Category: Civic Issues

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  • Mumbai: Notice ना देने पर MNS कार्यकर्ता रिहा, कोर्ट ने बताया Arrest अवैध

    Mumbai: Notice ना देने पर MNS कार्यकर्ता रिहा, कोर्ट ने बताया Arrest अवैध

    Mumbai में MNS activist Ravindra Shinde की गिरफ्तारी को कोर्ट ने अवैध माना। BNSS Section 35(3) के तहत notice न देने पर magistrate court ने दी रिहाई। Extortion case में पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल।

    मुंबई: मुंबई में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। South Mumbai में रोड वर्क ठेकेदार से कथित तौर पर धमकी देकर वसूली (extortion) करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए MNS कार्यकर्ता Ravindra Shinde को अदालत ने रिहा कर दिया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने माना कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में BNSS के तहत जरूरी notice नहीं दिया गया, जिससे arrest अवैध हो गया।

    ⚖️ Court का बड़ा फैसला: Arrest को बताया Illegal

    मामले की सुनवाई के दौरान magistrate court ने कहा कि चूंकि आरोपी को Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) Section 35(3) के तहत अनिवार्य notice for appearance नहीं दिया गया, इसलिए गिरफ्तारी वैध नहीं मानी जा सकती।

    यह मामला उन अपराधों से जुड़ा है जिनमें अधिकतम सजा सात साल तक की है। ऐसे मामलों में Supreme Court के आदेश के मुताबिक पहले notice जारी करना जरूरी है।

    👤 कौन हैं आरोपी?

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम Ravindra Shinde है, जो MNS (Maharashtra Navnirman Sena) से जुड़े कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। उन्हें शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

    उन पर आरोप है कि उन्होंने South Mumbai में एक road work contractor को धमकाकर पैसे की मांग की थी।

    📜 Defence ने Supreme Court Order का दिया हवाला

    Shinde की ओर से वकील Rajendra Shirodkar, साथ में Archit Sakhalkar ने कोर्ट में दलील दी। उन्होंने Supreme Court के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि जिन अपराधों में सात साल तक की सजा है, उनमें Section 35(3) BNSS के तहत पहले notice देना अनिवार्य है।

    डिफेंस का तर्क था कि पुलिस ने यह जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की।

    🏛️ Police ने कहा – Process Follow किया

    Public Prosecutor R A Patil ने अदालत में कहा कि पुलिस ने सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया है।

    हालांकि कोर्ट ने पाया कि जांच अधिकारी यह साबित नहीं कर सके कि आरोपी को Section 35(3) के तहत notice जारी किया गया था।

    📌 BNSS की किन धाराओं का पालन हुआ?

    डिफेंस वकील Shirodkar ने बताया कि मजिस्ट्रेट ने माना कि पुलिस ने:

    • Section 47(1) BNSS के तहत गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी
    • Section 48(2) और 48(3) BNSS के तहत आरोपी के रिश्तेदारों को सूचना दी

    लेकिन सबसे अहम Section 35(3) notice for appearance जारी करने का कोई प्रमाण पेश नहीं किया जा सका।

    🔎 Legal Procedure पर फिर उठे सवाल

    इस फैसले के बाद Mumbai Police की arrest procedure और BNSS compliance को लेकर फिर से चर्चा तेज हो गई है। Legal experts का मानना है कि Supreme Court guidelines का पालन न करना जांच पर असर डाल सकता है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. किसे रिहा किया गया है?
    MNS कार्यकर्ता Ravindra Shinde को कोर्ट ने रिहा किया।

    Q2. कोर्ट ने गिरफ्तारी को अवैध क्यों माना?
    क्योंकि BNSS Section 35(3) के तहत अनिवार्य notice for appearance जारी नहीं किया गया था।

    Q3. आरोपी पर क्या आरोप हैं?
    South Mumbai में एक road work contractor को धमकाकर extortion करने का आरोप है।

    Q4. पुलिस ने कौन सी कानूनी प्रक्रिया पूरी की थी?
    Section 47(1) के तहत गिरफ्तारी के कारण बताए और Section 48(2)(3) के तहत रिश्तेदारों को सूचना दी।

    Q5. Supreme Court का क्या आदेश है?
    जिन मामलों में सजा सात साल तक है, उनमें पहले notice जारी करना जरूरी है।

  • Andheri West Demolition Video Viral: Seven Bungalows में ‘Earthquake Like’ Tremors से दहशत

    Andheri West Demolition Video Viral: Seven Bungalows में ‘Earthquake Like’ Tremors से दहशत

    Andheri West के Seven Bungalows इलाके में Ratan Kunj building demolition का shocking video viral। Residents ने महसूस किए ‘earthquake like tremors’, BMC पर उठे safety norms और illegal construction के सवाल।

    मुंबई: Andheri West के Seven Bungalows इलाके में रविवार को एक demolition drive ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। Ratan Kunj building को गिराते वक्त का एक shocking viral video सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें इमारत का बड़ा हिस्सा एक ही झटके में नीचे गिरता दिख रहा है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि गिरने के समय उन्हें “earthquake like tremors” महसूस हुए।

    📹 Viral Video में क्या दिखा?

    वायरल वीडियो, जिसे Instagram अकाउंट Andheriloca ने शेयर किया है, उसमें Ratan Kunj building के ऊपरी हिस्से का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिरता दिख रहा है। वीडियो में कहीं भी साफ तौर पर protective barricading, safety net या dust control measures नजर नहीं आ रहे।

    Debris सीधे नीचे गिरता दिखाई दे रहा है, जिससे यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या demolition के दौरान BMC safety guidelines और controlled dismantling norms का पालन किया गया था या नहीं।

    🏢 Residents बोले – ‘भूकंप जैसा लगा’

    घटना के बाद कई लोकल residents ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। एक निवासी ने लिखा,

    “हम यहीं पास में रहते हैं। गिरने के वक्त सच में tremors महसूस हुए, ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो। ये सिर्फ demolition नहीं, इसकी construction भी illegal लगती है, क्योंकि इसे बने ज्यादा समय भी नहीं हुआ।”

    दूसरे यूज़र ने civic body को टैग करते हुए लिखा कि गिरने के impact से “earthquake-like effect” हुआ और यह परिवारों के लिए बेहद डरावना अनुभव था।

    🌫️ Dust Pollution और Sunday Work पर भी सवाल

    स्थानीय लोगों ने सिर्फ demolition की safety पर ही नहीं, बल्कि excessive dust pollution और रविवार को भी construction activities जारी रहने पर भी आपत्ति जताई।
    एक कमेंट में लिखा गया,

    “ये आसपास रहने वाले लोगों के लिए बिल्कुल safe नहीं है। Sunday को भी काम कैसे चल रहा है? BMC इसे कैसे allow कर रही है?”

    🏛️ BMC पर उठे सवाल, कोई आधिकारिक बयान नहीं

    वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया गया है कि demolition “dangerous manner” में किया गया और BMC द्वारा तय norms का खुला उल्लंघन हुआ।

    फिलहाल, खबर लिखे जाने तक BMC की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    ⚠️ Densely Populated Area में Safety Concerns

    Seven Bungalows जैसे densely populated residential area में इस तरह की demolition ने एक बार फिर Mumbai demolition safety norms, illegal construction और public safety को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    Residents का साफ कहना है कि accountability तय होनी चाहिए और developer के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।


    ❓ FAQ Section

    Q1. Andheri West में कौन सी बिल्डिंग का demolition हुआ?
    Seven Bungalows इलाके में स्थित Ratan Kunj building का demolition किया जा रहा था।

    Q2. Viral video में क्या दिख रहा है?
    वीडियो में बिल्डिंग का बड़ा हिस्सा एक ही बार में गिरता दिख रहा है, जहां कोई साफ safety barricading नजर नहीं आती।

    Q3. Residents ने क्या आरोप लगाए?
    लोगों का कहना है कि उन्हें “earthquake like tremors” महसूस हुए और demolition safety norms का पालन नहीं हुआ।

    Q4. क्या BMC ने इस मामले में बयान दिया है?
    खबर लिखे जाने तक BMC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

    Q5. लोगों की मुख्य चिंता क्या है?
    Safety norms का उल्लंघन, dust pollution, Sunday को काम और illegal construction को लेकर चिंता जताई गई है।

  • Breaking News: कराची में भारी हिंसा — अमेरिकी काउंसलेट पर हमला, 8 की मौत, सैकड़ों घायल

    Breaking News: कराची में भारी हिंसा — अमेरिकी काउंसलेट पर हमला, 8 की मौत, सैकड़ों घायल

    कराची, पाकिस्तान — ईरान के सर्वोच्च नेता की reported हत्या के विरोध में कराची में भारी प्रदर्शन भड़के; भीड़ ने अमेरिकी काउंसलेट पर हमला किया, सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, कम से कम 8 लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए।

    किया क्या हुआ? — US Consulate Attack in Karachi

    पाकिस्तान के कराची (Karachi) में आज (1 मार्च 2026) एक बड़ी हिंसक घटना सामने आई है जहां भीड़ ने अमेरिकी काउंसलेट (US Consulate) पर हमला कर दिया। शुरुआत एक शांत प्रदर्शन के रूप में हुई थी लेकिन जल्द ही यह हिंसा में बदल गई। प्रदर्शनकारियों ने कंसुलेट के बाहर जमकर पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।

    विरोध प्रदर्शन किस वजह से?

    यह हिंसा उस समय भड़क उठी जब चलते अमेरिकी और इजरायल के संयुक्त एयरस्ट्राइक के बाद ईरान के Supreme Leader अयातोल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) के reported मौत की खबर आई। इस खबर ने पूरे मुस्लिम विश्व में गुस्सा फूटा दिया और कराची में भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आये।

    Breaking-News-Massive-violence-in-Karachi-US-Consulate-attacked-8-killed-hundreds-injured-news

    भीड़ ने काउंसलेट पर किया हमला

    प्रदर्शनकारियों ने काउंसलेट के सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़ दिए, दरवाज़ों और खिड़कियों को तोड़ा, और कुछ हिस्सों में आग भी लगा दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे अमेरिका और इज़राइल की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं और खामेनेई की reported मौत का बदला लेना चाहते हैं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियोज़ में भीड़ को अमेरिकी झंडे के सामने तोड़फोड़ करते और नारे लगाते हुए दिखाया गया।

    सुरक्षा बलों का जवाब

    जब भीड़ ने काउंसलेट के गेट के पास पहुँचने की कोशिश की, तो पाकिस्तानी पुलिस, रेंजर्स और अमेरिकी सुरक्षा टीम ने हिंसा को रोकने का प्रयास किया

    • सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठी चार्ज का सहारा लिया।
    • तनाव बढ़ने पर US काउंसलेट सुरक्षा कर्मियों द्वारा भी फायरिंग की खबरें सामने आईं।
    • इस जवाबी कार्रवाई में कम से कम 8 लोग मारे गए और दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायल लोगों को Karachi Civil Hospital में भर्ती कराया गया।

    कई मृतक बुलेट वारंड्स (bullet wounds) के बताए गए हैं, जिससे पता चलता है कि गोलीबारी हिंसा की मुख्य वजह रही।

    मरने वालों और घायल लोगों का हाल

    • कुल मिलाकर कम से कम 8 लोगों के मौत की पुष्टि की गई है।
    • इसके अलावा 20 से 30 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं।
    • कुछ स्रोतों के अनुसार मौतें सीधे फायरिंग से हुई हैं, जबकि अन्य ने पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़पों के दौरान हुए संघर्ष को मौत का कारण बताया है।

    शहर भर में तनाव

    कराची में सिर्फ काउंसलेट के बाहर ही नहीं, बल्कि शहर के कई हिस्सों में प्रदर्शन और तनाव फैल गया है

    • भारी पुलिस तैनाती
    • कई मुख्य मार्ग बंद
    • शांत नागरिकों में डर और अफरातफरी
      जैसी स्थितियाँ देखी जा रही हैं।

    वैश्विक प्रतिक्रियाएँ

    दुनिया भर में इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं:

    ईरान ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और प्रतिशोध की बात कही है।
    पाकिस्तानी सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिये सुरक्षा बढ़ाई है।
    अमेरिका ने अपने काउंसलेट स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दावा किया है।

    क्या यह बड़ा राजनीतिक संकट बन सकता है?

    विश्लेषकों का मानना है कि खामेनेई के reported death से उपजे तनाव ने पूरे Middle East और South Asia में प्रभाव छोड़ा है। कराची की यह हिंसा इसी व्यापक राजनीतिक और धार्मिक गुस्से की नुमाइंदगी है।


    FAQ

    Q1: यह हिंसा क्यों शुरू हुई?
    A: खामेनेई की reported मौत और US-Israel स्ट्राइक के खिलाफ इन्फ़ॉर्मेशन फैलने के कारण प्रदर्शन आए, जो हिंसा में बदल गया।

    Q2: कितने लोग मारे गए हैं?
    A: कम से कम 8 लोगों की मौत की रिपोर्ट है।

    Q3: क्या काउंसलेट पूरी तरह से फूंका गया?
    A: भीड़ ने आग लगाने की कोशिश की और कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ तक की, लेकिन पूरी तरह से नष्ट होने की पुष्टि नहीं हुई है।

    Q4: किस वजह से गोलीबारी हुई?
    A: सुरक्षा बलों और काउंसलेट सुरक्षा द्वारा crowd control के चलते फायरिंग की गई, जिसके कारण गोलीबारी की स्थितियाँ बनीं।

    Q5: क्या काउंसलेट स्टाफ सुरक्षित हैं?
    A: अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि वे अपने स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं।

  • Dhake Colony Gate खुदाई के बाद बदहाल, 150 रहवासी परेशान

    Dhake Colony Gate खुदाई के बाद बदहाल, 150 रहवासी परेशान

    Andheri West के JP Road स्थित Dhake Colony CHS का main entry gate cabling work के बाद 25 दिनों से टूटा पड़ा है। Mud, stones और uneven patch की वजह से Ambulance access, senior citizens और school children की safety पर खतरा।

    मुंबई: Andheri West के JP Road पर स्थित Dhake Colony Co-operative Housing Society (CHS) का इकलौता concrete entry/exit gate पिछले करीब 25 दिनों से खुदाई के बाद बदहाल पड़ा है। Cabling work के लिए फरवरी की शुरुआत में गेट को खोदा गया था। काम तो कुछ ही दिनों में पूरा हो गया, लेकिन गेट का हिस्सा आज भी टूटा-फूटा और असमतल (Uneven Patch) है, जिससे करीब 150 residents की daily life प्रभावित हो रही है।

    🚧 Cabling Work के बाद अधूरा Repair

    फरवरी की शुरुआत में गेट पर heavy industrial metal sheet रखकर नीचे cabling का काम किया गया। उस दौरान गाड़ियां metal sheet के ऊपर से आसानी से अंदर-बाहर हो रही थीं। Residents को उम्मीद थी कि काम खत्म होते ही पुरानी smooth concrete surface बहाल कर दी जाएगी।

    Dhake-Colony-Gate-in-bad-shape-after-excavation-150-residents-troubled

    लेकिन metal sheet हटने के बाद भी गेट पर पड़े tiles, blocks, मिट्टी, पत्थर और ईंटें वैसे ही पड़ी हैं। Patch अभी तक concreted नहीं हुआ है और entry पूरी तरह uneven बनी हुई है।

    🏢 150 Residents पर असर

    Dhake Colony CHS में पांच इमारतें हैं और लगभग 150 लोग यहां रहते हैं। Society का यह main gate ही vehicles और pedestrians के लिए एकमात्र बड़ा प्रवेश-द्वार है। बगल में एक छोटा gate है, लेकिन वह सिर्फ पैदल चलने वालों के लिए है, गाड़ियों के लिए नहीं।

    🗣️ “अंदर आने के लिए Skilled Driver चाहिए” – Anand Shirali

    सोसाइटी के चेयरमैन Anand Shirali ने कहा:

    “यह patch सीधे हमारे gate पर है। गाड़ी अंदर लाने के लिए बेहद skilled driver होना चाहिए। काम कम से कम पंद्रह दिन पहले खत्म हो चुका है, लेकिन gate अभी भी खुदा हुआ है। Mud, stones और bricks की वजह से surface पूरी तरह uneven है। अगर किसी को Ambulance या Fire Brigade की जरूरत पड़े तो अंदर आना लगभग नामुमकिन होगा। कॉलोनी में एक doctor हैं जिनकी बड़ी car है, वे emergency के लिए अपनी गाड़ी colony के बाहर road पर पार्क करते हैं। अभी turning radius भी बहुत tight हो गया है, manoeuvre करना मुश्किल है।”

    Residents का कहना है कि संबंधित phone numbers और X (Twitter) handles पर शिकायत करने के बावजूद कोई response नहीं मिला।

    🐦 Tweet Heat: सोशल मीडिया पर गुहार

    X पर Shira Lee ने @mybmc को टैग करते हुए लिखा:

    “Main arterial JP Road Dhake Colony CHS gate entry 20 दिन पहले खोदी गई और अब तक repair नहीं हुई। Cars अंदर-बाहर लाना मुश्किल है। Society में कई senior citizens हैं जिन्हें ambulance की जरूरत पड़ सकती है। Bus Route No. 425 भी प्रभावित है। K West Ward – HELP!”

    यह मुद्दा अब Social Media पर भी उठने लगा है, लेकिन ground level पर अभी तक repair शुरू नहीं हुआ।

    ⚠️ Injury का खतरा: Residents की नाराजगी

    👴 Senior Citizens और बच्चों पर Risk

    सोसाइटी निवासी Shailesh Bhat ने कहा:

    “यह unattended work बिल्कुल unacceptable है। Senior citizens और छोटे बच्चे accident के सबसे ज्यादा खतरे में हैं। High probability है कि कोई भी गिर सकता है। इसे तुरंत repair किया जाना चाहिए।”

    🛵 Exam से पहले Scooter Slip

    एक और resident Nilesh Sawant ने बताया:

    “कुछ दिन पहले मैं सुबह 7:15 बजे अपनी 11 साल की बेटी को scooter से school छोड़ने जा रहा था। उसके exams थे। Uneven patch पर scooter डगमगाई और हम दोनों गिर गए। Thankfully, हमें गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन हम हिल गए थे। यह बेहद dangerous है और urgent attention की जरूरत है।”

    🚶‍♀️ Walking भी मुश्किल

    Resident Ramila Gala ने कहा:

    “हम 25 दिनों से इस stretch के concreted और smooth होने का इंतजार कर रहे हैं। Senior citizens अब बाहर निकलने से डरते हैं। हाल ही में मेरे घर मेहमान आए थे, उनमें से एक का पैर इस uneven stretch पर मुड़ गया। समझ नहीं आता कि इतना समय क्यों लग रहा है।”

    🚑 Emergency Access पर बड़ा सवाल

    Residents का सबसे बड़ा डर Emergency Access को लेकर है। Ambulance, Fire Brigade या Medical Emergency की स्थिति में main gate की खराब हालत बड़ी समस्या बन सकती है। Colony में रहने वाले doctor भी अपनी बड़ी car बाहर park कर रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निकल सकें।

    📊 Local Infrastructure Issue या Negligence?

    JP Road Andheri West का यह हिस्सा एक busy arterial road है। ऐसे में Entry Gate Repair Delay से न सिर्फ Society Residents बल्कि आसपास के traffic flow पर भी असर पड़ रहा है। Bus Route No. 425 का संचालन भी प्रभावित बताया जा रहा है।

    यह मामला अब Mumbai Civic Issue, Road Repair Delay, और Public Safety Concern के तौर पर देखा जा रहा है।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Dhake Colony Gate कब खोदा गया था?
    ➡️ फरवरी की शुरुआत में cabling work के लिए।

    Q2. काम कब पूरा हुआ?
    ➡️ Residents के मुताबिक करीब 15–20 दिन पहले काम पूरा हो चुका है।

    Q3. कितने लोग प्रभावित हैं?
    ➡️ लगभग 150 residents (5 buildings)।

    Q4. सबसे बड़ी समस्या क्या है?
    ➡️ Uneven Patch के कारण vehicle entry मुश्किल, senior citizens और बच्चों के लिए injury risk, और ambulance access में बाधा।

    Q5. क्या BMC या Ward Office ने जवाब दिया?
    ➡️ Residents के अनुसार शिकायतों पर अभी तक कोई response नहीं मिला।

  • गोरेगांव BMC मीटिंग में हड़कंप! 30+ मुद्दों पर चर्चा, वृद्धाश्रम निर्माण जल्द पूरा करने का आदेश

    गोरेगांव BMC मीटिंग में हड़कंप! 30+ मुद्दों पर चर्चा, वृद्धाश्रम निर्माण जल्द पूरा करने का आदेश

    मुंबई नॉर्थ वेस्ट के सांसद रवींद्र वायकर ने पी दक्षिण Bmc बैठक में घास बाजार गोरेगांव पूर्व के वृद्धाश्रम निर्माण को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। पानी, ट्रैफिक और आरे सड़क कार्य पर भी बड़ी चर्चा।

    मुंबई: गोरेगांव में पी दक्षिण BMC कार्यालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग में 30 से ज्यादा ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई। मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र के सांसद रवींद्र वायकर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गोरेगांव पूर्व के घास बाजार स्थित वृद्धाश्रम निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। बैठक में पानी, ट्रैफिक जाम, आरे कॉलोनी सड़क और अन्य लंबित विकास कार्यों पर भी गंभीर मंथन हुआ।

    घास बाजार वृद्धाश्रम निर्माण पर सख्त निर्देश

    सांसद वायकर ने स्पष्ट कहा कि गोरेगांव पूर्व के घास बाजार में रिजर्व जमीन पर बन रहे वृद्धाश्रम का काम तेजी से पूरा किया जाए।

    उन्होंने संबंधित अधिकारियों और तत्कालीन सहायक आयुक्त पाटणे के साथ मौके पर जाकर निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया।

    पूर्व नगरसेवक साधना माने द्वारा इस वृद्धाश्रम का प्रस्ताव दिया गया था, जिसके बाद बीएमसी ने 11 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया।

    पी दक्षिण BMC में संयुक्त बैठक

    गोरेगांव विधानसभा क्षेत्र के लंबित मुद्दों को लेकर पी दक्षिण bmc (गोरेगांव) कार्यालय में संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में उपायुक्त भाग्यश्री कापसे, सहायक आयुक्त अनिरुद्ध कुलकर्णी, आरे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिपुरकर, गोरेगांव, दिंडोशी, वनराई और बांगुरनगर पुलिस स्टेशनों के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मौजूद थे।

    इसके अलावा ट्रैफिक शाखा, आरे पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, अग्निशमन विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए।

    पानी और ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या

    बैठक में 30 से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा की गई।

    जीवन ज्योत सोसायटी, अरुणा सोसायटी, निरलॉन, कृष्णा सोसायटी, वसंत गैलेक्सी, ओबेरॉय सोसायटी, बेस्ट नगर, अंकुर सोसायटी समेत कई इलाकों के निवासियों ने पानी की कमी और ट्रैफिक जाम की समस्या उठाई।

    स्थानीय लोगों ने कहा कि रोजाना की ट्रैफिक समस्या और जल आपूर्ति की अनियमितता से जीवन प्रभावित हो रहा है।

    आरे कॉलोनी सड़क का फेज-1 पूरा

    आरे के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि आरे कॉलोनी की अंदरूनी सड़क का फेज-1 का काम पूरा हो चुका है।

    फेज-2 का काम फिलहाल जारी है और इसे अप्रैल तक पूरा करने का आश्वासन दिया गया।

    यह परियोजना इलाके के ट्रैफिक दबाव को कम करने में अहम मानी जा रही है।

    सिद्धार्थ हॉस्पिटल और टोपीवाला मार्केट पर भी निर्देश

    सांसद वायकर ने सहायक आयुक्त को निर्देश दिए कि सिद्धार्थ हॉस्पिटल और टोपीवाला मार्केट के लंबित कार्यों को लेकर जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित की जाए और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा किया जाए।

    विकास कार्यों पर फोकस, जनता को राहत का भरोसा

    इस बैठक को गोरेगांव के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें स्थानीय बुनियादी समस्याओं से लेकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तक पर चर्चा हुई।

    सांसद ने साफ कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए और विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बैठक कहां आयोजित की गई थी?
    पी दक्षिण बीएमसी कार्यालय, गोरेगांव में।

    Q2. मुख्य मुद्दा क्या था?
    घास बाजार स्थित वृद्धाश्रम निर्माण कार्य को जल्द पूरा करना।

    Q3. कितनी लागत का प्रोजेक्ट है?
    करीब 11 करोड़ रुपये का।

    Q4. आरे कॉलोनी सड़क का क्या अपडेट है?
    फेज-1 पूरा हो चुका है, फेज-2 अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है।

    Q5. किन समस्याओं पर चर्चा हुई?
    पानी की कमी, ट्रैफिक जाम, हॉस्पिटल और मार्केट के लंबित कार्य।

  • कांदिवली पूर्व में हंगामा: व्हाइट सिटी की बाउंड्री वॉल टूटी, पेड़ों को नुकसान का आरोप — लोढ़ा के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता

    कांदिवली पूर्व में हंगामा: व्हाइट सिटी की बाउंड्री वॉल टूटी, पेड़ों को नुकसान का आरोप — लोढ़ा के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता

    कांदिवली पूर्व के Lokhandwala White City में बाउंड्री वॉल तोड़े जाने और BMC द्वारा मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के आरोप पर बड़ा बवाल। लोढ़ा ग्रुप के खिलाफ स्थानीय रहिवासी सड़कों पर, Samta Nagar पुलिस स्टेशन में FIR की मांग, BJP नगरसेवक भी विरोध में।

    मुंबई: कांदिवली पूर्व स्थित Lokhandwala White City में उस वक्त सनसनी फैल गई जब अचानक बाउंड्री वॉल तोड़े जाने और बीएमसी द्वारा मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया। देखते ही देखते शांत रिहायशी इलाका विरोध और नारेबाजी का केंद्र बन गया। स्थानीय लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए बिल्डर समूह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    🔥 सुबह की शांति टूटी, अचानक शुरू हुआ तोड़फोड़ का काम

    स्थानीय रहिवासियों के मुताबिक, सुबह इलाके में भारी मशीनरी और मजदूरों की आवाजाही देखी गई। कुछ ही देर में सोसायटी की बाउंड्री वॉल के एक हिस्से को तोड़ा जाने लगा। लोगों का आरोप है कि यह काम बिना पूर्व सूचना और सहमति के किया गया।

    जैसे ही दीवार टूटी, वहां मौजूद कुछ पेड़ों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई। रहिवासियों का दावा है कि ये पेड़ बीएमसी द्वारा मान्यता प्राप्त थे और इन्हें संरक्षित श्रेणी में रखा गया था।

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    🌳 “पेड़ों को क्यों तोड़ा?” — पर्यावरण को लेकर भड़का गुस्सा

    घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल पेड़ों को लेकर उठा। लोगों ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर हरियाली खत्म की जा रही है।

    मुंबई जैसे शहर में जहां ग्रीन कवर लगातार कम हो रहा है, वहां बीएमसी से मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाना लोगों को नागवार गुजरा।

    स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और सोसायटी सदस्यों ने मौके पर ही काम रुकवाने की कोशिश की और जिम्मेदारों से जवाब मांगा।

    📢 लोढ़ा के खिलाफ जोरदार नारेबाजी

    कुछ ही घंटों में मामला गरमा गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए।

    लोगों ने बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर मनमानी की जा रही है। “दीवार तोड़ी क्यों?”, “पेड़ों का हिसाब दो”, “नियम सबके लिए बराबर” जैसे नारे पूरे इलाके में गूंजते रहे।

    स्थिति इतनी गर्म हो गई कि आसपास पुलिस की मौजूदगी भी बढ़ानी पड़ी।

    🚔 Samta Nagar पुलिस स्टेशन में FIR की मांग

    विरोध कर रहे स्थानीय रहिवासी सीधे Samta Nagar Police Station पहुंचे।

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    वहां उन्होंने लिखित शिकायत देकर FIR दर्ज करने की मांग की। लोगों का कहना है कि

    • बिना अनुमति बाउंड्री वॉल तोड़ना,
    • बीएमसी से मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाना,
    • स्थानीय निवासियों को पूर्व सूचना न देना —

    ये सब गंभीर उल्लंघन हैं और इस पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

    🏛️ भाजपा नगरसेवक भी विरोध में?

    इस घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के कुछ नगरसेवक भी मौके पर पहुंचे और निवासियों के समर्थन में खड़े दिखाई दिए।

    हालांकि आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चा है कि उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

    ⚖️ अब आगे क्या?

    पूरा मामला अब कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर पहुंच चुका है।

    • क्या पुलिस FIR दर्ज करेगी?
    • क्या बीएमसी इस पर कार्रवाई करेगी?
    • क्या बिल्डर पक्ष अपनी सफाई देगा?

    इन सवालों के जवाब आने बाकी हैं, लेकिन इतना तय है कि कांदिवली पूर्व का यह मामला अब सिर्फ एक दीवार या कुछ पेड़ों का नहीं रहा — यह नागरिक अधिकार, पर्यावरण संरक्षण और बिल्डर जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है।


    📌 FAQ

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 कांदिवली पूर्व, Lokhandwala White City परिसर का।

    Q2. लोगों की मुख्य मांग क्या है?
    👉 बाउंड्री वॉल तोड़ने और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के मामले में FIR दर्ज हो।

    Q3. शिकायत कहां की गई?
    👉 Samta Nagar Police Station, कांदिवली पूर्व।

    Q4. क्या राजनीतिक समर्थन मिला है?
    👉 स्थानीय स्तर पर भाजपा नगरसेवकों के समर्थन की चर्चा है।

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  • मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

    मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

    वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने मुंबई में बढ़ते प्रदूषण, जंगल कटाई और पानी की किल्लत को देखते हुए BMC से पर्यावरण और जल प्रबंधन के लिए वैधानिक समिति बनाने की मांग की है।

    मुंबई: शहर में बढ़ते प्रदूषण, अनियंत्रित जंगल कटाई और जल संकट को लेकर अब राजनीतिक स्तर पर भी गंभीर पहल शुरू हो गई है। वार्ड क्रमांक 54 के नगरसेवक Ankit Sunil Prabhu ने 17 फरवरी 2026 को Brihanmumbai Municipal Corporation के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर पर्यावरण संरक्षण के लिए एक ‘वैधानिक समिति’ गठित करने की मांग की है।

    पर्यावरण संतुलन के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत

    नगरसेवक अंकित प्रभू ने अपने पत्र में कहा है कि मुंबई में बढ़ता वायु प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और जलवायु परिवर्तन की वजह से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि अब केवल औपचारिक योजनाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रशासन को आक्रामक और सुनियोजित कदम उठाने होंगे ताकि मुंबई को प्रदूषणमुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।

    प्रशासनिक विभागों में समन्वय की कमी

    अंकित प्रभू ने यह भी बताया कि महानगरपालिका के अलग-अलग विभाग पर्यावरण से जुड़े काम तो कर रहे हैं, लेकिन उनमें आपसी तालमेल और नियोजन की भारी कमी है।

    प्रस्तावित ‘वैधानिक समिति’ में प्रशासनिक अधिकारी, लोकप्रतिनिधि और पर्यावरण विशेषज्ञों को शामिल किया जाए, ताकि सभी विभाग मिलकर रणनीतिक और दीर्घकालिक फैसले ले सकें।

    उनका मानना है कि इस समिति के माध्यम से मुंबई के कार्यक्षेत्र में पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रभावी नीति बनाई जा सकती है।

    मुंबई में गहराता पानी संकट

    नगरसेवक प्रभू ने तेजी से बढ़ती आबादी और उससे पैदा हो रही पानी की गंभीर किल्लत का मुद्दा भी उठाया है।

    उन्होंने कहा कि केवल नए जल स्रोत खोजने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि उपलब्ध पानी का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन जरूरी है।

    मुंबई में हर साल गर्मियों के दौरान पानी संकट एक बड़ा मुद्दा बन जाता है, जिसे देखते हुए उन्होंने दीर्घकालिक जल प्रबंधन नीति की मांग की है।


    बर्बाद हुए पानी के पुन: उपयोग पर जोर

    अपने प्रस्ताव में अंकित प्रभू ने खास तौर पर मल-निस्सारण और बर्बाद हुए पानी (सीवेज जल) के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर दिया है।

    उनका कहना है कि यदि बर्बाद हुए पानी का शुद्धिकरण कर उसका पुन: उपयोग किया जाए, तो पीने के पानी की काफी बचत की जा सकती है। इससे भविष्य में पानी किल्लत की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की अपील

    नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने प्रशासन से अपील की है कि उनके इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जाए और मुंबई को अधिक रहने योग्य, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त शहर बनाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं।

    उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।


    FAQ

    Q1: किसने वैधानिक समिति बनाने की मांग की है?
    वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने यह मांग की है।

    Q2: यह मांग किस संस्था से की गई है?
    यह मांग बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर की गई है।

    Q3: समिति बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    मुंबई में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जल संकट के समाधान के लिए समन्वित नीति बनाना।

    Q4: पानी संकट को लेकर क्या सुझाव दिया गया है?
    सांडपानी के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर देने का सुझाव दिया गया है, ताकि पीने के पानी की बचत हो सके।

    Q5: यह प्रस्ताव कब दिया गया?
    17 फरवरी 2026 को पत्र के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

  • मालाड ईस्ट में विजय साळसकर उद्यान आम लोगों के लिए खुला, 4600 स्क्वायर मीटर में आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार

    मालाड ईस्ट में विजय साळसकर उद्यान आम लोगों के लिए खुला, 4600 स्क्वायर मीटर में आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार

    मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित विजय साळसकर उद्यान का नवीनीकरण पूरा, शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के प्रयास से आम जनता के लिए खोला गया। बच्चों के लिए रॉक क्लाइंबिंग, वॉकिंग ट्रैक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था।

    मुंबई: मालाड पूर्व के दिंडोशी क्षेत्र में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित स्वर्गीय विजय साळसकर उद्यान को अब आम नागरिकों के लिए खोल दिया गया है। दिंडोशी से शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के लगातार प्रयासों के बाद Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने इस उद्यान का नवीनीकरण कर इसे लोकाग्रह के चलते जनता को समर्पित किया।

    📍 दिंडोशी वॉर्ड 36 में था जर्जर हाल

    दिंडोशी विभाग के वॉर्ड क्रमांक 36, मालाड ईस्ट स्थित रहेजा कॉम्प्लेक्स इलाके के नागरिक लंबे समय से इस उद्यान की खराब स्थिति से परेशान थे। मॉर्निंग वॉक के लिए समुचित जगह नहीं थी और बच्चों के खेलने की भी कोई खास व्यवस्था नहीं थी। इससे स्थानीय रहवासियों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

    🏗️ विधायक सुनील प्रभू का लगातार फॉलोअप

    स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए विधायक सुनील प्रभू ने BMC के समक्ष लगातार पाठपुरावा किया। उन्होंने मुंबई महानगरपालिका के बजट में इस उद्यान के नवीनीकरण के लिए विशेष निधि उपलब्ध कराने की मांग की।
    इसके बाद 29 अप्रैल 2025 को इस प्रोजेक्ट का काम आधिकारिक रूप से शुरू हुआ।

    🌳 4600 वर्गमीटर में तैयार हुआ आधुनिक गार्डन

    करीब 4600 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस मैदान को अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। उद्यान को बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

    🛝 बच्चों और युवाओं के लिए खास सुविधाएं

    • रॉक क्लाइंबिंग गेम
    • आधुनिक व्यायाम उपकरण
    • सुरक्षित और आकर्षक खेल क्षेत्र

    🚶 मॉर्निंग वॉक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्यवस्था

    • सुगम वॉकिंग ट्रैक (पथ वे)
    • वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने की विशेष व्यवस्था
    • व्यूइंग गैलरी
    • हरे-भरे घास का मैदान
    • आकर्षक रंगरोगन से सजी उद्यान की दीवारें

    इन सुविधाओं से अब यह गार्डन स्थानीय परिवारों के लिए एक प्रमुख पिकनिक और फिटनेस स्पॉट बन गया है।

    👥 उद्घाटन के दौरान मौजूद रहे कई गणमान्य

    उद्यान के उद्घाटन अवसर पर पूर्व नगरसेवक प्रमुख सुधीर गुजर, शिवसेना की पूर्व नगरसेविका रीना सुर्वे, उपविधान संघटिका रुचिता आरोस्कर, उपशाखा प्रमुख अल्पेश चव्हाण, उपविभाग समन्वयक कृष्णकांत सुर्वे सहित रहेजा परिसर के अनेक नागरिक उपस्थित थे।

    स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए विधायक सुनील प्रभू का आभार व्यक्त किया।

    🌆 मालाड ईस्ट के लिए क्यों अहम है यह उद्यान?

    तेजी से विकसित हो रहे मालाड ईस्ट और दिंडोशी इलाके में ओपन स्पेस की कमी एक बड़ी समस्या रही है। ऐसे में विजय साळसकर उद्यान का पुनर्विकास स्थानीय निवासियों के लिए राहत की खबर है।
    यह उद्यान अब फिटनेस, बच्चों के मनोरंजन और सामुदायिक मेलजोल का प्रमुख केंद्र बनेगा।


    ❓ FAQ Section

    Q1: विजय साळसकर उद्यान कहाँ स्थित है?

    मालाड पूर्व के दिंडोशी वॉर्ड 36 में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास।

    Q2: उद्यान का नवीनीकरण कब शुरू हुआ?

    29 अप्रैल 2025 को काम शुरू हुआ।

    Q3: उद्यान में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?

    रॉक क्लाइंबिंग, व्यायाम उपकरण, वॉकिंग ट्रैक, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने की व्यवस्था, व्यूइंग गैलरी और हरा-भरा लॉन।

    Q4: इस परियोजना के पीछे किसका प्रयास रहा?

    शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के लगातार फॉलोअप से यह काम संभव हुआ।

    Q5: कुल क्षेत्रफल कितना है?

    करीब 4600 वर्गमीटर।

  • मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था का ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन: बोरीवली में जुटीं राजनीतिक और सामाजिक दिग्गज हस्तियां

    मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था का ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन: बोरीवली में जुटीं राजनीतिक और सामाजिक दिग्गज हस्तियां

    बोरीवली वेस्ट के अटल स्मृति उद्यान में मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था के 7वें ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन समारोह में पत्रकार, विधायक, पूर्व सांसद, समाजसेवक और उद्योगपति शामिल हुए। कॉमेडियन सुनील पाल और कवि रामजी कनौजिया ने कार्यक्रम में रंग जमाया।

    मुंबई: बोरीवली वेस्ट स्थित अटल स्मृति उद्यान में मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था के 7वें ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन समारोह का भव्य आयोजन हुआ। इस खास कार्यक्रम में पत्रकारों के साथ-साथ राजनेता, समाजसेवक, वकील और उद्योगपति बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन में अपनापन, भाईचारा और हंसी-मजाक का अलग ही माहौल देखने को मिला।

    🎉 7वां स्नेह मिलन समारोह बना यादगार

    मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था द्वारा आयोजित इस वार्षिक कार्यक्रम का यह सातवां वर्ष था। ‘लिट्टी चोखा’ जैसे पारंपरिक व्यंजन के साथ संवाद और संबंधों को मजबूत करने का यह आयोजन पत्रकार जगत और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने का माध्यम बना।

    🏛️ राजनीतिक और सामाजिक दिग्गजों की मौजूदगी

    कार्यक्रम में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें प्रमुख रूप से:

    • अमित साटम (मुंबई भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक)
    • संजय उपाध्याय (विधायक)
    • मुरजी पटेल (काका)
    • गोपाल शेट्टी (पूर्व सांसद)
    • असलम शेख (कांग्रेसी विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री)
    • संजय घाडी (मनपा उप- महापौर)
    • गणेश खनकर
    • सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पवन त्रिपाठी
    • भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक बाला तावड़े
    • कमलेश यादव
    • नगरसेविका डॉ. शिल्पा संगोरे
    • नगरसेवक शिवानन्द शेट्टी
    • शिवसेना नेता राम यादव
    • भारतीय हिंदूसेना के महाराष्ट्र अध्यक्ष डॉ. प्रमोद सिंह
    • भाजपा नेता निखिल व्यास

    सभी गणमान्य अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए पत्रकारों की एकजुटता की तारीफ की।

    📰 वरिष्ठ पत्रकारों की गरिमामयी उपस्थिति

    इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार शिवशंकर तिवारी, जयप्रकाश सिंह, हरीश तिवारी, राकेश त्रिवेदी, अशोक पांडे, इकबाल ममदानी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे। कार्यक्रम ने मीडिया जगत के आपसी तालमेल और संवाद को नई मजबूती दी।

    😂 कॉमेडी और कविता ने बांधा समां

    कार्यक्रम का खास आकर्षण रहे मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल। उन्होंने अपने चुटकुले अंदाज से सबको खूब हंसाया और माहौल को खुशनुमा बना दिया।

    वहीं कवि रामजी कनौजिया ने अपनी शानदार कविता से कार्यक्रम में साहित्यिक रंग भर दिया।

    🍲 ‘लिट्टी चोखा’ के स्वाद के साथ बढ़ा अपनापन

    कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पारंपरिक ‘लिट्टी चोखा’ का स्वाद लिया। खाने-पीने के साथ हल्की-फुल्की बातचीत और हंसी-मजाक ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। ऐसे आयोजन पत्रकारों और समाज के अन्य वर्गों के बीच घनिष्ठता बढ़ाने का जरिया बनते हैं।

    👥 आयोजन समिति का नेतृत्व

    इस सफल आयोजन का नेतृत्व मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था के अध्यक्ष गोविंद ठाकुर, कोषाध्यक्ष रामकुमार गुप्ता और महासचिव जटाशंकर सिंह ने किया। उनके साथ सभी सहयोगी पत्रकार साथियों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया।


    ❓ FAQ Section

    Q1: कार्यक्रम कहाँ आयोजित हुआ?

    बोरीवली वेस्ट के अटल स्मृति उद्यान में।

    Q2: यह कौन-सा वर्ष था?

    यह स्नेह मिलन समारोह का 7वां वर्ष था।

    Q3: किन-किन प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया?

    अमित साटम, संजय उपाध्याय, मुरजी पटेल, गोपाल शेट्टी, असलम शेख सहित कई नेता मौजूद रहे।

    Q4: कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण क्या रहा?

    कॉमेडियन सुनील पाल की प्रस्तुति और कवि रामजी कनौजिया की कविता।

    Q5: कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?

    पत्रकारों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी संबंध मजबूत करना।

  • Mumbai: कोंकण वासियों के लिए नई सौगात, होली से पहले चलेगी Ro-Ro Ferry

    Mumbai: कोंकण वासियों के लिए नई सौगात, होली से पहले चलेगी Ro-Ro Ferry

    मुंबई से विजयदुर्ग तक Ro-Ro फेरी सेवा 1 मार्च से शुरू। M2M Princess जहाज से 7 घंटे में सफर, गाड़ियों के साथ यात्रा की सुविधा। होली और समर सीजन से पहले बड़ा फैसला।

    मुंबई: कोंकण जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। महाराष्ट्र पोर्ट्स विभाग ने 1 मार्च से मुंबई-विजयदुर्ग Ro-Ro (Roll-on/Roll-off) फेरी सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। यह सेवा होली और समर वेकेशन सीजन से ठीक पहले शुरू की जा रही है, जबकि इसी समय हजारों लोग मुंबई से सिंधुदुर्ग और कोंकण के अपने गांवों की ओर रुख करते हैं।

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    7 घंटे में पूरा होगा सफर, गाड़ियां भी साथ जाएंगी

    नई जल सेवा में हाई-स्पीड वेसल M2M Princess को तैनात किया जाएगा। यह जहाज दक्षिण एशिया की सबसे तेज़ पैसेंजर-कम-व्हीकल फेरी में से एक माना जाता है।

    यात्री अपनी दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों के साथ मुंबई के भाऊचा धक्का (Ferry Wharf) से बोर्ड कर सकेंगे और सीधे विजयदुर्ग में उतर सकेंगे। सड़क मार्ग से जहां 10-12 घंटे लगते हैं, वहीं फेरी से यह सफर लगभग 7 घंटे में पूरा होगा।

    पहले सितंबर में होना था लॉन्च, क्यों टला था प्लान?

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    इस सेवा की घोषणा पहले राज्य के पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे ने गणेशोत्सव से पहले 1 सितंबर को लॉन्च करने की बात कही थी। लेकिन कम एडवांस बुकिंग और पब्लिक रिस्पॉन्स कमजोर रहने के कारण इसे टाल दिया गया था।

    अब विभाग ने ऑपरेशनल मॉडल में बदलाव कर सही टाइमिंग के साथ दोबारा शुरुआत करने का फैसला लिया है।

    16 दिन का पायलट प्रोजेक्ट, 8-8 ट्रिप

    मार्च में 16 दिन का पायलट रन रखा गया है, जिसमें मुंबई और विजयदुर्ग से 8-8 ट्रिप होंगी। अधिकारियों के मुताबिक 140 से ज्यादा रेगुलेटरी क्लियरेंस हासिल किए जा चुके हैं।

    मंजूरी मुंबई पोर्ट अथॉरिटी, महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड और शिपिंग से जुड़े केंद्रीय विभागों से ली गई है।

    क्या सरकार देगी Viability Gap Funding?

    पायलट फेज के दौरान ईंधन खर्च महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड उठाएगा। इसके बाद राइडरशिप, रेवेन्यू और ऑपरेशनल लागत का आकलन किया जाएगा।

    अगर जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार से Viability Gap Funding (VGF) मांगी जाएगी, ताकि सेवा लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे।

    कोंकण के लिए नया ट्रैफिक-फ्री विकल्प

    मुंबई-गोवा हाईवे पर अक्सर जाम और लंबा सफर लोगों को परेशान करता है। ऐसे में यह Ro-Ro फेरी सेवा ट्रैफिक-फ्री, तेज और आरामदायक विकल्प मानी जा रही है।

    पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे खुद उद्घाटन यात्रा में मुंबई से विजयदुर्ग तक मौजूद रहेंगे।


    FAQ Section

    Q1. मुंबई-विजयदुर्ग Ro-Ro फेरी कब शुरू होगी?

    यह सेवा 1 मार्च से शुरू होगी।

    Q2. सफर में कितना समय लगेगा?

    करीब 7 घंटे में मुंबई से विजयदुर्ग पहुंचा जा सकेगा।

    Q3. क्या गाड़ियां साथ ले जा सकते हैं?

    हां, दोपहिया और चारपहिया वाहन फेरी में ले जाए जा सकते हैं।

    Q4. पहले यह सेवा क्यों टली थी?

    कम एडवांस बुकिंग और कमजोर पब्लिक रिस्पॉन्स के कारण सितंबर में लॉन्च टाल दिया गया था।