Category: Civic Issues

  • BMC ने मतदाता सूचियों की 10,668 आपत्तियों पर फैसला दिया

    BMC ने मतदाता सूचियों की 10,668 आपत्तियों पर फैसला दिया

    BMC चुनाव 2025 की प्रारूप मतदाता सूची पर दर्ज 11,497 आपत्तियों में से 10,668 पर निर्णय हो चुका है। 829 मामले डुप्लीकेट वोटरों से जुड़े हैं। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची से पहले कंट्रोल चार्ट तैयार किया जा रहा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव 2025 की प्रारूप मतदाता सूची पर कुल 11,497 आपत्तियाँ और सुझाव मिले थे, जिनमें से 10,668 पर निर्णय हो गया है। शेष 829 मामले डुप्लीकेट मतदाताओं के हैं। बीएमसी ने 26 वार्डों के अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी है और अंतिम मतदाता सूची के लिए कंट्रोल चार्ट तैयार किया जा रहा है। जिन प्रभागों में 100 से ज्यादा मतदाता स्थानांतरित दिखे हैं, उनकी Google Map पर सीमाओं के अनुसार फील्ड-वेरिफिकेशन के निर्देश दिए गए हैं।

    BMC चुनाव 2025: मतदाता सूची पर आई आपत्तियों पर तेज़ी से काम

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 2025 के आगामी चुनावों के लिए तैयार की गई प्रारूप मतदाता सूची पर लोगों से मिली आपत्तियों और सुझावों पर तेजी से कार्रवाई की है। बीएमसी की ओर से कुल 11,497 हरकतियाँ और सुझाव मिले थे, जिनमें से 10,668 मामलों पर निर्णय दे दिया गया है। यह जानकारी बीएमसी की अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने मीडिया को दी।

    प्रेस वार्ता के दौरान सह आयुक्त (करनिर्धारण व संकलन) विश्वास शंकरवार और सहायक आयुक्त डॉ. गजानन बेल्लाळे भी मौजूद थे।

    BMC-decides-on-10668-objections-to-voter-lists-news

    26 प्रशासनिक विभागों से आई थीं शिकायतें

    बीएमसी के 26 प्रशासनिक विभागों में मतदाता सूची को लेकर लोगों ने बदलाव और सुधार से जुड़ी 11,497 आपत्तियाँ दर्ज कराई थीं।

    • इनमें से 10,668 का निपटारा कर दिया गया है।
    • शेष 829 मामले डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित हैं, जिनकी अलग से जांच की जा रही है।

    इसके लिए हर वॉर्ड के सहायक आयुक्तों को “प्राधिकृत अधिकारी” नियुक्त किया गया है।

    अंतिम मतदाता सूची से पहले तैयार हो रहा ‘कंट्रोल चार्ट’

    डॉ. जोशी ने बताया कि अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्णयों के आधार पर अंतिम मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए “कंट्रोल चार्ट” बनाया जा रहा है, जो अंतिम सूची का आधार होगा।

    जहां 100 से ज्यादा मतदाता स्थानांतरित दिखे, वहां फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य

    बीएमसी ने खास तौर पर उन प्रभागों का निरीक्षण कराने का निर्णय लिया है, जहां
    100 से अधिक मतदाता स्थानांतरित दिख रहे हैं।

    इस प्रक्रिया में—

    • Google Map पर दिखाई गई प्रभाग सीमाएँ
    • ज़मीन पर मौजूद घर, इमारतें, चॉल, वसाहतें
      इनकी भौतिक जांच कराई जाएगी, ताकि कोई गलती न रहे।
      सभी संबंधित उपायुक्तों और सह आयुक्तों को
      फोटो और प्रमाण-पत्र सहित रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है।

    डुप्लीकेट मतदाताओं के लिए घर-घर जाकर जांच

    बीएमसी ने डुप्लीकेट वोटर मामलों के लिए एक मानक प्रक्रिया तय की है।

    • BLO (Booth Level Officer) और वॉर्ड कर्मचारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
    • मतदाता से “परिशिष्ट-1” फॉर्म भरवाया जाएगा।
    • यदि मतदाता घर पर नहीं मिले, तो उनके घर के दरवाज़े पर नोटिस चिपकाया जाएगा।
    • नोटिस में वॉर्ड कार्यालय से संपर्क करने की अपील होगी।

    बीएमसी ने मतदाताओं से इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने की अपील की है।

    BMC का लक्ष्य: अंतिम मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिविहीन बनाना

    मोटे तौर पर देखें, तो बीएमसी की कोशिश है कि 2025 के चुनाव से पहले मतदाता सूची से—

    • डुप्लीकेट नाम
    • गलत पतों वाले मतदाता
    • स्थानांतरित लोग
    • गलत प्रविष्टियाँ

    इन सभी को हटाकर एक सटीक और साफ मतदाता सूची बनाई जाए।


    FAQ Section

    1. बीएमसी को कुल कितनी आपत्तियाँ मिली थीं?

    मतदाता सूची पर कुल 11,497 आपत्तियाँ और सुझाव मिले थे।

    2. इनमें से कितने मामलों पर फैसला हो चुका है?

    10,668 आपत्तियों का निपटारा कर दिया गया है।

    3. 829 शेष आपत्तियाँ किस बारे में हैं?

    ये सभी मामले डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित हैं।

    4. डुप्लीकेट वोटरों की जांच कैसे होगी?

    BLO और वॉर्ड कर्मचारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और परिशिष्ट-1 फॉर्म भरवाएँगे। उपलब्ध न होने पर घर पर नोटिस लगाया जाएगा।

    5. बीएमसी गूगल मैप का उपयोग क्यों कर रही है?

    उन प्रभागों में, जहाँ 100 से अधिक मतदाता स्थानांतरित दिखे, वहां Google Map पर सीमाओं की तुलना कर फील्ड वेरिफिकेशन किया जाएगा।

  • NCP नेता नोवेल साल्वे पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर धरना शुरू

    NCP नेता नोवेल साल्वे पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर धरना शुरू

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के पूर्व राज्य सचिव नोवेल साल्वे पर उल्हासनगर में हुए हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में धरना प्रदर्शन शुरू।

    मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के पूर्व महाराष्ट्र स्टेट सेक्रेटरी नोवेल साल्वे पर हुए कथित हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में धरना आंदोलन शुरू हो गया है। साल्वे का आरोप है कि उल्हासनगर में 9 जून को उन पर हमला हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सही कार्रवाई नहीं की और अब वह न्याय की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।

    🔹 हमला कैसे हुआ?

    जानकारी के मुताबिक, 9 जून की शाम नोवेल साल्वे उल्हासनगर कैंप-3, सेक्शन 17 के रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि कुछ लोग एक बुजुर्ग सिंधी व्यक्ति को पीट रहे हैं। साल्वे ने बीच-बचाव करने की कोशिश की लेकिन उन लोगों में से एक ने पीछे से बांस लेकर साल्वे पर हमला कर दिया।

    हमले के बाद साल्वे की हालत बिगड़ गई, उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उन्हें कार्डियक अटैक आया। स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल आनंद हॉस्पिटल पहुंचाया।

    🔹 परिवार ने की पुलिस से शिकायत

    घटना के तुरंत बाद साल्वे की पत्नी और बेटे ने उल्हासनगर के सेंट्रल पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने:

    • आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की
    • बाेले के बयान दर्ज किए बिना ही केस दर्ज कर दिया
    • जांच में जानबूझकर लापरवाही बरती

    🔹 आनंद अस्पताल से आजाद मैदान तक आंदोलन

    अपनी हालत सुधरने के बाद साल्वे ने सोमवार को मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन शुरू किया है। उन्होंने कहा:

    “जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे और पुलिस की मिलीभगत पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन रुकेगा नहीं।”

    🔹 साल्वे की स्थिति गंभीर थी, हुआ ओपन हार्ट सर्जरी

    हमले के बाद स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि साल्वे की ओपन हार्ट सर्जरी करानी पड़ी। उनका कहना है कि इस हमले का सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ा है और जिम्मेदार लोग आज भी खुले घूम रहे हैं।

    🔹 मांगें क्या हैं?

    नोवेल साल्वे ने महाराष्ट्र सरकार और पुलिस प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:

    1. हमले में शामिल आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो
    2. जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई
    3. केस की सुनवाई तेजी से की जाए

    FAQ सेक्शन:

    Q1: आंदोलन कहां हो रहा है?
    ➡ आंदोलन मुंबई के आजाद मैदान में चल रहा है।

    Q2: हमला कब हुआ था?
    ➡ हमला 9 जून 2025 को उल्हासनगर में हुआ था।

    Q3: आरोपी अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए?
    ➡ साल्वे का आरोप है कि पुलिस आरोपियों को बचा रही है और ठोस कार्रवाई नहीं कर रही।

    Q4: साल्वे की सेहत पर क्या असर हुआ?
    ➡ हमले के बाद उन्हें हार्ट अटैक आया जिसके कारण उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई।

  • BMC चुनाव से पहले वोटरों में बंपर बढ़ोतरी, मालाड–कुर्ला में वोट बैंक 50% बढ़ा

    BMC चुनाव से पहले वोटरों में बंपर बढ़ोतरी, मालाड–कुर्ला में वोट बैंक 50% बढ़ा

    मुंबई मनपा चुनाव से पहले जारी मतदाता सूची में बड़ा बदलाव, शहर में कुल 12.67% की बढ़ोतरी जबकि मालाड-मालवनी और कुर्ला में रिकॉर्ड 50% वोटर्स बढ़े।

    मुंबई: शहर में होने वाले आगामी बीएमसी चुनाव से पहले जारी हुई मतदाता सूची के आंकड़ों ने शहर की राजनीति में नई हलचल मचा दी है। पूरे शहर में वोटरों की कुल संख्या में 12.67% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है, लेकिन यह बढ़ोतरी हर जगह समान नहीं है। सबसे बड़ा उछाल मालाड-मालवनी और कुर्ला जैसे इलाकों में देखा गया है, जहां मतदाता संख्या में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी सामने आई है।

    इसके उलट दक्षिण मुंबई के कई पारंपरिक और पुराने वार्डों में वोटरों की संख्या घट गई है, जो यह संकेत देता है कि मुंबई का राजनीतिक माइंडमैप बदल रहा है और इस बार का चुनाव परंपरागत मुकाबले से कहीं ज्यादा जटिल और वोट बैंक आधारित होने वाला है।

    🔹 दक्षिण मुंबई में खाली होते वार्ड

    BMC चुनावों के लिए जारी प्रारूप मतदाता सूची में एक चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि दक्षिण मुंबई के कई वार्ड अब खाली होते नज़र आ रहे हैं।

    सबसे ज्यादा कमी सी-वार्ड (कालबादेवी, भुवलेश्वर, चीरा बाजार) में हुई है।

    जिन इलाकों में पहले भारी मतदान और पॉलिटिकल एक्टिविटी होती थी, वहां अब लोग या तो पुनर्विकास के चलते शहर से बाहर शिफ्ट हो गए हैं या फ्लैट्स अभी भी कब्जे के इंतज़ार में हैं।

    प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पुराने बिल्डिंग पुनर्विकास, जर्जर इमारतें गिरना, और रेंटल कॉमर्शियलाइजेशन की वजह से बड़े स्तर पर जनसंख्या शिफ्ट हुई है।

    🔹 11 लाख डुप्लीकेट वोटर हटाए गए

    मतदाता सूची में बड़े बदलाव की एक और बड़ी वजह है—मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान।
    बीएमसी प्रशासन और निर्वाचन विभाग ने मिलकर लगभग 11 लाख डुप्लीकेट नामों को सूची से हटाया है।

    ➡ इससे कुछ वार्डों में आंकड़े अचानक कम हो गए।
    ➡ वहीं नए मतदाता पंजीकरण और माइग्रेशन की वजह से उपनगरों में भारी बढ़ोतरी दर्ज हुई।

    🔹 सबसे तेज़ वृद्धि वाले इलाके: मालाड-मालवणी और कुर्ला

    आंकड़ों के मुताबिक:

    वार्डइलाकावृद्धि प्रतिशत
    48मालाड–मालवणी50%+
    33कुर्ला50%+
    163मालाड क्षेत्र50%+
    157पी-नॉर्थ50%+

    इन क्षेत्रों में विशेष रूप से कामगार वर्ग, अल्पसंख्यक आबादी और किरायेदारी आधारित रहने वालों की संख्या अधिक है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बढ़ोतरी चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकती है।

    🔹 आने वाले चुनाव में असर साफ दिखेगा

    राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह चुनाव:

    • पारंपरिक हार-जीत वाला मुकाबला नहीं रहेगा
    • वोटबैंक आधारित रणनीति हावी होगी
    • मुंबई का राजनीतिक पावर सेंटर दक्षिण से उपनगरों की ओर शिफ्ट होगा

    प्रारूप सूची पर अभी दावे–आपत्तियां ली जाएंगी और फिर अंतिम सूची जारी होगी।


    FAQs

    👉 Q1: मुंबई में कुल वोटर कितने बढ़े हैं?
    मुंबई में 2017 के मुकाबले 12.67% वोटर बढ़े हैं।

    👉 Q2: सबसे ज्यादा वृद्धि कहां दर्ज हुई है?
    मालाड-मालवनी और कुर्ला इलाकों में 50% तक की वृद्धि

    👉 Q3: क्या वोटरों की संख्या घटी भी है?
    हाँ। दक्षिण मुंबई के कई वार्डों में मतदाता संख्या घटी है।

    👉 Q4: वोटर हटाए क्यों गए?
    लगभग 11 लाख डुप्लीकेट या मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

  • मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम का प्रस्ताव

    मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम का प्रस्ताव

    मुंबई के मालाड़ पश्चिम, मालवनी में नागरी आरोग्य प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ। सहपालकमंत्री मंगल प्रभात लोढा ने केंद्र को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम रखने का प्रस्ताव दिया।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में निर्मित नए नागरी आरोग्य प्रशिक्षण केंद्र का आज उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित मुंबई उपनगर जिल्हे के सहपालकमंत्री एवं कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने घोषणा करते हुए कहा कि इस केंद्र को भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम पर रखा जाना चाहिए और इसके लिए प्रशासनिक प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

    यह उद्घाटन डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस पर होने से कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया।

    🏥 इस केंद्र से कौन लाभान्वित होगा?

    इस नए हेल्थ सेंटर का उद्देश्य मालाड, मालवनी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लगभग 3.5 लाख से अधिक लोगों को प्राथमिक और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

    केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी सेठ जी.एस. मेडिकल कॉलेज और केईएम अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों द्वारा संभाली जाएगी।

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    🎤 मंच पर उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

    कार्यक्रम में कई नामी लोग मौजूद रहे जिनमें शामिल हैं:

    • स्थानीय विधायक अस्लम शेख
    • उपआयुक्त (परिमंडल 4) डॉ. भाग्यश्री कापसे
    • उपआयुक्त (आरोग्य) शरद उघडे
    • अधिष्ठाता डॉ. संगीता रावत
    • सहायक आयुक्त कुंदन वळवी

    🏗 संरचना और सुविधाएँ

    यह भवन 5 मंजिलों में बना है, जिसमें से 3 मंज़िलें सिर्फ कम्युनिटी हेल्थ सर्विसेज़ के लिए निर्धारित हैं।

    इस केंद्र में उपलब्ध होंगी:

    ✔ सामान्य चिकित्सा
    ✔ महिला स्वास्थ्य सेवा
    ✔ त्वचा रोग उपचार
    ✔ दंत चिकित्सा
    ✔ टीबी उपचार
    ✔ विशेष OPD सेवा

    सेवा समय: सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक

    प्रतिदिन 250–300 मरीजों को संभालने की क्षमता बनाई गई है।

    🧪 मेडिकल सिस्टम और भविष्य की योजनाएँ

    केंद्र में जल्द ही लागू होंगे:

    • हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफ़ॉर्मेशन सिस्टम (HMIS)
    • शोध केंद्र
    • सार्वजनिक स्वास्थ्य संग्रहालय
    • शिक्षण सभागार
    • टीकाकरण सुविधा

    भविष्य में यहां विशेष चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और मेडिकल सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे।


    ❓ FAQ SECTION

    Q. क्या यह केंद्र आम लोगों के लिए मुफ्त सेवा देगा?
    हाँ, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ सरकारी दरों पर और कई सेवाएँ मुफ्त उपलब्ध रहेंगी।

    Q. क्या यह केंद्र भविष्य में अस्पताल के रूप में बदल सकता है?
    हाँ, अधिकारियों के अनुसार चरणबद्ध विकास योजना अंतर्गत विस्तार संभव है।

    Q. रोज कितने मरीजों को इलाज मिलेगा?
    इस केंद्र में प्रतिदिन लगभग 300 मरीजों को सेवा देने की क्षमता है।

    Q. इस केंद्र का नाम कब बदलेगा?
    सहपालकमंत्री की घोषणा के अनुसार प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

  • मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, साढ़े 3 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

    मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, साढ़े 3 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

    मालाड पश्चिम के मालवनी में नया नागरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र शुरू। मंगलप्रभात लोढा और अशिष शेलार की मौजूदगी में लोकार्पण। अब 3.5 लाख नागरिकों को नज़दीक इलाज मिलेगा।

    मुंबई: पश्चिम उपनगर में रहने वाले करीब साढ़े तीन लाख लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मालाड मालवनी में बने नए नागरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (Urban Health Training Centre) का उद्घाटन मुंबई उपनगर के सहपालकमंत्री मंगलप्रभात लोढा के हाथों आज किया जाएगा। इस मौके पर महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा मुंबई उपनगर के पालकमंत्री आशिष शेलार भी मौजूद रहेंगे।

    यह स्वास्थ्य केंद्र उन लोगों के लिए बड़ा बदलाव साबित होने वाला है, जिन्हें अब तक इलाज के लिए दूर-दराज स्थित बड़े अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था।

    🏥 क्यों खास है यह नागरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र?

    यह सेंटर खासतौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए तैयार किया गया है। इस मेडिकल सेंटर को सेठ गोवर्धनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज और KEM अस्पताल टीम के डॉक्टर्स, रेजिडेंट्स, कर्मचारियों व मेडिकल स्टूडेंट्स चलाएंगे।

    यहां रोजाना सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक OPD सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

    📌 उपलब्ध मेडिकल सुविधाएं

    इस सेंटर में कई अहम मेडिकल विभाग शामिल किए गए हैं, जिनमें—

    • जनरल ओपीडी
    • महिला एवं प्रसूति स्वास्थ्य सेवाएं
    • दंत चिकित्सा (Dental care)
    • त्वचा रोग विभाग
    • एक्स-रे व TB से रिलेटेड उपचार
    • लसीकरण व बच्चों की स्वास्थ्य सेवाएं

    रोजाना यहां 250–300 मरीजों के इलाज की क्षमता है।

    🧑‍⚕ स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव

    इस सेंटर में उपचार के बाद गंभीर मरीजों को आस-पास के बीएमसी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा, जैसे—

    • भगवती अस्पताल
    • भाभा अस्पताल बांद्रा
    • कूपर अस्पताल विले पार्ले
    • HBT मेडिकल कॉलेज तथा डॉ. R.N. कूपर रुग्णालय

    इससे बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा और छोटे इलाकों के लोगों को घर के पास ही इलाज मिल सकेगा।

    🏢 बिल्डिंग और भविष्य की योजनाएं

    यह एक 5 मंजिला बिल्डिंग है, जिसमें से 3 मंज़िलें सिर्फ मेडिकल टीम और सुविधाओं के लिए रिज़र्व रखी गई हैं।

    जल्द ही यहां:

    • HMIS डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम
    • रिसर्च सेंटर
    • लाइब्रेरी
    • हेल्थ म्यूज़ियम
    • सामुदायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम

    भी शुरू किए जाएंगे।

    इसके अलावा जगह-जगह स्वास्थ्य जागरुकता कार्यक्रम, मेडिकल कैम्प, रैली और NGO के साथ कम्युनिटी हेल्थ प्रोजेक्ट भी चलाए जाएंगे।


    ❓ FAQ Section

    Q1. यह स्वास्थ्य केंद्र किसके लिए बनाया गया है?
    यह सेंटर खासकर मालाड-मालवनी और आसपास के लगभग साढ़े तीन लाख नागरिकों की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बनाया गया है।

    Q2. क्या यहां इलाज मुफ्त होगा?
    हाँ, बीएमसी की अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की तरह यहां भी ज़्यादातर उपचार मुफ्त या कम शुल्क पर उपलब्ध होंगे।

    Q3. इस सेंटर का समय क्या है?
    सेंटर की OPD सेवा सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक खुलेगी।

    Q4. क्या यहां स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिलेंगे?
    हाँ, यहां महिला स्वास्थ्य, त्वचा रोग, दंत सेवा और टीबी उपचार जैसे विशेष विभाग उपलब्ध रहेंगे।

  • इंडिगो की सर्विस ठप, यात्रियों की परेशानियों पर गरजीं सांसद वर्षा गायकवाड

    इंडिगो की सर्विस ठप, यात्रियों की परेशानियों पर गरजीं सांसद वर्षा गायकवाड

    मुंबई एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस की सर्विस ठप होने से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सांसद वर्षा गायकवाड ने एयरपोर्ट पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया और सरकार व एयरलाइंस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने जांच और कार्रवाई की मांग की है।

    मुंबई: पिछले तीन दिनों से देशभर में IndiGo Airlines की फ्लाइट ऑपरेशन में बड़ा बवाल देखने को मिला। इस गड़बड़ी की वजह से हजारों यात्री एयरपोर्ट पर घंटों फंसे रहे, जिसमें बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    न पानी, न सही जानकारी और न स्टाफ की मदद, ऐसा माहौल बना रहा जैसे यात्री “ओलीस” बना दिए गए हों।
    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद प्रा. वर्षा एकनाथ गायकवाड ने इस स्थिति को सरकार की नाकामी बताते हुए उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

    🔹 सरकार और सिस्टम की बड़ी नाकामी: गायकवाड

    सांसद वर्षा गायकवाड ने मुंबई एयरपोर्ट का दौरा कर यात्रियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा:

    “तीन दिन तक देशभर में फ्लाइट सर्विस ठप रही लेकिन सरकार की तरफ से एक भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यात्रियों को छोड़ दिया गया जैसे उनकी कोई सुनने वाला नहीं। यह नागरी विमानन मंत्रालय की सीधी नाकामी है।”

    🔹 टिकटों के दाम 5 हजार से 60 हजार तक

    इसी दौरान कई यात्रियों ने शिकायत की कि कुछ एयरलाइंस ने हालात का फायदा उठाते हुए टिकटों के दामों में भारी बढ़ोतरी की।

    • जो टिकट पहले ₹5,000 में मिल रहा था
    • वही टिकट ₹50,000 से ₹60,000 तक बेचा गया।

    सांसद गायकवाड ने इसे “यात्रियों की खुली लूट” बताया।

    🔹 यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं

    एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्थिति बेहद खराब रही। कई घंटों तक इंतज़ार के बावजूद:

    • कोई जानकारी नहीं
    • पानी नहीं
    • फूड सप्लाई नहीं
    • हेल्प डेस्क नदारद

    यात्रियों का कहना था कि एयरलाइंस स्टाफ गायब था और कोई अपडेट नहीं दिया जा रहा था।

    🔹 इंडिगो और केंद्र सरकार कैसे भरेंगी भरपाई?

    सांसद वर्षा गायकवाड ने सवाल उठाया:

    “जो बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इस अव्यवस्था में फंसे रहे, उनकी जिम्मेदारी कौन लेगा? नुकसान की भरपाई सरकार और इंडिगो कैसे करेगी?”

    🔹 जांच, एक्शन और सुधार की मांग

    उन्होंने कहा कि यह केवल “तकनीकी गलती” नहीं बल्कि ऑपरेशनल फेल्योर है और इसकी:

    • सख्त जांच
    • जिम्मेदारी तय
    • और भविष्य में रोकथाम के लिए सिस्टम सुधार

    जरूरी है।


    FAQ Section


    Q1. इंडिगो फ्लाइट में समस्या क्यों आई?
    ✔ अभी आधिकारिक कारण अस्पष्ट बताया जा रहा है, लेकिन यह बड़ा ऑपरेशनल और मैनेजमेंट फेल्योर माना जा रहा है।


    Q2. क्या यात्रियों को रिफंड या मुआवज़ा मिलेगा?
    ✔ सांसद वर्षा गायकवाड ने इसकी मांग की है, लेकिन अब तक एयरलाइंस की तरफ से कोई ठोस घोषणा नहीं।


    Q3. क्या सरकार जांच करेगी?
    ✔ मांग की गई है, लेकिन सरकारी स्तर पर अभी तक कोई आधिकारिक इन्वेस्टिगेशन आदेश नहीं दिया गया है।


    Q4. क्या टिकटों की कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी हुई?
    ✔ हां, यात्रियों ने बताया कि 5 हजार के टिकट 50–60 हजार में बेचे गए।

  • गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    मुंबई के गोरेगांव स्थित विवेक कॉलेज में कथित हिजाब प्रतिबंध को लेकर छात्रों और AIMIM कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन। कॉलेज प्रशासन ने जारी किया लिखित स्पष्टीकरण—”हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं”। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर तीन छात्रों पर FIR दर्ज की।

    मुंबई: गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक विद्याालय एंड जूनियर कॉलेज में हिजाब को लेकर विवाद ने गुरुवार को तूल पकड़ लिया। कुछ छात्राओं और AIMIM मुंबई यूनिट के सदस्यों ने कॉलेज प्रशासन पर हिजाब पहनने पर रोक लगाने का आरोप लगाते हुए कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मामला बढ़ने पर पुलिस ने तीन छात्रों के खिलाफ बिना अनुमति प्रदर्शन और सरकारी आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में FIR दर्ज की। वहीं कॉलेज प्रबंधन ने लिखित बयान जारी कर स्पष्ट किया कि हिजाब पहनने पर कोई रोक नहीं है और पूरा मामला “गलतफहमी” के कारण हुआ।

    🎓 कैसे शुरू हुआ विवाद?

    सूत्रों के मुताबिक, कुछ छात्राओं ने AIMIM से शिकायत की कि कॉलेज में उन्हें कक्षा में प्रवेश करने से पहले हिजाब उतारने के लिए कहा गया। छात्राओं ने इसे धार्मिक आस्था का उल्लंघन बताते हुए आपत्ति जताई।

    इसके बाद AIMIM मुंबई अध्यक्ष फ़ारूक मक़बूल शबदी छात्रों के साथ कॉलेज आए और उन्होंने कॉलेज गेट पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया।

    🏫 कॉलेज प्रबंधन का स्पष्टीकरण

    विवाद बढ़ता देख कॉलेज की प्रिंसिपल शीजा मेनन ने लिखित बयान जारी करते हुए कहा:

    “हमारे संस्थान में छात्राओं के हिजाब पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। ऐसा कोई आदेश कॉलेज की तरफ से जारी नहीं किया गया है। शायद कुछ गलतफहमी के कारण यह विवाद खड़ा हुआ, जिसकी आवश्यकता नहीं थी।”

    कॉलेज प्रशासन ने यह भी कहा कि वे विविध समुदायों का सम्मान करते हैं और संस्थान में सभी छात्रों के लिए समान और सुरक्षित माहौल बनाए रखना उनका उद्देश्य है।

    👮 पुलिस की कार्रवाई

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    गोरेगांव पुलिस स्टेशन ने बताया कि प्रदर्शन बिना अनुमति के किया गया था, इसलिए तीन छात्रों के खिलाफ BNSS की धारा 35(3) के तहत FIR दर्ज की गई। हालांकि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

    बाद में पुलिस स्टेशन में बैठक हुई, जिसमें:

    • प्रबंधन का लिखित स्पष्टीकरण पढ़ा गया
    • AIMIM प्रतिनिधियों और छात्राओं को जानकारी दी गई
    • सभी पक्ष सहमत हुए कि मामला समझौते के साथ शांतिपूर्वक समाप्त किया जाए

    पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में कोई तनाव या सांप्रदायिक असहमति नहीं है

    🧾 राजनीतिक प्रतिक्रिया

    विवाद की जानकारी मिलते ही पूर्व बीजेपी पार्षद ज्ञानमूर्ति शर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस ने उन्हें स्थिति समझाई, जिसके बाद वे वापस लौट गए।

    📍 सोशल मीडिया में बहस

    यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे “धार्मिक आज़ादी का मामला” बताया, जबकि कुछ ने छात्रों द्वारा बिना परमिशन प्रदर्शन करने पर सवाल उठाए।

    जमीनी हकीकत

    जबकि प्रदर्शन से पहले जिसमें बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंची छात्राओं को गेट पर रोका जाता हुआ वीडियो सामने आया। वीडियो में छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच बहस होती भी दिखाई दी। कुछ छात्राओं का दावा है कि जब उन्होंने इस नियम पर सवाल उठाया, तो कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि अगर नियम पसंद नहीं है, तो प्रवेश रद्द करा दें।

    1 दिसंबर को एआईएमआईएम की एडवोकेट जाहानारा शेख के साथ कई छात्राएं गोरगांव वेस्ट के टीन डोंगरी स्थित गोरेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद कॉलेज की प्रिंसिपल को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया।

    एडवोकेट जाहानारा शेख के मुताबिक, “हमने नियम वापस लेने की मांग रखी है, लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि वह प्रबंधन से बात करने के बाद ही फैसला लेंगी।” इसके बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नही किया गया। उसके बाद ही छात्रों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।


    FAQs

    Q1: विवाद किस कॉलेज में हुआ?
    ➡ गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक कॉलेज में।

    Q2: FIR क्यों दर्ज की गई?
    ➡ बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सरकारी आदेश की अवहेलना के आरोप में।

    Q3: क्या कॉलेज ने हिजाब पर प्रतिबंध लगाया था?
    ➡ कॉलेज ने लिखित में स्पष्ट किया—हिजाब पर कोई प्रतिबंध नहीं।

    Q4: क्या किसी को गिरफ्तार किया गया है?
    ➡ नहीं, सिर्फ नोटिस देकर मामला शांतिपूर्वक सुलझाया गया।

    Q5: प्रदर्शन कौन आयोजित कर रहा था?
    ➡ AIMIM कार्यकर्ताओं और कुछ छात्राओं ने भाग लिया।

  • मालाड मस्ती 2025 में सितारों ने जमाया रंग, सुबह को बना दिया सेलिब्रेशन का त्योहार

    मालाड मस्ती 2025 में सितारों ने जमाया रंग, सुबह को बना दिया सेलिब्रेशन का त्योहार

    मालाड मस्ती 2025 में बॉलीवुड सितारों, लाइव म्यूज़िक, डांस और सोशल मेसेज के साथ हजारों लोगों की भागीदारी। MLA असलम शेख की अगुवाई में इवेंट ने फिर जीता लोगों का दिल।

    मुंबई: मालाड में आयोजित मालाड मस्ती 2025 रविवार सुबह सितारों की मौजूदगी, म्यूज़िक और डांस परफॉर्मेंस के साथ एक रंगीन उत्सव में बदल गया। इस खास मौके पर MLA असलम शेख और आयोजकों ने न सिर्फ मनोरंजन बल्कि समाजसेवा का संदेश भी दिया। इस मौके पर फ़िल्म “Mastii 4” की स्टारकास्ट, रियलिटी स्टार, कलाकार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल हुए, जिससे जनता में गजब का उत्साह देखने को मिला।

    ⭐ इवेंट की मुख्य झलकियां

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    🎬 बॉलीवुड सेलेब्स ने लगाया चार चांद

    इस साल मालाड मस्ती में फ़िल्म मस्तानी 4 की टीम—

    ने मंच गर्मा दिया।

    रूही सिंह की ग्लैमरस एंट्री और श्रेया शर्मा के स्टाइलिश लुक ने फैंस को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं डांसिंग कॉप अमोल कांबले की परफॉर्मेंस पर लोगों ने खूब तालियां बजाईं।

    💃 रियलिटी स्टार सना सुल्तान की धमाकेदार मौजूदगी

    सना सुल्तान ने फैंस के साथ डांस किया और लाइव इंटरैक्शन करके दर्शकों का दिल जीत लिया। सुबह के इस इवेंट में ऐसा जोश दिखा जैसे बड़ा कॉन्सर्ट हो रहा हो।

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    🎤 नए होस्टिंग जोड़ी ने बांधा माहौल

    इस बार होस्ट थे:

    दोनों की मजेदार एंकरिंग और दर्शकों से सीधा संवाद पूरे इवेंट की हाइलाइट रही।

    🤝 समाजसेवा भी साथ— किसानों के लिए समर्थन

    मालाड मस्ती ने मनोरंजन के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए हाल ही में बाढ़ से प्रभावित किसानों की सहायता का ऐलान किया।

    पिछले 9 सालों से यह कार्यक्रम सिर्फ मस्ती नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग का संदेश देता रहा है।

    🎯 आयोजन टीम

    • आयोजन: MLA असलम शेख
    • सह-समर्थन: किशन जैन (Gold Medal Company) और योगेश लखानी (Bright Outdoor)
    • इवेंट मैनेजमेंट: महेश राव – Mashraw Events

    🎤 FAQ सेक्शन


    Q. मालाड मस्ती कहां आयोजित की जाती है?

    👉 यह कार्यक्रम मुंबई के मालाड क्षेत्र में हर साल आयोजित किया जाता है।

    Q. इस साल मालाड मस्ती की मुख्य खासियत क्या रही?

    👉 बॉलीवुड सितारों की परफॉर्मेंस, लाइव संगीत और किसानों की मदद की घोषणा ने इसे खास बनाया।

    Q. क्या यह कार्यक्रम सिर्फ मनोरंजन के लिए होता है?

    👉 नहीं, यह सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक एकता को भी प्रोत्साहित करता है।

  • शुक्ला कंपाउंड विवाद: MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप, 1962 की डेट ऑफ लाइन बदलने की मांग तेज

    शुक्ला कंपाउंड विवाद: MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप, 1962 की डेट ऑफ लाइन बदलने की मांग तेज

    मुंबई के दहिसर पूर्व स्थित शुक्ला कंपाउंड में 400 परिवारों का भविष्य अधर में लटका है। विकासक द्वारा 1962 से पहले के दस्तावेज़ मांगने पर दिंडोशी के MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस नियम में बदलाव की मांग की है। मामला अब शीतकालीन अधिवेशन में उठेगा।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: दहिसर पूर्व के रावलपाड़ा स्थित शुक्ला कंपाउंड में रहने वाले करीब 400 परिवारों का भविष्य संकट में पड़ गया है, क्योंकि प्रोजेक्ट डेवलपर ने इन सभी परिवारों से घर पुनर्विकास पात्रता के लिए 1962 से पहले के दस्तावेज़ देने की शर्त रखी है।

    इन दस्तावेज़ों को उपलब्ध न करा पाने के कारण सैकड़ों परिवार बेघर होने की चिंता में हैं। अब यह मामला राजनीतिक रूप से बड़ा रूप ले चुका है।

    🏘 45 साल से रहने वाले परिवारों पर बेघर होने का खतरा

    शुक्ला कंपाउंड में रहने वाले अधिकतर परिवार पिछले चार से पांच दशकों से इस इलाके में रह रहे हैं। कई परिवार छोटे उद्योग और मजदूरी कर अपनी रोज़ी-रोटी चलाते हैं।

    इन निवासियों का कहना है कि उन्होंने बिजली बिल, राशन कार्ड, आधार कार्ड, पानी के बिल सहित कई सरकारी दस्तावेज़ जमा किए हैं, लेकिन डेवलपर केवल 1962 के पहले की ओनरशिप प्रूफ स्वीकार कर रहा है — जो लगभग असंभव है।

    🏗 डेवलपर पर स्वार्थी प्रोजेक्ट प्लानिंग का आरोप

    मौजूदा ज़मीन का असली मालिक गोविंद पाटिल ने यह प्लॉट साल 1920 में इकबाल मिर्ची से जुड़े नामों और शेलाजी इंफ्रास्ट्रक्चर के अशोक जैन को बेचा था।

    अब विकासक अशोक जैन इस जमीन पर हाई-राइज़ हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

    रहवासियों का आरोप है कि—

    “डेवलपर खुद का फायदा ज्यादा देख रहा है और पुराना डेट ऑफ लाइन दिखाकर लोगों को बाहर करने की कोशिश कर रहा है।”

    🧾 MLA सुनील प्रभु पैरवी में, मुख्यमंत्री को पत्र

    दिंडोशी विधानसभा के शिवसेना नेता एवं MLA सुनील प्रभु ने इस मामले में दखल देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है।

    प्रभु ने पत्र में लिखा कि—

    “मुंबई और महाराष्ट्र में किसी भी हाउसिंग स्कीम में पात्रता के लिए अधिकतर जगह 2012 से पहले का डॉक्यूमेंट पर्याप्त माना जाता है। ऐसे में शुक्ला कंपाउंड में 1962 की शर्त अन्यायपूर्ण है और इसे बदला जाना चाहिए।”

    उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वे इस मुद्दे को आगामी नागपुर में होने वाले शीतकालीन विधान सभा अधिवेशन में ‘ध्यान आकर्षण’ के रूप में उठाएँगे।

    🔍 इस बदलाव से अन्य प्रोजेक्ट भी होंगे प्रभावित

    यदि सरकार दस्तावेज़ की पात्रता 1962 से बदलकर 2012 या वर्तमान नियम के अनुसार करती है, तो उसका सीधा लाभ—

    ✔ मुंबई
    ✔ ठाणे
    ✔ पालघर
    ✔ नवी मुंबई

    में हो रहे हज़ारों पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स को मिल सकता है।


    FAQ सेक्शन:

    प्रश्नउत्तर
    क्या नियम अभी बदले गए हैं?नहीं, नियम बदलने की मांग की गई है और मामला विधानसभा में उठेगा।
    क्या सभी रहवासियों को घर मिलेगा?फिलहाल स्थिति अनिश्चित है। नियम बदलने पर ही रास्ता स्पष्ट होगा।
    क्या यह मामला कानूनी रूप से कोर्ट में जा सकता है?हाँ, यदि समाधान न मिला तो रहवासी कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
  • मुंबई के कॉलेज में बुर्का बैन पर हंगामा

    मुंबई के कॉलेज में बुर्का बैन पर हंगामा

    गोरगांव के विवेक विद्यालय जूनियर कॉलेज में कक्षा के अंदर बुर्का पहनने पर पाबंदी लगाने के फैसले के बाद छात्रों ने कड़ा विरोध जताया। AIMIM की मदद के बाद मामला पुलिस स्टेशन पहुंचा।

    मुंबई: गोरगांव स्थित विवेक विद्यालय जूनियर कॉलेज में कक्षाओं के अंदर बुर्का पहनने पर नया नियम लागू होने के बाद विवाद बढ़ गया है। पहले जहां इस कॉलेज में बुर्का पहनकर कक्षाओं में प्रवेश की अनुमति थी, वहीं अब अचानक इस ड्रेस कोड में बदलाव किया गया है। इस निर्णय के खिलाफ कई छात्राओं ने आपत्ति जताई है और विरोध के लिए आवाज भी उठाई है।

    🔹 विरोध क्यों शुरू हुआ?

    कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार अब छात्राएं क्लास रुम के अंदर बुर्का नहीं पहन सकेंगी। प्रशासन का कहना है कि किसी भी धार्मिक पहचान को दर्शाने वाली पोशाक कॉलेज के माहौल और ड्रेस कोड के खिलाफ है। हालांकि, हिजाब और सिर पर दुपट्टा पहनने की अनुमति अब भी जारी है।

    कुछ छात्राओं ने बताया कि उन्हें कॉलेज आने पर पहले बुर्का उतारना पड़ता है और क्लास खत्म होने के बाद फिर से पहनना पड़ता है। इससे वे खुद को असहज और असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

    🔹 वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ा

    स्थानीय न्यूज़ पोर्टल द्वारा पोस्ट किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंची छात्राओं को गेट पर रोका जाता हुआ देखा जा सकता है। वीडियो में छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच बहस होती भी दिखाई देती है।

    कुछ छात्राओं का दावा है कि जब उन्होंने इस नियम पर सवाल उठाया, तो कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि अगर नियम पसंद नहीं है, तो प्रवेश रद्द करा दें।

    🔹 मामला अब पुलिस स्टेशन पहुंचा

    1 दिसंबर को AIMIM की एडवोकेट जाहानारा शेख के साथ कई छात्राएं गोरगांव वेस्ट के टीन डोंगरी पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद कॉलेज की प्रिंसिपल को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया।

    एडवोकेट जाहानारा शेख के मुताबिक:

    “हमने नियम वापस लेने की मांग रखी है, लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि वह प्रबंधन से बात करने के बाद ही फैसला लेंगी।”

    इस मामले पर कॉलेज प्रबंधन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    🔹 सिर्फ जूनियर कॉलेज सेक्शन को नियम लागू

    ध्यान देने योग्य बात यह है कि बुर्का बैन का यह नियम सिर्फ जूनियर कॉलेज पर लागू किया गया है, जबकि सीनियर कॉलेज की छात्राओं पर इसका कोई असर नहीं होगा।
    इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच और अधिक सवाल खड़े हो रहे हैं।

    🔍 इस फैसले पर सामाजिक बहस

    मुंबई में सामान्य तौर पर कॉलेज ड्रेस कोड जींस, शॉर्ट्स या ट्रेंडी फैंशन तक सीमित होते हैं, लेकिन धार्मिक पहचान पर प्रतिबंध का यह मामला अब ड्रेस कोड बनाम धार्मिक स्वतंत्रता की बड़ी बहस में बदल चुका है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    1️⃣ क्या कॉलेज में पूरी तरह बुर्का पहनना बंद है?
    नहीं, कॉलेज कैंपस में आने पर बुर्का पहनने पर प्रतिबंध नहीं है। पाबंदी सिर्फ कक्षाओं के अंदर है।

    2️⃣ हिजाब पहनने की अनुमति है?
    हाँ, कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिजाब और साधारण हेडस्कार्फ की अनुमति दी जाएगी।

    3️⃣ क्या मामला कानूनी स्तर पर गया है?
    फिलहाल मामला पुलिस स्टेशन पहुंचा है, पर कोई कानूनी कार्रवाई दर्ज नहीं हुई है।

    4️⃣ क्या नियम पूरे कॉलेज में लागू है?
    नहीं, अभी नियम सिर्फ जूनियर कॉलेज पर लागू किया गया है।