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  • Malad Rabies Case: ‘सिर्फ खरोंच’ समझी गलती बनी जानलेवा, 9 साल की बच्ची की मौत

    Malad Rabies Case: ‘सिर्फ खरोंच’ समझी गलती बनी जानलेवा, 9 साल की बच्ची की मौत

    Mumbai Malad rabies case में 9 साल की Kashish Sahani की मौत ने पूरे शहर को हिला दिया। Dog scratch को नजरअंदाज करना और anti-rabies vaccine न लगवाना पड़ा भारी। जानिए पूरी घटना, symptoms, prevention और government guidelines।

    मुंबई: Malad इलाके में 9 साल की कशिश साहनी की रेबीज (Rabies) से मौत हो गई। चौथी क्लास में पढ़ने वाली इस बच्ची की मौत ने पूरे इलाके में डर और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

    🐕 6 महीने पहले कुत्ते के खरोंचने से शुरू हुई कहानी

    करीब छह महीने पहले कशिश अपने दादाजी के साथ टहल रही थी, तभी एक आवारा कुत्ते ने उसे हल्का सा खरोंच दिया। परिवार उसे तुरंत अस्पताल लेकर गया, लेकिन सुई के डर से बच्ची ने anti-rabies vaccine लगवाने से मना कर दिया।

    घाव छोटा था और कुछ दिनों में ठीक भी हो गया, इसलिए परिवार ने भी आगे इलाज पर जोर नहीं दिया — यही सबसे बड़ी गलती साबित हुई।

    ⚠️ Injection का डर बना मौत की वजह

    डॉक्टरों के अनुसार, dog bite या scratch के बाद vaccine ना लगवाना बेहद खतरनाक होता है। कशिश के केस में भी यही हुआ — शुरुआत में मामूली लगने वाली चोट धीरे-धीरे जानलेवा बन गई।

    🧠 Hydrophobia के लक्षण दिखते ही बिगड़ी हालत

    पिछले कुछ दिनों में बच्ची की तबीयत अचानक खराब होने लगी। उसे पानी से डर (Hydrophobia) लगने लगा, खाना-पीना बंद कर दिया, आंखें लाल हो गईं और बेचैनी बढ़ गई।

    यह सभी रेबीज के एडवांस स्टेज के लक्षण थे, जब वायरस दिमाग तक पहुंच चुका होता है।

    🏥 कस्तूरबा अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

    गंभीर हालत में कशिश को Kasturba Hospital में भर्ती कराया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इलाज के दौरान सोमवार को बच्ची ने दम तोड़ दिया।

    🚨 Health Department Alert Mode में

    इस घटना के बाद मुंबई स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। डॉक्टरों और अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि dog bite या scratch को कभी भी हल्के में न लें और तुरंत anti-rabies vaccination करवाएं।

    💡 Rabies से बचाव के जरूरी उपाय (Prevention Tips)

    • Dog bite या scratch के तुरंत बाद घाव को साबुन और पानी से 15 मिनट तक धोएं
    • तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर anti-rabies vaccine लें
    • पूरी vaccine course पूरा करें
    • बच्चों को खासतौर पर awareness दें

    🔗 सरकारी जानकारी और हेल्पफुल लिंक


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या सिर्फ खरोंच से भी Rabies हो सकता है?
    हाँ, अगर कुत्ता संक्रमित है तो scratch से भी virus शरीर में प्रवेश कर सकता है।

    Q2. Rabies के लक्षण कितने दिन में दिखते हैं?
    आमतौर पर 1 से 3 महीने, लेकिन कभी-कभी 6 महीने या उससे ज्यादा भी लग सकते हैं।

    Q3. Rabies का इलाज संभव है?
    लक्षण आने के बाद इलाज लगभग असंभव होता है, इसलिए vaccine ही एकमात्र बचाव है।

    Q4. Dog bite के बाद सबसे पहला कदम क्या होना चाहिए?
    घाव को तुरंत धोकर anti-rabies vaccine लगवाना।

  • Mumbai Railway में Facial Recognition System से क्राइम कंट्रोल, मिनटों में आरोपी ट्रैक!

    Mumbai Railway में Facial Recognition System से क्राइम कंट्रोल, मिनटों में आरोपी ट्रैक!

    Mumbai Western Railway का Facial Recognition System (FRS) तेजी से अपराध सुलझा रहा है। जानिए कैसे CCTV और AI technology से criminals और missing persons को ट्रैक किया जा रहा है।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में मुंबई लोकल रेलवे नेटवर्क में अब सुरक्षा का स्तर और मजबूत हो गया है। Western Railway ने Facial Recognition System (FRS) के जरिए अपराधियों को ट्रैक करने और missing लोगों को ढूंढने में बड़ी सफलता हासिल की है।

    हाल के महीनों में कई केस इस सिस्टम की मदद से तेजी से solve किए गए हैं।

    🚨 Recent Cases: मिनटों में आरोपी गिरफ्तार

    FRS की मदद से कई बड़े केस सुलझे:

    • एक Portuguese tourist को stalk करने वाले 2 आरोपी कुछ ही दिनों में पकड़े गए
    • Mumbai के Goregaon का 14 साल का लड़का, जो missing था, उसे राजस्थान में ट्रेस किया गया
    • Malad Railway Station पर professor पर चाकू से हमला करने वाला आरोपी 2 दिन में गिरफ्तार
    • Actor Saif Ali Khan पर हमले के केस में भी suspect को बाद में FRS से ट्रैक कर पकड़ा गया

    अधिकारियों के मुताबिक, ये सभी केस FRS technology की वजह से जल्दी solve हुए।

    🧠 FRS कैसे काम करता है? (How Facial Recognition Works)

    Facial Recognition System किसी भी इंसान के चेहरे की unique पहचान करता है—जैसे:

    • आंखों के बीच की दूरी
    • नाक का shape
    • चेहरे की बनावट

    इन सभी डेटा को digital code यानी “faceprint” में बदला जाता है।

    जैसे ही कोई suspect कैमरे में आता है, सिस्टम तुरंत alert भेज देता है।

    🎥 463 CCTV कैमरों का बड़ा नेटवर्क

    FRS सिस्टम Western Railway के 114 स्टेशनों पर लगे 463 CCTV cameras से जुड़ा है।

    यह नेटवर्क:

    • Churchgate Railway Station से लेकर Surat
    • और Jalgaon तक फैला हुआ है

    जैसे ही database में मौजूद चेहरा कैमरे में दिखता है, तुरंत control room और पुलिस को alert मिल जाता है।

    🔍 Investigation में बड़ा गेम चेंजर

    Portuguese tourist वाले केस में पुलिस पहले suspects को identify नहीं कर पाई थी।

    बाद में CCTV के screenshots को FRS में डाला गया, जहां एक आरोपी Marine Lines Railway Station पर पहचान में आ गया।

    इसी तरह Malad stabbing केस में आरोपी का daily travel pattern (सुबह Malad से आना, शाम को Marine Lines लौटना) ट्रैक किया गया—और इसी से गिरफ्तारी संभव हुई।

    👶 Missing Children: बच्चों को ढूंढने में बड़ी मदद

    भीड़भाड़ वाले स्टेशन जैसे:

    • Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus
    • Churchgate Railway Station

    यहां लोगों को पहचानना मुश्किल होता है।

    लेकिन अब:

    • देशभर की एजेंसियां missing बच्चों की फोटो Railway Protection Force के साथ शेयर करती हैं
    • FRS system उन्हें पहचानकर उनकी last location बता देता है
    • Low quality image होने पर भी multiple matches generate करता है

    📈 Data Report: हर साल बढ़ रहे केस

    RPF के डेटा के मुताबिक FRS से सुलझे केस:

    • 2024: 54 baggage theft, 3 robbery
    • 2025: 59 baggage theft, 5 bag snatching
    • 2026 (Feb तक): 15 baggage theft

    इसके अलावा हर दिन करीब 10–15 requests अलग-अलग पुलिस यूनिट्स से आती हैं।

    🇮🇳 India में तेजी से फैल रही Technology

    Western Railway भारत का पहला रेलवे नेटवर्क था जिसने FRS शुरू किया।

    अब इसे पूरे देश में expand किया जा रहा है।

    साथ ही Mumbai Police (5000+ cameras) भी अपने नेटवर्क को इससे जोड़ने की तैयारी कर रही है।

    🧾 NIA-CBI डेटा भी जुड़ा

    2024 में:

    • National Investigation Agency
    • Central Bureau of Investigation

    जैसी एजेंसियों के 10,000+ suspects images इस सिस्टम में upload किए गए।

    🎯 Goal: Safe Railway Travel

    अधिकारियों का कहना है कि इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य है:

    • passengers की safety बढ़ाना
    • crime prevention
    • faster investigation

    आने वाले समय में training और expansion के साथ यह सिस्टम और powerful बनने वाला है।

    🔗 सरकारी और ऑफिशियल लिंक


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Facial Recognition System (FRS) क्या है?
    यह एक AI-based technology है जो चेहरे की पहचान करके suspects और missing लोगों को ट्रैक करती है।

    Q2. Mumbai में FRS कहां इस्तेमाल हो रहा है?
    Western Railway के 114 स्टेशनों और 463 CCTV कैमरों में।

    Q3. क्या यह system accurate है?
    हाँ, यह multiple matches और confidence levels के साथ काफी accurate tracking देता है।

    Q4. इससे कौन-कौन से केस सुलझे?
    Stalking, stabbing, theft, missing children जैसे कई केस।

    Q5. क्या यह पूरे India में लागू होगा?
    हाँ, सरकार इसे धीरे-धीरे पूरे देश के रेलवे नेटवर्क में लागू कर रही है।

  • Kandivali Garbage Crisis: कचरे के ढेर से सड़क जाम, लोगों को रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी

    Kandivali Garbage Crisis: कचरे के ढेर से सड़क जाम, लोगों को रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी

    Mumbai के Kandivali East में कचरे का अंबार, road block और traffic chaos। BMC की लापरवाही से लोगों को बदबू, गंदगी और accident risk का सामना।

    मुंबई: कांदिवली ईस्ट (Kandivali East) में इन दिनों garbage crisis ने लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। लोखंडवाला (Lokhandwala) इलाके के क्रांति नगर रिक्शा स्टैंड के पास 60 फीट चौड़ी सड़क पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं, जिससे पूरा रास्ता लगभग बंद हो गया है। इस वजह से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों को मजबूरी में रॉन्ग साइड से गुजरना पड़ रहा है।

    60 फीट सड़क पर कचरे का कब्जा

    यह सड़क दुर्गा नगर (Durga Nagar) और कुरार (Kurar) को जोड़ने वाला एक अहम मार्ग है, लेकिन पिछले कई दिनों से यहां रोजाना कचरे का अंबार लगा रहता है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, कचरे के ढेर इतने बड़े हैं कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह ब्लॉक हो गया है, जिससे गाड़ियों की आवाजाही मुश्किल हो गई है।

    रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी, बढ़ा हादसों का खतरा

    कचरे की वजह से वाहन चालकों को रॉन्ग साइड से आना-जाना पड़ रहा है, जिससे accident risk काफी बढ़ गया है।

    लोगों का कहना है कि रोजाना यहां छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

    सीवर लाइन की खुदाई से और बिगड़ी स्थिति

    स्थिति और ज्यादा खराब इसलिए हो गई है क्योंकि इसी सड़क पर sewer line के काम के नाम पर खुदाई भी की गई है।

    इससे सड़क और संकरी हो गई है और ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ गई है।

    बस स्टॉप पर खड़े यात्रियों की मुश्किलें

    सबसे खराब हालात बस स्टॉप के पास देखने को मिलते हैं, जहां लोगों को कचरे के ढेर के बीच खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ रहा है।

    • लंबी कतारों में लोग खड़े रहते हैं
    • बदबू और गंदगी के बीच इंतजार करना पड़ता है
    • health risk भी बढ़ गया है

    यह स्थिति BMC की लापरवाही को साफ दिखाती है।

    रोजाना जमा हो रहा कचरा, कोई सुनवाई नहीं

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या पिछले कई दिनों से लगातार बनी हुई है।

    इसके बावजूद Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के किसी भी अधिकारी ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    स्थानीय नगरसेविका का बयान

    स्थानीय नगरसेविका नीलम गुरौव ने कहा:

    “यह कचरा ‘पी नॉर्थ’ यानी क्रांति नगर स्लम का है, लेकिन अधिकारी जिम्मेदारी टाल रहे हैं। मेरा मानना है कि कचरा कहीं का भी हो, पूरा इलाका साफ रहना चाहिए और इसमें BMC को मदद करनी चाहिए।”

    रिक्शा चालक ने उठाए सवाल

    एक स्थानीय रिक्शा चालक ने नाराजगी जताते हुए कहा:

    “BMC को कचरा पेटी को कहीं और शिफ्ट करना चाहिए। जब घर-घर से कचरा उठाया जाता है, तो इतना कचरा सड़क पर कैसे आ जाता है? BMC का काम संदिग्ध लग रहा है।”

    जनता की मांग: तुरंत समाधान चाहिए

    Residents की मांग है कि:

    • कचरा तुरंत हटाया जाए
    • कचरा पेटी को relocate किया जाए
    • सड़क की मरम्मत और सफाई की जाए
    • जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो

    जरूरी सरकारी लिंक


    FAQ Section

    Q1. Kandivali में garbage problem क्यों बढ़ रही है?
    कचरे का सही disposal न होना और BMC की लापरवाही इसकी मुख्य वजह है।

    Q2. क्या इससे accident risk बढ़ रहा है?
    हाँ, रॉन्ग साइड ड्राइविंग के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है।

    Q3. शिकायत कहां करें?
    आप BMC के official portal पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

    Q4. क्या इसका जल्दी समाधान होगा?
    अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन लोगों का दबाव बढ़ रहा है।

  • Kandivali Shatabdi Hospital Upgrade: Piyush Goyal ने लॉन्च किए Advanced Medical Equipment

    Kandivali Shatabdi Hospital Upgrade: Piyush Goyal ने लॉन्च किए Advanced Medical Equipment

    Mumbai Health News: Kandivali के Shatabdi Hospital में Union Minister Piyush Goyal ने Digital C-Arm, Neonatal Ventilator और Anesthesia W6orkstation का उद्घाटन किया। NABH Accreditation की दिशा में बड़ा कदम।

    मुंबई: Kandivali स्थित Shatabdi Hospital में हेल्थकेयर सुविधाओं को बड़ा अपग्रेड मिला है। Piyush Goyal ने यहां Advanced Medical Equipment का उद्घाटन किया, जिससे अस्पताल की surgical care और neonatal treatment capabilities और मजबूत होंगी।

    इस अपग्रेड के बाद अस्पताल अब modern healthcare infrastructure और NABH Accreditation की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    कौन-कौन से नए उपकरण हुए लॉन्च

    इस मौके पर अस्पताल में कई महत्वपूर्ण मशीनें शुरू की गईं, जिनमें शामिल हैं:

    • Digital C-Arm Machine
    • Neonatal Ventilator
    • Anesthesia Workstation

    ये सभी उपकरण अस्पताल की emergency care, surgery और newborn treatment को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

    Digital C-Arm से सर्जरी होगी और सटीक

    Digital C-Arm Machine अब ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टरों के लिए एक बड़ी मदद साबित होगी।

    यह मशीन real-time X-ray imaging देती है, जिससे खासतौर पर orthopaedic और trauma surgeries के दौरान सर्जरी ज्यादा सटीक और सुरक्षित हो सकेगी।

    इससे patient safety और surgical success rate दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।

    Neonatal Ventilator से नवजात बच्चों को मिलेगा जीवनदान

    अस्पताल में लगाया गया Neonatal Ventilator खास तौर पर premature और critically ill newborn babies के लिए बेहद जरूरी है।

    यह मशीन NICU (Neonatal Intensive Care Unit) में उन बच्चों को सांस लेने में मदद करेगी जिन्हें जन्म के तुरंत बाद medical support की जरूरत होती है।

    बता दें कि पिछले साल अगस्त में इस अस्पताल में एक दिन में 35 डिलीवरी हुई थीं, जिससे इसकी जरूरत और ज्यादा समझ आती है।

    Anesthesia Workstation से ऑपरेशन होंगे सुरक्षित

    नई Anesthesia Workstation ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टरों को anesthesia देने और patient monitoring में मदद करेगी।

    इससे सर्जरी के दौरान:

    • Oxygen supply
    • Anesthetic gases
    • Patient breathing

    इन सभी पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकेगा, जिससे safe surgery environment सुनिश्चित होगा।

    अस्पताल दौरे के दौरान स्टाफ से मिले Piyush Goyal

    उद्घाटन के दौरान Piyush Goyal ने अस्पताल का दौरा किया और doctors, nurses, hospital staff और local representatives से बातचीत की।

    उन्होंने कहा कि अस्पतालों में patient care, cleanliness, discipline और quality standards को हमेशा बनाए रखना बेहद जरूरी है।

    NABH Accreditation की दिशा में बड़ा कदम

    Shatabdi Hospital फिलहाल National Accreditation Board for Hospitals & Healthcare Providers (NABH) accreditation पाने की प्रक्रिया में है।

    इसके लिए Quality Council of India (QCI) के अधिकारियों ने अस्पताल का 3 महीने तक detailed evaluation किया है।

    इसके बाद एक comprehensive report और gap analysis भी तैयार किया गया है।

    महाराष्ट्र का पहला NABH सरकारी अस्पताल बनने की उम्मीद

    Piyush Goyal ने उम्मीद जताई कि Kandivali का Shatabdi Hospital महाराष्ट्र का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल बन सकता है जिसे NABH Accreditation मिले

    अगर ऐसा होता है, तो यह public healthcare system में quality standards का नया benchmark सेट करेगा।

    CSR के जरिए मिला आधुनिक उपकरणों का सहयोग

    इस मौके पर यह भी बताया गया कि private companies ने CSR (Corporate Social Responsibility) के तहत अस्पताल को ये आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    इससे सरकारी अस्पतालों में भी अब private-level healthcare facilities मिलने लगी हैं।

    Job Related Useful Links (Healthcare Careers)

    अगर आप healthcare field में career बनाना चाहते हैं, तो इन प्लेटफॉर्म्स पर jobs और opportunities देख सकते हैं:


    FAQ

    Q1: Shatabdi Hospital Kandivali में क्या नया शुरू हुआ?

    यहां Digital C-Arm, Neonatal Ventilator और Anesthesia Workstation जैसे advanced equipment शुरू किए गए हैं।

    Q2: इन उपकरणों से क्या फायदा होगा?

    इससे surgery, emergency care और newborn treatment की quality बेहतर होगी।

    Q3: NABH Accreditation क्या है?

    यह एक quality certification है जो अस्पतालों की सेवाओं और standards को मान्यता देता है।

    Q4: Piyush Goyal ने क्या कहा?

    उन्होंने patient care, cleanliness और quality standards बनाए रखने पर जोर दिया

    Q5: क्या Shatabdi Hospital को NABH मिलेगा?

    अस्पताल evaluation process में है और उम्मीद है कि यह महाराष्ट्र का पहला NABH certified सरकारी अस्पताल बन सकता है

  • Mumbai Plumber Income: ₹18 लाख सालाना कमाई, Creta और खेत खरीदकर सबको किया हैरान

    Mumbai Plumber Income: ₹18 लाख सालाना कमाई, Creta और खेत खरीदकर सबको किया हैरान

    Mumbai Viral News: Mira Road, Borivali और Kandivali में काम करने वाले एक प्लंबर की ₹18 LPA कमाई वायरल। Hyundai Creta, घर और farmland खरीदकर नेटिज़न्स को चौंकाया, Blue-Collar Jobs की बढ़ती वैल्यू पर चर्चा।

    मुंबई: देश की मायानगरी से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। Mumbai के एक plumber की ₹18 लाख सालाना कमाई और उसका लाइफस्टाइल अब वायरल हो चुका है।

    बताया जा रहा है कि यह प्लंबर Mira Road, Borivali और Kandivali जैसे इलाकों में contracts लेकर काम करता है, और इसी से उसकी कमाई लाखों में पहुंच गई है।

    Reddit पोस्ट से हुआ खुलासा

    यह मामला तब सामने आया जब एक society resident ने Reddit पर “A Plumber in Mumbai is earning Rs 18 LPA” नाम से पोस्ट शेयर की।

    पोस्ट के मुताबिक, जब प्लंबर घर में पाइप ठीक कर रहा था, तब बातचीत के दौरान उसने अपनी annual income करीब ₹18 लाख बताई

    पोस्ट करने वाले ने लिखा, “पहले मुझे लगा वो मजाक कर रहा है, लेकिन जब उसने आंकड़े बताने शुरू किए तो मैं खुद अपनी life choices पर सोचने लगा।”

    Mira Road से Kandivali तक contracts से कमाई

    जानकारी के अनुसार यह प्लंबर Mira Road, Borivali और Kandivali के कई townships में contracts लेकर काम करता है

    Multiple contracts और लगातार काम मिलने की वजह से उसकी monthly और yearly income काफी stable और high हो गई है

    Hyundai Creta, घर और farmland का मालिक

    इस प्लंबर की कमाई सिर्फ income तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने अपनी कमाई को सही जगह invest भी किया है।

    रिपोर्ट के अनुसार उसके पास:

    • 2023 model Hyundai Creta SUV
    • अपने गांव में बना हुआ पक्का घर
    • खरीदी हुई farmland (खेती की जमीन)

    यह lifestyle देखकर लोग हैरान हैं कि एक skilled trade से इतना कुछ हासिल किया जा सकता है।

    Blue-Collar Jobs की बढ़ती डिमांड

    इस खबर के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर Blue-Collar Jobs vs White-Collar Jobs पर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है।

    कई यूज़र्स का कहना है कि plumber, electrician, carpenter, mechanic जैसे skilled काम कभी खत्म नहीं होंगे, क्योंकि ये jobs AI और automation से कम प्रभावित होती हैं

    “Skill हो तो कमाई unlimited है” – सोशल मीडिया रिएक्शन

    एक यूज़र ने लिखा:
    “Blue-collar jobs हमेशा demand में रहेंगी। अगर skill और experience अच्छा है तो कमाई बहुत ज्यादा हो सकती है।”

    दूसरे यूज़र ने कहा कि AC installation जैसे seasonal काम और farming को combine करके लोग सालभर steady income बना सकते हैं

    एक घंटे का ₹500 से ज्यादा चार्ज

    कुछ लोगों ने यह भी बताया कि मुंबई में plumbers एक घंटे का कम से कम ₹500 या उससे ज्यादा चार्ज करते हैं, और काम के हिसाब से extra पैसे भी लेते हैं।

    यही वजह है कि अगर काम लगातार मिलता रहे तो monthly income आसानी से high level तक पहुंच सकती है

    Skill Development और Financial Planning का सबक

    Experts का मानना है कि यह उदाहरण दिखाता है कि सिर्फ degree ही नहीं, बल्कि practical skills और सही financial planning भी success दिला सकती है

    इस प्लंबर ने:

    • Multiple income sources बनाए
    • Contracts लेकर काम बढ़ाया
    • कमाई को assets (car, house, land) में invest किया

    यही उसकी success की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुई कहानी

    यह कहानी अब viral news बन चुकी है और लोग अपने career choices को लेकर discussion कर रहे हैं।

    कई लोग इसे “eye-opener” बता रहे हैं कि traditional jobs के अलावा भी high income career options मौजूद हैं

    Job Related Useful Links (Skill-Based Careers)

    अगर आप भी ऐसे skill-based jobs में interest रखते हैं, तो इन प्लेटफॉर्म्स पर opportunities देख सकते हैं:


    FAQ

    Q1: मुंबई के प्लंबर की कितनी कमाई है?

    इस प्लंबर की annual income लगभग ₹18 लाख (18 LPA) बताई गई है।

    Q2: वह किन इलाकों में काम करता है?

    वह Mira Road, Borivali और Kandivali में contracts लेकर काम करता है।

    Q3: उसके पास कौन-कौन सी संपत्ति है?

    उसके पास Hyundai Creta, गांव में घर और farmland है।

    Q4: Blue-collar jobs क्यों चर्चा में हैं?

    क्योंकि ये jobs AI और automation से कम प्रभावित होती हैं और skilled लोगों को अच्छी income देती हैं।

    Q5: क्या plumbing जैसे काम में अच्छी कमाई हो सकती है?

    हाँ, अगर skill और experience अच्छा हो तो monthly और yearly income काफी high हो सकती है

  • Mumbai School Zones में Road Safety Alert: Andheri K-East के 34 स्कूलों के बाहर Missing Signage और टूटी Footpaths का खुलासा

    Mumbai School Zones में Road Safety Alert: Andheri K-East के 34 स्कूलों के बाहर Missing Signage और टूटी Footpaths का खुलासा

    Mumbai Road Safety Audit में बड़ा खुलासा—Andheri K-East ward के 34 स्कूलों के बाहर missing school zone signage, damaged footpaths और heavy traffic congestion। UNICEF-BMC pilot project ने बच्चों की safety को लेकर कई बड़े infrastructure gaps उजागर किए।

    मुंबई: स्कूल जाने वाले बच्चों की road safety को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। UNICEF, BMC और Centre for Advocacy and Research (CACR) की साझेदारी में किए गए एक road safety audit में पता चला है कि Andheri के K-East ward में कई स्कूलों के बाहर बुनियादी सुरक्षा इंतज़ाम ही नहीं हैं।

    फरवरी 2025 से मार्च 2026 के बीच किए गए इस pilot project “Strengthening Road Safety for Children and Adolescents” में 34 स्कूलों के आसपास की सड़कों का ऑडिट किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि कई जगहों पर school zone signboards, speed limit signage और warning boards तक मौजूद नहीं हैं, जबकि कई फुटपाथ टूटे हुए या अतिक्रमण की वजह से इस्तेमाल लायक नहीं हैं।

    School Zones में Missing Signage बना बड़ा खतरा

    ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक कई स्कूलों के बाहर visible school zone signboards, distance warning boards और speed limit signage नहीं मिले।

    ऐसी स्थिति में तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। रोड सेफ्टी एक्सपर्ट्स के अनुसार स्कूलों के आसपास स्पष्ट road safety signage होना बेहद जरूरी है ताकि ड्राइवरों को पहले से सावधान किया जा सके।

    Damaged Footpaths और Encroachment से बच्चों को खतरा

    रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई स्कूलों के बाहर footpaths या तो मौजूद नहीं हैं, या फिर टूटे हुए हैं, जबकि कई जगहों पर encroachment की वजह से फुटपाथ बंद हो गए हैं।

    इस वजह से बच्चों को मजबूर होकर सड़क के बीच से चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    School Timing पर Heavy Traffic Congestion

    ऑडिट में school arrival और dispersal hours के दौरान भारी ट्रैफिक जाम भी सामने आया।

    रिपोर्ट के अनुसार यह समस्या मुख्य रूप से इन वजहों से होती है:

    • स्कूल गेट के बाहर unplanned parking
    • designated pick-up and drop-off zones का अभाव
    • ट्रैफिक मैनेजमेंट की कमी

    इन कारणों से स्कूल के बाहर ट्रैफिक पूरी तरह अव्यवस्थित हो जाता है।

    Teachers और Students को बनाया Road Safety Ambassador

    इस प्रोजेक्ट में सिर्फ सर्वे नहीं किया गया बल्कि participatory approach भी अपनाई गई।

    इसके तहत:

    • 57 teachers को “Road Safety Ambassadors” के रूप में ट्रेनिंग दी गई
    • 94 students को “Road Safety Messengers” बनाया गया

    इनके जरिए 2,600 से ज्यादा छात्रों तक road safety awareness sessions पहुंचाए गए।

    School Safety Committees भी बनाई गई

    सुरक्षा सुधारने के लिए सभी 34 स्कूलों में School Safety Committees बनाई गई हैं।

    अब तक इन कमेटियों की 144 meetings हो चुकी हैं, जिनमें स्कूल के आसपास की सड़क सुरक्षा समस्याओं की पहचान और समाधान पर चर्चा की गई।

    Nityanand Municipal School के पास हुआ बड़ा सुधार

    रिपोर्ट में Nityanand Municipal School, जो Western Express Highway के पास स्थित है, का उदाहरण भी दिया गया।

    यहां ऑडिट के दौरान पता चला कि:

    • speed breakers नहीं थे
    • स्कूल गेट के कारण traffic congestion हो रहा था

    इसके बाद प्रशासन ने वहां:

    • speed breakers लगाए
    • zebra crossings बनाए
    • school zone signboards लगाए
    • और separate entry-exit gates बनाए गए

    जिससे छात्रों की आवाजाही ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित हो गई।

    अब पूरे Mumbai में होगा Road Safety Audit

    अधिकारियों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का second phase जल्द शुरू किया जाएगा।

    इसमें Mumbai के अन्य municipal wards में भी स्कूलों के आसपास road safety audit किया जाएगा और यह भी मॉनिटर किया जाएगा कि सुझाए गए सुरक्षा उपाय वास्तव में लागू हो रहे हैं या नहीं।

    K-East ward के Administrative Officer (Schools) Gorakhnath Bhavri के अनुसार:
    स्कूलों के आसपास सुरक्षित माहौल बनाना और school arrival-dispersal hours के दौरान traffic management को सुधारना बेहद जरूरी है। इस ऑडिट से साफ हुआ है कि कई स्कूलों के बाहर basic road safety infrastructure अभी भी inadequate है और इसके लिए ट्रैफिक पुलिस व स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।


    FAQ

    Q1: Mumbai में Road Safety Audit कहाँ किया गया?

    यह ऑडिट Andheri के K-East ward में 34 स्कूलों के आसपास किया गया।

    Q2: Road Safety Audit किसने किया?

    यह ऑडिट UNICEF, BMC और Centre for Advocacy and Research (CACR) की साझेदारी में किया गया।

    Q3: रिपोर्ट में सबसे बड़ी समस्या क्या सामने आई?

    रिपोर्ट में missing school zone signage, damaged footpaths, encroachment और school timing पर traffic congestion को बड़ी समस्या बताया गया।

    Q4: इस प्रोजेक्ट में छात्रों और शिक्षकों की क्या भूमिका रही?

    57 teachers को Road Safety Ambassadors और 94 students को Road Safety Messengers बनाकर awareness campaign चलाया गया।

    Q5: क्या यह प्रोजेक्ट पूरे मुंबई में लागू होगा?

    हाँ, प्रोजेक्ट के second phase में इसे मुंबई के अन्य wards में भी लागू किया जाएगा।

  • कांदिवली ईस्ट में BMC की बड़ी कार्रवाई: Hawkers के बाद अब सड़कों से हटाए जा रहे खटारा गाडियाँ

    कांदिवली ईस्ट में BMC की बड़ी कार्रवाई: Hawkers के बाद अब सड़कों से हटाए जा रहे खटारा गाडियाँ

    Kandivali East Lokhandwala Township में BMC ने abandoned vehicles यानी ‘खटारे’ के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। 48 घंटे का notice देने के बाद luxury bus, motorcycles और autorickshaw हटाए गए। Pay-and-Park सिस्टम लाने की भी तैयारी।

    मुंबई: Kandivali East Lokhandwala Township में illegal hawkers पर बड़ी कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद अब Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने सड़कों पर महीनों से खड़े abandoned vehicles यानी स्थानीय भाषा में कहे जाने वाले ‘khataras’ के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है।

    बुधवार को R-South ward की टीम ने traffic police के साथ मिलकर कई ऐसे वाहनों को हटाया जो लंबे समय से सड़क किनारे पड़े थे और residents के लिए परेशानी का कारण बन रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, इन वाहनों पर पहले 48 घंटे का notice चिपकाया गया था, लेकिन मालिकों के सामने न आने के बाद उन्हें जब्त कर लिया गया।

    🚧 48 घंटे का नोटिस, फिर सीधी कार्रवाई

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    R-South ward के assistant engineer (maintenance) Hemant Pant ने बताया कि मुंबई में abandoned vehicles हटाने के लिए BMC ने तीन अलग-अलग contractors नियुक्त किए हैं —

    • एक Mumbai city के लिए
    • एक Eastern suburbs के लिए
    • और एक Western suburbs के लिए

    Pant के मुताबिक, स्थानीय लोगों की मदद से ऐसे वाहनों की पहचान की गई। इसके बाद उन पर 48-hour warning notice लगाया गया था।

    उन्होंने कहा,
    “अगर 48 घंटे में वाहन मालिक सामने नहीं आते हैं, तो BMC उन्हें seize कर लेती है। Lokhandwala Township में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। किसी ने वाहन claim नहीं किया, इसलिए उन्हें सड़क से हटा दिया गया।”

    🔧 जब्त वाहनों को किया जाएगा dismantle

    BMC अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए इन वाहनों को आगे dismantle किया जाएगा।

    उनके spare parts को बेचकर इस ऑपरेशन में आने वाला खर्च recover किया जाएगा। यह प्रक्रिया मुंबई में abandoned vehicles हटाने के standard civic rules के तहत की जाती है।

    🚌 पहले चरण में luxury bus समेत कई वाहन हटाए गए

    स्थानीय corporator Neelam Gurav ने बताया कि बुधवार को शुरू हुए इस अभियान के पहले चरण में कई वाहनों पर कार्रवाई की गई।

    इसमें शामिल थे:

    • 1 Luxury Bus
    • 6 से 7 Motorcycles
    • 1 Autorickshaw

    उन्होंने कहा कि आने वाले चरण में heavy vehicles पर भी कार्रवाई होगी जो सड़क पर जगह घेरकर nuisance पैदा कर रहे हैं।

    ⚠️ abandoned bus बन गया था असामाजिक गतिविधियों का अड्डा

    Neelam Gurav ने बताया कि Lokhandwala में खड़ी एक बड़ी बस लंबे समय से abandoned थी।

    उन्होंने कहा,
    “उस बस का इस्तेमाल कुछ anti-social elements पेशाब करने और गंदगी फैलाने के लिए कर रहे थे, जिससे आसपास के लोगों को बहुत बदबू और परेशानी हो रही थी। ऐसे abandoned vehicles इलाके की safety के लिए भी खतरा बन जाते हैं।”

    उन्होंने यह भी कहा कि इन वाहनों के हटने के बाद अब BMC sweepers को सड़क साफ करने में भी आसानी होगी।

    🧹 Residents ने कहा – अब सड़कें होंगी साफ और सुरक्षित

    Lokhandwala Township के निवासी Manish Bhatnagar ने बताया कि उनके building के पीछे वाली सड़क अक्सर abandoned vehicles की वजह से blocked रहती थी।

    उन्होंने कहा,
    “सुबह walk करते समय कई बार सड़क पर शराब की बोतलें, needles और यहां तक कि condoms भी पड़े दिखते थे। यह जगह धीरे-धीरे unsafe बन रही थी। अच्छा है कि अब BMC ने कार्रवाई शुरू कर दी है।”


    ⚡ Hawkers drive के बाद अब vehicles पर BMC की कार्रवाई

    गौरतलब है कि हाल ही में Lokhandwala Township में illegal hawkers और shop extensions के खिलाफ बड़ा anti-encroachment drive चलाया गया था।

    उस दौरान कुछ hawkers ने civic team पर हमला भी कर दिया था और उनके equipment को नुकसान पहुंचाया था।

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए 5 आरोपियों को अदालत ने 20 मार्च तक judicial custody में भेज दिया है।

    🚗 Street Parking बनी बड़ी समस्या

    Samata Nagar traffic division के Senior Police Inspector Jagdish Bhopale ने बताया कि Kandivali East में abandoned vehicles हटाना आसान नहीं है।

    उन्होंने कहा कि इलाके में street parking बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है।

    “कई residents के पास एक से ज्यादा cars हैं, लेकिन society parking में जगह नहीं होने के कारण वे उन्हें सड़क पर पार्क कर देते हैं।”

    💰 Kandivali East में Pay-and-Park योजना की तैयारी

    Traffic police अब Pay-and-Park system लागू करने की सिफारिश कर रही है।

    यह योजना इन इलाकों में लागू हो सकती है:

    • Lokhandwala Township
    • Thakur Complex
    • Thakur Village
    • Ashok Nagar

    अधिकारियों के मुताबिक, इससे

    • सड़क पर parking व्यवस्थित होगी
    • traffic congestion कम होगा
    • और सरकार को revenue generation में भी मदद मिलेगी।

    📌 FAQ

    1. BMC ने Kandivali East में क्या कार्रवाई शुरू की है?

    BMC ने Lokhandwala Township में abandoned vehicles (khataras) हटाने का अभियान शुरू किया है।

    2. वाहन हटाने से पहले क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है?

    वाहनों पर पहले 48 घंटे का notice लगाया जाता है। अगर मालिक नहीं आते तो वाहन जब्त कर लिए जाते हैं।

    3. जब्त किए गए वाहनों का क्या होता है?

    उन्हें dismantle करके उनके spare parts बेच दिए जाते हैं।

    4. पहले चरण में कितने वाहन हटाए गए?

    पहले चरण में 1 luxury bus, 6-7 motorcycles और 1 autorickshaw हटाए गए।

    5. Kandivali East में parking समस्या का समाधान क्या हो सकता है?

    Traffic police ने Pay-and-Park system लागू करने का सुझाव दिया है।

  • Mumbai Fire: अंधेरी के ओशिवारा झुग्गी इलाके में भीषण आग, SV Road पर धुएं से घिरा पूरा इलाका

    Mumbai Fire: अंधेरी के ओशिवारा झुग्गी इलाके में भीषण आग, SV Road पर धुएं से घिरा पूरा इलाका

    Mumbai Fire News – Andheri के Oshiwara slum में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी। SV Road के पास उठे काले धुएं के गुबार। इससे पहले Ambernath MIDC में chemical factory में धमाकों के साथ लगी थी आग।

    मुंबई: मुंबई के Andheri West इलाके में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब Oshiwara Business District के पास स्थित एक झुग्गी बस्ती में अचानक भीषण आग लग गई। यह आग SV Road के पास बने झोपड़ियों के एक बड़े क्लस्टर में भड़की। देखते ही देखते आग से उठने वाला घना काला धुआं पूरे इलाके में फैल गया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आग का वीडियो

    Mumbai-Fire-Andheri-Oshiwara-slum-SV-Road-engulfed-smoke-news

    घटना का एक वीडियो Instagram पेज “Andherilocal” पर शेयर किया गया, जिसके बाद यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि झुग्गी बस्ती की कई झोपड़ियों से तेज लपटें उठ रही हैं और आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार फैल रहा है

    स्थानीय लोगों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि कई मिनटों के भीतर ही बस्ती के कई हिस्से उसकी चपेट में आ गए। चूंकि यह इलाका काफी densely populated slum settlement है, इसलिए आग के फैलने का खतरा और भी ज्यादा था।

    SV Road और आसपास के इलाके में फैली चिंता

    आग लगने के बाद SV Road और Oshiwara commercial area में मौजूद दुकानदार और स्थानीय निवासी काफी घबरा गए। धुएं के बड़े गुबार की वजह से आसपास के इलाकों में कुछ देर के लिए visibility भी कम हो गई

    लोगों ने तुरंत अपने घरों और दुकानों से बाहर निकलकर सुरक्षित जगहों की ओर जाना शुरू कर दिया। कई लोगों ने मोबाइल से इस घटना के वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए।

    आग लगने की वजह अभी तक साफ नहीं

    फिलहाल fire department और स्थानीय प्रशासन की ओर से आग लगने के कारण को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितनी झोपड़ियां आग की चपेट में आईं, कितना नुकसान हुआ और क्या इस घटना में कोई घायल हुआ है या नहीं। अधिकारी मौके की स्थिति का आकलन कर रहे हैं और पूरी जांच के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।

    एक दिन पहले Ambernath में भी हुआ था बड़ा अग्निकांड

    गौर करने वाली बात यह है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में एक दिन पहले ही एक बड़ा आग का हादसा हुआ था।

    सोमवार को Ambernath के Anandnagar MIDC industrial area में स्थित एक chemical manufacturing unit में भीषण आग लग गई थी। इस आग के साथ कई जोरदार धमाके भी हुए, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।

    Ganesh Chemical Company में लगी थी आग

    शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक यह आग Ganesh Chemical Company नाम की फैक्ट्री में लगी थी, जो Anandnagar MIDC industrial belt में स्थित है।

    फैक्ट्री के अंदर बड़ी मात्रा में flammable chemicals रखे हुए थे। जैसे ही इन केमिकल्स ने आग पकड़ी, एक के बाद एक कई जोरदार विस्फोट (explosions) होने लगे।

    धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के फैक्ट्री कर्मचारी और स्थानीय निवासी तुरंत इमारतों से बाहर निकल आए।

    केमिकल्स की वजह से और खतरनाक हुआ हादसा

    बताया जा रहा है कि फैक्ट्री परिसर में रखे ज्वलनशील केमिकल्स के कारण आग कुछ ही मिनटों में पूरे यूनिट में फैल गई। बार-बार हो रहे धमाकों की वजह से firefighting operations भी काफी मुश्किल हो गए थे।

    घटनास्थल से उठता हुआ घना काला धुआं आसमान में कई मीटर ऊपर तक दिखाई दे रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह धुआं करीब दो किलोमीटर दूर से भी नजर आ रहा था, जिससे आसपास के औद्योगिक और रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग घबरा गए।

    लगातार आग की घटनाओं से बढ़ी चिंता

    लगातार दो दिनों में MMR region में हुए इन बड़े आग हादसों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि slum settlements और industrial zones दोनों जगहों पर आग से बचाव के बेहतर इंतजाम होना बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां घनी आबादी और ज्वलनशील सामग्री होने की वजह से हादसे ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. ओशिवारा में आग कहां लगी?

    अंधेरी के Oshiwara Business District में SV Road के पास स्थित झुग्गी बस्ती में आग लगी।

    2. क्या किसी के घायल होने की खबर है?

    फिलहाल अधिकारियों ने चोट या नुकसान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।

    3. आग लगने की वजह क्या थी?

    आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। जांच जारी है।

    4. Ambernath में किस फैक्ट्री में आग लगी थी?

    प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक Ganesh Chemical Company में आग लगी थी।

    5. क्या इस घटना में विस्फोट भी हुए थे?

    हाँ, फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील केमिकल्स के कारण कई जोरदार धमाके हुए थे।

  • Goregaon में BMC की बड़ी कार्रवाई, 13 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

    Goregaon में BMC की बड़ी कार्रवाई, 13 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

    मुंबई के Goregaon West में BMC ने Encroachment Removal Drive के तहत 13 अवैध दुकानों को तोड़ दिया। SV Road और 5D Road पर फुटपाथ और सार्वजनिक जगह घेरकर बनाए गए ढांचे हटाए गए।

    मुंबई: Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Goregaon West में 13 अवैध दुकानों को तोड़ दिया। यह कार्रवाई 10 मार्च को की गई, जिसे नगर निगम के P South Ward ने अपने Encroachment Removal Drive के तहत अंजाम दिया।

    नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इन दुकानों ने सड़क और सार्वजनिक जगह पर कब्जा कर रखा था, जिससे पैदल चलने वालों को काफी परेशानी हो रही थी।

    SV Road और 5D Road पर कार्रवाई

    कार्रवाई के दौरान Swami Vivekanand Road (SV Road) पर बनी 3 अवैध दुकानों को पूरी तरह तोड़ दिया गया

    BMC-major-action-Goregaon-bulldozers-13-illegal-shops-news

    इसके अलावा Goregaon West के 5D Road पर बनी 10 दुकानों के अवैध बढ़े हुए हिस्सों को हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन दुकानों ने फुटपाथ और सार्वजनिक जगह घेर रखी थी, जिससे लोगों के आने-जाने में दिक्कत हो रही थी।

    अवैध फेरीवालों पर भी हुई कार्रवाई

    नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि दुकानों के अलावा आसपास illegal hawkers के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

    इन फेरीवालों की वजह से सड़क और फुटपाथ पर भीड़ बढ़ रही थी और यातायात तथा पैदल चलने वालों के लिए रास्ता बाधित हो रहा था।

    कई विभागों ने मिलकर चलाया अभियान

    यह कार्रवाई Deputy Municipal Commissioner (Zone 4) Bhagyashree Kapse के मार्गदर्शन में की गई। वहीं अभियान का नेतृत्व P South Ward के Assistant Commissioner Aniruddha Kulkarni ने किया।

    इस कार्रवाई में Maintenance Department, Encroachment Removal Department और Licensing Department के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।

    मशीनरी और पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था

    इस अभियान में नगर निगम के 5 अधिकारी और 25 कर्मचारी शामिल थे।

    कार्रवाई के दौरान 1 JCB मशीन, 1 ट्रक, 1 मालवाहक वाहन और गैस कटर का इस्तेमाल किया गया।

    अभियान के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए Bangur Nagar Police Station की ओर से पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी तैनात की गई थी।

    अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

    नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि illegal construction और encroachment के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    नगर निगम का कहना है कि सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

    मुलुंड में भी हाल ही में हुई थी बड़ी कार्रवाई

    इससे पहले फरवरी महीने में Mulund West के Sardar Vallabhbhai Patel Road पर भी नगर निगम ने बड़ा अभियान चलाया था।

    उस दौरान 61 अवैध निर्माणों को तोड़ा गया और रेलवे स्टेशन के पास लगभग 1100 वर्ग मीटर अतिक्रमित जमीन खाली कराई गई

    इस कार्रवाई में 4 JCB मशीनें, 7 डंपर और अन्य उपकरण इस्तेमाल किए गए थे। करीब 70 नगर निगम अधिकारी और कर्मचारी तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद था।


    FAQ

    1. BMC ने Goregaon में कितनी दुकानों पर कार्रवाई की?

    BMC ने 13 अवैध दुकानों पर कार्रवाई की है।

    2. यह कार्रवाई कहां की गई?

    यह कार्रवाई Goregaon West के SV Road और 5D Road इलाके में की गई।

    3. इस अभियान का नेतृत्व किसने किया?

    अभियान का नेतृत्व Assistant Commissioner Aniruddha Kulkarni ने किया।

    4. कार्रवाई में कितने कर्मचारी शामिल थे?

    इस अभियान में 5 अधिकारी और 25 कर्मचारी शामिल थे।

    5. क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?

    नगर निगम के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

  • Kandivali में अवैध E-Cigarette रैकेट का भंडाफोड़, नाबालिग छात्रों को सप्लाई; दो आरोपी गिरफ्तार

    Kandivali में अवैध E-Cigarette रैकेट का भंडाफोड़, नाबालिग छात्रों को सप्लाई; दो आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के Kandivali West में पुलिस ने अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का खुलासा किया। Class 11 के छात्रों को vaping devices देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 1.16 लाख रुपये के प्रतिबंधित सामान जब्त किए गए।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। Kandivali Police ने नाबालिग छात्रों को banned electronic cigarettes बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में करीब 1.16 लाख रुपये के प्रतिबंधित vaping products जब्त किए हैं। यह कार्रवाई Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत की गई है, जिसके तहत भारत में e-cigarette की बिक्री और वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित है।

    पुलिस को गश्त के दौरान मिला सुराग

    पुलिस के अनुसार 2 मार्च को Sub-Inspector श्रीकांत मगर (Shrikant Magar) की टीम कांदिवली वेस्ट के इरानीवाड़ी इलाके में नियमित गश्त कर रही थी। उसी दौरान पुलिस ने कुछ Class 11 के छात्रों को e-cigarette पीते हुए (vaping) देखा।

    भारत में electronic cigarettes पर प्रतिबंध होने के कारण पुलिस ने तुरंत छात्रों से पूछताछ की।

    छात्रों ने बताया दोस्त से मिला था vaping device

    पूछताछ के दौरान छात्रों ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह vaping device उनके दोस्त “मंथन” से मिला था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे जांच शुरू की और सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश की।

    जांच के दौरान पुलिस ने एक अन्य संदिग्ध की पहचान रोहित सभाजीत उपाध्याय (Rohit Sabhajit Upadhyay) के रूप में की, जो कांदिवली वेस्ट का रहने वाला है।

    आरोपी के घर से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामान बरामद

    पुलिस ने रोहित उपाध्याय के घर पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान वहां से 131 प्रतिबंधित e-cigarettes और अलग-अलग कंपनियों के refill e-liquid bottles बरामद किए गए।

    जब्त किए गए इन सामानों की कीमत लगभग 78,500 रुपये बताई जा रही है।

    कुल 292 प्रतिबंधित सामान जब्त

    पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कुल 292 प्रतिबंधित items जब्त किए। इनमें e-cigarettes, e-liquids और विदेशी सिगरेट शामिल हैं। इन सभी की कुल कीमत लगभग 1.16 लाख रुपये बताई गई है।

    पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क खास तौर पर नाबालिग छात्रों को target कर रहा था, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।

    Electronic Cigarettes Act के तहत कार्रवाई

    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत मामला दर्ज किया है। इस कानून के अनुसार भारत में e-cigarette की बिक्री, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और विज्ञापन पूरी तरह गैरकानूनी है।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि यह अवैध सप्लाई नेटवर्क और किन-किन इलाकों में सक्रिय था।

    नाबालिगों में बढ़ती vaping की समस्या

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में स्कूल और कॉलेज के छात्रों में vaping का चलन बढ़ता दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि पुलिस अब ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रख रही है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक e-cigarette का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है और कम उम्र के बच्चों पर इसका असर और ज्यादा गंभीर हो सकता है।


    FAQ

    1. कांदिवली में क्या मामला सामने आया है?

    कांदिवली में पुलिस ने अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

    2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?

    इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    3. पुलिस ने कितने सामान जब्त किए?

    पुलिस ने कुल 292 प्रतिबंधित items जब्त किए हैं।

    4. जब्त सामान की कीमत कितनी है?

    जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 1.16 लाख रुपये बताई गई है।

    5. भारत में e-cigarette क्यों बैन है?

    भारत में Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत e-cigarette की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध है।