Category: Public Safety

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  • बोरीवली वेस्ट: सरदार आकांक्षा बिल्डिंग के लाइट मीटर बॉक्स में भीषण आग

    बोरीवली वेस्ट: सरदार आकांक्षा बिल्डिंग के लाइट मीटर बॉक्स में भीषण आग

    मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित भगवती हॉस्पिटल के सामने सरदार आकांक्षा बिल्डिंग के लाइट मीटर बॉक्स में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। दमकल ने 20 मिनट में आग पर काबू पाया, कोई हताहत नहीं। जानें पूरी अपडेट।

    मुंबई: बोरीवली वेस्ट के भगवती हॉस्पिटल के सामने सरदार आकांक्षा बिल्डिंग के लाइट मीटर बॉक्स में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी और मीटर बॉक्स पूरी तरह जलकर खाक हो गया, जिससे पूरे भवन की बिजली सप्लाई ठप हो गई।

    🔌 आग लगने की वजह: शॉर्ट सर्किट की आशंका

    स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार आग की सबसे संभावित वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। मीटर बॉक्स में अचानक लपटें उठीं और जलने के साथ-साथ धुएँ का गुबार आसमान की ओर फैल गया। इस आग ने आसपास के लोगों को सकते में डाल दिया।

    🧯 बाशिंदों ने खुद भी कोशिश की आग बुझाने की

    आग लगने के बाद कई निवासियों ने तुरंत फायर सेफ्टी किट की मदद से आग को रोकने का प्रयास किया। थोड़ी देर तक खुद के प्रयासों के बाद जब आग पर काबू न पाया जा सका, तब दमकल को बुलाया गया। इस दौरान मीटर बॉक्स से फटाके जैसा आवाज़ भी आने की खबर मिली।

    🚒 दमकल ने 20 मिनट में आग पर काबू पाया

    भगवती हॉस्पिटल के पास पहुंची मुंबई अग्निशमन सेवा की टीम ने करीब 20 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू में किया। दमकल कर्मियों ने तुरंत पानी की बौछार करते हुए आग की लपटों को फैले बिना रोक दिया। सुदैव से इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    ⚡ बिजली सप्लाई प्रभावित, जांच जारी

    मीटर बॉक्स पूरी तरह से जल जाने की वजह से सरदार आकांक्षा बिल्डिंग की बिजली सप्लाई प्रभावित रही। बिजली विभाग के अधिकारी आग के कारणों की विस्तृत जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को ही मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम कारण सामने आएगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आग कहाँ लगी थी?
    👉 बोरीवली पश्चिम, भगवती हॉस्पिटल के सामने सरदार आकांक्षा बिल्डिंग के लाइट मीटर बॉक्स में आग लगी।

    Q2. आग लगने की वजह क्या है?
    👉 शुरुआती जानकारी के मुताबिक शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी।

    Q3. क्या किसी के घायल होने की खबर है?
    👉 नहीं, किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

    Q4. आग पर कितनी देर में काबू पाया गया?
    👉 दमकल ने करीब 20 मिनट में आग को काबू में किया।

  • Kandivali में भूकंप के झटकों के बाद Coastal Road Piling रोकी गई

    Kandivali में भूकंप के झटकों के बाद Coastal Road Piling रोकी गई

    कांदीवली पश्चिम के चारकोप में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road की पाइलिंग का काम रोका गया। IIT और VJTI के एक्सपर्ट करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट, सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही काम शुरू होगा।

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road प्रोजेक्ट का पाइलिंग वर्क फिलहाल रोक दिया गया है। स्थानीय लोगों की शिकायत और विधायक Sanjay Upadhyay के हस्तक्षेप के बाद बीएमसी ने तुरंत काम बंद करने का आदेश दिया। अब आसपास की इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा।

    Coastal-Road-Piling-Stopped-After-Tremors-in-Kandivali-news

    📍चारकोप में दहशत, 11 फरवरी को महसूस हुए झटके

    चारकोप सेक्टर 8, कांदिवली वेस्ट में 11 फरवरी को कई इमारतों में कंपन महसूस हुआ। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह झटके Coastal Road के पाइलिंग वर्क की वजह से आए। इसके बाद इलाके में डर का माहौल बन गया और लोगों ने काम रुकवाने की मांग की।

    🏗️ IIT और VJTI करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट

    सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अब इमारतों की जांच के लिए

    • Indian Institute of Technology Bombay
    • Veermata Jijabai Technological Institute

    के एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है।

    बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, VJTI की टीम साइट का निरीक्षण करेगी और उनकी ग्रीन सिग्नल के बाद ही काम दोबारा शुरू होगा।

    🏛️ हाई-लेवल मीटिंग में क्या हुआ फैसला?

    मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त Bhushan Gagrani की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई। बैठक में विधायक Sanjay Upadhyay और वरिष्ठ बीएमसी अधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक में तय किया गया कि:

    • सभी नजदीकी इमारतों की तकनीकी जांच होगी
    • काम तय समय सीमा और घंटों में ही होगा
    • हर घटना का लिखित रिकॉर्ड रखा जाएगा
    • साइट पर जिम्मेदार अधिकारी तैनात होगा
    • पब्लिक सेफ्टी के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे

    🌊 20,000 करोड़ का Coastal Road प्रोजेक्ट

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    मुंबई का 20 किलोमीटर लंबा Coastal Road प्रोजेक्ट करीब ₹20,000 करोड़ की लागत से बन रहा है।

    • फेज I: मरीन ड्राइव से वर्ली एंड तक (पहले से चालू)
    • फेज II: वर्सोवा से दहिसर तक कनेक्टिविटी

    यह प्रोजेक्ट वेस्टर्न सबर्ब्स और आइलैंड सिटी के बीच ट्रैफिक कम करने के लिए अहम माना जा रहा है। पहले भी हजारों पेड़ों पर असर को लेकर विवाद हो चुका है।

    🛑 सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही शुरू होगा काम

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) Abhijeet Bangar ने कहा कि काम शुरू करने से पहले इलाके का निरीक्षण किया गया था, लेकिन अब स्वतंत्र जांच की मांग को देखते हुए VJTI के विशेषज्ञ साइट पर जाकर प्रभाव का आकलन करेंगे।

    उन्होंने बताया:

    • 15 फीट ऊंची प्रोटेक्टिव शीट लगाई जाएगी
    • धूल नियंत्रण के लिए विशेष उपाय
    • जिम्मेदार अधिकारी निगरानी करेगा
    • सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होंगे

    जब तक एक्सपर्ट टीम क्लियरेंस नहीं देती, तब तक पाइलिंग वर्क शुरू नहीं होगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. पाइलिंग वर्क क्यों रोका गया?
    👉 इमारतों में झटके महसूस होने की शिकायत के बाद काम रोका गया।

    Q2. कौन करेगा इमारतों की जांच?
    👉 IIT और VJTI के विशेषज्ञ स्ट्रक्चरल ऑडिट करेंगे।

    Q3. Coastal Road प्रोजेक्ट कितना लंबा है?
    👉 लगभग 20 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट है।

    Q4. काम कब दोबारा शुरू होगा?
    👉 VJTI से सेफ्टी क्लियरेंस मिलने के बाद।

  • Sanjay Gandhi National Park Encroachers Notice 2026: दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी

    Sanjay Gandhi National Park Encroachers Notice 2026: दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी

    मुंबई के Sanjay Gandhi National Park (SGNP) में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुनर्वसन प्रक्रिया तेज। 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी, 17 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य।

    मुंबई: Sanjay Gandhi National Park (बोरीवली) क्षेत्र में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए वन विभाग ने बड़ी और अहम सूचना जारी की है। मा. उच्च न्यायालय, मुंबई के आदेश (जनहित याचिका क्र. 305/1995) के तहत पुनर्वसन प्रक्रिया को अंतिम चरण में लाया जा रहा है। अब सर्वे के आधार पर बनी प्राथमिक सूची के अनुसार दस्तावेज जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

    📌 क्या है पूरा मामला? | Bombay High Court Order Update

    Bombay High Court के 07 मई 1997 के आदेश के अनुसार SGNP क्षेत्र में बचे हुए अतिक्रमणों का सर्वे कर पुनर्वसन की प्रक्रिया लागू की जानी है। इसी आदेश के पालन में सरकार ने अधिकृत एजेंसी M/s. Grant Thornton Bharat LLP के माध्यम से सर्वे कराया।

    इस सर्वे में कुल 16,478 अतिक्रमणधारकों की प्राथमिक सूची तैयार की गई है।


    📝 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी | Check Name Online

    Sanjay-Gandhi-National-Park-Encroachers-Notice-2026-Last-date-for-submission-of-documents-is-February-28-news

    वन विभाग ने यह प्राथमिक सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट
    👉 www.mahaforest.gov.in
    पर प्रकाशित कर दी है।

    साथ ही यह सूची SGNP बोरीवली के वन कार्यालयों और संबंधित पुनर्वसन कक्षों के नोटिस बोर्ड पर भी उपलब्ध है।

    अगर आपका नाम लिस्ट में है या नहीं है, लेकिन आप वन क्षेत्र में रह रहे हैं — तो यह आखिरी मौका है दस्तावेज जमा करने का।


    📂 कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं? | Required Documents for SGNP Rehabilitation

    पात्रता तय करने के लिए नीचे दिए गए दस्तावेज अनिवार्य हैं:

    1. 01 जुलाई 1995 की वोटर लिस्ट में नाम (फोटो कॉपी)
    2. पहले जमा किए गए ₹7,000 की रसीद (यदि लागू हो)
    3. वन विभाग द्वारा दिया गया झोपड़ी नंबर
    4. 01.07.1995 से 01.01.2011 तक वोटर लिस्ट में नाम का प्रमाण
    5. वोटर आईडी कार्ड
    6. आधार कार्ड / राशन कार्ड / अन्य पहचान पत्र

    👉 बिना दस्तावेज के पुनर्वसन पात्रता तय नहीं होगी।

    मुंबई के Sanjay Gandhi National Park क्षेत्र में वन विभाग द्वारा जारी पुनर्वसन नोटिस के अनुसार जिन-जिन अतिक्रमित नगरों/पाड़ों (Encroached Areas) को शामिल किया गया है, उनकी पूरी विस्तृत सूची नीचे दी जा रही है। यह जानकारी उन सभी रहिवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो पात्रता तय करने के लिए दस्तावेज जमा करने वाले हैं।


    📍 1️⃣ बोरीवली मुख्य प्रवेशद्वार क्षेत्र (SGNP Main Gate Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    पुनर्वसन कक्ष, जुने वनपरिक्षेत्र कार्यालय, मुख्य प्रवेशद्वार, SGNP बोरीवली

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • चिचपाडा
    • नवापाडा
    • रावणपाडा
    • केल्डाईपाडा
    • तुमणीपाडा
    • मलेपाडा
    • तलेपाडा
    • चुनापाडा
    • डॅमपाडा
    • धारखाडी
    • केतकी पाडा
    • केशव नगर
    • पांडे कम्पाउंड
    • अन्य आसपास के अतिक्रमित क्षेत्र

    📍 2️⃣ गौतम नगर – दामू नगर बेल्ट (Gautam Nagar Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    गौतमनगर संरक्षण कुटी, दामूनगर नाले के पास, लहुगड रोड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • दामू नगर
    • भीमनगर
    • सातारा कॅम्प
    • गांधी नगर
    • पाताचे पानी
    • आकारची भट्टी
    • देवी पाडा
    • चुनापाडा (इस बेल्ट का हिस्सा)
    • लहूगड
    • गौतम नगर
    • रामगड

    📍 3️⃣ अप्पापाडा – आनंदनगर क्षेत्र (Appapada Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    अप्पापाडा संरक्षण कुटी, आनंदनगर बस स्टॉप रोड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • क्रांती नगर
    • फुले नगर
    • आदिवासी नगर
    • कटिंग नं. 10
    • आंबेडकर नगर

    📍 4️⃣ मालाड – संजयनगर (पठाण वाडी) वन परिमंडल क्षेत्र

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    वन परिमंडल कार्यालय, संजयनगर (पठाण वाडी), मालाड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • जाम ऋषी नगर
    • पिंपरी पाडा
    • मावळे नगर / मोचीपाडा
    • बंजारी पाडा
    • संजयनगर / आंबा पाडा
    • वायशेत पाडा
    • मातंग गड
    • कलमाचा फोंडा
    • निंबोणी पाडा
    • बारीक पायरी / भाटूकली पाडा 1 व 2
    • डुक्कर भुजी पाडा

    📍 5️⃣ मुलुंड पश्चिम – खिंडीपाडा वन क्षेत्र

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    वन परिमंडल अधिकारी कार्यालय, खिंडीपाडा दरगाह रोड, मुलुंड पश्चिम

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • खिंडीपाडा
    • हनुमान पाडा
    • पंचशील नगर
    • राहुल नगर
    • शंकर टेकडी
    • पळस पाडा
    • घाटी पाडा
    • गणेश नगर
    • उलटन पाडा
    • साईबांगोड़ा रोड क्षेत्र

    ⚠️ जरूरी सूचना

    • ऊपर दिए गए सभी क्षेत्र SGNP वन सीमा (Forest Land) के अंतर्गत आते हैं।
    • इन सभी इलाकों के रहिवासियों को 17 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है।
    • केवल निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता/अपात्रता तय की जाएगी।
    Sanjay-Gandhi-National-Park-Encroachers-Notice-2026-Last-date-for-submission-of-documents-is-February-28-news-1

    ⚠️ अंतिम चेतावनी | Last Chance for SGNP Encroachers

    वन विभाग ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता तय की जाएगी।
    यह मौका चूकने पर पुनर्वसन का दावा कमजोर हो सकता है।

    उपसंचालक (दक्षिण) किरण पाटील द्वारा 13 फरवरी 2026 को यह नोटिस जारी किया गया है।


    ❓ FAQ

    Q1. क्या सभी अतिक्रमित पाड़ों के नाम जारी कर दिए गए हैं?

    हाँ, वन विभाग द्वारा नोटिस में उल्लेखित सभी क्षेत्र ऊपर सूचीबद्ध हैं।

    Q2. अगर मेरा इलाका इस लिस्ट में है तो क्या करना होगा?

    निर्धारित केंद्र पर आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा।

    Q3. क्या अलग-अलग इलाकों के लिए अलग केंद्र बनाए गए हैं?

    हाँ, बोरीवली, गौतम नगर, अप्पापाडा, मालाड और मुलुंड के लिए अलग पुनर्वसन कक्ष निर्धारित हैं।

    Q4. SGNP में दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख क्या है?

    👉 28 फरवरी 2026।

    Q5. क्या जिनका नाम लिस्ट में नहीं है वे भी आवेदन कर सकते हैं?

    👉 हां, यदि वे वन क्षेत्र में रह रहे हैं तो दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

    Q6. सूची कहां चेक करें?

    👉 www.mahaforest.gov.in और SGNP वन कार्यालयों में।

    Q7. कौन सा कोर्ट ऑर्डर लागू है?

    👉 बॉम्बे हाई कोर्ट, जनहित याचिका क्र. 305/1995।

  • Mulund–Goregaon Construction हादसे: आपदा में अवसर? 6 करोड़ वसूली, जनता की जान पर जोखिम

    Mulund–Goregaon Construction हादसे: आपदा में अवसर? 6 करोड़ वसूली, जनता की जान पर जोखिम

    मुंबई में तीन दिन के भीतर दो बड़े निर्माण हादसे—Mulund Metro Line 4 पिलर गिरने से एक की मौत और Goregaon Link Road पर ब्रिज का आयरन पिलर कार पर गिरा। 6 करोड़ पेनल्टी बनाम 5 लाख मुआवजा पर महाराष्ट्र सरकार घिरी।

    मुंबई: अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। पहले मुलुंड में मेट्रो पिलर गिरने से एक व्यक्ति की मौत और अब गोरेगांव लिंक रोड पर ब्रिज का आयरन पिलर कार पर गिरने की घटना—दोनों हादसों ने शहर की सेफ्टी मॉनिटरिंग पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं—“आपदा में अवसर… 6 करोड़ वसूली, 5 लाख मुआवजा!”

    📍 Mulund Metro Line 4 हादसा: एक मौत, 6 करोड़ पेनल्टी

    14 फरवरी को मुंबई के मुलुंड पश्चिम में एलबीएस मार्ग पर Johnson & Johnson के पास Mumbai Metro Line 4 के निर्माणाधीन पिलर का स्लैब गिर गया।

    ऑटो और कार मलबे की चपेट में आए। रामधन/रामधनी यादव की मौत हो गई, 3-4 लोग घायल हुए।

    💰 कार्रवाई क्या हुई?

    • कॉन्ट्रैक्टर पर 5 करोड़ रुपये पेनल्टी
    • कंसल्टेंट पर 1 करोड़ रुपये पेनल्टी
    • मृतक परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजा

    यानी कुल 6 करोड़ की वसूली, लेकिन परिवार को 5 लाख।
    जनता पूछ रही है—क्या किसी जान की कीमत सिर्फ 5 लाख?

    Mulund-Goregaon-construction-accident-Opportunity-in-disaster-6-crore-rupees-recovered-public-lives-at-risk-news

    🚧 Goregaon Link Road: बड़ा हादसा टला

    तीन दिन बाद, Goregaon Link Road पर अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का भारी आयरन पिलर अचानक टूटकर चलती कार पर गिर गया।

    कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई, लेकिन गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित बच गए।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इस घटना ने साफ कर दिया कि निर्माण स्थलों की निगरानी और सेफ्टी प्रोटोकॉल में कहीं न कहीं बड़ी चूक हो रही है।

    ⚠️ महाराष्ट्र सरकार पर बढ़ता दबाव

    लगातार दो घटनाओं के बाद उंगलियां सीधे तौर पर महाराष्ट्र सरकार की मॉनिटरिंग सिस्टम पर उठ रही हैं।

    मुंबई जैसे महानगर में रोज लाखों लोग सड़कों से गुजरते हैं। ऐसे में—

    • क्या सेफ्टी ऑडिट नियमित हो रहा है?
    • क्या साइट सुपरविजन मजबूत है?
    • क्या जवाबदेही तय होगी?

    विपक्षी दल आरोप लगा रहे हैं कि “आपदा में अवसर” की राजनीति हो रही है—पेनल्टी वसूली तो तेज, लेकिन पीड़ित परिवारों को राहत कम।

    🕯️ परिवार की मांग और बढ़ता गुस्सा

    मुलुंड हादसे में जान गंवाने वाले परिवार ने अधिक मुआवजा और एक बेटी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि 5 लाख रुपये से भविष्य सुरक्षित नहीं होगा।

    मुंबई की आम बोली में लोग कह रहे हैं—
    “सुरक्षा पहले क्यों नहीं? हादसे के बाद ही सख्ती क्यों?”

    🔍 Construction Safety Crisis in Mumbai

    Mulund Metro Accident और Goregaon Bridge Incident ने मुंबई में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स—मेट्रो, फ्लाईओवर, ब्रिज—सब पर भरोसा हिला दिया है।

    अगर अभी सख्त सेफ्टी रिव्यू नहीं हुआ, तो अगली बार किसकी जान जाएगी—ये सवाल हर मुंबईकर के मन में है।


    ❓ FAQ

    Q1. Mulund हादसा कब हुआ?
    14 फरवरी दोपहर 12:20 बजे।

    Q2. Goregaon हादसे में क्या हुआ?
    अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का आयरन पिलर चलती कार पर गिरा, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।

    Q3. Mulund हादसे में कितनी पेनल्टी लगी?
    कुल 6 करोड़ रुपये।

    Q4. मृतक परिवार को कितना मुआवजा मिला?
    5 लाख रुपये घोषित किए गए।

    Q5. क्या जांच शुरू हुई है?
    प्रशासन ने जांच की बात कही है, लेकिन रिपोर्ट का इंतजार है।

  • Goregaon Link Road पर बड़ा हादसा टला: अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का Iron Pillar कार पर गिरा, कोई घायल नहीं

    Goregaon Link Road पर बड़ा हादसा टला: अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का Iron Pillar कार पर गिरा, कोई घायल नहीं

    मुंबई के Goregaon Link Road पर अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का आयरन पिलर चलती कार पर गिरा। बड़ा हादसा टला, सभी यात्री सुरक्षित। इससे पहले Mulund में Metro Line 4 पिलर हादसे में एक की मौत। पढ़ें पूरी खबर।

    मुंबई: एक बार फिर अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। Goregaon Link Road पर बन रहे एक ब्रिज का लोहे का पिलर अचानक टूटकर एक चलती कार पर गिर गया। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन गनीमत रही कि उसमें सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। इस घटना के बाद शहर में निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग और सेफ्टी प्रोटोकॉल को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    🚧 Goregaon Link Road पर कैसे हुआ हादसा?

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, Goregaon Link Road पर अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का एक भारी आयरन पिलर अचानक ढह गया और नीचे से गुजर रही कार पर आ गिरा। हादसा इतना अचानक था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन कार में बैठे लोग समय रहते बाहर निकल गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।

    ⚠️ तीन दिन पहले Mulund में Metro Line 4 हादसा

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    इस घटना से ठीक तीन दिन पहले Mulund West में Lal Bahadur Shastri Marg (LBS Road) पर Mumbai Metro Line 4 के निर्माणाधीन पिलर का हिस्सा गिर गया था।

    यह हादसा दोपहर करीब 12:20 बजे Johnson & Johnson फैक्ट्री के पास हुआ। गिरा हुआ सीमेंट स्लैब एक ऑटो और कार पर आ गिरा। इस हादसे में 3 से 4 लोग घायल हुए थे, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई।

    🕯️ मृतक रामधनी यादव के परिवार की मांग

    Mulund हादसे में जान गंवाने वाले रामधनी यादव के परिवार ने मुआवजे को लेकर नाराज़गी जताई है। परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए मांग की है कि सरकार उचित आर्थिक सहायता और उनकी एक बेटी को सरकारी नौकरी दे।

    परिवार का कहना है कि घोषित राहत पैकेज उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

    🔍 निर्माण कार्यों पर उठे गंभीर सवाल

    लगातार हो रहे ब्रिज और मेट्रो निर्माण हादसों ने मुंबई में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की सेफ्टी स्टैंडर्ड पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

    • क्या साइट पर सेफ्टी ऑडिट नियमित हो रहा है?
    • क्या मजदूरों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं?
    • क्या मॉनिटरिंग एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं?

    Goregaon और Mulund की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।


    ❓ FAQ Section

    1️⃣ Goregaon Link Road पर क्या हुआ?

    अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का एक आयरन पिलर चलती कार पर गिर गया। कोई घायल नहीं हुआ।

    2️⃣ क्या इस हादसे में कोई जानमाल का नुकसान हुआ?

    कार को भारी नुकसान हुआ, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित बच गए।

    3️⃣ Mulund Metro Line 4 हादसे में क्या हुआ था?

    Metro Line 4 के निर्माणाधीन पिलर का स्लैब गिरने से एक व्यक्ति की मौत और 3-4 लोग घायल हुए थे।

    4️⃣ परिवार क्या मांग कर रहा है?

    मृतक के परिवार ने मुआवजा बढ़ाने और एक बेटी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

  • Mulund Metro Slab Collapse: मुलुंड में मेट्रो स्लैब गिरा, UP के सरपंच की मौत

    Mulund Metro Slab Collapse: मुलुंड में मेट्रो स्लैब गिरा, UP के सरपंच की मौत

    Mulund Metro Slab Collapse News – मुंबई के मुलुंड वेस्ट में Metro Line 4 के निर्माण के दौरान कंक्रीट स्लैब गिरने से यूपी के सरपंच रामधनी यादव की मौत, कई घायल। जानिए पूरा हादसा, MMRDA का बयान और राजनीतिक प्रतिक्रिया।

    मुंबई: Mulund West में 14 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे Metro Line 4 के निर्माण कार्य के दौरान एक भारी कंक्रीट स्लैब (पैरापेट का हिस्सा) अचानक नीचे गिर गया। यह स्लैब सीधे एक चलती ऑटो रिक्शा और पास की कार पर आ गिरा। इस दर्दनाक हादसे में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सरपंच रामधनी यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3-4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना LBS रोड पर जॉन्सन एंड जॉन्सन कंपनी के पास, पियर नंबर P196 के नजदीक हुई।

    📌 घटना कहां और कैसे हुई?

    14 फरवरी की दोपहर, जब रोज की तरह LBS रोड पर ट्रैफिक चल रहा था, उसी दौरान ऊपर चल रहे मेट्रो के काम से अचानक सीमेंट का बड़ा ब्लॉक टूटकर नीचे गिर गया।

    यह हादसा Mumbai के Mulund West इलाके में, मुलुंड फायर स्टेशन के पास राजीव (मिलन) स्ट्रीट के पास हुआ। Metro Line 4 (Green Line) का निर्माण कार्य जारी था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, “तेज आवाज आई और देखते ही देखते रिक्शा पूरी तरह दब गई।”

    👤 कौन थे मृतक सरपंच?

    हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सरपंच रामधनी यादव के रूप में हुई है।

    वे अपने साथी और पूर्व सरपंच महेंद्र यादव के साथ मुंबई घूमने आए थे। मुलुंड में उनके दोस्त की गन्ने के रस की दुकान है। वहीं से वे कलवा में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए रिक्शा से निकल रहे थे।

    लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दोपहर साढ़े बारह बजे के करीब मेट्रो का सीमेंट स्लैब उनके ऊपर आ गिरा और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    🏥 कितने लोग घायल?

    हादसे में 3 से 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
    घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।

    🏗️ MMRDA का क्या कहना है?

    Mumbai Metropolitan Region Development Authority (MMRDA) ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है:

    “Metro Line 4 के निर्माण के दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। हमने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। हादसे की जांच के लिए अलग टीम गठित की गई है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”

    फिलहाल तकनीकी कारणों की जांच की जा रही है — क्या यह लापरवाही थी? क्या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ?

    🗣️Mulund घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज

    Varsha Gaikwad ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

    उन्होंने सवाल उठाया:

    • क्या मुंबईकरों की जान इतनी सस्ती हो गई है?
    • क्या सुरक्षा नियम सिर्फ कागजों में ही हैं?
    • क्या तेजी से काम पूरा करने के चक्कर में गुणवत्ता से समझौता हो रहा है?

    उन्होंने कहा कि हर बार जांच का ऐलान होता है, लेकिन जिम्मेदारी कौन लेता है?

    ⚠️ मेट्रो निर्माण में सुरक्षा पर सवाल?

    मुंबई में इस समय कई जगहों पर मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है।
    लेकिन इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आने से आम लोगों में डर का माहौल है।

    🔎 बड़ी बातें एक नजर में

    • 📅 तारीख: 14 फरवरी 2026
    • 📍 स्थान: मुलुंड वेस्ट, LBS रोड
    • 🚧 प्रोजेक्ट: Metro Line 4 (Green Line)
    • 💀 मृतक: यूपी के सरपंच रामधनी यादव
    • 🤕 घायल: 3-4 लोग
    • 🏢 जांच: MMRDA द्वारा शुरू

    ❓ FAQ – Mulund Metro Slab Collapse

    Q1: मुलुंड मेट्रो हादसा कब हुआ?
    14 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे।

    Q2: हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
    एक व्यक्ति (सरपंच रामधनी यादव) की मौके पर मौत हुई।

    Q3: यह हादसा किस मेट्रो लाइन के दौरान हुआ?
    Metro Line 4 (Green Line) के निर्माण के दौरान।

    Q4: MMRDA ने क्या कार्रवाई की है?
    जांच टीम गठित की गई है और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

  • Malad SUV Accident में 4 साल के मासूम की मौत, ड्राइवर कार पार्क कर हुआ फरार

    Malad SUV Accident में 4 साल के मासूम की मौत, ड्राइवर कार पार्क कर हुआ फरार

    मुंबई के Malad में हाउसिंग सोसायटी के बेसमेंट में SUV ने 4 साल के बच्चे को कुचला। आरोपी ने कार पार्क की और बिना अस्पताल ले जाए चला गया। पुलिस ने पहले लापरवाही का केस दर्ज किया, बाद में BNS की सख्त धाराएं लगाकर दोबारा गिरफ्तार किया।

    मुंबई: Malad East में नीलयोग विराट हाउसिंग सोसायटी के बेसमेंट में 7 फरवरी को तेज रफ्तार SUV ने 4 साल के मासूम लक्ष सिंह को कुचल दिया। आरोपी व्यवसायी रमेश जतारा (45) ने बच्चे को टक्कर मारने के बाद कार पार्क की और बिना अस्पताल ले जाए वहां से चला गया। घायल बच्चे को परिजन अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। पहले पुलिस ने लापरवाही का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसे छुट्टी अदालत से जमानत मिल गई थी। बाद में परिवार की शिकायत पर पुलिस ने BNS के तहत गैर इरादतन हत्या की गंभीर धाराएं जोड़कर आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया।

    📍 Malad East की सोसायटी में दर्दनाक हादसा

    यह हादसा मालाड ईस्ट, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास स्थित नीलयोग विराट हाईराइज सोसायटी के बी-2 लेवल बेसमेंट में हुआ। बताया जा रहा है कि यहां दो सिक्योरिटी गार्ड तैनात थे और सोसायटी के बच्चे अक्सर बेसमेंट में खेलते थे।

    7 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे लक्ष अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था, तभी एक SUV तेज रफ्तार से नीचे उतरी और बच्चे को टक्कर मारते हुए घसीटती चली गई।

    🚗 आरोपी ने कार पार्क की और चला गया

    ड्यूटी पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड सुनील जायसवाल (38) ने बताया कि टक्कर के बाद बच्चे की चीख सुनाई दी। जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि SUV ने बच्चे को टक्कर मारकर आगे बढ़ा दिया था।

    गार्ड के मुताबिक,

    “ड्राइवर ने पहले कार पार्क की और फिर हमें कहा कि बच्चे के घरवालों को बुलाकर उसे घर छोड़ दो। इसके बाद वह वहां से चला गया।”

    यह लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब पूरे मुंबई में गुस्से का कारण बना हुआ है।

    🏥 अस्पताल पहुंचने से पहले ही बिगड़ी हालत

    गार्ड बच्चे के घर का पता नहीं जानते थे। कुछ देर बाद बच्चे का चचेरा भाई उसे ढूंढते हुए बेसमेंट में पहुंचा और घायल हालत में पाया। परिवार तुरंत उसे पास के प्राइवेट अस्पताल लेकर गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत की सटीक वजह सामने आएगी।

    👨‍👩‍👦 20 साल बाद घर में आई थी खुशियां

    लक्ष सिंह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। पिता जयप्रकाश सिंह होलसेल किराना व्यापारी हैं। परिवार के मुताबिक, शादी के करीब 20 साल बाद उनके घर में बच्चे का जन्म हुआ था।

    पिता ने रोते हुए कहा:

    “अगर आरोपी मेरे बेटे को तुरंत अस्पताल ले जाता तो शायद वह बच सकता था।”

    ⚖️ पहले जमानत, फिर दोबारा गिरफ्तारी

    दिंडोशी पुलिस ने पहले आरोपी पर लापरवाही से मौत (Negligence) का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। छुट्टी अदालत ने अगले ही दिन जमानत दे दी।

    हालांकि, बाद में परिवार के रिश्तेदार ने बयान दिया कि आरोपी को पहले भी सोसायटी में तेज गाड़ी चलाने को लेकर चेतावनी दी गई थी।

    इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गैर इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder) की गंभीर धाराएं जोड़ दीं और आरोपी को ठाणे जेल से दोबारा गिरफ्तार किया।

    🔎 सोसायटी में पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी

    परिवार का दावा है कि आरोपी रमेश जतारा पहले भी सोसायटी परिसर में तेज गाड़ी चलाता था और उसे कई बार चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके उसने अपनी आदत नहीं सुधारी।

    अब यह मामला Mumbai Road Safety, Society Basement Accident, Rash Driving Case in Mumbai जैसे कीवर्ड्स के साथ सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।

    📌 परिवार की मांग: सख्त से सख्त सजा

    लक्ष की मां ने कहा:

    “वो हमारी आंखों का तारा था। इतनी छोटी उम्र में हमसे छीन लिया गया।”

    परिवार ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। रविवार को अंतिम संस्कार के बाद परिजन पुलिस स्टेशन के बाहर न्याय की मांग को लेकर जुटे।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड ईस्ट हादसा कब हुआ?
    यह घटना 7 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे हुई।

    Q2. आरोपी कौन है?
    आरोपी का नाम रमेश जतारा (45) है, जो एक व्यवसायी बताया गया है।

    Q3. पुलिस ने कौन सी धाराएं लगाई हैं?
    पहले लापरवाही की धारा लगाई गई थी, बाद में BNS के तहत गैर इरादतन हत्या की धारा जोड़ी गई।

    Q4. बच्चा कहां खेल रहा था?
    बच्चा सोसायटी के बी-2 लेवल बेसमेंट में दोस्तों के साथ खेल रहा था।

    Q5. क्या आरोपी को जमानत मिल गई थी?
    हाँ, पहले जमानत मिली थी, लेकिन बाद में गंभीर धाराएं जोड़ने के बाद दोबारा गिरफ्तार किया गया।

  • कोस्टल रोड टनल में नाबालिग की मर्सिडीज से हादसा, पुणे पोर्श केस जैसी नाराज़गी फिर उभरी

    कोस्टल रोड टनल में नाबालिग की मर्सिडीज से हादसा, पुणे पोर्श केस जैसी नाराज़गी फिर उभरी

    मुंबई के कोस्टल रोड टनल में नाबालिग चालक की मर्सिडीज से हादसा, महिला गंभीर घायल। सोशल मीडिया पर 2024 के पुणे पोर्श केस से तुलना, CCTV फुटेज की जांच और सख्त कार्रवाई के संकेत।

    बॉबी शेख
    मुंबई: कोस्टल रोड टनल में रविवार देर रात हुई मर्सिडीज कार दुर्घटना ने एक बार फिर नाबालिग ड्राइविंग और लग्ज़री गाड़ियों की लापरवाही पर बहस छेड़ दी है। पुलिस जांच में सामने आया कि कार 17 वर्षीय नाबालिग चला रहा था। हादसे में एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई है। इस घटना की 2024 के चर्चित पुणे पोर्श केस से तुलना की जा रही है, जिससे सोशल मीडिया पर गुस्सा और सवाल दोनों तेज हो गए हैं।

    ⏰ कब हुआ कोस्टल रोड हादसा

    पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना रविवार देर रात करीब 1.45 बजे कोस्टल रोड की टनल के अंदर हुई।
    तेज रफ्तार मर्सिडीज ने आगे चल रही कार को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे कुछ ही पलों में अफरा-तफरी मच गई।

    🚗 किसकी मर्सिडीज, कौन चला रहा था

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    जांच में पता चला कि मर्सिडीज अग्रीपाडा के एक वरिष्ठ कारोबारी के नाम पर रजिस्टर्ड है।
    उनकी 18 वर्षीय पोती घर से कार की चाबी लेकर निकली थी और वाहन उसका 17 वर्षीय नाबालिग दोस्त चला रहा था।

    👨‍👩‍👧‍👦 टक्कर की चपेट में कौन आया

    हादसे में जिस कार को टक्कर लगी, वह मीरा रोड निवासी 36 वर्षीय प्रसन्न मोपकर चला रहे थे।
    कार में उनके साथ उनकी पत्नी और सास मौजूद थीं। तीनों बोरीवली से कोलाबा एक होटल में डिनर के लिए जा रहे थे।

    🚑 महिला गंभीर, दो को मामूली चोट

    हादसे में प्रसन्न मोपकर और उनकी सास को हल्की चोटें आईं जबकि उनकी पत्नी की नाक में गंभीर चोट लगी उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है।

    🚔 पुलिस की कार्रवाई और जांच

    डी बी मार्ग पुलिस ने कार मालिक उसकी पोती और नाबालिग चालक तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। यह भी जांच की जा रही है कि नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति कैसे मिली।

    📹 CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    कोस्टल रोड टनल के उद्घाटन के बाद से यह इलाका लगातार निगरानी में है।
    फिलहाल पुलिस

    • टनल के अंदर लगे CCTV कैमरों की फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि हादसे के समय मर्सिडीज की सटीक रफ्तार और ड्राइविंग पैटर्न का पता लगाया जा सके।

    🔥 पुणे पोर्श केस से तुलना, सोशल मीडिया पर आक्रोश

    इस घटना के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोग इसे 2024 के पुणे पोर्श केस से जोड़कर देख रहे हैं।
    लोगों का कहना है कि

    • लग्ज़री गाड़ियों में नाबालिग ड्राइविंग
    • अमीर परिवारों की लापरवाही
    • और कानून का डर न होना

    एक खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है।
    कई यूज़र्स ने “Underage Luxury Speeding” पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    🚦 ट्रैफिक पुलिस की अगली तैयारी

    ट्रैफिक पुलिस के सूत्रों का कहना है कि

    • नाइट-टाइम पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी
    • कोस्टल रोड और टनल में स्पीड कैमरा एनफोर्समेंट सख्त किया जाएगा
    • स्टंट ड्राइविंग और रेसिंग पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा

    ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

    ⚠️ नाबालिग ड्राइविंग पर फिर बड़ा सवाल

    यह हादसा साफ दिखाता है कि

    • सिर्फ चालान नहीं
    • बल्कि कार मालिक और अभिभावकों की जिम्मेदारी तय करना

    अब जरूरी हो गया है।
    वरना हर बार हादसे के बाद सिर्फ जांच और बयान ही होते रहेंगे।


    ❓ FAQ

    Q1. हादसा कब हुआ?
    रविवार देर रात करीब 1.45 बजे कोस्टल रोड टनल में।

    Q2. क्या कार नाबालिग चला रहा था?
    हाँ, 17 वर्षीय नाबालिग चालक था।

    Q3. पुणे पोर्श केस से तुलना क्यों हो रही है?
    दोनों मामलों में नाबालिगों द्वारा लग्ज़री कार तेज रफ्तार में चलाने की बात सामने आई है।

    Q4. पुलिस आगे क्या कदम उठा रही है?
    CCTV जांच, स्पीड एनालिसिस और नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाने की तैयारी।

  • मालवनी गैस सिलेंडर ब्लास्ट के 7 घायलों में 2 की मौत—2 की हालत नाजुक

    मालवनी गैस सिलेंडर ब्लास्ट के 7 घायलों में 2 की मौत—2 की हालत नाजुक

    मुंबई के मालवनी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट मामले में इलाज के दौरान दो घायलों की मौत हो गई। कुल 7 लोग घायल हुए थे, जिनमें से दो की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

    मुंबई: मालाड (पश्चिम) स्थित मालवनी इलाके में हुए गैस सिलेंडर ब्लास्ट हादसे में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस हादसे में घायल हुए सात लोगों में से दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। मालवनी पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान विजय चौधरी और जुलेखा खान के रूप में हुई है। बाकी घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

    Breaking Update: इलाज के दौरान दो की मौत

    मालवनी पुलिस सूत्रों के अनुसार, गैस सिलेंडर ब्लास्ट में घायल सात लोगों में से दो ने केईएम अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
    मृतकों की पहचान इस प्रकार है—

    • विजय चौधरी (उम्र 54 वर्ष)
    • जुलेखा खान (उम्र करीब 60 वर्ष)

    दोनों की हालत बेहद गंभीर थी और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    अब भी अस्पताल में ज़िंदगी से जूझ रहे घायल

    हादसे में घायल हुए बाकी पांच लोगों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। इनमें से दो मरीजों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन पर डॉक्टर लगातार निगरानी रखे हुए हैं।

    कब और कहां हुआ था हादसा?

    यह दर्दनाक हादसा—

    • दिनांक: 27 जनवरी 2026
    • समय: सुबह करीब 9:25 बजे
    • स्थान:
    • मालवनी गेट नंबर 8
    • ए.सी. मस्जिद के पास
    • भारत माता स्कूल के बगल में
    • मालाड (पश्चिम), मुंबई

    घनी आबादी वाले इलाके में ब्लास्ट होने से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी।

    गैसi सिलेंडर ब्लास्ट, कैसे हुआ हादसा?

    प्राथमिक जांच के अनुसार, एक ग्राउंड प्लस दो मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर बने कमरे में गैस लीकेज हुआ।
    लीकेज के बाद—

    • सिलेंडर के मेन वाल्व में आग लगी
    • देखते ही देखते जोरदार ब्लास्ट हुआ
    • कमरे में आग फैल गई

    ब्लास्ट के कारण कमरे में रखा लगभग सारा सामान जलकर खाक हो गया।

    किन-किन चीज़ों को हुआ नुकसान?

    दमकल विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, आग सीमित दायरे में रही, लेकिन नुकसान काफी हुआ—

    • एलपीजी सिलेंडर
    • गैस स्टोव
    • सिलेंडर का मेन वाल्व
    • एसी शीट्स
    • घरेलू सामान
    • खाने-पीने की वस्तुएं
    • गद्दे और अन्य सामान

    दमकल की फुर्ती, 17 मिनट में आग पर काबू

    बीएमसी की मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए—

    सुबह 9:42 बजे आग को पूरी तरह बुझा दिया।

    अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था।

    घायलों का अस्पताल-वार पूरा विवरण

    BDBA अस्पताल (शिफ्ट किए गए मरीज):

    1. विजय चौधरी (54 वर्ष) – बाद में मौत
    2. तौसीब खान (18 वर्ष) – DAMA
    3. अली कासिम (17 वर्ष) – DAMA

    आधार अस्पताल:

    1. जुलेखा बानो आफताब अंसारी (60 वर्ष) – 55-60% जलने के बाद कूपर अस्पताल रेफर, बाद में मौत
    2. आदिल शेख (2 वर्ष) – 20% जले, कूपर अस्पताल रेफर
    3. रोमा (35 वर्ष) – 35% जली, हालत गंभीर
    4. अलीशा (18 वर्ष) – 35% जली, हालत गंभीर

    मौके पर पहुंचीं ये एजेंसियां

    घटना की सूचना मिलते ही कई विभाग मौके पर पहुंचे—

    • मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB)
    • मालवनी पुलिस
    • 108 एंबुलेंस सेवा
    • बीएमसी वार्ड स्टाफ
    • बिजली विभाग का स्टाफ

    पुलिस जांच जारी, कारणों की पड़ताल

    मालवनी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और यह जांच की जा रही है कि—

    • गैस लीकेज कैसे हुआ?
    • सिलेंडर या पाइप में कोई तकनीकी खराबी थी या नहीं?
    • सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं?

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालवनी गैस सिलेंडर ब्लास्ट में कितने लोगों की मौत हुई?
    👉 दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हुई है।

    Q2. हादसे में कुल कितने लोग घायल हुए थे?
    👉 कुल 7 लोग घायल हुए थे।

    Q3. अभी कितने घायलों की हालत गंभीर है?
    👉 दो घायलों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

    Q4. हादसा किस वजह से हुआ?
    👉 प्राथमिक जांच में गैस लीकेज को कारण माना जा रहा है, जांच जारी है।

  • कांदिवली शताब्दी अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन लैब टेक्नीशियन, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

    कांदिवली शताब्दी अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन लैब टेक्नीशियन, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

    कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में पांच लैब टेक्नीशियन बिना महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन के काम करते पाए गए. शिकायत के बाद MPC ने कार्रवाई के निर्देश दिए. पूरी रिपोर्ट पढ़ें.

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल (शताब्दी अस्पताल) में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अस्पताल में कम से कम पांच लैब टेक्नीशियन ऐसे पाए गए हैं, जो महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल (MPC) में रजिस्टर्ड नहीं हैं, इसके बावजूद वे इमरजेंसी लैब में भी सेवाएं दे रहे थे. एक शिकायत के बाद MPC ने संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है.

    कैसे सामने आया पूरा मामला?

    यह मामला तब उजागर हुआ जब स्वास्थ्य कार्यकर्ता और अधिवक्ता तुषार भोसले ने “आपले सरकार” पोर्टल के जरिए महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि शताब्दी अस्पताल में बिना वैध रजिस्ट्रेशन वाले लैब टेक्नीशियन मरीजों के सैंपल, जांच और इमरजेंसी मामलों को संभाल रहे हैं, जो कानून और मरीजों की सुरक्षा—दोनों के खिलाफ है.

    शिकायत मिलने के बाद MPC ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

    MPC के निर्देश के बाद अस्पताल का आदेश

    पैरामेडिकल काउंसिल के निर्देश के बाद शताब्दी अस्पताल प्रशासन ने एक आंतरिक आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि सभी लैब टेक्नीशियन के लिए MPC रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा.

    हालांकि, इस आदेश का विरोध अस्पताल के कुछ स्थायी और वरिष्ठ कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है, जो वर्षों से सेवा में हैं लेकिन जरूरी योग्यता और मान्यता प्राप्त डिग्री के अभाव में रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे.

    अस्पताल प्रशासन की दुविधा

    अस्पताल प्रशासन इस समय असमंजस में है. एक ओर कानून का पालन करना जरूरी है, तो दूसरी ओर लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों का भविष्य भी सवालों में है.

    इस मुद्दे पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में कुल 18 लैब टेक्नीशियन कार्यरत हैं, जिनमें कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ भी शामिल है. इनमें से पांच टेक्नीशियन फिलहाल महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड नहीं हैं.

    पांच टेक्नीशियन ने किया आवेदन, फिर भी अड़चन

    डॉ. अजय गुप्ता के अनुसार,

    • सभी पांच टेक्नीशियन ने MPC रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर दिया है
    • प्रत्येक ने ₹2,000 की निर्धारित फीस जमा की है
    • आवेदन की रसीद भी उन्हें मिल चुकी है

    लेकिन समस्या यह है कि इनमें से कुछ के पास BSc माइक्रोबायोलॉजी की डिग्री है या वे ऐसे संस्थानों से पासआउट हैं, जो MPC की मान्यता सूची में शामिल नहीं हैं. इसी वजह से उनके रजिस्ट्रेशन पर अंतिम फैसला अटका हुआ है.

    DMLT अनिवार्य, कानून साफ

    स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मुताबिक,
    ब्लड बैंक टेक्नीशियन और लैब टेक्नीशियन के लिए सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त DMLT (डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी) अनिवार्य है.

    अतीत में कई भर्तियां इन नियमों को दरकिनार कर की गईं, जिसका खामियाजा अब कर्मचारियों और अस्पताल—दोनों को भुगतना पड़ रहा है.

    कानूनी चेतावनी: अपराध है बिना रजिस्ट्रेशन काम करना

    इस मामले पर शिकायतकर्ता अधिवक्ता तुषार भोसले ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा:

    “कानून के मुताबिक लैब टेक्नीशियन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, भले ही इसके लिए उन्हें अब DMLT करना पड़े. बिना रजिस्ट्रेशन प्रैक्टिस करना संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है. महाराष्ट्र स्टेट पैरामेडिकल एक्ट पूरे राज्य में लागू है, जिसमें BMC भी शामिल है. इस पर कोई भ्रम नहीं है.”

    उन्होंने बताया कि MPC ने इस बाबत BMC आयुक्त को भी अनिवार्य रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और CMS ने भी समर्थन में सर्कुलर जारी किया है.

    मरीजों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल

    बिना रजिस्टर्ड टेक्नीशियन द्वारा इमरजेंसी लैब सेवाएं संभालना सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ माना जा रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में जरा-सी चूक भी गंभीर परिणाम ला सकती है.


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. शताब्दी अस्पताल में कितने लैब टेक्नीशियन बिना रजिस्ट्रेशन के पाए गए?
    👉 कुल पांच लैब टेक्नीशियन MPC में रजिस्टर्ड नहीं थे.

    Q2. क्या वे इमरजेंसी सेवाओं में काम कर रहे थे?
    👉 हां, आरोप है कि वे इमरजेंसी लैब में भी कार्यरत थे.

    Q3. लैब टेक्नीशियन के लिए कौन-सी योग्यता जरूरी है?
    👉 सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त DMLT अनिवार्य है.

    Q4. क्या बिना रजिस्ट्रेशन काम करना अपराध है?
    👉 हां, यह संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है.

    Q5. अस्पताल प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
    👉 MPC के निर्देश पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है और सभी पांच टेक्नीशियन ने आवेदन किया है.