Category: Jharkhand

Read the latest Jharkhand news and top headlines from Ranchi, Jamshedpur, Dhanbad, Bokaro and across the state. Stay informed with coverage on politics, crime, government schemes, business, education, employment, weather and major events, only on Indian FastTrack.

  • NEET Paper Leak: मोबाइल में मिला बड़ा सीक्रेट!

    NEET Paper Leak: मोबाइल में मिला बड़ा सीक्रेट!

    NEET Paper Leak मामले में CBI ने लातूर के RCC संचालक को गिरफ्तार किया। मोबाइल में पेपर मिलने से जांच में बड़ा खुलासा हुआ।

    मुंबई: देशभर में चर्चा का विषय बने NEET UG Examination Paper Leak मामले में अब महाराष्ट्र का लातूर भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने लातूर के चर्चित ‘रेणुकाई करिअर सेंटर’ (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।

    CBI की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लीक हुआ NEET पेपर सीधे उनके मोबाइल फोन में मिला था। इसी खुलासे के बाद पूरे शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।

    NEET Paper Leak में कैसे हुआ बड़ा खुलासा?

    NEET Paper Leak

    CBI अधिकारियों के अनुसार, शिवराज मोटेगावकर को 17 मई 2026 की शाम पुणे से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी NEET पेपर लीक करने वाले संगठित नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था।

    जांच में जो बातें सामने आईं, वे बेहद गंभीर मानी जा रही हैं:

    • परीक्षा से पहले ही प्रश्न और उत्तर हासिल किए गए
    • 23 अप्रैल 2026 को पेपर आरोपी तक पहुंच चुका था
    • मोबाइल फोन में लीक प्रश्नों के डिजिटल सबूत मिले
    • परीक्षा के बाद डेटा डिलीट करने की कोशिश की गई
    • लाभार्थी छात्रों के नाम बताने से आरोपी ने कथित तौर पर बचने की कोशिश की

    मोबाइल फोन बना जांच का सबसे बड़ा सबूत

    CBI ने 14 मई को लातूर स्थित आरोपी के घर पर छापा मारा था। सूत्रों के मुताबिक मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में NEET UG परीक्षा के प्रश्न और संबंधित सामग्री बरामद हुई।

    जांच एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल ट्रेल इस पूरे नेटवर्क की सबसे बड़ी कड़ी साबित हो सकती है। फिलहाल मोबाइल डेटा रिकवरी और चैट हिस्ट्री की जांच जारी है।

    कौन हैं शिवराज मोटेगावकर?

    शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर लातूर के शिक्षा क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम माने जाते हैं। वे Renukai Career Center (RCC) से जुड़े हुए थे।

    लातूर लंबे समय से मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। ऐसे में इस मामले ने राज्य के कोचिंग सेक्टर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

    CBI ने आरोपी पर कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
    • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act)
    • सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024

    जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पर:

    • धोखाधड़ी
    • आपराधिक साजिश
    • राष्ट्रीय परीक्षा में गड़बड़ी

    जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    क्या छात्रों तक पहुंचा था लीक पेपर?

    CBI को शक है कि लीक प्रश्न कई छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाए गए थे। हालांकि अब तक लाभार्थियों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।

    सूत्रों के अनुसार एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि:

    • कितने छात्रों तक पेपर पहुंचा
    • इसके बदले कितने पैसे लिए गए
    • क्या दूसरे राज्यों तक भी नेटवर्क फैला था

    Maharashtra Coaching Network भी जांच के दायरे में

    इस मामले के बाद महाराष्ट्र के कई निजी कोचिंग नेटवर्क भी जांच एजेंसियों की नजर में आ गए हैं। विशेष रूप से मेडिकल एंट्रेंस कोचिंग से जुड़े संस्थानों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है।

    मुंबई और पुणे में भी कुछ डिजिटल कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।

    छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

    NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। ऐसे में पेपर लीक की खबर ने लाखों छात्रों और अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है।

    सोशल मीडिया पर कई लोग परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।


    FAQ

    Q1. NEET Paper Leak मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?

    CBI ने लातूर के RCC संचालक शिवराज मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।

    Q2. जांच में सबसे बड़ा सबूत क्या मिला?

    आरोपी के मोबाइल फोन में कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र से जुड़े डिजिटल सबूत मिले।

    Q3. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?

    उन्हें पुणे से गिरफ्तार किया गया।

    Q4. क्या छात्रों को भी पेपर पहुंचाया गया था?

    CBI को संदेह है कि पेपर कई छात्रों तक पहुंचाया गया था, जांच जारी है।

    Q5. इस मामले की जांच कौन कर रहा है?

    पूरे मामले की जांच CBI कर रही है।


    NEET Paper Leak मामले में लातूर कनेक्शन सामने आने के बाद जांच अब और गंभीर हो गई है। मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों ने जांच एजेंसियों को बड़ा आधार दिया है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल देशभर के छात्र और अभिभावक इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

    Official / Relevant Links

  • Petrol-Diesel Panic? कंपनियों ने कहा – कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें

    Petrol-Diesel Panic? कंपनियों ने कहा – कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें

    India में petrol diesel shortage की अफवाहों पर IOC, BPCL और HPCL का बड़ा बयान। Fuel supply पूरी तरह stable, panic buying से बचने की अपील। जानिए latest fuel price और पूरा अपडेट।

    नई दिल्ली: भारत में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर चल रही अफवाहों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने बड़ा बयान जारी किया है। Indian Oil Corporation (IOC), Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited ने साफ कहा है कि देश में fuel shortage जैसी कोई स्थिति नहीं है।

    कंपनियों ने अफवाहों को बताया गलत

    IOC ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें “भ्रामक” हैं और इससे लोगों में बेवजह चिंता पैदा हो रही है। BPCL ने इन रिपोर्ट्स को “completely unfounded” बताया और कहा कि भारत के पास petrol, diesel, crude oil और ATF का पर्याप्त स्टॉक है। HPCL ने भी कहा कि petrol, diesel और LPG की सप्लाई पूरी तरह stable है।

    West Asia तनाव के बीच भी सप्लाई मजबूत

    यह बयान ऐसे समय आया है जब West Asia में युद्ध चौथे हफ्ते में है और Strait of Hormuz से गुजरने वाले oil tankers की आवाजाही सीमित हो गई है। इसके बावजूद भारत में fuel supply पर कोई असर नहीं पड़ा है।

    Panic Buying से बचने की अपील

    तेल कंपनियों ने लोगों से खास अपील की है कि वे panic buying न करें। कंपनियों के मुताबिक, ऐसी अफवाहें सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं और अनावश्यक दबाव बना सकती हैं।

    Fuel Prices में नहीं हुआ बड़ा बदलाव

    26 मार्च के हिसाब से:

    • दिल्ली: Petrol ₹94.77 / Diesel ₹87.67
    • मुंबई: Petrol ₹103.50 / Diesel ₹90.03

    Regular petrol और diesel की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    हालांकि, पिछले हफ्ते premium petrol की कीमत करीब ₹2 प्रति लीटर और industrial diesel की कीमत ₹22 प्रति लीटर बढ़ाई गई थी।

    Premium Fuel का असर बहुत कम

    कंपनियों के अनुसार premium petrol का इस्तेमाल कुल उपभोक्ताओं के 5% से भी कम लोग करते हैं, इसलिए इसका आम जनता पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।

    Diversified Sourcing से मजबूत सप्लाई

    भारत 40 से ज्यादा देशों से crude oil खरीदता है, जिसमें Russia और Iran जैसे देश भी शामिल हैं। इसी diversified sourcing की वजह से supply stable बनी हुई है और कीमतों को नियंत्रित रखा जा सका है।

    सरकारी जानकारी और अपडेट


    FAQ

    Q1. क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की कमी है?
    नहीं, तेल कंपनियों ने साफ किया है कि कोई shortage नहीं है।

    Q2. क्या fuel prices बढ़ने वाले हैं?
    अभी regular petrol और diesel की कीमतें स्थिर हैं।

    Q3. Panic buying क्यों नहीं करनी चाहिए?
    इससे supply chain पर दबाव पड़ता है और artificial shortage बन सकता है।

    Q4. West Asia war का भारत पर असर पड़ेगा?
    अभी तक भारत की diversified sourcing के कारण कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।

  • Jesus vs Krishna विवाद: दुर्गा पूजा पंडाल में क्यों बदल गई तस्वीर?

    Jesus vs Krishna विवाद: दुर्गा पूजा पंडाल में क्यों बदल गई तस्वीर?

    रांची के आर.आर. स्पोर्टिंग क्लब ने वेटिकन सिटी थीम पर पंडाल बनाया था। जीसस की तस्वीर लगाने पर विवाद बढ़ा और बाद में उसे भगवान कृष्ण की मूर्ति से बदल दिया गया।

    नैशनल डेस्क
    झारखंड: रांची में इस बार दुर्गा पूजा पंडाल का थीम वेटिकन सिटी रखा गया था। लेकिन पंडाल में लगी जीसस क्राइस्ट की तस्वीर को हटाकर वहां भगवान कृष्ण की प्रतिमा स्थापित कर दी गई।

    VHP का विरोध और आरोप

    विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस पंडाल पर कड़ा ऐतराज जताया। संगठन का आरोप था कि यह कदम हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने और धर्मांतरण को बढ़ावा देने के इरादे से उठाया गया है।
    VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:
    “अगर आयोजकों को इतना ही सेक्युलरिज़्म चाहिए तो वे चर्च या मदरसे के किसी प्रोग्राम में हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर लगाकर दिखाएँ।”

    आयोजकों की सफाई

    पंडाल बनाने वाले आर.आर. स्पोर्टिंग क्लब के संरक्षक विक्की यादव ने कहा कि यह फैसला किसी दबाव में नहीं, बल्कि समिति के सदस्यों ने आपसी सहमति से लिया।
    उन्होंने कहा:

    • हमारा मकसद सभी धर्मों को एक मंच पर लाना था।
    • यूरोपियन स्टाइल की मूर्तियाँ अब भी बाहर रखी गई हैं।
    • थीम का उद्देश्य शांति और भाईचारा बढ़ाना है।

    यादव ने यह भी कहा कि भारत अगर धार्मिक सद्भाव के लिए खड़ा है तो इसे कायम रहना चाहिए। उन्होंने पीएम मोदी के विदेश दौरों में चर्च विज़िट का उदाहरण भी दिया।

    थीम क्यों था खास?

    • क्लब पिछले 50 सालों से दुर्गा पूजा का आयोजन कर रहा है।
    • हर साल अलग थीम पर पंडाल तैयार होता है।
    • इस बार 2022 में कोलकाता के श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब द्वारा बनाए गए वेटिकन सिटी थीम से प्रेरणा ली गई थी।

    विवाद का असर

    हालांकि आयोजकों ने इसे धार्मिक सद्भाव का प्रतीक बताया, लेकिन विरोध और आरोपों की वजह से अंततः जीसस की तस्वीर हटाकर वहां भगवान कृष्ण की प्रतिमा स्थापित करनी पड़ी।


    FAQs

    Q1: विवाद किस वजह से हुआ?
    👉 पंडाल में जीसस क्राइस्ट की तस्वीर लगाए जाने पर VHP ने आपत्ति जताई।

    Q2: तस्वीर की जगह क्या लगाया गया?
    👉 तस्वीर हटाकर वहां भगवान कृष्ण की प्रतिमा रखी गई।

    Q3: आयोजकों का क्या कहना है?
    👉 आयोजकों का कहना है कि यह निर्णय समिति ने मिलकर लिया और इसका मकसद धार्मिक सद्भाव दिखाना था।

    Q4: यह पंडाल किस क्लब ने बनाया था?
    👉 आर.आर. स्पोर्टिंग क्लब, रांची ने।

    Q5: थीम की प्रेरणा कहाँ से ली गई थी?
    👉 2022 में कोलकाता के श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब के वेटिकन सिटी थीम पंडाल से।

  • JSSC Warder Recruitment 2025: झारखंड में 1733 वार्डर पदों पर भर्ती शुरू, ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई

    JSSC Warder Recruitment 2025: झारखंड में 1733 वार्डर पदों पर भर्ती शुरू, ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई

    JSSC Warder Recruitment 2025 के लिए झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (JSSC) ने 1733 पदों पर नोटिफिकेशन जारी किया है। 10वीं पास उम्मीदवार 7 नवंबर से 8 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। जानें योग्यता, उम्र सीमा, सैलरी और चयन प्रक्रिया।

    डिजिटल डिजिटल
    नई दिल्ली: झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (JSSC) ने वार्डर (कक्षपाल) भर्ती 2025 का बड़ा नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार कुल 1733 पद भरे जाएंगे। अगर आप 10वीं पास हैं और एक स्थिर सरकारी नौकरी चाहते हैं, तो यह मौका आपके लिए परफेक्ट है।

    ऑनलाइन आवेदन की तारीख: 7 नवंबर 2025 से 8 दिसंबर 2025 तक
    कुल पद: 1733 (पुरुष – 1653, महिला – 80)
    विभाग: गृह, कारागार एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखंड

    JSSC Warder Vacancy 2025: पदों का विवरण

    • Warder (Male): 1653 पद
    • Warder (Female): 80 पद
    • कुल: 1733 पद

    योग्यता और उम्र सीमा

    • शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार को 10वीं/मैट्रिक पास होना जरूरी।
    • न्यूनतम उम्र: 18 साल
    • अधिकतम उम्र (01 अगस्त 2025 तक)
    • Unreserved / EWS (Male): 25 साल
    • BC / EBC (Male): 27 साल
    • Female (UR / EWS / BC / EBC): 28 साल
    • SC/ST (Male & Female): 30 साल

    शारीरिक मापदंड (Physical Standards)

    • ऊंचाई (Height)
    • सामान्य/BC/EBC पुरुष: 160 सेमी
    • SC/ST पुरुष: 155 सेमी
    • सभी वर्ग महिला: 148 सेमी
    • सीना (Chest) – केवल पुरुष
    • सामान्य/BC/EBC: 81 सेमी
    • SC/ST: 79 सेमी

    JSSC Warder Salary 2025

    • पे लेवल-2 (₹19,900 – ₹63,200)
    • शुरुआती इन-हैंड सैलरी लगभग ₹28,000 – ₹32,000 प्रति माह
    • भत्ते: DA, HRA, TA, मेडिकल सुविधा, NPS पेंशन

    चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    1. Physical Efficiency Test (PET)
    • पुरुष: 1 मील (1600 मीटर) दौड़ – 6 मिनट में पूरी करनी होगी
    • महिला: 1 मील दौड़ – 10 मिनट में पूरी करनी होगी
    1. लिखित परीक्षा (Written Exam)
    • पेपर 1: भाषा ज्ञान (हिंदी + अंग्रेजी) – क्वालिफाइंग
    • पेपर 2: क्षेत्रीय/जनजातीय भाषा – 100 प्रश्न
    • पेपर 3: सामान्य ज्ञान – 120 प्रश्न
    • नेगेटिव मार्किंग: 1 गलत जवाब पर –1 अंक
    1. मेडिकल टेस्ट – फाइनल स्टेज

    आवेदन प्रक्रिया (How to Apply Online)

    1. JSSC की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
    2. “Online Application for JKCE-2025” लिंक पर क्लिक करें।
    3. रजिस्ट्रेशन कर ID और पासवर्ड बनाएं।
    4. एप्लीकेशन फॉर्म भरें और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
    5. फीस ऑनलाइन भरें और फाइनल सबमिट करें।
    6. प्रिंट आउट निकालकर अपने पास रखें।

    आवेदन फीस (Application Fees)

    • General / EWS / BC / EBC: ₹100
    • SC / ST (केवल झारखंड निवासी): ₹50

    महत्वपूर्ण तारीखें (Important Dates)

    • ऑनलाइन आवेदन शुरू: 7 नवंबर 2025
    • आखिरी तारीख: 8 दिसंबर 2025
    • फीस जमा करने की आखिरी तारीख: 10 दिसंबर 2025
    • फॉर्म करेक्शन विंडो: 11–13 दिसंबर 2025

    FAQ

    Q1. JSSC Warder Recruitment 2025 के लिए न्यूनतम योग्यता क्या है?
    उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है।

    Q2. इस भर्ती में कितने पद हैं?
    कुल 1733 पद (पुरुष – 1653, महिला – 80)।

    Q3. JSSC Warder की सैलरी कितनी होगी?
    शुरुआती सैलरी लगभग ₹28,000 – ₹32,000 इन-हैंड होगी।

    Q4. आवेदन की आखिरी तारीख कब है?
    8 दिसंबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं।

    Q5. चयन प्रक्रिया कैसी होगी?
    PET, लिखित परीक्षा और मेडिकल टेस्ट के आधार पर।

  • 12वीं पास युवाओं को मिलेगा फ्री कंप्यूटर कोर्स और 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप

    12वीं पास युवाओं को मिलेगा फ्री कंप्यूटर कोर्स और 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप

    Free Computer Training Scheme: डिजिटल भारत मिशन के तहत भारत सरकार ने फ्रि कंप्यूटर कोर्स के साथ 15 हजार रुपये के आर्थिक मदद देने ऐलान कर दिया है। यह स्कॉलरशिप 12वीं पास युवाओं के लिए आरक्षित कर दी गई है। आईये जानते हैं कैसे और कहां करें आवेदन?

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    भारत सरकार ने डिजिटल भारत मिशन को आगे बढ़ाते हुए 12वीं पास युवाओं के लिए एक बेहद लाभकारी योजना की शुरुआत की है। फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना 2025 के अंतर्गत अब युवाओं को मुफ्त में कंप्यूटर कोर्स करने का अवसर मिलेगा, साथ ही 15000 रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

    बेसिक से एडवांस

    इस योजना के माध्यम से छात्र न केवल बेसिक से लेकर एडवांस कंप्यूटर स्किल्स सीख सकेंगे, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। यह मदद सीधे छात्र के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाऐंगे ताकि वे कोर्स के दौरान आर्थिक बोझ से मुक्त रह सकें।

    किन्हें मिलेगा योजना का लाभ?

    फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना का लाभ केवल उन्हीं युवाओं को मिलेगा जो भारत के नागरिक होंगे। जिन्होंने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की है और जिनकी उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच होगी। इसके साथ ही, परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आवेदक ने पहले से किसी संस्थान से कंप्यूटर कोर्स नहीं किया होना चाहिए।

    कोर्स में क्या-क्या सिखाया जाएगा?

    इस योजना के अंतर्गत युवाओं को माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, इंटरनेट का उपयोग, डिजिटल लेन-देन, साइबर सुरक्षा, टाइपिंग, ईमेलिंग और सरकारी पोर्टल्स पर कार्य करना सिखाया जाएगा। कोर्स की अवधि 3 से 6 महीने की होगी और यह पूरी तरह से सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा कराया जाएगा।

    आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?

    इच्छुक उम्मीदवार अपने राज्य की स्किल डेवलपमेंट या श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर “Free Computer Training Scheme” दर्शाया गया होगा। उसी पर क्लिक करें और रजिस्ट्रेशन करें। इसी के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे – आधार कार्ड, 12वीं की मार्कशीट, फोटो, बैंक पासबुक आदि अपलोड करें और आवेदन सबमिट कर दें। कुछ राज्यों में यह सुविधा CSC केंद्रों पर भी उपलब्ध हो चुकी है।

    योजना के प्रमुख लाभ

    योजना के तहत युवाओं को न केवल मुफ्त कंप्यूटर ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि कोर्स पूरा करने के बाद एक सरकारी प्रमाणपत्र भी मिलेगा। साथ ही 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप और प्लेसमेंट सपोर्ट भी मुहैया कराया जाएगा, जिससे युवाओं को करियर की दिशा में बेहतर अवसर मिल सकें।

    किन राज्यों में शुरू हुई यह योजना?

    यह योजना उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम में लागू हो चुकी है। अन्य राज्यों में भी इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है।

    युवाओं को रोजगार में लाभ

    इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली ट्रेनिंग से छात्र सरकारी और प्राइवेट सेक्टर दोनों में रोजगार के लिए तैयार होंगे। डिजिटल इंडिया, CSC केंद्र, बैंकिंग, बीमा, डेटा एंट्री और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में इन युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है।

    युवाओं का अनुभव और आत्मविश्वास

    कई युवाओं ने बताया कि इस कोर्स के माध्यम से उन्हें न केवल टेक्निकल स्किल्स मिलीं बल्कि नौकरी पाने में भी आसानी हुई। कुछ छात्रों को स्थानीय कंपनियों में 10000 रुपये से 15000 रुपये प्रति माह की शुरुआती नौकरी भी मिली है।

  • रानीबाग में आ गए हैं नए मेहमान, अब बढ़ेगा मुंबई चिड़ियाघर का राजस्व

    रानीबाग में आ गए हैं नए मेहमान, अब बढ़ेगा मुंबई चिड़ियाघर का राजस्व

    मुंबई के भायखला स्थित रानीबाग चिड़ियाघर मे झारखंड से घड़ियाल लाए गए हैं। इसको देखने को मिल बच्चों और पर्यटकों की भीड़ लग रही है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने अनुमान लगाया है, कि इससे राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।

    मुबई: भायखला सिथित प्रसिद्ध वीरमाता जीजावाई भोसले बॉटनिकल गार्डन और जू (रानीबाग) में हालही में नए मेहमानों की एंट्री हुई है, जिससे बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। रांची के भगवान बरसा मुंडा प्राणी संग्रहालय से चार घड़ियाल यहां प्रशासन द्वारा लाए गए हैं, जो पैंग्विन के साथ मिलकर पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बन गए हैं। ये सभी घड़ियाल 6 से 8 साल के हैं। इनके आगमन से रानीबाग में पर्यटकों में खासकर बच्चों की भीड़ बढ़ने की संभावना है, क्योंकि ये लुप्त हो रही प्रजातियों के प्राणी लोगों को रोमांचक झलक देखने का मौका देंगी। ऐसी जानकारी मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

    मुंबई में मेट्रो स्टेशन के बाहर बस में लगी आग, कोई हताहत नहीं

    पक्षियों के बदले मिले घड़ियाल

    Gharials-have-been-brought-from-Jharkhand-to-the-Ranibagh-Zoo-in-Mumbai-Byculla

    इन घड़ियाल के बदले, रांची चिडियाधर को एक सफेद कॉकटेल और चार ग्रे कॉकटेल पक्षी दिए गए हैं। इन घड़ियालों को देखने के लिए देश में पहली बार ग्लास प्रदर्शनी लगाई गई है। इस खास व्यवस्था के तहत, पर्यटक कांच के माध्यम से मगरमच्छों की पानी के अंदर की गतिविधियों को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं, जो उन्हें एक अनोखा अनुभव प्रदान करेगा। यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले भायखला चिड़ियाघर में मगरमचछों और घड़ियालों के लिए समर्पित आवास की कमी थी। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase

    पर्यटकों में होगी वृद्धि

    मई 2023 में चिडियाघर ने अपनी तरह का पहला अंडरवाटर यूइंग डेक पेश किया था, जो अब इन नए मेहमानों के साथ और भी आकर्षक हो गया है। इस कदम से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि वन्य जीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। ऐसी जानकारी मनपा अधिकारियों से प्राप्त हो रही है। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase

  • खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद भी पहलगाम में हमला कैसे हो गया? प्रधानमंत्री ने रद्द किया था अपना कश्मीर दौरा

    खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद भी पहलगाम में हमला कैसे हो गया? प्रधानमंत्री ने रद्द किया था अपना कश्मीर दौरा

    पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री की खुफिया एजेंसियों को जानकारी थी तो हमले से पहले सुरक्षा व्यवस्था क्यों नही की गई?

    नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को दावा किया कि गत 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले से तीन दिन पहले खुफिया रिपोर्ट के आधार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना जम्मू-कश्मीर दौरा रद्द कर दिया था। उन्होंने झारखंड की राजधानी रांची में  कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए यह सवाल भी किया, कि इसी खुफिया रिपोर्ट के आधार पर लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गई?

    कांग्रेस देगा सरकार का साथ

    उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खुफिया विफलता की बात स्वीकार की है और ऐसे में उसे 26 लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। खड़गे ने इस बात को दोहराया कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए हर कदम का कांग्रेस समर्थन करेगा इसके साथ ही सरकार के साथ खड़ा भी होगा।

    पहलगाम में आतंकी हमला

    बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने लगभग 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। इनमें ज्यादातर लोग पर्यटक थे। भारत ने इस भयावह घटना के लिए पाकिस्तान से जु़डे आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार बताया है। खड़गे ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा, “22 अप्रैल को देश में एक बहुत बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 बेगुनाह लोग मारे गए। सरकार ने यह माना कि ये खुपफिया विफलता है और इसे सुधारने की जरूरत है। उन्होंने सवाल किया, “जब आपको यह (खुफिया विफलता) मालूम है तो पहले ही अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?”

    प्रधानमंत्री कश्मीर क्यों नही गए ?

    खड़गे ने इस बात पर जोर दिया, कि “जब आप चूक को मान रहे हैं तो इतने लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी आपको लेनी चाहिए।” उनका कहना था, “पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों के खिलाफ लड़ने के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी, हम उसका पूरा समर्थन करेंगे।” उन्होंने दावा किया, कि “मुझे यह भी सूचना मिली है, अखबारों में भी आया है कि हमले के तीन दिन पहले वहां से खुफिया रिपोर्ट मोदी जी को भेजी गई थी। इसी कारण मोदी जी ने कश्मीर जाने का कार्यक्रम रद्ध किया था।”

    सुरक्षा पर सवाल

    कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया, कि जब खुफिया तंत्र के लोगों का कहना था कि प्रधानमंत्री का जाना मुनासिब नहीं है तो यही बात अपनी खुफिया एजैंसियों के लोगों को, सुरक्षा के लोगों को, पुलिस और वहां की सीमा सुरक्षा बल को क्यों नहीं बताई गई और लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गई?

    प्रधानमंत्री का कश्मीर दौरा

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जम्मू-कश्मीर यात्रा 19 अप्रैल को निर्धारित थी, लेकिन प्रतिकूल मौसम पूर्वानुमान के कारण स्थगित कर दी गई थी। प्रधानमंत्री को दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे पुल का उद्घाटन करना था और कटरा से श्रीनगर के लिए वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखानी थी।

    गद्दार ने दागी गोली

    खड़गे ने कहा, “देश सबसे बड़ा है। इसके बाद ही पार्टी, धर्म और जाति आती है। हमने देश के लिए अपनी जान दी है। इंदिरा गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) और राजीव गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) ने देश को एक रखने के लिए बलिदान दिया है। महात्मा गांधी जी ने तो देश को आजादी दिलाई, लेकिन एक गद्दार ने उनके सीने में गोलियां दाग दी।”

    झारखंड वासियों का धन्यवाद

    कांग्रेस अध्यक्ष ने रैली में इस बात का उल्लेख भी किया कि वह पिछले वर्ष झारखंड में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने के बाद पहली बार रांची पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “मैं सभी झारखंडवासियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं। हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया है और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार चल रही है। हम सभी जनता से किए वादे निभा रहे हैं। हमारी सरकार के मंत्री, विधायक सभी मिलकर जनता के लिए अच्छे से काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं सब को धन्यवाद देता हूं।”

    सरकारी नौकरी

    झारखंड राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुम) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार सत्ता चला रही है। जिसमें कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी शामिल हैं। खड़गे ने दावा किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों को महीनों तनख्वाह नहीं मिलती है और प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि सभी बहुत सुखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “नरेन्द्र मोदी की नीति है- पीएसयू बंद करो और दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों की नौकरी छीन लो। उनके अनुसार, सरकारी नौकरियों में 30 लाख पद खाली हैं, लेकिन वे भरे नहीं जा रहे।

    भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि देश आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, लेकिन सच्चाई ये है, कि देश के गरीबों को कुछ नहीं मिल रहा। सिर्फ पेपर में आंकड़े दिखाने से बात नहीं बनेगी, आपको लोगों के लिए काम करना होगा।” खड़गे ने केंद्र पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि यह सब उस ‘नेशनल हेराल्ड‘ अखबार को कायम रखने के लिए किया गया, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

    डराने के लिए ईडी का उपयोग

    उन्होंने कहा, “जनसंघ, आरएसएस के किसी नेता को नहीं, बल्कि जवाहरलाल नेहरू समेत कई कांग्रेस नेताओं को जेल में डाला गया था।अब ये लोग हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं।” खड़गे ने आरोप लगाया कि ईडी जैसी एजेंसियों का विपक्षी नेताओं को डराने के लिए दुरुपयोग किया गया, लेकिन ऐसे लगभग 200 मामलों में केवल दो व्यक्तियों को ही सजा हो सकी।

    भाजपा का पलटवार

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि झारखंड के एक आदिवासी मुख्यमंत्री (हेमंत सौरेन) को गिरफ्तार कराने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका थी। भाजपा ने खरगे पर पलटवार करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना किए जाने का उद्देश्य “सुरक्षाबलों का मनोबल कम करना” है। झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खरगे की टिप्पणी ऐसे महत्वपूर्ण समय पर आई है जब “आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई निर्णायिक मोड़ पर है।”

  • Mumbai: फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाने का गोरखधंधा, मुंबई से बिहार और झारखंड कनेक्शन, 6 गिरफ्तार

    Mumbai: फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाने का गोरखधंधा, मुंबई से बिहार और झारखंड कनेक्शन, 6 गिरफ्तार

    Mumbai Cyber Fraud: मुंबई पुलिस को सूचना मिली, कि फोर्ट में एसबीएस रोड पर शिप डॉरमेट्री हॉस्टल में रहने वाले तीन शख्स अवैध दस्तावेज- पैन कार्ड और आधार बनाने में लगे हुए हैं। मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार। दो अब भी फरार

    Mumbai Cyber Crime: मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल द्वारा शहर में 3 शख्स की गिरफ्तारी से एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ है। मुंबई पुलिस ने एक बड़े साइबर अपराध का खुलासा करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को मुंबई, बिहार और झारखंड से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि दो अब भी फरार है जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। (Mumbai Racket of making fake PAN and Aadhar cards, Bihar and Jharkhand connection with Mumbai, 6 arrested)

    पुलिस को सूचना मिली थी कि फोर्ट में एसबीएस रोड पर शिप डॉरमेट्री हॉस्टल में रहने वाले तीन व्यक्ति अवैध दस्तावेज- पैन कार्ड और आधार बनाने में लगे हुए हैं। पुलिस टीम को कुछ गड़बड़ होने का संदेह हुआ और उन्होंने उनके कमरे पर छापा मारा। छापामारी के दौरान पुलिस को कई जाली दस्तावेज मिले। एक ही फोटो का इस्तेमाल कई अलग-अलग नामों वाले दस्तावेजों में किया गया।

    फर्जीवाडे के लिए मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल

    पुलिस छापेमारी में आरोपियों में से एक 33 वर्षीय मास्टरमाइंड आरोपी उमेश कुमार पासवान ने पुलिस को बताया कि कैसे वह इन दस्तावेजों को एडिट करने और संशोधित करने के लिए एक प्रिंट पोर्टल मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करता था। पुलिस ने 83 आधार और पैन कार्ड, 10 मोबाइल फोन और कई डेबिट कार्ड, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की पासबुक जब्त की है। उसके अन्य साथी राहुल कुमार वर्मा और अमन कुमार को भी उसी समय गिरफ्तार कर लिया गया।

    आरोपी की फोटो पर कई अनगिनत नाम

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कि “ये आरोपी छोटे-छोटे अज्ञात लॉज में रहते थे, जहां से वे काम कर सकते थे और हर तीन दिन में अपना ठिकाना बदल लेते थे, ताकि उनका पीछा न किया जा सके। बाद में इन दस्तावेजों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी करने के लिए किया जाने वाला था।” पुलिस ने और अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया, कि “दस्तावेजों पर नाम, पते, सब कुछ फर्जी हैं। जिन लोगों के नाम छपे हैं, वे उन नामों से मौजूद नहीं हैं, लेकिन सभी दस्तावेजों पर उमेश की फोटो लगी है।”

    बिहार से दो गिरफ्तार

    पुलिस ने आगे बताया कि बिहार के गया से दो अन्य मुकेश कुमार चंद्रवंशी और अनीश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जो पास पासबुक और डेबिट कार्ड लेकर फर्जीवाडा किया करते थे। मुकेश और अनीश को पहले गिरफ्तार किए गए तीन लोगों ने लालच दिया, जब उमेश ने उन्हें बताया कि उसके पास पासबुक और डेबिट कार्ड के साथ नए नए खाते खुले हैं। तो नया फर्जीवाडा करने के लिए बिहार से मुकेश कुमार चंद्रवंशी और अनीश कुमार सिंह भी सामने आ गए। पुलिस ने कहा कि एक खाता 20,000 और एक 25,000 रुपये में बेचा गया।

    झारखंड से एक गिरफ्तार

    पुलिस टीम ने जाल बिछाया, जिसके बाद उमेश ने मुकेश और अनीश को बुलाया। हालांकि, यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ, क्योंकि मुकेश ने झारखंड में अपने दोस्तों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि अगर वे खरीदारी करना चाहें तो उनके फर्जी खाते उपलब्ध हैं। पुलिस ने झारखंड के देवगढ़ जिले से छठे आरोपी अब्दुल्ला अंसारी को गिरफ्तार किया। दो और लोग अभी भी फरार हैं।

    आरोपियों को मिली न्यायिक हिरासत

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और सामान्य इरादे के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था।

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं?

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था।

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था।

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं।

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था।

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था।

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा।

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए।

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी।

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

  • दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है। वहीं मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। जबकि लव जिहाद कानून का हवाला देते हुए पक्षपात किया जाता है।

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार के ‘लव जिहाद’ कानून बनाए जाने के खिलाफ कई तरह के बयान सामने आ रहे हैं। सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनने की तैयारी कर रही है। महाराष्ट्र राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लव जिहाद को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। वहीं विरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी और झूठी पहचान के जरिए की होने वाले अत्याचार के खिलाफ कदम उठाए जाने की जरूरत है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    धोखे से शादी

    सीएम फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और केरल हाई कोर्ट ने ‘लव जिहाद’ की हकीकत के बारे में टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हकीकत है कि महाराष्ट्र में धोखे से शादी करने और फिर बच्चे पैदा होने पर छोड़ देने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन घटनाओं का असर न केवल उस परिवार पर पड़ता हैं, बल्कि समाज पर भी इसका गहरा असर होता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    सांप्रदायिक सोच

    उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी दूसरे धर्म में शादी करने पर कुछ भी गलत नहीं है। ये सब नॉर्मल है, लेकिन अगर पहचान बदलकर या छिपाकर इस तरह की शादी की जाती है, तो ये गंभीर मामला है। समय रहते इन पर अंकुश लगाने की जरूरत है। वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारी सांप्रदायिक सोच को जाहिर करता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    पक्षपात का आरोप

    मौलाना ने कहा कि हम इस बात को पहले से ही कहते आए हैं कि इस्लाम अपने अनुयायियों को पहचान छुपाने की इजाजत नहीं देता। साथ ही पूरे भारत में कोई भी मुस्लिम संस्था नहीं है जो धर्मांतरण का कार्य करती हो। जबकि कुछ दिनों से ये देखा जा रहा है कि मुस्लिम लड़कियां हिंदू बन रही हैं, अगर उस लड़की के माता-पिता शिकायत करते हैं तो उनकी शिकायत नहीं सुनी जाती। अगर दूसरे संप्रदाय के लोग इस तरह की शिकायत करते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है। जबकि होना ये चाहिए कि निष्पक्ष और इंसाफ पर आधारित कार्रवाई हो। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    हिंदू मुस्लिम की राजनीति

    मौलाना ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद पर कानून बनाकर बहुसंख्यक का भला नहीं कर सकती। इस तरह के कानूनों से समाज पर कोई अच्छा असर नहीं पड़ता। सरकार फिरकापरस्ती को बढ़ावा देना चाहती है। सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। इस तरह के कानून की वो लोग बात करते हैं, जिनकी सोच बहुत छोटी है और वो विकास के बजाय हिंदू मुसलमानों को आपस में टकराव की तरफ ले जाने की बात करते हैं। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    प्रदेश का भला कैसे होगा ?

    मौलाना ने आगे कहा कि महाराष्ट्र सरकार इन मुद्दों को छोड़कर राज्य के विकास पर ध्यान दें। गरीब और कमजोर जनता को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए योजनाएं बनाए। राज्य के बच्चों को 100 फीसद शिक्षा देने की स्कीम चलाएं। इससे प्रदेश का भला होगा। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    शिकायतों का हवाला

    महाराष्ट्र में धर्मांतरण की शिकायतों के बाद देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इसके खिलाफ कानून बनाने का वादा किया था। अब राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की है। इस समिति के सदस्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव, विधि एवं न्याय विभाग के सचिव, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के सचिव, गृह विभाग के सचिव तथा गृह विभाग (विधि) के सचिव होंगे। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    यह समिति राज्य की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगी, लव जिहाद तथा छल-कपट व बलपूर्वक किए जाने वाले धर्मांतरण के समाधान पर सुझाव देगी। इसके अलावा अन्य राज्यों में जारी इस कानून का अध्ययन भी करेगी। समिति कानून का मसौदा भी तैयार करेगी तथा कानूनी मामलों का अध्ययन भी करेगी। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    देश के 9 राज्यों में लव जिहाद के खिलाफ कानून

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे बीजेपी शासित राज्यों में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा। हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है। उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि राजस्थान में इस कानून से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)