
मालाड ईस्ट के शेठ ब्लू आइवी प्रोजेक्ट में 15 साल की देरी पर MahaRERA ने शेठ डेवलपर्स को 15 फ्लैट खरीदारों को ब्याज देने और बिक्री समझौता रजिस्टर करने का आदेश दिया।
मुंबई: मालाड ईस्ट में शेठ डेवलपर्स की आवासीय परियोजना शेठ ब्लू आइवी में करीब 15 साल की देरी को गंभीर मानते हुए महाराष्ट्र रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (MahaRERA) ने बड़ा फैसला सुनाया है। MahaRERA ने बिल्डर को आदेश दिया है कि वह 15 फ्लैट खरीदारों को जुलाई 2022 से फ्लैट का कब्जा मिलने तक ब्याज दे और साल 2010 से लंबित बिक्री समझौतों को तुरंत निष्पादित कर रजिस्टर करे।
क्या है पूरा मामला
शेठ ब्लू आइवी प्रोजेक्ट, जिसे शुरुआत में वसंत पर्ल नाम से बेचा गया था, उसमें 2010 से 2012 के बीच 15 लोगों ने फ्लैट बुक किए थे। उस समय बिल्डर ने 36 महीने में निर्माण पूरा करने और 42 महीने में कब्जा देने का वादा किया था। लेकिन सालों बीतने के बावजूद खरीदारों को न तो फ्लैट मिले और न ही पक्का जवाब।
लंबे इंतजार और परेशानी के बाद इन सभी खरीदारों ने 2023 से 2025 के बीच MahaRERA का दरवाजा खटखटाया।
खरीदारों की शिकायत क्या थी
खरीदारों की ओर से पेश वकीलों गिरीश केडिया और हर्षद भडभडे ने बताया कि बिल्डर ने सिर्फ अलॉटमेंट लेटर दिया था, लेकिन बिक्री का एग्रीमेंट कभी रजिस्टर नहीं किया।
इस बीच प्रोजेक्ट का लेआउट बदला गया, फ्लैट नंबर बदले गए और कब्जे की तारीख का कोई जिक्र नहीं किया गया।
खरीदारों का कहना था कि
- 2013 से 2023 तक उन्होंने कई बार जानकारी मांगी
- साइट पर लंबे समय तक काम बंद रहा
- कई खरीदार किराए के मकानों में रहने को मजबूर हुए
- आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव झेलना पड़ा
इसी आधार पर उन्होंने 42.8 लाख रुपये से लेकर 2.28 करोड़ रुपये तक मुआवजे की मांग की थी।
बिल्डर का पक्ष
MahaRERA में शेठ डेवलपर्स ने सफाई देते हुए कहा कि प्रोजेक्ट बॉम्बे हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले की वजह से करीब छह साल तक अटका रहा। कोर्ट के आदेश के चलते न तो निर्माण हो सका और न ही एग्रीमेंट रजिस्टर हो पाए।
बिल्डर के मुताबिक अप्रैल 2024 में काम दोबारा शुरू हुआ।
कंपनी ने यह भी कहा कि उसने सभी खरीदारों को रिफंड का विकल्प दिया था, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने प्रोजेक्ट में बने रहने का फैसला किया।
प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति
MahaRERA की वेबसाइट के अनुसार
- पहले प्रोजेक्ट पूरा होने की तारीख: 30 जून 2022
- संशोधित तारीख: 30 जून 2023
- अब नई डेडलाइन: 28 नवंबर 2027
यानी खरीदारों को अभी भी और इंतजार करना होगा।
MahaRERA का फैसला
MahaRERA के अध्यक्ष मनोज सौनिक ने 11 दिसंबर को आदेश दिया कि
- बिल्डर को जुलाई 2022 से कब्जा मिलने तक खरीदारों को ब्याज देना होगा
- जितनी रकम खरीदारों ने दी है, उस पर ब्याज लागू होगा
- सभी लंबित बिक्री समझौतों को तुरंत निष्पादित और रजिस्टर करना होगा
हालांकि, MahaRERA ने देरी के लिए अलग से मुआवजा और बढ़ी हुई स्टांप ड्यूटी की भरपाई की मांग को खारिज कर दिया।
क्यों अहम है यह फैसला
यह आदेश उन हजारों घर खरीदारों के लिए अहम माना जा रहा है, जो सालों से अटके प्रोजेक्ट्स में फंसे हैं। इससे यह साफ संदेश गया है कि लंबी देरी पर बिल्डरों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
FAQ
Q1. MahaRERA ने बिल्डर को क्या आदेश दिया है?
बिल्डर को जुलाई 2022 से कब्जा मिलने तक ब्याज देने और बिक्री समझौते रजिस्टर करने का आदेश दिया गया है।
Q2. कितने खरीदारों को राहत मिली है?
कुल 15 फ्लैट खरीदारों को यह राहत मिली है।
Q3. क्या खरीदारों को मुआवजा मिलेगा?
नहीं, MahaRERA ने अलग से मुआवजे और स्टांप ड्यूटी की मांग खारिज कर दी है।
Q4. प्रोजेक्ट कब तक पूरा होना है?
नई समयसीमा के अनुसार 28 नवंबर 2027 तक।
Discover more from Indian fasttrack news
Subscribe to get the latest posts sent to your email.




