Iran crisis और global oil supply impact के बीच Modi Government ने घरेलू इस्तेमाल के लिए kerosene supply बढ़ाने का फैसला लिया। जानिए कौन-कौन से राज्यों में मिलेगा फायदा।
नई दिल्ली: दुनिया में बढ़ते Energy Crisis और ईरान से जुड़े तनाव के बीच नरेंद्र मोदी सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है।
मुंबई स्टाइल में बोले तो – “अब गैस की टेंशन थोड़ी कम होने वाली है भाई!”
रविवार को केंद्र सरकार ने ऐलान किया कि घरेलू जरूरतों के लिए kerosene distribution rules में ढील दी जाएगी, ताकि लोगों को खाना बनाने और रोशनी के लिए परेशानी न हो।
🌍 Middle East Crisis का सीधा असर
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान संकट के चलते global oil supply पर असर साफ दिख रहा है।
👉 सप्लाई चेन डिस्टर्ब 👉 fuel prices में उतार-चढ़ाव 👉 LPG availability पर दबाव
इसी को ध्यान में रखते हुए Ministry of Petroleum and Natural Gas ने kerosene supply बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है।
🛢️ क्या है सरकार का नया फैसला?
सरकार ने पेट्रोलियम से जुड़े safety और licensing rules में temporary relaxation दिया है।
👉 इसका मकसद:
आम लोगों को तुरंत राहत
fuel shortage से बचाव
rural और गरीब इलाकों में energy access बढ़ाना
📍 इन 21 राज्यों/UTs में मिलेगा फायदा
सरकार ने साफ किया है कि यह सुविधा देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी:
दिल्ली (NCT)
चंडीगढ़
हरियाणा
पंजाब
दादरा और नगर हवेली और दमन-दीव
पुडुचेरी
आंध्र प्रदेश
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
गोवा
गुजरात
उत्तराखंड
लक्षद्वीप
जम्मू-कश्मीर
लद्दाख
तेलंगाना
हिमाचल प्रदेश
नागालैंड
मध्य प्रदेश
सिक्किम
👉 यानी देश के बड़े हिस्से में अब kerosene आसानी से उपलब्ध होगा।
⛽ Petrol Pump से भी मिलेगा Kerosene
नई व्यवस्था के तहत अब: 👉 सरकारी तेल कंपनियां (Oil PSUs) 👉 Petrol Pumps और retail outlets
India में petrol diesel shortage की अफवाहों पर IOC, BPCL और HPCL का बड़ा बयान। Fuel supply पूरी तरह stable, panic buying से बचने की अपील। जानिए latest fuel price और पूरा अपडेट।
नई दिल्ली: भारत में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर चल रही अफवाहों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने बड़ा बयान जारी किया है। Indian Oil Corporation (IOC), Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited ने साफ कहा है कि देश में fuel shortage जैसी कोई स्थिति नहीं है।
⛽ कंपनियों ने अफवाहों को बताया गलत
IOC ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें “भ्रामक” हैं और इससे लोगों में बेवजह चिंता पैदा हो रही है। BPCL ने इन रिपोर्ट्स को “completely unfounded” बताया और कहा कि भारत के पास petrol, diesel, crude oil और ATF का पर्याप्त स्टॉक है। HPCL ने भी कहा कि petrol, diesel और LPG की सप्लाई पूरी तरह stable है।
🌍 West Asia तनाव के बीच भी सप्लाई मजबूत
यह बयान ऐसे समय आया है जब West Asia में युद्ध चौथे हफ्ते में है और Strait of Hormuz से गुजरने वाले oil tankers की आवाजाही सीमित हो गई है। इसके बावजूद भारत में fuel supply पर कोई असर नहीं पड़ा है।
🚫 Panic Buying से बचने की अपील
तेल कंपनियों ने लोगों से खास अपील की है कि वे panic buying न करें। कंपनियों के मुताबिक, ऐसी अफवाहें सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं और अनावश्यक दबाव बना सकती हैं।
💰 Fuel Prices में नहीं हुआ बड़ा बदलाव
26 मार्च के हिसाब से:
दिल्ली: Petrol ₹94.77 / Diesel ₹87.67
मुंबई: Petrol ₹103.50 / Diesel ₹90.03
Regular petrol और diesel की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
हालांकि, पिछले हफ्ते premium petrol की कीमत करीब ₹2 प्रति लीटर और industrial diesel की कीमत ₹22 प्रति लीटर बढ़ाई गई थी।
📊 Premium Fuel का असर बहुत कम
कंपनियों के अनुसार premium petrol का इस्तेमाल कुल उपभोक्ताओं के 5% से भी कम लोग करते हैं, इसलिए इसका आम जनता पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।
भारत 40 से ज्यादा देशों से crude oil खरीदता है, जिसमें Russia और Iran जैसे देश भी शामिल हैं। इसी diversified sourcing की वजह से supply stable बनी हुई है और कीमतों को नियंत्रित रखा जा सका है।
Mumbai में LPG shortage से Kandivali में लंबी कतारें, Malad में गैस सिलेंडर black marketing का खुलासा, Bengaluru में cylinder theft CCTV में कैद और Jhansi में 500+ सिलेंडर बरामद।
मुंबई: देशभर में चल रहे LPG crisis का असर अब मुंबई की सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। कांदिवली (Kandivali) के चर्कोप इलाके में लोग गैस सिलेंडर refill के लिए घंटों लाइन में खड़े हैं, वहीं मलाड (Malad) में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा हुआ है। इसी बीच बेंगलुरु (Bengaluru) में cylinder चोरी की घटनाएं CCTV में कैद हुई हैं और झांसी (Jhansi) में 500 से ज्यादा सिलेंडर बरामद किए गए हैं।
Kandivali में LPG के लिए लंबी कतारें
मुंबई के चर्कोप (Charkop) इलाके में residents खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आए।
West Asia conflict की वजह से सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे LPG shortage बढ़ गया है। इसका सीधा असर आम जनता और छोटे व्यवसायों पर पड़ रहा है।
Malad में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का भंडाफोड़
मुंबई के मलाड (Malad) इलाके में गैस की कमी का फायदा उठाकर एक गैंग द्वारा cylinder black marketing करने का मामला सामने आया है।
मलाड पुलिस को सूचना मिलते ही तुरंत छापा मारकर कार्रवाई की गई, जिसमें 13 लोगों के गिरोह को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 12 घरेलू और commercial गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। यह गैंग सिलेंडरों को दोगुनी कीमत पर बेच रहा था।
छोटे दुकानदारों और स्टॉल पर सबसे ज्यादा असर
LPG shortage का सबसे ज्यादा असर छोटे दुकानदारों पर पड़ा है।
वड़ा पाव और चाय के स्टॉल बंद होने लगे हैं
कई खाने-पीने की दुकानों पर ताले लग गए हैं
कुछ होटल मालिकों ने भी अस्थायी रूप से काम बंद कर दिया है
मुंबई में रोजमर्रा की जिंदगी पर इसका बड़ा असर देखने को मिल रहा है।
गैस बुकिंग के नए नियम से बढ़ी टेंशन
गैस वितरण के नियमों में भी बदलाव किया गया है:
शहरी इलाकों में 25 दिन में सिलेंडर
ग्रामीण इलाकों में 45 दिन में सिलेंडर
इन नियमों से लोगों में panic buying बढ़ी है, जिससे shortage और गहरा गया।
Bengaluru में Cylinder Theft CCTV में कैद
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) में cylinder चोरी के दो मामले सामने आए हैं।
कल्याण नगर (Kalyan Nagar) में एक व्यक्ति बाइक पर आकर सिलेंडर चुरा ले गया
चन्नपटना (Channapatna) में दो लोग स्कूटर पर सिलेंडर उठाकर फरार हो गए
VIDEO | Karnataka: Two cases of LPG cylinder theft reported in Bengaluru. CCTV visuals.
Karnataka सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Ban का प्रस्ताव रखा है। CM Siddaramaiah ने राज्य के ₹4,48,004 करोड़ के बजट में डिजिटल एडिक्शन, स्क्रीन टाइम और बच्चों की मानसिक सेहत को देखते हुए यह बड़ा कदम सुझाया है।
देश में Digital Addiction और Social Media Use को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच Karnataka सरकार ने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। राज्य सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Ban लागू करने की योजना पर विचार कर रही है।
यह प्रस्ताव Siddaramaiah ने शुक्रवार को राज्य का ₹4,48,004 करोड़ का बजट पेश करते समय रखा। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य बच्चों को Smartphone Addiction, Excessive Screen Time और Online Dependency से बचाना है।
Budget Speech में सामने आया Social Media Ban का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने राज्य का 17वां बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार बच्चों में बढ़ती Digital Addiction को लेकर गंभीर है।
सरकार का मानना है कि Social Media Platforms का अत्यधिक उपयोग बच्चों की पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर डाल रहा है।
इसी कारण 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Access पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।
Smartphone Addiction और Screen Time बना बड़ी चिंता
राज्य सरकार के अनुसार आजकल बच्चों में Smartphone Addiction, Online Gaming और Excessive Screen Time तेजी से बढ़ रहा है।
सरकार को चिंता है कि सोशल मीडिया और मोबाइल गेमिंग के कारण बच्चों की Mental Health, Academic Performance और Physical Fitness पर असर पड़ रहा है।
Vice-Chancellors Conclave में भी उठाया गया था मुद्दा
इससे पहले Bengaluru में आयोजित Vice-Chancellors (VC) Conclave के दौरान भी मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने इस मुद्दे को उठाया था।
उन्होंने वहां भी बच्चों में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को लेकर चिंता जताई और इस विषय पर विस्तृत चर्चा की जरूरत बताई थी।
MSRTC की Shivneri Bus Service अब पूरे महाराष्ट्र में विस्तार के लिए तैयार। 200 नई Volvo e-Buses, जिनमें 30 Sleeper Coach शामिल। Mumbai–Panjim, Mumbai–Bengaluru, Mumbai–Nagpur समेत कई रूट्स पर प्रीमियम सर्विस जल्द शुरू होगी। महिलाओं और Senior Citizens को मिलेगा 50% और Free Travel का फायदा।
मुंबई: मुंबईकरों के लिए बड़ी खबर है। Maharashtra State Road Transport Corporation यानी MSRTC की प्रीमियम Shivneri Bus Service अब सिर्फ Mumbai–Pune Expressway तक सीमित नहीं रहेगी। अब ये हाई-टेक और लग्जरी सफर पूरे महाराष्ट्र में देखने को मिलेगा।
कॉरपोरेशन ने 200 नई technologically advanced Volvo buses खरीदने की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनमें 30 Sleeper Coach भी शामिल होंगे।
🚌 200 नई Volvo e-Buses का मेगा प्लान
MSRTC का फोकस अब Statewide Expansion पर है। 200 नई Volvo बसें बेड़े में शामिल होने के बाद Shivneri को कई हाई-डिमांड इंटरसिटी रूट्स पर उतारा जाएगा।
इसका मकसद साफ है — पूरे महाराष्ट्र में एक जैसा Premium Standard Road Travel देना और Private Operators को कड़ी टक्कर देना।
🌙 Sleeper Shivneri: अब लंबी दूरी का सफर होगा बेड जैसा आरामदायक
200 बसों में से 30 होंगी Sleeper Coach।
इन “Sleeper Shivneri” बसों को खासतौर पर लंबी दूरी के रूट्स पर चलाया जाएगा, जहां अभी Non-AC Sleeper बसें चलती हैं। अब यात्रियों को मिलेगा:
Bed-Coach Comfort
Upgraded Safety Features
Modern Onboard Technology
AC Sleeper Experience
🛣️ इन बड़े रूट्स पर जल्द दौड़ेगी Shivneri
सबसे पहले Sleeper Shivneri इन रूट्स पर आ सकती है:
Mumbai–Panjim
Mumbai–Bengaluru
Mumbai–Nagpur
इसके अलावा अगले फेज में ये रूट्स शामिल किए जाएंगे:
Nashik–Pune
Nashik–Chhatrapati Sambhajinagar
Nashik–Jalgaon–Dhule
Pune–Kolhapur
Pune–Sangli
Pune–Solapur
Nagpur–Chandrapur
Nagpur–Amravati–Akola
इससे राज्य के बड़े Commercial, Educational और Administrative Centres के बीच कनेक्टिविटी काफी मजबूत होगी।
मुंबई में लोकल ट्रेनों की समयपालन बेहतर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने चार लंबी दूरी की ट्रेनों का टर्मिनल CSMT से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) शिफ्ट करने की मंजूरी दी है।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में सबसे व्यस्त कुर्ला–छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) रेल कॉरिडोर की भीड़ कम करने की दिशा में रेलवे बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। चार लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का टर्मिनल अब लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) किया जाएगा। इस बदलाव से लोकल ट्रेनों के लिए अतिरिक्त ट्रेन पाथ उपलब्ध होंगे और खासतौर पर पीक आवर्स में लोकल सेवाओं की समयपालन क्षमता बेहतर होने की उम्मीद है।
किन ट्रेनों का टर्मिनल बदला जाएगा
रेलवे बोर्ड ने जिन चार ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने की मंजूरी दी है, उनमें शामिल हैं:
22629 दादर–तिरुनेलवेली एक्सप्रेस
16331 CSMT–तिरुवनंतपुरम (TVC) एक्सप्रेस
16351 CSMT–नागरकोइल (ईस्ट) एक्सप्रेस
16339 CSMT–नागरकोइल (वेस्ट) एक्सप्रेस
इन ट्रेनों के CSMT तक आने-जाने से कुर्ला–CSMT सेक्शन पर दबाव बढ़ता था।
क्यों जरूरी था यह फैसला
रेलवे अधिकारियों के अनुसार कुर्ला–CSMT रूट मुंबई रेल नेटवर्क का सबसे ज्यादा सैचुरेटेड सेक्शन है। इसी रूट पर लंबी दूरी की ट्रेनें और लगातार चलने वाली लोकल ट्रेनें एक ही सीमित लाइन क्षमता साझा करती हैं। जब कोई मेल या एक्सप्रेस ट्रेन देरी से आती है, तो उसका सीधा असर लोकल ट्रेनों पर पड़ता है। कई बार लोकल को रोकना या धीमा करना पड़ता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।
लोकल ट्रेनों को क्या होगा फायदा
चार ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने से CSMT की ओर जाने वाली मेल-एक्सप्रेस मूवमेंट कम होगी। इससे:
लोकल ट्रेनों के लिए स्थिर और नियमित टाइम स्लॉट मिलेंगे
पीक आवर्स में ट्रेन रेगुलेशन कम करना पड़ेगा
देरी का “रिपल इफेक्ट” घटेगा
लोकल सेवाओं की पंक्चुअलिटी सुधरेगी
रेलवे का मानना है कि इससे बिना बड़े निर्माण कार्य के ही लोकल सिस्टम को राहत मिल सकेगी।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक मुंबई डिवीजन में लंबे समय से यह अध्ययन चल रहा था कि लंबी दूरी की ट्रेनों का बेहतर बंटवारा कैसे किया जाए। CSMT पर ज्यादा दबाव होने के कारण कुछ ट्रेनों को LTT जैसे बड़े टर्मिनल पर शिफ्ट कर ऑपरेशनल बैलेंस बनाया जा रहा है। इससे दोनों टर्मिनलों की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता का सही इस्तेमाल हो सकेगा।
कब से लागू होगा बदलाव
फिलहाल रेलवे ने केवल सैद्धांतिक मंजूरी दी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेबलिंग, क्रू लिंक, प्लेटफॉर्म आवंटन और यात्रियों की सूचना व्यवस्था जैसे ऑपरेशनल इंतजाम पूरे होने के बाद ही इसकी तारीख घोषित की जाएगी। यात्रियों को समय रहते संशोधित शेड्यूल और प्लेटफॉर्म की जानकारी दी जाएगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. कितनी ट्रेनों को LTT शिफ्ट किया जा रहा है? 👉 कुल 4 लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने की मंजूरी मिली है।
Q2. क्या इससे लोकल यात्रियों को फायदा होगा? 👉 हां, कुर्ला–CSMT रूट पर भीड़ कम होने से लोकल ट्रेनों की समयपालन बेहतर होगी।
Q3. बदलाव कब से लागू होगा? 👉 अभी तारीख घोषित नहीं हुई है, ऑपरेशनल तैयारी के बाद रेलवे इसकी घोषणा करेगा।
पंजाब के स्टार्टअप Nalwa Aero ने स्वदेशी eVTOL एयर टैक्सी विकसित की है। यह 2028 तक दिल्ली-एनसीआर में शुरू होने की दिशा में है, 10-12 मिनट में 3 घंटे का सफर पूरा कर सकती है।
नई दिल्ली: एनसीआर में 2028 से एयर टैक्सी सेवा शुरू हो सकती है। पंजाब के मोहाली स्थित स्टार्ट अप Nalwa Aero ने इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) एयर टैक्सी विकसित की है और Directorate General of Civil Aviation (DGCA) से डिजाइन ऑर्गनाइजेशन अप्रूवल (DOA) सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिया है। इन टैक्सियों से 3 घंटे के सफर को मात्र 10-12 मिनट में पूरा करना संभव होगा एवं शुरुआती किराया लगभग ₹500 रहने का अनुमान है।
विकास-परिदृश्य
Nalwa Aero के सीईओ Kuljeet Singh Sandhu के अनुसार, कोविड-19 के दौरान एक मित्र के मेडिकल इमरजेंसी के समय न एयर एम्बुलेंस थी न हेलीपैड। यही कारण बना कि उन्होंने ऐसी मशीन विकसित करने का विचार किया जो कहीं से कहीं वर्टिकल टेक-ऑफ कर सके।
तकनीकी विशेषताएँ
यह टैक्सी 8 रोटर सिस्टम से लैस है, यदि दो फेल भी हों तो सुरक्षित लैंडिंग संभव है।
क्रूज स्पीड लगभग 350 किमी/घंटा है, और बैटरी मॉडल में 300 किमी या 90 मिनट की उड़ान संभव है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल मॉडल में 800 किमी तक की रेंज की योजना है।
रनवे की जरूरत नहीं; इमारतों की छत या छोटे वर्टिपोर्ट से टेक-ऑफ और लैंडिंग संभव होगी।
Nalwa Aero ने बताया है कि शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सेवा होगी। उदाहरण-स्वरूप, Indira Gandhi International Airport (IGI) से आनंद विहार, नोएडा, गाजियाबाद या पानीपत तक सड़क से 1-3 घंटे लगते हैं, लेकिन एयर टैक्सी द्वारा यह सफर 10-12 मिनट में पूरा हो सकता है और शुरुआती किराया लगभग ₹500 प्रति व्यक्ति होगा।
चुनौतियाँ और आगे का रास्ता
हालाँकि DOA मिल चुका है, लेकिन व्यावसायिक उड़ान शुरू करने के लिए प्रकार प्रमाणन (type-certification), वर्टिपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, चार्जिंग नेटवर्क, वायु-यातायात प्रबंधन तथा परिचालन लागत जैसे कई बिंदुओं पर काम बाकि है।
भविष्य की दिशा
Nalwa Aero ने 2028 तक इस सेवा को लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली के बाद मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु जैसे बड़े मेट्रो शहरों में भी इसे लागू करने की योजना है।
FAQs
Q1. एयर टैक्सी सेवा कब शुरू हो सकती है? A1. Nalwa Aero ने 2028 तक व्यावसायिक सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
Q2. इस टैक्सी की उड़ान दूरी और गति क्या होगी? A2. बैटरी मॉडल में लगभग 300 किमी रेंज और 90 मिनट का उड़ान समय; क्रूज स्पीड लगभग 350 किमी/घंटा।
Q3. इसमें किराया कितना रहने का अनुमान है? A3. शुरुआती अनुमान के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में किराया लगभग ₹500 प्रति व्यक्ति हो सकता है।
Q4. यह सेवा सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में होगी या अन्य शहरों में भी? A4. शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर में लॉन्च की जाएगी, बाद में मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों में विस्तार की योजना है।
कैनरा बैंक ने 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है। ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए यह शानदार मौका है ₹15,000 मासिक स्टाइपेंड और बैंकिंग सेक्टर में करियर शुरू करने का। आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।
डिजिटल डेस्क मुंबई: अगर आप हाल ही में ग्रेजुएशन पूरी कर चुके हैं और बैंकिंग सेक्टर में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। Canara Bank ने पूरे भारत में 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है। यह मौका सिर्फ एक साल का अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम नहीं, बल्कि एक सुनहरा गेटवे है बैंकिंग सेक्टर में करियर की शुरुआत का।
प्रोफाइल 100% पूरी करें और एनरोलमेंट नंबर प्राप्त करें।
कैनरा बैंक की वेबसाइट पर जाएं – [canarabank.com → Careers → Recruitment]
“Engagement of Graduate Apprentices 2025” लिंक पर क्लिक करें।
“New Registration” पर जाकर बेसिक जानकारी भरें।
आवेदन फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज़ अपलोड करें।
₹500 फीस ऑनलाइन पे करें (General/OBC/EWS के लिए)।
फाइनल सबमिट कर आवेदन प्रिंट निकाल लें।
💵 आवेदन शुल्क (Application Fees)
कैटेगरी
फीस
SC/ST/PwBD
NIL
General/OBC/EWS
₹500/-
🤔 FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1️⃣ कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती 2025 के लिए आवेदन कब तक कर सकते हैं? 👉 आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।
2️⃣ इस भर्ती के लिए परीक्षा होगी या नहीं? 👉 नहीं, चयन मेरिट (12वीं/डिप्लोमा मार्क्स) के आधार पर होगा।
3️⃣ क्या अप्रेंटिस को परमानेंट नौकरी मिलेगी? 👉 यह एक साल का अप्रेंटिस प्रोग्राम है, लेकिन प्रदर्शन अच्छा होने पर भविष्य में स्थायी अवसरों की संभावना बढ़ सकती है।
4️⃣ स्टाइपेंड कितना मिलेगा? 👉 कुल ₹15,000 प्रति माह — जिसमें ₹10,500 बैंक और ₹4,500 सरकार की तरफ से मिलेगा।
5️⃣ कौन आवेदन नहीं कर सकता? 👉 जिनके पास पहले से एक साल से ज़्यादा का जॉब अनुभव है या जिन्होंने पहले अप्रेंटिसशिप की है, वे आवेदन नहीं कर सकते।
महाराष्ट्र सरकार ने फैक्ट्री और दुकानों में कामकाजी घंटों को 12 तक बढ़ाने की मंजूरी दी। कर्मचारियों को अब दोगुना ओवरटाइम और बेहतर सुरक्षा मिलेगी।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई:महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला। महाराष्ट्र कैबिनेट ने एक अहम श्रम सुधार (Labour Reform) को मंजूरी दी है। अब फैक्ट्रियों और दुकानों में कर्मचारियों की दैनिक कामकाजी समय सीमा 9 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है। इसके साथ ही कामगारों को ओवरटाइम के बदले दोगुना वेतन मिलेगा।
🏭 फैक्ट्री कर्मचारियों के लिए नए नियम
पहले फैक्ट्रियों में काम का समय 9 घंटे प्रतिदिन था, जिसे अब बढ़ाकर 12 घंटे किया गया है।
6 घंटे काम करने के बाद अनिवार्य ब्रेक मिलेगा (पहले 5 घंटे बाद ब्रेक था)।
क्वार्टर में ओवरटाइम सीमा 115 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है।
हर कर्मचारी की लिखित सहमति के बाद ही ओवरटाइम करवाया जा सकेगा।
🏢 दुकानों और प्रतिष्ठानों पर असर
दुकानों और प्रतिष्ठानों में काम करने वालों का समय 9 से बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन कर दिया गया है।
जिन दुकानों में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, वहां भी ओवरटाइम की सीमा अब 144 घंटे प्रति क्वार्टर होगी।
छोटे व्यापार (20 से कम कर्मचारी) को अब रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ साधारण सूचना देनी होगी।
🌍 निवेश और रोजगार पर असर
सरकार का कहना है कि इन सुधारों से Ease of Doing Business को बढ़ावा मिलेगा। इससे महाराष्ट्र में निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह फैसला कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा जैसे राज्यों की तरह है, जिन्होंने पहले ही ऐसे बदलाव किए हैं।
श्रम विभाग का कहना है कि इन सुधारों से महिला कर्मचारियों को भी लाभ होगा। क्योंकि अब उनके लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा मौजूद होगा और ओवरटाइम का भुगतान सुरक्षित रूप से मिलेगा।
🛡️ सुरक्षा और अधिकार सुरक्षित
सरकार ने साफ किया है कि इन बदलावों से सुरक्षा मानकों में कोई कमी नहीं की जाएगी। बल्कि अब जब भी कर्मचारी अतिरिक्त समय तक काम करेंगे, तो उन्हें लिखित सहमति + दोगुना वेतन मिलना अनिवार्य होगा।
🗣️ सरकार का बयान
“महाराष्ट्र की निवेश क्षमता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बदलाव ज़रूरी है। यह सुधार उद्योगों और कामगारों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे,” – महाराष्ट्र सरकार के प्रवक्ता।
दुनिया की निगाहों में भारत की गवाही और भारत के बीच हुए लगातार आतंकी हमलों पर विदेश नीति और संसद में खड़े होकर छपरी और टपरी जैसे भाषण कि “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” और पाकिस्तानी हमले पर ट्रम्प का सीजफायर। भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत ही नहीं दे पा रहा।
डिजिटल डेस्क नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र चल रहा। बिहार में वोट काटने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा। रोहिंग्या बांग्लादेश और नेपाली के नाम पर लाखों नाम काट डाले गए। blo लोगों के घर जाकर सत्यापन करने की जगह ऑफिस में बैठकर फॉर्म में नाम लिखकर खुद ही वोटर के हस्ताक्षर कर रहे। विपक्षी उनके वोटरों के नाम काटने के आरोप लगाए। पत्रकार अजीत अंजुम ने मोबाइल द्वारा चुनाव आयोग के खेल को सबूत सहित सार्वजनिक किया तो उनपर एफआईआर कर दी गई यानी सच दिखाने का दंड दिया गया।
लोकतंत्र का हिस्सा
संसद में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा में सत्ता विपक्ष में वाक्युद्ध चल ही रहा था, कि सीजफायर की भी बात हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 25 बार कहे गये वक्तव्य, कि “हमने ट्रेड की धमकी देकर युद्ध रुकवा दी।” पर विपक्ष ने हमला बोला। यही जीवंत लोकतंत्र है। ट्रंप ने खुद अपने एक्स हैंडल पर शाम 5.35 पर सीजफायर की घोषणा की। भारत की तरफ से नहीं। संसद में सत्ता ने उत्तर नहीं दिया। विपक्ष मांग करता रहा कि पीएम आकर कहें कि ट्रंप ने वॉर नहीं रुकवाई। रक्षामंत्री ने कहा पीओके लेना हमारा मकसद नहीं फिर भाजपा ने बार बार कांग्रेस और नेहरू पर आरोप क्यों लगाए?
संसद में होती है गुंडो की भाषा
पहलगाम में कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकी आए और धर्म पूछकर मारा जिसके प्रमाण नहीं। संसद के मानसून सत्र के समय ही सेना ने घोषित किया कि मुठभेड़ में सारे आतंकी मारे गए। इससे पूर्व जिन कथित आतंकियों के स्क्रेच जारी किए गए गवाह ने उसे गलत कहा। अहम बात यह कि सत्ता के दंभ में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” क्या ऐसे स्पीकर और राज्यसभा के सभापति सदन की मर्यादा बचाने की कोशिश करेंगे? “मुझसे निपट लो।” क्यों भाई पीएम हो क्या? ऐसी भाषा किसी गली का गुंडा या फिर माफिया ही बोल सकता है। लेकिन विपक्ष को टोकने वाले सत्ता की असंसदीय भाषा की अनसुनी करते हुए पद की गरिमा खो चुके हैं।
मोदी सरकार वर्तमान में अपने से संबंधित बात पर चर्चा करने से भागती है। मोदी दिल्ली में ही है लेकिन सदन में आ नहीं सकते। ऐसा मणिपुर मामले में किया था। अंतिम समय में आए भी तो क्या कुछ कहा दुनिया जानती है। प्रधानमंत्री होने के नाते कभी मणिपुर गए ही नहीं। इसी तरह उरी, पठानकोट, पुलवामा और पहलगाम भी नहीं गए। यह सही है कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। 27 भारतीयों को जान गंवानी पड़ी। विपक्ष सवाल पूछता रहा, सवा सौ किलोमीटर दूर पाकिस्तानी आतंकवादी कैसे आए? लोगों से कथित रूप से धर्म पूछा। पेंट खुलवाकर देखा कौन सा धर्म है। बीजेपी के मंत्रियों में तनिक भी विधवा हुई महिलाओं के प्रति सम्मान भाव नहीं देखा गया। बड़ी बेशर्मी से कहा गया, महिलाओं में वीरांगना भाव नहीं था। एक ने तो कर्नल सोफिया के लिए आतंकवादियों की बहन तक कह दिया। यही है इनका सेना के प्रति सम्मान भाव।
कांग्रेस पर सवाल उठाने का नतीजा
अब सेशन में ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल जवाब हो रहे हैं। इसी बीच उन दरिंदे आतंकवादियों को सेना द्वारा मुठभेड़ में मारे जाने की बात कही गई। यहां टाइमिंग का सवाल जरूर उठता है। विपक्ष के प्रधान की पुलवामा में उपयुक्त आरडीएक्स कहां से आया सत्ता के पास कोई उत्तर है ही नहीं। कांग्रेस फोबिया से पीड़ित बीजेपी सरकार ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया। मुंबई आतंकी हमले का आरोप लगाकर अपने आरोप ढकने और जायज़ ठहराने की नाकाम कोशिश की। जिस पर प्रियंका गांधी ने आड़े हाथों लेते हुए जवाब दिया। मुंबई हमले के सारे आतंकियों को भून दिया गया। एक जीवित आतंकी कसाब को पकड़कर फांसी दी गई। जिसे दुनिया ने देखा और भारत के साथ पूरी दुनिया खड़ी दिखाई दी। आतंकवाद की सर्वत्र आलोचना की गई।
यही नहीं कांग्रेस में दायित्वबोध जवाबदेही होने के कारण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और गृहमंत्री ने खुद को दोषी समझकर इस्तीफा दे दिया। लेकिन यह भूल गई प्रियंका कि बीजेपी में दायित्व बोध जवाबदेही और इस्तीफा देने की समझ है ही नही। अगर नैतिकता होती तो मणिपुर मामले में इस्तीफा दिया गया होता। उरी, पठानकोट और पुलवामा की असफलता पर इस्तीफे की झड़ी लग गई होती। प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन से इस्तीफा मांगने वाले क्यों नहीं अपने गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने की मांग करते?
सरकार ने दिया सेना को धोखा
इस्तीफा तो विदेश मंत्री को भी देना चाहिए था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के पूर्व पाकिस्तान को सूचना दे दी, जिससे हमारे विमान मार गिराए गए। पीएम मोदी से इस गलत बयानी और प्रचार पर इस्तीफा मांगते कि उन्होंने दावा किया था सेना को खुली छूट दी है समय और स्थान सेना तय करे जबकि फौजी अधिकारियों ने बार बार मोदी के दावे की पोल खोली है। यही नहीं एयर मार्शल भी कह चुके हैं कि “जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो वादा क्यों करते हो?”
आज तक सत्ता का कोई भी उन मारे गए पर्यटकों के घर जाने की जरूरत नहीं समझी जब कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जाकर उनके जख्मों पर मरहम लगा चुके हैं। राहुल गांधी की राजनीति सर्व ग्राही है। इसीलिए वे मणिपुर जाकर पीड़ितों के ज़ख्म सहला चुके हैं उनके विपरीत पीएम मोदी शहीदों के नाम पर वोट ही नहीं मांगे बल्कि कानून नियम के विरुद्ध सेना की वर्दी पहनकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय लेते हुए अपनी फोटो डालकर पोस्टर चिपकवा चुके हैं। पाकिस्तान के दो टुकड़े करने और 95 हजार सैनिकों के आत्मसमर्पण की सफलता का श्रेय लेने की कोशिश इंदिरा गांधी ने कभी भी नहीं की।
टैक्स का बोझ सुविधा के नाम पर भ्रष्टाचार
दरअसल हिंदू-मुस्लिम कर चुनाव आयोग द्वारा छल कपट और गलत काम कराकर चुनाव जीतना ही मोदी का एकमात्र लक्ष्य है। फर्जी वोटर बढ़वाकर हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली चुनाव जीतने के बाद बिहार में वोटरों को बाहर करने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा है। मोदी सरकार अपने 11 साल के शासन में किए गए कार्य पर वोट मांगने की हिम्मत कर ही नहीं सकते। क्योंकि किसान, मजदूर, युवाओं, छात्रों, गृहिणियों के जीवन को दूभर बना दिया है। टैक्स का इतना भार दुनिया के किसी भी देश में नहीं है। सुविधा के नाम पर सर्वत्र भ्रष्टाचार ही हुआ है।
सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे ताकि गरीबों के बच्चे पढ़ न सकें। परीक्षा में अनियमितता के विरोध में छात्र हितों के खातिर जब शिक्षक दिल्ली में रैली कर रहे थे तब पुलिस द्वारा शिक्षकों को घसीट कर बस में जबरन बिठाकर दूर ले जाकर छोड़ा गया। इस कार्य में दिल्ली पुलिस सिद्धहस्त है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी से न्याय मांगने महिला पहलवान जब दिल्ली के जंतर मंतर पर रैली निकाले हुए धरने पर बैठी थी तब भी अमित शाह के आदेश पर उन्हें घसीटा और बसों में जबरन लादकर दूर ले जाकर छोड़ा गया था।
विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने दावा?
दिल्ली पुलिस वही है जो हाईकोर्ट के जस्टिस वर्मा के घर आग लगने से जली झुलसी नोटो की गाड़ियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं कर सकी। जांच करना तो बड़ी दूर की बात, जिस राष्ट्र में शिक्षकों को अपमानित किया जाए। उन्हें घसीटकर बसों में ठूंसा जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर चालीस पचास लाख रुपयों में बेचा जाए। सड़कें पहली ही बरसात में बहने लगें। पुल बनते समय या उदघाटन के पहले ही जल समाधि लेने लगें। ये सारे करतूतें भ्रष्टाचार सामने दिखता ही नहीं बल्कि चीख-चीख कर बोलता भी है। उस देश को वहां की सरकार जो विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने का दावा करे, जहां की अस्सी करोड़ जनता को गरीबी रेखा से नीचे रखने का षडयंत्र रचा जाए, क्या कहा जा सकता है?
ऐसी विदेशनीति को क्या कहा जाए कि अरबों रुपए जनता के पैसे फूंककर विश्व की यात्रा की जाए। लेकिन पाकिस्तान युद्ध के समय दुनिया का एक भी देश खुलकर भारत के साथ नहीं आए। अमेरिका का राष्ट्रपति धमकी देता रहे। राष्ट्र को अपमानित करता रहे लेकिन सत्ता में हिम्मत नहीं जो कह सके ट्रंप झूठ बोल रहा है। उसी ट्रंप ने रूस से तेल खरीदना बंद करा दे जबकि हमारा पड़ोसी चीन अमेरिका के आंखों में आँखें डालकर जवाब देता हो। सबसे विश्वसनीय देश रूस को भी दूर कर दे ऐसी विदेशनीति जो अमेरिका की गोद में बैठी हो क्या कहा जाएगा?
दुनिया की निगाहों में भारत?
भारत ने डेलिगेशन भेजे बताने के लिए कि पाकिस्तान ने पहलगाम में आतंकी हमला करके 27 बेकसूरों को गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके लिए जीरो टॉलरेंस अपनाकर हमने पाकिस्तानी आतंकवादियों के अड्डों पर सीमित हमले कर सौ आतंकियों को मार गिराया। लेकिन कोई राष्ट्र यकीन नहीं कर रहा। क्योंकि हमारे पास कोई सबूत नहीं जैसा कि मणिशंकर ने कहा है जिसका अर्थ दुनिया समझती है भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत नहीं दे पा रहा। मुंबई हमले में कसाब को जिंदा सबूत दिखाया गया था। यानी पाकिस्तानी आतंकवाद की गुहार कोई सुनने के लिए तैयार नहीं उलटे ट्रंप हम पर 25% टैरिफ और रूस से तेल खरीदने पर 100% पेनल्टी लगाने की घोषणा कर दी। संसद में भले दावा किया गया हो कि पाकिस्तानी आतंकियों को सेना ने मार गिराया है। दुनिया की निगाहों में भारत झूठ बोल रहा।