Category: Government Schemes

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  • ‘इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा, चाहे कोई…’- सुप्रीम कोर्ट

    ‘इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा, चाहे कोई…’- सुप्रीम कोर्ट

    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि जेपीसी ने बताया कि ट्राइबल एरिया में रहने वाले मुस्लिम बाकी हिस्सों में रहने वाले मुसलमानों की तरह इस्लाम का पालन नहीं करते।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    वक्फ संशोधन कानून, 2025 के विरोध में दाखिल याचिकाओं पर गुरुवार (22 मई, 2025) को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह ने बेहद अहम टिप्पणी की है। जस्टिस मसीह ने कहा कि कोई कहीं भी रहे इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा। जज ने केंद्र की उस दलील पर यह बात कही, जिसमें कहा गया कि ट्राइबल एरिया में रहने वाला अनुसूचित जनजाति का मुस्लिम समुदाय इस्लाम का उस तरह पालन नहीं करता है, जैसे देश के बाकी हिस्सों में पालन किया जाता है। ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    लगातार हो रही है सुनवाई

    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार मुख्य न्यायाधीश भूषण रामाकृष्ण गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच लगातार तीन दिन से वक्फ कानून मामले की सुनवाई कर रही है। तीसरे दिन की सुनवाई में केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नए कानून के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के मुस्लिम समुदाय के लोगों की जमीनों को संरक्षण देना सही है। उन्होंने कहा कि ट्राइबल एरिया में रहने वाले अनुसूचित वर्ग के लोगों को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है, जो वैध कारणों से उन्हें मिला है। ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    ST मुसलमानों को लेकर केंद्र की दलील

    एसजी तुषार मेहता ने कहा, “वक्फ का मतलब होता है खुदा के लिए स्थाई समर्पण। मान लीजिए मैंने अपनी जमीन बेची और पाया गया कि अनुसूचित जनजाति (ST) के शख्स के साथ धोखा हुआ है तो इस मामले में जमीन वापस की जा सकती है, लेकिन वक्फ अपरिवर्तनीय है।” उन्होंने बताया कि “जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) का कहना है कि इन ट्राइबल एरिया में रहने वाले मुस्लिम, देश के बाकी हिस्सों में रह रहे मुसलमानों की तरह इस्लाम का पालन नहीं करते हैं, उनकी अपनी सांस्कृतिक पहचान है।” ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    इस्लाम पर अहम टिप्पणी

    एसजी तुषार मेहता की इस दलील पर जस्टिस एजी मसीह ने कहा, “इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा। कोई कहीं भी रहे धर्म एक ही है। अलग-अलग हिस्सों में रहने वालों की सांस्कृतिक प्रथाओं में अंतर हो सकता है।” इस पर एसजी मेहता ने कहा, “मैं बस पूछ रहा हूं कि क्या कानून पर रोक लगाने का यह कोई आधार हो सकता है?” ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    वक्फ के नाम पर हड़पी जा रही जमीनें- तुषार मेहता

    सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि ट्राइबल संगठनों ने दलील दी है कि उनको प्रताड़ित किया जा रहा है और उनकी जमीन वक्फ के नाम पर हड़पी जा रही हैं। तुषार मेहता ने कोर्ट से सवाल करते हुए कहा, कि “क्या यह पूरी तरह से असंवैधानिक नहीं है?” ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    मंगलवार से नए सीजेआई बी आर गवई की बेंच ने वक्फ संशोधन कानून को चुनौती देने के लिए दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की है। इससे पहले पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना इस मामले को देख रहे थे, लेकिन रिटायरमेंट से पहले उन्होंने मामला जस्टिस बी आर गवई की बेंच को ट्रांसफर कर दिया। ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

  • Maharashtra: अब इलेक्ट्रिक वाहनों पर टोल नहीं वसूला जाएगा। एक्सप्रेस हाईवे और समृद्धि महामार्ग सब फ्री

    Maharashtra: अब इलेक्ट्रिक वाहनों पर टोल नहीं वसूला जाएगा। एक्सप्रेस हाईवे और समृद्धि महामार्ग सब फ्री

    महाराष्ट्र ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति पेश की गई है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख मार्गों पर इलेक्ट्रिक कारों और बसों को टोल में 100% छूट मिलेगी। राज्य सरकार राजमार्गों पर हर 25 किमी पर चार्जिंग स्टेशन बनाएगी। भारी डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए सब्सिडी देगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025 की घोषणा कर दी है। इसके तहत मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग और अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक कारों व ई-बसेस को आगामी 5 वर्षों के लिए 100% टोल माफी का ऐलान कर दिया गया है। जल्द ही राज्य के सभी सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) अंतर्गत हाइवे पर भी टोल माफी लागू कर दी जाएगी। Maharashtra: Now toll will not be charged on electric vehicles. Express Highway and Samruddhi Highway all free

    महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी जीआर में कहा गया है कि टोल माफी की राशि को परिवहन विभाग PWD को पूरक प्रावधानों के माध्यम से कर देगा। यह निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित संचालन समिति द्वारा लिया जाएगा।

    चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण

    मुंबई-पुणे और मुंबई-नागपुर रूट पर लागू सरकार की योजना के तहत राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर 25 किमी पर एक EV चार्जिंग स्टेशन बनाना अनिवार्य किया गया है। सभी मौजूदा और नए पेट्रोल पंपों पर कम से कम एक EV चार्जिंग सुविधा होगी। इसके लिए तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और परिवहन विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) किया जाएगा। एसटी के प्रत्येक बस डिपो और स्टेशन पर भी फास्ट चार्जिंग सुविधा अनिवार्य की जाएगी। यह नीति मुंबई-पुणे और मुंबई-नागपुर मार्गों के बीच सतत परिवहन मॉडल को भी प्रोत्साहित करेगी।

    इलैक्ट्रिक वाहन में तब्दील के लिए मिलेगी सब्सिडी

    नई नीति में ट्रक, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, निर्माण कार्य में उपयोग होने वाले जटिल वाहन, एंबुलेंस और कचरा परिवहन के वाहनों को भी शामिल किया गया है। इन वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए राज्य सरकार विशेष सब्सिडी प्रदान करेगी, क्योंकि ये वाहन सामान्य कारों की तुलना में 67 गुना अधिक प्रदूषण करते हैं। Maharashtra: Now toll will not be charged on electric vehicles. Express Highway and Samruddhi Highway all free

  • भारत के वैज्ञानिक रोबोट सैनिकों का आविष्कार कर रहे हैं। फ्रंट लाइन में होंगे ये सैनिक

    भारत के वैज्ञानिक रोबोट सैनिकों का आविष्कार कर रहे हैं। फ्रंट लाइन में होंगे ये सैनिक

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    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिक सैन्य मिशनों के लिए मानव रोबोट पर काम कर रहे हैं ताकि सैनिकों के लिए जोखिम कम किया जा सके।

    नई दिल्ली: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिक एक मानव रोबोट पर काम कर रहे हैं। एक अधिकारी ने शनिवार को बताया, कि ये रोबोट अग्रिम कतार के सैन्य मिशन का हिस्सा हो सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि डीआरडीओ के तहत एक प्रमुख प्रयोगशाला, अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (इंजीनियर्स) एक ऐसी मशीन विकसित कर रहे है, जो सीधे मानव आदेश के तहत जटिल कार्यों को अंजाम दे सकते हैं। जिसका उद्देश्य उच्च जोखिम वाले वातावरण में सैनिकों के जोखिम को कम करना है।

    जानकारी देते हुए, अनुसंधान एवं विकास (इंजीनियर्स) के अंतर्गत उन्नत रोबोटिक्स के लिए सिस्टम और प्रौद्योगिकी केंद्र के समूह निदेशक एस ई तलोले ने कहा कि टीम चार वर्षों से इस परियोजना में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा, “हमने ऊपरी और निचले शरीर के लिए अलग-अलग प्रोटोटाइप विकसित किए हैं और आंतरिक परीक्षणों के दौरान कुछ निश्चित कार्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया है।”

    रोबोट कैसे काम करता है?

    उन्होंने आगे कहा कि यह मानवरूपी रोबोट जंगल जैसे कठिन इलाकों में भी काम करने में सक्षम होंगे। हाल ही में पुणे में आयोजित उन्नत लेग्ड रोबोटिक्स पर राष्ट्रीय कार्यशाला में रोबोट का प्रदर्शन किया गया। वर्तमान में अपने उन्नत विकास चरण में, टीम ऑपरेटर के आदेशों को समझने और निष्पादित करने की रोबोट की क्षमता को परिष्कृत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह प्रणाली तीन प्रमुख घटकों पर निर्भर करती है: एक्ट्यूएटर जो मानव मांसपेशियों की तरह गति उत्पन्न करते हैं, सेंसर जो आसपास से वास्तविक समय का डेटा एकत्र करते हैं, और नियंत्रण प्रणाली जो इस जानकारी की व्याख्या करके कार्यों का मार्गदर्शन करती है।

    कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट?

    समूह निदेशक एस ई तलोले ने कहा, “सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि रोबोट वांछित कार्यों को सुचारू रूप से कर सके, जिसके लिए संतुलन, तेजी से डेटा प्रोसेसिंग और जमीनी स्तर पर निष्पादन में महारत हासिल करना आवश्यक है।” डिजाइन टीम का नेतृत्व करने वाली वैज्ञानिक किरण अकेला ने कहा कि शोधकर्ता इन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं क्योंकि वे 2027 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

    किन-किन कार्यों में उपयोग किया जा सकता है?

    डीआरडीओ अधिकारियों ने कहा कि पैरों वाले रोबोट, द्विपाद और चौपाया दोनों, रक्षा और सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा, घरेलू सहायता, अंतरिक्ष अन्वेषण और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं प्रदान करते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि स्वायत्त, कुशल पैरों वाले रोबोट बनाने में महत्वपूर्ण तकनीकी बाधाएं आती हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि मानव जैसा दिखने वाले रोबोट के ऊपरी शरीर में गोलाकार घुमावदार संयुक्त विन्यास के साथ हल्के हाथ होंगे, जो 24 डिग्री की स्वतंत्रता प्रदान करेंगे – प्रत्येक हाथ में 7, ग्रिपर में 4 और सिर में 2.

    रोबोट की खासियत क्या होगी ?

    उन्होंने कहा कि रोबोट बंद लूप ग्रिपिंग के साथ जटिल स्वायत्त कार्यों को करने में सक्षम होंगे और वस्तुओं को मोड़ने, धकेलने, खींचने, दरवाजे खिसकाने, वाल्व खोलने और खासकर उच्च जोखिम वाले वातावरण में बाधाओं को दूर करने के लिए हेरफेर करेगा। दोनों हाथ खदानों, विस्फोटकों और तरल पदार्थों जैसी खतरनाक सामग्रियों को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए सहयोगात्मक रूप से काम करेंगे।

    यह प्रणाली दिन हो या रात, घर के अंदर या बाहर निर्बाध रूप से काम करेगी और इसमें प्रोप्रियोसेप्टिव और एक्सटेरोसेप्टिव सेंसर, डेटा फ्यूजन क्षमताएं, सामरिक संवेदन और ऑडियो-विजुअल धारणा शामिल होगी। मानव जैसा दिखने वाला यह द्विपाद गिरने और धक्का लगने पर रिकवरी, वास्तविक समय में मानचित्र निर्माण, स्वायत्त नेविगेशन और एक साथ स्थानीयकरण और मानचित्रण (SLAM) के माध्यम से पथ नियोजन जैसी विशेषताएं शामिल करेगा, जिससे यह चुनौतीपूर्ण, उच्च जोखिम वाले वातावरण में जटिल स्वायत्त संचालन करने में सक्षम होगा।

  • Mhada : किफायती घर खरीदना होगा आसान, म्हाडा बनाएगी 19,497 सस्ते घर

    Mhada : किफायती घर खरीदना होगा आसान, म्हाडा बनाएगी 19,497 सस्ते घर

    महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mhada) की और से राज्यभर में कुल 19,497 घरों के निर्माण की योजना बनाई है। मुंबई और कोकण मंडलों के अलावा नाशिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नागपुर में भी घर बनाए जाएंगे। इसका लाभ निश्चित रूप से आम जनता को मिलेगा।

    मुम्बई: महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mhada) की ओर से राज्य में सर्व सामान्य नागरिकों के घर के सपने को साकार करने की योजना बनाई है। लॉटरी पद्धति के जरिए लोगों को सस्ते दामों पर म्हाडा हमेशा से घर मुहैया कराते आई है। इसी कड़ी में म्हाडा अगले एक वर्ष के भीतर मुंबई में 5,199 घरों का निर्माण करेगी। इसके लिए म्हाडा का मुंबई मंडल नागरिकों को किफायती घर उपलब्ध कराने के लिए 5,749.49 करोड़ रुपये खर्च करने का मन बना लिया है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    कोकण मंडल ने बनाया 140.85 करोड़ रुपये का बजट 

    मुंबई के अलावा ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, मीरा रोड और विरार जैसे इलाकों में घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए कोकण मंडल 2025-26 में कुल 9,902 घर बनाएगी, जिस पर 140.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी प्राप्त हो रही है। मुंबई मंडल के कई प्रोजेक्ट्स पहले से ही चल रहे हैं और बजट के माध्यम से इन सभी योजनाओं को गति देने का प्रयास किया गया है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना

    मुंबई मंडल को प्राप्त कुल धन राशि में से सबसे बड़ी धन राशि बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना के लिए आवंटित की गई है। इस ऐतिहासिक और 100 साल पुरानी बीडीडी चॉलों के पुनर्विकास के लिए बजट में 2,800 करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था की गई है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    राज्यभर में किफायती घरों की श्रंखला

    म्हाडा ने इस बजट में राज्यभर में कुल 19,497 घरों के निर्माण की योजना बनाई है। मुंबई और कोकण मंडल के अलावा नाशिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नागपुर में भी घर बनाए जाने की जानकारियां प्राप्त हो रही है। राज्यभर में किफायती घरों की श्रंखला तैयार होने से, इसका लाभ निश्चित रूप से आम जनता को मिलेगा। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

  • प्रयागराज के बाद महाराष्ट्र के नासिक में कुंभ मेले की तैयारी

    प्रयागराज के बाद महाराष्ट्र के नासिक में कुंभ मेले की तैयारी

    लोक निर्माण विभाग (PWD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा पाटनकर म्हैसकर ने नासिक का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की।

    मुम्बई: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में महाकुंभ मेला 2025 समाप्त होने के साथ ही, महाराष्ट्र में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों ने जोर पकड़ ली है, यहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर आईएएस अधिकारियों ने भव्य आयोजन की व्यवस्थाओं का आकलन करने के लिए नासिक का दौरा करना शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा पाटनकर म्हैसकर ने नासिक का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    कैसा रहेगा प्रबंधन?

    स्थानीय पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, कुंभ मेले के समय निजी वाहनों को नासिक के बाहरी इलाके में कुछ किलोमीटर जैसे 7 से 12 किमी. पार्किंग स्थल की व्यवस्था के आधार पर रोक दिया जाएगा। वाहनों को मुख्य कुंभ स्थल से दूर रखा जाए। “धार्मिक स्थल और शहर की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। इन पार्किंग स्थलों से, तीर्थयात्रियों के परिवहन के लिए तैनात विशेष बसों का उपयोग करके कुंभ स्थल तक पहुँचाया जाएगा। एक अधिकारी ने कहा, “इसका उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना और भीड़ प्रबंधन में सुधार करना है।

    हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुए महाकुंभ मेले में ट्रैफिक जाम की खबरों के बाद यह दृष्टिकोण और योजना महत्वपूर्ण हो गई है, जहां तीर्थयात्री घंटों तक वाहनों में फंसे रहे और ट्रैफिक जाम की स्थिति लगभग 60 से 100 किलोमीटर तक फैल गया। 17 जनवरी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक कुंभ की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंत्रालय में एक बैठक बुलाई। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    मुख्यमंत्री ने बताई अपनी योजना ..

    बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नासिक को वैश्विक कुंभ के मौके पर आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की अपनी योजना के बारे में स्पष्ट किया और प्रशासन से आग्रह किया कि वह नासिक कुंभ में आने वाले नागरिकों और पर्यटकों के आवास, आवागमन और सुरक्षा के मामले में तैयारियों को प्राथमिकता दे। आप को बता दें कि 2003 में नासिक कुंभ के मौके पर हुई भगदड़ के कारण 39 लोगों की जान चली गई थी। इस बार खास ध्यान रखने के लिए कहा गया है। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    धार्मिक स्थलों की यात्रा

    नासिक कुंभ मेला 2027 में लाखों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। हर 12 साल में होने वाला यह आयोजन आखिरी बार 2015 में हुआ था। नासिक के अलावा, प्रशासन को उम्मीद है कि कुंभ के लिए आने वाले कई पर्यटक सर्पशृंगी, शिरडी और शनि शिंगणापुर जैसे अन्य नजदीकी धार्मिक स्थलों की यात्रा करेंगे। मनीषा पाटनकर म्हैसकर के दौरे के समय पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कुंभ के तीर्थयात्रियों द्वारा कुंभ के आसपास के धार्मिक स्थलों और कुछ मामलों में नासिक से परे शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की संभावना पर चर्चा की।

    सड़कों की होगी मरम्मत

    अधिकारी ने कहा, “ऐसे पर्यटकों के लिए यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियां नासिक और आस-पास के क्षेत्रों में अन्य धार्मिक स्थलों पर सड़क संपर्क और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।” अधिकारी ने यह भी कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कुंभ स्थल तक पहुंचने वाली और नासिक को जोड़ने वाली सभी सड़कें (चाहे आंतरिक हों या बाहरी) उचित स्थिति में हों। अधिकारी ने कहा, “राज्य राजमार्ग से संबंधित मुद्दों को सुलझाया जाएगा और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरणों से संबंधित मुद्दों को विभाग और संबंधित अधिकारियों को बताया जाएगा।

    इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय के करीबी लोगों ने कहा कि फडणवीस जल्द ही यातायात प्रबंधन, नदी की सफाई, भीड़ प्रबंधन और सिंहस्थ कुंभ मेले में भाग लेने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के प्रावधान से संबंधित मुद्दों की समीक्षा के लिए कई दौर और बैठकें करेंगे। अधिकारी ने कहा, “जनवरी में अपनी बैठक के दौरान फडणवीस ने उल्लेख किया था कि अगली बैठक एक महीने के भीतर होगी। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों से उनके इनपुट और योजनाएँ प्रस्तुत करने के लिए कहा जाएगा।

    कुंभ मेले का महत्व

    26 फरवरी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ का समापन के बाद नासिक कुंभ मेले का महत्व भी आप को बताते चलें। नासिक शहर महाराष्ट्र के उत्तर-पश्चिमी भाग में मुंबई से 168 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। गोदावरी नदी के तट पर बसा यह शहर पवित्र माना जाता है, खासकर भगवान राम के इस स्थान से जुड़े होने और यहाँ मौजूद त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर और कालाराम मंदिर सहित कई धार्मिक मंदिरों के कारण रामकुंड को एक दिव्य स्थान कहा जाता है। जहाँ भगवान राम स्नान करते थे और कुंभ मेले के दौरान इस तालाब में डुबकी लगाना शुभ माना जाता है। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

  • बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अब मां की जाति के आधार पर भी मिलेगा जाति प्रमाण पत्र.?

    बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अब मां की जाति के आधार पर भी मिलेगा जाति प्रमाण पत्र.?

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को ‘आपले सरकार’ पोर्टल में संशोधन पर विचार करने को कहा है, जिससे असाधारण परिस्थितियों में मां की जाति के आधार पर ओबीसी जाति प्रमाणपत्र जारी किया जा सकेगा।

    मुम्बई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया है कि असाधारण परिस्थितियों में मां की जाति के आधार पर जाति प्रमाण पत्र और ओबीसी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए ‘आपले सरकार’ पोर्टल में जरूरी बदलाव पर विचार करे। अदालत ने सरकार से एक समिति गठित करने को भी कहा है, जो इस संशोधन की संभावनाओं पर विचार करेगी।

    किसने की थी याचिका?

    दरअसल, 30 वर्षीय स्वानुभूति जैन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर थी, उन्होंने अपनी याचिका में मां की जाति के आधार पर ओबीसी प्रमाण पत्र की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जैन यह साबित नहीं कर सकीं कि उनका पालन-पोषण केवल मां ने किया था। अदालत ने पाया कि जैन के पिता, जो एक बैंक अधिकारी हैं, उनकी परवरिश में पूरी तरह शामिल रहे और उनकी मां ने 2022 में ही अपना ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाया था।

    नियमों का दुरुपयोग नही होना चाहिए

    कोर्ट ने सरकार से मां की सामाजिक स्थिति के दस्तावेज अपलोड करने की अनुमति देने के लिए पोर्टल में संशोधन की संभावना पर विचार करने को कहा है। हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जाति प्रमाण पत्र के नियमों का दुरुपयोग रोकने के लिए कड़ी जांच जरूरी होगी।

    नाम से पता चलेगा उसकी जाति

    कोई भी व्यक्ति अपने नाम से जाति प्रमाण पत्र की जांच या तो संबंधित प्राधिकरण में जाकर या संबंधित राज्य की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से कर सकते हैं, हालांकि यह प्रक्रिया राज्य के आधार पर अलग-अलग होती है।

  • Mumbai News: महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया – सीतारमण

    Mumbai News: महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया – सीतारमण

    केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने शुरू की एमएसएमई का ‘म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना’। योजना के तहत मिलेगा 100 करोड़ रुपए तक का ‘कोलैटरल-फ्री लोन’। सीतारमण ने मुम्बई एक कार्यक्रम में कहा कि देश के बजट सेशन में महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया।

    Mumbai News: माइक्रो स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) को प्रोत्साहन देने और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ने ‘म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना’ का शुभारंभ मुम्बई के एक कार्यक्रम में किया। इसके तहत प्लांट, मशीनरी या उपकरणों की खरीद के लिए 100 करोड़ रुपए तक का ‘कोलैटरल-फ्री लोन’ प्रदान किया जाएगा। इस योजना की केंद्रीय बजट में घोषणा की गई थी। जबकि महाराष्ट्र की औद्योगिक नीति को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसे कभी नजरअंदाज नहीं किया गया है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    मुम्बई में कार्यक्रम का आयोजन

    बजट के बाद महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के साथ मुलाकात एवं चर्चा के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण सोमवार को मुम्बई में थीं। यहां एक कार्यक्रम में उन्होंने महाराष्ट्र की उद्योग हितैषी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत महाराष्ट्र के हर उद्योग को अनुकूल नीतियों के माध्यम से समर्थन दिया है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    शेयर बाजार की स्थिति

    मौजूदा शेयर बाजार की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत में निवेश करने वालों को अच्छा रिटर्न मिल रहे हैं और विदेशी निवेशक इस समय मुनाफा वसूली के लिए भारतीय शेयर बेच रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और यह उथल-पुथल अस्थाई हो सकती है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    लाभार्थियों को सौंपी फ्लैट की चाबी

    इस दौरान सीतारमण और चौधरी ने ‘स्पेशल विंडो फॉर अफोर्डेबल एंड मिड-इनकम हाउसिंग’ फंड के तहत लाभान्वित होने वाले घर खरीदारों को चाबियां सौंपीं। 24 जनवरी 2025 तक ‘स्वामीह फंड’ के माध्यम से 50,000 से अधिक घर वितरित किए जा चुके हैं और अगले तीन वर्षों में हर साल 20, 000 अतिरिक्त घर देने की योजना बनाई गई है। वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि भारत का रक्षा उपकरण निर्यात 24, 000 करोड़ के पार पहुंच गया है। जो इस क्षेत्र में देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

  • ट्रैफिक कंट्रोल के लिए नई पॉलिसी ला रही महाराष्ट्र सरकार.. अब बिना पार्किंग के रजिस्ट्रेशन नही।

    ट्रैफिक कंट्रोल के लिए नई पॉलिसी ला रही महाराष्ट्र सरकार.. अब बिना पार्किंग के रजिस्ट्रेशन नही।

    राज्य में ट्रैफिक कंट्रोल की समस्या को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नई पॉलिसी लाने पर विचार कर रहे है। इसके तहत लोगों को गाड़ी खरीदते समय ही पार्किंग की जानकारी देनी होगी।

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार गाड़ियों की पार्किंग की समस्या को देखते हुए नई पॉलिसी पर विचार कर रही है। इसके तहत, कार खरीदारों को वाहन लेने से पहले पार्किंग स्पेस की जानकारी देना जरूरी होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक इंटरव्यू में कहा कि मुंबई में ट्रैफिक को कम करने की सरकार की रणनीति का एक हिस्सा है।

    उन्होंने कहा, ‘हमने शहर में कई सार्वजनिक पार्किंग सुविधाएं मुहैया कराई हैं, जिन तक अब ऑनलाइन ऐप के जरिए भी पहुंचा जा सकता है।’

    अंधाधुंध पार्किंग बना सबसे बड़ा कारण

    इस नीति का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कार मालिकों के पास पार्किंग एरिया होना जरूरी है। चाहे वे नगर निगम से इसे खरीद रहे हों या फिर किराए पर ले रहे हों क्योंकि अंधाधुंध पार्किंग यातायात समस्याओं का बड़ा कारण है।

    ट्रैफिक कंट्रोल की नई पॉलिसी

    सीएम फडणवीस ने कहा कि इस नीति को जल्द लागू किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने पब्लिक पार्किंग या निजी भवनों में पार्किंग उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना के बारे में और ज्यादा जानकारी नहीं दी। राज्य सरकार का लक्ष्य सड़कों पर पार्किंग में कमी लाना है और उन्हें पार्किंग की सुविधा देकर इस समस्या को खत्म करना है। (Maharashtra government is bringing a new policy for traffic control.. Now no registration without parking)

  • महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में लगेंगे एक साथ 2 EVM

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में लगेंगे एक साथ 2 EVM

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए नाशिक जिले में कुछ क्षेत्र ऐसे है जहां उम्मीदवारों की संख्या अधिक है। ऐसे में वोटिंग के लिए कई जगहों पर 2 ईवीएम मशीनों (EVM Machine) का उपयोग किया जाएगा।

    न्यूज़ डेस्क
    नाशिक-
     महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए नाशिक जिले में चुनाव की तैयारी राजनैतिक पार्टियों के अलावा लोगों ने इतने जोरों पर किया है, कि कहीं कम तो कहीं सबसे अधिक उम्मीदवारों की संख्या सामने आई है। ऐसे में चुनाव में कई जगहों पर 2 ईवीएम (EVM) मशीनों का उपयोग किया जाने वाला है। चुनाव आयोग ने इसकी जानकारी दी। (2 EVMs will be installed simultaneously in Maharashtra Assembly elections)

    नाशिक जिले की 15 विधानसभा सीटों पर 196 उम्मीदवार चुनाव के मैदान उतर गए हैं। मालेगांव बाहर, बागलाण और इगतपुरी विधानसभा के प्रत्येक क्षेत्र में 17 उम्मीदवार होने के कारण यहां 2 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें लगाई जाने वाली है। इससे भी अधिक महाराष्ट्र के नांदेड़ उत्तर सीट पर 33 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं वही नंदुरबार के शहादा में सबसे कम सिर्फ 3 तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। (2 EVMs will be installed simultaneously in Maharashtra Assembly elections)

    नाशिक की बात करें तो मालेगांव बाहर, बागलाण और इगतपुरी के अलावा बची हुई 12 विधानसभा क्षेत्रों में आवश्यता के अनुसार एक ही EVM मशीन के द्वारा वोटिंग होने वाले है। चुनाव के लिए अधिक मतदान मशीनों की आवश्यकता वाले क्षेत्रों के लिए मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिले में मालेगांव बाहर, बागलाण और इगतपुरी विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक 17-17 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। जिले में इसके विपरीत, कलवण में सबसे कम 7 और निफाड में 9 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।

    क्यों लगाए जाएंगे 2 EVM मशीन

    ईवीएम मशीन पर अधिक जानकारी देते हुए बता दें कि मतदान मशीन पर एक बार में 16 उम्मीदवारों के नाम दिखाई देते हैं। इसके बाद नोटा (कोई नहीं) का विकल्प रहता है। यानी मशीन में कुल 17 विकल्पों के साथ अलग-अलग बटन होते हैं। इसके साथ ही नाशिक पश्चिम विधानसभा सीट के लिए 15 उम्मीदवार होने के कारण मतपत्रिका में 15 नाम और 16वें स्थान पर नोटा रहने वाला है। (2 EVMs will be installed simultaneously in Maharashtra Assembly elections)

    कितने होंगे मतदान केंद्र?

    नाशिक के मालेगांव बाहर, इगतपुरी और बागलाण विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक 17 उम्मीदवार और एक नोटा होने के कारण 2 मतदान मशीनों का उपयोग होने जा रहा है। विधानसभा चुनाव के दौरान जिले में 4922 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। मतदान केंद्रों की संख्या के अनुसार 10882 बैलेट यूनिट, 6247 कंट्रोल यूनिट और 6739 वीवीपैट तैयार की गई हैं। व्यवस्थापन के बाद ये मशीनें निर्वाचन अधिकारियों के पास सौंप दी गई हैं। ये मशीनें विधानसभा क्षेत्रों में बनाए गए विशेष सुरक्षा कक्ष में सुरक्षित रखी गई हैं।

    चुनाव अधिकारी ने क्या कहा?

    नाशिक के उपजिला चुनाव अधिकारी डॉ. शशिकांत मंगरुले ने कहा, कि “जिन निर्वाचन क्षेत्रों में 2 वोटिंग मशीनों की आवश्यकता है, वहां मंगलवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में अतिरिक्त वोटिंग मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिले के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में आवश्यक संख्या में वोटिंग मशीनें और बाकी उपकरण उपलब्ध हैं। (2 EVMs will be installed simultaneously in Maharashtra Assembly elections)