Category: Police Action

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  • मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई के मालाड वेस्ट में फल बेचने वाले दो वेंडरों को केले पर रैट पॉइज़न (Ratol) लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने स्टॉल सील किया। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सड़क किनारे फल बेचने वाले दो वेंडरों को फलों पर चूहे मारने की दवा लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक स्थानीय निवासी ने वीडियो सबूत के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    शिकायत और Video से खुला मामला

    बुधवार को Malad Police Station ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। शिकायतकर्ता ने जो वीडियो दिया, उसमें एक वेंडर केले को संभालते हुए उन पर क्रीम जैसे पदार्थ को लगाते हुए दिखाई दे रहा है।

    वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा फैल गया, खासकर स्ट्रीट फूड और सड़क किनारे बिकने वाले फलों की स्वच्छता को लेकर।

    स्टॉल से मिला ‘Ratol’ ज़हर

    पुलिस ने जब मौके पर जांच की तो आरोपियों के स्टॉल से ‘Ratol’ नाम का चूहे मारने वाला केमिकल बरामद किया। Ratol एक कमर्शियल रैट किलिंग प्रोडक्ट है, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले तत्व पाए जाते हैं।

    बरामदगी के बाद पुलिस ने सड़क किनारे लगे उस स्टॉल को तुरंत सील कर दिया।

    आरोपी कौन हैं?

    पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

    • मनोज संगमलाल केसरवानी (42)
    • राहुल सदनलाल केसरवानी (25)

    दोनों मालाड वेस्ट के राजनपाड़ा इलाके के रहने वाले हैं।

    उन्हें उसी दिन बोरीवली स्थित Additional Chief Metropolitan Magistrate Court, Borivali में पेश किया गया।

    सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक व्यक्ति केले के गुच्छे पर क्रीम जैसा पदार्थ लगा रहा है, जिसे बाद में रैट पॉइज़न बताया गया।

    मुंबई जैसे शहर में जहां लाखों लोग रोज सड़क किनारे फल खरीदते हैं, इस वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

    स्थानीय लोगों की मांग: सख्त जांच हो

    मालाड वेस्ट के स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि फूड सेफ्टी को लेकर सख्त और नियमित निरीक्षण किए जाएं।

    लोगों ने Food and Drug Administration और Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) से अपील की है कि सड़क किनारे फल और खाने-पीने की चीजें बेचने वालों पर नियमित चेकिंग की जाए ताकि भविष्य में ऐसी खतरनाक हरकत दोबारा न हो।

    किस कानून के तहत केस दर्ज?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हरकत कितने समय से की जा रही थी।

    जनता के लिए अलर्ट

    • सड़क किनारे फल खरीदते समय सावधानी बरतें
    • कटे या संदिग्ध फल बिल्कुल न खरीदें
    • कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें
    • वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह घटना कहां की है?
    यह मामला मुंबई के मालाड वेस्ट इलाके का है।

    Q2. आरोपियों ने किस चीज़ का इस्तेमाल किया?
    ‘Ratol’ नाम की चूहे मारने वाली दवा, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले केमिकल होते हैं।

    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
    दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर स्टॉल सील किया गया और केस दर्ज किया गया।

    Q4. वीडियो कैसे सामने आया?
    एक स्थानीय निवासी ने वीडियो बनाकर पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद मामला सामने आया।

    Q5. क्या जांच जारी है?
    हां, पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस ने मंदिर और मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन ठगने वाले ईरानी आरोपी वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम इरानी को गिरफ्तार किया। 2017 से फरार चल रहे इस शातिर पर मुंबई और उपनगरों में 30 ठगी के मामले दर्ज। जानिए पूरा खुलासा।

    मुंबई: अंधेरी इलाके में मंदिर और मस्जिद में दान देने के नाम पर लोगों को झांसा देकर सोने की चेन ठगने वाले एक सराईत आरोपी को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी साल 2017 से पुलिस की नजरों से बचता फिर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद मुंबई शहर और उपनगरों में दर्ज 30 ठगी के मामलों का खुलासा हुआ है।

    यह कार्रवाई अंधेरी पुलिस स्टेशन की क्राइम डिटेक्शन टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर की।

    कैसे देता था वारदात को अंजाम?

    24 फरवरी 2026 को दर्ज शिकायत के मुताबिक, 8 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे एक अनजान व्यक्ति शिकायतकर्ता के पास आया। उसने कहा,
    “इधर किधर मस्जिद है क्या? मैंने नया सोने का दुकान शुरू किया है, मस्जिद में खैरात देना है।”

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    उसने 500-500 रुपये की दो नोटें शिकायतकर्ता को दीं और गले की सोने की चेन उन नोटों में लपेटने को कहा। नोटों में चेन लपेटने के बहाने वह 71 तोला वजन की सोने की चेन लेकर फरार हो गया।

    इस मामले में अंधेरी पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 68/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।

    तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

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    मामले की गंभीरता को देखते हुए अंधेरी पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड इनपुट के जरिए आरोपी का लोकेशन ट्रैक किया।

    आखिरकार उसे अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे इलाके से शातिराना तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने कई वारदात कबूल कीं।

    आरोपी की पहचान

    गिरफ्तार आरोपी का नाम:
    वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम जाफरी उर्फ वसीम इरानी

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    पता:
    रूम नं. 103, ब्राइट बिल्डिंग, गणेश चौक के पास, अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे
    मूल पता: इंदिरानगर, संतोषी माता मंदिर रोड, वाल्मिकि स्कूल के पास, अटाली, आंबिवली, कल्याण, ठाणे

    गिरफ्तारी दिनांक: 17 फरवरी 2026
    फिलहाल आरोपी न्यायालयीन हिरासत में है।

    2017 से दर्ज हैं कई गंभीर मामले

    आरोपी पर पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी और ठगी के केस शामिल हैं। उसके खिलाफ निम्न पुलिस थानों में केस दर्ज रहे हैं:

    • वाकोला पुलिस स्टेशन (मुंबई) – धारा 379, 34
    • मानगांव पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420
    • पोलादपुर पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420, 406, 34
    • कर्जत पुलिस स्टेशन
    • पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन (तेलंगाना)
    • शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
    • टिलक नगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
    • भुसावल रेलवे पुलिस (जलगांव)
    • मुंब्रा पुलिस स्टेशन (ठाणे)
    • कासारवडवली पुलिस स्टेशन
    • महिधरपुरा पुलिस स्टेशन (सूरत)

    इन सभी मामलों में आरोपी पर चोरी (Theft), धोखाधड़ी (Cheating), आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) जैसी धाराएं लगी थीं।

    मुंबई में 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस की पूछताछ में मुंबई और उपनगरों के कुल 30 केस का खुलासा हुआ। इनमें प्रमुख रूप से निम्न पुलिस स्टेशन शामिल हैं:

    • अंधेरी पुलिस स्टेशन
    • ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन
    • एमआईडीसी पुलिस स्टेशन
    • विले पार्ले पुलिस स्टेशन
    • दहिसर पुलिस स्टेशन
    • जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन
    • वर्सोवा पुलिस स्टेशन
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन
    • वनराई पुलिस स्टेशन
    • कुरार पुलिस स्टेशन
    • मेघवाड़ी पुलिस स्टेशन

    इन सभी जगहों पर मंदिर/मस्जिद में दान देने का बहाना बनाकर बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाया गया।

    पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

    यह सफल कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मार्गदर्शन में की गई।

    साथ ही पुलिस सह आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) सत्यनारायण, अपर पुलिस आयुक्त पश्चिम प्रादेशिक विभाग परमजीत सिंह दहिया, पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े (परिमंडल 10), सहायक पुलिस आयुक्त गजानन पवार (अंधेरी डिवीजन) के मार्गदर्शन में टीम ने काम किया।

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मरचिडर और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) विनोद पाटिल की देखरेख में
    पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाले, समाधान मुंगे, स. फौजदार पेडणेकर, कांबळे, पुजारी, घडवले, शिंदे, पाटील, म्हात्रे, गवली, लोंढे, राके, तिघोटे, घुले, नरबट, मोरे और तकनीकी सहायता में विशाल पिसाळ ने यह ऑपरेशन सफल बनाया।

    जनता के लिए जरूरी चेतावनी

    • अजनबी व्यक्ति अगर मंदिर/मस्जिद में दान या सोना दिखाकर बात करे तो सतर्क रहें
    • किसी भी हालत में अपनी चेन या गहने हाथ में न दें
    • तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें
    • बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए

    FAQ

    Q1. आरोपी कितने साल से फरार था?
    साल 2017 से आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर था।

    Q2. आरोपी किस तरह ठगी करता था?
    मंदिर/मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन नोटों में लपेटने को कहकर फरार हो जाता था।

    Q3. कितने केस का खुलासा हुआ?
    मुंबई शहर और उपनगरों में कुल 30 मामलों का खुलासा हुआ।

    Q4. आरोपी अभी कहां है?
    फिलहाल न्यायालयीन हिरासत में है।

  • मुंबई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग बनकर 30 लाख की रंगदारी मांगने वाले 4 गिरफ्तार

    मुंबई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग बनकर 30 लाख की रंगदारी मांगने वाले 4 गिरफ्तार

    मुंबई के बोरीवली के ज्वेलर से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले झारखंड के चार आरोपियों को पुलिस ने महिम, बांद्रा और जोगेश्वरी से गिरफ्तार किया। आरोपियों का असली गैंग से कोई संबंध नहीं है।

    मुंबई: बोरीवली स्थित एक ज्वेलरी दुकान को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देकर 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले चार आरोपियों को मुंबई पुलिस ने मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार सभी आरोपी झारखंड के वासेपुर इलाके के रहने वाले हैं और उनका असली Lawrence Bishnoi गैंग से कोई संबंध नहीं है।

    लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेकर दी धमकी

    आरोपियों ने बोरीवली के ज्वेलर को मोबाइल नंबर पर कॉल और मैसेज कर धमकी दी थी कि अगर 30 लाख रुपये नहीं दिए तो “बाबा सिद्दीकी जैसा अंजाम होगा।”

    धमकी भरे संदेश में लिखा था कि 24 घंटे के अंदर “लॉरेंस बिश्नोई गैंग अमेरिका” के लिए पैसे का इंतजाम करो, वरना ज्वेलर और उसके परिवार को गोलियों से भून दिया जाएगा।

    18 फरवरी से शुरू हुई धमकियों की श्रृंखला

    18 फरवरी को सुबह करीब 7:20 बजे दुकान के मोबाइल नंबर पर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से मैसेज आया। उसमें लिखा था:

    “Rs 30 lakh firauti tumko dena hai Lawrence Bishnoi giroh ko, agar manage na kiya toh jaise Baba Siddiqui ko mare hai, waisa hi tumko bhi maarenge…”

    स्टाफ ने यह संदेश दुकान मालिक को बताया।

    19 फरवरी को आया व्हाट्सऐप कॉल

    19 फरवरी को फिर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने पूछा कि पैसे का इंतजाम क्यों नहीं हुआ और बातचीत रिकॉर्ड करने की चुनौती भी दी।

    उसने फिर से जान से मारने की धमकी दी और कहा कि “बोरीवली में कोई भी तुम्हें बचा नहीं पाएगा।” बाद में दोबारा कॉल आया, लेकिन स्टाफ ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद एक और मैसेज आया जिसमें ज्वेलर को जल्द गोली मारने की धमकी दी गई।

    शुरुआत में स्टाफ ने इन धमकियों को गंभीरता से नहीं लिया।

    21 फरवरी को तड़के फिर धमकी

    21 फरवरी को सुबह 3:10 बजे फिर धमकी भरा संदेश आया। इस बार स्टाफ ने जवाब दिया कि वे ज्यादा से ज्यादा 1 लाख रुपये दे सकते हैं और आगे किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते।

    इस पर आरोपी ने जवाब दिया कि “10 लाख रुपये तो बच्चे सिगरेट खरीदने में खर्च कर देते हैं” और ज्वेलर को अपनी जान के लिए तैयार रहने को कहा।

    बातचीत के दौरान स्टाफ ने 4 लाख रुपये देने की बात कही और बैंक खाता नंबर मांगा। आरोपी ने कहा कि वह अगले दिन बताएगा क्योंकि रात ज्यादा हो गई है।

    इसके बाद दुकान मालिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया।

    पुलिस ने बिछाया जाल, सोने के सिक्कों के बहाने पकड़े गए

    मुंबई पुलिस ने जाल बिछाकर ज्वेलर से आरोपियों को यह कहने को कहा कि वह सोने के सिक्के देने को तैयार है। जैसे ही आरोपी सोने के सिक्के लेने पहुंचे, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

    चारों आरोपियों को महिम, बांद्रा और जोगेश्वरी के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया गया।

    गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

    • रियाजुद्दीन बशीर (29)
    • मोहम्मद फैयाज मंसूरी (27)
    • मोहम्मद अशरफुल (36)
    • मोहम्मद अरबाज अंसारी (27)

    सभी झारखंड के वासेपुर क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

    पहले भी कर चुके हैं रंगदारी की वारदात

    पुलिस के अनुसार, आरोपी विले पार्ले और डीएन नगर इलाके में भी इसी तरह की रंगदारी और धमकी के मामलों में शामिल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद वे मामले भी सुलझा लिए गए हैं।


    FAQ

    Q1: ज्वेलर से कितनी रकम की मांग की गई थी?
    30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।

    Q2: क्या आरोपियों का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध है?
    नहीं, पुलिस के अनुसार उनका गैंग से कोई संबंध नहीं है।

    Q3: आरोपी कहां से गिरफ्तार किए गए?
    महिम, बांद्रा और जोगेश्वरी के अलग-अलग स्थानों से।

    Q4: धमकी कब से मिलनी शुरू हुई?
    18 फरवरी को पहली बार धमकी भरा मैसेज आया था।

    Q5: आरोपियों ने किसका नाम लेकर धमकी दी?
    उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर और बाबा सिद्दीकी जैसा अंजाम देने की धमकी दी।

  • मालाड मार्वे रोड पर दर्दनाक हादसा: खड़ी ट्रैवल्स बस के लगेज ढक्कन से टकराकर बाइक सवार की मौत

    मालाड मार्वे रोड पर दर्दनाक हादसा: खड़ी ट्रैवल्स बस के लगेज ढक्कन से टकराकर बाइक सवार की मौत

    मुंबई के मालाड स्थित मार्वे रोड पर अनधिकृत रूप से खड़ी प्राइवेट ट्रैवल्स बस के खुले लगेज ढक्कन से टकराकर बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

    मुंबई: पश्चिम उपनगर Malad के Marve Road पर आज मंगलवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। सड़क किनारे अनधिकृत रूप से खड़ी एक प्राइवेट ट्रैवल्स बस के खुले लगेज ढक्कन से टकराने के कारण एक बाइक सवार युवक की गर्दन गंभीर रूप से कट गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

    कैसे हुआ भीषण हादसा?

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे मार्वे रोड पर एक प्राइवेट मां ट्रैवल्स की बस सड़क किनारे खड़ी थी। बताया जा रहा है कि बस का लगेज कंपार्टमेंट खुला हुआ था और उसका ढक्कन सड़क की तरफ निकला हुआ था। उसी दौरान पीछे से आ रहा बाइक सवार सीधे उस खुले ढक्कन से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक की गर्दन पर गंभीर चोट आई।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि बस अवैध तरीके से पार्क की गई थी और सड़क पर पहले से ही ट्रैफिक का दबाव था, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई।

    अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

    हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने घायल युवक को खून से लथपथ हालत में ऑटो रिक्शा से पास के अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

    इस दर्दनाक घटना के बाद परिजनों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखा गया।

    पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई

    घटना की सूचना मिलते ही मालवनी पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा किया। संबंधित ट्रैवल्स बस और उसके चालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बस वहां किस अनुमति के तहत खड़ी थी और लगेज कंपार्टमेंट खुला क्यों छोड़ा गया था।

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    मार्वे रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर अवैध पार्किंग, अनियंत्रित ट्रैफिक और लापरवाही के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। इस ताजा दुर्घटना ने एक बार फिर मुंबई में सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियमों के पालन और अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई की जरूरत को उजागर किया है।

    स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर ऐसी घटनाओं पर रोक लगाए।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    1. हादसा कब और कहां हुआ?
    मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे मालाड के मार्वे रोड पर यह हादसा हुआ।

    2. हादसे की वजह क्या थी?
    सड़क किनारे अनधिकृत रूप से खड़ी ट्रैवल्स बस का लगेज ढक्कन खुला था, जिससे बाइक सवार टकरा गया।

    3. क्या पुलिस ने मामला दर्ज किया है?
    हाँ, पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

    4. क्या यह अवैध पार्किंग का मामला है?
    प्राथमिक जांच में बस के अनधिकृत रूप से खड़े होने की बात सामने आई है।

  • Borivali Flat Scam: पती-पत्नी ने किराए के फ्लैट को बेचा अपना बताकर, 60 लाख की ठगी,

    Borivali Flat Scam: पती-पत्नी ने किराए के फ्लैट को बेचा अपना बताकर, 60 लाख की ठगी,

    मुंबई के बोरीवली में फ्लैट बेचने के नाम पर 60 लाख की कथित धोखाधड़ी। आरोपी दंपती किरायेदार निकले, फ्लैट पर पहले से 35 लाख का होम लोन। पुलिस जांच जारी।

    मुंबई: बोरिवली इलाके से प्रॉपर्टी फ्रॉड का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फ्लैट खरीद के नाम पर करीब 60 लाख रुपये की कथित ठगी का आरोप एक पती-पत्नी पर लगा है। इस मामले में बोरिवली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

    आरोपी दंपती के खिलाफ FIR

    पुलिस के अनुसार, आरोपी गणेश केशव रहाटे और सविता गणेश रहाटे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता बोरिवली में रहने वाले एक वरिष्ठ पद पर कार्यरत व्यक्ति हैं।

    बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता की मेहुणी और साडू ने न्यू एमएचबी कॉलोनी स्थित एक सोसायटी में आरोपी दंपती से फ्लैट खरीदने का सौदा किया था।

    60 लाख रुपये लेने के बाद भी नहीं दिया कब्जा

    शिकायत के मुताबिक, फ्लैट और मेंटेनेंस के नाम पर करीब 60 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए। लेकिन पूरी रकम देने के बावजूद फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया।

    जब बार-बार टालमटोल होने लगी तो खरीदार पक्ष को शक हुआ और उन्होंने सोसायटी में जाकर जांच-पड़ताल की।

    जांच में सामने आया बड़ा खुलासा

    सोसायटी से मिली जानकारी ने सभी को हैरान कर दिया। पता चला कि गणेश रहाटे ने उसी फ्लैट पर एक निजी बैंक से 35 लाख रुपये का होम लोन लिया हुआ है।

    सबसे बड़ा खुलासा यह था कि वह फ्लैट उनकी खुद की प्रॉपर्टी ही नहीं थी। दोनों आरोपी उस फ्लैट में मालिक नहीं बल्कि किरायेदार के रूप में रह रहे थे।

    कैसे हुआ शक और फिर शिकायत?

    पूरी रकम चुकाने के बाद भी जब रजिस्ट्री और कब्जा नहीं मिला तो खरीदार पक्ष ने दस्तावेजों की जांच कराई। इसी दौरान बैंक लोन और असली मालिक की जानकारी सामने आई।

    इसके बाद सीधे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

    प्रॉपर्टी डील में सावधानी की जरूरत

    मुंबई जैसे बड़े शहर में फ्लैट खरीदते समय टाइटल क्लियरेंस, ओनरशिप डॉक्युमेंट और बैंक लोन स्टेटस की जांच बेहद जरूरी है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि बिना लीगल वेरिफिकेशन के करोड़ों का निवेश करना कितना जोखिम भरा हो सकता है।


    FAQ Section

    Q1. यह मामला किस इलाके से जुड़ा है?

    यह मामला मुंबई के बोरिवली स्थित न्यू एमएचबी कॉलोनी का है।

    Q2. कितनी रकम की कथित ठगी हुई?

    करीब 60 लाख रुपये फ्लैट और मेंटेनेंस के नाम पर लिए गए।

    Q3. आरोपियों ने क्या किया?

    कथित तौर पर किराए के फ्लैट को अपना बताकर बेचा और उसी पर 35 लाख का होम लोन भी लिया।

    Q4. पुलिस क्या कर रही है?

    बोरिवली पुलिस ने FIR दर्ज कर दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।

  • Malad SRA Project में ₹5 करोड़ का घोटाला, शाह हाउसकॉन के दो डायरेक्टर पर FIR

    Malad SRA Project में ₹5 करोड़ का घोटाला, शाह हाउसकॉन के दो डायरेक्टर पर FIR

    मुंबई के मलाड स्थित SRA प्रोजेक्ट में ₹5.15 करोड़ की कथित धोखाधड़ी। शाह हाउसकॉन प्राइवेट लिमिटेड के दो डायरेक्टरों पर केस दर्ज, जांच EOW को ट्रांसफर।

    मुंबई: मलाड के SRA (Slum Rehabilitation Authority) रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में करीब ₹5 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। जांच की गंभीरता को देखते हुए केस को अब मुंबई पुलिस आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को ट्रांसफर कर दिया गया है।

    पिता-पुत्र पर लगा ठगी का आरोप

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी कंपनी Shah Housecon Private Limited के डायरेक्टर मनसुख शाह और आकाश मनसुख शाह हैं। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों ने कथित तौर पर इसी तरह के फर्जी एग्रीमेंट कर कई बिल्डरों से बड़ी रकम वसूली है।

    शिकायतकर्ता कौन हैं?

    शिकायतकर्ता निलेश नरेंद्र राघाणी, जो कांदिवली के ठाकुर विलेज में रहते हैं, एक रियल एस्टेट डेवलपर हैं। वह अपनी कंपनी क्लासिक ट्रेजर प्राइवेट लिमिटेड अपने पार्टनर जिगर देसाई के साथ मिलकर SRA और रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं।

    ऐसे रचा गया कथित निवेश जाल

    शिकायत के मुताबिक, मार्च 2025 में एक साझा परिचित के जरिए राघाणी की मुलाकात आरोपियों से हुई। आरोपियों ने दावा किया कि वे मलाड के रानी सती मार्ग स्थित खोथोडोंगरी SRA सोसायटी के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।

    बताया गया कि 5,600 वर्ग मीटर के प्लॉट पर निर्माण होना है। डील के अनुसार, निर्माण खर्च राघाणी की कंपनी उठाएगी, जबकि आरोपियों की कंपनी परमिशन और झोपड़पट्टी निवासियों के पुनर्वास की जिम्मेदारी संभालेगी। बदले में राघाणी को सेल कंपोनेंट एरिया दिया जाना था।

    ₹5.15 करोड़ ट्रांसफर, लेकिन काम शुरू नहीं

    मई से जुलाई 2025 के बीच राघाणी ने कुल ₹5.15 करोड़ आरोपियों को ट्रांसफर किए। लेकिन एग्रीमेंट के तीन महीने बाद भी न तो झोपड़पट्टी खाली कराई गई और न ही टाइटल क्लियर हुआ।

    शक होने पर राघाणी ने खुद जांच कराई तो पता चला कि प्लॉट का मालिकाना हक आरोपियों की कंपनी के पास नहीं, बल्कि एक चैरिटेबल ट्रस्ट के पास है।

    फर्जी कब्जे और किराया वसूली का आरोप

    जांच में यह भी सामने आया कि प्लॉट पर दिखाए गए कई “कब्जाधारी” असली निवासी नहीं थे। आरोप है कि स्थानीय लोगों की मदद से फर्जी अतिक्रमण करवाए गए और उनसे किराया वसूला जा रहा था।

    सूत्रों के अनुसार, इसी तरह के एग्रीमेंट कर अन्य डेवलपर्स से भी करीब ₹14 करोड़ की रकम हड़पी गई।

    पैसे मांगने पर मिली धमकी

    जब राघाणी ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें प्रोजेक्ट से बाहर करने और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद राघाणी ने DCP कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।

    EOW करेगी विस्तृत जांच

    FIR दर्ज होने के बाद मामला आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों को जल्द पूछताछ के लिए समन जारी किया जा सकता है। पुलिस पूरे SRA प्रोजेक्ट और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच कर रही है।


    FAQ Section

    Q1. यह मामला किस इलाके से जुड़ा है?

    यह मामला मुंबई के मलाड स्थित SRA रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

    Q2. कितनी रकम की कथित धोखाधड़ी हुई है?

    करीब ₹5.15 करोड़ की रकम ट्रांसफर की गई थी।

    Q3. जांच कौन कर रहा है?

    मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपा गया है।

    Q4. आरोपियों पर क्या आरोप हैं?

    फर्जी एग्रीमेंट, निवेश ठगी, फर्जी कब्जे दिखाकर रकम वसूलना और धमकी देने के आरोप लगे हैं।

  • Kandivali में BMC का बुलडोज़र एक्शन: महावीर नगर में अवैध ढांचे हटाए, भारी पुलिस बंदोबस्त

    Kandivali में BMC का बुलडोज़र एक्शन: महावीर नगर में अवैध ढांचे हटाए, भारी पुलिस बंदोबस्त

    मुंबई के कांदिवली इलाके में BMC ने पुलिस की मदद से एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव चलाकर अवैध निर्माण हटाए। महावीर नगर में भारी पुलिस तैनाती के बीच कार्रवाई, जानें पूरा अपडेट।

    मुंबई: मुंबई के पश्चिमी उपनगर कांदिवली में शुक्रवार को अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने पुलिस की मदद से महावीर नगर इलाके में एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव चलाकर कई अवैध ढांचों को हटाया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बंदोबस्त रखा गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

    कहां और कैसे चला BMC का अभियान?

    यह अभियान बीएमसी के आर साउथ और आर सेंट्रल वार्ड के अधिकारियों ने मिलकर चलाया। स्थानीय Mumbai Police के कांदिवली पुलिस स्टेशन की टीम भी मौके पर मौजूद रही।

    अधिकारियों के मुताबिक, महावीर नगर में फुटपाथों और सार्वजनिक सड़कों पर अवैध रूप से बनाए गए शेड, टीन शेड, बढ़ाए गए प्लेटफॉर्म और अनधिकृत दुकानों को हटाया गया।

    भारी पुलिस बंदोबस्त, कोई अप्रिय घटना नहीं

    अधिकारियों ने बताया कि ड्राइव के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इलाके में पहले से ही लाउडस्पीकर के जरिए सूचना दी गई थी।

    “कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी हुई, किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है,” एक अधिकारी ने कहा।

    क्यों जरूरी है एन्क्रोचमेंट हटाना?

    मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में फुटपाथ और सड़कें पहले ही ट्रैफिक और भीड़ के दबाव में हैं।

    • अवैध दुकानें और ढांचे ट्रैफिक जाम बढ़ाते हैं
    • पैदल चलने वालों के लिए खतरा बनते हैं
    • फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस के रास्ते में बाधा डालते हैं

    बीएमसी समय-समय पर ऐसे ड्राइव चलाकर सार्वजनिक जगहों को खाली कराने की कोशिश करती है।

    पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

    सूत्रों के मुताबिक, कांदिवली और आसपास के इलाकों में हाल के महीनों में कई बार एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव चल चुकी है।

    जनवरी और फरवरी में भी अवैध पान स्टॉल्स और अस्थायी ढांचों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। बीएमसी का कहना है कि शिकायतों के आधार पर प्राथमिकता तय की जाती है।

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    स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

    कुछ स्थानीय निवासियों ने कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि फुटपाथ खाली होने से पैदल चलना आसान होगा।

    हालांकि, जिन दुकानदारों के ढांचे हटाए गए, उनका कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उनका दावा है कि रोज़ी-रोटी पर असर पड़ेगा।

    कानूनी प्रक्रिया क्या है?

    बीएमसी नियमों के अनुसार:

    • पहले नोटिस जारी किया जाता है
    • तय समय में अवैध निर्माण हटाने को कहा जाता है
    • अनुपालन न होने पर बलपूर्वक कार्रवाई की जाती है

    अधिकारियों का कहना है कि इस ड्राइव में भी तय प्रक्रिया का पालन किया गया।

    आगे क्या?

    बीएमसी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। खासकर उन इलाकों में जहां बार-बार शिकायतें मिल रही हैं।


    FAQ

    Q1: कार्रवाई कहां हुई?
    महावीर नगर, कांदिवली इलाके में।

    Q2: किस विभाग ने ड्राइव चलाई?
    बीएमसी के आर साउथ और आर सेंट्रल वार्ड ने, पुलिस की मदद से।

    Q3: क्या कोई झड़प हुई?
    नहीं, कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी हुई।

    Q4: क्या आगे भी ड्राइव चलेगी?
    बीएमसी के अनुसार, शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

  • Kandivali West में BJP MLA Yogesh Sagar का सरप्राइज चेक, गांजा-हुक्का मटेरियल बिक्री पर 5 केस दर्ज

    Kandivali West में BJP MLA Yogesh Sagar का सरप्राइज चेक, गांजा-हुक्का मटेरियल बिक्री पर 5 केस दर्ज

    कांदिवली वेस्ट के महावीर नगर में BJP विधायक योगेश सागर ने अचानक निरीक्षण किया। गांजा, हुक्का मटेरियल और बैन तंबाकू की खुलेआम बिक्री के आरोप। पुलिस ने 5 मामले दर्ज किए, पहले 99 पान स्टॉल्स पर भी कार्रवाई।

    मुंबई: शहर के पश्चिमी उपनगर कांदिवली वेस्ट में बैन तंबाकू, गांजा और हुक्का मटेरियल की खुलेआम बिक्री की शिकायतों के बीच BJP विधायक Yogesh Sagar ने गुरुवार को अचानक निरीक्षण किया। महावीर नगर इलाके में तीन पान दुकानों की जांच के दौरान कई प्रतिबंधित सामान मिलने का दावा किया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने पांच अपराध दर्ज किए हैं।

    🔎 जांच के दौरान क्या मिला?

    विधायक योगेश सागर ने आरोप लगाया कि:

    • बैन तंबाकू उत्पाद (गुटखा, लूज तंबाकू)
    • हुक्का से जुड़ा मटेरियल
    • संदिग्ध नशीला पाउडर
    • अवैध गांजा सप्लाई

    खुलेआम बेचे जा रहे थे। उनका कहना है कि कुछ दुकानदार पड़ोसी दुकानों में प्रतिबंधित सामान छिपा रहे थे।

    🚔 पुलिस का बयान

    स्थानीय पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जनवरी से फरवरी के बीच, गुरुवार की कार्रवाई को छोड़कर, 99 पान स्टॉल्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनमें से 18 अवैध स्टॉल्स को तोड़ दिया गया।

    गुरुवार की कार्रवाई में 5 केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पहले इन दुकानों से मादक पदार्थ नहीं मिले थे, अधिकतर कार्रवाई गुटखा और प्रतिबंधित तंबाकू पर हुई थी।

    🏛️ राजनीतिक दबाव और नाराजगी

    यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में इलाके के ही एक अन्य विधायक Sanjay Upadhyay ने भी:

    • अवैध हुक्का पार्लर
    • खुले में शराबखोरी
    • देर रात तक चलने वाले कैफे
    • ट्रैफिक नियम तोड़ते शेयर ऑटो

    को लेकर शिकायत उठाई थी।

    लगातार आ रही शिकायतों से साफ है कि सत्ताधारी दल के विधायकों में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।

    🗣️ MLA Yogesh Sagar का आरोप

    योगेश सागर ने कहा, “लोकल लेवल पर सबको पता है क्या चल रहा है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही। कानून तोड़ने वालों में डर नहीं है। पुलिस को सख्त कदम उठाने चाहिए।”

    उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आसपास की दुकानें भी प्रतिबंधित सामान छिपाने में मदद करती पाई गईं, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।

    📌 सरकार की नीति बनाम जमीनी हकीकत

    मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis पहले ही अवैध हुक्का, तंबाकू और ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं।

    लेकिन लगातार हो रही विधायकों की शिकायतें इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि नीति और जमीनी अमल के बीच अंतर है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: यह कार्रवाई कहां हुई?
    महावीर नगर, कांदिवली वेस्ट में तीन पान दुकानों पर।

    Q2: कितने केस दर्ज हुए?
    पुलिस ने पांच मामले दर्ज किए हैं।

    Q3: पहले भी कार्रवाई हुई थी?
    जनवरी-फरवरी में 99 पान स्टॉल्स पर कार्रवाई और 18 को हटाया गया।

    Q4: क्या मादक पदार्थ मिले?
    पुलिस के अनुसार पहले इन दुकानों से मादक पदार्थ नहीं मिले थे, अधिकतर कार्रवाई बैन तंबाकू पर थी।

  • Mumbai Traffic Police में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सिपाही को धमकियाँ और हाई कोर्ट का संरक्षण

    Mumbai Traffic Police में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सिपाही को धमकियाँ और हाई कोर्ट का संरक्षण

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस में भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले कॉन्स्टेबल सुनील टोके को मिली हाई कोर्ट से राहत। विभागीय उत्पीड़न, निलंबन की धमकियों और “रिश्वत रेट-कार्ड” के आरोपों का पूरा सच पढ़ें।

    मुंबई: मुंबई ट्रैफिक पुलिस के कॉन्स्टेबल Sunil Toke (सुनील टोके) ने जब अपने ही विभाग में चल रहे कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और “रिश्वत रेट-कार्ड” का खुलासा किया, तो उन्हें लगातार विभागीय दबाव, ट्रांसफर की धमकी और सस्पेंशन की चेतावनी का सामना करना पड़ा। मामला इतना बढ़ा कि आखिरकार उन्हें Bombay High Court का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा।

    🔎 क्या है पूरा मामला?

    मुंबई ट्रैफिक विभाग के अंदर कथित तौर पर अलग-अलग उल्लंघनों के लिए “फिक्स रेट” पर रिश्वत वसूली का आरोप सामने आया था। सुनील टोके ने दावा किया कि यह वसूली संगठित तरीके से हो रही थी और आम जनता से नकद लेन-देन के जरिए चालान से बचाने का खेल चल रहा था।

    जब उन्होंने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई, तो कार्रवाई के बजाय उन्हें ही निशाना बनाया गया।

    ⚠️ शिकायत के बाद शुरू हुआ उत्पीड़न

    सूत्रों के मुताबिक शिकायत के बाद:

    • बार-बार स्पष्टीकरण नोटिस
    • अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
    • ड्यूटी में बदलाव
    • निलंबन की धमकी

    जैसी कार्रवाइयाँ शुरू हो गईं। टोके ने इसे “व्हिसलब्लोअर के खिलाफ प्रतिशोध” बताया।

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    ⚖️ हाई कोर्ट का हस्तक्षेप

    मामला जब बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा, तो कोर्ट ने यह साफ कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीरता से जांचना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि शिकायतकर्ता के खिलाफ प्रताड़ना या दंडात्मक कार्रवाई न्यायसंगत नहीं मानी जाएगी जब तक निष्पक्ष जांच पूरी न हो।

    इस आदेश के बाद विभाग को अपनी कार्रवाई पर पुनर्विचार करना पड़ा।

    📊 क्यों अहम है यह मामला?

    • पुलिस विभाग के अंदर से भ्रष्टाचार का खुलासा
    • व्हिसलब्लोअर सुरक्षा पर बड़ा सवाल
    • न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका
    • ट्रैफिक चालान और वसूली सिस्टम पर बहस

    यह मामला सिर्फ एक कॉन्स्टेबल का नहीं, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बन गया है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: सुनील टोके कौन हैं?
    वे मुंबई ट्रैफिक पुलिस के कॉन्स्टेबल हैं जिन्होंने विभाग में कथित भ्रष्टाचार का खुलासा किया।

    Q2: उन्होंने क्या आरोप लगाए?
    उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रैफिक उल्लंघनों के लिए “रिश्वत रेट-कार्ड” चल रहा था।

    Q3: हाई कोर्ट ने क्या कहा?
    कोर्ट ने कहा कि शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और शिकायतकर्ता के खिलाफ प्रताड़ना न की जाए।

    Q4: क्या जांच अभी जारी है?
    मामला जांच प्रक्रिया में है और विभागीय स्तर पर समीक्षा चल रही है।

  • Malad Kurar Police Station में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹6.34 लाख कैश बरामद

    Malad Kurar Police Station में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹6.34 लाख कैश बरामद

    मालाड के कुरार पुलिस स्टेशन में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई। ₹1 लाख की रिश्वत लेते सीनियर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार, केबिन से ₹6.34 लाख कैश बरामद। कोर्ट ने 23 फरवरी तक कस्टडी दी।

    मुंबई: मालाड इलाके में करप्शन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Anti-Corruption Bureau (ACB) ने कुरार पुलिस स्टेशन में छापा मारकर दो पुलिस अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सीनियर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर ने ₹1 लाख की रिश्वत ली। छापेमारी के दौरान पुलिस स्टेशन के केबिन से ₹6.34 लाख कैश भी बरामद किया गया।

    📍 Kurar Police Station में ट्रैप ऑपरेशन

    यह पूरी कार्रवाई मालाड स्थित Kurar Police Station में हुई। ACB टीम ने शिकायत मिलने के बाद ट्रैप लगाया।

    जैसे ही आरोपियों ने शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया। मौके पर ही गिरफ्तारी की गई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

    👮 कौन हैं गिरफ्तार अधिकारी?

    गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में:

    • Sanjeev Tawade – सीनियर इंस्पेक्टर
    • Dnyaneshwar Junne – सब-इंस्पेक्टर

    बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता से किसी मामले में मदद के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। ACB ने शिकायत की पुष्टि के बाद पूरी प्लानिंग के साथ कार्रवाई की।

    💰 केबिन से मिला ₹6.34 लाख कैश

    गिरफ्तारी के बाद ACB ने पुलिस स्टेशन के केबिन की तलाशी ली। इस दौरान एक छिपी जगह से ₹6.34 लाख नकद बरामद हुआ।

    सूत्रों के मुताबिक, यह रकम कथित तौर पर अन्य लेन-देन से जुड़ी हो सकती है। फिलहाल ACB इस एंगल से भी जांच कर रही है कि यह पैसा किन मामलों से संबंधित है।

    ⚖️ कोर्ट ने 23 फरवरी तक दी कस्टडी

    दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। ACB अब बैंक अकाउंट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।

    मामले को लेकर पुलिस विभाग में भी आंतरिक जांच की संभावना जताई जा रही है।

    🔎 मुंबई में करप्शन पर सख्त एक्शन

    महाराष्ट्र ACB पिछले कुछ महीनों से लगातार रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई कर रही है। मालाड की यह घटना मुंबई पुलिस सिस्टम पर भी सवाल खड़े करती है।

    ACB अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी।


    ❓ FAQ

    Q1. ACB ने कितनी रकम बरामद की?
    👉 कुल ₹6.34 लाख नकद बरामद किए गए।

    Q2. किस पुलिस स्टेशन में कार्रवाई हुई?
    👉 मालाड के कुरार पुलिस स्टेशन में।

    Q3. रिश्वत की रकम कितनी थी?
    👉 ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए आरोपी पकड़े गए।

    Q4. आरोपियों को कब तक कस्टडी मिली है?
    👉 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।