Category: Technology & AI

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  • साइबर सुरक्षा: सीईआरटी-इन का फ्री बॉट रिमूवल टूल डाउनलोड करें

    साइबर सुरक्षा: सीईआरटी-इन का फ्री बॉट रिमूवल टूल डाउनलोड करें

    भारत सरकार का सीईआरटी-इन नागरिकों को साइबर सुरक्षा के लिए “फ्री बॉट रिमूवल टूल” डाउनलोड करने की सलाह दे रहा है। जानें कैसे बचे मालवेयर और बॉटनेट से। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    आज के डिजिटल दौर में हर कोई इंटरनेट और स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हैकर्स अक्सर बॉटनेट (Botnet) और मालवेयर (Malware) के जरिए लोगों के मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिवाइस पर हमला करते हैं। ऐसे हमलों से न केवल आपकी पर्सनल जानकारी चोरी हो सकती है, बल्कि बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी जानकारियां भी खतरे में पड़ जाती हैं। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत काम करने वाली सीईआरटी-इन (CERT-In) यानी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने आम जनता के लिए खास पहल की है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    सीईआरटी-इन का “फ्री बॉट रिमूवल टूल”

    सीईआरटी-इन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://www.csk.gov.in से “फ्री बॉट रिमूवल टूल” डाउनलोड करें। यह टूल खास तौर पर ऐसे सॉफ़्टवेयर और प्रोग्राम को पहचानता है जो आपके डिवाइस को संक्रमित कर सकते हैं। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    इस टूल की मदद से –

    • आपके कंप्यूटर या मोबाइल में मौजूद हानिकारक बॉटनेट को हटाया जा सकता है।
    • डिवाइस की सिक्योरिटी को मजबूत बनाया जा सकता है।
    • ऑनलाइन लेन-देन और पर्सनल डाटा को चोरी होने से बचाया जा सकता है।

    बॉटनेट और मालवेयर क्या हैं?

    बॉटनेट ऐसे संक्रमित डिवाइसों का नेटवर्क होता है जिसे साइबर अपराधी कंट्रोल करते हैं। एक बार डिवाइस संक्रमित हो जाए, तो उसे रिमोटली इस्तेमाल कर स्पैम ईमेल भेजने, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने या बड़े स्तर पर साइबर अटैक करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
    मालवेयर यानी हानिकारक सॉफ़्टवेयर आपके डिवाइस में घुसकर आपकी जानकारी चुरा सकता है या सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    कैसे बचें साइबर हमलों से?

    सीईआरटी-इन और दूरसंचार विभाग ने नागरिकों को कुछ आसान साइबर सुरक्षा टिप्स भी दिए हैं:

    1. फ्री बॉट रिमूवल टूल ज़रूर डाउनलोड करें।
    2. अपने मोबाइल और कंप्यूटर में हमेशा एंटीवायरस अपडेट रखें।
    3. अनजान लिंक या संदिग्ध ईमेल पर क्लिक करने से बचें।
    4. डिजिटल पेमेंट और बैंकिंग ऐप्स में हमेशा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।
    5. समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें और स्ट्रॉन्ग पासवर्ड रखें।

    क्यों है जरूरी यह टूल?

    मुंबई जैसे बड़े शहरों में रोज़ हजारों लोग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं। साइबर फ्रॉड के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में कई मामलों में देखा गया कि लोगों के डिवाइस पर मालवेयर अटैक हुआ और उनकी बैंक अकाउंट डिटेल्स चोरी हो गईं। ऐसे में यह टूल हर नागरिक के लिए बेहद जरूरी है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    नतीजा

    भारत सरकार की यह पहल आम नागरिकों को साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि हर कोई इस फ्री बॉट रिमूवल टूल को डाउनलोड कर लेता है और बुनियादी सावधानियां बरतता है, तो न केवल व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित रहेगा बल्कि देश की साइबर सुरक्षा भी मजबूत होगी। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

  • मुंबई की स्टार्टअप कंपनी में अनोखी नौकरी – ‘Doom-Scroller’

    मुंबई की स्टार्टअप कंपनी में अनोखी नौकरी – ‘Doom-Scroller’

    Monk Entertainment के CEO विराज शेट ने अनोखी नौकरी निकाली है। कंपनी को चाहिए Doom-Scoller, जो दिनभर सोशल मीडिया पर ट्रेंड्स और क्रिएटर कल्चर पर नजर रखे। जानें क्या है योग्यता और सैलरी। Mumbai company will give jobs to ‘Doom-Scrollers’, their only work will be Insta-scrolling all day long.

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    क्या आपने कभी सोचा है कि सोशल मीडिया पर घंटों तक इंस्टाग्राम और रील्स स्क्रॉल करना भी नौकरी बन सकता है? जी हां, मुंबई की मशहूर क्रिएटर मैनेजमेंट कंपनी Monk Entertainment (Monk-E) के को-फाउंडर और CEO विराज शेट ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर बताया कि कंपनी को चाहिए फुल-टाइम Doom-ScrollerMumbai company will give jobs to ‘Doom-Scrollers’, their only work will be Insta-scrolling all day long.

    कौन है Doom-Scroller?

    ‘Doom-Scroller’ दरअसल वह होता है जो लगातार घंटों तक सोशल मीडिया पर ट्रेंड्स, वायरल कंटेंट और क्रिएटर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट्स पर नजर रखता है।
    Monk-E ने इस जॉब के लिए साफ शर्त रखी है कि उम्मीदवार को कम से कम 6 घंटे रोज़ Instagram पर स्क्रॉलिंग करनी होगी। Mumbai company will give jobs to ‘Doom-Scrollers’, their only work will be Insta-scrolling all day long.

    नौकरी के लिए योग्यता और स्किल्स

    कंपनी ने इस रोल के लिए कुछ जरूरी स्किल्स भी बताए हैं –

    • हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में फ्लुएंसी होना जरूरी।
    • सोशल मीडिया का डीप नॉलेज और क्रिएटर कल्चर के प्रति जुनून।
    • Reddit के InstaCelebsGossip जैसे ऑनलाइन कम्युनिटी में रुचि।
    • ह्यूमर और पर्सनैलिटी के साथ मेल भेजने की क्षमता (सीधा कॉपी-पेस्ट नहीं, खुद की क्रिएटिविटी दिखानी होगी)।

    विराज शेट ने अपने पोस्ट में लिखा –
    “Hiring Doom-Scollers at Monk-E. Write to careers@monk-e.in with ‘doomscroller’ as the title. Please show some personality/humour in the email body. Do not use ChatGPT for it.”

    सैलरी और जॉब लोकेशन

    यह नौकरी मुंबई में फुल-टाइम होगी और कंपनी ने इसे प्रतिस्पर्धी सैलरी पैकेज के साथ ऑफर किया है। हालांकि, कितनी सैलरी मिलेगी यह अभी तक डिस्क्लोज़ नहीं किया गया है।

    सोशल मीडिया पर यूजर्स की मजेदार प्रतिक्रिया

    इस पोस्ट ने इंटरनेट पर धूम मचा दी। कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा –

    • “अब मम्मी को बोलूंगा कि मेरा Doom-Scrolling टाइम बर्बादी नहीं बल्कि नौकरी है।”
    • “19 घंटे स्क्रॉल करता हूं, क्या मैं ओवरक्वालिफाइड हूं?”
    • “बुरा एडिक्शन नहीं, अब ये पैसों वाली स्किल है।”

    कई यूजर्स ने इसे मजाक समझा, जबकि बहुतों ने सच में “I am interested” लिखकर कॉमेंट कर दिया।

  • मुंबई: मैट्रिमोनियल साइट पर फर्जी प्रोफाइल, महिला का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल

    मुंबई: मैट्रिमोनियल साइट पर फर्जी प्रोफाइल, महिला का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल

    मुंबई में मैट्रिमोनियल साइट पर शादी का झांसा देकर महिला को फंसाया गया। आरोपी ने वीडियो चैट से निजी वीडियो बनाए और ब्लैकमेल कर पैसे वसूले। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video

    मुंबई: डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराध का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मझगांव इलाके की 34 वर्षीय महिला को शादी के नाम पर मैट्रिमोनियल साइट धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ा। आरोपी ने फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिला को शादी का झांसा दिया, उसका भरोसा जीता और फिर वीडियो चैट के जरिए निजी वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video

    आरोपी ने शादी का झांसा देकर जीता भरोसा

    9 अगस्त को महिला को एक कॉल आया। आरोपी ने खुद को शादी का इच्छुक बताया और धीरे-धीरे महिला से बातचीत कर उसका विश्वास हासिल किया। बातचीत के दौरान उसने चालाकी से महिला की निजी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। इसके बाद वह ब्लैकमेलिंग पर उतर आया। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video

    वीडियो चैट के बाद असली खेला

    आरोपी ने महिला को वीडियो भेजकर धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो यह वीडियो सोशल मीडिया पर डाल देगा। डर के चलते महिला ने शुरुआत में 30 हजार रुपये दे दिए, लेकिन मांग लगातार बढ़ती गई। जब महिला को एहसास हुआ कि यह साइबर ठगी है, तो उसने भायखला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video

    साइबर ठग गिरोह पर शक

    मुंबई पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस को शक है कि इस अपराध के पीछे कोई बड़ा साइबर ठग गिरोह सक्रिय है, जो महिलाओं को टारगेट कर इस तरह की ठगी कर रहा है। जांच जारी है और आरोपी की तलाश में टीमें जुटी हैं। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video

    पुलिस की अपील

    यह घटना डिजिटल दौर में ऑनलाइन धोखाधड़ी का बड़ा उदाहरण है। खासकर मैट्रिमोनियल साइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन किसी भी अनजान शख्स पर जल्दी भरोसा न करें, निजी जानकारी और तस्वीरें साझा करने से बचें। यदि कोई ब्लैकमेलिंग करे तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video

  • 2000 रुपये का झटपट लोन और लड़की की अश्लील फोटो हो गई वायरल

    2000 रुपये का झटपट लोन और लड़की की अश्लील फोटो हो गई वायरल

    ऑनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन से सिर्फ 2000 रुपये का लोन लेना 25 वर्षीय लड़की को महंगा पड़ गया। जबकि पीड़िता के मुताबिक उसने लोन का भुगतान कर दिया था। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    मुंबई: जोगेश्वरी की रहने वाली एक 25 वर्षीय लड़की के साथ बहोत बुरा हुआ है। ऑनलाइन लोन देने वाली कंपनी ने उसके अंतरंग तस्वीरों को उसी की कॉन्टेक्ट लिस्ट हैक कर उसके रिश्तेदारों को फॉरवर्ड कर दिया। गनीमत रही की लड़की ने समझदारी दिखाते हुए अपने पिता को सारी हकीकत बता दी। लड़की ने दावा किया कि उसने लोन के पैसे चुका दिए, हालांकि उसमें देरी हुई। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता जोगेश्वरी की रहने वाली है। उसने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखा जिसमें एक ऐप के बारे में बताया गया था जो तुरंत नकद लोन प्रदान करता है। उसने 20 जुलाई को दोपहर 2.30 बजे अपने फोन पर ऐप डाउनलोड किया। इसके बाद उसने छह दिनों के लिए 2000 रुपये लोन के लिए अप्लाई किया। ऐप पर अपना बैंक खाता नंबर सहित व्यक्तिगत जानकारी अपलोड कर दी। साथ ही, आधार कार्ड की एक प्रति भी अपलोड जोड़ दी। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    तस्वीरें वायरल करने की धमकी

    शिकायत के मुताबिक, इसके कुछ देर बाद ही लड़की के बैंक खाते में 1300 रुपये लोन के पैसे जमा हो गए। छह दिन बाद, लड़की को मैसेज मिला, जिसमें लोन चुकाने के लिए कहा गया। उसने जवाब दिया कि उसके पास इस समय पैसे नहीं है। उसे कुछ दिन और चाहिए लेकिन मैसेज भेजने वाले ने उसको तुरंत भुगतान करने को कहा। उसने धमकाते हुए कहा, कि ऐसा नहीं करने पर उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी जाएगी। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    पैसे चुकाने के बाद भी वायरल कर दी तस्वीर

    पीड़िता का दावा है कि वह इस मैसेज को पढ़कर डर गई। उसको 31 जुलाई को एक क्यूआर कोड भेजा गया, जिसमें तुरंत पैसों के भुगतान करने के लिए कहा गया था। पीड़िता ने उसी दिन क्यूआर कोड के माध्यम से 2000 रुपये चुका दिए। लेकिन उसी दिन शाम करीब 7 बजे पीड़िता की चाची को एक अज्ञात नंबर से उसकी मॉर्फ की गई नग्न तस्वीरें मिलीं। इसके बाद, उसके एक पुरुष मित्र को भी इसी तरह की तस्वीरें मिली। इससे लड़की डर गई और उसने अपने पिता को इस बारे में बताया, जिसके बाद दोनों ओशिवारा पुलिस का रुख किया। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    लोन एप की ठगी से कैसे बचें?

    • लोन लेने से पहले सभी नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
    • ब्याज दर, पेमेंट साइकल और पेनाल्टी आदि की जानकारी ले लें।
    • लोन ऐप्स केवल गूगल प्ले स्टोर या एपल ऐप प्लेस्टोर से ही डाउनलोड करें।
    • अनजान लिंक या वाट्सएप से आए डॉट एपीके फाइल्स से बचें।
    • ऐप्स को अनावश्यक अनुमतियां जैसे कॉन्टैक्ट्स, गैलरी या कैमरा) नहीं दें।
    • ठगी का शिकार बनने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।
    • लोन से संबंधित कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और स्क्रीनशॉट्स को सेव करके रखें।

    मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज साइबर अपराध जनवरी 2024 से मार्च 2025

    सालदर्ज केसहल केस धोखाधड़ी राशिजब्त राशि
    202450871253846.71 करोड़ रु82.49 करोड़ रु
    20251106188 279.83 करोड़ रु40.29 करोड़ रु

    झटपट लोन देने वाले ऐप्लिकेशन संचालक करते क्या है?

    लोन ऐप्स के जरिए पैसे देने वाली कंपनियां अक्सर अर्जदार की गोपनीय जानकारियां चुरा लेती है और उन्हीं के कॉन्टेक्ट डिटेल्स की मदद से धमकाया और परेशान किया जाता है। यहां तक की उनके रिश्तेदारों और परिवार वालों को लगातार कॉल कर परेशान किया जाता है। ऐसे में कर्जदारों के कॉन्टैक्ट्स नंबरों पर धमकी भरे मैसेज भेजने से सामाजिक अपमान का डर बढ़ जाता है। ब्लैकमेलिंग कर लोगों को इतना परेशान किया जाता है कि लोग आत्महत्या को ही अंतिम रास्ता मान लेते हैं।

    सरकार को ध्यान देने की जरुरत

    लोन ऐप्स की ब्लैकमेलिंग और उच्च ब्याज दरों के कारण कई लोग मानसिक रोगी बन जाते हैं। कुछ लोग तनाव में आत्महत्या तक कर लेते हैं। वहीं, मुंबई पुलिस के अनुसार, साइबर जागरूकता की कमी के कारण लोग अपनी समस्याएं खुलकर साझा नहीं करते, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग भी कम होने के कारण केस सामने आ नहीं पाता है। साइबर दक्ष में पुलिसकर्मियों की कमी भी है, जो साइबर अपराध को बढ़ाने में मदद करती है। इसलिए, साइबर डिटेक्टशन रेट दो से तीन फीसदी रही है, जबकि साइबर केस बढ़कर 243 फीसदी तक मुंबई जैसे शहर में पहुंच चुकी है। इस ओर सरकार और प्रशासन को ध्यान देने की जरुरत है।

  • मुंबई में अब WhatsApp के जरिए होगा ट्रेन की बुकिंग

    मुंबई में अब WhatsApp के जरिए होगा ट्रेन की बुकिंग

    ट्रेन में टिकट के लिए अब आपको लाईन में खड़े रहने की जरुरत नही होगी। अब आप अपने मोबाइल फोन पर WhatsApp एप्लीकेशन के भीतर ही एक क्लिक से ट्रेन की टिकट बुकिंग कर सकेंगे। रेलवे स्थानीय टिकट प्रणाली में सुधार लाने के प्रयास कर रहा है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    अब आम लोगों की सुविधा के लिए रेलवे बोर्ड नई टिकट बुकिंग प्रणाली लाने की तैयारी कर रहा है। मेट्रो में ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को मिल रहे लोकप्रियता को देखते हुए रेल प्रशासन ने फैसला किया है। इसके लिए निविदाएं मांगी गई है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    रेलवे ने क्या कहा?

    रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, रेलवे स्थानीय टिकट प्रणाली की सुविधा में सुधार लाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है और व्हाट्सएप जैसे चैट-आधारित ऐप के माध्यम से टिकट प्रणाली शुरू करने की संभावना तलाश रहा है। हाल ही में, इस मामले में रुचि रखने वाले संगठनों के साथ एक बैठक हुई। अधिकारियों ने बताया कि सभी विवरण तय होने के बाद निविदा प्रक्रिया का मूल्यांकन किया जाएगा। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    डिजिटल इंडिया की पहल

    डिजिटल इंडिया पहल के तहत, भारतीय रेलवे डिजिटल माध्यमों से टिकट प्रणाली में बदलाव लाने पर ज़ोर दे रहा है। इसके परिणामस्वरूप, यात्रियों को कैशलेस तेज़ टिकट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। देखा गया कि डिजिटल की ओर बदलाव होता जा रहा है। वर्तमान में, 25 प्रतिशत यात्री डिजिटल माध्यमों से टिकट बुक कर रहे हैं, और इसे अपनाने की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    WhatsApp का इस्तेमाल

    मौजूदा डिजिटल टिकटिंग सिस्टम के अलावा, रेलवे टिकट बुकिंग की सुविधा बढ़ाने के लिए चैट-आधारित टिकटिंग समाधान पर भी काम कर रहा है। मेट्रो में टिकट बुकिंग के लिए यात्री WhatsApp का इस्तेमाल ज़्यादा पसंद करते हैं। टिकट खिड़की पर क्यूआर कोड स्कैन करने पर एक चैट इंटरफ़ेस दिखाई देता है। “हाय” मैसेज भेजने पर आपको टिकट बुकिंग के विकल्प दिखाई देंगे और फिर भुगतान करके डिजिटल टिकट प्राप्त किए जा सकेंगे। 67 प्रतिशत मेट्रो किराया इसी तरह बुक किया जा रहा है।

    क्या हैं मुश्किलें?

    रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक कहा गया, कि व्हाट्सएप टिकटिंग सिस्टम के निर्माण के दौरान कई कारकों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यूटीएस के माध्यम से क्यूआर-आधारित टिकटिंग प्रणाली के वर्तमान दुरुपयोग को देखते हुए, इसी तरह की कमज़ोरियों से बचने के लिए नई प्रणाली विकसित करते समय सावधानी बरतनी होगी। हमारा लक्ष्य एक ऐसी प्रणाली बनाना है जो यात्रियों के लिए आसान हो। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

  • Mumbai: जीशान सिद्दीकी को धमकी देने वाला गिरफ्तार, बिहार का रहने वाले आरोपी ने लिया ‘D’ कंपनी का नाम

    Mumbai: जीशान सिद्दीकी को धमकी देने वाला गिरफ्तार, बिहार का रहने वाले आरोपी ने लिया ‘D’ कंपनी का नाम

    Mumbai: जीशान सिद्दीकी को धमकी भरे ई- मेल भेजकर फिरौती मांगने वाले मुख्य आरोपी को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई इंटरपोल की मदद से सफल हो पाई है। आरोपी को त्रिनिदाद और टोबैगो से गिरफ्तार किया गया है।

    Mumbai: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी के बेटे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक जीशान सिद्दीकी को धमकी देने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। मुंबई पुलिस और इंटरपोल की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को त्रिनिदाद और टोबैगो से गिरफ्तार कर मुंबई लाया गया है।

    कहां है त्रिनिदाद और टोबैगो ?

    पूरे वेस्टइंडीज में त्रिनिदाद छठे स्थान का सबसे बड़ा आईलैंड है। त्रिनिदाद और टोबैगो जो कैरिबियन सागर में स्थित है। यह दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पूर्व में वेनेजुएला के तट के पास है। यहीं से मुंबई पुलिस ने इंटरपोल की मदद से बिहार के दरभंगा का रहने वाला आरोपी को डिटेंड कर गिरफ्तार किया है।

    ईमेल से मिली थी धमकी

    पुलिस के अनुसार, धमकी देने वाला बिहार के दरभंगा का रहने वाले आरोपी मोहम्मद दिलशाद मोहम्मद नावेद खुद को डी-कंपनी का सदस्य बताते हुए अप्रैल में जीशान को जान से मारने की धमकी दी थी और 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। धमकी भरे ईमेल 19, 20 और 21 अप्रैल को भेजे गए थे।

    बांद्रा पुलिस का एक्शन

    इस मामले में जीशान सिद्दीकी ने बांद्रा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में उन्होंने बताया, कि आरोपी ने कई ईमेल भेजकर जान से मारने की धमकी दी थी और कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उनकी हत्या कर दी जाएगी, जैसा कि उनके पिता बाबा सिद्दीकी के साथ करने की बात कही गई थी।

    भारत के बाहर से मिली थी धमकी

    पुलिस ने शिकायत के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी थी और अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। 23 अप्रैल को यह केस मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी भारत से बाहर है, जिसके बाद 28 अप्रैल को उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया और फिर इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।

    फिरौती का था मामला

    इंटरपोल की मदद से आरोपी को त्रिनिदाद और टोबैगो में गिरफ्तार किया गया और फिर बुधवार को भारत डिपोर्ट कर मुंबई लाया गया है। अब आरोपी से क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने धमकी देकर फिरौती वसूलने की मंशा से यह साजिश रची थी।

    हो सकते हैं कई खुलासे

    क्राइम ब्रांच का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के बाद देश में दहशत का माहौल बन गया था। उसी वक्त उनके बेटे को मिली धमकी में उनके पिता की हत्या का जिक्र किया गया था। फिलहाल, जांच जारी है और पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पीछे कोई और गिरोह या नेटवर्क तो नहीं है।

  • Mumbai BMC: अब शमशान और दफन भूमि की होगी ऑनलाइन बुकिंग

    Mumbai BMC: अब शमशान और दफन भूमि की होगी ऑनलाइन बुकिंग

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने दाह संस्कार और कब्रिस्तान में दफनाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने नागरिक सेवाओं में आधुनिकीकरण करते हुए, लोगों के शोकाकुल माहौल के दौरान होने वाली दिक्कतों और तनाव को कम करने के लिए एक ठोस कदम बढ़ा दिया है। इसके लिए बीएमसी ने एक नया ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, श्मशान प्रबंधन प्रणाली, लॉन्च कर दिया है। इस ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए अब नागरिक दाह संस्कार या दफ़नाने के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। शनिवार, 19 जुलाई से इसे आम नागरिकों के लिए लाइव कर दिया गया है। इसे बीएमसी की आधिकारिक वेबसाइट के ‘अप्लाई’ सेक्शन में जाकर इस्तेमाल किया जाएगा।

    कैसे होगी ऑनलाइन बुकिंग ?

    नागरिक बुकिंग के लिए (https://portal.mcgm.gov.in) पोर्टल पर जा सकते हैं। बीएमसी ने निवासियों से, विशेष रूप से आपात स्थिति में, इस नई प्रणाली का उपयोग करने का आग्रह किया है ताकि देरी से बचा जा सके और नगरपालिका के श्मशान घाट और कब्रिस्तानों में सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बीएमसी के एक उच्च अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया, कि श्मशान प्रबंधन प्रणाली का मुख्य उद्देश्य परिवारों के लिए भावनात्मक रूप से कठिन समय के दौरान भ्रम, प्रतीक्षा समय और गलत संचार को कम करना है। जनता और श्मशान कर्मचारियों के बीच पारदर्शिता और समन्वय स्थापित करके, बीएमसी शहर में अंतिम संस्कार सेवाओं की समग्र दक्षता में सुधार की उम्मीद करती है।

  • Mumbai: पाकिस्तानी जासूस के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी

    Mumbai: पाकिस्तानी जासूस के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी

    साइबर जालसाजों ने एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हुए मुंबई की एक 64 वर्षीय महिला पर “पाकिस्तानी जासूस” होने का झूठा आरोप लगाकर 22.4 लाख रुपये की उगाही की है। इस सिलसिले में मुंबई पुलिस की सायबर सेल ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।

    मुंबई: साइबर जालसाजों ने एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हुए दक्षिण मुंबई की एक 64 वर्षीय महिला पर “पाकिस्तानी जासूस” होने का झूठा आरोप लगाकर 22.4 लाख रुपये की उगाही की है। जालसाजों ने वरिष्ठ नागरिक को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इसके लिए अपराधियों ने विडियो कॉल का भी इस्तेमाल किया और फर्जी दस्तावेजों की फोटो कॉपी दिखाई।

    कैसे किया मजबूर?

    जब महिला ने वीडियो कॉल मे सायबर जालसाजों को सरकारी वर्दी पहने हुए देखा तो वह घबरा गई और पहले तो वो उन्हें विश्वास दिलाने की कोशिश करती रही कि शायद उनसे कोई चूक हुई है। लेकिन जालसाज उनके कनेक्शन पाकिस्तान से बताने के नकली प्रमाणित दस्तावेज दिखाकर धमकाने लगे और सीधे-सीधे केस से बचने के लिए उन्हें 22.4 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।

    इसे भी पढ़े:- मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया। With DIRECT DOWNLOAD LINK

    फर्जी जासूसी घोटाला

    आखिरकार घबराहट के मारे पीड़ित महिला ने उनके कहे अनुसार पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर किए और राहत की सांस ली। घटना के बारे में पता चलने पर, दक्षिण साइबर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारी इस व्यापक फर्जी जासूसी घोटाले में शामिल जालसाजों का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं।

  • महिलाओं और लड़कियों को सोशल मीडिया पर टार्गेट करने वाला शुभम गिरफ्तार

    महिलाओं और लड़कियों को सोशल मीडिया पर टार्गेट करने वाला शुभम गिरफ्तार

    सोशस मीडिया पर महिलाओं के नाम पर अश्ली फोटो और विडियो का राज आखिरकार मुंबई पुलिस की सायबर सेल ने खोल कर रख दी है। आए दिन बदनामी के डर से होने वाली महिलाओं और लडकियों की मौत के पीछे सायबर जालसाज देखो क्या कर रहे हैं।

    मुंबई: सोशल मीडिया पर लड़कियों का अश्ली डाटा प्रसारित करने वाला 25 वर्षीय शुभम मनोजप्रसाद सिंह को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुंबई के दहिसर सायबर सेल ने बिहार के बागलपुर निवासी शुभम कुमार मनोजप्रसाद सिंह को कर्नाटक के सांदुर, जिला बेल्लारी से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि कर्नाटक में यह सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। इसके मोबाइल से पुलिस को मिली जानकारी में कहा गया कि आरोपी ने 100 से अधिक महिलाओं के नाम से ईमेल आईडी बनाई हुई थी और इंस्टाग्राम पर 11 अलग-अलग महिलाओं की आईडी बना रखी थी। आरोपी ने 2015-16 में दिल्ली के रेहान आय.टी. सेंटर से सॉफ्ट स्किल कंप्यूटर ट्रेनिंग प्रोग्राम डिप्लोमा हासिल किया है। इसके मोबाइल फोन मे अलग-अलग महिलाओं और लडकियों के 13500 फोटो स्क्रीन शॉट निकाल कर इकट्ठा किया हुआ था।

    कॉलेज की लड़की को बनाया शिकार

    दहिसर पूर्व, परिमंडल 12 के पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे ने बताया, कि जनवरी के अंत में एक शिकायत मिली थी। कॉलेज मे पडने वाली एक लड़की को आरोपी ने ब्लैकमेल किया हुआ था और उसके नाम से इंस्टाग्राम पर अश्ली फोटो और पोस्ट किए जा रहे थे। जिसके कारण उस लड़की की काफी बदनामी हो रही थी और वह मानसिक रुप से प्रताड़ित हो रही थी। दहिसर पुलिस की सायबर सेल ने उसे अच्छे से पहले समझाया और सांत्वना दी। इसके बाद गु.र.क्र. 95/2005 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 78, 79 के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 (सी), 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस कहा कि ऐसे मामलों से किसी भी महिला को घबराने की जरूरत नही है। हमेशा पुलिस की मदद लें।

    वायरल पोस्ट

    दहिसर डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त किशोर खैरनार ने बताया, कि आरोपी पहले महिलाओं और लडकियों को सोशल मीडिया पर फोलो कर मेसेज भेजता था और जबरदस्ती अश्ली विडियो बनाने के लिए जोर देता था इसमे अश्ली भाषा का भी उपयोग करता था। ऐसा नही करने पर उसका नाम और फोटो का इस्तेमाल कर इंटरनेट पर अश्ली पोस्ट और स्टोरीज़ वायरल करता था। पुलिस ने पहले उस अकाउंट का पता लगाया जिस अकाउंट से उसने लड़की को मेसेज भेजा था। इसके बाद सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म और गुगल से उसका पता लगाया गया। तब जाकर सायबर सेल को पता चला कि आरोपी कर्नाटक से ऑपरेटर कर रहा है।

    कोर्ट ने क्या कहा?

    दहिसर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक होनमाने ने बताया, कि जैसे ही जानकारी मिली की आरोपी कर्नाटक के सांदुर, जिला बेल्लारी से ऑपरेटर कर रहा है। सायबर सेल के सहायक पुलिस निरीक्षक अंकुश दांडगे और उनकी टीम को रवाना किया गया। आरोपी वहां सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। 6 जुन को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां बोरीवली कोर्ट ने उसे 16 जुन तक की पुलिस कस्टडी में जांच के निर्देश दिए।

    जांच अधिकारी ने क्या कहा?

    मामले की जांच कर रहे पुलिस निरीक्षक एएस. देसाई और सहायक पुलिस निरीक्षक अंकुश दांडगे ने बताया, कि आरोपी के मोबाइल फोन में लगभग 100 से भी ज्यादा अलग-अलग महिलाओं के बनावटी ईमेल आईडी प्राप्त हुए हैं और 11 इंस्टाग्राम आईडी जो महिलाओं के नाम से नकली बनाकर कई अश्ली पोस्ट किए गए है उन सभी की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी ने अपने मोबाइल फोन मे अलग-अलग महिलाओं और लडकियों के 13500 फोटो स्क्रीन शॉट निकाल कर इकट्ठा किया हुआ था। पुलिस ने इसके खिलाफ और भी शिकायतें मिलने की गुंजाइश जता रही है।

  • Mumbai: अब गड्ढों की शिकायत नए एप्लीकेशन से करें, जाने पूरा प्रोसेस ..

    Mumbai: अब गड्ढों की शिकायत नए एप्लीकेशन से करें, जाने पूरा प्रोसेस ..

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुंबई शहर में गड्ढों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ‘पोथोल क्विकफिक्स’ नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है।

    मुंबई: शहर की सड़कों पर गड्ढों की शिकायतों और उनके त्वरित समाधान को कारगर बनाने के प्रयास में, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एक और मोबाइल एप्लिकेशन, पोथोल क्विकफिक्स के नाम से लॉन्च किया है। यह एप्लिकेशन जून के पहले सप्ताह में लॉन्च किया गया था और अब यह मुंबई के सभी नागरिकों के लिए प्ले स्टोर से डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। आप इसे यहां से एक क्लिक कर Download भी कर सकते हैं। Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    कारगर बनाने के प्रयास

    बीएमसी आम तौर पर सोशल मीडिया और स्थानीय वार्ड कार्यालय के नियंत्रण कक्षों के माध्यम से नागरिकों द्वारा दर्ज की गई गड्ढों की शिकायतों की निगरानी और निपटारा करता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में, बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों की शिकायतों पर निपटारे को कारगर बनाने के प्रयास में लगातार नए डिजिटल पोर्टल या मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करता आ रहा हैं।

    इसके पहले भी कई एप्लिकेशन किए लॉन्च

    2019 में, बीएमसी ने ‘माई बीएमसी पोथोल फिक्सिट’ नामक एक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया, जिसका उपयोग बृहन्मुंबई महानगर पालिका प्रशासन द्वारा 2024 के मानसून सीजन के दौरान गड्ढों के बारे में शिकायत दर्ज करने में सक्षम बनाने के लिए भी किया गया था। 2014 में सड़कों की निगरानी के लिए ‘एमसीजीएम 24X7’ मोबाइल एप्लिकेशन शुरू की गई थी और 2011 में गड्ढों की शिकायतों पर नागरिकों से जुड़ने के लिए ‘वॉयस ऑफ सिटिजन’ डिजिटल पोर्टल शुरू किया था। Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    फीडबैक पर बनी योजना

    मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी जानकारी देते हुए बताया, कि “पुराने मोबाइल एप्लिकेशन या डिजिटल पोर्टल कुछ समय बाद उतने कारगर साबित नही होते हैं, क्यों कि त्वरित रिस्पांस के लिए वर्तमान मुद्दों को ध्यान में रखकर एप्लिकेशन या पोर्टल का निर्माण किया जाता है। इसलिए उन्हें संबंधित मानसून के दौरान इस्तेमाल करने के बाद हटा दिया जाता है। हमने नागरिकों से उपयोगकर्ता के अनुकूल सुविधाओं के बारे में लगातार ऑनलाइन फीडबैक भी लिया गया है और इन्हें योजनाओं में शामिल किया गया है।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    एप्लिकेशन की खासियत

    अधिकारी ने कहा, कि “पोथोल क्विकफिक्स एप्लिकेशन पर शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिकों को केवल तीन से चार क्लिक की आवश्यकता होगी। पहले के एप्लिकेशन में, नागरिकों को अपनी शिकायतों के साथ अपलोड की गई तस्वीरों के लिए स्थान जोड़ना पड़ता था। इसके विपरीत, इस मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से, फोटो स्वचालित रूप से अक्षांश और देशांतर के साथ जियो-टैग हो जाएंगे, जिसमें ऐप में लॉग इन करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन का स्थान भी शामिल होगा।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    कैसे होगी शिकायतों पर निगरानी?

    शिकायतों को प्रत्येक चुनावी वार्ड में नियुक्त 227 माध्यमिक इंजीनियरों द्वारा ट्रैक किया जाएगा और चौबीसों घंटे उन पर नज़र रखी जाएगी। ऐप शिकायतों को बंद करने के लिए पूर्व निर्धारित समयसीमा के साथ खुले कार्यों का वर्कफ़्लो भी प्रदान करता है। नागरिक अपनी शिकायतों की स्थिति को ‘खुला’, ‘प्रगति में’ या ‘समाधान’ के रूप में ट्रैक कर सकेंगे। एक अन्य अधिकारी ने कहा, कि “कोई शिकायतकर्ता अगर जमीनी स्तर पर समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, तो इस एप्लीकेशन में  24 घंटे के भीतर शिकायत को फिर से खोल सकते हैं।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    पहले लॉन्च किए गए मोबाइल एप्लिकेशन

    • 2019 में माई बीएमसी पोथोल फिक्सिट
    • 2014 में एमसीजीएम 24X7
    • 2011 में नागरिकों की आवाज़