Category: North India

  • खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद भी पहलगाम में हमला कैसे हो गया? प्रधानमंत्री ने रद्द किया था अपना कश्मीर दौरा

    खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद भी पहलगाम में हमला कैसे हो गया? प्रधानमंत्री ने रद्द किया था अपना कश्मीर दौरा

    पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री की खुफिया एजेंसियों को जानकारी थी तो हमले से पहले सुरक्षा व्यवस्था क्यों नही की गई? (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को दावा किया कि गत 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले से तीन दिन पहले खुफिया रिपोर्ट के आधार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना जम्मू-कश्मीर दौरा रद्द कर दिया था। उन्होंने झारखंड की राजधानी रांची में  कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए यह सवाल भी किया, कि इसी खुफिया रिपोर्ट के आधार पर लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गई? (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    कांग्रेस देगा सरकार का साथ

    उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खुफिया विफलता की बात स्वीकार की है और ऐसे में उसे 26 लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। खड़गे ने इस बात को दोहराया कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए हर कदम का कांग्रेस समर्थन करेगा इसके साथ ही सरकार के साथ खड़ा भी होगा। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    पहलगाम में आतंकी हमला

    बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने लगभग 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। इनमें ज्यादातर लोग पर्यटक थे। भारत ने इस भयावह घटना के लिए पाकिस्तान से जु़डे आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार बताया है। खड़गे ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा, “22 अप्रैल को देश में एक बहुत बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 बेगुनाह लोग मारे गए। सरकार ने यह माना कि ये खुपफिया विफलता है और इसे सुधारने की जरूरत है। उन्होंने सवाल किया, “जब आपको यह (खुफिया विफलता) मालूम है तो पहले ही अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    प्रधानमंत्री कश्मीर क्यों नही गए ?

    खड़गे ने इस बात पर जोर दिया, कि “जब आप चूक को मान रहे हैं तो इतने लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी आपको लेनी चाहिए।” उनका कहना था, “पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों के खिलाफ लड़ने के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी, हम उसका पूरा समर्थन करेंगे।” उन्होंने दावा किया, कि “मुझे यह भी सूचना मिली है, अखबारों में भी आया है कि हमले के तीन दिन पहले वहां से खुफिया रिपोर्ट मोदी जी को भेजी गई थी। इसी कारण मोदी जी ने कश्मीर जाने का कार्यक्रम रद्ध किया था।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    सुरक्षा पर सवाल

    कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया, कि जब खुफिया तंत्र के लोगों का कहना था कि प्रधानमंत्री का जाना मुनासिब नहीं है तो यही बात अपनी खुफिया एजैंसियों के लोगों को, सुरक्षा के लोगों को, पुलिस और वहां की सीमा सुरक्षा बल को क्यों नहीं बताई गई और लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गई? (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    प्रधानमंत्री का कश्मीर दौरा

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जम्मू-कश्मीर यात्रा 19 अप्रैल को निर्धारित थी, लेकिन प्रतिकूल मौसम पूर्वानुमान के कारण स्थगित कर दी गई थी। प्रधानमंत्री को दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे पुल का उद्घाटन करना था और कटरा से श्रीनगर के लिए वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखानी थी। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    गद्दार ने दागी गोली

    खड़गे ने कहा, “देश सबसे बड़ा है। इसके बाद ही पार्टी, धर्म और जाति आती है। हमने देश के लिए अपनी जान दी है। इंदिरा गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) और राजीव गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) ने देश को एक रखने के लिए बलिदान दिया है। महात्मा गांधी जी ने तो देश को आजादी दिलाई, लेकिन एक गद्दार ने उनके सीने में गोलियां दाग दी।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    झारखंड वासियों का धन्यवाद

    कांग्रेस अध्यक्ष ने रैली में इस बात का उल्लेख भी किया कि वह पिछले वर्ष झारखंड में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने के बाद पहली बार रांची पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “मैं सभी झारखंडवासियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं। हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया है और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार चल रही है। हम सभी जनता से किए वादे निभा रहे हैं। हमारी सरकार के मंत्री, विधायक सभी मिलकर जनता के लिए अच्छे से काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं सब को धन्यवाद देता हूं।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    सरकारी नौकरी

    झारखंड राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुम) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार सत्ता चला रही है। जिसमें कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी शामिल हैं। खड़गे ने दावा किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों को महीनों तनख्वाह नहीं मिलती है और प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि सभी बहुत सुखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “नरेन्द्र मोदी की नीति है- पीएसयू बंद करो और दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों की नौकरी छीन लो। उनके अनुसार, सरकारी नौकरियों में 30 लाख पद खाली हैं, लेकिन वे भरे नहीं जा रहे। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि देश आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, लेकिन सच्चाई ये है, कि देश के गरीबों को कुछ नहीं मिल रहा। सिर्फ पेपर में आंकड़े दिखाने से बात नहीं बनेगी, आपको लोगों के लिए काम करना होगा।” खड़गे ने केंद्र पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि यह सब उस ‘नेशनल हेराल्ड‘ अखबार को कायम रखने के लिए किया गया, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    डराने के लिए ईडी का उपयोग

    उन्होंने कहा, “जनसंघ, आरएसएस के किसी नेता को नहीं, बल्कि जवाहरलाल नेहरू समेत कई कांग्रेस नेताओं को जेल में डाला गया था।अब ये लोग हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं।” खड़गे ने आरोप लगाया कि ईडी जैसी एजेंसियों का विपक्षी नेताओं को डराने के लिए दुरुपयोग किया गया, लेकिन ऐसे लगभग 200 मामलों में केवल दो व्यक्तियों को ही सजा हो सकी। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    भाजपा का पलटवार

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि झारखंड के एक आदिवासी मुख्यमंत्री (हेमंत सौरेन) को गिरफ्तार कराने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका थी। भाजपा ने खरगे पर पलटवार करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना किए जाने का उद्देश्य “सुरक्षाबलों का मनोबल कम करना” है। झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खरगे की टिप्पणी ऐसे महत्वपूर्ण समय पर
    आई है जब “आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई निर्णायिक मोड़ पर है।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

  • ‘जाट’ फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर धमाल, कास्टिंग डायरेक्टर आलोक सिंह की चर्चा

    ‘जाट’ फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर धमाल, कास्टिंग डायरेक्टर आलोक सिंह की चर्चा

    फिल्म एक्टर और कास्टिंग डायरेक्टर की तस्वीर

    बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में जाट फिल्म ने धमाल मचा दिया है। बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार इंट्री के बाद फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर आलोक सिंह की खूब प्रशंसा की जा रही है।

    उत्तरप्रदेश/प्रयागराज- हाल ही में रिलीज़ हुई हिंदी फिल्म “जाट” ने दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीतते हुए बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। एक ओर जहां फिल्म की दमदार कहानी और प्रभावशाली अभिनय की चर्चा हो रही है, तो वहीं पर्दे के पीछे एक अहम भूमिका निभाने वाले कास्टिंग डायरेक्टर “आलोक सिंह” को भी खूब सराहा जा रहा है। एक्टर, कोएक्टर के साथ साथ डायरेक्ट भी आलोक सिंह की प्रशंसा करते नही थक रहे हैं। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    कास्टिंग का महत्व

    कास्टिंग असल में फिल्म की जान होती है। फिल्म और कहानी के हिसाब से कैरेक्टर का चयन ही फिल्म की कामयाबी का अहम हिस्सा होता है। जाट फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर आलोक सिंह की प्रशंसा इसी बात को लेकर हो रही है। जाट फिल्म एक गंभीर सामाजिक एवं राजनीतिक विषय पर आधारित है, इस फिल्म में पहचान, आत्मसम्मान और सत्ता की जंग को बेहद वास्तविक अंदाज में दर्शाया गया है। फिल्म की प्रामाणिकता और भावनात्मक गहराई का सबसे बड़ा श्रेय आलोक सिंह को ही जाता है, जिन्होंने पात्रों के अनुरूप सटीक कलाकारों का चयन कर फिल्म में जान डाल दी। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    डायरेक्टर से मुलाकात

    फिल्म के डायरेक्टर ‘गोपीचंद मलिनेनी’ ने आलोक सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘आलोक ने फिल्म की आत्मा को शुरुआत से ही समझ लिया था। उनकी कास्टिंग इतनी सटीक थी कि हर किरदार ने दर्शकों के दिलों में जगह बना ली। यह फिल्म उनकी कास्टिंग एक्सपीरिएन्स के बिना अधूरी होती।’ (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    नए चेहरों का एडजस्टमेंट

    फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले एक्टर की प्रदर्शन की तुलना बॉलीवुड की कुछ सबसे यादगार कैरेक्टरों से की जा रही है। वहीं सहायक किरदारों में भी नए चेहरों की मौजूदगी ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ दी। आलोक सिंह की खासियत यही मानी जा रही है कि वे नए और प्रतिभाशाली कलाकारों को मौके देते हैं और उन्हें सही दिशा में तराशते हैं। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    फिल्म इंडस्ट्री

    आलोक सिंह ने पिछले कुछ वर्षों में कास्टिंग के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जाट फिल्म की सफलता ने उनके करियर को एक नई ऊंचाई दी है। फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें अब एक ऐसे कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी समझ न सिर्फ तकनीकी है, बल्कि वह कहानी की आत्मा को समझते हुए कास्टिंग को एक कलात्मक रूप देते हैं। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    चर्चा हुई तेज़

    जैसे-जैसे जाट फिल्म की बॉलीवुड में लोकप्रियता बढ़ रही है और फिल्म विभिन्न पुरस्कारों की दौड़ में शामिल हो रही है, वैसे-वैसे आलोक सिंह की प्रतिभा की चर्चा भी तेज़ हो रही है। फिल्म के साथ-साथ उनके काम को भी लंबे समय तक याद रखा जाएगा। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

  • बिना ब्याज लोन का झांसा देकर 1 करोड़ 14 लाख रूपये की ठगी

    बिना ब्याज लोन का झांसा देकर 1 करोड़ 14 लाख रूपये की ठगी

    Mumbai Cyber Fraud: मुंबई के साइबर क्राइम पुलिस ने दिल्ली की एक नकली कॉल सेंटर पर छापामारी कर करोड़ों रुपये के फर्जीवाडे का खुलासा किया है। जो नकली मुहर और डॉक्यूमेंट बनाकर आम लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)

    Mumbai Cyber Crime: मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम विभाग ने दिल्ली में फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापामारी के दौरान 105 मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप के साथ 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी आम लोगों को ज़ीरो इंटरेस्ट रेट पर लोन देने का झांसा देकर ठगी करते थे। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)

    नकली मुहर और डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल

    पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी कॉल सेंटर के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को फोन करते थे और उनसे कहते थे कि वह बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) और यस बैंक (Yes Bank) से बोल रहे हैं। उनके साथ धोखाधड़ी करने के लिए जीरो इंटरेस्ट रेट पर लोन देने का झांसा देते थे। इसके बाद जैसे ही उनका शिकार लोन के लिए अपने डॉक्यूमेंट भेज देते थे, तो उनपर नकली मुहर और डॉक्यूमेंट बनाकर अलग-अलग माध्यमों से उनकी ठगी किया करते थे। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)

    बजाज फायनेंस पर भरोसा

    पुलिस ने बताया कि मुंबई के एक बुजुर्ग व्यक्ति को इसी तरिके से 1 करोड़ 14 लाख रूपये का धोखा दिया गया। शिकायत में पीड़ित बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि बीना ब्याज के लोन का झांसा देकर पहले आरोपियों ने उनके डॉक्यूमेंटस मांगे। बजाज फायनेंस का नाम सुनकर उन्हें भरोसा हुआ और जैसे ही लोन के लिए उन्होंने अपने डॉक्यूमेंटस भेजे इसके बाद अकाउंट डिटेल और ओटीपी शेयर किया, आरोपियों ने उनके डॉक्यूमेंटस से छेड़छाड़ कर उनके अकाउंट में लोन का पैसा ट्रान्सफर करवाया और बाद में उनके अकाउंट से सारे पैसे उड़ा लिए। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)

    नकली कल सेंटर का खुलासा

    मुंबई साइबर सेल से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायत के आधार पर मुंबई साइबर पुलिस की टीम ने दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो मैक्सिमाइजर मार्केटिंग (OPC) प्राइवेट लिमिटेड, आनंद विहार, हरी नगर, नई दिल्ली के नाम से कॉल सेंटर ऑपरेट कर रहे थे। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)

    105 मोबाइल फोन

    गिरफ्तार किये गए आरोपियों के नाम शहजाद लाल मोहम्मद खान उर्फ रहमान, अनुज उत्तम सिंह रावत उर्फ अनिल कुमार यादव और मोहम्मद आमिर हुसैन बताए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से 105 मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप बरामद किए गए है। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)

    132 मामलों में शामिल

    पुलिस को जांच में पता चला कि जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आरोपी कर रहे थे वो नंबर नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज देशभर के अलग-अलग 132 मामलों में शामिल है। जांच में यह भी बात सामने आई है कि आरोपियों ने अलग-अलग प्रकार से नागरिकों का भरोसा जीतकर उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की है। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)

    पुलिस ने क्या कहा?

    मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी दत्ता नलावडे ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और BNS की तमाम धाराओं के तहत केस रजिस्टर किय गया है और मामले की अभी और अधिक तहकीकात की जा रही है।

  • पहलगाम हमले के बाद भारत का बड़ा एक्शन

    पहलगाम हमले के बाद भारत का बड़ा एक्शन

    जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ भारत की सरकार अब सख्त हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक अहम बैठक कर पांच बड़े फैसले किए हैं। जिसमें सिंघु जल समझौते पर रोक, उच्चायोग बंद, नागरिकों के वीजा रद, अटारी बॉर्डर भी बंद का ऐलान कर दिया है। (India’s big action after Pahalgam attack)

    नई दिल्ली- पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सीसीएस की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गाए हैं। विदेश साचिव विक्रम मिश्री ने एक प्रेस कॉन्प्रेंस को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि पाकिस्तानी राजनयिकों को 48 घटे में देश छोड़ने को कहा गया है। सार्क वीजा वाले सभी पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही, सिंघु जल समझाते पर रोक लगाई गई है। अटरी वाघा बॉर्डर को बंद किया गया है। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानंत्री आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक खत्म हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई शीर्ष अथिकारी भी शामिल हुए। वैठक में केंद्र सरकार हमले की जानकारी दी। (India’s big action after Pahalgam attack)

    अबू तालाह है मास्टरमाइंड

    इलाके में एक साल से सक्रिय थे आतंकी
    पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकी पिछले एक साल से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय थे और इन्हीं आतंकियों ने मई 2024 में पुंछ में वायु सेना के काफिले पर हुए हमले को अंजाम दिया था। सूत्रों के मु्तबिक, जुलाई 2024 में इन आतंकियों ने जम्मू से कश्मीर की तरफ मुवमेंट किया था और फिर ये श्रीनगर के डाचीगाम जंगल क्षेत्र में जाकर छिप गए थे। दिसंवर 2024 में सुरक्षा बलों ने इस इलाके में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया था, लेकिन उस दौरान तीन आतंकी भागने में सफल हो गए थे। अब जांच में सामने आया है कि पहलगाम हमले को उन्हीं बचे हुए आतेकियों ने अंजाम दिया है। जिसमें उन्हें उनके पाकिस्तानी हैंडलर की मद मिली। इस हमले का मास्टरमाइंड अबू तालाह पाक अधिकृत कश्मीर से आतांकियों को निर्देश दे रहा था। (India’s big action after Pahalgam attack)

    भारत के पांच सख्त फैसले

    • सबसे पहला फैसला है कि भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित ऑटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को बंद किया जाएगा। यह एक वड़ा कदम है जिससे दोनों देशों के बीच सीमित आवाजाही भी रुक जाएगी।
    • दुसरा फैसला है कि पाकतिस्तान में मौजूद भारत का दूतवास अव बंद किया जाएग। यह कूटनीतिक रिश्तों में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
    • भारत ने तीसरा कडा कदम उठाते हुए इंडस वॉटर ट्रीटी (जल संधि) को भी रोक दिया है। इसका असर पाकिस्तान को काफी बड़े स्तर पर होगा।
    • चौथा फैसला यह है कि भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी राजनायिकों को 48 घंटे के भीतर देश छेड़ने का आदेश दिया गया है।
    • पादवां और अहम फैसला है कि अब पाकिस्तानियों को भारत का वीजा नही मिलेगा।

    रक्षा मत्री राजनाथ सिंह की कड़ी चेतावनी

    ऐसा जवाब देंगे कि दुनिया देखेगी
    केद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम हमले पर आतंकियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंनि सख्त लफ्जो में कहा, कि पहलगाम में आतंक्रियों ने थर्म को निशाना बनाकर कायराना हमला किया है। इसमें हमारे देश ने कई निर्दोष नागरिकों को खोया है। जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है, हम सिर्फ उन लोगों तक ही नहीं पहुंचेंगे, बल्कि उन लोगों तक भी पहुंचेंगे जो पर्द के पीछे बैठकर भारत की धरती पर नापाक साजिश रची है। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी टेरेरिज्म के खिलाफ जीरो टोलरेंस की पॉलिसी है। भारत का एक एक नागरिक इस कायरतापूर्ण हरकत के खिलाफ एकजुट है। भारत एक इतनी पुरानी सभ्यता और इतना बड़ा देश है, जिसको ऐसी किसी भी आतंकी गतिविधियों से डराया नहीं जा सकता है। ऐसी हरकतों का जवाब, हमले के जिम्मेदार लोगों को आने वाले कुछ ही समय में जोरदार तरीके से दिया जाएगा। (India’s big action after Pahalgam attack)

    Pahalgam attacks news image
    आतंकियों की तस्वीर

    पहलगाम के जल्लादों की हुई पहचान

    जम्मू-कक्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में लोगों की हत्या करने वाले आतकियों के स्केच पहले जारी किए गए थे, अब तरवीर भी जारी कर दी गई हैं। इन आतकवादियों की पहचान आसिक फौजी, सुलेमान शाह और अबू तालाह के रूप में हुई है। एक आतंकवादी मारा गया है। अब पहचान होने के बाद आतंकी कानून की पकड़ से दूर नही है, ऐसे में उन 27 लोगों की मौत को भी न्याय मिल सकेगा। सभी अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश जारी है। प्रात जानकारी के अनुसार इन 4 लोगों में से एक की मौत हो गई है। पुलिस शेष तीन लोगों की तलाश कर रही है जिनके पास के जंगल में छिपे होने का संदेह है। (India’s big action after Pahalgam attack)

    आईबी अधिकारी मनीष रंजन को पल्नी और बच्चों के सामने मारी गोली

    पहलगाम में हुए आतंकवादी हमलें में खुकिया ब्यरो के अधिकारी मनीष रंजन की भी मौत हो गई। मनीष रंजन बिहार के रहने वाले थे। वह छुट्टी मनाने के लिए परिवार के साथ पहलगाम गए थे। आईबी के सूत्री से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, उन्हें उनकी फ्नी और बच्चे के समने गोली मारी गई मनीष रंजन पिछले दो वर्षों से आईंबी के हैदराबाद कार्यालय के मंत्री अनुभाग में कार्यरत थे। (India’s big action after Pahalgam attack)

    घाटी के जंगलों में उतरे पैरा कमांडो

    भारतीय सेना, सीआरपीएक और जमू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीमें ऑपरेशन को अंजाम दे रहीं हैं। सुरक्षा एजीसियां इस हमले को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है और आतंकियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार ऑपरेशन किए जा रहे हैं। (India’s big action after Pahalgam attack)

    टुरिस्ट तेजी से कैसिल कर रहे ट्रैवल प्लान

    जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद, गर्मियों में कश्मीर घूमने का सपना देख रहे हजारो टूरिस्ट अब अपने ट्रैवल प्लान कैसिल कर रहे हैं। हमले के बाद से घाटी को लेकर एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ गई है। टूर ऑपरेटर्स के मुताबिक, सिरफ 24 घटों में ही कशमीर ट्रिप की कैसिलेशन रिक्वेस्ट में करीब 25 फीसदी
    की बढोतरी हुई है। लोगों में डर इस कदर है कि वे अब हिमाचल प्रदेश और उत्तराखड़ जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों की तरफ रुख कर रहे हैं। (India’s big action after Pahalgam attack)

    फिल्मी सितारों का बयान

    नर्क में बदलता जा रहा है स्वर्ग
    सलमान खन ने एवस पर लिखा- कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है, लेकिन अब यह नर्क में बदलता जा रहा है। निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, मेरी सवेदनाएं उनके परिवार वालों के साथ हैं। मासूम को मारना कायनात को मारना है।

    हम एकजुट होकर मजबूत बनें
    शहरुख खान ने लिखा- पहलगाम में हुई हिंसा पर दुख और गुस्से को शब्दो में बया करना मुश्किल है। ऐसे समय में, हम केवल भगवान से पीड़ित परिवारों के लिए प्राथना कर सकते हैं। हम एक राष्ट्र के रूप में एकजुट होकर मजबूत बने।

    आमिर खान ने की हमले की निंदा
    आमिर खान प्रोडकशंस ने एक्स पर लिखा- हम पहलगाम में हाल ही में हूए आतंकी हमले से बहुत स्तब्ध और दुखी है, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई लोगों को दुख और पीड़ा हुई। हमारी सवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ है।

  • बोरीवली रेलवे पुलिस ने सोने के गहनों के साथ चोर को किया गिरफ्तार।

    बोरीवली रेलवे पुलिस ने सोने के गहनों के साथ चोर को किया गिरफ्तार।

    बोरीवली रेलवे प्लेटफार्म से ट्रॉली बैग लेकर रफूचक्कर होनेवाले शातिर चोर को रेलवे पुलिस ने 1 लाख 30 हजार के सोने के गहनों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने चुराए हुए कीमती गहनों को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज लेजाकर बेच आया था। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    मुंबई- बोरीवली रेलवे पुलिस ने एक ऐसा केस सुलझाने में कामियाबी हासिल की है। जिसको लेकर मुंबई रेलवे पुलिस बल में चर्चा का विषय बना हुआ है। 1 मार्च 2025 की चोरी की घटना में पीड़ित परिवार का ट्रॉली बैग गाड़ी से उतरते समय प्लेटफॉर्म पर ही छुट गया था। जिसमें उनके कपड़ों के साथ कीमती सोने के लगभग 1 लाख 30 हजार रुपये के गहने भी शामिल थे। मौके का फायदा उठाते हुए अज्ञात आरोपी बैंग चुराकर रफूचक्कर हो गया और जब पकड़ा भी गया तो मालूम हुआ कि आरोपी ने चोरी के गहने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लेजाकर बेच दिया है। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    पुलिस की टीम

    बोरीवली रेलवे पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतिश शिंदे ने बताया, कि घटना की जानकारी मिलते ही क्राईम डिटेक्शन सहायक पुलिस निरीक्षक कांबळे की निगरानी में एक टीम गठित की गई। जिसमें पुलिस उपनिरीक्षक राजेश वरणे, पुलिस उपनिरीक्षक प्रकाश साळुंके, पुलिस हवलदार एजाज शेख, पुलिस हवलदार निलेश देवरूखकर, महिला पुलिस हवलदार संगीता दुबे, सिपाही धनराज कोळी, विजय शिरोसे, निलेश घुटे, तुषार पवार को नियुक्त कर केस की छानबीन शुरू की गई। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    घटना की जानकारी

    बोरीवली रेलवे पुलिस थाने के क्राईम डिटेक्शन सहायक पुलिस निरीक्षक कांबळे ने बताया कि घटना 1 मार्च की है। जब 29 वर्षीय शिकायतकर्ता आकाश शिवदास मेवाती अपने तीन परिवारिक सदस्यों के साथ गरीबरथ एक्सप्रेस ट्रेन से बोरीवली प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर उतरा तो आनन फानन में उसे अगली ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफार्म नंबर 10 पर जाना था। जब पीड़ित अपने परिवार के साथ 10 नंबर प्लेटफॉर्म पर पहुंचा तो उसे याद आया कि उसका एक ट्रॉली बैग प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर ही छुट गया है। वहां जाकर पता लगाया तो बैग नही मिला। आस पास पूछताछ के बाद उसने शिकायत काउंटर पर इसकी सूचना दी। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    कब मिला चोर ?

    रेलवे पुलिस को इसकी सूचना मिलते ही जब प्लेटफॉर्म का सीसीटीवी फुटेज चेक किया गया तो पता चला कोई अज्ञात व्यक्ति ट्रॉली बैग लेकर जमा करने के बजाय रेलवे स्टेशन के बाहर लेकर जा रहा है। पुलिस ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति की सीसीटीवी फुटेज और फोटो FRS सिस्टम में स्थापित कर चोर की खोजबीन शुरू कर दी गई। आखिरकार 14 अप्रैल को प्लेटफार्म नंबर 10 पर एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा गया। जब उसे पुलिस स्टेशन में लाकर पूछताछ की गई तो मामला साफ हो गया। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    पीड़ित परिवार

    पीड़ित परिवार ठाणे जिले के भिवंडी पश्चिम, कोल्हेर भिवंडी रोड़, कशेनी टोल नाका, नीलकंठ कॉम्पलेक्स का रहने वाला है। जो 28 फरवरी हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से मुंबई के लिए गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन की बोगी नंबर 12 में सवार हुए थे। जब 1 मार्च को ट्रेन बोरीवली रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो उनके साथ घटना हो गई। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    कहाँ का निकला चोर?

    पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार 35 वर्षीय आरोपी का नाम अरविंदकुमार राधेश्याम हरिजन है। जो पेशे से मजदूरी करता है और बोरीवली पश्चिम के गोराई पेप्सी ग्राउंड के नजदीक बनी नई इमारत का रहने वाला है। पुलिस ने जब चोरी के गहने जिसमें सोने के पेंडल वाला 18 ग्राम मंगलसूत्र और 8 ग्राम सोने के कान के झुमके के बारे पूछताछ की तो आरोपी ने बताया कि वह अपने मुल निवास किराव धनुपुर, हण्डिया तालुका, जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में बेच दिया है। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतिश शिंदे ने बताया, कि वरिष्ठ अधिकारियों से सारे कानूनी परवानगी प्राप्त करने के बाद एक टीम गठित की गई और टीम को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज भेजा गया जहां से चुराए हुए 26 ग्राम कुल 1 लाख 30 हजार रुपये के सोने के गहनों को वापस मुंबई लाया गया। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

  • बिल्डर पर फायरिंग के लिए उत्तर प्रदेश के शूटर को दी सुपारी

    बिल्डर पर फायरिंग के लिए उत्तर प्रदेश के शूटर को दी सुपारी

    Mumbai Crime News: बिल्डर सदरुद्दीन को मारने के लिए आरोपी ने शूटर अफसर खान को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले ही मुंबई में बुला लिया था। बिल्डर पर पैसे गबन करने का आरोप .. (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    Mumbai Crime News: मुंबई के चेंबूर इलाके में बिल्डर पर फायरिंग के आरोप में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, बेलापुर के रहने वाले बिल्डर सदरुद्दीन खान पर चेंबूर के डायमंड गार्डन के पास बुधवार रात को गोलीबारी हुई थी। इस मामले को लेकर मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि फायरिंग पैसों के लेन-देन को लेकर हुई है। मिरारोड के रहने वाले फिरोज खान ने बिल्डर की हत्या करने के लिए शूटर अफसर खान को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले ही मुंबई में बुला लिया था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित 50 वर्षीय बिल्डर सदरुद्दीन खान पर भी कई अपराधिक रिकार्ड दर्ज है। खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहे हैं और इनके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मिरारोड के रहने वाले मुख्य आरोपी फिरोज खान को मुंबई क्राईम ब्रांच ने उसके घर से गिरफ्तार किया है। जबकि, सदरुद्दीन पर गोलियां चलाने वाले शूटर अफसर खान को लोकल पुलिस ने धारावी इलाके से गिरफ्तार किया। 20 वर्षीय शूटर अफसर खान वारदात के बाद से ही धारावी में छिपा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    जमीन विवाद में की हत्या की साजिश

    मीरा रोड से गिरफ्तार फिरोज खान का दावा है कि मुंब्रा के शीलफाटा इलाके में उसकी एक एकर जमीन उसने सदरुद्दीन को 9 करोड़ रुपये में बेची थी। सदरुद्दीन ने वो जमीन खरीद तो ली लेकिन उसके बदले में पैसे नहीं दिए, बल्कि पैसों के लिए टाल-मटोल करता रहा। फिरोज ने आगे दावा किया कि इसी बीच सदरुद्दीन ने उस जगह पर बिल्डिंग बनाकर उसे बेच भी दिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    आरोपी ने ये भी दावा किया कि लगातार 2 सालों से पैसे की मांग पर भी सदरुद्दीन उसे पैसे नहीं दे रहा था, जिसकी वजह से उसने सदरुद्दीन को मारने की प्लानिंग की और शूटर अफसर को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले मुंबई बुला लिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    हमले से पहले इलाके की रेकी

    वहीं सूत्रों ने दावा किया है कि शूटर ने सदरुद्दीन पर हमला करने से पहले कई बार बिल्डर का पीछा किया और पूरे इलाके की रेकी भी की। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, फायरिंग वाली रात फिरोज बाइक चला रहा था और शूटर अफसर पीछे बैठा था। सायन इलाके से दोनों सदरुद्दीन का पीछा कर रहे थे और जैसे ही गाड़ी चेंबूर के डायमंड गार्डन के सिग्नल पर रुकी वैसे ही फिरोज ने शूटर को फायरिंग के लिए कहा। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    कब हुई फायरिंग ?

    पुलिस के सूत्रों ने बताया कि आरोप है कि 50 वर्षीय खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहा हैं। इसके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना उस समय हुई जब खान अपनी लग्जरी एसयूवी गाड़ी से धारावी स्थित कार्यालय से नवी मुंबई के लिए अपने घर लौट रहा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

  • Mumbai: वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई में विरोध प्रदर्शन

    Mumbai: वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई में विरोध प्रदर्शन

    देश भर के मुसलमान वक्फ संशोधन बील को लेकर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड संपत्ति का कामकाज मुसलमानों के ही हाथ में होना चाहिए। सरकार पारदर्शिता के नाम पर हमारी संपत्ति में हस्तक्षेप करना चाहती है।

    मुम्बई: लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने के बाद से इसके खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस बीच महाराष्ट्र में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई की सुन्नी मस्जिद में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर संशोधित विधेयक के विरोध में नारे लगाए। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    इस बील को लेकर मुफ्ती मोहम्मद जुबैर बरकती ने कहा, “लोकसभा और राज्यसभा में जो वक्फ बील पास हुआ है वो पूरी तरह से इस्लाम और मुसलमानों के हक में नहीं है। ये उनकी अपनी सोच है जो वो कह रहे हैं कि ये मुसलमानों के लिए बेहतर है लेकिन हम दूर तक देख रहे हैं कि ये मुसलमानों के खिलाफ है।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    सुप्रीम कोर्ट का रुख

    मुफ्ती जुबैर ने आगे कहा, “मुसलमान पूरी तरह से सुन्नी उलेमाओं पर भरोसा करते हैं, सुन्नी उलेमा जो भी बयान देंगे और जिसका सपोर्ट करेंगे वही सही माना जाएगा। हम देश में कानूनी दायरे में सुप्रीम कोर्ट के जरिए जो भी हमें हक मिल सकता है, हमारे हक के लिए हम पूरी कोशिश करेंगे।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    सरकार ने नहीं मानी बात

    वहीं उत्तर प्रदेश में भी इस बील को लेकर मुसलमान विरोध करते नजर आ रहे हैं। संभल में एक युवक ने कहा, “हमें इस बात की नाराजगी है कि सरकार ने हमारी बात नहीं मानी। लेकिन हम जो भी करेंगे, वह संविधान के दायरे में करेंगे। हम ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहते कि हमारे परिवार, क्षेत्र और राज्य या देश में इसको लेकर शांति भंग हो। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    वक्फ का काम

    युवक ने आगे कहा, “हमारे पास सुप्रीम कोर्ट का भी रास्ता है। हम विधेयक का विरोध करने के लिए कानून का सहारा लेंगे। वक्फ की संपत्ति की देखभाल का काम मुसलमानों के हाथों में ही रहना चाहिए। सरकार हमारे हक में सेंधमारी का काम कर रही है। वक्फ बोर्ड संशोधन में अच्छी खासी खामी नजर आती है।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

  • डंकी रूट से US गए भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच

    डंकी रूट से US गए भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच

    Mumbai Crime Branch : ज्यादातर गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य के युवाओं को टार्गेट किया गया था। भारतीयों को अमेरिका का सपना दिखाकर उनसे 30 से 60 लाख रुपये तक लेते और फर्जी वीज़ा और डंकी रूट का इस्तेमाल करते .. (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    Mumbai Crime Branch : अमेरिका जाने का सपना दिखाकर मोटी रकम लेकर डंकी रूट से भेजे गए करीबन 80 भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच। इस बात की जानकारी लीगल चैनल के माध्यम से मुंबई पुलिस केंद्रीय एजेंसी और फिर उनके माध्यम से अमेरिकन अथॉरिटी से सांझा करेगी। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक फर्जी वीज़ा के जरिए भारतीय युवाओं को अमेरिका भेजने के लिए डंकी रूट का इस्तेमाल किया जाता है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से मिली जानकारी के आधार पर मुंबई क्राइम ब्रांच ने करवाई करते हुए अबतक 8 दलालों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने 3 साल में करीबन 80 युवाओं को कनाडा, तुर्की, पोलैंड और UAE में फर्जी वीजा का इस्तेमाल कर भेजा। सूत्रों ने बताया कि एजेंसियों को शक है कि आरोपियों ने उन देशों से (कनाडा, तुर्की, पोलैंड, UAE) भारतीय युवाओं को डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    वीज़ा नही मिल पाने का कारण क्या है?

    क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि ये युवा ज्यादातर गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य से हैं। आरोपियों ने भारतीयों को अमेरिका का सपना दिखाकर उनसे 30 से 60 लाख रुपये लिए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कई ऐसे लोग होते हैं, जिन पर कोई न कोई केस या लीगल मामला होता है, जिसकी वजह से उन्हें वीजा नही मिलता। जांच में पता चला कि कनाडा भेजने के लिए ये एजेंट 50 लाख के करीब लेते थे। कनाडा का फर्जी वीजा बनाकर देते थे। इनका काम सिर्फ इतना होता था कि उन्हें एयरपोर्ट पर उतार दे। उसके बाद उन भारतीयों के साथ क्या होगा उससे कोई लेना देना नही। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    कनाडा से अमेरिका डंकी रूट का इस्तेमाल

    इसके बाद एक बार युवा कनाडा पहुंच गया तो फिर वहां से आगे उसे डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा जाता है और कनाडा से अमेरिका डंकी रूट से जाने के लिए करीब 12 से 13 दिन लगते हैं। तुर्की भेजने के लिए एजेंट करीब 35 लाख रुपये लेते हैं। वहां से आगे अमेरिका उसे डंकी रूट से भेजा जाता है, जिसमें लगभग 10 दिनों तक का समय लगता है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    UAE के लिये 25 लाख

    पोलैंड भेजने के लिए दलाल करीबन 40 लाख रुपये लेते हैं। वहां से आगे अमेरिका डंकी रूट से जाने में 20 से 25 दिनों का समय लगता है। वहीं UAE के वीज़ा के लिये एजेंट 25 लाख रुपये तक लेते हैं। वहां से भारतीयों को अमेरिका भेजने के लिए यूरोप और फिर मैक्सिको के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि 80 भारतीयों में से 70 से 75 सीधे कनाडा भेजे गए हैं। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    कौन है मुख्य आरोपी?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इस केस का मुख्य आरोपी अजित पूरी और दूसरा आरोपी रोशन दुधवनकर है। इसमें रोशन के खिलाफ इसी तरह की मानव तस्करी करने के 12 मामले दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच इस मामले में अब BNS की धारा 111 (ऑर्गनाइज्ड क्राइम) भी जोड़ने वाली है ताकि आरोपियों के खिलाफ केस और भी मजबूत बनाया जा सके। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    अबतक 344 भारतीय हुए वापस

    पिछले महीने भारत के लिए निर्वासन उड़ानें शुरू हुईं, जिसमें 104 अवैध अप्रवासियों का पहला जत्था, 5 फरवरी को अमेरिकी सैन्य विमान से अमृतसर में उतरा। 15 फरवरी की रात को उतरी दूसरी उड़ान में 116 अवैध अप्रवासी थे, और 16 फरवरी को उतरी तीसरी उड़ान में 112 लोग थे। 12 निर्वासितों का अंतिम जत्था 23 फरवरी को पनामा से आने वाली एक वाणिज्यिक तुर्की एयरलाइंस की उड़ान से पहुंचा। यह उड़ान दिल्ली में उतरी थी। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

  • हिजाब हटाने को लेकर परीक्षा केन्द्र की सख्ती, छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दिया

    हिजाब हटाने को लेकर परीक्षा केन्द्र की सख्ती, छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दिया

    उत्तर प्रदेश के जौनपुर में और एक बार हिजाब को लेकर विवाद गरमा गया है। यहां परीक्षा केन्द्र ने हिजाब हटाने को लेकर सख्ती दिखाते हुए छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया। जबकि छात्राएँ महिला टीचर के सामने हिजाब उतारने को तैयार थी। लेकिन परीक्षा केन्द्र के ज़िद के आगे छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया।

    उत्तर प्रदेश: जौनपुर के खुदौली में यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान हिजाब (नकाब) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सर्वोदय इंटर कॉलेज में दसवीं की चार छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से रोक दिया गया क्योंकि उन्होंने हिजाब उतारने से इनकार किया था। नतीजतन, छात्राओं को घर वापस लौटना पड़ा। इसके बाद से मामला सोशल मीडिया पर खूब गरमाया हुआ है। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    क्या है पूरा मामला?

    सोमवार को यूपी बोर्ड की दसवीं कक्षा की हिंदी परीक्षा थी। छात्राएं खेतासराय स्थित मॉडर्न कॉन्वेंट स्कूल की थीं। जब वे परीक्षा केंद्र पर पहुंचीं, तो वहां की प्रशासनिक टीम ने हिजाब हटाने के लिए कहा। छात्राओं ने इसे मानने से इनकार कर दिया, जिसके कारण उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं दिया गया। हालांकि छात्राओं ने महिला टीचर के सामने हिजाब उतारने को प्रशासन से अनुरोध किया। लेकिन परीक्षा केन्द्र के ज़िद के आगे छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया और उन्हें घर वापस लौटना पड़ा। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    मामले पर विरोध और समर्थन

    इस घटना की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई और हिजाब को लेकर नियमों की सख्ती पर सवाल उठने लगे। छात्राओं में से एक के पिता अहमदुल्लाह ने अपनी बेटी के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि,
    “अगर हिजाब में परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली, तो हमारी बेटी परीक्षा नहीं देगी।” (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    उन्होंने दावा किया कि चार नहीं बल्कि दस छात्राओं को परीक्षा देने से रोका गया। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा, कि “उन्होंने अनुरोध किया था कि लेडी टीचर से चेकिंग कराकर हिजाब में परीक्षा देने की अनुमति जाए, लेकिन बच्चियों की मांग को नहीं मानी गई।” उन्होंने कहा, कि “ये परीक्षा केन्द्र की हटगर्जी है जो धर्म के आधार पर बच्चों के साथ पक्षपात किया जा रहा है। जो सरारस गलत है।” (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    नियमों का गलत इस्तेमाल

    परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक दिनेश चंद्र गुप्ता ने कहा किया कि, “परीक्षा के दौरान बोर्ड के नियमों का पालन कराना अनिवार्य है। छात्राओं ने नियमों का पालन करने से इनकार किया, इसलिए उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया।” यहां स्कूल प्रशासन को हिजाब को लेकर नियमों का आकलन करना चाहिए था। जबकि नियम के मुताबिक सिर्फ पहचान पत्र की पृष्ठी करने के बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे देना चाहिए था। लेकिन स्कूल प्रशासन ने ऐसा नही करके उन बच्चों का साल ही बरबाद कर दिया। यहां नियमों का गलत इस्तेमाल किए जाने के आरोप लग रहे हैं। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    सोशल मीडिया पर गरमाया मुद्दा

    यह मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग छात्राओं के फैसले को सराहनीय बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे शिक्षा से समझौता मान रहे हैं। जबकि यूपी बोर्ड के नियमों के अनुसार, परीक्षा केंद्र में पहचान सुनिश्चित करने के लिए चेहरा स्पष्ट दिखना चाहिए। हालांकि, हिजाब को लेकर कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है, जिससे यह विवाद और गहरा गया है। इसमें यह नहीं कहा गया है कि परीक्षा देते समय भी विद्यार्थी का चेहरा स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। तो सवाल है कि परीक्षा केन्द्र ने ऐसा क्यों किया? (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    प्रशासन से मांग

    अब देखना यह है कि क्या शिक्षा विभाग इस मुद्दे को लेकर कोई संज्ञान भी लेता है या नही? या इस तरह के मामलों से निपटने के लिए कोई कदम उठाता भी है या नही? क्या इन छात्राओं को परीक्षा देने का कोई दूसरा मौका मिलेगा? या यह मामला सिर्फ एक विवाद बनकर रह जाएगा? ऐसा हुआ तो प्रदेश के अल्पसंख्यकों के साथ पक्षपात का आरोप लगता रहेगा और हो सकता है, मुस्लिम समाज की लाखों बच्चियां उच्च शिक्षा से महरूम रह जाएँ। ऐसे में प्रदेश का ही नुकसान होगा। प्रशासन को इस पर विचार करने की जरूरत है। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)