Category: Civic Issues

  • Mumbai Local Train: नए साल पर मुंबई वासियों लिए सौगात, रातभर चलेंगी ये स्पेशल ट्रेनें

    Mumbai Local Train: नए साल पर मुंबई वासियों लिए सौगात, रातभर चलेंगी ये स्पेशल ट्रेनें

    Mumbai Local Train : सेंट्रल रेलवे की चारों स्पेशल ट्रेनों में से दो मुख्य लाइन और दो हार्बर लाइन पर संचालित की जाएंगी। इसके साथ ही पश्चिम रेलवे चलाएगा 8 स्पेशल ट्रेन। मुंबई लोकल ट्रेन स्पेशल ..

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – सेंट्रल रेलवे (Central Railway) और पश्चिम रेलवे (Western Railway) दोनों मिलाकर कुल 12 स्पेशल ट्रेन चलाने वाली है। मुंबई लोकल ट्रेन की तरफ से नए साल के मौके पर मुबंईकरों के लिए एक तोहफा लेकर आया है। नए साल की पूर्व संध्या पर लोकल ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की मांग को पूरा करने के लिए, मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे ने रात में स्पेशल लोकल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। यह चार स्पेशल उपनगरीय ट्रेनें 31 दिसंबर, 2023 की मध्यरात्रि से 1 जनवरी, 2024 के बीच चलेंगी।

    मुंबई लोकल ट्रेन स्पेशल ..

    इन विशेष ट्रेनों के चलने से लोगों की भारी भीड़ को कंट्रोल करने में प्रशासन को मदद मिलेगी। क्योंकि लोग नए साल का सेलिब्रेशन करने के लिए दक्षिण मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया और विभिन्न समुद्र तटों जैसे प्रसिद्ध स्थानों पर जाते हैं।

    मुंबई लोकल ट्रेन,

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    क्या रहेगा मध्य रेलवे का रूट ?

    लोकल ट्रेन की सेवाएं मुख्य लाइन पर दक्षिण मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) और कल्याण स्टेशनों के बीच संचालित की जाएंगी। वहीं, हार्बर लाइन पर सीएसएमटी और पनवेल के बीच ट्रेनें चलेंगी। इसमें हार्बर लाइन पर एक विशेष ट्रेन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से 01.30 बजे प्रस्थान करेगी और 02.50 बजे पनवेल पहुंचेगी। मध्य रेलवे की ओर से कहा गया है, कि एक ट्रेन पनवेल से 01.30 बजे प्रस्थान करेगी और 02.50 बजे सीएसएमटी पहुंचेगी। आगे कहा कि चारों स्पेशल ट्रेनें सभी स्टेशनों पर रुकेंगी।

    पश्चिम रेलवे चलाएगा 8 स्पेशल ट्रेनें..

    पश्चिम रेलवे (Western Railway) के मुंबई मंडल के मंडल रेल प्रबंधक ने कहा कि पश्चिम रेलवे ने यह भी घोषणा की है कि वह यात्रियों के लाभ के लिए नए साल की पूर्व संध्या पर 31 दिसंबर 2023 मध्यरात्रि से 01जनवरी 2024 के मध्यरात्रि तक आठ विशेष उपनगरीय सेवाएं चलाएगा।

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  • कब सुधरेगा पूना का चेकिंग स्टाफ

    कब सुधरेगा पूना का चेकिंग स्टाफ

    रेलवे प्रशासन के भ्रष्टाचार पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। लेकिन भ्रष्टाचार के इन सवालों को लेकर जीएम लालवानी का कोई व्यक्तव्य नही आता है।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – मध्यरेल के पूना और सोलापुर मंडल का चेकिंग स्टाफ वसूली पर अपनी जिंदगी बसर कर रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूना और सोलापुर के टिकट चेकिंग स्टाफ मेल एक्सप्रेस गाड़ियों में बड़े पैमाने पर हफ्ता लेकर अवैध हॉकरों से मोटी रकम लेकर गाड़ियों में फालतू खाना, चाय, चिक्की, पानी, समोसा, वड़ापाव बिकवाते है। घटिया किस्म की सामग्री से परेशान यात्रियों के शिकायत के बावजूद इन पर कार्रवाई नही की जाती है। उल्टा यात्रियों को ही धमकाते है।

    रेलवे, भ्रष्टाचार,
    मध्य रेलवे जीएम नरेश लालवानी की फाइल तस्वीर

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    ये टीसी नही गुंडे हैं। इस पर जीएम नरेश लालवानी का कोई व्यक्तव्य नही आता है। रेलवे स्टाफ फर्जी तरीके से यात्रा करता है। न तो उसके पास यात्रा करने की टिकट या पास कुछ नही होता हैं। यात्रियों को गाड़ी खाली रहने के बाद भी सीट नही मिलता है। रेलवे को लूटने का पूरा धंधा यही टीसी करते है। इनका इंचार्ज महीने का लाखो रुपये का टेंडर लेता है। जिसका हिस्से के तौर पर हफ्ता एसीएम और डीसीएम तक जाता है।

    रेलवे प्रशासन के भ्रष्टाचार पर सवाल ?

    सिर्फ पूना से सोलापूर के बीच यात्रा पर रेलवे प्रशासन के भ्रष्टाचार को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूना से सोलापुर के बीच अवैध रूप से 300 से 500 रुपये में ऐसी की सीटें बेचने का कारोबार करते है। प्रति ट्रिप में कितने अवैध यात्रियों से पैसे लिए जाते है? क्या करता है इनका विजिलेंस विभाग? कितनी कार्रवाई करता है ऐसे टीसीओ पर ? पूना और सोलापुर मंडल भ्रष्टाचार में अव्वल है इसका रिवार्ड जीएम कब घोषित करेंगे ?

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  • आरपीएफ निरीक्षक कुंज बिहारी सिंह पूरी तरह निष्क्रिय लापरवाह

    आरपीएफ निरीक्षक कुंज बिहारी सिंह पूरी तरह निष्क्रिय लापरवाह

    मुंबई मध्यरेल के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर रात होते यात्रियों की सुरक्षा और रक्षा राम भरोसे, यात्रियों को रेलवे प्रशासन से मदद मांगने पर भरोसा करने में सावधानी बरतने की अपील …

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    कुर्ला स्थित, मध्यरेल के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पर रात्रि 8 के बाद कोई भी रेल सुरक्षा बल का अधिकारी और सिपाही ड्यूटी पर दिखाई नही पड़ता है और प्लेटफार्म 2/3 पर स्टाल धारक यात्रियों से जमकर लूटपाट करते है और सामान लेने के बाद बिल मांगने पर देते भी नही है। इसके गुंडागर्दी मारपीट के लिए उतारू हो जाते है आरपीएफ से फोन पर शिकायत करने पर निरीक्षक कुंज बिहारी सिंह सीधे कहते है। ट्वीट करिये। कार्रवाई करने से सीधा मना कर देते है।

    इस स्टेशन पर स्टेशन मास्टर, सीसीआई आरपीएफ सभी मिले हुए हैं। एक मोटी रकम की वसूली की जाती है। इस पर जीएम और डीआरएम किसी का भी ध्यान नही है। यात्रियों की कोई सुरक्षा नही है सारे डकैत स्टाल खोलकर खुलेआम यात्रियों की जेब पर डाका डाल रहे है। लेकिन जीएम नरेश लालवानी ईमानदारी का नारा लगा रहे है। जिसको ट्वीट करना नही आता, उसकी शिकायत नही ली जाती है।

    रेलवे प्रशासन,
    मुंबई का कुर्ला स्थित लोकमान्य तिलक टर्मिनस की फाइल तस्वीर

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    रेलवे प्रशासन का लोकमान्य तिलक टर्मिनस

    क्या रेलवे प्रशासन सुधरेगा या केवल लूटने का ही काम करेगा? मुंबई के कंट्रोल रूम में फोन किया गया, तो पहले कांबले ने फोन उठाया और टीसी को शिकायत करने के लिए कहा गया। फिर कंट्रोल में ड्यूटी पर तैनात दिनेश ने कहा, कि आप टीसी से शिकायत पुस्तिका में शिकायत करिये। गाड़ी छूटने पर टीसी क्या करेगा ? शिकायत के मुताबिक, गाड़ी संख्या 18029 शालीमार एक्सप्रेस के एसी बोगी में अवैध पानी।

    मुंबई से सटे ठाणा स्टेशन का अवैध वेंडर राजा अपने पालतू गुर्गो से 20 रुपये में पानी की बोतल बिकवाता है। इस गोरखधंधे में रेलवे सुरक्षा बल पर तैनात सुरक्षारक्षक इनका साथ देते हैं। इसी तरह रेल सुरक्षा बल रेलवे की सुरक्षा करती रही तो रेलवे बिकने में ज्यादा समय नही लगेगा। आरपीएफ जवानों को इतनी पगार मिलती है जिससे उनका परिवार अच्छी तरह से भरण पोषण किया जा सकता है। फिर भी रेल कर्मी और अधिकारियों का बिना वसूली के काम नही चलता है।

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    मुंबई के मध्यरेल के कंट्रोल रूम में रात में लगता है फर्जी लोग बिठाए गए है। ट्रेन में कोई भी अप्रिय घटना घट जाए, इनसे कोई मतलब नही होता। सूत्रों से पता चला है, कि कंट्रोल में लगातार शिकायतों के चलते अब वहां भी इन अवैध वेंडरों ने रिश्वत का नजराना पेश करना शुरू कर दिया है। अब कंट्रोल रूम में तैनात सरकारी कर्मचारियों द्वारा भी अवैध वेंडरों से हफ्ता उगाही की जाती है इसीलिए शिकायत नही लिया जाता है।

  • कब सुधरेंगे विधायक विनय वर्मा, क्या यही है अपनादल पार्टी की पहचान

    कब सुधरेंगे विधायक विनय वर्मा, क्या यही है अपनादल पार्टी की पहचान

    शोहरतगढ़ को शोहरत की बुलंद उंचाईयों तक लेजाने की इच्छा जाहिर करने वाले अपना दल पार्टी के विधायक हकीकत में अपने समर्थकों को ही चूना लगा रहे हैं।

    वी बी माणिक
    लखनऊ
    – उत्तर प्रदेश, सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ निर्वाचित अपनादल के विधायक सुधरने को तैयार नही है। योगी आदित्यनाथ की सरकार में जगह हासिल करने के बाद से ही इनके तेवर बदल गए हैं। गरीबों का पैसा चुनाव के समय डकार कर बैठे विनय आज तक देने को तैयार नही है। जिन लोगो ने अपना खून पसीना बहाकर और नगद उधारी के तौर पर पैसे दिए हैं वो त्राहि-त्राहि कर रहे है। एक ग्राम प्रधान का भी करीब पच्चीस लाख लेकर बैठे है।

    योगी आदित्यनाथ की सरकार ..

    समाजवादी पार्टी से हाथ झटक कर भाजपा के सहारे उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में जगह हासिल करने वाली अपनादल की सुप्रीमो एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी क्या बेईमानो, लुटेरों की पार्टी है? जो गरीबों का खून पीने का काम करती है। बड़ा दुर्भाग्य है ये गरीब पुलिस में शिकायत भी दर्ज नही करवा पा रहे है। विनय वर्मा द्वारा इनको खुली धमकी दी जाती है, कि तुमको जो करते बने कर लो हम पैसा नही देंगे। पत्रकार ने अनुप्रिया पटेल से संपर्क करने का प्रयास किया। उनसे मुलाकात नही हो सका है।

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    योगी आदित्यनाथ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपना दल पार्टी की मुखिया अनुप्रिया पटेल की तस्वीर

    राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऐसी पार्टीयो के समर्थन से सरकार चला रहे है। योगी जी घोषणाएं अच्छी-अच्छी कर रहे है पर जो उनकी सरकार में कुछ लुटेरे विधायक बैठे है। उन पर कार्रवाई कब होगी ? कब गरीबो का पैसा मिलेगा ? यही कारण है ठग लुटेरे नेता योगी जी से सहयोग माँगकर चुनाव जीतकर जनता को गुमराह करए है। इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकता है।

    वैसे भी अपना दल पार्टी का नारा है ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिसदारी’ इसका विधायक विनय वर्मा भरपूर फायदा उठा रहे हैं। लोगों को इनके इरादों को समझने में समय लग गया। नहीं तो धोखा और नुकसान नहीं होता। बता दें कि लोग कहते हैं, कि ये विनय वर्मा अपनी जरूरत के वक़्त हाथ जोड़कर मदद मांग रहे थे। अभी वही उधार के पैसे वापस करने के बजाय सत्ता का रौब झाड़ते हुए धमका रहे हैं। ये राजनीति का गंदा चहरा है। जो इनसे धोखा खाने वालों को देखने को मिल रहा है।

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  • पत्रकारों को संरक्षण कब मिलेगा ?

    पत्रकारों को संरक्षण कब मिलेगा ?

    देश की सरकार पत्रकारों को संरक्षण देने से रही। लेकिन देश के नेताओं ने राजनीति का अपराधीकरण जरूर कर दिया है। कहीं इनके खिलाफ जागरुकता ना फैल जाए, इसी को लेकर पत्रकारों की आवाज कुचली जा रही है।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – भारत सरकार ने पत्रकरो के लिए कानून तो बना दिया है पर उसका अनुपालन कब से होगा? नेता,मंत्री, सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, खाकी वर्दी जब धन उगाही करती है तब तो उनको भी संरक्षण प्रदान किया जाता है। इसके अलावा न्यायपालिका में खुलेआम फाइल को इधर-उधर करने के लिए वसूली किया जाता है। तब कहाँ चली जाती है नियम कानून जब इन मामलों की हकीकत देश के सामने उजागर करने वाले पत्रकार वर्ग सुरक्षा पर बात आती तो सांप सूंघ जाता है।

    जनता का हक और सरकारी संरक्षण

    सरकार और नेताओं की तनख्वाह जनता अदा करती है। जिसके फलस्वरूप देश की जनता वास्तविकता की जानकारी रखने की हकदार हैं और इस जनता जनार्दन के हक को अदा करने वाला पत्रकार वर्ग इनसे न सरकार से अपना मेहनताना मांगता है। मीडिया वर्ग को अपने कर्तव्यों को पूरा करने में जानमाल का जोखिम रहता है। ऐसे में पत्रकारों को संरक्षण नहीं मिलना सच्चाई का गला घोटने जैसा ही है। इसमें कोई एक हो तो सुनवाई हो चुकी होती पर पूरा सिस्टम ही भ्रष्टाचार में लिप्त होता जा रहा है।

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    पत्रकार, संरक्षण,
    पत्रकार संरक्षण कानून को लेकर बेसबरी से इंतजार करता मीडिया वर्ग की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    पत्रकारों को संरक्षण ..

    आज देश मे अधिकांश नेता अपराधी है जिनके ऊपर केस चल रहे है और वो खुलेआम छुट्टे सांड की तरह घूम रहे गरीबो की जमीनों पर अपने गुर्गो द्वारा जब्ती, कब्जा कर रहे है। मकानों पर अवैध कब्जा कर रहे है। मामला न्यायालय में दो तीन पीढ़ी तक चलता है। इस पर कोई पत्रकार खबर लिखता है, तो उसको धमकी दिया या आजाती है। पुलिस कुछ नही करती धमकी देने वाले गुंडों का स्वागत लोग भी करते है।

    देश को मिल रही खुली झूठ ..

    आज पत्रकार सबसे कमजोर वर्ग बन गया है। सच्चाई लिखना जुर्म बन गया है। नेताओ का स्वाभिमान पूरी तरह खत्म हो गया है। कुछ पत्रकार तो विधायको, मंत्रियों, सांसदों के पिए और चाटुकार बन गए है। दिन पर दिन पत्रकारिता समाप्ति की ओर बढ़ने लगी है। अब नेता टीवी पर बैठकर सीधा झूठ बोलते हैं।

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    चुनाव आयोग भी गुमराह ..

    इस पर चुनाव आयोग कब संज्ञान लेगा की जिस नेता पर एक भी केस हो उसको चुनाव लड़ने का अधिकार नही होना चाहिए। अगर वो झूठ बोलकर चुनाव लड़ता है, तो उसकी मान्यता रदद् कर देना चाहिए। चुनाव आयोग किन कामों में ग़ुम है। इसका देश की जनता को कोई जानकारी नहीं है। सवाल करने वाले पूछ तो रहें हैं जवाब देना जरूरी नहीं। आने वाला दिन भारत का अंधकार मय दिखाई पड़ रहा है।

  • चुनाव लड़ने के लिए अपने ही समाज से पैसे लेकर अब उन्हीं को धमका रहा है अपनादल का विधायक

    चुनाव लड़ने के लिए अपने ही समाज से पैसे लेकर अब उन्हीं को धमका रहा है अपनादल का विधायक

    अपनादल के विधायक विनय कुमार वर्मा  स्वर्णकार समाज की लुटिया डूबा रहे है और समाज के कथित ठेकेदार वर्मा की जय जय कार कर रहे है।

    वी बी माणिक
    लखनऊ-
    उत्तरप्रदेश के शोहरतगढ़ से अपनादल अनुप्रिया पटेल गुट के विधायक विनय कुमार वर्मा ने अपने स्वर्णकार समाज के कई लोगो से चुनाव लड़ने के नाम पर उधारी के तौर पर लिए गए करोड़ो रूपये का घपला कर दिया है। जिन-जिन लोगो ने पैसा दिया है, वह अपना पैसा मांगते है, तो वर्मा धमकी देकर सीधा कहता है, “मैं पैसा नही दूंगा। जो करते बने कर लो।”

    इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान अपनादल के वर्मा ने जिससे अपने लिए चार बॉडी गार्ड लिया था। उसका भी लाखों रुपये डकार गया है। उन सभी चारो बॉडी गार्डो का भी पैसा नही दिया है। कुल 4 महीना इक्कीस दिन तक बॉडीगार्डों ने चौबीसों घंटे अपनादल के वर्मा की सुरक्षा में तैनात थे। सभी बॉडीगार्ड अपने मालिक से पैसे के लिए झगड़ा कर रहे है। मालिक ने समाज के ठेकेदारों से इसकी शिकायत किया, कि ऐसे समाज के नेता जो गरीबो का ही खून पीकर विधायक बने है।

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    अपनादल,
    अपना दल का विधायक विनय वर्मा की फाइल तस्वीर

    अपनादल का विधायक ..

    अब सुरक्षा गार्ड कंपनी का मालिक दर-दर भटक कर समाज के ठेकेदारों के सामने गुहार लगा रहा है। ऐसे विधायक को चुल्लूभर पानी मे डूब मरना चाहिए। विनय कुमार वर्मा  स्वर्णकार समाज की लुटिया डूबा रहे है और समाज के कथित ठेकेदार वर्मा की जय जय कार कर रहे है।

    क्या ऐसे लोग समाज के लिए योग्य है? क्या समाज ऐसे लोगो का सामाजिक बहिष्कार करेगा? या ऐसे विधायको का सत्कार करेगा और अवैध कारोबार को बढ़ावा देगा? इस पर समाज को विचार करना है। समाज के अंदर काफी तोश व्याप्त है। लोग अपनादल के विधायक के नाम से डर रहे है। क्या अनुप्रिया पटेल इस विधायक पर कार्रवाई करेंगी या ऐसे विधायको का सत्कार करेंगी? जो लूटपाट, बेईमानी, ठगी में माहिर हो खबर लिखने के बाद क्या कार्रवाई होगी? ये नागरिकों और समाज को जानकारी मिलनी चाहिए सुर सभी गरीबो का पैसा वापस मिलना चाहिए।

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  • सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय

    सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय

    • जाति प्रमाणपत्र के लिए राष्ट्रीय दस्तावेज होने जरूरी….!
    • न्यायमूर्ति रिटायर्ड संदीप शिंदे की अध्यक्षता में गठित करने हेतु सरकार ने दी मंजूरी

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार ने मराठवाड़ा में मराठा कुनबी समुदाय, कुनबी मराठा समुदाय को जाति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें कई कागजात साक्ष्य के रूप में मान्य होंगे, निजाम काल के अनिवार्य साक्ष्य, वंशावली, शैक्षिक साक्ष्य, राजस्व साक्ष्य, निजाम काल में किए गए समझौते, निजाम काल के संस्थानों द्वारा दिए गए चार्टर, राष्ट्रीय दस्तावेज होने ज़रूरी होंगे। इसमें निजाम शाही के समय के प्रमाण सरकारी कागजातों में होंगे। सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। (Maratha Arakshan News)

    मिलेगा जाति प्रमाणपत्र ..

    सरकारी निर्णय संख्या MASU -2023/P.No.03/16A दिनांक 07/सितंबर 2023, मैडम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मंत्रालय,मुंबई के अनुसार महाराष्ट्र सरकार शिक्षा एवम समाज कल्याण विभाग, सरकारी निर्णय दिनांक 13 अक्तूबर 1967, महाराष्ट्र अनुसूचित जाति, जनजाति, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, जाति प्रमाणपत्र जारी करने और सत्यापन का विनियमन अधिनियम, महाराष्ट्र सरकार का सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक कार्य, खेल और विशेष सहायता विभाग के निर्णय दिनांक 1 जून 2004, महाराष्ट्र सरकार का सामाजिक न्याय ईवीएम विशेष सहायता विभाग दिनांक 1 सितंबर 2012, महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग की अधिसूचना 5 परिपत्र दिनांक 28 फरवरी 2018, क्रमांक दिनांक 29 मई 2023, पिछड़ावर्ग और विशेष पिछड़ावर्ग जातिप्रमानपत्र जारी और सत्यापन का बिनयनम अधिनियम 2000 के अनुसार किया जाता है। (Maratha Arakshan News)

    जाति प्रमाणपत्र, Maratha Arakshan,
    मराठा आरक्षण पर प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

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    13 अक्तूबर 1967 निर्णय संख्या 1 के तहत उल्लखित राज्य में अन्य पिछड़ावर्ग की सूचीनुसार (अ) (स) 83 पर कुनबी जाति का उल्लेख है। सरकारी निर्णय 2004 को जारी किया गया, उसके द्वारा मराठा कुनबी के समान कुनबी मराठा को (ए) (न) 83 पर कुनबी जाति के समान जाति के रूप में शामिल किया गया है। यह भी कहा गया, कि सक्षम प्राधिकारी पुराने अभिलेखों साक्ष्यों के आधार पर जांच कर प्रमाणपत्र जारी करने का निर्णय लेना चाहिए। (Maratha Arakshan News)

    समिति गठित करने का निर्णय..

    सरकार की पहल पर न्यायमूर्ति रिटायर्ड संदीप शिंदे की अध्यक्षता में गठित करने के लिए सरकार ने मंजूरी दी है। समिति के अन्य सदस्य मुख्य सचिव राजस्व, प्रधानसचिव विधि एवम न्याय, अतिरिक्त मुख्यसचिव संबंधित जिलों के कलेक्टर, विभागीय आयुक्त औरंगाबाद।
    आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक विभागो के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रमुख सचिव को बैठक में आमंत्रित किया जाना चाहिए। (Maratha Arakshan News)

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  • शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    अवैध पोस्टरों पर आदेश का पालन करने पर शिंदे के लोगो ने
    बीएमसी अधिकारियों की पिटाई की
    वार्ड के कर्मचारियों में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त (Maharashtra Cm Eknath Shinde BMC Commissioner Iqbal Singh Chahal Mumbai News)

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    शहर को गंदा करने वाले अनधिकृत राजनीतिक बैनरों और पोस्टरों को हटाने के लिए मुख्यमंत्री (Maharashtra CM) एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के आदेशों पर अब तक उनकी अपनी ही शिवसेना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त किया और कथित तौर पर बॄहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अधिकारियों की पिटाई कर दी है।
    जानकारी के अनुसार कांदिवली पुलिस (kandivali Police) ने शुक्रवार को शिंदे गुट के शाखा 21 के शिव सेना शाखा प्रमुख प्रकाश गिरी के साथ 15-20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है, जिन्होंने एमजी रोड और लिंक रोड के जंक्शन पर अपने राजनीतिक बैनर हटाने का विरोध किया था। बीएमसी कर्मियों को अभद्र भाषा से धमकाया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट भी की थी।

    मुंबई के कांदीवली में शिवसेना का शिंदे गुट

    कांदिवली पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रकाश गिरि ने ऐसा किया है तथा बताया है कि आईपीसी की धारा 353 (एक लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का उपयोग) और 332 (किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/09/09/mumbai-building-fire-fire-breaks-out-in-andheri-east-building-33-including-2-newborns-rescued
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    शिवसेना, मुंबई, BMC,
    न्यूज़ की प्रतिकारात्मक तस्वीर

    मनपा कर्मचारियों की पिटाई ..

    इस प्रक्रिया में शाखा कर्मियों ने मनपा अधिकारी महेश महापंकर और एक मजदूर हनीफ शेख और अन्य श्रमिकों को बेरहमी से पीटा। संबंधित अधिकारियों ने फिर कांदिवली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पीआई को अपराध की सूचना दी। आर दक्षिण वार्ड के सहायक आयुक्त ललित तलेकर ने कहा, “नगर निगम प्रमुख के आदेश के अनुसार, लाइसेंस विभाग के हमारे अधिकारियों ने अवैध बैनरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी किंतु पार्टी कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियोंओ पर हमला किया। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और शिवसेना के शाखा प्रमुख प्रकाश गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।”

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    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आदेश

    बतादें कि 1 सितंबर को शाम 5 बजे आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आदेशों के आधार पर मनपा प्रमुख (Mumbai Commissioner) इकबाल सिंह चहल ने 2 सितंबर को 24 वार्डों के सहायक आयुक्तों को सभी अनधिकृत बैनर और पोस्टर हटाने का निर्देश दिया था। तदनुसार, आर/साउथ वार्ड के सहायक अभियंता और अधिकारियों/कर्मचारियों और वरिष्ठ निरीक्षक (लाइसेंस विभाग) ने 8 सितंबर को दोपहर लगभग 12.15 बजे कांदिवली में एमजी रोड, लिंक रोड जंक्शन पर संयुक्त कार्रवाई की। किंतु शाखाप्रमुख प्रकाश गिरि ने करीब 15-20 कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनकी पिटाई शुरू कर दी थी, जिससे वार्ड में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त हो गया है। हलांकि शिव सेना की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थीं।

  • “देवता हमारा जुआ खेलता है, भारत रत्न वापस करो”, तेंदुलकर के घर के सामने बच्चू कडु का हिंसक विरोध प्रदर्शन।

    “देवता हमारा जुआ खेलता है, भारत रत्न वापस करो”, तेंदुलकर के घर के सामने बच्चू कडु का हिंसक विरोध प्रदर्शन।

    पूर्व मंत्री बच्चू कडु क्रिकेट दुनिया के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के खिलाफ बुरी तरह आक्रामक हो गए हैं। बच्चू कडु ने आज सचिन के बंगले के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    पिछले कुछ दिनों से टीवी पर पान-गुटखा, तंबाकू, पानमसाला, ऑनलाइन गेमिंग जैसे कई विज्ञापन दिखाए जा रहे हैं। मशहूर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी ये विज्ञापन किये थे।

    इस पर निर्दलीय विधायक बच्चू कडु ने आक्रामक रुख अपनाया। आज 31 अगस्त
    प्रहार संस्था की ओर से सचिन तेंदुलकर के घर के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया। इसी समय पुलिस ने प्रहार के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इसको लेकर देखा गया कि मुंबई में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

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    बच्चू कडु, जुआ,
    सचिन तेंदुलकर के घर के सामने प्रहार संगठन कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन

    पूर्व मंत्री बच्चू कडु, क्रिकेट दुनिया के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के खिलाफ बुरी तरह आक्रामक हो गए हैं। बच्चू कडु ने आज सचिन के बंगले के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। बच्चू कडू ने मांग की है कि सचिन तेंदुलकर ऑनलाइन गेम का विज्ञापन बंद करें या भारत रत्न लौटा दें। आज प्रहार संगठन के कार्यकर्ताओं ने सचिन के घर के सामने जोरदार नारेबाजी भी की। सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट की दुनिया का देवता भी माना जाता है।

    देवता हमारा जुआ खेलता है- बच्चू कडु

    वापस करो, वापस करो, भारत रत्न वापस करो, देवता हमारा जुआ खेलता है, वंदे मातरम और अन्य नारे प्रहार कार्यकर्ताओं ने लगाए, जिससे पूरा क्षेत्र उन्माद में डूब गया। इस वक्त भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने बच्चू कडु से आंदोलन बंद करने का अनुरोध किया। लेकिन बच्चू कडू ने आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया। इसी के चलते बच्चू कडु को बांद्रा पुलिस ने हिरासत में लिया है।

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    इस बीच बच्चू कडु ने कहा, ‘हम हर गणपति मंदिर के सामने एक दान पेटी रखेंगे। इकट्ठा की गई रकम सचिन तेंदुलकर को दी जाएगी। अगर सचिन तेंदुलकर को आर्थिक दिक्कत होगी तो चंदा इकट्ठा कर उन्हें दिया जाएगा। उन्हें सद्बुद्धि दो। हम गणपति भगवान से ऐसी कामना करने जा रहे हैं।’

  • ठाकुर विलेज कांदिवली में भव्य कजरी महोत्सव 2023 का आयोजन हर्षोल्लास से संपन्न

    ठाकुर विलेज कांदिवली में भव्य कजरी महोत्सव 2023 का आयोजन हर्षोल्लास से संपन्न

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    भारतीय जनता पार्टी के द्वारा 26 अगस्त को कांदिवली (पूर्व) स्थित ठाकुर ऑडोटोरियम, ठाकुर इंजीनियरिंग कॉलेज, ठाकुर विलेज में कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसके आयोजक वार्ड क्रमांक 29 के नगरसेवक ठाकुर सागर सिंह रहे। ठाकुर सागर सिंह ने मीडिया कर्मियों को जानकारी देते हुए बताया, कि भोजपुरी लोक संस्कृति में कजरी गीतों का विशेष महत्व है। भोजपुरिया लोक परम्परा में हो रही रिमझिम बरसात के साथ श्रावण मास में पेड़ो की डाल पर झूला झूलती हुई सखियों के द्वारा पारंपरिक कजरी गाने की परंपरा है। (सावन का महीना और कजरी महोत्सव)

    उन्होंने कहा, कि कजरी गीतों में प्रिय के मिलन, बिछोह के अलावा मायके और ससुराल के बीच समन्वय स्थापित करते हुए स्त्रियों के मन के उदगार बहुत ही सुन्दर देखने को मिलते हैं। इस प्रकार लोक परंपराओं को लोक जीवन में कजरी जोड़ती है। हरियाली तीज पर्व का एक पौराणिक महत्व है। हमारी भारतीय परंपरा में इस पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व स्वयं शिव तथा माता पार्वती के एकाकार होने के उपलक्ष में मनाया जाता है। यह पर्व प्रकृति तथा पुरुष के योग का दिवस है। हमारे किसी भी पर्व का उल्हास संगीत के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाता है तथा कजरी के इस अवसर पर कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया।

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    सावन, कजरी महोत्सव,
    कजरी महोत्सव में उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं की तस्वीर

    सावन का महीना और कजरी महोत्सव

    आयोजक ठाकुर सागर सिंह ने कहा, कि “हमे कजरी महोत्सव का आयोजन जरूर करना चाहिए यह पर्व हमारी परंपरा है और परंपरा से ही आज हम है।” मुख्य अतिथि मुंबई उपनगर के पालक मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा, कि “अपनी परंपराओं को जीवंत रखने का यह एक सुखद मौका है।” सावन का महीना महिलाओं के लिए खास होता है। हजारों की संख्या में महिलायें इस कजरी महोत्सव का हिस्सा रहीं। वहीं इस कजरी महोत्सव के दौरान सैकड़ो महिलाओं को साड़ी वितरित की गई।

    कजरी गायको के साथ ही कुछ महत्वपूर्ण गणमान्य जन भी महोत्सव में उपस्थित रहे जिनमें प्रमुख अतिथि के स्थान पर भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार उपस्थित रहे विशेष अतिथियों में उत्तर मुंबई के सांसद गोपाल शेट्टी, कांदिवली पूर्व के आमदार अतुल भातखळकर, आमदार प्रवीण दरेकर के साथ भाजपा नेताओं में संजय पांडे एवं पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपा शंकर सिंह, पूर्व आमदार ठाकुर रमेश सिंह, आमदार राजहंस सिंह, संजय उपाध्याय महामंत्री मुंबई भाजपा, पवन त्रिपाठी उपाध्यक्ष मुंबई भाजपा, उदय प्रताप सिंह भाजपा प्रवक्ता मुंबई तथा अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता अमरजीत मिश्रा जयप्रकाश सिंह एवं संतोष पांडे की उपस्थिति रही अतिथि स्वरूप गणेश खंणकर, ब्रम्हदेव तिवारी, बाबा सिंह, जयप्रकाश मिश्रा व श्रीकांत पांडे की उपस्थिति सराहनी रही।

    कजरी महोत्सव 2023 में उपस्थित अतिथियों ने भव्य आयोजन की सराहना की तथा इसे प्रतिवर्ष निरंतर आयोजित करने की जिज्ञासा जताई।

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