Category: Local News

  • अब मुम्बई में सफर करना होगा आसान, लोकल ट्रेन, बस, मेट्रो ट्रेन के साथ मोनो रेल पर चलेगा एक ही स्मार्ट कार्ड

    अब मुम्बई में सफर करना होगा आसान, लोकल ट्रेन, बस, मेट्रो ट्रेन के साथ मोनो रेल पर चलेगा एक ही स्मार्ट कार्ड

    मुम्बई में यात्रियों के लिए जल्द ही एक ऐसा स्मार्ट कार्ड लॉन्च होने जा रहा है, जिसके इस्तेमाल से शहर में किसी भी परिवहन सेवा का लाभ उठाया जा सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेलमंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर इसकी घोषणा की। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुम्बई-
    देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी कही जाने वाली बम्बई वासियों के लिए राहत की खबर है। अब बम्बई में सफर करने के लिए सरकार एक ऐसा डिजिटल स्मार्ट कार्ड लॉन्च करने जा रही है, जिसका इस्तेमाल, कोई भी यात्री अपने सफर के लिए मुंबई की लोकल ट्रेन, मुम्बई मेट्रो, बीइएसटी (BEST) बस और मोनो रेल के लिए कर सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर मुंबई-1 डिजिटल स्मार्ट कार्ड को जल्द ही लॉन्च करने की घोषणा की। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    क्या थीं मुसीबतें ?

    बम्बई में सफर के लिए मेट्रो का स्मार्ट कार्ड, ट्रेन का रेलवे पास या बस के लिए अलग पास लेकर चलने की जरूरत यात्रियों को नहीं होगी। किसी भी पास या स्मार्ट कार्ड के खो जाने का डर नहीं भी नही सताएगा। और तो और किसी कारणवश एक कार्ड भी छूट गया तो फिर टिकट की लंबी लाइन में अतिरिक्त रुपए खर्च करने की चिंता भी अब मुंबई के यात्रियों को नहीं होगी। इस नए स्मार्ट कार्ड के लॉन्च होने से लोगों के समय में भी बचत होगी। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कार्ड की डिजाइनिंग

    खबरों के मुताबिक, मुम्बई में सार्वजनिक परिवहन के लिए एक ही स्मार्ट कार्ड ‘मुंबई 1’ को जल्द लॉन्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया, कि इस कार्ड का इस्तेमाल करते हुए, मुंबईकर मेट्रो, लोकल ट्रेन, मोनो रेल से लेकर बीइएसटी (BEST) बसों तक का सफर कर सकेंगे। बताया जाता है कि इस कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कौन कर सकेंगे इसका इस्तेमाल?

    इस कार्ड के लॉन्च होने से मुंबईकरों को अलग-अलग सवारियों के लिए टिकट खरीदने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि जो लोग सार्वजनिक परिवहन संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं, खास उनके लिए मुंबई-1 स्मार्ट कार्ड को लॉन्च किया जाने वाला है। साथ ही मुंबई के बाहर से आने वाले लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    सुविधाजनक होगा सफर

    इस कार्ड के लॉन्च होने से लोगों का समय तो बचेगा ही, यात्रा करना भी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। इसके साथ ही बम्बई घूमने के लिए आने वाले लोगों को भी सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र और मुम्बई के निवासियों के लिए यहां का सफर काफी सुविधाजनक होने वाला है। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कब मिलेगा स्मार्ट कार्ड

    बताया जाता है, कि इस डिजिटल स्मार्ट कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है, जिसे पूरा होने में लगभग 1 महीने का समय लग सकता है। इसकी डिजाइनिंग का काम पूरा होते ही इसे आम जनता के इस्तेमाल के लिए लॉन्च करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

  • Mumbai: अब मिलावट खोरों की खैर नहीं। छापामारी के लिए बनेगा निजी फ्लाइंग स्क्वाड

    Mumbai: अब मिलावट खोरों की खैर नहीं। छापामारी के लिए बनेगा निजी फ्लाइंग स्क्वाड

    • जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल
    • एफडीए छापेमारी लीक होने से बचने के लिए मंत्री नरहरि जिरवाल बनाएंगे निजी फ्लाइंग स्क्वाड
    • राज्य में सलोखा योजना 2027 तक रहेगी लागू
    • राज्य में फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क 5 रुपए बढ़ा
    • Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई-
    राज्य का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग पिछले काफी समय से मिलावटी दूध के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों पर छापेमारी कर रहा है। राज्य के अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है और वह कई जगहों पर मिलावटी दूध को लेकर छापेमारी कर चुके हैं। एफडीए विभाग के सूत्रों के मुताबिक मिलावटी खाद्य पदार्थों पर छापेमारी करने के लिए जा रही टीमों की जानकारी लीक हो जाती है, जिसकी वजह से दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थों के माफिया सतर्क हो जाते हैं और पकड़ में नहीं आते। अब इसी से निपटने के लिए अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल अपने विभाग के एक निजी फ्लाइंग स्क्वाड बनाने पर काम कर रहे हैं। जिसको लेकर वह जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    फ्लाइंग स्क्वाड की जरूरत क्यों पड़ी?

    सूत्रों के मुताबिक कुछ दिनों पहले विभाग को पश्चिमी मुंबई उपनगर के एक क्षेत्र में मिलावटी दूध की जानकारी मिली थी। जैसे ही विभाग के अधिकारी मिली जानकारी के मुताबिक जगह पर पहुंचे तो दूध माफिया के लोग दूध समेत वहां से रफू चक्कर हो गए। एफडीए के अधिकारियों ने इसकी जानकारी मंत्री जिरवाल को दी। इसके बाद फैसला लिया गया कि विभाग में ही या पुलिस स्टेशन में कुछ ऐसे अधिकारी हैं जो छापेमारी करने से पहले ही माफिया के लोगों को जानकारी उपलब्ध करा देते हैं। इसकी वजह से उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। इससे निजात पाने के लिए जिरवाल ने विभागीय स्तर पर एक अपना फ्लाइंग स्क्वाड बनाने का काम शुरू किया है, जिसमें एफडीए के अधिकारियों के अलावा कुछ तेज तर्रार पुलिस अधिकारियों को भी शामिल किया जाने वाला है। ताकि छापेमारी के दौरान जानकारी लीक होने से बचा जा सके। मंत्री जिरवाल बहुत जल्द इसको लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं। इसको लेकर रूपरेखा बनाई जा रही है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    मंत्री खुद कर चुके हैं कई बार छापेमारी

    मंत्री नरहरि जिरवाल ने बीते मंगलवार को देर रात दहिसर इलाके में दूध के टैंकरों को रोककर छापेमारी की थी और उनके सैंपल लिए थे। जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया। जिरवाल ने कहा, कि उन्हें पिछले काफी समय से जानकारी मिल रही थी कि मुंबई में बाहर से आ रहे दूध के टैंकरों में मिलावट का दूध हो सकता है। इसी कारण, उन्होंने दूध की जांच स्वयं करने का फैसला किया। उन्होंने इसकी जानकारी एफडीए के किसी भी अधिकारी को नहीं दी थी। छापेमारी के बाद ही उन्होंने अधिकारियों को मौके पर बुलाया और इकट्ठा किए गए सैम्पलों को जांच के लिए भेज दिया। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    राज्य में सलोखा योजना 2027 तक रहेगी लागू

    महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को खेती की जमीन पर कब्जे का विवाद आपस में निपटाने के लिए शुरू सलोखा योजना की अवधि दो साल के लिए और बढ़ा दिया है। अब सलोखा योजना 1 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा। इससे खेत जमीन धारकों के विवाद निपटाने की स्थिति में मुद्रांक शुल्क नाम मात्र एक हजार रुपए और पंजीयन फीस भी एक हजार रुपए वसूला जाएगा। सोमवार को राज्य के राजस्व विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। इसके मुताबिक राज्य में 1 जनवरी 2023 से लागू सलोखा योजना की अवधि 2 जनवरी 2025 तक थी। अब सरकार ने दो साल यानी 2 जनवरी 2025 से 1 जनवरी 2027 तक की अवधि को बढ़ा दिया है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    राज्य में फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क 5 रुपए बढ़ा

    महाराष्ट्र सरकार ने फ्रैंकिंग मशीन के जरिए दस्तावेज पर मुहर लगाने के लिए सेवा शुल्क की राशि को 10 रुपए से बढ़ाकर 15 रुपए कर दिया है। इससे अब फ्रैंकिंग के लिए प्रति दस्तावेज 5 रुपए अतिरिक्त राशि देनी होगी। सोमवार को राज्य के राजस्व विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। सरकार ने फ्रैंकिंग के लिए मौजूदा राशि की मर्यादा 5 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दी गई है। यानी फ्रैंकिंग के लिए अधिकृत बैंक और वित्तीय संस्थाएं अब 10 हजार रुपए तक की फ्रैंकिंग कर सकेंगी। महाराष्ट्र मुद्रांक शुल्क अधिनियम के तहत फ्रैंकिंग के जरिए मुद्रांक शुल्क भरने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक, शेडयुल बैंक, सहकारी बैंक, पोस्ट ऑफिस और वित्तीय संस्थाओं को अधिकृत किया गया है। सरकार का कहना है कि मुंबई के अतिरिक्त मुद्रांक नियंत्रक की अध्यक्षता में 28 जून 2024 को समिति का गठन किया गया था। इस समिति की सिफारिशों के अनुसार सरकार ने फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क और फ्रैंकिंग की न्यूनतम राशि की सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

  • मुम्बई में सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट

    मुम्बई में सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट

    इस जटिल प्रक्रिया ने नई आशा का संचार किया है, जो बल्ड ग्रुप के भिन्नताओं पर नियंत्रण पाने में प्रत्यारोपण की संभावनाओं को उजागर करता है। देश में हजारों मरीज डायलिसिस पर निर्भर हैं। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    मुम्बई: देशभर में हजारों मरीज डायलिसिस पर निर्भर हैं। इसी बीच, मुम्बई के नानावटी अस्पताल ने एक अनोखी चिकित्सा उपलब्धि हासिल की है। विले पार्ले स्थित नानावटी मैक्स अस्पताल ने चेंबूर के सुश्रुत अस्पताल के सहयोग से मुम्बई का पहला मल्टी-हॉस्पिटल थ्री-पेयर डोमिनो किडनी ट्रांसप्लांट किया है। इस जटिल प्रक्रिया ने गुर्दे की बीमारी से ग्रसित तीन मरीजों को नई आशा दी है, जो रक्त समूह असंगति को दूर करने में युग्मित विनिमय प्रत्यारोपण की क्षमता को दर्शाती है। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    सर्जरी की एक जटिल प्रक्रिया में छह विभिन्न चरण शामिल थे, जिसमें नानावटी मैक्स अस्पताल में दो अंग पुनर्प्राप्ति और प्रत्यारोपण किए गए, जबकि सुश्रुत अस्पताल में एक सेट किया गया। इस समन्वित प्रयास ने तीन अलग-अलग परिवारों के तीन दाताओं और तीन प्राप्तकर्ताओं को एक साथ लाया, जिससे एक डोमिनो श्रृंखला बनी, जिसने असंगत रक्त समूहों में सफल प्रत्यारोपण को संभव बनाया। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    डायलिसिस से परेशान

    पहला प्राप्तकर्ता, मुम्बई के भिंडी बाजार का 36 वर्षीय व्यक्ति था, जो पिछले दो वर्षों से डायलिसिस करवा रहा था। उसकी माँ एक संभावित दाता थीं और उनके मैच होने की संभावना अच्छी थी। लेकिन जब डॉक्टरों ने एक स्वैप प्रक्रिया का सुझाव दिया, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी, तो उनकी माँ ने निस्वार्थता से 57 वर्षीय महिला को अपनी किडनी दान करने के लिए सहमति दे दी, जो दो साल से प्रतीक्षा सूची में थी और उसे नियमित डायलिसिस की आवश्यकता थी। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    57 साल की महिला के पति ने अपनी किडनी दान करने का फैसला किया, लेकिन उनके अलग-अलग बल्ड ग्रुप के कारण यह संभव नहीं हो पाया। ओ-पॉजिटिव डोनर होने के नाते, सही मिलान खोजना काफी मुश्किल था। फिर एक स्वैप व्यवस्था के जरिए, महिला के पति ने रत्नागिरी के 25 वर्षीय डायलिसिस तकनीशियन को अपनी किडनी दान की, जो क्रोनिक किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों की मदद कर रहा था। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    युवा तकनीशियन को दो महीने पहले किडनी फेल होने का पता चला, जब उसके सहकर्मियों ने उसके स्वास्थ्य में गिरावट देखी। उसके परिवार में कोई उपयुक्त दाता नहीं था और पैसे की कमी के कारण उसकी जान बचाने की संभावना बहुत कम थी, जब तक कि डोमिनो ट्रांसप्लांट ने एक संभावित समाधान नहीं दिया। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    सबसे वडी समस्या

    इस श्रृंखला का समापन करते हुए, एक 50 वर्षीय तकनीशियन की मां ने 36 वर्षीय भिंडी बाजार निवासी को अपनी किडनी दान की। यह समन्वित आदान-प्रदान का अंतिम चरण था। यह प्रत्यारोपण प्रक्रिया मंगलवार, 18 मार्च 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हुई, और सभी मरीज अब स्वस्थ हो रहे हैं। डॉ. जतिन कोठारी ने कहा, “किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डोमिनो दृष्टिकोण उन मरीजों के लिए सहायक होता है, जिन्हें अन्यथा शव के अंगों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। कई लोगों के लिए, यह एकमात्र आशा की किरण होती है, खासकर जब परिवारों में दाता का मिलान नहीं हो पाता।” (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    क्या करना चाहिए?

    डॉ. कोठारी ने शहर या राज्य के अस्पतालों में दाता और प्राप्तकर्ता के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक केंद्रीकृत रजिस्ट्री की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “एक एकीकृत रजिस्ट्री बनाने से हमें एक बड़ी डोमिनो श्रृंखला तैयार करने में मदद मिलेगी, जिससे हम अधिक जरूरतमंद मरीजों की सहायता कर सकेंगे।” मैक्स हेल्थकेयर के निदेशक और मुख्य परिचालन अधिकारी (पश्चिमी क्षेत्र) डॉ. विवेक तलौलीकर ने इस प्रक्रिया में टीमवर्क और सटीकता की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह तीन-जोड़ी डोमिनो प्रत्यारोपण हमारी गुर्दे की देखभाल और मरीज-केंद्रित समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अस्पतालों में डोमिनो श्रृंखला को बढ़ाने से अनोखे प्रत्यारोपण की संख्या में कमी आएगी, जिससे मरीजों पर नैदानिक और वित्तीय दबाव दोनों कम होंगे।” (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    इस तीन-जोड़ी डोमिनो प्रत्यारोपण की सफलता नानावटी मैक्स अस्पताल की गुर्दे की देखभाल और नवीन प्रत्यारोपण समाधानों में नेतृत्व को उजागर करती है। अस्पताल अंग दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और संभावित दाताओं को अंगों की उपलब्धता में महत्वपूर्ण अंतर को कम करने के लिए प्रेरित करता है। युग्मित विनिमय प्रत्यारोपण की क्षमता को प्रदर्शित करते हुए, यह मील का पत्थर अंतिम चरण के गुर्दे की विफलता से ग्रस्त रोगियों के लिए परिणामों में सुधार और जीवन रक्षक उपचारों की पहुंच को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

  • मुम्बई के लीलावती अस्पताल में काला जादू का साम्राज्य, खुदाई में मिले कलश और कंकाल

    मुम्बई के लीलावती अस्पताल में काला जादू का साम्राज्य, खुदाई में मिले कलश और कंकाल

    मुम्बई के मशहूर लीलावती अस्पताल में खुदाई के दौरान इंसान की हड्डियां, 8 कलश, बाल और काले जादू में इस्तेमाल सामान मिलने से सनसनी फैल गई है। ट्रस्टियों ने आरोप लगाया है कि यहां काला जादू होता था। सारे आरोपियों ने देश छोड़ दिया। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

    मुम्बई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी बम्बई के मशहूर एवं जाने-माने लीलावती अस्पताल के मौजूदा ट्रस्टियों ने अस्पताल के पूर्व ट्रस्टियों पर 1200 करोड़ रुपये का घोटाला और काला जादू करने का आरोप लगाया है। प्रशांत मेहता और परमवीर सिंह की तरफ से आरोप लगाया गया कि पूर्व ट्रस्टियों ने ट्रस्ट के अध्यक्ष के बैठने वाले केबिन में काला जादू किया और जमीन में गाड़ दिया।  बता दे कि पूर्व ट्रस्टियों मे से एक दिवंगत और बाकी 7 विदेश चले गए हैं। सभी आपस में रिश्तेदार भी हैं। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

    बकौल प्रशांत मेहता वह अभी जिस केबिन में बैठ रहे हैं वहां के बारे में अस्पताल के कुछ पूर्व कर्मचारियों ने उन्हें बताया था कि इस कमरे में काला जादू किया गया है। इसके बाद प्रशांत मेहता ने उस कमरे की खुदाई कराई और फर्श के नीचे से 8 कलश मिले जिसमें इंसानी हड्डियां, बाल और काला जादू में इस्तेमाल किए जाने वाले अलग-अलग समान मिले हैं। ख़ुदाई के दौरान उन्होंने विडियोग्राफी और कुछ बाहर के लोगों को पंच के तौर पर खड़ा किया। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

    कोर्ट कर रही है तफतिश

    प्रशांत मेहता के मुताबिक उन्होंने इस खुदाई की वीडियोग्राफी भी करवाई है और इंडिपेंडेंस विटनेस को भी उस दौरान यहां पर मौजूद रखा था। काला जादू को लेकर एक शिकायत बांद्रा पुलिस थाने में लीलावती अस्पताल की तरफ से की गई है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। लीलावती अस्पताल के मुताबिक उन्होंने काला जादू के मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिसके बाद कोर्ट खुद इस मामले की इंक्वारी कर रही है और अगर कोर्ट को लगा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज किया जाना चाहिए, तो कोर्ट पुलिस को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे सकती है। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

    विदेश में हैं फरार

    मौजूदा ट्रस्टी प्रशांत मेहता और अस्पताल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर परमबीर सिंह (पूर्व मुम्बई पुलिस कमिश्नर) के मुताबिक अस्पताल का निर्माण साल 1997 में प्रशांत मेहता के पिता किशोर मेहता ने करवाया था। फिलहाल अस्पताल का ट्रस्ट प्रशांत मेहता के हाथ में ही है। 1200 करोड़ के गबन का आरोप लगाते हुए लीलावती अस्पताल के मौजूदा ट्रस्टियों ने 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है जिसमें पूर्व ट्रस्टी विजय मेहता (दिवंगत) के सात रिश्तेदार भी हैं जो कभी न कभी लीलावती ट्रस्ट का हिस्सा रहे हैं जिन लोगों पर आरोप लगा है वो फ़िलहाल विदेश में बताए जा रहे हैं। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

  • Mumbai News: मुम्बई में तंदूर भट्टियों पर लगी रोक, लाइसेंस होंगा रद्द

    Mumbai News: मुम्बई में तंदूर भट्टियों पर लगी रोक, लाइसेंस होंगा रद्द

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने कोयले से चलने वाले तंदूर भट्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। मुम्बई बीएमसी ने इस संबंध में होटलों, रेस्तरां और ढाबों को नोटिस भेजे हैं। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    मुम्बई: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के आदेश के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुम्बई के होटलों, रेस्तरां और ढाबों में तंदूर रोटियां बनाने के लिए तंदूरी भट्टी मे कोयला और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसा नहीं है कि अब होटलों में आप को तंदूरी रोटी नही मिलेगी। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके लिए अलग-अलग होटल मालिकों और संचालकों को भट्टियों के विकल्प का सुझाव दिया है। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वयं इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुंबई महानगर पालिका की ओर से इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    BMC का नोटिस जारी

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने इस संबंध में सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को नोटिस जारी कर दिया है। बीएमसी की इस कार्रवाई पर कुछ होटल मालिकों ने नाराजगी जताई है। कुछ लोगों का कहना है कि लकड़ी और कोयले की भट्टियां बंद करने से तंदूरी रोटी का स्वाद बदल जाएगा। हालांकि अदालत के आदेश के अनुसार, अब तंदूरी कोयला भट्टियों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    बीएमसी ने नोटिस में क्या कहा?

    बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीएमसी ने कोयला और लकड़ी के भट्टियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बीएमसी ने कोयले से चलने वाले तंदूर ओवन का उपयोग करने वाले रेस्तरां, होटल और ढाबों को नोटिस जारी किया है। रसोईघर में कोयले से चलने वाली भट्टियों के स्थान पर बिजली उपकरण, सीएनजी, पीएनजी और एलपीजी ईंधन का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    लायसेंस होगा रद्द ..

    बीएमसी ने होटल संचालकों को 7 जुलाई तक कोयला और लकड़ी से चलने वाले तंदूर ओवन को इलेक्ट्रिक उपकरणों में बदलने का निर्देश दिया है। बीएमसी ने नोटिस में चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय का पालन नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। खास कर नोटिस में यह भी बताया गया है कि ऐसा नहीं किए जाने पर लायसेंस भी रद्द किया जा सकता है। ऐसे में होटल मालिकों के पास बीएमसी के आदेशों का पालन करने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं रह गया है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

  • अब गर्भवती महिला 25 हफ्ते बाद भी गर्भपात करा सकती है- Bombay High Court

    अब गर्भवती महिला 25 हफ्ते बाद भी गर्भपात करा सकती है- Bombay High Court

    बॉम्बे हाई कोर्ट ने 25 हफ्ते बाद भी एक गर्भवती महिला को अपने पसंदीदा नीजी अस्पताल में गर्भपात की मंजूरी दे दी है। हालांकि MTP कानून इसकी इजाजत नहीं देता। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    मुम्बई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक 35 वर्षीय महिला को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) नियमों में कुछ तकनीकीताओं के बावजूद अपनी 25-सप्ताह की गर्भावस्था को अपनी पसंद के निजी अस्पताल में समाप्त करने की अनुमति दे दी, जो निजी संस्थानों को 24 सप्ताह से अधिक के गर्भधारण के लिए ऐसी प्रक्रियाएं करने से रोकता है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    भ्रूण के दिल की धड़कन

    महिला मुंबई के मालाड इलाके में अपने चुने हुए निजी अस्पताल में गर्भपात कराना चाहती थी, और उसने गर्भपात के तरीकों के संबंध में केंद्र द्वारा तय किए गए दिशानिर्देशों को अपनाने के लिए प्रक्रिया करने वाले एक डॉक्टर से अनुमति मांगी। राज्य सरकार ने भी केंद्र के इन दिशानिर्देशों को अपनाया है और ऐसी स्थिति में भ्रूण की दिल की धड़कन को रोकने का प्रावधान किया है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले की पीठ ने निजी अस्पतालों से जुड़े एमटीपी नियमों के कानूनी मुद्दे पर विचार किया। हालांकि, इमर्जेंसी को देखते हुए, पीठ ने याचिकाकर्ता को निजी अस्पताल से एक हलफनामा प्राप्त करने का निर्देश दिया, जिसमें कहा गया हो कि उनके पास प्रक्रिया करने के लिए सभी सुविधाएं हैं। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    MTP नियम क्या कहता है?

    वर्तमान एमटीपी नियम निजी संस्थानों को केवल 24 सप्ताह तक के गर्भपात करने की अनुमति देता है। नियमों के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो निजी अस्पतालों को 24-सप्ताह की सीमा से ज्यादा वाले गर्भ को समाप्त करने के लिए मंजूरी लेने की अनुमति देता हो, इस वजह से याचिकाकर्ता अपनी पसंद के अस्पताल में गर्भपात की प्रक्रिया को सुरक्षित करने में असमर्थ हो गई थी। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    गर्भवती की जान बचाना जरूरी

    याचिकाकर्ता के वकील, मीनाज़ काकालिया ने तर्क दिया कि महिला को अस्पताल चुनने की अनुमति दी जानी चाहिए और केंद्र सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शन बिंदुओं के अनुसार अपनी पसंद की गर्भपात प्रक्रिया से गुजरने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने 20 सप्ताह से अधिक के गर्भपात से जुड़े मामलों के लिए मार्गदर्शन बिंदु का उल्लेख किया, जो भ्रूण को जीवित प्रसव से बचाने के लिए यदि आवश्यक हो तो भ्रूण के दिल की धड़कन को रोकने की अनुमति देता है। काकालिया ने आगे बताया, कि “यह प्रक्रिया ऑपरेशन गर्भपात प्रक्रिया के हिस्से के रूप में उपलब्ध होनी चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने अनुरोध किया, कि “अदालत निजी चिकित्सा व्यवसायी को इन दिशानिर्देशों का पालन करने की अनुमति दे।” (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    सरकारी सर जे जे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स और ग्रांट मेडिकल कॉलेज के एक मेडिकल बोर्ड ने महिला के मामले की समीक्षा की थी और पाया था कि भ्रूण कुछ विसंगतियों से ग्रस्त था। अभी के लिए, अस्पताल के हलफनामे में कहा गया है कि उनके पास गर्भपात के लिए आवश्यक मंजूरी है और उनके पास आक्रामक प्रक्रियाओं सहित सोनोग्राफी करने के लिए सभी सुविधाएं हैं, और उन्हें एमटीपी नियमों के अनुसार पूर्व-गर्भाधान और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन पर प्रतिबंध) अधिनियम, 2003 के तहत लाइसेंस प्राप्त है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    कोर्ट ने क्या कहा?

    पीठ ने अपने आदेश में कहा, “याचिकाकर्ता की प्रजनन स्वतंत्रता के अधिकार, शरीर पर उसकी स्वायत्तता और पसंद के अधिकार, याचिकाकर्ता की चिकित्सा स्थिति को ध्यान में रखते हुए और मेडिकल बोर्ड के निष्कर्षों और राय पर विचार करने के बाद, हम याचिकाकर्ता को गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति देते हैं। याचिकाकर्ता ने अपनी इच्छा का संकेत दिया है कि प्रसव प्रक्रिया आदि उसकी अपनी पसंद के अस्पताल में की जाएगी। हम उसे ऐसा करने की अनुमति देते हैं।” (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

    पीठ ने कहा कि वह एमटीपी नियमों में खामियों से संबंधित काकालिया द्वारा उठाए गए बड़े मुद्दे को बाद की तारीख में विचार के लिए खुला छोड़ देगी और सुनवाई 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)

  • अडानी ग्रुप कांदिवली में 1,000 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाएगा

    अडानी ग्रुप कांदिवली में 1,000 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाएगा

    गौतम अदाणी के नेतृत्व वाले बिज़ली सप्लायर समूह ने मुंबई और अहमदाबाद में दो एकीकृत स्वास्थ्य अस्पतालों के निर्माण के लिए ₹6,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बनाई है, जिन्हें अदाणी हेल्थ सिटीज कहा जाएगा। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

    मुंबई: अदाणी समूह ने सोमवार को घोषणा की कि वह अमेरिका स्थित मेडिकल सेंटर मेयो क्लिनिक के साथ साझेदारी में मुंबई और अहमदाबाद में 1,000 बिस्तरों वाले अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निर्माण करेगा। गौतम अडानी के नेतृत्व वाले पोर्ट-टू-एनर्जी समूह ने दो एकीकृत स्वास्थ्य परिसरों के निर्माण के लिए ₹6,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बनाई है, जिन्हें अडानी हेल्थ सिटीज (Adani Health City) कहा जाएगा। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

    कांदिवली स्थित मुंबई का सबसे बड़ा निजी अस्पताल होगा। वर्तमान में, अंधेरी पश्चिम में कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल और मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट 750 बिस्तरों की क्षमता के साथ मुंबई की सबसे बड़ी चिकित्सा सुविधा है। अंधेरी पूर्व में नागरिक स्वामित्व वाले सेवनहिल्स अस्पताल में 1,500 बिस्तरों तक विस्तार करने की क्षमता है, लेकिन राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण में चल रहे विवाद के कारण वर्तमान में यह केवल 400 बिस्तरों का संचालन करता है। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

    देश भर में सस्ती चिकित्सक

    अदाणी समूह भारत भर के शहरों और कस्बों में ऐसे और अधिक परिसर बनाने की योजना बना रहा है। एक प्रेस बयान के अनुसार, वे सस्ती, विश्व स्तरीय चिकित्सा देखभाल और चिकित्सा शिक्षा प्रदान करेंगे। इस पहल को समूह की गैर-लाभकारी स्वास्थ्य सेवा शाखा के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

    मेडिकल कॉलेज का निर्माण

    बयान में कहा गया है कि इनमें से प्रत्येक एकीकृत स्वास्थ्य परिसर में 1,000 बिस्तरों वाले बहु-सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल, 150 स्नातक, 80 से अधिक निवासियों और 40 से अधिक अध्येताओं के वार्षिक प्रवेश वाले मेडिकल कॉलेज, स्टेप-डाउन और संक्रमणकालीन देखभाल सुविधाएं और अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाएं शामिल होंगी। (Adani Group will build a 1,000-bed hospital in Kandivali)

  • Eggs फ्रीज करवाने के बाद चर्चा में आई करिश्मा मेहता, क्या है इसकी प्रक्रिया

    Eggs फ्रीज करवाने के बाद चर्चा में आई करिश्मा मेहता, क्या है इसकी प्रक्रिया

    ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे” की सीईओ करिश्मा मेहता ने अपने Eggs फ्रीज करवा लिया है। करिश्मा मेहता ने बताया कि वह कुछ समय से इस पर विचार कर रही थीं। आइए जानते है क्या है Eggs फ्रीज करवाने की प्रक्रिया और इससे किस तरह का लाभ होता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई- 
    ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे” की 32 वर्षीय संस्थापक करिश्मा मेहता अचानक सुर्खियों में आ गई हैं। दरअसल उन्होंने इस साल जनवरी महीने में अपने अंडाणु (Eggs) फ्रीज करवाने का फैसला किया और इस बात की जानकारी खुद सोशल मीडिया पर शेयर कर दी। इसके बाद लोग उनसे जुड़ी जानकारी को गूगल पर सर्च कर रहे हैं। 1992 में जन्मी करिश्मा ने 2014 में ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की स्थापना की। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    बता दें कि अपने करियर को प्राथमिकता देने वाली महिलाओं में एग (Eggs) फ्रीजिंग का क्रेज बढ़ने लगा है। कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भविष्य में मां बनने की चाह में अपने एग फ्रीज करा चुकी हैं। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    सोशल मीडिया पोस्ट पर करिश्मा ने बताया कि इस बारे में वो काफी समय से सोच रही थीं और आखिरकार उन्होंने यह कर लिया। उन्होंने लिखा, “मैं इसे कुछ समय से करना चाहती थी और अंततः इस महीने की शुरुआत में मैंने अपने अंडाणु फ्रीज करवा लिए।” (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

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    उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “जनवरी में मैंने अपने अंडाणु फ्रीज करवा लिए और यह मेरे लिए एक खास उपलब्धि है।” पोस्ट के साथ उन्होंने तस्वीर भी शेयर की है। अपने पोस्ट में, मेहता ने अपने निजी और प्रोफेशनल जीवन की कुछ महत्वपूर्ण झलकियां शेयर की। उन्होंने अभिनेता अभय देओल के साथ अपनी पहली विज्ञापन शूट की एक तस्वीर भी साझा की। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    कौन हैं करिश्मा मेहता?

    करिश्मा मेहता एक भारतीय लेखिका, व्यवसायी और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं। करिश्मा मेहता ह्यूमन ऑफ बॉम्बे की सीईओ हैं। “Human of Bombay” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सबसे पॉपुलर पेजों में से एक है, जो आम लोगों की कहानियों को साझा करता है और उनके संघर्ष, सफलता और जीवन के अनसुने पहलुओं को प्रकाशित करता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    21 साल की उम्र में किया था शुरुआत।

    करिश्मा मेहता ने 2014 में ह्यूमन ऑफ बॉम्बे की शुरुआत की थी। करिश्मा उस वक्त सिर्फ 21 साल की थी। उन्होंने अपने पेज के जरिए मुंबई और मुंबईकरों की जिंदगी से जुड़ी कहानियों को लिखना शुरू किया। करिश्मा ने बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से पढ़ाई की, बाद में बेंगलुरू के बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई के लिए वो ब्रिटेन चली गईं, जहां से उन्होंने इकोनॉमिक्स और बिजनेस की डिग्री ली। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लिया इंटरव्यू

    लेकिन करिश्मा पहली बार चर्चा में तब आई जब उन्होंने साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इंटरव्यू लिया। इसके बाद वो सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हो गईं। पीएम मोदी के इंटरव्यू ने उनके करियर को एक नई दिशा दे दी। इस महीने के शुरू में करिश्मा मेहता ने एक और बड़ा कदम उठाया जब उन्होंने अपने लक्जरी लेदर सामानों से खुद को अलग करने का ऐलान किया। शाकाहारी होने के नाते, उन्होंने फैशन में क्रूएल्टी-फ्री रुख अपनाने के अपने फैसले के बारे में सोशल मीडिया पर समझाया। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    क्या है एग फ्रीजिंग ?

    UCLA (यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स) हेल्थ के अनुसार, एग फ्रीजिंग, जिसे ओसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन (Oocyte cryopreservation) के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक महिला के अंडों को निकाला जाता है, जमाया जाता है और भविष्य में उपयोग के लिए फ्रीज कर दिया जाता है। इस विधि का उपयोग अक्सर उन महिलाओं के लिए प्रजनन क्षमता को बनाए रखने के लिए किया जाता है जो व्यक्तिगत या चिकित्सा कारणों से बच्चे पैदा करने में देरी करना चाहती हैं। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    फ्रीजिंग से पहले क्या किया जाता है?

    एग फ्रीजिंग में ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड के बाद एक महिला के अंडाणु की मात्रा की जांच की जाती है। फिर, अंडाशय को अंडे का उत्पादन करने के लिए उत्तेजित करने के लिए हार्मोनल दवाओं का उपयोग किया जाता है। फिर परिपक्व अंडों को एक सरल प्रक्रिया के माध्यम से एकत्र कर लिया जाता है और विट्रिफिकेशन नामक तकनीक का उपयोग करके इसे जल्दी से जमाया जाता है। इससे अंडों को भविष्य में उपयोग के लिए रखा जा सकता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    1968 में हुआ था पहले बच्चे का जन्म

    फ्रीज हुए अंडे से पहले बच्चे का सफलतापूर्वक जन्म 1986 में हुआ था। इस प्रक्रिया में हल की हुई प्रगति से अंडाणु के जीवित रहने और जीवित बच्चों के जन्म की सफलता दर में काफी सुधार हुआ है।
    अगर आप भी अपने एग्स फ्रीज कराने की सोच रहे हैं, तो यह इतना आसान नहीं है। इसके लिए अपनी बॉडी को पहले से प्रिपेयर करना बहुत जरूरी है। तो आइए जानते हैं एग फ्रीजिंग से पहले शरीर को किस तरह से तैयार करना पड़ता है और यह क्यों जरूरी है? (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    एग फ्रीजिंग करने से पहले शारिरीक तैयारी

    एग फ्रीजिंग एक कठिन फैसला है। ज्‍यादातर मामलों में महिलाओं को इस संबंध में लोगों की बातें भी सुननी पड़ती है। जिससे तनाव बढ़ता है और प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए सबसे पहले स्‍ट्रेस मैनेजमेंट टिप्‍स अपनाकर खुद को मानसिक रूप से तैयार करना पडता है। अंडे की गुणवत्ता बढ़ाने और स्‍वास्‍थ्‍य को ठीक रखने के लिए फर्टिलिटी डाइट लेना जरूरी है। बता दें कि, फर्टिलिटी फ्रेंडली डाइट में एंटीऑक्‍सीडेंट, हेल्‍दी फैट और जरूरी पोषक तत्‍व होते हैं। इस डाइट को फॉलो करने से प्रजनन क्षमता में सुधार हो सकता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    एक्सपर्ट की राय

    एक्सपर्ट मानते हैं कि एग फ्रीजिंग से पहले महिलाओं को अपने रूटीन में फर्टिलिटी सप्लीमेंट भी शामिल करनी चाहिए। सप्‍लीमेंट भी ऐसे होने चाहिए जिनमें इनोसिटोल और जरूरी विटामिन व मिनरल शामिल हों। एक्‍सरसाइज स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन एग फ्रीजिंग प्रोसेस के दौरान अपने वर्कआउट में बदलाव करना जरूरी है। दरअसल, हार्मोन स्टीमुलेशन के दौरान ओवरी का आकार इंजेक्शन के 10 दिन बाद बढ़ जाता है, जिससे ओवेरियन टॉर्जन की समस्‍या हो सकती है। इस रिस्‍क को कम करने के लिए इंटेंस एक्‍सरसाइज से बचने की सलाह दी जाती है। महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्‍थ के लिए विटामिन “डी” बहुत जरूरी है। यह न केवल अंडे की गुणवत्ता में सुधार करता है, बल्कि इससे बेहतर फर्टिलिटी रिजल्‍ट्स मिलते हैं। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    एग फ्रीजिंग के बारे किसे विचार करना चाहिए?

    • एग फ्रीजिंग उन महिलाओं के लिए एक विकल्प हो सकता है जो प्रजनन संबंधी जोखिमों का सामना कर रही हैं।
    • वैसी महिलाएं जो कैंसर के उपचार के तहत कीमोथेरेपी या पेल्विक रेडिएशन का सामना कर रही है।
    • ऐसी सर्जिकल प्रक्रियाए जो अंडाशय को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
    • आनुवंशिक स्थितियां या समय से पहले पीरियड आने का पारिवारिक इतिहास।
    • बच्चे पैदा करने में देरी करने के सामाजिक या व्यक्तिगत कारण।
    • अंडाणु को कई सालों तक फ्रीज करके रखे जा सकते हैं।
  • बम्बई में अब 10 रुपये में होगा MRI और CT Scan

    बम्बई में अब 10 रुपये में होगा MRI और CT Scan

    बम्बई में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से गुरु नानक खालसा कॉलेज माटुंगा में शुक्रवार को जरूरत मंद लोगो के लिए मात्र 10 रुपये में MRI, CT Scan, एक्स-रे सेंटर का उद्घाटन किया गया। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

    न्यूज़ डेस्क
    बम्बई
    – माटुंगा गुरू नानक खालसा कॉलेज में शुक्रवार को चार साहिबजादे MRI और CT Scan Center का उद्घाटन किया गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधन में कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सिख समुदाय की प्रतिनिधि करने वाली संस्था शिरोमणि कमेटी जन कल्याण में बेहतरीन सेवाऐं प्रदान कर रही है। इसी सिलसिले में आज श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार पुत्रों को समर्पित एक एमआरआई और सीटी स्कैन केंद्र शुरू किया गया है। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

    क्या क्या मिलेगी सुविधा ?

    उन्होंने कहा कि इस केंद्र पर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे आदि चीजों की जांच सेवा मात्र 10 रुपये में की जायेगी। इसके अलावा गुरु नानक मिशन 1313 के नाम से संचालित फार्मेसी से बाजार दर से 25 प्रतिशत कम दर पर दवाइयां उपलब्ध कराई जायेंगी और मेडिकल रक्त परीक्षण भी 50 प्रतिशत सस्ती दरों पर किया जायेगा। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

    सम्मान बढ़ेगा

    एडवोकेट धामी ने घोषणा करते हुए कहा कि ये सुविधायें मुंबई और इसके आसपास के इलाकों के गुरुद्वारा साहिबों के ग्रंथी सिंहों और अन्य कर्मचारियों को भी केवल 10 रुपये में प्रदान की जायेंगी। उन्होंने कहा कि इन कार्यों में महाराष्ट्र से शिरोमणि कमेटी के सदस्य मो. गुरिंदर सिंह बावा द्वारा विशेष एवं सराहनीय प्रयास किये गये हैं, जिससे सिख संगठन का सम्मान और बढ़ेगा। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

    इस मौके पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, एडवोकेट धामी, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी सुल्तान सिंह, तख्त श्री हरिमंदर जी पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी बलदेव सिंह, शिरोमणि कमेटी के सदस्य गुरिंदर सिंह बावा, अध्यक्ष, तख्त श्री पटना साहिब प्रबंधन समिति जगजोत सिंह, शिरोमणि कमेटी के ओएसडी सतबीर सिंह धामी, जसबीर सिंह धाम और अन्य हस्तियां मौजूद रहीं। (Now MRI and CT scan will be done for Rs 10 in Mumbai)

  • महाराष्ट्र में Bird Flu…लातूर में 51 कौवों की मौत, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

    महाराष्ट्र में Bird Flu…लातूर में 51 कौवों की मौत, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

    महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू तेजी से पैर पसार रहा है। पिछले दिनों नागपुर में 3 बाघ और एक तेंदुए की मौत के बाद अब लातूर में बर्ड फ्लू के कारण बड़ी संख्या में कौवों की मौत हो रही है… (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    न्यूज़ डेस्क
    महाराष्ट्र-
    राज्य में तेजी के साथ बर्ड फ्लू अपना पैर पसार रहा है। पिछले दिनों नागपुर में 3 बाघ और एक तेंदुए की मौत हो गई थी। इसके बाद अब लातूर में भी बड़ी संख्या में कौवों की मौत की खबर आ रही है। इससे जिले में हड़कप मच गया है और जिला प्रशासन ने आम लोगों को अलर्ट जारी कर दिया है। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    महाराष्ट्र के लातूर जिले में बर्ड फ्लू से 51 कौवों की मौत हो गई है। इसके बाद अधिकारियों ने बीमारी को फैलने से रोकने के लिए निवारक उपाय करना शुरू कर दिया है। पशुपालन उपायुक्त डॉ. श्रीधर शिंदे ने बताया कि शनिवार को भोपाल पशु चिकित्सा प्रयोगशाला से मिली रिपोर्ट से पता चला, कि लातूर जिले के उदगीर शहर में कौवों की मौत एवियन इन्फ्लूएंजा (H5N1 वायरस) के कारण हुई है। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    जांच मे जुटी टीम

    पशुपालन उपायुक्त डॉ. श्रीधर शिंदे ने बताया कि शनिवार तक उदगीर शहर के विभिन्न हिस्सों में 51 कौवे मृत पाए गए। अधिकारियों को 13 जनवरी से शहर के बगीचों व अन्य क्षेत्रों में मृत पक्षियों के बारे में शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और मौत के कारण का पता लगाने के लिए 14 जनवरी को 6 शवों को प्रयोगशाला में भेज दिया। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    अलर्ट जोन घोषित

    खबर मिलते ही जांच के साथ लातूर जिला प्रशासन ने बीमारी को फैलने से रोकने के लिए निवारक उपाय शुरू कर दिए हैं। जिस जगह मृत कौवे मिले हैं उस जगह के 10 किलोमीटर के दायरे को ‘अलर्ट जोन’ घोषित किया गया है। आदेश में प्रभावित क्षेत्रों में लागों की आवाजाही और पक्षियों-जानवरों के परिवहन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)

    पोल्ट्री फॉर्म का होगा सर्वेक्षण

    जिला प्रशासन के निर्देश के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्रों को संक्रमणमुक्त किया जाएगा। वहीं अधिकारी 10 किलोमीटर के दायरे में सभी पोल्ट्री फॉर्म का सर्वेक्षण करेंगे और नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे जिले के अन्य भागों में पक्षियों या जानवरों की किसी भी असामान्य मृत्यु की सूचना निकटतम पशु चिकित्सालय या वन विभाग को दें। (Bird Flu in Maharashtra…51 crows died in Latur, Administration issued alert)