Category: Local News

  • मुंबई लोकल ट्रेन के यात्रियों की बल्ले-बल्ले, रोज मिलेंगे 10 हजार और हफ्ते में 50 हजार रुपये का इनाम

    मुंबई लोकल ट्रेन के यात्रियों की बल्ले-बल्ले, रोज मिलेंगे 10 हजार और हफ्ते में 50 हजार रुपये का इनाम

    Mumbai Local Lucky Yatri Yojana : अगर आप मुंबई लोकल ट्रेन से सफर करते हैं, तो अब आपके पास हर दिन 10 हजार रुपये से लेकर सप्ताह में 50 हजार रूपये तक जीतने का शानदार मौका है। 8 हफ्ते तक चलेगी लक्की यात्री योजना। भ्रष्टाचार या अधिकारियों का मुनाफा? (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    Mumbai Local Train: मुंबई में लोकल ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। मध्य रेलवे (Central Railway) ने यात्रियों के लिए ‘लकी यात्री योजना’ (Lucky Yatri Yojana) शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत यात्रियों को वैध टिकट या पास होने पर हर दिन 10,000 रुपये और हर हफ्ते 50,000 रुपये तक जीतने का मौका मिल सकता है। लेकिन इस योजना के शुरू होने से पहले ही कालाबाजारी को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    किसको और कैसे मिलेगा इनाम?

    मध्य रेल की घोषणा के मुताबिक, हर दिन एक भाग्यशाली यात्री को 10,000 रुपये मिलेंगे। इसके अलावा हर एक हफ्ते में एक बंपर इनाम की घोषणा की जाएगी जिसमें जीतने वाले विजेता यात्री को 50,000 रुपये का बंपर इनाम दिया जाएगा। मध्य रेल लाइन के हर रेलवे स्टेशनों पर टिकट चैकिंग के दौरान रैंडम तरिके से विजेताओं का चयन किया जाएगा। टिकट चैकिंग के दौरान चुने गए यात्री को अपना वैध टिकट या पास दिखाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही खास बात यह है कि यह योजना सभी तरह के टिकट और पास पर यात्रा कर रहे सभी यात्रियों के लिए लागू होगा। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    Lucky Yatri Yojana

    मध्य रेलवे के रेल यात्रियों के आंकड़ों के मुताबिक, लोकल ट्रेन से हर दिन 40 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं, जिनमें से लगभग 20 प्रतिशत यात्री बिना टिकट यात्रा करते हैं और रोजाना लगभग 4,000 से 5,000 यात्री बिना टिकट पकड़े जाते हैं। ऐसे यात्रियों को वैध टिकट खरीदने को लेकर प्रोत्साहित करने के लिए रेलवे ने ‘लकी यात्री योजना’ की शुरूआत कर रही है। मध्य रेल प्रशासन का मानना है कि इससे लोग आकर्षित होंगे और ज्यादा से ज्यादा टिकट की बिक्री होगी। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    भ्रष्टाचार या अधिकारियों का मुनाफा?

    मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्नील नीला ने बताया कि “लकी यात्री योजना यात्रियों को टिकट खरीदने के लिए प्रेरित करने और नियमित यात्रियों को इनाम देने के लिए बनाई गई है। हर दिन एक यात्री को 10,000 रुपये और हर हफ्ते एक यात्री को 50,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।” लेकिन इस योजना के तहत काफ़ी गड़बड़ी होने की भी संभावना जताई जा रही है। एक यात्री ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस योजना का लोग गलत फायदा भी उठा सकते हैं। रेलवे स्टेशन पर विजेता का चयन करने वाले भी इसका भरपूर फायदा उठा सकते हैं। फिलहाल मुंबईकरों को ऐसी योजना की जरूरत नही है। हां लेकिन सरकारी भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मुनाफा कमाने का रास्ता खुल सकता है। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    कब से लागू होगी योजना?

    लकी यात्री योजना अगले हफ्ते से शुरू होने की उम्मीद है। विजेता का चयन स्टेशनों पर टिकट चेकर द्वारा रैंडम तरीके से किया जाएगा। भाग्यशाली यात्री से वैध टिकट या सीजन पास दिखाने के लिए कहा जाएगा। सत्यापन के बाद नकद पुरस्कार तुरंत विजेता यात्री को दे दिया जाएगा। अगले सप्ताह से शुरू होने वाली यह योजना आठ सप्ताह तक चलेगी। एफसीबी इंटरफ़ेस कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रायोजित इस योजना के लिए यात्रियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

  • मुम्बई में सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट

    मुम्बई में सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट

    इस जटिल प्रक्रिया ने नई आशा का संचार किया है, जो बल्ड ग्रुप के भिन्नताओं पर नियंत्रण पाने में प्रत्यारोपण की संभावनाओं को उजागर करता है। देश में हजारों मरीज डायलिसिस पर निर्भर हैं। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    मुम्बई: देशभर में हजारों मरीज डायलिसिस पर निर्भर हैं। इसी बीच, मुम्बई के नानावटी अस्पताल ने एक अनोखी चिकित्सा उपलब्धि हासिल की है। विले पार्ले स्थित नानावटी मैक्स अस्पताल ने चेंबूर के सुश्रुत अस्पताल के सहयोग से मुम्बई का पहला मल्टी-हॉस्पिटल थ्री-पेयर डोमिनो किडनी ट्रांसप्लांट किया है। इस जटिल प्रक्रिया ने गुर्दे की बीमारी से ग्रसित तीन मरीजों को नई आशा दी है, जो रक्त समूह असंगति को दूर करने में युग्मित विनिमय प्रत्यारोपण की क्षमता को दर्शाती है। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    सर्जरी की एक जटिल प्रक्रिया में छह विभिन्न चरण शामिल थे, जिसमें नानावटी मैक्स अस्पताल में दो अंग पुनर्प्राप्ति और प्रत्यारोपण किए गए, जबकि सुश्रुत अस्पताल में एक सेट किया गया। इस समन्वित प्रयास ने तीन अलग-अलग परिवारों के तीन दाताओं और तीन प्राप्तकर्ताओं को एक साथ लाया, जिससे एक डोमिनो श्रृंखला बनी, जिसने असंगत रक्त समूहों में सफल प्रत्यारोपण को संभव बनाया। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    डायलिसिस से परेशान

    पहला प्राप्तकर्ता, मुम्बई के भिंडी बाजार का 36 वर्षीय व्यक्ति था, जो पिछले दो वर्षों से डायलिसिस करवा रहा था। उसकी माँ एक संभावित दाता थीं और उनके मैच होने की संभावना अच्छी थी। लेकिन जब डॉक्टरों ने एक स्वैप प्रक्रिया का सुझाव दिया, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी, तो उनकी माँ ने निस्वार्थता से 57 वर्षीय महिला को अपनी किडनी दान करने के लिए सहमति दे दी, जो दो साल से प्रतीक्षा सूची में थी और उसे नियमित डायलिसिस की आवश्यकता थी। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    57 साल की महिला के पति ने अपनी किडनी दान करने का फैसला किया, लेकिन उनके अलग-अलग बल्ड ग्रुप के कारण यह संभव नहीं हो पाया। ओ-पॉजिटिव डोनर होने के नाते, सही मिलान खोजना काफी मुश्किल था। फिर एक स्वैप व्यवस्था के जरिए, महिला के पति ने रत्नागिरी के 25 वर्षीय डायलिसिस तकनीशियन को अपनी किडनी दान की, जो क्रोनिक किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों की मदद कर रहा था। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    युवा तकनीशियन को दो महीने पहले किडनी फेल होने का पता चला, जब उसके सहकर्मियों ने उसके स्वास्थ्य में गिरावट देखी। उसके परिवार में कोई उपयुक्त दाता नहीं था और पैसे की कमी के कारण उसकी जान बचाने की संभावना बहुत कम थी, जब तक कि डोमिनो ट्रांसप्लांट ने एक संभावित समाधान नहीं दिया। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    सबसे वडी समस्या

    इस श्रृंखला का समापन करते हुए, एक 50 वर्षीय तकनीशियन की मां ने 36 वर्षीय भिंडी बाजार निवासी को अपनी किडनी दान की। यह समन्वित आदान-प्रदान का अंतिम चरण था। यह प्रत्यारोपण प्रक्रिया मंगलवार, 18 मार्च 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हुई, और सभी मरीज अब स्वस्थ हो रहे हैं। डॉ. जतिन कोठारी ने कहा, “किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डोमिनो दृष्टिकोण उन मरीजों के लिए सहायक होता है, जिन्हें अन्यथा शव के अंगों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। कई लोगों के लिए, यह एकमात्र आशा की किरण होती है, खासकर जब परिवारों में दाता का मिलान नहीं हो पाता।” (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    क्या करना चाहिए?

    डॉ. कोठारी ने शहर या राज्य के अस्पतालों में दाता और प्राप्तकर्ता के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक केंद्रीकृत रजिस्ट्री की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “एक एकीकृत रजिस्ट्री बनाने से हमें एक बड़ी डोमिनो श्रृंखला तैयार करने में मदद मिलेगी, जिससे हम अधिक जरूरतमंद मरीजों की सहायता कर सकेंगे।” मैक्स हेल्थकेयर के निदेशक और मुख्य परिचालन अधिकारी (पश्चिमी क्षेत्र) डॉ. विवेक तलौलीकर ने इस प्रक्रिया में टीमवर्क और सटीकता की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह तीन-जोड़ी डोमिनो प्रत्यारोपण हमारी गुर्दे की देखभाल और मरीज-केंद्रित समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अस्पतालों में डोमिनो श्रृंखला को बढ़ाने से अनोखे प्रत्यारोपण की संख्या में कमी आएगी, जिससे मरीजों पर नैदानिक और वित्तीय दबाव दोनों कम होंगे।” (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    इस तीन-जोड़ी डोमिनो प्रत्यारोपण की सफलता नानावटी मैक्स अस्पताल की गुर्दे की देखभाल और नवीन प्रत्यारोपण समाधानों में नेतृत्व को उजागर करती है। अस्पताल अंग दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और संभावित दाताओं को अंगों की उपलब्धता में महत्वपूर्ण अंतर को कम करने के लिए प्रेरित करता है। युग्मित विनिमय प्रत्यारोपण की क्षमता को प्रदर्शित करते हुए, यह मील का पत्थर अंतिम चरण के गुर्दे की विफलता से ग्रस्त रोगियों के लिए परिणामों में सुधार और जीवन रक्षक उपचारों की पहुंच को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

  • मुम्बई के लीलावती अस्पताल में काला जादू का साम्राज्य, खुदाई में मिले कलश और कंकाल

    मुम्बई के लीलावती अस्पताल में काला जादू का साम्राज्य, खुदाई में मिले कलश और कंकाल

    मुम्बई के मशहूर लीलावती अस्पताल में खुदाई के दौरान इंसान की हड्डियां, 8 कलश, बाल और काले जादू में इस्तेमाल सामान मिलने से सनसनी फैल गई है। ट्रस्टियों ने आरोप लगाया है कि यहां काला जादू होता था। सारे आरोपियों ने देश छोड़ दिया। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

    मुम्बई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी बम्बई के मशहूर एवं जाने-माने लीलावती अस्पताल के मौजूदा ट्रस्टियों ने अस्पताल के पूर्व ट्रस्टियों पर 1200 करोड़ रुपये का घोटाला और काला जादू करने का आरोप लगाया है। प्रशांत मेहता और परमवीर सिंह की तरफ से आरोप लगाया गया कि पूर्व ट्रस्टियों ने ट्रस्ट के अध्यक्ष के बैठने वाले केबिन में काला जादू किया और जमीन में गाड़ दिया।  बता दे कि पूर्व ट्रस्टियों मे से एक दिवंगत और बाकी 7 विदेश चले गए हैं। सभी आपस में रिश्तेदार भी हैं। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

    बकौल प्रशांत मेहता वह अभी जिस केबिन में बैठ रहे हैं वहां के बारे में अस्पताल के कुछ पूर्व कर्मचारियों ने उन्हें बताया था कि इस कमरे में काला जादू किया गया है। इसके बाद प्रशांत मेहता ने उस कमरे की खुदाई कराई और फर्श के नीचे से 8 कलश मिले जिसमें इंसानी हड्डियां, बाल और काला जादू में इस्तेमाल किए जाने वाले अलग-अलग समान मिले हैं। ख़ुदाई के दौरान उन्होंने विडियोग्राफी और कुछ बाहर के लोगों को पंच के तौर पर खड़ा किया। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

    कोर्ट कर रही है तफतिश

    प्रशांत मेहता के मुताबिक उन्होंने इस खुदाई की वीडियोग्राफी भी करवाई है और इंडिपेंडेंस विटनेस को भी उस दौरान यहां पर मौजूद रखा था। काला जादू को लेकर एक शिकायत बांद्रा पुलिस थाने में लीलावती अस्पताल की तरफ से की गई है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। लीलावती अस्पताल के मुताबिक उन्होंने काला जादू के मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिसके बाद कोर्ट खुद इस मामले की इंक्वारी कर रही है और अगर कोर्ट को लगा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज किया जाना चाहिए, तो कोर्ट पुलिस को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे सकती है। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

    विदेश में हैं फरार

    मौजूदा ट्रस्टी प्रशांत मेहता और अस्पताल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर परमबीर सिंह (पूर्व मुम्बई पुलिस कमिश्नर) के मुताबिक अस्पताल का निर्माण साल 1997 में प्रशांत मेहता के पिता किशोर मेहता ने करवाया था। फिलहाल अस्पताल का ट्रस्ट प्रशांत मेहता के हाथ में ही है। 1200 करोड़ के गबन का आरोप लगाते हुए लीलावती अस्पताल के मौजूदा ट्रस्टियों ने 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है जिसमें पूर्व ट्रस्टी विजय मेहता (दिवंगत) के सात रिश्तेदार भी हैं जो कभी न कभी लीलावती ट्रस्ट का हिस्सा रहे हैं जिन लोगों पर आरोप लगा है वो फ़िलहाल विदेश में बताए जा रहे हैं। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

  • मुम्बई का सायन ब्रिज 110 साल बाद गिरने के लिए है तैयार

    मुम्बई का सायन ब्रिज 110 साल बाद गिरने के लिए है तैयार

    मुम्बई के सायन रेलवे स्टेशन के नजदीक ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और एलबीएस मार्ग को जोड़ने वाला लगभग 110 साल पुराना ब्रिज तुटने जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका इसकी जगह पुन:निर्माण के साथ पुल को चौडा भी करेगी। इस निर्माण कार्य मे होने वाली रोकावट को सुलझा लिया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    मुम्बई: सायन के एलबीएस मार्ग को ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे जोड़ने वाला ब्रिज काफ़ी पुराना हो गया है। रेलवे ट्रैक के उपर से गुजने वाले इस ब्रिज के गिरने से कभी भी दुर्घटना हो सकती है। इस कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके पुन:निर्माण का फैसला किया है। जबकि इस निर्माण कार्य मे एक सार्वजनिक शौचालय और कई पेड़ बांधा बन रही थी। हालांकि इन बाधाओं का निपटारा हो गया है। अब जल्द ही पुल को गिराने का काम शुरू हो जाएगा। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    मुम्बई के सायन ब्रिज को गिराने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है, क्योंकि सार्वजनिक शौचालय, जो बाधा बना हुआ था, शुक्रवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसे हटा दिया है। पुल के जमीनी स्लैब को हटाने का काम भी शुरू हो गया है, जिससे पुल को गिराने की प्रक्रिया में तेजी आ गई है। बाधा डालने वाले पेड़ों की छंटाई की अनुमति भी पहले से मिली हुई है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    आप को बता दें कि अगस्त 2024 में सायन ब्रिज को बंद करने के छह महीने बाद, चार पेड़ और एक शौचालय का स्ट्रक्चर तोडफोड प्रक्रिया में बाधा बन रहे थे। सूत्रों ने बताया कि अतिक्रमणकारी शौचालय के ऊपर रहकर समस्या पैदा कर रहे थे, लेकिन अब सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया है और शौचालय के स्ट्रक्चर से बिजली कनेक्शन को भी हटा कर शौचालय के स्ट्रक्चर को गिरा दिया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    50 करोड़ की लागत

    एक अधिकारी ने बताया, कि नीचे रेल यातायात को बाधित किए बिना स्ट्रक्चर को दो भागों में गिराया जा रहा है। ब्रिज को हटाने से पहले, रेलवे ट्रैक के दोनों ओर एक रिटेनिंग स्ट्रक्चर के साथ मजबूती से बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि ट्रैक पर कोई उल्लंघन न हो। तोडफोड का काम पूरा होने के 30 महीने बाद नया पुल बनकर तैयार हो जाएगा। रि-डेवलपमेंट के साथ-साथ एप्रोच रोड की अनुमानित लागत लगभग 50 करोड़ रुपये है, जिसे बीएमसी और रेलवे के बीच साझा किया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    कितना पुराना है ये ब्रिज?

    110 साल पुराना यह पुल ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड और धारावी रोड से जोड़ता है, जिसे कुछ साल पहले खतरनाक घोषित किया गया था। सायन रोड ब्रिज की आईआईटी ब्रिज ऑडिट रिपोर्ट में  2020 की शुरुआत में ही पुल की जर्जर स्थिति के बारे में चेतावनी दी थी, जिसमें कहा गया था, कि इसे चलती रेल लाइनों के ऊपर लटकाए रखना बेहद खतरनाक है क्योंकि इसकी आयु समाप्त हो चुकी है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    अतिरिक्त रेलवे लाइन का निर्माण

    सेंट्रल रेलवे (CR) और बीएमसी संयुक्त रूप से पुल का पुन:र्निर्माण करेंगी और रेलवे क्षेत्र के नीचे कोई स्पैन नहीं होने से दो और रेल लाइनों के लिए जगह बनाई जाएगी, जो पांचवीं और छठी लाइनों का हिस्सा होने वाली है। रेलवे के हिस्से पर पुल की लंबाई 40 से बढ़ाकर 51 मीटर की जाएगी। इसके साथ ही नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किये जा रहे हैं। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    बनेगा आइलैंड प्लेटफॉर्म

    नई लाइनें बिछाने के लिए, मौजूदा सायन रेलवे स्टेशन को नई रेल लाइनों और प्लेटफार्मों को मिलाने के लिए थोड़ा पश्चिम की ओर स्थानांतरित किया जा रहा है। एलबीएस रोड के ठीक बगल में एक नया रेल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जबकि मौजूदा प्लेटफॉर्म जिस पर पुरानी हेरिटेज झोपड़ी खड़ी है, उसे एक आइलैंड प्लेटफॉर्म में बदल दिया जाएगा, जिसके दोनों तरफ ट्रेनें चलेंगी। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    फुट ओवरब्रिज का होगा निर्माण

    सेंट्रल रेलवे (CR) के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अगले कुछ दिनों में बिजली के तारों को हटा दिया जाएगा और स्थानीय लोगों के लिए फुट ओवरब्रिज बनाने के लिए कुछ जमीन की आवश्यकता होगी। बीएमसी ने जमीन को पट्टे (किराए) पर दे दिया है और इस मुद्दे को सुलझाया जा रहा है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

  • Mumbai News: मुम्बई में तंदूर भट्टियों पर लगी रोक, लाइसेंस होंगा रद्द

    Mumbai News: मुम्बई में तंदूर भट्टियों पर लगी रोक, लाइसेंस होंगा रद्द

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने कोयले से चलने वाले तंदूर भट्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। मुम्बई बीएमसी ने इस संबंध में होटलों, रेस्तरां और ढाबों को नोटिस भेजे हैं। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    मुम्बई: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के आदेश के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुम्बई के होटलों, रेस्तरां और ढाबों में तंदूर रोटियां बनाने के लिए तंदूरी भट्टी मे कोयला और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसा नहीं है कि अब होटलों में आप को तंदूरी रोटी नही मिलेगी। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके लिए अलग-अलग होटल मालिकों और संचालकों को भट्टियों के विकल्प का सुझाव दिया है। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वयं इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुंबई महानगर पालिका की ओर से इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    BMC का नोटिस जारी

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने इस संबंध में सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को नोटिस जारी कर दिया है। बीएमसी की इस कार्रवाई पर कुछ होटल मालिकों ने नाराजगी जताई है। कुछ लोगों का कहना है कि लकड़ी और कोयले की भट्टियां बंद करने से तंदूरी रोटी का स्वाद बदल जाएगा। हालांकि अदालत के आदेश के अनुसार, अब तंदूरी कोयला भट्टियों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    बीएमसी ने नोटिस में क्या कहा?

    बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीएमसी ने कोयला और लकड़ी के भट्टियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बीएमसी ने कोयले से चलने वाले तंदूर ओवन का उपयोग करने वाले रेस्तरां, होटल और ढाबों को नोटिस जारी किया है। रसोईघर में कोयले से चलने वाली भट्टियों के स्थान पर बिजली उपकरण, सीएनजी, पीएनजी और एलपीजी ईंधन का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    लायसेंस होगा रद्द ..

    बीएमसी ने होटल संचालकों को 7 जुलाई तक कोयला और लकड़ी से चलने वाले तंदूर ओवन को इलेक्ट्रिक उपकरणों में बदलने का निर्देश दिया है। बीएमसी ने नोटिस में चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय का पालन नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। खास कर नोटिस में यह भी बताया गया है कि ऐसा नहीं किए जाने पर लायसेंस भी रद्द किया जा सकता है। ऐसे में होटल मालिकों के पास बीएमसी के आदेशों का पालन करने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं रह गया है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

  • अब गर्भवती महिला 25 हफ्ते बाद भी गर्भपात करा सकती है- Bombay High Court

    अब गर्भवती महिला 25 हफ्ते बाद भी गर्भपात करा सकती है- Bombay High Court

    बॉम्बे हाई कोर्ट ने 25 हफ्ते बाद भी एक गर्भवती महिला को अपने पसंदीदा नीजी अस्पताल में गर्भपात की मंजूरी दे दी है। हालांकि MTP कानून इसकी इजाजत नहीं देता। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    मुम्बई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक 35 वर्षीय महिला को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) नियमों में कुछ तकनीकीताओं के बावजूद अपनी 25-सप्ताह की गर्भावस्था को अपनी पसंद के निजी अस्पताल में समाप्त करने की अनुमति दे दी, जो निजी संस्थानों को 24 सप्ताह से अधिक के गर्भधारण के लिए ऐसी प्रक्रियाएं करने से रोकता है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    भ्रूण के दिल की धड़कन

    महिला मुंबई के मालाड इलाके में अपने चुने हुए निजी अस्पताल में गर्भपात कराना चाहती थी, और उसने गर्भपात के तरीकों के संबंध में केंद्र द्वारा तय किए गए दिशानिर्देशों को अपनाने के लिए प्रक्रिया करने वाले एक डॉक्टर से अनुमति मांगी। राज्य सरकार ने भी केंद्र के इन दिशानिर्देशों को अपनाया है और ऐसी स्थिति में भ्रूण की दिल की धड़कन को रोकने का प्रावधान किया है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले की पीठ ने निजी अस्पतालों से जुड़े एमटीपी नियमों के कानूनी मुद्दे पर विचार किया। हालांकि, इमर्जेंसी को देखते हुए, पीठ ने याचिकाकर्ता को निजी अस्पताल से एक हलफनामा प्राप्त करने का निर्देश दिया, जिसमें कहा गया हो कि उनके पास प्रक्रिया करने के लिए सभी सुविधाएं हैं। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    MTP नियम क्या कहता है?

    वर्तमान एमटीपी नियम निजी संस्थानों को केवल 24 सप्ताह तक के गर्भपात करने की अनुमति देता है। नियमों के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो निजी अस्पतालों को 24-सप्ताह की सीमा से ज्यादा वाले गर्भ को समाप्त करने के लिए मंजूरी लेने की अनुमति देता हो, इस वजह से याचिकाकर्ता अपनी पसंद के अस्पताल में गर्भपात की प्रक्रिया को सुरक्षित करने में असमर्थ हो गई थी। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    गर्भवती की जान बचाना जरूरी

    याचिकाकर्ता के वकील, मीनाज़ काकालिया ने तर्क दिया कि महिला को अस्पताल चुनने की अनुमति दी जानी चाहिए और केंद्र सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शन बिंदुओं के अनुसार अपनी पसंद की गर्भपात प्रक्रिया से गुजरने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने 20 सप्ताह से अधिक के गर्भपात से जुड़े मामलों के लिए मार्गदर्शन बिंदु का उल्लेख किया, जो भ्रूण को जीवित प्रसव से बचाने के लिए यदि आवश्यक हो तो भ्रूण के दिल की धड़कन को रोकने की अनुमति देता है। काकालिया ने आगे बताया, कि “यह प्रक्रिया ऑपरेशन गर्भपात प्रक्रिया के हिस्से के रूप में उपलब्ध होनी चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने अनुरोध किया, कि “अदालत निजी चिकित्सा व्यवसायी को इन दिशानिर्देशों का पालन करने की अनुमति दे।” (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    सरकारी सर जे जे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स और ग्रांट मेडिकल कॉलेज के एक मेडिकल बोर्ड ने महिला के मामले की समीक्षा की थी और पाया था कि भ्रूण कुछ विसंगतियों से ग्रस्त था। अभी के लिए, अस्पताल के हलफनामे में कहा गया है कि उनके पास गर्भपात के लिए आवश्यक मंजूरी है और उनके पास आक्रामक प्रक्रियाओं सहित सोनोग्राफी करने के लिए सभी सुविधाएं हैं, और उन्हें एमटीपी नियमों के अनुसार पूर्व-गर्भाधान और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन पर प्रतिबंध) अधिनियम, 2003 के तहत लाइसेंस प्राप्त है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    कोर्ट ने क्या कहा?

    पीठ ने अपने आदेश में कहा, “याचिकाकर्ता की प्रजनन स्वतंत्रता के अधिकार, शरीर पर उसकी स्वायत्तता और पसंद के अधिकार, याचिकाकर्ता की चिकित्सा स्थिति को ध्यान में रखते हुए और मेडिकल बोर्ड के निष्कर्षों और राय पर विचार करने के बाद, हम याचिकाकर्ता को गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति देते हैं। याचिकाकर्ता ने अपनी इच्छा का संकेत दिया है कि प्रसव प्रक्रिया आदि उसकी अपनी पसंद के अस्पताल में की जाएगी। हम उसे ऐसा करने की अनुमति देते हैं।” (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    पीठ ने कहा कि वह एमटीपी नियमों में खामियों से संबंधित काकालिया द्वारा उठाए गए बड़े मुद्दे को बाद की तारीख में विचार के लिए खुला छोड़ देगी और सुनवाई 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

  • अडानी ग्रुप कांदिवली में 1,000 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाएगा

    अडानी ग्रुप कांदिवली में 1,000 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाएगा

    गौतम अदाणी के नेतृत्व वाले बिज़ली सप्लायर समूह ने मुंबई और अहमदाबाद में दो एकीकृत स्वास्थ्य अस्पतालों के निर्माण के लिए ₹6,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बनाई है, जिन्हें अदाणी हेल्थ सिटीज कहा जाएगा। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

    मुंबई: अदाणी समूह ने सोमवार को घोषणा की कि वह अमेरिका स्थित मेडिकल सेंटर मेयो क्लिनिक के साथ साझेदारी में मुंबई और अहमदाबाद में 1,000 बिस्तरों वाले अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निर्माण करेगा। गौतम अडानी के नेतृत्व वाले पोर्ट-टू-एनर्जी समूह ने दो एकीकृत स्वास्थ्य परिसरों के निर्माण के लिए ₹6,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बनाई है, जिन्हें अडानी हेल्थ सिटीज (Adani Health City) कहा जाएगा। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

    कांदिवली स्थित मुंबई का सबसे बड़ा निजी अस्पताल होगा। वर्तमान में, अंधेरी पश्चिम में कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल और मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट 750 बिस्तरों की क्षमता के साथ मुंबई की सबसे बड़ी चिकित्सा सुविधा है। अंधेरी पूर्व में नागरिक स्वामित्व वाले सेवनहिल्स अस्पताल में 1,500 बिस्तरों तक विस्तार करने की क्षमता है, लेकिन राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण में चल रहे विवाद के कारण वर्तमान में यह केवल 400 बिस्तरों का संचालन करता है। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

    देश भर में सस्ती चिकित्सक

    अदाणी समूह भारत भर के शहरों और कस्बों में ऐसे और अधिक परिसर बनाने की योजना बना रहा है। एक प्रेस बयान के अनुसार, वे सस्ती, विश्व स्तरीय चिकित्सा देखभाल और चिकित्सा शिक्षा प्रदान करेंगे। इस पहल को समूह की गैर-लाभकारी स्वास्थ्य सेवा शाखा के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

    मेडिकल कॉलेज का निर्माण

    बयान में कहा गया है कि इनमें से प्रत्येक एकीकृत स्वास्थ्य परिसर में 1,000 बिस्तरों वाले बहु-सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल, 150 स्नातक, 80 से अधिक निवासियों और 40 से अधिक अध्येताओं के वार्षिक प्रवेश वाले मेडिकल कॉलेज, स्टेप-डाउन और संक्रमणकालीन देखभाल सुविधाएं और अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाएं शामिल होंगी। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

  • Mumbai: मेट्रो रेल लाइनों के नीचे शेयर ऑटो स्टैंड हैं लेकिन ऑटो नहीं, यात्री परेशान

    Mumbai: मेट्रो रेल लाइनों के नीचे शेयर ऑटो स्टैंड हैं लेकिन ऑटो नहीं, यात्री परेशान

    मुंबई में मेट्रो रेल लाइन स्टेशनों के नीचे शेयर ऑटो स्टैंड बना दिए गए हैं। लेकिन ऑटो नहीं मिलने से यात्री परेशान हो रहे हैं। मेट्रो लाइंस के स्टेशनों के पास ‘शेयर ऑटो स्टैंड’ का एक नीले रंग का बोर्ड लगा है, जिसमें एक ऑटो रिक्शा का ग्राफिकल चित्र, क्यूआर कोड और फ़ेयर चार्ट भी दिया गया है।

    मुंबई: शहर में मेट्रो रेल यात्रियों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जैसे कि महा मुंबई मेट्रो रेल लाइन 2A और 7 के स्टेशनों के नीचे प्रशासन द्वारा शेयर ऑटो स्टैंड बना तो दिए हैं। लेकिन ऑटो नहीं मिलने से यात्री परेशान रहते हैं। मेट्रो लाइंस के स्टेशनों के पास ‘शेयर ऑटो स्टैंड’ का एक नीले रंग का बोर्ड लगाए है, जिसमें एक ऑटो रिक्शा का ग्राफिकल चित्र, क्यूआर कोड और फ़ेयर चार्ट भी दिया गया है। 

    लेकिन हकीकत यह है कि इन ऑटो रिक्शा स्टैंडों पर मुश्किल से ही कोई ऑटो रिक्शा दिखाई देती है। सबसे ज़्यादा 20 किमी लंबे अंधेरी (प.)-दहिसर-गुंदवली मेट्रो मार्ग पर ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ की स्थिति बेहद खराब है। मेट्रो लाइनों 2A और 7 के कई स्टेशनों पर केवल अंधेरी (प.), आरे, कुरार, लोअर ओशिवारा और जोगेश्वरी (पूर्व) जैसे कुछ स्टेशनों पर ही ऑटो रिक्शा स्टैंड के पास खड़े हुए दिखाई देते हैं। । (Mumbai News There are shared auto stands under the metro rail lines but no autos, passengers upset)

    नए स्टैंड बनाने की योजना

    हाल ही में ऑटो टैक्सी किराया वृद्धि के दौरान परिवहन विभाग द्वारा एक्वा लाइन मेट्रो-3 (Aarey-BKC मार्ग) रूट पर 20 स्टेशनों पर शेयर ऑटो स्टैंड खडे करने की योजना बनाई है। इससे पहले अगस्त 2023 में, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (MMRTA) ने लाइन 2A और 7 के 28 मेट्रो स्टेशनों के बाहर शेयर ऑटो-टैक्सी स्टैंड को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य यात्रियों को लास्ट माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना था।

    पहले हुआ सर्वे फिर बने स्टैंड

    आरटीओ के सूत्र बताते हैं, कि मेट्रो लाइन 2A के 17 रेलवे स्टेशनों और लाइन 7 के 14 स्टेशनों पर सर्वेक्षण किया गया था। जिसके बाद 90 शेयर ऑटो रूट को मंजूरी दी गई थी। इन मेट्रो स्टेशनों के बाहर ऑटो और टैक्सी पार्किंग, ड्रॉप-ऑफ और पिक-अप पॉइंट बनाए गए। इस योजना के तहत करीब 3,000 ऑटो रिक्शा इन फीडर रूट्स पर तैनात किए जाने थे, जिससे यात्रियों को लाभ मिलता। एक आरटीओ अधिकारी ने कहा, “प्रत्येक स्टैंड पर 4 से 6 ऑटो उपलब्ध रहने चाहिए थे। हम जांच करेंगे कि शेयर ऑटो सेवा अपेक्षित स्तर तक क्यों नहीं पहुं रही है। हमने मेट्रो स्टेशनों के नीचे जरूरी व्यवस्थाएं की हैं।” । (Mumbai News There are shared auto stands under the metro rail lines but no autos, passengers upset)

    मेट्रो-3 पर शेयरिंग ऑटो रिक्शा की योजना

    मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC), जो मेट्रो-3 अंडरग्राउंड कॉरिडोर (Aarey-BKC मार्ग) पर यात्रियों के लिए शेयर ऑटो सर्विस शुरू करने की योजना बन रही है।एमएमआरसी के सूत्रों के अनुसार आरे से बांद्रा BKC तक के स्टेशनों के आसपास 20 शेयरिंग ऑटो रूट विकसित किए जा सकते हैं। फिलहाल, सर्वे जारी है। इसके अलावा, BKC से अचार्य अत्रे चौक मेट्रो स्टेशन तक फुटपाथ सुधार का भी काम किया जा रहा है। यह स्टेशन मेट्रो-3 के दूसरे चरण का हिस्सा है, जिसे मार्च 2025 में खोला जाएगा।

    क्यों नहीं मिल रहे शेयर ऑटो?

    लाइन-7 के नीचे सर्विस रोड की वजह से ज्यादा जगह उपलब्ध है, लेकिन लिंक रोड पर ऐसा नहीं है। यहां होटल, रेस्तरां, कमर्शल ऑफिस, रेजिडेंशल सोसाइटी और शॉपिंग मॉल्स की अधिकता के कारण जगह की कमी है, जिससे ऑटो स्टैंड के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता। मुंबई की सड़कों पर करीब 2.60 लाख ऑटो रिक्शा चलते हैं, जिनमें से करीब 1 लाख ऑटो शेयर रूट्स पर चलते हैं। लेकिन मेट्रो स्टेशनों से चलने वाले अधिकांश शेयर ऑटो रूट्स पर उनके अंतिम गंतव्य पर कोई स्टैंड नहीं है। ऑटो यूनियन नेता थंपी कुरियन के अनुसार, “रेलवे स्टेशनों के मुकाबले मेट्रो स्टेशनों पर पैसेंजर की संख्या कम है। इसके अलावा, कई शेयर ऑटो रूट्स पर मेट्रो स्टेशन से शुरू होने के बावजूद उनके अंतिम स्थान पर कोई स्टैंड नहीं है, जिससे परेशानी बढ़ जाती है।” । (Mumbai News There are shared auto stands under the metro rail lines but no autos, passengers upset)

  • मुंबई लोकल की ट्रेन प्रभावित, स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़, ताजा अपडेट

    मुंबई लोकल की ट्रेन प्रभावित, स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़, ताजा अपडेट

    अधिकारियों ने बताया कि शहर के पास सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी के कारण मंगलवार सुबह मुंबई लोकल ट्रेन सेवाएं बाधित हो गईं। इसे अब ठिक कर लिया गया है। (Mumbai local train affected, huge crowd gathered at the station, latest update)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई- 
    ठाणे में मध्य रेलवे की मुख्य लाइन पर मंगलवार तड़के सिग्नल सिस्टम में खराबी आने की वजह से मुंबई लोकल रेल सेवाएं प्रभावित हो गई। वेस्टर्न रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी ठाणे जिले में दिवा और मुंब्रा रेलवे स्टेशनों के बीच दक्षिण की ओर जाने वाले धीमे ट्रैक पर सुबह 4.55 बजे हुई सिग्नल समस्या के कारण मुंबई की जीवन रेखा मानी जाने वाली उपनगरीय ट्रेनें (Mumbai local train services) कम से कम 15-20 मिनट की देरी से चल रही थीं। जिसके कारण स्टेशनों पर भारी भीड़ देखने को मिली। (Mumbai local train affected, huge crowd gathered at the station, latest update)

    रेल यात्रियों को हुई भारी परेशानी

    एक यात्री ने बताया कि लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित होने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सिग्नल सिस्टम में खराबी के कारण मध्य रेलवे की मुख्य लाइन की उपनगरीय रेलगाड़ियों और स्टेशन पर भारी भीड़ जमा हो गई। एक यात्री ने बताया कि सेवाएं बाधित होने के कारण काम पर जाने में देरी हो गई और भारी भीड़ के बीच सफर करना काफी मुश्किल हो गया था। (Mumbai local train affected, huge crowd gathered at the station, latest update)

    सिग्नल खराबी को किया गया दूर

    मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि खराबी आने के एक घंटे से अधिक समय बाद सिग्नल सुबह करीब छह बजे सही किया गया। इसके बाद रेल सेवाएं सुचारु रूप से चल रही हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है वे संचालन में सहयोग करें। (Mumbai local train affected, huge crowd gathered at the station, latest update)

    हर दो मिनट पर मिलेगी लोकलः रेल मंत्री

    वहीं, सोमवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मुंबई में लोकल ट्रेन के बीच का अंतराल मौजूदा 180 सेकंड (3 मिनट) से घटाकर 120 सेकंड (2 मिनट) किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि वंदे भारत रेक में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक का उपयोग करके स्थानीय ट्रेनों में वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग में सुधार करने के प्रयास चल रहे हैं। (Mumbai local train affected, huge crowd gathered at the station, latest update)

    35 लाख से ज्यादा लोग करते हैं रोजाना सफर

    बता दें कि मध्य रेलवे की मुख्य लाइन दक्षिण मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से ठाणे में कसारा और रायगढ़ जिले में खोपोली और कर्जत तक है। मध्य रेलवे अपने उपनगरीय रेल नेटवर्क पर प्रतिदिन लगभग 1,800 रेल सेवाएं संचालित करता है। इसकी मुख्य लाइन, हार्बर लाइन, ट्रांस-हार्बर लाइन और बेलापुर-उरण लाइन पर प्रतिदिन 35 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। (Mumbai local train affected, huge crowd gathered at the station, latest update)

  • बांद्रा टर्मिनस पर सोती हुई महिला को खींच कर रुकी हुई ट्रेन के डिब्बे मे रेप

    बांद्रा टर्मिनस पर सोती हुई महिला को खींच कर रुकी हुई ट्रेन के डिब्बे मे रेप

    मुंबई के बांद्रा टर्मिनस प्लेटफार्म क्रमांक 6 और 7 के बीच सोती हुई 54 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना 1 फरवरी आधी रात की है।

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई– बांद्रा टर्मिनस पर एक 54 वर्षीय महिला के साथ रेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना 2 फरवरी की सुबह खाली उदयन एक्सप्रेस ट्रेन के गार्ड डिब्बे की है। महिला और उसके दामाद ने जीआरपी (Government Railway Police) में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद GRP और आरपीएफ (Railway Protection Force) की जॉइंट टीम ने एक 25 वर्षीय रेपीस्ट को अरेस्ट कर लिया। (Rape of a sleeping woman by dragging her into a stalled train compartment at Bandra Terminus)

    वारदात की शिकायत

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता और उसके दामाद 1 फरवरी की रात 10:30 बजे देहरादून एक्सप्रेस से मुंबई पहुंचे थे। स्टेशन पर ठहरने की जगह न होने के कारण उन्होंने बांद्रा टर्मिनस के प्लेटफॉर्म नंबर 6 और 7 पर रात गुजारने की सोची। CCTV फुटेज के मुताबिक, रात 1:49 बजे आरोपी पीड़िता के पास आया और जबरदस्ती खींचकर उसे रुकी हुई एक्सप्रेस ट्रेन के गार्ड वाले डिब्बे में ले गया, जबकि उसका दामाद प्लेटफॉर्म पर सो रहा था। आरोपी ने इसी का फायदा उठाकर घटना को अंजाम दे दिया। (Rape of a sleeping woman by dragging her into a stalled train compartment at Bandra Terminus)

    बांद्रा रेलवे पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 64(1), 115(2) और 303(2) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम राहुल शेख बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसके अलावा आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाना अभी बाकी है। (Rape of a sleeping woman by dragging her into a stalled train compartment at Bandra Terminus)