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Mumbai Airport: मुम्बई एयरपोर्ट पर DRI ने ब्राजील की महिला को 10.96 करोड़ रुपये की कोकीन के 100 कैप्सूल निगलने के आरोप में गिरफ्तार किया। भारत में ड्रग्स की तस्करी के लिए महिला ब्राजील के साओ पाउलो से आई थी।
Mumbai Airport News: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसे पढ़कर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल मुम्बई एयरपोर्ट देश के व्यस्त एयरपोर्ट में से एक है। जहां लाखों की संख्या में देश विदेश से लोग हर दिन आते-जाते रहते हैं। इसी भीड़ का एक खुबसूरत महिला फायदा उठाकर ड्रग्स की तस्करी करना चाहती थी। लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके पेट में छिपा लगभग 10.96 करोड़ रुपए के ड्रग्स बरामद कर लिया।
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मुम्बई में ड्रग्स की तस्करी करने के आरोप में 10.96 करोड़ रुपये के कोकीन से भरा 100 कैप्सूल निगलने के मामले में ब्राजील की एक महिला को गिरफ्तार किया है। DRI ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, विदेशी महिला के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर महिला को संदेहास्पद पाया। जब महिला बार बार अपने पेट पर हाथ फिरा रही थी तो अधिकारियों ने पूछा, क्या कोई प्रोब्लम तो नही है? महिला हकलाहट में अलग-अलग जवाब दे रही थी। जबकि डीआरआइ अधिकारियों को इसकी खुफिया जानकारी पहले से मिल गई थी। उन्होंने तुरंत महिला को डॉक्टरों के हवाले किया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि महिला भारत में कोकीन तस्करी करने के लिए 100 कैप्सूल निगल ली थी।
महिला को तुरंत एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों की टीम ने उसके पेट से 1,096 ग्राम कोकीन निकाला। ये कोकीन 100 कैप्सूल में भरी हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, कैप्सूल में 10.96 करोड़ रुपये मूल्य का कोकीन मिला, जो अवैध रूप से बाजार में बेचा जा सकता था।
अधिकारियों की मानें तो महिला को भारतीय कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है। ड्रग्स के खिलाफ भारतीय अधिनियम (NDPS) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि तस्कर अपनी गतिविधियों को गुप्त रखने के लिए नए नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें जान का खतरा भी होता है। अगर सफर के दौरान समय ज्यादा हो गया तो इंसानी पेट की गर्मी कैप्सूल को पिघला सकती है और एक साथ इतनी ज्यादा मात्रा में ड्रग्स शरीर में फैलने से नशा बढ़कर उस व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। इस तरह के ड्रग्स की तस्करी पुलिस और कस्टम अधिकारियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
दक्षिण मुम्बई के एक हिरा व्यापारी के घर तिजोरी से 3.5 करोड़ रुपए की चोरी हो गई। पुलिस ने जब छानबीन की तो पता चला बेटे ने ही नकली चाबी बनाकर चोरी की है। पुलिस ने किया गिरफ्तार। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)
मुम्बई: कहते है कि विश्वासघात करने वाले का कोई सगा नही होता। ना जात, ना धर्म, यहां तक की अपनी ही औलाद अपनी जान की दुश्मन बन जाती है। ऐसा ही एक मामला दक्षिण मुम्बई के लेमिन्टन रोड़ से सामने आया है, जहां एक युवक ने अपने ही पिता की तिजोरी में सेंधमारी कर करोड़ों रुपये के हिरे और कैश चोरी कर लिये। यह घटना डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन के अंतर्गत ओपेरा हाउस स्थित पंचरत्न बिल्डिंग का है। जहां पुलिस ने छानबीन करना शुरू कर दिया। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता विपुल जोगानी एक प्रतिष्ठित हीरा व्यापारी हैं। उनका कार्यालय पंचरत्न बिल्डिंग, ओपेरा हाउस में स्थित है। पुलिस ने बताया कि विपुल के बेटे, निर्मम जोगानी, ने पिता के कारोबार की तरक्की और तिजोरी में रखी करोड़ों की संपत्ति देखकर चोरी की साजिश रचाई और नकली चाबी बनाकर तिवारी साफ कर दी। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)
डुप्लीकेट चाबी बनाकर चोरी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बेटे ने बड़ी चालाकी से अपने पिता की जानकारी के बिना तिजोरी की चाबी का साबुन पर छाप लिया और फिर उससे नकली चाबी बनवाई। 20 फरवरी की रात, इसी नकली चाबी का इस्तेमाल कर उसने तिजोरी से 3.5 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे और नकदी चुरा लिए। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)
जब विपुल जोगानी को तिजोरी में चोरी का पता लगा, तो उन्होंने तुरंत डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने जांच शुरू की और CCTV फुटेज और भी दूसरे सुरागों के आधार पर चोर का पता लगा लिया। लेकिन जब सच्चाई सामने आई, तो व्यापारी पिता को गहरा झटका लगा क्योंकि चोरी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके अपने बेटे ने ही की थी। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)
चोरी के आरोप में बेटा गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि जांच में सबूत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी बेटे निर्मम जोगानी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है कि उसने यह चोरी अकेले की थी या किसी और की मदद ली थी।(Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)
महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में अफीम की खेती का खुलासा हुआ है। ड्रग्स की यह खेती अंढेरा पुलिस की नाक के नीचे की जा रही थी। स्थानीय क्राईम ब्रांच ने छापामारी कर इसका खुलासा किया।
महाराष्ट्र में पुलिस की इस छापामारी और ड्रग्स के खिलाफ कार्यवाही को सबसे बड़ी कार्यवाही के रूप में देखी जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से राज्य के अन्य हिस्सों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, अंढेरा पुलिस थाना क्षेत्र में एक किसान अफीम की अवैध खेती कर रहा था। पुलिस ने खुफिया जानकारी के बाद मौके पर छापा मारा और बड़ी संख्या में अफीम के पौधे बरामद किए। (Opium cultivation under the nose of police in Maharashtra, plants worth Rs 12.61 crore seized)
बुलढाणा में अफीम की खेती को लेकर यह कार्रवाई राज्य में सबसे बड़ी मानी जा रही है। हालांकि, इस छापेमारी के बाद अंढेरा पुलिस की कार्यकुशलता पर सवाल खड़े हो गए हैं। क्योंकि अफीम की खेती अंढेरा पुलिस थाने की सीमा में ही हो रही थी और यह पूरी प्रक्रिया पुलिस की नाक के नीचे चल रही थी। इससे यह भी सवाल उठता है कि क्या पुलिस विभाग ने इस मामले में लापरवाही बरती थी? या फिर जानबूझकर देर से कार्रवाई की गई। अंढेरा पुलिस की कार्यप्रणाली पर अब उच्च अधिकारियों की ओर से जांच की संभावना भी जताई जा रही है। (Opium cultivation under the nose of police in Maharashtra, plants worth Rs 12.61 crore seized)
मुम्बई: मालाड़ पुलिस ने 40 लाख रुपये की चोरी मामले में 32 वर्षीय आशीष बूटीराम सयाल को कश्मीर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी बॉलीवुड म्यूजिक डायरेक्टर प्रीतम चक्रवर्ती के ऑफिस में काम करता था। 4 फरवरी को ऑफिस में रखे पैसों से भरा बैग लेकर फरार हो गया था। (40 lakh stolen in Mumbai music director’s office, Malad police arrested from Kashmir)
4 फरवरी को ऑफिस के कुछ पेपरों पर हस्ताक्षर करवाने के लिए मैनेजर प्रीतम के घर गया हुआ था। उसी वक्त ऑफिस में काम करने वाले आरोपी आशीष बूटीराम सयाल पैसों से भरा बैग लेकर रफूचक्कर हो गया। ऑफिस के बाकी लोगों ने पूछा तो बताया कि वह मालिक के घर पैसों से भरा बैग पहुंचाने के लिए जा रहा है। जबकि वह पैसे लेकर फरार हो गया। (40 lakh stolen in Mumbai music director’s office, Malad police arrested from Kashmir)
कश्मीर से गिरफ्तार
पुलिस ने बताया, कि तांत्रिक विश्लेषणों और गुप्तचरों की मदद से आरोपी के जम्मू-कश्मीर में होने की जानकारी मिली। पुलिस की एक टिम कश्मीर जाकर आशीष को हिरासत में लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कुछ पैसे खर्च कर दिए थे। जबकि चोरी का लगभग 95 प्रतिशत पैसा बरामद कर लिया गया है। मामले की अभी और अधिक तहकीकात मालाड़ पुलिस कर रही है। (40 lakh stolen in Mumbai music director’s office, Malad police arrested from Kashmir)
मुंबई: बोरीवली पश्चिम के गोराई इलाके से एक किराना स्टोर के दुकानदार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह चावल की आड़ में ड्रग्स बेचने का काम करता था। हालांकि आरोपी एक थर्ड इयर स्टूडेंट हैं और अपने पिता के दुकानदारी में हाथ बटाने का काम करता था। लेकिन 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल की किमत ने पुलिस को हैरान कर दिया। जब छापामारी की गई तो मौके से 750 ग्राम गांजा बरामद किया गया। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
चावल की जगह गांजे का इस्तेमाल
गोराई में एक जनरल स्टोर को 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल बेचते हुए पाया गया। यहां चावल का इस्तेमाल खाना पका कर खाने के लिए नही, बल्कि ड्रग्स के व्यापार को छिपाने के लिए किया जा रहा था। ग्राहकों को चावल की जगह चोरी-छिपे गांजा सप्लाई कराया जा रहा था। अवैध संचालन का खुलासा तब हुआ जब बोरीवली पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर दुकान पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान मौके से लगभग 750 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने 21 वर्षीय दुकानदार को गिरफ्तार कर करीब 15 हजार रुपये का गांजा जब्त किया है। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
दुकान कहां पर है ?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 21 वर्षीय आरोपी की पहचान महिपाल सिंह राठौड़ के रूप में हुई है। मुम्बई पुलिस जोन 11 के पुलिस उपायुक्त आनंद भोइटे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे के मार्गदर्शन में, पुलिस निरीक्षक मिलिंद नागपुरे और पीएसआई परमोद निंबालकर (Atc) के नेतृत्व में एक टीम गठित कर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई पिछले सप्ताह बोरीवली पश्चिम के गोराई इलाके में सेक्टर 2, प्लॉट 188, त्र्यंबकेश्वर सोसायटी के एक किराने की दुकान पर की गई। जहां पुलिस की टीम ने दुकान से 7 ग्राम, 20 ग्राम और 50 ग्राम के अलग-अलग पैकेट में कुल 749 ग्राम गांजा बरामद किया। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि “पूछताछ के दौरान, महिपाल सिंह राठौड़ ने खुलासा किया कि वह पिछले एक महीने से अपनी दुकान से गांजा बेच रहा था। एक खरीदार के माध्यम से, उसने एक सप्लायर से संपर्क किया और पिछले महीने में 1 किलो गांजा खरीद कर बेच दिया। 12,000 रुपये से 13,000 रुपये प्रति किलोग्राम उसे मुनाफा मिलने लगा तो उत्साहित होकर, उसने एक और किलोग्राम खरीदा, जिसमें से वह पहले ही लगभग एक चौथाई किलो बेच चुका था। वह इसे 7 ग्राम, 20 ग्राम और 50 ग्राम के छोटे पैकेटों में बांट देता था, जिन्हें क्रमशः 200 रुपये, 500 रुपये और 1,500 रुपये में बेचा जाता था।” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
200 रुपये का चावल
पुलिस ने यह भी बताया, कि “संदेह से बचने के लिए, लेन-देन कोड शब्दों का उपयोग करके किया जाता था। खरीदार खास कीमतों पर “चावल” की मांगे करते थे। उदाहरण के लिए, 7 ग्राम जिसे चाहिए होता वह ‘200 रुपये के चावल’ की मांग करता। इसी तरह, अन्य मात्राओं के ऑर्डर दिए जाते थे।” आरोपी इन कोड की मांग को समझते हुए, भुगतान एकत्र करता और सावधानी से ड्रग्स के पैकेट सौंप देता। ” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
पुलिस के अनुसार, दूरस्थ शिक्षा (Distance Education) के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर रहा थर्ड इयर स्टूडेंट राठौड़ अपने पिता की दुकान संभाल रहा था। “राशन और अन्य खाद्य सामग्री बेचने के अलावा, राठौड़ सिगरेट और तंबाकू का भी स्टॉक रखता था। इसके अलावा, वह रोलिंग पेपर (रिज़ला) भी बेचता था, जिसे अक्सर गांजा पीने वाले खरीदते थे। जब भी ग्राहक रोलिंग पेपर खरीदने आते थे, तो वह मजाक में सुझाव देते थे कि गांजा भी बेचना चालू करे।” एक अन्य अधिकारी ने जानकारी में बताया, कि “हमने राठौड़ पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। जहां से पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की अभी और अधिक तहकीकात जारी है।” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
मुम्बई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना शिंदे गुट के करीब 25 मौजूदा और पू्र्व विधायकों की सिक्योरिटी में कौटती करने का फैसला किया गया है। इसको लेकर शिंदे गुट शिवसेना के नेताओं ने नाराजगी भी जाहिर की। उनका कहना है कि देंवेंद्र फडणवीस की अगुआई वाली सरकार में उन्हें साइडलाइन किया जा रहा है। गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने ही पास रखी है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
बता दें कि इससे पहले शिवसेना के 40 और 10 निर्दलीय विधायकों ने शिंदे का समर्थन किया था। इसके बाद शिंदे गुट की शिवसेना ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली। वहीं उद्धव ठाकरे के समर्थकों ने शिवसेना को विभाजित करने के आरोप एकनाथ शिंदे और उनके समर्थकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कई जगहों पर विरोध का उग्र रूप भी देखा गया। वहीं शिंदे सेना के विधायकों की सुरक्षा के मद्देनजर वाई प्लस सिक्योरिटी मुहैया कराई गई थी। विधायकों को पांच से छह पुलिसकर्मियों के अलावा एक एस्कॉर्ट वाहन भी दिया गया था। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
विधायकों की सुरक्षा में 600 पुलिसकर्मी
इसके अलावा शिवसेना शिंदे गुट के विधायकों के काफिले के साथ फ्लैशिंग लाइट वाला वाहन भी रहता था। मुम्बई में एक आईपीएस अधिकारी ने कहा, विधायकों की सुरक्षा के लिए करीब 600 पुलिसकर्मियों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में पुलिस के बाकी काम प्रभावित होते हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने फैसला लिया है कि इन विधायकों की सुरक्षा में कटौती की जाएगी। केवल उन शिवसेना विधायकों को इतनी सुरक्षा मिलेगी जो कि मंत्रिपद पर हैं या फिर उनकी जान को खतरा है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
अब मिलेगा सिर्फ एक पुलिसकर्मी
उन्होंने कहा कि अन्य विधायकों की तरह ही बाकी शिवसेना विधायकों को सुरक्षा के लिए एक पुलिसकर्मी दिया जाएगा। गृह विभाग ने कई अन्य राजनेताओं की सुरक्षा में भी कटौती करने का फैसला किया है। वहीं शिवसेना की प्रवक्ता मनीषा कयांदे ने कहा, कि “कहा जा रहा है, अब चुनौतियां कम हैं इसलिए शिवसेना विधायकों की सुरक्षा भी कम कर दी गई है। लेकिन कुछ लोगों को इसको लेकर शिकायत है।” शिंदे सेना के नेताओं का कहना है, कि “सरकार सोच-समझकर उन्हें साइडलाइन करने के लिए ऐसा कर रही है।” वहीं शिवसेना के दो मंत्री रायगढ़ और नासिक की गार्जियन मिनिस्टरशिप को लेकर भी नाखुश हैं। शिंदे भी देवेंद्र फडणवीस के साथ कई बैठकों में शामिल नहीं हुए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
एक तरफ सत्ता पक्ष महायुति गठबंधन के शिवेसेना और बीजेपी में इस तरह की दूरियों के कारण आपसी कलह के कयास लगाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शरद पवार तारीफ कर रहे हैं। वहीं देवेंद्र फडणवीस से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं ने मुलाकात चर्चाओं का विषय बना हुआ है। बता दें कि महाराष्ट्र के चुनाव में शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन तीन महीने के भीतर ही दोनों में मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति ने महाराष्ट्र की 288 सीटों में से 230 सीट जीतकर भारी प्रदर्शन के साथ विजय हासिल किया है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
नगरपालिका चुनाव
हालही के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब मुम्बई, पुणे और ठाणे समेत पूरे राज्य मे नगर पंचायत एवं नगरपालिका चुनाव भी बड़े दांव वाली लड़ाई होने वाली है, जिसके लिए राज्यभर में सभी राजनैतिक पार्टियां और उनके कार्यकर्ता कमर कस रहे हैं। हालही में उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेताओं ने पिछले ढाई महीने में कम से कम तीन बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इसके अलावा मुख्यमंत्री से आदित्य ठाकरे ने दो बार, उद्धव ने एक बार मुलाकात की है, जबकि अन्य वरिष्ठ शिवसेना नेताओं ने भी फडणवीस से अलग से मिलने गए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
मुम्बई के कुर्ला इलाके में एक बेरहम बाप ने अपने ही 3 महिने की बेटी को मौत के घाट उतार दिया है। पत्नी से लड़ाई का गुस्सा बच्ची पर निकाला, जमीन पर पटक कर बच्ची की मौत।
मुम्बई: कहते हैं, गुस्सा इनसान को हैवान बना देता है। एक ऐसा ही मामला मुम्बई के कुर्ला इलाके से प्रकाश में आ रहा है। यहां कुर्ला के एक 36 वर्षीय बेरोजगार पिता ने पत्नी से झगड़े के बाद गुस्से में अपनी 3 महीने की मासूम बच्ची को जमीन पर पटक कर मार दिया। बच्ची की मौत हो गई है। पुलिस आरोपी पिता को गिरफ्तार कर मामले की तहकीकात कर रही है। (Father killed 3 month old girl)
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पत्नी से हुए झगड़े के बाद आरोपी ने गुस्से में बच्ची को जमीन पर पटक दिया। इससे बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और खून से लथपथ हो गई। बच्ची की मां ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आंतरिक रक्तस्राव के कारण बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने 36 वर्षीय आरोपी परवेज फकरुद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। वह अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ कुर्ला की एलआईजी कॉलोनी में रहता था। उसने अपनी सबसे छोटी बेटी आफिया को जमीन पर पटक कर मार दिया। बच्ची की मां सबा परवेज सिद्दीकी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच कर रही है। (Father killed 3 month old girl)
घटना की हकीकत क्या है?
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी परवेज पिछले कुछ दिनों से बेरोजगार था। पैसों की तंगी के चलते उसका अपनी पत्नी से अक्सर झगड़ा हुआ करता था। शनिवार दोपहर भी दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही झगड़े में बदल गई। झगड़े के दौरान परवेज ने पत्नी पर हाथ उठाया। उस समय 3 महीने की आफिया मां की गोद में थी। गुस्से में परवेज ने बच्ची को मां की गोद से छीन लिया और बेदर्दी से जमीन पर पटक दिया। (Father killed 3 month old girl)
गंभीर रूप से घायल आफिया को आनन-फानन में कुर्ला के भाभा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्ची की मौत आंतरिक चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हो गई है। शुरुआती जांच में इस मामले को आकस्मिक मौत माना जा रहा था, लेकिन बच्ची की मां के बयान के बाद शनिवार रात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। (Father killed 3 month old girl)
Money Laundering Case: ED ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) धोखाधड़ी मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए मुंबई के 12 ठिकानों पर छापेमारी की है। जहां से अहम दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन के सबूत जब्त किए गए। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
ED Raid In Mumbai: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत मुंबई के 12 ठिकानों पर छापेमारी की है। ये कार्रवाई रियाल्टो एक्सिम प्राइवेट लिमिटेड, पुष्पक बुलियन प्राइवेट लिमिटेड, चंद्रकांत पटेल और बाकी के खिलाफ न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) के साथ धोखाधड़ी के मामले में की गई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जिनमें अचल संपत्ती और बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां शामिल है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
ED को जानकारी मिली थी कि ये कंपनियां और आरोपी मिलकर कई बैंकों से फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर कर्ज ले रहे थे और फिर धनराशि को अलग-अलग कंपनियों और खातों में ट्रांसफर कर देते थे। इस घोटाले में कुछ बैंक अधिकारियों की भी संलिप्तत होने की आशंका जताई जा रही है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
छापेमारी मैं क्या मिला ?
ED की टीम ने छापेमारी के दौरान कई अहम सबूत जुटाए हैं जिनमें बड़ी धनराशि, संपत्तियों के डॉक्यूमेंट्स और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक डेटा शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों और व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
देश में बैंक धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से बढ़ रहे हैं। विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे मामलों के बाद भी कई कंपनियां और कारोबारी बैंकों से लोन लेकर उसका गलत इस्तेमाल करने में कामयाब हो रहे हैं। सरकार और जांच एजेंसियां लगातार इन पर सख्त कार्रवाई कर रही हैं। तब पर भी बैंक से धोखाधड़ी के मामले कम नही हो रहे हैं। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
आरोपियों की गिरफ्तारी
ED के अधिकारी इस घोटाले में शामिल सभी बैंक खातों और संपत्तियों की गहन जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि इसके तहत आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है। साथ ही संबंधित कंपनियों की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। इस कार्रवाई से बैंकिंग सेक्टर में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश जा रहा है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
मुम्बई: न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) में 122 करोड़ रुपये का घोटाला लोगों को हैरान और परेशान कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में बैंक के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर हितेश प्रवीणचंद मेहता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। खबर के मुताबिक, हितेश प्रवीणचंद मेहता ने 2020 से 2025 तक अपने पद पर रहते हुए पैसों की हेराफेरी की है। जबकि, मेहता के पास दादर और गोरेगांव की ब्रांच का प्रबंधन का काम था। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)
किसने की शिकायत?
न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के चीफ अकाउंट ऑफिसर ने दादर पुलिस स्टेशन पर शिकायत की थी। जिसके बाद यह मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को संदेह है कि इस पूरे मामले में मेहता के दोस्त भी शामिल हैं। इसलिए पूरे मामले की जांच मुम्बई पुलिस के ईओडब्ल्यू को सौंप दिया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय सहिंता 2023 की धारा 316(5) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)
आरबीआई का एक्शन
शिकायतों और आर्थिक समस्याओं को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इस बैंक पर कड़ा एक्शन लिया है। गुरुवार को आरबीआई ने इस बैंक पर बिना सेंट्रल बैंक की मंजूरी के लोन देने या फिर उसके नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। साथ ही नई जमाराशि को जमा करना या फिर भुगतान करने पर भी आरबीआई ने बैन लगाया है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)
एक दिन बाद ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को हटाने का फैसला किया। वहीं, बैंक के संचालन का जिम्मा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व महाप्रबंधक श्रीकांत को सौंपा है। इनकी मदद के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कमेटी बनाई है। जिसमें एसबीआई के पूर्व एमडी रवींद्र सपरा और चार्टेड अकाउंटेंट अभिजीत देशमुख शामिल हैं। बता दें, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपने बयान में कहा, कि बैंक का प्रशासन मानकों के अनुरुप नहीं चल रहा था। जिसकी वजह से हस्ताक्षेप करना पड़ा है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)
मुम्बई: परेल की एक ऐसी जालसाजी की घटना प्रकाश में आ रही है जिसने मुम्बई पुलिस को हैरान कर दिया है। यहां एक होलसेल डेयरी प्रोडक्ट के व्यापारी को एक जालसाज ने फोन पर अमूल पनीर और अमूल मिल्क क्रिम का ऑर्डर दिया। जब कर्मचारी लगभग 53 हजार रुपये का सामान लेकर पते पर पहुंचा तो पैसे दिए बगैर ही कर्मचारी को चकमा देकर जालसाज ने 43 हजार रुपये का अमूल पनीर चुरा लिया। कर्मचारी हक्का बक्का रह गया और बचा हुआ अमूल मिल्क क्रिम वापस लेकर आ गया। व्यापारी ने जब फोन लगाया तो पता चला कि उसके साथ धोखा हुआ है। (Mumbai fraud case, Cheese worth Rs 43 thousand stolen, police is investigating)
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस ने कहा कि उनकी टीमें संदिग्ध की पहचान करने के लिए कॉल डेटा रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि उस घटना की जांच शुरू कर दी है। घटना 6 फरवरी की है। पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को खरीदार बताकर लोअर परेल में एक थोक व्यापारी से लगभग 43 हजार रुपये का 84 किलोग्राम अमूल पनीर चुरा लिया है। (Mumbai fraud case, Cheese worth Rs 43 thousand stolen, police is investigating)
अमूल पनीर का ऑर्डर
पुलिस के अनुसार, 5 फरवरी को दोपहर 2.11 बजे, लोअर परेल में डेलिसल रोड पर डेयरी प्रोडक्ट के एक होलसेल व्यापारी को जालसाज ने फोन किया। फोन पर उसने 84 किलोग्राम अमूल पनीर और 48 लीटर अमूल क्रीम का ऑर्डर देकर शिकायतकर्ता को परेल में केईएम अस्पताल के पास ग्लोबल डेयरी प्रोडक्ट्स नाम की उसकी कथित दुकान पर पहुंचाने के लिए कहा। (Mumbai fraud case, Cheese worth Rs 43 thousand stolen, police is investigating)
कन्फ़र्म ऑर्डर
पुलिस को शिकायत में व्यापारी ने बताया, कि “मैंने सामान की कुल लागत का मूल्य का हिसाब लगाने के बाद, उसे बताया कि इसकी कीमत 52,764 रुपये होगी, जिसके बाद फोन करने वाले ने मुझे बताया कि वह जल्द ही ऑर्डर कन्फ़र्म करेगा।” जालसाज ने अगली सुबह व्यापारी को संपर्क कर ऑर्डर कन्फर्म किया और दावा किया कि वह डिलीवरी के बाद बिल का भुगतान नकद में करेगा। उस व्यक्ति ने उनका विश्वास हासिल करने के लिए व्हाट्सएप के जरिए ऑर्डर भी भेजा। (Mumbai fraud case, Cheese worth Rs 43 thousand stolen, police is investigating)
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया, “जैसा कि मैंने उस पर भरोसा किया, मैंने 12 किलो के सात बॉक्स में 84 किलो अमूल पनीर और 12 लीटर के चार बॉक्स में 48 लीटर अमूल क्रीम एक टेम्पो में लाद दिया और अपने कर्मचारी के साथ सुबह 11 बजे के आसपास ग्लोबल डेयरी प्रोडक्ट्स के पास डिलेवरी के लिए भेज दिया।” (Mumbai fraud case, Cheese worth Rs 43 thousand stolen, police is investigating)
इसके बाद, व्यापारी ने ऑर्डर भेजे जाने पर सामने वाले व्यक्ति को कन्फ़र्म भी किया। इसके साथ ही यह भी बता दिया कि कर्मचारी के हाथ से कैश पैसे भिजवा दें। हालाँकि, जब कर्मचारी दुकान का पता नहीं लगा सका, तो उसने अपने मालिक से संपर्क किया, जिसने बदले में “ग्राहक” को ऑर्डर लेने के लिए बुलाया। संदिग्ध ने कथित तौर पर कर्मचारी को आईटीसी होटल के पास रुकने को कहा, जहां एक आदमी डिलीवरी लेने आएगा। (Mumbai fraud case, Cheese worth Rs 43 thousand stolen, police is investigating)
फुटपाथ पर डिलीवरी
वहां जो आदमी डिलीवरी लेने आया था वह कर्मचारी को ग्लोबल हॉस्पिटल के पास ले तो गया। लेकिन पनीर के सभी सात डिब्बे वहीं फुटपाथ पर एक चीनी होटल के सामने छोड़ने के लिए कहा। कर्मचारी ने वैसा ही किया और बाक़ी के 48 लीटर अमूल क्रीम डिलीवरी करने के लिए उस आदमी के साथ चला गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, अजनबी ने कर्मचारी से वादा किया कि उसे दुकान पर कैश पैसे मिल जाएगी। (Mumbai fraud case, Cheese worth Rs 43 thousand stolen, police is investigating)
संदिग्ध का बहाना
वहां दुकान का शटर बंद था। संदिग्ध ने बताया कि वह चाबियाँ लाना भूल गया और वह चाबी लेने के लिए चला गया। जब संदिग्ध वापस नहीं आया, तो कर्मचारी को एहसास हुआ कि कुछ तो गड़बड़ है और उसने अपने मालिक को फोन कर सारी बात बताई। जब व्यापारी ने ऑर्डर देने वाले से संपर्क किया तो पता चला कि सामने वाले का फोन बंद है। (Mumbai fraud case, Cheese worth Rs 43 thousand stolen, police is investigating)
धोखे का खुलासा कब हुआ?
फोन बंद पाकर व्यापारी ने अपने कर्मचारी को वहां जाने को कहा जहां उसने पनीर छोड़ा था। लेकिन जब तक कर्मचारी वहां पहुंचता वहां से पनीर के बॉक्स गायब हो चुके थे। डेयरी डीलर ने बाद में व्यक्तिगत रूप से घटनास्थल का दौरा किया और आसपास के लोगों और दुकानदारों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद व्यापारी ने एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। (Mumbai fraud case, Cheese worth Rs 43 thousand stolen, police is investigating)