Category: Public Safety

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  • कांदिवली शताब्दी अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन लैब टेक्नीशियन, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

    कांदिवली शताब्दी अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन लैब टेक्नीशियन, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

    कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में पांच लैब टेक्नीशियन बिना महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन के काम करते पाए गए. शिकायत के बाद MPC ने कार्रवाई के निर्देश दिए. पूरी रिपोर्ट पढ़ें.

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल (शताब्दी अस्पताल) में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अस्पताल में कम से कम पांच लैब टेक्नीशियन ऐसे पाए गए हैं, जो महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल (MPC) में रजिस्टर्ड नहीं हैं, इसके बावजूद वे इमरजेंसी लैब में भी सेवाएं दे रहे थे. एक शिकायत के बाद MPC ने संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है.

    कैसे सामने आया पूरा मामला?

    यह मामला तब उजागर हुआ जब स्वास्थ्य कार्यकर्ता और अधिवक्ता तुषार भोसले ने “आपले सरकार” पोर्टल के जरिए महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि शताब्दी अस्पताल में बिना वैध रजिस्ट्रेशन वाले लैब टेक्नीशियन मरीजों के सैंपल, जांच और इमरजेंसी मामलों को संभाल रहे हैं, जो कानून और मरीजों की सुरक्षा—दोनों के खिलाफ है.

    शिकायत मिलने के बाद MPC ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

    MPC के निर्देश के बाद अस्पताल का आदेश

    पैरामेडिकल काउंसिल के निर्देश के बाद शताब्दी अस्पताल प्रशासन ने एक आंतरिक आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि सभी लैब टेक्नीशियन के लिए MPC रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा.

    हालांकि, इस आदेश का विरोध अस्पताल के कुछ स्थायी और वरिष्ठ कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है, जो वर्षों से सेवा में हैं लेकिन जरूरी योग्यता और मान्यता प्राप्त डिग्री के अभाव में रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे.

    अस्पताल प्रशासन की दुविधा

    अस्पताल प्रशासन इस समय असमंजस में है. एक ओर कानून का पालन करना जरूरी है, तो दूसरी ओर लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों का भविष्य भी सवालों में है.

    इस मुद्दे पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में कुल 18 लैब टेक्नीशियन कार्यरत हैं, जिनमें कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ भी शामिल है. इनमें से पांच टेक्नीशियन फिलहाल महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड नहीं हैं.

    पांच टेक्नीशियन ने किया आवेदन, फिर भी अड़चन

    डॉ. अजय गुप्ता के अनुसार,

    • सभी पांच टेक्नीशियन ने MPC रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर दिया है
    • प्रत्येक ने ₹2,000 की निर्धारित फीस जमा की है
    • आवेदन की रसीद भी उन्हें मिल चुकी है

    लेकिन समस्या यह है कि इनमें से कुछ के पास BSc माइक्रोबायोलॉजी की डिग्री है या वे ऐसे संस्थानों से पासआउट हैं, जो MPC की मान्यता सूची में शामिल नहीं हैं. इसी वजह से उनके रजिस्ट्रेशन पर अंतिम फैसला अटका हुआ है.

    DMLT अनिवार्य, कानून साफ

    स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मुताबिक,
    ब्लड बैंक टेक्नीशियन और लैब टेक्नीशियन के लिए सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त DMLT (डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी) अनिवार्य है.

    अतीत में कई भर्तियां इन नियमों को दरकिनार कर की गईं, जिसका खामियाजा अब कर्मचारियों और अस्पताल—दोनों को भुगतना पड़ रहा है.

    कानूनी चेतावनी: अपराध है बिना रजिस्ट्रेशन काम करना

    इस मामले पर शिकायतकर्ता अधिवक्ता तुषार भोसले ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा:

    “कानून के मुताबिक लैब टेक्नीशियन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, भले ही इसके लिए उन्हें अब DMLT करना पड़े. बिना रजिस्ट्रेशन प्रैक्टिस करना संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है. महाराष्ट्र स्टेट पैरामेडिकल एक्ट पूरे राज्य में लागू है, जिसमें BMC भी शामिल है. इस पर कोई भ्रम नहीं है.”

    उन्होंने बताया कि MPC ने इस बाबत BMC आयुक्त को भी अनिवार्य रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और CMS ने भी समर्थन में सर्कुलर जारी किया है.

    मरीजों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल

    बिना रजिस्टर्ड टेक्नीशियन द्वारा इमरजेंसी लैब सेवाएं संभालना सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ माना जा रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में जरा-सी चूक भी गंभीर परिणाम ला सकती है.


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. शताब्दी अस्पताल में कितने लैब टेक्नीशियन बिना रजिस्ट्रेशन के पाए गए?
    👉 कुल पांच लैब टेक्नीशियन MPC में रजिस्टर्ड नहीं थे.

    Q2. क्या वे इमरजेंसी सेवाओं में काम कर रहे थे?
    👉 हां, आरोप है कि वे इमरजेंसी लैब में भी कार्यरत थे.

    Q3. लैब टेक्नीशियन के लिए कौन-सी योग्यता जरूरी है?
    👉 सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त DMLT अनिवार्य है.

    Q4. क्या बिना रजिस्ट्रेशन काम करना अपराध है?
    👉 हां, यह संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है.

    Q5. अस्पताल प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
    👉 MPC के निर्देश पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है और सभी पांच टेक्नीशियन ने आवेदन किया है.

  • कांदिवली में अवैध ऑटो पार्किंग बनी खतरा, फायर ब्रिगेड 15 मिनट तक फंसी

    कांदिवली में अवैध ऑटो पार्किंग बनी खतरा, फायर ब्रिगेड 15 मिनट तक फंसी

    कांदिवली ईस्ट के लोकखंडवाला टाउनशिप में अवैध ऑटो रिक्शा पार्किंग के कारण फायर ब्रिगेड को एंट्री में 15 मिनट की देरी हुई। समय पर आग बुझाने में बड़ी मुश्किल, रहवासियों ने खुद संभाला मोर्चा।

    मुंबई: कांदिवली ईस्ट स्थित लोकखंडवाला टाउनशिप में बुधवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। हाईलैंड सोसाइटी की एक इमारत में रसोई से आग लगने की सूचना मिलने के सिर्फ 7 मिनट में फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन अवैध रूप से खड़े सैकड़ों ऑटो रिक्शाओं की वजह से दमकल गाड़ियों को सोसाइटी में घुसने में करीब 15 मिनट लग गए। इस देरी के दौरान रहवासियों ने खुद ही आग पर काबू पाया। रहवासियों का कहना है कि अगर आग फैल जाती, तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे।

    🔥 कांदिवली में कहां और कैसे लगी आग?

    बुधवार रात करीब 11 बजे, हाईलैंड बिल्डिंग नंबर 5 की पहली मंज़िल पर स्थित एक फ्लैट की किचन में आग लग गई। आग मामूली थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो वह पास के फ्लैट्स और इलेक्ट्रिक वायरिंग तक फैल सकती थी।

    🚒 फायर ब्रिगेड पहुंची, लेकिन रास्ता बंद

    दमकल विभाग की गाड़ियां 7 मिनट में इलाके तक पहुंच गईं, लेकिन

    • सोसाइटी के बाहर
    • अप्रोच रोड के दोनों तरफ
    • सैकड़ों ऑटो रिक्शा अवैध रूप से खड़े थे

    जिसके कारण फायर टेंडर करीब 15 मिनट तक एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पाए।

    “वो 15 मिनट बहुत डरावने थे। फायर ब्रिगेड सामने थी, लेकिन बेबस,”
    — प्रत्यक्षदर्शी रहवासी

    🏘️ 20,000 फ्लैट्स, एक ही समस्या

    लोकखंडवाला टाउनशिप में लगभग 20 हजार फ्लैट्स हैं। यह इलाका वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से एक 1.5 किमी लंबी और कागज़ों में 90 फीट चौड़ी सड़क से जुड़ा है, लेकिन हकीकत में:

    • सड़क किनारे दुकानें
    • भारी पैदल भीड़
    • दोनों तरफ अवैध ऑटो पार्किंग
    • और एक बड़ा कचरा डंप

    सड़क को इतना संकरा बना देते हैं कि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड तक फंस जाती हैं।

    ⚠️ रहवासियों का आरोप – 10 साल से शिकायत, कोई स्थायी हल नहीं

    रहवासियों का कहना है कि वे पिछले 10 सालों से BMC और ट्रैफिक पुलिस को लगातार शिकायत कर रहे हैं।

    “हर बार हादसे के बाद थोड़ी कार्रवाई होती है, फिर सब पहले जैसा,”
    — संतोष शेट्टी, रहवासी

    उनका आरोप है कि:

    • ज़्यादातर ऑटो चालक धानुकरवाड़ी जैसे बाहरी इलाकों से आते हैं
    • रात में सड़क को फ्री पार्किंग ज़ोन बना देते हैं

    👮 पुलिस और प्रशासन का क्या कहना है?

    समता नगर ट्रैफिक डिवीजन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जगदीश भोपाली ने माना कि:

    • रोज़ करीब 150 ऑटो चालकों पर कार्रवाई होती है
    • लेकिन सिर्फ चालान से समस्या हल नहीं हो रही

    वायरल वीडियो के बाद अब विभाग ने मामले पर गंभीरता से ध्यान देने का भरोसा दिया है।

    🏛️ नवनिर्वाचित नगरसेविका का आश्वासन

    नगरसेविका नीलम गुरव ने खुद मौके का निरीक्षण किया और माना कि:

    • शाम 6 बजे एक लेन में पार्किंग होती है
    • आधी रात तक तीन लेन पूरी तरह जाम हो जाती हैं

    उन्होंने कहा:

    “यह गंभीर सुरक्षा मुद्दा है। आज से ही कार्रवाई शुरू होगी और मैं खुद औचक निरीक्षण करूंगी।”

    🔥 फायर ब्रिगेड की चेतावनी

    दहिसर फायर ब्रिगेड के मुख्य अग्निशमन अधिकारी रवींद्र अंबुलगेकर ने कहा:

    “हैपहेज़र्ड पार्किंग से फायर ऑपरेशन में बड़ी दिक्कत आती है। छोटी आग भी बड़ी त्रासदी बन सकती है।”

    📌 रहवासियों की प्रमुख मांगें

    • ऑटो पार्किंग को सिर्फ एक लेन तक सीमित किया जाए
    • केवल लोकल रहवासियों के ऑटो को अनुमति
    • बाहरी इलाकों के ऑटो पर रात में प्रतिबंध
    • सड़क से कचरा डंप हटाया जाए

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आग कहां लगी थी?
    ➡️ कांदिवली ईस्ट के लोकखंडवाला टाउनशिप में हाईलैंड बिल्डिंग नंबर 5 की पहली मंज़िल पर।

    Q2. फायर ब्रिगेड को देरी क्यों हुई?
    ➡️ अप्रोच रोड पर दोनों तरफ अवैध रूप से खड़े ऑटो रिक्शाओं की वजह से।

    Q3. कितनी देर की देरी हुई?
    ➡️ लगभग 15 मिनट।

    Q4. क्या कोई हताहत हुआ?
    ➡️ नहीं, आग मामूली थी और रहवासियों ने खुद बुझा ली।

    Q5. प्रशासन ने क्या कदम उठाने का आश्वासन दिया है?
    ➡️ रोज़ाना सख्त कार्रवाई और नियमित निरीक्षण।

  • मालवनी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट, 7 घायल—आधार और केयर अस्पताल में भर्ती

    मालवनी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट, 7 घायल—आधार और केयर अस्पताल में भर्ती

    मालाड (पश्चिम) के मालवनी गेट नंबर 8 स्थित चॉल में गैस लीकेज से सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। हादसे में 7 लोग घायल हुए, जिन्हें आधार और केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। दमकल ने 17 मिनट में आग बुझाई।

    मुंबई: मालाड (पश्चिम) इलाके के मालवनी में मंगलवार सुबह गैस लीकेज के चलते सिलेंडर ब्लास्ट होने से हड़कंप मच गया। इस हादसे में कुल 7 लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए आधार अस्पताल और केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही बीएमसी की फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और महज 17 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया।

    कब और कहां हुआ हादसा?

    यह हादसा 27 जनवरी 2026 को सुबह 9:25 बजे के आसपास हुआ।
    घटना स्थल है—

    • मालवनी गेट नंबर 8
    • ए.सी. मस्जिद के पास
    • भारत माता स्कूल के बगल में
    • मालाड (पश्चिम), मुंबई

    इलाका घनी आबादी वाला होने के कारण आग लगते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

    गैस लीकेज से हुआ सिलेंडर ब्लास्ट

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार, चॉल में स्थित ग्राउंड प्लस दो मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर एक कमरे में गैस लीकेज हुआ।
    लीकेज के कारण एलपीजी सिलेंडर के मेन वाल्व में आग लग गई, जिससे ब्लास्ट हो गया और कमरे में आग फैल गई।

    किन-किन चीज़ों को हुआ नुकसान?

    दमकल विभाग के मुताबिक, आग सीमित दायरे में ही रही, लेकिन कमरे में मौजूद कई घरेलू सामान जलकर खाक हो गए—

    • एलपीजी सिलेंडर और गैस स्टोव
    • सिलेंडर का मेन वाल्व
    • एसी शीट्स
    • घरेलू उपयोग का सामान
    • खाने-पीने की वस्तुएं
    • गद्दे और अन्य सामान

    समय पर आग बुझने से बड़ा हादसा टल गया।

    17 मिनट में आग पर पाया गया काबू

    बीएमसी की मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने तेजी से कार्रवाई करते हुए
    ➡ सुबह 9:42 बजे आग को पूरी तरह बुझा दिया।

    दमकल कर्मियों की तत्परता से आग आसपास के अन्य कमरों और झोपड़ियों तक नहीं फैल पाई।

    7 घायल, इन अस्पतालों में कराया गया भर्ती

    इस हादसे में कुल 7 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।

    • 4 घायलों को आधार अस्पताल भेजा गया
    • 3 घायलों को केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया

    शुरुआत में 6 घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया था, बाद में एक और घायल की जानकारी सामने आई।
    सभी घायलों का इलाज जारी है, उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

    मुंबईकरों के भरोसे पर खरा उतरेंगे, BMC में उठाएंगे जनता की आवाज़ – वर्षा गायकवाड

    मौके पर पहुंची एजेंसियां

    घटना की सूचना मिलते ही कई विभागों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य संभाला—

    • बीएमसी की मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB)
    • स्थानीय पुलिस
    • बिजली वितरण कंपनी का स्टाफ
    • 108 एंबुलेंस सेवा
    • बीएमसी का वार्ड स्टाफ

    प्रशासन की नागरिकों से अपील

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि—

    • गैस सिलेंडर और पाइप की नियमित जांच करें
    • गैस की गंध आने पर तुरंत मेन वाल्व बंद करें
    • माचिस, लाइटर या बिजली के स्विच का इस्तेमाल न करें
    • तुरंत दमकल और गैस एजेंसी को सूचना दें

    थोड़ी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है।


    FAQ

    Q1. गैस सिलेंडर ब्लास्ट कहां हुआ?
    मालवनी गेट नंबर 8, मालाड (पश्चिम) में।

    Q2. हादसे में कितने लोग घायल हुए?
    कुल 7 लोग घायल हुए हैं।

    Q3. घायल लोगों को कहां भर्ती कराया गया है?
    4 को आधार अस्पताल और 3 को केयर अस्पताल में।

    Q4. आग कितनी देर में बुझाई गई?
    लगभग 17 मिनट में।

    Q5. हादसे की वजह क्या थी?
    गैस लीकेज के कारण सिलेंडर के मेन वाल्व में आग लगना।

  • गोरेगांव लिफ्ट हादसा: एक युवक घर लौटा तो दूसरे की हालत गंभीर

    गोरेगांव लिफ्ट हादसा: एक युवक घर लौटा तो दूसरे की हालत गंभीर

    गोरेगांव लिफ्ट हादसे में घायल दो युवकों में से एक विग्नेश की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, जबकि दूसरा युवक रुद्र घर पर रिकवरी कर रहा है। परिवार FIR पर सवाल उठा रहा है और सोसायटी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।

    मुंबई: गोरेगांव में हुए लिफ्ट हादसे ने दो परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक विग्नेश अभी भी अंधेरी के कोकिलाबेन अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है, जबकि दूसरा युवक रुद्र सुसविरकर अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पर इलाज करवा रहा है। इस बीच विग्नेश के परिवार ने FIR को लेकर नाराजगी जताते हुए सोसायटी के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।

    विग्नेश की हालत अब भी चिंताजनक

    सूत्रों के अनुसार, हादसे में गंभीर रूप से घायल विग्नेश की हालत में फिलहाल कोई खास सुधार नहीं हुआ है। वह अंधेरी स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में इलाजरत है।
    हालांकि डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर से हटा दिया है, लेकिन अब तक उसकी न्यूरोलॉजिकल स्थिति में कोई सकारात्मक बदलाव देखने को नहीं मिला है।

    परिजनों की चिंता: आंखें खुलती हैं, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं

    विग्नेश के मामा योगेश महात्रे ने बताया,
    “वेंटिलेटर हट गया है, लेकिन शरीर में कोई मूवमेंट नहीं है। वह कभी-कभी आंखें खोलता है, लेकिन आवाज देने पर या सामने खड़े परिजनों को पहचानने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता।”

    डॉक्टरों का कहना है कि विग्नेश के ठीक होने की संभावना है, लेकिन यह प्रक्रिया लंबी और बेहद खर्चीली हो सकती है।

    इलाज का खर्च 13 लाख के पार, परिवार आर्थिक संकट में

    भावनात्मक दर्द के साथ-साथ परिवार पर भारी आर्थिक बोझ भी बढ़ता जा रहा है।
    अब तक इलाज पर ₹13 लाख से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। रिश्तेदारों और दोस्तों की मदद से करीब ₹3.5 लाख जुटाए गए हैं, लेकिन आगे का खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

    परिजन अब

    • ट्रस्ट
    • एनजीओ
    • राजनीतिक प्रतिनिधियों
      से मदद की गुहार लगा रहे हैं। साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष में भी आवेदन किया गया है।

    FIR पर सवाल, सोसायटी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

    विग्नेश के परिवार ने दर्ज FIR पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि इस हादसे की जिम्मेदारी सिर्फ लिफ्ट ठेकेदार की नहीं, बल्कि सोसायटी के पदाधिकारियों की भी बनती है।

    योगेश महात्रे का आरोप है कि

    • लिफ्ट की सर्विस के बाद जरूरी निरीक्षण नहीं किया गया
    • बिना जांच के सर्विस डॉक्यूमेंट्स पर हस्ताक्षर कर दिए गए

    उन्होंने कहा,
    “अगर सोसायटी के जिम्मेदार लोगों ने ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाई होती, तो यह हादसा टल सकता था।”

    परिवार ने संकेत दिए हैं कि वे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे, ताकि सोसायटी पदाधिकारियों को भी FIR में आरोपी बनाया जाए।

    रुद्र की हालत में सुधार, घर पर जारी इलाज

    इस हादसे में घायल दूसरे युवक रुद्र सुसविरकर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वह अब घर पर रिकवरी कर रहा है।

    उसके पिता अनिल सुसविरकर ने बताया,
    “हमने घर पर अस्पताल जैसा बेड किराए पर लिया है। उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।”

    डॉक्टरों ने रुद्र की टूटी हड्डियों को स्क्रू लगाकर फिक्स किया है। हड्डियां ठीक होने के बाद एक और सर्जरी कर स्क्रू निकाले जाएंगे।

    लिफ्ट सेफ्टी पर फिर उठे सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर मुंबई की हाउसिंग सोसायटियों में

    • लिफ्ट मेंटेनेंस
    • नियमित जांच
    • जवाबदेही
      जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: गोरेगांव लिफ्ट हादसे में कितने युवक घायल हुए थे?
    👉 दो युवक घायल हुए थे।

    Q2: विग्नेश की वर्तमान हालत कैसी है?
    👉 हालत गंभीर है, न्यूरोलॉजिकल रिस्पॉन्स नहीं है।

    Q3: इलाज का खर्च कितना हो चुका है?
    👉 ₹13 लाख से अधिक।

    Q4: परिवार किस पर कार्रवाई की मांग कर रहा है?
    👉 लिफ्ट ठेकेदार के साथ-साथ सोसायटी पदाधिकारियों पर।

    Q5: रुद्र की हालत कैसी है?
    👉 हालत में सुधार है, घर पर इलाज चल रहा है।

  • घोड़बंदर रोड पर भीषण हादसा: 12 वाहन टकराए, ठाणे-बोरीवली रूट जाम

    घोड़बंदर रोड पर भीषण हादसा: 12 वाहन टकराए, ठाणे-बोरीवली रूट जाम

    ठाणे के घोड़बंदर रोड पर गोमुख घाट में सुबह हुए मल्टी-व्हीकल एक्सीडेंट में 12 वाहन आपस में टकरा गए। चार लोग घायल, NH-48 पर भारी ट्रैफिक जाम।

    मुंबई: ठाणे की ओर जाने वाली घोड़बंदर रोड पर शुक्रवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। गौमुख घाट में NH-48 पर करीब 7 बजे हुए इस मल्टी-व्हीकल एक्सीडेंट में एक भारी कंटेनर ट्रक समेत कम से कम 12 वाहन आपस में टकरा गए। हादसे में चार लोग घायल हुए हैं। दुर्घटना के बाद ठाणे से बोरीवली और गुजरात की ओर जाने वाले रास्तों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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    🚨 कैसे हुआ हादसा

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गौमुख घाट के मोड़ पर अचानक कई गाड़ियां आमने-सामने टकरा गईं। हादसा इतना भीषण था कि कई कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि कुछ वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी।

    🚑 चार लोग घायल, अस्पताल में भर्ती

    हादसे में घायल हुए चार लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह रही कि किसी की जान जाने की खबर नहीं है, लेकिन घायलों की हालत पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।

    🚧 घोड़बंदर रोड पर लंबा ट्रैफिक जाम

    दुर्घटना के बाद घोड़बंदर रोड पर ट्रैफिक पूरी तरह से ठप हो गया। ठाणे से बोरीवली और गुजरात की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। चूंकि हादसा सुबह ऑफिस टाइम में हुआ, इसलिए स्कूल बसों, ऑफिस जाने वालों और मालवाहक वाहनों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।

    🚓 पुलिस और क्रेन मौके पर

    सूचना मिलते ही पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और क्रेन मौके पर पहुंचीं। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का काम शुरू किया गया, लेकिन सड़क पूरी तरह साफ होने में काफी समय लगने की संभावना जताई गई जिसके बाद पुलिस ने यात्रियों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।

    🛣️ घोड़बंदर रोड के लिए बड़ी योजनाएं

    लगातार बढ़ते ट्रैफिक और हादसों को देखते हुए घोड़बंदर रोड पर कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है:

    🚇 मुंबई मेट्रो लाइन-4

    वडाला से कासरवडवली तक घोड़बंदर रोड से गुजरने वाली यह एलिवेटेड मेट्रो लाइन लगभग पूरी हो चुकी है। इससे यात्रा समय 75% तक कम होने की उम्मीद है। कापुरबावड़ी स्टेशन लाइन-5 से इंटरचेंज बनेगा।

    🛣️ घोड़बंदर रोड चौड़ीकरण

    भीड़ कम करने के लिए दोनों तरफ की सर्विस रोड को मुख्य सड़क में मिलाकर इसे छह लेन का हाईवे बनाया जा रहा है।

    🌊 बालकुम–गौमुख कोस्टल रोड

    घोड़बंदर रोड के समानांतर 13.44 किलोमीटर लंबी कोस्टल रोड का निर्माण कार्य जारी है।

    🕳️ ठाणे–बोरीवली टनल

    संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे से गुजरने वाली करीब 12 किमी लंबी टनल बन रही है, जिससे ठाणे से बोरीवली का सफर सिर्फ 10–15 मिनट में पूरा हो सकेगा।

    🚧 ठाणे–भायंदर टनल और एलिवेटेड रोड

    MMRDA की इस योजना में 5.5 किमी की टनल और 9.8 किमी की एलिवेटेड रोड शामिल है, जो गौमुख से मीरा-भायंदर को जोड़ेगी।


    ❓ FAQ

    Q1. हादसा कहां हुआ?
    ➡️ ठाणे के गaimukh घाट में, घोड़बंदर रोड (NH-48) पर।

    Q2. कितने वाहन हादसे में शामिल थे?
    ➡️ करीब 12 वाहन, जिनमें एक भारी कंटेनर ट्रक भी शामिल है।

    Q3. क्या कोई हताहत हुआ?
    ➡️ नहीं, लेकिन चार लोग घायल हुए हैं।

    Q4. ट्रैफिक कब तक सामान्य होगा?
    ➡️ क्षतिग्रस्त वाहन हटाने का काम जारी है, इसमें कुछ समय लग सकता है।

    Q5. घोड़बंदर रोड पर जाम कम करने के लिए क्या योजनाएं हैं?
    ➡️ मेट्रो लाइन-4, रोड चौड़ीकरण, कोस्टल रोड और ठाणे-बोरीवली टनल जैसी बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं।

  • कांदिवली पश्चिम में बस पकड़ना बना जोखिम, यात्रियों को ‘रस्सी पर चलने’ की मजबूरी

    कांदिवली पश्चिम में बस पकड़ना बना जोखिम, यात्रियों को ‘रस्सी पर चलने’ की मजबूरी

    कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में अधूरा सड़क कंक्रीटीकरण बस यात्रियों के लिए खतरा बन गया है। बस स्टॉप पर सड़क एक फुट नीचे होने से बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी हो रही है।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में सड़क कंक्रीटीकरण का अधूरा काम अब आम यात्रियों के लिए परेशानी और खतरे की वजह बनता जा रहा है। एस.वी. रोड और सह्याद्री नगर के सामने वाली मुख्य सड़क पर कई व्यस्त बस स्टॉप हैं, लेकिन सड़क का आधा हिस्सा अब भी अधूरा होने से यात्रियों को बस पकड़ने के लिए सड़क के बीचों-बीच खड़े रहना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बुजुर्गों और महिलाओं को हर दिन “रस्सी पर चलने” जैसा जोखिम उठाना पड़ रहा है।

    अधूरी सड़क ने बढ़ाई यात्रियों की मुश्किल

    स्वामी विवेकानंद मार्ग, कांदिवली पुलिस थाना क्षेत्र और चारकोप सह्याद्री नगर मार्ग पर कंक्रीट सड़क का काम लंबे समय से जारी है। सड़क का एक हिस्सा कंक्रीट का बन चुका है, जबकि फुटपाथ से सटा हिस्सा करीब एक फुट नीचे रह गया है। इसी कारण बस स्टॉप पर खड़े होने की सुरक्षित जगह ही नहीं बची है।

    बैरिकेडिंग के बीच से निकलने को मजबूर यात्री

    सुरक्षा के नाम पर लोहे की बैरिकेडिंग तो लगाई गई है, लेकिन वही बैरिकेडिंग यात्रियों के लिए नई मुसीबत बन गई है। बस पकड़ने के लिए यात्रियों को संकरे रास्ते से गुजरना पड़ता है, जहां एक तरफ गहरा गड्ढा और दूसरी तरफ लोहे की रेलिंग है। हल्की सी चूक किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।

    वरिष्ठ नागरिकों को सता रहा हादसे का डर

    बस स्टॉप पर रोजाना बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और छात्र आते-जाते हैं। ऊंचे-नीचे रास्ते और अधपकी कंक्रीट पर खड़े होकर बस का इंतजार करना खासकर बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि कई बार फिसलने की नौबत आ चुकी है।

    यातायात जाम की भी बन रही वजह

    यात्री अधूरे कंक्रीट वाले हिस्से पर खड़े रहते हैं, जिसके चलते बसों को सड़क के बीच रोकना पड़ता है। इससे न सिर्फ यात्रियों को चढ़ने-उतरने में परेशानी होती है, बल्कि एस.वी. रोड पर अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन जाती है।

    तत्काल समाधान की मांग तेज

    स्थानीय नागरिकों और नियमित बस यात्रियों ने मांग की है कि बस स्टॉप के आसपास सड़क का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए या अस्थायी सुरक्षित प्लेटफॉर्म बनाया जाए, ताकि रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने की मजबूरी खत्म हो सके।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: कांदिवली पश्चिम में यात्रियों को परेशानी क्यों हो रही है?
    अधूरी कंक्रीट सड़क और ऊंचे-नीचे बस स्टॉप के कारण यात्रियों को सुरक्षित जगह नहीं मिल पा रही है।

    Q2: सबसे ज्यादा प्रभावित कौन हैं?
    वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और रोजाना बस से यात्रा करने वाले कर्मचारी।

    Q3: क्या प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है?
    फिलहाल केवल बैरिकेडिंग की गई है, जिसे यात्री अपर्याप्त मान रहे हैं।

    Q4: यात्रियों की मुख्य मांग क्या है?
    बस स्टॉप के पास सड़क का काम तुरंत पूरा किया जाए या अस्थायी सुरक्षित प्लेटफॉर्म बनाया जाए।

  • मालाड के होटल रूम में मिला छुपा कैमरा, कपल ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    मालाड के होटल रूम में मिला छुपा कैमरा, कपल ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    मुंबई के मालाड ईस्ट स्थित एक होटल के कमरे में इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर छुपा कैमरा मिलने से हड़कंप मच गया। कपल की शिकायत पर दिंडोशी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

    मुंबई: मालाड ईस्ट इलाके में एक होटल के कमरे में छुपा कैमरा मिलने से मेहमानों की सुरक्षा और निजता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक युवा कपल ने इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर लगे मिनी स्पाई कैमरे को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। दिंडोशी पुलिस ने डिवाइस जब्त कर फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं और मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।

    मालाड ईस्ट के होटल में चौंकाने वाली घटना

    यह घटना दफ्तरी रोड, मालाड ईस्ट स्थित प्रगति शॉपिंग सेंटर की तीसरी मंज़िल पर मौजूद A1 होटल की है। शिकायतकर्ता 21 वर्षीय युवती अपने मंगेतर के साथ 27 दिसंबर की रात करीब 9:40 बजे होटल में चेक-इन कर रूम नंबर A-3 में ठहरी थी।

    अगली सुबह करीब 9 बजे, युवती की नज़र कमरे के दरवाज़े के पास एक ऐसे इलेक्ट्रिक सॉकेट पर पड़ी, जो इस्तेमाल में नहीं था। वहां से एक पतली वायर बाहर निकली हुई दिखाई दी।

    इलेक्ट्रिक प्लग के अंदर छुपा था मिनी कैमरा

    सॉकेट की बारीकी से जांच करने पर कपल को उसके अंदर मिनी स्पाई कैमरा छुपा हुआ मिला। यह देखते ही दोनों घबरा गए और तुरंत 103 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।

    दिंडोशी पुलिस मौके पर पहुंची और कैमरे को जब्त कर लिया।

    होटल मालिक और स्टाफ पर गंभीर आरोप

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक, युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि
    होटल मालिक, मैनेजर और अन्य संबंधित लोगों ने जानबूझकर कैमरा लगाया, ताकि होटल में ठहरने वाले मेहमानों की बिना अनुमति गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग की जा सके।

    आईटी एक्ट और बीएनएस के तहत केस दर्ज

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
    जब्त किए गए कैमरे को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

    फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस यह जांच कर रही है कि

    • क्या होटल के अन्य कमरों में भी ऐसे कैमरे लगे हैं?
    • क्या पहले भी मेहमानों की रिकॉर्डिंग की गई है?

    होटल मैनेजमेंट से संपर्क नहीं

    मामले पर होटल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन होटल स्टाफ ने मैनेजर का संपर्क नंबर देने से इनकार कर दिया।

    स्पाई कैमरा कैसे पहचानें? (Safety Tips)

    साइबर और सुरक्षा विशेषज्ञ दीप मेहता (Ernst & Young LLP) ने कुछ आसान उपाय बताए हैं:

    • 📱 फोन कॉल टेस्ट: संदिग्ध जगह के पास कॉल करें, अगर आवाज़ में रुकावट आए तो डिवाइस हो सकता है
    • 📻 FM रेडियो: फोन का FM रेडियो चालू कर सॉकेट, बाथरूम या दीवारों के पास रखें
    • 🔍 बग डिटेक्टर डिवाइस: अक्सर यात्रा करने वालों को पोर्टेबल डिटेक्टर साथ रखना चाहिए
    • ⚡ इलेक्ट्रिक टेस्टर: सॉकेट के पास लगाने से नकली या डमी फिटिंग का पता चलता है

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    मालाड ईस्ट, दफ्तरी रोड स्थित A1 होटल में।

    Q2. कैमरा कहां छुपाया गया था?
    कमरे के दरवाज़े के पास एक अनयूज्ड इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर।

    Q3. पुलिस ने कौन-सी कार्रवाई की?
    कैमरा जब्त कर फॉरेंसिक जांच भेजा गया और केस दर्ज किया गया।

    Q4. क्या कोई गिरफ्तारी हुई है?
    फिलहाल नहीं, जांच जारी है।

    Q5. होटल में ठहरते समय क्या सावधानी रखें?
    कमरे के सॉकेट, बाथरूम, दीवारों और लाइट फिटिंग की जांच ज़रूर करें।

  • New Year से पहले मुंबई में फायर सेफ्टी सख्त, 907 जगहों की जांच

    New Year से पहले मुंबई में फायर सेफ्टी सख्त, 907 जगहों की जांच

    नए साल के जश्न से पहले मुंबई फायर ब्रिगेड की विशेष अग्निसुरक्षा मुहिम, 907 होटल, रेस्टोरेंट, पब और बार की जांच, 41 पर कार्रवाई और 16 को नोटिस।

    मुंबई: New Year के स्वागत की तैयारियों के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई अग्निशमन दल ने शहर की सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए ‘विशेष अग्निसुरक्षा मोहीम’ के तहत 22 से 25 दिसंबर 2025 के बीच मुंबई भर में 907 आस्थापनाओं की जांच की गई। जांच में अग्निसुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 41 आस्थापनाओं पर कार्रवाई की गई, जबकि 16 को नोटिस जारी किए गए हैं।

    New Year सेलिब्रेशन को देखते हुए सख्त कदम

    हर साल नए साल के मौके पर मुंबई के होटल, रेस्टोरेंट, पब, बार, क्लब, रूफटॉप, पार्टी हॉल और समुद्र किनारों पर बड़ी संख्या में कार्यक्रम आयोजित होते हैं। हजारों की भीड़ को देखते हुए अग्निसुरक्षा बेहद अहम हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुंबई फायर ब्रिगेड ने विशेष जांच अभियान शुरू किया है।

    किसके निर्देश पर चल रही है यह मुहिम

    यह विशेष अग्निसुरक्षा मोहीम

    • BMC आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर
    • अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में
      22 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 तक चलाई जा रही है।

    907 जगहों की जांच, किस-किस पर नजर

    मुंबई अग्निशमन दल द्वारा जिन आस्थापनाओं की जांच की गई, उनमें शामिल हैं:

    • 🏬 10 मॉल
    • ⭐ 25 पंचतारांकित होटल
    • 🏨 59 लॉजिंग- बोर्डिंग
    • 🌆 19 रूफटॉप आस्थापन
    • 🍻 148 पब, बार और क्लब
    • 🎉 12 पार्टी हॉल
    • 🏋️ 5 जिमखाना
    • 🍽️ 628 रेस्टोरेंट

    👉 कुल जांच: 907 आस्थापन

    41 पर कार्रवाई, 16 को नोटिस

    जांच के दौरान कई जगहों पर फायर सेफ्टी सिस्टम में खामियां पाई गईं, जैसे:

    • फायर एक्सटिंग्विशर खराब या एक्सपायर्ड
    • फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम काम नहीं कर रहे
    • इमरजेंसी एग्जिट बंद या अवरुद्ध
    • फायर NOC की शर्तों का पालन नहीं

    इन मामलों में महाराष्ट्र आग प्रतिबंधक व जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006 के तहत

    • 41 आस्थापनाओं पर सीधी कार्रवाई
    • 16 को सुधार के लिए नोटिस दिए गए।

    28 दिसंबर तक जारी रहेगी जांच

    अग्निशमन विभाग ने साफ किया है कि यह विशेष मोहीम 28 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी। इसके बाद भी शहर में नियमित फायर सेफ्टी जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।

    नागरिकों और आस्थापन मालिकों से अपील

    डॉ. अश्विनी जोशी ने कहा कि:

    • सभी होटल, पब, बार और रेस्टोरेंट फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन करें
    • भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में सुरक्षा से कोई समझौता न करें
    • नागरिक भी सतर्क रहें और किसी भी खतरे की सूचना तुरंत दें।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह फायर सेफ्टी मोहीम कब तक चलेगी?
    ➡️ 28 दिसंबर 2025 तक।

    Q2. कितनी जगहों की जांच हुई है?
    ➡️ कुल 907 आस्थापन।

    Q3. कितनों पर कार्रवाई हुई?
    ➡️ 41 आस्थापनाओं पर।

    Q4. नोटिस क्यों दिए गए?
    ➡️ फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर सुधार के लिए।

    Q5. किस कानून के तहत कार्रवाई की गई?
    ➡️ महाराष्ट्र आग प्रतिबंधक व जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006।

  • 2013 सिलेंडर अग्निकांड: कंदिवली के कबाड़ी को लापरवाही में एक साल की सजा

    2013 सिलेंडर अग्निकांड: कंदिवली के कबाड़ी को लापरवाही में एक साल की सजा

    मुंबई के कंदिवली में 2013 में हुए एलपीजी गैस सिलेंडर अग्निकांड मामले में सेशन कोर्ट ने कबाड़ी बाबलू पासवान को दोषी ठहराते हुए एक साल की जेल की सजा सुनाई। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हुई थी।

    मुंबई: करीब 12 साल पुराने कंदिवली गैस सिलेंडर अग्निकांड मामले में मुंबई की सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कबाड़ का व्यवसाय करने वाले बाबलू पासवान को लापरवाही का दोषी मानते हुए एक साल की सजा सुनाई है। यह हादसा मार्च 2013 में हुआ था, जिसमें पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे।

    2013-cylinder-fire-incident-Kandivali-scrap-dealer-sentenced-to-one-year-in-jail-for-negligence-1

    कबाड़ से गैस निकालते वक्त हुआ था भीषण हादसा

    अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 7 मार्च 2013 की शाम करीब 6 बजे, बाबलू पासवान अपने दो साथियों की मदद से एलपीजी सिलेंडरों से गैस निकाल रहा था। यह काम कंदिवली पूर्व के फ्रेंड्स शेजार कमेटी चॉल के पास एक खुले नाले में किया जा रहा था, जो पूरी तरह से रिहायशी इलाका था।

    जलती सिगरेट से भड़की आग

    शिकायतकर्ता सलीम शेख, जो कंदिवली पश्चिम की जन एकता वेलफेयर सोसायटी में रहते हैं, ने अदालत को बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ वहां बैठकर बातचीत कर रहे थे और आसपास बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान, आरोप है कि पासवान के साथ मौजूद एक व्यक्ति ने जलती हुई सिगरेट नाले में फेंक दी, जहां गैस छोड़ी जा रही थी।
    इसके बाद अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसने पूरे इलाके को चपेट में ले लिया।


    बच्चे समेत कई लोग झुलसे

    हादसे में दो नाबालिग बच्चे और करीब 10 से 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत कपड़ों से आग बुझाने की कोशिश की और घायलों को अलग-अलग अस्पतालों — शिवम अस्पताल (चारकोप), चव्हाण अस्पताल, भगवती अस्पताल और ऑस्कर अस्पताल — में भर्ती कराया गया।

    पांच लोगों की गई जान

    इलाज के दौरान प्रीति यादव, मोहम्मद अफजल शेख, शरतूनिसा खान, सोफिया खातून और मोहम्मद हवेलदार की मौत हो गई। वहीं कई अन्य जैसे नदीम खान, अमन खान, आमिर खान और जीतू बुधाहांडी गंभीर रूप से घायल होकर किसी तरह बच पाए।

    सह-आरोपी बरी, कबाड़ी दोषी

    पुलिस ने इस मामले में अब्दुल सिद्दीक जब्बार खान को भी आरोपी बनाया था, जिस पर सिगरेट फेंकने का आरोप था। हालांकि, अदालत ने सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया, लेकिन मुख्य आरोपी बाबलू पासवान को दोषी ठहराया।

    अदालत की सख्त टिप्पणी

    अदालत ने फैसले में कहा कि बाबलू पासवान ने जानबूझकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की।
    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ज्वलनशील गैस सिलेंडरों को खाली करना सुरक्षित और नियंत्रित स्थान पर किया जाना चाहिए, न कि रिहायशी इलाके के खुले नाले में। यह लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जान पर भारी पड़ी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह हादसा कब और कहां हुआ था?
    A: 7 मार्च 2013 को कंदिवली पूर्व के एक रिहायशी इलाके में।

    Q2: हादसे में कितने लोगों की मौत हुई थी?
    A: कुल पांच लोगों की मौत हुई थी।

    Q3: कोर्ट ने आरोपी को क्या सजा दी?
    A: एक साल की जेल की सजा।

    Q4: आरोपी पर किस तरह की लापरवाही साबित हुई?
    A: रिहायशी इलाके में अवैध रूप से गैस सिलेंडर खाली करना।

  • बोरीवली में उबर कैब हादसा: डिवाइडर से टकराई कार, बुजुर्ग महिला की मौत

    बोरीवली में उबर कैब हादसा: डिवाइडर से टकराई कार, बुजुर्ग महिला की मौत

    मुंबई के बोरीवली पूर्व में उबर कैब के भीषण हादसे में 66 वर्षीय महिला की मौत हो गई। ड्राइवर पर लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने का मामला दर्ज। पढ़िए पूरी खबर।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में उबर कैब से हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 66 साल की बुजुर्ग महिला जेसिंथा डिसुजा की मौत हो गई। आरोप है कि कैब चालक ने गाड़ी तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाई, जिससे वाहन सड़क के डिवाइडर से टकरा गया। इस मामले में कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

    वसई से वडाला जाते वक्त हुआ हादसा

    जानकारी के मुताबिक, मृतक महिला जेसिंथा डिसुजा को उनके बेटे एडवर्ड प्रियांक डिसुजा (37) ने वसई से वडाला आने के लिए उबर कैब बुक करके दी थी। कैब सुबह करीब 7:30 बजे वासई से रवाना हुई थी।
    करीब 9 बजे के आसपास, बोरीवली पूर्व इलाके में अचानक कैब सड़क के डिवाइडर से टकरा गई, जिससे जेसिंथा गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    सिर में गंभीर चोट, ICU में भर्ती

    हादसे के बाद कैब चालक ने परिजनों को सूचना दी कि जेसिंथा को समतानगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    बेटा एडवर्ड तुरंत अस्पताल पहुंचा। डॉक्टरों ने बताया कि जेसिंथा के सिर में गंभीर चोट आई थी और उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। उन्हें आईसीयू में रखा गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद शाम करीब 6:30 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

    एडवर्ड डिसुजा वडाला में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते हैं और ईस्टर्न शिपिंग कंपनी में काम करते हैं। उनके माता-पिता वासई में रहते थे। मां की अचानक मौत से परिवार सदमे में है।

    ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप

    पुलिस के मुताबिक, कैब चालक ने वाहन बेदरकारी, तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाया, जिसकी वजह से कार डिवाइडर से टकराई और यह हादसा हुआ।
    पीड़ित परिवार की शिकायत पर कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

    पुलिस जांच जारी

    इस केस की जांच पुलिस उपनिरीक्षक मयूर पाटील के मार्गदर्शन में की जा रही है। पुलिस ड्राइवर की ड्राइविंग हिस्ट्री, स्पीड और हादसे के हालात की जांच कर रही है।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. हादसा कहां हुआ?
    👉 मुंबई के बोरीवली पूर्व इलाके में।

    Q2. मृतक महिला की उम्र कितनी थी?
    👉 66 वर्ष।

    Q3. महिला कहां जा रही थीं?
    👉 वासई से वडाला।

    Q4. पुलिस ने किसके खिलाफ मामला दर्ज किया है?
    👉 उबर कैब चालक के खिलाफ।

    Q5. हादसे की वजह क्या बताई गई है?
    👉 तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाना।