Category: Civic Issues

  • मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए संसदीय जांच समिति बनाई

    मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए संसदीय जांच समिति बनाई

    मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए जिलानुसार संसदीय जांच समिति गठित की है, जो उम्मीदवारों की छानबीन, मार्गदर्शन और पैनल तैयार करने का काम करेगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी ने संसदीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस समिति का उद्देश्य सभी जिलों में संभावित उम्मीदवारों के आवेदन की पड़ताल करना, उनका मार्गदर्शन करना और अंतिम पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजना है। यह समिति मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा एकनाथ गायकवाड़ के आदेश से गठित की गई है। जानकारी कांग्रेस प्रवक्ता व मीडिया समन्वयक सुरेशचंद्र राजहंस ने दी।

    समिति का मुख्य कार्य

    नई गठित समिति जिलानुसार बैठकों के माध्यम से निम्न कार्य करेगी—

    • उम्मीदवारों के आवेदन की विस्तृत छानबीन
    • जिला अध्यक्षों व जात वैधता समितियों के साथ समन्वय
    • योग्य उम्मीदवारों की सूची और पैनल तैयार करना
    • आवेदन भरने में उम्मीदवारों को मार्गदर्शन
    • उम्मीदवारों की मुलाकात कर अंतिम पैनल वरिष्ठ नेतृत्व को सौंपना

    जिलावार प्रभारी और सहप्रभारी शामिल

    मुंबई कांग्रेस ने विभिन्न जिलों के अनुसार प्रभारी और सहप्रभारी नियुक्त किए हैं। सूची इस प्रकार है—

    दक्षिण मुंबई जिला

    • प्रभारी: विधायक ज्योति गायकवाड़
    • सहप्रभारी: मोहसिन हैदर, आसिफ जकेरिया

    दक्षिण मध्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: सचिन सावंत
    • सहप्रभारी: सुरेशचंद्र राजहंस, डॉ. किशोर सिंह

    उत्तर मध्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: MLA अस्लम शेख
    • सहप्रभारी: विरेंद्र चौधरी, डॉ. अंजता यादव

    ईशान्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: डॉ. अर्जित सिंह मनहास
    • सहप्रभारी: धनंजय तिवारी, एड. राजेश टेके

    उत्तर पश्चिम मुंबई जिला

    • प्रभारी: विधायक अमीन पटेल
    • सहप्रभारी: हाजी बब्बू खान, विष्णु सरोदे

    उत्तर मुंबई जिला

    • प्रभारी: मधु चव्हाण
    • सहप्रभारी: अर्शद आज़मी, क्लाइव डॉयस

    BMC चुनाव के संदर्भ में इसका महत्व

    BMC चुनाव में टिकट चयन हमेशा से कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण मुद्दा रहा है। इस बार पार्टी संगठन उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने की कोशिश कर रहा है। इसी उद्देश्य से संसदीय जांच समिति गठित की गई है, ताकि सभी जिलों में योग्य, मजबूत और सक्रिय कार्यकर्ताओं को बेहतर प्रतिनिधित्व मिले।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. संसदीय पडताळणी समिति क्यों बनाई गई है?

    उम्मीदवारों की छानबीन, मार्गदर्शन और अंतिम पैनल तैयार करने के लिए यह समिति गठित की गई है।

    2. समिति में कौन-कौन शामिल हैं?

    मुंबई के विभिन्न जिलों के प्रभारी और सहप्रभारी इसमें शामिल हैं, जैसे MLA अस्लम शेख, अमीन पटेल, ज्योति गायकवाड़ सहित कई वरिष्ठ नेता।

    3. यह समिति क्या काम करेगी?

    उम्मीदवारों के आवेदन की जांच, उनकी मुलाखत, पैनल तैयार करना और वरिष्ठ नेतृत्व को अनुशंसा भेजना।

    4. समिति का गठन किसने किया?

    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा एकनाथ गायकवाड़ के आदेश पर समिति बनाई गई है।

    5. क्या यह समिति उम्मीदवारों को आवेदन भरने में मदद करेगी?

    हाँ, जिल्हा समिति के साथ मिलकर यह समिति उम्मीदवारों को पूरा मार्गदर्शन देगी।

  • BMC ELECTION में कांग्रेस अकेले उतरने पर कायम; महाविकास अघाडी की एकता पर संकट

    BMC ELECTION में कांग्रेस अकेले उतरने पर कायम; महाविकास अघाडी की एकता पर संकट

    BMC ELECTION में कांग्रेस की अकेले लड़ने की घोषणा से महाविकास आघाड़ी (MVA) में असहजता बढ़ गई है। शिवसेना (UBT) की मनसे से नज़दीकी को लेकर कांग्रेस की असहमति सामने आई, जबकि एनसीपी (SP) गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने के पक्ष में है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव को लेकर कांग्रेस के अकेले लड़ने के फैसले ने महाविकास आघाड़ी की एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस का कहना है कि शिवसेना (UBT) की मनसे के साथ बढ़ती राजनीतिक नज़दीकियां उनके उत्तर भारतीय और मुस्लिम वोट बैंक को नुकसान पहुंचा सकती हैं। हालांकि शिवसेना (UBT) कांग्रेस से पुनर्विचार की अपील कर रही है, जबकि एनसीपी (शरद पवार) मनसे को साथ लेकर संयुक्त मुकाबले की पक्षधर है। इस राजनीतिक खींचतान ने आगामी मनपा चुनावों की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है।

    कांग्रेस के फैसले से MVA में हलचल

    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने साफ कहा है कि कांग्रेस बीएमसी चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। इससे MVA में असहजता बढ़ी है, क्योंकि गठबंधन का मकसद भाजपा को रोकना था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के अकेले लड़ने से वोटों का बंटवारा होगा, जिससे भाजपा को सीधी बढ़त मिल सकती है।

    मनसे को लेकर कांग्रेस की बड़ी चिंता

    कांग्रेस की असहमति की सबसे बड़ी वजह है—
    🔹 शिवसेना (UBT) और मनसे की बढ़ती समीपता
    🔹 उत्तर भारतीय और मुस्लिम वोट बैंक का संभावित नुकसान

    कांग्रेस का मानना है कि मनसे के साथ जुड़ाव उसकी विचारधारा के विपरीत है, क्योंकि मनसे पहले उत्तर भारतीयों के खिलाफ आक्रामक रुख के लिए जानी जाती रही है।

    कांग्रेस में भी दो धड़े, राय में मतभेद

    कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति भी खुलकर सामने आई है।
    एक धड़ा — स्थानीय समीकरण के आधार पर मनसे के साथ गठबंधन का समर्थक
    दूसरा धड़ा — मनसे के साथ किसी भी सूरत में गठबंधन के खिलाफ

    मुंबई के राजनैतिक विशेषज्ञों का कहना है कि कांग्रेस को जल्द स्पष्ट रुख लेना होगा, वरना गैर-मराठी और गैर-हिंदू वोटों का विभाजन भाजपा के लिए रास्ता आसान बना देगा।

    एनसीपी (SP) एकता के पक्ष में

    एनसीपी (शरद पवार) गठबंधन की मजबूती के लिए MNS को साथ लेकर संयुक्त मुकाबले की वकालत कर रही है। इसी संदर्भ में वर्षा गायकवाड़ की टीम ने शरद पवार से मुलाकात भी की है, लेकिन कांग्रेस अपने निर्णय पर कायम है।

    शिवसेना (UBT) ने किया पुनर्विचार का आग्रह

    उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना कांग्रेस को साथ रखने की कोशिश जारी रखे हुए है। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा—
    🔹 “मनसे के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस की नाराज़गी व्यक्तिगत मामला हो सकता है।”
    🔹 “जनता चाहती है कि शिवसेना और मनसे साथ आएं।”

    दूसरी ओर, मनसे ने MVA में शामिल होने से इनकार करते हुए कांग्रेस को “अमीबा” कहा, जिस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए “गिरगिट” जैसी टिप्पणी की।

    बीएमसी चुनाव — बड़ा राजनीतिक समीकरण

    • राज्य की 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायतों के चुनाव 2 दिसंबर को
    • बीएमसी के चुनाव जनवरी 2026 में होने की संभावना
    • वर्तमान हालात में भाजपा सबसे मजबूत स्थिति में दिख रही है
    • कांग्रेस के अकेले उतरने से विपक्ष का वोट बैंक टूट सकता है

    FAQ

    प्रश्नउत्तर
    क्या कांग्रेस MVA से अलग हो रही है?नहीं, गठबंधन बरकरार है, लेकिन बीएमसी चुनाव कांग्रेस स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहती है।
    कांग्रेस मनसे के साथ क्यों नहीं है?कांग्रेस का कहना है कि मनसे के पुराने रुख से उसके परंपरागत वोटरों को नुकसान हो सकता है।
    क्या विपक्षी वोट बंटेंगे?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फैसले से भाजपा को सीधा लाभ मिल सकता है।
    क्या अंतिम निर्णय बदल सकता है?शिवसेना (UBT) लगातार आग्रह कर रही है, लेकिन इस समय कांग्रेस अपने फैसले पर अडिग है।
  • मालवनी में अनधिकृत टर्फ पर रोक — नागरिकों के आंदोलन को बड़ी जीत

    मालवनी में अनधिकृत टर्फ पर रोक — नागरिकों के आंदोलन को बड़ी जीत

    मालाड–मालवनी के सार्वजनिक मैदान पर बनाए जा रहे अवैध टर्फ पर प्रशासन ने तत्काल रोक लगा दी है। यह फैसला स्थानीय नागरिकों, संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद आया।

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी गेट नंबर 8 स्थित में बस डेपो के पास, म्हाडा के सार्वजनिक खेल मैदान पर बन रहे अनधिकृत टर्फ को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। लगातार विरोध, शिकायतों और प्रशासनिक स्तर पर किए गए दबाव के बाद टर्फ निर्माण के कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। नागरिकों ने घोषणा की है कि मैदान पूरी तरह बच्चों, खिलाड़ियों और जनता के लिए खुला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    🔹 प्रदर्शन के बाद रोक — आंदोलन बना निर्णायक

    मालाड–मालवनी के खुले सार्वजनिक मैदान पर कुछ लोगों द्वारा चुपचाप टर्फ निर्माण शुरू किया गया था, जिसकी जानकारी मिलते ही नागरिकों ने विरोध दर्ज कराया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, म्हाडा, बीएमसी और सभी संबंधित विभागों को लिखित शिकायत देना शुरू किया और नियमित फ़ॉलोअप लिया।
    इसी फ़ॉलोअप के बाद सरकार ने विवादित टर्फ निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया।

    🔹 धमकियों के बावजूद संघर्ष जारी रखा

    सामाजिक कार्यकर्ताओं को आंदोलन रोकने के लिए कथित तौर पर झूठे फौजदारी मामलों में फंसाने की धमकियाँ भी दी गईं, लेकिन आंदोलनकारियों ने पीछे हटने से इंकार कर दिया। उनके साहस और नेतृत्व से स्थानीय युवाओं का मनोबल बढ़ा और आंदोलन व्यापक हो गया।

    🔹 राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन

    आंदोलन की ताकत लोगों के एकजुट होने से और बढ़ी।
    मुख्य रूप से— सामाजिक कार्यकर्ताओं ने म्हाडा कार्यालय और पुलिस स्टेशन में जाकर मजबूती से आपत्ति दर्ज की। संगठनों और नागरिकों के दबाव के बाद प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा।

    🔹 म्हाडा का सख्त संदेश — ‘एक ईंट भी रखी तो कार्रवाई’

    प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में मैदान पर एक ईंट भी रखी गई तो एमआरटीपी कानून लागू करके तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
    लेकिन इसी बीच नागरिकों ने स्पष्ट कहा है कि—
    📌 मैदान पूरी तरह बच्चों और खिलाड़ियों के लिए वापस खुलने तक संघर्ष जारी रहेगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: मालवनी में टर्फ किस वजह से विवाद में था?
    टर्फ सार्वजनिक खेल मैदान पर बिना अनुमति और बिना नोटिस के बनाया जा रहा था, इसलिए स्थानीय लोगों ने उसे अवैध बताया।

    Q2: टर्फ निर्माण पर रोक क्यों लगाई गई?
    नागरिकों व सामाजिक संगठनों के विरोध, शिकायतों और आंदोलन के बाद प्रशासन ने कार्य रोकने का आदेश दिया।

    Q3: क्या यह मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया है?
    प्रशासन ने रोक तो लगाई है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि मैदान पूरी तरह बच्चों और खिलाड़ियों के लिए खुलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    Q4: टर्फ शुरू करने वालों पर कोई कानूनी कार्रवाई होगी?
    प्रशासन के अनुसार, यदि अब मैदान पर कोई निर्माण कार्य शुरू हुआ तो एमआरटीपी कानून के तहत तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

  • शिवधाम संकुल में नागरिक समस्याओं का दौरा, MLA सुनील प्रभु ने दिए निर्देश

    शिवधाम संकुल में नागरिक समस्याओं का दौरा, MLA सुनील प्रभु ने दिए निर्देश

    मालाड पूर्व — शिवधाम संकुल में सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीर्वेज लाइन और भटकते कुत्तों जैसी नागरिक समस्याओं को लेकर MLA सुनील प्रभु ने स्थल निरीक्षण किया। मरम्मत और सुधार कार्यों के लिए नगरपालिका अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुंबई: मालाड (पूर्व) के प्रभाग क्रमांक 44 स्थित शिवधाम संकुल में नागरिकों की बढ़ती समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक सुनील प्रभु ने मंगलवार दोपहर मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मलनिस्सारण लाइन, सड़कों के कंक्रीटीकरण, स्ट्रीट लाइट, भटकते कुत्तों और फायर ब्रिगेड के पीछे बने कबूतरखाने सहित कई मुद्दों पर नागरिकों से चर्चा की और तुरंत समाधान के निर्देश दिए।

    🔹 सड़क और सीवरेज की खराब स्थिति पर MLA का फोकस

    निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि शिवधाम संकुल के कई अंदरूनी रास्ते टूटे हुए हैं और बरसात के बाद से स्थिति और बिगड़ गई है।
    सीवरेज लाइन की सफाई और मरम्मत पर भी नागरिकों ने शिकायत की।

    👉 इस पर MLA सुनील प्रभु ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि

    • सड़क का कंक्रीटीकरण जल्द पूरा करें
    • सीवरेज लाइन की तुरंत सफाई और मरम्मत शुरू करें
    MLA-Sunil-Prabhu-gave-instructions-to-visit-Shivdham-Complex-to-address-civic-issues-1

    🔹 स्ट्रीट लाइट बंद — दो बड़े हॉलोजन लगाने का आदेश

    स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात में अंधेरा और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं।
    जब तक सड़क का काम पूरा नहीं होता तब तक MLA ने निर्देश दिया कि
    ✔ दो बड़े हॉलोजन लाइट तुरंत लगाई जाएं।

    🔹 बैरिकेड्स हटाने के निर्देश — नागरिकों को आराम

    ओबेरॉय मॉल के सामने लगे बैरिकेड्स के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही थी।
    नागरिकों ने यह मुद्दा उठाया तो MLA ने संबंधित अधिकारियों को आज के आज बैरिकेड्स हटाने का आदेश दिया।

    🔹 म्हाडा पार्क की बदहाल स्थिति पर चर्चा

    संकुल में म्हाडा के अंतर्गत बने उद्यान की देखभाल न होने पर नागरिकों ने नाराज़गी जताई।
    सुनील प्रभु ने आश्वासन दिया कि
    👉 म्हाडा प्रशासन से बात कर उद्यान का नवीनीकरण जल्द करवाया जाएगा।

    🔹 निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे

    इस निरीक्षण के दौरान शिवसेना के कई स्थानीय पदाधिकारी और संकुल की विभिन्न हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधि मौजूद थे —
    शाखा प्रमुख सुभाष धनुका, उपशाखाप्रमुख शैलेश जाधव, अशोक दैने, युवासेना उपशाखाधिकारी आर्यन जाधव, मंगेश चव्हाण, शिवधाम सेवा मंडल के अध्यक्ष रविंद बोभाटे, सचिव जितेंद्र पराडकर ऐसे ही विभिन्न गृहनिर्माण सोसायटी के पदाधिकारी संतोष नाझरे, रामचंद्र म्हापणकर, अरुण वाघ, कुंदन गोस्वामी, सुरेश गोसवी, अनंत ठाकरे, सुनील मोरे, प्रथमेश वेंगुर्लेकर समेत बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल थे।


    FAQ — शिवधाम संकुल नागरिक समस्या दौरे पर

    प्रश्नउत्तर
    दौरा किसने किया?स्थानीय MLA सुनील प्रभु ने।
    मुख्य समस्याएं क्या थीं?टूटी सड़कें, बंद स्ट्रीट लाइट, सीवेज लाइन, भटके कुत्ते, बैरिकेड्स और पार्क की स्थिति।
    क्या अधिकारियों को निर्देश दिए गए?हां, तुरंत मरम्मत और कार्रवाई शुरू करने को कहा गया।
    बैरिकेड हटाने की मांग पर क्या आदेश दिया गया?आज ही हटाने और नागरिकों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने के निर्देश।
    म्हाडा पार्क को लेकर क्या निर्णय लिया गया?नवीनीकरण के लिए म्हाडा के साथ फॉलो-अप करने का आश्वासन।
  • मालाड पूर्व के विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़, जल्द खुलेगा नागरिकों के लिए

    मालाड पूर्व के विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़, जल्द खुलेगा नागरिकों के लिए

    मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स में स्थित विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़ी से पूरा हो रहा है। विधायक सुनील प्रभू ने निरीक्षण कर जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया।

    मुंबई: मालाड पूर्व में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित स्वर्गीय विजय सालसकर उद्यान अब नई चमक के साथ तैयार हो रहा है। स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से चल रही मांग और विधायक सुनील प्रभू के लगातार प्रयासों के बाद उद्यान का नवीनीकरण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बुधवार को विधायक प्रभू ने मौके पर जाकर काम की प्रगति का निरीक्षण किया और भरोसा दिलाया कि यह उद्यान जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

    उद्यान की स्थिति और नवीनीकरण का सारांश

    मालाड पूर्व के वॉर्ड 36 में स्थित यह उद्यान कई सालों से जर्जर अवस्था में था। न मॉर्निंग वॉक के लिए पर्याप्त जगह, न बच्चों के खेलने की कोई सुविधा—स्थानीय लोग लगातार परेशान थे। विधायक सुनील प्रभू ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) से बजट मंजूरी के लिए लगातार फॉलो-अप किया और अब 6,500 वर्गमीटर के इस उद्यान को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

    🏞️ उद्यान में क्या-क्या बदलेगा? — नवीनीकरण की प्रमुख बातें

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    1️⃣ 6500 वर्ग मीटर में आधुनिक सुविधाओं की नई लिस्ट

    विजय सालसकर उद्यान को पूरी तरह से रीडिज़ाइन किया जा रहा है, जिसमें नागरिकों की हर उम्र को ध्यान में रखा गया है।

    ✔ लिटिल किड्स प्ले ज़ोन

    • बच्चों के लिए सुरक्षित रॉक क्लाइम्बिंग गेम
    • नई प्ले-स्ट्रक्चर और ओपन एरिया

    ✔ फिटनेस कॉर्नर

    • आधुनिक व्यायाम उपकरण
    • ओपन जिम जैसा अनुभव देने वाली मशीनें

    ✔ वॉकिंग ट्रैक

    • मॉर्निंग वॉकर्स के लिए मजबूत और चौड़ा वॉकवे
    • एंटी-स्किड सरफेस

    ✔ सीनियर सिटिजन कॉर्नर

    • आरामदायक आसन व्यवस्था
    • शांत बैठने और मिलने-जुलने की जगह

    ✔ व्यूइंग गैलरी

    • कॉलोनी को देखते हुए डिजाइन की गई गैलरी
    • परिवारों और बच्चों के लिए आकर्षण

    ✔ हरियाली और साफ-सुथरापन

    • पूरे उद्यान में नई प्राकृतिक घास
    • उद्यान की दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग्स और रंगरंगोटी

    🧑‍⚖️ निरीक्षण के दौरान कौन-कौन मौजूद रहा?

    निरीक्षण दौरे में विधायक एवं विभाग प्रमुख सुनील प्रभू के साथ कई पदाधिकारी मौजूद थे, जिनमें शामिल हैं:

    • शिवसेना महिला विधानसभा संघटक रीनाताई सुर्वे
    • वॉर्ड 36 के पूर्व नगरसेवक सुनील गुजर
    • रुचिता आरोसकर
    • कृष्णा सुर्वे
    • अशोक राणे
    • अल्पेश चव्हाण
    • बाळा शिरोडकर
    • वामन तिरोडकर
    • सुरेश करपे
    • सुशांत पांचाळ
    • सुशांत पारकर
    • अतुल पाखरे
      …और अन्य शिवसेना पदाधिकारी व कार्यकर्ता।

    विधायक ने अधिकारियों अमोल हितापे और ज्योती तुडस के साथ उद्यान का पूरा निरीक्षण किया और आवश्यक सुझाव भी दिए।


    FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. विजय सालसकर उद्यान कब तक खुलेगा?

    निरीक्षण के दौरान विधायक सुनील प्रभू ने बताया कि नवीनीकरण लगभग पूरा है और उद्यान जल्द ही नागरिकों के लिए खुल जाएगा।

    2. उद्यान में कौन-कौन सी नई सुविधाएँ मिलेंगी?

    यहाँ बच्चों के लिए रॉक क्लाइम्बिंग, वॉकिंग ट्रैक, एक्सरसाइज उपकरण, सीनियर सिटिजन बैठने की जगह, व्यूइंग गैलरी और नई हरियाली जोड़ी जा रही है।

    3. उद्यान कितनी बड़ी जगह में फैला है?

    पूरा उद्यान करीब 6,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है।

    4. यह उद्यान किस इलाके में स्थित है?

    यह मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स, वॉर्ड 36 में स्थित है।

  • सलमान खान ने दिखाई जबरदस्त फ्लेक्सिबिलिटी, शेयर की मजेदार स्ट्रेचिंग फोटो

    सलमान खान ने दिखाई जबरदस्त फ्लेक्सिबिलिटी, शेयर की मजेदार स्ट्रेचिंग फोटो

    सलमान खान ने सोशल मीडिया पर अपनी नई स्ट्रेचिंग फोटो शेयर कर फैंस को चौंका दिया। द-बैंग टूर, फिटनेस रूटीन और उनकी आने वाली फिल्म बैटल ऑफ गलवान को लेकर फिर बढ़ी चर्चा।

    मुंबई: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने एक बार फिर अपनी फिटनेस और फ्लेक्सिबिलिटी दिखाकर सोशल मीडिया पर धमाल मचा दिया। शुक्रवार को सलमान ने दबंग टूर, कतर के दौरान बैकस्टेज से एक मजेदार स्ट्रेचिंग फोटो शेयर की, जिसे देखकर फैंस उनकी फिटनेस पर एक बार फिर फिदा हो गए। फोटो में सलमान अपनी टांगों को स्ट्रेच करते दिख रहे हैं और कैप्शन में सिर्फ लिखा— “Aahhhhaaa”

    सोशल मीडिया पर फैंस का प्यार—‘हीरो’, ‘स्टे स्ट्रॉन्ग’ जैसी प्रतिक्रियाओं की बाढ़

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    फोटो शेयर होते ही इंस्टाग्राम पर कमेंट्स की लाइन लग गई।
    एक यूज़र ने लिखा—“Wow… hero!”
    दूसरे ने कमेंट किया—“Stay strong always.”

    सलमान की यह तस्वीर दबंग टूर में उनकी एनर्जी और फिजिकल फिटनेस को दर्शाती है, जो उम्र के इस पड़ाव पर भी फैंस को हैरान कर देती है।

    पहले भी शेयर की थीं शर्टलेस तस्वीरें, दिखाए थे सिक्स-पैक एब्स

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    कुछ दिन पहले सलमान खान ने अपनी वर्कआउट सेशन की शर्टलेस फोटो भी पोस्ट की थी।
    उन्होंने कैप्शन में लिखा था—
    “Kuch haasil karne ke liye kuch chhodna padta hai… yeh bina chhode hai.”

    इन तस्वीरों में सलमान अपनी सिक्स-पैक एब्स और रग्ड फिजीक फ्लॉन्ट करते नजर आए थे, जो सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड हुआ।

    फिल्मी मोर्चे पर—‘बैटल ऑफ गलवान’ में सेना के किरदार में नज़र आएंगे सलमान

    सलमान खान जल्द ही निर्देशक अपूर्व लखिया की फिल्म ‘Battle of Galwan’ में भारतीय सेना की वर्दी में दिखेंगे।
    फिल्म 2020 में भारत-चीन गलवान घाटी में हुई झड़प पर आधारित है, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।

    फिल्म में उनके साथ एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह नज़र आएंगी।
    शूटिंग और तैयारी को लेकर सलमान इन दिनों काफ़ी व्यस्त हैं।


    FAQ

    1. सलमान खान ने कौन सी नई फोटो शेयर की?

    द-बैंग टूर कतर से बैकस्टेज स्ट्रेचिंग करते हुए अपनी एक मजेदार तस्वीर।

    2. फैंस ने क्या प्रतिक्रिया दी?

    फैंस ने “Wow hero”, “Stay strong always” जैसे ढेरों कमेंट किए।

    3. सलमान की अगली फिल्म कौन सी है?

    अपूर्व लखिया की फिल्म बैटल ऑफ गलवान, जिसमें वे भारतीय सेना का किरदार निभाएंगे।

    4. क्या हाल ही में सलमान ने वर्कआउट फोटो भी शेयर की थी?

    हाँ, उन्होंने सिक्स-पैक एब्स वाली शर्टलेस वर्कआउट तस्वीरें भी शेयर की थीं।

  • घोड़बंदर रोड पर ट्रैफिक बदलाव, 6 महीने चलेगी दिक्कत

    घोड़बंदर रोड पर ट्रैफिक बदलाव, 6 महीने चलेगी दिक्कत

    ठाणे–बोरीवली डबल टनल परियोजना के काम के चलते मुल्लाबाग इलाके में बड़े पैमाने पर ट्रैफिक बदलाव 11 मई 2026 तक लागू रहेंगे। घोड़बंदर रोड पर रोज बढ़ रही जाम की समस्या और बदली गई रूट डिटेल पढ़ें।

    मुंबई: ठाणे और बोरीवली के बीच डबल टनल प्रोजेक्ट के निर्माण के चलते ठाणे ट्रैफिक पुलिस ने मुल्लाबाग क्षेत्र में करीब छह महीने के लिए बड़े ट्रैफिक बदलाव लागू किए हैं। यह बदलाव 14 नवंबर से 11 मई 2026 तक रहेंगे। घोड़बंदर रोड पर पहले से ही भारी जाम की स्थिति है, और नए रूट बदलाव का असर हजारों यात्रियों पर पड़ने की संभावना है।

    घोड़बंदर रोड पर रोज़ाना जाम, यात्रियों का बुरा हाल

    ठाणे, भिवंडी और कल्याण से बोरिवली की ओर आने और जाने वाले यात्रियों को घोड़बंदर घाट रोड पर पहले से भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। सड़क की खराब हालत और रोज-रोज की जाम से लोग परेशान हो चुके हैं। इसी बीच टनल प्रोजेक्ट के कारण ट्रैफिक स्थिति और चुनौतीपूर्ण होने वाली है।

    ठाणे–बोरीवली डबल टनल का काम तेज़, मशीनों की आवाजाही शुरू

    एमएमआरडीए द्वारा बनाए जा रहे इस प्रोजेक्ट का काम मुल्लाबाग, घोड़बंदर रोड की तरफ़ तेज़ी से जारी है। संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे से 11.8 किमी लंबा भारत का सबसे बड़ा और सबसे लंबा डबल टनल बनाया जा रहा है।
    यह टनल पूरा होने पर मौजूदा 60–90 मिनट का सफर घटकर सिर्फ 15 मिनट में पूरा होने का दावा किया गया है।

    6 महीने तक रहेगा ट्रैफिक बदलाव

    ठाणे ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 14 नवंबर से 11 मई 2026 तक रूट बदले रहेंगे।
    मुल्लाबाग इलाके में टनल के निर्माण के लिए भारी वाहन, मशीनें और कंस्ट्रक्शन मटीरियल ले जाने वाले ट्रक लगातार आवाजाही करेंगे, इसलिए सड़क पर सामान्य वाहनों की मूवमेंट में बदलाव किया गया है।

    असली बदलाव क्या है?

    • हिलक्रेस्ट हाउसिंग सोसाइटी से नीलकंठ ग्रीन की तरफ जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया है।
    • इस क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश सत्या शंकर हाउसिंग सोसाइटी के पास बंद कर दिया गया है।
    • वाहन अब विपरीत दिशा वाली लेन से आवाजाही करेंगे, जिससे इस हिस्से में जाम बढ़ने की संभावना है।

    ट्रैफिक डीसीपी पंकज शिरसाट ने आधिकारिक आदेश जारी किया है।

    यात्रियों को अगले कई महीनों तक परेशानी का अनुमान

    चूंकि मुल्लाबाग रूट पहले से ही घोड़बंदर रोड की कंजेशन का विकल्प माना जाता रहा है, इसलिए यहां ट्रैफिक बदले जाने से दिक्कतें और बढ़ सकती हैं।
    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें और यात्रा समय बढ़ाकर चलें।


    FAQ सेक्शन

    1. ट्रैफिक बदलाव कितने समय तक लागू रहेंगे?

    14 नवंबर 2024 से 11 मई 2026 तक, यानी लगभग छह महीने से भी ज़्यादा।

    2. ट्रैफिक बदलाव किस वजह से किया गया है?

    ठाणे–बोरीवली डबल टनल प्रोजेक्ट के निर्माण, मशीनरी और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण।

    3. कौन-सा रूट बंद किया गया है?

    हिलक्रेस्ट सोसायटी से नीलकंठ ग्रीन की ओर जाने वाला मार्ग बंद किया गया है।

    4. यात्रा पर इसका क्या असर पड़ेगा?

    विपरीत लेन से आवाजाही होने के कारण जाम बढ़ेगा और यात्रा समय ज्यादा लगेगा।

    5. टनल बनने के बाद क्या फायदा होगा?

    ठाणे से बोरीवली का 1 घंटे से अधिक का सफर सिर्फ 15 मिनट में पूरा होगा।

  • बोरीवली स्टेशन पर दो फूड स्टॉल बंद

    बोरीवली स्टेशन पर दो फूड स्टॉल बंद

    वेस्टर्न रेलवे ने बोरीवली स्टेशन पर खराब सफाई और घटिया गुणवत्ता के कारण दो फूड स्टॉल सील कर दिए। अचानक की गई जांच में खानपान की स्थिति असंतोषजनक पाई गई। जानें पूरा मामला।

    मुंबई: वेस्टर्न रेलवे ने गुरुवार को बोरीवली स्टेशन पर अचानक जांच के दौरान खराब सफाई और असंतोषजनक खाद्य गुणवत्ता पाए जाने पर दो फूड स्टॉल पर कार्रवाई की। प्लेटफॉर्म 4/5 और 6/7 पर चल रहे इन स्टॉल्स को तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया है। यह कार्रवाई मुंबई के पूरे सबअर्बन नेटवर्क में चल रही खाद्य सुरक्षा चेकिंग ड्राइव का हिस्सा है।

    अचानक जांच में मिली गंदगी, स्टॉल तुरंत सील

    वेस्टर्न रेलवे की टीम ने नियमित निरीक्षण के दौरान बोरीवली स्टेशन पर दो फूड स्टॉल्स—M/s Choleshchand Tea Stall (प्लेटफॉर्म 4/5) और Dilip Dilhoud Stall (प्लेटफॉर्म 6/7)—में गंदगी, खराब सफाई और घटिया भोजन की गुणवत्ता पाई।
    निरीक्षण रिपोर्ट “अनसैटिस्फैक्टरी” आने के बाद दोनों स्टॉल्स को तुरंत बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया।

    Borivali-railway-station

    मुंबई लोकल नेटवर्क में जारी है सफाई ड्राइव

    अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई किसी एक दिन का मामला नहीं है, बल्कि मुंबई के पूरे लोकल रेल नेटवर्क में चल रहे फूड सेफ्टी ड्राइव का हिस्सा है।
    बोरीवली जैसे हाई-फुटफॉल स्टेशनों पर रोज़ाना लाखों यात्री आते हैं, ऐसे में रेलवे यह सुनिश्चित कर रहा है कि खाने-पीने की दुकानों में सफाई और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।

    यात्रियों की शिकायतें बनी वजह

    रेलवे सूत्रों के मुताबिक, यात्रियों की ओर से कई बार स्टेशनों के स्टॉल्स पर महीन सफाई, बदबूदार तेल, बेस्वाद चाय-कॉफी, और खराब पैक्ड आइटम्स की शिकायतें मिलती रही हैं।
    दैनिक चेकिंग से न सिर्फ़ दुकानदारों की जवाबदेही तय होती है, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएँ मिलती हैं।

    स्टॉल्स को दोबारा खोलने से पहले कड़ी जांच होगी

    अधिकारियों ने बताया कि दोनों स्टॉल्स को तभी दोबारा चालू करने की अनुमति दी जाएगी, जब वे रेलवे के सभी तय सेफ्टी और हाइजीन मानकों को पूरा करेंगे।
    रेलवे उनकी कंप्लायंस रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद ही आगे निर्णय लेगा।


    FAQ सेक्शन

    1. बोरीवली स्टेशन पर किन फूड स्टॉल्स को बंद किया गया?

    दो स्टॉल्स—M/s Choleshchand Tea Stall (प्लेटफॉर्म 4/5) और Dilip Dilhoud Stall (प्लेटफॉर्म 6/7)—को बंद किया गया है।

    2. रेलवे ने कार्रवाई क्यों की?

    अचानक जांच में दोनों स्टॉल्स पर खराब सफाई, गंदगी और असंतोषजनक भोजन गुणवत्ता पाई गई।

    3. क्या यह एक नियमित ड्राइव का हिस्सा है?

    जी हाँ, मुंबई के सभी स्टेशनों पर रेलवे द्वारा चलाए जा रहे फूड सेफ्टी ड्राइव के तहत यह कार्रवाई की गई।

    4. स्टॉल कब दोबारा खुलेंगे?

    जब तक वे रेलवे की सभी हाइजीन और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं कर लेते, उन्हें संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी।

    5. क्या यात्रियों से शिकायतें मिली थीं?

    हां, यात्रियों ने पहले भी कई बार खराब क्वालिटी और गंदगी की शिकायतें की थीं। यह कार्रवाई उसी दिशा में उठाया गया कदम है।

  • कांदिवली में गुम हुआ खास बच्चा, ‘We All Connect’ की मदद से डेढ़ घंटे में मिला घर का रास्ता

    कांदिवली में गुम हुआ खास बच्चा, ‘We All Connect’ की मदद से डेढ़ घंटे में मिला घर का रास्ता

    मुंबई के कांदिवली इलाके में एक 6 वर्षीय ऑटिस्टिक बच्चा गुम हो गया था। ‘We All Connect’ नाम के नागरिक नेटवर्क और स्थानीय लोगों की तत्परता से सिर्फ डेढ़ घंटे में उसे सुरक्षित परिवार तक पहुंचा दिया गया।

    मुंबई: कांदिवली में रविवार को एक मार्मिक घटना देखने को मिली, जब 6 साल का ऑटिस्टिक बच्चा राजस अपने आजोबा के साथ टहलते वक्त अचानक गुम हो गया।
    राजस बोल नहीं पाता, इसलिए खुद का नाम या पता बताना उसके लिए मुश्किल था। लेकिन इलाके के नागरिकों और We All Connect नाम के स्थानीय नेटवर्क ने मिलकर बच्चे को सिर्फ डेढ़ घंटे में ढूंढ निकाला।

    👥 समुदाय की एकजुटता से हुआ चमत्कार

    राजस अपने आजोबा के साथ लोखंडवाला रोड पर घूम रहा था जब वह अचानक नज़र से ओझल हो गया।
    घबराए परिवार ने ‘We All Connect’ नेटवर्क से मदद मांगी — यह कांदिवली और आसपास के इलाकों के करीब 7,000 नागरिकों का सोशल नेटवर्क ग्रुप है, जो जरूरत पड़ने पर तुरंत एक-दूसरे की सहायता करता है।

    जैसे ही जानकारी नेटवर्क पर पहुंची, सदस्य अर्चना सागर और शुभमय मैती ने पहल करते हुए आसपास के सुरक्षा गार्डों और निवासियों से जानकारी जुटानी शुरू की।
    कुछ ही देर में पता चला कि एक बच्चा सावंत गार्डन (क्रांतिनगर) के पास देखा गया है।
    इसके बाद स्थानीय युवकों ने पार्क और आस-पास की इमारतों में खोज शुरू की — और राजस को सुरक्षित पा लिया गया।

    👦 ऑटिस्टिक बच्चा होने से बढ़ी थी मुश्किलें

    राजस को ऑटिज़्म है, जिसके कारण उसे बोलने और संवाद करने में परेशानी होती है।
    वह अपना नाम, पता या किसी का फोन नंबर नहीं बता पा रहा था।
    इस वजह से यह खोज और चुनौतीपूर्ण हो गई थी, लेकिन नागरिकों ने हिम्मत नहीं हारी।

    ‘We All Connect’ के संस्थापक संतोष शेट्टी ने बताया —

    “अर्चना सागर, रिचा गौर और शुभमय मैती की सतर्कता की वजह से राजस को सिर्फ डेढ़ घंटे में उसके माता-पिता तक पहुंचाया जा सका।”

    🏡 इलाज के लिए उत्तराखंड से मुंबई आया परिवार

    राजस का परिवार हाल ही में उत्तराखंड से मुंबई आया है।
    राजस की मां अस्मिता ने बताया कि उनके गृहराज्य में ऑटिज़्म के लिए न तो पर्याप्त इलाज है और न जागरूकता, इसलिए उन्होंने मुंबई का रुख किया।

    उन्होंने कहा —

    “हम यहां नए थे, किसी भी व्हाट्सऐप ग्रुप या नेटवर्क से जुड़े नहीं थे। फिर भी आसपास के लोगों ने जिस तरह मदद की, वो हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं था।”

    ❤️ इंसानियत और एकता की मिसाल बनी कांदिवली

    इस घटना ने यह साबित कर दिया कि समुदाय की एकजुटता और मानवीय संवेदनशीलता आज भी समाज की सबसे बड़ी ताकत है।
    ‘We All Connect’ जैसे समूह न केवल लोगों को जोड़ते हैं, बल्कि संकट के समय उम्मीद की एक नई रोशनी भी बनते हैं।

    यह नेटवर्क अब तक कई गुमशुदा बच्चों और बुजुर्गों की खोज में मदद कर चुका है — और कांदिवली इलाके में लोगों के लिए सुरक्षा का भरोसा बन गया है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. राजस कौन है?
    राजस 6 साल का ऑटिस्टिक बच्चा है, जो कांदिवली में अपने आजोबा के साथ टहलते वक्त गुम हो गया था।
    Q2. बच्चे को कैसे ढूंढा गया?
    ‘We All Connect’ नामक सोशल नेटवर्क ग्रुप और स्थानीय लोगों की मदद से राजस को डेढ़ घंटे में खोज लिया गया।
    Q3. ‘We All Connect’ क्या है?
    यह कांदिवली और आसपास के 7,000 से ज्यादा लोगों का सोशल नेटवर्क है, जो जरूरतमंदों की मदद के लिए सक्रिय रहता है।
    Q4. राजस का परिवार मुंबई क्यों आया था?
    राजस का परिवार उत्तराखंड से ऑटिज़्म के बेहतर इलाज और सुविधाओं की तलाश में मुंबई आया है।
    Q5. इस घटना से क्या संदेश मिलता है?
    यह घटना दिखाती है कि इंसानियत, सहयोग और एकजुटता के बल पर किसी भी संकट को हल किया जा सकता है।

  • गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के निरीक्षण पर पहुंचे MLA सुनील प्रभु, बीएमसी अधिकारियों को दी कई अहम निर्देश

    गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के निरीक्षण पर पहुंचे MLA सुनील प्रभु, बीएमसी अधिकारियों को दी कई अहम निर्देश

    शिवसेना नेता और पूर्व महापौर सुनील प्रभु ने गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के निर्माण कार्य का बीएमसी अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने आदिवासी पाड़ा के लोगों की सुविधाओं और भविष्य में होने वाली ट्रैफिक समस्याओं पर तत्काल समाधान के निर्देश दिए।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड पर चल रहे विकास कार्यों का शिवसेना नेता और विधायक सुनील प्रभु ने सोमवार को बीएमसी अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया।
    निरीक्षण के दौरान उन्होंने नागरिकों को हो रही समस्याओं का जायजा लिया और संबंधित विभागों को कई सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

    🏗️ स्थानीय नागरिकों की समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश

    विधायक सुनील प्रभु ने बताया कि गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के निर्माण से श्रमसाफल्य सोसायटी, श्रीकृष्ण नगर, जयभीम नगर और दिंडोशी महानगरपालिका वसाहत जैसे इलाकों के नागरिकों को असुविधा हो रही है।
    उन्होंने बीएमसी के रस्ता विभाग, पूल विभाग और परिरक्षण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि

    • श्रीकृष्ण नगर के नागरिकों के लिए संतोष नगर बस स्टॉप तक पहुंचने के लिए अंडरपास (भुयारी मार्ग) बनाया जाए।
    • पर्जन्य जल वाहिनी (ड्रेनेज लाइन) को सड़क के एक ओर स्थानांतरित कर नया निर्माण किया जाए।
    • गणेश मंदिर-इंदिरा विकास केंद्र मार्ग पर नागरिकों और वाहनों को सुगम आवागमन की सुविधा दी जाए।
    • बीएसटी बसों के लिए टर्मिनल पॉइंट तैयार किया जाए ताकि यातायात में बाधा न आए।

    🚧 आदिवासी पाड़ा के लोगों की सुविधा के लिए भी निर्देश

    निरीक्षण के दौरान सुनील प्रभु ने यह भी बताया कि गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के टनल निर्माण कार्य के चलते बालासाहेब फालके चित्रनगरी के हबाले आदिवासी पाड़ा में लोगों का मुख्य मार्ग बंद हो गया था, जिससे उन्हें आवाजाही में भारी दिक्कतें हो रही थीं।
    अब बीएमसी ने इस “मिसिंग लिंक रोड” का काम शुरू कर दिया है, जिसका शुभारंभ स्वयं सुनील प्रभु ने किया।

    🚦 भविष्य की ट्रैफिक समस्या पर भी होगी बैठक

    दादासाहेब फालके चित्रनगरी के मुख्य प्रवेश द्वार के पास उड्डाणपुल का एग्जिट पॉइंट बनने वाला है।
    विधायक ने बताया कि इस क्षेत्र में भविष्य में वाहन जाम की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
    इसलिए उन्होंने बीएमसी के पूल विभाग, रस्ते विभाग और परिरक्षण विभाग को नियोजन बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि पहले से योजना बनाई जा सके।

    👥 अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

    निरीक्षण के दौरान विधायक सुनील प्रभु के साथ
    ** पूर्व उपमहापौर सुहास वाडकर**,
    *पूर्व नगरसेवक तुलसीराम शिंदे*,
    ** उद्धव ठाकरे गुट के शाखाप्रमुख संपत मोरे**,
    तथा बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    💬 सुनील प्रभु ने क्या कहा

    “हमारा उद्देश्य सिर्फ सड़क और पुल नहीं बनाना है, बल्कि आसपास के नागरिकों की सुविधा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। बीएमसी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानीय लोगों की जरूरतें पूरी हों और ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रहे।”
    सुनील प्रभु, विधायक (शिवसेना – उद्धव बालासाहेब ठाकरे गट)


    FAQ सेक्शन:

    Q1. गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड का निरीक्षण किसने किया?
    विधायक और शिवसेना नेता सुनील प्रभु ने बीएमसी अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।
    Q2. निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या था?
    स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को समझना, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना और निर्माण कार्य में आवश्यक बदलाव के निर्देश देना।
    Q3. कौन-कौन से इलाके प्रभावित हैं?
    श्रीकृष्ण नगर, दिंडोशी, जयभीम नगर और हबाले आदिवासी पाड़ा जैसे इलाके इस परियोजना से प्रभावित हैं।
    Q4. ट्रैफिक को लेकर क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
    फालके चित्रनगरी के पास संभावित ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए नियोजन बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
    Q5. इस मौके पर और कौन मौजूद थे?
    उपमहापौर सुहास वाडकर, पूर्व नगरसेवक तुलसीराम शिंदे और बीएमसी अधिकारी।