Category: Technology & AI

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  • मुंबई: मैट्रिमोनियल साइट पर फर्जी प्रोफाइल, महिला का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल

    मुंबई: मैट्रिमोनियल साइट पर फर्जी प्रोफाइल, महिला का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल

    मुंबई में मैट्रिमोनियल साइट पर शादी का झांसा देकर महिला को फंसाया गया। आरोपी ने वीडियो चैट से निजी वीडियो बनाए और ब्लैकमेल कर पैसे वसूले। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video

    मुंबई: डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराध का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मझगांव इलाके की 34 वर्षीय महिला को शादी के नाम पर मैट्रिमोनियल साइट धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ा। आरोपी ने फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिला को शादी का झांसा दिया, उसका भरोसा जीता और फिर वीडियो चैट के जरिए निजी वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video

    आरोपी ने शादी का झांसा देकर जीता भरोसा

    9 अगस्त को महिला को एक कॉल आया। आरोपी ने खुद को शादी का इच्छुक बताया और धीरे-धीरे महिला से बातचीत कर उसका विश्वास हासिल किया। बातचीत के दौरान उसने चालाकी से महिला की निजी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। इसके बाद वह ब्लैकमेलिंग पर उतर आया। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video

    वीडियो चैट के बाद असली खेला

    आरोपी ने महिला को वीडियो भेजकर धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो यह वीडियो सोशल मीडिया पर डाल देगा। डर के चलते महिला ने शुरुआत में 30 हजार रुपये दे दिए, लेकिन मांग लगातार बढ़ती गई। जब महिला को एहसास हुआ कि यह साइबर ठगी है, तो उसने भायखला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video

    साइबर ठग गिरोह पर शक

    मुंबई पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस को शक है कि इस अपराध के पीछे कोई बड़ा साइबर ठग गिरोह सक्रिय है, जो महिलाओं को टारगेट कर इस तरह की ठगी कर रहा है। जांच जारी है और आरोपी की तलाश में टीमें जुटी हैं। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video

    पुलिस की अपील

    यह घटना डिजिटल दौर में ऑनलाइन धोखाधड़ी का बड़ा उदाहरण है। खासकर मैट्रिमोनियल साइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन किसी भी अनजान शख्स पर जल्दी भरोसा न करें, निजी जानकारी और तस्वीरें साझा करने से बचें। यदि कोई ब्लैकमेलिंग करे तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video

  • 2000 रुपये का झटपट लोन और लड़की की अश्लील फोटो हो गई वायरल

    2000 रुपये का झटपट लोन और लड़की की अश्लील फोटो हो गई वायरल

    ऑनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन से सिर्फ 2000 रुपये का लोन लेना 25 वर्षीय लड़की को महंगा पड़ गया। जबकि पीड़िता के मुताबिक उसने लोन का भुगतान कर दिया था। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    मुंबई: जोगेश्वरी की रहने वाली एक 25 वर्षीय लड़की के साथ बहोत बुरा हुआ है। ऑनलाइन लोन देने वाली कंपनी ने उसके अंतरंग तस्वीरों को उसी की कॉन्टेक्ट लिस्ट हैक कर उसके रिश्तेदारों को फॉरवर्ड कर दिया। गनीमत रही की लड़की ने समझदारी दिखाते हुए अपने पिता को सारी हकीकत बता दी। लड़की ने दावा किया कि उसने लोन के पैसे चुका दिए, हालांकि उसमें देरी हुई। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता जोगेश्वरी की रहने वाली है। उसने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखा जिसमें एक ऐप के बारे में बताया गया था जो तुरंत नकद लोन प्रदान करता है। उसने 20 जुलाई को दोपहर 2.30 बजे अपने फोन पर ऐप डाउनलोड किया। इसके बाद उसने छह दिनों के लिए 2000 रुपये लोन के लिए अप्लाई किया। ऐप पर अपना बैंक खाता नंबर सहित व्यक्तिगत जानकारी अपलोड कर दी। साथ ही, आधार कार्ड की एक प्रति भी अपलोड जोड़ दी। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    तस्वीरें वायरल करने की धमकी

    शिकायत के मुताबिक, इसके कुछ देर बाद ही लड़की के बैंक खाते में 1300 रुपये लोन के पैसे जमा हो गए। छह दिन बाद, लड़की को मैसेज मिला, जिसमें लोन चुकाने के लिए कहा गया। उसने जवाब दिया कि उसके पास इस समय पैसे नहीं है। उसे कुछ दिन और चाहिए लेकिन मैसेज भेजने वाले ने उसको तुरंत भुगतान करने को कहा। उसने धमकाते हुए कहा, कि ऐसा नहीं करने पर उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी जाएगी। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    पैसे चुकाने के बाद भी वायरल कर दी तस्वीर

    पीड़िता का दावा है कि वह इस मैसेज को पढ़कर डर गई। उसको 31 जुलाई को एक क्यूआर कोड भेजा गया, जिसमें तुरंत पैसों के भुगतान करने के लिए कहा गया था। पीड़िता ने उसी दिन क्यूआर कोड के माध्यम से 2000 रुपये चुका दिए। लेकिन उसी दिन शाम करीब 7 बजे पीड़िता की चाची को एक अज्ञात नंबर से उसकी मॉर्फ की गई नग्न तस्वीरें मिलीं। इसके बाद, उसके एक पुरुष मित्र को भी इसी तरह की तस्वीरें मिली। इससे लड़की डर गई और उसने अपने पिता को इस बारे में बताया, जिसके बाद दोनों ओशिवारा पुलिस का रुख किया। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    लोन एप की ठगी से कैसे बचें?

    • लोन लेने से पहले सभी नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
    • ब्याज दर, पेमेंट साइकल और पेनाल्टी आदि की जानकारी ले लें।
    • लोन ऐप्स केवल गूगल प्ले स्टोर या एपल ऐप प्लेस्टोर से ही डाउनलोड करें।
    • अनजान लिंक या वाट्सएप से आए डॉट एपीके फाइल्स से बचें।
    • ऐप्स को अनावश्यक अनुमतियां जैसे कॉन्टैक्ट्स, गैलरी या कैमरा) नहीं दें।
    • ठगी का शिकार बनने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।
    • लोन से संबंधित कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और स्क्रीनशॉट्स को सेव करके रखें।

    मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज साइबर अपराध जनवरी 2024 से मार्च 2025

    सालदर्ज केसहल केस धोखाधड़ी राशिजब्त राशि
    202450871253846.71 करोड़ रु82.49 करोड़ रु
    20251106188 279.83 करोड़ रु40.29 करोड़ रु

    झटपट लोन देने वाले ऐप्लिकेशन संचालक करते क्या है?

    लोन ऐप्स के जरिए पैसे देने वाली कंपनियां अक्सर अर्जदार की गोपनीय जानकारियां चुरा लेती है और उन्हीं के कॉन्टेक्ट डिटेल्स की मदद से धमकाया और परेशान किया जाता है। यहां तक की उनके रिश्तेदारों और परिवार वालों को लगातार कॉल कर परेशान किया जाता है। ऐसे में कर्जदारों के कॉन्टैक्ट्स नंबरों पर धमकी भरे मैसेज भेजने से सामाजिक अपमान का डर बढ़ जाता है। ब्लैकमेलिंग कर लोगों को इतना परेशान किया जाता है कि लोग आत्महत्या को ही अंतिम रास्ता मान लेते हैं।

    सरकार को ध्यान देने की जरुरत

    लोन ऐप्स की ब्लैकमेलिंग और उच्च ब्याज दरों के कारण कई लोग मानसिक रोगी बन जाते हैं। कुछ लोग तनाव में आत्महत्या तक कर लेते हैं। वहीं, मुंबई पुलिस के अनुसार, साइबर जागरूकता की कमी के कारण लोग अपनी समस्याएं खुलकर साझा नहीं करते, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग भी कम होने के कारण केस सामने आ नहीं पाता है। साइबर दक्ष में पुलिसकर्मियों की कमी भी है, जो साइबर अपराध को बढ़ाने में मदद करती है। इसलिए, साइबर डिटेक्टशन रेट दो से तीन फीसदी रही है, जबकि साइबर केस बढ़कर 243 फीसदी तक मुंबई जैसे शहर में पहुंच चुकी है। इस ओर सरकार और प्रशासन को ध्यान देने की जरुरत है।

  • मुंबई में अब WhatsApp के जरिए होगा ट्रेन की बुकिंग

    मुंबई में अब WhatsApp के जरिए होगा ट्रेन की बुकिंग

    ट्रेन में टिकट के लिए अब आपको लाईन में खड़े रहने की जरुरत नही होगी। अब आप अपने मोबाइल फोन पर WhatsApp एप्लीकेशन के भीतर ही एक क्लिक से ट्रेन की टिकट बुकिंग कर सकेंगे। रेलवे स्थानीय टिकट प्रणाली में सुधार लाने के प्रयास कर रहा है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    अब आम लोगों की सुविधा के लिए रेलवे बोर्ड नई टिकट बुकिंग प्रणाली लाने की तैयारी कर रहा है। मेट्रो में ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को मिल रहे लोकप्रियता को देखते हुए रेल प्रशासन ने फैसला किया है। इसके लिए निविदाएं मांगी गई है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    रेलवे ने क्या कहा?

    रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, रेलवे स्थानीय टिकट प्रणाली की सुविधा में सुधार लाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है और व्हाट्सएप जैसे चैट-आधारित ऐप के माध्यम से टिकट प्रणाली शुरू करने की संभावना तलाश रहा है। हाल ही में, इस मामले में रुचि रखने वाले संगठनों के साथ एक बैठक हुई। अधिकारियों ने बताया कि सभी विवरण तय होने के बाद निविदा प्रक्रिया का मूल्यांकन किया जाएगा। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    डिजिटल इंडिया की पहल

    डिजिटल इंडिया पहल के तहत, भारतीय रेलवे डिजिटल माध्यमों से टिकट प्रणाली में बदलाव लाने पर ज़ोर दे रहा है। इसके परिणामस्वरूप, यात्रियों को कैशलेस तेज़ टिकट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। देखा गया कि डिजिटल की ओर बदलाव होता जा रहा है। वर्तमान में, 25 प्रतिशत यात्री डिजिटल माध्यमों से टिकट बुक कर रहे हैं, और इसे अपनाने की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    WhatsApp का इस्तेमाल

    मौजूदा डिजिटल टिकटिंग सिस्टम के अलावा, रेलवे टिकट बुकिंग की सुविधा बढ़ाने के लिए चैट-आधारित टिकटिंग समाधान पर भी काम कर रहा है। मेट्रो में टिकट बुकिंग के लिए यात्री WhatsApp का इस्तेमाल ज़्यादा पसंद करते हैं। टिकट खिड़की पर क्यूआर कोड स्कैन करने पर एक चैट इंटरफ़ेस दिखाई देता है। “हाय” मैसेज भेजने पर आपको टिकट बुकिंग के विकल्प दिखाई देंगे और फिर भुगतान करके डिजिटल टिकट प्राप्त किए जा सकेंगे। 67 प्रतिशत मेट्रो किराया इसी तरह बुक किया जा रहा है।

    क्या हैं मुश्किलें?

    रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक कहा गया, कि व्हाट्सएप टिकटिंग सिस्टम के निर्माण के दौरान कई कारकों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यूटीएस के माध्यम से क्यूआर-आधारित टिकटिंग प्रणाली के वर्तमान दुरुपयोग को देखते हुए, इसी तरह की कमज़ोरियों से बचने के लिए नई प्रणाली विकसित करते समय सावधानी बरतनी होगी। हमारा लक्ष्य एक ऐसी प्रणाली बनाना है जो यात्रियों के लिए आसान हो। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

  • Mumbai BMC: अब शमशान और दफन भूमि की होगी ऑनलाइन बुकिंग

    Mumbai BMC: अब शमशान और दफन भूमि की होगी ऑनलाइन बुकिंग

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने दाह संस्कार और कब्रिस्तान में दफनाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। Mumbai BMC: Now crematorium and burial ground will be booked online

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने नागरिक सेवाओं में आधुनिकीकरण करते हुए, लोगों के शोकाकुल माहौल के दौरान होने वाली दिक्कतों और तनाव को कम करने के लिए एक ठोस कदम बढ़ा दिया है। इसके लिए बीएमसी ने एक नया ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, श्मशान प्रबंधन प्रणाली, लॉन्च कर दिया है। इस ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए अब नागरिक दाह संस्कार या दफ़नाने के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। शनिवार, 19 जुलाई से इसे आम नागरिकों के लिए लाइव कर दिया गया है। इसे बीएमसी की आधिकारिक वेबसाइट के ‘अप्लाई’ सेक्शन में जाकर इस्तेमाल किया जाएगा।

    कैसे होगी ऑनलाइन बुकिंग ?

    नागरिक बुकिंग के लिए (https://portal.mcgm.gov.in) पोर्टल पर जा सकते हैं। बीएमसी ने निवासियों से, विशेष रूप से आपात स्थिति में, इस नई प्रणाली का उपयोग करने का आग्रह किया है ताकि देरी से बचा जा सके और नगरपालिका के श्मशान घाट और कब्रिस्तानों में सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बीएमसी के एक उच्च अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया, कि श्मशान प्रबंधन प्रणाली का मुख्य उद्देश्य परिवारों के लिए भावनात्मक रूप से कठिन समय के दौरान भ्रम, प्रतीक्षा समय और गलत संचार को कम करना है। जनता और श्मशान कर्मचारियों के बीच पारदर्शिता और समन्वय स्थापित करके, बीएमसी शहर में अंतिम संस्कार सेवाओं की समग्र दक्षता में सुधार की उम्मीद करती है। Mumbai BMC: Now crematorium and burial ground will be booked online

  • Mumbai: अब गड्ढों की शिकायत नए एप्लीकेशन से करें, जाने पूरा प्रोसेस ..

    Mumbai: अब गड्ढों की शिकायत नए एप्लीकेशन से करें, जाने पूरा प्रोसेस ..

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुंबई शहर में गड्ढों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ‘पोथोल क्विकफिक्स’ नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है।

    मुंबई: शहर की सड़कों पर गड्ढों की शिकायतों और उनके त्वरित समाधान को कारगर बनाने के प्रयास में, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एक और मोबाइल एप्लिकेशन, पोथोल क्विकफिक्स के नाम से लॉन्च किया है। यह एप्लिकेशन जून के पहले सप्ताह में लॉन्च किया गया था और अब यह मुंबई के सभी नागरिकों के लिए प्ले स्टोर से डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। आप इसे यहां से एक क्लिक कर Download भी कर सकते हैं। Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    कारगर बनाने के प्रयास

    बीएमसी आम तौर पर सोशल मीडिया और स्थानीय वार्ड कार्यालय के नियंत्रण कक्षों के माध्यम से नागरिकों द्वारा दर्ज की गई गड्ढों की शिकायतों की निगरानी और निपटारा करता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में, बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों की शिकायतों पर निपटारे को कारगर बनाने के प्रयास में लगातार नए डिजिटल पोर्टल या मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करता आ रहा हैं।

    इसके पहले भी कई एप्लिकेशन किए लॉन्च

    2019 में, बीएमसी ने ‘माई बीएमसी पोथोल फिक्सिट’ नामक एक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया, जिसका उपयोग बृहन्मुंबई महानगर पालिका प्रशासन द्वारा 2024 के मानसून सीजन के दौरान गड्ढों के बारे में शिकायत दर्ज करने में सक्षम बनाने के लिए भी किया गया था। 2014 में सड़कों की निगरानी के लिए ‘एमसीजीएम 24X7’ मोबाइल एप्लिकेशन शुरू की गई थी और 2011 में गड्ढों की शिकायतों पर नागरिकों से जुड़ने के लिए ‘वॉयस ऑफ सिटिजन’ डिजिटल पोर्टल शुरू किया था। Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    फीडबैक पर बनी योजना

    मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी जानकारी देते हुए बताया, कि “पुराने मोबाइल एप्लिकेशन या डिजिटल पोर्टल कुछ समय बाद उतने कारगर साबित नही होते हैं, क्यों कि त्वरित रिस्पांस के लिए वर्तमान मुद्दों को ध्यान में रखकर एप्लिकेशन या पोर्टल का निर्माण किया जाता है। इसलिए उन्हें संबंधित मानसून के दौरान इस्तेमाल करने के बाद हटा दिया जाता है। हमने नागरिकों से उपयोगकर्ता के अनुकूल सुविधाओं के बारे में लगातार ऑनलाइन फीडबैक भी लिया गया है और इन्हें योजनाओं में शामिल किया गया है।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    एप्लिकेशन की खासियत

    अधिकारी ने कहा, कि “पोथोल क्विकफिक्स एप्लिकेशन पर शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिकों को केवल तीन से चार क्लिक की आवश्यकता होगी। पहले के एप्लिकेशन में, नागरिकों को अपनी शिकायतों के साथ अपलोड की गई तस्वीरों के लिए स्थान जोड़ना पड़ता था। इसके विपरीत, इस मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से, फोटो स्वचालित रूप से अक्षांश और देशांतर के साथ जियो-टैग हो जाएंगे, जिसमें ऐप में लॉग इन करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन का स्थान भी शामिल होगा।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    कैसे होगी शिकायतों पर निगरानी?

    शिकायतों को प्रत्येक चुनावी वार्ड में नियुक्त 227 माध्यमिक इंजीनियरों द्वारा ट्रैक किया जाएगा और चौबीसों घंटे उन पर नज़र रखी जाएगी। ऐप शिकायतों को बंद करने के लिए पूर्व निर्धारित समयसीमा के साथ खुले कार्यों का वर्कफ़्लो भी प्रदान करता है। नागरिक अपनी शिकायतों की स्थिति को ‘खुला’, ‘प्रगति में’ या ‘समाधान’ के रूप में ट्रैक कर सकेंगे। एक अन्य अधिकारी ने कहा, कि “कोई शिकायतकर्ता अगर जमीनी स्तर पर समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, तो इस एप्लीकेशन में  24 घंटे के भीतर शिकायत को फिर से खोल सकते हैं।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    पहले लॉन्च किए गए मोबाइल एप्लिकेशन

    • 2019 में माई बीएमसी पोथोल फिक्सिट
    • 2014 में एमसीजीएम 24X7
    • 2011 में नागरिकों की आवाज़
  • 1 जनवरी से नही चलेगा WhatsApp, Facebook और Instagram, देखें लिस्ट

    1 जनवरी से नही चलेगा WhatsApp, Facebook और Instagram, देखें लिस्ट

    1 जनवरी के बाद से Meta सिस्टम में सिक्यूरिटी फ्यूचर में सुरक्षा को लेकर 20 से भी ज्यादा Android स्मार्टफोन में WhatsApp, Facebook और Instagram की सुविधा बंद होने वाला है। कौनसे मोबाइल फोन पर इसका असर देखा जाएगा? इसपर हम आज चर्चा करने जा रहे हैं। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    टेक्नोलॉजी न्यूज़ डेस्क
    1 जनवरी 2025
    से कुछ एन्ड्रोएड स्मार्ट्फ़ोन्स में Meta सिस्टम काम करना बंद हो जाएगा। अब आप अपने पूराने Android Smartphones से न तो WhatsApp मैसेज भेज पाएंगे और न ही वाट्सऐप मैसेज रिसीव कर पाएंगे। कंपनी ने इन स्मार्टफोन के लिए सपोर्ट बंद करने का फैसला किया है। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    WhatsApp के पूरी दुनिया में 295 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं। Meta का इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म दुनिया में सबसे ज्यादा यूज किया जाता है। कंपनी इसके लिए लगातार नए फीचर्स और सिक्योरिटी अपडेट्स जारी करती रही है। जल्द ही, वाट्सऐप कई पुराने स्मार्टफोन में काम नहीं करेगी। अगर, आप भी इन स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको अपने फोन को अपग्रेड करने की जरूरत है। Meta का यह मैसेजिंग प्लेटफॉर्म 31 दिसंबर 2024 के बाद से करीब 20 से ज्यादा स्मार्टफोन में काम नहीं करेगा। आइए, जानते हैं इन स्मार्टफोन के बारे में… (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    1 जनवरी मैसेज होगा बंद

    1 जनवरी से यूजर्स इन स्मार्टफोन में न तो वाट्सऐप के जरिए मैसेज भेज सकेंगे और न हीं रिसीव कर पाएंगे। वाट्सऐप ज्यादातर पुराने Android स्मार्टफोन में काम नहीं करेगा। ये स्मार्टफोन आज से 10 साल पहले लॉन्च हुए थे। वाट्सऐप ने 2013 में लॉन्च हुए Android Kitkat और उसके पहले के एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम (Android Operating System) के लिए अपना सपोर्ट बंद करने का फैसला किया है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोन में 31 दिसंबर तक ही वाट्सऐप काम करेगा। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    इसे भी पढ़े- कांदिवली में रहस्यमयी शक्तियों के जरिए पैसों की बरसात

    Facebook और Instagram पर भी होगा असर

    वाट्सऐप के अलावा Meta के अन्य प्लेटफॉर्म्स जैसे कि Facebook और Instagram भी इन स्मार्टफोन में काम करना बंद कर देगा। मेटा ने यह फैसला डिवाइस की सिक्योरिटी को लेकर किया है। नई टेक्नोलॉजी आने के बाद पुरानी टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने की जरूरत होती है। पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम में जरूरी सिक्योरिटी कैपेबिलिटीज नहीं रहती है, जिसकी वजह से उन्हें हैक करना आसान हो जाता है। ऐसे में यूजर्स को नए स्मार्टफोन में अपग्रेड करने की जरूरत होगी। हालांकि, Android KitKat पर काम करने वाले स्मार्टफोन की संख्यां बेहद कम है। ऐसे में इसका असर ज्यादातर वाट्सऐप यूजर्स पर नहीं पड़ेगा। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    कौनसे स्मार्ट फोन में सपोर्ट नहीं करेंगे ?

    Meta सिस्टम अप्ग्रेडेशन के कारण कुछ पूराने मोडल के स्मार्ट फोन पर जो सुविधा बंद होने वाली है। उनकी लिस्ट नीचे दी जा रही है। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    • Samsung: Galaxy S3, Galaxy Note 2, Galaxy Ace 3, Galaxy S4 Mini
    • Motorola: Moto G (1st Gen), Razr HD, Moto E 2014
    • HTC: One X, One X+, Desire 500, Desire 601
    • LG: Optimus G, Nexus 4, G2 Mini, L90
    • Sony: Xperia Z, Xperia SP, Xperia T, Xperia V 
  • Understanding Smartphones Emergency SOS Via Satellite Feature

    Understanding Smartphones Emergency SOS Via Satellite Feature

    In today’s fast-paced world, staying connected during emergencies is crucial. Smartphones Emergency SOS Via Satellite feature is an innovative solution that ensures users can reach out for help even when conventional mobile signals fail. This blog delves into how this feature works, its implications, and the significance of satellite communication in emergency situations.

    What is Emergency SOS Via Satellite?

    The Emergency SOS Via Satellite feature is a groundbreaking technology that allows users to send distress signals via satellite communication. This is particularly useful in remote areas where mobile network coverage is limited or non-existent. By leveraging satellite technology, Samsung enables users to connect with emergency services directly, ensuring that help is on the way even when all else fails.

    How Does It Work?

    The functionality of the Emergency SOS Via Satellite feature involves several key components. Understanding these can help users appreciate the technology’s reliability and efficiency.

    Satellite Communication

    At its core, satellite communication allows devices to send and receive signals through satellites orbiting the Earth. When a user activates the Emergency SOS feature, their device connects to a satellite, which then forwards the distress signal to ground stations.

    GPS Integration

    GPS coordinates play a vital role in this process. When a user sends an emergency signal, their device transmits its GPS location to the satellite. This information is critical for emergency response teams, as it allows them to pinpoint the user’s exact location, facilitating a quicker response.

    Ground Stations and Mission Control Centers

    Once the satellite receives the distress signal and GPS coordinates, it relays this information to ground stations. These stations are equipped with mission control centers that monitor and manage emergency responses. The integration of these systems ensures that the user receives timely assistance.

    Emergency Response Process

    When an emergency signal is received, several steps are followed to ensure a swift response:

    1. Signal Reception: The ground station receives the distress signal and GPS coordinates from the satellite.
    2. Forwarding to Emergency Agencies: The information is then forwarded to emergency response agencies.
    3. Rescue Coordination: The agencies coordinate with rescue teams to dispatch help to the user’s location.

    Importance of Satellite Communication in Emergencies

    Satellite communication is a game-changer in emergency situations. Here are some reasons why it is essential:

    • Accessibility: Satellite communication can reach remote and rural areas where traditional networks fail.
    • Reliability: It is less susceptible to disruptions caused by natural disasters, making it a dependable option.
    • Real-Time Updates: Users can receive updates and instructions from emergency response teams, enhancing their safety.

    Future of Emergency Communication

    The advancements in satellite technology are paving the way for more robust emergency communication systems. As more devices incorporate features like Samsung’s Emergency SOS Via Satellite, the landscape of emergency response is set to improve significantly.

    Potential Developments

    Future developments may include:

    • Enhanced GPS accuracy for better location tracking.
    • Integration with other emergency services for comprehensive support.
    • User-friendly interfaces for quicker activation of emergency protocols.

    Conclusion

    Smartphones Emergency SOS Via Satellite feature represents a significant leap forward in emergency communication technology. By harnessing the power of satellite communication, users can feel secure knowing they can reach out for help, no matter where they are. As this technology continues to evolve, it will undoubtedly save lives and transform how we respond to emergencies.

  • पैन नंबर को आधार से लिंक करने की डेडलाइन बढ़ी

    पैन नंबर को आधार से लिंक करने की डेडलाइन बढ़ी

    सरकार ने समय बढ़ाते हुए पैन और आधार को लिंक करना अनिवार्य बताते हुए इसकों लेकर ऐलान कर दिया है। जोड़ने की प्रक्रिया भी आज हम आप को बता दे..

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (Central Board Of Direct Taxes, Government Of India) यानी सीबीडीटी ने एक बार फिर पैन नंबर (Pan Card Number) को ‘आधार’ (Aadhar Card) से लिंक करने की डेडलाइन बढ़ा दी गई है। अब इस समय सीमा को 30 जून 2023 तक बढ़ा दिया गया है। करदाताओं को आधार कार्ड को पैन कार्ड से जोड़ने के लिए थोड़ा और समय दिया है। अभी तक जिन लोगों ने पैन को आधार से लिंक (Aadhar Pan link) नहीं कराया है, वे 30 जून तक लिंक करा सकते हैं। सीबीडीटी ने पैन को आधार से लिंक करने की समय सीमा पांचवीं बार बढ़ा दी है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/03/28/the-cycle-of-caste-calculation-casteist-politics
    Indian fasttrack News

    पैन नंबर को आधार से लिंक की प्रक्रिया..

    आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139AA के अनुसार, जिनके पास आधार कार्ड और पैन कार्ड दोनों हैं, उनके लिए दो कार्डों को लिंक करना अनिवार्य है। अब इसकी अंतिम तारीख को बदलकर 30 जून कर दिया गया है। सीबीडीटी के मुताबिक आखिरी तारीख के बाद भी अगर आप ने पैन और आधार को लिंक नहीं किया, तो आपका पैन कार्ड काम नहीं करेगा और आप फाइनेंस से जुड़ा कोई भी काम नहीं कर पाएंगे। बैंक खाते से संबंधित लेन-देन भी नहीं हो पाएंगे। ऐसे में इस एक्सटेंशन से उन लोगों को राहत मिलेगी जिन्होंने अभी तक अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं करवाया है।

    पैन आधार लिंक,
    Pan Aadhar link

    ऑनलाइन कैसे जांचें?

    इनकम टैक्स विभाग की ऑफिशल वेबसाइट पर जाएं। आप यहां से भी क्लीक कर के वेबसाइट पर जा सकते हैं। (income tax India) यहां क्लीक करने के बाद लिंक आधार (link Aadhar) पर क्लीक करें। इसके बाद वैलिडेट बटन को क्लीक करें। अब आप का आधार कार्ड पैन कार्ड से लिंक हो गया है। इसके अलावा आप को बता दें, कि यदि दोनों कार्ड पहले से लिंक हैं, तो संदेश में “आपका पैन पहले से ही दिए गए आधार से जुड़ा हुआ है” दिखाई देगा।
    यदि आपका पैन और आधार कार्ड लिंक नहीं हैं, तो आपको एक संदेश दिखाई देगा कि पैन आधार से लिंक नहीं है।
    यदि लिंक प्रक्रिया में है, तो करदाता अपनी विंडो पर देखेगा कि आपका आधार-पैन लिंकिंग अनुरोध सत्यापन के लिए UIDAI को भेज दिया गया है। कृपया होम पेज पर ‘लिंक आधार स्थिति’ लिंक पर क्लिक करें और फिर स्थिति की जांच करें।

    एसएमएस के जरिए से लिंक कैसे करें ?

    आप को अधिक जानकारी के मुताबिक, बताते चलें, कि पैन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने के लिए आप मोबाइल की एसएमएस सेवा का भी उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए अपने आधार कार्ड से पंजीकृत (Registered Mobile Number) से UIDPAN<12 अंको का आधार कार्ड नंबर><10 अंकों का पैन कार्ड नंबर> 567678 या 56161 पर एसएमएस (SMS) भेज दें। इसके साथ ही आप को मोबाइल पर पुष्टिकरण एसएमएस प्राप्त हो जाएगा, कि आप का पैन आधार से लिंक हो गया है।

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