महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस का खुद को पीए बताकर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। (Maharashtra Deputy Chief minister devendra fadnavis News)
इस्माईल शेख मुंबई- शनिवार 23 मार्च, महाराष्ट्र राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेन्द्र फडणवीस का पीए बताकर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान सुहास महाडिक और किरण पाटिल के रूप में हुई है। मामले की तहकीकात मरीन ड्राइव पुलिस कर रही है। (Maharashtra Deputy Chief minister devendra fadnavis News)
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सुहास महाडिक और किरण पाटिल ने खुद को गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस का पीए बताकर Mumbai की एक सोसाइटी का मामला सुलझाने का प्रयास किया और इसको लेकर फडणवीस के नाम पर 15 लाख वसूले थे। लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो पीड़ित ने शनिवार को इन दोनों के विरुद्ध मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 170, 419, 420 और 34 के तहत मामला दर्ज कराया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को आज ही गिरफ्तार कर लिया है। (Maharashtra Deputy Chief minister devendra fadnavis News)
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अमृता फडणवीस की फाइल तस्वीर
आप को जानकारी देते हुए बताया, कि इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाम पर धोखाधड़ी करने को लेकर पुलिस ने गिरफ्तारी की थी। इतना ही नहीं देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस से भी रंगदारी मांगने का प्रयास किया गया था। जिसको लेकर पुलिस ने आरोपित पति-पत्नी को गिरफ्तार किया था। (Maharashtra Deputy Chief minister devendra fadnavis News)
कॉरपोरेट सत्तारुढ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों है?
चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भृस्टाचार का मूल है।
Electoral Bond ADR Report
सुरेंद्र राय मुंबई: अपने देश में चंदा लेना और देना धंधा है पर बहुत ही गंदा है। कॉरपोरेट का काम है अपना बिजनेस ढंग से चलाना। उसे आगे बढ़ाना। फिर प्रश्न उठता है, कि आखिर कॉरपोरेट राजनीतिक दल विशेष रूप से सत्तारूढ़ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों हैं? क्या सरकार उनपर दबाव डालती है? जैसे तीस कंपनियों के पीछे सी बी आई के छापे डलवाकर दबाव बनाया और साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए की प्रोटेक्शन मनी ली गई। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत है और साथ ही सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)
चंदा देश में गंदा काम ..
चंदा दो। गलत तरीके से काम करते रहो। टैक्स चोरी करते रहों। बस ध्यान रखना चंदा देते रहो। दूसरा पक्ष है सरकार को चंदा दो और सरकार चंदे से कई गुना लाभ कमाने का अवसर देगी। कॉरपोरेट सेक्टर की लगभग पच्चीस लाख करोड़ की बैंक ऋण माफी इसी चंदे के गंदे धंधे का ही परिणाम थी। सुप्रीमकोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को गैर संवैधानिक बताकर गंदे खेल की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। (Electoral Bond ADR Report)
एस बी आई जो सरकारी बैंक ने चंदे के गंदे धंधे को छुपाने की कोशिश की लेकिन सुप्रीमकोर्ट ने गर्दन ही मड़ोड दी। कॉर्पोरेट और धनी कर्णवीर जैसा दानी तो होते नहीं। चैरिटी के नाम पर लाल पाई न देने वाले धनवान राजनीतिक दलों को चंदा देते हैं तो वह बिज़नेस में उतनी ही पूंजी लगाते हैं जिसका कई गुना सरकार उन्हें फ़ायदा करती है। यह चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भ्रष्टाचार का मूल है। (Electoral Bond ADR Report)
किसने कितना दिया चंदा ?
चंदा देने की बात करें तो फार्मा से 78.7% , खनन से 18.5% , स्टील से 10.0% , टेलिकॉम से 9% , और सिमेंट उद्योग से 6.1% , प्लास्टिक उद्योग से 0.12% , ऑटो सेक्टर से 0.11% , पेट्रोकेमिकल से 0.02% , पेपर से 0.02% , और ई एम जी सी से 0.01% डोनेशन दिए गए। अकेले फ़रवरी 2024 की बात करें तो बीजेपी को 90%, क्षेत्रीय दलों को 58.2% और कांग्रेस को मात्र 24.2% चंदा मिला। अकेले कोलकाता के संस्थानों में हल्दिया एनर्जी ने 337 करोड़, इसेल माइनिंग एंड इंड्रस्ट्रीज ने 224.5 करोड़ , केवेंटर फुडपार्क इन्फ्रा ने 195 करोड़ , मदनलाल ने 185 करोड़ , और एम के जे इंटरप्राइज में 128 करोड़ रुपए चंदा दिया है। (Electoral Bond ADR Report)
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चंदा देने के तरीके भी मजेदार हैं। जैसा कि बॉन्ड खरीदने वालों ने अपने यहां इंट्री की है। वेदांता लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 123 करोड़ और फ़रवरी 24 में 155 करोड़ दिए। भारतीय एयरटेल ने दूसरे व्यय दिखाकर फ़रवरी 23 में 102.5 करोड़ और फ़रवरी 24 में मात्र 30 करोड़ दिए। जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 13 करोड़ और फ़रवरी 24 में 25 करोड़ दिए। सिप्ला लिमिटेड ने मिसलेनियस खर्च दिखाकर फ़रवरी 23 में कुछ नहीं तो फ़रवरी 24 में 24.2 करोड़ चंदा दिया। (Electoral Bond ADR Report)
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टोरेंट पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 27.5 और फ़रवरी 24 में 23 करोड़ दिए। अरबिंदो फार्मा लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 5.5 करोड़ जबकि फ़रवरी 24 में 21.5 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। द रामको सिमेंट ने सीधे सीधे डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 24 में 20 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड ने बॉन्ड नहीं लेकर लिगल तरीके से अंडर सेक्सन 182 ऑफ कंपनीज एक्ट 2023 के अनुसार फ़रवरी 24 में 20 करोड़ सीधे सीधे डोनेशन दिया। कॉमेंट सेल्टर से 233 करोड़ के बॉन्ड लिए गए जिसमें वेदान्त और आदित्य बिरला ग्रुप टॉप पर रहा। (Electoral Bond ADR Report)
सोचने की बात यह है कि सत्ता दल को करोड़ों रूपए बॉन्ड के द्वारा देने पर फ़रवरी 23 और फ़रवरी 24 में उनकी बैलेंस सीट में कितनी वृद्धि और फ़ायदा मिला। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत के अलावा सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)
चुनाव अधिकारियों के जरिये खुद के पक्ष में जीत हासिल करने के प्रलोभन में महाराष्ट्र की सरकार तबादले को रोके हुए है। शिंदे सरकार पर उठते सवाल?
सुरेन्द्र राय मुंबई- आम चुनाव आते ही बड़े अधिकारियों के ट्रांसफर का दौर शुरू हो जाता है। सरकारें चुनाव आयोग पर दबाव डालती रहती हैं, ताकि ऐसे अधिकारी रहें जो उसकी पार्टी को चुनाव जीताने में मदद करें। महाराष्ट्र के चुनाव आयोग ने बीएमसी में बहुत समय से अपना साम्राज्य बनाकर बैठे अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश दिए हैं। लेकिन शिंदे सरकार उन्हें हटा नहीं रही। क्यों यह तो सरकार ही बता सकती है?
महाराष्ट्र चुनाव आयोग के निर्देश।
सूत्रों के अनुसार बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कमिश्नर इक़बाल सिंह चहल, उपायुक्त अश्विनी भिड़े और बेलरासू चार-चार साल से अपने पदों पर एक ही जगह बैठे हैं। जिन्हें हटाने का आदेश महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने दे दिया है। परन्तु शिंदे सरकार हटाने को तैयार ही नहीं हैं। कारण ये अधिकारी शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के समय पदनिर्देशित किए गए थे। जिन्हें उद्धव ठाकरे गुट के खास भी माने जाते हैं। अगर तीनों बड़े मनपा अधिकारियों के ट्रांसफर नहीं किए गए तो निष्पक्ष चुनाव हो ही नहीं पाएगा। इसकी भी जानकारी सूत्र बताते हैं।
आयुक्त इकबाल सिंह चहल को शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट का माना जाता है। 15 मार्च तक चुनाव आचार संहिता लागू होने वाली है। अतः दो दिनों में तीनों बड़े अधिकारियों को हटाना ज़रूरी है। मगर अभी तक चुनाव आयोग के आदेश के बावजूद हटाया नहीं गया है। ख़बर के मुताबिक, आयुक्त इक़बाल सिंह चहल को सेक्रेटरी बनाया जाना है। या बनना चाहते हैं। इसलिए वे यहां से हटना नहीं चाहते। इसके साथ ही परदेशी को मनपा आयुक्त बनाने की बात चली लेकिन परदेशी ने रुचि नहीं दिखाई और साफ तौर पर मना कर दिया, कि वे इच्छुक नहीं है।
मुख्यमंत्री के बांधें है किसी ने हाथ ..
चुनाव आयोग की सख्ती और तीनों पदों पर राज्य सरकार किसे लाती है। इस बात को लेकर मुंबई में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष कांग्रेसी नेता विजय वेडेट्टीवार का कहना है, कि मुख्यमंत्री का हाथ किसने बांध दिया है? क्या इन अधिकारियों का दबाव शिंदे पर है? हो सकता है, शिवसेना में रहते हुए शिंदे के तीनों अधिकारियों से मधुर संबंध रहे हों। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग के साथ ही केंद्रीय चुनाव आयोग को भी पत्र लिखा है।
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इसके साथ ही, सुधाकर शिंदे के संदर्भ में आरोप है, कि वे आईएएस नहीं होने के बावजूद भी आईएएस पद पर बैठे हुए हैं।उन्होंने साकीनाका झोपड़पट्टी पुनर्वसन में करोड़ों के घोटाले के साथ ही फर्जी लोगों को जालसाजी कर आवास आवंटन करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सीट से जांच कराने की भी मांग की है।
देश में चुनावी बिगुल बजने की तैयारी जोरों-शोरों से की जा रही है। किसी का टिकट कटा तो किसी ने पाला बदला। समय ही बताएगा कि ऊंट किस करवट बैठता है।
वी बी माणिक मुंबई– समय आ गया चुनावी बिगुल बजने वाला है। सारे योद्धा मल्ल युद्ध की तैयारी में जी-जान से जुट गए है। जिन पहलवानों को टिकट नही मिलने वाला है वह अपने भाग्य की आज़माइश निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अखाड़े में उतरेंगे और अपने दल का सत्यानाश करेंगे। (indian politics and election News)
सभी राजनीतिक दल अपने सारे हथियारों पर धार देना शुरू कर दिया है। टीवी चैनलों पर ओपिनियन पोल आने शुरू हो गए है। सारे चैनल कौन जीतेगा? कौन हारेगा? इसकी भविष्यवाणी कर रहे है। जो कि परिणाम के बाद सब गलत साबित होता है। इसके साथ ही इन नेताओं की पत्नियां मन्दिरो में जाकर बड़े-बड़े मन्नत चुनाव जीतने के लिए मांग रही है। भले ही पांच वर्ष मंदिर में पूजा नही करती है। बड़े पैमाने पर दल बदल भी शुरू हो गया है। हर जगह चुनावी सभाएं, संपर्क अभियान, भारत जोड़ो यात्रा, लूट हत्या, अपहरण की घटनाएं बढ़ती जा रही है। (indian politics and election News)
अपराधियों को लोकसभा में घुसाने की तैयारी ..
अनेको प्रकार के आश्वासन, प्रलोभन भी दिए जा रहे हैं। इस बार तो कई माफियाओ और अपराधियों को टिकट देकर लोकसभा में भेजने की तैयारी की जा रही है। जन मानस सोच में पड़ गया है कल ये गुंडा इस पार्टी में था अब इसको दूसरी पार्टी ने चुनाव का टिकट दिया? अगर सही मायने में देखा जाय तो करीब 50 प्रतिशत लोग स्वेच्छा से मतदान करना ही नही चाहते 30 प्रतिशत लोग मतदान के दिन अपना घर छोड़कर घूमने निकल जाते है। (indian politics and election News)
Mumbai congress and shivsena maha vikas aghadi gatbandhan news
मुफ्त की शराब ..
इनके नाम पर फर्जी मतदान करवाया जाता है। बूथ कैप्चरिंग, मतपेटी गायब करना बंदूक की नोक पर बूथ पर पूरी तरह कब्जा करके अपने प्रत्याशी को विजयी बनाने के लिए राजनीतिक पार्टीया पूरी तैयारियां करती है। फिर भी साफ सुथरी चरित्रवान छवि ईमानदार कर्मठ नेता कहलाते है और वोट के लिए नोटों के बंडल के साथ शराब मुफ्त में वितरण करवाना ये सब तैयारियां शुरू हो गयी है। (indian politics and election News)
Indian वोट किसे दें ?
सभी राजनीतिक दल नए-नए हथकंडे अपनाएंगे। अभी भी लोग असमंजस में है, वो किसको वोट दें? किसको न दें? वही दूसरी ओर चुनाव आयोग भी पूरी निष्पक्षता से काम नही करता। सभी उम्मीदवारों की आपराधिक घटनाओं की जाँच करवाना चाहिए जिसके ऊपर एक भी केस विचारसधीन हो या पुलिस में दर्ज हो उसको चुनाव लड़ने से वंचित कर देना चाहिए। पर चुनाव आयोग इस तरह की न्यायिक कार्यवाही कर नही सकता। क्योंकि चुनाव आयोग कोई कार्य, निष्पक्षता से नही करता है। अपने समय पर चुनाव करवाये समय पर सारे कार्य करे ये भी राजनीतिक दलों के हाथ की कठपुतली बने हुए हैं। (indian politics and election News)
आजकल में ही आचार संहिता लगने वाला है ये सभी दलों को मालूम है। कुछ पार्टीयो ने तो अभी तक अपने प्रत्याशियों का चयन भी नही किया है। सभी प्रत्याशियों के सम्पत्ति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पर चुनाव आयोग ये कभी नही करवाएगा। जो उम्मीदवार पहले जीतकर लोकसभा में रह चुके है। उनकी जाँच काफी गम्भीरतापूर्वक होनी चाहिए, कि इस सांसद के पास इतना धन संपत्ति कहां से आया है। इसके पहले कितना था चुनावी चंदे के चक्कर मे बैंक ही आरोप के कटघरे में खड़ा हो गया। (indian politics and election News)
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कौन है ईमानदार ?
अब ईमानदार कौन रह गया? ये सबसे बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है। जहाँ आचार संहिता लागू हुआ कोई भी आम नागरिक लाख पचास हजार रुपये लेकर नही चल पाएगा। उसको स्थानीय पुलिस परेशान करेगी इसके अलावा ईडी, सीबीआई छापेमारी और तेज हो जाएगी। कुछ पकड़े जाएंगे, कुछ छोड़े जाएंगे। हर पार्टीया दावा कर रही है, कि इस बार सत्ता हमारी आएगी। पर इसका फैसला तो देश का मतदाता करने वाला है। पर नेताओ के दावे बड़े बड़े है काम किसी का नही दिखाई पड़ रहा है। अब आगे चलकर देखना है, कि ऊंट किस करवट बैठता है। (indian politics and election News)
पूर्व शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता रवींद्र वायकर शिंदे की सेना में शामिल। वायकर चार बार बीएमसी स्थायी समिति के अध्यक्ष और मुंबई के जोगेश्वरी क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे हैं।
नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई- उद्धव ठाकरे गुट के कद्दावर नेता और ठाकरे परिवार के करीबी रवींद्र वायकर रविवार रात एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। वर्षा बंगले में वायकर को एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी में शामिल किया। वायकर चार बार बीएमसी स्थायी समिति के अध्यक्ष और मुंबई के जोगेश्वरी क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे हैं।
मीडिया से बात करते हुए वायकर ने कहा, वह 1974 से बाला साहेब ठाकरे के साथ हैं। “मैं पार्टी और सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर था।” यूबीटी शिवसेना छोड़ने की वजह पर बात करते हुए वायकर ने कहा, ”आरे कॉलोनी की 45 किलोमीटर सड़कों के निर्माण जैसे कई काम लंबित हैं। मुझे उन सड़कों के निर्माण के लिए कम से कम 173 करोड़ रुपये की जरूरत है। इसके अलावा मेरे विधानसभा क्षेत्र के सर्वोदय नगर में कई जर्जर इमारतें हैं। उन इमारतों का पुनर्विकास करना होगा और सरकार से बाहर रहते हुए ऐसे काम नहीं हो सकते।”
वायकर ने कहा, “मैंने देश में पीएम नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे जी द्वारा किए गए बेहद अच्छे काम को देखा है। इसलिए, मैं एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो रहा हूं।”
सीएम एकनाथ शिंदे ने भी उनका स्वागत किया और कहा, “अन्य नेताओं की तरह वायकर भी महाराष्ट्र में महायुति सरकार और केंद्रीय स्तर पर मोदीजी द्वारा किए गए विकास कार्यों से प्रभावित हैं। शिवसेना में लगातार इजाफ़ा हो रहा है।”
विपक्ष का दावा ..
हालांकि, विपक्षी नेता विजय वेडट्टिवार ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि रवींद्र वायकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ जा रहे हैं। उन्हें ईडी और आयकर जैसी एजेंसियों ने परेशान किया था। जब उन्होंने हमसे बात की तो वह भावुक थे। उन पर दबाव है।” इसलिए वह एकनाथ वाली शिवसेना में शामिल हो रहे हैं।”
उद्धव ठाकरे ने क्या कहा ?
गोरेगांव में रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, “अगर कोई सोच रहा है, कि यूबीटी सेना के विधायक चुराने के बाद पार्टी पर असर पड़ेगा तो मैंने आपको स्पष्ट कर दिया है, कि इससे मेरी पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मेरी रैलियों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। बड़ी हस्तियां पार्टी छोड़ दी है लेकिन जिन लोगों ने उन्हें बड़ा बनाया वे अब भी मेरे साथ हैं।”
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मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा उसके पीछे थी। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, कि वायकर ने जोगेश्वरी इलाके में बगीचे के लिए आरक्षित भूमि पर कब्जा कर लिया है।
चुनावी टिकट के बंटवारे पर भड़के संजय निरुपम। कहा, कांग्रेस को नीचा दिखाने के लिए ऐसी हरकत जानबूझकर की जा रही है।
नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई– महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी में सब कुछ ठीक नहीं है। दरअसल शिवसेना (UBT) ने मुंबई की उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से पार्टी उम्मीदवार के तौर पर शनिवार को अमोल कीर्तिकर का नाम घोषित किया है। इसको लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम भड़क गए। कहा, कि कांग्रेस को नीचा दिखाने के लिए जानबूझकर ऐसी हरकत की जा रही है।
संजय निरुपम ने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा अमोल कीर्तिकर को उम्मीदवार घोषित किए जाने पर सवाल खड़ा कर दिया है। संजय निरुपम ने कहा, कि शिवसेना (UBT) ने उत्तर पश्चिम सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया, जबकि अभी तक सीट बटवारे पर फैसला नहीं हुआ है। संजय निरुपम ने कहा, कि 8 से 9 सीटें पेंडिंग है और उसमें से एक उत्तर पश्चिम की सीट भी है। उद्धव ठाकरे गठबंधन धर्म का उल्लंघन कल रहे है।
कांग्रेसी नेता संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे के उम्मीदवार पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, कि ‘कांग्रेस को नीचा दिखाने के लिए ऐसी हरकत जानबूझकर की जा रही है। उद्धव ठाकरे ने जिस उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित किया है वह कौन है? वह खिचड़ी स्कैम का घोटालेबाज है। उसने खिचड़ी सप्लायर से बैंक चेक के जरिये रिश्वत ली है।’
उत्तर पश्चिम एकनाथ शिंदे के सांसद गजानन कार्तिक एवं उद्धव ठाकरे के साथ अमोल कार्तिक की फाइल तस्वीर
संजय निरुपम ने कहा, ‘कोविड के समय प्रवासी मजदूरों को बीएमसी की तरफ से मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया गया था। यह एक सराहनीय कार्य था लेकिन गरीबों के खाने में से शिवसेना के उम्मीदवार ने कमीशन खाया है और ईडी मामले की जांच कर रही है। क्या ऐसे घोटालेबाज उम्मीदवार के लिए कांग्रेस और शिवसेना के कार्यकर्ता प्रचार करेंगे? दोनों पार्टी के नेतृत्व से मेरा यह सवाल है।’
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अमोल कीर्तिकर के पिता गजानन कीर्तिकर हैं सांसद
आप जानकारी देते हुए बता दें, कि उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से अमोल कीर्तिकर के पिता गजानन कीर्तिकर इस वक्त के मौजूदा सांसद हैं। गजानन कीर्तिकर उद्धव ठाकरे की शिवसेना से संसदीय चुनाव जितने के बाद पार्टी से बगावत कर शिंदे गुट मे पाला बदल लिया है। कार्तिक इस वक्त महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना में हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की ओर से संजय निरुपम ने उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था और यहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। शिवसेना उम्मीदवार गजानन कीर्तिकर ने संजय निरुपम को 2 लाख 60 हज़ार से भी अधिक वोटों से हराया था।
बिना इजाज़त सफाईकर्मियों के साथ मनपा (BMC) मुख्यालय के बाहर कांग्रेस और एनसीपी द्वारा निकाले गए मोर्चा के मामले विधायक वर्षा गायकवाड़ समेत 16 पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज।
इस्माईल शेख मुंबई- सफाईकर्मियों के साथ मनपा (BMC) मुख्यालय के बाहर कांग्रेस और एनसीपी द्वारा निकाले गए मोर्चा के मामले में आजाद मैदान पुलिस ने विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ समेत 16 पदाधिकारियों और 60 से 70 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बिना अनुमति के मोर्चा निकालने का मामला दर्ज किया गया है। (Mumbai case filed against Varsha Gaikwad)
मुंबई की विशेष मलिन बस्तियों में स्वच्छता के लिए ठेकेदारी प्रथा अपनाई जा रही है। ठेका प्रथा से दैनिक मजदूरों के सामने भुखमरी की नौबत आ जायेगी है। इसलिए सफाई कर्मचारी संगठनों ने बुधवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर मांग किया, कि मनपा (BMC) प्रशासन 1200 करोड़ रुपये के टेंडर रद्द करें। इस आंदोलन में कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार ग्रुप), आप, कम्युनिस्ट पार्टी और इंडिया गठबंधन की सहयोगी पार्टियों ने हिस्सा लिया। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)
इस आंदोलन की पृष्ठभूमि में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुख्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। मनपा मुख्यालय और सामने की सड़कों को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया था। प्रदर्शनकारियों ने इस सड़क को जाम कर मुख्यालय में घुसने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मनपा कमिश्नर इकबाल सिंह चहल से मिलने की कोशिश की। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)
पुलिस बल ने उन्हें मुख्यालय जाने से रोक दिया। पुलिस सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर आजाद मैदान थाने ले गई। आज़ाद मैदान पुलिस ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ के साथ प्रकाश रेड्डी और 15 अन्य पदाधिकारियों के साथ-साथ 60 से 70 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। अधिकारी ने बताया, कि बिना इजाजत मोर्चा निकालने और आदेश का उल्लंघन करने का के लिए भारतीय दंड संहिता सहित मुंबई पुलिस की धारा 143, 145, 149 के साथ 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)
मंत्रालय के सामने किया सड़क जाम ..
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा बुधवार को मंत्रालय के यहां सड़क जाम कर दिया था। उस मामले में मरीन ड्राइव पुलिस ने यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल राउत और 17 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इलेक्ट्रो बांड के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मांगी गई सूची एसबीआई द्वारा अब तक नहीं दिए जाने के विरोध में युवा कांग्रेस ने बुधवार को मंत्रालय के पास सड़क रोककर प्रदर्शन किया था। उस वक्त सभी अधिकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। इन सभी को नोटिस देकर रिहा कर दिया गया। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)
मालाड़ मनपा पी/उत्तर विभाग अंतर्गत अवैध निर्माण कार्य को अंजाम देने के लिए किटी इसोबिस हेडिक्स, डेरीस इसोबिस हेडिक्स, नोएल और जीन इसोबिस द्वारा पूराने जीवित झाड़ियां और वृक्षों की निर्मम हत्या की जा रही है।
इस्माईल शेख मुंबई- मालाड़ मनपा पी/उत्तर विभाग अंतर्गत अवैध निर्माण कार्य को अंजाम देने के लिए पूराने जीवित झाड़ियां और वृक्षों की निर्मम हत्या की जा रही है। इस पर मनपा पी/उत्तर विभाग उद्यान विभाग के सहायक अधीक्षक (Assistant superintendent of Garden department) कछुआ कार्यवाही के नाम पर चुप्पी साध ली है। यहां लगभग 33 गुन्ठा खेती की नॉन डेवलपमेंट जोन वाली जमीन पर अवैध भर्नी को लेकर मनपा पी/उत्तर विभाग के घन-कचरा विभाग ने नोटिस जारी किया है। इसी समय अवैध भर्नी माफिया राजेश चौरसिया के खिलाफ मनपा कानून एमआरटीपी (MRTP) के तहत नोटिस जारी किया गया है। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)
झाड़ियां और वृक्षों की निर्मम हत्या..
मालाड़ पश्चिम, मार्वे रोड़, कल्पना पार्क के बाजू में कमल तलाव के पीछे सर्वे कंमाक 66/13 भाग सीटीएस. क्रमांक 2248 पार्ट, सर्वे नं 64/1 पार्ट सीटीएस क्रमांक 2249 पार्ट सर्वे क्रमांक 6473 सीटीएस नं 2251 सर्वे क्रमांक 64/4 सीटीएस नं 2497 सर्वे नं 64/2 सीटीएस नं 2250 पार्ट मौजे मालवणी गांव तालुका बरीवली, मार्वे रोड , मालवणी, मालाड़ पश्चिम, मंबई -95 कुल मिलाकर 3069 स्केवर मिटर के एरिया में यानी लगभग 33 गुन्ठा खेती की नॉन डेवलपमेंट जोन वाली जमीन में अवैध निर्माण कर लोगों को यहां फंसाने का प्लान बनाया जा रहा है। इसके लिए यहां वृक्षों की निर्मम हत्या की जा रही है। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)
हालांकि पैसों के बल पर यहां अवैध निर्माण के जरिये गाले और रूम बनाकर यहां के जमीन माफिया लोगों को बेचने में कामयाब भी हो जाएंगे। लेकिन मनपा के उच्च अधिकारियों से शिकायत होने पर, वही भ्रष्ट मनपा अधिकारियों द्वारा तोड़क कार्रवाई कर अवैध बांधकामों को ज़मिदोस्त कर दिया जाएगा। तब यहां गाले और मकान खरीदने वालों के साथ पैसों की ठगी होने की पूरी संभावना है। ऐसे में यहां अपनी पूंजी लगाने से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)
आम जनता को इस खबर के माध्यम से सावधान रहने की अपील की जा रही है। अंदाजन 33 गुन्ठे की जमीन पर अवैध गालों का निर्माण कर यहां लगों को बेचकर पैसे ठगने का प्लान बनाया जा रहा है। मनपा नियमानुसार कभी भी इन अवैध बनाए जाने वाले गालों पर तोड़क कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन पैसों की लालच में मनपा पी/उत्तर विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की सहमति प्राप्त होने की भी जानकारियां प्राप्त हो रही है। मनपा पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) किरण शिवाजीराव दिघावकर को अपने विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों पर ध्यान देने की जरुरत है। जबकि यहां वृक्षों की निर्मम हत्या मामले में पुलिसिया कार्रवाई कर आरोपियों को दंडित किया जाना चाहिए। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)
कुछ महीनों पहले जमीन मालिक श्रीमती किटी इसोबिस हेडिक्स, श्री. डेरीस इसोबिस हेडिक्स, श्री नोएल, कमारी जीन इसोबिस इन चारों ने मिलकर मनपा की अनुमति लिए बिना यहा खेती की नॉन डेवलपमेंट जोन की जमीन पर रात दिन ट्रकों के जरिये अवैध भर्नी कर झाड़ियां और वृक्षों को नष्ट कर रहे थे। मनपा पी/उत्तर विभाग के घन-कचरा विभाग के नज़र में आते ही कार्यवाही करते हुए नोटिस जारी किया। लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार बाद में मनपा अधिकारियों से इनकी पैसों को लेकर सेटिंग हो गई। जिसमें अवैध भर्नी माफिया राजेश चौरसिया के खिलाफ सिर्फ मनपा कानून एमआरटीपी (MRTP) के तहत नोटिस जारी कर ठंडे बक्से में डाल दिया और आगे की पुलिस कार्रवाई अभी तक नहीं की गई। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)
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जबकि चारों जमीन मालिकों के खिलाफ सरकारी पक्ष की तरफ से पुलिसिया कार्रवाई कर इन चारों को भर्नी माफिया चौरसिया के साथ गिरफ्तार किया जाना चाहिए था। लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया। उसी सेटिंग के बल बूते अब बेधड़क रात-दिन यहां पुरानी झाड़ियां और वृक्षों को नष्ट किया जा रहा है। खुले तौर पर मनपा अधिकारियों से यहां अवैध चालियों का निर्माण कर बेचने की मंशा जाहिर कर दी गई है। यहां करोड़ की लेनदेन में अपना हिस्सा पाने के लिए मनपा अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं करते हुए चुप्पी साध ली है। लोगों का कहना है, कि मनपा प्रशासन के उच्च अधिकारियों को इन भ्रष्ट अधिकारियों के कारनामों पर दंडित करते हुए पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)
‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत अंधेरी आरपीएफ ने 13 मोबाइल फोन के चोरी मामले में एक को किया गिरफ्तार।
लगभग 4 लाख 15 हज़ार रुपये के मोबाइल फोन हुए चोरी।
इस्माईल शेख मुंबई– अंधेरी रेलवे स्टेशन के आरपीएफ पुलिस ने 13 मोबाइल फोन के चोरी मामले में घाटकोपर पूर्व, छेडानगर झोपड़पट्टी के रहने वाले 29 वर्षीय चोर समीर ईशाक मुजिब शेख को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया, कि चोर के खिलाफ़ लगभग 4 लाख 14 हज़ार 236 रुपये के कुल 13 मोबाइल फोन चोरी का आरोप है। पुलिस ने ऑपरेशन यात्री सुरक्षा अभियान के तहत गिरफ्तारी के साथ 12 और भी चोरी के मामलों का खुलासा किया है।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा अभियान ..
मिली जानकारी के मुताबिक, अंधेरी रेलवे स्टेशन पर 6 जुलाई 2023 से 21 फरवरी 2024 के बीच कुल 4 महंगे मोबाइल फोन की चोरी हुई थी। जिसकी बाज़ार मूल्यांकन 1 लाख 32 हज़ार 999 के आसपास है। इसकी गंभीरता को देखते हुए “ऑपरेशन यात्री सुरक्षा” के तहत सीपीडीएस. की टीम गठित कर एसआयपीएफ. पुनीत यादव के नेतृत्व में लोकल ट्रेन में चोरी करने वाले समीर ईशाक मुजिब शेख को गिरफ्तार किया गया, जिसने अपना गुनाह कबूल करते हुए चोरी के कुछ मोबाइल फोन पुलिस को सौंप दिए है।
जांच में पता चला, कि समीर ईशाक मुजिब शेख आदतन चोर है। जिसके खिलाफ मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर 37 हजार 500 रुपये के तीन मोबाइल फोन, बोरीवली रेलवे स्टेशन पर 1 लाख 48 हज़ार 799 रुपये के तीन मोबाइल फोन और बोयसर रेलवे स्टेशन पर 94 हज़ार 998 रुपये के सात मोबाइल फोन चोरी के मामले दर्ज है। कुल मिलाकर लगभग 4 लाख 14 हज़ार 236 रुपये के मोबाइल फोन चोरी मामले में आरपीएफ ने चोर को गिरफ्तार कर जीआरपी को सौंप दिया। अब 13 विभिन्न मोबाइल फोन चोरी के मामले में मुंबई के अंधेरी रेलवे स्टेशन की जीआरपी पुलिस जांच कर रही है।
Maratha Reservation : महाराष्ट्र में फिर गर्म हो रहा मराठा आरक्षण का मुद्दा, मनोज जरांगे का मुंबई तक विरोध मार्च शुरू। यात्रा के दौरान नवी मुंबई में वाहनों पर प्रतिबंध।
विशेष संवाददाता मुंबई– महाराष्ट्र में एक बार फिर मराठा आरक्षण का मुद्दा गर्म हो रहा है। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा औरंगाबाद के जालना ज़िले से बड़ी संख्या में समर्थकों को लेकर मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल ने मुंबई की तरफ़ कूच की है। हज़ारों की संख्या में लोग हाथों में भगवा झंडे लिए और साथ में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति लिए हुए पुणे के रांजणगांव तक पहुंचे हैं। इसके बाद मराठा पुणे के जुन्नर से निकले और अब ये सभी लोग आज लोनावाला पहुँचेंगे। मनोज जारँगे पाटिल की अगुवाई में 20 जनवरी को जालना से सरकार के खिलाफ विरोध मोर्चा मैं यह पूरी भीड़ शामिल हजारों की तादाद में लोग मुंबई के रास्ते में निकले हैं । इनके 26 जनवरी तक मुंबई पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि सरकार मराठा आरक्षण के लिए निकले इस जत्थे को मुंबई आने से रोकने की पूरी कोशिश में जुटी है और मराठा नेताओं से लगातार बात कर रही है। सरकार मराठा नेताओं से अनुरोध कर रही है वे मुंबई में प्रदर्शन के लिए ना आएं, इसका जनमानस पर प्रभाव पड़ेगा।
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जारांगे का मार्च 25 जनवरी को नवी मुंबई पुलिस कमिश्नर कार्यालय की हद मे आ रहा है। इसको ध्यान मे रखते हुए, 25 जनवरी को दोपहर 12:00 बजे से 26 जनवरी को रात 11:00 बजे तक सभी प्रकार के भारी वाहनों के लिए शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा मार्च गुजरने वाले, शहर की सभी सड़कों पर वाहनों की पार्किंग पर रोक लगा दी गई है।
मनोज जरांगे पाटील ने महायुति सरकार द्वारा रखे गए तीन खंड वाले प्रस्ताव (Maratha Reservation) को खारिज कर दिया है। छत्रपति संभाजीनगर संभागीय आयुक्त मधुकरराजे आर्दड और कलेक्टर आस्तिक कुमार पांडेय रांजनगांव गणपति स्थित मोर्चे में ढाई घंटे के प्रतीक्षा के बाद मनोज जरांगे पाटील से मुलाकात की सुबह चार बजे शुरू हुई चर्चा के डेढ़ घंटे तक उनसे मुंबई आने से बचने का आग्रह किया गया। हालाँकि, पाटिल अपनी बात पर अड़े रहे। इस चर्चा में मनोज जारांगे पाटिल ने साफ तौर पर कहा, कि “जिन 54 लाख लोगों का कुनबी रिकॉर्ड मिला है, उन्हें और उनके आश्रितों को भी जाति प्रमाण पत्र दिया जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा, कि “सर्वेक्षण कार्य जारी रखें। क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई के साथ अदालती लड़ाई जारी रहेगी। लेकिन उससे पहले सरकार हमें आरक्षण दे।”
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Maratha Reservation: सवा लाख से अधिक गणनाकार मंगलवार से शुरू..
मराठा आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय में महाराष्ट्र सरकार की उपचारात्मक याचिका के समर्थन में राज्यभर में मंगलवार को सवा लाख से अधिक गणनाकारों एवं अधिकारियों की मदद से अनिवार्य सर्वेक्षण शुरू हो गया है। राज्य के राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने सोमवार को कहा, कि “गणनाकारों को इस प्रक्रिया को त्रुटिहीन रखने का निर्देश दिया गया है और यह प्रक्रिया 31 जनवरी तक चलेगी।” उन्होंने एक बयान में कहा, “अधीक्षकों और अधिकारियों समेत सवा लाख से अधिक गणनाकारों को यह कार्य करने के लिए नियुक्त किया गया है। उनका प्रशिक्षण पूरा हो गया है। राज्य के सभी 36 जिलों, 27 नगर पालिकाओं और सात छावनी बोर्ड में सर्वेक्षण शुरू है जो 31 जनवरी तक चलेगा।”
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे से मुंबई की ओर नहीं बढ़ने की अपील की और इस बात पर जोर दिया कि मुद्दे पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग काम कर रहा है।