उद्धव ठाकरे ने मातोश्री पर पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और जरूरी निर्देश दिए। उद्धव ने कहा कि हम लोकसभा चुनाव का सामना महा विकास अघाड़ी के रूप में करना चाहते हैं। ऐसा करते समय पार्टी को कुछ सीटों पर समझौता करना होगा, इसके लिए तैयार रहें। uddhav thakrey
लोकसभा चुनाव के लिए सभी 48 सीटों के संभावित उम्मीदवारों को तैयार रहने का आदेश।
उद्धव ठाकरे की ताकीद, यह चुनाव महा विकास आघाडी के रूप में ही लड़ना है।
लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर स्थानीय नेताओं के साथ समीक्षा बैठक।
नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई- राज्य में होने वाले चुनाव को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे का सबसे बड़ा बयान। लोकसभा चुनाव के लिए सभी 48 लोकसभा क्षेत्र के संभावित उम्मीदवारों को तैयार रहने का आदेश उद्धव ठाकरे ने दिया है। उन्होंने यह ताकीद भी दी है, कि हमें यह चुनाव महा विकास आघाडी के रूप में ही लड़ना है, इसलिए टिकट की जिद मत करो, लेकिन चुनाव लड़ने की तैयारी रखो। उद्धव ठाकरे इन दिनों लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर अलग-अलग लोकसभा सीटों को लेकर स्थानीय नेताओं के साथ समीक्षा बैठक कर रहे हैं।
उद्धव ठाकरे की समीक्षा बैठक..
गुरुवार को उद्धव ठाकरे ने नासिक, अहमदनगर और दिंडोरी लोकसभा सीटों के लिए समीक्षा बैठक की। यह बैठक मुंबई उनके घर मातोश्री पर हुई। इस बैठक में चुनावी तैयारियों के अलावा पार्टी संगठन की ताकत बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। खास बात यह रही कि इस बैठक में बूथ प्रमुखों समेत अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर भी विचार विमर्श हुआ। इसी तरह उन्होंने बुधवार को भी नंदुरबार, धुले, जलगांव और रावेर लोकसभा सीटों की समीक्षा की थी।
Indian fasttrack newsमुंबई स्थित शिवसेना पार्टी के मातोश्री की तस्वीर
पार्टी में बगावत के बाद उद्धव ठाकरे ने नासिक और अहमदनगर की सीट पर हर हालत में जीत के लिए तैयारी करने को कहा है। उद्धव ठाकरे ने कहा, कि अहमदनगर की सीट इस बार किसी भी हालत में बीजेपी को नहीं जीतने देना है। इस सीट पर फिलहाल राधाकृष्ण विखे पाटील के बेटे सुजय विखे पाटील सांसद हैं।
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इंडिया की बैठक पर हुई चर्चा..
गुरुवार को दिन भर अपनी पार्टी के संगठन और चुनावों की तैयारी के लिए बैठकों के बाद उद्धव ठाकरे के घर पर विपक्ष के नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में आगामी 31 अगस्त को मुंबई में होने वाली विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक के लिए कांग्रेस, एनसीपी के नेता मातोश्री पर जमा हुए। बैठक में कांग्रेस की तरफ से प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले, पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवरा, प्रदेश कांग्रेस के कार्याध्यक्ष पूर्व मंत्री नसीम खान, अतुल लोंढे एनसीपी की तरफ से नरेंद्र वर्मा, आदिती नलावडे और शिवसेना की तरफ से खुद उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और संजय राउत शामिल थे।
वी बी माणिक कल्याण– पिछले वर्ष नवंबर 2022 में मध्यरेल के सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ का एक फर्जी लोकोपायलट उमाशंकर बर्मा उर्फ नटवरलाल को कोलसे वाड़ी पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और अन्य धाराओं के तहत गिफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस केस की जाँच उपनिरीक्षक सचिन सालवी को दिया गया था। (Indian fasttrack)
इस केस के सिलसिले में आपको जानकारी देते हुए बता दें कि सालवी ने नटवरलाल से मिलकर केस को पूरी तरह बिगाड़ दिया और चार्जशीट भी 60 दिनों में कोर्ट में नही डाला। जिसके कारण नटवरलाल को कोर्ट से डिफॉल्ट जामिन मिल गया। उसके बाद नटवरलाल का आतंक फिर से बढ़ गया और नटवरलाल के विरुद्ध कुर्ला में शिकायत भी दर्ज हो गयी। वही दूसरी ओर कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक देशमुख ने इसकी रिपोर्ट डीसीपी सचिन गुंजाल से कर दिया।
पुलिस उपायुक्त सचिन गुंजाल ने तत्काल प्रभाव से उपनिरीक्षक सालवी को वहाँ से हटाकर कंट्रोल रूम में तबादला कर दिया। आपको यह भी बता दें कि उपनिरीक्षक सचिन सालवी को बात करने की तमीज नही है। अपराध को खत्म करने के बजाय आरोपियों को बचाने का काम करता है। आरोपियों के जरिए आम नागरिकों को अपने नाम से धमकी भी दिलवाता है। कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में इसकी काफी शिकायत है। फोन करने पर कल अधिकारी फोन ही नही उठाते ये बड़े ही दुर्भाग्यपूर्ण विषय है। अब लोग ठग नटवरलाल से निजात पाने के लिए पुलिस पर भरोसा किया। लेकिन आम नागरिकों के भरोसे पर पानी फिर गया। क्योंकि सचिन सालवी जैसे भ्र्ष्ट ऑफिसर के हाथ मे ये केस चला गया।
स्टैंप पेपर पर दस्तखत कराकर जानलेवा धमकी देकर छोड़ा विधायक प्रकाश सुर्वे के बेटे राज सुर्वे ने।
ली थी मनोज मिश्रा से अपहरण की सुपारी।
इस्माइल शेख मुंबई- नेता हो या अभिनेता, सबको आवश्यक है। किंतु यदि वे अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को निभाते हुए, अपनी संतानों को अच्छे संस्कार नहीं देते हैं तो उनकी संताने शॉर्ट कट का रास्ता अपनाकर असामाजिक व अनैतिक कार्य करने लगती है। ऐसा ही एक मामला विधायक प्रकाश सुर्वे के साथ भी घटित हुआ है, जहां उनके बेटे राज सुर्वे, उसके साथी विक्की शेट्टी सुपारी देने वाले मनोज मिश्रा व उनके 10,12 अज्ञात गुंडे टाइप साथियों के विरुद्ध म्यूजिक कंपनी के मालिक राजकुमार सिंह ने वनराई पुलिस थाने में प्राथमिकी नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)
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पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार गोरेगांव (पूर्व) में चिंतामणि क्लासिक बिल्डिंग इको हाउस के पास, विश्वेश्वर नगर रोड़ के फ्लैट नंबर 302, 303, 403 तीसरा व चौथे मजले पर’ ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन प्रा. लि. नाम की कंपनी का कार्यालय है। वहीं आरोपी मनोज मिश्रा (30) वर्ष वाय – 503, एग्जीबिशन रोड़, गन अपार्टमेंट चौक के समीप ही पटना, बिहार की भी आदिशक्ति प्रा. लि. नाम की म्यूजिक कंपनी है। मनोज मिश्रा ने उसके 1.5 करोड़ फॉलोअर्स बताया है। उसे पैसे की आवश्यकता थी अपनी आदिशक्ति कंपनी को बढ़ाने के लिए, इसलिए उसने ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन के सीईओ राजकुमार सिंह से अपनी कंपनी ‘ आदिशक्ति प्रा. लि. डिजिटल लाइसेंस पर वर्ष 2019 में ओटीटी प्लेटफार्म के संबंध में आवश्यक करार पत्र लेकर राजकुमार सिंह ने एक वर्ष का ही करार किया था। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)
Indian fasttrack newsविधायक प्रकाश सुर्वे की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ फाइल तस्वीर
अपहरण की सुपारी ..
किंतु कंपनी का व्यवहार अच्छा रहा। इसी कारण वर्ष – 2021 में मनोज मिश्रा ने यूट्यूब चैनल के लिए 8 करोड़ रुपए एडवांस में लिया और 5 वर्ष का करारनामा लिखा, जिसका लॉकिंग पीरियड 3 वर्ष का था। यह करारनामा वर्ष – 2026 में अपने पांच वर्ष पूर्ण करता। चैनल डेवलपमेंट के लिए मनोज मिश्रा ने कंटेंट न बनाकर उक्त पैसे को अन्यत्र खर्च किया, जिससे राजकुमार सिंह को मिलने वाले नियमित लाभ में कमी आने लगी। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)
शिकायत के मुताबिक यूट्यूब चैनल का कंटेंट बनाने के लिए मनोज मिश्रा ने और पैसे की मांग की, जिसे राजकुमार सिंह ने इनकार कर दिया। किंतु मनोज मिश्रा ने वर्ष -2022 से करारनामा रद्द करने के लिए राजकुमार सिंह पर दबाव डालने लगा। राजकुमार सिंह ने समझौते के लिए उससे कहा कि वह उसे जून व जुलाई 2023, में एक करोड़ रुपए उसकी कंपनी के बैंक खाते में दे चुका है। वह उसका पैसा वापस करके करार रद्द कर सकता है।किंतु मनोज मिश्रा ने ऐसा न करते हुए, पद्माकर, राज सुर्वे को करार रद्द कराने की सुपारी दे दी। दिनांक – 09/08/2023 को 10 – 15 लोग राजकुमार सिंह के कार्यालय में आए और उसे विधायक प्रकाश सुर्वे के कार्यालय में ले गए, फिर कुछ दूर स्थित एक अन्य बिल्डिंग में ले गए, जहां उसके मोबाइल पर वनराई पुलिस का फोन आया, किंतु अपहरण कर्ताओं के दबाव के कारण राजकुमार सिंह ने पुलिस को जवाब नहीं दे पाया। फिर अपहरण कर्ताओं ने राजकुमार सिंह को दहिसर स्थित एक कार्यालय में लाया गया। जहां पद्माकर, राज सुर्वे पहले से ही मौजूद था। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)
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उसने जानलेवा धमकियां दी। उसके साथी विकी शेट्टी ने मनोज मिश्रा द्वारा लाए गए 100 / – के स्टैंप पेपर पर राजकुमार सिंह से जबरन करारनामा रद्द करने के लिए दस्तखत कराया और राजकुमार सिंह को जानलेवा धमकियां देते हुए, पुलिस में न जाने की ताकीद कर छोड़ दिया। फिर राजकुमार सिंह ने वनराई पुलिस स्टेशन जाकर मनोज मिश्रा, पद्माकर, राज सुर्वे, विकी शेट्टी व 10,12 अज्ञात लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुंबई एयरपोर्ट से फरार होने की कोशिश कर रहे मनोज मिश्रा व उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब देखना यह है कि पुलिस विधायक प्रकाश सुर्वे के बेटे राज सुर्वे को भी गिरफ्तार करती है या नहीं? (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)
जहरीला दूध : महाराष्ट्र सरकार को जनता के स्वास्थ्य और जिंदगी की परवाह ही नहीं। सच तो यह है कि सरकारी मशीनरी फेल हो चुकी है। सरकारी उपेक्षा, उदासीनता और अकर्यमण्यता का इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- महाराष्ट्र राज्य में खेतिहरों (किसानों) और पशुपालकों द्वारा मात्र 14 हजार करोड़ लीटर दूध उत्पादित किया जाता है, लेकिन बिक्री है 64 हजार करोड़ लीटर। सरकार को बताना चाहिए कि उत्पादन के अलावां 50 हजार करोड़ लीटर दूध आता कहां से है? सरकार बताए कि ये पचास हजार करोड़ लीटर अधिक दूध कैसे बनता है? यूरिया से या दूसरे केमिकल से? यह नकली जहरीला दूध बनाने वाले कौन हैं? (जहरीला दूध)
क्या सरकार ने इन्हें नकली जहरीला दूध बनाने का लाइसेंस दिया है? स्वास्थ्य मंत्रालय, कृषि पशुधन मंत्रालय कहां सोया है? क्या सांख्यिकी का ज्ञान है? क्या मार्केट में मिलने वाले दूध के असली नकली होने की जांच व्यवस्था सरकार ने की है? यदि की है तो फिर बाजार में पचास हजार करोड़ लीटर जहरीला दूध कैसे बेचा जाता है? क्या सरकार का दायित्व नहीं है, कि केमिकल से बने जहरीले दूध निर्माता लोगों का पता है सरकार को। सच तो यह है कि महाराष्ट्र सरकार को जनता के स्वास्थ्य और जिंदगी की परवाह ही नहीं है। सच तो यह है कि सरकारी मशीनरी फेल हो चुकी है। सरकारी उपेक्षा, उदासीनता और अकर्यमण्यता का इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है। (जहरीला दूध)
ऐसा नहीं है कि सरकार और राज्य के 288 खासदारों (सांसद) को यह तथ्य मालूम नहीं है लेकिन कोई बोलता ही नहीं। सब चुप हैं। विषैले दूध से जनता बीमार पड़ रही है। जो दूध स्वास्थ्य वर्धक होता है वही दूध जहरीला बेचकर जनता को मारा जा रहा है। (जहरीला दूध) महाराष्ट्र राज्य सरकार के मानसून सत्र मे यह जहरीले दूध बनाने और बेचने का मामला अकेले उठाने वाले माननीय विधायक एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्य मंत्री बच्चू कडू जी ही हैं। अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता लेकिन अकेला आइना असली सूरत तो दिखा सकता है। माननीय विधायक बच्चू कडू जी को कोटि कोटि बधाई। (जहरीला दूध)
रेल अधिकारियों का भ्रष्टाचार यात्रियों को परेशान करता दिखाई दे रहा है और यह लो जवाब देने को तैयार नहीं है। Indian Railway
वी बी माणिक मुंबई- मध्यरेल के जनसंपर्क विभाग के कर्मचारी यात्रियों को पूरी तरह गुमराह करते है। आज मुंबई और थाने में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। सभी लोकल गाड़िया करीब एक घन्टे देरी से चल रही है। क्योंकि कल्याण स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर 1, 2 और 3 के ट्रैक पर पानी भर गया। जिसके कारण सभी धीमी लोकल गाड़िया 1 घन्टा देरी से चल रही है। Indian Railway
अगर ऐसे ही बारिश होती रही तो गाड़िया बंद भी हो सकती है। ये रेल प्रशासन की पूरी लापरवाही है। ये पानी इसलिए भरता है, क्योंकि नालो की सफाई नही होती है। शहरों की नगर निगम यानी मनपा, टीएमसी, केडीएमसी ने करोड़ो रूपये सफाई के लिए रेल प्रशासन को दिए है। फिर भी सफाई नही किया गया। इसकी जबाबदारी कौन लेगा? Indian Railway
ये बारिश के मौसम के पूर्व साफ-सफाई के बड़ी-बड़ी मीटिंगे होती है। ऐसी मीटिंग का क्या फायदा जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेल कर्मी रात दिन काम करते है, ये कौन सा कार्य करते है? सभी परेशान रहते है। अभी कल्याण के आसपास काफी भारी बारिश हो रही है। मध्यरेल के उप मुख्य जनसंपर्क अधिकारी तो किसी काम के नही है। जिसको कोई जानकारी रहती ही नही है। Indian Railway
ये कहावत सत्य बैठती है। उप मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनिल जैन फूल पगारी फोकटिया अधिकारी। ऐसे लोगो को रेलवे किस आधार पर रखती है? ये तो ऊपर वाला ही जाने। आज सभी नागरिक अपने घर पर अच्छे से पहुँच जाए और रेलवे सुचारू रूप से चले सभी लोग सुरक्षित रहे। यही अभिलाषा हम रखते हैं। Indian Railway
मेल-एक्सप्रेस गाड़ियों के अलावा मुंबई की लोकल ट्रेनों में भी हिजड़ों का आतंक देखा जाने लगा है। बांद्रा जीआरपी में मामला हुआ दर्ज। Mumbai Local Train
वी बी माणिक मुंबई– पश्चिम और मध्य रेलवे के लोकल गाड़ियों में हिजड़ों का आतंक काफी बढ़ गया है। आज यानी 26 जुलाई, पश्चिम रेल के माटुंगा से लोकल ट्रेन में एक लड़की यात्रा कर रही थी। तभी एक कौशल्या नामक हिजड़े (किन्नर) द्वारा उस लड़की के साथ दुर्व्यवहार किया गया। जिस पर सांताक्रूज रेलवे स्टेशन पर उस लड़की द्वारा बांद्रा जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई गई। (Mumbai Local Train)
बांद्रा जीआरपी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 509 के तहत गुनाह दर्ज कर आरोपी हिजड़े को जमानत पर छोड़ दिया है। क्योंकि जिस धारा में सात साल से कम सजा का प्रावधान है उसमें आरोपी को गिरफ्तार नही किया जाता। जब चार्जसीट दायर होगा तब कोर्ट सजा का निर्णय लेगा। (Mumbai Local Train)
बांद्रा जीआरपी के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कुंभार से फोन पर बात करने पर उन्होंने बताया, कि इस एरिया में हिजड़ो पर काफी कार्रवाई की गई है। फिर भी चोरी छिपे ये चले आते है। दूसरी ओर आरपीएफ निरीक्षक मीणा ने जानकारी देते हुए कहा, कि अधिक से अधिक केस हिजड़ो पर किया जा रहा है। पर ये कोर्ट से छूटने पर वापस चोरी छिपे गाड़ियों में भीख मांगने और बदतमीजी के साथ वसूली करने के लिए आ जाते है। पर सबसे बड़ी बात ये है कि आरपीएफ के पास सुरक्षा बलों की काफी कमी है। (Mumbai Local Train)
अब मुद्दा ये है, कि ये हिजडो को महिलाओं के डब्बे में यात्रा करने की अनुमति देता कौन है? अधिकांश हिजड़ो के पास यात्रा करने का टिकट नही होता। मेल एक्सप्रेस गाड़ियों में भी ये हिजड़े यात्रियों से जबरी पैसों की वसूली करते है। मध्यरेल के एलटीटी थाना कल्याण में भी हिजड़ो का काफी आतंक है। ये कब बंद होगा? चेकिंग स्टाफ इन पर कार्रवाई करने से क्यो कतराता है? (Mumbai Local Train)
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शिकायत होने पर आरपीएफ और जीआरपी, चेकिंग स्टाफ दो चार हिजड़ो पर कार्रवाई कर अपना कालर टाइट कर लेते है। अब यात्रियों की सुरक्षा की जबाबदारी कौन लेगा? ये सबसे बड़ा प्रश्न है। क्या इस विषय पर डीआरएम और अन्य अधिकारी संज्ञान लेंगे, या ऐसे ही चलता रहेगा? (Mumbai Local Train)
भ्रटाचार की नींव पर हो रहा है पांच मंजिला इमारतों का अवैध निर्माण।
बिना नक्शा पास कराए मनपा नियमों को ताक पर रख बनाई जा रही पांच मंजिला इमारतें।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- यूं तो सम्पूर्ण बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) भ्रष्टाचार के मामले में स्पर्धा करती रहती है। हर वार्ड के जिम्मेदार डी ओ, वार्ड ऑफिसर, अभियंताओं में भ्रष्टाचार की कमाई वाला माल बनाने की मानों होड़ सी लगी दिखती है। यदि अवैध बांधकाम कराने, उन्हें संरक्षण देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को कोई पुरस्कार देने की योजना बनाई जाए तो पी/नॉर्थ, वार्ड टॉप पर होगा। अधिकारियों की बात करें तो पी/नॉर्थ, वार्ड के डीओ राजन प्रभु ही बाजी मारकर टॉप पुरस्कार प्राप्त करने में सफल होंगे। (मलाड BMC का भ्रष्टाचार)
पांच मंजिला भ्रष्टाचार…
बताया जा रहा है, कि पी/नॉर्थ वार्ड के चीकू वाड़ी, रोड नंबर -१, मालवणी चर्च, बस स्टॉप नियर एनथोनी स्कूल, मार्वे रोड, मालाड (पश्चिम) में ग्राउंड+४ (पांच मंजिला) के आर सी सी (RCC) का अवैध बांधकाम कराने और संरक्षण देने का कार्य डीओ राजन प्रभु द्वारा किया गया है। जबकी उक्त पांच मंजिला इमारत के निर्माण कार्य को गैरकानूनी तरीके से कराया जा रहा है। आरोपित डीओ राजन प्रभु की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते राज्य सरकार की छवि धूमिल करने के साथ ही भ्रष्टाचार को खूब बढ़ावा मिल रहा है।
Indian fasttrack newsचीकू वाड़ी,रोड नंबर-१,, मालवणी चर्च,बस स्टॉप नियर एंथोनी स्कूल,मार्वे रोड़, मालाड (पश्चिम), स्थित ग्राउंड+४(पांच मंजिला)इमारत के आरसीसी का अवैध निर्माण की तस्वीर
मलाड BMC का भ्रष्टाचार…
इसी तर्ज पर दुर्गा निवास, बाजार गली, भंडारवाड़ा रोड़, बस स्टॉप, मार्वे रोड़, मालाड (पश्चिम) में खाली भूखंड (open plot) पर ग्राउंड+४ (पांच मंजिला) के ४० रूम का गैरकानूनी निर्माण कार्य बिना नक्शा पास कराए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के नियमों को ताक पर रख कर उक्त दोनो पांच मंजिला इमारतों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है और संरक्षण दिया जा रहा है और लाखों की काली कमाई की जा रही है। जिस पर तोड़क कार्रवाई नहीं करना क्या मतलब है? क्या बिना लेन-देन किए ऐसा संभव है?
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आला अधिकारियों का दुधारू गाय…
झोपड़ी रिपेयर करते समय नोटिस पर नोटिस देने वाले अधिकारी जब गैरकानूनी निर्माण नहीं तोड़े तो! क्या यह भ्रष्टाचार नहीं है? लगता है बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारी कोमा में हैं। जो भ्रष्ट अधिकारियों के भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। चर्चा है आम, कि इन अवैध निर्माणों में डीओ राजन प्रभु का पैसा लगा है। जो काली कमाई खपाने का उत्तम माध्यम है। सूत्र बताते हैं, कि इसके पीछे की मुख्य वजह भ्रष्ट डीओ राजन प्रभु को आला अधिकारियों का दुधारू गाय होना मान रहे हैं।
अधिकारियों व स्थानीय नेताओं में क्षेत्रवाद का महारोग है संक्रमित।
लेबर हीरा परमार के माध्यम से फेरीवालों से जबरन की जा रही है वसूली।
सरकार को रुचि नहीं है, फेरीवाला कानून को मंजूरी देने में।
वसूली बंद होने से काली कमाई के खत्म होने का सता रहा है डर।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है देश में कहीं बसने, व्यापार करने, संपत्ति बनाने, बोलने, लिखने का। लेकिन क्षुद्र नेता इसमें राजनीति और पक्षपात कर मौलिक अधिकारों का क्षेत्रीय आधार पर अन्याय कर इसका हनन करते हैं। सरकारें दौलत कमाने के लिए उन्हें हटाने या भगाने का षडयंत्र रचती हैं। इसमें राजनीतिक दलों का स्वार्थ, पूर्ण रवैया अन्याय और लूट को बढ़ावा देता है। (फेरीवाला कानून ..)
केंद्र सरकार ने रोजगार मुहैया कराने के लिए देश भर में फेरीवालों को लाइसेंस देने का बिल पास किया। सुप्रीमकोर्ट ने भी आदेश दिया है, लेकिन महाराष्ट्र खासकर मुंबई में फेरीवालों से अवैध रूप से वसूली करने के लिए फेरीवालों को नियमित नहीं किया जा रहा। बता दें, कि ऐसा जनता के सेवकों को फेरीवाला संगठन में शामिल नहीं किए जाने पर किया जा रहा है। सबसे बड़ा तोड़ा महाराष्ट्र की आघाड़ी सरकार है। याद हो कि लगभग तीन लाख फेरी वालों ने रजिस्ट्रेशन कराया था ।केंद्र सरकार ने 2014 में कानून बनाया मनपा ने 2018 में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया था। तब से दो दो सरकारें आईं लेकिन वसूली से आमदनी करने के लिए किसी भी सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी।
Indian fasttrack newsप्रतिकारातमक फ़ाईल तस्वीर Indian fasttrack
फेरीवाला कानून ..
सरकार फेरीवाला कानून को लेकर अभी तक फैसला नहीं कर पा रही है। जिससे फेरीवालों को बिना लाइसेंस के ही अपना व्यवसाय करना पड़ रहा है। इसी की आड़ में आर/दक्षिण, अतिक्रमण/निर्मूलन विभाग की तरफ से फेरीवालों से अवैध वसूली की जा रही है। जिससे फेरीवाले त्रस्त हो रहे हैं। भला सोने के अंडे देने वाली मुर्गियां कोई आजाद करना क्यों चाहेगा। फेरीवालों से अवैध तरीके से मनपा कर्मी, ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय नेता 400 से 500 करोड़ रुपए वसूलते हैं।
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मौलिक अधिकार की सुरक्षा..
कांदिवली के आर/दक्षिण वार्ड में कुछ ज्यादा ही वसूली का रिकार्ड बनाया जा रहा है। आर/दक्षिण वार्ड की उपायुक्त भाग्यश्री कापसे और सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर के आदेश पर अतिक्रमण/निर्मूलन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक सैफुद्दीन सैयद शेख अपने लेबर हीरा परमार के साथ कुछ ज्यादा ही वसूली करते हैं। नहीं देने वालों के सामान गाड़ी में भरवा लेते हैं। फेरीवाले अवैध वसूली से त्रस्त हैं। डबल इंजन की सरकार को जानना होगा कि केंद्र में भी बीजेपी सरकार है तो शीघ्र ही मनपा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव और रिमाइंडर का ध्यान रख तुरंत आदेश दे, ताकि फेरी वालों से अवैध वसूली नहीं हो और मौलिक अधिकार की सुरक्षा के साथ न्याय हो।
इस आर्टिकल को पढ़कर आप भी घर बैठे इलेक्शन कार्ड (Election Card) में अपना फोटो, पता और बाकी जानकारियों में बदलाव कर सकेंगे। हम खास आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आए हैं।
डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network) एक मतदाता पहचान पत्र आपके भारतीय होने और पते के प्रमाण के लिए एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। इसलिए, भविष्य में असुविधा से बचने के लिए, आपका नाम, पता, जन्म पत्र आदि जैसी जानकारी में किसी भी गड़बड़ी को ठीक करना आवश्यक है। अगर आप भी ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटर आईडी (Election Card) में सुधार करना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रियाओं की जांच के लिए पढ़ना जारी रखें।
Election Card सुधार के लिए आवेदन कैसे करें
संभावित मतदाता पहचान पत्र में अपना नाम, पता और अन्य जानकारी बदलने के लिए ऑनलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुन सकते हैं। आवेदक का नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए प्रत्येक चरण को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित हैं।
Election Card पर ऑनलाइन नाम बदलने के तरीके के बारे में निम्नलिखित चरणों पर एक नज़र डालें:-
Step 1:एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं। अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करें। यदि आप मौजूदा सदस्य हैं तो लॉगिन करें। Step 2: “निर्वाचक विवरण में सुधार” चुनें और फॉर्म 8 पर क्लिक करें। Step 3: आपको दूसरे पृष्ठ पर भेज दिया जाएगा और निम्नलिखित विवरण दर्ज करें
आपका संसदीय क्षेत्र या राज्य विधानसभा।
अपना नाम, उम्र, लिंग और मतदाता सूची का भाग संख्या टाइप करें।
अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दर्ज करें, जैसे पति या पत्नी, पिता या माता।
अपना आवासीय पता लिखें।
Step 4: आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि अपलोड करें। Step 5: अपना गलत या गलत वर्तनी वाला नाम बदलने या संपादित करने के लिए “My Name” टैब चुनें। अपना आवासीय शहर, तिथि और संपर्क विवरण जैसे – ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें। Step 6: सभी विवरणों को सत्यापित करें और चुनाव कार्ड को अपडेट करने के लिए सबमिट करें।
एक बार जब आपका आवेदन संसाधित और सत्यापित हो जाता है, तो आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक सूचना (Massage) प्राप्त होगा। तदनुसार, इसे अपने निकटतम निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करें।
Voter ID Card में पता बदलना..
क्या आप एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और सोच रहे हैं कि मतदाता पहचान पत्र ( Election Card) में पता कैसे बदला जाए, तो चिंता न करें। नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करें:-
Step 1: एनवीएसपी पोर्टल पर लॉग इन करें। टैब “नए मतदाता के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें/एसी से स्थानांतरित होने के कारण” का चयन करें और यदि आप वर्तमान में एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हुए हैं तो Form 6 चुनें। Step 2: यदि आप एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर एक आवासीय क्षेत्र से दूसरे में स्थानांतरित हो गए हैं तो Form 8A चुनें। Step 3: आवश्यक जानकारी जैसे नाम, निर्वाचन क्षेत्र, राज्य, जन्म तिथि आदि के साथ संबंधित फॉर्म भरें। अपना संपर्क विवरण जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि प्रदान करें। Step 4: प्रासंगिक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अपलोड करें। संबंधित दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करें। Step 5: घोषणा विकल्प का चयन करें। कैप्चर टाइप करें और सबमिट करें।
यहां बताया गया है कि आप NVSP पोर्टल पर पहुंचकर voter ID पर अपनी जन्मतिथि ऑनलाइन कैसे बदल सकते हैं।
Step 1: पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद, Form 8 चुनें। Step 2: अपना नाम, संसदीय क्षेत्र या राज्य या जिला विधानसभा से संबंधित जानकारी दर्ज करें। अन्य जानकारी में शामिल हैं:
एपिक या मतदाता का फोटो पहचान पत्र संख्या।
उस विकल्प का चयन करें जिसे आप अपडेट करना चाहते हैं, इस मामले में, आपकी जन्म तिथि।
अपनी सही जन्मतिथि दर्ज करें और आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड जैसे दस्तावेज प्रदान करें।
Step 3: घोषणा विकल्प का चयन करें और सबमिट करें।
इसके अतिरिक्त, आप वोटर पोर्टल के माध्यम से voter ID सुधार का विकल्प भी चुन सकते हैं। यह एक सरकारी पोर्टल है जहां आवेदक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं या मतदाता पहचान पत्र पर जानकारी बदल सकते हैं। इसे एक्सेस करने के लिए आपको एक अकाउंट बनाना होगा। लॉग इन करने के बाद, “voter ID में सुधार” का विकल्प चुनें। अन्य चरण ऊपर बताए गए चरणों के समान हैं।
Voter ID सुधार ऑफलाइन कैसे करें?
इंटरनेट एक्सेस के बिना आवेदक निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऊपर उल्लिखित सभी सूचनाओं को बदल सकते हैं। Form 8, 8A या 6 के लिए पूछें। आप इसे NVSP की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं। आप इसे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, इसके चरण यहां दिए गए हैं।
NVSP पोर्टल पर जाएं। “फॉर्म” पर क्लिक करें।
राज्य चुनें”। अब “डाउनलोड” अनुभाग पर नेविगेट करें और “फ़ॉर्म” चुनें।
आवश्यक फॉर्म डाउनलोड करें – Form 6, 8, या 8A
अपना नाम, आयु, निर्वाचन क्षेत्र इत्यादि जैसे अनिवार्य क्षेत्रों को भरें। इसे सहायक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा करें। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि शामिल हैं।
आपको Voter ID सुधार का विकल्प क्यों और कब चाहिए?
एक मतदाता पहचान पत्र चुनाव के दौरान आपके वोट डालने की अनुमति देता है। इसके अतिरिक्त, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, यह एक आवश्यक पहचान प्रमाण भी है। इसलिए, इसमें कोई भी गड़बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने काम के लिए एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुनें।
मतदाता पहचान पत्र सुधार स्थिति की जांच कैसे करें?
एक बार जब आप Voter Id सुधार के लिए आवेदन कर देते हैं, तो आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। वोटर आईडी सुधार के लिए अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।
Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। नीचे उल्लिखित “ट्रैक एप्लिकेशन स्थिति” पर क्लिक करें। Step 2: संदर्भ आईडी दर्ज करें और आवेदन की स्थिति देखने के लिए “ट्रैक स्थिति” चुनें।
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आवेदक 1950 पर कॉल करके भी मतदाता पहचान पत्र सुधार के लिए आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। आप दो आसान चरणों के साथ वोटर पोर्टल के माध्यम से भी स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं पंजीकृत सदस्य “Track Status” का चयन करके स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
आवेदन की स्थिति देखने के लिए संदर्भ संख्या दर्ज करें।
इस प्रकार, यह सब वोटर आईडी सुधार के बारे में है। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों को सत्यापित करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, एक सुगम आवेदन प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों को संभाल कर रखें।
देश में महिला की सुरक्षा को लेकर लगातार लोगों में खौफ का माहौल बढ़ता जा रहा है। इस पर केंद्र सरकार को अंकुश लगाने की जरूरत है। India
वी बी माणिक मुंबई- आजकल अधिकांश राज्यो में महिलाओं लडकियो पर बलात्कार दुराचार की घटनाओं में दिन पर दिन बाढ़ सी आ गयी है। जिस पर राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे है। राजस्थान, छतीसगढ़ मणिपुर, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यो में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। (India)
मणिपुर की घटना.. India
राज्य सरकारें क्या कर रही है? महिलाओं को बलात्कार कर उनको जिंदा जला दिया जा रहा है। देश में इतना बड़ा पाप हो रहा। लेकिन इस पर राजनीतिक दलों के लोग अपनी रोटिया सेक रहे है। पिछले 80 दिनों से मणिपुर जल रहा है। मणिपुर के मुख्यमंन्त्री कान में तेल डालकर कुम्भकर्ण की नींद सो रहा है। उनको पता ही नही चल रहा है कि राज्य में क्या हो रहा है। ये बड़े शर्म का विषय है।
Indian fasttrack newsमहिला सुरक्षा पर प्रतिकारात्मक तस्वीर
राजस्थान की घटना..
दूसरी ओर राजस्थान में रात में जिंदा एक 6 महीने की बच्ची को जला दिया गया। जिस पर मुख्यमंन्त्री गहलोत ने एक शब्द नही बोला। अब अपराधी ही नेता बने है। इस पर चुनाव आगोग को कड़ा नियम लागू करना चाहिए कि जिस नेता पर एक भी छोटा केस हो तो उसको चुनाव लड़ने का अधिकार समाप्त कर देना चाहिए। लोक सभा और कुछ राज्यो के विधानसभा चुनाव करीब है। क्या अपराध की घटनाओं को बढ़ाकर चुनाव का पूर्वाभ्यास किया जा रहा है? India
अब निर्दोष नागरिकों, महिलाओ की हत्या, बलात्कार, लूट, चोरी, डकैती, राहजनी और अन्य घटनाओ की बाढ़ लाकर नेता अपनी ताकत बता रहे है। प्रधानमंत्री को आज वीडियो दिखाई पड़ा अभी तक मणिपुर की घटना की जानकारी नही थी। ये कबतक चलेगा पुलिस कब सुधरेगी नेताओ की चमचागिरी पुलिस कब बन्द करेगी। आजकल महाराष्ट्र में पुलिस की हफ्ता उगाही जोरो पर चल रही है। क्योंकि इनके आका सत्ता में और विपक्ष में बैठे है। इन पुलिस वालों का कोई कुछ नही कर सकता। India
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अब तो पुलिस स्टेशनों में महिलाओं की शिकायत तक नही ली जाती है। ये छोड़िये आम नागरिकों की शिकायत नही ली जाती है। पुलिस की मानसिकता दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। केवल अपने आकाओं के आगे पीछे मंडराते रहते है। अगर पुलिस के विरुद्ध किसी ने खबर लगा दिया। तो पुलिस हनुमान जी बनकर पत्रकार के पीछे लग जाती है। ये अपने देश का दुर्भाग्य है। दिल्ली में जब निर्भया कांड हुआ था। तो महिलाओ के लिए लोकसभा में कई कानून का इम्पलीमेंट (IMPLEMENT) किया गया था। पर उसपर आजतक अमल नही किया गया। कब होगी बहन बेटियों माताओ की सुरक्षा ये जबाब जनता पूछ रही है। India