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मुंबई के नेवी नगर से INSAS राइफल और 40 कारतूस चोरी करने वाले अग्निवीर और उसके भाई को तेलंगाना से पकड़ा गया। पुलिस ने हथियार बरामद कर जांच शुरू की।
मुंबई, 10 सितंबर 2025 – मुंबई के हाई सिक्योरिटी ज़ोन नेवी नगर से राइफल और 40 कारतूस चोरी करने के आरोप में पुलिस ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। उनमें से एक भारतीय नौसेना का अग्निवीर है।
क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने मंगलवार देर रात तेलंगाना के आसिफाबाद ज़िले से दोनों भाइयों को पकड़कर हिरासत में लिया है। आरोपियों की पहचान राकेश रमेश दुब्बुला (22) और उसके बड़े भाई उमेश रमेश दुब्बुला (25) के रूप में हुई है।
कैसे हुई चोरी?
यह वारदात शनिवार रात (6 सितंबर) को हुई।
आरोपी राकेश दुब्बुला नौसेना की वर्दी पहनकर नेवी नगर के एक रिहायशी इलाके में तैनात जवान के पास पहुँचा और खुद को ड्यूटी पर आया हुआ बताया।
गफलत में जवान ने अपनी INSAS राइफल और दो मैगज़ीन (20-20 कारतूस वाली) उसे सौंप दीं।
राकेश ने हथियार और कारतूस एक बैग में रखे और दीवार के उस पार फेंक दिया, जहाँ उसका भाई उमेश इंतज़ार कर रहा था।
इसके बाद दोनों भाई भागकर मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पहुँचे और ट्रेन से सीधे तेलंगाना चले गए।
पुलिस ने कैसे पकड़ा?
पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और उनकी पहचान की।
इसके बाद CIU की टीम ने आसिफाबाद जिले में छापा मारकर दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया।
तलाशी में चोरी की गई राइफल, 40 जिंदा कारतूस, और एक खाली मैगज़ीन बरामद हुई।
राकेश दुब्बुला – 12वीं पास, वर्तमान में नौसेना में अग्निवीर (सीमैन) के रूप में तैनात।
उमेश दुब्बुला – पढ़ाई बीच में छोड़ी, बेरोजगार।
पुलिस जांच में सामने आया कि राकेश को नेवी क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की अच्छी जानकारी थी, इसलिए उसने इस घटना को अंजाम दिया।
जांच और आगे की कार्रवाई
मुंबई पुलिस दोनों आरोपियों को अब मुंबई ला रही है, जहाँ उनसे आगे की पूछताछ होगी। अभी तक चोरी की मंशा (मोटिव) साफ नहीं हुई है। पुलिस को शक है कि मामला किसी निजी लालच या हथियार बेचने की कोशिश से जुड़ा हो सकता है।
मुंबई के विक्रोली में बैनर विरोध करने वाले रिक्शा चालक के घर अज्ञात लोगों ने आग लगाई। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस जांच में जुटी।
मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई के विक्रोली इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार तड़के कुछ अज्ञात लोगों ने एक रिक्शा चालक के घर को आग लगा दी। वजह बनी इलाके में अनधिकृत रूप से लगाए गए बैनरों का विरोध। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और परिवार ने समय रहते आग पर काबू पा लिया।
घटना कहाँ और कब हुई?
यह घटना मंगलवार सुबह करीब 4 बजे विक्रोली के पार्कसाइट इलाके के वर्षानगर में हुई। इलाके में स्थित एक चौराहे पर एक महापुरुष के सम्मान में लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन हाल के दिनों में कुछ लोगों ने इस बोर्ड पर बिना अनुमति के त्योहारी बैनर लगाना शुरू कर दिया।
रिक्शा चालक ने जताया विरोध
स्थानीय रिक्शा चालक ने जब अवैध रूप से लगाए गए बैनरों को देखा, तो उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी और इन्हें हटाने की मांग की। इसी बीच, कुछ युवकों ने उसके साथ बहस शुरू कर दी। पुलिस के हस्तक्षेप से विवाद उस समय शांत हो गया।
लेकिन विवाद खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद रिक्शा चालक के घर पर हमला हो गया।
सुबह लगभग चार बजे अज्ञात लोगों ने रिक्शा चालक के घर में आग लगाने की कोशिश की। घर में मौजूद परिवार के सदस्यों ने किसी तरह आग बुझाई और बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।
पुलिस में शिकायत दर्ज
रिक्शा चालक ने तुरंत पार्कसाइट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों की मदद से पूरे मामले की जांच कर रही है।
बैनर विवाद की पृष्ठभूमि
कुछ साल पहले इस इलाके में एक चौराहे का नाम एक महापुरुष के नाम पर रखा गया था। सम्मान के तौर पर वहाँ लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन धीरे-धीरे यह बोर्ड त्योहारों और आयोजनों के लिए बैनर लगाने का स्थान बन गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध बैनरों से जगह की सुंदरता बिगड़ती है और कई बार यह सड़क पर बाधा भी बनते हैं। इसी के खिलाफ रिक्शा चालक ने आवाज उठाई थी।
नागरिकों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद इलाके के लोगों में गुस्सा और नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में अवैध बैनरबाजी एक गंभीर समस्या है। यदि कोई नागरिक इसके खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ता है।
एक निवासी ने कहा – “यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है। बैनरबाजी पूरे शहर की समस्या है। प्रशासन को कड़ा कदम उठाना चाहिए।”
पुलिस की कार्रवाई
पार्कसाइट पुलिस स्टेशन ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू हो चुकी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
मुंबई में अवैध बैनरबाजी की समस्या
मुंबई में हर त्यौहार, राजनीतिक कार्यक्रम या सामाजिक आयोजन के दौरान अवैध बैनर और पोस्टर लगाए जाते हैं। नगर निगम और पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कड़ी सजा का प्रावधान नहीं होगा, तब तक अवैध बैनरबाजी और इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है।
विक्रोली में हुई यह घटना सिर्फ एक आगजनी का मामला नहीं है, बल्कि यह नागरिक अधिकारों और कानून व्यवस्था से जुड़ा सवाल भी है। सवाल यह है कि आखिर कोई व्यक्ति शहर में अवैध कामों के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे सुरक्षा कौन देगा?
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।
कामोठे, नवी मुंबई में ज्वेलरी शॉप से 72 लाख की चोरी करने वाला आरोपी बोरीवली स्टेशन पर पकड़ा गया। पुलिस ने पूरी चोरी की मालमत्ता बरामद की।
मुंबई: नवी मुंबई के कामोठे सेक्टर-12 स्थित पारसनाथ ज्वेलर्स में हुई बड़ी चोरी को पुलिस ने महज़ चार घंटे में सुलझा दिया। आरोपी राजस्थान भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मुंबई पुलिस की सतर्कता से उसे बोरीवली स्टेशन इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से चोरी किए गए 78 तोले सोने के दागिने, 18 छोटे हीरे और ₹1.39 लाख नकद सहित करीब 72 लाख रुपये की मालमत्ता बरामद किया है।
चोरी की घटना कैसे हुई?
घटना 6 सितंबर 2025 की दोपहर 2 से 3 बजे के बीच कामोठे, पनवेल के पारसनाथ ज्वेलर्स में हुई। आरोपी ने दुकान से सोने-हीरे के दागिने और नकदी लेकर फरार हो गया।
चोरी की जानकारी सामने आते ही नवी मुंबई पुलिस और अपराध शाखा सक्रिय हो गई। इस बीच आरोपी बोरीवली स्टेशन के पास संदिग्ध हालचाल में पुलिस को दिखा।
पुलिस की सतर्कता से आरोपी गिरफ्तार
कस्तुरबा मार्ग पुलिस ठाणे की गश्त टीम को एक युवक संदिग्ध रूप से घूमता दिखाई दिया। पूछताछ में उसने टालमटोल की और बैग की जांच करने पर उसमें सोने के दागिने और नकद मिले। गहन पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने कामोठे स्थित ज्वेलरी दुकान से चोरी की और अब राजस्थान अपने गांव लौटने जा रहा था।
मुंबई पुलिस ने तुरंत नवी मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-3 से संपर्क साधा। जांच में पुष्टि हुई कि पारसनाथ ज्वेलर्स में उसी दिन चोरी हुई है। इसके बाद आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर माल समेत नवी मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया।
आरोपी कौन है?
गिरफ्तार आरोपी की पहचान करणसिंह नाथूसिंह खारवार, निवासी केलवा, जिला राजसमंद, राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अपने गांव भागने की फिराक में था।
बरामद मालमत्ता
पुलिस ने आरोपी के पास से जब्त किया
78 तोले सोने के दागिने
18 छोटे हीरे
₹1,39,200 नकद
बरामद माल की कुल कीमत करीब 70-72 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस टीम की सराहनीय कार्रवाई
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जयराज रणवरे के नेतृत्व में हुई। पुलिस उपायुक्त परिमंडल-12 आनंद भोईटे, सहायक पुलिस आयुक्त मालोजी शिंदे और पुलिस निरीक्षक (क्राईम) सुभाष जाधव के मार्गदर्शन में टीम ने त्वरित कार्रवाई की।
गुन्हे प्रकटीकरण पथक में शामिल थे:
पोउनि धिरज वायकोस
पोउनि अनिकेत शिंदे
पोह. राजेश पेडणेकर
पोह. करुणेश म्हात्रे
पोशि. महांतेश सवळी
पोशि. तुषार पुजारी
पोशि. अनिकेत सकपाळ
पोशि. अमोल फोपसे
पोशि. राहुल सांगळे
पोशि. विकेश शिंगटे
पोशि. महादेव पुरी
पोशि. राहुल वडर
पोशि. प्रविष फर्डे
केस दर्ज
इस चोरी के मामले में कामोठे पुलिस ठाणे में गुन्हा रजि. क्र. 0173/2025, कलम 306 भान्यासं के तहत केस दर्ज किया है। आगे की जांच नवी मुंबई पुलिस कर रही है।
मुंबई पुलिस की तेजी और सतर्कता के चलते चोरी की यह वारदात कुछ ही घंटों में सुलझा ली गई। आरोपी को पकड़कर पूरी चोरी का माल बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई से यह साबित होता है कि पुलिस की गश्त और सतर्कता कितनी अहम है।
मुंबई में ONGC उरण प्लांट में लगी आग से CNG सप्लाई प्रभावित, MGL ने घरेलू PNG सप्लाई सुरक्षित बताई, इंडस्ट्रियल ग्राहकों को अन्य ईंधन अपनाने की सलाह।
मुंबई: सोमवार को नवी मुंबई स्थित ONGC के उरण गैस प्रोसेसिंग प्लांट में आग लगने से शहर में CNG सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि कंपनी ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) सप्लाई को प्राथमिकता देने का भरोसा दिया है।
आग कब और कैसे लगी?
जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब 3 बजे ONGC के उरण प्लांट में अचानक आग लग गई। आग पर काबू पाने के लिए कंपनी की फायर ब्रिगेड टीम ने दो घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया**। शाम तक स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और राहत की बात यह रही कि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को चोट नहीं लगी।
MGL ने क्या कहा?
मुंबई की गैस वितरण कंपनी महनगर गैस लिमिटेड (MGL) ने बयान जारी कर कहा कि:
घरेलू उपभोक्ताओं को PNG सप्लाई प्रभावित नहीं होगी।
इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्राहकों से अपील की गई है कि वे फिलहाल वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल करें।
जैसे ही ONGC का उरण प्लांट पूरी तरह से सामान्य संचालन में आएगा, CNG सप्लाई भी बहाल कर दी जाएगी।
CNG स्टेशनों पर दबाव
ONGC प्लांट में आग लगने के बाद शहर में पाइपलाइन प्रेशर कम हो गया है। ऐसे में CNG स्टेशनों पर ईंधन की कमी हो सकती है। कई जगहों पर लंबी कतारें लगने की आशंका जताई जा रही है।
शहर के कुछ हिस्सों में पहले ही CNG की सप्लाई धीमी होने की जानकारी सामने आई है। ऑटो रिक्शा और टैक्सी यूनियनों ने भी चिंता जताई है कि अगर सप्लाई में दिक्कत हुई तो यात्रियों को इसका असर सीधे किराए और उपलब्धता पर दिखेगा।
घरेलू PNG उपभोक्ता न घबराएं
MGL ने दोहराया कि घरेलू PNG सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। कंपनी ने यह भी कहा कि गैस की प्राथमिकता हमेशा घरों के उपभोक्ताओं को दी जाएगी ताकि लोगों को खाना पकाने या जरूरी कामों में कोई परेशानी न हो।
इंडस्ट्रियल ग्राहकों पर असर
इस आग का सीधा असर उन फैक्ट्रियों और कंपनियों पर हो सकता है जो CNG और PNG पर आधारित ईंधन का इस्तेमाल करती हैं। MGL ने इन संस्थानों को अपील की है कि वे अस्थायी रूप से एलपीजी, डीजल या अन्य वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करें।
हादसे में कोई हताहत नहीं
ONGC अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के बाद हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। कोई जनहानि नहीं हुई है और न ही कोई बड़ा ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है। आग लगने की वजहों की जांच की जा रही है।
मुंबईकरों की चिंता
मुंबई जैसे बड़े शहर में जहां हर दिन लाखों वाहन CNG पर चलते हैं, सप्लाई में कमी आने से ऑटो, टैक्सी और बस सेवाओं पर असर पड़ सकता है। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो उन्हें यात्रा करने में मुश्किलें होंगी।
ONGC के उरण प्लांट में लगी आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन इसका असर फिलहाल मुंबई की CNG सप्लाई पर दिख सकता है। MGL ने आश्वासन दिया है कि घरेलू PNG उपभोक्ता प्रभावित नहीं होंगे, हालांकि CNG स्टेशनों पर ईंधन की कमी और लंबी कतारें देखने को मिल सकती हैं।
कांदिवली पश्चिम में प्रॉपर्टी विवाद पर यादव और चव्हाण परिवार में हिंसक झड़प। बैट, हॉकी स्टिक और काठियों से हुई मारपीट में एक वृद्ध की मौत, आठ लोग गंभीर रूप से घायल।
मुंबई: कांदिवली पश्चिम के लालजीपाड़ा इलाके में 5 सितंबर को हुए प्रॉपर्टी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यादव और चव्हाण परिवार के बीच लंबे समय से चल रहा जमीन का झगड़ा अचानक मारपीट में बदल गया। दोनों तरफ से बैट, हॉकी स्टिक, लाठियां और यहां तक कि पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। इस घटना में 65 वर्षीय वृद्ध राम लखन यादव की मौत हो गई, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
🏚️ प्रॉपर्टी विवाद से बिगड़ा माहौल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यादव और चव्हाण परिवार के बीच पिछले कई महीनों से जमीन पर कब्जे का विवाद चल रहा था। लगातार झगड़ों और कहासुनी के बाद शनिवार को हालात बेकाबू हो गए।
लालजीपाड़ा क्षेत्र में दोनों परिवारों के बीच अचानक भिड़ंत हुई।
देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।
हथियार के तौर पर हॉकी स्टिक, बैट, लाठियां, ईंट और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया।
यह झगड़ा इतना खतरनाक हो गया कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
🩸 आठ लोग घायल, एक वृद्ध की मौत
हिंसक झड़प में करीब आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सभी को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान 65 वर्षीय राम लखन यादव की मौत हो गई।
बाकी घायलों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
परिजनों का कहना है कि झगड़ा अचानक इतना बड़ा हो जाएगा, इसकी उम्मीद नहीं थी।
पुलिस का कहना है कि यह झगड़ा पूरी तरह से प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
😨 इलाके में फैली दहशत
इस घटना के बाद लालजीपाड़ा और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। स्थानीय लोग काफी डरे हुए हैं।
कई लोगों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
नागरिकों का कहना है कि इलाके में इस तरह की हिंसा से बच्चों और बुजुर्गों में डर पैदा हो गया है।
लोग चाहते हैं कि आरोपी जल्द से जल्द पकड़े जाएं ताकि माहौल सामान्य हो सके।
🔍 विशेषज्ञों की राय
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि प्रॉपर्टी विवाद से जुड़े मामले अक्सर हिंसक हो जाते हैं।
अगर समय रहते इन झगड़ों को मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जाए तो बड़े हादसे रोके जा सकते हैं।
मुंबई जैसे महानगर में प्रॉपर्टी और जमीन को लेकर विवाद बढ़ते जा रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों में जल्दी हस्तक्षेप करना चाहिए।
📊 बड़ी तस्वीर
मुंबई में जगह-जगह प्रॉपर्टी विवाद के मामले सामने आते रहते हैं।
बढ़ती जनसंख्या और जमीन की कमी इसका मुख्य कारण है।
कागजी गड़बड़ी और पुराने मुकदमों की वजह से अक्सर ऐसे विवाद बढ़ते हैं।
कांदिवली का यह मामला सिर्फ एक उदाहरण है कि कैसे एक प्रॉपर्टी विवाद जानलेवा बन सकता है।
कांदिवली पश्चिम की यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि मुंबई में प्रॉपर्टी को लेकर तनाव कितना गंभीर रूप ले सकता है। अब देखना यह होगा कि पुलिस फरार आरोपियों को कब तक पकड़ती है और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलता है।
मुंबई की बोरीवली कोर्ट ने महिला जॉगर से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को एक साल की सजा सुनाई। घटना के दौरान राहगीर ने महिला को बचाया था।
मुंबई: महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े एक अहम मामले में बोरीवली की मजिस्ट्रेट अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 30 वर्षीय नरेश कोल को महिला जॉगर से छेड़छाड़ करने के मामले में एक साल की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी कहा कि समाज में महिलाओं के साथ होने वाले गलत व्यवहार को शुरुआत से ही रोकना जरूरी है, इसलिए ऐसे मामलों में किसी तरह की नरमी नहीं दिखाई जा सकती।
🚨 घटना का विवरण
यह घटना 21 मार्च की रात लगभग 8 बजे मुंबई के पश्चिमी उपनगर में हुई थी। महिला रोजाना की तरह जॉगिंग कर रही थी, तभी एक अजनबी पीछे से आया और उसे पकड़कर जबरदस्ती जंगल की ओर खींचने की कोशिश करने लगा। महिला ने शोर मचाया और मदद के लिए चिल्लाई।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक मोटरसाइकिल सवार ने महिला को बचाया और आरोपी को पकड़ लिया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
🧾 महिला और गवाह की गवाही
मुकदमे के दौरान महिला और मोटरसाइकिल सवार दोनों को गवाह के रूप में पेश किया गया। दोनों ने अदालत के सामने साफ तौर पर बयान दिया कि आरोपी ने महिला के साथ बदसलूकी की और उसे जबरन जंगल की तरफ खींचने की कोशिश की।
अदालत ने कहा कि महिला और राहगीर एक-दूसरे को नहीं जानते थे और न ही आरोपी से कोई संबंध था। ऐसे में किसी अजनबी के खिलाफ झूठा आरोप लगाने का कोई कारण नहीं हो सकता।
🙅 आरोपी की दलील और अदालत का जवाब
नरेश कोल ने अदालत में दावा किया कि उसने महिला को छुआ नहीं बल्कि तेज रफ्तार गाड़ी से बचने के लिए दौड़ते हुए गलती से उससे टकरा गया। लेकिन अदालत ने उसकी इस दलील को खारिज कर दिया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा – “अगर आरोपी निर्दोष होता, तो महिला को डरने और चिल्लाने की कोई जरूरत नहीं पड़ती। आरोपी का महिला को जंगल की ओर घसीटना साफ दिखाता है कि उसका इरादा गलत था।”
22 अगस्त को आए फैसले में बोरीवली कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कहा – “भले ही आरोपी युवा है, लेकिन इस तरह की हरकत से समाज की महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को खतरा पहुंचता है। ऐसे मामलों में सख्त सजा देना जरूरी है।”
अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (महिला की मर्यादा भंग करने की नीयत से हमला या बल प्रयोग) के तहत दोषी पाया और एक साल कैद की सजा सुनाई। इसमें वह 5 महीने की जेल भी शामिल है, जो आरोपी पहले से ही इस मामले में काट चुका है।
👩⚖️ महिला सुरक्षा पर संदेश
अदालत के इस फैसले से समाज को यह साफ संदेश मिला कि महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे अपराधों को समय रहते रोकना समाज की जिम्मेदारी है और हर महिला को न्याय दिलाना न्याय व्यवस्था की प्राथमिकता होनी चाहिए।
Bandra Fest 2025 दुबई के Bur Dubai में धूम मचाएगा। स्ट्रीट फूड, लाइव म्यूजिक, DJs और फैमिली मज़ा के साथ मुंबई का असली स्वाद मिलेगा।
दुबई में Bandra Fest 2025: मुंबई का स्वाद, म्यूजिक और धमाल
दुबई वैसे तो हर वीकेंड किसी ना किसी फेस्टिवल से जगमगाता रहता है। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। मुंबई का सबसे चटपटा और रंगीन अंदाज़ दुबई में उतरने जा रहा है। Bandra Fest 2025 इस शनिवार, 6 सितंबर को Bur Dubai के Citymax Hotel के The Huddle में होने जा रहा है।
यह फेस्टिवल कोई साधारण इवेंट नहीं, बल्कि पूरे 13 घंटे का नॉन-स्टॉप मस्ती का पैकेज है। दोपहर 12 बजे से लेकर रात 3 बजे तक, Bur Dubai असली Bandra West की वाइब्स में डूबने वाला है।
Bandra से Bur Dubai तक: The Huddle का मुंबई मेकओवर
दुबई में होने वाले ज्यादातर पब नाइट्स का फॉर्मेट तय रहता है—एक बैंड, एक DJ और आधी रात तक सब खत्म। लेकिन Bandra Fest 2025 में ऐसा नहीं होगा।
इवेंट ऑर्गनाइज़र 24K Events ने इसे मुंबई के असली अंदाज़ में प्लान किया है।
24K Band और N2M Band स्टेज पर Goan nostalgia और मुंबई के पॉपुलर गानों का तड़का लगाएंगे।
इसके बाद DJs Roland, Nathan और Preetam माइक संभालेंगे। उनकी प्लेलिस्ट होगी—कोंकणी गाने, पुराने हिंदी हिट्स और वो पॉप ट्रैक्स जिन्हें सुनकर सब नाचने पर मजबूर हो जाएं।
यह सिर्फ एक कॉन्सर्ट नहीं, बल्कि धैर्य की परीक्षा होगी—क्या आप सुबह 3 बजे तक नाचते रह सकते हैं?
फेस्ट की एक खासियत यह भी है कि इसमें दिन और रात, दोनों का अलग-अलग मज़ा है।
दिन में बच्चों के लिए फेस पेंटिंग, फ्री कैंडी और मिनी कार्निवल जैसी एक्टिविटीज़ होंगी।
लेकिन जैसे ही सूरज ढलेगा, माहौल पूरी तरह बदल जाएगा। म्यूजिक तेज़, लाइट्स डिम और भीड़ में सब साथ मिलकर 90s के बॉलीवुड गाने गाएंगे।
क्यों है यह फेस्टिवल खास?
दुबई वैसे भी फेस्टिवल्स से भरा पड़ा है—फूड फेस्ट, म्यूजिक नाइट्स, सांस्कृतिक इवेंट्स। लेकिन Bandra Fest 2025 अलग है क्योंकि:
यह चमक-धमक वाला हाई-फाई इवेंट नहीं है।
यहां छः फोर्क्स वाली “फ्यूज़न डाइनिंग” नहीं, बल्कि असली मुंबई का स्ट्रीट फूड और देसी मज़ा है।
यह एक्सपैट्स के लिए “होम का टेस्ट” है और लोकल्स के लिए मुंबई की झलक।
जो लोग Bandra की गलियों से गुज़रे हैं, वे जानते हैं कि उस एनर्जी को भूलना नामुमकिन है। वही एनर्जी इस शनिवार दुबई में उतरने वाली है। Bandra Fest 2025 is going to rock Dubai
Bandra Fest 2025 दुबई में सिर्फ एक इवेंट नहीं बल्कि मुंबई की गलियों का असली स्वाद और म्यूजिक का मेला है। फैमिली टाइम हो या फ्रेंड्स के साथ धमाल, यह फेस्ट सबके लिए कुछ खास लेकर आ रहा है।
मुंबई: केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मंगलवार रात जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद उन्हें तुरंत सर्जरी के लिए भर्ती किया। जानकारी के मुताबिक, उनकी
मुंबई: केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मंगलवार रात जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद उन्हें तुरंत सर्जरी के लिए भर्ती किया। जानकारी के मुताबिक, उनकी सर्जरी आज बुधवार को होने वाली है। हालांकि, किस प्रकार की सर्जरी होगी, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। Narayan Rane admitted to hospital, doctors will do surgery
ज्येष्ठ नेते नारायण राणे साहेब यांना जसलोक रुग्णालयात दाखल केल्याची बातमी समजली. राणे साहेब तब्येतीची काळजी घ्या आणि लवकर बरे व्हा, माझ्या सदिच्छा आपल्यासोबत आहेत.#Getwellsoon@MeNarayanRane
मुंबई: बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। मलाड निवासी व्यापारी विकास गुप्ता को दो व्यक्तियों ने नकली रेलवे पुलिसकर्मी बनकर ₹10.30 लाख से ठग लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान नीलेश कालसुलकर (45) और प्रवीण शुक्ला (32) के रूप में की है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus
व्यापारी के साथ धोखाधड़ी कैसे हुई?
विकास गुप्ता, जो कपड़ों का व्यापारी है, सोमवार को गुजरात व्यापारिक यात्रा पर जा रहे थे। बांद्रा टर्मिनस पर ट्रेन का इंतजार करते समय दो व्यक्ति उनके पास आए और खुद को रेलवे पुलिसकर्मी बताया।
उन्होंने व्यापारी से गंतव्य पूछकर उसका बैग चेक करने की मांग की।
बैग में कैश देखकर उन्होंने गुप्ता से पैसों का सबूत मांगा।
गुप्ता तत्काल कोई दस्तावेज़ नहीं दिखा सके और घबरा गए।
इसी मौके का फायदा उठाकर दोनों नकली पुलिसकर्मियों ने ₹10.30 लाख जब्त कर लिए और चेतावनी दी कि अब यह पैसा वापस नहीं मिलेगा।
रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया – “हमने आरोपियों को नकली पुलिसकर्मी बनकर धोखाधड़ी करने और ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस अपराध में क्या असली रेलवे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।”
CCTV फुटेज से नए राज़
सूत्रों ने संकेत दिया है कि इस मामले में कुछ वरिष्ठ रेलवे पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका हो सकती है।
बांद्रा टर्मिनस और खार रोड रेलवे स्टेशन की CCTV फुटेज में एक महिला पुलिसकर्मी और अन्य स्टाफ बैग लेकर जाते दिखे।
यह फुटेज अब जांच का हिस्सा बन गया है।
जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस गैंग में अंदरूनी पुलिसकर्मी शामिल तो नहीं।
पिछले कुछ दिनों में वसई और मुंबई सेंट्रल में भी ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जहां यात्रियों से नकली पुलिसकर्मी बनकर ठगी की गई। रेलवे पुलिस ने यात्रियों को आगाह किया है कि
किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को पैसे या बैग न दिखाएं।
असली पुलिसकर्मी हमेशा अपनी आईडी कार्ड और यूनिफॉर्म में रहते हैं।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या स्टेशन पुलिस को जानकारी दें।
बढ़ता खतरा और जांच
यह घटना रेलवे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है।
नकली पुलिसकर्मी आसानी से यात्रियों को शिकार बना रहे हैं।
यात्रियों का भरोसा तोड़कर वे लाखों रुपये हड़प रहे हैं।
इस मामले में अब यह जांचना बाकी है कि क्या यह संगठित गिरोह है और क्या इसमें रेलवे पुलिस का कोई अंदरूनी हाथ है।
बांद्रा टर्मिनस की यह घटना यात्रियों के लिए एक चेतावनी है कि यात्रा के दौरान सतर्क रहें और नकली पुलिसकर्मियों से सावधान रहें। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और राज़ खुल सकते हैं। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus
मुंबई में MHADA फ्लैट घोटाला उजागर, एक ही फ्लैट 8 लोगों को बेचकर 1.47 करोड़ की ठगी। तीन आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी।
मुंबई : शहर में रियल एस्टेट से जुड़े घोटाले लगातार सामने आ रहे हैं। ताज़ा मामला गोरेगांव इलाके से जुड़ा है, जहां एक ही MHADA फ्लैट को आठ अलग-अलग लोगों को दिखाकर करीब 1.47 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता महिला मालाड इलाके की रहने वाली हैं। उन्हें गोरेगांव के पहाड़ी इलाके में स्थित MHADA इमारत का एक फ्लैट दिखाया गया। आरोपियों ने बताया कि यह फ्लैट अक्षय चव्हाण नाम के शख्स के नाम पर है और इसे 47 लाख रुपए में बेचना है। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people
जब महिला ने दबाव बनाया तो आरोपियों ने बहाने बनाने शुरू कर दिए। बाद में महिला ने जानकारी निकाली तो पता चला कि यह फ्लैट सिर्फ उन्हें ही नहीं बल्कि सात और लोगों को बेचा गया था।MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने केवल महिला से ही नहीं बल्कि अन्य सात लोगों से भी पैसे लिए थे। कुल मिलाकर इन तीनों ने आठ लोगों से 1 करोड़ 47 लाख 75 हजार रुपए वसूले थे। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people
फिलहाल, गोरेगांव पुलिस ने इस मामले में तुषार साटम, किरण बोडके और अशोक इंगोले के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को शक है कि इन तीनों ने इस तरह के और भी सौदे किए होंगे। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people
इस घटना के बाद पुलिस ने आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि किसी भी फ्लैट या प्रॉपर्टी का सौदा करने से पहले उसके कानूनी दस्तावेज़, ओनरशिप और MHADA की ऑथेंटिकेशन ज़रूर जांच लें। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people