटर की जाएगी। इसके साथ ही नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किये जा रहे हैं। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    बनेगा आइलैंड प्लेटफॉर्म

    नई लाइनें बिछाने के लिए, मौजूदा सायन रेलवे स्टेशन को नई रेल लाइनों और प्लेटफार्मों को मिलाने के लिए थोड़ा पश्चिम की ओर स्थानांतरित किया जा रहा है। एलबीएस रोड के ठीक बगल में एक नया रेल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जबकि मौजूदा प्लेटफॉर्म जिस पर पुरानी हेरिटेज झोपड़ी खड़ी है, उसे एक आइलैंड प्लेटफॉर्म में बदल दिया जाएगा, जिसके दोनों तरफ ट्रेनें चलेंगी। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    फुट ओवरब्रिज का होगा निर्माण

    सेंट्रल रेलवे (CR) के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अगले कुछ दिनों में बिजली के तारों को हटा दिया जाएगा और स्थानीय लोगों के लिए फुट ओवरब्रिज बनाने के लिए कुछ जमीन की आवश्यकता होगी। बीएमसी ने जमीन को पट्टे (किराए) पर दे दिया है और इस मुद्दे को सुलझाया जा रहा है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

  • 3 महीने की बच्ची को पिता ने उतारा मौत के घाट

    3 महीने की बच्ची को पिता ने उतारा मौत के घाट

    मुम्बई के कुर्ला इलाके में एक बेरहम बाप ने अपने ही 3 महिने की बेटी को मौत के घाट उतार दिया है। पत्नी से लड़ाई का गुस्सा बच्ची पर निकाला, जमीन पर पटक कर बच्ची की मौत।

    मुम्बई: कहते हैं, गुस्सा इनसान को हैवान बना देता है। एक ऐसा ही मामला मुम्बई के कुर्ला इलाके से प्रकाश में आ रहा है। यहां कुर्ला के एक 36 वर्षीय बेरोजगार पिता ने पत्नी से झगड़े के बाद गुस्से में अपनी 3 महीने की मासूम बच्ची को जमीन पर पटक कर मार दिया। बच्ची की मौत हो गई है। पुलिस आरोपी पिता को गिरफ्तार कर मामले की तहकीकात कर रही है। (Father killed 3 month old girl)

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पत्नी से हुए झगड़े के बाद आरोपी ने गुस्से में बच्ची को जमीन पर पटक दिया। इससे बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और खून से लथपथ हो गई। बच्ची की मां ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आंतरिक रक्तस्राव के कारण बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

    कहां की है घटना?

    पुलिस ने 36 वर्षीय आरोपी परवेज फकरुद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। वह अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ कुर्ला की एलआईजी कॉलोनी में रहता था। उसने अपनी सबसे छोटी बेटी आफिया को जमीन पर पटक कर मार दिया। बच्ची की मां सबा परवेज सिद्दीकी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच कर रही है। (Father killed 3 month old girl)

    घटना की हकीकत क्या है?

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी परवेज पिछले कुछ दिनों से बेरोजगार था। पैसों की तंगी के चलते उसका अपनी पत्नी से अक्सर झगड़ा हुआ करता था। शनिवार दोपहर भी दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही झगड़े में बदल गई। झगड़े के दौरान परवेज ने पत्नी पर हाथ उठाया। उस समय 3 महीने की आफिया मां की गोद में थी। गुस्से में परवेज ने बच्ची को मां की गोद से छीन लिया और बेदर्दी से जमीन पर पटक दिया। (Father killed 3 month old girl)

    डॉक्टरों ने क्या कहा?

    गंभीर रूप से घायल आफिया को आनन-फानन में कुर्ला के भाभा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्ची की मौत आंतरिक चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हो गई है। शुरुआती जांच में इस मामले को आकस्मिक मौत माना जा रहा था, लेकिन बच्ची की मां के बयान के बाद शनिवार रात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। (Father killed 3 month old girl)

  • Mumbai News: मुम्बई में तंदूर भट्टियों पर लगी रोक, लाइसेंस होंगा रद्द

    Mumbai News: मुम्बई में तंदूर भट्टियों पर लगी रोक, लाइसेंस होंगा रद्द

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने कोयले से चलने वाले तंदूर भट्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। मुम्बई बीएमसी ने इस संबंध में होटलों, रेस्तरां और ढाबों को नोटिस भेजे हैं। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    मुम्बई: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के आदेश के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुम्बई के होटलों, रेस्तरां और ढाबों में तंदूर रोटियां बनाने के लिए तंदूरी भट्टी मे कोयला और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसा नहीं है कि अब होटलों में आप को तंदूरी रोटी नही मिलेगी। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके लिए अलग-अलग होटल मालिकों और संचालकों को भट्टियों के विकल्प का सुझाव दिया है। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वयं इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुंबई महानगर पालिका की ओर से इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    BMC का नोटिस जारी

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने इस संबंध में सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को नोटिस जारी कर दिया है। बीएमसी की इस कार्रवाई पर कुछ होटल मालिकों ने नाराजगी जताई है। कुछ लोगों का कहना है कि लकड़ी और कोयले की भट्टियां बंद करने से तंदूरी रोटी का स्वाद बदल जाएगा। हालांकि अदालत के आदेश के अनुसार, अब तंदूरी कोयला भट्टियों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    बीएमसी ने नोटिस में क्या कहा?

    बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीएमसी ने कोयला और लकड़ी के भट्टियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बीएमसी ने कोयले से चलने वाले तंदूर ओवन का उपयोग करने वाले रेस्तरां, होटल और ढाबों को नोटिस जारी किया है। रसोईघर में कोयले से चलने वाली भट्टियों के स्थान पर बिजली उपकरण, सीएनजी, पीएनजी और एलपीजी ईंधन का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    लायसेंस होगा रद्द ..

    बीएमसी ने होटल संचालकों को 7 जुलाई तक कोयला और लकड़ी से चलने वाले तंदूर ओवन को इलेक्ट्रिक उपकरणों में बदलने का निर्देश दिया है। बीएमसी ने नोटिस में चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय का पालन नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। खास कर नोटिस में यह भी बताया गया है कि ऐसा नहीं किए जाने पर लायसेंस भी रद्द किया जा सकता है। ऐसे में होटल मालिकों के पास बीएमसी के आदेशों का पालन करने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं रह गया है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

  • अब गर्भवती महिला 25 हफ्ते बाद भी गर्भपात करा सकती है- Bombay High Court

    अब गर्भवती महिला 25 हफ्ते बाद भी गर्भपात करा सकती है- Bombay High Court

    बॉम्बे हाई कोर्ट ने 25 हफ्ते बाद भी एक गर्भवती महिला को अपने पसंदीदा नीजी अस्पताल में गर्भपात की मंजूरी दे दी है। हालांकि MTP कानून इसकी इजाजत नहीं देता। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    मुम्बई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक 35 वर्षीय महिला को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) नियमों में कुछ तकनीकीताओं के बावजूद अपनी 25-सप्ताह की गर्भावस्था को अपनी पसंद के निजी अस्पताल में समाप्त करने की अनुमति दे दी, जो निजी संस्थानों को 24 सप्ताह से अधिक के गर्भधारण के लिए ऐसी प्रक्रियाएं करने से रोकता है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    भ्रूण के दिल की धड़कन

    महिला मुंबई के मालाड इलाके में अपने चुने हुए निजी अस्पताल में गर्भपात कराना चाहती थी, और उसने गर्भपात के तरीकों के संबंध में केंद्र द्वारा तय किए गए दिशानिर्देशों को अपनाने के लिए प्रक्रिया करने वाले एक डॉक्टर से अनुमति मांगी। राज्य सरकार ने भी केंद्र के इन दिशानिर्देशों को अपनाया है और ऐसी स्थिति में भ्रूण की दिल की धड़कन को रोकने का प्रावधान किया है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले की पीठ ने निजी अस्पतालों से जुड़े एमटीपी नियमों के कानूनी मुद्दे पर विचार किया। हालांकि, इमर्जेंसी को देखते हुए, पीठ ने याचिकाकर्ता को निजी अस्पताल से एक हलफनामा प्राप्त करने का निर्देश दिया, जिसमें कहा गया हो कि उनके पास प्रक्रिया करने के लिए सभी सुविधाएं हैं। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    MTP नियम क्या कहता है?

    वर्तमान एमटीपी नियम निजी संस्थानों को केवल 24 सप्ताह तक के गर्भपात करने की अनुमति देता है। नियमों के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो निजी अस्पतालों को 24-सप्ताह की सीमा से ज्यादा वाले गर्भ को समाप्त करने के लिए मंजूरी लेने की अनुमति देता हो, इस वजह से याचिकाकर्ता अपनी पसंद के अस्पताल में गर्भपात की प्रक्रिया को सुरक्षित करने में असमर्थ हो गई थी। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    गर्भवती की जान बचाना जरूरी

    याचिकाकर्ता के वकील, मीनाज़ काकालिया ने तर्क दिया कि महिला को अस्पताल चुनने की अनुमति दी जानी चाहिए और केंद्र सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शन बिंदुओं के अनुसार अपनी पसंद की गर्भपात प्रक्रिया से गुजरने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने 20 सप्ताह से अधिक के गर्भपात से जुड़े मामलों के लिए मार्गदर्शन बिंदु का उल्लेख किया, जो भ्रूण को जीवित प्रसव से बचाने के लिए यदि आवश्यक हो तो भ्रूण के दिल की धड़कन को रोकने की अनुमति देता है। काकालिया ने आगे बताया, कि “यह प्रक्रिया ऑपरेशन गर्भपात प्रक्रिया के हिस्से के रूप में उपलब्ध होनी चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने अनुरोध किया, कि “अदालत निजी चिकित्सा व्यवसायी को इन दिशानिर्देशों का पालन करने की अनुमति दे।” (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    सरकारी सर जे जे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स और ग्रांट मेडिकल कॉलेज के एक मेडिकल बोर्ड ने महिला के मामले की समीक्षा की थी और पाया था कि भ्रूण कुछ विसंगतियों से ग्रस्त था। अभी के लिए, अस्पताल के हलफनामे में कहा गया है कि उनके पास गर्भपात के लिए आवश्यक मंजूरी है और उनके पास आक्रामक प्रक्रियाओं सहित सोनोग्राफी करने के लिए सभी सुविधाएं हैं, और उन्हें एमटीपी नियमों के अनुसार पूर्व-गर्भाधान और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन पर प्रतिबंध) अधिनियम, 2003 के तहत लाइसेंस प्राप्त है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    कोर्ट ने क्या कहा?

    पीठ ने अपने आदेश में कहा, “याचिकाकर्ता की प्रजनन स्वतंत्रता के अधिकार, शरीर पर उसकी स्वायत्तता और पसंद के अधिकार, याचिकाकर्ता की चिकित्सा स्थिति को ध्यान में रखते हुए और मेडिकल बोर्ड के निष्कर्षों और राय पर विचार करने के बाद, हम याचिकाकर्ता को गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति देते हैं। याचिकाकर्ता ने अपनी इच्छा का संकेत दिया है कि प्रसव प्रक्रिया आदि उसकी अपनी पसंद के अस्पताल में की जाएगी। हम उसे ऐसा करने की अनुमति देते हैं।” (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    पीठ ने कहा कि वह एमटीपी नियमों में खामियों से संबंधित काकालिया द्वारा उठाए गए बड़े मुद्दे को बाद की तारीख में विचार के लिए खुला छोड़ देगी और सुनवाई 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

  • अडानी ग्रुप कांदिवली में 1,000 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाएगा

    अडानी ग्रुप कांदिवली में 1,000 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाएगा

    गौतम अदाणी के नेतृत्व वाले बिज़ली सप्लायर समूह ने मुंबई और अहमदाबाद में दो एकीकृत स्वास्थ्य अस्पतालों के निर्माण के लिए ₹6,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बनाई है, जिन्हें अदाणी हेल्थ सिटीज कहा जाएगा। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

    मुंबई: अदाणी समूह ने सोमवार को घोषणा की कि वह अमेरिका स्थित मेडिकल सेंटर मेयो क्लिनिक के साथ साझेदारी में मुंबई और अहमदाबाद में 1,000 बिस्तरों वाले अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निर्माण करेगा। गौतम अडानी के नेतृत्व वाले पोर्ट-टू-एनर्जी समूह ने दो एकीकृत स्वास्थ्य परिसरों के निर्माण के लिए ₹6,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बनाई है, जिन्हें अडानी हेल्थ सिटीज (Adani Health City) कहा जाएगा। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

    कांदिवली स्थित मुंबई का सबसे बड़ा निजी अस्पताल होगा। वर्तमान में, अंधेरी पश्चिम में कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल और मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट 750 बिस्तरों की क्षमता के साथ मुंबई की सबसे बड़ी चिकित्सा सुविधा है। अंधेरी पूर्व में नागरिक स्वामित्व वाले सेवनहिल्स अस्पताल में 1,500 बिस्तरों तक विस्तार करने की क्षमता है, लेकिन राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण में चल रहे विवाद के कारण वर्तमान में यह केवल 400 बिस्तरों का संचालन करता है। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

    देश भर में सस्ती चिकित्सक

    अदाणी समूह भारत भर के शहरों और कस्बों में ऐसे और अधिक परिसर बनाने की योजना बना रहा है। एक प्रेस बयान के अनुसार, वे सस्ती, विश्व स्तरीय चिकित्सा देखभाल और चिकित्सा शिक्षा प्रदान करेंगे। इस पहल को समूह की गैर-लाभकारी स्वास्थ्य सेवा शाखा के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

    मेडिकल कॉलेज का निर्माण

    बयान में कहा गया है कि इनमें से प्रत्येक एकीकृत स्वास्थ्य परिसर में 1,000 बिस्तरों वाले बहु-सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल, 150 स्नातक, 80 से अधिक निवासियों और 40 से अधिक अध्येताओं के वार्षिक प्रवेश वाले मेडिकल कॉलेज, स्टेप-डाउन और संक्रमणकालीन देखभाल सुविधाएं और अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाएं शामिल होंगी। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

  • Mumbai: मेट्रो रेल लाइनों के नीचे शेयर ऑटो स्टैंड हैं लेकिन ऑटो नहीं, यात्री परेशान

    Mumbai: मेट्रो रेल लाइनों के नीचे शेयर ऑटो स्टैंड हैं लेकिन ऑटो नहीं, यात्री परेशान

    मुंबई में मेट्रो रेल लाइन स्टेशनों के नीचे शेयर ऑटो स्टैंड बना दिए गए हैं। लेकिन ऑटो नहीं मिलने से यात्री परेशान हो रहे हैं। मेट्रो लाइंस के स्टेशनों के पास ‘शेयर ऑटो स्टैंड’ का एक नीले रंग का बोर्ड लगा है, जिसमें एक ऑटो रिक्शा का ग्राफिकल चित्र, क्यूआर कोड और फ़ेयर चार्ट भी दिया गया है।

    मुंबई: शहर में मेट्रो रेल यात्रियों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जैसे कि महा मुंबई मेट्रो रेल लाइन 2A और 7 के स्टेशनों के नीचे प्रशासन द्वारा शेयर ऑटो स्टैंड बना तो दिए हैं। लेकिन ऑटो नहीं मिलने से यात्री परेशान रहते हैं। मेट्रो लाइंस के स्टेशनों के पास ‘शेयर ऑटो स्टैंड’ का एक नीले रंग का बोर्ड लगाए है, जिसमें एक ऑटो रिक्शा का ग्राफिकल चित्र, क्यूआर कोड और फ़ेयर चार्ट भी दिया गया है। 

    लेकिन हकीकत यह है कि इन ऑटो रिक्शा स्टैंडों पर मुश्किल से ही कोई ऑटो रिक्शा दिखाई देती है। सबसे ज़्यादा 20 किमी लंबे अंधेरी (प.)-दहिसर-गुंदवली मेट्रो मार्ग पर ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ की स्थिति बेहद खराब है। मेट्रो लाइनों 2A और 7 के कई स्टेशनों पर केवल अंधेरी (प.), आरे, कुरार, लोअर ओशिवारा और जोगेश्वरी (पूर्व) जैसे कुछ स्टेशनों पर ही ऑटो रिक्शा स्टैंड के पास खड़े हुए दिखाई देते हैं। । (Mumbai News There are shared auto stands under the metro rail lines but no autos, passengers upset)

    नए स्टैंड बनाने की योजना

    हाल ही में ऑटो टैक्सी किराया वृद्धि के दौरान परिवहन विभाग द्वारा एक्वा लाइन मेट्रो-3 (Aarey-BKC मार्ग) रूट पर 20 स्टेशनों पर शेयर ऑटो स्टैंड खडे करने की योजना बनाई है। इससे पहले अगस्त 2023 में, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (MMRTA) ने लाइन 2A और 7 के 28 मेट्रो स्टेशनों के बाहर शेयर ऑटो-टैक्सी स्टैंड को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य यात्रियों को लास्ट माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना था।

    पहले हुआ सर्वे फिर बने स्टैंड

    आरटीओ के सूत्र बताते हैं, कि मेट्रो लाइन 2A के 17 रेलवे स्टेशनों और लाइन 7 के 14 स्टेशनों पर सर्वेक्षण किया गया था। जिसके बाद 90 शेयर ऑटो रूट को मंजूरी दी गई थी। इन मेट्रो स्टेशनों के बाहर ऑटो और टैक्सी पार्किंग, ड्रॉप-ऑफ और पिक-अप पॉइंट बनाए गए। इस योजना के तहत करीब 3,000 ऑटो रिक्शा इन फीडर रूट्स पर तैनात किए जाने थे, जिससे यात्रियों को लाभ मिलता। एक आरटीओ अधिकारी ने कहा, “प्रत्येक स्टैंड पर 4 से 6 ऑटो उपलब्ध रहने चाहिए थे। हम जांच करेंगे कि शेयर ऑटो सेवा अपेक्षित स्तर तक क्यों नहीं पहुं रही है। हमने मेट्रो स्टेशनों के नीचे जरूरी व्यवस्थाएं की हैं।” । (Mumbai News There are shared auto stands under the metro rail lines but no autos, passengers upset)

    मेट्रो-3 पर शेयरिंग ऑटो रिक्शा की योजना

    मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC), जो मेट्रो-3 अंडरग्राउंड कॉरिडोर (Aarey-BKC मार्ग) पर यात्रियों के लिए शेयर ऑटो सर्विस शुरू करने की योजना बन रही है।एमएमआरसी के सूत्रों के अनुसार आरे से बांद्रा BKC तक के स्टेशनों के आसपास 20 शेयरिंग ऑटो रूट विकसित किए जा सकते हैं। फिलहाल, सर्वे जारी है। इसके अलावा, BKC से अचार्य अत्रे चौक मेट्रो स्टेशन तक फुटपाथ सुधार का भी काम किया जा रहा है। यह स्टेशन मेट्रो-3 के दूसरे चरण का हिस्सा है, जिसे मार्च 2025 में खोला जाएगा।

    क्यों नहीं मिल रहे शेयर ऑटो?

    लाइन-7 के नीचे सर्विस रोड की वजह से ज्यादा जगह उपलब्ध है, लेकिन लिंक रोड पर ऐसा नहीं है। यहां होटल, रेस्तरां, कमर्शल ऑफिस, रेजिडेंशल सोसाइटी और शॉपिंग मॉल्स की अधिकता के कारण जगह की कमी है, जिससे ऑटो स्टैंड के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता। मुंबई की सड़कों पर करीब 2.60 लाख ऑटो रिक्शा चलते हैं, जिनमें से करीब 1 लाख ऑटो शेयर रूट्स पर चलते हैं। लेकिन मेट्रो स्टेशनों से चलने वाले अधिकांश शेयर ऑटो रूट्स पर उनके अंतिम गंतव्य पर कोई स्टैंड नहीं है। ऑटो यूनियन नेता थंपी कुरियन के अनुसार, “रेलवे स्टेशनों के मुकाबले मेट्रो स्टेशनों पर पैसेंजर की संख्या कम है। इसके अलावा, कई शेयर ऑटो रूट्स पर मेट्रो स्टेशन से शुरू होने के बावजूद उनके अंतिम स्थान पर कोई स्टैंड नहीं है, जिससे परेशानी बढ़ जाती है।” । (Mumbai News There are shared auto stands under the metro rail lines but no autos, passengers upset)

  • मुंबई लोकल की ट्रेन प्रभावित, स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़, ताजा अपडेट

    मुंबई लोकल की ट्रेन प्रभावित, स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़, ताजा अपडेट

    अधिकारियों ने बताया कि शहर के पास सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी के कारण मंगलवार सुबह मुंबई लोकल ट्रेन सेवाएं बाधित हो गईं। इसे अब ठिक कर लिया गया है। (Mumbai local train affected, huge crowd gathered at the station, latest update)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई- 
    ठाणे में मध्य रेलवे की मुख्य लाइन पर मंगलवार तड़के सिग्नल सिस्टम में खराबी आने की वजह से मुंबई लोकल रेल सेवाएं प्रभावित हो गई। वेस्टर्न रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी ठाणे जिले में दिवा और मुंब्रा रेलवे स्टेशनों के बीच दक्षिण की ओर जाने वाले धीमे ट्रैक पर सुबह 4.55 बजे हुई सिग्नल समस्या के कारण मुंबई की जीवन रेखा मानी जाने वाली उपनगरीय ट्रेनें (Mumbai local train services) कम से कम 15-20 मिनट की देरी से चल रही थीं। जिसके कारण स्टेशनों पर भारी भीड़ देखने को मिली। (Mumbai local train affected, huge crowd gathered at the station, latest update)

    रेल यात्रियों को हुई भारी परेशानी

    एक यात्री ने बताया कि लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित होने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सिग्नल सिस्टम में खराबी के कारण मध्य रेलवे की मुख्य लाइन की उपनगरीय रेलगाड़ियों और स्टेशन पर भारी भीड़ जमा हो गई। एक यात्री ने बताया कि सेवाएं बाधित होने के कारण काम पर जाने में देरी हो गई और भारी भीड़ के बीच सफर करना काफी मुश्किल हो गया था। (Mumbai local train affected, huge crowd gathered at the station, latest update)

    सिग्नल खराबी को किया गया दूर

    मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि खराबी आने के एक घंटे से अधिक समय बाद सिग्नल सुबह करीब छह बजे सही किया गया। इसके बाद रेल सेवाएं सुचारु रूप से चल रही हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है वे संचालन में सहयोग करें। (Mumbai local train affected, huge crowd gathered at the station, latest update)

    हर दो मिनट पर मिलेगी लोकलः रेल मंत्री

    वहीं, सोमवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मुंबई में लोकल ट्रेन के बीच का अंतराल मौजूदा 180 सेकंड (3 मिनट) से घटाकर 120 सेकंड (2 मिनट) किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि वंदे भारत रेक में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक का उपयोग करके स्थानीय ट्रेनों में वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग में सुधार करने के प्रयास चल रहे हैं। (Mumbai local train affected, huge crowd gathered at the station, latest update)

    35 लाख से ज्यादा लोग करते हैं रोजाना सफर

    बता दें कि मध्य रेलवे की मुख्य लाइन दक्षिण मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से ठाणे में कसारा और रायगढ़ जिले में खोपोली और कर्जत तक है। मध्य रेलवे अपने उपनगरीय रेल नेटवर्क पर प्रतिदिन लगभग 1,800 रेल सेवाएं संचालित करता है। इसकी मुख्य लाइन, हार्बर लाइन, ट्रांस-हार्बर लाइन और बेलापुर-उरण लाइन पर प्रतिदिन 35 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। (Mumbai local train affected, huge crowd gathered at the station, latest update)

  • बांद्रा टर्मिनस पर सोती हुई महिला को खींच कर रुकी हुई ट्रेन के डिब्बे मे रेप

    बांद्रा टर्मिनस पर सोती हुई महिला को खींच कर रुकी हुई ट्रेन के डिब्बे मे रेप

    मुंबई के बांद्रा टर्मिनस प्लेटफार्म क्रमांक 6 और 7 के बीच सोती हुई 54 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना 1 फरवरी आधी रात की है।

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई– बांद्रा टर्मिनस पर एक 54 वर्षीय महिला के साथ रेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना 2 फरवरी की सुबह खाली उदयन एक्सप्रेस ट्रेन के गार्ड डिब्बे की है। महिला और उसके दामाद ने जीआरपी (Government Railway Police) में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद GRP और आरपीएफ (Railway Protection Force) की जॉइंट टीम ने एक 25 वर्षीय रेपीस्ट को अरेस्ट कर लिया। (Rape of a sleeping woman by dragging her into a stalled train compartment at Bandra Terminus)

    वारदात की शिकायत

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता और उसके दामाद 1 फरवरी की रात 10:30 बजे देहरादून एक्सप्रेस से मुंबई पहुंचे थे। स्टेशन पर ठहरने की जगह न होने के कारण उन्होंने बांद्रा टर्मिनस के प्लेटफॉर्म नंबर 6 और 7 पर रात गुजारने की सोची। CCTV फुटेज के मुताबिक, रात 1:49 बजे आरोपी पीड़िता के पास आया और जबरदस्ती खींचकर उसे रुकी हुई एक्सप्रेस ट्रेन के गार्ड वाले डिब्बे में ले गया, जबकि उसका दामाद प्लेटफॉर्म पर सो रहा था। आरोपी ने इसी का फायदा उठाकर घटना को अंजाम दे दिया। (Rape of a sleeping woman by dragging her into a stalled train compartment at Bandra Terminus)

    बांद्रा रेलवे पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 64(1), 115(2) और 303(2) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम राहुल शेख बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसके अलावा आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाना अभी बाकी है। (Rape of a sleeping woman by dragging her into a stalled train compartment at Bandra Terminus)

  • Eggs फ्रीज करवाने के बाद चर्चा में आई करिश्मा मेहता, क्या है इसकी प्रक्रिया

    Eggs फ्रीज करवाने के बाद चर्चा में आई करिश्मा मेहता, क्या है इसकी प्रक्रिया

    ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे” की सीईओ करिश्मा मेहता ने अपने Eggs फ्रीज करवा लिया है। करिश्मा मेहता ने बताया कि वह कुछ समय से इस पर विचार कर रही थीं। आइए जानते है क्या है Eggs फ्रीज करवाने की प्रक्रिया और इससे किस तरह का लाभ होता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई- 
    ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे” की 32 वर्षीय संस्थापक करिश्मा मेहता अचानक सुर्खियों में आ गई हैं। दरअसल उन्होंने इस साल जनवरी महीने में अपने अंडाणु (Eggs) फ्रीज करवाने का फैसला किया और इस बात की जानकारी खुद सोशल मीडिया पर शेयर कर दी। इसके बाद लोग उनसे जुड़ी जानकारी को गूगल पर सर्च कर रहे हैं। 1992 में जन्मी करिश्मा ने 2014 में ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की स्थापना की। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    बता दें कि अपने करियर को प्राथमिकता देने वाली महिलाओं में एग (Eggs) फ्रीजिंग का क्रेज बढ़ने लगा है। कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भविष्य में मां बनने की चाह में अपने एग फ्रीज करा चुकी हैं। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    सोशल मीडिया पोस्ट पर करिश्मा ने बताया कि इस बारे में वो काफी समय से सोच रही थीं और आखिरकार उन्होंने यह कर लिया। उन्होंने लिखा, “मैं इसे कुछ समय से करना चाहती थी और अंततः इस महीने की शुरुआत में मैंने अपने अंडाणु फ्रीज करवा लिए।” (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

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    उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “जनवरी में मैंने अपने अंडाणु फ्रीज करवा लिए और यह मेरे लिए एक खास उपलब्धि है।” पोस्ट के साथ उन्होंने तस्वीर भी शेयर की है। अपने पोस्ट में, मेहता ने अपने निजी और प्रोफेशनल जीवन की कुछ महत्वपूर्ण झलकियां शेयर की। उन्होंने अभिनेता अभय देओल के साथ अपनी पहली विज्ञापन शूट की एक तस्वीर भी साझा की। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    कौन हैं करिश्मा मेहता?

    करिश्मा मेहता एक भारतीय लेखिका, व्यवसायी और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं। करिश्मा मेहता ह्यूमन ऑफ बॉम्बे की सीईओ हैं। “Human of Bombay” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सबसे पॉपुलर पेजों में से एक है, जो आम लोगों की कहानियों को साझा करता है और उनके संघर्ष, सफलता और जीवन के अनसुने पहलुओं को प्रकाशित करता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    21 साल की उम्र में किया था शुरुआत।

    करिश्मा मेहता ने 2014 में ह्यूमन ऑफ बॉम्बे की शुरुआत की थी। करिश्मा उस वक्त सिर्फ 21 साल की थी। उन्होंने अपने पेज के जरिए मुंबई और मुंबईकरों की जिंदगी से जुड़ी कहानियों को लिखना शुरू किया। करिश्मा ने बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से पढ़ाई की, बाद में बेंगलुरू के बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई के लिए वो ब्रिटेन चली गईं, जहां से उन्होंने इकोनॉमिक्स और बिजनेस की डिग्री ली। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लिया इंटरव्यू

    लेकिन करिश्मा पहली बार चर्चा में तब आई जब उन्होंने साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इंटरव्यू लिया। इसके बाद वो सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हो गईं। पीएम मोदी के इंटरव्यू ने उनके करियर को एक नई दिशा दे दी। इस महीने के शुरू में करिश्मा मेहता ने एक और बड़ा कदम उठाया जब उन्होंने अपने लक्जरी लेदर सामानों से खुद को अलग करने का ऐलान किया। शाकाहारी होने के नाते, उन्होंने फैशन में क्रूएल्टी-फ्री रुख अपनाने के अपने फैसले के बारे में सोशल मीडिया पर समझाया। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    क्या है एग फ्रीजिंग ?

    UCLA (यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स) हेल्थ के अनुसार, एग फ्रीजिंग, जिसे ओसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन (Oocyte cryopreservation) के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक महिला के अंडों को निकाला जाता है, जमाया जाता है और भविष्य में उपयोग के लिए फ्रीज कर दिया जाता है। इस विधि का उपयोग अक्सर उन महिलाओं के लिए प्रजनन क्षमता को बनाए रखने के लिए किया जाता है जो व्यक्तिगत या चिकित्सा कारणों से बच्चे पैदा करने में देरी करना चाहती हैं। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    फ्रीजिंग से पहले क्या किया जाता है?

    एग फ्रीजिंग में ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड के बाद एक महिला के अंडाणु की मात्रा की जांच की जाती है। फिर, अंडाशय को अंडे का उत्पादन करने के लिए उत्तेजित करने के लिए हार्मोनल दवाओं का उपयोग किया जाता है। फिर परिपक्व अंडों को एक सरल प्रक्रिया के माध्यम से एकत्र कर लिया जाता है और विट्रिफिकेशन नामक तकनीक का उपयोग करके इसे जल्दी से जमाया जाता है। इससे अंडों को भविष्य में उपयोग के लिए रखा जा सकता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    1968 में हुआ था पहले बच्चे का जन्म

    फ्रीज हुए अंडे से पहले बच्चे का सफलतापूर्वक जन्म 1986 में हुआ था। इस प्रक्रिया में हल की हुई प्रगति से अंडाणु के जीवित रहने और जीवित बच्चों के जन्म की सफलता दर में काफी सुधार हुआ है।
    अगर आप भी अपने एग्स फ्रीज कराने की सोच रहे हैं, तो यह इतना आसान नहीं है। इसके लिए अपनी बॉडी को पहले से प्रिपेयर करना बहुत जरूरी है। तो आइए जानते हैं एग फ्रीजिंग से पहले शरीर को किस तरह से तैयार करना पड़ता है और यह क्यों जरूरी है? (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    एग फ्रीजिंग करने से पहले शारिरीक तैयारी

    एग फ्रीजिंग एक कठिन फैसला है। ज्‍यादातर मामलों में महिलाओं को इस संबंध में लोगों की बातें भी सुननी पड़ती है। जिससे तनाव बढ़ता है और प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए सबसे पहले स्‍ट्रेस मैनेजमेंट टिप्‍स अपनाकर खुद को मानसिक रूप से तैयार करना पडता है। अंडे की गुणवत्ता बढ़ाने और स्‍वास्‍थ्‍य को ठीक रखने के लिए फर्टिलिटी डाइट लेना जरूरी है। बता दें कि, फर्टिलिटी फ्रेंडली डाइट में एंटीऑक्‍सीडेंट, हेल्‍दी फैट और जरूरी पोषक तत्‍व होते हैं। इस डाइट को फॉलो करने से प्रजनन क्षमता में सुधार हो सकता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    एक्सपर्ट की राय

    एक्सपर्ट मानते हैं कि एग फ्रीजिंग से पहले महिलाओं को अपने रूटीन में फर्टिलिटी सप्लीमेंट भी शामिल करनी चाहिए। सप्‍लीमेंट भी ऐसे होने चाहिए जिनमें इनोसिटोल और जरूरी विटामिन व मिनरल शामिल हों। एक्‍सरसाइज स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन एग फ्रीजिंग प्रोसेस के दौरान अपने वर्कआउट में बदलाव करना जरूरी है। दरअसल, हार्मोन स्टीमुलेशन के दौरान ओवरी का आकार इंजेक्शन के 10 दिन बाद बढ़ जाता है, जिससे ओवेरियन टॉर्जन की समस्‍या हो सकती है। इस रिस्‍क को कम करने के लिए इंटेंस एक्‍सरसाइज से बचने की सलाह दी जाती है। महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्‍थ के लिए विटामिन “डी” बहुत जरूरी है। यह न केवल अंडे की गुणवत्ता में सुधार करता है, बल्कि इससे बेहतर फर्टिलिटी रिजल्‍ट्स मिलते हैं। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    एग फ्रीजिंग के बारे किसे विचार करना चाहिए?

    • एग फ्रीजिंग उन महिलाओं के लिए एक विकल्प हो सकता है जो प्रजनन संबंधी जोखिमों का सामना कर रही हैं।
    • वैसी महिलाएं जो कैंसर के उपचार के तहत कीमोथेरेपी या पेल्विक रेडिएशन का सामना कर रही है।
    • ऐसी सर्जिकल प्रक्रियाए जो अंडाशय को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
    • आनुवंशिक स्थितियां या समय से पहले पीरियड आने का पारिवारिक इतिहास।
    • बच्चे पैदा करने में देरी करने के सामाजिक या व्यक्तिगत कारण।
    • अंडाणु को कई सालों तक फ्रीज करके रखे जा सकते हैं।
  • Maharashtra: सरकारी बस, ऑटो रिक्शा और टैक्सी के किराये में बढ़ोतरी, जारी किया सरकारी फरमान

    Maharashtra: सरकारी बस, ऑटो रिक्शा और टैक्सी के किराये में बढ़ोतरी, जारी किया सरकारी फरमान

    महाराष्‍ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने नए साल के मौके पर राज्य के लोगों को महंगाई वाला तोहफा देने की घोषणा की है, जिसकी वजह से आम लोगों की जेब ढीली होनी तय हो चुकी है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार ने चुनाव जीतते ही आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ डालने का फैसला कर लिया है। सरकारी बसों के किराये में 15 प्रतिशत तो टैक्सी ऑटो रिक्शा के किराये में अतिरिक्त 3 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। शुक्रवार आधी रात के बाद से नई दरें लागू हो जाएगी। हालांकि MMRTA ने कहा कि मीटरों को फिर से कैलिब्रेट करने के बाद ही नया किराया वसूला जा सकता है। अभी बेस्ट और नवी मुंबई नगर परिवहन में न्यूनतम एसी बस का किराया क्रमशः 6 रुपये और 10 रुपये हैं। (Maharashtra Increase in fares of government buses, auto rickshaws and taxis, government order issued)

    महाराष्‍ट्र में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के समय बीजेपी की अगुआई वाले महायुति गठबंधन ने लोगों को राहत देने के लिए कई कदम उठाने का वादा किया था। लेकिन सरकार के बनते ही फडणवीस सरकार ने अलग ही रुख अपना लिया है। देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने सरकारी बसों का किरया 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही देश की आर्थिक राजधानी में ऑटो और टैक्‍सी का किराया भी बढ़ा दिया है। सरकार के इस फैसले का असर सबसे ज्‍यादा निम्‍न मध्‍य और मध्‍य वर्ग के लोगों पर पड़ेगा।

    आम लोगों पर पडेगा असर

    मान लीजिए यदि आपको सरकारी बस से कहीं जाने के लिए 100 रुपये का खर्च आता है, तो अब उसके लिए 115 रुपये चुकाने होंगे। बता दें कि सरकारी बसों से अमातौर पर कामकाजी लोगों के साथ ही मध्‍य और निम्‍न मध्‍य वर्ग के लोगों के अलावा स्कूली बच्चे ज्‍यादा सफर करते हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार के इस फैसले से इन लोगों की जेब पर सबसे ज्‍यादा मार पड़ने वाली है।

    शुक्रवार देर रात के बाद से नई दरें लागू

    बताया जा रहा है कि महाराष्‍ट्र सरकार की ओर से सरकारी बसों का किराया बढ़ाने का फैसला शुक्रवार आधी रात के बाद से लागू हो जाएगा। प्रदेश के दूर-दराज के लोगों के लिए सरकारी बसें कहीं भी आने-जाने का सबसे मुफीद और सस्‍ता जरिया है, लेकिन अब उन्‍हें इसके लिए अब से ज्‍यादा कीमत चुकानी होगी। आमलोगों के साथ ही छात्रों और नौकरीपेशा लोगों पर इसका सीधा असर पड़ने वाला है। (Maharashtra Increase in fares of government buses, auto rickshaws and taxis, government order issued)

    Maharashtra and Mumbai auto rickshaw and taxi news image

    अक्टूबर 2022 में हुई थी किराये में बृद्धि

    इसके अलावा सरकार ने ऑटो रिक्शा और टैक्‍सी के किराये को लेकर भी बड़ी घोषणा की है। टैक्सी और ऑटो का किराया 3 रुपये बढ़ाने की घोषणा की गई है। नई दरें 1 फरवरी 2025 से लागू हो जाएगा। ऑटो का किराया 23 रुपए से 26 रुपए और टैक्सी का 28 से 31 रुपये होगा। नए किराए मीटर कैलिब्रेशन के बाद लागू होंगे। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (MMTRTA) ने 1 फरवरी से मुंबई में ऑटो रिक्शा और काली-पीली टैक्सियों के बेसिक किराए में 3 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। आखिरी बार किराया वृद्धि अक्टूबर 2022 में हुई थी। ठीक इसी तरह ब्लू-सिल्वर एसी कूल कैब का किराया 40 रुपये की बजाय 48 रुपये होगा। यह पहले 1.5 किलोमीटर के लिए होगा।

    MMRTA ने कहा कि मीटरों को फिर से कैलिब्रेट करने के बाद ही नया किराया वसूला जा सकता है। अभी बेस्ट और नवी मुंबई नगर परिवहन में न्यूनतम एसी बस का किराया क्रमशः 6 रुपये और 10 रुपये हैं। बता दें कि मुंबई में लाखों लोग रोजाना ऑटो और टैक्‍सी से सफर करते हैं, ऐसे में सरकार के इस फैसले का असर उनपर सीधे तौर पड़ पड़ेगा। इस तरह प्रदेश सरकार ने आमलोगों पर अतिरिक्‍त वित्‍तीय बोझ डाल दिया है। (Maharashtra Increase in fares of government buses, auto rickshaws and taxis, government order issued)