DMart में डिस्काउंट देखकर खरीदारी करने से पहले सावधान रहें। एक्सपायरी डेट, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स पर ध्यान न देने से नुकसान हो सकता है।
डीमार्ट (DMart) आज मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए खरीदारी का सबसे लोकप्रिय सुपरमार्केट बन चुका है। यहां किराना, कपड़े, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, दवाइयाँ, घर सजावट का सामान से लेकर छोटे-बड़े इलेक्ट्रॉनिक आइटम तक सब कुछ एक ही जगह पर मिल जाता है।
ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए यहां पूरे साल डिस्काउंट ऑफर चलते रहते हैं। लेकिन क्या वाकई ये डिस्काउंट हमेशा फायदे का सौदा होते हैं? अगर आप भी DMart में खरीदारी करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद ज़रूरी है।
डिस्काउंट ऑफर में छिपा रिस्क
मध्यमवर्गीय परिवार अक्सर डिस्काउंट देखकर खरीदारी करते हैं। लेकिन कई बार ये डिस्काउंट ऑफर पुराने स्टॉक या एक्सपायरी डेट के करीब पहुँच चुके सामान पर चलते हैं। ऐसे में अगर आपने बिना देखे सामान खरीदा तो बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।
👉 खासकर खाद्य पदार्थ और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदते समय उनकी एक्सपायरी डेट ज़रूर चेक करें।
कपड़े खरीदने से पहले तुलना ज़रूरी
डीमार्ट में कपड़ों पर बड़ी छूट दी जाती है। लेकिन कई बार वही कपड़े आपको लोकल मार्केट या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर और भी कम कीमत में मिल सकते हैं।
👉 इसलिए कपड़े खरीदने से पहले अन्य दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे अमेज़न, मिंत्रा या फ्लिपकार्ट की कीमत ज़रूर चेक करें।
इलेक्ट्रॉनिक सामान पर न करें जल्दबाज़ी
डीमार्ट में इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स भी उपलब्ध होते हैं। लेकिन इनकी कीमत हमेशा कम हो ऐसा ज़रूरी नहीं। अक्सर त्योहारों के समय अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर बेहतर डील मिल जाती है।
👉 इसलिए फ्रिज, मिक्सर, मोबाइल एक्सेसरीज़ या छोटे गैजेट्स खरीदने से पहले उनकी ऑनलाइन कीमत ज़रूर जांचें।
त्योहारों के समय बचत का सही तरीका
दसरा और दिवाली जैसे त्योहारों में डीमार्ट ग्राहकों से खचाखच भरा रहता है। इस दौरान बड़े-बड़े ऑफर दिए जाते हैं। लेकिन याद रखें, त्योहारों पर सिर्फ डीमार्ट ही नहीं बल्कि अन्य स्टोर्स और ई-कॉमर्स साइट्स पर भी डिस्काउंट चलते हैं।
👉 समझदारी इसी में है कि खरीदारी करने से पहले अलग-अलग जगह की कीमतें और ऑफर तुलना करके फिर फैसला लिया जाए।
आर्थिक नुकसान से कैसे बचें?
हमेशा एक्सपायरी डेट देखकर ही खाद्य और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदें।
कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने से पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमत की तुलना करें।
त्योहारों के सीजन में धैर्य रखें और ऑफर्स की जांच-पड़ताल करें।
सिर्फ डिस्काउंट देखकर सामान न खरीदें, ज़रूरत और क्वालिटी को प्राथमिकता दें।
डीमार्ट में शॉपिंग करना वाकई सस्ता और सुविधाजनक है, लेकिन अगर आप सावधानी नहीं बरतेंगे तो डिस्काउंट के चक्कर में आपका आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए अगली बार जब भी डीमार्ट जाएं, तो सावधानी से खरीदारी करें और तुलना करना न भूलें।
बीएमसी ने वेस्टर्न और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे के लिए नई नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसमें ट्रैफिक जाम, मीडियन मेंटेनेंस और विज्ञापन पर नियम शामिल हैं।
मुंबई: शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे (WEH) और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे (EEH) को लेकर बीएमसी (BMC) ने नई नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है। करीब 25 किलोमीटर लंबे इन दोनों हाइवे पर रोज़ाना लाखों गाड़ियां दौड़ती हैं। इस वजह से ट्रैफिक जाम, सर्विस रोड का कनेक्शन और मीडियन की देखरेख जैसी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
🚦 ट्रैफिक जाम से निपटना बड़ी चुनौती
बीएमसी के ब्रिज विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, हाइवे और सर्विस रोड के बीच सही कनेक्टिविटी नहीं है। इसे ठीक करने के लिए पहले एक्सेस कंट्रोल सिस्टम का सुझाव दिया गया था। अब नई नीति में इसे शामिल किया गया है।
भीड़भाड़ कम करने के लिए अहम जगहों पर अंडरपास (Underpass) बनाने की योजना है।
इन अंडरपास से हाइवे और आर्टेरियल रोड पर बिना रुकावट ट्रैफिक का बहाव होगा।
खासकर बॉटलनेक पॉइंट्स पर इसे लागू किया जाएगा।
🌱 मीडियन पर पौधों की देखरेख में गड़बड़ी
वर्तमान में हाइवे के मीडियन पर अलग-अलग एजेंसियां पौधों की देखरेख करती हैं। इससे कहीं नीम के पेड़ हैं, तो कहीं सजावटी पौधे। इस असमानता को खत्म करने के लिए नई नीति में एक एजेंसी को स्पष्ट जिम्मेदारी देने की तैयारी है।
उदाहरण के तौर पर, ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर फिलहाल 4 एजेंसियां काम कर रही हैं।
बीएमसी चाहती है कि आगे एक ही एजेंसी इसकी जिम्मेदारी संभाले।
बीएमसी अधिकारी ने कहा कि हाइवे पर ट्रेंचिंग और री-इंस्टेटमेंट का तरीका इंटरनल रोड से अलग होता है।
हाइवे पर गाड़ियां ज्यादा और भारी चलती हैं, इसलिए री-इंस्टेटमेंट चार्जेस भी अधिक होंगे।
नई नीति में इसे लेकर स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे।
📢 विज्ञापन और अधिकार क्षेत्र पर स्पष्टता
फिलहाल हाइवे के अलग-अलग हिस्से एमएसआरडीसी (MSRDC) और एमएमआरडीए (MMRDA) जैसी एजेंसियों के अधीन आते हैं। इससे विज्ञापन के नियम और परमिशन में उलझन रहती है।
मुंबई का पी/नॉर्थ वार्ड (P/North Ward) 46.67 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसके पूर्व में संजय गांधी नेशनल पार्क और पश्चिम में मढ़-मनोरी के मैंग्रोव जंगल हैं। इसमें मलाड, मालवनी, माढ़ और अक्सा जैसे प्रमुख इलाके आते हैं। यह मुंबई का सबसे ज्यादा आबादी वाला वार्ड है। 13 वर्ष पहले यानी 2011 की जनगणना के अनुसार यहां करीब 10 लाख लोगों की आबादी रिकार्ड की गई थी। इतनी घनी आबादी के बीच हर डिग्री तापमान का बढ़ना लाखों लोगों को प्रभावित करता है। Mumbai’s P/North ward: The crisis of rising temperatures and decreasing greenery
🌳 हरियाली के बावजूद बढ़ता तापमान
मानचित्र पर यह इलाका हरा-भरा दिखता है, लेकिन हकीकत अलग है।
2015 से 2024 के बीच तापमान 5°C से ज्यादा बढ़ा
42.24°C (2015) से बढ़कर 50°C (2024) तक पहुंच गया
सबसे ज्यादा असर झोपड़पट्टी और घनी आबादी वाले इलाकों में
कंक्रीट, डामर और टिन की छतों ने प्राकृतिक ठंडक देने वाले पेड़ों और खुली जमीन की जगह ले ली
🔥 सबसे ज्यादा खतरे में कौन हैं?
पी/नॉर्थ वार्ड की अनौपचारिक बस्तियां (झोपड़पट्टियां) इस संकट का सबसे बड़ा शिकार हैं।
26% घरों की छतें एस्बेस्टस और टिन की, जो तेजी से गर्म होती हैं
25% घरों में अब भी पारंपरिक ईंधन (लकड़ी आदि) से खाना बनता है
केवल 25% लोग ही अपने घरों के मालिक, बाकी किरायेदार हैं
स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली और साफ पानी तक सीमित पहुंच
महाराष्ट्र नगर निगम ने फायरमैन, इलेक्ट्रिशियन, जूनियर इंजीनियर (JE), क्लर्क समेत कुल 358 नई भर्तियाँ निकाली हैं, जिनमें वेतन ₹1.12 लाख तक हो सकता है। इच्छुक उम्मीदवारों को तुरंत ऑनलाइन आवेदन करने की सलाह दी गई है।
2. BMC (मुंबई महानगरपालिका) – स्वास्थ्य विभाग
BMC ने 23 पदों के लिए भर्ती की घोषणा की है, जिनमें स्वास्थ्य विभाग में काम करने में रुचि रखने वालों के लिए अवसर हैं और वेतन ₹1.75 लाख प्रति माह तक हो सकता है।
3. पुलिस कांस्टेबल भर्ती – 15,631 पद
महाराष्ट्र कैबिनेट ने 12,399 पुलिस कांस्टेबल, 234 ड्राइवर, 2,393 आर्म्ड कांस्टेबल, 580 जेल कांस्टेबल समेत कुल 15,631 पदों को भरने की मंजूरी दी है। यह भर्ती OMR आधारित लिखित परीक्षा के माध्यम से होगी और उम्र सीमा से अधिक समय सीमा वाले उम्मीदवारों को भी एक विशेष अवसर मिलेगा।
4. नवी मुंबई महापालिका (NMMC)
NMMC ने 668 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया घोषित की है और इसका परीक्षा समय-सारणी अब उपलब्ध है। इच्छुक उम्मीदवारों की तैयारी हेतु यह एक महत्वपूर्ण अवसर है (Maharashtra Times)।
5. नागरिक रक्षा (Civil Defence)
स्थापित कमी को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने लगभग 300 रिक्त पदों को भरने, उन्नत आपातकाल उपकरणों और आपातकालीन तैयारी बढ़ाने हेतु ₹20 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव भेजा है।
KPMG – Internal Audit Executive, Assistant Manager – Digital Government Advisory
The Carlyle Group – Executive Assistant (Mumbai)
Others – Customer Service Representative (Pretty Child), Business Analyst, Technical Sales Engineer, Talent Acquisition Partner, ERP Specialist
Randstad और Shine जैसे पोर्टल पर हजारों अवसर
– Shine.com पर मुंबई में वर्तमान में 7419+ नौकरी रिक्तियाँ उपलब्ध हैं—IT, मार्केटिंग, फाइनेंस, हेल्थकेयर, शिक्षा जैसे सेक्टर शामिल – Randstad पर 131+ विभिन्न प्रकार की सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरियाँ मुंबई में उपलब्ध हैं।
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें—पात्रता दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करें
आवेदन शुल्क का भुगतान करें (यदि निर्धारित हो)
सबमिशन के बाद आवेदन संख्या और ई-मेल/एसएमएस पावती संभाल कर रखें
Admit Card और परीक्षा संबंधी अपडेट वेबसाइट/ई-मेल पर समय-समय पर देखें
लिखित/शारीरिक परीक्षा और अंतर्वार्ता में भाग लें
निजी/कॉर्पोरेट अवसर (Indeed, FreeJobAlert आदि):
पोर्टल (Indeed, FreeJobAlert, Shine) पर खाता बनाएँ और प्रोफ़ाइल अपलोड करें
इच्छित कीवर्ड (e.g., “Apprentice Mumbai”), लोकैलिटी और श्रेणी के हिसाब से फिल्टर करें
उपयुक्त जॉब पोस्ट चुनें और “Apply Now” करें
कवर लेटर, रिज़्यूमे और अन्य दस्तावेज़ तैयार रखें
उम्मीदवार को कॉल/ई-मेल से आगे की प्रक्रिया के लिए संपर्क किया जाएगा
नौकरी अलर्ट और तैयारी सुझाव
नौकरी अलर्ट सेट करें (Shine, Indeed पर) ताकि नए अवसर सीधे आपकी ई-मेल/मोबाइल पर पहुँचे
दस्तावेज़ जैसे रिज्यूमे, मार्कशीट, प्रमाणपत्र, आईडी प्रूफ हमेशा तैयार रखें
परीक्षा पैटर्न और पिछले प्रश्नपत्र देखें—विशेषकर सरकारी भर्ती के लिए
इंटरव्यू और टाइटल्ड एप्लिकेशन ट्रिक्स पर ध्यान दें
मुंबई में इस समय सरकारी भर्ती से लेकर निजी और कॉर्पोरेट सेक्टर तक नौकरी की बहार है। चाहे वह नगर निगम और BMC जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएँ हों, पुलिस भर्ती हो या 15,000 ड्राइवर-कंडक्टर की MSRTC योजना, कॉर्पोरेट प्रतिष्ठानों में apprenticeships व विशेषज्ञ पद—यह लेख हर उम्मीदवार की दिशा में मार्गदर्शक साबित हो सकता है। Jobs in Mumbai: Application process for vacancies in government and private sector
डिजिटल डेस्क मुंबई: जब 2003 में वैज्ञानिकों ने ह्यूमन जीनोम (मानव का पूरा जेनेटिक कोड) सीक्वेंस किया था, तब उम्मीद थी कि इससे बीमारियों के रहस्य खुल जाएंगे। लेकिन रिसर्च से पता चला कि जेनेटिक्स यानी हमारे जीन्स, बीमारियों का सिर्फ 10% कारण बनते हैं। बाकी 90% फैक्टर हमारे एनवायरनमेंट और डाइट (खानपान) से जुड़े हैं। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
पूरी दुनिया में खराब खानपान हर साल 25 साल से ऊपर के करीब हर 5 में से 1 व्यक्ति की मौत से जुड़ा है। यूरोप में लगभग आधी हार्ट डिजीज मौतें पुअर डाइट के कारण होती हैं। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
पिछले कई दशकों से हमें कम फैट, कम नमक और कम शुगर खाने की सलाह मिलती रही है। लेकिन मोटापा और डाइट-रिलेटेड बीमारियाँ लगातार बढ़ रही हैं। यानी कहीं न कहीं न्यूट्रिशन को समझने के हमारे तरीके में कुछ कमी है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
न्यूट्रिशन सिर्फ प्रोटीन और विटामिन तक नहीं
अब तक डाइट को अक्सर सरल रूप में समझा गया है – खाना यानी ईंधन, और न्यूट्रिएंट्स यानी शरीर की ईंटें। प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट और विटामिन – यानी लगभग 150 ज्ञात केमिकल्स ही हमारी थाली के मुख्य किरदार माने गए। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
जैसे अंतरिक्ष में डार्क मैटर, वैसे ही हमारे खाने में भी
खगोल विज्ञान (Astronomy) बताता है कि ब्रह्मांड का लगभग 27% हिस्सा डार्क मैटर से भरा है। ये दिखाई नहीं देता, लेकिन उसके ग्रेविटेशनल असर से वैज्ञानिक जानते हैं कि यह मौजूद है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
इसी तरह न्यूट्रिशन साइंस भी डार्क मैटर की तरह एक रहस्य से भरा है। हमारी थाली में ढेर सारे ऐसे केमिकल्स हैं जिन्हें हम रोज खाते हैं, लेकिन हमें नहीं पता कि उनका शरीर पर क्या असर पड़ता है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
इन्हें ही वैज्ञानिक “Nutritional Dark Matter” कहते हैं।
मेडिटेरेनियन डाइट (Mediterranean Diet) में फ्रूट्स, वेजिटेबल्स, होल ग्रेन्स, लेग्यूम्स, नट्स, ऑलिव ऑयल और मछली शामिल होती है। इसे हार्ट डिजीज से बचाव के लिए बेस्ट माना जाता है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
लेकिन क्यों?
👉 रिसर्च से पता चला है कि जब हम रेड मीट और अंडे खाते हैं तो गट बैक्टीरिया उन्हें तोड़कर TMAO (Trimethylamine N-oxide) बनाते हैं। TMAO की हाई लेवल हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ाती है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
उदाहरण: दूसरे विश्व युद्ध में जब नीदरलैंड में अकाल पड़ा, उस समय गर्भवती माताओं के बच्चों में आगे चलकर हार्ट डिजीज, डायबिटीज और स्किज़ोफ्रेनिया का खतरा ज्यादा पाया गया। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
हमारी थाली में सिर्फ कैलोरी और न्यूट्रिएंट्स ही नहीं, बल्कि हजारों छुपे हुए केमिकल्स भी हैं। यह डार्क मैटर ऑफ न्यूट्रिशन हमारी सेहत, जीन्स और आने वाली पीढ़ियों पर असर डाल सकता है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से कांदीवली पश्चिम स्थित भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जनरल हॉस्पिटल (शताब्दी) में नया दिव्यांग परीक्षण, मूल्यांकन और प्रमाणपत्र वितरण केंद्र शुरू किया गया है। इस पहल से पश्चिमी उपनगरों के दिव्यांग नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें पहले दस्तावेज़ और प्रमाणपत्र बनाने के लिए जेजे या कूपर अस्पताल तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। Disability Certification Centre at Shatabdi Hospital, Kandivali, Mumbai
किस तरह के प्रमाणपत्र मिलेंगे?
इस नए केंद्र पर चार श्रेणियों में दिव्यांग प्रमाणपत्र उपलब्ध होंगे:
हड्डी से जुड़ी विकलांगता (Orthopaedic disabilities)
कान से जुड़ी विकलांगता (Ear-related conditions)
आंखों की विकलांगता (Eye impairments)
कुष्ठ रोग से संबंधित विकलांगता (Leprosy-related deformities)
शुरुआत में यह केंद्र प्रति सप्ताह केवल 3–4 मरीजों को प्रमाणपत्र जारी करेगा क्योंकि कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि फर्जी दावों को रोका जा सके। अनुभव और प्रशिक्षण बढ़ने के साथ प्रमाणपत्र वितरण की गति भी बढ़ाई जाएगी। Disability Certification Centre at Shatabdi Hospital, Kandivali, Mumbai
मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने दहिसर पूर्व इलाके में फूड एंड ड्रग्स ऑफिसर की मदद से छापामारी कर 39,917 रुपये के माल जब्त किया है। गिरफ्तार 38 वर्षीय आरोपी अमूल, गोकुल और नंदिनी दूध में मिलावटखोरी कर बिक्री कर रहा था। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai
मुंबई: दहिसर (पूर्व), रूम नं. 07, मनुभाई चाळ, एस.पी.रोड, घरटनपाडा, नितीन इंडस्ट्रीज के कमरे में तडके सुबह के लगभग 5 बजे जब मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने छापेमारी की तो वहां 38 वर्षीय सैदुल नरसिम्हा कावेरी नामक व्यक्ति अमूल, गोकुल और नंदिनी ब्रांड के दूध के पैकेट में अस्वच्छ पानी मिला कर पैकिंग करता हुआ पकड़ा गया। इसकी गुप्त सूचना पहले से मिली थी इसलिए पुलिस ने मुंबई शहर की अन्न सुरक्षा अधिकारी श्रीमती अर्चना रामभाऊ वानरे को भी साथ ले गई थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दहिसर पश्चिम के आईसी कॉलोनी झोपडपट्टी इलाके और चाय की टपरी चलाने वालों को यह मिलावटी दूध का पैकेट वितरित करता था। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai
दूध में मिलावटखोरी
दूध हमारे जीवन का इतना महत्वपूर्ण आहार है। जिसे हमारे शारिरीक पोषक तत्व के लिए इस्तेमाल करते है। खासकर हम अपने बच्चों को एक भरोसे के आधार पर कंपनी के ब्रांड को देखते हुए खरीद कर पिला देते हैं। ऐसे में मिलावट खोरी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कितना महंगा पड़ सकता है। इस बारे में सोचना भी कोई नही चाहेगा। लेकिन कुछ लोग मुनाफे के चक्कर में मिलावटी दूध बेचकर हमारे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे ही एक सूचना पर मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने सतर्कता दिखाई और सीधे फूड एंड ड्रग्स ऑफिसर को साथ लेकर छापामारी कर दी। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai
पुलिस ने क्या कहा?
दहिसर (पूर्व) क्राईम ब्रांच युनिट 12 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन गवस ने बताया कि युनिट की महिला पुलिस हवलदार पडवळ को इसकी गुप्त सूचना मिली थी। उन्होंने बताया, कि हमने अन्न व औषध प्रशासन से संपर्क किया और मुंबई शहर अन्न सुरक्षा अधिकारी के साथ सहायक पुलिस निरीक्षक रासकर, पुलिस हवलदार बिचकर, गोमे, गोरूले, महिला पुलिस हवलदार पडवळ, पुलिस सिपाही के साथ एक टीम बनाकर घटना स्थल पर छापामारी की जहां से आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया। घटना स्थल से (1) अमुल, गोकुळ व नंदिनी नामांकीत कंपनी के 29,917/- रू किमत के कुल 488 लिटर दुध, (2) अमुल ताजा, अमुल गोल्ड व अमुल बफेलो के 1350 बनावट खाली प्लास्टिक की थैलियां (3) दूध में मिलावटखोरी के लिए आवश्यक साधन सामुग्री (4) मोबाईल फोन तकरिबन 10,000/- रू कुल मिलाकर लगभग 39,917/- रुपये का माल जब्त किया गया। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दहिसर पुलिस थाने में पहले से इसी तरह का अपराध दर्ज है। दहिसर पुलिस ठाणे गुरक्र. 175/2021 भारतीय दंड संहिता की धारा 272, 482, 486, 420, 468, 34 एवं अन्न सुरक्षा व मानदे अधिनियम 2006 व नियमन 2011 की धारा 26, 27, 31 में भी इसी तरह के अपराध में इसकी गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस ने बताया कि फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आरोपी को दहिसर पुलिस थाने के हवाले कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 274, 345(3), 347(1), 318(4), 336(3), 3(5) के साथ-साथ 26, 27, 31, शिक्षा कलम 59 व 63 अन्न सुरक्षा व मानदे कायदा 2006 नियम व नियमन 2011 के तहत गिरफ्तार किया गया है। मामले की और अधिक तहकीकात दहिसर पुलिस कर रही है। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai
डिजिटल डेस्क मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में कामकाजी लोगों को जल्द ही भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेनों के अलावा दूसरा विकल्प मिलने वाला है। शहर में डबल-डेकर मेट्रो लाइन-9, जिसे रेड लाइन भी कहा जाता है, शुरू किया जा रहा है। यह मेट्रो दहिसर पूर्व से मीरा-भायंदर तक दौड़ेगी और उत्तरी उपनगरों को दक्षिणी मुंबई और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) के साथ-साथ अंधेरी जैसे प्रमुख व्यावसायिक इलाकों से जोड़ेगी। लगभग 13.58 किलोमीटर लंबी इस लाइन में 11.38 किलोमीटर एलिवेटेड और 2.19 किलोमीटर अंडरग्राउंड हिस्सा होगा। परियोजना पूरी होने पर यात्रियों को ट्रैफिक की परेशानी से राहत मिलेगी और समय की बचत के साथ यात्रा हो सकेंगी। Double-decker metro will make travelling easier in Mumbai
मेट्रो 9 में क्या होगी खासियत?
मेट्रो-9 पर कुल 10 मेट्रो स्टेशन बन रहे हैं—दहिसर पूर्व, पांडुरंग वाडी, मीरागांव (अमर पैलेस), काशीगांव (झनकार कंपनी), साईं बाबा नगर, मेडिटिया नगर (दीपक हॉस्पिटल), शहीद भगत सिंह गार्डन (मैक्सस मॉल), सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम, एमबीएमसी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और इंद्रलोक। यह लाइन ठाणे जिले के कुछ हिस्सों को भी कवर करेगी, जिससे मीरा-भायंदर और आसपास के सफर करने वाले लोगों को बड़ा फायदा होगा। Double-decker metro will make travelling easier in Mumbai
कहां कहां जुड़ेगा मेट्रो 9
मेट्रो-9 को कई अन्य लाइनों से जोड़े जाने वाला है। दहिसर पूर्व में इसे मेट्रो लाइन-7 (दहिसर पूर्व–अंधेरी पूर्व) और मेट्रो लाइन-2A (दहिसर पश्चिम–डीएन नगर) से कनेक्ट किया जाएगा। इसके अलावा, यह कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज़ कॉरिडोर (मेट्रो-3) से भी जुड़ने वाला है, जो पूरी तरह अंडरग्राउंड रहेगा। इस कनेक्टिविटी से यात्री दहिसर से कोलाबा, बीकेसी और अंधेरी तक बिना सड़क ट्रैफिक के जल्दी पहुंच सकेंगे। उदाहरण के तौर पर, दहिसर से कोलाबा तक का सफर मेट्रो-9, मेट्रो-7 और मेट्रो-3 के जरिये आसानी से किया जा सकेगा। Double-decker metro will make travelling easier in Mumbai
मेट्रो-9 में 8-कोच के ट्रेन होंगे, जिनमें 2,352 यात्री बैठ सकेंगे। यह सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चलेगी। पीक आवर्स में हर 5-7 मिनट और सामान्य समय में हर 8 से 10 मिनट पर ट्रेन उपलब्ध होगी। मेट्रो-9 और -7A की कुल लागत लगभग 6,607 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मई 2025 तक परियोजना का 96-97% सिविल कार्य और 75% सिस्टम इंटीग्रेशन पूरा हो चुका है। दहिसर पूर्व से काशीगांव (4.4 किमी) तक पहले चरण का ट्रायल रन शुरू हो गया है और यह खंड 2025 के अंत तक चालू होने की उम्मीद है, जबकि पूरी लाइन 2026 के अंत तक परिचालन किया जा सकता है।
मुंबई: शहर की उपनगरीय ट्रेनें अब 2025 के अंत तक कवच से लैस होने जा रही है। इसके तहत यात्रियों की सुरक्षा में सुधार के लिए एक आधुनिक सुरक्षा प्रणाली तैयार होने वाली है। खबर के मुताबिक, पश्चिमी रेलवे के मार्गों पर कवच लगाने का काम शुरू हो चुका है। अगले साल के अंत तक सभी उपनगरीय ट्रेनों और मुख्य लाइन के इंजनों पर इसे लगाने की योजना है। खास बात यह है कि यात्रियों के किराये में कोई इजाफा नही होगा।
प्रमुख रेल मार्गों पर शुरु है कवच
यह प्रणाली वर्तमान में दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर जैसे प्रमुख रेल मार्गों पर लगाई जा रही है और यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल का हिस्सा है। मुंबई-अहमदाबाद लाइन इस वित्तीय वर्ष के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है। रिपोर्टों से पता चलता है कि यह ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। Mumbai local trains to have Kavach security system
लगभग 30 लाख लोग प्रतिदिन पश्चिमी रेलवे (Western Railway) की उपनगरीय सेवाओं का उपयोग करते हैं। यह चर्चगेट-विरार-दहानू मार्ग पर 110 इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट्स के बेड़े के साथ 1,400 से अधिक ट्रेन सेवाओं का संचालन करता है। रेलवे की योजना 2025 तक 2,358 किलोमीटर से अधिक ट्रैक पर कवच लगाने की है।
कवच एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। यह सहायक चेतावनी प्रणाली की जगह लेगा, जिसका इस्तेमाल वर्तमान में ट्रेनों में सुरक्षा उपकरण के रूप में किया जाता है। Mumbai local trains to have Kavach security syste
ट्रेन में टिकट के लिए अब आपको लाईन में खड़े रहने की जरुरत नही होगी। अब आप अपने मोबाइल फोन पर WhatsApp एप्लीकेशन के भीतर ही एक क्लिक से ट्रेन की टिकट बुकिंग कर सकेंगे। रेलवे स्थानीय टिकट प्रणाली में सुधार लाने के प्रयास कर रहा है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp
डिजिटल डेस्क मुंबई: अब आम लोगों की सुविधा के लिए रेलवे बोर्ड नई टिकट बुकिंग प्रणाली लाने की तैयारी कर रहा है। मेट्रो में ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को मिल रहे लोकप्रियता को देखते हुए रेल प्रशासन ने फैसला किया है। इसके लिए निविदाएं मांगी गई है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp
रेलवे ने क्या कहा?
रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, रेलवे स्थानीय टिकट प्रणाली की सुविधा में सुधार लाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है और व्हाट्सएप जैसे चैट-आधारित ऐप के माध्यम से टिकट प्रणाली शुरू करने की संभावना तलाश रहा है। हाल ही में, इस मामले में रुचि रखने वाले संगठनों के साथ एक बैठक हुई। अधिकारियों ने बताया कि सभी विवरण तय होने के बाद निविदा प्रक्रिया का मूल्यांकन किया जाएगा। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp
डिजिटल इंडिया की पहल
डिजिटल इंडिया पहल के तहत, भारतीय रेलवे डिजिटल माध्यमों से टिकट प्रणाली में बदलाव लाने पर ज़ोर दे रहा है। इसके परिणामस्वरूप, यात्रियों को कैशलेस तेज़ टिकट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। देखा गया कि डिजिटल की ओर बदलाव होता जा रहा है। वर्तमान में, 25 प्रतिशत यात्री डिजिटल माध्यमों से टिकट बुक कर रहे हैं, और इसे अपनाने की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp
मौजूदा डिजिटल टिकटिंग सिस्टम के अलावा, रेलवे टिकट बुकिंग की सुविधा बढ़ाने के लिए चैट-आधारित टिकटिंग समाधान पर भी काम कर रहा है। मेट्रो में टिकट बुकिंग के लिए यात्री WhatsApp का इस्तेमाल ज़्यादा पसंद करते हैं। टिकट खिड़की पर क्यूआर कोड स्कैन करने पर एक चैट इंटरफ़ेस दिखाई देता है। “हाय” मैसेज भेजने पर आपको टिकट बुकिंग के विकल्प दिखाई देंगे और फिर भुगतान करके डिजिटल टिकट प्राप्त किए जा सकेंगे। 67 प्रतिशत मेट्रो किराया इसी तरह बुक किया जा रहा है।
क्या हैं मुश्किलें?
रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक कहा गया, कि व्हाट्सएप टिकटिंग सिस्टम के निर्माण के दौरान कई कारकों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यूटीएस के माध्यम से क्यूआर-आधारित टिकटिंग प्रणाली के वर्तमान दुरुपयोग को देखते हुए, इसी तरह की कमज़ोरियों से बचने के लिए नई प्रणाली विकसित करते समय सावधानी बरतनी होगी। हमारा लक्ष्य एक ऐसी प्रणाली बनाना है जो यात्रियों के लिए आसान हो। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp