Category: Mumbai News

  • भरतनाट्यम में इशान्वी इनामदार का जलवा, उद्धव सेना ने किया सम्मान

    भरतनाट्यम में इशान्वी इनामदार का जलवा, उद्धव सेना ने किया सम्मान

    मालाड पूर्व की नन्ही भरतनाट्यम डांसर इशान्वी इनामदार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवॉर्ड जीतकर मुंबई का नाम रोशन किया। उद्धव सेना विधायक सुनील प्रभु ने घर जाकर उसका सम्मान किया।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    मालाड पूर्व शिवधाम कॉम्प्लेक्स की रहने वाली इशान्वी इनामदार ने छोटी उम्र में भरतनाट्यम डांस में कमाल की कामयाबी हासिल की है। 6 साल की इशान्वी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लेवल पर डांस प्रतियोगिताओं में अवॉर्ड जीतकर सबको गर्व महसूस कराया है।

    उद्धव सेना विधायक सुनील प्रभु ने किया सम्मान

    इशान्वी की इस सफलता को देखते हुए उद्धव सेना नेता और दिंडोशी के विधायक, पूर्व महापौर सुनील प्रभु ने उनके घर जाकर सम्मान किया। उन्होंने इशान्वी को शाल, पुष्पगुच्छ, नटराज की मूर्ति और मिठाई भेंट की और उसके परिवार से मुलाकात कर खूब सराहना की।

    गुरु और परिवार का सहयोग

    प्रभु ने कहा कि – “इशान्वी की प्रतिभा से सिर्फ उसका परिवार ही नहीं बल्कि पूरी दिंडोशी विधानसभा और नृत्यसंस्था का मान बढ़ा है। आने वाले समय में वह दुनिया के मंच पर दिंडोशी और मुंबई का नाम रोशन करेगी।”

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    इस मौके पर स्थानीय शाखा प्रमुख सुभाष धानुका, युवा उपशाखा अधिकारी मंगेश चव्हाण, शिवसेना के पूर्व सचिव किरण वाडीवकर, इशान्वी के माता-पिता सोनाली और संजय, दादी अलका जोशी और नृत्यसंस्था Instep School of Dance & Music की संस्थापिका प्रीती रे मौजूद थीं।

    इशान्वी की ट्रेनिंग उसकी गुरु राधिका कुलकर्णी और संध्या हरी के मार्गदर्शन में हुई है। 3 साल 6 महीने की उम्र से भरतनाट्यम सीख रही इशान्वी ने लगातार मेहनत और निष्ठा से अपना खास मुकाम बनाया है।

    राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां

    • अप्रैल 2025 में मुंबई में हुई अखिल भारतीय राष्ट्रीय नृत्य स्पर्धा और नृत्यभावम महोत्सव में इशान्वी ने प्रथम स्थान हासिल किया।
    • जून 2024 में गोवा में हुए भारत नृत्य महोत्सव – अंतरराष्ट्रीय डांस कॉम्पिटिशन में उसने द्वितीय स्थान प्राप्त कर भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया।

    शिक्षा और भविष्य

    इशान्वी इस समय विबग्योर हाई स्कूल, मालाड (पूर्व), कक्षा पहली की छात्रा है। छोटी उम्र में ही उसने डांस की दुनिया में अपनी पहचान बना ली है और अब सभी की उम्मीदें हैं कि आने वाले वक्त में वह भारत की प्रतिनिधि बनकर बड़े मंचों पर चमकेगी।

  • गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत ट्रेन से मुंबई पहुंचे, महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे

    गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत ट्रेन से मुंबई पहुंचे, महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे

    गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ट्रेन से मुंबई पहुंचे। सोमवार को वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने किया स्वागत।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत रविवार दोपहर अहमदाबाद से तेजस एक्सप्रेस से मुंबई पहुंचे। उन्हें महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनके साथ उनकी पत्नी दर्शनादेवी भी मौजूद थीं।

    मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री मंगल प्रभात लोढा, राज्य के मुख्य सचिव राजेश कुमार और DGP रश्मि शुक्ला ने उनका स्वागत किया।

    रेलवे स्टेशन पर खास स्वागत

    मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर आचार्य देवव्रत का स्वागत रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया। बाद में जब वे राजभवन पहुंचे तो मुंबई पुलिस ने उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

    सोमवार को शपथ ग्रहण

    आचार्य देवव्रत सोमवार सुबह 11 बजे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। यह जिम्मेदारी उन्हें तब मिली जब मौजूदा राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद इस्तीफा दिया।

    आचार्य देवव्रत का परिचय

    • जन्म: 18 जनवरी 1959, समालखा, हरियाणा
    • शिक्षा: गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्रिंसिपल रहे और भारतीय पारंपरिक शिक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाया।
    • 2015 से 2019 तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे।
    • गुजरात में राज्यपाल रहते हुए शिक्षा, समाज और पर्यावरण से जुड़े कई अभियान चलाए।
    • 180 एकड़ ज़मीन पर प्राकृतिक खेती का सफल प्रयोग किया और 10 लाख से ज्यादा किसानों को प्रेरित किया।
    • पद्मश्री सुभाष पालेकर के साथ मिलकर ‘जीवामृत’ खाद का प्रचार-प्रसार किया।
    • आर्य समाज के प्रवक्ता के रूप में सामाजिक सुधार, गौ संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता पर खास योगदान दिया।

    क्यों है यह नियुक्ति अहम?

    महाराष्ट्र देश का एक अहम राजनीतिक और औद्योगिक राज्य है। यहां का राज्यपाल केंद्र और राज्य सरकार के बीच सेतु का काम करता है।
    आचार्य देवव्रत की पृष्ठभूमि उन्हें न सिर्फ एक अनुभवी प्रशासक बल्कि सामाजिक सुधारक के तौर पर भी स्थापित करती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे महाराष्ट्र में अपनी जिम्मेदारियों को कैसे निभाते हैं।

  • शिवसेना (UBT) का मुंबई में विरोध: इंडिया-पाक एशिया कप मैच पर सवाल

    शिवसेना (UBT) का मुंबई में विरोध: इंडिया-पाक एशिया कप मैच पर सवाल

    मुंबई में शिवसेना (UBT) महिला कार्यकर्ताओं ने सिंदूर लेकर इंडिया-पाक एशिया कप मैच के खिलाफ प्रदर्शन किया। उद्धव ठाकरे और ओवैसी ने भी सरकार पर निशाना साधा।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: एशिया कप 2025 में होने वाले इंडिया-पाकिस्तान क्रिकेट मैच से ठीक पहले रविवार को शिवसेना (UBT) की महिला कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आईं। कार्यकर्ताओं ने सिंदूर हाथ में लेकर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ नाराज़गी जताई।

    उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान

    शनिवार को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने साफ कहा था कि महिला कार्यकर्ता महाराष्ट्र की सड़कों पर उतरेंगी और हर घर से सिंदूर इकट्ठा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजेंगी।

    ठाकरे ने सवाल उठाया –
    “प्रधानमंत्री ने कहा था कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते। तो फिर खून और क्रिकेट साथ कैसे बह सकते हैं? युद्ध और क्रिकेट एक साथ कैसे हो सकते हैं? देशभक्ति का बिज़नेस सिर्फ पैसों के लिए किया जा रहा है।”

    AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का हमला

    इधर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार को साफ करना चाहिए कि पाकिस्तान से मैच खेलकर कितना पैसा मिलेगा और यह पैसों की कमाई पाहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 26 भारतीय नागरिकों की जान से ज्यादा कीमती है क्या?

    ओवैसी ने सवाल किया कि –
    “क्या असम और यूपी के मुख्यमंत्री के पास इतना भी अधिकार नहीं कि वे पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से मना कर सकें? पाकिस्तान ने हमारे 26 नागरिकों का धर्म पूछा और फिर उन्हें गोली मार दी।”

    केंद्र सरकार का रुख

    विपक्ष की मांगों के बावजूद केंद्र सरकार ने साफ कहा कि भारतीय टीम किसी भी मल्टी-नेशन टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से पीछे नहीं हटेगी। इसलिए आज का मैच दुबई में तय कार्यक्रम के अनुसार हो रहा है।

    पृष्ठभूमि – क्यों हो रहा है विरोध?

    • मई 2025 में हुए पाहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाक रिश्तों में तनाव चरम पर है।
    • इस हमले में 26 निर्दोष भारतीय नागरिक मारे गए थे।
    • इसके बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए, जिनमें पाकिस्तान से व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों पर रोक भी शामिल है।
    • अब क्रिकेट मैच को लेकर विरोध जताते हुए विपक्ष कह रहा है कि यह कदम सरकार की अपनी कही बातों के उलट है।

    लोगों की प्रतिक्रिया

    मुंबई और महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में शिवसेना (UBT) कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कई जगहों पर महिलाएं हाथों में सिंदूर की डिब्बियां और तिरंगा लेकर नारेबाज़ी करती दिखीं। उनका कहना था कि जब तक पाकिस्तान के साथ आतंकवाद का मुद्दा है, तब तक क्रिकेट मैच नहीं होना चाहिए।

  • Mumbai BMC: झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर फिर से मांगे प्रस्ताव

    Mumbai BMC: झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर फिर से मांगे प्रस्ताव

    बीएमसी ने मुंबई के एम/ईस्ट वार्ड में झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर दोबारा एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है। डेडलाइन 30 सितंबर तय।

    मुंबई: शहर के झोपड़पट्टियों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एम/ईस्ट वार्ड (मानखुर्द, देवनार और गोवंडी) इलाके में 26 स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए फिर से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है।

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    🔹 पिछली बार क्यों अटका था मामला?

    बीएमसी ने 10 मई को पहली बार 64 नगर पालिका प्लॉट्स पर पुनर्विकास का प्रस्ताव मांगा था। लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते 17 प्लॉट होल्ड पर रखे गए। बचे हुए 47 प्लॉट्स पर सिर्फ 29 प्रोजेक्ट्स को ही 100 ऑफर मिले।
    सबसे बड़ी समस्या ये रही कि 8 प्लॉट्स के लिए केवल 1-1 डेवलपर ने ही बोली लगाई थी।

    🔹 अब नया फोकस एम/ईस्ट वार्ड पर

    इस बार बीएमसी ने खास तौर पर मानखुर्द, देवनार और गोवंडी जैसे इलाकों पर फोकस किया है। ये इलाका कम आय वर्ग और भारी अतिक्रमण के लिए जाना जाता है।
    नई योजना के तहत करीब 8.37 लाख वर्गमीटर जमीन और लगभग 49,000 झोपड़ी संरचनाओं को रीडेवलपमेंट में शामिल किया जाएगा।

    🔹 डेडलाइन और प्रक्रिया

    • EOI डॉक्यूमेंट उपलब्ध होगा: 15 सितंबर से
    • अंतिम तारीख: 30 सितंबर
    • जिम्मेदारी ठेकेदारों की:
    • झोपड़ी सर्वे
    • प्लानिंग
    • परमिट्स
    • टेनेमेंट निर्माण
    • मेंटेनेंस

    सभी प्रोजेक्ट्स को DCPR-2034 की रेगुलेशन 33(10) के तहत लागू किया जाएगा।

    🔹 पश्चिमी उपनगर बनाम पूर्वी उपनगर

    पहले आए ऑफर्स ज्यादातर अंधेरी, बोरीवली और वर्ली जैसे पश्चिमी इलाकों के लिए थे। जबकि पूर्वी उपनगर जैसे मुलुंड और एम/ईस्ट वार्ड के लिए डेवलपर्स की दिलचस्पी बेहद कम रही। इसीलिए बीएमसी ने अब फिर से खास तौर पर इन इलाकों पर जोर दिया है।

  • बोरीवली-वसई होते हुए पनवेल तक नई लोकल लाइन को मंजूरी, मुंबईकरों को बड़ी राहत

    बोरीवली-वसई होते हुए पनवेल तक नई लोकल लाइन को मंजूरी, मुंबईकरों को बड़ी राहत

    MUTP-III B के तहत बोरीवली-वसई से पनवेल तक 69 किमी लंबा नया लोकल कॉरिडोर बनेगा। 12710.82 करोड़ की लागत से बनने वाली यह लाइन मुंबईकरों की भीड़भाड़ कम करने में मदद करेगी।

    मुंबई: मुंबईकरों के लिए यहां की लोकल ट्रेन जिंदगी की लाइफ़लाइन हैं। लेकिन बढ़ती आबादी के साथ लोकल की संख्या उतनी नहीं बढ़ी, जिससे रोजाना यात्रियों को भारी भीड़ का सामना करना पड़ता है। खासकर वसई-विरार और कर्जत-खोपोली जैसे रूट पर हालात और ज्यादा खराब हैं।

    अब लंबे इंतजार के बाद मुंबईकरों के लिए खुशखबरी आई है। पनवेल-बोरीवली-वसई उपनगरीय कॉरिडोर को आखिरकार हरी झंडी मिल गई है।

    🚆 12710.82 करोड़ का प्रोजेक्ट

    यह नया लोकल कॉरिडोर मुंबई शहरी परिवहन परियोजना (MUTP-III B) के तहत बनाया जाएगा।

    • कुल लागत: ₹12710.82 करोड़
    • लंबाई: 69.23 किलोमीटर
    • लाइन: दो-तरफ़ा (डबल लाइन)

    इस रूट से नवी मुंबई, बोरीवली और वसई को सीधे पनवेल से जोड़ा जाएगा।

    भीड़ कम करने में मिलेगी मदद

    अभी तक ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी की कमी के कारण यात्री अलग-अलग रूट से चक्कर लगाकर सफर करते हैं। नया कॉरिडोर बनने के बाद:

    • लोकल ट्रेनों की भीड़ कम होगी।
    • नवी मुंबई से वसई/बोरीवली तक का सफर आसान हो जाएगा।
    • यात्रियों का समय भी बचेगा।

    🚉 MUTP-III B के तहत और भी काम

    इस प्रोजेक्ट के साथ-साथ रेलवे अन्य रूट पर भी विस्तार कर रहा है:

    • बदलापुर-कर्जत के बीच तीसरी लाइन
    • आसनगांव-कसारा के बीच चौथी लाइन
      इन सब पर मिलाकर लगभग ₹14907.47 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

    यात्रियों और इंडस्ट्री दोनों को फायदा

    पश्चिम रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य राजीव सिंघल के मुताबिक, यह नया कॉरिडोर सिर्फ लोकल यात्रियों ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए भी बड़ा फायदा देगा।

    • पनवेल से गोवा और पुणे जाने वाले यात्रियों को आसानी होगी।
    • भिवंडी के पावरलूम उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
    • लंबी दूरी के यात्री और कार्गो भी इस रूट से लाभान्वित होंगे।

    यह प्रोजेक्ट मुंबई लोकल नेटवर्क में एक नया अध्याय साबित होगा। बोरीवली-वसई से पनवेल तक लोकल कनेक्टिविटी मिलने से लाखों मुंबईकरों की रोज़ाना की यात्रा आसान और आरामदायक होगी

  • Nepal Protests: महाराष्ट्र के पर्यटकों को सुरक्षित वापसी का अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    Nepal Protests: महाराष्ट्र के पर्यटकों को सुरक्षित वापसी का अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    नेपाल में जारी जनरेशन Z विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के 100 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि सभी की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: नेपाल में जारी Gen Z विरोध प्रदर्शन ने हालात बेहद तनावपूर्ण कर दिए हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसी बीच, महाराष्ट्र के ठाणे, पुणे, मुंबई, लातूर और कोल्हापुर जिलों के 100 से ज्यादा पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं।

    इनमें से अधिकतर लोग धार्मिक यात्रा, खासकर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, जबकि कुछ बिजनेस और पर्यटन के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे।

    Nepal-Protests-Ajit-Pawar-assures-safe-return-of-tourists-from-Maharashtra

    अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    बुधवार को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:

    “हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि हर एक पर्यटक को सुरक्षित घर लाया जाए और उनके परिवारों को राहत पहुंचाई जाए।”

    भारत सरकार और दूतावास से संपर्क

    महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निरंतर संपर्क में है।

    • दूतावास की टीम ने बुधवार सुबह एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों की मदद की।
    • उन्हें अस्थायी रूप से शहर के होटलों में शिफ्ट किया गया।
    • बीड़ जिले के कुछ यात्री निजी वाहनों से भारत लौट रहे हैं और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंच चुके हैं।

    हवाई सेवाएं बाधित, यात्री 18 घंटे तक फंसे

    नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। काठमांडू एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री, जिनमें मुंबई और ठाणे के लोग भी शामिल थे, 18 घंटे से ज्यादा समय तक बिना सहायता फंसे रहे।

    • पानी और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी देर से उपलब्ध कराई गईं।
    • बुधवार दोपहर नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (NCAA) ने सुरक्षा जांच के बाद चरणबद्ध तरीके से उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया।

    विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी: नेपाल जाने से बचें

    भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई एडवाइजरी जारी की।

    • भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि हालात सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टालें।
    • जो लोग नेपाल में हैं, उन्हें घरों या सुरक्षित स्थानों में रहने को कहा गया है।
    • अनावश्यक रूप से सड़कों पर न निकलने और भारतीय दूतावास व स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की हिदायत दी गई है।

    स्थानीय स्तर पर हालात

    जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा पर्यटक ठाणे जिले के मुरबाड क्षेत्र से हैं। वहीं, लातूर और कोल्हापुर के लोग भी समूह में यात्रा कर रहे थे।
    नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद से स्थिति और अधिक अस्थिर हो गई है।

    महाराष्ट्र सरकार ने साफ किया है कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
    अब राज्य व केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से जल्द ही सभी यात्रियों की सुरक्षित वापसी होने की उम्मीद है।

  • सेंट्रल रेलवे ने पकड़े 7 लाख बिना टिकट यात्री, वसूले 30 करोड़ का जुर्माना

    सेंट्रल रेलवे ने पकड़े 7 लाख बिना टिकट यात्री, वसूले 30 करोड़ का जुर्माना

    मुंबई डिवीजन में सेंट्रल रेलवे ने 7 लाख से ज्यादा बिना टिकट यात्रियों से ₹30 करोड़ वसूले हैं। अप्रैल-अगस्त 2025 में रेलवे ने कुल ₹100 करोड़ से अधिक जुर्माना वसूला।

    मुंबई: सेंट्रल रेलवे ने बिना टिकट और अवैध रूप से यात्रा करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। रेलवे की टिकट चेकिंग टीमों ने वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल से अगस्त 2025) के बीच 17.19 लाख यात्रियों को पकड़ा और उनसे रिकॉर्ड ₹100.50 करोड़ का जुर्माना वसूला।

    केवल मुंबई डिवीजन की बात करें तो, यहां 7.03 लाख यात्रियों को पकड़कर करीब ₹29.17 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।

    अगस्त 2025 में दिखा सख्ती का असर

    अगस्त 2025 में रेलवे की चेकिंग टीमों ने अकेले महीने भर में 2.76 लाख यात्रियों को पकड़ा, जबकि अगस्त 2024 में यह संख्या 2.34 लाख थी। यानी इसमें 18% की बढ़ोतरी हुई है।

    इस दौरान अगस्त 2025 में कुल ₹13.78 करोड़ का जुर्माना वसूला गया, जो अगस्त 2024 के ₹8.85 करोड़ से 55% ज्यादा है।

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    डिवीजनवार आंकड़े (अप्रैल-अगस्त 2025)

    रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सभी डिवीजनों में कार्रवाई की। इसमें वसूली का आंकड़ा इस प्रकार है:

    • भुसावल डिवीजन : ₹36.93 करोड़ (4.34 लाख केस)
    • मुंबई डिवीजन : ₹29.17 करोड़ (7.03 लाख केस)
    • नागपुर डिवीजन : ₹11.44 करोड़ (1.85 लाख केस)
    • पुणे डिवीजन : ₹10.41 करोड़ (1.89 लाख केस)
    • सोलापुर डिवीजन : ₹5.01 करोड़ (1.04 लाख केस)
    • हेडक्वार्टर्स : ₹7.54 करोड़ (1.04 लाख केस)

    रेलवे की सख्त रणनीति

    सेंट्रल रेलवे ने बताया कि बिना टिकट यात्रियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनाई जाती हैं। इसमें शामिल हैं:

    • स्टेशन चेक
    • एम्बुश चेक
    • फोर्ट्रेस चेक
    • इंटेंसिव चेक
    • मेगा टिकट चेकिंग ड्राइव

    ये अभियान मेल/एक्सप्रेस, पैसेंजर, स्पेशल ट्रेनों के साथ-साथ मुंबई और पुणे लोकल ट्रेनों में भी चलाए जाते हैं।

    टिकट फ्रॉड पर रोक: QR कोड बुकिंग बंद

    रेलवे ने यह भी कदम उठाया कि UTS मोबाइल ऐप के जरिए स्टैटिक QR कोड से टिकट बुकिंग को बंद कर दिया गया है। वजह यह थी कि कई यात्री इस सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा था।

    अब इस फैसले से पेपरलेस टिकटिंग सिस्टम के दुरुपयोग पर रोक लग गई है।

    रेलवे की अपील

    सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट खरीदकर ही यात्रा करें। बिना टिकट यात्रा करने पर न केवल जुर्माना लगता है बल्कि बार-बार पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

    रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यह ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी जारी रहेगी।

  • दहिसर टोलनाका वर्सोवा की ओर शिफ्ट – दिवाली से पहले राहत की उम्मीद

    दहिसर टोलनाका वर्सोवा की ओर शिफ्ट – दिवाली से पहले राहत की उम्मीद

    परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषणा की कि दहिसर टोलनाका वर्सोवा पुल के सामने नर्सरी के पास दिवाली से पहले स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे मीरा-भाईंदर और मुंबई के बीच यात्रा सरल होगी और पर्यावरण व समय की बचत होगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: शहर के उत्तरी दिशा में मीरा-भाईंदर की सीमा पर स्थित दहिसर टोलनाका, जो अभी टोल प्लाजा के कारण प्रतिदिन लाखों नागरिकों के लिए यातायात भयावह बना हुआ है, उसे वर्सोवा पुल के सामने नर्सरी के पास स्थानांतरित किया जाएगा। यह निर्णय अघोषित नहीं, बल्कि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने लिया है, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस पर कार्यवाही के निर्देश जारी कर मंजूरी दी है।

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    Mumbai-Dahisar-toll-naka-shifted-to-Versova-hope-for-relief-before-Diwali

    नेताओं की सहमति और तकनीकी प्रक्रियाएँ

    • इस बैठक में मागाठाणे के विधायक प्रकाश सुर्वे, महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडळ के सह–व्यवस्थापकीय संचालक मनोज जिंदल, राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के सुहास चिटणीस, वसई-विरार कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, IRB के ठेकेदार विरेंद्र म्हैसकर, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
    • मीरा-भाईंदर के इस हालात से लगभग 15 लाख स्थानीय नागरिक और मुंबई की ओर रुख करने वाले वाहनचालक प्रतिदिन जूझ रहे हैं – समय, ईंधन और प्रदूषण की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

    क्यों ये कदम आवश्यक था?

    मुख्यत: तीन प्रमुख कारणों से यह स्थानांतरण अत्यंत आवश्यक था:

    1. ज्यादा समय और ईंधन की बर्बादी – टोलनाका की वर्तमान स्थिति के कारण नागरिकों को आधा से एक घंटा अतिरिक्त यात्रा में लग जाता है। अनावश्यक फिजूल खर्च का बोझ बनता है।
    2. पर्यावरणीय प्रभाव – लंबी जामिंग और रुकावटें हवा में प्रदूषण फैलाती हैं, और यह शहरवासियों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
    3. स्थानीयता में बाधा – टोलनाका का मीरा-भाईंदर सीमा के भीतर होना, विस्तारित शहर यातायात का कारण बन रहा है।

    स्थानांतरण की योजना और कार्यवाही

    • उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बैठक के तुरंत बाद महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडळ को आदेश दिए हैं कि प्रस्ताव को राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के पास भेजें, ताकि यह प्रस्ताव केंद्रीय वाहतुक मंत्रालय से स्वीकृत हो सके।
    • एक बार मंजूरी मिलते ही, एक से डेढ़ महीने के भीतर टोलनाका को वर्सोवा नर्सरी समीप स्थापित कर दिया जाएगा – यानी दिवाली से पहले यह कार्य पूरा हो सकता है।
    • मंत्री सरनाईक ने आश्वस्त किया कि इससे मीरा-भाईंदर क्षेत्र के नागरिकों को शिवसेना की ओर से टोलमुक्त यात्रा की सुविधा मिलेगी, और साथ ही मुंबई की ओर आवाजाही में वाहतुकी का दबाव कम होगा

    लाभ: प्रतिष्ठान से लेकर वापसी तक सबका फायदा

    • समय की बचत – प्रति यात्रा में 30–60 मिनट की कटौती।
    • ईंधन की बचत – हर दिन लाखों लीटर बच सके हैं।
    • प्रदूषण में कमी – कम जामिंग, कम इंजन आइडलिंग, बेहतर वायु गुणवत्ता।
    • सामाजिक लाभ – मीरा-भाईंदर के कामकाजी लोगों को मुंबई में समय पर पहुंचना सुविधाजनक।
    • राजनीतिक सकारात्मकता – शिवसेना की ओर से क्षेत्रीय नागरिकों के हित में कदम उठाना।

    दहिसर टोलनाका की वर्सोवा नर्सरी के पास स्थानांतरण की यह पहल सिर्फ अव्यवस्था को नहीं सुधार रही, बल्कि एक व्यापक व्यवस्थित और दीर्घकालिक सुविधा की ओर संकेत कर रही है। समय, पैसा, ऊर्जा और पर्यावरण बचाने के साथ-साथ यह कदम शिवसेना और राज्य सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत करेगा। दिवाली से पहले होने वाला यह शिफ्ट यूरोपी रोड की तरह मुंबई-मीरा रोड मार्ग पर एक नए युग की शुरुआत माना जा सकता है।

  • DMart शॉपिंग: इन वस्तुओं को खरीदने से पहले रहें सावधान

    DMart शॉपिंग: इन वस्तुओं को खरीदने से पहले रहें सावधान

    DMart में डिस्काउंट देखकर खरीदारी करने से पहले सावधान रहें। एक्सपायरी डेट, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स पर ध्यान न देने से नुकसान हो सकता है।

    डीमार्ट (DMart) आज मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए खरीदारी का सबसे लोकप्रिय सुपरमार्केट बन चुका है। यहां किराना, कपड़े, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, दवाइयाँ, घर सजावट का सामान से लेकर छोटे-बड़े इलेक्ट्रॉनिक आइटम तक सब कुछ एक ही जगह पर मिल जाता है।

    ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए यहां पूरे साल डिस्काउंट ऑफर चलते रहते हैं। लेकिन क्या वाकई ये डिस्काउंट हमेशा फायदे का सौदा होते हैं? अगर आप भी DMart में खरीदारी करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद ज़रूरी है।

    डिस्काउंट ऑफर में छिपा रिस्क

    मध्यमवर्गीय परिवार अक्सर डिस्काउंट देखकर खरीदारी करते हैं। लेकिन कई बार ये डिस्काउंट ऑफर पुराने स्टॉक या एक्सपायरी डेट के करीब पहुँच चुके सामान पर चलते हैं। ऐसे में अगर आपने बिना देखे सामान खरीदा तो बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।

    👉 खासकर खाद्य पदार्थ और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदते समय उनकी एक्सपायरी डेट ज़रूर चेक करें।

    कपड़े खरीदने से पहले तुलना ज़रूरी

    डीमार्ट में कपड़ों पर बड़ी छूट दी जाती है। लेकिन कई बार वही कपड़े आपको लोकल मार्केट या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर और भी कम कीमत में मिल सकते हैं।

    👉 इसलिए कपड़े खरीदने से पहले अन्य दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे अमेज़न, मिंत्रा या फ्लिपकार्ट की कीमत ज़रूर चेक करें।

    इलेक्ट्रॉनिक सामान पर न करें जल्दबाज़ी

    डीमार्ट में इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स भी उपलब्ध होते हैं। लेकिन इनकी कीमत हमेशा कम हो ऐसा ज़रूरी नहीं।
    अक्सर त्योहारों के समय अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर बेहतर डील मिल जाती है।

    👉 इसलिए फ्रिज, मिक्सर, मोबाइल एक्सेसरीज़ या छोटे गैजेट्स खरीदने से पहले उनकी ऑनलाइन कीमत ज़रूर जांचें।

    त्योहारों के समय बचत का सही तरीका

    दसरा और दिवाली जैसे त्योहारों में डीमार्ट ग्राहकों से खचाखच भरा रहता है। इस दौरान बड़े-बड़े ऑफर दिए जाते हैं।
    लेकिन याद रखें, त्योहारों पर सिर्फ डीमार्ट ही नहीं बल्कि अन्य स्टोर्स और ई-कॉमर्स साइट्स पर भी डिस्काउंट चलते हैं।

    👉 समझदारी इसी में है कि खरीदारी करने से पहले अलग-अलग जगह की कीमतें और ऑफर तुलना करके फिर फैसला लिया जाए।

    आर्थिक नुकसान से कैसे बचें?

    • हमेशा एक्सपायरी डेट देखकर ही खाद्य और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदें।
    • कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने से पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमत की तुलना करें।
    • त्योहारों के सीजन में धैर्य रखें और ऑफर्स की जांच-पड़ताल करें।
    • सिर्फ डिस्काउंट देखकर सामान न खरीदें, ज़रूरत और क्वालिटी को प्राथमिकता दें।

    डीमार्ट में शॉपिंग करना वाकई सस्ता और सुविधाजनक है, लेकिन अगर आप सावधानी नहीं बरतेंगे तो डिस्काउंट के चक्कर में आपका आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए अगली बार जब भी डीमार्ट जाएं, तो सावधानी से खरीदारी करें और तुलना करना न भूलें।

  • Mumbai: रिक्शा चालक के घर को लगा दी आग

    Mumbai: रिक्शा चालक के घर को लगा दी आग

    मुंबई के विक्रोली में बैनर विरोध करने वाले रिक्शा चालक के घर अज्ञात लोगों ने आग लगाई। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस जांच में जुटी।

    मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई के विक्रोली इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार तड़के कुछ अज्ञात लोगों ने एक रिक्शा चालक के घर को आग लगा दी। वजह बनी इलाके में अनधिकृत रूप से लगाए गए बैनरों का विरोध। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और परिवार ने समय रहते आग पर काबू पा लिया।

    घटना कहाँ और कब हुई?

    यह घटना मंगलवार सुबह करीब 4 बजे विक्रोली के पार्कसाइट इलाके के वर्षानगर में हुई। इलाके में स्थित एक चौराहे पर एक महापुरुष के सम्मान में लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन हाल के दिनों में कुछ लोगों ने इस बोर्ड पर बिना अनुमति के त्योहारी बैनर लगाना शुरू कर दिया।

    रिक्शा चालक ने जताया विरोध

    स्थानीय रिक्शा चालक ने जब अवैध रूप से लगाए गए बैनरों को देखा, तो उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी और इन्हें हटाने की मांग की। इसी बीच, कुछ युवकों ने उसके साथ बहस शुरू कर दी। पुलिस के हस्तक्षेप से विवाद उस समय शांत हो गया।

    लेकिन विवाद खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद रिक्शा चालक के घर पर हमला हो गया।

    आगजनी की घटना

    सुबह लगभग चार बजे अज्ञात लोगों ने रिक्शा चालक के घर में आग लगाने की कोशिश की। घर में मौजूद परिवार के सदस्यों ने किसी तरह आग बुझाई और बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।

    पुलिस में शिकायत दर्ज

    रिक्शा चालक ने तुरंत पार्कसाइट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों की मदद से पूरे मामले की जांच कर रही है।

    बैनर विवाद की पृष्ठभूमि

    कुछ साल पहले इस इलाके में एक चौराहे का नाम एक महापुरुष के नाम पर रखा गया था। सम्मान के तौर पर वहाँ लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन धीरे-धीरे यह बोर्ड त्योहारों और आयोजनों के लिए बैनर लगाने का स्थान बन गया।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध बैनरों से जगह की सुंदरता बिगड़ती है और कई बार यह सड़क पर बाधा भी बनते हैं। इसी के खिलाफ रिक्शा चालक ने आवाज उठाई थी।

    नागरिकों की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद इलाके के लोगों में गुस्सा और नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में अवैध बैनरबाजी एक गंभीर समस्या है। यदि कोई नागरिक इसके खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ता है।

    एक निवासी ने कहा – “यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है। बैनरबाजी पूरे शहर की समस्या है। प्रशासन को कड़ा कदम उठाना चाहिए।”

    पुलिस की कार्रवाई

    पार्कसाइट पुलिस स्टेशन ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू हो चुकी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

    मुंबई में अवैध बैनरबाजी की समस्या

    मुंबई में हर त्यौहार, राजनीतिक कार्यक्रम या सामाजिक आयोजन के दौरान अवैध बैनर और पोस्टर लगाए जाते हैं। नगर निगम और पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कड़ी सजा का प्रावधान नहीं होगा, तब तक अवैध बैनरबाजी और इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है।

    विक्रोली में हुई यह घटना सिर्फ एक आगजनी का मामला नहीं है, बल्कि यह नागरिक अधिकारों और कानून व्यवस्था से जुड़ा सवाल भी है। सवाल यह है कि आखिर कोई व्यक्ति शहर में अवैध कामों के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे सुरक्षा कौन देगा?

    फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।