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  • Eggs फ्रीज करवाने के बाद चर्चा में आई करिश्मा मेहता, क्या है इसकी प्रक्रिया

    Eggs फ्रीज करवाने के बाद चर्चा में आई करिश्मा मेहता, क्या है इसकी प्रक्रिया

    ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे” की सीईओ करिश्मा मेहता ने अपने Eggs फ्रीज करवा लिया है। करिश्मा मेहता ने बताया कि वह कुछ समय से इस पर विचार कर रही थीं। आइए जानते है क्या है Eggs फ्रीज करवाने की प्रक्रिया और इससे किस तरह का लाभ होता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई- 
    ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे” की 32 वर्षीय संस्थापक करिश्मा मेहता अचानक सुर्खियों में आ गई हैं। दरअसल उन्होंने इस साल जनवरी महीने में अपने अंडाणु (Eggs) फ्रीज करवाने का फैसला किया और इस बात की जानकारी खुद सोशल मीडिया पर शेयर कर दी। इसके बाद लोग उनसे जुड़ी जानकारी को गूगल पर सर्च कर रहे हैं। 1992 में जन्मी करिश्मा ने 2014 में ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की स्थापना की। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    बता दें कि अपने करियर को प्राथमिकता देने वाली महिलाओं में एग (Eggs) फ्रीजिंग का क्रेज बढ़ने लगा है। कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भविष्य में मां बनने की चाह में अपने एग फ्रीज करा चुकी हैं। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    सोशल मीडिया पोस्ट पर करिश्मा ने बताया कि इस बारे में वो काफी समय से सोच रही थीं और आखिरकार उन्होंने यह कर लिया। उन्होंने लिखा, “मैं इसे कुछ समय से करना चाहती थी और अंततः इस महीने की शुरुआत में मैंने अपने अंडाणु फ्रीज करवा लिए।” (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

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    उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “जनवरी में मैंने अपने अंडाणु फ्रीज करवा लिए और यह मेरे लिए एक खास उपलब्धि है।” पोस्ट के साथ उन्होंने तस्वीर भी शेयर की है। अपने पोस्ट में, मेहता ने अपने निजी और प्रोफेशनल जीवन की कुछ महत्वपूर्ण झलकियां शेयर की। उन्होंने अभिनेता अभय देओल के साथ अपनी पहली विज्ञापन शूट की एक तस्वीर भी साझा की। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    कौन हैं करिश्मा मेहता?

    करिश्मा मेहता एक भारतीय लेखिका, व्यवसायी और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं। करिश्मा मेहता ह्यूमन ऑफ बॉम्बे की सीईओ हैं। “Human of Bombay” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सबसे पॉपुलर पेजों में से एक है, जो आम लोगों की कहानियों को साझा करता है और उनके संघर्ष, सफलता और जीवन के अनसुने पहलुओं को प्रकाशित करता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    21 साल की उम्र में किया था शुरुआत।

    करिश्मा मेहता ने 2014 में ह्यूमन ऑफ बॉम्बे की शुरुआत की थी। करिश्मा उस वक्त सिर्फ 21 साल की थी। उन्होंने अपने पेज के जरिए मुंबई और मुंबईकरों की जिंदगी से जुड़ी कहानियों को लिखना शुरू किया। करिश्मा ने बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से पढ़ाई की, बाद में बेंगलुरू के बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई के लिए वो ब्रिटेन चली गईं, जहां से उन्होंने इकोनॉमिक्स और बिजनेस की डिग्री ली। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लिया इंटरव्यू

    लेकिन करिश्मा पहली बार चर्चा में तब आई जब उन्होंने साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इंटरव्यू लिया। इसके बाद वो सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हो गईं। पीएम मोदी के इंटरव्यू ने उनके करियर को एक नई दिशा दे दी। इस महीने के शुरू में करिश्मा मेहता ने एक और बड़ा कदम उठाया जब उन्होंने अपने लक्जरी लेदर सामानों से खुद को अलग करने का ऐलान किया। शाकाहारी होने के नाते, उन्होंने फैशन में क्रूएल्टी-फ्री रुख अपनाने के अपने फैसले के बारे में सोशल मीडिया पर समझाया। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    क्या है एग फ्रीजिंग ?

    UCLA (यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स) हेल्थ के अनुसार, एग फ्रीजिंग, जिसे ओसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन (Oocyte cryopreservation) के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक महिला के अंडों को निकाला जाता है, जमाया जाता है और भविष्य में उपयोग के लिए फ्रीज कर दिया जाता है। इस विधि का उपयोग अक्सर उन महिलाओं के लिए प्रजनन क्षमता को बनाए रखने के लिए किया जाता है जो व्यक्तिगत या चिकित्सा कारणों से बच्चे पैदा करने में देरी करना चाहती हैं। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    फ्रीजिंग से पहले क्या किया जाता है?

    एग फ्रीजिंग में ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड के बाद एक महिला के अंडाणु की मात्रा की जांच की जाती है। फिर, अंडाशय को अंडे का उत्पादन करने के लिए उत्तेजित करने के लिए हार्मोनल दवाओं का उपयोग किया जाता है। फिर परिपक्व अंडों को एक सरल प्रक्रिया के माध्यम से एकत्र कर लिया जाता है और विट्रिफिकेशन नामक तकनीक का उपयोग करके इसे जल्दी से जमाया जाता है। इससे अंडों को भविष्य में उपयोग के लिए रखा जा सकता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    1968 में हुआ था पहले बच्चे का जन्म

    फ्रीज हुए अंडे से पहले बच्चे का सफलतापूर्वक जन्म 1986 में हुआ था। इस प्रक्रिया में हल की हुई प्रगति से अंडाणु के जीवित रहने और जीवित बच्चों के जन्म की सफलता दर में काफी सुधार हुआ है।
    अगर आप भी अपने एग्स फ्रीज कराने की सोच रहे हैं, तो यह इतना आसान नहीं है। इसके लिए अपनी बॉडी को पहले से प्रिपेयर करना बहुत जरूरी है। तो आइए जानते हैं एग फ्रीजिंग से पहले शरीर को किस तरह से तैयार करना पड़ता है और यह क्यों जरूरी है? (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    एग फ्रीजिंग करने से पहले शारिरीक तैयारी

    एग फ्रीजिंग एक कठिन फैसला है। ज्‍यादातर मामलों में महिलाओं को इस संबंध में लोगों की बातें भी सुननी पड़ती है। जिससे तनाव बढ़ता है और प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए सबसे पहले स्‍ट्रेस मैनेजमेंट टिप्‍स अपनाकर खुद को मानसिक रूप से तैयार करना पडता है। अंडे की गुणवत्ता बढ़ाने और स्‍वास्‍थ्‍य को ठीक रखने के लिए फर्टिलिटी डाइट लेना जरूरी है। बता दें कि, फर्टिलिटी फ्रेंडली डाइट में एंटीऑक्‍सीडेंट, हेल्‍दी फैट और जरूरी पोषक तत्‍व होते हैं। इस डाइट को फॉलो करने से प्रजनन क्षमता में सुधार हो सकता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    एक्सपर्ट की राय

    एक्सपर्ट मानते हैं कि एग फ्रीजिंग से पहले महिलाओं को अपने रूटीन में फर्टिलिटी सप्लीमेंट भी शामिल करनी चाहिए। सप्‍लीमेंट भी ऐसे होने चाहिए जिनमें इनोसिटोल और जरूरी विटामिन व मिनरल शामिल हों। एक्‍सरसाइज स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन एग फ्रीजिंग प्रोसेस के दौरान अपने वर्कआउट में बदलाव करना जरूरी है। दरअसल, हार्मोन स्टीमुलेशन के दौरान ओवरी का आकार इंजेक्शन के 10 दिन बाद बढ़ जाता है, जिससे ओवेरियन टॉर्जन की समस्‍या हो सकती है। इस रिस्‍क को कम करने के लिए इंटेंस एक्‍सरसाइज से बचने की सलाह दी जाती है। महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्‍थ के लिए विटामिन “डी” बहुत जरूरी है। यह न केवल अंडे की गुणवत्ता में सुधार करता है, बल्कि इससे बेहतर फर्टिलिटी रिजल्‍ट्स मिलते हैं। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    एग फ्रीजिंग के बारे किसे विचार करना चाहिए?

    • एग फ्रीजिंग उन महिलाओं के लिए एक विकल्प हो सकता है जो प्रजनन संबंधी जोखिमों का सामना कर रही हैं।
    • वैसी महिलाएं जो कैंसर के उपचार के तहत कीमोथेरेपी या पेल्विक रेडिएशन का सामना कर रही है।
    • ऐसी सर्जिकल प्रक्रियाए जो अंडाशय को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
    • आनुवंशिक स्थितियां या समय से पहले पीरियड आने का पारिवारिक इतिहास।
    • बच्चे पैदा करने में देरी करने के सामाजिक या व्यक्तिगत कारण।
    • अंडाणु को कई सालों तक फ्रीज करके रखे जा सकते हैं।
  • बम्बई में अब 10 रुपये में होगा MRI और CT Scan

    बम्बई में अब 10 रुपये में होगा MRI और CT Scan

    बम्बई में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से गुरु नानक खालसा कॉलेज माटुंगा में शुक्रवार को जरूरत मंद लोगो के लिए मात्र 10 रुपये में MRI, CT Scan, एक्स-रे सेंटर का उद्घाटन किया गया। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

    न्यूज़ डेस्क
    बम्बई
    – माटुंगा गुरू नानक खालसा कॉलेज में शुक्रवार को चार साहिबजादे MRI और CT Scan Center का उद्घाटन किया गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधन में कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सिख समुदाय की प्रतिनिधि करने वाली संस्था शिरोमणि कमेटी जन कल्याण में बेहतरीन सेवाऐं प्रदान कर रही है। इसी सिलसिले में आज श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार पुत्रों को समर्पित एक एमआरआई और सीटी स्कैन केंद्र शुरू किया गया है। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

    क्या क्या मिलेगी सुविधा ?

    उन्होंने कहा कि इस केंद्र पर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे आदि चीजों की जांच सेवा मात्र 10 रुपये में की जायेगी। इसके अलावा गुरु नानक मिशन 1313 के नाम से संचालित फार्मेसी से बाजार दर से 25 प्रतिशत कम दर पर दवाइयां उपलब्ध कराई जायेंगी और मेडिकल रक्त परीक्षण भी 50 प्रतिशत सस्ती दरों पर किया जायेगा। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

    सम्मान बढ़ेगा

    एडवोकेट धामी ने घोषणा करते हुए कहा कि ये सुविधायें मुंबई और इसके आसपास के इलाकों के गुरुद्वारा साहिबों के ग्रंथी सिंहों और अन्य कर्मचारियों को भी केवल 10 रुपये में प्रदान की जायेंगी। उन्होंने कहा कि इन कार्यों में महाराष्ट्र से शिरोमणि कमेटी के सदस्य मो. गुरिंदर सिंह बावा द्वारा विशेष एवं सराहनीय प्रयास किये गये हैं, जिससे सिख संगठन का सम्मान और बढ़ेगा। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

    इस मौके पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, एडवोकेट धामी, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी सुल्तान सिंह, तख्त श्री हरिमंदर जी पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी बलदेव सिंह, शिरोमणि कमेटी के सदस्य गुरिंदर सिंह बावा, अध्यक्ष, तख्त श्री पटना साहिब प्रबंधन समिति जगजोत सिंह, शिरोमणि कमेटी के ओएसडी सतबीर सिंह धामी, जसबीर सिंह धाम और अन्य हस्तियां मौजूद रहीं। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

  • महाराष्ट्र में Bird Flu…लातूर में 51 कौवों की मौत, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

    महाराष्ट्र में Bird Flu…लातूर में 51 कौवों की मौत, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

    महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू तेजी से पैर पसार रहा है। पिछले दिनों नागपुर में 3 बाघ और एक तेंदुए की मौत के बाद अब लातूर में बर्ड फ्लू के कारण बड़ी संख्या में कौवों की मौत हो रही है… (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    न्यूज़ डेस्क
    महाराष्ट्र-
    राज्य में तेजी के साथ बर्ड फ्लू अपना पैर पसार रहा है। पिछले दिनों नागपुर में 3 बाघ और एक तेंदुए की मौत हो गई थी। इसके बाद अब लातूर में भी बड़ी संख्या में कौवों की मौत की खबर आ रही है। इससे जिले में हड़कप मच गया है और जिला प्रशासन ने आम लोगों को अलर्ट जारी कर दिया है। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    महाराष्ट्र के लातूर जिले में बर्ड फ्लू से 51 कौवों की मौत हो गई है। इसके बाद अधिकारियों ने बीमारी को फैलने से रोकने के लिए निवारक उपाय करना शुरू कर दिया है। पशुपालन उपायुक्त डॉ. श्रीधर शिंदे ने बताया कि शनिवार को भोपाल पशु चिकित्सा प्रयोगशाला से मिली रिपोर्ट से पता चला, कि लातूर जिले के उदगीर शहर में कौवों की मौत एवियन इन्फ्लूएंजा (H5N1 वायरस) के कारण हुई है। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    जांच मे जुटी टीम

    पशुपालन उपायुक्त डॉ. श्रीधर शिंदे ने बताया कि शनिवार तक उदगीर शहर के विभिन्न हिस्सों में 51 कौवे मृत पाए गए। अधिकारियों को 13 जनवरी से शहर के बगीचों व अन्य क्षेत्रों में मृत पक्षियों के बारे में शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और मौत के कारण का पता लगाने के लिए 14 जनवरी को 6 शवों को प्रयोगशाला में भेज दिया। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    अलर्ट जोन घोषित

    खबर मिलते ही जांच के साथ लातूर जिला प्रशासन ने बीमारी को फैलने से रोकने के लिए निवारक उपाय शुरू कर दिए हैं। जिस जगह मृत कौवे मिले हैं उस जगह के 10 किलोमीटर के दायरे को ‘अलर्ट जोन’ घोषित किया गया है। आदेश में प्रभावित क्षेत्रों में लागों की आवाजाही और पक्षियों-जानवरों के परिवहन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    पोल्ट्री फॉर्म का होगा सर्वेक्षण

    जिला प्रशासन के निर्देश के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्रों को संक्रमणमुक्त किया जाएगा। वहीं अधिकारी 10 किलोमीटर के दायरे में सभी पोल्ट्री फॉर्म का सर्वेक्षण करेंगे और नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे जिले के अन्य भागों में पक्षियों या जानवरों की किसी भी असामान्य मृत्यु की सूचना निकटतम पशु चिकित्सालय या वन विभाग को दें। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

  • Mumbai AC Local Train : मुंबई को जल्द मिलेंगी 238 Ac वाली लोकल ट्रेने।

    Mumbai AC Local Train : मुंबई को जल्द मिलेंगी 238 Ac वाली लोकल ट्रेने।

    Mumbai Ac Local Train Update : केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को इसका ऐलान कर दिया है। हालांकि 2023 की निविदा में खरीददारी पर रोक लग गया था। शनिवार को केंद्रीय मंत्री ने इसको लेकर हरी झंडी दिखा दी।

    न्यूज़ डेस्क
    Mumbai AC Local Train :
    मुंबईकरों के लिए एक अच्छी खबर है। मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के तहत मुंबई को 238 नई एसी लोकल ट्रेनें (New Ac local train) मिलेंगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि एसी लोकल खरीदने का प्रस्ताव पटरी पर आ गया है। शनिवार (18 जनवरी) को अश्विनी वैष्णव ने रेल से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर टिप्पणी की। फिर उन्होंने एसी लोकल खरीददारी के बारे में जानकारी दी। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के चरण 3 और 3ए के तहत जल्द ही मुंबई में 238 एसी लोकल ट्रेनें चलेंगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, मुंबई रेलवे डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MRVC) ने जून 2023 में एसी लोकल ट्रेनों के लिए विशेष निविदाएं जारी की थीं। खरीददारी रुकने के कारण यह पहल स्थगित कर दी गई थी। अब 18 महीनों बाद एसी लोकल ट्रेन की खरीदी पर जोर दिया जा रहा है। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    MMRDA की फायनेंस शाखा है MUTP

    मुंबई शहरी परिवहन (MUTP) परियोजना की मूल योजना के अनुसार, चरण 3 में 47 एसी लोकल ट्रेनें खरीदी जानी हैं। इस पर करीब 3,491 करोड़ रुपये की लागत आ सकता है। जबकि फेज 3ए में 191 एसी लोकल ट्रेनें खरीदी जाने वाली हैं। इस पर करीब 15,802 करोड़ रुपये की लागत लगने वाला है। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    एसी लोकल खरीदने संबंधी फैसले से मुंबईकरों को राहत मिलेगी। इससे गर्मियों के दौरान यात्रियों को एसी लोकल से यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा कहा जा रहा है कि इसका असर स्थानीय निकायों के चुनाव पर भी पड़ सकता है। हालांकि, यात्रियों की नजर इस बात पर है कि 238 एसी वाली यह ट्रेन मुंबई में कब से चलेगी। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    मुंबई शहरी परिवहन परियोजना क्या है ?

    यह परियोजना मुंबई महानगर क्षेत्र में यातायात और परिवहन की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए बनाई गई थी। इसे मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने विश्व बैंक की मदद से तैयार किया था। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    एमयूटीपी से जुड़ी कुछ खास बातें:

    • एमयूटीपी की शुरुआत साल 2002 में हुई।
    • इसमें बड़े पैमाने पर शहरी पुनर्वास भी किया गया।
    • एमयूटीपी के तहत कई तरह की परियोजनाएं चलाई गईं, जैसे कि एमयूटीपी 3ए और एमयूटीपी-II।
    • एमयूटीपी 3ए में एमएमआर क्षेत्र में रेल आधारित परियोजनाओं को शामिल किया गया ।
    • एमयूटीपी-II में यातायात और परिवहन की स्थिति में सुधार लाने के लिए कई तरह के उपाय किए गए।

    शहरी परिवहन से जुड़ी कुछ चुनौतियां: 

    • सड़कें और पुल जैसे बुनियादी ढांचे अपर्याप्त होते हैं।
    • यात्रा में देरी होती है और दुर्घटनाएं बढ़ती हैं।
    • सार्वजनिक परिवहन प्रणाली दिव्यांग व्यक्तियों के लिए पूरी तरह से सुलभ नहीं होती।
  • BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    बम्बई के सरकारी अस्पतालों में दवाओं को लेकर संकट गहरा रहा है। 120 करोड़ रूपये का बकाया नही मिलने के कारण दवाई आपूर्ति करने वाले कंपनियों ने सप्लाई पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    बम्बई शहर और आस-पास के गरीब तबके के लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं पर इलाज के लिए एक मात्र सरकारी अस्पताल इन दिनों दवाई संकट से जूझ रहा है। जबकि यहां बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा संचालित अस्पतालों की दवाइयां हमेशा से ही लोगों के इलाज में सटीक साबित हुई। प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले सरकारी अस्पताल के एक ही डोज से मरीज ठिक हो जाया करता है। लेकिन इन सरकारी अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध नही होने के कारण शहर भर के लोगों पर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा मंडराने लगा है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    क्या है पूरा मामला?

    मुंबई के बीएमसी द्वारा संचालित अस्पतालों को दवा आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने 120 करोड़ रुपये के बकाया नही मिलने के कारण डिलीवरी को निलंबित (Suspended) करने की धमकी दी है। यह कृष्णा डायग्नोस्टिक्स द्वारा आपली चिकित्सा योजना के तहत अपनी पैथोलॉजी सेवाओं को बंद करने के कुछ समय बाद हुआ है, जिसमें बकाया भुगतान नही किए जाने का का हवाला दिया गया था। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    सोमवार से नही होगी दवाई की सप्लाई

    बीएमसी अस्पतालों में दवाई सप्लाई करने वाली 150 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ऑल फूड एंड ड्रग्स लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन (AFDLH Fondation) ने सोमवार 13 जनवरी यानी कल से दवाइयों की सप्लाई रोकने की घोषणा की है। कहा, कि यदि उनके चार महीने से लंबित 120 करोड़ रूपये का भुगतान नहीं किया जाता है। तो कोई भी कंपनी सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की सप्लाई नही करेगा। इस निर्णय के कारण बम्बई के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह से बाधित कर सकता है। इसमें बम्बई ही नही बम्बई और आस-पास को लोग भी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करवा रहे हैं। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    AFDLH Fondation के अध्यक्ष अभय पांडे ने आपूर्तिकर्ताओं के सामने मौजूद गंभीर वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे सदस्य वित्तीय बर्बादी के कगार पर हैं।” पश्चिमी उपनगरों के एक विक्रेता ने स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “भुगतान में देरी असहनीय हो गई है। बीएमसी अस्पतालों को आपूर्ति करना एक निरंतर संघर्ष बन गया है, बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    BMC ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी को लिखे एक औपचारिक पत्र में संस्था ने वित्तीय तनाव की रूपरेखा प्रस्तुत की। पत्र में कहा गया है, कि “बकाया राशि के कारण हमारे सदस्य भारी दबाव में हैं। बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। भुगतान पूरा होने तक आपूर्ति स्थगित करने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।” इस बीच, बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त संजय कुर्हाड़े ने आश्वासन दिया, कि “इस मुद्दे को सुलझाने और संकट को हल करने के लिए प्रयास जारी हैं।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

  • महाराष्ट्र में तेजी बढ़ रहा है ‘टकला वायरस’, खुजली के 2-3 दिनों झड़ जाते हैं बाल

    महाराष्ट्र में तेजी बढ़ रहा है ‘टकला वायरस’, खुजली के 2-3 दिनों झड़ जाते हैं बाल

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    पूरी दुनिया से लेकर हमारे भारत देश में भी चीन से पनपे एचएमपी वायरस (HMP Virus) का खौफ जारी है। इस बीच महाराष्ट्र में एक अजीबोगरीब बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। इस बीमारी में लोगों के कुछ ही दिनों में बाल झड़ जा रहे हैं। इसकी वजह से लोगों में खौफ का माहौल उत्पन्न हो रहा है। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    राज्य के बुलढाणा जिले में यहां के लोग एक गंभीर रोग से जूझ रहे हैं। दरअसल, यहां पर एक के बाद एक लोगों के बाल अचानक से झड़ते जा रहे हैं। जिले में हो रही बाल झड़ने की इस अजीब घटना से लोगो में खौफ पैदा हो गया है। इस दुर्लभ बीमारी की चपटे में पुरुष, महिलांए और बच्चे भी आ रहे हैं। इसमें सर से कुछ ही दिनों के अंदर बाल झड़ रहे हैं और गंजेपन का शिकार हो रहे हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    अब तक, बुलढाणा जिले के गांवों में फैली इस बीमारी की गिरफ्त में लगभग 30 से 40 लोग आ चुके हैं। उनका कहना है कि उनके सिर से बाल कुछ ही दिनों के अंदर झड़ रहे हैं। जिले में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारी जांच में जुट गए हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    गंजेपन का शिकार

    हालांकि, इनमें भी कई मामले ऐसे हैं जहां पर लोग पूरी तरह गंजे हो रहे हैं। इस दुर्लभ बीमारी के कारण लोग काफी हैरत में पड़ गए हैं। बुलढाणा में लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि इस रोग के फैलने के पीछे क्या रहस्य हो सकता है। इस अजीबोगरीब घटना के सामने आने के बाद यहां के लोग काफी डरे हुए हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    जिले में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ विभाग के अधिकारी बोंडगांव, कालवाड़ और हिंगना गांवों में पहुंच गए हैं। यहां पर उन्होंने बीमारी का कारण जानने के मरीजों की जांच शुरू कर दी है। इस दौरान एक बीमार महिला ने बताया कि बीते रविवार से उसके बाल झड़ रहे हैं। उन्होंने अपने बालों को एक छोटे से बैग में एकत्रित करके रखा और उसे स्वास्थ्य अधिकारी को दिखाया। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    फैल रही बीमारी

    इसके अलावा एक युवक ने बताया कि बीते 10 दिनों से उसके बाल तेजी से झड़ने लगे हैं। उन्होंने बताया कि उनके चेहरे की दाढ़ी भी झड़ रहे हैं। इस बीमारी के बाद कई लोगों ने अपने सिर मुंडवा दिया है। स्वास्थय अधिकारियों की टीम में शामिल एक स्किनकेयर एक्सपर्ट ने बताया कि जिले के तीनों गांवों से जमा किए गए पानी के सैंपल को टेस्टिंग के लिए भेजा गया है। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    इस बारे में जिला स्वास्थ्य अधिकारी अमोल गीते ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में बढ़ रहे मामलों के बाद हमने गांव में एक स्किन एक्सपर्ट और एक महामारी विशेषज्ञ को भेजा। इसके बाद पता चला कि 99 फीसदी मामलों में मरीजों को सिर की त्वचा में फंगल संक्रमण पाया गया है। इस वजह से लोगों के सर से बाल झड़ रहे हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    पानी की होगी जांच

    स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि हम पानी की भी जांच करेंगे। हो सकता है कहीं उसमें भारी धातुएं तो नहीं हैं? क्योंकि वे फंगल संक्रमण को बढ़ावा देती हैं। हम 2 से 4 मरीजों की त्वचा के नमूने लेंगे और उन्हें माइक्रोस्कोपी के लिए अकोला मेडिकल कॉलेज भेजेंगे। गीते ने कहा कि पानी के नमूनों की जांच और बायोप्सी की रिपोर्ट दो-तीन दिनों में आ जाएगी। बाल झड़ने के कारणों के बारे में अभी कुछ भी ठोस नहीं कहा जा सकता ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

  • मालाड़ से दहिसर के बीच होगा काया कल्प- पीयूष गोयल

    मालाड़ से दहिसर के बीच होगा काया कल्प- पीयूष गोयल

    मालाड़, कांदीवली, बोरीवली और दहिसर के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित किया। उन्होंने इस मौके पर रेलवे स्टेशनों से लेकर सरकारी अस्पतालों और कोली समाज के लोगों के लिए वर्क शॉप और उसके साथ एलआईसी प्रशिक्षण पर जोर दिया।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के बीजेपी सांसद पीयूष गोयल ने शनिवार को बीएमसी हेड क्वाटर में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के जरिए उत्तर मुंबई के सार्वजनिक निर्माण कार्यों जानकारी दी। मौके पर पीयूष गोयल ने कहा कि मुंबईकरों की सेवा के लिए डबल इंजन सरकार तो पहले से ही काम कर रही है, लेकिन अब नए साल से नई ट्रिपल इंजन की सरकार काम करे, इसके लिए हम प्रयासरत हैं। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    उत्तर मुंबई से सांसद पीयूष गोयल ने आगे कहा, हम चाहते हैं कि काम तीन गुना ज्यादा तेजी और मेहनत से हो, जिससे तीन गुना ज्यादा परिणाम आ सके और तीन गुना लोगों के जीवन पर इसका अच्छा प्रभाव पड़े। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    नवी मुंबई से बोरीवली तक का सफर

    पीयूष गोयल ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र मालाड़, कांदीवली, बोरीवली और दहिसर सहित सभी चार रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत काम शुरू हो जाएगा। इस पहल का उद्देश्य दीर्घकालिक दृष्टि से स्टेशन का निरंतर विकास करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने पिछले साल बोरीवली तक हार्बर लाइन विस्तार की घोषणा की थी। इससे नवी मुंबई से उत्तरी मुंबई के बीच यात्रा करने वाले रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    60 हजार करोड़ का खर्च

    केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हमने संकल्प लिया था कि उत्तर मुंबई को उत्तम मुंबई बनाकर रहेंगे, जो पीएम मोदी के सपने का एक हिस्सा है। प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान इसी दिशा में लंबी चर्चा हुई। उन्होंने कहा, इस चर्चा की यह तीसरी बैठक है। 60 हजार करोड़ का खर्चा मुंबई को बेहतर बनाने के लिए होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोस्टल रोड जल्दी ही पूरा होने जा रहा है इसके लिए काम तेजी से चल रहा है। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    झुग्गी बस्तियों का होगा काया कल्प

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उनके लोकसभा क्षेत्र के शहरी परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदलने के लिए इस साल कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम किया जाएगा। गोयल ने पिछले साल उत्तर मुंबई से अपना पहला लोकसभा चुनाव जीता है। उन्होंने कहा, इस साल हमारे पास अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए कई बड़ी योजनाएं हैं। हम देख रहे हैं कि हम कितनी जल्दी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को उसी स्थान पर पक्के मकान उपलब्ध करा सकते हैं। यह एक ऐसी परियोजना है जिस पर काम जारी है। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    पर्यटन को बढ़ावा, स्किल यूनिवर्सिटी का निर्माण

    गोयल ने कहा कि वह इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। क्योंकि एक तरफ यहां संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान है और दूसरी तरफ खूबसूरत समुंदर फैला हुआ है। पीयूष गोयल ने कहा कि मगाठाणे का रोड तैयार है, बस थोड़ा काम बाकी है। साथ ही भगवती, भंसाली, और शताब्दी इन तीनों सरकारी अस्पतालों को और बेहतर बनाने का काम होने वाला है। उन्होंने कहा कि मैंने मालाड के लोगों से चुनाव के समय वादा किया था, कि एक बड़ा स्किल डेवलेपमेंट सेंटर बनाएंगे। इसके लिए वहां अब हम एक स्किल यूनिवर्सिटी बनाने जा रहे हैं। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    एलआईसी के साथ ट्रेनिंग प्रोग्राम

    उन्होंने कहा कि मालाड रेलवे स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की जाएगी। साथ ही बीमा सखी योजना को अब एक सेंटर तक सीमित नही रखकर, 40 स्थानों पर एलआईसी के साथ ट्रेनिंग प्रोग्राम कराया जाएगा। पीयूष गोयल ने कहा, दहिसर, बोरिवली, मालाड के कोली समाज के लोगों के लिए भी वर्कशॉप कराया जाएगा, ताकि उनकी भी आमदनी बढ़े। वहीं बीएमसी चुनाव पर गोयल ने कहा कि यह चुनाव हम भारी बहुमत से जीत कर आएंगे और लोगों की सेवा करेंगे।(There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

  • सरकारी अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला 2 महिने का पगार, बोनस से भी किया वंचित

    सरकारी अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला 2 महिने का पगार, बोनस से भी किया वंचित

    मुंबई के सरकारी अस्पताल में भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश मे आ रहा है। यहां कांदीवली के शताब्दी अस्पताल में काम करने वाले सफाई कर्मचारी पिछले 2 महिनों के पगार को लेकर अनशन पर बैठ गए हैं। बताया की सालाना बोनस भत्ते से वंचित रखा गया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    कांदीवली पश्चिम के सरकारी अस्पताल में पिछले 4 दिनों से साफ सफाई का काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को पिछले 2 महिनों से पगार ही नहीं मिली है। साथ ही पिछले 2 सालों से बोनस भत्ता के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। इसको लेकर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का साथ मिलने के बाद आश्वासन दिया गया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    कौन है ठेकेदार?

    बता दें, कि “कल्पतरु हॉस्पिलिटी” नामक कंपनी शताब्दी अस्पताल में ठेका चला रहा है। इसी के अधीन सफाई कर्मचारी सरकारी अस्पताल में काम कर रहे हैं। लेकिन कर्मचारियों को ना तो पीएफ सुविधा दिया जा रहा है और ना ही सरकारी नियमानुसार वेतन ही दिया जा रहा है। यहां तक की साप्ताहिक अवकाश का पैसा भी काट लिया जाता है। पिछले 2 सालों से मिलने वाले सालाना बोनस फंड से इन्हें वंचित रखा गया है।  इस तरह के मनमानी कारोबार के खिलाफ सफाई कर्मचारियों ने अनशन पर बैठने का फैसला लिया। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    मुलभुत सुविधाओं से वंचित

    इसी कड़ी में कर्मचारियों ने ठेकेदार के मनमानी कारोबार के खिलाफ महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मदद की गुहार लगाई। बता दें कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा संचालित शताब्दी अस्पताल में पिछले 12 सालों से सफाई कामगार ठेका पद्धति पर काम कर रहे हैं। जबकि यहां कितने ही ठेका कंपनी बदल चुके है। लेकिन इन कर्मचारियों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।  (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    शिवसेना शिंदे गुट ने किया मुलाकात

    Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also
    सफाई कर्मचारियों के साथ शिवसेना शिंदे गुट के पदाधिकारियों की तस्वीर

    इसकी शिकायत को लेकर शिवसेना व्यापारी सेना सचिव तथा गृहसंकुल सह समन्वयक संदीप शिंदे साहब और शिवसेना पदाधिकारी एंटोनी डिसूजा, गणेश टोने, महेंद्र शेंडगे, गणेश माने, राजू सिंह, अमित भारखड़ा सफाई कर्मचारियों से मुलाकात की और इनकी मांगों को लेकर ठेकेदार के मैनेजर आतिश जाधव से मिले और उनसे सवाल पूछा गया तो ठेकेदार की ओर से कर्मचारियों के पगार के पैसों के साथ बोनस फंड जल्द ही देने का कहा है। इसके अलावा ठेका कंपनी ने जल्द ही सफाई कर्मचारियों की बाकी समस्याओं का निपटारा करने का आश्वासन दिया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

  • Mumbai: सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लिगल नोटिस

    Mumbai: सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लिगल नोटिस

    मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी द्वारा इकोकार्डियोग्राम (ECG) किए जाने के सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था। इसी सिलसिले में अस्पताल को लिगल नोटिस दिया गया है। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    सरकारी अस्पताल में गड़बड़ी और लापरवाही की खबर तो हमेशा आती रहती है। लेकिन एक सफाई कर्मचारी डाक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने का सनसनीखेज मामला पहली बार सामने आया है। मुंबई के गोवंडी स्थित शताब्दी अस्पताल को एक कानूनी नोटिस मिला है। जिसमें अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी ने कथित तौर पर इकोकार्डियोग्राम (ईसीजी) किया है। पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    कैसे मिली जानकारी?

    इस घटना की जानकारी तब प्रकाश में आई जब शहर के वकील आबिद अब्बास सैय्यद ने मुख्यमंत्री और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न राज्य अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा। खबर के मुताबिक, एडवोकेट सैय्यद ने इस घटना को मेडिकल प्रोटोकॉल और मरीज सुरक्षा का घोर उल्लंघन बताया है। हालांकि अस्पताल ने इस घटना से इनकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने कर्मचारी की हरकत का बचाव करते हुए कहा, कि सफाई कर्मचारी “प्रक्रिया करने के लिए पर्याप्त शिक्षित और योग्य था।” (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    बताया गलतफहमी

    अस्पताल प्रशासन के एक सदस्य ने कहा, “ईसीजी मशीनें सिर्फ़ एक बटन दबाने से काम करती हैं। कर्मचारियों ने सिर्फ़ ईसीजी किया था और उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पेशेवर डॉक्टरों ने रिपोर्ट ली थी।” पहले इसी सदस्य ने इस घटना को “गलतफ़हमी” भी बताया। अस्पताल ने आगे कहा कि मरीज़ नियमित जांच के लिए अस्पताल आया था और उसकी हालत गंभीर नहीं थी। हालांकि, अपने नोटिस में अधिवक्ता सैय्यद ने कहा कि इस घटना ने अस्पताल द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मरीज़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रशासन की ज़िम्मेदारी पर भी सवाल उठाया है। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार

    एड्वोकेट सैय्यद ने अधिकारियों से घटना की जांच करने का आग्रह किया है और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग की है। सैय्यद ने अपने नोटिस में कहा, “मरीजों को उम्मीद है कि उन्हें योग्य स्वास्थ्य सेवा पेशेवर डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जाएगा। लेकिन इस तरह की घटनाएं लापरवाही की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करती हैं।” (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि खबरों से पता चला है कि शताब्दी अस्पताल और अन्य सरकारी सुविधाओं के कुछ डॉक्टर निजी क्लीनिक चला रहे हैं, जो उन नियमों का उल्लंघन है, जो उन्हें निजी प्रैक्टिस करने से रोकते हैं। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

  • Mumbai- 650 बेकरियों को मिली BMC की नोटिस, बंद होने के कगार पर है बेकरी का कारोबार

    Mumbai- 650 बेकरियों को मिली BMC की नोटिस, बंद होने के कगार पर है बेकरी का कारोबार

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने शहर भर के 650 बेकरियों को प्रदूषण से निपटने के लिए नोटिस जारी किया है। नोटिस में साल भर का समय दिया गया है। एक साल के भीतर प्रदूषण से निपटने के लिए स्वच्छ ईंधन के तरीके अपनाने में विफल रहे तो उन्हें बंद किए जाने की चेतावनी दी गई है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
     बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने प्रदूषण फैलाने वाली 650 बेकरियों को नोटिस जारी किया है। बताया जाता है कि मानसून के बाद शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के अलावा शहर भर की बेकरियों में लकड़ी के ईंधन का उपयोग करने को जांच के दायरे में लाया गया है. साथ ही वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    इसी क्रम में बीएमसी ने लगभग 650 बेकरियों को नोटिस जारी कर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लकड़ी जलाने के स्थान पर बिजली या सीएनजी जैसे वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने का निर्देश दिया है। बीएमसी के अनुसार, शहर भर में बेकरी की भट्टियां वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में से एक बन गई हैं। साथ ही पाया गया है कि मुंबई में लगभग 47 प्रतिशत बेकरियां अपने भट्टों के लिए ईंधन के रूप में लकड़ी का उपयोग करती है। वहीं इन भट्टियों से निकलने वाला धुआं नागरिकों के लिए हानिकारक है। साथ ही इन भट्टियों को चलाने के लिए मुख्य रूप से निर्माण स्थलों और फर्नीचर स्टोर से निकलने वाले स्क्रैप का उपयोग किया जाता है। इस कारण भारी मात्रा में प्रदूषण हवा में फैल जाता है, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

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    इतना ही नहीं छोटी बेकरियों में ईंधन के रूप में प्रतिदिन लगभग 50 से 100 किलो लकड़ी का उपयोग होता है। जबकि बड़ी बेकरियों में ईंधन के रूप में प्रतिदिन लगभग 250 से 300 किलो लकड़ी की खपत होती है। वहीं 20 किलो आटे की ब्रेड बनाने के लिए लगभग पांच किलो लकड़ी की जरूरत होती है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    अस्थमा और सांस संबंधीत बिमारियों का कारण

    जब लकड़ी के टुकड़ों को ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है, तो मीथेन, कार्बनडाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी हानिकारक गैस और वाष्पशील कार्बनिक यौगिक गैस उत्पन्न होता है, जो सांस संबंधीत बीमारियों और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके अलावा कुछ सूक्ष्म कण धुएं के साथ मिलकर फेफड़ों में प्रवेश कर जाते हैं और इससे कैंसर या रक्तवाहिनी संबंधी बीमारियां भी हो सकती है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    महंगे हो सकते है बेकरी के सामान

    नाम नहीं बताने की शर्त पर एक बेकरी मालिक ने बताया कि अन्य सामग्रियों की तुलना में लकड़ी सस्ता होता है। कहा, कि आज ईंधन के लिए लकड़ी की कीमत 15 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि स्क्रैप लकड़ी की कीमत केवल 5 रुपये प्रति किलोग्राम है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने नोटिस निकालकर बेकरी वालों को गैस सिलेंडर और सीएनजी का उपयोग करने का विकल्प दिया है। लेकिन, अगर आप कमर्शियल सिलेंडर का प्रयोग करते हैं, तो इसकी कीमत 92.05 रुपये प्रति किलोग्राम हो जाती है और अगर आप सीएनजी का इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी कीमत 58.78 रुपये प्रति किलोग्राम होगी। अब, अगर हम इलेक्ट्रिक भट्टियों का इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी कीमत 12 रुपये प्रति यूनिट है। इसकी तुलना में, स्क्रैप लकड़ी बहुत सस्ती है। ऐसे में बेकरी में बनने वाले खाने की चीजें बहोत ज्यादा महंगी हो जाएगी। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    BMC ने दी चेतावनी

    बीएमसी के एक अधिकारी के अनुसार, मुंबई में करीब 1,200 बेकरियां हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा अनधिकृत हैं. उन्होंने बताया, कि “2007 से अब तक 560 बेकरियों को इस शर्त पर संचालन की अनुमति दी गई है कि वे इलेक्ट्रिक और सीएनजी ओवन का उपयोग करेंगे।” उन्होंने कहा, कि इसके बावजूद, आधे से अधिक बेकरी ईंधन के रूप में लकड़ी के कबाड़ का प्रयोग करती है। उन्होंने कहा, “इसलिए, बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने अब 650 बेकरी मालिकों को नोटिस भेजकर चेतावनी दी है कि अगर वे एक साल के भीतर इलेक्ट्रिक या सीएनजी का इस्तेमाल ईंधन के रूप में नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” बीएमसी ने बेकरी संचालकों को चेतावनी दी है कि यदि वे एक साल के भीतर प्रदूषण से निपटने के लिए स्वच्छ ईंधन के तरीके अपनाने में विफल रहे तो उन्हें बंद कर दिया जाएगा। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)