Category: Odisha

  • NEET Paper Leak: मोबाइल में मिला बड़ा सीक्रेट!

    NEET Paper Leak: मोबाइल में मिला बड़ा सीक्रेट!

    NEET Paper Leak मामले में CBI ने लातूर के RCC संचालक को गिरफ्तार किया। मोबाइल में पेपर मिलने से जांच में बड़ा खुलासा हुआ।

    मुंबई: देशभर में चर्चा का विषय बने NEET UG Examination Paper Leak मामले में अब महाराष्ट्र का लातूर भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने लातूर के चर्चित ‘रेणुकाई करिअर सेंटर’ (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।

    CBI की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लीक हुआ NEET पेपर सीधे उनके मोबाइल फोन में मिला था। इसी खुलासे के बाद पूरे शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।

    NEET Paper Leak में कैसे हुआ बड़ा खुलासा?

    NEET Paper Leak

    CBI अधिकारियों के अनुसार, शिवराज मोटेगावकर को 17 मई 2026 की शाम पुणे से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी NEET पेपर लीक करने वाले संगठित नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था।

    जांच में जो बातें सामने आईं, वे बेहद गंभीर मानी जा रही हैं:

    • परीक्षा से पहले ही प्रश्न और उत्तर हासिल किए गए
    • 23 अप्रैल 2026 को पेपर आरोपी तक पहुंच चुका था
    • मोबाइल फोन में लीक प्रश्नों के डिजिटल सबूत मिले
    • परीक्षा के बाद डेटा डिलीट करने की कोशिश की गई
    • लाभार्थी छात्रों के नाम बताने से आरोपी ने कथित तौर पर बचने की कोशिश की

    मोबाइल फोन बना जांच का सबसे बड़ा सबूत

    CBI ने 14 मई को लातूर स्थित आरोपी के घर पर छापा मारा था। सूत्रों के मुताबिक मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में NEET UG परीक्षा के प्रश्न और संबंधित सामग्री बरामद हुई।

    जांच एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल ट्रेल इस पूरे नेटवर्क की सबसे बड़ी कड़ी साबित हो सकती है। फिलहाल मोबाइल डेटा रिकवरी और चैट हिस्ट्री की जांच जारी है।

    कौन हैं शिवराज मोटेगावकर?

    शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर लातूर के शिक्षा क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम माने जाते हैं। वे Renukai Career Center (RCC) से जुड़े हुए थे।

    लातूर लंबे समय से मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। ऐसे में इस मामले ने राज्य के कोचिंग सेक्टर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

    CBI ने आरोपी पर कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
    • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act)
    • सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024

    जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पर:

    • धोखाधड़ी
    • आपराधिक साजिश
    • राष्ट्रीय परीक्षा में गड़बड़ी

    जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    क्या छात्रों तक पहुंचा था लीक पेपर?

    CBI को शक है कि लीक प्रश्न कई छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाए गए थे। हालांकि अब तक लाभार्थियों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।

    सूत्रों के अनुसार एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि:

    • कितने छात्रों तक पेपर पहुंचा
    • इसके बदले कितने पैसे लिए गए
    • क्या दूसरे राज्यों तक भी नेटवर्क फैला था

    Maharashtra Coaching Network भी जांच के दायरे में

    इस मामले के बाद महाराष्ट्र के कई निजी कोचिंग नेटवर्क भी जांच एजेंसियों की नजर में आ गए हैं। विशेष रूप से मेडिकल एंट्रेंस कोचिंग से जुड़े संस्थानों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है।

    मुंबई और पुणे में भी कुछ डिजिटल कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।

    छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

    NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। ऐसे में पेपर लीक की खबर ने लाखों छात्रों और अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है।

    सोशल मीडिया पर कई लोग परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।


    FAQ Section

    Q1. NEET Paper Leak मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?

    CBI ने लातूर के RCC संचालक शिवराज मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।

    Q2. जांच में सबसे बड़ा सबूत क्या मिला?

    आरोपी के मोबाइल फोन में कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र से जुड़े डिजिटल सबूत मिले।

    Q3. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?

    उन्हें पुणे से गिरफ्तार किया गया।

    Q4. क्या छात्रों को भी पेपर पहुंचाया गया था?

    CBI को संदेह है कि पेपर कई छात्रों तक पहुंचाया गया था, जांच जारी है।

    Q5. इस मामले की जांच कौन कर रहा है?

    पूरे मामले की जांच CBI कर रही है।


    Conclusion

    NEET Paper Leak मामले में लातूर कनेक्शन सामने आने के बाद जांच अब और गंभीर हो गई है। मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों ने जांच एजेंसियों को बड़ा आधार दिया है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल देशभर के छात्र और अभिभावक इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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  • योग के ज़रिये सेवा की मिसाल: डॉ. बिजय महाराणा को राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान

    योग के ज़रिये सेवा की मिसाल: डॉ. बिजय महाराणा को राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान

    अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञ और ‘मिशन टू सक्सेस’ पुस्तक के लेखक डॉ. बिजयकुमार महाराणा को गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग चिकित्सा और सामाजिक सेवा के लिए वर्ष 2025 का राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान नई दिल्ली में प्रदान किया गया।

    नई दिल्ली: गरीब और जरूरतमंद कैंसर रोगियों के लिए निःशुल्क योग चिकित्सा और जागरूकता फैलाने वाले जाने-माने अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञ डॉ. बिजयकुमार महाराणा को वर्ष 2025 का “राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान” प्रदान किया गया है। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित समारोह में दिया गया। गृह कल्याण केंद्र के माध्यम से किए जा रहे उनके परोपकारी योग कार्यों को देशभर में सराहना मिली है।

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    भव्य सम्मान समारोह

    यह प्रतिष्ठित सम्मान गृह कल्याण केंद्र द्वारा प्रदान किया गया, जो भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के तत्वावधान में कार्यरत एक पंजीकृत संस्था है। समारोह में देशभर से सामाजिक, चिकित्सा और योग क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित थे।

    ओडिशा के गांव से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर

    ओडिशा के क्योंझर जिले के खलियामेंटा गांव से आने वाले डॉ. बिजयकुमार महाराणा वर्तमान में गृह कल्याण केंद्र (जी.के.के.) में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है।

    100 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान

    मुंबई स्थित गृह कल्याण केंद्र के प्रभारी जे. एम. सिंह ने बताया कि डॉ. महाराणा को योग गतिविधियों के संचालन और सामाजिक सेवा के लिए अब तक 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार व सम्मान मिल चुके हैं।
    उन्होंने कहा कि यह सम्मान गृह कल्याण केंद्र से जुड़े सभी सदस्यों के लिए गर्व का विषय है।

    गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग सेवा

    डॉ. महाराणा ने अपने कार्यकाल में कैंसर रोगियों के लिए विशेष योग कार्यक्रम चलाए, जिनका उद्देश्य शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संबल भी देना रहा है।
    नई दिल्ली स्थित मां कल्याणी सेवा संगठन के त्रिलोक कुमार झा और अरुण अग्रवाल ने कैंसर रोगियों के लिए आयोजित योग गतिविधियों हेतु गृह कल्याण केंद्र का आभार व्यक्त किया।

    राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता भी हैं डॉ. महाराणा

    गृह कल्याण केंद्र, नई दिल्ली के सचिव कर्नल राजीव वर्मा ने बताया कि डॉ. बिजयकुमार महाराणा राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं और वर्तमान में मुंबई के जी.के.के. केंद्र में योग सिखाकर समाज में योग जागरूकता फैला रहे हैं।

    सीपीडब्ल्यूडी मुंबई का सहयोग

    मुंबई स्थित सीपीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता विक्रांत वर्मा ने कहा कि गरीब कैंसर रोगियों को निःशुल्क योग चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए सीपीडब्ल्यूडी मुंबई ने आवश्यक सुविधाएं प्रदान की हैं।
    उन्होंने डॉ. महाराणा के कार्य को प्रेरणादायक बताया।

    युवाओं के आदर्श बने डॉ. बिजय महाराणा

    नेशनल यूथ अवॉर्डीज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (NYAFI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जावेद जमादार ने कहा कि डॉ. महाराणा देश के युवाओं के लिए एक आदर्श हैं और माननीय प्रधानमंत्री के योग मिशन को जमीनी स्तर पर साकार कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. डॉ. बिजय महाराणा को कौन सा सम्मान मिला है?
    उन्हें वर्ष 2025 का “राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान” मिला है।

    Q2. यह सम्मान कहां प्रदान किया गया?
    नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में।

    Q3. डॉ. महाराणा किस क्षेत्र में कार्य करते हैं?
    वे योग प्रशिक्षक हैं और गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग चिकित्सा प्रदान करते हैं।

    Q4. क्या उन्हें पहले भी पुरस्कार मिले हैं?
    हां, उन्हें 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।

  • मुंबई में 27 अक्टूबर से India Maritime Week 2025 का आगाज़ — Amit Shah करेंगे उद्घाटन

    मुंबई में 27 अक्टूबर से India Maritime Week 2025 का आगाज़ — Amit Shah करेंगे उद्घाटन

    मुंबई के गोरेगाँव स्थित NESCO Exhibition Centre में 27 अक्टूबर से 5 दिन चलेगा India Maritime Week 2025, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगे। जानें कार्यक्रम, वक्तव्य, उद्देश्य और मुख्य बातें।

    मुंबई: 27 अक्टूबर से मुंबई में होने वाला India Maritime Week 2025 (IMW 2025) कार्यक्रम कल सोमवार से शुरू हो रहा है, जहाँ गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगे। इस ग्लोबल मरीटाइम इवेंट में देश-विदेश के पर्टनर, निवेशक, और समुद्री क्षेत्र के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।

    उद्घाटन समारोह का कार्यक्रम

    • समय एवं स्थल: 27 अक्टूबर, सुबह 10:30 बजे, NESCO Exhibition Centre, गोरेगाँव, मुंबई।
    • मुख्य अतिथि: अमित शाह
    • अन्य वक्ता:
    • Vijay Kumar (सेक्रेटरी, पोर्ट्स, शिपिंग & वॉटरवे)
    • Shantanu Thakur (राज्यमंत्री, पोर्ट्स, शिपिंग & वॉटरवे)
    • Pramod Sawant (मुख्यमंत्री, गोवा)
    • Mohan Charan Majhi (मुख्यमंत्री, ओडिशा)
    • Bhupendra Patel (मुख्यमंत्री, गुजरात)
    • Sarbananda Sonowal (केंद्रीय मंत्री – पोर्ट्स, शिपिंग & वॉटरवे)
    • Devendra Fadnavis (मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र)
    • समय-रोस्टर:
    • 10:30 → अमित शाह का आगमन
    • 10:30-10:40 → उद्घाटन एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ
    • 10:40-10:42 → दीप ज्योति
    • 10:42-10:44 → विजय कुमार का संबोधन
    • 10:44-10:48 → शांतनु ठाकुर का संबोधन
    • 10:48-10:52 → गोवा के मुख्यमंत्री का संबोधन
    • 10:52-10:56 → ओडिशा के मुख्यमंत्री का संबोधन
    • 10:56-11:00 → गुजरात के मुख्यमंत्री का संबोधन
    • 11:00-11:04 → सारबनंदा सोनोवाल का संबोधन
    • 11:04-11:10 → महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का संबोधन
    • 11:15-11:40 → अमित शाह का मुख्य भाषण
    India-Maritime-Week-2025-begins-in-Mumbai-on-October-27

    IMW 2025: मुख्य उद्देश्य और जानकारी

    • IMW 2025 एक प्रमुख समुद्री उद्योग-मंच है जहाँ वैश्विक समुद्री विशेषज्ञ, नवप्रवर्तनकर्ता और लीडर एक साथ होंगे।
    • इस आयोजन में 100 से अधिक देशों से प्रतिनिधि, 500 से ज्यादा प्रदर्शक, और 1,00,000 से अधिक प्रतिभागी भाग लेने की उम्मीद है।
    • लगभग 200 ग्लोबल स्पीकर्स होंगे और अनुमानित निवेश ₹10 लाख करोड़ से ऊपर होगा।
    • मुख्य विषय होंगे: समुद्री प्रौद्योगिकी में नवीनता, सतत विकास, रणनीतिक साझेदारियाँ, वैश्विक समुद्री कनेक्टिविटी।
    • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुंबई को इस तरह के वैश्विक कार्यक्रमों के लिए स्थायी स्थल घोषित करने की पैरवी की है।

    मुंबई व महाराष्ट्र का महत्व

    मुंबई और महाराष्ट्र का समुद्री एवं पोर्ट-क्षेत्र में विशेष स्थान है। IMW 2025 के साथ यहाँ निवेश के नए अवसर खुलेंगे, और राज्य का वैश्विक समुद्री मंच पर योगदान बढ़ेगा। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा है कि मुंबई में इस कार्यक्रम का स्थायी आयोजन होने से राज्य को भारी लाभ मिलेगा।

    क्या उम्मीद करें?

    • वैश्विक कंपनियों, पोर्ट प्राधिकरणों, नवप्रवर्तन स्टार्ट-अप्स, अकादमिक संस्थान और विचार-टैंक्स मिलकर रणनीति बनाएँगे कि कैसे भारत का समुद्री क्षेत्र अगले दशक में आगे बढ़े।
    • नई प्रौद्योगिकियाँ, डिजिटल समाधानों, हरित पोर्ट मॉडल और निवेश साझेदारियों पर बल दिया जाएगा।
    • इवेंट के दौरान नेटवर्किंग, B2B मीटिंग्स, प्रदर्शनियों और पैनल चर्चाएँ होंगी।
    • स्थानीय अर्थव्यवस्था, लॉजिस्टिक्स, पोर्ट विकास एवं समुद्री-शिपिंग क्षेत्र में ठोस घोषणाएँ हो सकती हैं।

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. IMW 2025 कब और कहाँ आयोजित हो रहा है?
    A. IMW 2025 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक मुंबई के NESCO Exhibition Centre, गोरेगाँव में होगा।

    Q2. उद्घाटन में कौन-कौन मुख्य अतिथि होंगे?
    A. गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगे। साथ में विजय कुमार, शांतनु ठाकुर, गोवा, ओडिशा, गुजरात और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री सारबनंदा सोनोवाल वक्तव्य देंगे।

    Q3. IMW 2025 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    A. समुद्री उद्योग में नवप्रवर्तन, सहयोग, निवेश एवं वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देना है।

    Q4. इसमें कितने देश, प्रदर्शक और प्रतिभागी भाग लेंगे?
    A. 100 से अधिक देश, 500 से अधिक प्रदर्शक और लगभग 1 लाख प्रतिभागियों की अपेक्षा है।

    Q5. महाराष्ट्र और मुंबई का क्या महत्व है इस कार्यक्रम में?
    A. महाराष्ट्र सरकार इसे राज्य के लिए एक बड़ा अवसर मान रही है और मुंबई को स्थायी रूप से इस तरह के समुद्री सम्मेलनों का होस्ट बनाने के पक्ष में है।

  • Mumbai Crime News: नवी मुंबई के स्पा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 15 महिलाएं हुईं आज़ाद

    Mumbai Crime News: नवी मुंबई के स्पा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 15 महिलाएं हुईं आज़ाद

    नवी मुंबई पुलिस ने बेलापुर इलाके के एक स्पा में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान 15 महिलाओं को बचाया गया और स्पा मालिक समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

    नवी मुंबई: बेलापूर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नवी मुंबई के बेलापुर इलाके में चल रहे एक स्पा में देह व्यापार का धंधा पकड़ा गया। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की और छापा मारकर 15 महिलाओं को आज़ाद कराया। इनमें से कुछ महिलाएं महाराष्ट्र की तो कुछ दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात और नेपाल की रहने वाली हैं।

    गुप्त सूचना के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    27 सितंबर को नवी मुंबई पुलिस को खबर मिली कि बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में सेक्स रैकेट चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक भेजा और पूरे मामले की पुष्टि की। जैसे ही पुलिस को सबूत मिले, तुरंत स्पा पर छापा मारा गया।

    15 महिलाओं की छुड़ाई गई

    छापेमारी में पुलिस को हैरान करने वाला सच पता चला। अंदर 15 महिलाएं मौजूद थीं जिन्हें देह व्यापार में धकेला गया था। पुलिस ने उन सभी को रेस्क्यू किया और सुरक्षित जगह शिफ्ट किया।

    दो आरोपी गिरफ्तार

    इस कार्रवाई में 32 साल के स्पा मालिक और 42 साल के क्लीनर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम (ITPA) के तहत मामला दर्ज किया है।

    मुंबई में सेक्स रैकेट का बढ़ता जाल

    मुंबई और नवी मुंबई में कई बार स्पा सेंटर, मसाज पार्लर और ब्यूटी सैलून की आड़ में सेक्स रैकेट चलाने के मामले सामने आते रहते हैं। पुलिस लगातार ऐसे रैकेट पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद यह अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. नवी मुंबई में सेक्स रैकेट कहां पकड़ा गया?
    👉 बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में।

    Q2. पुलिस ने कितनी महिलाओं को आज़ाद कराया?
    👉 पुलिस ने 15 महिलाओं को छुड़ाया जिनमें से कुछ महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की हैं, जबकि एक महिला नेपाल की है।

    Q3. इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
    👉 पुलिस ने स्पा मालिक और क्लीनर को गिरफ्तार किया है।

    Q4. आरोपी पर कौन से कानून लगाए गए हैं?
    👉 IPC की धाराओं और ITPA (अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    Q5. क्या मुंबई में ऐसे रैकेट आम हैं?
    👉 हां, मुंबई और नवी मुंबई में कई बार ऐसे स्पा और मसाज पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट पकड़े जाते हैं।

  • IOCL Pipeline Apprentice Bharti 2025: 537 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट बढ़ी – ऐसे करें अप्लाई

    IOCL Pipeline Apprentice Bharti 2025: 537 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट बढ़ी – ऐसे करें अप्लाई

    इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने पाइपलाइन डिविजन अपरेंटिस भर्ती 2025 के लिए 537 पदों पर नोटिफिकेशन निकाला है। ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख अब 28 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। जानें पूरी डिटेल्स – योग्यता, आयु सीमा, स्टाइपेंड और अप्लाई करने का तरीका।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), जो देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी और फॉर्च्यून 500 लिस्टेड PSU है, ने पाइपलाइन डिविजन में अपरेंटिस भर्ती 2025 निकाली है। इस भर्ती में कुल 537 पद हैं, जो अलग-अलग राज्यों में भरे जाएंगे।

    👉 पहले आवेदन की लास्ट डेट 21 सितंबर थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दिया गया है।

    कितने पद, कहां-कहां?

    IOCL की इस भर्ती में पूरे देश में अलग-अलग राज्यों के लिए वैकेंसी निकली है। सबसे ज़्यादा पद गुजरात (84) और पश्चिम बंगाल (64) में हैं।
    कुछ प्रमुख राज्यों की वैकेंसी इस तरह है:

    • पश्चिम बंगाल – 64
    • राजस्थान – 53
    • उत्तर प्रदेश – 53
    • ओडिशा – 51
    • तमिलनाडु – 39
    • बिहार – 38
    • महाराष्ट्र – 15
    • दिल्ली – 14

    कुल मिलाकर – 537 पद

    कौन कर सकता है अप्लाई? (Eligibility)

    इस भर्ती के लिए अलग-अलग ट्रेड और पोस्ट के हिसाब से योग्यता तय है।

    • Technician Apprentice (Mechanical/Electrical/Instrumentation) → 3 साल का डिप्लोमा
    • Trade Apprentice (HR/Accountant) → किसी भी विषय में ग्रेजुएशन / कॉमर्स ग्रेजुएशन
    • Data Entry Operator (DEO) → न्यूनतम 12वीं पास
    • Domestic DEO (Skill Certificate Holder) → 12वीं + स्किल सर्टिफिकेट

    👉 जनरल/OBC/EWS उम्मीदवारों को कम से कम 50% मार्क्स, और SC/ST/PwBD को 45% मार्क्स चाहिए।

    उम्र सीमा (Age Limit – as on 31.08.2025)

    • न्यूनतम आयु: 18 साल
    • अधिकतम आयु: 24 साल

    👉 SC/ST को 5 साल, OBC को 3 साल और PwBD को 10 साल तक की छूट मिलेगी।

    स्टाइपेंड (Salary/Stipend)

    सभी चयनित कैंडिडेट्स को Apprentices Act, 1961 के अनुसार मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। हालांकि यह पक्की नौकरी नहीं है, लेकिन ट्रेनिंग IOCL जैसी बड़ी कंपनी में होगी, जो करियर के लिए बहुत फायदेमंद है।

    सिलेक्शन प्रोसेस (Selection Process)

    इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा।

    • सिर्फ अकादमिक मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर लिस्ट बनेगी।
    • टाई होने पर उम्र (बड़ा उम्मीदवार) और फिर 10वीं के नंबर देखे जाएंगे।
    • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल फिटनेस ज़रूरी होगी।

    कैसे करें अप्लाई? (How to Apply)

    1. सबसे पहले NATS/NAPS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें (डिप्लोमा/ग्रेजुएट या DEO के हिसाब से)।
    2. फिर IOCL की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन करें।
    3. आवेदन की प्रक्रिया दो स्टेप्स में होगी –
    • Part-I: बेसिक डिटेल्स भरें और रजिस्ट्रेशन नंबर लें।
    • Part-II: फोटो, सिग्नेचर, एजुकेशन डिटेल्स और NATS/NAPS नंबर अपलोड करें।
    1. फाइनल सबमिशन के बाद प्रिंटआउट ज़रूर लें।

    👉 कोई आवेदन शुल्क (Application Fee) नहीं है।

    ज़रूरी डेट्स (Important Dates)

    • ऑनलाइन आवेदन शुरू – 29 अगस्त 2025
    • आवेदन की आखिरी तारीख (Extended) – 28 सितंबर 2025
    • कट-ऑफ डेट (Eligibility Check) – 31 अगस्त 2025

    ❓ FAQ

    Q1: IOCL Apprentice Recruitment 2025 में कितने पद हैं?
    Ans: कुल 537 पद हैं।

    Q2: आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    Ans: अब बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दी गई है।

    Q3: IOCL Apprentice में सलेक्शन कैसे होगा?
    Ans: सलेक्शन सिर्फ मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर होगा, कोई परीक्षा या इंटरव्यू नहीं है।

    Q4: योग्यता क्या चाहिए?
    Ans: डिप्लोमा, ग्रेजुएशन या 12वीं पास (पोस्ट के हिसाब से)।

    Q5: क्या आवेदन शुल्क है?
    Ans: नहीं, सभी कैंडिडेट्स के लिए आवेदन फ्री है।

  • Mumbai: 15 साल की लड़की को प्रेगनेंट कर दुष्कर्म के आरोपी ने दी मां को धमकी

    Mumbai: 15 साल की लड़की को प्रेगनेंट कर दुष्कर्म के आरोपी ने दी मां को धमकी

    विक्रोली के पार्कसाईट पुलिस ने 23 वर्षीय युवक को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया है। मामला तब सामने आया जब 15 साल की लड़की अपने 19 हफ्ते के गर्भपात कराने उड़ीसा के एक अस्पताल में भर्ती हुई।

    मुंबई: गुरुवार को मुंबई पुलिस ने एक 23 वर्षीय युवक को नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और गर्भवती करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची की मां जब गर्भपात कराने उड़ीसा के एक अस्पताल ले गई, तो डॉक्टरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद बरहामपुर के बैद्यनाथपुर पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर दर्ज कर मुंबई पुलिस को मामला ट्रांसफर किया गया। बरहामपुर के पुलिस अधीक्षक सरवणा विवेक एम. ने बताया कि 28 जुलाई को एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से मेडिको लीगल शिकायत मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। Mumbai: Accused of raping a 15-year-old girl after impregnating her, threatens her mother

    नाबालिग का बयान क्या था?

    पुलिस ने बताया कि अस्पताल के गायनोकोंलॉजी विभाग में भर्ती लड़की 19 सप्ताह की गर्भवती थी और वह गर्भपात कराना चाहती थी। पूछताछ में लड़की ने बताया कि वह पिछले 14 साल से अपने माता-पिता के साथ मुंबई में रह रही थी। मार्च में एक दिन आरोपी ने उसे जबरदस्ती अपने घर ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई। Mumbai: Accused of raping a 15-year-old girl after impregnating her, threatens her mother

    कैसे हुआ खुलासा?

    इसके बाद जब लड़की को अपनी गर्भावस्था का पता चला, तो उसने अपनी मां को इस घटना के बारे में बताया। मां ने जब आरोपी से इस बारे में बात की, तो आरोपी के परिवार वालों ने उन्हें चुप रहने की धमकी दी। इसके बाद, मां अपनी बेटी को बरहामपुर ले गई ताकि गर्भपात कराया जा सके, लेकिन डॉक्टरों की पूछताछ से मामला प्रकाश मे आया और उन्होंने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। Mumbai: Accused of raping a 15-year-old girl after impregnating her, threatens her mother

    Mumbai एफआईआर ट्रांसफर

    बरहामपुर पुलिस ने लड़की के बयान के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज कर इसे मुंबई में विक्रोली स्थित पार्कसाइट पुलिस स्टेशन को भेजा दिया। इसके बाद पार्कसाइट पुलिस ने औपचारिक एफआईआर दर्ज की और प्रारंभिक सबूतों के आधार पर आरोपी को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। लड़की को बरहामपुर के चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया गया, जहां उसकी पुनर्वास और आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई। कमेटी ने उसका मेडिकल चेकअप और इलाज भी सुनिश्चित किया। Mumbai: Accused of raping a 15-year-old girl after impregnating her, threatens her mother

  • 4 किलो गांजे के साथ ओड़ीसा के नागरिक को मालवनी पुलिस ने किया गिरफ्तार

    4 किलो गांजे के साथ ओड़ीसा के नागरिक को मालवनी पुलिस ने किया गिरफ्तार

    जब्त किये गए ड्रग्स की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्यांकन लगभग 44 हजार 660 रुपये आंकी जा रही है। मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेंद्र नगरकर ने दी जानकारी .. Malwani police arrested a citizen of Odisha with 4 kg of ganja

    मुंबई: मलाड़ पश्चिम के मार्वे रोड़ पर एक व्यक्ति द्वारा ड्रग्स की हेराफेरी की जानकारी पुलिस को पुर्व सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही मालवनी पुलिस थाने के पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हिंडे ने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेंद्र नगरकर और मालवनी डिविजन की सहायक पुलिस आयुक्त श्रीमती निता पाडवी के मार्गदर्शन में छापामारी किया और मौके के एक संदेहास्पद व्यक्ति को हिरासत में लिया। Malwani police arrested a citizen of Odisha with 4 kg of ganja

    पुलिस ने टीम बनाकर घेरा

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेंद्र नगरकर ने बताया कि ओड़ीसा का रहने वाला 49 वर्षीय भीमसेन आनंद बिसवाल मालवनी, मार्वे रोड़ के कमल तलाव के पास किसी का इंतजार कर रहा था। पूर्व सूचना के आधार पर पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हिंडे के नेतृत्व में पंचों के साथ पुलिस हवलदार अनिल पाटील, घोसाळकर, पुलिस सिपाही वळतकर, सोरटे, सुशांत पाटील, खुडे और देसाई ने मिलकर जाल बिछाया हुआ था। जब संदेहास्पद व्यक्ति को चारो तरफ से घेर के तलाशी ली गई तो उसके पास से 4 किलो 466 ग्राम गांजा नामक ड्रग्स बरामद हुआ। Malwani police arrested a citizen of Odisha with 4 kg of ganja

    मुंबई में ड्रग्स की सप्लाई

    मालवनी पुलिस थाने के क्राईम पुलिस निरीक्षक जीवन भातुकले ने बताया, कि गुन्हा रजिस्टर क्रमांक 713/2025 में एनडीपीएस 1985 की धारा 8 (क) और 20 (ब) के दहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया, कि 49 वर्षीय आरोपी जगन्नाथ मंदिर गल्ली, सासन अंबगावं, हिंजलिकाटू तालुका, गंजाम जिला, ओड़ीसा राज्य से मुंबई में यहां ड्रग्स की बिक्री करने आया हुआ था। फिलहाल जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हिंडे की निगरानी में मामले की और अधिक पड़ताल की जा रही है। हो सकता है मुंबई के कई लोग इसके संपर्क में हो जिसे आरोपी ड्रग्स की सप्लाई कर चुका हो। आने वाले समय में और भी खुलासे हो सकते हैं। Malwani police arrested a citizen of Odisha with 4 kg of ganja

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

  • दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है। वहीं मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। जबकि लव जिहाद कानून का हवाला देते हुए पक्षपात किया जाता है।

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार के ‘लव जिहाद’ कानून बनाए जाने के खिलाफ कई तरह के बयान सामने आ रहे हैं। सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनने की तैयारी कर रही है। महाराष्ट्र राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लव जिहाद को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। वहीं विरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी और झूठी पहचान के जरिए की होने वाले अत्याचार के खिलाफ कदम उठाए जाने की जरूरत है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    धोखे से शादी

    सीएम फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और केरल हाई कोर्ट ने ‘लव जिहाद’ की हकीकत के बारे में टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हकीकत है कि महाराष्ट्र में धोखे से शादी करने और फिर बच्चे पैदा होने पर छोड़ देने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन घटनाओं का असर न केवल उस परिवार पर पड़ता हैं, बल्कि समाज पर भी इसका गहरा असर होता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    सांप्रदायिक सोच

    उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी दूसरे धर्म में शादी करने पर कुछ भी गलत नहीं है। ये सब नॉर्मल है, लेकिन अगर पहचान बदलकर या छिपाकर इस तरह की शादी की जाती है, तो ये गंभीर मामला है। समय रहते इन पर अंकुश लगाने की जरूरत है। वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारी सांप्रदायिक सोच को जाहिर करता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    पक्षपात का आरोप

    मौलाना ने कहा कि हम इस बात को पहले से ही कहते आए हैं कि इस्लाम अपने अनुयायियों को पहचान छुपाने की इजाजत नहीं देता। साथ ही पूरे भारत में कोई भी मुस्लिम संस्था नहीं है जो धर्मांतरण का कार्य करती हो। जबकि कुछ दिनों से ये देखा जा रहा है कि मुस्लिम लड़कियां हिंदू बन रही हैं, अगर उस लड़की के माता-पिता शिकायत करते हैं तो उनकी शिकायत नहीं सुनी जाती। अगर दूसरे संप्रदाय के लोग इस तरह की शिकायत करते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है। जबकि होना ये चाहिए कि निष्पक्ष और इंसाफ पर आधारित कार्रवाई हो। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    हिंदू मुस्लिम की राजनीति

    मौलाना ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद पर कानून बनाकर बहुसंख्यक का भला नहीं कर सकती। इस तरह के कानूनों से समाज पर कोई अच्छा असर नहीं पड़ता। सरकार फिरकापरस्ती को बढ़ावा देना चाहती है। सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। इस तरह के कानून की वो लोग बात करते हैं, जिनकी सोच बहुत छोटी है और वो विकास के बजाय हिंदू मुसलमानों को आपस में टकराव की तरफ ले जाने की बात करते हैं। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    प्रदेश का भला कैसे होगा ?

    मौलाना ने आगे कहा कि महाराष्ट्र सरकार इन मुद्दों को छोड़कर राज्य के विकास पर ध्यान दें। गरीब और कमजोर जनता को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए योजनाएं बनाए। राज्य के बच्चों को 100 फीसद शिक्षा देने की स्कीम चलाएं। इससे प्रदेश का भला होगा। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    शिकायतों का हवाला

    महाराष्ट्र में धर्मांतरण की शिकायतों के बाद देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इसके खिलाफ कानून बनाने का वादा किया था। अब राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की है। इस समिति के सदस्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव, विधि एवं न्याय विभाग के सचिव, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के सचिव, गृह विभाग के सचिव तथा गृह विभाग (विधि) के सचिव होंगे। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    यह समिति राज्य की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगी, लव जिहाद तथा छल-कपट व बलपूर्वक किए जाने वाले धर्मांतरण के समाधान पर सुझाव देगी। इसके अलावा अन्य राज्यों में जारी इस कानून का अध्ययन भी करेगी। समिति कानून का मसौदा भी तैयार करेगी तथा कानूनी मामलों का अध्ययन भी करेगी। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    देश के 9 राज्यों में लव जिहाद के खिलाफ कानून

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे बीजेपी शासित राज्यों में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा। हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है। उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि राजस्थान में इस कानून से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

  • महाराष्ट्र में लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी, 7 मेंबरों का पैनल तैय्यार

    महाराष्ट्र में लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी, 7 मेंबरों का पैनल तैय्यार

    महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने लव जिहाद और जबरन धर्मांतर जैसे मामलों के खिलाफ कानून बनाने के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बना दी है। महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन

    मुंबई: महाराष्ट्र में लव-जिहाद के खिलाफ कानून लागू करने की तैयारी हो रही है। इसके लिए डीजीपी संजय वर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी गई है। इसमें महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक विभाग, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायक, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। बता दें कि तमिलनाडु में इस कानून को लागू करने के बाद रद्द कर दिया गया था। हालांकि देश के 9 राज्यों जैसे, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में लव-जिहाद के खिलाफ कानून मौजूद हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    कमेटी जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद के मामले में शिकायतों को कैसे निपटाया जाए, इस पर सुझाव देगी। इसके अलावा यह दूसरे राज्यों में लागू कानूनों की स्टडी करेगी और इस आधार पर कानूनी सलाह देगी। पैनल में महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा को अध्यक्ष के रुप में चुना गया है। इसके साथ ही महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक मामले, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायता और गृह जैसे प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    महाराष्ट्र में लव जिहाद

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    महाराष्ट्र की रहने वाली श्रद्धा वाकर की उसके बॉयफ्रेंड आफताब पूनावाला ने 2022 में दिल्ली में हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए थे। भाजपा ने इस मामले के बाद राज्य में लव जिहाद का मुद्दा उठाया था। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    शादी या प्रेम निजी इच्छा

    महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टी NCP शरद पवार की लीडर सुप्रिया सुले ने कहा- शादी या प्रेम निजी इच्छा है। मैं सरकार से निवेदन करती हूं कि यह असल मुद्दों पर ध्यान दें। मोदी जी अभी अमेरिका से वापस लौटे हैं। अमेरिका ने हम पर नए टैरिफ लगा दिए हैं, जिसका प्रभाव हमारे देश पर पड़ेगा। ऐसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

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    एक लाख से अधिक शिकायतें मिलीं​​​

    अक्टूबर, 2024 में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था- एक दशक पहले हम सोचते थे कि लव जिहाद की बात इक्का-दुक्का घटना है, लेकिन एक लाख से अधिक शिकायतें मिली हैं। इनमें हिंदू महिलाओं को दूसरे धर्मों के पुरुषों के साथ भागकर शादी करने का झांसा दिया गया। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    सजा का प्रावधान

    धर्म परिवर्तन के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को जान या संपत्ति का भय दिखाता है, बल का प्रयोग करता, शादी का दबाव बनाता है तो उसे भी आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा भुगतान करना होता है। लेकिन सभी राज्यों में सजा के प्रावधान अलग- अलग हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    देश के 9 राज्यों में लव-जिहाद

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे और महाराष्ट्र के विभिन्न हिंदू संगठनों ने भी राज्य में ‘लव जिहाद’ कानून लागू करने की मांग की है। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    • मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा।
    • हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है।
    • उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
    • गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।

    यूपी सरकार ने लव जिहाद विरोधी कानून पारित किया सरकार इस बिल को पहली बार 2021 में लेकर आई थी। अब इसमें संशोधन किया गया है। पहले अधिकतम 10 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान था। कानून लागू होने से लेकर अप्रैल, 2023 तक 427 केस दर्ज हुए थे। इनमें से 65 नाबालिग लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया गया था। सबसे ज्यादा केस बरेली में दर्ज हुए थे। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    राजस्थान में भी 16 साल बाद लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के विरोधी बिल पेश किया गया था। राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेद विधेयक कानून को इसी साल तक लागू किया जाएगा। इस बिल के जरिए राज्य सरकार की एक धर्म से दूसरे धर्म में जबरन परिवर्तन करवाने वालों पर लगाम लगाएगी। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)