Category: Public Safety

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  • मालाड में दर्दनाक हादसा: सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई स्कूटर, दो किशोरों की मौत

    मालाड में दर्दनाक हादसा: सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई स्कूटर, दो किशोरों की मौत

    मुंबई के मालाड वेस्ट में देर रात एक खड़े ट्रेलर ट्रक से स्कूटर टकराने पर 18 और 17 साल के दो दोस्तों की मौत हो गई। पुलिस ने लापरवाही से ट्रक पार्क करने के मामले में केस दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एवरशाइन नगर में धीरज कीर्ति रोड पर सड़क किनारे खतरनाक तरीके से खड़े ट्रेलर ट्रक से स्कूटर टकरा गई, जिसमें दो किशोर दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🚨 मालाड वेस्ट में कैसे हुआ हादसा?

    यह हादसा बुधवार रात करीब 10:09 बजे हुआ।
    स्थान था – धीरज कीर्ति रोड, रियान इंटरनेशनल स्कूल के पास, एवरशाइन नगर, मालाड वेस्ट।

    पुलिस के मुताबिक,

    • मृतक रिज इरविन डिसूजा (18) और केलियन एलिसिया फर्नांडिस (17)
    • दोनों TVS Jupiter स्कूटर से धीरज कीर्ति रोड की तरफ जा रहे थे
    • तभी उनकी स्कूटर सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई

    🚑 मौके का मंजर और अस्पताल तक की जद्दोजहद

    हादसे के बाद हालात बेहद गंभीर थे।

    • स्कूटर ट्रक के पिछले दाहिने पहिए के नीचे फंस गई
    • दोनों युवक-युवती सड़क पर बेहोश और खून से लथपथ पड़े थे

    स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत एवरशाइन नर्सिंग होम ले जाया गया,
    जहां डॉक्टरों ने पल्स न मिलने की पुष्टि की और उन्हें BMC अस्पताल ले जाने की सलाह दी।

    इसके बाद निजी एंबुलेंस से दोनों को
    ट्रॉमा केयर अस्पताल, जोगेश्वरी ईस्ट ले जाया गया,
    जहां रात 11:50 बजे डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया

    👮 पुलिस का बयान और कार्रवाई

    बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रविंद्र आव्हाड ने बताया:

    “ट्रेलर ट्रक को बेहद लापरवाही से सड़क पर खड़ा किया गया था, जिससे ट्रैफिक बाधित हो रहा था और जान का खतरा बना हुआ था।”

    पुलिस ने

    • ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है
    • यह जांच की जा रही है कि ट्रक बिना इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर के क्यों खड़ा था।

    🏠 मृतकों की पहचान

    • केलियन एलिसिया फर्नांडिस (17)
      निवासी: लिंक रोड, मिठ चौकी, मालाड वेस्ट
    • रिज इरविन डिसूजा (18)
      निवासी: सुंदर लेन, ओरलेम, मालाड

    दोनों अच्छे दोस्त थे और साथ में स्कूटर से जा रहे थे।

    ⚠️ मुंबई में हादसों का खतरनाक हफ्ता

    बीते एक हफ्ते में मुंबई और आसपास के इलाकों में लगातार जानलेवा हादसे सामने आए हैं:

    🔹 रविवार

    मिरा रोड के रहने वाले

    • ज़हीर अमलानी (28)
    • इरशाद हुसैन
      की दहिसर मेट्रो स्टेशन के पास हिट एंड रन में मौत

    🔹 सोमवार

    सुधीर फडके ब्रिज पर

    • जेनिल ठुमर (19)
    • मेहक निर्मान (19)
      कॉलेज से घर लौटते वक्त हादसे का शिकार हुए

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. हादसा कहां हुआ था?
    👉 मालाड वेस्ट के ईवर्शाइन नगर, धीरज कीर्ति रोड पर।

    Q2. मृतकों की उम्र क्या थी?
    👉 एक की उम्र 18 साल और दूसरी की 17 साल थी।

    Q3. पुलिस ने किस पर केस दर्ज किया है?
    👉 सड़क पर लापरवाही से ट्रेलर खड़ा करने वाले ट्रक चालक पर।

    Q4. क्या ट्रक चल रहा था?
    👉 नहीं, ट्रक सड़क किनारे खड़ा था, जिसे पुलिस ने खतरनाक बताया है।

  • गोरगांव में दहशत: 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाला आवारा कुत्ता अब तक पकड़ से बाहर

    गोरगांव में दहशत: 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाला आवारा कुत्ता अब तक पकड़ से बाहर

    मुंबई के गोरगांव पश्चिम में 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाले संदिग्ध आवारा कुत्ते से इलाके में डर का माहौल है। BMC अब तक कुत्ते को पकड़ने में नाकाम रही है।

    मुंबई: गोरगांव पश्चिम इलाके में इन दिनों डर और बेचैनी का माहौल है। वजह है एक आवारा कुत्ता, जिसने महज 24 घंटों में 16 लोगों को काट लिया, लेकिन इसके बावजूद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) अब तक उसे पकड़ नहीं पाई है। शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद से स्थानीय निवासी अपने घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।

    इलाके के लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं है, बल्कि वे कई बार BMC से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।

    🐕 “एक नहीं, कई कुत्ते हैं, लेकिन एक बेहद खतरनाक है”

    स्थानीय निवासी अमृता गांगुली के मुताबिक,
    “यह सिर्फ एक कुत्ता नहीं बल्कि कुत्तों का एक झुंड है जो लोगों को परेशान कर रहा है। लेकिन एक खास भूरे-टैन रंग का कुत्ता है, जो बेहद आक्रामक है। हमें शक है कि उसे रेबीज़ हो सकता है।”

    उनका कहना है कि कुत्ता अचानक हमला करता है, बिना किसी उकसावे के राह चलते लोगों पर झपटता है।

    📍 स्कूलों और कॉलेज के पास मंडराता खतरा

    निवासियों के अनुसार, यह कुत्ता लगातार जगह बदल रहा है, जिससे उसे पकड़ना और मुश्किल हो गया है।
    शुरुआत में उसे रेडवुड हाई स्कूल और आदर्श विद्यालय, सिद्धार्थ नगर के आसपास देखा गया, जहां वह बच्चों और राहगीरों पर भौंकते हुए झपटता था।

    इसके बाद कुत्ता विवेक कॉलेज के पास भी नजर आया।

    त्रिना चक्रवर्ती, जो इलाके में रहती हैं, कहती हैं—
    “मेरी बेटी का शनिवार को स्कूल में एक कार्यक्रम था, लेकिन लगातार हमलों की खबरों के बाद मैंने उसे स्कूल नहीं भेजा। बच्चों के लिए यह इलाका बिल्कुल सुरक्षित नहीं रह गया है।”

    🚨 अब शास्त्री नगर की ओर बढ़ा कुत्ता?

    निवासियों का दावा है कि कुत्ता अब शास्त्री नगर की ओर बढ़ चुका है।
    व्हाट्सएप ग्रुप्स पर संदेश फैल रहे हैं कि वही भूरे रंग का कुत्ता नए इलाके में देखा गया है।

    गांगुली बताती हैं—
    “डर का माहौल ऐसा है कि हम घर से निकलने से पहले दस बार सोचते हैं। सिर्फ बच्चे ही नहीं, वरिष्ठ नागरिक भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”


    🏛️ BMC की कार्रवाई पर सवाल

    हालांकि BMC अधिकारियों ने हाल ही में इलाके से कुछ आवारा कुत्तों को पकड़ा है, लेकिन अब तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि वही कुत्ता पकड़ा गया है जिसने 16 लोगों पर हमला किया था।

    इससे लोगों का गुस्सा और डर दोनों बढ़ता जा रहा है।


    ⚖️ सुप्रीम कोर्ट का आदेश और जमीनी हकीकत

    नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि

    स्कूलों, रेलवे स्टेशनों और घनी आबादी वाले इलाकों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पाए जाने वाले आवारा कुत्तों को हटाकर, उनका नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास किया जाए।

    लेकिन गोरगांव वेस्ट के हालात देखकर स्थानीय लोगों का कहना है कि आदेश कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है।


    😟 डर के साये में जिंदगी

    लगातार हमलों के बाद कई लोग सुबह की सैर, बच्चों का स्कूल जाना और बुजुर्गों का बाहर निकलना टाल रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि BMC तुरंत इस कुत्ते को पकड़े और इलाके में सुरक्षा सुनिश्चित करे।


    ❓ FAQ Section

    Q1. गोरगांव वेस्ट में कितने लोगों को कुत्ते ने काटा?
    ➡️ 24 घंटे में कुल 16 लोगों को काटा गया।

    Q2. क्या कुत्ते को पकड़ लिया गया है?
    ➡️ नहीं, BMC अब तक उस खास कुत्ते को पकड़ने में नाकाम रही है।

    Q3. कौन-कौन से इलाके प्रभावित हैं?
    ➡️ सिद्धार्थ नगर, रेडवुड हाई स्कूल, विवेक कॉलेज और शास्त्री नगर।

    Q4. सुप्रीम कोर्ट का इस पर क्या निर्देश है?
    ➡️ संवेदनशील इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाकर नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास।

  • 40 वर्षीय मरीज की मौत, शताब्दी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    40 वर्षीय मरीज की मौत, शताब्दी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    कांदिवली शताब्दी अस्पताल में समय पर उपचार न मिलने से 40 वर्षीय मरीज की मौत का आरोप। परिवार का आरोप—वरिष्ठ डॉक्टर नहीं थे, इसलिए दूसरे अस्पताल भेजा गया। BMC अस्पताल प्रशासन का दावा—मरीज स्थिर था और अन्य गंभीर बीमारी की आशंका।

    मुंबई: कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में एक 40 वर्षीय मरीज की मौत के बाद परिजन भड़क गए। उनका आरोप है कि सोमवार रात पित्ताशय (गॉलब्लैडर) के दर्द के साथ भर्ती किए गए मरीज को समय पर उचित उपचार नहीं मिला और डॉक्टरों ने “वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं” कहकर दूसरे अस्पताल भेज दिया। कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद मंगलवार सुबह मरीज की मौत हो गई।

    रजनीकांत यादव (40) को सोमवार रात तेज पेट दर्द के बाद शताब्दी अस्पताल लाया गया, जहां आपातकालीन विभाग में केवल प्राथमिक इलाज करके उन्हें कूपर, KEM या नायर अस्पताल जाने की सलाह दी गई। परिवार उन्हें पहले प्राइवेट अस्पताल ले गया, फिर हालत बिगड़ने पर बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर में भर्ती किया, लेकिन सुबह उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अगर शताब्दी अस्पताल ने समय पर और सही इलाज किया होता तो मरीज की जान बच सकती थी।

    🟥 मरीज को शताब्दी में लाया गया, पर वरिष्ठ डॉक्टर नहीं मिले

    जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात लगभग 8:30 बजे रजनीकांत यादव को तेज पेट दर्द के कारण शताब्दी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में लाया गया।

    • ड्यूटी डॉक्टर ने प्राथमिक जांच की
    • बताया कि वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद नहीं हैं
    • और मरीज को “उच्च स्तरीय उपचार” के लिए कूपर, KEM या नायर अस्पताल ले जाने को कहा

    परिवार ने डॉक्टरों से बार-बार विनती की कि मरीज की हालत खराब है, लेकिन उन्हें आगे का इलाज नहीं दिया गया।

    🟥 निजी अस्पताल और ट्रॉमा केयर के चक्कर में बिगड़ी तबीयत, हुई मौत

    वरिष्ठ डॉक्टर नहीं मिलने पर मरीज को परिजन मजबूरी में निजी अस्पताल ले गए।
    लेकिन—

    • रात में हालत अचानक बिगड़ गई
    • उन्हें बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर ले जाया गया
    • जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई

    परिवार का आरोप—
    “अगर शताब्दी में समय पर इलाज मिला होता तो वह बच जाते।”

    🟥 नातेवाईकों का आक्रोश—एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकाते रहे

    परिजनों का कहना है—
    “रात भर हम लोग अस्पताल दर अस्पताल भटकते रहे। शताब्दी के डॉक्टरों ने सही से इलाज नहीं किया और सीधे रेफर कर दिया। अगर तुरंत ट्रीटमेंट शुरू होता तो ऐसा नहीं होता।”

    🟥 अस्पताल प्रशासन का दावा—मरीज स्थिर था, गंभीर बीमारी की आशंका

    शताब्दी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय गुप्ता ने परिजनों के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा—

    • मरीज के पास पहले से ही कुछ जांच रिपोर्ट थीं
    • इसलिए टेस्ट में समय नहीं लगाया
    • प्राथमिक इलाज दिया गया
    • DNB परीक्षा होने के कारण वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे
    • मरीज स्थिर था इसलिए “हायर सेंटर” की सलाह दी गई

    डॉ. गुप्ता का दावा—
    “सिर्फ पित्ताशय के दर्द से मौत नहीं हो सकती। उन्हें कोई अन्य गंभीर बीमारी रही होगी।”


    FAQ

    1. मरीज को किस बीमारी की शिकायत थी?

    उन्हें पित्ताशय (गॉलब्लैडर) के दर्द की शिकायत थी।

    2. मौत किस अस्पताल में हुई?

    बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल में।

    3. परिजनों का आरोप क्या है?

    कि शताब्दी अस्पताल ने समय पर इलाज नहीं दिया और दूसरे अस्पताल भेज दिया।

    4. अस्पताल प्रशासन क्या कहता है?

    मरीज स्थिर था और घबराने जैसी स्थिति नहीं थी। मौत की वजह कोई अन्य गंभीर बीमारी हो सकती है।

    5. क्या वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद थे?

    नहीं। DNB परीक्षा चलने के कारण वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे।

  • अंधेरी MIDC में केमिकल लीकेज से युवक की मौत, दो ICU में भर्ती

    अंधेरी MIDC में केमिकल लीकेज से युवक की मौत, दो ICU में भर्ती

    मुंबई के अंधेरी MIDC के भंगारवाड़ी इलाके में केमिकल लीकेज हादसे में 21 साल के अहमद हुसैन की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल होकर ICU में भर्ती हैं। सोडियम सल्फाइड के अधिक मिश्रण से जहरीली गैस बनने के बाद दम घुटने से हादसा हुआ। MFB और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और NDRF अलर्ट पर है।

    मुंबई: अंधेरी (पूर्व) के MIDC क्षेत्र के भंगारवाड़ी में शनिवार दोपहर केमिकल लीकेज की घटना में 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पानी में सोडियम सल्फाइड की अधिक मात्रा मिलाने से जहरीले धुएं बने, जिनके संपर्क में आने से तीनों बेहोश हो गए। घायल दोनों को हॉली स्पिरिट अस्पताल में ICU में भर्ती किया गया है। दमकल विभाग और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं, जबकि NDRF को अलर्ट पर रखा गया है।

    A-young-man-died-due-to-chemical-leakage-in-Andheri-MIDC-two-admitted-in-ICU-1

    🔹 हादसा कैसे हुआ — रसायन के गलत मिश्रण से निकले जहरीले धुएं

    पुलिस के अनुसार घटना 22 नवंबर को लगभग 2:30 बजे हुई।
    अंधेरी पूर्व, MIDC सुभाष नगर के भंगारवाडी में नेन्सी मदरसा के सामने अहमद सईदा हुसैन अपने घर में पुराने सामान की सफाई के लिए सोडियम सल्फाइड को पानी में मिलाकर सॉल्यूशन तैयार कर रहा था।
    लेकिन रसायन की मात्रा अत्यधिक होने से जहरीले धुएं (फ्यूम्स) निकलने लगे, जिससे अहमद बेहोश होकर गिर गया।

    उसको बचाने के लिए दो अन्य लोग अंदर गए —
    ▪️ सबा सईदा हुसैन (17)
    ▪️ नौशाद अंसारी (28)
    दोनों भी धुएं की चपेट में आकर बेहोश हो गए।

    🔹 पीड़ितों की स्थिति — एक की मौत, दो ICU में

    हॉली स्पिरिट अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार:
    ☑ अहमद सईदा हुसैन (21) — अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित
    ☑ सबा सईदा हुसैन (17) — ICU में भर्ती, हालत गंभीर लेकिन स्थिर
    ☑ नौशाद अंसारी (28) — ICU में भर्ती, हालत गंभीर लेकिन खतरे से बाहर

    🔹 रेस्क्यू और जांच — MFB सक्रिय, NDRF अलर्ट पर

    घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) मौके पर पहुंची।
    ✔ सर्च ऑपरेशन किया गया
    ✔ प्रभावित इलाके को सील किया गया
    ✔ रासायनिक गैस के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकाला गया

    भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF को भी अलर्ट पर रखा गया है।

    🔹 पुलिस क्या कह रही है?

    MIDC पुलिस ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि:
    🔸 यह कोई साजिश या उद्योगिक लीकेज नहीं था
    🔸 घरेलू स्तर पर रसायन मिलाने के दौरान गलती से गैस बनी
    🔸 मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की जा रही है


    FAQ — अंधेरी MIDC केमिकल हादसे पर

    प्रश्नउत्तर
    हादसा कहाँ हुआ?अंधेरी (पूर्व) के MIDC भांगरवाड़ी इलाके में।
    केमिकल कौन सा इस्तेमाल किया गया था?सोडियम सल्फाइड।
    कितने लोग प्रभावित हुए?तीन — एक की मौत, दो ICU में।
    मौत का कारण क्या था?धुएं के कारण दम घुटने से।
    क्या यह फ़ैक्ट्री लीकेज था?नहीं, घर में रसायन मिलाने के दौरान घटना हुई।
    क्या NDRF तैनात हुई?NDRF को अलर्ट पर रखा गया है।
  • विक्रोली पार्कसाइट में बीएमसी ने तीन खतरनाक इमारतें खाली कराईं

    विक्रोली पार्कसाइट में बीएमसी ने तीन खतरनाक इमारतें खाली कराईं

    बीएमसी ने विक्रोली पार्कसाइट के पुनर्विकास प्रोजेक्ट में तीन अतिधोकादायक इमारतें खाली कराईं। कुल 28 इमारतों के पुनर्निर्माण का काम शुरू।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMc) ने विक्रोली पार्कसाइट क्षेत्र में चल रहे 28 इमारतों के बड़े पुनर्विकास प्रोजेक्ट के तहत मंगलवार (18 नवंबर 2025) तीन अतिधोकादायक (C-1 श्रेणी) इमारतों को खाली करा दिया। यह पहली बार है जब बीएमसी खुद पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य संभाल रही है। पहले चरण में 9 इमारतों को खाली किया जाना था, जिनमें से 5 पहले ही खाली हो चुकी थीं।

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    🔹 प्रोजेक्ट का आकार: 28 इमारतें, दो चरणों में काम

    विक्रोली पार्कसाइट इलाके में सभी 28 इमारतें C-1 श्रेणी में आती हैं, जिन्हें नही रहने लायक खतरनाक घोषित किया गया है।

    • कुल प्रभावित इमारतें: 28
    • पहले चरण की इमारतें: 9
    • पहले से खाली की गईं: 5
    • मंगलवार खाली हुईं: 3
    • शेष के लिए कार्रवाई जल्द

    बीएमसी अधिकारी ने बताया कि खाली कराई गई इमारतों का निष्कासन (Demolition) जल्द शुरू किया जाएगा।

    🔹 बीएमसी अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई

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    कार्रवाई बीएमसी आयुक्त तथा प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर की गई।
    पूरी प्रक्रिया की निगरानी में शामिल अधिकारी:

    • अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर): डॉ. अमित सैनी
    • उपायुक्त (परिमंडल-6): संतोषकुमार धोंडे
    • सहायक आयुक्त (एन-वार्ड): डॉ. गजानन बेल्लाळे

    बीएमसी टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे परिसर को सुरक्षित तरीके से खाली कराया।

    🔹 67 परिवारों को मिला तात्कालिक आश्रय

    खाली कराई गई तीन इमारतों में कुल 67 भाड़ोत्री रह रहे थे।

    इन्हें भांडुप स्थित ओबेरॉय रियल्टी के PAP क्वार्टर्स में अस्थायी रूप से पुनर्वसित किया गया है।
    बीएमसी का कहना है कि किसी भी भाड़ोत्री को बेघर नहीं छोड़ा जाएगा।

    🔹 पुराने 280 sq ft के बदले मिलेगा 405 sq ft का नया घर

    पुनर्विकास पूरा होने पर भाड़ोत्रीओं को—

    पुराने 280 वर्ग फुट की जगह
    405 वर्ग फुट का नया घर

    विक्रोली पार्कसाइट में ही मालकी हक के साथ दिया जाएगा।

    यह बीएमसी के सबसे बड़े स्वनिर्मित पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स में शामिल है।

    🔹 नए एस-3 विंग में 13 मंज़िलों तक निर्माण पूरा

    BMC-evacuates-three-dangerous-buildings-in-Vikhroli-Parksite

    पहले चरण में प्रस्तावित S-3 बिल्डिंग के:

    • कुल मंज़िलें: 23
    • पूरा हुआ निर्माण: 13 मंज़िलें

    बीएमसी का दावा है कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में आगे बढ़ रहा है।


    ❓ FAQ SECTION

    Q1. विक्रोली पार्कसाइट में कितनी इमारतों का पुनर्विकास हो रहा है?

    बीएमसी कुल 28 इमारतों का पुनर्विकास कर रही है।

    Q2. मंगलवार को कितनी इमारतें खाली कराई गईं?

    मंगलवार को तीन अतिधोकादायक (C-1) इमारतों को खाली कराया गया।

    Q3. भाड़ोत्रीओं को अस्थायी घर कहाँ दिया गया है?

    उन्हें भांडुप के ओबेरॉय रियल्टी में पीएपी क्वार्टर्स में ठहराया गया है।

    Q4. पुनर्विकास के बाद उन्हें कितना बड़ा फ्लैट मिलेगा?

    पहले के 280 sq ft के बदले 405 sq ft का फ्लैट मिलेगा।

    Q5. निर्माण कार्य कितनी प्रगति पर है?

    S-3 इमारत में 23 में से 13 मंज़िलें बन चुकी हैं।

  • जोगेश्वरी की 14 मंजिला इमारत में आग, बड़ा हादसा टला — कोई हताहत नहीं

    जोगेश्वरी की 14 मंजिला इमारत में आग, बड़ा हादसा टला — कोई हताहत नहीं

    मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में स्थित 14 मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग ‘JNS बिज़नेस सेंटर’ में गुरुवार सुबह आग लग गई। दमकल विभाग की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    मुंबई: जोगेश्वरी (पश्चिम) में गुरुवार सुबह एक 14 मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में अचानक आग लग गई। आग की लपटें 9वें से 12वें माले तक फैल गईं। मौके पर फायर ब्रिगेड की 20 से ज्यादा गाड़ियां पहुंचीं और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया।
    सौभाग्य से इस हादसे में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है।

    🏢 JNS बिज़नेस सेंटर में लगी आग

    यह घटना जोगेश्वरी पश्चिम के एस.वी. रोड, बेहरामपाड़ा स्थित JNS बिज़नेस सेंटर की है, जो गांधी स्कूल के पास स्थित है।
    मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) के अनुसार आग की सूचना सुबह 10:51 बजे मिली थी।
    लपटें बिल्डिंग के 9वें से 12वें माले तक पहुंच चुकी थीं और कांच की दीवारों से आग साफ़ दिखाई दे रही थी।

    🚨 फायर ब्रिगेड ने बढ़ाया अलर्ट लेवल

    दमकल विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए 10:46 बजे लेवल-1 अलर्ट से शुरू किया और कुछ ही मिनटों में इसे लेवल-3 तक बढ़ा दिया।
    मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) के नेतृत्व में कई फायर स्टेशन अधिकारी, डिप्टी सीएफओ, असिस्टेंट डीएफओ और दर्जनों दमकलकर्मी राहत और बचाव कार्य में जुटे रहे।

    घटना स्थल पर पहुंचे फायर इंजन, टैंकर, क्विक रेस्क्यू व्हीकल, जेट टेंडर, एरियल हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और 108 एम्बुलेंस सेवाएं तैनात की गईं।
    सभी फायर कर्मियों ने ब्रिदिंग अपरेटस (BA सेट) के साथ अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    🧯 कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू

    कई घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
    फायर डिपार्टमेंट के अनुसार किसी के घायल या झुलसने की जानकारी नहीं मिली है।
    हालांकि, इमारत के ऊपरी हिस्से में कई दफ्तरों को नुकसान पहुंचा है।
    आग लगने के कारणों की जांच बीएमसी और फायर ब्रिगेड की टीम कर रही है।

    🔥 मालाड और बोरिवली में भी लगी आग

    बुधवार सुबह मालाड पश्चिम के लिंक रोड स्थित ‘भूमि क्लासिक’ नामक सात मंजिला रिहायशी इमारत में भी आग लगी थी।
    यह घटना सुबह 5:06 बजे हुई, जिसमें छठे और सातवें माले के फ्लैट्स जलकर खाक हो गए।
    इस हादसे में 24 वर्षीय निवासी शुभम अघोटारिया और एक दमकलकर्मी को मामूली चोटें आईं।
    दोनों को अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

    उसी दिन बोरिवली (गोराई इलाके) में भी दोपहर को आग लगने की घटना सामने आई, लेकिन इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।

    🧩 शहर में बढ़ती आग की घटनाएं

    पिछले कुछ महीनों में मुंबई में इमारतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं।
    विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने वायरिंग सिस्टम, एयर कंडीशन यूनिट्स में शॉर्ट सर्किट और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी इसका मुख्य कारण है।
    बीएमसी ने अब सभी कमर्शियल बिल्डिंग्स में फायर ऑडिट कराने का आदेश दिया है।

    🧱 नागरिकों से अपील

    फायर ब्रिगेड ने अपील की है कि सभी बिल्डिंग्स में नियमित रूप से फायर सिस्टम की जांच की जाए और आपात स्थिति में सही एग्जिट रूट्स की जानकारी सभी को होनी चाहिए।


    FAQ सेक्शन

    Q1. जोगेश्वरी की इमारत में कब और कहां आग लगी?
    👉 गुरुवार सुबह 10:51 बजे जोगेश्वरी पश्चिम के JNS बिज़नेस सेंटर में आग लगी।
    Q2. क्या इस हादसे में कोई घायल हुआ है?
    👉 नहीं, किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
    Q3. फायर ब्रिगेड ने कितनी देर में आग पर काबू पाया?
    👉 कई घंटों की मेहनत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर नियंत्रण पा लिया।
    Q4. क्या अन्य जगहों पर भी आग लगी थी?
    👉 हां, मालाड पश्चिम और बोरिवली के गोराई इलाके में भी बुधवार को आग लगी थी।
    Q5. आग लगने का कारण क्या बताया जा रहा है?
    👉 प्रारंभिक अनुमान के अनुसार शॉर्ट सर्किट की आशंका है, जांच जारी है।

  • मुंबई-गोवा हाईवे पर गड्ढों ने मचाई तबाही: तीन कारों की टक्कर, एयरबैग खुले तो बचीं जान

    मुंबई-गोवा हाईवे पर गड्ढों ने मचाई तबाही: तीन कारों की टक्कर, एयरबैग खुले तो बचीं जान

    मुंबई-गोवा हाईवे पर इंदापुर के पास गड्ढों की वजह से तीन कारों की आपसी टक्कर हुई। हादसे में किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं, मुंबई के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और हिंगोली में भी अलग-अलग हादसों ने सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए।

    मुंबई: गड्ढों के कारण मुंबई-गोवा हाईवे पर तीन कारें आपस में टकरा गईं। हादसा इंदापुर शहर के पास हुआ, जहां अचानक ब्रेक लगाने से पीछे से आ रही दो गाड़ियों ने सामने की कार को जोरदार टक्कर मार दी। एयरबैग खुलने से सभी यात्री बाल-बाल बच गए। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई, हालांकि वाहनों को भारी नुकसान हुआ।

    🚗 इंदापुर के पास गड्ढों ने मचाया हड़कंप

    मुंबई-गोवा हाईवे पर इंदापुर के पास काशेने गांव के नज़दीक रविवार शाम यह भीषण हादसा हुआ।
    कोंकण से मुंबई की ओर आ रही एक कार चालक ने सड़क पर पड़े गहरे गड्ढे देखकर अचानक ब्रेक लगा दिए।
    पीछे से तेज रफ्तार में आ रही दो अन्य गाड़ियां समय पर ब्रेक नहीं लगा सकीं और जोरदार टक्कर हो गई।

    तीनों वाहनों के एयरबैग खुल गए, जिससे यात्रियों की जान बच गई। हादसे के बाद लोगों ने संबंधित विभाग पर नाराज़गी जताई और कहा कि अगर गड्ढे नहीं भरे गए तो वे “कार्यालय तोड़फोड़” जैसे आंदोलन करेंगे।

    🛣️ वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भी हादसा, एक की मौत

    इसी बीच, मुंबई के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भी एक दर्दनाक हादसा हुआ।
    रात करीब 1:30 बजे मलाड के पास एक तेज़ रफ़्तार डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी
    इस हादसे में बाइक सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है।
    घायल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और उसका इलाज जारी है।

    हादसे के बाद बोरीवली से अंधेरी की ओर जाने वाला मार्ग कुछ समय के लिए जाम हो गया।
    पुलिस ने डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की है।
    रात में भारी वाहनों की तेज़ रफ़्तार एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।

    🔥 हिंगोली में कंटेनर में आग, 40 फ्रिज जलकर खाक

    हिंगोली जिले के कलमनुरी-नांदेड़ हाईवे पर दातिपति गांव के पास एक कंटेनर में अचानक आग लग गई।
    दिल्ली से चेन्नई की ओर जा रहे इस कंटेनर में 40 रेफ्रिजरेटर (फ्रिज) लदे हुए थे।
    ड्राइवर ने चलते वाहन से धुआँ उठता देखा और समझदारी दिखाते हुए तुरंत ट्रक से कूद गया।

    कुछ ही मिनटों में कंटेनर पूरी तरह आग की लपटों में घिर गया और सभी रेफ्रिजरेटर जलकर राख हो गए।
    आग लगने के कारणों की जांच जारी है, लेकिन प्राथमिक जानकारी के अनुसार यह तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट का मामला हो सकता है।

    🚨 सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

    तीनों हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, भारी वाहनों की निगरानी और हाईवे रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    खासतौर पर मुंबई-गोवा हाईवे पर गड्ढों की हालत को लेकर यात्रियों में भारी नाराज़गी है।
    स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर मरम्मत का काम जल्द नहीं हुआ, तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे।


    FAQ सेक्शन

    Q1: मुंबई-गोवा हाईवे पर हादसा कैसे हुआ?
    ➡️ एक कार चालक ने गड्ढे देखकर अचानक ब्रेक लगाया, जिससे पीछे से आ रही दो गाड़ियां टकरा गईं।
    Q2: क्या हादसे में कोई घायल हुआ?
    ➡️ एयरबैग खुलने से सभी यात्री सुरक्षित रहे, केवल गाड़ियों को भारी नुकसान हुआ।
    Q3: क्या पुलिस ने किसी पर कार्रवाई की?
    ➡️ फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सड़क की मरम्मत के लिए विभाग को सूचित किया गया है।
    Q4: वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर हुई मौत का कारण क्या था?
    ➡️ एक तेज़ रफ़्तार डंपर ने बाइक को टक्कर मारी, जिससे एक व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई।
    Q5: हिंगोली में कंटेनर आग में कितना नुकसान हुआ?
    ➡️ करीब 40 रेफ्रिजरेटर और पूरा कंटेनर जलकर राख हो गया, ड्राइवर सुरक्षित बच गया।

  • दहिसर के नाले से मिली नवजात की पहचान, गरीबी में मजबूर माता-पिता ने छोड़ा

    दहिसर के नाले से मिली नवजात की पहचान, गरीबी में मजबूर माता-पिता ने छोड़ा

    मुंबई के दहिसर इलाके में नाले से मिली नवजात बच्ची के माता-पिता का पता पुलिस ने लगा लिया है। तीन बेटियों के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस दंपती ने मजबूरी में चौथी बेटी को छोड़ दिया था। पुलिस अब बच्चे की देखरेख को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है।

    मुंबई: दहिसर में कुछ दिन पहले नाले के पास एक नवजात बच्ची मिलने की घटना ने सभी को झकझोर दिया था। अब पुलिस ने उस मासूम के माता-पिता का पता लगा लिया है। जांच में सामने आया कि यह दंपती बेहद गरीब है और पहले से तीन बेटियां हैं। आर्थिक बोझ और सामाजिक दबाव के चलते उन्होंने चौथी बच्ची को नाले के पास छोड़ दिया।

    शताब्दी अस्पताल में सुरक्षित है बच्ची

    27 अक्टूबर को दहिसर पुलिस ने अशोकवन इलाके के नाले से इस नवजात को बचाया था। तुरंत शताब्दी अस्पताल, कांदिवली में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अब पूरी तरह स्थिर है और जल्द डिस्चार्ज हो जाएगी।
    अस्पताल प्रशासन ने कहा — “हम पुलिस को बच्चे की स्थिति की जानकारी देंगे और उन्हें जिसे सौंपने का निर्देश मिलेगा, उसी को बच्ची दी जाएगी।”

    पुलिस ने माता-पिता को किया ट्रेस, अब तय होगी कानूनी दिशा

    दहिसर पुलिस ने इलाके के झुग्गी बस्तियों में खोजबीन के बाद बच्ची के माता-पिता को ढूंढ निकाला। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मां घरेलू कामगार है और पिता दिहाड़ी मजदूर। दोनों ने कबूल किया कि वे चौथे बच्चे की परवरिश का खर्च नहीं उठा सकते थे।
    अभी यह तय नहीं हुआ है कि पुलिस दोनों को गिरफ्तार करेगी या सिर्फ एक को। मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण पुलिस सावधानीपूर्वक कदम उठा रही है।

    बाल कल्याण समिति (CWC) तय करेगी बच्ची का भविष्य

    अभी यह चर्चा जारी है कि बच्ची को माता-पिता को लौटाया जाए या किसी चाइल्ड वेलफेयर होम को सौंपा जाए।
    बाल कल्याण समिति (CWC), अस्पताल और पुलिस मिलकर यह तय करेंगे कि बच्चे के हित में सबसे बेहतर निर्णय क्या होगा।

    गरीबी और समाजिक दबाव की त्रासदी

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह दंपती पिछले कुछ महीनों से आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। पति की मजदूरी से घर चलाना मुश्किल था और तीन बेटियों के पालन-पोषण का खर्च पहले से भारी था। चौथी बेटी के जन्म के बाद उन्हें लगा कि अब उनका गुज़ारा नहीं होगा, इसलिए उन्होंने यह गलत कदम उठाया।
    यह मामला न सिर्फ कानूनी, बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से भी बेहद संवेदनशील बन गया है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. नवजात बच्ची को कहां से बरामद किया गया था?
    👉 बच्ची दहिसर (पश्चिम) के अशोकवन इलाके के एक नाले से बरामद की गई थी।
    Q2. बच्ची की हालत अभी कैसी है?
    👉 शताब्दी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अब स्थिर है और जल्द डिस्चार्ज होगी।
    Q3. क्या बच्ची को उसके माता-पिता को वापस सौंपा जाएगा?
    👉 इस पर फैसला बाल कल्याण समिति (CWC) और पुलिस मिलकर करेगी।
    Q4. क्या माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है?
    👉 फिलहाल पुलिस विचार कर रही है कि दोनों को गिरफ्तार किया जाए या नहीं, मामला बेहद संवेदनशील है।

  • मालाड में 7 साल के बच्चे को कार से कुचला, महिला की गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल

    मालाड में 7 साल के बच्चे को कार से कुचला, महिला की गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल

    मालाड वेस्ट के इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में 7 साल के बच्चे को कार से कुचलने के मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि सिर्फ नोटिस देकर छोड़ दिया। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता अभा सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामला गैर-जमानती अपराध के तहत आता है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहाँ एक सात वर्षीय बच्चा अपनी सोसाइटी के अंदर खेलते समय एक महिला की कार की चपेट में आ गया। बच्चे का पैर बुरी तरह टूट गया। पुलिस ने आरोपी महिला श्वेता शेट्टी-राठौड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, लेकिन गिरफ्तारी के बजाय सिर्फ नोटिस जारी किया। इस पर सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट अभा सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि मामला गैर-जमानती अपराध के अंतर्गत आता है।

    मालाड वेस्ट की इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हादसा

    यह हादसा 19 अक्टूबर को मालाड वेस्ट स्थित इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हुआ। सात साल का अन्वय मजूमदार अपने भाई और दोस्तों के साथ सोसाइटी के परिसर में खेल रहा था, जब आरोपी महिला श्वेता शेट्टी-राठौड़ ने अपनी कार तेज गति से परिसर में चलाई और अन्वय के पैर पर चढ़ा दी।
    CCTV फुटेज में घटना साफ कैद हुई है। बच्चे की मां महुआ मजूमदार (45) ने पुलिस को बताया कि शाम करीब 5:30 बजे उनके दूसरे बेटे ने इंटरकॉम से कॉल कर कहा – “माँ, अन्वय का पैर कुचल गया।”

    बच्चे की हालत गंभीर, सर्जरी जरूरी

    घटना के बाद अन्वय को तुरंत एवर्शाइन नगर के एक नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे कोकिलाबेन अस्पताल, अंधेरी रेफर कर दिया। जांच में पता चला कि बच्चे के टखने और पिंडली की हड्डी टूट गई है और सर्जरी करनी पड़ी।
    डॉक्टरों के अनुसार, चोटें गंभीर हैं लेकिन बच्चे की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।

    पुलिस की कार्रवाई पर सवाल – क्यों नहीं की गई गिरफ्तारी?

    बांगुर नगर पुलिस ने शुरुआत में आरोपी के खिलाफ रैश ड्राइविंग (धारा 281 BNS) और जीवन को खतरे में डालने (125b BNS) के तहत मामला दर्ज किया। बाद में इसमें धारा 110 BNS (attempt to commit culpable homicide) जोड़ी गई, जो गैर-जमानती अपराध है।
    इसके बावजूद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार करने के बजाय सिर्फ नोटिस जारी कर छोड़ दिया

    इस पर एडवोकेट अभा सिंह ने कहा —

    “धारा 110 BNS के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती है। जब सीसीटीवी फुटेज में सबूत साफ हैं, तो पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार करने का पूरा अधिकार था। सिर्फ नोटिस देकर छोड़ना कानूनी रूप से उचित नहीं है।”

    आरोपी महिला कौन है?

    आरोपी श्वेता शेट्टी-राठौड़ एक एचआर कंसल्टेंट हैं और इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी के सचिव संजय राठौड़ की पत्नी हैं। पुलिस के अनुसार, वह घटना के समय अपनी कार चला रही थीं जब यह दुर्घटना हुई।

    एफआईआर में दर्ज धाराएं

    मजूमदार परिवार की शिकायत पर पुलिस ने इन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

    • धारा 281 (लापरवाह ड्राइविंग)
    • धारा 125(b) (दूसरों के जीवन को खतरे में डालना)
    • धारा 110 (गैर-जमानती अपराध – हत्या के प्रयास जैसा अपराध)
    • मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184, 134(a), 134(b) — (खतरनाक ड्राइविंग, मदद न देना, घटना की रिपोर्ट न करना)

    कानूनी नजरिया – अभा सिंह का बयान

    अभा सिंह ने स्पष्ट किया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 के तहत यदि किसी व्यक्ति के कार्य से मृत्यु की संभावना होती है, तो यह अपराध ‘culpable homicide not amounting to murder’ की श्रेणी में आता है।
    उन्होंने कहा —

    “इस मामले में बच्चा बहुत छोटा था और उसकी जान को गंभीर खतरा हुआ। सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना दिख रही है, इसलिए आरोपी की गिरफ्तारी बनती है।”

    पुलिस की सफाई

    बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रविंद्र अव्हाड ने बताया कि जांच अभी जारी है और सभी साक्ष्यों को देखने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल आरोपी महिला से पूछताछ चल रही है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. यह घटना कहाँ हुई थी?
    A1. यह हादसा मालाड वेस्ट के इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हुआ।
    Q2. आरोपी महिला कौन हैं?
    A2. आरोपी श्वेता शेट्टी-राठौड़, जो सोसाइटी सचिव की पत्नी और एक HR कंसल्टेंट हैं।
    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    A3. पुलिस ने एफआईआर दर्ज की लेकिन गिरफ्तारी के बजाय आरोपी को नोटिस देकर छोड़ दिया।
    Q4. बच्चा अभी कहाँ इलाज करवा रहा है?
    A4. बच्चा कोकिलाबेन अस्पताल, अंधेरी में भर्ती है और उसकी सर्जरी हो चुकी है।
    Q5. क्या आरोपी पर गैर-जमानती धारा लगी है?
    A5. हाँ, धारा 110 BNS गैर-जमानती अपराध के अंतर्गत आती है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं की गई।

  • दिंडोशी सत्र न्यायालय ने पॉक्सो आरोपी फरहान खान को 20 साल सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई

    दिंडोशी सत्र न्यायालय ने पॉक्सो आरोपी फरहान खान को 20 साल सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई

    एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने के पॉक्सो केस में आरोपी फरहान साकिब खान (27) को दिंडोशी सत्र न्यायालय ने 20 साल सश्रम कारावास और जुर्माने की सज़ा सुनाई। केस की जांच एमएचबी पुलिस टीम ने की थी।

    मुंबई: दिंडोशी सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज पॉक्सो अपराध के आरोपी फरहान साकिब खान (27 वर्ष) को 20 वर्ष सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई। आरोपी को अलग-अलग धाराओं के तहत कुल मिलाकर कई सजाएँ दी गईं, जिनमें धारा 363, 376(2)(n), 506(2) भारतीय दंड संहिता (IPC) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(1)(m) व 6 शामिल हैं।

    अदालत का फैसला

    माननीय सत्र न्यायाधीश श्रीमती एस.एन. सचदेव (कोर्ट नंबर 13) ने आदेश में कहा कि आरोपी ने नाबालिग पीड़िता के साथ गंभीर अपराध किया है, इसलिए उसे 20 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 का आर्थिक दंड दिया जाता है। यदि दंड राशि अदा नहीं की गई, तो आरोपी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

    इसके अलावा, अन्य धाराओं के तहत —

    • धारा 363 (अपहरण) के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 जुर्माना,
    • धारा 376(2)(n) (बलात्कार) के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास,
    • धारा 506(2) (धमकी देना) के तहत 1 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।

    सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी (Concurrent Sentences)।

    पुलिस की प्रभावी कार्रवाई

    इस मामले में तत्कालीन जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक प्रकाश जाधव ने आरोपपत्र (Chargesheet) न्यायालय में प्रस्तुत किया था। मुकदमे के दौरान सरकारी अभियोक्ता देवतरसे साहब, चव्हाण मैडम और जाधव मैडम ने केस की पैरवी की।

    पूरी जांच और कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी, पो. नि. अतुल आव्हाड (गुन्हे विभाग), और मा. पो. आ. घनवटे सर के मार्गदर्शन में की गई। न्यायालयीन कार्यवाही की निगरानी म. पो. ह. सातपुते ने की।

    मामले का पृष्ठभूमि (Case Background)

    यह मामला एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस थाने में गुन्हा क्रमांक 288/2019 के तहत दर्ज किया गया था। आरोपी फरहान खान पर नाबालिग बालिका के अपहरण और यौन शोषण का आरोप था। पुलिस ने जांच पूरी कर 2019 में ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। लगातार सुनवाई के बाद आज न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया और सख्त सजा सुनाई।

    Flip kart से चोरी Swiggy में डिलीवरी पुलिस ने किया गिरफ्तार।

    जनहित के नज़रिए से

    पॉक्सो (POCSO) अधिनियम का उद्देश्य नाबालिगों को यौन शोषण से सुरक्षा देना है। यह फैसला समाज को संदेश देता है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह सज़ा कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करेगी और भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लगाएगी।


    FAQ सेक्शन:

    प्रश्न 1: आरोपी को कितनी सजा मिली है?
    👉 आरोपी को कुल 20 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 का जुर्माना लगाया गया है।
    प्रश्न 2: केस किस पुलिस थाने में दर्ज था?
    👉 यह केस एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस थाने में दर्ज था।
    प्रश्न 3: जांच अधिकारी कौन थे?
    👉 तत्कालीन जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक प्रकाश जाधव थे।
    प्रश्न 4: फैसला किस न्यायाधीश ने सुनाया?
    👉 यह फैसला माननीय सत्र न्यायाधीश श्रीमती एस.एन. सचदेव (कोर्ट नं. 13) ने सुनाया।
    प्रश्न 5: पुलिस टीम में कौन-कौन अधिकारी शामिल थे?
    👉 वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी, पो.नि. अतुल आव्हाड, मा.पो.आ. घनवटे सर और म.पो.ह. सातपुते इस केस में शामिल थे।