Get the latest updates on government schemes, welfare programs and public services launched by the Central and State governments. Explore eligibility, benefits, application process, beneficiary lists, important documents and scheme-related information on Indian FastTrack.
महाराष्ट्र ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति पेश की गई है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख मार्गों पर इलेक्ट्रिक कारों और बसों को टोल में 100% छूट मिलेगी। राज्य सरकार राजमार्गों पर हर 25 किमी पर चार्जिंग स्टेशन बनाएगी। भारी डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए सब्सिडी देगी।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी जीआर में कहा गया है कि टोल माफी की राशि को परिवहन विभाग PWD को पूरक प्रावधानों के माध्यम से कर देगा। यह निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित संचालन समिति द्वारा लिया जाएगा।
चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण
मुंबई-पुणे और मुंबई-नागपुर रूट पर लागू सरकार की योजना के तहत राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर 25 किमी पर एक EV चार्जिंग स्टेशन बनाना अनिवार्य किया गया है। सभी मौजूदा और नए पेट्रोल पंपों पर कम से कम एक EV चार्जिंग सुविधा होगी। इसके लिए तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और परिवहन विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) किया जाएगा। एसटी के प्रत्येक बस डिपो और स्टेशन पर भी फास्ट चार्जिंग सुविधा अनिवार्य की जाएगी। यह नीति मुंबई-पुणे और मुंबई-नागपुर मार्गों के बीच सतत परिवहन मॉडल को भी प्रोत्साहित करेगी।
भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिक सैन्य मिशनों के लिए मानव रोबोट पर काम कर रहे हैं ताकि सैनिकों के लिए जोखिम कम किया जा सके।
नई दिल्ली: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिक एक मानव रोबोट पर काम कर रहे हैं। एक अधिकारी ने शनिवार को बताया, कि ये रोबोट अग्रिम कतार के सैन्य मिशन का हिस्सा हो सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि डीआरडीओ के तहत एक प्रमुख प्रयोगशाला, अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (इंजीनियर्स) एक ऐसी मशीन विकसित कर रहे है, जो सीधे मानव आदेश के तहत जटिल कार्यों को अंजाम दे सकते हैं। जिसका उद्देश्य उच्च जोखिम वाले वातावरण में सैनिकों के जोखिम को कम करना है। (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)
जानकारी देते हुए, अनुसंधान एवं विकास (इंजीनियर्स) के अंतर्गत उन्नत रोबोटिक्स के लिए सिस्टम और प्रौद्योगिकी केंद्र के समूह निदेशक एस ई तलोले ने कहा कि टीम चार वर्षों से इस परियोजना में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा, “हमने ऊपरी और निचले शरीर के लिए अलग-अलग प्रोटोटाइप विकसित किए हैं और आंतरिक परीक्षणों के दौरान कुछ निश्चित कार्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया है।”
रोबोट कैसे काम करता है?
उन्होंने आगे कहा कि यह मानवरूपी रोबोट जंगल जैसे कठिन इलाकों में भी काम करने में सक्षम होंगे। हाल ही में पुणे में आयोजित उन्नत लेग्ड रोबोटिक्स पर राष्ट्रीय कार्यशाला में रोबोट का प्रदर्शन किया गया। वर्तमान में अपने उन्नत विकास चरण में, टीम ऑपरेटर के आदेशों को समझने और निष्पादित करने की रोबोट की क्षमता को परिष्कृत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह प्रणाली तीन प्रमुख घटकों पर निर्भर करती है: एक्ट्यूएटर जो मानव मांसपेशियों की तरह गति उत्पन्न करते हैं, सेंसर जो आसपास से वास्तविक समय का डेटा एकत्र करते हैं, और नियंत्रण प्रणाली जो इस जानकारी की व्याख्या करके कार्यों का मार्गदर्शन करती है।
समूह निदेशक एस ई तलोले ने कहा, “सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि रोबोट वांछित कार्यों को सुचारू रूप से कर सके, जिसके लिए संतुलन, तेजी से डेटा प्रोसेसिंग और जमीनी स्तर पर निष्पादन में महारत हासिल करना आवश्यक है।” डिजाइन टीम का नेतृत्व करने वाली वैज्ञानिक किरण अकेला ने कहा कि शोधकर्ता इन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं क्योंकि वे 2027 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
किन-किन कार्यों में उपयोग किया जा सकता है?
डीआरडीओ अधिकारियों ने कहा कि पैरों वाले रोबोट, द्विपाद और चौपाया दोनों, रक्षा और सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा, घरेलू सहायता, अंतरिक्ष अन्वेषण और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं प्रदान करते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि स्वायत्त, कुशल पैरों वाले रोबोट बनाने में महत्वपूर्ण तकनीकी बाधाएं आती हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि मानव जैसा दिखने वाले रोबोट के ऊपरी शरीर में गोलाकार घुमावदार संयुक्त विन्यास के साथ हल्के हाथ होंगे, जो 24 डिग्री की स्वतंत्रता प्रदान करेंगे – प्रत्येक हाथ में 7, ग्रिपर में 4 और सिर में 2.
उन्होंने कहा कि रोबोट बंद लूप ग्रिपिंग के साथ जटिल स्वायत्त कार्यों को करने में सक्षम होंगे और वस्तुओं को मोड़ने, धकेलने, खींचने, दरवाजे खिसकाने, वाल्व खोलने और खासकर उच्च जोखिम वाले वातावरण में बाधाओं को दूर करने के लिए हेरफेर करेगा। दोनों हाथ खदानों, विस्फोटकों और तरल पदार्थों जैसी खतरनाक सामग्रियों को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए सहयोगात्मक रूप से काम करेंगे।
यह प्रणाली दिन हो या रात, घर के अंदर या बाहर निर्बाध रूप से काम करेगी और इसमें प्रोप्रियोसेप्टिव और एक्सटेरोसेप्टिव सेंसर, डेटा फ्यूजन क्षमताएं, सामरिक संवेदन और ऑडियो-विजुअल धारणा शामिल होगी। मानव जैसा दिखने वाला यह द्विपाद गिरने और धक्का लगने पर रिकवरी, वास्तविक समय में मानचित्र निर्माण, स्वायत्त नेविगेशन और एक साथ स्थानीयकरण और मानचित्रण (SLAM) के माध्यम से पथ नियोजन जैसी विशेषताएं शामिल करेगा, जिससे यह चुनौतीपूर्ण, उच्च जोखिम वाले वातावरण में जटिल स्वायत्त संचालन करने में सक्षम होगा। (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)
पुलिस ने बताया कि 2500 से ज़्यादा ऐसे खाते बनाए गए, जिनमें से कुछ को साइबर जालसाज़ों और मनी लॉन्ड्रिंग करने वालों को बेच दिया गया। खासकर लाड़की बहन योजना योजना में पुरुषों के खातों का इस्तेमाल। 100 से अधिक खाते फ्रिज़।
मुंबई: जुहू पुलिस ने एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ करने के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को ‘लाड़की बहन योजना’ का लाभार्थी बनाने के बहाने बैंक खाते खोलने के लिए लालच दिया जाता था। पुलिस ने बताया कि 2500 से ज़्यादा ऐसे खाते बनाए गए थे, जिनमें से कुछ को साइबर जालसाज़ों और मनी लॉन्ड्रिंग करने वालों को बेचा गया था। पुलिस ने बताया कि 100 से अधिक सक्रिय खातों को फ्रिज़ कर दिया गया है। (Mumbai: Fake ‘ladki behan’ scam, over 2,500 slum dwellers targeted)
गुजरात से संचालित
गुजरात के सूरत से संचालित आरोपी गिरोह मुख्य रूप से नेहरू नगर, डीएन नगर और धारावी सहित मुंबई के झुग्गी-झोपड़ियों के निवासियों को निशाना बनाते थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने पीड़ितों को ‘लाड़की बहन योजना’ के तहत हर महीने पैसौं के लाभ का वादा करके लालच दिया और उन्हें बैंक खाते खोलने के लिए राजी किया। जहाँ उन्हें हर महीने 1500 रुपये मिलेंगे, ऐसा बताया गया। ‘लाभार्थी’ द्वारा बैंक खाता खोलने के बाद, उन्हें 1000 रुपये दिए जाते थे और कहा जाता था कि उन्हें कुछ महीनों के बाद यह राशि मिल जाएगी। हालाँकि, बाद में आरोपियों ने इन खातों को साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग में लिप्त लोगों को बेच दिया। (Mumbai: Fake ‘ladki behan’ scam, over 2,500 slum dwellers targeted)
जाँच से पता चला कि कुछ बैंक प्रबंधक विशेष रूप से झुग्गी-झोपड़ियों में उचित परिश्रम और सत्यापन करने में विफल रहे। अब तक पुलिस ने घोटाले से जुड़े 100 से ज़्यादा सक्रिय बैंक खातों को फ्रीज कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि हालांकि असली लाड़की बहन योजना महिलाओं के लिए है, लेकिन जालसाजों के ज़्यादातर शिकार पुरुष हैं, जिन्हें बताया गया था कि उन्हें हर महीने 1500 रुपये दिए जाएँगे। (Mumbai: Fake ‘ladki behan’ scam, over 2,500 slum dwellers targeted)
खाता खोलने पर दिए पैसे
नेहरू नगर झुग्गी बस्ती में रहने वाले 22 वर्षीय मजदूर वकील सैय्यद खान ने शिकायत दर्ज कराई। उनकी पत्नी को बताया गया था, कि उनके इलाके में लोगों को लाड़की बहन योजना के तहत हर महीने 1500 रुपये मिल रहे हैं। जब उन्होंने पूछताछ की, तो उन्हें नए सिम कार्ड का इस्तेमाल करके नया बैंक खाता खोलने और अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड जमा करने का निर्देश दिया गया। वकील सैय्यद खान अपनी पत्नी के साथ बैंक गए और खाता खोला। फिर आरोपी ने उन्हें 1000 रुपये दिए।
15 फरवरी को वकील ने दूसरों को बैंक खाते खोलने में मदद करने के लिए फिर से उस व्यक्ति से संपर्क किया। जब वह व्यक्ति नेहरू नगर लौटा, तो निवासियों को उस पर शक हुआ और उन्होंने जुहू पुलिस को उसके बारे में सूचित किया। जुहू पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर प्रवीण पाटिल और एपीआई रंजीत चव्हाण मौके पर पहुंचे और संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। उसकी पहचान वसई में रहने वाले 25 वर्षीय डिलीवरी एग्जीक्यूटिव अविनाश अमृत कांबले के रूप में हुई है। कांबले ने खुलासा किया कि वह जुहू के रहने वाले फालगुनी जोशी, रितेश जोशी, प्रतीक (उपनाम अज्ञात) और श्रुति रवि राउत के निर्देश पर खाते खोल रहा था। उसने प्रत्येक खाता खोलने के लिए 4000 रुपये लेने की बात स्वीकारी।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “अविनाश कांबले ने झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों से संपर्क किया और उन्हें बैंक खाता खोलने के लिए 1000 रुपये नकद देने की पेशकश की, जिसे उसने बाद में दूसरों को 4000 रुपये में बेच दिया।” जुहू पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनील जाधव ने मामले की आगे की जांच के लिए पीएसआई शरद लांडगे, पीआई प्रवीण जाधव और कांस्टेबल नितिन मांडेकर, अमित महांगड़े, अर्जुन घाडीगांवकर, आकाश धोडके, अमोल हेलकर और अनिल तायडे की एक टीम बनाई। जांच के दौरान, कांबले ने कबूल किया कि वे खास तौर पर अशिक्षित झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को निशाना बनाते थे। खाते खुलवाने के बाद गिरोह ने बैंक खातों से जुड़े सिम कार्ड और पासबुक, आधार कार्ड और पैन कार्ड समेत दस्तावेज जुटाए। (Mumbai: Fake ‘ladki behan’ scam, over 2,500 slum dwellers targeted)
सभी बैंक खाते किए फ्रिज़
कांबले ने खातों को रितेश जोशी और श्रुति राउत को बेच दिया, जबकि फालगुनी जोशी ने उसे प्रति खाते 4000 रुपये का कमीशन दिया। जुहू पुलिस स्टेशन के पीएसआई लांडगे ने कहा, “हमने बैंकों से संपर्क किया और आरोपियों द्वारा खोले गए सभी खातों को फ्रीज कर दिया।” उन्होंने यह भी कहा, कि “हमने श्रुति राउत के घर पर भी छापा मारा और कई पासबुक, डेबिट कार्ड और सिम कार्ड जब्त किये। फालगुनी जोशी को भी गिरफ्तार किया गया है और उनके घर से कई पासबुक जब्त किए गये। अब तक हमने 100 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज किया है और विभिन्न खातों से 19,43,779 रुपये जब्त किए हैं। इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन हुए हैं, जिनमें से कई साइबर धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग, ट्रेडिंग और काले धन के लेन-देन से जुड़े हैं।” (Mumbai: Fake ‘ladki behan’ scam, over 2,500 slum dwellers targeted)
महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mhada) की और से राज्यभर में कुल 19,497 घरों के निर्माण की योजना बनाई है। मुंबई और कोकण मंडलों के अलावा नाशिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नागपुर में भी घर बनाए जाएंगे। इसका लाभ निश्चित रूप से आम जनता को मिलेगा।
मुम्बई: महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mhada) की ओर से राज्य में सर्व सामान्य नागरिकों के घर के सपने को साकार करने की योजना बनाई है। लॉटरी पद्धति के जरिए लोगों को सस्ते दामों पर म्हाडा हमेशा से घर मुहैया कराते आई है। इसी कड़ी में म्हाडा अगले एक वर्ष के भीतर मुंबई में 5,199 घरों का निर्माण करेगी। इसके लिए म्हाडा का मुंबई मंडल नागरिकों को किफायती घर उपलब्ध कराने के लिए 5,749.49 करोड़ रुपये खर्च करने का मन बना लिया है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)
कोकण मंडल ने बनाया 140.85 करोड़ रुपये का बजट
मुंबई के अलावा ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, मीरा रोड और विरार जैसे इलाकों में घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए कोकण मंडल 2025-26 में कुल 9,902 घर बनाएगी, जिस पर 140.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी प्राप्त हो रही है। मुंबई मंडल के कई प्रोजेक्ट्स पहले से ही चल रहे हैं और बजट के माध्यम से इन सभी योजनाओं को गति देने का प्रयास किया गया है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)
बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना
मुंबई मंडल को प्राप्त कुल धन राशि में से सबसे बड़ी धन राशि बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना के लिए आवंटित की गई है। इस ऐतिहासिक और 100 साल पुरानी बीडीडी चॉलों के पुनर्विकास के लिए बजट में 2,800 करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था की गई है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)
म्हाडा ने इस बजट में राज्यभर में कुल 19,497 घरों के निर्माण की योजना बनाई है। मुंबई और कोकण मंडल के अलावा नाशिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नागपुर में भी घर बनाए जाने की जानकारियां प्राप्त हो रही है। राज्यभर में किफायती घरों की श्रंखला तैयार होने से, इसका लाभ निश्चित रूप से आम जनता को मिलेगा। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)
लोक निर्माण विभाग (PWD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा पाटनकर म्हैसकर ने नासिक का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की।
मुम्बई: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में महाकुंभ मेला 2025 समाप्त होने के साथ ही, महाराष्ट्र में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों ने जोर पकड़ ली है, यहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर आईएएस अधिकारियों ने भव्य आयोजन की व्यवस्थाओं का आकलन करने के लिए नासिक का दौरा करना शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा पाटनकर म्हैसकर ने नासिक का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)
कैसा रहेगा प्रबंधन?
स्थानीय पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, कुंभ मेले के समय निजी वाहनों को नासिक के बाहरी इलाके में कुछ किलोमीटर जैसे 7 से 12 किमी. पार्किंग स्थल की व्यवस्था के आधार पर रोक दिया जाएगा। वाहनों को मुख्य कुंभ स्थल से दूर रखा जाए। “धार्मिक स्थल और शहर की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। इन पार्किंग स्थलों से, तीर्थयात्रियों के परिवहन के लिए तैनात विशेष बसों का उपयोग करके कुंभ स्थल तक पहुँचाया जाएगा। एक अधिकारी ने कहा, “इसका उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना और भीड़ प्रबंधन में सुधार करना है।
हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुए महाकुंभ मेले में ट्रैफिक जाम की खबरों के बाद यह दृष्टिकोण और योजना महत्वपूर्ण हो गई है, जहां तीर्थयात्री घंटों तक वाहनों में फंसे रहे और ट्रैफिक जाम की स्थिति लगभग 60 से 100 किलोमीटर तक फैल गया। 17 जनवरी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक कुंभ की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंत्रालय में एक बैठक बुलाई। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)
बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नासिक को वैश्विक कुंभ के मौके पर आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की अपनी योजना के बारे में स्पष्ट किया और प्रशासन से आग्रह किया कि वह नासिक कुंभ में आने वाले नागरिकों और पर्यटकों के आवास, आवागमन और सुरक्षा के मामले में तैयारियों को प्राथमिकता दे। आप को बता दें कि 2003 में नासिक कुंभ के मौके पर हुई भगदड़ के कारण 39 लोगों की जान चली गई थी। इस बार खास ध्यान रखने के लिए कहा गया है। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)
धार्मिक स्थलों की यात्रा
नासिक कुंभ मेला 2027 में लाखों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। हर 12 साल में होने वाला यह आयोजन आखिरी बार 2015 में हुआ था। नासिक के अलावा, प्रशासन को उम्मीद है कि कुंभ के लिए आने वाले कई पर्यटक सर्पशृंगी, शिरडी और शनि शिंगणापुर जैसे अन्य नजदीकी धार्मिक स्थलों की यात्रा करेंगे। मनीषा पाटनकर म्हैसकर के दौरे के समय पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कुंभ के तीर्थयात्रियों द्वारा कुंभ के आसपास के धार्मिक स्थलों और कुछ मामलों में नासिक से परे शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की संभावना पर चर्चा की।
अधिकारी ने कहा, “ऐसे पर्यटकों के लिए यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियां नासिक और आस-पास के क्षेत्रों में अन्य धार्मिक स्थलों पर सड़क संपर्क और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।” अधिकारी ने यह भी कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कुंभ स्थल तक पहुंचने वाली और नासिक को जोड़ने वाली सभी सड़कें (चाहे आंतरिक हों या बाहरी) उचित स्थिति में हों। अधिकारी ने कहा, “राज्य राजमार्ग से संबंधित मुद्दों को सुलझाया जाएगा और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरणों से संबंधित मुद्दों को विभाग और संबंधित अधिकारियों को बताया जाएगा।
इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय के करीबी लोगों ने कहा कि फडणवीस जल्द ही यातायात प्रबंधन, नदी की सफाई, भीड़ प्रबंधन और सिंहस्थ कुंभ मेले में भाग लेने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के प्रावधान से संबंधित मुद्दों की समीक्षा के लिए कई दौर और बैठकें करेंगे। अधिकारी ने कहा, “जनवरी में अपनी बैठक के दौरान फडणवीस ने उल्लेख किया था कि अगली बैठक एक महीने के भीतर होगी। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों से उनके इनपुट और योजनाएँ प्रस्तुत करने के लिए कहा जाएगा।
कुंभ मेले का महत्व
26 फरवरी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ का समापन के बाद नासिक कुंभ मेले का महत्व भी आप को बताते चलें। नासिक शहर महाराष्ट्र के उत्तर-पश्चिमी भाग में मुंबई से 168 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। गोदावरी नदी के तट पर बसा यह शहर पवित्र माना जाता है, खासकर भगवान राम के इस स्थान से जुड़े होने और यहाँ मौजूद त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर और कालाराम मंदिर सहित कई धार्मिक मंदिरों के कारण रामकुंड को एक दिव्य स्थान कहा जाता है। जहाँ भगवान राम स्नान करते थे और कुंभ मेले के दौरान इस तालाब में डुबकी लगाना शुभ माना जाता है। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को ‘आपले सरकार’ पोर्टल में संशोधन पर विचार करने को कहा है, जिससे असाधारण परिस्थितियों में मां की जाति के आधार पर ओबीसी जाति प्रमाणपत्र जारी किया जा सकेगा।
दरअसल, 30 वर्षीय स्वानुभूति जैन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर थी, उन्होंने अपनी याचिका में मां की जाति के आधार पर ओबीसी प्रमाण पत्र की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जैन यह साबित नहीं कर सकीं कि उनका पालन-पोषण केवल मां ने किया था। अदालत ने पाया कि जैन के पिता, जो एक बैंक अधिकारी हैं, उनकी परवरिश में पूरी तरह शामिल रहे और उनकी मां ने 2022 में ही अपना ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाया था।
नियमों का दुरुपयोग नही होना चाहिए
कोर्ट ने सरकार से मां की सामाजिक स्थिति के दस्तावेज अपलोड करने की अनुमति देने के लिए पोर्टल में संशोधन की संभावना पर विचार करने को कहा है। हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जाति प्रमाण पत्र के नियमों का दुरुपयोग रोकने के लिए कड़ी जांच जरूरी होगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने शुरू की एमएसएमई का ‘म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना’। योजना के तहत मिलेगा 100 करोड़ रुपए तक का ‘कोलैटरल-फ्री लोन’। सीतारमण ने मुम्बई एक कार्यक्रम में कहा कि देश के बजट सेशन में महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया।
Mumbai News: माइक्रो स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) को प्रोत्साहन देने और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ने ‘म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना’ का शुभारंभ मुम्बई के एक कार्यक्रम में किया। इसके तहत प्लांट, मशीनरी या उपकरणों की खरीद के लिए 100 करोड़ रुपए तक का ‘कोलैटरल-फ्री लोन’ प्रदान किया जाएगा। इस योजना की केंद्रीय बजट में घोषणा की गई थी। जबकि महाराष्ट्र की औद्योगिक नीति को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसे कभी नजरअंदाज नहीं किया गया है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)
मुम्बई में कार्यक्रम का आयोजन
बजट के बाद महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के साथ मुलाकात एवं चर्चा के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण सोमवार को मुम्बई में थीं। यहां एक कार्यक्रम में उन्होंने महाराष्ट्र की उद्योग हितैषी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत महाराष्ट्र के हर उद्योग को अनुकूल नीतियों के माध्यम से समर्थन दिया है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)
शेयर बाजार की स्थिति
मौजूदा शेयर बाजार की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत में निवेश करने वालों को अच्छा रिटर्न मिल रहे हैं और विदेशी निवेशक इस समय मुनाफा वसूली के लिए भारतीय शेयर बेच रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और यह उथल-पुथल अस्थाई हो सकती है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)
इस दौरान सीतारमण और चौधरी ने ‘स्पेशल विंडो फॉर अफोर्डेबल एंड मिड-इनकम हाउसिंग’ फंड के तहत लाभान्वित होने वाले घर खरीदारों को चाबियां सौंपीं। 24 जनवरी 2025 तक ‘स्वामीह फंड’ के माध्यम से 50,000 से अधिक घर वितरित किए जा चुके हैं और अगले तीन वर्षों में हर साल 20, 000 अतिरिक्त घर देने की योजना बनाई गई है। वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि भारत का रक्षा उपकरण निर्यात 24, 000 करोड़ के पार पहुंच गया है। जो इस क्षेत्र में देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)
राज्य में ट्रैफिक कंट्रोल की समस्या को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नई पॉलिसी लाने पर विचार कर रहे है। इसके तहत लोगों को गाड़ी खरीदते समय ही पार्किंग की जानकारी देनी होगी।
नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई-महाराष्ट्र सरकार गाड़ियों की पार्किंग की समस्या को देखते हुए नई पॉलिसी पर विचार कर रही है। इसके तहत, कार खरीदारों को वाहन लेने से पहले पार्किंग स्पेस की जानकारी देना जरूरी होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक इंटरव्यू में कहा कि मुंबई में ट्रैफिक को कम करने की सरकार की रणनीति का एक हिस्सा है।
उन्होंने कहा, ‘हमने शहर में कई सार्वजनिक पार्किंग सुविधाएं मुहैया कराई हैं, जिन तक अब ऑनलाइन ऐप के जरिए भी पहुंचा जा सकता है।’
अंधाधुंध पार्किंग बना सबसे बड़ा कारण
इस नीति का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कार मालिकों के पास पार्किंग एरिया होना जरूरी है। चाहे वे नगर निगम से इसे खरीद रहे हों या फिर किराए पर ले रहे हों क्योंकि अंधाधुंध पार्किंग यातायात समस्याओं का बड़ा कारण है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए नाशिक जिले में कुछ क्षेत्र ऐसे है जहां उम्मीदवारों की संख्या अधिक है। ऐसे में वोटिंग के लिए कई जगहों पर 2 ईवीएम मशीनों (EVM Machine) का उपयोग किया जाएगा।
न्यूज़ डेस्क नाशिक- महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए नाशिक जिले में चुनाव की तैयारी राजनैतिक पार्टियों के अलावा लोगों ने इतने जोरों पर किया है, कि कहीं कम तो कहीं सबसे अधिक उम्मीदवारों की संख्या सामने आई है। ऐसे में चुनाव में कई जगहों पर 2 ईवीएम (EVM) मशीनों का उपयोग किया जाने वाला है। चुनाव आयोग ने इसकी जानकारी दी। (2 EVMs will be installed simultaneously in Maharashtra Assembly elections)
नाशिक जिले की 15 विधानसभा सीटों पर 196 उम्मीदवार चुनाव के मैदान उतर गए हैं। मालेगांव बाहर, बागलाण और इगतपुरी विधानसभा के प्रत्येक क्षेत्र में 17 उम्मीदवार होने के कारण यहां 2 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें लगाई जाने वाली है। इससे भी अधिक महाराष्ट्र के नांदेड़ उत्तर सीट पर 33 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं वही नंदुरबार के शहादा में सबसे कम सिर्फ 3 तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। (2 EVMs will be installed simultaneously in Maharashtra Assembly elections)
नाशिक की बात करें तो मालेगांव बाहर, बागलाण और इगतपुरी के अलावा बची हुई 12 विधानसभा क्षेत्रों में आवश्यता के अनुसार एक ही EVM मशीन के द्वारा वोटिंग होने वाले है। चुनाव के लिए अधिक मतदान मशीनों की आवश्यकता वाले क्षेत्रों के लिए मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिले में मालेगांव बाहर, बागलाण और इगतपुरी विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक 17-17 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। जिले में इसके विपरीत, कलवण में सबसे कम 7 और निफाड में 9 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
ईवीएम मशीन पर अधिक जानकारी देते हुए बता दें कि मतदान मशीन पर एक बार में 16 उम्मीदवारों के नाम दिखाई देते हैं। इसके बाद नोटा (कोई नहीं) का विकल्प रहता है। यानी मशीन में कुल 17 विकल्पों के साथ अलग-अलग बटन होते हैं। इसके साथ ही नाशिक पश्चिम विधानसभा सीट के लिए 15 उम्मीदवार होने के कारण मतपत्रिका में 15 नाम और 16वें स्थान पर नोटा रहने वाला है। (2 EVMs will be installed simultaneously in Maharashtra Assembly elections)
कितने होंगे मतदान केंद्र?
नाशिक के मालेगांव बाहर, इगतपुरी और बागलाण विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक 17 उम्मीदवार और एक नोटा होने के कारण 2 मतदान मशीनों का उपयोग होने जा रहा है। विधानसभा चुनाव के दौरान जिले में 4922 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। मतदान केंद्रों की संख्या के अनुसार 10882 बैलेट यूनिट, 6247 कंट्रोल यूनिट और 6739 वीवीपैट तैयार की गई हैं। व्यवस्थापन के बाद ये मशीनें निर्वाचन अधिकारियों के पास सौंप दी गई हैं। ये मशीनें विधानसभा क्षेत्रों में बनाए गए विशेष सुरक्षा कक्ष में सुरक्षित रखी गई हैं।
नाशिक के उपजिला चुनाव अधिकारी डॉ. शशिकांत मंगरुले ने कहा, कि “जिन निर्वाचन क्षेत्रों में 2 वोटिंग मशीनों की आवश्यकता है, वहां मंगलवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में अतिरिक्त वोटिंग मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिले के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में आवश्यक संख्या में वोटिंग मशीनें और बाकी उपकरण उपलब्ध हैं। (2 EVMs will be installed simultaneously in Maharashtra Assembly elections)
Ration card Updates: राशन कार्ड से सरकारी अनाज प्राप्त करने वालों के लिए खास खबर है। अब इस तरह मिलेगा लाभ, अब कुछ खास लोगों को अगूंठा लगाने की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ ओटीपी के जरिए मिलेगा राशन।
न्यूज़ डेस्क उत्तरप्रदेश– Ration card Updates राशन कार्ड धारकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य के योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार (Government) ने नियम में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत लाभार्थियों को न तो ई-पॉश मशीन (E- Posh Machine) की जरूरत पड़ेगी और न ही लंबी लाइन में लगना पड़ेगा और पीओएस मशीन (POS Machine) पर अब बिना अंगूठा लगाए राशन मिल जाएगा। (No need to put thumb impression)
किसे मिलेगा लाभ ?
फिलहाल यह यह व्यवस्था कानपुर से शुरू होने जा रही है और आगे चलकर प्रदेश के अन्य जिलों में यह नया सिस्टम लागू किया जाएगा।हालांकि यह प्रक्रिया सभी के लिए नहीं होगी, इस प्रक्रिया का लाभ ऐसे लोग ही ले पाएंगे जो बुजुर्ग हैं या फिर मेहनत मजदूरी करते हैं और जिनके अंगूठे का निशान खराब हो गया है।इसके लिए उन्हें अपना फोन नंबर जिला पूर्ति कार्यालय में एक एप्लीकेशन के साथ देकर रजिस्टर्ड (Registration) करवाना होगा। (No need to put thumb impression)
Ration card Updates की क्या है जानकारी?
दरअसल, हर महीने खाद्यान्न वितरण की तारीख निर्धारित की जाती है ऐसे में कार्ड धारक जब अपना खाद्यान्न लेने के लिए कोटेदार के पास जाएंगे तो उन्हें अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बताना होगा जैसे ही उनके द्वारा बताए गए नंबर को कोटेदार ई-पॉश मशीन में डालेगा तो कार्ड धारक के नंबर पर एक ओटीपी आएगा और जैसे ही कार्ड धारक कोटेदार को ओटीपी बताएगा तो उन्हें खाद्यान्न दे दिया जाएगा। (No need to put thumb impression)
यह व्यवस्था सिर्फ उन लोगों के लिए लागू की गई है जो काफी वृद्ध हैं या मेहनत मजदूरी के कारण जिनके अंगूठे का निशान ई-पॉश मशीन (E- Posh Machine) में नहीं लग पा रहा है। सिंगल यूनिट राशन कार्ड धारक भी इसका लाभ ले सकते हैं। इसके साथ सरकार की ओर से एक बयान जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है, कि “ऐसे कार्ड धारकों को तत्काल वरीयता के आधार पर खाद्यान्न दें ताकि उनको किसी भी तरह की कोई समस्या न हो सके।” (No need to put thumb impression)
शिकायत कहां करें?
वर्तमान में जिले में राशन कार्ड धारकों की संख्या 757499 है। इनमें अंत्योदय कार्ड 63147 है जबकि 494351 गृहस्थी कार्ड है। इन सभी कार्ड धारकों को ई-पॉश मशीन की मदद से राशन वितरित किया जा रहा है। अगर कोई कोटेदार राशन नहीं देता है तो सभी कार्डधारक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। शिकायतों के लिए नंबर भी ज़ारी किया गया है। 7310052553 कानपुर सदर हेमंत कुमार, 9839 307534 किदवई नगर अमरजीत सिंह व 9415253515 मुख्यालय मनीष कुमार के नंबर पर फोन कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ये हेल्पलाइन नंबर जनता के लिए हैं। (No need to put thumb impression)