Category: Crime News

  • राहुल गांधी को लाइव टीवी डिबेट में गोली मारने की धमकी, बीजेपी प्रवक्ता के बयान से मचा बवाल

    राहुल गांधी को लाइव टीवी डिबेट में गोली मारने की धमकी, बीजेपी प्रवक्ता के बयान से मचा बवाल

    केरल में एक टीवी लाइव डिबेट के दौरान बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी दे दी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया जबकि विपक्ष ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।

    नेशनल डेस्क
    मुंबई: केरल के एक टीवी चैनल पर डिबेट के दौरान बीजेपी के प्रवक्ता ने खुलेआम कहा कि राहुल गांधी के सीने में गोली मार देनी चाहिए। इस धमकी के बाद विपक्ष आगबबूला हो गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह वही विचारधारा है, जिसने महात्मा गांधी की हत्या करवाई थी।

    आरएसएस और नाथूराम गोडसे का जिक्र

    कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस विचारधारा से ही दूसरा गोडसे पैदा हुआ है। इतिहास गवाह है कि जब महात्मा गांधी की हत्या हुई थी, तब आरएसएस से जुड़े लोग मिठाई बांटते नजर आए थे। अब वही मानसिकता आज भी राहुल गांधी जैसे नेताओं के खिलाफ जहर उगल रही है।

    Rahul-Gandhi-threatened-with-shooting-during-a-live-TV-debate-BJP-spokesperson'-statement-sparks-uproar

    मोदी सरकार और नफरत की राजनीति के आरोप

    विपक्ष का आरोप है कि मोदी सरकार और बीजेपी आईटी सेल पूरे देश में नफरत का माहौल फैला रहे हैं। राहुल गांधी लगातार “भारत जोड़ो यात्रा” और “भारत न्याय यात्रा” के जरिए मोहब्बत की बात कर रहे हैं, जबकि बीजेपी के नेता खुलेआम हिंसा की धमकी दे रहे हैं।

    राहुल गांधी क्यों बीजेपी के निशाने पर?

    कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने संसद और चुनाव आयोग में वोट चोरी के सबूत रखे। यही वजह है कि बीजेपी उनसे डर गई है और अब उन्हें चुप कराने के लिए धमकियों का सहारा लिया जा रहा है।

    लद्दाख से लेकर यूपी तक विपक्ष पर हमले

    लेख में यह भी जिक्र आया है कि सरकार विरोधियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। छात्रों से लेकर कार्यकर्ताओं तक, हर उस आवाज को दबाया जा रहा है जो सत्ता से सवाल पूछती है। वहीं, बीजेपी नेताओं और समर्थकों को धमकी और हिंसा फैलाने की खुली छूट मिली हुई है।

    कांग्रेस का ऐक्शन प्लान

    अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सुझाव दिया गया है कि वे गैर-बीजेपी शासित राज्यों में हर पुलिस थाने में इस धमकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। उनका कहना है कि जैसे राहुल गांधी के खिलाफ झूठे केस दर्ज होते हैं, वैसे ही यह केस भी दर्ज होना चाहिए।


    ⚡ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: राहुल गांधी को किसने धमकी दी?
    Ans: केरल के एक टीवी डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता ने यह धमकी दी।

    Q2: क्या बीजेपी ने इस प्रवक्ता पर ऐक्शन लिया?
    Ans: खबर लिखे जाने तक बीजेपी की तरफ से कोई आधिकारिक ऐक्शन सामने नहीं आया है।

    Q3: कांग्रेस का क्या रुख है?
    Ans: कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज पर हमला बताया है।

    Q4: क्या पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है?
    Ans: अब तक केरल पुलिस या सरकार की तरफ से कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।

    Q5: लोग सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं?
    Ans: सोशल मीडिया पर यूजर्स बीजेपी और केंद्र सरकार पर भड़ास निकाल रहे हैं और कह रहे हैं कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

  • दादर स्विमिंग पूल में नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले शख्स को 3 साल की जेल

    दादर स्विमिंग पूल में नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले शख्स को 3 साल की जेल

    मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने दादर स्विमिंग पूल में 12 और 13 साल की नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 3 साल की सजा सुनाई है। केस में सबूत, गवाह और पहचान ने आरोपी को दोषी साबित किया।

    मुंबई: दादर के इलाके में पाँच साल पहले हुई शर्मनाक वारदात में अब अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। 30 साल के आरोपी को स्पेशल जज बी.आर. गारे ने तीन साल की सज़ा सुनाई। आरोपी ने 2020 में स्विमिंग पूल में तैर रही दो नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण किया था।

    घटना कैसे हुई?

    6 मार्च 2020 को 13 साल की एक लड़की दादर के स्विमिंग पूल में तैर रही थी। तभी एक शख्स ने उसके स्विमिंग कॉस्ट्यूम में हाथ डालकर उसकी प्राइवेट पार्ट को दबाया। घबराई हुई बच्ची ने तुरंत ट्रेनर और लाइफगार्ड को बताया।

    इसी दौरान 12 साल की दूसरी बच्ची ने भी उसी आदमी पर आरोप लगाया कि उसने उसके साथ भी छेड़छाड़ की है। दोनों बच्चियों ने तुरंत आरोपी को पहचान लिया।

    FIR और जांच में क्या हुआ?

    पहली बच्ची के पिता ने अगले दिन थाने में FIR दर्ज करवाई। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि पूल में करीब 30 लोग थे और उसकी पहचान गलत हुई है। साथ ही FIR देर से दर्ज होने और CCTV फुटेज न होने पर भी सवाल उठाए।

    लेकिन पुलिस ने कोर्ट में आठ गवाह पेश किए, जिसमें दोनों नाबालिग बच्चियाँ भी शामिल थीं।

    कोर्ट ने क्या कहा?

    जज बी.आर. गारे ने कहा कि बच्चियों का डर और सदमे में होना FIR में हुई एक दिन की देरी का संतोषजनक कारण है। दोनों बच्चियों ने आरोपी को मौके पर और बाद में अदालत में भी पहचान लिया।

    कोर्ट ने माना कि आरोपी ने यौन इरादे से बच्चियों के प्राइवेट पार्ट को छुआ और यह POCSO Act के तहत अपराध है।

    सजा और कानून

    अदालत ने आरोपी को यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ (Sexual Harassment & Assault) के आरोप में दोषी ठहराया और तीन साल की जेल की सजा सुनाई।


    FAQs

    Q1: डाडर स्विमिंग पूल केस कब हुआ था?
    👉 यह घटना 6 मार्च 2020 को हुई थी।

    Q2: इस केस में कितनी बच्चियों ने शिकायत की थी?
    👉 कुल दो नाबालिग बच्चियों (12 और 13 साल) ने आरोपी पर आरोप लगाया।

    Q3: आरोपी को कितनी सजा हुई है?
    👉 अदालत ने आरोपी को तीन साल कैद की सजा सुनाई है।

    Q4: क्या घटना का CCTV फुटेज था?
    👉 नहीं, पुलिस ने बताया कि पूल में CCTV कैमरे मौजूद नहीं थे।

    Q5: आरोपी ने अपनी सफाई में क्या कहा?
    👉 आरोपी ने कहा कि पूल में करीब 30 लोग थे और उसे गलत पहचान लिया गया है।

  • RBI Grade B 2025 भर्ती नोटिफिकेशन: 120 अफसर पदों पर निकली वैकेंसी, सैलरी ₹1.50 लाख तक, ऐसे करें अप्लाई

    RBI Grade B 2025 भर्ती नोटिफिकेशन: 120 अफसर पदों पर निकली वैकेंसी, सैलरी ₹1.50 लाख तक, ऐसे करें अप्लाई

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्रेड B ऑफिसर 2025 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। कुल 120 पदों पर भर्ती होगी। अप्लाई करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2025 है। यहां जानें एलिजिबिलिटी, सैलरी, एग्जाम डेट और पूरा प्रोसेस।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: अगर आप बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी ढूंढ रहे हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्रेड B ऑफिसर 2025 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है।

    👉 इस बार कुल 120 पद निकले हैं।
    👉 अप्लाई करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2025 (शाम 6 बजे तक) है।
    👉 शुरुआती सैलरी करीब ₹1,50,374/- प्रति माह (ग्रॉस) मिलेगी।

    📌 RBI Grade B भर्ती 2025: मुख्य जानकारी

    ParticularsDetails
    पोस्ट का नामRBI Grade B Officer (DR – General, DEPR, DSIM)
    कुल पद120
    सैलरी₹1,50,374/- (ग्रॉस)
    लोकेशनपूरे भारत में
    आवेदन शुरू10 सितंबर 2025
    आवेदन की आखिरी तारीख30 सितंबर 2025 (6 PM)

    📊 RBI Grade B Vacancy 2025 ब्रेकडाउन

    पोस्ट का नामपदों की संख्या
    Officers in Grade ‘B’ (DR) – General83
    Officers in Grade ‘B’ (DR) – DEPR17
    Officers in Grade ‘B’ (DR) – DSIM20
    कुल120

    🎓 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया (Eligibility Criteria)

    1. शैक्षणिक योग्यता

    • General Cadre: किसी भी विषय में ग्रेजुएशन 60% अंकों के साथ (SC/ST/PwBD के लिए 50%) या पोस्ट ग्रेजुएशन 55% के साथ।
    • DEPR Cadre: इकोनॉमिक्स, क्वांटिटेटिव इकोनॉमिक्स, बिजनेस इकोनॉमिक्स, फाइनेंस आदि में मास्टर्स।
    • DSIM Cadre: स्टैटिस्टिक्स, डेटा साइंस, AI/ML, बिग डेटा एनालिटिक्स में मास्टर्स या 4 साल की बैचलर डिग्री।

    2. उम्र सीमा

    • 21 से 30 साल (1 सितंबर 2025 तक)
    • रिजर्व कैटेगरी को सरकारी नियमों के अनुसार छूट मिलेगी।

    💰 RBI Grade B Salary & Benefits

    • बेसिक पे: ₹78,450/- प्रति माह
    • पे स्केल: ₹78,450 – 141,600 (16 साल में प्रमोशन व इंक्रीमेंट्स)
    • अलाउंसेज़: DA, HRA, Local Allowance, मेडिकल, NPS, लोन सुविधा
    • कुल शुरुआती सैलरी: ₹1.50 लाख+ प्रति माह

    📝 सिलेक्शन प्रोसेस

    1. Phase-I (Prelims – Online Exam)

    • सेक्शन: जनरल अवेयरनेस, इंग्लिश, क्वांटिटेटिव, रीजनिंग
    • टाइम: 120 मिनट
    • नेगेटिव मार्किंग होगी।

    2. Phase-II (Mains – Online Exam)

    • Paper-I: Economic & Social Issues
    • Paper-II: English Writing Skills
    • Paper-III: General Finance & Management

    3. Interview (75 Marks)

    👉 फाइनल सिलेक्शन Phase-II + Interview स्कोर पर होगा।

    📅 जरूरी तिथियाँ (Important Dates)

    इवेंटतारीख
    आवेदन शुरू10 सितंबर 2025
    आवेदन की आखिरी तारीख30 सितंबर 2025 (6 PM)
    Phase-I एग्जाम (General)18 अक्टूबर 2025
    Phase-II एग्जाम (General)6 दिसंबर 2025
    Phase-I एग्जाम (DEPR & DSIM)19 अक्टूबर 2025
    Phase-II एग्जाम (DEPR & DSIM)7 दिसंबर 2025

    💳 एप्लीकेशन फीस

    • GEN/OBC/EWS: ₹850/- + GST
    • SC/ST/PwBD: ₹100/- + GST
    • RBI स्टाफ: Nil

    🖥️ आवेदन कैसे करें (How To Apply Online)

    1. RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
    2. Opportunities@RBI सेक्शन में “Current Vacancies” पर क्लिक करें।
    3. Online Application Form भरें।
    4. जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें (फोटो, सिग्नेचर, डिक्लेरेशन आदि)।
    5. ऑनलाइन फीस पे करें।
    6. फॉर्म सबमिट करके प्रिंटआउट निकाल लें।

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. RBI Grade B 2025 में कितने पद निकले हैं?
    👉 कुल 120 पदों पर भर्ती होगी।

    Q2. RBI Grade B 2025 का फॉर्म कब तक भर सकते हैं?
    👉 10 से 30 सितंबर 2025 तक (शाम 6 बजे तक)।

    Q3. RBI Grade B Officer की शुरुआती सैलरी कितनी है?
    👉 लगभग ₹1.50 लाख प्रति माह (ग्रॉस)।

    Q4. एग्जाम डेट कब है?
    👉 Phase-I एग्जाम 18-19 अक्टूबर 2025 और Phase-II एग्जाम 6-7 दिसंबर 2025 को होगा।

  • “राज ठाकरे की हत्या की साजिश नाकाम” – पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का खुलासा

    “राज ठाकरे की हत्या की साजिश नाकाम” – पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का खुलासा

    मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे समय रहते उन्होंने राज ठाकरे की हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया और उनकी जान बचाई।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने एक इंटरव्यू में दावा किया है कि उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे की हत्या की साजिश को नाकाम किया था।

    🎯 ‘कोंकण टूर’ के दौरान थी प्लानिंग

    शर्मा ने बताया कि रूटीन सर्विलांस के दौरान उन्हें यह जानकारी मिली कि राज ठाकरे को उनके आगामी कोंकण दौरे के दौरान निशाना बनाया जा सकता है। मामला बेहद गंभीर था, इसलिए उन्होंने तुरंत तत्कालीन जॉइंट पुलिस कमिश्नर मीरा बोरवणकर को अलर्ट किया।

    🚨 समय पर कार्रवाई से बची जान

    सूचना मिलते ही पुलिस ने राज ठाकरे को ब्रीफ किया और उन्हें दौरा रद्द करने की सलाह दी।
    👉 नतीजा यह रहा कि पूरा टूर कैंसिल हो गया और हत्या की साजिश नाकाम हो गई।

    🔫 पहले भी मिल चुकी थी धमकी

    प्रदीप शर्मा ने यह भी याद किया कि साल 2003 में मुलुंड ट्रेन ब्लास्ट केस की जांच के दौरान पाकिस्तानी और कश्मीरी आतंकियों ने बालासाहेब ठाकरे के मातोश्री निवास पर हमला करने की प्लानिंग की थी।
    शर्मा खुद उस एनकाउंटर का हिस्सा थे जिसमें तीन आतंकी ढेर हुए।

    👮‍♂️ पुलिस अधिकारियों की चुनौतियाँ

    प्रदीप शर्मा के मुताबिक, ऐसे मामलों में

    • विजिलेंस (निगरानी)
    • टाइमली इंटेलिजेंस
    • और सीनियर अफसरों के साथ कॉर्डिनेशन
      सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. राज ठाकरे पर हमला कब प्लान किया गया था?
    👉 प्रदीप शर्मा के मुताबिक, यह प्लानिंग उनके कोंकण दौरे के दौरान की गई थी।

    Q2. किसने साजिश का खुलासा किया?
    👉 मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने सर्विलांस के दौरान यह जानकारी जुटाई।

    Q3. क्या पहले भी ठाकरे परिवार को धमकी मिली थी?
    👉 हाँ, 2003 में आतंकी संगठन ने बालासाहेब ठाकरे के मातोश्री निवास को टारगेट करने की साजिश रची थी।

    Q4. इस खुलासे का ज़िक्र कहाँ हुआ?
    👉 प्रदीप शर्मा ने यह खुलासा NDTV मराठी के इंटरव्यू में किया।

  • Malad East Firing: मालाड ईस्ट में प्रॉपर्टी विवाद में दोस्त पर गोलीबारी, एक गंभीर घायल

    Malad East Firing: मालाड ईस्ट में प्रॉपर्टी विवाद में दोस्त पर गोलीबारी, एक गंभीर घायल

    मालाड ईस्ट (मुंबई) के पठानवाड़ी इलाके में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक शख्स ने अपने दोस्त पर गोली चला दी। फायरिंग में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी फरार है और कुरार पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: मालाड ईस्ट स्थित पठानवाड़ी इलाके में रविवार सुबह गोलीबारी की घटना से इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस के मुताबिक, एक शख्स ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते अपने दोस्त पर 1 से 2 राउंड फायरिंग की। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

    आरोपी फरार, पुलिस जांच में जुटी

    फायरिंग की खबर मिलते ही कुरार पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल में भर्ती कराया। इस बीच, आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

    घटना का कारण – प्रॉपर्टी विवाद

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोलीबारी की वजह जमीन/प्रॉपर्टी विवाद है। आरोपी और पीड़ित दोनों दोस्त बताए जा रहे हैं, लेकिन प्रॉपर्टी को लेकर उनके बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। इसी विवाद ने अब हिंसक रूप ले लिया।

    इलाके में फैली दहशत

    रविवार सुबह अचानक हुई गोलीबारी से पठानवाड़ी और मालाड ईस्ट के आसपास अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि गोली चलने की आवाज सुनकर पूरा इलाका सहम गया। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और आस-पास सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    आगे की कार्रवाई

    कुरार पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड ईस्ट में फायरिंग कब हुई?
    👉 रविवार सुबह पठानवाड़ी इलाके में यह घटना हुई।

    Q2. गोलीबारी किस वजह से हुई?
    👉 यह घटना प्रॉपर्टी विवाद को लेकर हुई।

    Q3. इस फायरिंग में कौन घायल हुआ?
    👉 आरोपी ने अपने ही दोस्त पर गोली चलाई, जिससे वह गंभीर घायल हो गया।

    Q4. क्या आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है?
    👉 नहीं, आरोपी फिलहाल फरार है। कुरार पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

    Q5. पुलिस ने कौन से मामले दर्ज किए हैं?
    👉 आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

  • JSSC Warder Recruitment 2025: झारखंड में 1733 वार्डर पदों पर भर्ती शुरू, ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई

    JSSC Warder Recruitment 2025: झारखंड में 1733 वार्डर पदों पर भर्ती शुरू, ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई

    JSSC Warder Recruitment 2025 के लिए झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (JSSC) ने 1733 पदों पर नोटिफिकेशन जारी किया है। 10वीं पास उम्मीदवार 7 नवंबर से 8 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। जानें योग्यता, उम्र सीमा, सैलरी और चयन प्रक्रिया।

    डिजिटल डिजिटल
    नई दिल्ली: झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (JSSC) ने वार्डर (कक्षपाल) भर्ती 2025 का बड़ा नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार कुल 1733 पद भरे जाएंगे। अगर आप 10वीं पास हैं और एक स्थिर सरकारी नौकरी चाहते हैं, तो यह मौका आपके लिए परफेक्ट है।

    👉 ऑनलाइन आवेदन की तारीख: 7 नवंबर 2025 से 8 दिसंबर 2025 तक
    👉 कुल पद: 1733 (पुरुष – 1653, महिला – 80)
    👉 विभाग: गृह, कारागार एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखंड

    JSSC Warder Vacancy 2025: पदों का विवरण

    • Warder (Male): 1653 पद
    • Warder (Female): 80 पद
    • कुल: 1733 पद

    योग्यता और उम्र सीमा

    • शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार को 10वीं/मैट्रिक पास होना जरूरी।
    • न्यूनतम उम्र: 18 साल
    • अधिकतम उम्र (01 अगस्त 2025 तक)
    • Unreserved / EWS (Male): 25 साल
    • BC / EBC (Male): 27 साल
    • Female (UR / EWS / BC / EBC): 28 साल
    • SC/ST (Male & Female): 30 साल

    शारीरिक मापदंड (Physical Standards)

    • ऊंचाई (Height)
    • सामान्य/BC/EBC पुरुष: 160 सेमी
    • SC/ST पुरुष: 155 सेमी
    • सभी वर्ग महिला: 148 सेमी
    • सीना (Chest) – केवल पुरुष
    • सामान्य/BC/EBC: 81 सेमी
    • SC/ST: 79 सेमी

    JSSC Warder Salary 2025

    • पे लेवल-2 (₹19,900 – ₹63,200)
    • शुरुआती इन-हैंड सैलरी लगभग ₹28,000 – ₹32,000 प्रति माह
    • भत्ते: DA, HRA, TA, मेडिकल सुविधा, NPS पेंशन

    चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    1. Physical Efficiency Test (PET)
    • पुरुष: 1 मील (1600 मीटर) दौड़ – 6 मिनट में पूरी करनी होगी
    • महिला: 1 मील दौड़ – 10 मिनट में पूरी करनी होगी
    1. लिखित परीक्षा (Written Exam)
    • पेपर 1: भाषा ज्ञान (हिंदी + अंग्रेजी) – क्वालिफाइंग
    • पेपर 2: क्षेत्रीय/जनजातीय भाषा – 100 प्रश्न
    • पेपर 3: सामान्य ज्ञान – 120 प्रश्न
    • नेगेटिव मार्किंग: 1 गलत जवाब पर –1 अंक
    1. मेडिकल टेस्ट – फाइनल स्टेज

    आवेदन प्रक्रिया (How to Apply Online)

    1. JSSC की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
    2. “Online Application for JKCE-2025” लिंक पर क्लिक करें।
    3. रजिस्ट्रेशन कर ID और पासवर्ड बनाएं।
    4. एप्लीकेशन फॉर्म भरें और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
    5. फीस ऑनलाइन भरें और फाइनल सबमिट करें।
    6. प्रिंट आउट निकालकर अपने पास रखें।

    आवेदन फीस (Application Fees)

    • General / EWS / BC / EBC: ₹100
    • SC / ST (केवल झारखंड निवासी): ₹50

    महत्वपूर्ण तारीखें (Important Dates)

    • ऑनलाइन आवेदन शुरू: 7 नवंबर 2025
    • आखिरी तारीख: 8 दिसंबर 2025
    • फीस जमा करने की आखिरी तारीख: 10 दिसंबर 2025
    • फॉर्म करेक्शन विंडो: 11–13 दिसंबर 2025

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. JSSC Warder Recruitment 2025 के लिए न्यूनतम योग्यता क्या है?
    👉 उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है।

    Q2. इस भर्ती में कितने पद हैं?
    👉 कुल 1733 पद (पुरुष – 1653, महिला – 80)।

    Q3. JSSC Warder की सैलरी कितनी होगी?
    👉 शुरुआती सैलरी लगभग ₹28,000 – ₹32,000 इन-हैंड होगी।

    Q4. आवेदन की आखिरी तारीख कब है?
    👉 8 दिसंबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं।

    Q5. चयन प्रक्रिया कैसी होगी?
    👉 PET, लिखित परीक्षा और मेडिकल टेस्ट के आधार पर।

  • प्रशासन की उदासीनता पर भड़के विधायक सुनील प्रभु, विधानसभा अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी

    प्रशासन की उदासीनता पर भड़के विधायक सुनील प्रभु, विधानसभा अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी

    महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक सुनील प्रभु ने कपात सुझाव दिए थे, जिनका समय पर जवाब न मिलने पर उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को पत्र लिखकर प्रशासन की उदासीनता पर नाराज़गी जताई।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा के पावसाली (मानसून) अधिवेशन में शिवसेना विधायक सुनील प्रभु ने नियम 256 के तहत नगरविकास विभाग से जुड़े कुल 8 कटौती सुझाव पेश किए थे। ये सुझाव मालाड पूर्व दिंडोशी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर आधारित थे और सार्वजनिक जनहित के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे थे।

    संसदीय प्रथा के अनुसार, ऐसे सुझावों पर एक महीने के भीतर सरकार की तरफ से लिखित जवाब मिलना ज़रूरी होता है। लेकिन अधिवेशन खत्म हुए पूरे दो महीने बीत जाने के बाद भी नगरविकास विभाग ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है।

    विधानसभा अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी

    सुनील प्रभु ने इस लापरवाही पर विधानसभा अध्यक्ष एडवोकेट राहुल नार्वेकर को पत्र लिखकर नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि अगर समय पर जवाब मिलता, तो सदस्य संबंधित मुद्दों पर फॉलो-अप कर जनता को न्याय दिला सकते।

    विधानसभा अध्यक्ष ने पहले भी कई बार इस पर निर्देश दिए हैं कि कटौती सुझावों के जवाब समय पर दिए जाएं, लेकिन प्रशासन की तरफ से इस पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

    कटौती सुझावों का महत्व

    • ये सुझाव नगरविकास विभाग की योजनाओं और कामों से सीधे जुड़े हुए हैं।
    • दिंडोशी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दे इसमें शामिल हैं।
    • समय पर कार्रवाई होती तो स्थानीय जनता को राहत और पारदर्शिता मिल सकती थी।

    सुनील प्रभु का बयान

    प्रभु का कहना है कि प्रशासन की यह उदासीनता लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है और इससे जनता का विश्वास भी कमजोर होता है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से अपील की है कि संबंधित विभाग को सख्त निर्देश दिए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. कटौती सुझाव क्या होते हैं?
    👉 विधानसभा में विपक्षी सदस्यों को बजट की विभिन्न मांगों में कटौती सुझाने का अधिकार होता है, जिन्हें कटौती सुझाव कहा जाता है।

    Q2. इन सुझावों पर सरकार को जवाब कब देना होता है?
    👉 संसदीय प्रथा के अनुसार, एक महीने के भीतर संबंधित विभाग की ओर से लिखित जवाब मिलना अनिवार्य है।

    Q3. सुनील प्रभु ने कितने कटौती सुझाव पेश किए थे?
    👉 कुल 8 कटौती सुझाव, जो नगरविकास विभाग और दिंडोशी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े थे।

    Q4. अब तक प्रशासन का रुख कैसा रहा है?
    👉 दो महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई लिखित जवाब नहीं दिया गया है।

  • मुंबई क्राइम: हाईकोर्ट के वकील को न्यूड वीडियो से ब्लैकमेल करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, तीसरा फरार

    मुंबई क्राइम: हाईकोर्ट के वकील को न्यूड वीडियो से ब्लैकमेल करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, तीसरा फरार

    मुंबई के बोरिवली में 63 साल के हाईकोर्ट वकील को मसाज के दौरान न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरा फरार। जानिए पूरी घटना।

    मुंबई: बोरिवली पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो मिलकर एक 63 वर्षीय हाइकोर्ट वकील को न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल और एक्सटॉर्शन कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि तीसरा आरोपी अब भी फरार है।

    वकील ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जस्टडायल (Justdial) पर मसाज सर्विस के लिए सर्च किया था। इसी दौरान आरोपी समीर अली हनीफ खान (21) और उसके साथी भूपेंद्र भगवान सिंह (25) ने संपर्क किया। तीसरा साथी मनविंदर उर्फ मुन्‍ना भी गैंग का हिस्सा था।

    न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल

    शुरुआत में समीर ने दो बार वकील को मसाज दी, लेकिन तीसरी बार वह अपने दो साथियों के साथ पहुंचा। मसाज के दौरान भूपेंद्र ने छुपकर वकील का न्यूड वीडियो बना लिया।

    इसके बाद तीनों आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ₹50,000 की मांग की। जब वकील ने पैसे देने से इंकार किया तो उन्होंने बेल्ट और लातों से उसकी पिटाई की।

    डर और बदनामी के खौफ से वकील ने GPay से ₹50,000 ट्रांसफर कर दिए

    दोबारा ब्लैकमेलिंग और पुलिस में शिकायत

    पहली रकम बांटने के बाद आरोपी यहीं नहीं रुके। कुछ दिनों बाद भूपेंद्र ने फिर से वकील से संपर्क किया और इस बार ₹6 लाख की डिमांड रखी।

    लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर वकील ने आखिरकार 23 सितंबर को बोरिवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस की कार्रवाई

    सीनियर इंस्पेक्टर मधुसूदन नाइक की अगुवाई में एक स्पेशल टीम बनाई गई। साइबर सेल की मदद से पुलिस ने समीर को खेरवाड़ी और भूपेंद्र को अंधेरी से गिरफ्तार किया। दोनों ने पूछताछ में अपराध कबूल कर लिया।

    तीसरा आरोपी मनविंदर अब भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

    गैंग का पुराना कनेक्शन

    जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पहले बुजुर्गों की देखभाल करने का काम करते थे और साथ में मसाज सर्विस भी ऑफर करते थे। पुलिस ने उनके मोबाइल जब्त कर लिए हैं, जिनमें दूसरे लोगों के भी न्यूड वीडियो मिलने की संभावना है।

    पुलिस का कहना है कि ये आरोपी प्रोफेशनल तरीके से ब्लैकमेलिंग में शामिल थे और कई और लोगों को इसी तरह फंसा चुके हैं।

    पुलिस की अपील

    पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई और भी इस गैंग का शिकार हुआ है तो तुरंत सामने आकर शिकायत दर्ज कराएं।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1: मुंबई न्यूड वीडियो ब्लैकमेल केस में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    👉 दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं जबकि तीसरा आरोपी फरार है।

    Q2: पीड़ित कौन है?
    👉 पीड़ित 63 वर्षीय हाईकोर्ट के वकील हैं, जो बोरिवली वेस्ट में रहते हैं।

    Q3: आरोपियों ने कितने पैसे की मांग की थी?
    👉 शुरुआत में ₹50,000, बाद में ₹6 लाख की डिमांड की गई थी।

    Q4: आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    👉 समीर को खेरवाड़ी से और भूपेंद्र को अंधेरी से गिरफ्तार किया गया।

    Q5: क्या और लोग भी इस गैंग का शिकार बने हैं?
    👉 पुलिस को शक है कि इनके मोबाइल में दूसरे पीड़ितों के भी वीडियो मौजूद हैं।

  • मढ सीआरज़ेड घोटाला – 24 हजार फाइलें गायब, भ्रष्टाचार की परतें उजागर

    मढ सीआरज़ेड घोटाला – 24 हजार फाइलें गायब, भ्रष्टाचार की परतें उजागर

    मालाड मढ सीआरज़ेड घोटाले की पूरी जांच रिपोर्ट – कैसे 24 हजार फाइलें गायब हुईं, SIT जांच पर उठे सवाल, और हाईकोर्ट ने अधिकारियों पर क्यों जताई नाराज़गी। जानिए घोटाले की पूरी टाइमलाइन और भ्रष्टाचार का खेल।

    मुंबई: मालाड (Malad) के मढ (Madh) इलाके में समुद्र किनारे बने बंगले और अवैध बांधकाम (Illegal Constructions in CRZ Area) लंबे समय से विवादों में रहे हैं।

    • 2010–2015: कई बिल्डरों और दलालों ने CRZ (Coastal Regulation Zone) नियमों को तोड़कर बंगले और होटल बनाए।
    • 2016–2019: RTI कार्यकर्ताओं ने शिकायतें करना शुरू किया। पहली बार सामने आया कि महापालिका (BMC) और सरकारी अधिकारियों ने बनावट नक्शे (Fake Maps) पास किए।
    • 2019: RTI में खुलासा हुआ कि इन बांधकामों को वैध दिखाने के लिए बनावट प्रमाणपत्र दिए गए।

    🔹 SIT जांच और बनावट नक्शों का खुलासा

    हाईकोर्ट के आदेश पर एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई।

    • SIT ने पाया कि दलाल और कुछ अधिकारी मिलकर पैसों के बदले बनावट नक्शे पास कर रहे थे।
    • अप्रैल 2025 में पुलिस ने एक गवाह का बयान दर्ज किया, जिसने माना कि उसने अधिकारियों और दलालों को नक्शा पास कराने के लिए रिश्वत दी।
    • इस गवाह ने कैसे, कब और किसे पैसे दिए, इसके सबूत भी पेश किए।

    🔹 24 हजार फाइलें कैसे गायब हुईं?

    RTI एक्टिविस्ट वैभव ठाकुर ने हाल ही में जानकारी मांगी तो बड़ा खुलासा हुआ –
    👉 जिलाधिकारी कार्यालय से 24 हजार से ज्यादा कागजात गायब हो चुके हैं।
    ये वही कागज थे जिनमें अवैध बांधकामों से जुड़े नक्शे, अनुमति और प्रमाणपत्र दर्ज थे।

    याचिकाकर्ता का आरोप है कि –

    • कुछ अधिकारियों को बचाने के लिए फाइलें गायब की गईं।
    • SIT की जांच में भी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, सिर्फ दलालों पर दबाव बनाया गया।

    🔹 हाईकोर्ट की कड़ी फटकार

    शुक्रवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने कहा –

    • इतनी बड़ी संख्या में फाइलें गायब कैसे हो गईं?
    • “अगर एक हफ्ते में फाइलें नहीं मिलतीं तो अलग से FIR दर्ज करें।”
    • कोर्ट ने पूछा – “दलालों पर कार्रवाई हुई, तो अधिकारियों पर क्यों नहीं?

    साथ ही कोर्ट ने कहा कि हर बार याचिकाकर्ताओं को ही कोर्ट का दरवाज़ा क्यों खटखटाना पड़ता है, यह जिम्मेदारी सरकार और अधिकारियों की भी है।

    🔹 70 बांधकाम तोड़े गए, लेकिन…

    BMC ने कोर्ट को बताया कि अब तक 70 अवैध बांधकाम तोड़े जा चुके हैं।
    लेकिन याचिकाकर्ताओं का दावा है कि –

    • कई बड़े निर्माण अब भी खड़े हैं।
    • छोटे-मोटे बांधकाम गिराकर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है।

    🔹 राजनीति और प्रशासन की मिलीभगत?

    इस पूरे मामले में राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक मिलीभगत के आरोप भी लगे हैं।

    • दलालों के ज़रिए नेताओं तक पैसा पहुँचने की बात कही जा रही है।
    • SIT जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या बड़े नामों को बचाने के लिए जांच को कमजोर किया गया।

    📌 घोटाले की टाइमलाइन (संक्षेप में)

    • 2010–2015: मढ इलाके में अवैध बांधकाम शुरू।
    • 2016–2019: RTI में खुलासे – नकली प्रमाणपत्र और नक्शे।
    • 2019: हाईकोर्ट में याचिका दाखिल।
    • 2020–2023: SIT जांच शुरू, लेकिन धीमी प्रगति।
    • अप्रैल 2025: गवाह ने दलालों और अधिकारियों पर रिश्वतखोरी का खुलासा किया।
    • सितंबर 2025: RTI में पता चला कि 24 हजार फाइलें गायब।
    • सितंबर 2025: हाईकोर्ट ने ज़िलाधिकारी कार्यालय को फटकार लगाई।

    ❓FAQ सेक्शन

    Q1. मढ सीआरज़ेड घोटाले में कितनी फाइलें गायब हुई हैं?
    लगभग 24 हजार कागज़ात, जो अवैध बांधकामों से जुड़े थे।

    Q2. SIT जांच पर सवाल क्यों उठे?
    क्योंकि SIT ने सिर्फ दलालों पर कार्रवाई की, अधिकारियों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

    Q3. हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया?
    एक हफ्ते में फाइलें ढूंढो, वरना अलग FIR दर्ज करो।

    Q4. कितने अवैध बांधकाम अब तक तोड़े गए हैं?
    BMC का दावा है कि 70 बांधकाम गिराए जा चुके हैं।

  • मुंबई पुलिस ने हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया: दो आरोपी गिरफ्तार, गोरखपुर से पिस्टल-राइफल समेत भारी जखीरा बरामद

    मुंबई पुलिस ने हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया: दो आरोपी गिरफ्तार, गोरखपुर से पिस्टल-राइफल समेत भारी जखीरा बरामद

    मुंबई की मालाड पुलिस ने इंटर-स्टेट हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। दो आरोपी गिरफ्तार, गोरखपुर से देसी कट्टे, विदेशी पिस्टल, राइफल और जिंदा कारतूस बरामद। पढ़ें पूरी खबर और पुलिस की जांच।

    मुंबई: शहर में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में मालाड पुलिस (Malad Police Crime Branch) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इंटर-स्टेट हथियार तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार (Illegal Arms in Mumbai) बरामद किए गए हैं।

    छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?

    पुलिस की इस कार्रवाई में जितने हथियार बरामद हुए हैं, वे किसी बड़े गिरोह के नेटवर्क की तरफ इशारा कर रहे हैं। गोरखपुर में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक आरोपी की मारुति सुजुकी कार से ये हथियार बरामद किए:

    • तीन देसी कट्टे (country-made guns)
    • एक विदेशी पिस्टल (foreign pistol)
    • दो मैगजीन
    • 10 जिंदा कारतूस (live cartridges)
    • 12 बोर की राइफल और 10 राउंड

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल अपराध की बड़ी घटनाओं में किया जा सकता था।

    पुलिस की कार्रवाई कैसे शुरू हुई?

    यह पूरी कार्रवाई DCP संदीप जाधव और ACP हेमंत सावंत के मार्गदर्शन में हुई।

    सबसे पहले पुलिस ने मालाड इलाके से धीरज उपाध्याय नाम के एक आरोपी को पकड़ा। उसके पास से एक देसी पिस्टल मिली। पूछताछ में उसने अपने साथी का नाम बताया।

    इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर गोरखपुर निवासी रविंद्र पांडे उर्फ राघवेंद्र पांडे को गिरफ्तार किया। रविंद्र की कार से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस मिले।

    आरोपी कौन हैं?

    1. धीरज उपाध्याय – यह आरोपी सबसे पहले मालाड से पकड़ा गया।
    2. रविंद्र पांडे उर्फ राघवेंद्र पांडे – यह गोरखपुर का रहने वाला है और लंबे समय से हथियारों की तस्करी (Arms Smuggling Network) से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

    पुलिस को शक है कि इनके नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जो यूपी और बिहार से हथियार मुंबई और आसपास के इलाकों में सप्लाई करते थे।

    पुलिस की जांच किस दिशा में?

    पुलिस का मानना है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश से सस्ते दामों पर हथियार लाकर मुंबई में महंगे दामों पर बेचता था।

    पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि

    • इन हथियारों की डील किन-किन अपराधियों से होनी थी?
    • क्या इस नेटवर्क का कनेक्शन मुंबई अंडरवर्ल्ड या किसी बड़े गैंग से है?
    • गिरोह कितने समय से सक्रिय है और अब तक कितने हथियार मुंबई में पहुंचा चुका है?

    समाज और सुरक्षा पर असर

    मुंबई जैसे बड़े शहर में हथियार तस्करी का नेटवर्क होना बेहद चिंताजनक है। शहर की सुरक्षा को चुनौती देने वाले ऐसे नेटवर्क अपराध को बढ़ावा देते हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध हथियारों की बढ़ती तस्करी से लूट, मर्डर और गैंगवार जैसी घटनाएँ और बढ़ सकती हैं।

    इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने सभी जिलों में सुरक्षा अलर्ट (Security Alert in Mumbai) जारी कर दिया है।

    पुलिस का आधिकारिक बयान

    मालवणी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा:

    “हम लगातार हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोहों पर निगरानी रख रहे हैं। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की जांच में और भी नाम सामने आ सकते हैं। हमारा उद्देश्य मुंबई को अवैध हथियारों से मुक्त करना है।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मुंबई पुलिस ने किस गिरोह को पकड़ा?
    ➡️ इंटर-स्टेट हथियार तस्करी गिरोह को।

    Q2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    ➡️ दो आरोपी – धीरज उपाध्याय और रविंद्र पांडे।

    Q3. गोरखपुर से कितने हथियार बरामद हुए?
    ➡️ तीन देसी कट्टे, एक विदेशी पिस्टल, दो मैगजीन, 12 बोर की राइफल और 20 जिंदा कारतूस।

    Q4. क्या गिरोह मुंबई में सक्रिय था?
    ➡️ हाँ, यह गिरोह यूपी से हथियार लाकर मुंबई और आसपास के इलाकों में सप्लाई करता था।

    Q5. पुलिस आगे क्या करेगी?
    ➡️ पुलिस इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है और जल्द और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।