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  • नकली ट्रेडिंग ऐप से 48.5 लाख की ठगी, मुंबई साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा

    नकली ट्रेडिंग ऐप से 48.5 लाख की ठगी, मुंबई साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा

    मुंबई के बोरीवली के व्यापारी से नकली ट्रेडिंग ऐप और WhatsApp ग्रुप के जरिए 48.5 लाख की साइबर ठगी। नॉर्थ साइबर पुलिस ने पुणे से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: साइबर पुलिस ने नकली शेयर मार्केट ट्रेडिंग ऐप स्कैम का बड़ा खुलासा करते हुए पुणे के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बोरीवली के एक बिजनेसमैन को WhatsApp स्टॉक टिप्स ग्रुप और नकली ट्रेडिंग ऐप के जरिए 48.50 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया। पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल नंबर और डिजिटल सबूतों के आधार पर कार्रवाई की है। मामले की आगे जांच जारी है।

    📍 कैसे शुरू हुई ठगी की कहानी

    पीड़ित, 43 वर्षीय कारोबारी, बीकेसी के डायमंड मार्केट में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर काम करता है।
    अक्टूबर 2025 में उसे एक अंजान महिला का कॉल आया, जिसने अपना नाम “रिया” बताया और खुद को SEBI से जुड़े ब्रोकर्स के साथ काम करने वाला बताया।

    इसके बाद पीड़ित को “Daily Recommendations 602” नाम के WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया, जहां रोज़

    • शेयर टिप्स
    • IPO अपडेट
    • QIB इन्वेस्टमेंट
    • मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट

    शेयर किए जाते थे।

    📲 VIP ग्रुप और फेक ट्रेडिंग ऐप का जाल

    विश्वास बढ़ाने के लिए पीड़ित को बिना अनुमति “VIP Study Group” में भी जोड़ दिया गया।
    यहां उसे एक लिंक भेजकर TMGPLUS नाम का ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया गया।

    यह ऐप दिखने में असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसा था और उसमें

    • फर्जी मुनाफा
    • बढ़ती हुई रकम
      दिखाई जाती थी, जिससे पीड़ित और ज्यादा निवेश करने लगा।

    💰 48.50 लाख रुपये कैसे निकाले गए

    पुलिस के अनुसार,
    18 नवंबर से 12 दिसंबर 2025 के बीच पीड़ित ने

    • IMPS
    • NEFT
    • RTGS

    के जरिए 48.50 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए।

    शुरुआत में छोटी रकम निकालने दी गई, ताकि भरोसा बने।
    लेकिन जब बड़ी रकम निकालने की कोशिश की गई, तो अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया।

    🧾 IPO अलॉटमेंट का बहाना

    जब पीड़ित ने अपनी रकम और मुनाफा निकालना चाहा, तो आरोपियों ने कहा कि

    • पैसा IPO अलॉटमेंट में फंसा है
    • रकम रिलीज करने के लिए 50 लाख रुपये और जमा करने होंगे

    इसके बाद पीड़ित को शक हुआ और उसने

    • साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की
    • फिर पुलिस से संपर्क किया।

    👮‍♂️ मुंबई पुलिस की कार्रवाई कैसे हुई

    बैंक ट्रांजैक्शन, WhatsApp ग्रुप्स, मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रेल की तकनीकी जांच के बाद
    नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने
    30 जनवरी 2026 को पुणे के अंबेगांव पुलिस स्टेशन की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    टीम का नेतृत्व

    • इंस्पेक्टर किरण आहेर
    • एपीआई सुदर्शन पाटिल

    ने किया।

    🧑‍⚖️ गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

    पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:

    • अमर बापू शिंदे (31)
    • प्रशांत सुनील कडव (33)
    • प्रणिल संजय राठोड (25)

    तीनों पुणे के रहने वाले हैं और पढ़े-लिखे हैं।

    🔍 आरोपियों की भूमिका

    पुलिस जांच में सामने आया कि:

    • शिंदे ने अपने बैंक अकाउंट उपलब्ध कराए
    • कडव ने मिडलमैन बनकर दूसरे अकाउंट्स जुटाए
    • राठोड ने खातों से पैसा निकालकर मास्टरमाइंड तक पहुंचाया

    तीनों को हर ट्रांजैक्शन पर कमीशन मिलता था।

    🏦 33 लाख का अहम ट्रांजैक्शन ट्रेस

    पुलिस ने RBL बैंक के एक अकाउंट से जुड़े
    33 लाख रुपये के ट्रांजैक्शन को ट्रेस किया,
    जो Sunenergier Solutions Pvt Ltd, पुणे के नाम पर रजिस्टर्ड था।

    इससे तीनों की संलिप्तता पुख्ता हुई।

    ⚠️ पुलिस की जनता से अपील

    मुंबई साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:

    • अनजान WhatsApp स्टॉक टिप्स ग्रुप से दूर रहें
    • किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी जांच करें
    • बिना वेरिफिकेशन निवेश न करें

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ठगी की रकम कितनी है?
    👉 48.50 लाख रुपये।

    Q2. ठगी कैसे की गई?
    👉 WhatsApp ग्रुप और फेक ट्रेडिंग ऐप के जरिए।

    Q3. आरोपी कहां के रहने वाले हैं?
    👉 पुणे के।

    Q4. शिकायत कहां दर्ज की गई थी?
    👉 साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन।

    Q5. क्या जांच अभी जारी है?
    👉 हां, मास्टरमाइंड और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

  • मलाड ईस्ट में 3 महीने का नो-पार्किंग नियम, ट्रैफिक पुलिस का सख्त एक्शन

    मलाड ईस्ट में 3 महीने का नो-पार्किंग नियम, ट्रैफिक पुलिस का सख्त एक्शन

    मलाड ईस्ट के कुरार विलेज रोड पर ट्रैफिक जाम से राहत के लिए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने 3 महीने का नो-पार्किंग नियम लागू किया। नियम तोड़ने पर चालान और टोइंग होगी।

    मुंबई: ट्रैफिक पुलिस ने मलाड ईस्ट के कुरार विलेज रोड पर लगातार लगने वाले ट्रैफिक जाम को देखते हुए तीन महीने का नो-पार्किंग नियम लागू किया है। यह प्रतिबंध आकाश पान शॉप से बाबाजी कोंसे मार्ग तक सड़क के दोनों ओर लागू रहेगा। अवैध पार्किंग के कारण हो रही भीड़, पैदल यात्रियों की परेशानी और इमरजेंसी वाहनों की दिक्कत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

    🚦 कहां लागू हुआ नो-पार्किंग नियम

    ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक,

    • लोकेशन: कुरार विलेज रोड, मलाड ईस्ट
    • स्ट्रेच: आकाश पान शॉप से बाबाजी कोंसे मार्ग
    • दायरा: सड़क के दोनों किनारे
    • अवधि: 3 महीने (अस्थायी)

    यह इलाका पहले से ही संकरी सड़क और भारी ट्रैफिक के लिए जाना जाता है, जहां गलत तरीके से खड़ी गाड़ियों के कारण रोज़ लंबा जाम लगता था।

    🚗 संकरी सड़क और रोज़ का जाम बना वजह

    कुरार विलेज रोड मलाड ईस्ट का एक अहम कनेक्टर रोड है, जिससे

    • ऑफिस जाने वाले लोग
    • लोकल रहवासी
    • कमर्शियल वाहन

    लगातार गुजरते हैं।
    अवैध पार्किंग की वजह से सड़क की चौड़ाई कम हो जाती थी, गाड़ियां एक लाइन में चलने को मजबूर होती थीं और पीक ऑवर में लंबी कतारें लग जाती थीं। इससे न सिर्फ समय की बर्बादी हो रही थी बल्कि छोटे-मोटे हादसों का खतरा भी बढ़ गया था।

    🚑 पैदल यात्रियों और इमरजेंसी वाहनों को राहत

    ट्रैफिक अधिकारियों का कहना है कि गलत पार्किंग के कारण

    • फुटपाथ पूरी तरह ब्लॉक हो जाते थे
    • पैदल चलने वालों को सड़क पर उतरना पड़ता था
    • एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी गाड़ियों को निकलने में दिक्कत होती थी

    नो-पार्किंग नियम से सड़क की पूरी चौड़ाई मिलेगी और ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा।

    📢 आधिकारिक आदेश और सख्त कार्रवाई

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है कि

    • नियम तोड़ने वालों पर चालान
    • ज़रूरत पड़ने पर टोइंग एक्शन

    लिया जाएगा।
    इस दौरान ट्रैफिक पुलिस की टीमें नियमित पेट्रोलिंग और अचानक जांच करेंगी। तीन महीने बाद हालात की समीक्षा की जाएगी।

    👮‍♂️ नागरिकों से सहयोग की अपील

    डिप्टी कमिश्नर ऑफ ट्रैफिक पुलिस अजीत बोराडे ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस नियम का पालन करें।
    उन्होंने कहा कि यह फैसला जनहित और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

    स्थानीय दुकानदारों और रहवासियों से भी अपील की गई है कि वे गाड़ियां तय पार्किंग ज़ोन में ही खड़ी करें।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. नो-पार्किंग नियम कितने समय के लिए है?
    👉 तीन महीने के लिए।

    Q2. किस इलाके में नियम लागू है?
    👉 मलाड ईस्ट के कुरार विलेज रोड पर।

    Q3. कौन-सा स्ट्रेच कवर होगा?
    👉 आकाश पान शॉप से बाबाजी कोंसे मार्ग तक।

    Q4. नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई होगी?
    👉 चालान और टोइंग की कार्रवाई।

    Q5. क्या यह नियम स्थायी होगा?
    👉 फिलहाल अस्थायी है, तीन महीने बाद समीक्षा होगी।

  • Borivali: बिल्डर-बाप बेटे पर करोड़ों की ठगी, कई FIR दर्ज

    Borivali: बिल्डर-बाप बेटे पर करोड़ों की ठगी, कई FIR दर्ज

    मुंबई के Borivali में रियल एस्टेट डेवलपर अशोक जेठवा और बेटे मिहिर पर करीब 3 करोड़ की ठगी का आरोप। फर्जी दस्तावेज, फ्लैट का झांसा, कई केस दर्ज।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में एक बड़े रियल एस्टेट फ्रॉड का खुलासा हुआ है। रिटायर्ड शिपिंग कर्मचारी और अन्य निवेशकों से करोड़ों रुपये लेकर फ्लैट न देने के आरोप में डेवलपर अशोक जेठवा (55) और उसका बेटा मिहिर जेठवा (35) पुलिस के शिकंजे में आ गए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने फर्जी दस्तावेज, झूठे वादे और रेरा रजिस्ट्रेशन का हवाला देकर कई लोगों को ठगा।

    🔍 क्या है पूरा मामला

    कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रज्योत डाभोलकर (60), जो कांदिवली ईस्ट के निवासी और रिटायर्ड शिपिंग कर्मचारी हैं, वर्ष 2015 में एक फ्लैट खरीदने की तलाश में थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात ब्रोकर नवीनचंद्र बरखड़ा से हुई, जिसने उन्हें मिहिर जेठवा से मिलवाया।

    मिहिर ने खुद को और अपने पिता अशोक जेठवा को बोरीवली इलाके का नामी रियल एस्टेट डेवलपर बताते हुए कई प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी।

    🏗️ फ्लैट नहीं पसंद आए, निवेश का लालच दिया

    डाभोलकर को शुरू में दिखाए गए फ्लैट्स पसंद नहीं आए। इसके बाद मिहिर ने उन्हें “आने वाले प्रोजेक्ट्स” में निवेश करने का सुझाव दिया और भरोसा दिलाया कि बदले में उन्हें बोरीवली वेस्ट में पांच फ्लैट मिलेंगे।

    अक्टूबर 2015 से दिसंबर 2019 के बीच डाभोलकर ने अलग-अलग किश्तों में ₹2.12 करोड़ निवेश कर दिए। वहीं उनकी सास से भी ₹85 लाख लिए गए।

    ❌ पैसे गए, न फ्लैट मिला न रिफंड

    पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने यह रकम प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय निजी इस्तेमाल में लगा दी। न तो फ्लैट दिए गए और न ही पैसे लौटाए गए। जब शिकायतकर्ता ने दबाव बनाया तो टालमटोल शुरू हो गई।

    👤Borivali दूसरा निवेशक भी ठगा गया

    इसी तरह खार वेस्ट के रहने वाले एक 50 वर्षीय निवेशक ने भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जेठवा पिता-पुत्र ने उन्हें बोरीवली ईस्ट के नील आकाश को-ऑप हाउसिंग सोसायटी प्रोजेक्ट में तीन फ्लैट देने का झांसा दिया।

    उन्हें बताया गया कि:

    • इमारत को 10 मंज़िलों की मंज़ूरी है
    • 3 अतिरिक्त मंज़िलों का प्रस्ताव BMC में लंबित है
    • प्रोजेक्ट RERA रजिस्टर्ड है
    • 31 दिसंबर 2018 तक कब्ज़ा मिलेगा

    इन बातों पर भरोसा कर उन्होंने ₹1.74 करोड़ ट्रांसफर कर दिए।

    🏚️ साइट पर सिर्फ 6 मंज़िल, काम बंद

    जब निवेशक ने दिसंबर 2018 में साइट देखी, तो केवल 6 मंज़िलें बनी थीं और निर्माण पूरी तरह बंद था। बाद में आरोपियों ने कांदिवली में फ्लैट देने का वादा किया, जो कभी नहीं मिला। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर जवाब मिला –
    “जो करना है कर लो।”

    🚓 केरल से गिरफ्तारी, फर्जी पहचान का खुलासा

    पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर अलग-अलग राज्यों में छिपते फिर रहे थे।
    जोन-12 की स्पेशल टीम ने उन्हें केरल के एर्नाकुलम स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया और मुंबई लाया गया।

    📂 एक नहीं, कई मामले दर्ज

    पुलिस के अनुसार, जेठवा पिता-पुत्र के खिलाफ 6 से अधिक केस दर्ज हैं।

    📌 प्रमुख केस डिटेल्स

    • Cr No. 177/25 – ₹1.17 करोड़
    • Cr No. 488/25 – ₹1.51 करोड़
    • Cr No. 351/25 – ₹1.74 करोड़
    • Cr No. 852/23 (MPID) – ₹13.52 करोड़
    • Cr No. 288/23 – ₹75 लाख
    • Cr No. 108/23 – ₹1.20 करोड़
    • बोरीवली: Cr No. 75/21, 464/24
    • MHB कॉलोनी: Cr No. 356/23

    ⚠️ पुलिस की अपील

    पुलिस ने आशंका जताई है कि और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। ऐसे किसी भी व्यक्ति से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।


    ❓ FAQ

    Q1. आरोपी कौन हैं?
    अशोक जेठवा और उनका बेटा मिहिर जेठवा, दोनों रियल एस्टेट डेवलपर बताए जा रहे हैं।

    Q2. कुल कितनी रकम की ठगी का आरोप है?
    अलग-अलग मामलों में ₹20 करोड़ से ज्यादा की ठगी का आरोप है।

    Q3. गिरफ्तारी कहां से हुई?
    केरल के एर्नाकुलम से, जहां वे फर्जी पहचान के साथ रह रहे थे।

    Q4. क्या और पीड़ित सामने आ सकते हैं?
    पुलिस के मुताबिक, संभावना है कि और निवेशक भी ठगे गए हों।

  • फर्जी POCSO केस का डर दिखाकर 8.63 लाख की वसूली, मालवनी में खंडणी का सनसनीखेज मामला

    फर्जी POCSO केस का डर दिखाकर 8.63 लाख की वसूली, मालवनी में खंडणी का सनसनीखेज मामला

    मुंबई के मालवनी इलाके में एक ऑटो चालक से फर्जी POCSO और रेप केस दर्ज कराने की धमकी देकर 8.63 लाख रुपये और सोना वसूलने का गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है।

    मुंबई: मालवनी इलाके में रहने वाले एक ऑटो रिक्शा चालक ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, उसके बेटे और बेटी के खिलाफ POCSO और रेप जैसे झूठे केस दर्ज कराने की धमकी देकर उससे कुल 8 लाख 63 हजार रुपये नकद और सोना वसूला गया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी लगातार परिवार को डराते रहे और नए-नए केस में फंसाने की धमकी देकर खंडणी मांगते रहे।

    👤 कौन है शिकायतकर्ता

    शिकायतकर्ता अब्दूल गफूर बाबू पटेल (उम्र 55 वर्ष) पेशे से ऑटो रिक्शा चालक हैं और मालवनी, मालाड पश्चिम में अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार की रोज़ी-रोटी पूरी तरह ऑटो चलाकर होने वाली कमाई पर निर्भर है।

    ⚖️ कैसे शुरू हुआ POCSO का पूरा मामला

    पीड़ित के अनुसार, 4 जुलाई 2025 को मिरारोड के गिता नगर की रहने वाली जैनब बानो जाकीर सय्यद नाम की महिला ने मालवनी पुलिस स्टेशन में उनके बेटे आकीब अब्दूल गफूर पटेल और बेटी समीना के खिलाफ गंभीर धाराओं में शिकायत दर्ज कराई। उस वक्त जैनब बानो के साथ उनका पडोसी अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू भी पुलिस स्टेशन आया हुआ था।
    इस केस में POCSO एक्ट 2012 समेत भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराएं लगाई गईं और उसी दिन बेटे की गिरफ्तारी भी हो गई।

    😨 डर और दबाव का खेल

    पीड़ित का आरोप है कि शिकायत दर्ज होते ही उनका पडोसी जो मालवनी कच्चा रोड़ स्थित झूनका भाकर के सामने अल अजिज सिख कार्नर के नाम से सिख पराठा का धंधा करता है अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू उनसे मिला और कहा कि

    “अगर केस खत्म कराना है तो सेटलमेंट करना पड़ेगा, नहीं तो और FIR होगी।”

    इसके बाद पीड़ित और उसके परिवार को बार-बार फोन, मुलाकात और धमकियों के जरिए डराया गया।

    🏢 ऑफिस बुलाकर दी गई धमकी

    8 जुलाई 2025 को पीड़ित और उसकी बेटी शुमाईला को गेट नंबर 3 स्थित एक ऑफिस में बुलाया गया, जहां जाकीर डॉटकॉम नाम का व्यक्ति मौजूद था।
    यहां साफ कहा गया कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो पूरे परिवार पर नालासोपारा और मिरारोड में और भी झूठे केस दर्ज किए जाएंगे। परिवार में पीड़ित की बेटी शुमाईला का खास नाम लिया गया था। जिससे पीड़ित परिवार और ज्यादा घबरा गया।

    💰 सोना और नकद की मांग

    आरोप है कि आरोपियों ने कहा कि

    • जैनब बानो का 6 तोला सोना जो ज्वेलर्स के पास गिरवी है, उसे छुड़वाना होगा
    • साथ ही 5 लाख रुपये कैश भी देने होंगे

    धमकी दी गई कि ऐसा न करने पर नालासोपारा और मिरारोड के नयानगर में नए रेप केस दर्ज कराए जाएंगे।

    📞 कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद

    पीड़ित का दावा है कि बेटी शुमाईला के जरिए हुई कई बातचीत की WhatsApp कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है, जिसमें पैसे की मांग और धमकियां साफ सुनी जा सकती हैं।

    🏠 घर तक गिरवी रखना पड़ा

    डर और दबाव में आकर पीड़ित ने

    • 2.63 लाख रुपये रौनक ज्वेलर्स को देकर सोना छुड़वाया
    • फिर 5 लाख रुपये कैश दिए
    • इसके अलावा 1 लाख रुपये अलग से जाकीर डॉटकॉम को देने का भी आरोप है

    इतना ही नहीं, पीड़ित ने बताया कि अपने ही घर को 7.50 लाख रुपये की हेवी डिपॉजिट पर देकर उसे किराए पर रहना पड़ा।

    📌 कुल कितनी वसूली का आरोप

    पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर उससे
    👉 कुल 8,63,000 रुपये (नकद + सोना) की खंडणी वसूली।

    🚔 पुलिस से क्या मांग

    पीड़ित ने मांग की है कि

    • पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
    • झूठे केस दर्ज कराने और खंडणी मांगने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
    • POCSO जैसे गंभीर कानून का गलत इस्तेमाल करने वालों को सजा मिले

    आप को बता दें कि जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम पहले ही एक रेप के केस में गिरफ्तार हो चुका है। जो न्यायिक हिरासत में सजा काट रहा है। पुलिस ने अब्दूल गफूर बाबू पटेल की शिकायत में अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू और जैनब बानो जाकीर सय्यद को गिरफ्तार कर पैसे और सोने की रिकवरी कर रही है। इस केस के सिलसिले में माननीय न्यायालय के समक्ष मालवनी पुलिस जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम की कस्टडी की मांग कर रही है। जाकिर की गिरफ्तारी से और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


    ❓ FAQ

    Q1. क्या यह मामला अभी जांच में है?
    हाँ, पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दी है और जांच की मांग की है।

    Q2. क्या पीड़ित के पास सबूत हैं?
    पीड़ित का दावा है कि उसके पास कॉल रिकॉर्डिंग और पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूत मौजूद हैं।

    Q3. किन लोगों पर आरोप हैं?
    अब्दूल अजीज कादर शेख, जाकीर डॉटकॉम, जैनब बानो और उनकी बेटी नुसरत पर आरोप लगाए गए हैं।

    Q4. कितनी रकम की खंडणी का आरोप है?
    कुल 8.63 लाख रुपये नकद और सोने की वसूली का आरोप है।

  • भांडुप में रिडेवलपमेंट विवाद हिंसक, बुजुर्ग पर हमला; बिल्डर पर FIR

    भांडुप में रिडेवलपमेंट विवाद हिंसक, बुजुर्ग पर हमला; बिल्डर पर FIR

    मुंबई के भांडुप में रिडेवलपमेंट विवाद ने हिंसक रूप लिया। 65 वर्षीय बुजुर्ग पर जानलेवा हमला, बिल्डर और उसके साथियों पर BNS 2023 की धाराओं में FIR दर्ज।

    बॉबी शेख
    मुंबई: भांडुप इलाके में चल रहे एक पुनर्विकास विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है। सनबीम सोसाइटी के 65 वर्षीय निवासी रमेश प्रकाश मोहन पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि एक बिल्डर और उसके सहयोगियों ने कोर्ट के आदेशों के खिलाफ चल रहे काम का विरोध करने पर बुजुर्ग पर हमला किया। इस मामले में भांडुप पुलिस ने बिल्डर विनोद शर्मा समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🏘️ कहां का है मामला?

    यह पूरा मामला भांडुप स्थित सनबीम सोसाइटी और उससे जुड़े बादल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के पुनर्विकास प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि सोसाइटी के कुछ सदस्य और बिल्डर के बीच लंबे समय से काम को लेकर विवाद चल रहा था।

    ⚠️ घटना का पूरा विवरण

    पीड़ित रमेश प्रकाश मोहन के अनुसार,
    29 जनवरी 2026, दोपहर के समय वह बादल बिल्डिंग के पास चल रहे निर्माण कार्य को देखने पहुंचे थे। उसी दौरान एक सफेद कार मौके पर रुकी। कार से बिल्डर विनोद शर्मा अपने दो साथियों अब्दुल, नरेंद्र कटारिया के साथ बाहर आया

    आरोप है कि:

    • विनोद शर्मा ने लकड़ी की छड़ी से रमेश मोहन के सिर पर वार किया
    • उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई
    • अचानक हुए हमले से बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए

    ⚖️ रिडेवलपमेंट विवाद ही बना हमले की वजह

    पीड़ित का कहना है कि:

    • सोसाइटी के पुनर्विकास में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था
    • उन्होंने इसका खुलकर विरोध किया
    • मामला कोर्ट तक पहुंचा, जहां से
      👉 Status Quo (यथास्थिति बनाए रखने) का आदेश दिया गया

    इसके बावजूद काम जारी रहने से नाराज़ होकर, आरोपियों ने दबाव बनाने के लिए यह हमला किया।

    👮 पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया?

    भांडुप पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है:

    • धारा 118(2) – खतरनाक हथियार से गंभीर चोट
    • धारा 115(2) – स्वेच्छा से चोट पहुँचाना
    • धारा 351(3) – आपराधिक धमकी
    • धारा 352 – शांति भंग करने के इरादे से अपमान
    • धारा 3(5) – साझा इरादा (कॉमन इंटेंशन)

    🏥 पीड़ित का इलाज जारी

    हमले में घायल रमेश प्रकाश मोहन को:

    • मुलुंड के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है
    • सिर में गंभीर चोटें आई हैं
    • फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है

    🔍 जांच की जिम्मेदारी किसके पास?

    इस पूरे मामले की जांच:

    • पुलिस सब-इंस्पेक्टर केतकी जगताप कर रही हैं
    • आरोपियों से पूछताछ और
    • घटनास्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह घटना कहां हुई?
    ➡️ मुंबई के भांडुप इलाके में, बादल बिल्डिंग के पास।

    Q2. पीड़ित कौन हैं?
    ➡️ 65 वर्षीय रमेश प्रकाश मोहन, सनबीम सोसाइटी के निवासी।

    Q3. हमला क्यों किया गया?
    ➡️ रिडेवलपमेंट के नियमों के उल्लंघन का विरोध करने के कारण।

    Q4. पुलिस ने किन पर केस दर्ज किया है?
    ➡️ बिल्डर विनोद शर्मा और उनके दो सहयोगियों पर।

    Q5. पीड़ित की हालत कैसी है?
    ➡️ अस्पताल में इलाज चल रहा है, हालत स्थिर बताई जा रही है।

  • मुंबई में बिना ISI खिलौनों पर BIS की बड़ी कार्रवाई, 1,057 खिलौने जब्त

    मुंबई में बिना ISI खिलौनों पर BIS की बड़ी कार्रवाई, 1,057 खिलौने जब्त

    मुंबई के गोरेगांव में BIS ने बिना ISI मार्क और लाइसेंस के बिक रहे बच्चों के खिलौनों पर छापा मारकर 1,057 खिलौने जब्त किए। दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी।

    मुंबई: बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सख्ती दिखाते हुए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) इलाके में बड़ी कार्रवाई की है।
    28 जनवरी 2026 को BIS की मुंबई शाखा ने छापा मारकर बिना ISI मार्क और बिना वैध BIS लाइसेंस के बेचे जा रहे 1,057 खिलौनों को जब्त किया है। ये खिलौने 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बनाए गए थे, जो सुरक्षा मानकों के खिलाफ पाए गए।

    मुंबई के गोरेगांव में खिलौना विक्रेता पर छापा

    BIS अधिकारियों ने गोरेगांव (वेस्ट) स्थित M/s Daddy Drones नाम की फर्म के परिसर में तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान वहां बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रिकल और नॉन-इलेक्ट्रिकल खिलौने मिले, जिन पर अनिवार्य ISI मार्क मौजूद नहीं था

    इसके अलावा, फर्म के पास BIS Certification Marks (ISI) का कोई वैध लाइसेंस भी नहीं पाया गया।

    कानून का उल्लंघन, आपराधिक कार्रवाई तय

    BIS के अनुसार, यह मामला BIS अधिनियम, 2016 की धारा 17 का सीधा उल्लंघन है।
    धारा 17 को धारा 29 के साथ पढ़ने पर यह स्पष्ट होता है कि ऐसे मामलों में आपराधिक शिकायत दर्ज की जाती है

    अब BIS इस फर्म के खिलाफ अदालत में आपराधिक मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करेगा

    ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी रडार पर

    BIS ने साफ किया है कि केवल विक्रेता ही नहीं, बल्कि ऐसे गैर-प्रमाणित उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने वाले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी कार्रवाई की जाएगी
    अगर कोई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना BIS प्रमाणन वाले खिलौनों की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

    कड़ी सजा का प्रावधान

    BIS अधिनियम, 2016 के तहत दोषी पाए जाने पर:

    • पहली बार उल्लंघन पर
      👉 कम से कम ₹2 लाख का जुर्माना या 2 साल तक की जेल, या दोनों
    • दूसरी और आगे की बार उल्लंघन पर
      👉 कम से कम ₹5 लाख का जुर्माना, जो माल की कीमत के 10 गुना तक बढ़ सकता है, या जेल, या दोनों

    सजा का फैसला सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

    बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

    BIS अधिकारियों का कहना है कि खिलौनों में इलेक्ट्रिक शॉक, जहरीले पदार्थ और आग लगने का खतरा हो सकता है।
    इसलिए सरकार ने बच्चों के खिलौनों के लिए ISI मार्क अनिवार्य किया है, ताकि बच्चों की जान और स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।

    देशभर में लगातार कार्रवाई

    BIS नियमित रूप से देशभर में गुप्त सूचना के आधार पर सर्च और सीज़र ऑपरेशन चलाता है।
    इसका मकसद है:

    • घटिया और असुरक्षित सामान की बिक्री रोकना
    • उपभोक्ताओं को गुमराह होने से बचाना
    • मानकों का सख्ती से पालन कराना

    उपभोक्ताओं के लिए BIS की सलाह

    BIS ने आम नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सामान खरीदने से पहले:

    • BIS Care App पर लाइसेंस की जांच करें
    • अगर लाइसेंस सस्पेंड, एक्सपायर या रद्द दिखे, तो शिकायत दर्ज करें

    शिकायत कैसे करें?

    यदि कहीं ISI मार्क या BIS हॉलमार्क का दुरुपयोग दिखे, तो जानकारी इस तरह दी जा सकती है:

    • BIS Care App (Android और iOS)
    • ईमेल या लिखित शिकायत
    • BIS कार्यालय से सीधे संपर्क

    👉 सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कार्रवाई कहां हुई?
    मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) इलाके में।

    Q2. कितने खिलौने जब्त किए गए?
    कुल 1,057 खिलौने।

    Q3. किस वजह से कार्रवाई हुई?
    बिना ISI मार्क और बिना BIS लाइसेंस के खिलौनों की बिक्री।

    Q4. सजा क्या हो सकती है?
    जुर्माना, जेल या दोनों।

    Q5. असली BIS लाइसेंस कैसे जांचें?
    BIS Care App के जरिए।

  • Mumbai: आर्थर रोड जेल में कैदी का उत्पात, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला

    Mumbai: आर्थर रोड जेल में कैदी का उत्पात, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला

    Mumbai के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले आर्थर रोड जेल में एक कैदी ने पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया। घटना के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

    मुंबई: आर्थर रोड कारागृह, जिसे देश की सबसे सुरक्षित जेलों में गिना जाता है, वहां से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जेल के अंदर ही एक कैदी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद पूरे जेल परिसर में हड़कंप मच गया है और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    कैदी ने दी गालियां, रोकने पर किया हमला

    जानकारी के मुताबिक, लोकेंद्र उदयसिंह रावत नाम का कैदी इस वक्त आर्थर रोड जेल में सजा काट रहा है। जेल के मुख्य गेट के पास खुली जगह में कुछ पुलिसकर्मी तैनात थे। इसी दौरान रावत वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को गालियां देने लगा

    स्थिति को संभालने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस सिपाही वाघ ने उसे समझाने और रोकने की कोशिश की, लेकिन बात उलटी पड़ गई। रावत ने अचानक वाघ पर हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह पीट दिया।

    बीच-बचाव करने आए पुलिसकर्मियों पर भी हमला

    जब पुलिस सिपाही वाघ के साथ मारपीट हो रही थी, तब अन्य पुलिसकर्मी बीच-बचाव के लिए दौड़े। लेकिन रावत इतना आक्रामक हो चुका था कि उसने अन्य पुलिसकर्मियों पर भी हमला करने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आखिरकार उसे काबू में किया गया।

    इस अचानक हुई घटना से पूरे आर्थर रोड जेल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    घायल पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती

    हमले में गंभीर रूप से घायल हुए पुलिस सिपाही वाघ को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें कई जगह चोटें आई हैं, हालांकि उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

    कैदी के खिलाफ नया मामला दर्ज

    इस मामले में जेल प्रशासन की शिकायत पर लोकेंद्र रावत के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि

    • कैदी इतना आक्रामक क्यों हुआ
    • जेल के भीतर सुरक्षा में कोई चूक तो नहीं हुई
    • क्या पहले से किसी तरह की शिकायत या चेतावनी मौजूद थी

    Mumbai के सबसे सुरक्षित जेल में सुरक्षा पर सवाल

    आर्थर रोड जेल को हाई-सिक्योरिटी जेल माना जाता है। 26/11 हमले का आतंकी अजमल कसाब भी इसी जेल में बंद था। ऐसे में इस तरह की घटना ने जेल प्रशासन और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इससे पहले भी जेल के अंदर कैदियों के बीच झगड़े हो चुके हैं, लेकिन सीधे पुलिसकर्मी पर हमला होना बेहद गंभीर मामला है।

    अनुशासन और सख्ती की जरूरत

    पूर्व अधिकारियों का मानना है कि जेल के अंदर अनुशासन और सख्ती बेहद जरूरी है। अगर कैदी खुलेआम पुलिस पर हमला करने लगें, तो यह न सिर्फ जेल स्टाफ बल्कि पूरे सिस्टम की सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है।

    अब देखना होगा कि इस घटना के बाद

    • जेल प्रशासन क्या कदम उठाता है
    • सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाते हैं
    • दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई है?
    मुंबई की आर्थर रोड कारागृह में।

    Q2. हमलावर कौन है?
    लोकेंद्र उदयसिंह रावत नाम का कैदी।

    Q3. घायल पुलिसकर्मी की हालत कैसी है?
    उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, हालत स्थिर है।

    Q4. क्या कैदी के खिलाफ नया केस दर्ज हुआ है?
    हां, सरकारी काम में बाधा और पुलिस पर हमले का मामला दर्ज किया गया है।

    Q5. क्या जेल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं?
    हां, इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

  • Borivali East Traffic Update: भारी वाहन और पानी के टैंकरों पर दिन में बैन

    Borivali East Traffic Update: भारी वाहन और पानी के टैंकरों पर दिन में बैन

    Borivali East Traffic Update के तहत मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने 8 बजे सुबह से 9 बजे रात तक भारी वाहनों और पानी के टैंकरों की एंट्री पर रोक लगाई है। ट्रैफिक जाम और हादसों को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।

    मुंबई: बोरीवली ईस्ट में रोज़ लगने वाले ट्रैफिक जाम और लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। अब बोरीवली ईस्ट (Borivali East) की कई संकीर्ण (नैरो) सड़कों पर भारी वाहनों और पानी के टैंकरों की एंट्री पर सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक रोक लगा दी गई है। यह आदेश ट्रायल बेसिस पर तीन महीने के लिए लागू किया गया है, जो 28 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा।

    क्यों लिया गया यह फैसला?

    ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, बोरीवली ईस्ट के माणे कंपाउंड और काजूपाड़ा इलाके में पानी भरने के लिए बड़ी संख्या में प्राइवेट वॉटर टैंकर आते हैं।
    इन टैंकरों और भारी वाहनों की वजह से—

    • सड़कों पर जबरदस्त ट्रैफिक जाम
    • पैदल चलने वालों को परेशानी
    • गंभीर सड़क हादसे

    जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इन हालात को देखते हुए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने एहतियातन यह रोक लगाने का फैसला किया।

    कहां-कहां लागू रहेगा ट्रैफिक बैन?

    ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, बोरीवली ईस्ट की इन सड़कों पर भारी वाहनों और पानी के टैंकरों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी:

    • निर्मल बिल्डिंग से पोस्ट ऑफिस रोड नंबर 12
    • पोस्ट ऑफिस सिद्धिविनायक बिल्डिंग से काजूपाड़ा चौकी रोड नंबर 15
    • निर्मल बिल्डिंग के पीछे से श्रीकृष्ण नगर रोड नंबर 13
    • श्रीकृष्ण नगर रोड नंबर 14
    • काजूपाड़ा चौकी से सावरपाड़ा रोड
    • काजूपाड़ा चौक से मच्छी मार्केट रोड
    • मेन मार्केट से झागड़देव कंपाउंड, काजूपाड़ा, माणे कंपाउंड

    ये सभी सड़कें काफी संकरी हैं, जहां भारी वाहनों की आवाजाही से ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो जाता है।

    किन वाहनों को मिलेगी छूट? (Exemptions)

    ट्रैफिक पुलिस ने साफ किया है कि जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।

    छूट मिलने वाले वाहन:

    • सब्ज़ी, दूध, ब्रेड और बेकरी सामान की डिलीवरी
    • गैस और फ्यूल टैंकर
    • एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड
    • बीएमसी के आवश्यक सेवा वाहन
    • पुलिस वाहन

    इन वाहनों को किसी भी समय आने-जाने की अनुमति होगी।

    टाइमिंग और कानूनी चेतावनी

    प्रतिबंध का समय:
    ➡️ रोज़ाना सुबह 8:00 बजे से रात 9:00 बजे तक

    ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे वैकल्पिक रास्तों (Alternative Routes) का इस्तेमाल करें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें।

    🚨 आदेश का उल्लंघन करने वालों पर
    Motor Vehicles Act, 1988 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    Dindoshi में भी 3 महीने का ट्रैफिक प्रतिबंध

    बोरीवली के साथ-साथ गोरेगांव पूर्व के दिंडोशी इलाके में भी ट्रैफिक पर असर पड़ेगा।
    पद्मावती रोड, जो कि आरे जंक्शन, दूध सागर और जनरल अरुण कुमार वैद्य मार्ग को जोड़ती है, वहां रोड कंक्रीटीकरण का काम चल रहा है।

    क्या है स्थिति?

    • भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री की आवाजाही
    • लंबा ट्रैफिक जाम
    • यात्रियों को भारी देरी

    इसी वजह से ट्रैफिक पुलिस ने यहां भी 3 महीने का ट्रैफिक रेस्ट्रिक्शन लागू किया है।

    निष्कर्ष (Conclusion)

    बोरीवली ईस्ट और दिंडोशी में लगाए गए ये ट्रैफिक प्रतिबंध आम नागरिकों की सुरक्षा और ट्रैफिक सुधार के लिए जरूरी माने जा रहे हैं।
    हालांकि इससे कुछ समय के लिए लोगों को असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह कदम हादसे कम करने और ट्रैफिक को बेहतर बनाने में मददगार साबित होगा।

    Disclaimer (अस्वीकरण):

    यह खबर जनहित और सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। ट्रैफिक नियम, रूट डायवर्जन और समयसीमा मुंबई ट्रैफिक पुलिस द्वारा समय-समय पर बदली जा सकती है। यात्रा से पहले आधिकारिक ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें।


    FAQ – Borivali East Traffic Ban

    Q1. बोरीवली ईस्ट में ट्रैफिक बैन कब तक रहेगा?
    यह आदेश ट्रायल बेसिस पर 28 अप्रैल तक लागू रहेगा।

    Q2. किस समय भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी?
    सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक।

    Q3. क्या एंबुलेंस और बीएमसी वाहन जा सकते हैं?
    हाँ, सभी जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है।

    Q4. नियम तोड़ने पर क्या होगा?
    Motor Vehicles Act के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • Malad Local Train Murder: 12 घंटे में कातिल गिरफ्तार, 200 CCTV और FRS से खुला राज

    Malad Local Train Murder: 12 घंटे में कातिल गिरफ्तार, 200 CCTV और FRS से खुला राज

    मुंबई के Malad Local Train Murder केस में GRP ने 200 CCTV, फेसियल रिकग्निशन सिस्टम और 5 पुलिस टीमों की मदद से 12 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार किया। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: मालाड रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेन से उतरते वक्त हुए कॉलेज लेक्चरर की हत्या के मामले में GRP ने जबरदस्त तेजी दिखाते हुए महज 12 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। करीब 200 CCTV कैमरे, रेलवे का Facial Recognition System (FRS) और 5 पुलिस टीमों की मदद से आरोपी ओंकार एकनाथ शिंदे को मालाड के ऑटो रिक्शा स्टैंड के पास से दबोचा गया। आरोपी पर 32 साल के लेक्चरर आलोक कुमार सिंह की चाकू मारकर हत्या का आरोप है।

    क्या है पूरा मामला? (Malad Train Murder Case Details)

    शनिवार को मालाड रेलवे स्टेशन पर एक लोकल ट्रेन से उतरते समय यात्रियों की भीड़ में कॉलेज लेक्चरर आलोक कुमार सिंह (32) और आरोपी ओंकार एकनाथ शिंदे के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते बहस हिंसक हो गई और आरोपी ने गुस्से में आलोक के पेट में नुकीली वस्तु (चिमटी/ट्वीजर) से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल आलोक की इलाज के दौरान मौत हो गई।

    200 CCTV और FRS से कैसे पकड़ा गया आरोपी

    हत्या के तुरंत बाद बोरिवली GRP ने मर्डर का केस दर्ज कर जांच शुरू की।

    • कुल 5 पुलिस टीमें बनाई गईं, हर टीम में 5–6 अधिकारी थे
    • रेलवे प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, मालाड, दिंडोशी, कुरार और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक के करीब 200 CCTV कैमरे खंगाले गए
    • रेलवे के Facial Recognition System (FRS) से आरोपी की पहचान की गई

    CCTV फुटेज में आरोपी वारदात के बाद घबराया हुआ फुटओवर ब्रिज से भागता दिखा।

    आरोपी की रोज़ की ट्रेन रूटीन बनी गिरफ्तारी की वजह

    GRP के डिटेक्शन ऑफिसर PSI प्रकाश सालुंखे के मुताबिक,

    • आरोपी रोज सुबह 7:18 AM की ट्रेन से मालाड से चारणी रोड जाता था
    • शाम को 4:16 PM की ट्रेन से वापस लौटता था

    इसी रूटीन के आधार पर अंधेरी, बांद्रा, मुंबई सेंट्रल समेत कई स्टेशनों पर FRS से CCTV स्कैन किए गए।

    ऑटो रिक्शा स्टैंड से हुई गिरफ्तारी

    पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी कुरार गांव के त्रिवेणी नगर इलाके में देखा गया है। इसके बाद लोकल इंटेलिजेंस एक्टिव की गई और एक टीम को मालाड स्टेशन के पास ऑटो रिक्शा स्टैंड पर तैनात किया गया।

    रविवार सुबह करीब 7:40 बजे, आरोपी ऑटो से उतरते ही पुलिस ने उसे घेर लिया और मौके पर गिरफ्तार कर लिया।

    Malad-Local-Train-Murder-Murderer-arrested-within-12-hours-mystery-revealed-through-200-CCTV-and-FRS-news

    पूछताछ में आरोपी का कबूलनामा

    GRP ऑफिस, बोरिवली में पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी को CCTV फुटेज दिखाया।
    आरोपी ने खुद को पहचाना और जुर्म कबूल कर लिया।

    उसने बताया कि:

    • वह अपने पास रखी चिमटी (Tweezer) से आलोक को वार कर बैठा
    • उसे अंदाजा नहीं था कि चोट जानलेवा साबित होगी
    • भीड़ के डर से वह मौके से भाग गया

    कौन है आरोपी ओंकार शिंदे?

    • नाम: ओंकार एकनाथ शिंदे
    • उम्र: लगभग 30 वर्ष
    • रहने वाला: त्रिवेणी नगर, कुरार गांव, मालाड (पूर्व)
    • पेशा: ग्रांट रोड के तांबे गली में इमिटेशन ज्वेलरी की दुकान
    • मूल निवासी: रत्नागिरी
    • परिवार: माता-पिता और बड़ा भाई (प्राइवेट नौकरी में)

    पुलिस का बयान

    बोरिवली GRP के सीनियर इंस्पेक्टर डी.एम. खुपेरकर ने कहा,

    “सभी सबूतों की पुष्टि कर ली गई है। आरोपी को मर्डर के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है।”

    कोर्ट ने आरोपी को 29 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड लोकल ट्रेन मर्डर केस में आरोपी कौन है?
    👉 आरोपी का नाम ओंकार एकनाथ शिंदे है।

    Q2. GRP ने कितने समय में आरोपी को गिरफ्तार किया?
    👉 महज 12 घंटे में।

    Q3. आरोपी को कैसे पकड़ा गया?
    👉 200 CCTV कैमरे, Facial Recognition System और लोकल इंटेलिजेंस से।

    Q4. मृतक कौन था?
    👉 आलोक कुमार सिंह, 32 वर्षीय कॉलेज लेक्चरर।

    Q5. आरोपी फिलहाल कहां है?
    👉 पुलिस कस्टडी में, 29 जनवरी तक।

  • मालाड स्टेशन पर चाकूबाजी: 31 वर्षीय प्रोफेसर की हत्या, आरोपी फरार

    मालाड स्टेशन पर चाकूबाजी: 31 वर्षीय प्रोफेसर की हत्या, आरोपी फरार

    मुंबई के मालाड रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेन से उतरते समय हुए झगड़े में 31 वर्षीय गणित के प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। GRP ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, आरोपी अब भी फरार।

    मुंबई: मालाड रेलवे स्टेशन पर शनिवार शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां लोकल ट्रेन से उतरते समय हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। 31 वर्षीय आलोक कुमार सिंह, जो विले पार्ले के एक कॉलेज में गणित के प्रोफेसर थे। उनपर एक अज्ञात व्यक्ति ने चाकू से पेट पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल आलोक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।

    ट्रेन से उतरते वक्त हुआ विवाद, बना हत्या की वजह

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना शाम करीब 6 बजे की है। आलोक कुमार सिंह लोकल ट्रेन से उतर रहे थे, उसी दौरान प्लेटफॉर्म पर किसी अज्ञात व्यक्ति से उनका विवाद हो गया। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने अचानक तेज धारदार हथियार से आलोक के पेट में वार कर दिया।

    चाकू लगते ही आलोक लहूलुहान होकर प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े। आसपास मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, आरोपी मौके से फरार हो गया।

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    मृतक 31 वर्षीय प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह की तस्वीर

    मृतक की पहचान और पारिवारिक जानकारी

    मृतक की पहचान आलोक कुमार सिंह (उम्र 31 वर्ष) के रूप में हुई है। वह कांदिवली के रहने वाले थे और विले पार्ले स्थित एक कॉलेज में गणित के प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत थे। आलोक की असमय मौत से परिवार, दोस्तों और कॉलेज के सहकर्मियों में शोक की लहर फैल गई है।

    GRP ने दर्ज किया हत्या का मामला

    घटना की पुष्टि करते हुए बोरीवली GRP के वरिष्ठ निरीक्षक दत्ता खुपेकर ने बताया कि इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
    उन्होंने कहा,

    “आरोपी की पहचान के लिए स्टेशन के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई है।”

    फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है।

    रेलवे स्टेशन की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर मुंबई लोकल रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म पर दिनदहाड़े हत्या जैसी वारदात ने यात्रियों में डर का माहौल पैदा कर दिया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड स्टेशन पर हत्या कब हुई?
    👉 शनिवार शाम करीब 6 बजे।

    Q2. मृतक कौन था?
    👉 31 वर्षीय आलोक कुमार सिंह, जो विले पार्ले कॉलेज में गणित के प्रोफेसर थे।

    Q3. हत्या कैसे हुई?
    👉 लोकल ट्रेन से उतरते समय विवाद के बाद आरोपी ने पेट में चाकू मारा।

    Q4. क्या आरोपी पकड़ा गया है?
    👉 नहीं, आरोपी फिलहाल फरार है।

    Q5. मामले की जांच कौन कर रहा है?
    👉 बोरीवली Government Railway Police (GRP)।