मुंबई: शहर की सड़कों पर गड्ढों की शिकायतों और उनके त्वरित समाधान को कारगर बनाने के प्रयास में, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एक और मोबाइल एप्लिकेशन, पोथोल क्विकफिक्स के नाम से लॉन्च किया है। यह एप्लिकेशन जून के पहले सप्ताह में लॉन्च किया गया था और अब यह मुंबई के सभी नागरिकों के लिए प्ले स्टोर से डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। आप इसे यहां से एक क्लिक कर Download भी कर सकते हैं। Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.
कारगर बनाने के प्रयास
बीएमसी आम तौर पर सोशल मीडिया और स्थानीय वार्ड कार्यालय के नियंत्रण कक्षों के माध्यम से नागरिकों द्वारा दर्ज की गई गड्ढों की शिकायतों की निगरानी और निपटारा करता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में, बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों की शिकायतों पर निपटारे को कारगर बनाने के प्रयास में लगातार नए डिजिटल पोर्टल या मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करता आ रहा हैं। Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.
इसके पहले भी कई एप्लिकेशन किए लॉन्च
2019 में, बीएमसी ने ‘माई बीएमसी पोथोल फिक्सिट’ नामक एक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया, जिसका उपयोग बृहन्मुंबई महानगर पालिका प्रशासन द्वारा 2024 के मानसून सीजन के दौरान गड्ढों के बारे में शिकायत दर्ज करने में सक्षम बनाने के लिए भी किया गया था। 2014 में सड़कों की निगरानी के लिए ‘एमसीजीएम 24X7’ मोबाइल एप्लिकेशन शुरू की गई थी और 2011 में गड्ढों की शिकायतों पर नागरिकों से जुड़ने के लिए ‘वॉयस ऑफ सिटिजन’ डिजिटल पोर्टल शुरू किया था। Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.
मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी जानकारी देते हुए बताया, कि “पुराने मोबाइल एप्लिकेशन या डिजिटल पोर्टल कुछ समय बाद उतने कारगर साबित नही होते हैं, क्यों कि त्वरित रिस्पांस के लिए वर्तमान मुद्दों को ध्यान में रखकर एप्लिकेशन या पोर्टल का निर्माण किया जाता है। इसलिए उन्हें संबंधित मानसून के दौरान इस्तेमाल करने के बाद हटा दिया जाता है। हमने नागरिकों से उपयोगकर्ता के अनुकूल सुविधाओं के बारे में लगातार ऑनलाइन फीडबैक भी लिया गया है और इन्हें योजनाओं में शामिल किया गया है।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.
एप्लिकेशन की खासियत
अधिकारी ने कहा, कि “पोथोल क्विकफिक्स एप्लिकेशन पर शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिकों को केवल तीन से चार क्लिक की आवश्यकता होगी। पहले के एप्लिकेशन में, नागरिकों को अपनी शिकायतों के साथ अपलोड की गई तस्वीरों के लिए स्थान जोड़ना पड़ता था। इसके विपरीत, इस मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से, फोटो स्वचालित रूप से अक्षांश और देशांतर के साथ जियो-टैग हो जाएंगे, जिसमें ऐप में लॉग इन करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन का स्थान भी शामिल होगा।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.
शिकायतों को प्रत्येक चुनावी वार्ड में नियुक्त 227 माध्यमिक इंजीनियरों द्वारा ट्रैक किया जाएगा और चौबीसों घंटे उन पर नज़र रखी जाएगी। ऐप शिकायतों को बंद करने के लिए पूर्व निर्धारित समयसीमा के साथ खुले कार्यों का वर्कफ़्लो भी प्रदान करता है। नागरिक अपनी शिकायतों की स्थिति को ‘खुला’, ‘प्रगति में’ या ‘समाधान’ के रूप में ट्रैक कर सकेंगे। एक अन्य अधिकारी ने कहा, कि “कोई शिकायतकर्ता अगर जमीनी स्तर पर समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, तो इस एप्लीकेशन में 24 घंटे के भीतर शिकायत को फिर से खोल सकते हैं।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.
बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम 1888 की धारा 351 (1) (ए) के तहत मालाड़ बीएमसी ने बॉलीवुड सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती के नाम नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि कथित निर्माण को क्यों न हटा दिया जाय, उसमें बदलाव क्यों न किया जाय या फिर उस जगह का इस्तेमाल पर क्यों न रोक लगा दी जाए। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island
मुंबई: मालाड़ (पश्चिम), आक्सा चौपाटी के नजदीक मढ़ आईलैंड इलाके में अवैध इमारतों को हटाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) गंभीर हो गई है। अब इस सूची में मिथुन चक्रवर्ती का नाम भी शामिल हो गया है। दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता को मालाड पश्चिम के एरंगल गांव में एक भूखंड पर कथित रूप से अवैध निर्माण कराने के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया है। मालाड़ पी/ उत्तर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मिथुन को अब यह बताना होगा कि निर्माण को क्यों नहीं गिराया जाना चाहिए। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island
बीएमसी कर देगी बंगले को ध्वस्त
अगर वह जवाब नहीं देते या इसका औचित्य साबित करने में विफल रहते हैं, तो बीएमसी का कहना है कि वे इसे ध्वस्त कर देंगे। अभिनेता को संभावित कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह कोई एक मामला नहीं है। बीएमसी ने मढ़ इलाके में 100 से ज्यादा अवैध निर्माणों को निशाना बनाया है, जिनमें कुछ बंगले भी शामिल हैं जो कथित तौर पर फर्जी लेआउट प्लान का इस्तेमाल करके बनाए गए थे। मनपा पी उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी का कहना है कि वे मई के अंत तक ऐसी सभी अवैध इमारतों को हटाने की योजना बना रहे हैं। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island
बिना अनुमति बंगले में अवैध निर्माण
बीएमसी सूत्रों के मुताबिक, ‘एरंगल गांव में हीरा देवी मंदिर के पास निरीक्षण के दौरान एक से अधिक दो मेग्जनाइन मंजिला इमारतें, एक ग्राउंड फ्लोर स्ट्रक्चर और ईंट, लकड़ी, कांच और एसी शीट से बनी तीन अस्थायी निर्माण पाए गए। ये संरचनाएं सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लिए बिना बनाई गई हैं, जिसके लिए अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मालाड़ बीएमसी ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिनियम 1888 की धारा 351 (1) (ए) के तहत मिथुन चक्रवर्ती को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island
बंगले के मालिक बॉलीवुड सुपरस्टार एवं भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती से यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है, कि कथित निर्माण को क्यों न हटा दिया जाए, उसमें बदलाव क्यों न किया जाए या फिर उस जगह का इस्तेमाल क्यों न बंद किया जाए। अगर वह समय पर जवाब देने में विफल रहते हैं, तो मालाड़ बीएमसी संरचना के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। सहायक आयुक्त कुंदन वळवी ने बताया कि इस तरह के उल्लंघन बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम 1888 की धारा 475 ए के अंतर्गत आते हैं, जिसके लिए जुर्माना और यहां तक कि जेल भी हो सकती है। इस बीच मिथुन चक्रवर्ती ने बीएमसी नोटिस पर जानकारी देते हुए कहा, कि ‘मैंने कोई अवैध निर्माण नहीं कराया है और मेरे पास कोई अनधिकृत संरचना नहीं है। कई लोगों को नोटिस भेजे गए हैं और हम अपना जवाब भेज रहे हैं।’ BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island
एसआईटी कर रही है जांच
आप को बता दें कि महाराष्ट्र के सदन में अवैध निर्माण को लेकर आवाज उठाई गई थी। जिसके बाद सरकार ने एक एसआईटी की टीम गठित कर जांच का जिम्मा सौंपा था। सदन में बताया गया था कि सरकारी विभागों को गुमराह कर कागजातों में हेराफेरी की गई है। इसमें यह भी कहा गया था, कि सरकारी विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने भी इसमें अवैध निर्माणकर्ताओं का साथ दिया है जिसकी जांच होना जरूरी है। फिलहाल एसआईटी की टीम मालाड़ पश्चिम के मढ़ आईलैंड इलाके में संरचनाओं और उनके पेपरों की जांच कर रही है। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Islan
डिजिटल डेस्क BJP Government: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को झूठे भ्रष्टाचार में फंसाकर सत्ता का खेल खेलने वाली बीजेपी जब सत्ता में आई तो राज्य को विकसित करने का उसका नजरिया भी सामने आने लगा है। यहां जनता को शराबी बनाकर अपनी तिजोरी भरने का पुख्ता इंतजाम कर लिया है। (Development model of BJP government)
सरकार ने 67 शराब की नई दुकानें खोलकर जनता को नशा मुक्त बनाने में लगी है। नशा यानी जीवन। जीवन से मुक्ति दिलाने के लिए शराब का सहारा ले रही है। अब जनता शराब पीकर मदमस्त रहा करेगी। उसे मंहगाई बेरोजगारी और शिक्षा की चौपट की जा रही व्यवस्था नहीं दिखेगी। छत्तीसगढ़ के विकास रचने के लिए अब 741 सरकारी शराब के ठेके चलेंगे। जिसकी कमाई से सरकार मनमाने ढंग से राजसी जिंदगी जीने की व्यवस्था कर लेगी। (Development model of BJP government)
कभी विधायकों के वेतन तो कभी भत्ते में बढ़ोत्तरी करके खुशी मनाएंगे विधायक। और चाहिए ही क्या उन्हें? बीजेपी सरकार नहीं चाहती कि गरीब निम्न मध्यम वर्ग पढ़े लिखे क्योंकि शिक्षा का व्यापारीकरण कर चुकी पार्टी की सरकार जानती है कि गरीब और निम्न वर्ग पढ़ लिख लेगा तो गुलाम बनने से इनकार कर सरकार से रोजगार और अन्य अधिकार मांगने लगेगा। (Development model of BJP government)
https://www.cgstate.gov.in
इसलिए न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी की कहावत को चरितार्थ करने के लिए 4000 सरकारी स्कूल बंद करने का बीजेपी राज्यसरकार ने फैसला कर लिया है। ऐसा ऐतिहासिक फैसला करने का दुस्साहस केवल बीजेपी सरकार ही कर सकती है। इतनी बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद करने से सरकार का खजाना भरा रहेगा। क्योंकि तब 35000 शिक्षकों को वेतन देने ही नहीं होंगे। यानी सरकार तीन का एक करके शिक्षक पदों को ही नहीं प्रधानाध्यापकों के पद भी खत्म कर देगी। (Development model of BJP government)
इस तरह से सरकार अरबों रुपए खर्च करने से पैसे बचा लेगी। क्योंकि बीजेपी नहीं चाहती कि लोग पढ़ें। वह तो जनता को अनपढ़ गुलाम बनाने में विश्वास करती है। अनपढ़ जनता रहेगी तो ही अनपढ़ लोगों की सरकार दौड़ेगी। बीजेपी को सिर्फ सरकार चलानी है जनता की सेवा नहीं। इसीलिए बीजेपी शिक्षित लोगों को शहरी नक्सली कहती हैं कि वे जनता के अधिकार मांगते हैं। ऐसे लोग सरकार की आंखों में बहुत चुभते हैं जो सरकार के नकारेपन को सार्वजनिक करे। (Development model of BJP government)
Mumbai News: मुंबई पुलिस ने 7 थानों में चाइल्ड फ्रेंडली जोन बनाए हैं। जहां पीड़ित बच्चों को सहज वातावरण मिलेगा। कार्टून, खिलौनों से सजे कमरों में प्रशिक्षित अधिकारी बच्चों से संवेदनशीलता का खयाल रखते हुए बात करेंगे। Now child friendly zones will be created in Mumbai police stations
Mumbai Crime News: मुंबई पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए एक सराहनीय पहल की है। पहली बार मुंबई के 7 पुलिस स्टेशनों में चाइल्ड फ्रेंडली जोन की शुरुआत की गई है। यह ज़ोन विशेष रूप से उन बच्चों के लिए बनाए गए हैं जो किसी अपराध के शिकार हुए हैं या किसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। Now child friendly zones will be created in Mumbai police stations
पुलिस स्टेशन का गंभीर माहौल
मुंबई पुलिस लगातार बच्चों से जुड़े अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। हालांकि, कई बार जांच के दौरान पीड़ित बच्चों को पुलिस स्टेशन बुलाना पड़ता है। कई बार पुलिस स्टेशन का गंभीर माहौल बच्चों में डर पैदा कर देता है। जिससे वे खुलकर बात नहीं कर पाते और जांच में पुलिस वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। Now child friendly zones will be created in Mumbai police stations
कैसे बनाया गया है बच्चों का कमरा?
इसी को ध्यान में रखते हुए, मुंबई पुलिस अब हर पुलिस थानों में ऐसे कमरे बनाने जा रही है जो बच्चों के अनुकूल रहने वाले हैं। मुंबई पुलिस ने इसकी शुरुआत कर दी है। शुरुआती 7 अलग-अलग पुलिस थानों में चाइल्ड फ्रेंडली ज़ोन बनाए गए हैं। इन कमरों को कार्टून के चित्र, खिलौने और गेम्स के उपकरणों से सजाया गया है। यहां बच्चों को एक सुरक्षित और आरामदायक वातावरण मिलता है जिससे वे तनावमुक्त होकर पुलिस से बात कर सकेंगे। Now child friendly zones will be created in Mumbai police stations
प्रत्येक चाइल्ड फ्रेंडली ज़ोन में एक प्रशिक्षित अधिकारी तैनात किया गया है जो बच्चों से संवेदनशीलता का खयाल रखते हुए बात करेंगे। उन्हें सहज महसूस कराने पर जोर दिया जा रहा है। इससे पुलिस को जांच में मदद मिलेगी। इस ज़ोन की एंट्री भी अलग रखी गई है ताकि बच्चों को यह जगह किसी थाने जैसी न लगे। साथ ही, आपात स्थिति के लिए बाहर एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। Now child friendly zones will be created in Mumbai police stations
— जूहू पोलीस ठाणे – Juhu PS Mumbai (@Juhu_PS) May 17, 2025
एनसीपीसीआर की गाइडलाइन क्या है?
हर पुलिस स्टेशन में सहायक उपनिरीक्षक स्तर से नीचे के एक अधिकारी को बाल कल्याण पुलिस अधिकारी (CWPO) के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए, जिसे बच्चों से संवाद और देखभाल के लिए विशेष प्रशिक्षण मिला हो।
विशेष किशोर पुलिस इकाइयों की बैठक भी CWPO की निगरानी में होनी चाहिए और सभी रिकॉर्ड सुव्यवस्थित रखे जाने चाहिए।
साथ ही, बच्चों की देखभाल, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की जिम्मेदारी भी इन अधिकारियों की होगी।
CWPO और अन्य पुलिस कर्मियों को समय-समय पर POCSO, JJ Act, बाल श्रम कानून, और अन्य प्रासंगिक अधिनियमों में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।
CWPO को ‘Track the Missing Child’ पोर्टल के संचालन व मॉनिटरिंग का भी प्रशिक्षण दिया जाना अनिवार्य है।
मुंबई पुलिस की यह पहल न केवल बच्चों के अधिकारों की रक्षा करती है, बल्कि उन्हें न्याय प्रणाली का भरोसेमंद हिस्सा भी बनाती है। यह एक उदाहरण है कि संवेदनशीलता और सुरक्षा साथ-साथ कैसे चलाया जा सकता है। Now child friendly zones will be created in Mumbai police stations
Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में बेमौसम बरसात ने मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल दिया है। पिछले 2 दिनों से राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाएं, गरज और बारिश ने लोगों के रोजमर्रा वाले रूटीन पर असर डाल रहा है। मुंबई और कोंकणपट्टा जैसे इलाकों में अचानक हुई बारिश के चलते नागरिकों को भाग-दौड़ करनी पड़ रही है। यहां पिछले सप्ताह से पड़ रही प्रचंड गर्मी से लोगों को राहत तो मिली। लेकिन इस बेमौसम बरसात ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। कई जिलों में खड़ी फसलें तबाह हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। (Maharashtra weather: rain and hailstorm alert in these districts of Maharashtra, Meteorological Department advised people)
अगले 4 से 5 दिनों तक बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
राज्य के मौसम में लगातार बदलाव हो रहे हैं। कहीं तेज धूप है तो कहीं बादल छाए हुए हैं। इस बीच मौसम विभाग ने अगले 4 से 5 दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक राज्य में तेज मौसम का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं, कुछ जगहों पर ओलावृष्टि का भी पूर्वानुमान जताया गया है। (Maharashtra weather: rain and hailstorm alert in these districts of Maharashtra, Meteorological Department advised people)
दूसरी ओर, मुंबई, ठाणे और पालघर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इस बीच, पालघर के पश्चिमी तटीय इलाकों में तेज आंधी और बारिश का जोरदार असर देखने को मिला। इसका असर मछुआरों पर भी पड़ा है। डहाणू और पालघर में 40 से 45 बोटों को नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार, ये बोटें आंधी की चपेट में आ गई थीं और उनका बड़ा नुकसान हुआ है। इस नुकसान का पंचनामा जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। (Maharashtra weather: rain and hailstorm alert in these districts of Maharashtra, Meteorological Department advised people)
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य भर में हल्की से भारी वर्षा दर्ज की गई है। बादलों की घनघोर मौजूदगी के कारण तापमान में 6 से 7 डिग्री की गिरावट आई है। मुंबई और ठाणे जैसे शहरों में भी असर साफ देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अचानक हुए मौसमी बदलाव से स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है। लोगों को सर्दी-जुकाम, बुखार जैसी समस्याओं से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। (Maharashtra weather: rain and hailstorm alert in these districts of Maharashtra, Meteorological Department advised people)
8 मई को रत्नागिरी, रायगढ़, मुंबई, ठाणे, पालघर, नासिक, अहिल्यानगर, छत्रपति संभाजी नगर, जलगांव, धुळे, नंदुरबार, सोलापुर, धाराशिव, लातूर, नांदेड़, वाशिम, बुलढाणा, अकोला, अमरावती, यवतमाल, चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 9 मई को अमरावती, यवतमाल, वर्धा, नागपुर, चंद्रपुर, भंडारा, गोंदिया, गढ़चिरौली और नंदुरबार में येलो अलर्ट रहेगा। 10 मई को पूरे विदर्भ के साथ-साथ नासिक, पुणे, सातारा और कोल्हापुर जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 11 मई को नासिक, पुणे, सतारा, कोल्हापुर, यवतमाल, चंद्रपुर और गढ़चिरौली में अलर्ट रहने वाला है। (Maharashtra weather: rain and hailstorm alert in these districts of Maharashtra, Meteorological Department advised people)
Mumbai Rains : पश्चिमी तूफान के चलते महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में इस समय तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि का कहर देखने को मिल रहा है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और इसके आसपास के जिलों में मंगलवार और बुधवार के लिए येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। इस दौरान मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के हिस्सों में गरज और चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से) चलने की संभावना जताई गई है। (Pre-monsoon rain will occur in Mumbai, 48-hour alert issued)
तापमान में गिरावट
मौसम विभाग के अनुसार, इन प्री-मानसून बारिशों के चलते दिन के तापमान में भी गिरावट आ सकती है और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने सोमवार को भी छिटपुट जगहों पर गरज के साथ बौछार पड़ने की संभावना जताई है, जो सोमवार के बाद और तेज हो सकती है। (Pre-monsoon rain will occur in Mumbai, 48-hour alert issued)
पश्चिमी तूफान बना कारण
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम परिवर्तन के पीछे एक “बहुत शक्तिशाली” पश्चिमी तूफान जिम्मेदार है। यह तूफान गुजरात के ऊपर 3-4 दिन तक बना रह सकता है। इसके साथ ही कहा जा रहा है कि तूफान अरब सागर से नमी खींच कर लाएगा। इससे गुजरात के अलावा मुंबई और उत्तर कोंकण क्षेत्र में भी तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनेगी। (Pre-monsoon rain will occur in Mumbai, 48-hour alert issued)
यह पश्चिमी तूफान सामान्य से अधिक मजबूत है और इसके कारण इस सप्ताह पूरे उत्तर कोंकण क्षेत्र में मौसम प्रभावित होगा। नतीजतन मुंबई में अगले दो दिनों तक आंधी और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। (Pre-monsoon rain will occur in Mumbai, 48-hour alert issued)
प्री-मानसून की बरसात
हालांकि मुंबई में गर्मियों के दौरान ऐसी प्री-मानसून की बरसात आम बात है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, मई 2024 में मुंबई में 21.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि मई 2023 में सिर्फ 3.4 मिमी बारिश हुई थी। शहर में अब तक का सबसे अधिक बारिश वाला मई साल 2000 में दर्ज किया गया था, जब पूरे महीने में 388 मिमी बारिश हुई थी। (Pre-monsoon rain will occur in Mumbai, 48-hour alert issued)
कब होगी बरसात?
इस बीच, मौसम के जानकारों का मानना है कि जून के पहले सप्ताह में ही मुंबई में मॉनसून का आगाज हो जाएगा और पूरे कोंकण में अच्छी बारिश शुरू हो जाएगी। मॉनसून आमतौर पर 1 जून को केरल के तट पर दस्तक देता है और इसके बाद सात से आठ दिनों में महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों, विशेष रूप से मुंबई तक पहुंचता है। मौसम विभाग ने इस साल मॉनसून के दौरान सामान्य से अधिक बारिश होने की भविष्यवाणी की है। (Pre-monsoon rain will occur in Mumbai, 48-hour alert issued)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका पेड़ों के संरक्षण के लिए ‘वृक्ष पुनरुद्धार अभियान 2.0’ चला रहा है। जिसमें मालाड़ मनपा पी उत्तर विभाग अंतर्गत बिल्लाबोंग स्कूल के बच्चों को वृक्ष पुनरुद्धार को लेकर शिक्षा दी गई। साथ ही ‘वृक्ष संजीवनी अभियान 2.0’ की सूक्ष्म योजना एवं ‘वृक्ष कायाकल्प अभियान 2.0’ नागरिकों के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहा है। (Mumbai BMC’s Vriksha Sanjivani Abhiyan, school children of Malad took training)
मुंबई- पर्यावरण की दृष्टि से, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के उद्यान विभाग ने वृक्ष संजीवनी अभियान के तहत सड़कों पर पेड़ों के चारों ओर बनाए गए सीमेंट कंक्रीट के ढांचे को हटाने और फेरीवालों द्वारा व्यक्तिगत उपयोग और व्यवसाय के लिए लगाए गए छोटे पेड़ों को हटाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पेड़ों पर लगी बड़ी-बड़ी कीलों और विज्ञापन बोर्डों को हटाने की प्रक्रिया हर साल की जाती है। (Mumbai BMC’s Vriksha Sanjivani Abhiyan, school children of Malad took training)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर ‘वृक्ष पुनरोद्धार अभियान’ क्रियान्वित कर दिया है। विश्व पृथ्वी दिवस 1970 से हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता रहा है। इस अवसर पर दुनिया भर में विभिन्न पर्यावरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अतिरिक्त नगलर आयुक्त (पूर्वी उपनगर) डॉ. अमित सैनी के मार्गदर्शन में बृहन्मुंबई महानगर पालिका के 24 विभागों द्वारा बीएमसी की सीमा में वृक्षों के संरक्षण के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्कूलों और कॉलेजों के सहयोग से मनपा का ‘वृक्ष संजीवनी अभियान 2.0’ चलाया जा रहा है। ऐसी जानकारी बृहन्मुंबई महानगर पालिका के पार्क अधीक्षक जितेन्द्र परदेशी ने दी। (Mumbai BMC’s Vriksha Sanjivani Abhiyan, school children of Malad took training)
इस बारे में जानकारी देते हुए पार्क अधीक्षक जितेन्द्र परदेशी ने बताया, कि वृक्ष पुनरोद्धार अभियान के दौरान पेड़ों के आसपास लगे कंक्रीट को हटाकर उसकी जगह लाल मिट्टी डालने तथा पेड़ों से कीलें, पोस्टर, बैनर और केबल हटाने का प्रयास किया जाता है, ताकि पेड़ खुलकर सांस ले सकें। (Mumbai BMC’s Vriksha Sanjivani Abhiyan, school children of Malad took training)
https://www.mcgm.gov.in
वृक्ष कायाकल्प अभियान
कीलें, पोस्टर, बिजली की लाइटें, केबल आदि पेड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और पेड़ के तने को सड़ने का कारण बन सकते हैं, जिससे पेड़ गिर सकता है या मर सकता है। इसके अलावा, जड़ों के चारों ओर कंक्रीट डालने से जड़ों की वृद्धि रुक जाती है और मिट्टी में पानी के अवशोषण की कमी के कारण पेड़ मर सकता है। इसी कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने पेड़ों के संरक्षण के लिए 30 अप्रैल 2025 तक ‘वृक्ष कायाकल्प अभियान 2.0’ अभियान शुरू किया है। (Mumbai BMC’s Vriksha Sanjivani Abhiyan, school children of Malad took training)
कार्यक्रम का आयोजन
इस अभियान के तहत आज 29 अप्रैल को मालाड़ पश्चिम के पी उत्तर विभाग अंतर्गत बिल्लाबोंग स्कूल के विद्यार्थियों, जनकल्याण नगर, भूमि पार्क, एएलएम के शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों की संयुक्त भागीदारी से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सहायक उद्यान अधीक्षक योगेन्द्र सिंह कछवा ने बताया कि शिक्षा सहायक प्रमोद इंगले ने स्वयं प्रदर्शन कर लोगों को जागरूक किया। इसके अंतर्गत कीलें, पोस्टर, बिजली की लाइटें, केबल आदि से पेड़ों को नुकसान पहुंचता है तथा पेड़ के तने के सड़ने और पेड़ के गिरने या मरने की आशंका रहती है। इसके अलावा, जड़ों के चारों ओर कंक्रीट डालने से जड़ों की वृद्धि रुक जाती है और ऐसी संभावना है कि मिट्टी में पानी के अवशोषण की कमी के कारण पेड़ मर जाएगा, ऐसा पार्क ने चेतावनी दी है। (Mumbai BMC’s Vriksha Sanjivani Abhiyan, school children of Malad took training)
वृक्षारोपण
इसके अलावा, भूमिपार्क खेल मैदान में महाराष्ट्र वृक्ष के रूप में विख्यात ‘तम्हाण’ प्रजाति के 10 पेड़ लगाए गए। उन्होंने यह भी बताया कि उद्यान अधीक्षक जितेन्द्र परदेशी स्वयं ‘वृक्ष संजीवनी अभियान 2.0’ की योजना बनाते हैं और उसमें भाग लेते हैं, इसलिए यह अभियान हर साल सफल हो रहा है और आमजन की स्वस्फूर्त भागीदारी बढ़ रही है। (Mumbai BMC’s Vriksha Sanjivani Abhiyan, school children of Malad took training)
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहायता कोष योजना में एआई तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए, तालुकावार रोगी मित्रों की नियुक्ति की जानी चाहिए, पैनल में अधिक अस्पतालों को शामिल किया जाना चाहिए, जियो-टैगिंग के माध्यम से रोगियों को नजदीकी अस्पतालों की जानकारी प्रदान की जानी चाहिए और एक टोल-फ्री नंबर शुरू किया जाना चाहिए। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)
मुंबई- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मुंबई के बोरीवली इलाके में पुन: र्निर्मित भगवती अस्पताल में मरीजों को सस्ती चिकित्सा सेवा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भगवती अस्पताल को आम लोगों की सेवा के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) या धर्मार्थ आधार पर चलाया जाएगा। उत्तर मुंबई निर्वाचन क्षेत्र के सांसद पीयूष गोयल ने शनिवार को बोरीवली के स्थानीय मनपा कार्यालय में क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान बृहन्मुंबई महानगर पालिका कमिश्नर भूषण गगरानी और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
सस्ती चिकित्सा का लाभ
गोयल ने कहा, “भगवती अस्पताल को बिना लाभ और बिना नुकसान के आधार पर चलाया जाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि आम लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत सस्ती चिकित्सा मिले।” बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने 500 करोड़ रुपये की लागत से इस अस्पताल का रि डेवलपमेंट कार्य पूरा किया है। बीएमसी के प्रस्ताव के अनुसार, 148 बिस्तरों का उपयोग बीएमसी चिकित्सा उपचार दरों के अनुसार किया जाएगा, जबकि शेष 480 बिस्तरों का उपयोग निजी बिस्तरों के रूप में किया जाएगा। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
राजनीतिक दलों का विरोध
बीएमसी ने पुनर्विकसित नागरिक संचालित भगवती अस्पताल को सार्वजनिक और निजी भागीदारी के तहत चलाने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं और इस निर्णय का नागरिकों और राजनीतिक दलों ने विरोध किया जा रहा है। गोयल ने बोरीवली में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में एक ट्वॉय ट्रेन शुरू करने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के लिए ट्वॉय ट्रेन के बारे में चर्चा की है। इस ट्वॉय ट्रेन का काम दो साल में पूरा हो जाएगा।” इसके अलावा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल ने मालाड के मालवनी क्षेत्र में मैंग्रोव पर अतिक्रमण को लेकर एक पुलिस चौकी स्थापित करने और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का सुझाव दिया। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
उन्होंने उत्तरी मुंबई में तालाबों और रेलवे स्टेशनों के पुनरुद्धार का भी उल्लेख किया। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) की मदद से उत्तर मुंबई में लगभग 11 तालाबों को सुंदर बनाने की योजना बनाएंगे। पीयूष गोयल ने कहा, “दहिसर, बोरीवली, मालाड और कांदिवली रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत योजना में शामिल किया गया है।” उन्होंने कहा कि उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ चर्चा की है और जनप्रतिनिधियों के परामर्श से जल्द ही स्टेशन विकास योजना तैयार किया जाएगा। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की मांग भी कर रही है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासक ने 3 फरवरी 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मनपा का वार्षिक बजट जारी किया। 744.27 बिलियन रुपए का यह बजट 2024-25 के बजट की तुलना में 20 प्रतिशत ज़्यादा रहा। इस बजट में बुनियादी ढांचे के कोई नए या मुख़्य काम को शुरू करने का उल्लेख नहीं है। हालांकि पहले से ही मंजूर बड़ी परियोजनाएं या फिर चल रही परियोजनाओं को जारी रखने के लिए भारी मात्रा में पैसा ख़र्च करना पड़ेगा। जिसपर मनपा प्रशासन ने संसाधनों का और अधिक बंटवारा करने के बजाय उनका विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए पुराने कार्य को ही पूरा करने पर जोर देते हुए समझदारी का परिचय दिया है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
Bmc चुनाव की संभावना
इस बजट में किसी नए कर की घोषणा नहीं की गई है। ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि BMC के चुनाव इसी वर्ष होंगे। परंपरागत रूप से यह देखा गया है कि सरकारें कर वृद्धि की पृष्ठभूमि में चुनाव नहीं लड़ा करती हैं या चुनाव लड़ना पसंद नहीं करती हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
Bmc बजट पर काबू
बीएमसी के बजट में पूंजीगत निवेश के लिए 431.62 बिलियन रुपए या कुल बजट के 58 प्रतिशत राशि का प्रावधान दिखाई देता है। इसका उपयोग मुख़्यतः शहर में नई संपत्तियों के निर्माण पर किया जाना है। दूसरी ओर राजस्व ख़र्च में वेतन, पेंशन समेत अन्य संस्थागत ख़र्च भी शामिल हैं। इसके लिए 312.04 बिलियन रुपए या कुल बजट की 41.52 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है। BMC का राजस्व बजट हमेशा से ही काफ़ी बढ़ा हुआ था और अब इसे काबू में लाने की कोशिश होती देखकर अच्छा लग रहा है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
खर्च पर ध्यान देना जरूरी
लेकिन साल जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा वैसे-वैसे राजस्व ख़र्च के बर्ताव पर पहनी नज़र रखनी ज़रूरी होगी। यहां बुनियादी ढांचे के रखरखाव का उल्लेख किया जाना भी आवश्यक है। परंपरागत रूप से म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर मैनुएल्स में मेंटेनेंस शेड्यूल दिया जाता है, जिस पर पूर्व निर्धारित समयावधि के हिसाब से अमल करना होता है। लेकिन नगरपालिका कर्मियों की ओर से होने वाली चूक की वजह से पूर्व में बुनियादी ढांचे की विफ़लता के अनेक मामले देखे गए हैं, जिसमें जनहानि भी हुई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है, कि राजस्व बजट में बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया होगा। कुछ बुनियादी सुविधाओं को नियमित रखरखाव की ज़रूरत होती है जबकि कुछ को उनकी उम्र बढ़ने के बाद भारी या बड़े रखरखाव की आवश्यकता होती है। बुनियादी ढांचे के वार्षिक निरीक्षण और उन्हें बेहतर स्थिति में रखने के लिए राशि का प्रावधान उतना ही आवश्यक है जितना आवश्यक नई बुनियादी सुविधाओं संबंधी संपत्तियों के निर्माण पर पैसा ख़र्च करना होता है।
दुर्भाग्यवश देश की अर्बन लोकल बॉडीज (ULB ) यानी शहरी स्थानीय निकाय, संसाधनों को लेकर काफ़ी संघर्ष करती हैं। यह बात GST की ओर से इन संस्थाओं के राजस्व संबंधी सभी रास्तों पर कब्ज़ा करने के बाद और भी सटीकता से लागू होती है। BMC की स्थिति और भी गंभीर है। इसका कारण यह है कि BMC पर अनेक विशाल परियोजनाओं का काम डाल दिया गया है, जो BMC की पूर्व में मजबूत रही वित्तीय स्थिति पर दबाव में डालने का काम कर रही है।
BMC का कमिटेड फंड
बजट में पहले से चल रही परियोजनाओं पर होने वाले कुल बिल यानी ख़र्च के रूप में 2.32 ट्रिलियन रुपए दर्शाए गए हैं। इस राशि को कमिटेड लायबिलिटी अर्थात प्रतिबद्ध देय राशि के रूप में दिखाया गया है। इस राशि में से 882.51 बिलियन रुपए केवल सड़क और पुलों के लिए ही रखे गए हैं। चूंकि वार्षिक बजटीय प्रावधान से यह बोझ नहीं उठाया जा सकता। इसलिए BMC को अपने भारी भरकम रिजर्व यानी जमा राशि को हाथ लगाना होगा। 817.74 बिलियन रुपए की इस जमा राशि के एक बड़े हिस्से को कमिटेड लायबिलिटी और वर्तमान में जारी निर्माण कार्य पर ही ख़र्च करने की नौबत आ गई है।
BMC के खजाने पर बोझ
ऐसे में यह साफ़ है कि महानगरपालिका के पास मौजूद जमा निधि का खजाना तेजी से खाली होता जा रहा है और यह भविष्य में बहुत ज़्यादा सहायता करने की स्थिति में नहीं होगा। चूंकि हम अनिश्चितता के दौर में रह रहे हैं, जहां अचानक आने वाला संकट शहर के सुचारू संचालन में व्यवधान डालता है। ऐसी स्थिति में स्थानीय निकाय के पास जमा निधि ही ऐसे संकट को पार करने में उसकी सहायता करती है। लेकिन भविष्य में उसे जमा निधि से सहायता मिलने की संभावना कम ही दिखाई देती है।
बड़ी परियोजनाओं के इस अत्यधिक बोझ को लेकर पड़ने वाला दबाव नगर पालिका के बजट में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसी वजह से बजट का पहला स्टेटेड ऑब्जेक्टिव यानी लिखित उद्देश्य फिस्कल डिसिप्लिन अर्थात वित्तीय अनुशासन और सस्टेनेबिलिटी यानी वहनीयता है। इसके तहत दो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। पहला है रेवेन्यू ऑग्मेंटेशन यानी राजस्व वृद्धि हासिल करना और एक्सपेंडिचर रेशनलाइजेशन यानी व्यय युक्तिकरण अर्थात सोच-समझकर ख़र्च करना। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC ने की सरकार से गुजारिश
निश्चित रूप से महापालिका प्रशासन चिंतित है और वह सिविक मशीनरी यानी नगरीय व्यवस्था को अपनी कमर कसने के लिए तैयार होने को कह रहा है। राजस्व वृद्धि करने के लिए नगरपालिका प्रशासन आय अर्जित करने या संसाधन जुटाने के नए स्रोत ख़ोज रहा है। इसकी शुरुआत करते हुए BMC ने राज्य सरकार को गुजारिश की है, कि वह महापालिका की ओर से एकत्रित किए गए प्रीमियम में राज्य सरकार की हिस्सेदारी के प्रतिशत को कम करें, ताकि स्थानीय निकाय को प्रीमियम में ज़्यादा हिस्सेदारी मिल सके। यदि राज्य सरकार ने उसकी यह गुजारिश मान ली तो 2025- 26 के दौरान ही उसे 3 बिलियन रुपए की अतिरिक्त आय होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
अधिनियम में संशोधन पर विचार
BMC ने वेकेंट लैंड टेनेंसी (VLT) यानी खाली जमीन किरायेदारी नीति भी जारी की है। इसके तहत वह उसके पास उपलब्ध खाली जमीन को दीर्घावधि की लीज पर दे सकेगा। इसके चलते BMC को 20 बिलियन रुपए मिलने की उम्मीद है। BMC इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या वह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) यूजर चार्ज लगा सकता है? ऐसा करने के लिए वह 2006 के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सैनिटेशन बायलॉज यानी अधिनियम में संशोधन करना चाहता है। उसका मानना है कि ऐसा हुआ तो वेस्ट मैनेजमेंट को इंडिपेंडेंट सस्टेनेबल यानी स्वतंत्रता के साथ वहनीय किया जा सकेगा। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC का प्लान
BMC ने कहा, कि वह स्लम्स यानी झोपड़पट्टी में आने वाले 50,000 के आसपास कमर्शियल यूनिट्स पर संपत्ति कर लगाना चाहता है। यह एक साहसिक नवाचार है और इसके चलते ULB को 3.5 बिलियन रुपए मिल सकेंगे। इसके अलावा वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जुड़े दहिसर ‘चेक नाके’ पर एक ट्रांसपोर्टेशन और कमर्शियल हब बनाने का प्रस्ताव है। इससे भी अतिरिक्त आय हासिल हो सकेगी। इसके अलावा BMC की वरली और क्रॉफोर्ड मार्केट जैसे इलाकों में अंडर यूटिलाइज्ड प्लॉट्स यानी कम उपयोग में आने वाले प्लॉट्स की नीलामी करने की भी योजना है। BMC की मनोरंजन कर वसूलने में तेजी लाने, अपनी विज्ञापन नीति को अंतिम रूप देने तथा ट्रेड लाइसेंस फ़ीस में वृद्धि करने की भी योजना है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
संसाधनों को बढ़ाना भी आय अर्जित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा बेहतर दिनों में शुरू किए गए गैर ज़रूरी ख़र्च में कटौती करके भी पैसा अर्जित किया जा सकता है। BMC अब इस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। ऐसा करने के लिए वह ख़र्च में युक्तिकरण की नीति लागू करने की इच्छुक है। इस नीति के तहत वह आस्थापना ख़र्च को न्यूनतम करने, कार्यबल की कुशलता बढ़ाने, 10 प्रतिशत ऊर्जा संरक्षण और प्वाइंट ऑफ यूटिलिटी यानी उपयोगिता के हिसाब से कार्य का चयन करना चाहती है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC की सेवाएं
BMC देश में सबसे ज़्यादा संख्या में सेवाएं मुहैया करवाती है। इसमें शिक्षा एवं स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण सामाजिक बुनियादी ढांचा भी शामिल है। यह BMC की सेवाओं में सबसे अहम क्षेत्र है। इनके लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। BMC को कुछ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने की आवश्यकता है। इसमें शहर की हवा, सॉलिड वेस्ट एंड सैनिटेशन मैनेजमेंट, ओपन स्पेसेस् और बगीचे, बाढ़ शमन एवं आपदा मुस्तैदी विशेषत: बाढ़ प्रबंधन का समावेश है। इन सभी के लिए संसाधन उपलब्ध करवाए गए हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
यह बात विशेष रूप से संशोधित BRIMSTOWAD (बृहन्मुंबई स्टॉर्म वॉटर डिस्पोजल सिस्टम) मास्टर प्लान के तहत स्टॉर्म वॉटर ड्रेंस यानी बरसाती पानी निकास नाली में की गई वृद्धि से साबित होती है। BRIMSTOWAD मास्टर प्लान में नई नालियों का निर्माण, पुरानी नालियों का विस्तार, होल्डिंग पॉन्ड्स यानी पानी को जमा करने के तालाब और नालों की संख्या में विस्तार के साथ मीठी नदी का समावेश है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC का Water Sistema
BMC सबसे पुरानी बस सेवा BEST का भी संचालन करती है। इस अंडरटेकिंग यानी उपक्रम के लिए 10 बिलियन रुपए दिए गए हैं। इस राशि से वह बसों के अपने काफिले में नई बसों को जोड़ने के साथ ही 2,000 इलेक्ट्रिक बस भी शामिल कर रहा है। मुंबई के पास दशकों से एक मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था है। वह इसे इसी तरह मजबूत बनाए रखना चाहता है। इसी वजह से शहर के जलापूर्ति एवं सीवरेज विभाग को उन्नतिकरण के लिए 134.23 बिलियन रुपए की एक भारी-भरकम राशि दी गई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
आश्चर्यजनक
आश्चर्यजनक रूप से शहर के डेवलपमेंट प्लान यानी विकास योजना (DP 2034) को लागू करने के लिए अलग से राशि का प्रावधान नहीं किया गया है। शहर में क्वॉलिटी ऑफ लाइफ यानी जिंदगी की गुणवत्ता मुख़्यत: विकास योजना के अमल पर ही निर्भर है। इस बात की संभावना है, कि व्यक्तिगत तौर पर विभागों के लिए किए गए प्रावधान के तहत विकास योजना पर होने वाला ख़र्च शामिल किया गया होगा। लेकिन बजट में DP के लिए अलग से हेड अर्थात मद बनाने को लेकर की गई सिफ़ारिश की उपेक्षा की गई है। DP में यह सिफ़ारिश की गई थी कि DP के लिए अलग से मद बनाकर उसके लिए किए गए प्रावधान को इसमें दर्शाया जाए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
निष्कर्ष
कुल मिलाकर मौजूदा स्थितियों को देखते हुए बजट में बेहतर करने का एक ईमानदार प्रयास किया गया है। लेकिन यह भी साफ़ है कि जिस ULB को देश की सबसे धनाढ्य यानी संपन्न महापालिका के रूप में पहचाना जाता था। वह अब अपने सामर्थ्य से अधिक काम लेने की वजह से मुश्किल में दिखाई दे रही है। एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की भी मांग कर रही है। यह ऐसे वक़्त में हुआ है जब निर्वाचित स्थानीय निकाय अस्तित्व में नहीं है और महापालिका पर इस वक़्त सीधे राज्य सरकार का ही नियंत्रण है। वर्तमान स्थिति में सावधानी बरतना आवश्यक है। इस स्थिति में बेकार के ख़र्च से बचने की कोशिश होनी चाहिए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
निश्चित रूप से देश की अग्रणी ULB पर 2024 में हुए राष्ट्रीय और उसके बाद नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव का असर पड़ा है। इसी तरह वह अपने आसन्न चुनावों का दबाव भी झेल रही है। इन सारे दबावों के बावजूद मौजूदा स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को आकर्षित करने वाले बुनियादी कार्यों की घोषणा करने की होड़ के कारण शहर के वित्तीय स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम न पड़े। ऐसा हुआ तो एक वक़्त आएगा जब BMC के वित्तीय संसाधनों पर इतना बोझ बढ़ेगा कि वह टूटने की कगार पर पहुंच जाएगी। ऐसा हुआ तो यह घोर त्रासदी होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget