Mumbai Rains : पश्चिमी तूफान के चलते महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में इस समय तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि का कहर देखने को मिल रहा है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और इसके आसपास के जिलों में मंगलवार और बुधवार के लिए येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। इस दौरान मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के हिस्सों में गरज और चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से) चलने की संभावना जताई गई है। (Pre-monsoon rain will occur in Mumbai, 48-hour alert issued)
तापमान में गिरावट
मौसम विभाग के अनुसार, इन प्री-मानसून बारिशों के चलते दिन के तापमान में भी गिरावट आ सकती है और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने सोमवार को भी छिटपुट जगहों पर गरज के साथ बौछार पड़ने की संभावना जताई है, जो सोमवार के बाद और तेज हो सकती है। (Pre-monsoon rain will occur in Mumbai, 48-hour alert issued)
पश्चिमी तूफान बना कारण
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम परिवर्तन के पीछे एक “बहुत शक्तिशाली” पश्चिमी तूफान जिम्मेदार है। यह तूफान गुजरात के ऊपर 3-4 दिन तक बना रह सकता है। इसके साथ ही कहा जा रहा है कि तूफान अरब सागर से नमी खींच कर लाएगा। इससे गुजरात के अलावा मुंबई और उत्तर कोंकण क्षेत्र में भी तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनेगी। (Pre-monsoon rain will occur in Mumbai, 48-hour alert issued)
यह पश्चिमी तूफान सामान्य से अधिक मजबूत है और इसके कारण इस सप्ताह पूरे उत्तर कोंकण क्षेत्र में मौसम प्रभावित होगा। नतीजतन मुंबई में अगले दो दिनों तक आंधी और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। (Pre-monsoon rain will occur in Mumbai, 48-hour alert issued)
प्री-मानसून की बरसात
हालांकि मुंबई में गर्मियों के दौरान ऐसी प्री-मानसून की बरसात आम बात है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, मई 2024 में मुंबई में 21.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि मई 2023 में सिर्फ 3.4 मिमी बारिश हुई थी। शहर में अब तक का सबसे अधिक बारिश वाला मई साल 2000 में दर्ज किया गया था, जब पूरे महीने में 388 मिमी बारिश हुई थी। (Pre-monsoon rain will occur in Mumbai, 48-hour alert issued)
कब होगी बरसात?
इस बीच, मौसम के जानकारों का मानना है कि जून के पहले सप्ताह में ही मुंबई में मॉनसून का आगाज हो जाएगा और पूरे कोंकण में अच्छी बारिश शुरू हो जाएगी। मॉनसून आमतौर पर 1 जून को केरल के तट पर दस्तक देता है और इसके बाद सात से आठ दिनों में महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों, विशेष रूप से मुंबई तक पहुंचता है। मौसम विभाग ने इस साल मॉनसून के दौरान सामान्य से अधिक बारिश होने की भविष्यवाणी की है। (Pre-monsoon rain will occur in Mumbai, 48-hour alert issued)
मोटरमैन के विरोध प्रदर्शन से सोमवार को मध्य रेल की सेवाएं बाधित हो सकती है। सरकार द्वारा निगरानी को लेकर अतिरिक्त कैमरा लगाए जा रहे हैं। जो एआई तकनीक के जरिए लोको पायलट के इशारों पर नजर रखेगा।
मुंबई- मध्य रेलवे की मुंबई लोकल ट्रेन सेवाएं सोमवार को बुरी तरह से प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है। ट्रेन चालक मोटरमेन रेल प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि ड्यूटी बढ़ा कर उन पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके साथ ही लोको पायलट के ड्राइविंग कैब में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) नामक एक नई प्रणाली के तहत कैमरे लगाए जाने के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। यह नई तकनीक एआई सॉफ्टवेयर तकनीक पर काम करती है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)
ADAS कैसे काम करता है?
ADAS एक ऐसी तकनीक है जो वाहन के आस-पास की निगरानी करने और संभावित खतरों का पता लगाने के लिए सेंसर, कैमरे और अन्य तकनीकों का उपयोग करके ड्राइविंग के विभिन्न पहलुओं, सुरक्षा को बढ़ाने, कार्यभार को कम करने और समग्र ड्राइविंग अनुभव को बेहतर बनाने में ड्राइवरों की सहायता करती है। इसमें चेतावनी दी जाती है या सुधारात्मक कार्रवाई भी करती है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)
मुंबई CSMT पर सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ (CRMS) द्वारा नोटिस बोर्ड लगाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि ट्रेन मोटरमैन रविवार सुबह से “नियम के अनुसार काम करेंगे।” जबकि मध्य रेलवे (Central Railway) के अधिकारियों ने कहा कि वे यूनियन के साथ बातचीत कर रहे हैं, अगर मुद्दे हल नहीं हुए तो यात्रियों को सोमवार सुबह से इसका असर महसूस हो सकता है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)
CRMS लोको रनिंग स्टाफ के अनिल दुबे द्वारा मुंबई सेन्ट्रल रेलवे के डिवीजनल रेलवे मैनेजर को एक चेतावनी पत्र भेजी गई है। पत्र में इस बात पर आपत्ति जताई गई है कि चालक के कैब में कैमरे लगाए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मोटरमैन संकेत दे रहा है या नहीं? संकेत लेना और संकेत देना ट्रेन चलाने में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त व्यावसायिक सुरक्षा अभ्यास है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण संकेतकों की ओर इशारा करके और मौखिक रूप से उनकी स्थिति बताकर गलतियों से बचना है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)
अनावश्यक संदेह
सीआरएमएस लोको रनिंग स्टाफ शाखा ने पाया, कि मोटरमैन के ठीक सामने कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि यह देखा जा सके कि वह हाथ के इशारों के साथ संकेत दे रहा है या नहीं? जबकि मोटरमैन कैब में बैठकर ट्रेन चलाता है। दुबे ने कहा, “नौकरी की एकल-व्यक्ति प्रकृति के कारण, हाथ के इशारों से संकेत देना संभव नहीं है और इससे ट्रेन संचालन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। कैमरे लगाने से ईमानदारी और निष्ठा से काम करने वाले कैडर को अनावश्यक रूप से संदेह के घेरे में लाया जा रहा है।” (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)
एकाग्रता भंग होने का खतरा
उन्होंने कहा, “दुर्भाग्यपूर्ण है कि लंबे समय से लंबित मोटरमैन की शिकायतों का समाधान करने के बजाय प्रशासन अन्य अनावश्यक चीजों पर पैसा खर्च कर रही है। उक्त व्यस्त परिस्थितियों में काम करते समय अकेले मोटरमैन के लिए हाथ के इशारों से सिग्नल बताना संभव नहीं है, क्योंकि कैब में पावती देने के लिए कोई मौजूद नहीं होता। बिना किसी पावती के बार-बार हाथ के इशारों से सिग्नल बताने से मोटरमैन की एकाग्रता भंग हो सकती है।” (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)
विरोध प्रदर्शन की संभावना
दुबे ने कहा कि मोटरमैन को एक ही दिशा में सभी लाइनों के बीच अपनी लाइन के सिग्नलों की पहचान करते समय अविभाजित एकाग्रता देते हुए, पटरियों और ओवरहेड उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए, तटस्थ खंडों पर बातचीत करते हुए, सभी स्थायी और अस्थायी गति प्रतिबंधों का पालन करते हुए, सभी गेज और लैंपों पर कड़ी नजर रखते हुए – यात्रियों के साथ विवादों और अतिचारियों के कारण उत्पन्न तनाव के बीच – प्रत्येक स्टेशन पर ईएमयू लोकल ट्रेन के ठहराव पर ट्रेन को ठीक उसी स्थान पर रोकना पड़ता है, जहां भीड़ बढ़ने के कारण ब्रेक पावर बदल दिया जाता है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि मोटरमैन यूनियन के साथ बातचीत पहले से ही चल रही है और जल्द ही विरोध प्रदर्शन पूरा होने की संभावना है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)
मुंबई- गुरुवार को बोरीवली रेलवे परिसर के आसपास एक महत्वपूर्ण अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर अधिकारियों ने बोरीवली के पूर्वी हिस्से से 34/18 किलोमीटर मार्कर और 35/05 के बीच 80 अनधिकृत झुग्गी झोपड़ियों को सफलतापूर्वक तोड़कर हटा दिया है। इस बीच, पूर्वी हिस्से से लगभग 43 अनधिकृत झुग्गियों को हटाया गया। यह अभियान रेलवे के मुंबई डिवीजन द्वारा पूर्व नियोजित पहल का हिस्सा था ऐसा अधिकारियों ने जानकारी दी। इस अभियान में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और मुंबई सिटी पुलिस के समन्वित प्रयास से सफल बनाया गया। (Joint anti-encroachment drive carried out in Mumbai’s Borivali, 80 unauthorized slums demolished)
किसकी देखरेख में हुई कार्यवाही?
पश्चिम रेलवे की इंजीनियरिंग विभाग के एसएसई (वर्क्स/लैंड) की देखरेख में मजदूरों की सहायता से तोड़फोड़ किया गया। दो बड़ी झोपड़ियों से निर्माण कार्य में इस्तेमाल आने वाले लोहे के पतरे और बांस जैसी सामग्री बरामद की गई। वर्क्स इंस्पेक्टर (आईओडब्ल्यू) द्वारा अभियान के तहत तोडफोड में बरामद सामग्रियों को इकठ्ठा कर विभागीय गोदाम में जमा कर दिया गया। (Joint anti-encroachment drive carried out in Mumbai’s Borivali, 80 unauthorized slums demolished)
यह अभियान कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया गया। इस अभियान में आरपीएफ, जीआरपी, मुंबई पुलिस, महाराष्ट्र सुरक्षा बल और होमगार्ड के अधिकारियों सहित कुल 110 कर्मी शामिल थे। संयुक्त अभियान होने की वजह से कानून और व्यवस्था से जुड़ी कोई भी समस्या सामने नहीं आई। अधिकारियों ने बताया कि इन अतिक्रमणों को हटाना रेलवे की जमीन की सुरक्षा तथा पूरे नेटवर्क में रेलवे परिचालन की सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए चल रहे प्रयास का हिस्सा है। (Joint anti-encroachment drive carried out in Mumbai’s Borivali, 80 unauthorized slums demolished)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका पेड़ों के संरक्षण के लिए ‘वृक्ष पुनरुद्धार अभियान 2.0’ चला रहा है। जिसमें मालाड़ मनपा पी उत्तर विभाग अंतर्गत बिल्लाबोंग स्कूल के बच्चों को वृक्ष पुनरुद्धार को लेकर शिक्षा दी गई। साथ ही ‘वृक्ष संजीवनी अभियान 2.0’ की सूक्ष्म योजना एवं ‘वृक्ष कायाकल्प अभियान 2.0’ नागरिकों के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहा है। (Mumbai BMC’s Vriksha Sanjivani Abhiyan, school children of Malad took training)
मुंबई- पर्यावरण की दृष्टि से, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के उद्यान विभाग ने वृक्ष संजीवनी अभियान के तहत सड़कों पर पेड़ों के चारों ओर बनाए गए सीमेंट कंक्रीट के ढांचे को हटाने और फेरीवालों द्वारा व्यक्तिगत उपयोग और व्यवसाय के लिए लगाए गए छोटे पेड़ों को हटाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पेड़ों पर लगी बड़ी-बड़ी कीलों और विज्ञापन बोर्डों को हटाने की प्रक्रिया हर साल की जाती है। (Mumbai BMC’s Vriksha Sanjivani Abhiyan, school children of Malad took training)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर ‘वृक्ष पुनरोद्धार अभियान’ क्रियान्वित कर दिया है। विश्व पृथ्वी दिवस 1970 से हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता रहा है। इस अवसर पर दुनिया भर में विभिन्न पर्यावरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अतिरिक्त नगलर आयुक्त (पूर्वी उपनगर) डॉ. अमित सैनी के मार्गदर्शन में बृहन्मुंबई महानगर पालिका के 24 विभागों द्वारा बीएमसी की सीमा में वृक्षों के संरक्षण के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्कूलों और कॉलेजों के सहयोग से मनपा का ‘वृक्ष संजीवनी अभियान 2.0’ चलाया जा रहा है। ऐसी जानकारी बृहन्मुंबई महानगर पालिका के पार्क अधीक्षक जितेन्द्र परदेशी ने दी। (Mumbai BMC’s Vriksha Sanjivani Abhiyan, school children of Malad took training)
इस बारे में जानकारी देते हुए पार्क अधीक्षक जितेन्द्र परदेशी ने बताया, कि वृक्ष पुनरोद्धार अभियान के दौरान पेड़ों के आसपास लगे कंक्रीट को हटाकर उसकी जगह लाल मिट्टी डालने तथा पेड़ों से कीलें, पोस्टर, बैनर और केबल हटाने का प्रयास किया जाता है, ताकि पेड़ खुलकर सांस ले सकें। (Mumbai BMC’s Vriksha Sanjivani Abhiyan, school children of Malad took training)
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वृक्ष कायाकल्प अभियान
कीलें, पोस्टर, बिजली की लाइटें, केबल आदि पेड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और पेड़ के तने को सड़ने का कारण बन सकते हैं, जिससे पेड़ गिर सकता है या मर सकता है। इसके अलावा, जड़ों के चारों ओर कंक्रीट डालने से जड़ों की वृद्धि रुक जाती है और मिट्टी में पानी के अवशोषण की कमी के कारण पेड़ मर सकता है। इसी कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने पेड़ों के संरक्षण के लिए 30 अप्रैल 2025 तक ‘वृक्ष कायाकल्प अभियान 2.0’ अभियान शुरू किया है। (Mumbai BMC’s Vriksha Sanjivani Abhiyan, school children of Malad took training)
कार्यक्रम का आयोजन
इस अभियान के तहत आज 29 अप्रैल को मालाड़ पश्चिम के पी उत्तर विभाग अंतर्गत बिल्लाबोंग स्कूल के विद्यार्थियों, जनकल्याण नगर, भूमि पार्क, एएलएम के शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों की संयुक्त भागीदारी से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सहायक उद्यान अधीक्षक योगेन्द्र सिंह कछवा ने बताया कि शिक्षा सहायक प्रमोद इंगले ने स्वयं प्रदर्शन कर लोगों को जागरूक किया। इसके अंतर्गत कीलें, पोस्टर, बिजली की लाइटें, केबल आदि से पेड़ों को नुकसान पहुंचता है तथा पेड़ के तने के सड़ने और पेड़ के गिरने या मरने की आशंका रहती है। इसके अलावा, जड़ों के चारों ओर कंक्रीट डालने से जड़ों की वृद्धि रुक जाती है और ऐसी संभावना है कि मिट्टी में पानी के अवशोषण की कमी के कारण पेड़ मर जाएगा, ऐसा पार्क ने चेतावनी दी है। (Mumbai BMC’s Vriksha Sanjivani Abhiyan, school children of Malad took training)
वृक्षारोपण
इसके अलावा, भूमिपार्क खेल मैदान में महाराष्ट्र वृक्ष के रूप में विख्यात ‘तम्हाण’ प्रजाति के 10 पेड़ लगाए गए। उन्होंने यह भी बताया कि उद्यान अधीक्षक जितेन्द्र परदेशी स्वयं ‘वृक्ष संजीवनी अभियान 2.0’ की योजना बनाते हैं और उसमें भाग लेते हैं, इसलिए यह अभियान हर साल सफल हो रहा है और आमजन की स्वस्फूर्त भागीदारी बढ़ रही है। (Mumbai BMC’s Vriksha Sanjivani Abhiyan, school children of Malad took training)
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहायता कोष योजना में एआई तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए, तालुकावार रोगी मित्रों की नियुक्ति की जानी चाहिए, पैनल में अधिक अस्पतालों को शामिल किया जाना चाहिए, जियो-टैगिंग के माध्यम से रोगियों को नजदीकी अस्पतालों की जानकारी प्रदान की जानी चाहिए और एक टोल-फ्री नंबर शुरू किया जाना चाहिए। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)
केंद्रीय मंत्री पीयुष गोयल ने कहा कि भगवती अस्पताल को आम लोगों की सेवा के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) या धर्मार्थ आधार पर चलाया जाएगा।
मुंबई- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मुंबई के बोरीवली इलाके में पुन: र्निर्मित भगवती अस्पताल में मरीजों को सस्ती चिकित्सा सेवा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भगवती अस्पताल को आम लोगों की सेवा के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) या धर्मार्थ आधार पर चलाया जाएगा। उत्तर मुंबई निर्वाचन क्षेत्र के सांसद पीयूष गोयल ने शनिवार को बोरीवली के स्थानीय मनपा कार्यालय में क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान बृहन्मुंबई महानगर पालिका कमिश्नर भूषण गगरानी और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
सस्ती चिकित्सा का लाभ
गोयल ने कहा, “भगवती अस्पताल को बिना लाभ और बिना नुकसान के आधार पर चलाया जाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि आम लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत सस्ती चिकित्सा मिले।” बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने 500 करोड़ रुपये की लागत से इस अस्पताल का रि डेवलपमेंट कार्य पूरा किया है। बीएमसी के प्रस्ताव के अनुसार, 148 बिस्तरों का उपयोग बीएमसी चिकित्सा उपचार दरों के अनुसार किया जाएगा, जबकि शेष 480 बिस्तरों का उपयोग निजी बिस्तरों के रूप में किया जाएगा। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
राजनीतिक दलों का विरोध
बीएमसी ने पुनर्विकसित नागरिक संचालित भगवती अस्पताल को सार्वजनिक और निजी भागीदारी के तहत चलाने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं और इस निर्णय का नागरिकों और राजनीतिक दलों ने विरोध किया जा रहा है। गोयल ने बोरीवली में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में एक ट्वॉय ट्रेन शुरू करने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के लिए ट्वॉय ट्रेन के बारे में चर्चा की है। इस ट्वॉय ट्रेन का काम दो साल में पूरा हो जाएगा।” इसके अलावा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल ने मालाड के मालवनी क्षेत्र में मैंग्रोव पर अतिक्रमण को लेकर एक पुलिस चौकी स्थापित करने और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का सुझाव दिया। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
उन्होंने उत्तरी मुंबई में तालाबों और रेलवे स्टेशनों के पुनरुद्धार का भी उल्लेख किया। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) की मदद से उत्तर मुंबई में लगभग 11 तालाबों को सुंदर बनाने की योजना बनाएंगे। पीयूष गोयल ने कहा, “दहिसर, बोरीवली, मालाड और कांदिवली रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत योजना में शामिल किया गया है।” उन्होंने कहा कि उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ चर्चा की है और जनप्रतिनिधियों के परामर्श से जल्द ही स्टेशन विकास योजना तैयार किया जाएगा। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की मांग भी कर रही है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासक ने 3 फरवरी 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मनपा का वार्षिक बजट जारी किया। 744.27 बिलियन रुपए का यह बजट 2024-25 के बजट की तुलना में 20 प्रतिशत ज़्यादा रहा। इस बजट में बुनियादी ढांचे के कोई नए या मुख़्य काम को शुरू करने का उल्लेख नहीं है। हालांकि पहले से ही मंजूर बड़ी परियोजनाएं या फिर चल रही परियोजनाओं को जारी रखने के लिए भारी मात्रा में पैसा ख़र्च करना पड़ेगा। जिसपर मनपा प्रशासन ने संसाधनों का और अधिक बंटवारा करने के बजाय उनका विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए पुराने कार्य को ही पूरा करने पर जोर देते हुए समझदारी का परिचय दिया है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
Bmc चुनाव की संभावना
इस बजट में किसी नए कर की घोषणा नहीं की गई है। ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि BMC के चुनाव इसी वर्ष होंगे। परंपरागत रूप से यह देखा गया है कि सरकारें कर वृद्धि की पृष्ठभूमि में चुनाव नहीं लड़ा करती हैं या चुनाव लड़ना पसंद नहीं करती हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
Bmc बजट पर काबू
बीएमसी के बजट में पूंजीगत निवेश के लिए 431.62 बिलियन रुपए या कुल बजट के 58 प्रतिशत राशि का प्रावधान दिखाई देता है। इसका उपयोग मुख़्यतः शहर में नई संपत्तियों के निर्माण पर किया जाना है। दूसरी ओर राजस्व ख़र्च में वेतन, पेंशन समेत अन्य संस्थागत ख़र्च भी शामिल हैं। इसके लिए 312.04 बिलियन रुपए या कुल बजट की 41.52 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है। BMC का राजस्व बजट हमेशा से ही काफ़ी बढ़ा हुआ था और अब इसे काबू में लाने की कोशिश होती देखकर अच्छा लग रहा है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
खर्च पर ध्यान देना जरूरी
लेकिन साल जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा वैसे-वैसे राजस्व ख़र्च के बर्ताव पर पहनी नज़र रखनी ज़रूरी होगी। यहां बुनियादी ढांचे के रखरखाव का उल्लेख किया जाना भी आवश्यक है। परंपरागत रूप से म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर मैनुएल्स में मेंटेनेंस शेड्यूल दिया जाता है, जिस पर पूर्व निर्धारित समयावधि के हिसाब से अमल करना होता है। लेकिन नगरपालिका कर्मियों की ओर से होने वाली चूक की वजह से पूर्व में बुनियादी ढांचे की विफ़लता के अनेक मामले देखे गए हैं, जिसमें जनहानि भी हुई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है, कि राजस्व बजट में बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया होगा। कुछ बुनियादी सुविधाओं को नियमित रखरखाव की ज़रूरत होती है जबकि कुछ को उनकी उम्र बढ़ने के बाद भारी या बड़े रखरखाव की आवश्यकता होती है। बुनियादी ढांचे के वार्षिक निरीक्षण और उन्हें बेहतर स्थिति में रखने के लिए राशि का प्रावधान उतना ही आवश्यक है जितना आवश्यक नई बुनियादी सुविधाओं संबंधी संपत्तियों के निर्माण पर पैसा ख़र्च करना होता है।
दुर्भाग्यवश देश की अर्बन लोकल बॉडीज (ULB ) यानी शहरी स्थानीय निकाय, संसाधनों को लेकर काफ़ी संघर्ष करती हैं। यह बात GST की ओर से इन संस्थाओं के राजस्व संबंधी सभी रास्तों पर कब्ज़ा करने के बाद और भी सटीकता से लागू होती है। BMC की स्थिति और भी गंभीर है। इसका कारण यह है कि BMC पर अनेक विशाल परियोजनाओं का काम डाल दिया गया है, जो BMC की पूर्व में मजबूत रही वित्तीय स्थिति पर दबाव में डालने का काम कर रही है।
BMC का कमिटेड फंड
बजट में पहले से चल रही परियोजनाओं पर होने वाले कुल बिल यानी ख़र्च के रूप में 2.32 ट्रिलियन रुपए दर्शाए गए हैं। इस राशि को कमिटेड लायबिलिटी अर्थात प्रतिबद्ध देय राशि के रूप में दिखाया गया है। इस राशि में से 882.51 बिलियन रुपए केवल सड़क और पुलों के लिए ही रखे गए हैं। चूंकि वार्षिक बजटीय प्रावधान से यह बोझ नहीं उठाया जा सकता। इसलिए BMC को अपने भारी भरकम रिजर्व यानी जमा राशि को हाथ लगाना होगा। 817.74 बिलियन रुपए की इस जमा राशि के एक बड़े हिस्से को कमिटेड लायबिलिटी और वर्तमान में जारी निर्माण कार्य पर ही ख़र्च करने की नौबत आ गई है।
BMC के खजाने पर बोझ
ऐसे में यह साफ़ है कि महानगरपालिका के पास मौजूद जमा निधि का खजाना तेजी से खाली होता जा रहा है और यह भविष्य में बहुत ज़्यादा सहायता करने की स्थिति में नहीं होगा। चूंकि हम अनिश्चितता के दौर में रह रहे हैं, जहां अचानक आने वाला संकट शहर के सुचारू संचालन में व्यवधान डालता है। ऐसी स्थिति में स्थानीय निकाय के पास जमा निधि ही ऐसे संकट को पार करने में उसकी सहायता करती है। लेकिन भविष्य में उसे जमा निधि से सहायता मिलने की संभावना कम ही दिखाई देती है।
बड़ी परियोजनाओं के इस अत्यधिक बोझ को लेकर पड़ने वाला दबाव नगर पालिका के बजट में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसी वजह से बजट का पहला स्टेटेड ऑब्जेक्टिव यानी लिखित उद्देश्य फिस्कल डिसिप्लिन अर्थात वित्तीय अनुशासन और सस्टेनेबिलिटी यानी वहनीयता है। इसके तहत दो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। पहला है रेवेन्यू ऑग्मेंटेशन यानी राजस्व वृद्धि हासिल करना और एक्सपेंडिचर रेशनलाइजेशन यानी व्यय युक्तिकरण अर्थात सोच-समझकर ख़र्च करना। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC ने की सरकार से गुजारिश
निश्चित रूप से महापालिका प्रशासन चिंतित है और वह सिविक मशीनरी यानी नगरीय व्यवस्था को अपनी कमर कसने के लिए तैयार होने को कह रहा है। राजस्व वृद्धि करने के लिए नगरपालिका प्रशासन आय अर्जित करने या संसाधन जुटाने के नए स्रोत ख़ोज रहा है। इसकी शुरुआत करते हुए BMC ने राज्य सरकार को गुजारिश की है, कि वह महापालिका की ओर से एकत्रित किए गए प्रीमियम में राज्य सरकार की हिस्सेदारी के प्रतिशत को कम करें, ताकि स्थानीय निकाय को प्रीमियम में ज़्यादा हिस्सेदारी मिल सके। यदि राज्य सरकार ने उसकी यह गुजारिश मान ली तो 2025- 26 के दौरान ही उसे 3 बिलियन रुपए की अतिरिक्त आय होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
अधिनियम में संशोधन पर विचार
BMC ने वेकेंट लैंड टेनेंसी (VLT) यानी खाली जमीन किरायेदारी नीति भी जारी की है। इसके तहत वह उसके पास उपलब्ध खाली जमीन को दीर्घावधि की लीज पर दे सकेगा। इसके चलते BMC को 20 बिलियन रुपए मिलने की उम्मीद है। BMC इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या वह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) यूजर चार्ज लगा सकता है? ऐसा करने के लिए वह 2006 के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सैनिटेशन बायलॉज यानी अधिनियम में संशोधन करना चाहता है। उसका मानना है कि ऐसा हुआ तो वेस्ट मैनेजमेंट को इंडिपेंडेंट सस्टेनेबल यानी स्वतंत्रता के साथ वहनीय किया जा सकेगा। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC का प्लान
BMC ने कहा, कि वह स्लम्स यानी झोपड़पट्टी में आने वाले 50,000 के आसपास कमर्शियल यूनिट्स पर संपत्ति कर लगाना चाहता है। यह एक साहसिक नवाचार है और इसके चलते ULB को 3.5 बिलियन रुपए मिल सकेंगे। इसके अलावा वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जुड़े दहिसर ‘चेक नाके’ पर एक ट्रांसपोर्टेशन और कमर्शियल हब बनाने का प्रस्ताव है। इससे भी अतिरिक्त आय हासिल हो सकेगी। इसके अलावा BMC की वरली और क्रॉफोर्ड मार्केट जैसे इलाकों में अंडर यूटिलाइज्ड प्लॉट्स यानी कम उपयोग में आने वाले प्लॉट्स की नीलामी करने की भी योजना है। BMC की मनोरंजन कर वसूलने में तेजी लाने, अपनी विज्ञापन नीति को अंतिम रूप देने तथा ट्रेड लाइसेंस फ़ीस में वृद्धि करने की भी योजना है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
संसाधनों को बढ़ाना भी आय अर्जित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा बेहतर दिनों में शुरू किए गए गैर ज़रूरी ख़र्च में कटौती करके भी पैसा अर्जित किया जा सकता है। BMC अब इस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। ऐसा करने के लिए वह ख़र्च में युक्तिकरण की नीति लागू करने की इच्छुक है। इस नीति के तहत वह आस्थापना ख़र्च को न्यूनतम करने, कार्यबल की कुशलता बढ़ाने, 10 प्रतिशत ऊर्जा संरक्षण और प्वाइंट ऑफ यूटिलिटी यानी उपयोगिता के हिसाब से कार्य का चयन करना चाहती है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC की सेवाएं
BMC देश में सबसे ज़्यादा संख्या में सेवाएं मुहैया करवाती है। इसमें शिक्षा एवं स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण सामाजिक बुनियादी ढांचा भी शामिल है। यह BMC की सेवाओं में सबसे अहम क्षेत्र है। इनके लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। BMC को कुछ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने की आवश्यकता है। इसमें शहर की हवा, सॉलिड वेस्ट एंड सैनिटेशन मैनेजमेंट, ओपन स्पेसेस् और बगीचे, बाढ़ शमन एवं आपदा मुस्तैदी विशेषत: बाढ़ प्रबंधन का समावेश है। इन सभी के लिए संसाधन उपलब्ध करवाए गए हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
यह बात विशेष रूप से संशोधित BRIMSTOWAD (बृहन्मुंबई स्टॉर्म वॉटर डिस्पोजल सिस्टम) मास्टर प्लान के तहत स्टॉर्म वॉटर ड्रेंस यानी बरसाती पानी निकास नाली में की गई वृद्धि से साबित होती है। BRIMSTOWAD मास्टर प्लान में नई नालियों का निर्माण, पुरानी नालियों का विस्तार, होल्डिंग पॉन्ड्स यानी पानी को जमा करने के तालाब और नालों की संख्या में विस्तार के साथ मीठी नदी का समावेश है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC का Water Sistema
BMC सबसे पुरानी बस सेवा BEST का भी संचालन करती है। इस अंडरटेकिंग यानी उपक्रम के लिए 10 बिलियन रुपए दिए गए हैं। इस राशि से वह बसों के अपने काफिले में नई बसों को जोड़ने के साथ ही 2,000 इलेक्ट्रिक बस भी शामिल कर रहा है। मुंबई के पास दशकों से एक मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था है। वह इसे इसी तरह मजबूत बनाए रखना चाहता है। इसी वजह से शहर के जलापूर्ति एवं सीवरेज विभाग को उन्नतिकरण के लिए 134.23 बिलियन रुपए की एक भारी-भरकम राशि दी गई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
आश्चर्यजनक
आश्चर्यजनक रूप से शहर के डेवलपमेंट प्लान यानी विकास योजना (DP 2034) को लागू करने के लिए अलग से राशि का प्रावधान नहीं किया गया है। शहर में क्वॉलिटी ऑफ लाइफ यानी जिंदगी की गुणवत्ता मुख़्यत: विकास योजना के अमल पर ही निर्भर है। इस बात की संभावना है, कि व्यक्तिगत तौर पर विभागों के लिए किए गए प्रावधान के तहत विकास योजना पर होने वाला ख़र्च शामिल किया गया होगा। लेकिन बजट में DP के लिए अलग से हेड अर्थात मद बनाने को लेकर की गई सिफ़ारिश की उपेक्षा की गई है। DP में यह सिफ़ारिश की गई थी कि DP के लिए अलग से मद बनाकर उसके लिए किए गए प्रावधान को इसमें दर्शाया जाए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
निष्कर्ष
कुल मिलाकर मौजूदा स्थितियों को देखते हुए बजट में बेहतर करने का एक ईमानदार प्रयास किया गया है। लेकिन यह भी साफ़ है कि जिस ULB को देश की सबसे धनाढ्य यानी संपन्न महापालिका के रूप में पहचाना जाता था। वह अब अपने सामर्थ्य से अधिक काम लेने की वजह से मुश्किल में दिखाई दे रही है। एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की भी मांग कर रही है। यह ऐसे वक़्त में हुआ है जब निर्वाचित स्थानीय निकाय अस्तित्व में नहीं है और महापालिका पर इस वक़्त सीधे राज्य सरकार का ही नियंत्रण है। वर्तमान स्थिति में सावधानी बरतना आवश्यक है। इस स्थिति में बेकार के ख़र्च से बचने की कोशिश होनी चाहिए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
निश्चित रूप से देश की अग्रणी ULB पर 2024 में हुए राष्ट्रीय और उसके बाद नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव का असर पड़ा है। इसी तरह वह अपने आसन्न चुनावों का दबाव भी झेल रही है। इन सारे दबावों के बावजूद मौजूदा स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को आकर्षित करने वाले बुनियादी कार्यों की घोषणा करने की होड़ के कारण शहर के वित्तीय स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम न पड़े। ऐसा हुआ तो एक वक़्त आएगा जब BMC के वित्तीय संसाधनों पर इतना बोझ बढ़ेगा कि वह टूटने की कगार पर पहुंच जाएगी। ऐसा हुआ तो यह घोर त्रासदी होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
बम्बई में सफर के लिए मेट्रो का स्मार्ट कार्ड, ट्रेन का रेलवे पास या बस के लिए अलग पास लेकर चलने की जरूरत यात्रियों को नहीं होगी। किसी भी पास या स्मार्ट कार्ड के खो जाने का डर नहीं भी नही सताएगा। और तो और किसी कारणवश एक कार्ड भी छूट गया तो फिर टिकट की लंबी लाइन में अतिरिक्त रुपए खर्च करने की चिंता भी अब मुंबई के यात्रियों को नहीं होगी। इस नए स्मार्ट कार्ड के लॉन्च होने से लोगों के समय में भी बचत होगी। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)
इस कार्ड के लॉन्च होने से मुंबईकरों को अलग-अलग सवारियों के लिए टिकट खरीदने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि जो लोग सार्वजनिक परिवहन संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं, खास उनके लिए मुंबई-1 स्मार्ट कार्ड को लॉन्च किया जाने वाला है। साथ ही मुंबई के बाहर से आने वाले लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई- राज्य का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग पिछले काफी समय से मिलावटी दूध के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों पर छापेमारी कर रहा है। राज्य के अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है और वह कई जगहों पर मिलावटी दूध को लेकर छापेमारी कर चुके हैं। एफडीए विभाग के सूत्रों के मुताबिक मिलावटी खाद्य पदार्थों पर छापेमारी करने के लिए जा रही टीमों की जानकारी लीक हो जाती है, जिसकी वजह से दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थों के माफिया सतर्क हो जाते हैं और पकड़ में नहीं आते। अब इसी से निपटने के लिए अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल अपने विभाग के एक निजी फ्लाइंग स्क्वाड बनाने पर काम कर रहे हैं। जिसको लेकर वह जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
फ्लाइंग स्क्वाड की जरूरत क्यों पड़ी?
सूत्रों के मुताबिक कुछ दिनों पहले विभाग को पश्चिमी मुंबई उपनगर के एक क्षेत्र में मिलावटी दूध की जानकारी मिली थी। जैसे ही विभाग के अधिकारी मिली जानकारी के मुताबिक जगह पर पहुंचे तो दूध माफिया के लोग दूध समेत वहां से रफू चक्कर हो गए। एफडीए के अधिकारियों ने इसकी जानकारी मंत्री जिरवाल को दी। इसके बाद फैसला लिया गया कि विभाग में ही या पुलिस स्टेशन में कुछ ऐसे अधिकारी हैं जो छापेमारी करने से पहले ही माफिया के लोगों को जानकारी उपलब्ध करा देते हैं। इसकी वजह से उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। इससे निजात पाने के लिए जिरवाल ने विभागीय स्तर पर एक अपना फ्लाइंग स्क्वाड बनाने का काम शुरू किया है, जिसमें एफडीए के अधिकारियों के अलावा कुछ तेज तर्रार पुलिस अधिकारियों को भी शामिल किया जाने वाला है। ताकि छापेमारी के दौरान जानकारी लीक होने से बचा जा सके। मंत्री जिरवाल बहुत जल्द इसको लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं। इसको लेकर रूपरेखा बनाई जा रही है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
मंत्री खुद कर चुके हैं कई बार छापेमारी
मंत्री नरहरि जिरवाल ने बीते मंगलवार को देर रात दहिसर इलाके में दूध के टैंकरों को रोककर छापेमारी की थी और उनके सैंपल लिए थे। जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया। जिरवाल ने कहा, कि उन्हें पिछले काफी समय से जानकारी मिल रही थी कि मुंबई में बाहर से आ रहे दूध के टैंकरों में मिलावट का दूध हो सकता है। इसी कारण, उन्होंने दूध की जांच स्वयं करने का फैसला किया। उन्होंने इसकी जानकारी एफडीए के किसी भी अधिकारी को नहीं दी थी। छापेमारी के बाद ही उन्होंने अधिकारियों को मौके पर बुलाया और इकट्ठा किए गए सैम्पलों को जांच के लिए भेज दिया। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को खेती की जमीन पर कब्जे का विवाद आपस में निपटाने के लिए शुरू सलोखा योजना की अवधि दो साल के लिए और बढ़ा दिया है। अब सलोखा योजना 1 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा। इससे खेत जमीन धारकों के विवाद निपटाने की स्थिति में मुद्रांक शुल्क नाम मात्र एक हजार रुपए और पंजीयन फीस भी एक हजार रुपए वसूला जाएगा। सोमवार को राज्य के राजस्व विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। इसके मुताबिक राज्य में 1 जनवरी 2023 से लागू सलोखा योजना की अवधि 2 जनवरी 2025 तक थी। अब सरकार ने दो साल यानी 2 जनवरी 2025 से 1 जनवरी 2027 तक की अवधि को बढ़ा दिया है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
राज्य में फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क 5 रुपए बढ़ा
महाराष्ट्र सरकार ने फ्रैंकिंग मशीन के जरिए दस्तावेज पर मुहर लगाने के लिए सेवा शुल्क की राशि को 10 रुपए से बढ़ाकर 15 रुपए कर दिया है। इससे अब फ्रैंकिंग के लिए प्रति दस्तावेज 5 रुपए अतिरिक्त राशि देनी होगी। सोमवार को राज्य के राजस्व विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। सरकार ने फ्रैंकिंग के लिए मौजूदा राशि की मर्यादा 5 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दी गई है। यानी फ्रैंकिंग के लिए अधिकृत बैंक और वित्तीय संस्थाएं अब 10 हजार रुपए तक की फ्रैंकिंग कर सकेंगी। महाराष्ट्र मुद्रांक शुल्क अधिनियम के तहत फ्रैंकिंग के जरिए मुद्रांक शुल्क भरने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक, शेडयुल बैंक, सहकारी बैंक, पोस्ट ऑफिस और वित्तीय संस्थाओं को अधिकृत किया गया है। सरकार का कहना है कि मुंबई के अतिरिक्त मुद्रांक नियंत्रक की अध्यक्षता में 28 जून 2024 को समिति का गठन किया गया था। इस समिति की सिफारिशों के अनुसार सरकार ने फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क और फ्रैंकिंग की न्यूनतम राशि की सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
पश्चिम रेलवे के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अंधेरी रेलवे स्टेशन का फुट ओवर ब्रिज सोमवार 7 अप्रैल से बंद कर दिया जाएगा। यहां मरम्मत कार्य के चलते ब्रिज को बंद किया जा रहा है जो 6 जून 2025 के बाद फिर से खोल दिया जाएगा। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
मुम्बई: गुरुवार को अंधेरी रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज को लेकर पश्चिमी रेलवे (Western Railway) ने एक घोषणा कर दी है। अंधेरी रेलवे स्टेशन पर एक फुट ओवर ब्रिज (FOB) लगभग 3 महीने तक मरम्मत कार्यों के कारण जनता के लिए बंद रहेगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुंबई के अंधेरी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 के बीच फुट ओवर ब्रिज की दक्षिण की ओर की सीढ़ी के प्रतिस्थापन कार्य के संबंध में, सीढ़ी 7 अप्रैल से 6 जून 2025 तक बंद रहेगी।(Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
पश्चिमी रेलवे ने एक बयान में कहा, “यात्रियों से अनुरोध किया जाता है कि वे अपनी सुविधा के लिए स्टेशन पर उपलब्ध वैकल्पिक सीढ़ियों और फुट ओवर ब्रिज का उपयोग करें।” इस फुट ओवर ब्रिज का मरम्मत कार्य लगभग 3 महिनों तक चलने वाला है। पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की असुविधा के लिए खेद भी प्रकट किया। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
सफलतापूर्वक उद्घाटन
इस बीच, पश्चिमी रेलवे ने वानखेड़े स्टेडियम एफओबी का सफलतापूर्वक पुनर्निर्माण और उद्घाटन किया, जिससे प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 मैचों से पहले क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा सुनिश्चित हुई, एक आधिकारिक बयान में पहले कहा गया था, कि मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) से आवश्यक धन प्राप्त करने के बाद एफओबी का पुनर्निर्माण केवल आठ महीनों में पूरा हुुआ। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
अधिकारी ने क्या कहा?
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि नवनिर्मित एफओबी अब दो सीढ़ियों के साथ चालू है – एक पूर्व की ओर और दूसरी पश्चिम की ओर, दोनों उत्तर दिशा की ओर हैं। उन्होंने कहा, “इससे पैदल यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी, खासकर आगामी आईपीएल मैचों के दौरान। 48 मीटर लंबाई और 6.30 मीटर चौड़ाई वाले एफओबी का 6.50 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण किया गया है। पूर्व और पश्चिम की ओर की दो अन्य दक्षिण की ओर सीढ़ियाँ 7 अप्रैल, 2025 तक एमसीए को सौंप दी जाएँगी। सुरक्षा और दृश्यता बढ़ाने के लिए एमसीए द्वारा लाइट और निगरानी कैमरे लगाए गए हैं।” (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
एफओबी का लाभ
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे द्वारा किए गए सुरक्षा ऑडिट के बाद मूल एफओबी को जून 2020 में बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “इस महत्वपूर्ण पैदल यात्री संपर्क मार्ग को बहाल करने की आवश्यकता को समझते हुए, पश्चिम रेलवे ने इसे पूरा करने के लिए समर्पित प्रयासों के साथ पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू की। पश्चिम रेलवे समय पर बुनियादी ढांचे में सुधार के माध्यम से यात्री सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस एफओबी के फिर से खुलने से क्रिकेट प्रेमियों और यात्रियों को समान रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।” (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)