Category: Police Action

  • अंधेरी पुलिस ने स्पोर्ट्स बाइक चोर गिरोह पकड़ा, 9 बाइक बरामद

    अंधेरी पुलिस ने स्पोर्ट्स बाइक चोर गिरोह पकड़ा, 9 बाइक बरामद

    मुंबई के अंधेरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पोर्ट्स बाइक चोरी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 18 लाख रुपये की 9 चोरी की बाइक बरामद कर मुंबई, उपनगर और नवी मुंबई के 9 मामलों का खुलासा किया है।

    मुंबई: शहर में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं के बीच अंधेरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अंधेरी पुलिस स्टेशन की क्राइम डिटेक्शन टीम ने स्पोर्ट्स बाइक चोरी करने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 18 लाख रुपये की 9 महंगी बाइक बरामद की हैं। इस कार्रवाई से मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और नवी मुंबई में दर्ज कुल 9 चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है।

    कैसे सामने आया मामला

    पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अंधेरी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 13 जनवरी 2026 की रात 10 बजे से 14 जनवरी 2026 सुबह 9 बजे के बीच उनकी रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 (MH 02 CU 8883) बाइक चोरी हो गई।
    यह बाइक बीएमसी कार्यालय के पीछे, गुंदवली, अंधेरी पूर्व में पार्क की गई थी।
    शिकायत के आधार पर अंधेरी पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 27/26 भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।

    तकनीकी जांच और गुप्त जानकारी से मिली सफलता

    मामले की गंभीरता को देखते हुए अंधेरी पुलिस की गुन्हे प्रकटीकरण (क्राइम डिटेक्शन) टीम ने तकनीकी जांच शुरू की।
    सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और गुप्त मुखबिरों की मदद से पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी संघर्षनगर, साकीनाका इलाके के रहने वाले हैं और रात के समय घर नहीं आते थे।

    लगातार 2 से 3 रात तक जाल बिछाकर पुलिस ने तीनों आरोपियों को बड़ी ही चतुराई से हिरासत में लिया।

    पूछताछ में खुले 9 चोरी के मामले

    पुलिस हिरासत में गहन पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्पोर्ट्स बाइक चोरी की कई वारदातों को कबूल किया।
    उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और नवी मुंबई में दर्ज 9 अलग-अलग चोरी के मामलों से जुड़ी बाइक बरामद की।

    गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पते

    1) ओमकार सुनील फासगे (22 वर्ष)
    पेशा: रिक्शा चालक
    निवासी: रूम नं. 506, एफ विंग, बिल्डिंग नं. 19, नवकांति सोसायटी, संघर्षनगर, चांदीवली फार्म रोड, साकीनाका, मुंबई – 72

    2) सागर राहुल गायकवाड (19 वर्ष)
    पेशा: बेरोजगार
    निवासी: महेंद्र कंपाउंड, हरि मस्जिद के पीछे, संघर्षनगर, चांदीवली, साकीनाका, मुंबई

    3) कार्तिक विष्णु म्हस्के (18 वर्ष)
    पेशा: छात्र
    निवासी: रूम नं. 305, डी विंग, बिल्डिंग नं. 25, संघर्षनगर, चांदीवली फार्म रोड, साकीनाका, मुंबई – 72

    बरामद की गई 9 स्पोर्ट्स बाइक (कुल कीमत लगभग ₹18 लाख)

    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – अंधेरी (₹2 लाख)
    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – विले पार्ले (₹2 लाख)
    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – खारघर (₹2 लाख)
    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – एंटॉप हिल (₹2 लाख)
    • पल्सर NS 400 – भांडुप (₹3.5 लाख)
    • यामाहा MT-15 – भांडुप (₹1.5 लाख)
    • केटीएम ड्यूक – काळाचौकी (₹2 लाख)
    • यामाहा MT-15 – घाटकोपर (₹1.5 लाख)
    • यामाहा RX 100 – परळ (₹1.5 लाख)

    अंधेरी पुलिस की सराहनीय कार्रवाई

    इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में किया गया।
    यह सफलता मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त आयुक्त सत्यनारायण, अपर आयुक्त परमजीत सिंह दहिया, डीसीपी दत्ता नलावडे, एसीपी गजानन पवार के मार्गदर्शन में हासिल हुई।

    अंधेरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक उमेश मचिंदर, क्राइम इंस्पेक्टर विनोद पाटील और उनकी टीम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: अंधेरी पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
    👉 तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    Q2: कुल कितनी बाइक बरामद हुई हैं?
    👉 कुल 9 स्पोर्ट्स बाइक।

    Q3: बरामद बाइकों की कीमत कितनी है?
    👉 करीब ₹18 लाख।

    Q4: ये चोरी की घटनाएं कहां-कहां हुई थीं?
    👉 मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और नवी मुंबई।

    Q5: आरोपियों पर कौन-सी धाराएं लगी हैं?
    👉 भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2) के तहत

  • कांदिवली में मोबाइल छीनकर UPI से ₹76,269 उड़ाए

    कांदिवली में मोबाइल छीनकर UPI से ₹76,269 उड़ाए

    मुंबई के कांदिवली वेस्ट में मोबाइल स्नैचिंग के बाद साइबर फ्रॉड का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां चोरी हुए फोन से युवक के बैंक खाते से ₹76,269 UPI ट्रांजैक्शन कर निकाल लिए गए। पुलिस जांच में जुटी है।

    मुंबई: मोबाइल स्नैचिंग के बाद डिजिटल ठगी का नया और खतरनाक ट्रेंड सामने आ रहा है। कांदिवली वेस्ट में एक युवक का मोबाइल फोन छीने जाने के बाद उसी फोन का UPI इस्तेमाल कर आरोपियों ने उसके बैंक खाते से ₹76,269 निकाल लिए। इतना ही नहीं, चोरों ने व्हाट्सऐप पर खुद को पीड़ित बताकर रिश्तेदार से भी पैसे मंगवा लिए। कांदिवली पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग और साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई में बढ़ती मोबाइल स्नैचिंग और UPI द्वारा डिजिटल फ्रॉड की वारदातें

    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अब सड़क पर मोबाइल छीनना ही अपराधियों का मकसद नहीं रह गया है। मोबाइल हाथ लगते ही वे सीधे डिजिटल बैंकिंग और UPI के जरिए खातों पर हाथ साफ कर रहे हैं। कांदिवली की यह घटना इसी बढ़ते साइबर क्राइम पैटर्न की एक बड़ी मिसाल है, जिसने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

    पीड़ित कौन है और क्या करता है?

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता का नाम अंकितकुमार वैकुंठ तिवारी (24) है। वह टीवी सीरियल इंडस्ट्री में लाइट मैन के तौर पर काम करता है।
    12 जनवरी 2026 की रात कांदिवली वेस्ट के भूत बंगला, गार्डन रिट्रीट कॉम्प्लेक्स में एक सीरियल का प्रोमो शूट चल रहा था, जो 13 जनवरी तड़के करीब 3 बजे खत्म हुआ।

    सुबह-सुबह हुआ मोबाइल स्नैचिंग का शिकार

    शूट खत्म होने के बाद अंकितकुमार अपने पॉइंसुर इलाके स्थित घर की ओर पैदल जा रहा था।
    करीब सुबह 4:05 बजे, शताब्दी अस्पताल के पास अचानक बाइक पर सवार दो अज्ञात युवकों ने उसके हाथ से मोबाइल फोन झपट लिया और तेज़ रफ्तार में फरार हो गए।
    अंधेरा और बाइक की रफ्तार इतनी तेज़ थी कि वह वाहन का नंबर तक नोट नहीं कर पाया।

    ATM पहुंचा तो खुला खाते से पैसे उड़ने का राज

    घटना के अगले दिन जब अंकितकुमार ATM गया, तो उसे मैसेज मिला कि उसका ATM PIN गलत है।
    इसके बाद 15 जनवरी को वह बैंक शाखा पहुंचा, जहां अकाउंट स्टेटमेंट देखने पर उसके होश उड़ गए।
    13 से 15 जनवरी के बीच UPI ट्रांजैक्शन के ज़रिए ₹69,269 उसके खाते से निकाले जा चुके थे।

    व्हाट्सऐप पर भावुक मैसेज भेजकर रिश्तेदार से भी पैसे ठगे

    आरोपियों की चालाकी यहीं नहीं रुकी।
    चोरी किए गए मोबाइल से उन्होंने अंकितकुमार बनकर उसके बहनोई पवन मिश्रा को व्हाट्सऐप पर भावुक मैसेज भेजे और पैसों की मदद मांगी।
    मैसेज असली समझकर पवन मिश्रा ने ₹8,000 ट्रांसफर कर दिए, जिसे भी आरोपियों ने तुरंत निकाल लिया।
    इस तरह कुल रकम ₹76,269 हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा

    कांदिवली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ

    • मोबाइल स्नैचिंग
    • साइबर फ्रॉड
      की धाराओं में केस दर्ज किया है।

    पुलिस आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही है और मोबाइल के IMEI नंबर के ज़रिए फोन की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस की अपील: ऐसे रखें खुद को सुरक्षित

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुंबई में मोबाइल छीने जाने के बाद डिजिटल ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
    लोगों से अपील की गई है कि:

    • मोबाइल में मजबूत लॉक/बायोमेट्रिक जरूर रखें
    • बैंकिंग और UPI ऐप्स में अतिरिक्त सिक्योरिटी ऑन रखें
    • किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें
    • मोबाइल चोरी होते ही बैंक और पुलिस को सूचना दें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह घटना कहां हुई?
    👉 मुंबई के कांदिवली वेस्ट इलाके में, शताब्दी अस्पताल के पास।

    Q2: कुल कितने पैसे निकाले गए?
    👉 कुल ₹76,269।

    Q3: पैसे किस तरह निकाले गए?
    👉 UPI ट्रांजैक्शन और व्हाट्सऐप ठगी के ज़रिए।

    Q4: पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
    👉 CCTV फुटेज की जांच और IMEI नंबर से मोबाइल ट्रेस किया जा रहा है।

    Q5: मोबाइल चोरी होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं और बैंक/UPI सेवाएं ब्लॉक करवाएं।

  • मालाड में दिल दहला देने वाली दरिंदगी, 2.5 महीने के पिल्ले से क्रूरता; आरोपी गिरफ्तार

    मालाड में दिल दहला देने वाली दरिंदगी, 2.5 महीने के पिल्ले से क्रूरता; आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड पूर्व स्थित कुरार गांव में 2.5 महीने के पिल्ले के साथ कथित यौन उत्पीड़न और बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 20 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    मुंबई: मालाड पूर्व इलाके के कुरार गांव से पशु क्रूरता का एक बेहद झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां महज ढाई महीने के एक पिल्ले के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न और बेरहमी से पिटाई की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। पशु प्रेमी संस्था PAL फाउंडेशन की मदद से मुंबई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 वर्षीय आरोपी को सार्वजनिक शौचालय से गिरफ्तार किया। गंभीर रूप से घायल पिल्ले का इलाज जारी है।

    मालाड के कुरार विलेज में सामने आई अमानवीय घटना

    यह चौंकाने वाली घटना मालाड पूर्व के कुरार गांव इलाके की है। जानकारी के अनुसार, एक 20 वर्षीय युवक पर आरोप है कि उसने सार्वजनिक शौचालय के भीतर एक ढाई महीने के पिल्ले के साथ पहले यौन उत्पीड़न किया और फिर बेरहमी से उसकी पिटाई की। पिल्ले की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

    वायरल वीडियो से खुला मामला

    घटना तब सामने आई जब PAL (Pure Animal Lovers) फाउंडेशन द्वारा जारी एक रेस्क्यू वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में मुंबई पुलिस और पशु अधिकार कार्यकर्ता मौके पर पहुंचते नजर आते हैं। सूचना मिलने पर टीम जब शौचालय पहुंची तो अंदर से दरवाजा बंद था और आरोपी ने काफी देर तक दरवाजा खोलने से इनकार किया, जिससे लोगों का शक और गहरा गया।

    दरवाजा तोड़कर पुलिस ने की गिरफ्तारी

    काफी प्रयासों के बाद जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़ा और आरोपी को मौके से हिरासत में लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी उस समय केवल शॉर्ट्स पहने हुए था। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।

    पिल्ले की हालत गंभीर, इलाज जारी

    PAL फाउंडेशन के मुताबिक, रेस्क्यू के तुरंत बाद घायल पिल्ले को इलाज के लिए पशु चिकित्सालय ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। संस्था ने इस घटना को अमानवीय बताते हुए कहा कि एक बेजुबान जानवर के साथ ऐसी दरिंदगी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

    कानूनी कार्रवाई और जांच

    मुंबई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act) के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

    समाज में गुस्सा, सख्त सजा की मांग

    घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। पशु प्रेमी संगठनों और आम नागरिकों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई है?
    👉 यह घटना मुंबई के मालाड पूर्व स्थित कुरार गांव इलाके में हुई।

    Q2. आरोपी की उम्र क्या है?
    👉 पुलिस के अनुसार आरोपी की उम्र 20 वर्ष है।

    Q3. पिल्ले की हालत कैसी है?
    👉 पिल्ले की हालत गंभीर है और उसका इलाज जारी है।

    Q4. आरोपी पर कौन-कौन से कानून लगे हैं?
    👉 आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

  • कंदिवली ईस्ट में भारत कोऑपरेटिव बैंक ATM तोड़ने की कोशिश नाकाम

    कंदिवली ईस्ट में भारत कोऑपरेटिव बैंक ATM तोड़ने की कोशिश नाकाम

    मुंबई के कंदिवली पूर्व में भारत कोऑपरेटिव बैंक के ATM पर लूट की कोशिश नाकाम रही। अज्ञात आरोपी बाहरी दरवाजा तोड़ने में सफल रहे लेकिन अंदर के सुरक्षा गेट को पार नहीं कर पाए। पुलिस जांच जारी है।

    मुंबई: कंदिवली पूर्व, अशोकनगर इलाके में भारत कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के ATM पर चोरी की एक असफल कोशिश सामने आई है। दो अज्ञात बदमाशों ने रात के समय ATM का बाहरी दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन मजबूत पिन सिस्टम और सुरक्षा इंतजामों के चलते वे ATM तक नहीं पहुंच सके। घटना के बाद समता नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।

    क्या है पूरा मामला

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत कोऑपरेटिव बैंक की अशोकनगर शाखा और उससे सटे ATM की सुरक्षा एक निजी सुरक्षा एजेंसी के जिम्मे है।
    9 जनवरी की रात करीब 10.40 बजे सीसीटीवी निगरानी कंपनी के कर्मचारी प्रवीण कोलापते ने ATM पर संदिग्ध गतिविधि देखी और तुरंत इसकी सूचना बैंक प्रशासन को दी।

    सूचना मिलते ही बैंक के शाखा प्रबंधक शशांक जगन्नाथ पुजारी (उम्र 31) मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज की जांच की।

    ATM के सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात

    सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई देता है कि रात करीब 10.08 बजे दो युवक ATM के पास पहुंचे।

    • एक युवक ने टोपी पहन रखी थी
    • दूसरे ने हेलमेट लगाया हुआ था

    ताकि उनकी पहचान न हो सके। दोनों ने मिलकर ATM का बाहरी दरवाजा जबरदस्ती तोड़ दिया। हालांकि, अंदर लगे पिन सिस्टम वाले सुरक्षा दरवाजे को वे तोड़ नहीं पाए।

    सुरक्षा सिस्टम बना चोरों के लिए दीवार

    ATM के अंदर लगे मजबूत सुरक्षा गेट और पिन सिस्टम की वजह से आरोपी मशीन तक नहीं पहुंच सके। काफी कोशिशों के बाद जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो दोनों बिना कोई नकदी या सामान चुराए वहां से फरार हो गए।

    बैंक प्रशासन की ओर से ATM का पूरा निरीक्षण किया गया, जिसमें यह साफ हुआ कि कोई भी कैश या अन्य सामग्री चोरी नहीं हुई है।

    पुलिस ने दर्ज किया चोरी के प्रयास का मामला

    घटना को गंभीर मानते हुए बैंक प्रशासन ने समता नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
    पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

    इलाके में बढ़ाई गई पुलिस गश्त

    घटना के बाद से अशोकनगर और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    स्थानीय लोगों में चिंता, सुरक्षा पर सवाल

    इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में एटीएम सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि देर रात एटीएम के आसपास निगरानी और लाइटिंग और मजबूत की जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    👉 कंदिवली पूर्व के अशोकनगर इलाके में भारत कोऑपरेटिव बैंक के एटीएम पर।

    Q2. क्या एटीएम से पैसे चोरी हुए?
    👉 नहीं, कोई नकदी चोरी नहीं हुई।

    Q3. आरोपियों की पहचान हुई है?
    👉 फिलहाल नहीं, पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है।

    Q4. किस पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है?
    👉 समता नगर पुलिस स्टेशन में।

  • अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या, मालाड केस में आरोपी को उम्रकैद

    अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या, मालाड केस में आरोपी को उम्रकैद

    मुंबई के मालाड इलाके में पत्नी की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अवैध संबंध के शक में हुए इस अपराध को कोर्ट ने ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मानने से इनकार किया।

    मुंबई: मालाड इलाके में अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या करने वाले 42 वर्षीय शख्स को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दिंडोशी सत्र न्यायालय ने इस मामले में मृत्युदंड की मांग को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में नहीं आता। घटना के वक्त दंपति की नाबालिग बेटी और एक पड़ोसी मौके पर मौजूद थे।

    क्या है मालाड पूरा मामला

    अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी श्रवणकुमार राउत को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। इसी शक के चलते दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया।
    यह घटना मालाड स्थित उनकी दुकान में हुई, जहां आरोपी ने सब्जी काटने वाले चाकू से पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

    बेटी और पड़ोसी के सामने हुई वारदात

    कोर्ट में पेश गवाहों के मुताबिक, घटना के समय दंपति की किशोर बेटी और पास में रहने वाला एक पड़ोसी वहां मौजूद था। दोनों ने झगड़े और हमले को अपनी आंखों से देखा।
    अभियोजन ने इन बयानों को अहम सबूत के तौर पर पेश किया, जिससे आरोपी के खिलाफ मामला मजबूत हुआ।

    मृत्युदंड की मांग, लेकिन कोर्ट ने किया इनकार

    सरकारी वकील रविंद्र सावल ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की थी।
    हालांकि, दिंडोशी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नंदकिशोर मोरे ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अपराध गंभीर जरूर है, लेकिन यह ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामलों में शामिल नहीं किया जा सकता।
    इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई।

    कोर्ट का अहम संदेश

    अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि शक और घरेलू विवाद किसी की जान लेने का अधिकार नहीं देते।
    यह फैसला समाज के लिए एक सख्त संदेश है कि घरेलू हिंसा और चरित्र पर शक के नाम पर की गई हत्या को कानून किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपी को कौन-सी सजा सुनाई गई है?
    👉 अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

    Q2. क्या कोर्ट ने मृत्युदंड दिया?
    👉 नहीं, कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला नहीं मानते हुए मृत्युदंड से इनकार किया।

    Q3. घटना कहां हुई थी?
    👉 यह वारदात मुंबई के मालाड इलाके में आरोपी की दुकान में हुई थी।

  • Mumbai: मालाड में फर्जी फ्लैट रैकेट का पर्दाफाश, सस्ते घर का सपना बना बुरा सपना

    Mumbai: मालाड में फर्जी फ्लैट रैकेट का पर्दाफाश, सस्ते घर का सपना बना बुरा सपना

    Mumbai के मालाड इलाके में अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट सस्ते दामों में दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले फर्जी प्रॉपर्टी रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जानिए पूरा मामला, आरोपी, modus operandi और कैसे बचें ऐसे फ्रॉड से।

    मुंबई: सस्ते घर का सपना दिखाकर लोगों से लाखों-करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े फर्जी फ्लैट रैकेट का मालाड पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य सरगना फरार है। आरोपी Housing.com, NoBroker जैसे बड़े रियल एस्टेट पोर्टल और सोशल मीडिया के ज़रिए करीब 1 करोड़ के फ्लैट को 60–70 लाख में बेचने का झांसा देकर लोगों से एडवांस रकम ऐंठते थे और फिर गायब हो जाते थे।

    🏙️ क्या है पूरा मामला?

    मालाड पुलिस के अनुसार, यह एक सुनियोजित प्रॉपर्टी फ्रॉड रैकेट था, जो अंडर-कंस्ट्रक्शन इमारतों को निशाना बनाकर लोगों को फंसाता था। आरोपी असली फ्लैट मालिक के दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ कर खुद को मालिक बताकर सौदा करते थे। कागज़ात इतने असली लगते थे कि आम आदमी तो क्या, अनुभवी खरीदार भी धोखा खा जाते थे।

    👤 शिकायतकर्ता का दर्दनाक अनुभव

    इस केस के शिकायतकर्ता 31 वर्षीय नवलदेव नारायण राजपूत, निवासी मालाड ईस्ट हैं। आरोपियों ने उन्हें मालाड वेस्ट के जकारिया रोड स्थित शुभाश्री ऑर्चर्ड, फ्लैट नंबर 1301 दिखाया और बताया कि यह फ्लैट “पोपटलाल” नामक व्यक्ति का है।
    4 नवंबर से 23 दिसंबर 2025 के बीच हुए इस सौदे में नवलदेव से करीब 30 लाख रुपये की ठगी की गई। जब आरोपी संपर्क से बाहर हो गए, तब 29 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई गई।

    ⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज?

    यह मामला मालाड पुलिस स्टेशन (CR No. 943/2025) में दर्ज किया गया है।
    आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें:

    • धोखाधड़ी
    • जालसाज़ी
    • फर्जी पहचान (Impersonation)
    • आपराधिक साजिश
    • विश्वासघात और रकम का गबन

    जैसी धाराएं शामिल हैं।

    🕵️ Modus Operandi: ऐसे चलता था Mumbai में फर्जी फ्लैट रैकेट

    पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग में हर सदस्य की तय भूमिका थी:

    • कासिम रशीद खान उर्फ अमित ठाकुर (फरार) – मास्टरमाइंड
    • मोहम्मद रफीक रशीद खान – अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग्स की फोटो खींचकर फर्जी विज्ञापन डालता था
    • दीपक किरीट शाह (ब्रोकर) – खरीदारों से संपर्क कर भरोसा जीतता था
    • निमेष अनिल मावणी – फर्जी आधार और पैन कार्ड से असली मालिक बनकर सौदा करता था
    • हितेश केदारी और राजेश बिसुल प्रसाद – बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे

    जैसे ही एडवांस रकम अकाउंट में आती, पैसे निकाल लिए जाते और आरोपी अंडरग्राउंड हो जाते।

    💳 बैंक ट्रांजैक्शन से खुला राज

    पुलिस ने ASP Infra नामक अकाउंट में हुए संदिग्ध ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया। अकाउंट होल्डर हितेश केदारी को हिरासत में लेने के बाद तकनीकी जांच और पूछताछ से पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके बाद मीरा रोड, बोरीवली और कांदिवली से आरोपियों को पकड़ा गया।

    🚨 गिरफ्तार आरोपी कौन-कौन?

    पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं:

    • हितेश रविंद्र केदारी (30) – डिलीवरी बॉय
    • राजेश बिसुल प्रसाद (37) – डिलीवरी बॉय
    • निमेष अनिल मावणी (49)
    • मोहम्मद रफीक रशीद खान (38)
    • दीपक किरीट शाह (47) – ब्रोकर
    • राजन हर्षद कक्कड़ (45)

    मुख्य आरोपी कासिम रशीद खान अभी फरार है।

    👮 वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच

    इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व API दीपक रायवाडे और PSI निलोबा जक्कलवाड़ ने किया।
    जांच Additional CP शशि कुमार मीणा, DCP जोन XI संदीप जाधव, ACP प्रकाश बागल के मार्गदर्शन और Senior Inspector दुश्यंत चौहान की निगरानी में हुई।

    🔑 कैसे बचें ऐसे प्रॉपर्टी फ्रॉड से?

    • बहुत सस्ते दाम पर फ्लैट का ऑफर मिले तो सतर्क रहें
    • असली मालिक से सीधे मिलकर दस्तावेज़ सत्यापित करें
    • रजिस्ट्रार ऑफिस से डॉक्यूमेंट्स की क्रॉस-चेकिंग करें
    • बिना एग्रीमेंट और वकील की सलाह के पैसे न दें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या बड़े पोर्टल पर विज्ञापन होने से सौदा सुरक्षित होता है?
    👉 नहीं, फ्रॉड लोग बड़े पोर्टल का भी गलत इस्तेमाल करते हैं।

    Q2. क्या अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट लेना सुरक्षित है?
    👉 हां, लेकिन पूरी कानूनी जांच और RERA रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

    Q3. धोखाधड़ी होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।

  • बोरीवली ज्वेलरी शॉप से ₹6.79 करोड़ की चोरी, दो सेल्समैन फरार

    बोरीवली ज्वेलरी शॉप से ₹6.79 करोड़ की चोरी, दो सेल्समैन फरार

    मुंबई के बोरीवली में ज्वेलरी शॉप से करीब 6.79 करोड़ रुपये के सोने, हीरे और चांदी की चोरी। दो सेल्समैन फरार, राजस्थान तक पहुंची पुलिस जांच।

    मुंबई: बोरीवली इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ज्वेलरी शॉप के दो सेल्समैन दुकान से करोड़ों के गहने लेकर फरार हो गए। चोरी गए माल की कुल कीमत करीब ₹6.79 करोड़ बताई जा रही है। एमएचबी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

    क्या है पूरा मामला

    यह घटना बोरीवली स्थित ‘माय गोल्ड पॉइंट’ नामक ज्वेलरी शॉप की है। दुकान के मालिक राकेश पोरवाल रोज़ की तरह मंगलवार रात दुकान बंद कर घर चले गए थे। दुकान में काम करने वाले दोनों सेल्समैन – प्रभु सिंह और नारायण सिंह – को रोज़ाना की तरह गहने तिजोरी में रखने की जिम्मेदारी दी गई थी।

    कैसे सामने आई बोरीवली की चोरी

    बुधवार दोपहर राकेश पोरवाल दहाणु में निजी काम से गए हुए थे। इसी दौरान एक महिला ग्राहक ने फोन कर बताया कि दुकान बाहर से बंद है। शक होने पर पोरवाल ने दोनों सेल्समैन को कॉल किया, लेकिन फोन बंद मिला। तुरंत बोरीवली लौटने पर उन्होंने देखा कि शटर बंद था, बाहर से ताला लगा था और चाबी ताले में ही लगी हुई थी।

    दुकान के अंदर जाकर देखा तो दोनों लोहे की तिजोरियां खुली थीं और

    • सोने के गहने
    • हीरे के आभूषण
    • चांदी की सिल्लियां

    सब गायब थे। कुल चोरी की रकम ₹6,79,85,000 आंकी गई है।

    आरोपी कौन हैं

    दोनों आरोपी – प्रभु सिंह और नारायण सिंह –

    • राजस्थान के राजसमंद जिले के कावरैया गांव के रहने वाले हैं
    • दुकान में सेल्समैन के तौर पर काम करते थे
    • रात में दुकान के अंदर ही रुकते थे

    पुलिस को शक है कि वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों राजस्थान भाग गए हैं।

    पुलिस की कार्रवाई

    एमएचबी पुलिस ने दोनों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है।

    • क्राइम ब्रांच की दो टीमें राजस्थान भेजी गई हैं
    • मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच जारी है
    • पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा

    इलाके में दहशत, व्यापारियों में चिंता

    इस बड़ी चोरी की वारदात के बाद बोरीवली इलाके के ज्वेलर्स और व्यापारियों में डर का माहौल है। स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस से सुरक्षा बढ़ाने और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच पर ज़ोर देने की मांग की है।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. चोरी कहां हुई है?
    👉 मुंबई के बोरीवली स्थित ‘माय गोल्ड पॉइंट’ ज्वेलरी शॉप में।

    Q2. चोरी की कुल रकम कितनी है?
    👉 करीब ₹6.79 करोड़ के सोने, हीरे और चांदी के गहने।

    Q3. आरोपी कौन हैं?
    👉 दुकान के ही दो सेल्समैन – प्रभु सिंह और नारायण सिंह।

    Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    👉 केस दर्ज कर लिया गया है और राजस्थान में पुलिस टीमें भेजी गई हैं।

    Q5. क्या आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    👉 फिलहाल आरोपी फरार हैं, तलाश जारी है।

  • कांदिवली में घर का सपना बना धोखा, ओला-उबर चालक से 9 लाख की ठगी

    कांदिवली में घर का सपना बना धोखा, ओला-उबर चालक से 9 लाख की ठगी

    Mumbai Kandivali News: एमएमआरडीए फ्लैट दिलाने के नाम पर कांदिवली में ओला-उबर चालक से 9 लाख रुपये की ठगी, 6 साल बाद सामने आया पूरा मामला, पुलिस ने दर्ज किया केस।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में घर पाने का सपना देख रहे एक ओला-उबर चालक के साथ बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। एमएमआरडीए का फ्लैट दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों ने उससे करीब 9 लाख रुपये ऐंठ लिए। छह साल तक इंतज़ार के बाद जब न घर मिला और न ही पैसे लौटे, तब जाकर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। अब कांदिवली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🏙️ कांदिवली में ठगी का चौंकाने वाला मामला

    मुंबई जैसे महानगर में अपने घर का सपना हर आम आदमी देखता है। इसी सपने का फायदा उठाकर कांदिवली में एक ओला-उबर चालक से लाखों की ठगी की गई। यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।

    🚖 कौन है पीड़ित?

    पीड़ित 38 वर्षीय युवक वांद्रे इलाके में रहता है और ओला-उबर में ड्राइवर के तौर पर काम करता है। सीमित आमदनी के बावजूद उसने भविष्य सुरक्षित करने के लिए घर खरीदने का फैसला किया था।

    🏢 एमएमआरडीए फ्लैट का झांसा

    कुछ साल पहले पीड़ित की पहचान नवीनसिंग मानसिंग गोरखा नामक व्यक्ति से हुई। उसने मालाड के कुरार विलेज स्थित अप्पापाडा इलाके में एमएमआरडीए का फ्लैट दिलाने का दावा किया।
    आरोपी ने बताया कि फ्लैट की असली कीमत 18 लाख रुपये है, लेकिन वह इसे सिर्फ 14 लाख में दिला देगा।

    💰 तीन-चार महीने में घर मिलने का भरोसा

    नवीनसिंग ने भरोसा दिलाया कि तीन से चार महीनों के भीतर फ्लैट का कब्ज़ा मिल जाएगा। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में करीब 9 लाख रुपये दे दिए।

    🤝 दो और आरोपी भी थे शामिल

    इस पूरे सौदे में रवी सरवदे और मोहसीन अख्तर भी शामिल थे। पीड़ित को बताया गया कि ये दोनों लोग नवीनसिंग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और फ्लैट दिलाने की प्रक्रिया में मदद करेंगे।

    6 साल बीते, न घर मिला न पैसे

    तय समय बीतने के बाद भी जब फ्लैट नहीं मिला तो पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क किया। शुरुआत में वे टालमटोल करते रहे। धीरे-धीरे बातचीत भी बंद हो गई।
    करीब छह साल गुजर जाने के बाद भी न तो घर मिला और न ही एक रुपये की वापसी हुई।

    🚨 पुलिस में दर्ज हुई शिकायत

    आखिरकार खुद को ठगा हुआ समझकर पीड़ित कांदिवली पुलिस स्टेशन पहुंचा और शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने नवीनसिंग गोरखा, रवी सरवदे और मोहसीन अख्तर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. ठगी कितने रुपये की हुई है?
    ➡️ करीब 9 लाख रुपये की ठगी हुई है।

    Q2. ठगी किस इलाके में हुई?
    ➡️ मुंबई के कांदिवली और मालाड इलाके से जुड़ा मामला है।

    Q3. आरोपी कितने हैं?
    ➡️ कुल तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

    Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    ➡️ कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • BMC चुनाव ड्यूटी से गायब 6,871 कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई

    BMC चुनाव ड्यूटी से गायब 6,871 कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई

    BMC चुनाव 2026 से पहले चुनाव ड्यूटी में गैरहाजिर 6,871 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस, 4,521 पर 12 जनवरी से पुलिस कार्रवाई के आदेश।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Bmc) चुनाव 2025-26 से पहले प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। चुनाव ड्यूटी में गैरहाजिर रहने वाले 6,871 अधिकारी और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें से 4,521 कर्मचारी अब भी ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं, जिनके खिलाफ 12 जनवरी 2026 से पुलिस कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने साफ कहा है कि चुनावी जिम्मेदारी से बचने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

    🏛️ BMC चुनाव प्रक्रिया में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा रुख

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चुनाव प्रक्रिया संविधानिक और कानूनी जिम्मेदारी है। इसके बावजूद कई अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षण, मतदान ड्यूटी और अन्य जिम्मेदारियों से लगातार गैरहाजिर पाए गए। बार-बार निर्देश देने और अंतिम मौका देने के बावजूद जब हाजिरी नहीं लगी, तब प्रशासन को कड़ा फैसला लेना पड़ा।

    📄 6,871 कर्मचारियों को नोटिस, 2,350 लौटे ड्यूटी पर

    प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 6,871 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस भेजी गई थी। इनमें से 2,350 कर्मचारी नोटिस के बाद चुनाव कार्य में शामिल हो गए हैं। लेकिन 4,521 कर्मचारी अब भी अनुपस्थित हैं, जिन पर अब सीधी पुलिस कार्रवाई की जाएगी।

    🚨 12 जनवरी से पुलिस कार्रवाई शुरू

    अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी के निर्देशानुसार सोमवार, 12 जनवरी 2026 से संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस के जरिए कार्रवाई की जाएगी। इसमें उनके कार्यालय जाकर नोटिस तामील कराना, मामला दर्ज करना, जुर्माना और विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शामिल होगी।

    🧑‍💼 कई विभागों के कर्मचारी कार्रवाई की जद में

    इस कार्रवाई में केवल महानगरपालिका ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीयकृत बैंक, बेस्ट उपक्रम, दूरसंचार विभाग, तेल कंपनी, बीमा कंपनियां, जीवन बीमा निगम, म्हाडा, डाक विभाग, रेलवे, उर्वरक कंपनी और अन्य सरकारी व अर्धसरकारी संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं।

    🗳️ 15 जनवरी को मतदान, कर्मचारियों की भारी जरूरत

    महानगरपालिका चुनाव के लिए 15 जनवरी 2026 को मतदान और 16 जनवरी को मतगणना होनी है। मुंबई में करीब 1 करोड़ 3 लाख से अधिक मतदाता हैं। इतने बड़े चुनाव के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की जरूरत होती है, लेकिन कर्मचारियों की कमी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन रही है।

    ⚠️ डॉ. अश्विनी जोशी की सख्त चेतावनी

    डॉ. अश्विनी जोशी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चुनाव ड्यूटी में लापरवाही गंभीर अपराध है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से आदेशों की अनदेखी, देरी या गैरजिम्मेदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी को तुरंत अपनी ड्यूटी संभालनी होगी, अन्यथा कानूनी और प्रशासकीय कार्रवाई तय है।


    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

    प्रश्न 1: कितने कर्मचारियों को नोटिस दी गई है?
    उत्तर: कुल 6,871 अधिकारी और कर्मचारियों को नोटिस दी गई है।

    प्रश्न 2: पुलिस कार्रवाई कब से शुरू होगी?
    उत्तर: 12 जनवरी 2026 से।

    प्रश्न 3: किन विभागों के कर्मचारी शामिल हैं?
    उत्तर: महानगरपालिका, बैंक, बेस्ट, बीमा कंपनियां, रेलवे, डाक विभाग सहित कई सरकारी संस्थान।

    प्रश्न 4: मतदान और मतगणना कब है?
    उत्तर: मतदान 15 जनवरी और मतगणना 16 जनवरी 2026 को होगी।

  • मालवनी में 7 स्कूली बच्चियों से छेड़छाड़, 36 वर्षीय आरोपी POCSO में गिरफ्तार

    मालवनी में 7 स्कूली बच्चियों से छेड़छाड़, 36 वर्षीय आरोपी POCSO में गिरफ्तार

    मुंबई के मालवनी इलाके में स्कूल के पास 7 नाबालिग बच्चियों से सरेआम छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में मंगलवार सुबह एक शर्मनाक घटना सामने आई, जहां 36 साल के एक युवक ने स्कूल जा रही 7 नाबालिग छात्राओं से सरेआम छेड़छाड़ की। सभी पीड़ित बच्चियों की उम्र 14 से 15 साल के बीच है। घटना स्कूल के पास एक व्यस्त रिहायशी सड़क पर हुई। बच्चियों के शोर मचाने पर स्थानीय लोग जमा हो गए और आरोपी भाग निकला। शिकायत मिलते ही मालवनी पुलिस ने तेजी से कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ POCSO एक्ट व भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

    🚨 घटना कैसे हुई?

    पुलिस के अनुसार, पीड़ितों में से एक 14 वर्षीय छात्रा, जो सांताक्रूज़ की रहने वाली है, सुबह करीब 7:30 बजे घर से स्कूल के लिए निकली थी। वह अपनी सहेलियों के साथ स्कूल परिसर के पास खड़ी थी, तभी आरोपी वहां पहुंचा।

    आरोपी ने अचानक बच्चियों के बेहद पास जाकर उन्हें जबरन गले लगाया, अश्लील हरकतें कीं और एक-एक कर सभी सातों नाबालिगों से छेड़छाड़ की। यह पूरी घटना सार्वजनिक सड़क पर हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    🚗 कार में घुमाने का झांसा

    जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने बच्चियों को कार में घुमाने का लालच दिया। उसने उनसे कहा कि वे रोज उसी जगह उससे मिलें। आरोपी की इन हरकतों से बच्चियां बुरी तरह घबरा गईं।

    🗣️ बच्चियों ने मचाया शोर

    घटना के बाद बच्चियों ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। खुद को घिरा देख आरोपी वहां से फरार हो गया।

    🚓 पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित बच्ची की मां मालवणी पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बिना देरी किए आरोपी की तलाश शुरू की और कुछ ही घंटों में उसे हिरासत में ले लिया।

    दोपहर में आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर दिंडोशी कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे आगे की जांच के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

    ⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज

    आरोपी के खिलाफ:

    POCSO एक्ट

    भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराएं

    लगाई गई हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं।

    😟 इलाके में डर का माहौल

    इस घटना के बाद मालवणी इलाके में दहशत का माहौल है। खासतौर पर माता-पिता बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी का मकसद इलाके में सुरक्षा का भरोसा कायम रखना है।

    👮‍♂️ पुलिस का बयान

    मुंबई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है क्योंकि पीड़ित नाबालिग हैं। इसलिए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। मामले की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर और भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
    Q1. घटना कहां हुई?
    ➡️ मुंबई के मालवणी इलाके में, स्कूल के पास।

    Q2. कितनी बच्चियां पीड़ित हैं?
    ➡️ कुल 7 नाबालिग स्कूली छात्राएं।

    Q3. आरोपी की उम्र क्या है?
    ➡️ आरोपी 36 साल का है।

    Q4. आरोपी पर कौन सा कानून लगा है?
    ➡️ POCSO एक्ट और BNS की धाराएं।

    Q5. क्या आरोपी को जेल भेजा गया है?
    ➡️ फिलहाल आरोपी पुलिस कस्टडी में है, जांच जारी है।