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  • BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    बम्बई के सरकारी अस्पतालों में दवाओं को लेकर संकट गहरा रहा है। 120 करोड़ रूपये का बकाया नही मिलने के कारण दवाई आपूर्ति करने वाले कंपनियों ने सप्लाई पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    बम्बई शहर और आस-पास के गरीब तबके के लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं पर इलाज के लिए एक मात्र सरकारी अस्पताल इन दिनों दवाई संकट से जूझ रहा है। जबकि यहां बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा संचालित अस्पतालों की दवाइयां हमेशा से ही लोगों के इलाज में सटीक साबित हुई। प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले सरकारी अस्पताल के एक ही डोज से मरीज ठिक हो जाया करता है। लेकिन इन सरकारी अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध नही होने के कारण शहर भर के लोगों पर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा मंडराने लगा है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    क्या है पूरा मामला?

    मुंबई के बीएमसी द्वारा संचालित अस्पतालों को दवा आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने 120 करोड़ रुपये के बकाया नही मिलने के कारण डिलीवरी को निलंबित (Suspended) करने की धमकी दी है। यह कृष्णा डायग्नोस्टिक्स द्वारा आपली चिकित्सा योजना के तहत अपनी पैथोलॉजी सेवाओं को बंद करने के कुछ समय बाद हुआ है, जिसमें बकाया भुगतान नही किए जाने का का हवाला दिया गया था। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    सोमवार से नही होगी दवाई की सप्लाई

    बीएमसी अस्पतालों में दवाई सप्लाई करने वाली 150 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ऑल फूड एंड ड्रग्स लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन (AFDLH Fondation) ने सोमवार 13 जनवरी यानी कल से दवाइयों की सप्लाई रोकने की घोषणा की है। कहा, कि यदि उनके चार महीने से लंबित 120 करोड़ रूपये का भुगतान नहीं किया जाता है। तो कोई भी कंपनी सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की सप्लाई नही करेगा। इस निर्णय के कारण बम्बई के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह से बाधित कर सकता है। इसमें बम्बई ही नही बम्बई और आस-पास को लोग भी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करवा रहे हैं। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    AFDLH Fondation के अध्यक्ष अभय पांडे ने आपूर्तिकर्ताओं के सामने मौजूद गंभीर वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे सदस्य वित्तीय बर्बादी के कगार पर हैं।” पश्चिमी उपनगरों के एक विक्रेता ने स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “भुगतान में देरी असहनीय हो गई है। बीएमसी अस्पतालों को आपूर्ति करना एक निरंतर संघर्ष बन गया है, बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    BMC ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी को लिखे एक औपचारिक पत्र में संस्था ने वित्तीय तनाव की रूपरेखा प्रस्तुत की। पत्र में कहा गया है, कि “बकाया राशि के कारण हमारे सदस्य भारी दबाव में हैं। बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। भुगतान पूरा होने तक आपूर्ति स्थगित करने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।” इस बीच, बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त संजय कुर्हाड़े ने आश्वासन दिया, कि “इस मुद्दे को सुलझाने और संकट को हल करने के लिए प्रयास जारी हैं।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

  • महाराष्ट्र में तेजी बढ़ रहा है ‘टकला वायरस’, खुजली के 2-3 दिनों झड़ जाते हैं बाल

    महाराष्ट्र में तेजी बढ़ रहा है ‘टकला वायरस’, खुजली के 2-3 दिनों झड़ जाते हैं बाल

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    पूरी दुनिया से लेकर हमारे भारत देश में भी चीन से पनपे एचएमपी वायरस (HMP Virus) का खौफ जारी है। इस बीच महाराष्ट्र में एक अजीबोगरीब बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। इस बीमारी में लोगों के कुछ ही दिनों में बाल झड़ जा रहे हैं। इसकी वजह से लोगों में खौफ का माहौल उत्पन्न हो रहा है। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    राज्य के बुलढाणा जिले में यहां के लोग एक गंभीर रोग से जूझ रहे हैं। दरअसल, यहां पर एक के बाद एक लोगों के बाल अचानक से झड़ते जा रहे हैं। जिले में हो रही बाल झड़ने की इस अजीब घटना से लोगो में खौफ पैदा हो गया है। इस दुर्लभ बीमारी की चपटे में पुरुष, महिलांए और बच्चे भी आ रहे हैं। इसमें सर से कुछ ही दिनों के अंदर बाल झड़ रहे हैं और गंजेपन का शिकार हो रहे हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    अब तक, बुलढाणा जिले के गांवों में फैली इस बीमारी की गिरफ्त में लगभग 30 से 40 लोग आ चुके हैं। उनका कहना है कि उनके सिर से बाल कुछ ही दिनों के अंदर झड़ रहे हैं। जिले में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारी जांच में जुट गए हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    गंजेपन का शिकार

    हालांकि, इनमें भी कई मामले ऐसे हैं जहां पर लोग पूरी तरह गंजे हो रहे हैं। इस दुर्लभ बीमारी के कारण लोग काफी हैरत में पड़ गए हैं। बुलढाणा में लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि इस रोग के फैलने के पीछे क्या रहस्य हो सकता है। इस अजीबोगरीब घटना के सामने आने के बाद यहां के लोग काफी डरे हुए हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    जिले में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ विभाग के अधिकारी बोंडगांव, कालवाड़ और हिंगना गांवों में पहुंच गए हैं। यहां पर उन्होंने बीमारी का कारण जानने के मरीजों की जांच शुरू कर दी है। इस दौरान एक बीमार महिला ने बताया कि बीते रविवार से उसके बाल झड़ रहे हैं। उन्होंने अपने बालों को एक छोटे से बैग में एकत्रित करके रखा और उसे स्वास्थ्य अधिकारी को दिखाया। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    फैल रही बीमारी

    इसके अलावा एक युवक ने बताया कि बीते 10 दिनों से उसके बाल तेजी से झड़ने लगे हैं। उन्होंने बताया कि उनके चेहरे की दाढ़ी भी झड़ रहे हैं। इस बीमारी के बाद कई लोगों ने अपने सिर मुंडवा दिया है। स्वास्थय अधिकारियों की टीम में शामिल एक स्किनकेयर एक्सपर्ट ने बताया कि जिले के तीनों गांवों से जमा किए गए पानी के सैंपल को टेस्टिंग के लिए भेजा गया है। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    इस बारे में जिला स्वास्थ्य अधिकारी अमोल गीते ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में बढ़ रहे मामलों के बाद हमने गांव में एक स्किन एक्सपर्ट और एक महामारी विशेषज्ञ को भेजा। इसके बाद पता चला कि 99 फीसदी मामलों में मरीजों को सिर की त्वचा में फंगल संक्रमण पाया गया है। इस वजह से लोगों के सर से बाल झड़ रहे हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    पानी की होगी जांच

    स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि हम पानी की भी जांच करेंगे। हो सकता है कहीं उसमें भारी धातुएं तो नहीं हैं? क्योंकि वे फंगल संक्रमण को बढ़ावा देती हैं। हम 2 से 4 मरीजों की त्वचा के नमूने लेंगे और उन्हें माइक्रोस्कोपी के लिए अकोला मेडिकल कॉलेज भेजेंगे। गीते ने कहा कि पानी के नमूनों की जांच और बायोप्सी की रिपोर्ट दो-तीन दिनों में आ जाएगी। बाल झड़ने के कारणों के बारे में अभी कुछ भी ठोस नहीं कहा जा सकता ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

  • सरकारी अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला 2 महिने का पगार, बोनस से भी किया वंचित

    सरकारी अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला 2 महिने का पगार, बोनस से भी किया वंचित

    मुंबई के सरकारी अस्पताल में भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश मे आ रहा है। यहां कांदीवली के शताब्दी अस्पताल में काम करने वाले सफाई कर्मचारी पिछले 2 महिनों के पगार को लेकर अनशन पर बैठ गए हैं। बताया की सालाना बोनस भत्ते से वंचित रखा गया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    कांदीवली पश्चिम के सरकारी अस्पताल में पिछले 4 दिनों से साफ सफाई का काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को पिछले 2 महिनों से पगार ही नहीं मिली है। साथ ही पिछले 2 सालों से बोनस भत्ता के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। इसको लेकर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का साथ मिलने के बाद आश्वासन दिया गया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    कौन है ठेकेदार?

    बता दें, कि “कल्पतरु हॉस्पिलिटी” नामक कंपनी शताब्दी अस्पताल में ठेका चला रहा है। इसी के अधीन सफाई कर्मचारी सरकारी अस्पताल में काम कर रहे हैं। लेकिन कर्मचारियों को ना तो पीएफ सुविधा दिया जा रहा है और ना ही सरकारी नियमानुसार वेतन ही दिया जा रहा है। यहां तक की साप्ताहिक अवकाश का पैसा भी काट लिया जाता है। पिछले 2 सालों से मिलने वाले सालाना बोनस फंड से इन्हें वंचित रखा गया है।  इस तरह के मनमानी कारोबार के खिलाफ सफाई कर्मचारियों ने अनशन पर बैठने का फैसला लिया। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    मुलभुत सुविधाओं से वंचित

    इसी कड़ी में कर्मचारियों ने ठेकेदार के मनमानी कारोबार के खिलाफ महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मदद की गुहार लगाई। बता दें कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा संचालित शताब्दी अस्पताल में पिछले 12 सालों से सफाई कामगार ठेका पद्धति पर काम कर रहे हैं। जबकि यहां कितने ही ठेका कंपनी बदल चुके है। लेकिन इन कर्मचारियों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।  (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    शिवसेना शिंदे गुट ने किया मुलाकात

    Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also
    सफाई कर्मचारियों के साथ शिवसेना शिंदे गुट के पदाधिकारियों की तस्वीर

    इसकी शिकायत को लेकर शिवसेना व्यापारी सेना सचिव तथा गृहसंकुल सह समन्वयक संदीप शिंदे साहब और शिवसेना पदाधिकारी एंटोनी डिसूजा, गणेश टोने, महेंद्र शेंडगे, गणेश माने, राजू सिंह, अमित भारखड़ा सफाई कर्मचारियों से मुलाकात की और इनकी मांगों को लेकर ठेकेदार के मैनेजर आतिश जाधव से मिले और उनसे सवाल पूछा गया तो ठेकेदार की ओर से कर्मचारियों के पगार के पैसों के साथ बोनस फंड जल्द ही देने का कहा है। इसके अलावा ठेका कंपनी ने जल्द ही सफाई कर्मचारियों की बाकी समस्याओं का निपटारा करने का आश्वासन दिया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

  • Mumbai: सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लिगल नोटिस

    Mumbai: सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लिगल नोटिस

    मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी द्वारा इकोकार्डियोग्राम (ECG) किए जाने के सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था। इसी सिलसिले में अस्पताल को लिगल नोटिस दिया गया है। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    सरकारी अस्पताल में गड़बड़ी और लापरवाही की खबर तो हमेशा आती रहती है। लेकिन एक सफाई कर्मचारी डाक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने का सनसनीखेज मामला पहली बार सामने आया है। मुंबई के गोवंडी स्थित शताब्दी अस्पताल को एक कानूनी नोटिस मिला है। जिसमें अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी ने कथित तौर पर इकोकार्डियोग्राम (ईसीजी) किया है। पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    कैसे मिली जानकारी?

    इस घटना की जानकारी तब प्रकाश में आई जब शहर के वकील आबिद अब्बास सैय्यद ने मुख्यमंत्री और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न राज्य अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा। खबर के मुताबिक, एडवोकेट सैय्यद ने इस घटना को मेडिकल प्रोटोकॉल और मरीज सुरक्षा का घोर उल्लंघन बताया है। हालांकि अस्पताल ने इस घटना से इनकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने कर्मचारी की हरकत का बचाव करते हुए कहा, कि सफाई कर्मचारी “प्रक्रिया करने के लिए पर्याप्त शिक्षित और योग्य था।” (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    बताया गलतफहमी

    अस्पताल प्रशासन के एक सदस्य ने कहा, “ईसीजी मशीनें सिर्फ़ एक बटन दबाने से काम करती हैं। कर्मचारियों ने सिर्फ़ ईसीजी किया था और उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पेशेवर डॉक्टरों ने रिपोर्ट ली थी।” पहले इसी सदस्य ने इस घटना को “गलतफ़हमी” भी बताया। अस्पताल ने आगे कहा कि मरीज़ नियमित जांच के लिए अस्पताल आया था और उसकी हालत गंभीर नहीं थी। हालांकि, अपने नोटिस में अधिवक्ता सैय्यद ने कहा कि इस घटना ने अस्पताल द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मरीज़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रशासन की ज़िम्मेदारी पर भी सवाल उठाया है। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार

    एड्वोकेट सैय्यद ने अधिकारियों से घटना की जांच करने का आग्रह किया है और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग की है। सैय्यद ने अपने नोटिस में कहा, “मरीजों को उम्मीद है कि उन्हें योग्य स्वास्थ्य सेवा पेशेवर डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जाएगा। लेकिन इस तरह की घटनाएं लापरवाही की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करती हैं।” (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि खबरों से पता चला है कि शताब्दी अस्पताल और अन्य सरकारी सुविधाओं के कुछ डॉक्टर निजी क्लीनिक चला रहे हैं, जो उन नियमों का उल्लंघन है, जो उन्हें निजी प्रैक्टिस करने से रोकते हैं। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

  • Mumbai- 650 बेकरियों को मिली BMC की नोटिस, बंद होने के कगार पर है बेकरी का कारोबार

    Mumbai- 650 बेकरियों को मिली BMC की नोटिस, बंद होने के कगार पर है बेकरी का कारोबार

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने शहर भर के 650 बेकरियों को प्रदूषण से निपटने के लिए नोटिस जारी किया है। नोटिस में साल भर का समय दिया गया है। एक साल के भीतर प्रदूषण से निपटने के लिए स्वच्छ ईंधन के तरीके अपनाने में विफल रहे तो उन्हें बंद किए जाने की चेतावनी दी गई है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
     बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने प्रदूषण फैलाने वाली 650 बेकरियों को नोटिस जारी किया है। बताया जाता है कि मानसून के बाद शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के अलावा शहर भर की बेकरियों में लकड़ी के ईंधन का उपयोग करने को जांच के दायरे में लाया गया है. साथ ही वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    इसी क्रम में बीएमसी ने लगभग 650 बेकरियों को नोटिस जारी कर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लकड़ी जलाने के स्थान पर बिजली या सीएनजी जैसे वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने का निर्देश दिया है। बीएमसी के अनुसार, शहर भर में बेकरी की भट्टियां वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में से एक बन गई हैं। साथ ही पाया गया है कि मुंबई में लगभग 47 प्रतिशत बेकरियां अपने भट्टों के लिए ईंधन के रूप में लकड़ी का उपयोग करती है। वहीं इन भट्टियों से निकलने वाला धुआं नागरिकों के लिए हानिकारक है। साथ ही इन भट्टियों को चलाने के लिए मुख्य रूप से निर्माण स्थलों और फर्नीचर स्टोर से निकलने वाले स्क्रैप का उपयोग किया जाता है। इस कारण भारी मात्रा में प्रदूषण हवा में फैल जाता है, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    इसे भी पढ़े:- खाने की बर्बादी को रोकने के लिए जोमैटो की अनूठी पहल

    इतना ही नहीं छोटी बेकरियों में ईंधन के रूप में प्रतिदिन लगभग 50 से 100 किलो लकड़ी का उपयोग होता है। जबकि बड़ी बेकरियों में ईंधन के रूप में प्रतिदिन लगभग 250 से 300 किलो लकड़ी की खपत होती है। वहीं 20 किलो आटे की ब्रेड बनाने के लिए लगभग पांच किलो लकड़ी की जरूरत होती है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    अस्थमा और सांस संबंधीत बिमारियों का कारण

    जब लकड़ी के टुकड़ों को ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है, तो मीथेन, कार्बनडाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी हानिकारक गैस और वाष्पशील कार्बनिक यौगिक गैस उत्पन्न होता है, जो सांस संबंधीत बीमारियों और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके अलावा कुछ सूक्ष्म कण धुएं के साथ मिलकर फेफड़ों में प्रवेश कर जाते हैं और इससे कैंसर या रक्तवाहिनी संबंधी बीमारियां भी हो सकती है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    महंगे हो सकते है बेकरी के सामान

    नाम नहीं बताने की शर्त पर एक बेकरी मालिक ने बताया कि अन्य सामग्रियों की तुलना में लकड़ी सस्ता होता है। कहा, कि आज ईंधन के लिए लकड़ी की कीमत 15 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि स्क्रैप लकड़ी की कीमत केवल 5 रुपये प्रति किलोग्राम है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने नोटिस निकालकर बेकरी वालों को गैस सिलेंडर और सीएनजी का उपयोग करने का विकल्प दिया है। लेकिन, अगर आप कमर्शियल सिलेंडर का प्रयोग करते हैं, तो इसकी कीमत 92.05 रुपये प्रति किलोग्राम हो जाती है और अगर आप सीएनजी का इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी कीमत 58.78 रुपये प्रति किलोग्राम होगी। अब, अगर हम इलेक्ट्रिक भट्टियों का इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी कीमत 12 रुपये प्रति यूनिट है। इसकी तुलना में, स्क्रैप लकड़ी बहुत सस्ती है। ऐसे में बेकरी में बनने वाले खाने की चीजें बहोत ज्यादा महंगी हो जाएगी। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    BMC ने दी चेतावनी

    बीएमसी के एक अधिकारी के अनुसार, मुंबई में करीब 1,200 बेकरियां हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा अनधिकृत हैं. उन्होंने बताया, कि “2007 से अब तक 560 बेकरियों को इस शर्त पर संचालन की अनुमति दी गई है कि वे इलेक्ट्रिक और सीएनजी ओवन का उपयोग करेंगे।” उन्होंने कहा, कि इसके बावजूद, आधे से अधिक बेकरी ईंधन के रूप में लकड़ी के कबाड़ का प्रयोग करती है। उन्होंने कहा, “इसलिए, बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने अब 650 बेकरी मालिकों को नोटिस भेजकर चेतावनी दी है कि अगर वे एक साल के भीतर इलेक्ट्रिक या सीएनजी का इस्तेमाल ईंधन के रूप में नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” बीएमसी ने बेकरी संचालकों को चेतावनी दी है कि यदि वे एक साल के भीतर प्रदूषण से निपटने के लिए स्वच्छ ईंधन के तरीके अपनाने में विफल रहे तो उन्हें बंद कर दिया जाएगा। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

  • Mumbai: BMC में डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतों की बाढ़ आ गई

    Mumbai: BMC में डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतों की बाढ़ आ गई

    आधुनिक तकनीक BMC प्रशासन के लिए मुसीबत बनती जा रही है। डिजिटल इंडिया के मद्देनजर बीएमसी ऑनलाइन शिकायतों पर निपटारे का दावा तो करती है। लेकिन सिर्फ 60 प्रतिशत निवारण में भी सिर्फ कागजाती कार्यवाही देखी जा रही है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    डिजिटल इंडिया के साथ बढ़ती हुई तकनीक, आम लोगों को सार्वजनिक शिकायतों के लिए भी ऑनलाइन पद्धति प्रभावित कर रही है। नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुंबई में, बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों को व्हाट्सएप चैटबॉट, एमसीजीएम वेबसाइट, मायबीएमसी मोबाइल ऐप और 1916 हेल्पलाइन जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म प्रदान किए हैं। हालाँकि बीएमसी के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना काफी आसान है, लेकिन शिकायत का संतोषजनक समाधान बीएमसी प्रशासन के लिए काफी कठिन है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    साल 2024 में मिली शिकायतें..

    इस साल 2024 में 1 जनवरी से 11 दिसंबर के बीच, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को 53,454 ऑनलाइन शिकायतें मिलीं, जिनमें से केवल 60% का निवारण हुआ। हालाँकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ज़्यादातर शिकायतें सिर्फ़ कागज़ों पर ही बंद कर दी जाती हैं, जबकि व्यक्तिगत रूप से समस्या ज्यौं की त्यों रह जाती है, कोई दीर्घकालिक समाधान नहीं होता है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    Bmc आईटी विभाग क्या कहता है?

    बीएमसी के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल 53,454 ऑनलाइन शिकायतों में से सबसे अधिक 40,288 शिकायतें एमसीजीएम पोर्टल (MCGM) के माध्यम से प्राप्त हुई हैं, इसके बाद 5,727 माईबीएमसी (Mybmc) मोबाइल ऐप, 2,736 ‘व्हाट्सएप चैटबॉट’ और 4,703 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (कचरा) और स्टॉर्म वाटर ड्रेन (नाला, बाढ़) विभागों के हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    शिकायत दर्ज करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म दिन-प्रतिदिन अधिक लोकप्रिय होता जा रहा है। नागरिक व्यक्तिगत रूप से मनपा वार्ड कार्यालयों में जाने के बजाय किसी भी स्थान से शिकायत करने के लिए मोबाइल का उपयोग करना पसंद करते हैं। मिलेनियल्स और जेन जेड व्हाट्सएप चैटबॉट और माईबीएमसी ऐप जैसे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग ज्यादातर करते हुए देखे जा रहे हैं, जबकि वृद्ध 1916 हेल्पलाइन और एमसीजीएम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करना पसंद करते हैं। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

  • खाने की बर्बादी को रोकने के लिए जोमैटो की अनूठी पहल

    खाने की बर्बादी को रोकने के लिए जोमैटो की अनूठी पहल

    आकर्षक रेट पर मिलेगा कैसल किया हुआ आर्डर ! (Zomato’s unique initiative to prevent food wastage)

    विशेष संवाददाता
    नई दिल्ली-
    ऑनेलाइन फूुड आर्डर होने के बाद उस आर्डर के कैंसल कर देने से खाने की बर्बादी होती है। इसे रोकने के लिए ऑनलाइन फूड डिलिवरी कंपनी जोमैटो ने एक नए पहल की शुरुआत की है। जिसे “फूड रस्क्यू मिशन” का नाम दिया गया है। जोमैटो के फूड रेस्क्यू पहल के तहत जैसे ही कोई यूजर ऑनलाइन फूड आर्डर करने के बाद उस आर्डर को रद्द कर देता है तो पॉपअप मैसेज के जरिए कैंसल आर्डर को बेहद आकर्षक कीमत पर नजदीक के कस्टमर्स को ऑफर किया जाएगा और पैकेजिंग में बिना किसी छेड़छाड़ किए कुछ ही मिनयों में उन्हें फूड डिलिवर कर दिया जाएगा।
    Zomato (Zomato’s unique initiative to prevent food wastage)

    आर्डर कैसिलेशन की चुनौती

    जोमैटो के को-फाउडर दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए कहा, कि जोमैटो में हम आर्डर कैसिलेशन को कतई बढ़ावा नहीं देता है। क्योंकि इससे खाने की बर्बादी होती है। उन्होंने कहा, सख्त पॉलिसी और ऑर्डर के रद्द होने पर नो-रिफंड पॉंलिसी होने के बावजूद 4 लाख आर्डर अलग-अलग कारणों के चलते कस्टमर्स की ओर से रद्द कर दिया जाता हैं । ये हमारे लिए, रेस्टोरेंट इंडस्ट्री और जो कस्टमर्स आर्डर रद्द कर देते हैं। उनके लिए भी चिंता का कारण है जो किसी भी तरह खाने को बर्बाद होने से रोकना चाहते हैं। ऐसे में आज “फूड रेस्क्यू पहल” को हम लॉन्च कर रहे हैं। (Zomato’s unique initiative to prevent food wastage)

    4 लाख आर्डर होते हैं कैसल।

    हर महीने करीब 4 लाख आर्डर जब कस्टमर्स को डिलिवर करने के लिए रास्ते में होता है उसे कैसल कर दिया जाता है ऑनलाइन फूड डिलिवरी कंपनी के मुताबिक ये एक गंभीर चुनौती है और कंपनी ऐसे में होने वाले खाने की बर्बादी को रोकने के लिए सभी प्रकार के समाधान पर काम कर रही है। और इसे ही देखने हुए जोमैटो ने फूड रेस्क्यू पहल की शुरुआत की है। अब जानिए कैसे काम करेगा जोमैटो का फूड रेख्क्यू अभियान! (Zomato’s unique initiative to prevent food wastage)

  • Mumbai मेडिकल कैंप घोटाला लाखों की ठगी

    Mumbai मेडिकल कैंप घोटाला लाखों की ठगी

    कोविड वैक्सीनेशन को लेकर मेडिकल कैंप घोटाले का अंबोली पुलिस ने खुलासा किया है। मुफ्त चिकित्सा के नाम पर 34.97 लाख रुपये की ठगी.. (Mumbai medical camp scam fraud worth lakhs)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई- जोगेश्वरी पश्चिम के अंबोली पुलिस ने 52 वर्षीय डॉ. सुमन बंदोपाध्याय के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। आरोप है कि डॉ. सुमन बंदोपाध्याय ने अंधेरी निवासी डॉ. दीपक चतुर्वेदी से मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाने के नाम पर 34.97 लाख रुपये ठग लिए हैं। बंदोपाध्याय ने साईं संस्थान शिर्डी और बाबा हॉस्पिटल ट्रस्ट का ट्रस्टी होने का झूठा दावा करते हुए डॉ. चतुर्वेदी को कोविड-19 के दौरान मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाने के लिए राजी किया था। (Mumbai medical camp scam fraud worth lakhs)

    पुलिस ने क्या कहा?

    अंबोली पुलिस थाने के प्रभारी पुलिस निरीक्षक मुकुंद यादव ने जानकारी देते हुए बताया, कि अंधेरी में क्लिनिक चलाने वाले डॉ. चतुर्वेदी की पहली मुलाकात 2020 की शुरुआत में बंदोपाध्याय से हुई थी। जब वे एक मरीज के रूप में क्लिनिक आए थे। बंदोपाध्याय ने खुद को सांताक्रूज का बाल रोग विशेषज्ञ बताते हुए कहा कि जुहू में उनका क्लिनिक भी है। इसके बाद धीरे-धीरे चतुर्वेदी से दोस्ती हो गई। (Mumbai medical camp scam fraud worth lakhs)

    दान के नाम पर धोखाधड़ी

    महामारी के दौरान बंदोपाध्याय ने ट्रस्टी होने का दावा किया और मुफ्त चिकित्सा शिविरों के लिए दान मांगा, जो चतुर्वेदी ने दिया। उन्होंने 5 लाख रुपये दिए लेकिन कोई सबूत नहीं रखा। बाद में बंदोपाध्याय ने चतुर्वेदी से जनता और पुलिस अधिकारियों के लिए मुफ्त शिविर आयोजित करने का आग्रह किया। इस विश्वास के साथ कि उन्हें पैसे वापस मिल जाएँगे, चतुर्वेदी ने करीब 45 पुलिस स्टेशनों पर मेडिकल कैंप आयोजित किए, जिन पर 34.97 लाख रुपए खर्च हुए। जुहू पुलिस स्टेशन में रहते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें बंदोपाध्याय के खिलाफ पिछले धोखाधड़ी के मामलों के बारे में चेतावनी दी। इसके बाद मामला अजागर हुआ कि बंदोपाध्याय फर्जी जानकारी देकर धोखाधड़ी कर रहा है। फिलहाल अंबोली पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। (Mumbai medical camp scam fraud worth lakhs)

  • Shirpur News : चौंकाने वाला.. राशन के चावल में मिला प्लास्टिक मिश्रित चावल

    Shirpur News : चौंकाने वाला.. राशन के चावल में मिला प्लास्टिक मिश्रित चावल

    धुले समाचार: चावल खाने से ग्रामीणों के पेट में दर्द हो रहा है। महाराष्ट्र के धुले जिले के शिपुर में एक राशन दुकानदार ने प्लास्टिक के अनाज के साथ चावल का वितरण किया। (Shirpur News, Shocking, plastic mixed rice found in ration rice)

    महाराष्ट्र न्यूज़ डेस्क
    धुले- सरकार द्वारा गरीबों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराने के लिए सस्ते अनाज की दुकानों से राशन कार्ड धारकों को गेहूं और चावल वितरित किया जाता है। लेकिन, राशन में अनाज अच्छी गुणवत्ता का नहीं होने से यह बात एक बार फिर सामने आई है। खबर के मुताबिक, शिरपुर तालुका के थालनेर में राशन के चावल में प्लास्टिक से मिश्रित चावल का चौंकाने वाला मामला सामने आया। (Shirpur News, Shocking, plastic mixed rice found in ration rice)

    जानकारी के मुताबिक, नासिक से नजदीक, धुले जिले के शिरपुर, थालनेर में सरकारी राशन की दुकान से प्लास्टिक के दानों के साथ चावल का वितरण किया गया है। नागरिकों द्वारा इसकी जानकारी गांव के सरपंच के संज्ञान में लाने के बाद, सरपंच ने संबंधित राशन की दुकान पर जाकर स्वयं निरीक्षण किया और इसके बाद जानकारी उजागर किया गया। (Shirpur News, Shocking, plastic mixed rice found in ration rice)

    ग्रामीणों ने की जांच की मांग..

    जब उत्त चावल को जलाया गया तो चावल प्लास्टिक की तरह एक-दूसरे से चिपक गये और कोयले में तब्दील हो गये। सरपंच ने यह भी आरोप लगाया है कि नागरिकों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। सम्बंधित (राशन दुकान) यह चावल राशन दुकान में कैसे आया और इस प्लास्टिक चावल में मिलावट किसने की ? थालनेर के सरपंच सहित ग्रामीणों ने इन सभी मामलों की गहन जांच की मांग की है। (Shirpur News, Shocking, plastic mixed rice found in ration rice)