Category: Government Schemes

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  • MHADA Mumbai Lottery 2025: जानें आवेदन और डाक्यूमेंट्स से जुड़ी अन्य डिटेल्स

    MHADA Mumbai Lottery 2025: जानें आवेदन और डाक्यूमेंट्स से जुड़ी अन्य डिटेल्स

    मुंबई में घर और दुकान खरीदने का सपना देखने वाले नागरिकों के लिए महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) प्रशासन ने एक बेहतरीन अवसर लेकर आया है।

    मुंबई: घर और दुकान खरीदने का सपना देखने वाले नागरिकों को मुंबई में महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) प्रशासन ने एक बेहतरीन अवसर लेकर आया है। MHADA ने एक नई योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत अब न केवल घर, बल्कि सस्ते दुकानों और व्यावसायिक गाले भी लोग खरीद सकेंगे। म्हाडा नीलामी करने जा रही है। इस नीलामी में मकानों के साथ दुकानें भी खरीदने का मौका मिलेगा, जिसका आवेदन 19 अगस्त 2025 से शुरू होने जा रहा है। MHADA Mumbai Lottery 2025: Know other details related to application and documents

    कब से शुरू होगा आवेदन प्रकृया?

    MHADA प्रशासन मुंबई में 149 दुकानों की ई-नीलामी करने जा रहा है। इस नीलामी के लिए आवेदन और पंजीकरण प्रक्रिया मंगलवार, 19 अगस्त, 2025 से शुरू हो जाएगी। म्हाडा की जानकारी में कहा गया है, कि आवेदन 25 अगस्त, 2025 तक किए जा सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवारों को अपने सभी दस्तावेज़ पहले से तैयार रखने की सलाह दी गई है, ताकि आवेदन की प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए। आवेदन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को MHADA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। MHADA Mumbai Lottery 2025: Know other details related to application and documents

    29 अगस्त को होगी घोषणा

    इन दुकानों के लिए ऑनलाइन बोली 28 अगस्त, 2025 को सुबह 11 बजे से शुरू होगी, और नीलामी का परिणाम अगले दिन यानी 29 अगस्त, 2025 को घोषित किया जाएगा। इस ई-नीलामी में मुंबई के 17 प्रमुख स्थानों पर स्थित 149 दुकानें शामिल हैं, जिनमें से 124 दुकानें पिछली नीलामी में बिक्री न होने के कारण दोबारा शामिल किया गया हैं। इन दुकानों की बोली की कीमत 23 लाख रुपये से लेकर 12 करोड़ रुपये तक निर्धारित की गई है। MHADA Mumbai Lottery 2025: Know other details related to application and documents

    नीलामी में शामिल दुकानें निम्नलिखित स्थानों पर हैं:

    • मुलुंड गव्हाणपाडा: 6 दुकानें
    • कुर्ला-स्वदेशी मिल: 5 दुकानें
    • तुंगा पवई: 2 दुकानें
    • कोपरी पवई: 23 दुकानें
    • चारकोप: 23 दुकानें
    • पुराना मागाठाणे, बोरीवली पूर्व: 6 दुकानें
    • महावीर नगर, कांदिवली पश्चिम: 6 दुकानें
    • प्रतीक्षा नगर, सायन: 9 दुकानें
    • अँटॉप हिल, वडाला: 3 दुकानें
    • मालवणी, मालाड: 46 दुकानें
    • बिंबिसार नगर, गोरेगांव पूर्व: 17 दुकानें

    शास्त्री नगर (गोरेगांव), सिद्धार्थ नगर, और मजासवाडी (जोगेश्वरी पूर्व): प्रत्येक में 1 दुकान..MHADA Mumbai Lottery 2025: Know other details related to application and documents

  • Ladki Bahin Yojana: देर से ही सही, पर लाडकी बहन योजना धारकों के लिए खुशखबरी!

    Ladki Bahin Yojana: देर से ही सही, पर लाडकी बहन योजना धारकों के लिए खुशखबरी!

    महाराष्ट्र सरकार की “लाडकी बहन योजना” के तहत राज्य की लाखों महिलाओं के लिए रक्षाबंधन से पहले बड़ी खुशखबरी है। जुलाई महीने की 13वीं किस्त यानी 1500 रुपये बैंक खातों में 9 अगस्त 2025 से पहले जमा किए जाएंगे। हालांकि की देरी हुई है लेकिन योजना को फिर एकबार जारी रखा गया है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र सरकार की “लाडकी बहन योजना” के तहत राज्य की लाखों महिलाओं के लिए रक्षाबंधन से पहले बड़ी खुशी की खबर है। जुलाई महीने की 13वीं किस्त 1500 रुपये की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 9 अगस्त 2025 से पहले जमा कर दिए जाएंगे। महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने हाल ही में इसको लेकर जानकारी साझा करते हुए बताया कि रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर महिलाओं के खातों में पैसे जमा कर दिए जाएंगे। एक जानकारी के मुताबिक किस्तों के पैसे जारी करने में देरी हुई है। यह देरी इसलिए हुई क्यों कि योजना का लाभ उठाने के लिए लाखों लोगों ने फर्जी तरीके से लाभ उठा लिया था। उसकी जांच मे देरी के कारण पात्र महिलाओं को इंतजार करना पड़ा। Ladki Bahin Yojana: Though late, but good news for Ladki Bahin Yojana holders!

    योजना में पात्रता और लाभ

    महाराष्ट्र सरकार की ओर से “माझी लाडकी बहन योजना” 21 से 65 वर्षीय महिलाओं के लिए चलाई जा रही है। योजना की शुरुआत से अब तक पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह की दर से अबतक 12 किस्तें दी जा चुकी हैं। सरकारी घोषणा के मुताबिक, अब 13वीं किस्त की राशि जारी किए जायेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने जरूरतों के खर्चों को आत्मनिर्भरता से पूरा कर सकें।

    Ladki Bahin Yojana में मिले फर्जी खाते

    हालांकि, इस बार सभी महिलाओं को किस्त नहीं मिलेगी। सरकार की जांच में सामने आया है कि 26.34 लाख लोगों ने फर्जी तरीके से योजना का लाभ उठाया है। जिनमें से करीब 14,000 पुरुष भी शामिल थे। ऐसे सभी फर्जी लाभार्थियों को लाभार्थी सूची से हटा दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया, कि आगे से केवल योग्य और सत्यापित महिलाओं को ही योजना का लाभ मिलेगा। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर इस योजना का लाभ लेता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Ladki Bahin Yojana: Though late, but good news for Ladki Bahin Yojana holders!

    कैसे करें बैलेंस चेक?

    जिन महिलाओं को किस्त मिलने वाली है, वे अपना खाता बैलेंस निम्नलिखित तरीकों से जांच सकते हैं:

    • ATM मशीन के जरिए पता कर सकते हैं।
    • बैंक शाखा कार्यालय जाकर पूछताछ की जा सकती है।
    • मोबाइल बैंकिंग ऐप से बेलेंस चेक कर सकते हैं।
    • कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके भी पता कर सकते हैं।

    आपको जानकारी देते हुए बता दें, कि लाडकी बहन योजना की राशि DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है।

    करोड़ों महिलाओं को मिल रहा है योजना का लाभ

    महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी “माझी लाडकी बहन योजना” के तहत पहले करीब 2.5 करोड़ महिलाओं को लाभ मिल रहा था, लेकिन जांच में गड़बड़ियां सामने आने के बाद आंकड़ा करीब सवा दो करोड़ हो गया। लेकिन इसके बाद एक बार फिर 26.34 लाख फर्जी नामों को हटाया गया, जिससे यह आंकड़ा अब घटकर करीब 2 करोड़ होने की जानकारी मिल रही है। हालांकि सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र महिला तक यह सहायता समय पर पहुंचे, ताकि कोई भी जरूरतमंद महिला इस योजना से वंचित न रह जाए। Ladki Bahin Yojana: Though late, but good news for Ladki Bahin Yojana holders!

  • 12वीं पास युवाओं को मिलेगा फ्री कंप्यूटर कोर्स और 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप

    12वीं पास युवाओं को मिलेगा फ्री कंप्यूटर कोर्स और 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप

    Free Computer Training Scheme: डिजिटल भारत मिशन के तहत भारत सरकार ने फ्रि कंप्यूटर कोर्स के साथ 15 हजार रुपये के आर्थिक मदद देने ऐलान कर दिया है। यह स्कॉलरशिप 12वीं पास युवाओं के लिए आरक्षित कर दी गई है। आईये जानते हैं कैसे और कहां करें आवेदन?

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    भारत सरकार ने डिजिटल भारत मिशन को आगे बढ़ाते हुए 12वीं पास युवाओं के लिए एक बेहद लाभकारी योजना की शुरुआत की है। फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना 2025 के अंतर्गत अब युवाओं को मुफ्त में कंप्यूटर कोर्स करने का अवसर मिलेगा, साथ ही 15000 रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

    बेसिक से एडवांस

    इस योजना के माध्यम से छात्र न केवल बेसिक से लेकर एडवांस कंप्यूटर स्किल्स सीख सकेंगे, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। यह मदद सीधे छात्र के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाऐंगे ताकि वे कोर्स के दौरान आर्थिक बोझ से मुक्त रह सकें।

    किन्हें मिलेगा योजना का लाभ?

    फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना का लाभ केवल उन्हीं युवाओं को मिलेगा जो भारत के नागरिक होंगे। जिन्होंने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की है और जिनकी उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच होगी। इसके साथ ही, परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आवेदक ने पहले से किसी संस्थान से कंप्यूटर कोर्स नहीं किया होना चाहिए।

    कोर्स में क्या-क्या सिखाया जाएगा?

    इस योजना के अंतर्गत युवाओं को माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, इंटरनेट का उपयोग, डिजिटल लेन-देन, साइबर सुरक्षा, टाइपिंग, ईमेलिंग और सरकारी पोर्टल्स पर कार्य करना सिखाया जाएगा। कोर्स की अवधि 3 से 6 महीने की होगी और यह पूरी तरह से सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा कराया जाएगा।

    आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?

    इच्छुक उम्मीदवार अपने राज्य की स्किल डेवलपमेंट या श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर “Free Computer Training Scheme” दर्शाया गया होगा। उसी पर क्लिक करें और रजिस्ट्रेशन करें। इसी के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे – आधार कार्ड, 12वीं की मार्कशीट, फोटो, बैंक पासबुक आदि अपलोड करें और आवेदन सबमिट कर दें। कुछ राज्यों में यह सुविधा CSC केंद्रों पर भी उपलब्ध हो चुकी है।

    योजना के प्रमुख लाभ

    योजना के तहत युवाओं को न केवल मुफ्त कंप्यूटर ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि कोर्स पूरा करने के बाद एक सरकारी प्रमाणपत्र भी मिलेगा। साथ ही 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप और प्लेसमेंट सपोर्ट भी मुहैया कराया जाएगा, जिससे युवाओं को करियर की दिशा में बेहतर अवसर मिल सकें।

    किन राज्यों में शुरू हुई यह योजना?

    यह योजना उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम में लागू हो चुकी है। अन्य राज्यों में भी इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है।

    युवाओं को रोजगार में लाभ

    इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली ट्रेनिंग से छात्र सरकारी और प्राइवेट सेक्टर दोनों में रोजगार के लिए तैयार होंगे। डिजिटल इंडिया, CSC केंद्र, बैंकिंग, बीमा, डेटा एंट्री और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में इन युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है।

    युवाओं का अनुभव और आत्मविश्वास

    कई युवाओं ने बताया कि इस कोर्स के माध्यम से उन्हें न केवल टेक्निकल स्किल्स मिलीं बल्कि नौकरी पाने में भी आसानी हुई। कुछ छात्रों को स्थानीय कंपनियों में 10000 रुपये से 15000 रुपये प्रति माह की शुरुआती नौकरी भी मिली है।

  • अब सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, आधे घंटे का मिला तोहफा

    अब सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, आधे घंटे का मिला तोहफा

    महाराष्ट्र की सरकार ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सुबह आधा घंटा देर से अपने कार्यालय में उपस्थित दर्ज कराने की अनुमति दे दी है, ताकि मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़ को कम किया जा सके। कर्मचारियों को इस अतिरिक्त समय को कार्य दिवस के अंत में जोड़ना होगा।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एक नई नीति की घोषणा की है, जिसके तहत उन्हें सुबह आधा घंटा देर से ऑफिस आने की अनुमति दी जाएगी। यह निर्णय मुंबई की लोकल ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधानसभा में बताया कि इस लचीले समय से कर्मचारी सुबह और शाम के पीक आवर्स से बच सकेंगे, जिससे ट्रेनों में यात्रियों का दबाव कम होगा। हालांकि, कर्मचारियों को यह आधा घंटा कार्य दिवस के अंत में जोड़कर पूरा करना होगा, ताकि कुल कामकाजी समय पर कोई असर न पड़े।

    मुंबई लोकल ट्रेन में घटेगी भीड़

    मुंबई की लोकल ट्रेनें प्रतिदिन लगभग 70 लाख यात्रियों का बोझा ढोती हैं, और पीक आवर्स में ट्रेनों में यात्रा करना बेहद कठिन हो जाता है। सरकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में इन ट्रेनों का उपयोग करते हैं, और नई नीति के तहत उन्हें सुबह 10 बजे के बजाय 10:30 बजे उपस्थिति दर्ज करने की अनुमति होगी। इस बदलाव से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि ट्रेनों में असुविधा और दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम होगा।

    विशेषज्ञों का क्या है कहना?

    हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इसका प्रभाव सीमित हो सकता है, क्योंकि निजी क्षेत्र के कर्मचारी और अन्य यात्री अभी भी पीक आवर्स में यात्रा करते हैं। परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना तभी पूरी तरह सफल होगी जब निजी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए लचीले समय को अपनाएं।

  • Mhada: 13 हजार 91 इमारतों का होगा बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

    Mhada: 13 हजार 91 इमारतों का होगा बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

    मुंबई में म्हाडा की लगभग 13,091 इमारतों के निवासियों के बायोमेट्रिक सर्वेक्षण के लिए एक निजी एजेंसी की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।

    मुंबई: दक्षिण मुंबई में अवैध निर्माण से प्रभावित इमारतों के पुनर्विकास के दौरान और म्हाडा के मुंबई भवन मरम्मत एवं पुनर्निर्माण मंडल द्वारा तैयार की गई व्यापक सूची के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मकान बेचे जा रहे हैं। कई बार मूल किरायेदार अपने असली मकान से वंचित रह जाते हैं। इस गंभीर मामले को ध्यान में रखते हुए, म्हाडा ने अब इन अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए अवैध निर्माण से प्रभावित इमारतों के साथ-साथ ट्रांजिट कैंप के निवासियों का भी बायोमेट्रिक सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया है।

    सर्वेक्षण में हुइ देरी

    हालाकि, इस सर्वेक्षण में देरी हुई। लेकिन अब अवैध निर्माण से प्रभावित इमारतों का बायोमेट्रिक सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा। लगभग 13,091 इमारतों के निवासियों के बायोमेट्रिक सर्वेक्षण के लिए एक निजी एजेंसी की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। एजेंसी की नियुक्ति के लिए अगस्त में निविदाएँ जारी की जाएँगी। MHADA: 13 thousand 91 buildings will be biometrically surveyed

    पात्रता में गडबडी

    आप को बता दें कि अत्यधिक खतरनाक या ढह गई इमारतों के निवासियों को पुनर्वास बोर्ड द्वारा संक्रमणकालीन शिविरों में स्थानांतरित कर दिया जाता है। चूंकि सभी इमारतें खतरनाक हैं, इसलिए अब नई पुनर्विकास नीति के तहत इन इमारतों के पुनर्विकास में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में, प्रभावित इमारतों के निवासियों की पात्रता निर्धारित करने में कई त्रुटियां पाई जाती हैं, और पात्रता निर्धारित करने में अनियमितताएं भी होती हैं।

    कैसे होती है प्रक्रिया?

    इसी वजह से लगातार आरोप लग रहे हैं कि पुनर्विकास के तहत घरों को तोड़ा जा रहा है। वहीं, अत्यधिक खतरनाक या ढह गई इमारतों में संक्रमणकालीन शिविरों में स्थानांतरित किए गए निवासियों के मूल भवनों का किसी कारणवश पुनर्विकास नहीं किया जा सकता है। उन निवासियों की एक विस्तृत सूची तैयार की जाती है और पुनर्वास बोर्ड द्वारा निवासियों को घर वितरित किए जाते हैं।

    म्हाडा की वेबसाइट से मिलेगी जानकारी

    इन निवासियों को पुनर्विकास के माध्यम से मरम्मत बोर्ड के पास उपलब्ध आवासो के भंडार से आवास प्रदान किए जाते हैं। हालॉकि, यह भी देखा गया है कि इस व्यापक सूची में शामिल आवासों को तोड़ा जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में, लगभग 13,091 उपकरित घरों के निवासियों और पारगमन शिविरों के निवासियों का बायोमेट्रिक सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया गया है। बायोमेट्रिक सर्वेक्षण सहित पात्रता निर्धारण की पूरी प्रक्रिया कम्प्यूटरीकृत की जाएगी। भवनों की जानकारी भी कम्यूटरीकृत रूप से एकत्रित करके म्हाडा की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। पात्र निवासियों की सूची भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। MHADA: 13 thousand 91 buildings will be biometrically surveyed

    अधिकारियों ने क्या कहा?

    2024 में उपकरित भवनों का बायोमेट्रिक सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया गया था। हालॉकि, यह निर्णय अभी तक लागू नहीं हुआ है। लेकिन अब, सुधार बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि बायोमेट्रिक सर्वक्षण का काम शुरू किया जाएगा। इस काम के लिए एक निजी संस्था की नियुक्ति की जाएगी और अगस्त में इसके लिए निविदाएँ जारी की जाएँगी। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद, वास्तविक बायोमेट्रिक सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा।

    फर्जी दस्तावेजों का खेल खत्म

    इस सर्वेक्षण के आधार पर निवासियों की पात्रता निर्धारित की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि केवल पात्र निवासियों को ही पुनर्विकास और व्यापक सूची के तहत घर दिए जाएंगे। इस बीच, इस सर्वेक्षण के बाद और चूंकि पात्रता निर्धारण कंप्यूटर आधारित होगा, इसलिए अब पुनर्विकास के तहत या व्यापक सूची के तहत फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से घरों की बिक्री नहीं होगी, मानवीय हस्तक्षेप से बचा जा सकेगा और घरों के वितरण में पारदर्शिता आएगी।

  • दिल्ली-मुंबई हाईवे सरकार ने बनाए ‘अपना घर’, सफर के दौरान इसमें लोगों को मिलेगी सुविधाएं

    दिल्ली-मुंबई हाईवे सरकार ने बनाए ‘अपना घर’, सफर के दौरान इसमें लोगों को मिलेगी सुविधाएं

    दिल्ली-मुंबई हाईवे के कॉरिडोर पर चार अपना घर बन चुके हैं। हर 30 किलोमीटर पर हाईवे के किनारे पेट्रोल पंप, टॉयलेट, ईवी चार्जिंग स्टेशन और अपना घर विश्राम केंद्र बनाए जा रहे हैं।

    नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI ने दिल्ली मुंबई हाईवे पर आपको कई जगहों पर ‘अपना घर’ नाम से इमारतों का निर्माण कर रही है। इन इमारतों को हाईवे पर चलने वाली गाड़ियों की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल लंबी दूरी के हाईवे पर नींद आने की वजह से सड़क दुर्घटना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब ट्रक ड्राइवरों को ढाबे के पीछे या सड़क के किनारे सोने की जरूरत न पड़े, इसलिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ‘अपना घर’ नाम से आधुनिक और सुरक्षित रेस्ट एरिया तैयार किया गया है। यहां उन्हें आराम करने, नहाने, खाना बनाने और नींद पूरी करने के लिए घर जैसा माहौल मिलेगा। हालांकि इसके लिए किमत अदा करनी पडेगी। लेकिन इसका किराया बहोत ही ज्यादा कम होने वाला है।

    नींद की वजह से होती हैं दुर्घटना

    भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें से लगभग 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है। 70% हादसे ड्राइवर की थकान और नींद पूरी न होने की वजह से होते हैं। लंबी दूरी पर चलने वाले ट्रक ड्राइवर अक्सर बिना आराम किए चलते रहते हैं। इसकी वजह से उनकी सेहत पर असर पड़ता है और हादसों का खतरा बढ़ जाता है। NHAI कोटा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल ने बताया, कि “ट्रक ड्राइवर लगातार सफर करते हैं और ठीक से सो नहीं पाते। इसके कारण सड़क दुर्घटना होती है। इसी के कारण अपना घर योजना की शुरुआत की गई, ताकि वे सुरक्षित जगह पर आराम कर सकें और हादसे से बच सकें।”

    अपना घर में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

    • 8 घंटे के लिए ठहराव – सिर्फ 112 रुपए
    • एसी रूम और सीसीटीवी की निगरानी
    • टीवी और मनोरंजन की सुविधा
    • कपड़े धोने और सुखाने का इंतजाम
    • किचन-जहां ड्राइवर खुद खाना बना सकते हैं।
    • साफ-सुथरा टॉयलेट और बाथरूम
    • कीमती सामान रखने के लिए लॉकर की सुविधा

    अगर ड्राइवर खुद खाना नहीं बनाना चाहते तो पास के ढाबे में सिर्फ 130 रुपए में भरपेट थाली मिलेगी। इसमें सब्जी, दाल, रोटी, चावल, सलाद, पापड़ और अचार शामिल रहने वाला हैं। The government has built ‘Apna Ghar’ on the Delhi-Mumbai highway, people will get facilities in it during the journey

    कहां-कहां बने हैं अपना घर?

    फिलहाल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे के कॉरिडोर पर चार ‘अपना घर’ बन चुके हैं। हर 30 किलोमीटर पर हाईवे के किनारे पेट्रोल पंप, टॉयलेट, ईवी चार्जिंग स्टेशन और अपना घर विश्राम केंद्र बनाए जा रहे हैं। योजना है कि भविष्य में हर नेशनल हाईवे और बड़े ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर इसे लागू किया जाएगा। The government has built ‘Apna Ghar’ on the Delhi-Mumbai highway, people will get facilities in it during the journey

  • Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहनों को अब बैंक से मिलेगा जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज

    Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहनों को अब बैंक से मिलेगा जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज

    महाराष्ट्र की लाडकी बहनों को अब आर्थिक निर्भर बनाने के लिए उन्हें मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की तरफ से जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज देने की योजना बनाई गई है। बैंक अब उन लाभार्थी महिलाओं को खुद का व्यवसाय करने के लिए लोन देने जा रही है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    Ladki Bahin Yojana:
    राज्य सरकार की लोकप्रिय ‘लाड़की बहन योजना‘ के तहत अब महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज मिलने जा रहा है। यह योजना मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक द्वारा लागू की जा रही है, जिसे राज्य सरकार की ब्याज सब्सिडी योजना के साथ जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इस बैठक में राज्य सरकार के चार महत्वपूर्ण महामंडलों के निदेशक और संबंधित विभागों के सचिव मौजूद थे। बैठक के बाद बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर ने योजना की जानकारी साझा की।

    बैठक में हुआ फैसला

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में वर्षा निवास पर हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई है। बैठक में चार सरकारी महामंडलों के अधिकारी, संबंधित विभागों के सचिव और मुंबई जिला बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा, कि “महिलाओं को बिना ब्याज के कर्ज उपलब्ध कराया जाना चाहिए।”

    मिलेगा ब्याज पर सब्सिडी

    आई योजना (पर्यटन महामंडल), अण्णासाहेब आर्थिक विकास महामंडल, भटक्या विमुक्त महामंडल, ओबीसी महामंडल इन सभी चार महत्वपूर्ण महामंडलों को इस योजना में ब्याज सब्सिडी के लिए शामिल किया गया है। इन योजनाओं से महिलाओं को 12% तक ब्याज की भरपाई की जाएगी। फायदा यह होगा कि इससे महिलाओं को ज़ीरो इंटरेस्ट पर लोन मिलेगा। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    मिलेगा 1 लाख तक का लोन

    एक महिला को 1 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए 5 से 10 महिलाओं का समूह बनाकर भी व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। बैंक व्यवसाय की जांच-पड़ताल करने के बाद लोन को पास करेगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को मुंबई जिला बैंक में आवेदन करना होगा। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    12 लाख से अधिक महिलाओं को मिलेगा फायदा

    वर्तमान में 12 से 13 लाख महिलाएं ‘लाड़की बहन’ योजना की लाभार्थी हैं। इनमें से लगभग 1 लाख महिलाएं मुंबई जिला बैंक की सदस्य भी हैं। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

  • मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के लिए गुरुवार को “SRA Brihanmumbai” मोबाइल ऐप्लिकेशन को लॉन्च किया। इसके तहत नागरिकों को बिल्डर, आर्किटेक्ट और परियोजनों से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    Mumbai SRA News:
    गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य अतिथिगृह “सह्याद्री” में झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) के लिए “SRA Brihanmumbai” नामक मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉच किया। इस ऐप से नागरिकों को बिल्डरों को, आर्किटेक्ट वर्ग को और परियोजनाओं से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने एसआरए के अधिकारियों को वेबसाइट पर नागरिकों के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आप इस ऐप्लिकेशन को यहां से भी डायरेक्ट Download कर सकते हैं। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पहाडों पर बने झोपडों का पुनर्वसन

    इसी बैठक के दौरान मुंबई समेत राज्य के दूसरे शहरों में पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए भी स्वतंत्र नीति बनाने को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र झोपड़ा धारकों को उनके मौजूदा निवास के पास ही पुनर्वसन किया जाना चाहिए। बैठक में उपमुख्यमंत्री तथा गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे, प्रदेश गृहनिर्माण राज्यमंत्री पंकज भोयर, राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, गृहनिर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता, झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेंद्र कल्याणकर आदि उपस्थित थे। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    एसआरए खरीदेगी जमीन

    बैठक में एसआरए की इमारतों के लिए जमीन खरीदने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई समेत बड़े शहरों में पहाड़ों पर काफी झोपड़े बने हुए हैं। ऐसी झोपड़पट्टियां बारिश के दिनों में भूस्खलन और पत्थर गिरने से धोकादायक हो जाते हैं। इसलिए पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए अलग से नीति बनाएं और जरूरत पड़ने पर जमीन भी खरीदें। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    दिसंबर तक पूरा होगा बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बायोमेट्रिक पद्धति पर आधारित घर-घर सर्वेक्षण का काम दिसंबर तक पूरा हो जाना चाहिए। झोपड़पट्टी के जो घर बंद हैं, ऐसे घरों का रिकॉर्ड तैयार किए जाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगर पालिका के सेवानिवृत्त अधिकारियों का सेल तैयार करें। इसके माध्यम से समूह विकास (क्लस्टर) योजना को गति मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटकोपर के रमाबाई आंबेडकर नगर झोपड़पट्टी पुनर्वसन के काम को गति से पूरा किया जाना अतिआवश्यक है। उन्होंने आदेश देते हुए यह भी कहा, कि “समुद्र के पास की जगह का पुनर्वसन के लिए उपयोग करें।” Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पुणे के नागरिकों को पुनर्वसन का आदेश

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पुणे शहर के परियोजना से प्रभावित नागरिकों को स्थायी रूप से पुनर्वसन करें। उन्हें किराया अथवा अन्य विकल्प खोजकर घर देने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि पुणे शहर के नदी किनारे बसे झोपड़ा धारकों को बाढ़ का सामना करना पड़ता है। ऐसे झोपड़ों का गृहनिर्माण विभाग की योजना के जरिए पुनर्वसन करें। Chief Minister launched mobile app for SRA project

  • मुंबई के बिल्डिंगों में घर खाली करने वालों को सरकार देगी ₹20,000 महीना

    मुंबई के बिल्डिंगों में घर खाली करने वालों को सरकार देगी ₹20,000 महीना

    मुंबई की 96 बिल्डिंग को म्हाडा ने खतरनाक घोषित किया है। इन इमारतों में रहने वाले लगभग 2400 परिवारों को घर खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है। साथ ही सरकारी फरमान के मुताबिक मकान खाली करने वाले को सरकार प्रति माह 20,000 रुपए किराया देगी।

    मुंबई: महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) ने मुंबई शहर की 96 सबसे पुरानी इमारतों और खतरनाक घोषित कर यहां रहने वाले 2400 परिवारों को जल्द से जल्द मकान खाली करने को कहा है। दरअसल इस कदम का मकसद बरसात से पहले किसी भी तरह के हादसे को रोकना है। इन इमारतों में रह रहे परिवारो को अपना वैकल्पिक घर ढूंढने के लिए अथॉरिटी हर महीने 20 हजार रुपए मदद करेगी। MHADA ने अपनी वेबसाइट पर सभी 96 बिल्डिंगों की लिस्ट भी जारी कर दी है। The government will give ₹20,000 per month to those who vacate their houses in Mumbai buildings

    184 निवासियों को घर खाली का नोटिस

    MHADA की वेबसाइट के मुताबिक इन बिल्डिंग में रह रहे 184 निवासियों को घर खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है। इनमें से 3 निवासी ट्रांजिट कैंप में चले गए हैं। हालांकि, नोटिस मिलने के बावजूद 176 घर खाली नहीं किए गए हैं। किसी भी निवासी ने रहने के लिए खुद से दूसरी व्यवस्था नहीं की है। बाकी बची इमारतों में रहने वाले लोगों को भी घर खाली करने के निर्देश दे दिए हैं। अथॉरिटी के मुताबि 96 बिल्डिंग में कुल 3162 किरायेदार और निवासी हैं, जिनमें 2577 रहने वाले लोग और 585 दुकानें और ऑफिस शामिल हैं।

    किराये के लिए मिलेंगे प्रति माह 20 हजार रुपए

    MHADA ने घोषणा की है कि जो भी परिवार इन इमारतों में रहते हैं, उन्हें दूसरी जगह पर किराये का घर लेने के लिए 20 हजार रुपए प्रति माह दिया जाएंगा। ये फैसला इस कारण लेना पड़ा क्योंकि अथॉरिटी के अपने ट्रांजिट कैंप में केवल 786 घर ही उपलब्ध है, जो जरूरत से काफी कम है। इस कारण लोगों को आर्थिक मदद देने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा संस्था ने 400 नए अस्थाई घर तीन साल की लीज में देने का भी निर्देश दिया है। ये घर 180 से 250 वर्ग फुट के होंगे। The government will give ₹20,000 per month to those who vacate their houses in Mumbai buildings

    मॉनसून से पहले हुआ सर्वे

    MHADA की यूनिट, मुंबई बिल्डिंग रिपेयर्स एंड रिकंस्ट्रक्शन बोर्ड (MBRRB) ने मॉनसून से पहले एक सर्वे किया था। इस सर्वे में 96 इमारतों को रहने के लिए सबसे असुरक्षित पाया। लोगों की जान का खतरा देखते हुए, अथॉरिटी के सीईओ और उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल ने तुरंत इन इमारतों को खाली कराने का फैसला किया है। उन्होंने घोषणा की थी कि जो भी फैमिली इन इमारतों में रहते हैं उन्हें दूसरी जगह पर किराए का घर लेने के लिए 20 हजार रुपए प्रति महीने की मदद की जाएगी। The government will give ₹20,000 per month to those who vacate their houses in Mumbai buildings