Category: Police Action

  • मुंबई में बड़ा घोटाला: लोखंडवाला बिल्डर और SRA इंजीनियर पर BMC की FIR, STP जमीन हड़पने का आरोप

    मुंबई में बड़ा घोटाला: लोखंडवाला बिल्डर और SRA इंजीनियर पर BMC की FIR, STP जमीन हड़पने का आरोप

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने STP परियोजना के लिए आरक्षित जमीन पर अवैध ट्रांजिट कैंप बनाने और आर्थिक फर्जीवाड़े के मामले में मुंबई के प्रसिद्ध लोखंडवाला बिल्डर समूह और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ FIR दर्ज की है। सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद बड़ी कार्रवाई।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में एक बड़े जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है। BMC ने STP यानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और आर्थिक फर्जीवाड़े के आरोप में लोखंडवाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, लोखंडवाला डीबी रियल्टी और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत और RTI से सामने आई जानकारी के बाद की गई है। यह पहली बार हुआ है कि झोपडपट्ट पुनर्वसन प्राधिकरण के किसी अधिकारी के खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।

    🏙️ मुंबई में BMC की बड़ी कार्रवाई

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने शहर के रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मचा देने वाली कार्रवाई की है। प्रसिद्ध लोखंडवाला बिल्डर समूह और स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर सरकारी जमीन के दुरुपयोग और आर्थिक धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगा है।

    BMC के अनुसार, जिस जमीन पर अवैध रूप से ट्रांजिट कैंप बनाया जा रहा था, वह जमीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए आरक्षित थी, जो मुंबई जैसे महानगर के लिए बेहद जरूरी बुनियादी परियोजना है।

    🏗️ STP जमीन पर कैसे हुआ अवैध निर्माण?

    जांच में सामने आया कि STP परियोजना के लिए सुरक्षित की गई जमीन पर बिना महापालिका की अनुमति के ट्रांजिट कैंप और अस्थायी संरचनाएं खड़ी कर दी गईं। यह काम नियमों के खिलाफ था और इसके लिए जरूरी मंजूरी भी नहीं ली गई थी।

    आरोप है कि बिल्डर को SRA के कार्यकारी अभियंता द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अनुमति दी गई, जिससे महापालिका को आर्थिक नुकसान हुआ और सरकारी परियोजना बाधित हुई।

    ⚠️ सरकारी जमीन हड़पने की कोशिश का आरोप

    BMC अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ नियम उल्लंघन नहीं बल्कि सरकारी जमीन हड़पने की सुनियोजित कोशिश थी। STP प्लांट के लिए आरक्षित जमीन पर निर्माण होने से शहर की सीवरेज व्यवस्था और पर्यावरण दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता था।

    इस पूरे मामले को आर्थिक फर्जीवाड़ा और अधिकारों के दुरुपयोग की श्रेणी में रखा गया है।

    🧑‍⚖️ SRA इंजीनियर की भूमिका सवालों के घेरे में

    इस मामले में SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील की भूमिका सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। आरोप है कि उन्होंने बिना अधिकार और नियमों के खिलाफ जाकर बिल्डर को अनुमति दी।

    बृहन्मुंबई महापालिका ने इसे आंतरिक मिलीभगत (Collusion) का मामला मानते हुए पुलिस में FIR दर्ज करवाई है। साथ ही, संबंधित अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

    🧾 सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत से खुला मामला

    इस पूरे घोटाले का खुलासा सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने लगातार इस प्रोजेक्ट को लेकर शिकायतें कीं और सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दस्तावेज हासिल कर बृहन्मुंबई महापालिका के सामने तथ्य रखे।

    लगातार फॉलो-अप और सबूतों के आधार पर आखिरकार BMC को कार्रवाई करनी पड़ी।

    🚓 क्या होगी आगे की कार्रवाई?

    ✔️ पुलिस जांच और सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू
    ✔️ अवैध निर्माण पर स्टॉप-वर्क नोटिस
    ✔️ संबंधित बिल्डर कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई
    ✔️ SRA अधिकारी के खिलाफ विभागीय और आपराधिक केस
    ✔️ जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी और चार्जशीट

    आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

    🔍 STP क्यों है मुंबई के लिए जरूरी?

    सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शहर के गंदे पानी को साफ करने के लिए बेहद जरूरी होते हैं। मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में STP परियोजनाओं में देरी या जमीन विवाद सीधे तौर पर स्वास्थ्य, पर्यावरण और समुद्री प्रदूषण से जुड़ा मुद्दा बन जाता है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. FIR किसके खिलाफ दर्ज हुई है?
    लोखंडवाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि., लोखंडवाला डीबी रियल्टी और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ।

    Q2. मामला किस जमीन से जुड़ा है?
    सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए आरक्षित महापालिका की जमीन से।

    Q3. शिकायत किसने की थी?
    सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर ने।

    Q4. आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
    गिरफ्तारी, चार्जशीट, अवैध निर्माण हटाना और विभागीय कार्रवाई।

  • मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को ठगने वाला सीरियल ठग को Andheri Police इगतपुरी स्टेशन से दबोचा

    मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को ठगने वाला सीरियल ठग को Andheri Police इगतपुरी स्टेशन से दबोचा

    मंदिर जाने वाले वरिष्ठ नागरिकों को ठगने वाला शातिर ठग Andheri police के हत्थे चढ़ा, 40 से ज्यादा वारदातों का खुलासा, इगतपुरी स्टेशन से गिरफ्तारी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर और आसपास ठाणे, नवी मुंबई, नासिक और इगतपुरी में मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक शातिर सीरियल ठग को Andheri police ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी नाम और धार्मिक बहाने का इस्तेमाल कर वरिष्ठ नागरिकों का भरोसा जीतता था और सोने के गहने लेकर फरार हो जाता था। पुलिस ने 50 वर्षीय आरोपी अनवर अब्दुल हमीद शेख को इगतपुरी रेलवे स्टेशन से दबोचा है, जो अब तक 40 से ज्यादा ठगी की वारदातों में शामिल पाया गया है।

    👤 कौन है गिरफ्तार आरोपी

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनवर अब्दुल हमीद शेख (50) के रूप में हुई है। वह कुरला वेस्ट के कुरैशी नगर स्थित सोनाजी चाल का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को अलग-अलग नामों से पहचान कराता था, जैसे — श्याम, राम, गणेश, महेश, रमेश और सुरेश, ताकि लोग उस पर शक न करें।

    🎯 बुजुर्ग मंदिर-भक्त बनते थे आसान शिकार

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी खासतौर पर ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को टारगेट करता था जो रोज़ मंदिर जाते थे। वह उन्हें फॉलो करता, बातचीत शुरू करता और खुद को धार्मिक और भरोसेमंद दिखाता था। उसकी पूरी योजना बुजुर्गों की आस्था और सरलता का फायदा उठाने पर आधारित थी।

    🪔 ठगी का तरीका: दान और पूजा का झांसा

    पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को कटलरी का कारोबारी बताता और दावा करता कि अब उसका खुद का शोरूम है। इसके बाद वह पीड़ित को ₹5000 देते हुए कहता कि वह यह रकम भगवान को चढ़ाना चाहता है।
    फिर वह एक और चाल चलता — वह कहता कि पूजा के लिए उसके पास सोना नहीं है और पीड़ित से अपना सोना लाने को कहता।

    🧣 रुमाल में बदल देता था सोना और नकद

    आरोपी पीड़ित के सोने को नोटों के साथ एक रुमाल में लपेटता और कहता कि इसे सीधे मंदिर में ही खोलना चाहिए। लेकिन इसी दौरान वह बड़ी सफाई से सोने और पैसों को कागज़ से बदल देता और मौके से गायब हो जाता था। जब तक पीड़ित को ठगी का अहसास होता, तब तक आरोपी दूर निकल चुका होता था।

    📍 अंधेरी में सामने आई बड़ी वारदात

    15 जुलाई को अंधेरी में इसी तरह की एक ठगी सामने आई थी। एक बुजुर्ग मंदिर जा रहे थे, तभी आरोपी ने खुद को ‘राम’ बताकर उनसे दोस्ती की और वही कहानी दोहराई। इस बार आरोपी 28 ग्राम की सोने की चेन लेकर फरार हो गया।

    📹 CCTV से मिली अहम कड़ी

    घटना की जानकारी मिलते ही जांच अधिकारी PSI किशोर पारकले मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। हालांकि आरोपी का चेहरा साफ नहीं दिखा क्योंकि उसने छाता पकड़ रखा था, लेकिन पुलिस ने अन्य सुरागों के आधार पर जांच जारी रखी।

    🚉 इगतपुरी स्टेशन से हुई गिरफ्तारी

    अंधेरी डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त शशिकांत भोसले ने बताया कि आरोपी मुंबई से फरार हो गया था, लेकिन बार-बार लौट रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसे इगतपुरी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।

    📂 40 से ज्यादा मामलों में शामिल, पहले भी जा चुका है जेल

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मुंबई और आसपास के इलाकों में 40 से ज्यादा ठगी के मामलों में शामिल रहा है। वह दिसंबर 2024 में इसी तरह के मामलों में जेल से रिहा हुआ था।
    उसके खिलाफ अंधेरी, वाकोला, सायन, कस्तूरबा मार्ग, वसई और दादर पुलिस स्टेशनों में मामले दर्ज हैं।

    🚨 पुलिस की अपील: सतर्क रहें बुजुर्ग

    पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि किसी अजनबी पर भरोसा न करें, खासकर अगर वह धार्मिक या दान-पुण्य का बहाना बनाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    ➡️ इगतपुरी रेलवे स्टेशन से।

    Q2. आरोपी किस तरह ठगी करता था?
    ➡️ दान-पूजा के बहाने सोना और नकद लेकर फरार हो जाता था।

    Q3. कितने मामलों में आरोपी शामिल है?
    ➡️ 40 से ज्यादा ठगी के मामलों में।

    Q4. आरोपी पहले भी जेल जा चुका है?
    ➡️ हां, दिसंबर 2024 में इसी तरह के अपराध में।

  • अंधेरी के डांस बारों में पुलिस की दबंगई का आरोप, चेंजिंग रूम में घुस कर लेते है सेल्फी

    अंधेरी के डांस बारों में पुलिस की दबंगई का आरोप, चेंजिंग रूम में घुस कर लेते है सेल्फी

    अंधेरी के डांस बारों में काम करने वाली महिला कलाकारों ने पुलिस पर जबरन सेल्फी लेने, मेकअप रूम में घुसने और उत्पीड़न का आरोप लगाया, महिला आयोग से शिकायत।

    मुंबई: अंधेरी इलाके में डांस बारों में काम करने वाली महिला कलाकारों ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कलाकारों का कहना है कि कुछ पुलिसकर्मी जबरन सेल्फी लेते हैं, बिना अनुमति मेकअप और चेंजिंग रूम में घुस जाते हैं और निजी जानकारी मांगते हैं। इस कथित उत्पीड़न से परेशान होकर महिलाओं ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग को लिखित शिकायत देकर हस्तक्षेप की मांग की है।

    📍 अंधेरी के डांस बारों से उठा गंभीर मामला

    अंधेरी ईस्ट और वेस्ट के कई डांस और ऑर्केस्ट्रा बारों में काम करने वाली महिला कलाकारों का आरोप है कि अंधेरी पुलिस डिविजन के कुछ अधिकारी लगातार उनकी निजता में दखल दे रहे हैं। खासतौर पर रात 9:30 बजे के बाद पुलिस की मौजूदगी से डर और असुरक्षा का माहौल बन जाता है।

    📸 जबरन फोटो और सेल्फी लेने का आरोप

    महिला कलाकारों का कहना है कि पुलिसकर्मी बिना अनुमति उनके फोटो खींचते हैं और जबरन सेल्फी लेते हैं। शिकायत में बताया गया है कि ये घटनाएं अक्सर 9:30 बजे के बाद होती हैं, जब बार में ग्राहक भी मौजूद रहते हैं, जिससे माहौल असहज हो जाता है और कारोबार पर असर पड़ता है।

    🚪 चेंजिंग और मेकअप रूम में घुसने की शिकायत

    कलाकारों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी जांच के नाम पर मेकअप और चेंजिंग रूम में बिना दस्तक दिए घुस जाते हैं। कई बार वहां महिलाएं असुरक्षित स्थिति में होती हैं। महिला कलाकारों का कहना है कि पुरुष पुलिसकर्मियों का बिना महिला स्टाफ के निजी जगहों में प्रवेश करना नियमों का खुला उल्लंघन है।

    😨 डर का माहौल, विरोध करने की हिम्मत नहीं

    एक कलाकार ने बताया कि अगर कोई महिला सवाल उठाती है या विरोध करती है तो उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जाती है। इसी डर से ज्यादातर महिलाएं चुप रह जाती हैं। उनका कहना है कि यह स्थिति उन्हें मानसिक रूप से तोड़ रही है।

    👨‍👩‍👧 परिवारों तक पहुंचने का डर

    अधिकतर बार डांसर और सिंगर अपनी नौकरी की जानकारी परिवार से छुपाकर रखते हैं। कलाकारों का कहना है कि अगर उनकी तस्वीरें वायरल हो गईं या गलत हाथों में चली गईं तो उनकी जिंदगी बर्बाद हो सकती है।

    “एक फोटो किसी की पूरी जिंदगी खत्म कर सकती है,”
    ऐसा शिकायत पत्र में लिखा गया है।

    ⏰ 9:30 बजे की पाबंदी से रोज़ी-रोटी पर असर

    शिकायत में यह भी कहा गया है कि अंधेरी में महिला कलाकारों को जबरन 9:30 बजे काम बंद करने के लिए मजबूर किया जाता है, जबकि नियमों के अनुसार बार 1:30 बजे तक खुले रह सकते हैं। कलाकारों का कहना है कि उनकी सबसे ज्यादा कमाई 9:30 बजे के बाद होती है और यह पाबंदी सीधे उनकी आजीविका पर चोट है।

    ⚖️ महिला आयोग से क्या मांग की गई

    महिला कलाकारों ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग से मांग की है कि:

    • बिना सहमति फोटो खींचने पर रोक लगे
    • चेंजिंग रूम में प्रवेश पर सख्त नियम लागू हों
    • महिला-संवेदनशील पुलिस प्रोटोकॉल अपनाया जाए
    • भेदभावपूर्ण समय पाबंदी खत्म की जाए
    • उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित कार्यस्थल मिले

    🗣️ बार कमेटी का आरोप – नियमों की खुलेआम अनदेखी

    परफॉर्मेंस बार कमेटी के एक पदाधिकारी ने कहा कि कानून के अनुसार पुलिस केवल एक्साइज अधिकारियों के साथ ही बार में जांच कर सकती है, लेकिन अंधेरी पुलिस हर 30 मिनट में बार में घुसकर कलाकारों की फोटो ले रही है, जिससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

    🚔 पुलिस का पक्ष: आरोप बेबुनियाद

    अंधेरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक उमेश मचिंदर ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस सिर्फ यह जांचने जाती है कि बार खुले हैं या बंद।

    “हमारे अधिकारी न तो फोटो लेते हैं और न ही मेकअप रूम में जाते हैं। ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं।”


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. महिला कलाकारों ने शिकायत कहां की है?
    ➡️ महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग में।

    Q2. मुख्य आरोप क्या हैं?
    ➡️ जबरन फोटो लेना, चेंजिंग रूम में घुसना, धमकी देना और भेदभाव।

    Q3. पुलिस ने क्या जवाब दिया है?
    ➡️ पुलिस ने सभी आरोपों को झूठा बताया है।

    Q4. क्या बार पूरी तरह बंद कराए जा रहे हैं?
    ➡️ कलाकारों का कहना है कि 9:30 बजे जबरन बंद कराय

  • गोरगांव दिंडोशी में ‘मासूम’ का आतंक खत्म, गणतंत्र दिवस की चाकूबाजी लूट के आरोपी की गिरफ्तारी

    गोरगांव दिंडोशी में ‘मासूम’ का आतंक खत्म, गणतंत्र दिवस की चाकूबाजी लूट के आरोपी की गिरफ्तारी

    गोरगांव पूर्व के दिंडोशी में चाकू की नोक पर लूट करने वाला ‘मासूम’ नाम से कुख्यात बदमाश गिरफ्तार, रिपब्लिक डे पर की थी वारदात, इलाके में दहशत का माहौल खत्म।

    मुंबई: गोरगांव पूर्व के दिंडोशी इलाके में लंबे समय से दहशत फैलाने वाले ‘मासूम’ नाम के कुख्यात बदमाश का आतंक आखिरकार खत्म हो गया है। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन चाकू की नोक पर लूट और हमले की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी साबिर इस्लाम शेख (26) को दिंडोशी पुलिस ने 31 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी खुद को लोकल डॉन बताकर लोगों को डराता था, जिससे इलाके के लोग पुलिस तक जाने से भी घबराते थे।

    😨 ‘मासूम’ नाम, लेकिन काम से दहशत

    दिंडोशी और आसपास के संकरे इलाकों में ‘मासूम’ नाम सुनते ही लोग सहम जाते थे। विडंबना यह थी कि मासूम नाम रखने वाला यह युवक चोरी और चाकू की नोक पर लूट की घटनाओं से पूरे इलाके में आतंक का पर्याय बन चुका था। स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके डर से कई वारदातें रिपोर्ट तक नहीं हो पाती थीं।

    🇮🇳 गणतंत्र दिवस पर हुई चाकू की नोक पर लूट

    पुलिस के अनुसार, रिपब्लिक डे के दिन 52 वर्षीय शिकायतकर्ता, जो आरे मिल्क कॉलोनी में एक होटल में वेटर का काम करता है, ड्यूटी खत्म कर बाइक से अपने घर लौट रहा था। संतोष नगर इलाके में बाइक पार्क करते ही आरोपी ने उसे जानबूझकर गिराया, गाली-गलौज की और चाकू दिखाकर ₹1500 नकद और आधार कार्ड लूट लिया।

    🔪 बेटे ने किया बचाव, पिता पर चाकू से हमला

    जब शिकायतकर्ता का 18 वर्षीय बेटा बीच-बचाव के लिए आगे आया, तो आरोपी और ज्यादा हिंसक हो गया। आरोप है कि आरोपी ने खुद को लोकल डॉन बताते हुए धमकाया और शिकायतकर्ता के दाहिने हाथ पर चाकू से वार कर दिया। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।

    🚔 पुलिस ने ऐसे दबोचा आरोपी

    घटना की शिकायत दिंडोशी पुलिस स्टेशन में दर्ज होने के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज और लोकल इन्फॉर्मेशन के आधार पर जांच शुरू की। 31 जनवरी की शाम को पुलिस ने आरोपी साबिर इस्लाम शेख को गोरगांव ईस्ट के संतोष नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

    ⚖️ इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

    दिंडोशी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 311, 309(6), 351 और 352 के तहत केस दर्ज किया है। इसके अलावा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1)(A)/135 भी लगाई गई है।

    🏘️ इलाके के लोगों ने ली राहत की सांस

    ‘मासूम’ की गिरफ्तारी के बाद दिंडोशी इलाके में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब वे बिना डर के बाहर निकल पा रहे हैं और पुलिस पर भरोसा बढ़ा है।

    🔍 पुलिस का कहना – आगे भी होगी सख्त कार्रवाई

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वह पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहा है या नहीं। पुलिस ने साफ किया है कि इलाके में अपराध और गुंडागर्दी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ‘मासूम’ कौन है?
    ➡️ ‘मासूम’ गोरगांव दिंडोशी इलाके में सक्रिय 26 वर्षीय बदमाश साबिर इस्लाम शेख का उपनाम है।

    Q2. आरोपी ने कौन-सी वारदात की थी?
    ➡️ रिपब्लिक डे के दिन चाकू की नोक पर लूट और हमला।

    Q3. आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?
    ➡️ 31 जनवरी को गोरगांव ईस्ट के संतोष नगर से।

    Q4. मामला कहां दर्ज हुआ है?
    ➡️ दिंडोशी पुलिस स्टेशन में।

  • मालाड ईस्ट में अवैध घुसपैठ का पर्दाफाश, पुलिस ने 4 बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा

    मालाड ईस्ट में अवैध घुसपैठ का पर्दाफाश, पुलिस ने 4 बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा

    मुंबई के मालाड ईस्ट में कुरार पुलिस और ATC की बड़ी कार्रवाई, अवैध रूप से रह रहे 4 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू।

    मुंबई: मालाड ईस्ट इलाके में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को ये कार्रवाई विश्वसनीय मुखबिर की सूचना के आधार पर करनी पड़ी। आरोपियों के पास से बांग्लादेश के नागरिकता से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिसके बाद अब उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    📍 कैसे मिली पुलिस को सूचना

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 2, 5 और 6 फरवरी को कुरार पुलिस स्टेशन में तैनात अधिकारी रफीक मुजावर को एक भरोसेमंद मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं और मालाड ईस्ट के पथानवाड़ी इलाके में लगातार मूवमेंट कर रहे हैं।

    🚔 ATC और कुरार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

    सूचना के आधार पर कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) की टीम ने मालाड़ पूर्व पठान वाड़ी के हुमेरा पार्क गार्डन, टूबा होटल और साहिल होटल जैसे संवेदनशील इलाकों में जाल बिछाया। सतर्कता के साथ की गई इस कार्रवाई में एक संदिग्ध को बिना भागने का मौका दिए हिरासत में लिया गया।

    🕵️‍♂️ पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

    पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले अपनी पहचान और नागरिकता को लेकर गोलमोल जवाब दिए। लेकिन सख्त पूछताछ में उसने अन्य बांग्लादेशी नागरिकों के नाम और ठिकानों का खुलासा कर दिया, जो कथित तौर पर मुंबई में अवैध रूप से रह रहे थे।

    👥 गिरफ्तार किए गए आरोपी कौन हैं

    पुलिस ने कुल चार बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जिनकी पहचान इस प्रकार है:

    • तूहिनुर जयनाल सरदार (30) – चिकन शॉप संचालक
    • मोहम्मद अब्दुल मोमिन लतीफ सरदार (52) – व्यवसायी
    • नज़रुल इस्लाम शोर अली बिस्वास (41) – कबाड़ व्यापारी
    • मोहम्मद इमामुल हक तैबुर रहमान (46) – व्यवसायी

    📄 बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद

    जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बांग्लादेश सरकार द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, नागरिकता प्रमाण पत्र और बांग्लादेश नेशनल आइडेंटिटी कार्ड बरामद किए हैं, जिससे उनकी विदेशी नागरिकता की पुष्टि हुई।

    ⚖️ डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपी अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके खिलाफ डिपोर्टेशन ऑर्डर लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जल्द ही उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा।

    🔍 मुंबई में अवैध घुसपैठ पर बढ़ी सख्ती

    इस कार्रवाई के बाद मुंबई पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा। खासकर संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी और तेज की जा रही है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    ➡️ मालाड ईस्ट के पथानवाड़ी इलाके से।

    Q2. कार्रवाई किसने की?
    ➡️ कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) ने संयुक्त रूप से।

    Q3. आरोपियों के पास कौन से दस्तावेज मिले?
    ➡️ बांग्लादेशी नागरिकता और पहचान से जुड़े सरकारी दस्तावेज।

    Q4. आगे क्या कार्रवाई होगी?
    ➡️ कानूनी प्रक्रिया के बाद डिपोर्टेशन।

  • मालाड वेस्ट स्कूल यौन शोषण मामला: 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मालाड वेस्ट स्कूल यौन शोषण मामला: 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड वेस्ट में स्कूल के पास 5 साल की बच्ची से कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने स्कूल के चपरासी को गिरफ्तार किया है, जबकि कार्रवाई में देरी के आरोप में स्कूल के CEO पर भी केस दर्ज किया गया है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक स्कूल के पास 5 साल की मासूम बच्ची से कथित यौन दुर्व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। मालाड पुलिस ने इस मामले में स्कूल के 30 वर्षीय चपरासी अनिल पांचाळ को गिरफ्तार किया है। बच्ची की मां का आरोप है कि आरोपी ने बच्ची को धमकाया और गलत तरीके से छुआ। शिकायत स्कूल प्रशासन तक पहुंचने के बावजूद कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने स्कूल के 65 वर्षीय CEO अनंत यज्ञीक के खिलाफ भी लापरवाही का केस दर्ज किया है।

    📍 कहां और कैसे हुआ मामला

    यह कथित घटना मालाड वेस्ट के एसवी रोड स्थित एक शैक्षणिक संस्थान के पास हुई। पीड़ित बच्ची रोज़ की तरह स्कूल जा रही थी, तभी आरोपी कर्मचारी ने उसे डरा-धमकाकर उसके साथ आपत्तिजनक हरकत की, ऐसा मां का आरोप है।

    🚨 स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस की डिटेक्शन टीम ने शुक्रवार को 30 साल के आरोपी स्कूल चपरासी को उसके रिहायशी इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी स्कूल में निचले स्तर पर काम करता था और बच्चों की आवाजाही से अच्छी तरह वाकिफ था।

    🏫 स्कूल प्रशासन पर भी सवाल

    पीड़िता की मां का कहना है कि उन्होंने सबसे पहले स्कूल प्रशासन को इस घटना की जानकारी दी थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी आधार पर पुलिस ने स्कूल के 65 वर्षीय CEO के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, उन पर समय पर कार्रवाई न करने और लापरवाही बरतने का आरोप है।

    👮 पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्कूल का दौरा किया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने क्या कदम उठाए और कहां-कहां लापरवाही हुई। पूरे मामले में जवाबदेही तय करने के लिए जांच जारी है।

    ⚖️ कानूनी धाराएं और बच्चों की सुरक्षा

    इस मामले में POCSO Act की धारा 10, 17 और 21(2) एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 74, 351(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह घटना कहां हुई है?
    मालाड वेस्ट, एसवी रोड के पास एक स्कूल के नजदीक।

    Q2. आरोपी कौन है?
    आरोपी 30 वर्षीय स्कूल का चपरासी है।

    Q3. क्या स्कूल प्रशासन पर भी केस दर्ज हुआ है?
    हां, स्कूल के 65 वर्षीय CEO के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है।

    Q4. मामला किस कानून के तहत दर्ज है?
    POCSO Act और IPC की संबंधित धाराओं के तहत।

    Q5. पुलिस आगे क्या कार्रवाई कर रही है?
    पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदारी तय की जा रही है।

  • मालाड में अवैध निर्माण पर चला BMC का बुलडोजर, 70 से ज्यादा ढांचे ध्वस्त

    मालाड में अवैध निर्माण पर चला BMC का बुलडोजर, 70 से ज्यादा ढांचे ध्वस्त

    मालाड के पी/उत्तर वार्ड में चुनाव के बाद BMC ने अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की। मार्वे रोड और मालाड लिंक रोड पर 70 से ज्यादा अवैध ढांचे बुलडोजर से गिराए गए।

    मुंबई: बीएमसी चुनाव खत्म होते ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। मालाड के पी/उत्तर प्रभाग में शुक्रवार को मनपा ने सीधे बुलडोजर चलाकर बड़ी तोड़क कार्रवाई की। मार्वे रोड और मालाड लिंक रोड इलाके में करीब 70 से ज्यादा अवैध निर्माणों को जमींदोज किया गया। यह कार्रवाई प्रभाग प्रशासन की ओर से आगे भी जारी रहने के संकेत दिए गए हैं।

    🏙️ कहां-कहां हुई कार्रवाई?

    पी/उत्तर प्रभाग में यह तोड़क अभियान दो प्रमुख इलाकों में चलाया गया:

    • मार्वे रोड – साईकृपा नगर परिसर
    • मालाड लिंक रोड – वळ्नई (वलनई) इलाका

    दोनों ही जगहों पर चुनावी व्यस्तता का फायदा उठाकर अवैध निर्माण खड़े किए गए थे।

    👮‍♂️ किसके नेतृत्व में चली कार्रवाई?

    यह पूरी कार्रवाई की गई:

    • सहायक मनपा आयुक्त – कुंदन वळवी
    • झोन क्रमांक 4 की उपायुक्त – भाग्यश्री कापसे

    के नेतृत्व में। प्रभाग अधिकारी के आदेश पर मनपा की दो स्वतंत्र तोड़क टीमें मैदान में उतारी गईं।

    🔨 पहली टीम: मार्वे रोड पर 40 अवैध निर्माण ध्वस्त

    पहली तोड़क टीम:

    • सहायक अभियंता – राजेश सोनवणे
    • उपअभियंता – सुहास घोलप

    के नेतृत्व में साईकृपा नगर, मार्वे रोड इलाके में:

    • करीब 40 अवैध निर्माणों को पूरी तरह गिराया गया

    🧱 दूसरी टीम: मालाड लिंक रोड पर 30 ढांचे हटाए

    दूसरी टीम:

    • सहायक अभियंता – विजय मानकर
    • उपअभियंता – प्रशांत तावडे

    के नेतृत्व में वळ्नई परिसर, मालाड लिंक रोड पर:

    • लगभग 30 अवैध निर्माणों को निष्कासित किया गया

    🚧 चुनावी व्यस्तता का उठाया गया था फायदा

    मनपा अधिकारियों के मुताबिक:

    • चुनाव के दौरान प्रशासनिक व्यस्तता का फायदा उठाकर
    • बिना अनुमति और नियमों के
    • झोपड़ीनुमा और पक्के अवैध ढांचे खड़े कर दिए गए थे

    इन्हीं पर अब सीधी कार्रवाई की जा रही है।

    🚜 भारी बंदोबस्त में चला बुलडोजर

    इस संयुक्त तोड़क अभियान में शामिल थे:

    • 4 JCB मशीनें
    • 30 से ज्यादा मजदूर
    • 10 से अधिक मनपा अधिकारी-कर्मचारी

    किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए:

    • पूरे इलाके में कड़ा पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था

    🗣️ BMC का सख्त संदेश

    झोन 4 की उपायुक्त भाग्यश्री कापसे ने साफ कहा:

    “पी/उत्तर वार्ड में किसी भी हालत में अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।”


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह कार्रवाई किस इलाके में हुई?
    ➡️ मालाड के पी/उत्तर प्रभाग में, मार्वे रोड और मालाड लिंक रोड पर।

    Q2. कितने अवैध निर्माण हटाए गए?
    ➡️ करीब 70 से ज्यादा अवैध ढांचे।

    Q3. कार्रवाई किसके आदेश पर हुई?
    ➡️ सहायक मनपा आयुक्त कुंदन वळवी के आदेश पर।

    Q4. क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
    ➡️ हां, मनपा ने साफ किया है कि कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

    Q5. क्या पुलिस बंदोबस्त था?
    ➡️ हां, पूरे इलाके में कड़ा पुलिस बंदोबस्त रखा गया था।

  • मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस ने 1.3 किलो सोने की धोखाधड़ी मामले में वांछित आरोपी दिनेश गोस्वामी को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी की पत्नी अब भी फरार।

    मुंबई: मालाड पुलिस स्टेशन ने आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में वॉन्टेड आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मुंबई के एक ज्वेलर से करीब 1.3 किलो सोना (कीमत लगभग ₹1.5 करोड़) हड़प लिया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिनेश डांगीरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जिसे अहमदाबाद (गुजरात) से पकड़ा गया। कोर्ट ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि उसकी पत्नी और सह-आरोपी अमिता दिनेश गोस्वामी अब भी फरार है।

    कैसे सामने आया मालाड का पूरा मामला?

    शिकायतकर्ता कुनाल शाह, कंदिवली में रहने वाले एक जाने-माने ज्वेलर हैं। वह पिछले 30 वर्षों से गोल्ड और डायमंड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग के कारोबार से जुड़े हुए हैं।
    उनकी कंपनी P.H. Ornament Private Limited, मालाड के मारवे रोड स्थित प्रेस्टिज इंडस्ट्रीज एस्टेट में स्थित है। इसके अलावा उन्होंने 2018 में Zara Design नाम से एक और फर्म भी शुरू की थी।

    भरोसे से शुरू हुआ कारोबार

    साल 2022 में ममता नरेंद्र गोस्वामी नाम की महिला कुनाल शाह की कंपनी में ज्वेलरी डिजाइनिंग सीखने आई थी। इसी दौरान कुनाल शाह की पहचान उसके पति नरेंद्र गोस्वामी से हुई, जिसने खुद को टाइटन कंपनी से जुड़ा बताया।
    नरेंद्र ने कुनाल शाह को Arya Jewels नाम की कंपनी से मिलवाया, जिसे दिनेश और अमिता गोस्वामी चलाते थे। दावा किया गया कि यह कंपनी बड़े-बड़े ब्रांड्स के लिए ज्वेलरी बनाती है।

    कई ऑर्डर समय पर पूरे, बढ़ा भरोसा

    जांच में सामने आया कि जुलाई 2022 से सितंबर 2024 के बीच दोनों कंपनियों के बीच कई छोटे-बड़े ऑर्डर हुए, जो समय पर पूरे किए गए। इससे दोनों पक्षों के बीच भरोसा मजबूत हो गया।

    1.3 किलो सोना लेकर आरोपी फरार

    इस भरोसे के चलते अक्टूबर-नवंबर 2025 के दौरान कुनाल शाह की कंपनी ने 1,338 ग्राम शुद्ध सोना, जिसकी कीमत करीब ₹1.5 करोड़ है, ज्वेलरी बनाने के लिए Arya Jewels को सौंपा।
    लेकिन तय समय पर न तो ज्वेलरी तैयार हुई और न ही कोई जवाब मिला। जब कुनाल शाह ने संपर्क किया तो दोनों आरोपियों के मोबाइल बंद मिले। ऑफिस पहुंचने पर पता चला कि कंपनी बंद कर दी गई है।

    शिकायत के बाद शुरू हुई तलाश

    इसके बाद कुनाल शाह ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की।

    अहमदाबाद से आरोपी गिरफ्तार

    करीब डेढ़ महीने की जांच के बाद पुलिस को सूचना मिली कि दिनेश गोस्वामी अहमदाबाद में छिपा है।
    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुश्यंत चव्हाण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहमदाबाद जाकर दिनेश गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में कबूलनामा

    पुलिस पूछताछ में दिनेश गोस्वामी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह वारदात अपनी पत्नी अमिता गोस्वामी के साथ मिलकर की। उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई लाया गया है।

    पत्नी फरार, जल्द गिरफ्तारी संभव

    पुलिस ने बताया कि सह-आरोपी अमिता गोस्वामी को नोटिस भेजा गया है और जल्द ही उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी भी संभव है


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आरोपी पर कितने सोने की धोखाधड़ी का आरोप है?
    👉 करीब 1,338 ग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग ₹1.5 करोड़ है।

    Q2. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    👉 अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. शिकायतकर्ता कौन है?
    👉 कंदिवली निवासी ज्वेलर कुनाल शाह।

    Q4. आरोपी की पत्नी का क्या स्टेटस है?
    👉 वह सह-आरोपी है और फिलहाल फरार है।

    Q5. किस पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है?
    👉 मालाड पुलिस स्टेशन।

  • मुंबई के जूहू में घर के अंदर रखा मगरमच्छ और कछुआ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

    मुंबई के जूहू में घर के अंदर रखा मगरमच्छ और कछुआ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

    मुंबई के जूहू इलाके में एक घर से अवैध रूप से रखे गए मगरमच्छ और कछुए को वन विभाग और क्राइम ब्रांच ने रेस्क्यू किया। वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत युवक पर केस दर्ज।

    बॉबी शेख
    मुंबई: विलेपार्ले पश्चिम के जूहू इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रिहायशी घर के अंदर मगरमच्छ और कछुए को अवैध रूप से रखा गया था। गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग, मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-9 और NGO की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों जानवरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। इस मामले में 29 वर्षीय इमरान इस्माइल शेख के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    गुप्त सूचना के बाद हुई संयुक्त कार्रवाई

    मुंबई पुलिस के मुताबिक, वन विभाग को सूचना मिली थी कि जूहू इलाके के एक घर में मगरमच्छ रखा गया है। इसके बाद वरिष्ठ वन अधिकारी के निर्देश पर अंधेरी रेंज के फॉरेस्ट गार्ड रोशन बिंदे ने क्राइम ब्रांच यूनिट-9 से संपर्क किया।
    इसके बाद पुलिस, वन विभाग और NGO ‘Serp India’ की संयुक्त टीम बनाई गई।

    जूहू के रुइया पार्क इलाके में छापा

    संयुक्त टीम ने जूहू स्थित रुइया पार्क, मोरागांव शंकर चॉल, जे.आर. म्हात्रे मार्ग पर छापा मारा।
    कार्रवाई के दौरान दो स्वतंत्र गवाह भी मौजूद थे। जैसे ही टीम ने घर का दरवाजा खोला, अंदर एक महिला और युवक मिले, जिनकी पहचान शाहिदा शेख और उसके भाई इमरान शेख के रूप में हुई।

    कांच के टैंक में रखा था मगरमच्छ

    घर की तलाशी के दौरान एक छोटे कमरे में रखे कांच के टैंक से एक जिंदा भारतीय मगरमच्छ और एक भारतीय धब्बेदार कछुआ (Indian Spotted Turtle) बरामद किया गया।
    दोनों जानवरों को तुरंत सावधानीपूर्वक बाहर निकालकर सुरक्षित पिंजरों में रखा गया।

    शेड्यूल-1 में शामिल हैं दोनों जानवर

    पुलिस ने बताया कि मगरमच्छ और कछुआ दोनों ही वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की शेड्यूल-1 सूची में शामिल हैं।
    इस श्रेणी के जानवरों को निजी तौर पर रखना पूरी तरह से गैरकानूनी है और इसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है।

    भाई पर लगाया आरोप, जानकारी देने से बचा

    पूछताछ के दौरान शाहिदा शेख ने बताया कि ये जानवर उसके भाई इमरान घर लेकर आया था। वहीं इमरान शेख ने यह बताने से बचने की कोशिश की कि उसने ये जानवर कहां से और कैसे हासिल किए

    वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत मामला दर्ज

    मुंबई पुलिस ने इमरान इस्माइल शेख के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9, 39, 48 और 51 के तहत केस दर्ज किया है।
    पूरी कार्रवाई की डिजिटल रिकॉर्डिंग भी की गई है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।

    वन विभाग को सौंपे गए जानवर

    रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ और कछुए को वन विभाग के हवाले कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों जानवरों को अब उचित देखभाल और पुनर्वास दिया जाएगा।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह मामला मुंबई के किस इलाके से सामने आया?
    👉 जूहू इलाके से।

    Q2. घर से कौन-कौन से जानवर मिले?
    👉 एक भारतीय मगरमच्छ और एक भारतीय धब्बेदार कछुआ।

    Q3. किस कानून के तहत केस दर्ज हुआ है?
    👉 वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act)।

    Q4. आरोपी कौन है?
    👉 29 वर्षीय इमरान इस्माइल शेख।

    Q5. रेस्क्यू किए गए जानवरों का क्या हुआ?
    👉 दोनों को वन विभाग को सौंप दिया गया है, जहां उनका पुनर्वास किया जाएगा।

  • अंधेरी स्टेशन पर चाकू की नोंक पर लूट, CCTV से खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

    अंधेरी स्टेशन पर चाकू की नोंक पर लूट, CCTV से खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai News: अंधेरी रेलवे स्टेशन पर 22 साल के कारपेंटर से चाकू दिखाकर मोबाइल और ATM से कैश लूटा गया। CCTV फुटेज के आधार पर RPF ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया, मास्टरमाइंड फरार।

    मुंबई: अंधेरी रेलवे स्टेशन पर 30 जनवरी की रात उस वक्त दहशत फैल गई, जब एक 22 वर्षीय कारपेंटर को चाकू की नोंक पर लूट लिया गया। यह सनसनीखेज वारदात रात करीब 9:30 बजे स्टेशन के ब्रिज पर, भीड़ के बीच अंजाम दी गई। तीन युवकों ने पीड़ित से पहले मोबाइल छीना, फिर ATM कार्ड और PIN लेकर पास के ATM से कैश भी निकाल लिया। पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद हो गई, जिसकी मदद से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 3 फरवरी को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीसरा आरोपी और कथित मास्टरमाइंड अभी फरार है।

    कैसे हुई पूरी वारदात?

    पीड़ित सिराज खान, जो पेशे से कारपेंटर हैं, जोगेश्वरी में दिनभर काम करने के बाद अपने दो दोस्तों के साथ साकीनाका जाने के लिए मेट्रो पकड़ने अंधेरी स्टेशन पहुंचे थे।
    स्टेशन के ब्रिज पर ही तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया।

    सिराज के मुताबिक,

    “एक आरोपी ने कमर में चाकू फंसाया हुआ था और बोला – ‘मेरे पास चाकू है, मैं तुम्हें मार दूंगा’। डर के मारे मुझे अपना मोबाइल देना पड़ा।”

    ATM से भी निकलवाए पैसे

    मोबाइल छीनने के बाद आरोपियों ने सिराज को धमकाकर ATM कार्ड और उसका PIN भी उगलवा लिया। इसके बाद तीनों ने पास के ATM से कैश निकाला और जाते-जाते सिराज को धमकी दी कि वह वहीं खड़ा रहे और हिले नहीं।

    पीड़ित ने बताया कि यह सब अंधेरी ब्रिज जैसी बेहद व्यस्त जगह पर हुआ, जिससे वह पूरी तरह सदमे में आ गया।

    दोस्तों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन…

    जब सिराज को लूटा जा रहा था, उसके दोस्तों ने मदद करने की कोशिश की, लेकिन चाकू से लैस आरोपियों ने उन्हें भी डरा-धमकाकर पीछे हटा दिया। वारदात रेलवे परिसर में होने के बावजूद अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने किसी से डर महसूस नहीं किया।

    CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

    पूरी घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। बाद में जब सिराज ने अंधेरी GRP से संपर्क किया, तो GRP ने RPF को मेमो देकर CCTV फुटेज खंगालने को कहा।

    इसके बाद RPF के

    • सब-इंस्पेक्टर मुकेश त्यागी
    • इंस्पेक्टर राजीव सलारिया

    ने आरोपियों पर नजर रखनी शुरू की।

    3 फरवरी को 2 आरोपी दबोचे गए

    3 फरवरी को प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर CCTV में दिख रहे हुलिए से मिलते-जुलते दो युवक घूमते नजर आए।
    RPF के कॉन्स्टेबल अंकित पटेल और दीपक वर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया।

    पूछताछ के दौरान और CCTV फुटेज दिखाने पर दोनों ने अपराध कबूल कर लिया

    FIR दर्ज, तीसरा आरोपी फरार

    हालांकि वारदात 30 जनवरी को हुई थी, लेकिन FIR 4 फरवरी को अंधेरी GRP में दर्ज की गई।
    GRP के वरिष्ठ निरीक्षक नितिन लोंढे ने बताया:

    • FIR धारा 309(4) के तहत दर्ज
    • गिरफ्तार आरोपी: अयान शेख और अभिषेक केवट
    • फरार आरोपी: अनस शेख (19), धारावी निवासी

    उन्होंने यह भी बताया कि अयान शेख पहले भी मोबाइल चोरी के मामले में बांद्रा GRP द्वारा पकड़ा जा चुका है।

    मोबाइल और ATM कार्ड अब तक बरामद नहीं

    दोनों आरोपियों को अंधेरी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
    फिलहाल पुलिस पीड़ित का मोबाइल फोन और ATM कार्ड बरामद करने की कोशिश में जुटी है।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. अंधेरी स्टेशन पर लूट कब हुई?
    👉 30 जनवरी को रात करीब 9:30 बजे।

    Q2. पीड़ित कौन है?
    👉 22 वर्षीय कारपेंटर सिराज खान।

    Q3. कितने आरोपी थे और कितने पकड़े गए?
    👉 कुल 3 आरोपी थे, 2 गिरफ्तार, 1 फरार।

    Q4. पुलिस को सबूत कैसे मिला?
    👉 स्टेशन के CCTV फुटेज से।

    Q5. क्या पीड़ित का मोबाइल और ATM कार्ड मिल गया है?
    👉 नहीं, अभी बरामदगी बाकी है।