Category: Police Action

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  • Malad Digital Arrest Scam: 6 दिन की ‘ऑनलाइन नजरबंदी’, 67 साल की महिला से ₹12 लाख ठगे

    Malad Digital Arrest Scam: 6 दिन की ‘ऑनलाइन नजरबंदी’, 67 साल की महिला से ₹12 लाख ठगे

    मुंबई के मालाड में 67 वर्षीय महिला ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम का शिकार, जालसाजों ने फर्जी कोर्ट ऑर्डर और पुलिस बनकर 6 दिन वीडियो कॉल पर रखकर ₹12 लाख RTGS से ट्रांसफर कराए। 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत, FIR दर्ज।

    मुंबई: मालाड इलाके में 67 साल की एक गृहिणी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 12 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया। जालसाज खुद को पुलिस और सेंट्रल एजेंसी अधिकारी बताकर छह दिन तक महिला को वीडियो कॉल पर “हाउस अरेस्ट” में रखते रहे। मामला तब खुला जब बेटी ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🔎 कैसे बिछाया गया Malad में जाल?

    पुलिस के मुताबिक महिला को व्हाट्सऐप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को Mumbai Police का अधिकारी बताया और प्रोफाइल फोटो में पुलिस का लोगो लगाया हुआ था। उसने कहा कि लखनऊ में महिला के नाम से खुला बैंक अकाउंट “जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग” के लिए 17 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने में इस्तेमाल हुआ है।

    उसे 10% कमीशन लेने और 10 साल तक की जेल की धमकी दी गई—यहीं से डर की शुरुआत हुई।

    📄 फर्जी दस्तावेज़, असली डर

    विश्वास जमाने के लिए आरोपियों ने कथित Supreme Court of India का आदेश, अरेस्ट वारंट और Reserve Bank of India (RBI) नोटिस के फर्जी कागज भेजे। महिला को कहा गया कि मामला “नेशनल सिक्योरिटी” से जुड़ा है, इसलिए परिवार को कुछ न बताएं।

    साइबर पुलिस का कहना है—यही तरीका है जिससे ठग पहले डर पैदा करते हैं और फिर भरोसा जीतते हैं।

    🏠 ‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ में 6 दिन

    महिला को लगातार वीडियो कॉल पर रहने को कहा गया, रोज़ रिपोर्ट करने को बोला गया—“मैं सुरक्षित हूं।” घबराने पर आरोपी उसे शांत कराता और “मदद” का भरोसा देता। इसी दौरान उसने महिला से सारी बैंक डिटेल्स निकलवा लीं।

    तीसरे दिन महिला से 12 लाख की FD तोड़कर “वेरिफिकेशन” के नाम पर कोयंबटूर के एक अकाउंट में RTGS से ट्रांसफर करा लिया गया।

    📞 ऐसे खुला मामला

    छह दिन बाद बेटी ने फोन चेक किया तो पूरा खेल समझ आया। तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध खातों की पड़ताल की जा रही है।

    🛑 साइबर सेफ्टी एडवाइजरी (जरूर पढ़ें)

    • किसी भी साइबर फ्रॉड की तुरंत शिकायत 1930 पर करें
    • पुलिस कभी भी WhatsApp पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती
    • कोई भी सरकारी एजेंसी “वेरिफिकेशन” के नाम पर पैसे ट्रांसफर नहीं करवाती
    • कोर्ट वारंट/नोटिस मैसेजिंग ऐप से नहीं भेजे जाते

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. डिजिटल अरेस्ट क्या होता है?
    👉 यह एक नया साइबर फ्रॉड तरीका है, जिसमें ठग खुद को पुलिस/एजेंसी बताकर वीडियो कॉल पर “नजरबंद” रखते हैं और पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।

    Q2. क्या पुलिस WhatsApp पर अरेस्ट करती है?
    👉 नहीं। पुलिस कभी भी WhatsApp या वीडियो कॉल पर अरेस्ट नहीं करती।

    Q3. साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

    Q4. क्या पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 जल्दी शिकायत करने पर बैंक अकाउंट फ्रीज होने की संभावना रहती है, जिससे रिकवरी संभव हो सकती है।

  • चारकोप में MNS-शिवसेना नेताओं ने बिल्डर और उसके बेटे को पीटा, 10 लाख की हफ्ता वसूली का आरोप

    चारकोप में MNS-शिवसेना नेताओं ने बिल्डर और उसके बेटे को पीटा, 10 लाख की हफ्ता वसूली का आरोप

    कांदिवली वेस्ट के चारकोप में मनसे नेता विश्वास मोरे, किशोर दलवी, अशोक मंडल, पांडुरंग देसाई, राजेंद्र धनेकर सहित 15 लोगों पर मारपीट और 10 लाख की हफ्ता वसूली का मामला दर्ज। वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने FIR 60/2026 के तहत कार्रवाई शुरू की।

    मुंबई: कांदिवली वेस्ट स्थित चारकोप सेक्टर 8 में कथित गुंडागर्दी और हफ्ता वसूली का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता विश्वास मोरे और शिवसेना के नेता किशोर दलवी सहित 15 लोगों पर मारपीट और 10 लाख रुपये की हफ्ता वसूली मांगने का केस दर्ज हुआ है। मामला चारकोप पुलिस स्टेशन में एफआईआर क्रमांक 60/2026 के तहत दर्ज किया गया है।

    📹 वायरल वीडियो से खुला मामला

    13 फरवरी को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कुछ लोग एक कंस्ट्रक्शन साइट के अंदर घुसकर वॉचमैन और कर्मचारियों से बहस और मारपीट करते नजर आ रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि यह घटना कांदिवली वेस्ट के चारकोप सेक्टर 8 स्थित जायसवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के कंपाउंड की है।

    💰 10 लाख रुपये की हफ्ता वसूली का आरोप

    कंस्ट्रक्शन कारोबारी बंश बहादुर जायसवाल और उनके बेटे मुकेश जायसवाल ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने 10 लाख रुपये की हफ्ता वसूली की मांग की।

    शिकायत के अनुसार, पैसे न देने पर काम रुकवाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इसी आधार पर पुलिस ने मारपीट और हफ्ता वसूली जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।

    📝 एफआईआर 60/2026 के तहत केस दर्ज

    चारकोप पुलिस ने 15 फरवरी को औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज की।

    इस केस में विश्वास मोरे, किशोर दलवी, अशोक मंडल, पांडुरंग देसाई, राजेंद्र धनेकर सहित अन्य 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

    👮 क्या होगी आगे की कार्रवाई?

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी की जा सकती है।

    राजनीतिक नेताओं के नाम सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है।

    📍 कांदिवली-चारकोप में बढ़ते हफ्ता वसूली के मामले?

    स्थानीय व्यापारियों और बिल्डरों का कहना है कि इलाके में पहले भी वसूली के आरोप सामने आते रहे हैं। इस घटना के बाद “Mumbai Extortion Case” और “Kandivali Hafta Vasooli” जैसे कीवर्ड सोशल मीडिया और गूगल सर्च में ट्रेंड कर रहे हैं।


    ❓ FAQ Section

    1. चारकोप में किस मामले में केस दर्ज हुआ?

    मारपीट और 10 लाख रुपये की हफ्ता वसूली मांगने के आरोप में केस दर्ज हुआ है।

    2. किन नेताओं के नाम एफआईआर में हैं?

    मनसे नेता विश्वास मोरे और शिवसेना नेता किशोर दलवी समेत 15 लोगों के नाम शामिल हैं।

    3. एफआईआर कब दर्ज हुई?

    15 फरवरी को एफआईआर क्रमांक 60/2026 दर्ज की गई।

    4. मामला कैसे सामने आया?

    13 फरवरी को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद मामला सुर्खियों में आया।

  • Dhule Murder Case: कबूतरों के विवाद में दोस्त की हत्या, न्यायालय के सामने मामू को पीटा

    Dhule Murder Case: कबूतरों के विवाद में दोस्त की हत्या, न्यायालय के सामने मामू को पीटा

    धुले के साकरी में कबूतरों के लेनदेन विवाद में युवक की गला रेतकर हत्या। आरोपी ने लूट की फर्जी कहानी गढ़ी, माता-पिता पर भी केस दर्ज। कोर्ट परिसर में आरोपी के रिश्तेदार की पिटाई से मचा हड़कंप।

    महाराष्ट्र: धुले जिले के साकरी शहर में कबूतरों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया। आरोपी नूर भटू पिंजारी ने अपने ही दोस्त शोएब सईद शेख की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी के परिवार ने पुलिस को गुमराह करने के लिए ‘लूट की झूठी कहानी’ रची, लेकिन सख्त पूछताछ में सच सामने आ गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और माता-पिता के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। वहीं, कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी के मामू की भीड़ ने पिटाई कर दी, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।

    कबूतरों के शौक ने ली दोस्ती की जान

    धुले के साकरी स्थित महाराणा प्रताप चौक इलाके में रहने वाले शोएब शेख और नूर पिंजारी गहरे दोस्त बताए जाते हैं। दोनों को कबूतर पालने और उनके लेनदेन का शौक था।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कबूतरों की खरीद-फरोख्त और पुराने पैसों के विवाद को लेकर दोनों के बीच काफी समय से तनातनी चल रही थी। घटना वाले दिन यह विवाद इतना बढ़ गया कि नूर ने अपने घर की छत पर शोएब पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।

    छत पर मिला खून से लथपथ शव

    हमला इतना घातक था कि शोएब की मौके पर ही मौत हो गई। उसका शव आरोपी के घर की छत पर खून से सना मिला। इलाके में इस ‘ब्रूटल मर्डर केस’ की खबर फैलते ही सनसनी मच गई।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों की दोस्ती मिसाल मानी जाती थी, लेकिन कबूतरों के लेनदेन का विवाद जानलेवा बन गया।

    लूट की फर्जी कहानी से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

    हत्या के बाद मामले ने तब नया मोड़ लिया जब आरोपी के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि अज्ञात लुटेरे घर में घुसे और हमला कर फरार हो गए।

    लेकिन पुलिस को घटनास्थल पर कई संदिग्ध बातें मिलीं:

    • जबरन घुसने के कोई स्पष्ट निशान नहीं
    • आरोपी के बयान में विरोधाभास
    • वारदात के तुरंत बाद कपड़े बदलना

    कड़ाई से पूछताछ और फॉरेंसिक जांच के बाद झूठी कहानी का पर्दाफाश हो गया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई, माता-पिता पर भी केस

    साकरी पुलिस ने मुख्य आरोपी नूर पिंजारी को हिरासत में ले लिया है।

    साथ ही, साक्ष्य मिटाने, पुलिस को गुमराह करने और अपराधी को संरक्षण देने के आरोप में आरोपी के माता-पिता के खिलाफ भी IPC की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    यह मामला अब “Dhule Murder Case”, “Sakri Kabootar Dispute Murder” और “Maharashtra Crime News” जैसे कीवर्ड्स के साथ तेजी से सर्च किया जा रहा है।

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    Dhule कोर्ट के सामने ‘सिनेस्टाइल’ हंगामा

    इस केस ने और तूल तब पकड़ लिया जब आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया।

    न्यायालयीन कोठडी सुनाए जाने के बाद जैसे ही आरोपी को बाहर लाया गया, वहां मौजूद भीड़ भड़क गई। आरोपी का बचाव करने आए उसके मामू नबू पिंजारी को भीड़ ने साकरी-धुले महामार्ग पर बीच सड़क पर घेरकर पीट दिया।

    इस घटना से कोर्ट परिसर और हाईवे पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बंदोबस्त करना पड़ा।


    FAQ

    Q1. धुले में हत्या किस वजह से हुई?.

    कबूतरों के लेनदेन और पुराने विवाद को लेकर झगड़ा हुआ, जो हत्या में बदल गया।

    Q2. मुख्य आरोपी कौन है?

    नूर भटू पिंजारी।

    Q3. क्या परिवार के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ?

    हाँ, पुलिस को गुमराह करने और सबूत मिटाने के आरोप में माता-पिता पर भी मामला दर्ज किया गया है।

    Q4. कोर्ट में क्या हुआ?

    आरोपी के मामू की भीड़ ने पिटाई कर दी, जिससे कोर्ट परिसर में तनाव फैल गया।

    Q5. आरोपी को कौन सी सजा हो सकती है?

    अगर दोष साबित हुआ तो IPC 302 के तहत उम्रकैद या कठोर सजा हो सकती है।

  • जौनपुर में मोबाइल चोरी करते पकड़े गए दो पुलिसकर्मी सस्पेंड… देखें चोरी का LIVE वीडियो

    जौनपुर में मोबाइल चोरी करते पकड़े गए दो पुलिसकर्मी सस्पेंड… देखें चोरी का LIVE वीडियो

    जौनपुर में मोबाइल शोरूम से iPhone 15 चोरी करते दो पुलिसकर्मी CCTV में कैद, वीडियो वायरल होते ही SSP ने किया सस्पेंड। जानें पूरा मामला, जांच और कार्रवाई की ताजा अपडेट।

    उत्तर प्रदेश: जौनपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो पुलिसकर्मियों पर मोबाइल शोरूम से iPhone 15 चोरी करने का आरोप लगा है। पूरी वारदात CCTV फुटेज में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया। SSP जौनपुर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। फिलहाल मामले की जांच सहायक पुलिस अधीक्षक कर रहे हैं और शोरूम मालिक को मोबाइल वापस दिला दिया गया है।

    CCTV में कैद हुई पूरी चोरी की वारदात

    जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के जेसीस चौराहे पर स्थित एक मोबाइल शोरूम में यह घटना हुई। आरोपी पुलिसकर्मी धनंजय बिंद और मिथिलेश यादव फोन खरीदने के बहाने दुकान में घुसे।

    महिला कर्मचारी iPhone 15 दिखा रही थी, तभी एक पुलिसकर्मी ने चालाकी से अपने पुराने मोबाइल को जेब से निकालकर नए iPhone से बदल लिया। पूरी घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में दोनों पुलिसकर्मी एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराते भी दिखाई दे रहे हैं।

    यह CCTV वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस विभाग पर सवाल उठने लगे।

    शोरूम मालिक का बयान भी हुआ वायरल

    मोबाइल शोरूम के मालिक सत्यम का बयान भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उन्होंने कहा:

    “मेरी बहन 12 घंटे दुकान पर काम करती है और पुलिस वाले मुस्कुराते हुए फोन चुरा ले जाते हैं। उन्हें शर्म भी नहीं आई।”

    इस बयान के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ गया और #UPPolice ट्रेंड करने लगा।

    SSP ने की सख्त कार्रवाई, दोनों सस्पेंड

    मामले की गंभीरता को देखते हुए SSP जौनपुर कुंवर अनुपम सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया।

    • दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित (Suspend) कर दिया गया है
    • सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) को जांच सौंपी गई है
    • फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई होगी

    पुलिस प्रशासन ने शोरूम मालिक को उनका मोबाइल वापस दिला दिया है।

    सोशल मीडिया पर UP Police पर उठे सवाल

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

    लोगों का कहना है कि जब सुरक्षा देने वाले ही चोरी करें तो आम जनता किस पर भरोसा करे?

    यह मामला “UP Police Viral Video”, “Jaunpur Police Suspension” और “Police Caught Stealing iPhone” जैसे कीवर्ड्स के साथ तेजी से सर्च किया जा रहा है।

    कानूनी और विभागीय कार्रवाई क्या हो सकती है?

    विशेषज्ञों के मुताबिक अगर जांच में आरोप साबित होते हैं तो:

    • विभागीय कार्रवाई (Departmental Inquiry)
    • सेवा से बर्खास्तगी (Dismissal)
    • IPC की धाराओं में केस दर्ज
    • आपराधिक मुकदमा

    जैसी सख्त कार्रवाई भी संभव है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. जौनपुर में पुलिसकर्मियों को क्यों सस्पेंड किया गया?

    मोबाइल शोरूम से iPhone 15 चोरी करने का आरोप CCTV में कैद होने के बाद दोनों को सस्पेंड किया गया।

    Q2. आरोपित पुलिसकर्मियों के नाम क्या हैं?

    धनंजय बिंद और मिथिलेश यादव।

    Q3. क्या मोबाइल वापस मिल गया?

    हाँ, पुलिस प्रशासन ने शोरूम मालिक को मोबाइल वापस दिला दिया है।

    Q4. मामले की जांच कौन कर रहा है?

    सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) द्वारा जांच की जा रही है।

    Q5. आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?

    फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई संभव है।

  • मालाड में पत्नी के प्रेमी ने कर दी कारपेंटर की हत्या, टुकड़े कर शव जुहू बीच पर फेंका

    मालाड में पत्नी के प्रेमी ने कर दी कारपेंटर की हत्या, टुकड़े कर शव जुहू बीच पर फेंका

    मुंबई के मालाड में 30 वर्षीय कारपेंटर की पत्नी के प्रेमी ने हत्या कर शव के टुकड़े कर नाले में फेंक दिया। शव के हिस्से जुहू बीच पर मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। पत्नी से पूछताछ जारी।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में 30 वर्षीय कारपेंटर अशोक हरिलाल गौड़ की कथित तौर पर उसकी पत्नी के प्रेमी ने हत्या कर दी। आरोपी ने मालवनी स्थित एक कारखाने में चाकू से वार कर उसकी गला रेतकर हत्या की, फिर शव के तीन टुकड़े कर बोरी में भरकर समुद्र से जुड़े नाले में फेंक दिया। शव के अंग जुहू बीच पर मिलने के बाद मामला सामने आया और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पत्नी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

    🔍 कैसे हुआ हत्या का खुलासा?

    9 फरवरी की सुबह जुहू बीच पर सैर कर रहे एक व्यक्ति ने समुद्र किनारे एक बोरी में इंसानी हाथ देखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बोरी से क्षत-विक्षत शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल भेजा गया। गुमशुदगी की शिकायतों से मिलान करने पर मृतक की पहचान मालाड पश्चिम के रहने वाले अशोक गौड़ के रूप में हुई, जो 29 जनवरी से लापता था।

    🏭 फैक्ट्री में दिया वारदात को अंजाम

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वहीद अली मोहम्मद इसराइल शेख उर्फ मिट्ठू ने मालवनी स्थित एक कारखाने में अशोक को बुलाया। वहां उस पर कई बार चाकू से हमला किया और गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के तीन टुकड़े किए और बोरी में भरकर नाले में फेंक दिया, जो समुद्र से जुड़ा हुआ है।

    💔 पत्नी और आरोपी के बीच तीन साल से संबंध

    जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी और मृतक की पत्नी प्रतिभा के बीच पिछले तीन वर्षों से प्रेम संबंध थे। दोनों की पहचान अशोक के जरिए हुई थी, क्योंकि आरोपी और अशोक पहले साथ में कपड़ा कारोबार में काम कर चुके थे। आरोपी का घर आना-जाना बढ़ा और इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।

    ⚠️ एक महीने पहले हुआ था विवाद

    पुलिस के अनुसार, पिछले महीने अशोक को इस संबंध की जानकारी मिली थी। उसने आरोपी को चेतावनी दी थी कि वह उसकी पत्नी से दूर रहे। दंपति के तीन बच्चे हैं। पुलिस का कहना है कि इसी विवाद के बाद आरोपी ने हत्या की साजिश रची।

    🧾 गुमशुदगी की शिकायत और पुलिस जांच

    हत्या के बाद भी मृतक की पत्नी ने किसी को जानकारी नहीं दी। 4 फरवरी को उसने मालवणी थाने में पति की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। बाद में शव मिलने के बाद मामला हत्या में बदल गया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह प्रतिभा से शादी करना चाहता था।

    🚨 पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच

    पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पत्नी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मामले में हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। आगे की जांच जारी है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. मृतक कौन था?

    अशोक हरिलाल गौड़, 30 वर्षीय बढ़ई, जो मालाड पश्चिम का निवासी था।

    Q2. शव कहां मिला?

    जुहू बीच पर बोरी में बंद हालत में शव के टुकड़े मिले।

    Q3. हत्या किसने की?

    पत्नी के प्रेमी वहीद अली उर्फ मिट्ठू ने हत्या की बात कबूल की है।

    Q4. हत्या का कारण क्या बताया गया?

    प्रेम संबंध और शादी करने की इच्छा को लेकर विवाद बताया गया है।

    Q5. पत्नी की क्या भूमिका है?

    पत्नी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • गर्लफ्रेंड को इंप्रेस करने के लिए करता था बाइक चोरी, दिंडोशी पुलिस ने आरोपी को दबोचा

    गर्लफ्रेंड को इंप्रेस करने के लिए करता था बाइक चोरी, दिंडोशी पुलिस ने आरोपी को दबोचा

    मुंबई के गोरेगांव और कुरार इलाके में गर्लफ्रेंड को घुमाने के लिए लगातार दोपहिया वाहन चोरी करने वाले 26 वर्षीय युवक को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 3 चोरी की बाइक बरामद, पहले भी 7 मामलों में जा चुका है जेल।

    मुंबई: गोरेगांव और कुरार इलाके में 26 साल के सादिक खुर्शीद शेख ने गर्लफ्रेंड को रोज नई बाइक पर घुमाने के लिए कई दोपहिया वाहन चोरी किए। पेट्रोल खत्म होते ही वह बाइक छोड़ देता था। दिंडोशी पुलिस ने CCTV फुटेज, मुखबिर और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से उसे 5 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 1.10 लाख रुपये की तीन चोरी की बाइक बरामद हुई हैं और तीन पुराने केस भी सुलझ गए हैं।

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    🔎 कैसे खुला बाइक चोरी का मामला?

    9 जनवरी को फिल्म सिटी रोड, गोरेगांव पूर्व से एक Honda Activa 5G चोरी होने की शिकायत दर्ज हुई। इसके बाद दिंडोशी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

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    DCP जोन XII महेश चिमटे और सीनियर इंस्पेक्टर महेंद्र शिंदे के मार्गदर्शन में PSI अजीत देसाई और उनकी टीम ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और टेक्निकल सर्विलांस से आरोपी तक पहुंच बनाई।

    🚔 आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड

    पुलिस के मुताबिक, सादिक शेख के खिलाफ पहले से ही कुरार और दिंडोशी पुलिस स्टेशन में आधा दर्जन से ज्यादा बाइक चोरी के मामले दर्ज हैं।

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    • 7 मामलों में जेल की सजा काट चुका है
    • नशे की लत से परेशान परिवार
    • कई बार रिहैब सेंटर भेजा गया
    • बहनों ने परेशान होकर घर से निकाला

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसकी बहनों ने पहले जमानत में मदद की थी, लेकिन आदत नहीं सुधरने पर उन्होंने कानूनी मदद देना बंद कर दिया।

    🏍️ Modus Operandi: रोज नई बाइक पर गर्लफ्रेंड के साथ राइड

    आरोपी का तरीका बेहद अजीब था।

    • भीड़भाड़ वाले इलाके से बाइक चोरी
    • गर्लफ्रेंड को “स्टाइल” दिखाने के लिए घुमाना
    • पेट्रोल खत्म होते ही बाइक सड़क पर छोड़ देना
    • फिर अगली बाइक चोरी करना
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    पुलिस का कहना है कि वह फ्लैशी लाइफस्टाइल दिखाकर गर्लफ्रेंड को इंप्रेस करना चाहता था।

    📍 बरामदगी और सुलझे केस

    गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने:

    • 3 चोरी की दोपहिया वाहन बरामद
    • कुल कीमत ₹1.10 लाख
    • दिंडोशी के 2 और कुरार का 1 केस सुलझा

    फिलहाल आरोपी पुलिस कस्टडी में है और आगे की जांच जारी है।

    📊 Mumbai Crime Trend: बढ़ती बाइक चोरी की घटनाएं

    मुंबई में पिछले कुछ समय से Two Wheeler Theft Cases, Scooter Theft in Mumbai, और Bike Chori Mumbai News जैसे मामलों में इजाफा देखा गया है। पुलिस लगातार CCTV मॉनिटरिंग और टेक्निकल सर्विलांस के जरिए अपराधियों पर नकेल कस रही है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?

    5 फरवरी को दिंडोशी पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।

    Q2. कितनी बाइक बरामद हुई?

    तीन चोरी की दोपहिया वाहन बरामद की गईं।

    Q3. आरोपी पर कौन सी धारा लगी है?

    भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज है।

    Q4. आरोपी पहले भी जेल जा चुका है?

    हाँ, वह 7 मामलों में सजा काट चुका है।

    Q5. बाइक चोरी का मुख्य कारण क्या था?

    गर्लफ्रेंड को इंप्रेस करने और फ्लैशी लाइफस्टाइल दिखाने के लिए वह बाइक चोरी करता था।

  • जुहू कोळीवाड़ा चौपाटी पर बोरे में मिली कटी लाश, मालवनी के लापता शख्स की पत्नी डिटेन, मुंबई में सनसनी

    जुहू कोळीवाड़ा चौपाटी पर बोरे में मिली कटी लाश, मालवनी के लापता शख्स की पत्नी डिटेन, मुंबई में सनसनी

    मुंबई के जुहू कोळीवाड़ा चौपाटी पर बोरे में मिली कटी हुई लाश से हड़कंप मच गया। सांताक्रूज़ पुलिस ने मालवनी के 40 वर्षीय गुमशुदा अशोक गौड़ की पत्नी को डिटेन किया है। जानिए पूरा मामला, पुलिस जांच, संभावित हत्या की वजह और ताजा अपडेट।

    मुंबई: जुहू कोळीवाड़ा चौपाटी इलाके में एक बोरे के अंदर कटी हुई और सड़ी-गली लाश मिलने से पूरे शहर में अफरा-तफरी मच गई है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह शव मालवनी के 40 वर्षीय गुमशुदा व्यक्ति अशोक गौड़ का हो सकता है, जो 29 जनवरी से लापता था। मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब सांताक्रूज़ पुलिस ने अशोक की पत्नी को पूछताछ के लिए मालवनी से डिटेन किया। फिलहाल पुलिस हत्या, शव को ठिकाने लगाने और इसके पीछे के मकसद की हर एंगल से जांच कर रही है।

    जुहू कोळीवाड़ा चौपाटी पर बोरे में मिली लाश

    रविवार सुबह जुहू कोळीवाड़ा चौपाटी पर स्थानीय लोगों ने एक संदिग्ध बोरा देखा, जिससे बदबू आ रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जब बोरा खोला गया तो अंदर कटी हुई लाश मिली। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शव का कुछ हिस्सा गायब है और काफी हद तक लाश गल चुकी है, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि हत्या कई दिन पहले की गई हो सकती है।

    लाश की हालत ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें

    शव की स्थिति इतनी खराब थी कि मौके पर ही पहचान कर पाना मुश्किल हो गया। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर सबूत इकट्ठा किए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती रिपोर्ट में हत्या के बाद शव को टुकड़ों में काटकर बोरे में भरने की आशंका जताई गई है। यह मामला अब “Mumbai Murder Case”, “Juhu Chowpatty Dead Body” जैसे कीवर्ड्स के साथ सोशल मीडिया और गूगल सर्च में तेजी से ट्रेंड कर रहा है।

    मुंबई के मालवनी से जुड़ा कनेक्शन: अशोक गौड़ की गुमशुदगी

    मालवनी पुलिस के अनुसार 40 वर्षीय अशोक गौड़ 29 जनवरी से लापता था। 4 फरवरी को उसकी पत्नी ने ही मालवनी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ दिन बाद जुहू कोळीवाड़ा में बोरे में मिली लाश ने इस केस को नया मोड़ दे दिया।

    पत्नी को डिटेन किए जाने से फैली सनसनी

    जैसे ही सांताक्रूज़ पुलिस ने अशोक गौड़ की पत्नी को मालवनी से डिटेन किया, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। लोग यह सवाल करने लगे कि क्या कहीं इस हत्या में पत्नी की भूमिका तो नहीं? पुलिस फिलहाल इसे “detention for inquiry” बता रही है, लेकिन पूछताछ को बेहद अहम माना जा रहा है।

    हत्या का मकसद क्या हो सकता है?

    पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है—

    • घरेलू विवाद या पारिवारिक कलह
    • पैसों का लेन-देन या आर्थिक तंगी
    • किसी तीसरे व्यक्ति की संलिप्तता

    फिलहाल किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगा, लेकिन “Malvani Missing Person Case” और “Mumbai Crime News” के तहत यह मामला काफी संवेदनशील बन चुका है।

    सांताक्रूज़ पुलिस की जांच और अगला कदम

    सांताक्रूज़ पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू को खंगाला जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

    मुंबई में बढ़ते अपराध और सुरक्षा पर सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ते अपराधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुलेआम सार्वजनिक जगह पर बोरे में लाश मिलना न सिर्फ डराने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अपराधी कितने बेखौफ हो चुके हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. जुहू कोळीवाड़ा में मिली लाश किसकी बताई जा रही है?
    A1. शुरुआती जांच में लाश मालवनी के गुमशुदा अशोक गौड़ की होने की आशंका जताई जा रही है।

    Q2. क्या अशोक गौड़ की पत्नी को गिरफ्तार किया गया है?
    A2. नहीं, फिलहाल उसे केवल पूछताछ के लिए डिटेन किया गया है।

    Q3. अशोक गौड़ कब से लापता था?
    A3. वह 29 जनवरी से लापता था और 4 फरवरी को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी।

    Q4. पुलिस जांच किस दिशा में जा रही है?
    A4. पुलिस हत्या, शव को ठिकाने लगाने और संभावित मकसद सहित हर एंगल से जांच कर रही है।

  • टीवी सीरियल एक्टर चोरी के आरोप में गिरफ्तार

    टीवी सीरियल एक्टर चोरी के आरोप में गिरफ्तार

    मुंबई के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में गोडाउन से चोरी हुई इंट्रा V70 पिकअप गाड़ी को आरे पुलिस ने कुछ ही दिनों में बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में पूर्व कर्मचारी को गिरफ्तार कर 4.20 लाख रुपये की गाड़ी जब्त की है।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के आरे कॉलनी इलाके में गोडाउन पार्किंग से चोरी हुई पिकअप गाड़ी के मामले में आरे पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए टीवी सीरियल मे काम करने वाले टीवी एक्टर ब्रजेश कुमार रामगोपाल रेकवार उर्फ टाइगर (28 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही चोरी की गई इंट्रा V70 पिकअप (कीमत करीब 4.20 लाख रुपये) को भी बरामद कर लिया गया है। आरोपी पहले पीड़ित के यहां काम कर चुका था और उसी ने मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया।

    आरे पुलिस की तेज कार्रवाई

    आरे पुलिस स्टेशन ने मोटर वाहन चोरी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शातिर चोर को गिरफ्तार कर चोरी की गई गाड़ी बरामद की है। यह कार्रवाई अपराध प्रकटीकरण पथक द्वारा की गई, जिससे इलाके में वाहन चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया है। इस चोर की खास बात यह है कि ब्रजेश हिंदी टीवी सीरियलों मे एक्टर का काम करता है। पुलिस भी हैरान है कि उसे चोरी क्यो करनी पड़ी।

    गोडाउन पार्किंग से चोरी हुई पिकअप

    पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता रंजीत कुमार राजदेव मिश्रा (42 वर्ष) ने आरे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी इंट्रा V70 पिकअप गाड़ी (MH 03 EG 7277) को आरे कॉलनी, गोरेगांव पूर्व स्थित अंबावाड़ी यूनिट नंबर 31 के गोडाउन पार्किंग में खड़ा किया था।

    29 फरवरी की रात 11:30 बजे से 18 जनवरी 2026 की सुबह 8:00 बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति ने उनकी गाड़ी चोरी कर ली।

    करीब 4.20 लाख रुपये की गाड़ी चोरी

    चोरी की गई गाड़ी इंट्रा V70 पिकअप थी, जिसकी अनुमानित कीमत 4,20,000 रुपये बताई गई है। यह वाहन व्यवसायिक उपयोग में था, जिससे पीड़ित को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।

    मामला दर्ज होते ही जांच शुरू

    शिकायत के आधार पर आरे पुलिस स्टेशन में गुनाह रजिस्टर नंबर 21/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होते ही पुलिस के अपराध प्रकटीकरण दल ने जांच शुरू कर दी।

    पूर्व कर्मचारी पर गया शक

    जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि शिकायतकर्ता के यहां पहले काम कर चुका एक युवक वारदात के बाद इलाके में संदिग्ध रूप से घूमता देखा गया था। आरोपी की पहचान ब्रजेश कुमार रामगोपाल रेकवार उर्फ टाइगर (28 वर्ष) के रूप में हुई।

    गोरेगांव पूर्व से आरोपी गिरफ्तार

    गुप्त सूचना के आधार पर आरे पुलिस की टीम ने गोरेगांव पूर्व के संतोष नगर इलाके में जाल बिछाकर आरोपी को हिरासत में लिया। उसे आरे पुलिस स्टेशन लाकर जब पूछताछ की गई, तो उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन के शादी के लिए पैसों की जरूरत थी और काम नही मिलने के कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।

    चोरी की गाड़ी बरामद

    आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई इंट्रा V70 पिकअप (MH 03 EG 7277) को बरामद कर लिया। वाहन को पंचनामा कर जब्त कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

    आरोपी का विवरण

    नाम: ब्रजेश कुमार रामगोपाल रेकवार उर्फ टाइगर
    उम्र: 28 वर्ष

    पुलिस आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

    वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त (उत्तर क्षेत्र) शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे, सहायक पुलिस आयुक्त विजय भिसे और आरे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र पाटील के मार्गदर्शन में की गई। अपराध प्रकटीकरण टीम ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।


    FAQ

    Q1. गाड़ी कहां से चोरी हुई थी?
    आरे कॉलनी, गोरेगांव पूर्व स्थित गोडाउन पार्किंग से।

    Q2. चोरी हुई गाड़ी कौन-सी थी?
    इंट्रा V70 पिकअप (MH 03 EG 7277)।

    Q3. आरोपी कैसे पकड़ा गया?
    पूर्व कर्मचारी होने के संदेह और गुप्त सूचना के आधार पर।

    Q4. गाड़ी की कीमत कितनी है?
    करीब 4.20 लाख रुपये।

  • मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई लाखों की रात की घरफोड़ चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 40 से ज्यादा मामलों में शामिल शातिर चोर स्टैलिन कोंडर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया गया है।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रात के समय घरफोड़ चोरी कर लाखों के गहने और नकदी उड़ाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी स्टैलिन कोंडर को अहमदाबाद से पकड़ा गया, जिसके खिलाफ पहले से 40 से अधिक चोरी और घरफोड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया है।

    🏙️ रात के समय घरफोड़ी चोरी की वारदात

    आरे पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता जयगणेश कृष्णमूर्ति (उम्र 32 वर्ष) ने बताया कि 18 जनवरी 2026 की रात 7:30 बजे से 19 जनवरी 2026 दोपहर 12:30 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला और कुंडी तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

    चोरों ने घर में रखे सोने-चांदी के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

    Mumbai aare police Station crime news

    💰 चोरी हुआ माल: लाखों का नुकसान

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार चोरी हुए सामान में शामिल हैं—

    • सोने के दो कंगन (5 और 4 ग्राम)
    • 15 ग्राम की आठ सोने की अंगूठियां
    • 10 ग्राम का एक सोने का लॉकेट
    • 13 ग्राम की दो सोने की बालियां
    • चार चांदी के पायल
    • चांदी के तीन कमरबंद
    • चांदी के तीन जोड़वे
    • चांदी के दो बेसलेट
    • नकद 2,000 रुपये

    चोरी हुए सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 45 हजार रुपये बताई गई।

    🚔 आरे पुलिस ने दर्ज किया मामला

    शिकायत के आधार पर आरे पुलिस स्टेशन में गुनाह रजिस्टर नंबर 20/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होते ही पुलिस के अपराध प्रकटीकरण दस्ते ने जांच शुरू कर दी।

    🕵️‍♂️ गुप्त सूचना से मिला बड़ा सुराग

    जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि यह वारदात एक कुख्यात और शातिर चोर ने की है, जो पहले भी कई ऐसे अपराधों में शामिल रहा है। जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी स्टैलिन चालीस कोंडर फिलहाल अहमदाबाद, गुजरात में छिपा हुआ है।

    वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर आरे पुलिस की टीम गुजरात रवाना हुई और आरोपी को दबोच लिया।

    🔗 पूछताछ में सामने आए दो और आरोपी

    पुलिस पूछताछ के दौरान स्टैलिन कोंडर ने कबूल किया कि उसने यह चोरी अपने दो साथियों के साथ मिलकर की थी—

    1. अनिल लहान्या जिंबल उर्फ अल्बर्ट (उम्र 23 वर्ष)
    2. अब्दुल रफीक हमीद अंसारी उर्फ अप्पू खोटे (उम्र 29 वर्ष)

    इसके बाद पुलिस ने दोनों साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

    💎 चोरी का माल बरामद

    आरे पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से—

    • इस केस से जुड़ा 1,85,000 रुपये का सोना-चांदी
    • आरे और दिंडोशी पुलिस स्टेशन के अन्य चोरी मामलों से जुड़ी नकदी
      बरामद की है।

    📂 आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

    🔴 स्टैलिन चालीस कोंडर (29 वर्ष)

    • आरे पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • कुल: 20 अपराध

    🔴 अब्दुल रफीक अंसारी उर्फ अप्पू खोटा (29 वर्ष)

    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 39 मामले
    • आरे पुलिस स्टेशन: 1 मामला
    • कुल: 40 अपराध

    पुलिस के अनुसार, ये आरोपी पेशेवर घरफोड़ और चोरी करने वाले अपराधी हैं।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त (उत्तर क्षेत्र) शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे, सहायक पुलिस आयुक्त विजय भिसे और आरे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र पाटील के मार्गदर्शन में की गई।


    FAQ सेक्शन

    Q1. चोरी की घटना कहां हुई थी?
    आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में।

    Q2. मुख्य आरोपी को कहां से पकड़ा गया?
    अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. कितनी संपत्ति बरामद हुई?
    करीब 1.85 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति।

    Q4. आरोपियों पर पहले कितने मामले थे?
    एक आरोपी पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।

  • मुंबई में बड़ा घोटाला: लोखंडवाला बिल्डर और SRA इंजीनियर पर BMC की FIR, STP जमीन हड़पने का आरोप

    मुंबई में बड़ा घोटाला: लोखंडवाला बिल्डर और SRA इंजीनियर पर BMC की FIR, STP जमीन हड़पने का आरोप

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने STP परियोजना के लिए आरक्षित जमीन पर अवैध ट्रांजिट कैंप बनाने और आर्थिक फर्जीवाड़े के मामले में मुंबई के प्रसिद्ध लोखंडवाला बिल्डर समूह और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ FIR दर्ज की है। सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद बड़ी कार्रवाई।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में एक बड़े जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है। BMC ने STP यानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और आर्थिक फर्जीवाड़े के आरोप में लोखंडवाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, लोखंडवाला डीबी रियल्टी और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत और RTI से सामने आई जानकारी के बाद की गई है। यह पहली बार हुआ है कि झोपडपट्ट पुनर्वसन प्राधिकरण के किसी अधिकारी के खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।

    🏙️ मुंबई में BMC की बड़ी कार्रवाई

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने शहर के रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मचा देने वाली कार्रवाई की है। प्रसिद्ध लोखंडवाला बिल्डर समूह और स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर सरकारी जमीन के दुरुपयोग और आर्थिक धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगा है।

    BMC के अनुसार, जिस जमीन पर अवैध रूप से ट्रांजिट कैंप बनाया जा रहा था, वह जमीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए आरक्षित थी, जो मुंबई जैसे महानगर के लिए बेहद जरूरी बुनियादी परियोजना है।

    🏗️ STP जमीन पर कैसे हुआ अवैध निर्माण?

    जांच में सामने आया कि STP परियोजना के लिए सुरक्षित की गई जमीन पर बिना महापालिका की अनुमति के ट्रांजिट कैंप और अस्थायी संरचनाएं खड़ी कर दी गईं। यह काम नियमों के खिलाफ था और इसके लिए जरूरी मंजूरी भी नहीं ली गई थी।

    आरोप है कि बिल्डर को SRA के कार्यकारी अभियंता द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अनुमति दी गई, जिससे महापालिका को आर्थिक नुकसान हुआ और सरकारी परियोजना बाधित हुई।

    ⚠️ सरकारी जमीन हड़पने की कोशिश का आरोप

    BMC अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ नियम उल्लंघन नहीं बल्कि सरकारी जमीन हड़पने की सुनियोजित कोशिश थी। STP प्लांट के लिए आरक्षित जमीन पर निर्माण होने से शहर की सीवरेज व्यवस्था और पर्यावरण दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता था।

    इस पूरे मामले को आर्थिक फर्जीवाड़ा और अधिकारों के दुरुपयोग की श्रेणी में रखा गया है।

    🧑‍⚖️ SRA इंजीनियर की भूमिका सवालों के घेरे में

    इस मामले में SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील की भूमिका सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। आरोप है कि उन्होंने बिना अधिकार और नियमों के खिलाफ जाकर बिल्डर को अनुमति दी।

    बृहन्मुंबई महापालिका ने इसे आंतरिक मिलीभगत (Collusion) का मामला मानते हुए पुलिस में FIR दर्ज करवाई है। साथ ही, संबंधित अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

    🧾 सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत से खुला मामला

    इस पूरे घोटाले का खुलासा सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने लगातार इस प्रोजेक्ट को लेकर शिकायतें कीं और सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दस्तावेज हासिल कर बृहन्मुंबई महापालिका के सामने तथ्य रखे।

    लगातार फॉलो-अप और सबूतों के आधार पर आखिरकार BMC को कार्रवाई करनी पड़ी।

    🚓 क्या होगी आगे की कार्रवाई?

    ✔️ पुलिस जांच और सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू
    ✔️ अवैध निर्माण पर स्टॉप-वर्क नोटिस
    ✔️ संबंधित बिल्डर कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई
    ✔️ SRA अधिकारी के खिलाफ विभागीय और आपराधिक केस
    ✔️ जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी और चार्जशीट

    आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

    🔍 STP क्यों है मुंबई के लिए जरूरी?

    सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शहर के गंदे पानी को साफ करने के लिए बेहद जरूरी होते हैं। मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में STP परियोजनाओं में देरी या जमीन विवाद सीधे तौर पर स्वास्थ्य, पर्यावरण और समुद्री प्रदूषण से जुड़ा मुद्दा बन जाता है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. FIR किसके खिलाफ दर्ज हुई है?
    लोखंडवाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि., लोखंडवाला डीबी रियल्टी और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ।

    Q2. मामला किस जमीन से जुड़ा है?
    सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए आरक्षित महापालिका की जमीन से।

    Q3. शिकायत किसने की थी?
    सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर ने।

    Q4. आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
    गिरफ्तारी, चार्जशीट, अवैध निर्माण हटाना और विभागीय कार्रवाई।